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फिरोजाबाद में मौसम बदलने से बीमारियां बढ़ीं, डॉक्टर की सलाह जरूरी

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Last Updated:February 21, 2026, 21:45 IST बदलते मौसम में अचानक सर्दी और गर्मी के असर से लोग बीमार हो रहे हैं. वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने और मौसम के अनुसार खान-पान व कपड़ों का ध्यान रखने की सलाह दी है. जानें कैसे बचें बीमारियों से. ख़बरें फटाफट फिरोजाबाद. जैसे-जैसे मौसम बदलता जा रहा है, वैसे ही लोग बीमार हो रहे हैं।. सर्दी के बाद गर्मी ने अपना तेवर दिखाना शुरू कर दिया है, जिसकी वजह से लोग बीमार हो रहे हैं. लोगों को सर्दी-जुकाम हो रहा है और इसके साथ ही पेट की भी बीमारियां देखने को मिल रही हैं. इसको लेकर डॉक्टर भी मरीजों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहने की सलाह दे रहे हैं. सर्दी–गर्मी से लोगों को हो रही दिक्कत फिरोजाबाद मेडिकल कॉलेज अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. मनोज कुमार ने लोकल 18 को जानकारी देते हुए बताया कि अचानक मौसम बदल रहा है. रात में लोगों को सर्दी लगती है, तो वहीं दिन में तेज धूप से पसीना आ रहा है, इसलिए यह मौसम स्वास्थ्य के लिए ठीक नहीं है. इस मौसम में कपड़े पहनने से लेकर खाने-पीने तक की चीजों का सही प्रयोग करना चाहिए. उन्होंने कहा कि इस मौसम में लोग एकदम सारे गर्म कपड़े नहीं छोड़ें. इसके साथ ही खाने-पीने के लिए ठंडी चीजों से परहेज करें. डॉ. कुमार ने बताया कि अभी लोग इसी वजह से अधिक बीमार हो रहे हैं कि वे मौसम के हिसाब से चीजें नहीं खा रहे हैं. इस मौसम में अधिक ऑयली, भुनी और फास्ट फूड का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि इससे पेट की बीमारियां भी हो सकती हैं. धीरे-धीरे करें बदलाव, वरना हो जाएंगे बीमार वरिष्ठ फिजिशियन ने बताया कि मौसम धीरे-धीरे बदल रहा है, लेकिन लोग एकदम से बदलाव कर देते हैं. इसकी वजह से हमारी बॉडी तापमान के अनुसार काम नहीं कर पाती, इसलिए आपको भी मौसम के हिसाब से रहना चाहिए. यदि कोई भी बीमारी हो, या जो डायबिटीज या हार्ट के मरीज हैं, वे इस मौसम में धीरे-धीरे बाहर निकलें. किसी भी तरह की बीमारी होने पर तुरंत डॉक्टर के पास जाकर संपर्क करें. पानी अच्छे से पीएं और ज्यादा से ज्यादा खान पान का ख्याल रखें. About the Author Monali Paul Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें Location : Firozabad,Uttar Pradesh First Published : February 21, 2026, 21:45 IST

बरगद के पत्तों के फायदे: पाचन, त्वचा व जोड़ों के दर्द में असरदार

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Last Updated:February 21, 2026, 21:28 IST वट वृक्ष (बरगद) के पत्ते, छाल और कोपलें एंटीऑक्सीडेंट, एंटी-इंफ्लेमेटरी और रोगाणुरोधी गुणों से भरपूर होती हैं. जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता  को मजबूती प्रदान करते हैं. इन पत्तियों का काढ़ा या अर्क संक्रमण से लड़ने, त्वचा रोगों, मधुमेह और श्वसन संबंधी समस्याओं में कारगर माना जाता है. जिससे समग्र स्वास्थ्य में सुधार होता है। वट वृक्ष यानी के बरगद के पत्ते औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. जो पाचन में सुधार, त्वचा रोगों, जोड़ों के दर्द, सूजन और डायबिटीज जैसी समस्याओं में बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. इनके कोमल पत्तों का लेप घावों को भरने में सहायक है और इनका रस एंटी-इंफ्लेमेटरी के रूप में कार्य करता है. डॉक्टर रवि आर्य ने बताया कि बरगद के कोमल पत्ते (कूपल) और दूध दस्त, पेचिश और पाचन संबंधी समस्याओं के लिए आयुर्वेद में एक प्रभावी प्राकृतिक उपचार हैं. कसैले गुणों के कारण, यह आंतों की गति को नियंत्रित करते हैं और मल को बांधते हैं. इसके कूपलों को रात भर भिगोकर सुबह पानी पीने या दही के साथ सेवन करने से दस्त में तुरंत लाभ होता है. बरगद के पत्तों में एंटी-इंफ्लेमेटरी (सूजनरोधी) गुण होते हैं जो जोड़ों के दर्द, मोच और सूजन में कारगर हैं. सबसे असरदार उपाय में पत्तों पर घी/सरसों का तेल लगाकर गर्म करें और सूजन वाले स्थान पर बांधें. इसके ताजे पत्तों का लेप खुजली व लाल चकत्तों में आराम देता है. जो एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प है. Add News18 as Preferred Source on Google वट वृक्ष (बरगद) के पत्ते और अन्य भाग हड्डियों के लिए बहुत फायदेमंद होते हैं. इनमें कैल्शियम और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. जो हड्डियों को मजबूत बनाने, जोड़ों के दर्द, गठिया और सूजन को कम करने में सहायक हैं. यह दर्द से राहत और टूटी हड्डियों के उपचार में मदद करता है. बरगद के पत्ते औषधीय खजाना हैं. जिनमें एंटी-इंफ्लेमेटरी, एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-फंगल गुण होते हैं. इनमें ट्राइटरपेन्स, फ्रीडेलिन, सिटोस्टेरॉल, और फ्लेवोनोइड्स जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं. ये पत्ते मधुमेह नियंत्रण, त्वचा रोगों (दाग-धब्बे, खुजली), जोड़ों के दर्द, दस्त, और इम्यूनिटी बढ़ाने में सहायक होते हैं. बरगद के पत्ते जीवाणुरोधी और सूजनरोधी गुणों से भरपूर होते हैं. जो त्वचा की समस्याओं और शरीर के दर्द में राहत देते है. ताजे पत्तों का लेप खुजली, मुंहासे और घावों को जल्दी भरने में मदद करता है. जबकि पत्तों का गर्म काढ़ा जोड़ों के दर्द में उपयोगी है. First Published : February 21, 2026, 21:28 IST

आंवला के अत्यधिक सेवन से एसिडिटी, ब्लड शुगर कम और रक्तस्राव का खतरा.

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Last Updated:February 21, 2026, 21:12 IST आंवला स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद है, लेकिन इसका अत्यधिक सेवन या कुछ विशेष परिस्थितियों में यह नुकसानदायक हो सकता है. खाली पेट लेने, ज्यादा मात्रा में खाने, लो ब्लड शुगर या सर्जरी के आसपास इस्तेमाल करने पर यह एसिडिटी, पेट दर्द, रक्तस्राव और कमजोरी जैसी समस्याएँ पैदा कर सकता है। विशेषज्ञ डॉ. गीतिका शर्मा की सलाह है कि इसे सीमित मात्रा में ही लें. आंवले का अत्यधिक सेवन या कुछ विशेष शारीरिक स्थितियों में यह नुकसानदायक हो सकता है. यह एसिडिटी, पेट में जलन, कब्ज, दस्त, ब्लड शुगर कम होना, और रक्तस्राव का खतरा बढ़ा सकता है. इसे सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. एक्सपर्ट डॉ गीतिका शर्मा ने बताया कि खाली पेट या अत्यधिक सेवन करने पर यह एसिडिटी, जलन और पेट खराब जैसी समस्याओं का कारण बन सकता है. चूंकि आंवला विटामिन C से भरपूर होता है. इसकी उच्च अम्लीय प्रकृति संवेदनशील पेट या हाइपरएसिडिटी वाले लोगों में एसिड रिफ्लक्स बढ़ा सकती है. लो ब्लड शुगर (हाइपोग्लाइसीमिया) वाले लोगों के लिए आंवले का बहुत अधिक सेवन हानिकारक हो सकता है. आंवला रक्त शर्करा के स्तर को काफी कम करता है. यदि आपका शुगर लेवल पहले से ही कम है. तो आंवला इसे और कम कर सकता है. जिससे चक्कर आना, कमजोरी या बेहोशी हो सकती है. Add News18 as Preferred Source on Google सर्जरी से दो सप्ताह पहले और बाद में आंवले का सेवन नहीं करना चाहिए क्योंकि यह खून को पतला कर सकता है. जिससे रक्तस्राव का खतरा बढ़ सकता है. यह ब्लीडिंग जोखिम को बढ़ाता है और ब्लड शुगर/बीपी में उतार-चढ़ाव कर सकता है.  आंवले का सेवन उन लोगों के लिए नुकसानदायक हो सकता है जिन्हें इससे एलर्जी है. यह एक दुर्लभ प्रतिक्रिया है. लेकिन एलर्जी होने पर खुजली, पित्ती, त्वचा पर चकत्ते, सूजन, या सांस लेने में तकलीफ हो सकती है. इसके अलावा, अत्यधिक सेवन से एसिडिटी, पेट दर्द, लो ब्लड प्रेशर और किडनी स्टोन की समस्या भी बढ़ सकती है. अत्यधिक आंवला खाने या लगाने से बालों और त्वचा में रूखापन और डैंड्रफ की समस्या हो सकती है. आंवला में मौजूद प्राकृतिक टैनिन और एस्ट्रिंजेंट गुण बालों की प्राकृतिक नमी को कम कर सकते हैं. इसके अलावा, इसके मूत्रवर्धक प्रभाव के कारण डिहाइड्रेशन भी हो सकता है. वैसे तो यह सुरक्षित है, लेकिन अत्यधिक मात्रा में सेवन से दस्त, एसिडिटी और पेट में ऐंठन हो सकती है. गर्भावस्था में किसी भी प्राकृतिक उपाय से पहले विशेषज्ञ की सलाह आवश्यक है. First Published : February 21, 2026, 21:12 IST

Kanpur Umpire Death | Bees Attack Unnao Cricket Match

Kanpur Umpire Death | Bees Attack Unnao Cricket Match

कानपुर/उन्नाव1 दिन पहले कॉपी लिंक उन्नाव में क्रिकेट मैच के दौरान मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों को डंक मारने शुरू कर दिए। यह देखकर अंपायर बचने के लिए भागे, लेकिन गिर गए और मधुमक्खियों ने उन पर हमला कर दिया। मधुमक्खियों ने 58 साल के अंपायर मानिक गुप्ता को 50 से ज्यादा डंक मारे। करीब 10 मिनट तक मधुमक्खियां उन्हें काटती रहीं। मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों, अंपायरों और ग्राउंड स्टाफ समेत 40 से 50 लोगों को काटा। इनमें से अंपायर समेत 10 लोगों को कानपुर के एक नर्सिंग होम ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने अंपायर की हालत नाजुक देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल रेफर कर दिया। रास्ते में उनकी मौत हो गई। घटना गंगाघाट कोतवाली क्षेत्र के राहुल सप्रू मैदान की है। कानपुर के रहने वाले अंपायर मानिक गुप्ता पिछले 30 सालों से कानपुर क्रिकेट एसोसिएशन (KCA) के लिए अंपायरिंग कर रहे थे। शव घर पहुंचा तो चीख-पुकार मच गई। पति का शव देखकर पत्नी बेसुध हो गईं। गुरुवार सुबह अंतिम दर्शन के बाद जब शव उठा, तो पत्नी बिलख पड़ी। जिस जगह शव रखा था, वहां बार-बार हाथ फेरती रही। शव भागवत दास घाट पहुंचा तो छोटी बेटी पिता के चेहरे को बार-बार पोंछती रही और अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। पिता को मुखाग्नि दी। तस्वीरें देखिए- अंपायर का शव घाट पहुंचा तो छोटी बेटी ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाई। वह बिलखती रही और पिता का चेहरा पोंछती रही। गुरुवार सुबह अंतिम दर्शन के बाद जब शव उठा तो पत्नी बिलख पड़ी। जिस जगह शव रखा था, वहां बार-बार हाथ फेरती रही। रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने अंपायर की पत्नी को किसी तरह से संभाला। अंपायर की 4 बेटियां हैं, 3 की शादी हो चुकी है। जबकि छोटी बेटी इंटर में पढ़ती है। उसी ने अंतिम संस्कार की रस्में निभाईं। साथी अंपायर ने कहा- मधुमक्खियों ने एक नहीं, तीन बार हमला किया अंपायर फीलखाना में परिवार के साथ रहते थे। उनकी चार बेटियां हैं। बड़ी बेटी प्रियंका है। इसके बाद दीपिका और श्वेता हैं। तीनों की शादी हो चुकी है। चौथी बेटी समृद्धि इंटरमीडिएट की छात्रा है। प्रत्यक्षदर्शी और मानिक गुप्ता के साथी अंपायर सुनील कुमार निषाद ने बताया कि बुधवार को राहुल सप्रू मैदान पर अंडर-13 क्रिकेट लीग का मैच था। इसमें मानिक अंपायरिंग करने पहुंचे थे। ग्राउंड में करीब 40-45 लोग मौजूद थे। कुछ खिलाड़ी कानपुर तो कुछ लखनऊ से आए थे। स्टेडियम की बाउंड्रीवॉल से सटकर बरगद का पेड़ है। उसी पर मधुमक्खियों का छत्ता लगा था। सुबह से ही मधुमक्खियां मंडरा रही थीं। मधुमक्खियों ने तीन बार हमला किया। सुबह 7 बजे जब बच्चे ग्राउंड पर पहुंचे और अपनी किट उठाने जा रहे थे, तभी पहली बार मधुमक्खियों ने हमला किया। सुबह 8 बजे कुछ मधुमक्खियों ने खिलाड़ियों को काट लिया। इसके बाद साढ़े 8 बजे अचानक मधुमक्खियों का पूरा झुंड टूट पड़ा। करीब 15 मिनट तक पूरे ग्राउंड में अफरा-तफरी मची रही और मधुमक्खियों ने सभी को काटा। स्टेडियम की बाउंड्रीवॉल से सटे बरगद पेड़ पर मधुमक्खी का छत्ता लगा है। इन्हीं ने अंपायर पर हमला किया था। यह वही स्टेडियम है, जहां पर मधुमक्खियों ने हमला किया। 50 से ज्यादा मधुमक्खियों ने अंपायर को घेरा, 10 मिनट हमला किया प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, उस समय मानिक गुप्ता मैदान के पास बैठे थे। मधुमक्खियों से बचने के लिए वो भागने लगे, लेकिन गिर पड़े। इसके बाद 50 से अधिक मधुमक्खियों ने उन्हें घेर लिया और करीब 10 मिनट तक लगातार हमला किया। उम्र अधिक होने और हृदय रोगी होने के कारण उनकी हालत बिगड़ गई। साथी अंपायर सुनील निषाद ने मधुमक्खियों के डंक के निशान दिखाए। हालत देखकर दो अस्पतालों ने हाथ खड़े किए पूर्व रणजी खिलाड़ी राहुल सप्रू उन्हें अपनी कार से शुक्लागंज के एक निजी अस्पताल ले गए। प्राथमिक इलाज के बाद अस्पताल ने रेफर कर दिया। इसके बाद उन्हें दो अन्य अस्पतालों में ले जाया गया, लेकिन हालत गंभीर होने के कारण कहीं भर्ती नहीं किया गया। इसके बाद KCA के पदाधिकारी उन्हें कानपुर के हैलट अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उनकी सांसें थम गईं। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों ने पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया। आईपीएल प्लेयर अंकित राजपूत के साथ मानिक गुप्ता। इंडियन अंडर-19 प्लेयर अर्चना राजपूत के साथ (दायें से आखिरी)। ————————————— ये खबर भी पढ़िए… मथुरा में नहर में गिरी कार, 4 की मौत:इनमें 2 लॉ स्टूडेंट; लाश गाड़ी में फंसी रही, क्रेन से निकाला गया मथुरा में बुधवार देर रात एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर नहर में जा गिरी। हादसे में 2 लॉ स्टूडेंट समेत 4 युवकों की मौत हो गई। सभी शादी में शामिल होने राजस्थान के डीग जा रहे थे। रास्ते में ड्राइवर मोड़ नहीं देख पाया और कार 6 मीटर गहरी नहर में जा गिरी। स्थानीय लोगों ने जैसे ही कार को नहर में गिरते देखा, तुरंत बचाव कार्य में जुट गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।फायर ब्रिगेड की टीम ने रेस्क्यू अभियान शुरू किया गया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Rajpal Yadav Jail Reform Shahjahanpur Visit; Smoking Area Suggestion

Rajpal Yadav Jail Reform Shahjahanpur Visit; Smoking Area Suggestion

शाहजहांपुर2 दिन पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के मशहूर कॉमेडियन राजपाल यादव चेक बाउंस मामले में 30 दिनों की अंतरिम जमानत पर हैं। तिहाड़ जेल से रिहाई के बाद बुधवार को राजपाल शाहजहांपुर में अपने पैतृक गांव कुंडरा पहुंचे। तमाम लोग उनसे मिलने पहुंचे। मीडिया से बातचीत में राजपाल यादव ने कहा, मेरे लिए जेल एक चिंतन शिविर जैसा रहा है। जिस तरह देश की हर व्यवस्था अपग्रेड हो रही है, वैसे ही जेलों को भी आधुनिक बनाना चाहिए। उन्होंने कहा, जेलों में स्मोकिंग जोन बनाया जाना चाहिए। ताकि दूसरों को कोई बीमारी न हो। कोई प्रभावित न हो। राजपाल ने कहा, हम स्मोकिंग को प्रमोट नहीं कर रहे हैं। लेकिन जब देश में इसकी बिक्री होती है और इसका कारोबार चलता है तो जेल और सुधार गृहों में इसके लिए भी अलग जगह होनी चाहिए। हम खुद भी धूम्रपान के शिकार हैं, छोड़ने की बहुत कोशिश कर रहे हैं। लेकिन अभी तक पूरी तरह छोड़ नहीं पाए। तिहाड़ जेल से रिहा होने के बाद राजपाल यादव शाहजहांपुर पहुंचे। लोगों ने उनके साथ सेल्फी ली। राजपाल बोले- 600 करोड़ लोग मुझे नाम से जानते हैं कॉमेडियन राजपाल ने कहा, पूरी दुनिया में मेरे प्रशंसक हैं। 800 करोड़ लोगों की आबादी में से लगभग 600 करोड़ लोग मुझे नाम से जानते हैं। राजपाल ने खुद को भारतीय सिनेमा का एक जिम्मेदार अभिनेता बताया, जो कॉमेडी, गंभीर और विविध प्रकार की भूमिकाएं निभाना जानता है। उन्होंने कहा, कला एक विज्ञान है और मैं खुद को विज्ञान का विद्यार्थी मानता हूं। मेरे लिए आटा, दाल, चावल और खेती-बाड़ी जीवन का आधार रहे हैं। जिस गांव में मैं खड़ा हूं, इससे मेरा बचपन का नाता है। कला को जीने की जो भूख मेरे भीतर है, वही मेरी असली पूंजी है। पिछले 30 साल में मुझे कभी काम ढूंढना नहीं पड़ा, क्योंकि मैं काम को जीता हूं। जब तक मेरे शरीर में सांस है, तब तक यह सब लोगों के आशीर्वाद और साथ का परिणाम है। जेल में बीते पल एक ‘चिंतन शिविर’ की तरह राजपाल यादव ने कहा, मैं बड़ी जिम्मेदारी से कह रहा हूं तिहाड़ जेल मेरे लिए एक चिंतन शिविर रही। जब देश में हर क्षेत्र में बदलाव हो रहा है, तो जेलों का भी आधुनिकीकरण होना चाहिए। कानून सबके लिए बराबर है। कानून से बड़ा कोई नहीं है। हम सभी कानून के अधीन हैं। कानून सजा देता है, लेकिन कैदियों के आचरण, व्यवहार और संस्कार को भी देखा जाना चाहिए। मेरी इच्छा है कि कम से कम 10 प्रतिशत ऐसे कैदियों को, जो सजायाफ्ता हैं और बार-बार अदालत नहीं जा पाते, उनके अच्छे आचरण और व्यवहार के आधार पर एक नया जीवन जीने का अवसर दिया जाए। ऐसे हजारों लोग समाज की धरोहर बन सकते हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे यह नहीं कह रहे कि किसे रिहा किया जाए और किसे नहीं, बल्कि इस विषय पर गंभीरता से विचार होना चाहिए। राजपाल यादव ने घर पहुंचकर अपने डॉग को दुलारा। राजपाल बोले- घृणा पाप से करो, पापी से नहीं राजपाल यादव ने कहा, घृणा पाप से करनी चाहिए, पापी से नहीं। यदि हर जगह, जैसे एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन पर, स्मोकिंग एरिया बनाए जाते हैं, तो जेलों में भी प्रत्येक वार्ड में एक या दो धूम्रपान क्षेत्र निर्धारित होने चाहिए। ताकि अन्य लोग उसके प्रभाव से बच सकें। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि वे स्वयं धूम्रपान की आदत से ग्रस्त हैं और बहुत प्रयासों के बावजूद इसे छोड़ नहीं पा रहे हैं। गांव में राजपाल यादव का आलीशान मकान… शाहजहांपुर के कुंडरा गांव में राजपाल यादव का आलीशान मकान है। राजपाल पिछले साल अपने पिता नौरंगी लाल के निधन पर गांव आए थे। गांव में उनके बड़े भाई श्रीपाल और उनका परिवार रहता है। क्यों जेल में बंद थे राजपाल यादव? साल 2010 में राजपाल यादव ने फिल्म अता पता लापता बनाने के लिए प्राइवेट कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से 5 करोड़ रुपए का कर्ज लिया था। ये फिल्म फ्लॉप रही और राजपाल यादव को आर्थिक तंगी का सामना करना पड़ा। राजपाल समय रहते कर्ज की रकम नहीं लौटा सके। लोन लेते समय राजपाल ने जो चेक कंपनी को दिए थे वो बाउंस हो गए, जिसके बाद एक्टर के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई गई। दोनों पार्टी के बीच समझौते के बावजूद पूरी पेमेंट नहीं हुई और समय के साथ ब्याज जुड़ता गया, जिससे कुल कर्ज काफी बढ़ गया। साल 2018 में दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने राजपाल यादव को दोषी ठहराया और उन्हें छह महीने की जेल की सजा सुनाई। इसके बाद उन्होंने हाई कोर्ट में अपील की, जहां उन्हें कई बार राहत मिली, क्योंकि उन्होंने भुगतान और समझौते का भरोसा दिया था। हालांकि, फरवरी की शुरुआत में दिल्ली हाई कोर्ट ने एक्टर को पूर्व में दी गई रियायतों और समय सीमा को बढ़ाने से इनकार कर दिया था। कोर्ट ने उन्हें 4 फरवरी तक सरेंडर करने का आदेश दिया था, जिसके बाद उन्होंने 5 फरवरी को शाम लगभग 4 बजे आत्मसमर्पण किया। बॉलीवुड अभिनेता राजपाल यादव 17 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल से 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा हो गए हैं। वह 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में 12 दिनों तक जेल में रहे। सरेंडर से पहले कहा था- मेरे पास पैसे नहीं हैं सरेंडर करने से पहले राजपाल ने कहा था कि उनके पास लौटाने के लिए पैसे नहीं हैं। जब वो जेल गए तो सोनू सूद ने इंडस्ट्री से एकजुट होकर एक्टर की मदद करने की अपील की। इसके बाद कई लोग राजपाल यादव की मदद के लिए आगे आए। सलमान खान, अजय देवगन, डेविड धवन जैसे कई लोगों ने एक्टर को आर्थिक मदद दी। राजपाल यादव 17 फरवरी, 2026 को तिहाड़ जेल से 18 मार्च तक के लिए अंतरिम जमानत पर रिहा हुए। वह 12 दिनों तक जेल में रहे। हंगामा, हलचल जैसी फिल्‍मों से कॉमेडी किंग बने 2003 में फिल्म हंगामा, 2005 में गरम मसाला, 2006 में चुप चुप के और फिर हेरा फेरी और 2007 में भूल भुलैया जैसी फिल्मों से उन्हें कॉमेडी मे पहचान मिली। कॉमिक डायरेक्टर प्रियदर्शन के साथ उन्होंने लगभग 8 से 10 फिल्मों मे काम किया है। बेस्ट वर्सटाइल एक्टर अवॉर्ड जीत