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Uttar Pradesh Bollwood Actress Madhuri dixit gorakhpur fans dhak dhak song Ravi kishan

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अभिजीत सिंह | गोरखपुर23 मिनट पहले कॉपी लिंक गोरखपुर का प्यार हमेशा याद रहेगा। आपसे मिलकर बहुत खुशी हो रही है। आप की आंखों में एक प्यार झलक रहा है। यह देखकर मुझे अपनी ही फिल्म का डॉयलाग याद आ रहा है…देखा है पहली बार गोरखपुर की आंखों में प्यार। चूंकि मैं पहली आ रही हूं और आप सभी से मिलकर बहुत आनंद और खुशी मिल रही है। जब नजर की बात होती है तो मुझे याद आता है मेरा डॉयलाग। यूं नजर की बात की और दिल चुरा गए। हम तो समझे थे बुद्ध आप तो धड़कन सुना गए। ये बातें रविवार को गोरखपुर पहुंची बॉलीवुड एक्ट्रेस माधुरी दीक्षित ने कही। वह एक ज्वैलरी शॉप का उद्घाटन करने पहुंचीं थीं। इस दौरान सांसद और अभिनेता रवि किशन ने माधुरी दीक्षित को गोरखपुर शहर के बारे में बताया। कहा कि यह शहर संस्कृति और परंपरा से जुड़ा हुआ है। 3 तस्वीरें देखिए… माधुरी दीक्षित ने कहा कि मुझे हमेशा यहां के लोग याद रहेंगे। धक-धक करने लगा गाने पर झूमे फैंस ज्वैलरी शॉप के उद्घाटन के समय जब माधुरी दीक्षित पहुंचीं तो उनका ‘धक-धक करने लगा’ गाने से स्वागत किया गया। इस दौरान फैंस भी माधुरी-माधुरी चिल्लाने लगे। उन्हें देखने के लिए फैंस की भीड़ जुट गई। लोग आसपास के घरों की छतों पर चढ़ गए। इस दौरान हॉस्टल के छत पर छात्राएं पहुंच गई और वहां से अपने मोबाइल के फ्लैश लाइट जलाकर स्वागत किया। माधुरी दीक्षित के पहुंचने पर आसपास के छतों से लोगों ने उनका स्वागत किया। सांसद रवि किशन बोले- पहले भोजपुरी के हिरोइन भी नहीं आना चाहती थीं सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- बहुत अच्छा लगल सब लोगन के। पूज्य महाराज जी के दिल से धन्यवाद। ई बा गोरखपुर। एके कहल जा ला सरकार। जहां भोजपुरी के हिरोइन आवे के तैयार ना रहनि। आज ईहां के आवत बा माधुरी दीक्षित जी सुपर स्टार। सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- माधुरी मैम के बारे में सुनते ही मेरे पास फोन आने लगे कि मैम से हमे मिलवा दीजिए। रवि किशन बोले- माधुरी मैम के साथ मेरी आ रही फिल्म सांसद और एक्टर रवि किशन ने कहा- माधुरी मैम के बारे में सुनते ही मेरे पास फोन आने लगे कि मैम से हमे मिलवा दीजिए। वहां कहां रूकी हैं। मैम को देखकर लोग पागल हो गए हैं। उन्होंने कहा- हम लोगों की एक फिल्म भी आ रही है मां- बहन। ………………….. ये खबर भी पढ़िए- खाना नहीं दिया तो सौतेली मां को मार डाला, सिर पर हथौड़े से किए ताबड़तोड़ वार, आरोपी बेटा गिरफ्तार संभल में युवक ने अपनी सौतेली मां के सिर पर हथौड़े से ताबड़तोड़ वार कर मार डाला। वह खाना देर से मिलने से नाराज था। चीखने की आवाज सुनकर जब पिता किचन में पहुंचे तो महिला जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। चारों ओर खून बिखरा पड़ा था। पास ही हथौड़ा पड़ा हुआ था। अस्पताल ले जाने के पहले ही महिला ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

पलाश के फूल के फायदे: लू, डायबिटीज और त्वचा रोग में असरदार

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Last Updated:March 15, 2026, 19:18 IST फागुन के महीने में तराई क्षेत्र में खिलने वाले टेसू यानी पलाश के फूल सिर्फ खूबसूरती ही नहीं बढ़ाते, बल्कि सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद माने जाते हैं. आयुर्वेद में इसके फूल, बीज, पत्ते और छाल का उपयोग पेट के कीड़े, डायबिटीज, त्वचा रोग और गर्मी से राहत पाने के लिए किया जाता है. गर्मियों में पलाश के फूलों से बना शरबत शरीर को ठंडक देने के साथ लू से भी बचाने में मदद करता है. उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले के तराई इलाके में टेसू के पेड़ पाए जाते हैं. फागुन माह में पलाश के फूलों की बहार आ जाती है. ग्रामीण क्षेत्रों में टेसु के फूल के नाम से जाना जाता है. वही अब धीरे-धीरे पलाश के पेड़ों की संख्या कम होती जा रही है. वहीं आयुर्वेद में पलाश के फूल, बीज, पत्ते और छाल का उपयोग कई तरह की बीमारियों के इलाज में किया जाता है.  पलाश के बीजों में एंटी वर्म यानी कृमिनाशक गुण पाए जाते हैं. इसी वजह से इसका उपयोग पेट के कीड़ों को खत्म करने के लिए किया जाता है. पलाश के बीज का पाउडर नियमित रूप से लेने से पेट के संक्रमण में भी राहत मिल सकती है. इसके अलावा पलाश के फूलों में एस्ट्रिंजेंट गुण मौजूद होता है, जो दस्त जैसी समस्याओं को नियंत्रित करने में मदद करता है.  पलाश में एंटी हाइपरग्लाइसेमिक गुण भी पाए जाते हैं, जो मधुमेह को नियंत्रित करने में सहायक हो सकते हैं. इसके सेवन से शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल के स्तर को बेहतर बनाने में भी मदद मिलती है. वहीं पलाश के पत्तों में टिक्ता गुण पाए जाते हैं, जो शरीर में कफ और पित्त को कम करने में सहायक होते हैं. Add News18 as Preferred Source on Google त्वचा संबंधी रोगों में भी पलाश काफी उपयोगी माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, पलाश के बीज का पेस्ट लगाने से एक्जिमा और अन्य स्किन इन्फेक्शन में राहत मिल सकती है. इससे खुजली और त्वचा का रूखापन भी कम होता है. इसके अलावा पलाश के बीज का काढ़ा घाव भरने में भी सहायक माना जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक देवेंद्र कुमार ने जानकारी देते हुए बताएं कि गर्मियों के मौसम में पलाश के फूलों की डिमांड बढ़ जाती है, इसके फूल बहुत ही ठंडे माने जाते हैं. जिस कारण गर्मियों में लोग शरबत बनाकर सेवन करते हैं. इसका सेवन करने से शरीर को ठंडक मिलती है साथ में गर्मी में लू जैसी समस्या से छुटकारा मिल जाता है. पलाश के फूलों को अच्छी तरह धूप में सुखाकर पाउडर बना लें और हर सुबह ठंडे पानी के साथ इसका सेवन करें. यह शरीर को हल्का महसूस कराने के साथ-साथ आंतरिक सफाई में मदद करता है. डायबिटीज जैसी समस्या से छुटकारा मिल जाएगा. पलाश का फूल स्वास्थ्य के लिए बहुत फायदेमंद होता है. First Published : March 15, 2026, 19:18 IST

Sambhal DM-SP Get High Court Warning Over Masjid Namaz

Sambhal DM-SP Get High Court Warning Over Masjid Namaz

सनी गुप्ता | संभल11 घंटे पहले कॉपी लिंक संभल डीएम राजेंद्र पेंसिया (काले कोट में) और एसपी केके विश्नोई ने हाल ही में एक साथ शहर में फ्लैग मार्च किया था। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित करने पर संभल DM और SP को फटकार लगाई। कोर्ट ने कहा- प्रशासन मस्जिद में नमाजियों की संख्या सीमित नहीं कर सकता। अगर डीएम राजेंद्र पेंसिया और एसपी केके विश्नोई को लगता है कि वे कानून व्यवस्था नहीं संभाल पा रहे, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। या फिर ट्रांसफर करवा लेना चाहिए। हर परिस्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखना उनका काम है। जस्टिस अतुल श्रीधरन और जस्टिस सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने कहा- यह राज्य का कर्तव्य है कि वह सुनिश्चित करे कि हर समुदाय निर्धारित पूजा स्थल पर शांतिपूर्वक पूजा कर सके। अगर वह निजी संपत्ति है, तो राज्य से किसी इजाजत की जरूरत नहीं। कोर्ट पहले ही साफ कर चुका है कि राज्य का दखल सिर्फ वहीं जरूरी है, जहां प्रार्थना या धार्मिक काम सार्वजनिक भूमि पर आयोजित किए जाने हों। याचिकाकर्ता मुनाजिर खान के मुताबिक, पिछले साल फरवरी महीने में हयातनगर थाने से पुलिसवाले आए। उन्होंने कहा कि सिर्फ 20 लोग ही मस्जिद में नमाज पढ़ सकते हैं। एक बार में 5-6 लोग ही नमाज अदा करें। इसके बाद मुनाजिर ने 18 जनवरी, 2026 को हाईकोर्ट में याचिका दायर की। 27 फरवरी को पहली सुनवाई हुई। आज (शनिवार) आदेश हाईकोर्ट की साइट पर अपलोड हुआ। अब 16 मार्च को इस मामले की अगली सुनवाई होगी। यह याचिकाकर्ता मुनाजिर खान हैं, जिनका कहना है कि मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। सरकारी वकील बोले- कानून व्यवस्था न बिगड़े, इसलिए प्रशासन ने रोका याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट को बताया- रमजान के दौरान मस्जिद में नमाज अदा करने से रोका जा रहा। रमजान चल रहा है। ऐसे में परिसर के भीतर नमाज अदा करने के लिए बड़ी संख्या में लोग आ सकते हैं। वहीं, सरकारी वकील ने कोर्ट को बताया कि कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने नमाजियों की संख्या सीमित करने का आदेश दिया था। दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद कोर्ट ने सरकार के वकील के तर्क को खारिज कर दिया। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा- आपने अब तक मस्जिद या नमाज की जगह की कोई तस्वीर कोर्ट में दाखिल नहीं की है। इस पर याचिकाकर्ता ने समय मांगा। इसके बाद कोर्ट ने उन्हें नमाज की जगह की तस्वीरें और राजस्व रिकॉर्ड दाखिल करने के लिए अनुमति दे दी। अब वह इसे 16 मार्च से पहले सब्मिट करेंगे। 450 वर्गफीट में मस्जिद, मालिकाना हक दूसरे के नाम पर हयातनगर गांव में 2700 से ज्यादा लोग रहते हैं। यहां 450 वर्गफीट में घोसिया नाम की मस्जिद है। प्रशासन के मुताबिक, जमीन का गाटा नंबर- 291 है। डॉक्यूमेंट्स में यह जमीन मोहन सिंह और भूराज सिंह पुत्र सुखी सिंह के नाम पर है। याचिकाकर्ता का कहना है कि रमजान में बड़ी संख्या में नमाजी मस्जिद में आते हैं। ऐसे में नमाजियों का संख्या सीमित करने का फैसला ठीक नहीं है। अब संभल डीएम और एसपी के बारे में जानिए बरेली के डीएम-एसएसपी हाईकोर्ट में तलब किए गए थे इससे पहले हाईकोर्ट ने घर में नमाज अदा करने से रोकने के मामले में बरेली के जिला मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) को 23 मार्च को व्यक्तिगत रूप से पेश होने का आदेश दिया। कोर्ट ने साफ किया था कि अगर वे हाजिर नहीं होते तो गैर-जमानती वारंट जारी किया जाएगा। साथ ही कोर्ट ने याची को 24 घंटे सशस्त्र सुरक्षा प्रदान करने का भी निर्देश दिया। यह आदेश भी जस्टिस अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने दिया था। कोर्ट ने मामले में पिछली सुनवाई पर बरेली के डीएम और एसएसपी को एक पुराने आदेश की अवहेलना करने के आरोप में अवमानना नोटिस जारी किया था। बरेली निवासी तारिक खान ने याचिका दाखिल कर आरोप लगाया था कि गत 16 जनवरी को स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें उनके घर के अंदर नमाज अदा करने की अनुमति नहीं दी थी। यह कार्रवाई हाईकोर्ट के उस पूर्व आदेश का उल्लंघन है, जिसमें साफ किया गया था कि निजी परिसर में प्रार्थना के लिए प्रशासन की अनुमति जरूरी नहीं है। ———————— ये खबर भी पढ़िए- ओवैसी बोले- सुनो संभल DSP मुल्क आपके बाप का नहीं, इजराइली प्रधानमंत्री की भाषा बोल रहे संभल में CO कुलदीप कुमार का ‘जहाज में बैठकर ईरान चले जाओ’ वाला बयान तूल पकड़ता जा रहा है। AIMIM नेता सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने पलटवार करते हुए कहा- ये मुल्क आपके बाप का नहीं। तुम इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की जुबान बोल रहे हो। पूरी खबर पढ़िए दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UP Police SI Recruitment Exam Over 15 Lakh Candidates To Appear

UP Police SI Recruitment Exam Over 15 Lakh Candidates To Appear

लखनऊ/प्रयागराज/मेरठ5 मिनट पहले कॉपी लिंक यूपी में आज से दरोगा भर्ती की परीक्षा शुरू हो गई है। प्रदेश भर के परीक्षा केंद्रों में प्रवेश से पहले उम्मीदवारों की 3 लेयर में चेकिंग की गई। सिर्फ प्रवेश पत्र और आईडी के साथ ही अंदर जाने दिया गया। ड्यूटी पर लगे पुलिसवालों के फोन भी जमा करा लिए गए। CCTV से चप्पे-चप्पे की मॉनिटरिंग की गई। वाराणसी में पुरुष अभ्यर्थियों के जूते, मोजे और बेलट उतरवा लिए गए। चाकू से कलावा काटा गया। महिला कैंडिडेट्स की ज्वैलरी उतरवा दी गई। चूड़ी, बिछिया और कान के बाले निकलवाकर ही परीक्षा केंद्र में एंट्री दी गई। दरअसल, परीक्षा दो दिन यानी 14 और 15 मार्च को दो पालियों में कराई जा रही है। पहली पाली की परीक्षा सुबह 10 से 12 बजे तक और दूसरी पाली में परीक्षा दोपहर 3 से 5 बजे तक चलेगी। उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPBB) ने सभी 75 जिलों में 1090 सेंटर बनाए हैं। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 4,543 पदों पर नियुक्ति होगी। भर्ती के लिए 15,75,760 अभ्यर्थियों ने रजिस्ट्रेशन कराया है। इनमें 11,66,386 पुरुष और 4,09,374 महिला अभ्यर्थी शामिल हैं। परीक्षा से पहले UPPBB ने 3 टेलीग्राम चैनलों पर FIR दर्ज कराई है। इन टेलीग्राम चैनल पर दरोगा भर्ती परीक्षा का पेपर 10 से 12 हजार रुपए में उपलब्ध कराने का दावा किया जा रहा था। लखनऊ में हुसैनगंज थाने की पुलिस ने नकल विरोधी कानून समेत अन्य गंभीर धाराओं में केस दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश चल रही है। तस्वीरें देखिए… काशी में महिला अभ्यर्थियों के कान के बाले उतरवाने के बाद ही परीक्षा केंद्र में एंट्री दी गई। सीतापुर में परीक्षार्थियों की सख्ती से चेकिंग की जा रही है। जूते उतरवाए गए और कानों में ईयरबड्स चेक किए जा रहे हैं। वाराणसी में परीक्षा केंद्र पर चेकिंग के दौरान महिला अभ्यर्थियों की चूड़ियां उतरवा ली गईं। यह तस्वीर प्रयागराज की है, यहां परीक्षा देने पहुंचे उम्मीदवारों के जूते-मोजे उतरवाए गए। गोरखपुर में बेल्ट पहनकर परीक्षा केंद्रों पर प्रवेश नहीं दिया गया। अभ्यर्थियों ने अपनी बेल्ट सेंटर के बाहर ही रेलिंग से बांध दी। कानपुर में परीक्षा केंद्र के बाहर कैंडिडेट्स हाथ में जूते पकड़कर लाइन में खड़े रहे। दरोगा भर्ती परीक्षा से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लाग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 5 मिनट पहले कॉपी लिंक लखनऊ में दारोगा भर्ती परीक्षा, 54 सेंटर पर चेकिंग के बाद एंट्री लखनऊ में यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा शुरू हो गई है। राजधानी के 54 स्कूल-कॉलेजों को सेंटर बनाया गया है। कई सेंटर पर गहन चेकिंग के साथ अभ्यर्थियों के जूते भी उतरवा लिए गए हैं। महिला अभ्यर्थियों की पायल-बिछिया भी उतरवा दी गई है। पूरी खबर पढ़िए 17 मिनट पहले कॉपी लिंक हाथरस में अभ्यर्थियों की घड़ी भी उतरवाई, कड़ी चेकिंग के बाद एंट्री हाथरस में एसआई प्रवेश परीक्षा में 13 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। कड़ी चेकिंग के बाद उन्हें परीक्षा केंद्रों के अंदर प्रवेश मिला। अभ्यर्थियों के जूते, घड़ी और कलावा उतरवाए गए। हर परीक्षा केंद्र पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। 19 मिनट पहले कॉपी लिंक सीतापुर में परीक्षा से पहले जूते उतरवाए गए, ईयरबड्स चेक किए सीतापुर में एसआई भर्ती परीक्षा आज से शुरू हो गई है। परीक्षार्थियों की सख्ती से चेकिंग की जा रही है। जूते उतरवाए गए और कानों में ईयरबड्स चेक किए जा रहे हैं। कंगन] कलावा भी निकलवाया गया। 25 मिनट पहले कॉपी लिंक कानपुर में कलावा कटवाए, अभ्यर्थी हाथ में जूते पकड़कर लाइन में खड़े रहे कानपुर के GNK इंटर कॉलेज में चेकिंग के दौरान हाथों के धागे और कलावा कटवाए गए। अभ्यर्थी हाथ में जूते पकड़कर लाइन में खड़े दिखाई दिए। 26 मिनट पहले कॉपी लिंक प्रयागराज में ड्यूटी पर लगे पुलिसवालों के फोन जमा करवाए, अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर प्रयागराज में परीक्षा के दौरान जिन पुलिसवालों की ड्यूटी लगी हुई है, उनके भी मोबाइल को स्विच ऑफ करके जमा कराया जा रहा है। 28 मिनट पहले कॉपी लिंक मथुरा में बायोमैट्रिक चेकिंग के बाद एंट्री मिली, अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर मथुरा में पुलिस भर्ती परीक्षा के लिए अभ्यर्थियों की बायोमैट्रिक चैकिंग की गई। शहर के प्रेम देवी अग्रवाल गर्ल्स इंटर कॉलेज से भास्कर रिपोर्ट ने पूरी रिपोर्ट दी। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक गोरखपुर में अभ्यर्थियों की लंबी कतार, कड़ी चेकिंग के बाद ही मिली एंट्री गोरखपुर के सेंट एंड्रयूज कालेज में UPSI एग्जाम के लिए एंट्री बंद हो गई है। इससे पहले एंट्री के लिए अभ्यर्थियों की लंबी कतार देखी गई। 32 मिनट पहले कॉपी लिंक काशी में लड़कियों के बाले उतरवाए; अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर काशी में लड़कियों के बाले- टॉप्स उतरवाने के बाद ही परीक्षा के लिए केंद्र में एंट्री दी गई। 35 मिनट पहले कॉपी लिंक मेरठ के 43 केंद्रों पर दरोगा भर्ती परीक्षा, अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर मेरठ के 43 केंद्रों पर यूपी पुलिस दरोगा भर्ती के लिए परीक्षा चल रही है। अभ्यर्थियों की त्रिस्तरीय चैकिंग कराने के बाद हाथ से रक्षा सूत्र और कलावे आदि उतरवाने के बाद ही केंद्र के अंदर प्रवेश दिया जा रहा है। 37 मिनट पहले कॉपी लिंक मथुरा में रेटीना स्कैन के बाद परीक्षा केंद्र में एंट्री दी गई मथुरा में आइरिस स्कैन के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश किया गया। 39 मिनट पहले कॉपी लिंक बरेली में 19 केंद्रों पर दरोगा भर्ती परीक्षा, जूते-मोजे उतरवाकर चेकिंग की गई बरेली में 19 केंद्रों पर दरोगा भर्ती परीक्षा हो रही है। त्रिस्तरीय जांच के बाद अभ्यर्थियों को परीक्षा केंद्र में जाने दिया जा रहा है। बरेली में 32 हजार अभ्यर्थी दारोगा बनने के लिए परीक्षा दे रहे हैं। अभ्यर्थी हाथों में जूते मोजे लेकर जा रहे हैं। 40 मिनट पहले कॉपी लिंक वाराणसी में परीक्षा केंद्र के बाहर से अपडेट दे रहे हैं भास्कर रिपोर्टर 41 मिनट पहले कॉपी लिंक वाराणसी में अभ्यर्थियों के हाथ से कलावा कटवाया गया, 2 वीडियो देखिए वाराणसी के हरिश्चन्द्र बालिका इंटर कालेज, मैदागिन में अभ्यर्थियों के हाथ से रक्षा का धागा कटवाया गया। कड़ी चेकिंग के बाद ही उन्हें परीक्षा केंद्र में एंट्री दी गई। 43 मिनट पहले कॉपी लिंक आगरा में ईयर फोन, मोबाइल फोन और बैग बाहर जमा

Nawazuddin Siddiqui Visits Ancestral Village Buledhana, Buys Land

Nawazuddin Siddiqui Visits Ancestral Village Buledhana, Buys Land

मुजफ्फरनगर15 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने मुजफ्फरनगर के तहसील ऑफिस पहुंचकर रजिस्ट्री कराई। बॉलीवुड अभिनेता नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने यूपी के मुजफ्फरनगर में अपने पैतृक गांव में 55 बीघा कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराई है। इसकी कीमत करीब छह करोड़ रुपए बताई जा रही है। नवाजुद्दीन ने सात व्यक्तियों से यह जमीन खरीदी है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने तीन साल पहले अपनी जमीन अपने भाइयों के नाम कर दी थी। तब कयास लगाए गए थे कि वह अब मुंबई में ही रहेंगे। गुरुवार को नवाजुद्दीन अपने फिल्म प्रोड्यूसर भाई फैजुद्दीन सिद्दीकी के साथ तहसील पहुंचे थे। सब-रजिस्ट्रार पंकज कुमार ने अभिनेता से कागजों पर हस्ताक्षर कराकर रजिस्ट्री की प्रक्रिया पूरी कराई। जमीन बुढ़ाना बांगर क्षेत्र में है। नवाजुद्दीन के तहसील पहुंचने की जानकारी मिलते ही प्रशंसकों की भीड़ जुट गई। उन्होंने प्रशंसकों से मुलाकात की और तस्वीरें भी खिंचवाईं। सूत्रों के अनुसार, नवाजुद्दीन ईद तक अपने पैतृक गांव में ही रुक सकते हैं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा- जमीन का मामला था। सबकुछ अच्छे से हो गया। नवाजुद्दीन बोले- तीन साल बाद गांव आकर अच्छा लगा नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा- जमीन का मामला था। सबकुछ अच्छे से हो गया। फिल्म केरला स्टोरी-2 को लेकर उन्होंने कहा, मैनें तो नहीं देखी, लेकिन देखेंगे। करीब तीन साल बाद गांव वापस आया हूं। गांव में आना हमेशा ही अच्छा लगता है। कुछ दोस्त जो अब बड़े हो गए हैं। उन्हें पहचानने में मुश्किल होती है। लेकिन जब पहचान लेता हूं तो उनके साथ कुछ समय बिताने में मजा आता है। उन्होंने अपनी आने वाली फिल्मों के बारे में जानकारी दी। कुछ ही समय में 4-5 फिल्में रिलीज होनी हैं। हालांकि, नाम और रिलीज डेट को लेकर कोई बात नहीं की। नवाजुद्दीन सिद्दीकी सब-रजिस्ट्रार ऑफिस पहुंचे और कागजों पर सिग्नेचर किए। भाई बोले- नवाज को मिट्टी से प्यार नवाजुद्दीन के भाई फिल्म प्रोड्यूसर फैजुद्दीन ने बताया कि पहले की एक पुरानी जमीन थी, जिसे खरीदने के लिए आए थे। इसे हमने बहुत पहले अपने मित्र और पारिवारिक संबंधों वाले व्यक्ति से ले लिया था और पेमेंट भी कर दिया था, लेकिन उस समय बैनामा नहीं हो सका क्योंकि काम में व्यस्त थे। अब सोचा कि एक-दो दिन में जाकर अपना काम निपटा लें। नवाज भाई भी जमीन से जुड़े हैं और खेती में रुचि रखते हैं। यह उनकी आदत है, क्योंकि पहले जब पिता के पास जमीनें थीं, तब भी उन्होंने खेती की थी। उन्हें मिट्टी से प्यार है और इसमें काम करना पसंद है। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने तीन साल पहले अपनी जमीन अपने भाइयों के नाम कर दी थी। नवाजुद्दीन के भाई फैजुद्दीन ने बताया कि पहले की एक पुरानी जमीन थी, जिसे खरीदने के लिए आए थे। नवाजुद्दीन सिद्दीकी के अभिनेता बनने की कहानी पढ़िए नवाजुद्दीन सिद्दीकी का जन्म 19 मई 1974 को मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना कस्बे में एक किसान परिवार में हुआ। वह नौ भाई-बहनों वाले बड़े परिवार में पले-बढ़े। उनके गांव का माहौल बेहद साधारण था। वहां मनोरंजन के साधन भी बहुत कम थे। नवाजुद्दीन बचपन में रामलीला और छोटे-मोटे मंचीय कार्यक्रम देखकर अभिनय से प्रभावित हुए। कॉलेज से केमिस्ट्री में ग्रेजुएशन करने के बाद नवाजुद्दीन ने वडोदरा में केमिस्ट की नौकरी की। यहां उन्होंने पहली बार थिएटर का नाटक देखा और अभिनय करने का विचार आया। इसके बाद नौकरी छोड़कर दिल्ली पहुंचे और नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) में दाखिला लिया। NSD से पढ़ाई पूरी करने के बाद नवाजुद्दीन मुंबई पहुंचे। फिल्मों में काम मिलने से पहले उन्होंने गुजारा चलाने के लिए वॉचमैन की नौकरी भी की। मुंबई में शुरुआती दौर में नवाजुद्दीन को फिल्मों में बहुत छोटे-छोटे रोल मिले। नवाजुद्दीन को शुरुआती पहचान फिल्म सरफरोश में छोटे से रोल से मिली। इस फिल्म में उन्होंने एक छोटे क्रिमिनल/इन्फॉर्मर का किरदार निभाया था। इसके बाद अनुराग कश्यप की फिल्म ब्लैक फ्राइडे नवाजुद्दीन सिद्दीकी के करियर का अहम मोड़ साबित हुई। इस फिल्म में उनका किरदार छोटा था, लेकिन उनके अभिनय ने दर्शकों और फिल्म समीक्षकों का ध्यान खींचा। इसके बाद इंडस्ट्री में उनके काम की चर्चा शुरू हुई और उन्हें बेहतर भूमिकाएं मिलने लगीं। नवाजुद्दीन सिद्दीकी ने 55 बीघा कृषि भूमि की रजिस्ट्री कराई है। पत्नी पर कराया था 100 करोड़ का मानहानि केस नवाजुद्दीन सिद्दीकी अपनी पूर्व पत्नी आलिया सिद्दीकी से जुड़े विवादों को लेकर चर्चा में रह चुके हैं। उन्होंने अपने भाई और पूर्व पत्नी आलिया सिद्दीकी पर 100 करोड़ रुपए का मानहानि केस किया था। इसके तहत नवाजुद्दीन ने हर्जाने और लिखित माफी की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि मेरे भाई और आलिया ने सोशल मीडिया पोस्ट और वीडियो के जरिए उनकी छवि को नुकसान पहुंचाया। मेरे भाई ने मैनेजर के तौर पर मेरे बैंक खातों और फंड का दुरुपयोग कर 21 करोड़ रुपए की हेराफेरी की और संपत्तियां अपने नाम कर लीं। इसके अलावा नवाजुद्दीन ने आलिया पर प्रोडक्शन हाउस के लिए दिए गए पैसों का निजी इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया था। नवाजुद्दीन सिद्दीकी मुजफ्फरनगर में अपने प्रशंसकों से भी मिले और हाथ मिलाया। हालांकि, 10 अक्टूबर 2025 को बॉम्बे हाईकोर्ट ने मामले को ‘नॉन-प्रोसीक्यूशन’ के आधार पर खारिज कर दिया, क्योंकि नवाजुद्दीन और उनके वकील कई बार बुलाए जाने के बावजूद कोर्ट में पेश नहीं हुए थे। इस पर विपक्ष के वकील ने तर्क दिया कि यह मुकदमा केवल दबाव बनाने की रणनीति था। नवाजुद्दीन इसे वास्तविक रूप से आगे बढ़ाने में रुचि नहीं रखते थे। नवाजुद्दीन सिद्दीकी की पत्नी आलिया ने उन पर बलात्कार और घरेलू हिंसा के आरोप लगाए थे। उन्होंने बच्चों की अनदेखी का भी आरोप लगाया था। आलिया ने नवाजुद्दीन पर बलात्कार, घरेलू हिंसा और बच्चों की अनदेखी जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। साल 2023 में आलिया ने सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर कर दावा किया था कि नवाजुद्दीन ने उन्हें और बच्चों को आधी रात घर से बाहर निकाल दिया। हालांकि, मार्च 2024 में आलिया ने सोशल मीडिया पर बताया कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्होंने और नवाजुद्दीन ने आपसी मतभेद खत्म कर सुलह कर ली है। ———————————————– ये खबर भी पढ़ेंः- वॉचमैन की नौकरी की, कभी धनिया बेची:फिल्मों में 1-2 मिनट के छोटे रोल किए; आज बॉलीवुड के सबसे दमदार अभिनेता बन गए नवाज़ुद्दीन सिद्दीकी छोटे से कस्बे बुधाना

गर्मियों में ठंडक और हाइड्रेशन के लिए गन्ने का जूस – फायदे और सावधानियां

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Last Updated:March 12, 2026, 21:14 IST मार्च से बढ़ती गर्मी के बीच गन्ने का जूस बन गया लोगों का पसंदीदा पेय. यह न सिर्फ शरीर को अंदर से ठंडक और ताजगी देता है, बल्कि पाचन, हाइड्रेशन और लिवर की सेहत के लिए भी फायदेमंद है. लेकिन उच्च ब्लड शुगर वाले लोगों को इसका सेवन सावधानी से करना चाहिए. रायबरेली. मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का असर दिखाई देने लगा है, तापमान में हो रही लगातार बढ़ोत्तरी से आम जनजीवन भी प्रभावित हो रहा है. बढ़ी हुई गर्मी के कारण लोगों को बार-बार प्यास लगने जैसी समस्या का सामना करना पड़ता है. गर्मी के मौसम में तेज धूप की वजह से लोगों को थकान सुस्ती महसूस होती है इस दौरान लोग अपने शरीर को हाइड्रेट रखने के लिए कई तरह के पेय पदार्थ का सेवन करते हैं. जो गर्मी के मौसम में शरीर में हाइड्रेट रखने के साथ ही तरोताजा बनाए रखने में भी कारगर होते हैं. गर्मी के मौसम में शरीर को हाइड्रेट बनाए रखने के साथ ही अंदर से शीतलता प्रदान करने में गन्ने का जूस भी बड़ा ही लाभदायक है. गन्ने के जूस की तासीर ठंडी होती है जो शरीर को अंदर से शीतलता प्रदान करती है. यह आपको गर्मी के मौसम में चलने वाली तेज लू से भी बचाने में कारगर होता है. इन तत्वों से भरपूर रायबरेली जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र शिवगढ़ की आयुष चिकित्सक डॉ. आकांक्षा दीक्षित (एम डी आयुर्वेद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेद जयपुर ,राजस्थान) लोकल 18 से बात करते हुए बताती हैं कि गन्ने के जूस में जिंक, आयरन, पोटैशियम, कैल्शियम, मैंगनीज, मैग्नीशियम सहित कई अन्य पोषक तत्व भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो हमारी सेहत के लिए बेहद फायदेमंद हैं. अगर आपका पाचन तंत्र कमजोर है, तो आपको गन्ने का रस पीना चाहिए. गन्ने के रस में मौजूद पोटैशियम पेट में पीएच लेवल को संतुलित करता है. गन्ने का रस लोगों को हाइड्रेटेड रखता है और इससे कब्ज की समस्या से आराम मिलता है. इनके लिए फायदा आकांक्षा दीक्षित के मुताबिक जिन लोगों को पीलिया की समस्या हो जाती है, उनके लिए गन्ने का जूस किसी अमृत से कम नहीं होता है, क्योंकि गन्ने के जूस में एंटीऑक्सीडेंट होता है ,जो लीवर को संक्रमित होने से बचाते हैं. आगे की जानकारी देते हुए बताती है कि गन्ने का जूस उन लोगों को भूलकर भी नहीं पीना चाहिए. जिनका ब्लड शुगर लेवल बढ़ा हुआ हो क्योंकि यह उनके लिए नुकसानदायक होता है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Rae Bareli,Uttar Pradesh First Published : March 12, 2026, 21:14 IST

मोनालिसा ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान से शादी की:परिवार के विरोध के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा, महाकुंभ मेले में हुईं थीं वायरल

मोनालिसा ने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान से शादी की:परिवार के विरोध के बाद पुलिस से मांगी सुरक्षा, महाकुंभ मेले में हुईं थीं वायरल

महाकुंभ में अपनी खूबसूरत आंखों और मासूम मुस्कान के कारण सोशल मीडिया पर वायरल हुईं मोनालिसा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार वजह उनकी पर्सनल लाइफ है। खबरों के मुताबिक मोनालिसा ने अपने मुस्लिम बॉयफ्रेंड फरमान खान के साथ शादी कर ली है। हालांकि इस रिश्ते को लेकर उनके परिवार ने विरोध जताया है, जिसके चलते दोनों को पुलिस से सुरक्षा मांगनी पड़ी। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार मोनालिसा और फरमान करीब डेढ़ साल से एक-दूसरे को जानते हैं। दोनों की मुलाकात सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म फेसबुक पर हुई थी और वहीं से उनकी दोस्ती धीरे-धीरे प्यार में बदल गई। जब दोनों ने शादी करने का फैसला किया तो परिवार ने इसका विरोध किया, जिसके बाद मामला और बढ़ गया। बताया जा रहा है कि परिवार के विरोध और संभावित खतरे को देखते हुए मोनालिसा अपने बॉयफ्रेंड के साथ केरल के तिरुवनंतपुरम स्थित थंपानूर पुलिस स्टेशन पहुंचीं और पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई। दोनों ने पुलिस को बताया कि वे अपनी मर्जी से साथ रहना चाहते हैं और उन्हें किसी तरह की धमकी या दबाव से बचाया जाए। सोशल मीडिया पर इस मामले से जुड़ा एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें मोनालिसा और फरमान पुलिस स्टेशन में दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला और चर्चा में आ गया है। मोनालिसा वही लड़की हैं जो महाकुंभ मेले के दौरान अपनी अलग पहचान और नीली-भूरी आंखों के कारण इंटरनेट सेंसेशन बन गई थीं। उस समय उनकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुए थे और देखते ही देखते वह देशभर में चर्चा का विषय बन गई थीं। अब उनकी शादी और परिवार के विरोध का मामला भी सोशल मीडिया पर खूब चर्चा बटोर रहा है। कई लोग इस रिश्ते का समर्थन कर रहे हैं, तो कुछ लोग इसे लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल दोनों ने पुलिस से सुरक्षा मांगी है और आगे के फैसले का इंतजार किया जा रहा है।

ट्रॉली किराए के विवाद में गर्भवती महिला से मारपीट:मुरैना ASP के निर्देश, फिर भी FIR के लिए थाने में घंटों बैठाया

ट्रॉली किराए के विवाद में गर्भवती महिला से मारपीट:मुरैना ASP के निर्देश, फिर भी FIR के लिए थाने में घंटों बैठाया

मुरैना जिले के रामपुरकलां थाना क्षेत्र के ग्राम जरौली में ट्रैक्टर ट्रॉली के किराए के विवाद को लेकर एक युवक और उसकी गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार का आरोप है कि मंगलवार को शिकायत के बावजूद थाना पुलिस ने तत्काल कार्रवाई नहीं की। इसके बाद पीड़ित दंपती एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे, जहां एडिशनल एसपी के निर्देश के बाद एफआईआर दर्ज की गई। पीड़ित सोनू कुशवाह, निवासी ग्राम जरौली ने बताया कि करीब एक वर्ष पहले उसने गांव के ही राघवेंद्र कुशवाह उर्फ बड़े कुशवाह को ट्रैक्टर की ट्रॉली किराए पर दी थी। एक साल से अधिक समय बीतने के बाद जब उसने ट्रॉली और किराया वापस मांगा तो आरोपी ने देने से इनकार कर दिया। आरोप है कि 8 मार्च की शाम करीब 7 बजे राघवेंद्र कुशवाह अपने साथियों भूपेंद्र कुशवाह, संदीप कुशवाह, रघुराज कुशवाह और आकाश कुशवाह के साथ सोनू के घर पहुंचा और गाली-गलौज करते हुए मारपीट करने लगा। इस दौरान सोनू की गर्भवती पत्नी आरती कुशवाह बीच-बचाव करने पहुंची, तो आरोप है कि भूपेंद्र कुशवाह ने उसके पेट में लात मार दी, जिससे उसे दर्द होने लगा। 112 पर कॉल के बाद भी नहीं पहुंची पुलिस पीड़ित सोनू का कहना है कि घटना के दौरान उसने डायल-112 पर कॉल कर पुलिस को सूचना दी, लेकिन मौके पर पुलिस नहीं पहुंची। इसके बाद वह अपनी पत्नी के साथ रामपुरकलां थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने तत्काल रिपोर्ट दर्ज नहीं की। एसपी जनसुनवाई में पहुंचा पीड़ित परिवार मुख्य आरोपी राघवेंद्र कुशवाह उर्फ बड़े कुशवाह का नाम पुलिस की गुंडा सूची में भी शामिल बताया जा रहा है। इसके बावजूद कार्रवाई नहीं होने से नाराज पीड़ित दंपती एसपी की जनसुनवाई में पहुंचे और एडिशनल एसपी से शिकायत की। एडिशनल एसपी सुरेंद्र प्रताप ने रामपुरकलां थाना प्रभारी एएसआई ए.के. वर्मा को फोन पर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए। इसके बाद भी दंपती को थाने में काफी देर तक इंतजार करना पड़ा। इस दौरान गर्भवती महिला को पेट में दर्द होने लगा और वह थाने में ही लेट गई। करीब तीन घंटे से अधिक इंतजार के बाद पुलिस ने मामला दर्ज किया। आरोपी को किया राउंडअप सबलगढ़ एसडीओपी और प्रशिक्षु आईपीएस राजकृष्ण ने बताया कि गर्भवती महिला की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को राउंडअप कर लिया गया है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा आरोपी की तलाश में कार्रवाई की जा रही थी। उन्होंने कार्रवाई में देरी होने से इनकार कर दिया।

हिटेजी कंपनी में पदस्थ चालक ने की आत्महत्या:गाड़ी से टकरा गया था बाइक चालक, पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर, डर में खा लिया जहर

हिटेजी कंपनी में पदस्थ चालक ने की आत्महत्या:गाड़ी से टकरा गया था बाइक चालक, पुलिस ने दर्ज की थी एफआईआर, डर में खा लिया जहर

हिटेजी कंपनी जो कि एटीएम मशीन में केस लोड करने का काम करती है। इसी कंपनी में पदस्थ एक वाहन चालक ने सोमवार की रात को जहर खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक का नाम शिवा प्रजापित (35) है, जो बेलखाड़ू का रहने वाला था। बीते एक साल से कंपनी में ड्राइवर के पद पर पदस्थ शिवा की गाड़ी जो बलदेवबाग में खड़ी थी। 3 मार्च को रात करीब डेढ़ बजे एक बाइक सवार युवक खड़ी गाड़ी से टकरा गया, जिसके चलते मौके पर ही उसकी मौत हो गई। जानकारी लगते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और गाड़ी को जब्त कर लिया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि वाहन को शिवा प्रजापति चलाया करता था, जिसने बलदेवबाग में सड़क किनारे गाड़ी खड़ा कर दिया था और एक्सीडेंट हुआ। पुलिस ने शिवा के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। कंपनी से नहीं मिली मदद खड़ी गाड़ी से बाइक सवार के टकराने पर पुलिस ने शिवा प्रजापति के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया था। इस बीच जब उसे जानकारी लगी तो उनसे कंपनी के अधिकारियों से फोन पर बात की, जिस पर उसे यह कहा गया कि अपना लाईसेंस लेकर आ जाओ। इस पर शिवा ने कहा कि पुलिस कार्रवाई करती है, कोर्ट जाना पड़ेगा, तो उसका खर्चा कौन देगा। कंपनी पैसा देगी तो वह कुछ काम का नहीं। इस पर कंपनी की और से कहा गया कि तुम जमानतदार ढ़ूढ कर रखो। शिवा ने कहा कि जो भी व्यक्ति जमानत लेगा तो पैसे मांगेगा। हमारे पास जमीन नहीं है। कंपनी तुम्हारी जमानत करवा रही है, पर पैसे तुम्हें देने होंगे। शिवा को जब लगने लगा कि कंपनी से मदद नहीं मिल रही है, तो उसने कहा कि आप कंपनी की लिस्ट से मेरा नाम काट दो, अब हम गाड़ी नहीं चलाएंगे। कल से नहीं आएंगे। इस पर कंपनी की और से उससे फोन पर कहा गया कि अगर नाम कट गया तो 6 माह तक जेल में ही पड़े रहोगे, इतना सुनने के बाद शिवा ने कहा कि कोई परेशानी नहीं हम देख लेगें। इतना कहने के बाद शिवा ने फोन बंद कर लिया और घर पर जहर खाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने किया प्रदर्शन मंगलवार को मेडिकल कालेज में शिवा का पीएम करवाया गया। इसके बाद परिवार वाले शव लेकर हिटेजी कंपनी के आफिस पहुंचे और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि पीड़ित के परिवार वालों की कंपनी मदद करे, क्योंकि टेंशन के कारण ही उसने आत्महत्या की है। शिवा के दोस्त रोहित शर्मा का कहना था कि सुपरवाइजर संतोष नाम के शख्स से वो परेशान था, उसे धमकाया जा रहा था। ताला लगाकर अधिकारी हुए गायब शिवा के छोटे भाई अरुण का कहना था कि 3 मार्च को बलदेवबाग आफिस के सामने गाड़ी खड़ी करके गांव आ गए थे, जिससे कोई अंजान बाइक सवार टकरा गया और उसकी मौत हो गई। इस घटना के बाद शिवा ने फौरन कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से बात की तो सुपरवाइजर संतोष ने बात की। अरुण का कहना था कि सुपरवाइजर ने कहा कि 6 साल की सजा होगी, आपकी जमानत नहीं होगी। जिस पर शिवा ने कहा कि जमीन नहीं है, और बिना इसके कौन जमानत लेगा। इतना सब होने के बाद शिवा ड़र गया और आत्महत्या कर ली। मंगलवार को परिजन जब शव लेकर कंपनी पहुंचे तो वहां पर ताला लगा हुआ था। आरोप है कि प्रताड़ना के कारण ही उन्होंने आत्महत्या की है। शिवा अपने पीछे पत्नी और दो बच्चे 7 और 4 साल के है। छोटा भाई है जो कि मानसिक रूप से स्वास्थ्य नहीं है। घर चलाने वाला एक मात्र शिवा ही था, जिसने कि आत्महत्या कर ली। हम मदद कर रहे हैं आत्महत्या करने से पहले शिवा ने सुपरवाइजर संतोष से बात किया था, जिस पर उसे आश्वासन देते हुए मदद करने की बात कही, पर जब मृतक को पता चला कि उसे मदद नहीं मिल रही है, उल्टा एफआईआर हो गई है, और अब जेल जाना होगा, जिस पर से वह डर गया। इधर हंगामे की जानकारी लगते ही तिलवारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और विवाद को शांत करवाया। पुलिस का कहना था कि घटना कोतवाली थाने की है, शिवा ने आत्महत्या अपने गांव बेलखाड़ू में लगाया है, इसलिए आगे की जांच वहीं पर होगी।

आजमगढ़ में आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा, 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सक के साथ मिलेगी बेहतर सुविधा

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Last Updated:February 23, 2026, 22:30 IST आजमगढ़ जिले में मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से आयुर्वेदिक उपचार की नई सुविधा मिलेगी. अब सीएचसी और पीएचसी केंद्रों पर एलोपैथी के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज भी उपलब्ध होगा. पहले चरण में 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां मरीज आयुर्वेदिक दवाइयों जैसे काढ़ा, तेल और जड़ी बूटियों से इलाज करवा सकेंगे. ख़बरें फटाफट आजमगढ़. जिले में अब मरीजों को स्वास्थ्य विभाग की तरफ से एक नई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, मंडलीय अस्पताल के साथ-साथ सीएचसी व पीएचसी सेंटरों पर भी अब एलोपैथ दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक पद्धति से इलाज की व्यवस्था भी उपलब्ध होगी. मरीज को आयुर्वेदिक उपचार के लिए शहर मुख्यालय की भाग दौड़ नहीं करनी होगी. उन्हें अब अंग्रेजी दावों के साथ-साथ आयुर्वेदिक इलाज के लिए अपने नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर इलाज उपलब्ध होगा और साथ ही दवाइयां भी उपलब्ध कराई जाएगी. पहले चरण में 25 अस्पतालों पर शुरू होगी यह व्यवस्थाग्रामीण क्षेत्र के मरीजों को सस्ता सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने के लिए पहले चरण में जिले 25 स्वास्थ्य केंद्रों पर आयुष चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी. स्वास्थ्य विभाग के द्वारा चिकित्सकों के बैठने के लिए अलग से ओपीडी कक्ष की व्यवस्था होगी, जिसमें अस्पताल में आने वाले मरीजों को एलोपैथ के अलावा आयुर्वेदिक उपचार का विकल्प भी उपलब्ध होगा. समस्याओं को बताते हुए आयुर्वेदिक चिकित्सकीय सलाह प्राप्त करते हुए दवाइयां भी प्राप्त कर सकेंगे. जड़ी बूटियां से संभव होगा इलाजइसके लिए स्वास्थ्य विभाग के द्वारा पहले चरण में चयनित सीएचसी और पीएचसी में आयुर्वेदिक चिकित्सकों की तैनाती की जाएगी, जहां पर आयुर्वेदिक दवाइयां काढ़ा,तेल और आवश्यक जड़ी बूटियां भी उपलब्ध होगी. इस व्यवस्था के शुरू हो जाने से खास तौर पर उन लोगों को राहत मिलेगी जो महंगे निजी अस्पतालों तक नहीं पहुंच पाते. डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, पेट की बीमारियां एवं त्वचा से संबंधित तमाम समस्याओं से जूझ रहे लोगों को अब प्राकृतिक तरीके से उपचार मिल सकेगा. जिन स्वास्थ्य केंद्रों पर यह सुविधा प्रथम चरण में उपलब्ध होगी उनमें मार्टिनगंज ब्लॉक का प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, फूलपुर ब्लॉक के अंबारी पीएससी, बिलरियागंज ब्लॉक के परशुरामपुर, बनकट और जमीन फरेंदा पीएचसी, अजमतगढ़ ब्लॉक के अवुमारी नारायणपुर, बिलरियागंज, तरवां, महानगर ब्लॉक के खरिहानी पीएससी आदि पर आयुष डॉक्टर तैनात किए जाएंगे. About the Author Monali Paul Hello I am Monali, born and brought up in Jaipur. Working in media industry from last 9 years as an News presenter cum news editor. Came so far worked with media houses like First India News, Etv Bharat and NEW…और पढ़ें Location : Azamgarh,Uttar Pradesh First Published : February 23, 2026, 22:30 IST