Thursday, 30 Jul 2026 | 01:26 PM

Trending :

EXCLUSIVE

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

Hindi News International UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten | Sexual Violence न्यूयॉर्क4 मिनट पहले कॉपी लिंक संयुक्त राष्ट्र (UN) में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। बैठक में इजराइल के राजदूत ने UN की अधिकारी पैटन के इस्तीफे की मांग कर दी। डैनन ने आरोप लगाया कि पैटन की रिपोर्ट की वजह से इजराइल का नाम पहली बार यौन हिंसा से जुड़े आरोपों के मामले में संयुक्त राष्ट्र की ब्लैकलिस्ट में आया। उनका कहना था कि रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी और इसमें इजराइल के खिलाफ पक्षपात दिखाया गया। डैनन ने पैटन पर आरोप लगाते हुए कहा, “आप संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इजराइल-विरोधी रवैये के दबाव में आ गईं।” उनका दावा था कि गुटेरेस लगातार इजराइल की आलोचना करते रहे हैं और पैटन की रिपोर्ट भी उसी सोच से प्रभावित थी। बहस में कूदीं UN अधिकारी विवाद बढ़ने के बाद UN की अधिकारी वेनेसा फ्रेजर ने हस्तक्षेप किया। फ्रेजर ने डैनन से कहा कि वह व्यक्तिगत हमले करने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट सबूतों पर आधारित है। इस पर डैनन और नाराज हो गए। उन्होंने फ्रेजियर से कहा कि वे चुप रहें। डैनन ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश हैं और आप संयुक्त राष्ट्र की कर्मचारी हैं। अब आप चुप रहेंगी। आप और आपकी यह शर्मनाक रिपोर्ट दोनों ही चुप रहेंगी… इजराइल और हमास भी लिस्ट में शामिल दरअसल, संयुक्त राष्ट्र हर साल उन देशों, सेनाओं और सशस्त्र समूहों की सूची जारी करता है जिन पर संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के गंभीर आरोप होते हैं। इस बार पहली बार इजराइल को इस लिस्ट में शामिल किया गया। इसके साथ ही हमास और दूसरे फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों को भी लिस्ट में रखा गया। 29 मई को जारी इस रिपोर्ट में के मुताबिक- गाजा युद्ध के दौरान इजराइली हिरासत केंद्रों से जुड़े यौन हिंसा और यौन दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगे। दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, जबरन निर्वस्त्र करने जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया है। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगाए गए हैं। फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजराइली सुरक्षा बलों द्वारा यौन हिंसा के 31 मामलों की पुष्टि हुई। पीड़ितों में 14 पुरुष, 7 महिलाएं, 9 लड़के और 1 लड़की शामिल थे। वेनेसा फ्रेजर बोली- रिपोर्ट सत्यापित सबूतों पर आधारित है फ्रेजर बच्चों और सशस्त्र संघर्ष मामलों की प्रतिनिधि हैं। वह बच्चों और सशस्त्र संघर्ष से जुड़े मामलों पर काम करती हैं। उन्होंने इस हफ्ते एक अलग रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में फिलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ कथित उल्लंघनों का जिक्र है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि कुछ इजराइली सेटलर समूहों को भी ब्लैकलिस्ट में जोड़ा जा सकता है। इजराइल पहले से ही इस रिपोर्ट की लिस्ट ऑफ शेम में शामिल है। पिछले महीने प्रमिला पैटन की रिपोर्ट जारी होने पर इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने इसे एक नया निचला स्तर बताया था। वहीं, इजराइल के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ सभी संबंध समाप्त कर देगा। गुटेरेस का 10 साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग में दुनिया से 115 करोड़ बैरल तेल गायब:ऑयल रिजर्व 36 साल में सबसे कम; ट्रम्प बोले- 4 हफ्ते में भंडार खत्म हो जाते ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इस हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल गया है। हालांकि, दुनिया अभी भी तेल संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। एनालिटिक्स फर्म केपलर की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के करीब चार महीनों में वैश्विक बाजार से 115 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई गायब हो चुकी है। इसका असर आने वाले महीनों तक बना रह सकता है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten

Hindi News International UN New York Meeting Video; Israeli Envoy Vs Vanessa Frazier Pramila Patten | Sexual Violence न्यूयॉर्क21 मिनट पहले कॉपी लिंक संयुक्त राष्ट्र (UN) में शुक्रवार को एक बैठक के दौरान इजराइल के राजदूत डैनी डैनन और UN महासचिव की विशेष प्रतिनिधि प्रमिला पैटन के बीच तीखी बहस हो गई। यह बैठक जंग के दौरान होने वाली यौन हिंसा को खत्म करने के अंतरराष्ट्रीय दिवस के मौके पर न्यूयॉर्क में आयोजित की गई थी। बैठक में इजराइल के राजदूत ने UN की अधिकारी पैटन के इस्तीफे की मांग कर दी। डैनन ने आरोप लगाया कि पैटन की रिपोर्ट की वजह से इजराइल का नाम पहली बार यौन हिंसा से जुड़े आरोपों के मामले में संयुक्त राष्ट्र की ब्लैकलिस्ट में आया। उनका कहना था कि रिपोर्ट निष्पक्ष नहीं थी और इसमें इजराइल के खिलाफ पक्षपात दिखाया गया। डैनन ने पैटन पर आरोप लगाते हुए कहा, “आप संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के इजराइल-विरोधी रवैये के दबाव में आ गईं।” उनका दावा था कि गुटेरेस लगातार इजराइल की आलोचना करते रहे हैं और पैटन की रिपोर्ट भी उसी सोच से प्रभावित थी। बहस में कूदीं UN अधिकारी विवाद बढ़ने के बाद UN की अधिकारी वेनेसा फ्रेजर ने हस्तक्षेप किया। फ्रेजर ने डैनन से कहा कि वह व्यक्तिगत हमले करने से बचें। उन्होंने यह भी कहा कि रिपोर्ट सबूतों पर आधारित है। इस पर डैनन और नाराज हो गए। उन्होंने फ्रेजियर से कहा कि वे चुप रहें। डैनन ने कहा, हम संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देश हैं और आप संयुक्त राष्ट्र की कर्मचारी हैं। अब आप चुप रहेंगी। आप और आपकी यह शर्मनाक रिपोर्ट दोनों ही चुप रहेंगी… इजराइल और हमास भी लिस्ट में शामिल दरअसल, संयुक्त राष्ट्र हर साल उन देशों, सेनाओं और सशस्त्र समूहों की सूची जारी करता है जिन पर संघर्ष के दौरान यौन हिंसा के गंभीर आरोप होते हैं। इस बार पहली बार इजराइल को इस लिस्ट में शामिल किया गया। इसके साथ ही हमास और दूसरे फिलिस्तीनी सशस्त्र समूहों को भी लिस्ट में रखा गया। 29 मई को जारी इस रिपोर्ट में के मुताबिक- गाजा युद्ध के दौरान इजराइली हिरासत केंद्रों से जुड़े यौन हिंसा और यौन दुर्व्यवहार के आरोप सामने आए हैं। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगे। दुष्कर्म, सामूहिक दुष्कर्म, जबरन निर्वस्त्र करने जैसी घटनाओं का जिक्र किया गया है। आरोप इजराइली सेना, पुलिस और जेल सेवा के कुछ अधिकारियों पर लगाए गए हैं। फिलिस्तीनियों के खिलाफ इजराइली सुरक्षा बलों द्वारा यौन हिंसा के 31 मामलों की पुष्टि हुई। पीड़ितों में 14 पुरुष, 7 महिलाएं, 9 लड़के और 1 लड़की शामिल थे। वेनेसा फ्रेजर बोली- रिपोर्ट सत्यापित सबूतों पर आधारित है फ्रेजर बच्चों और सशस्त्र संघर्ष मामलों की प्रतिनिधि हैं। वह बच्चों और सशस्त्र संघर्ष से जुड़े मामलों पर काम करती हैं। उन्होंने इस हफ्ते एक अलग रिपोर्ट जारी की। इस रिपोर्ट में फिलिस्तीनी बच्चों के खिलाफ कथित उल्लंघनों का जिक्र है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई कि कुछ इजराइली सेटलर समूहों को भी ब्लैकलिस्ट में जोड़ा जा सकता है। इजराइल पहले से ही इस रिपोर्ट की लिस्ट ऑफ शेम में शामिल है। पिछले महीने प्रमिला पैटन की रिपोर्ट जारी होने पर इजराइल के राजदूत डैनी डैनन ने इसे एक नया निचला स्तर बताया था। वहीं, इजराइल के विदेश मंत्रालय ने घोषणा की थी कि वह संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस के साथ सभी संबंध समाप्त कर देगा। गुटेरेस का 10 साल का कार्यकाल इस साल के अंत में खत्म हो रहा है। —————————— ये खबर भी पढ़ें… ईरान जंग में दुनिया से 115 करोड़ बैरल तेल गायब:ऑयल रिजर्व 36 साल में सबसे कम; ट्रम्प बोले- 4 हफ्ते में भंडार खत्म हो जाते ईरान-अमेरिका समझौते के बाद इस हफ्ते होर्मुज स्ट्रेट फिर से खुल गया है। हालांकि, दुनिया अभी भी तेल संकट से पूरी तरह बाहर नहीं निकली है। एनालिटिक्स फर्म केपलर की रिपोर्ट के मुताबिक युद्ध के करीब चार महीनों में वैश्विक बाजार से 115 करोड़ बैरल तेल की सप्लाई गायब हो चुकी है। इसका असर आने वाले महीनों तक बना रह सकता है। पूरी खबर पढ़ें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

डायरेक्टर राघवेंद्र ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। वहीं कुछ यूजर्स ने राघवेंद्र राव का बचाव भी किया। उनका कहना था कि वे केवल उद्घाटन शॉट डायरेक्ट कर रहे थे और सीनियर होने के नाते कलाकारों को उनकी सही जगह समझा रहे थे, इसमें कुछ गलत इरादा नहीं था। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं।

डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

डायरेक्टर ने एक्ट्रेस कीर्ति और कृति का हाथ खींचा:सोशल मीडिया पर ट्रोल हुए राघवेंद्र राव; एक्ट्रेस की कमर पर हाथ रख विवाद में आए थे

तेलुगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर के. राघवेंद्र राव एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर खींचने के लिए ट्रोल हो रहे हैं। दरअसल हैदराबाद में डायरेक्टर अनिल रविपुडी की नई फिल्म के लॉन्च के दौरान 84 वर्षीय राघवेंद्र राव उद्घाटन शॉट को डायरेक्ट कर रहे थे। इस दौरान वे एक्ट्रेस कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी ओर खींचते हुए नजर आए। सोशल मीडिया पर यह वीडियो आने के बाद यूजर्स ने नाराजगी जताई है और डायरेक्टर के इस व्यवहार की तीखी आलोचना की है। मुहूर्त शॉट की पोजीशन तय करने का वाकया यह घटना गुरुवार को आयोजित फिल्म लॉन्च इवेंट की है। इस फिल्म में वेंकटेश दग्गुबाती, नंदमुरी कल्याणराम, कीर्ति सुरेश और कृति शेट्टी मुख्य भूमिकाओं में हैं। पारंपरिक मुहूर्त समारोह के तहत उद्घाटन शॉट का निर्देशन करने के लिए मशहूर डायरेक्टर राघवेंद्र राव को बुलाया गया था। इवेंट में प्रोड्यूसर अल्लू अरविंद ने फिल्म का पहला क्लैप दिया, जबकि दिल राजू और सुरेश बाबू समेत कई बड़े निर्माता भी वहां मौजूद थे। शॉट शुरू होने से पहले राघवेंद्र राव कलाकारों को स्टेज पर सेट कर रहे थे। हाथ खींचने और पोज देने का तरीका सिखाया वायरल हो रही वीडियो क्लिप में देखा जा सकता है कि राघवेंद्र राव शॉट के लिए कलाकारों की पोजीशन तय कर रहे हैं। वे पहले कीर्ति सुरेश का हाथ पकड़कर उन्हें अपनी तरफ खींचते हैं, फिर अपना इरादा बदलकर कृति शेट्टी को गाइड करने लगते हैं। इसके बाद वे मुख्य अभिनेता वेंकटेश और कल्याणराम के पास जाते हैं। वे दोनों अभिनेताओं को यह निर्देश देते हुए नजर आते हैं कि सीन को सही दिखाने के लिए उन्हें एक्ट्रेसेस की कमर और कंधों पर हाथ किस तरह रखना है। सोशल मीडिया पर यूजर्स ने जताई नाराजगी इस वीडियो के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर आने के बाद फिल्ममेकर की आलोचना शुरू हो गई। कई यूजर्स ने आरोप लगाया कि वे बिना वजह एक्ट्रेसेस को छू रहे हैं। एक यूजर ने कमेंट करते हुए लिखा कि वे बिना छुए भी पोजीशन बता सकते थे। महिलाओं की मर्जी के बिना उन्हें इस तरह खींचना सही नहीं है। पुराना विवाद फिर चर्चा में आया इस घटना के बाद इसी साल जनवरी में हुआ एक पुराना विवाद भी फिर से चर्चा में आ गया है। यूजर्स ने उनके एक पुराने वीडियो का जिक्र किया जिसमें एक्ट्रेस निहारिका कोनिडेला के साथ उनके व्यवहार पर सवाल उठे थे। एक यूजर ने लिखा कि निहारिका वाले वीडियो पर हुई आलोचना के बाद उम्मीद थी कि व्यवहार में बदलाव आएगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के बहुत बड़े नाम हैं और उन्होंने अपने करियर में कई बड़ी फिल्में दी हैं, लेकिन इस तरह के वाकयों से वे विवादों में आ जाते हैं। तेलेगु सिनेमा के सीनियर डायरेक्टर हैं राघवेंद्र के. राघवेंद्र राव तेलुगु सिनेमा के एक सीनियर फिल्म डायरेक्टर, स्क्रीनराइटर और प्रोड्यूसर हैं, जिन्होंने पांच दशकों से अधिक लंबे करियर में 100 से भी ज्यादा फिल्मों का निर्देशन किया है। उन्होंने एनटी रामा राव, चिरंजीवी और श्रीदेवी जैसे भारतीय सिनेमा के महान कलाकारों के साथ कई यादगार फिल्में दी हैं। इसके अलावा, उन्हें महेश बाबू, वेंकटेश और अल्लू अर्जुन जैसे आज के दौर के बड़े सुपरस्टार्स को फिल्म इंडस्ट्री में लॉन्च करने का श्रेय भी जाता है। उनकी मुख्य फिल्मों में ‘अग्नि पुत्रुडु’ (1987) और ‘आखिरी पोराट्टम’ (1988) शामिल हैं, जिन्हें इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल ऑफ इंडिया (IFFI) के मुख्यधारा सेक्शन में प्रदर्शित किया जा चुका है।

Trump G7 Zelensky Snub | White House Clash VIDEO

Trump G7 Zelensky Snub | White House Clash VIDEO

नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। फ्रांस के शहर एवियां-ले-बैं में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और आपूर्ति श्रृंखलाओं से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए। G-7 समिट के टॉप मोमेंट्स दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Trump G7 Zelensky Snub | White House Clash VIDEO

Trump G7 Zelensky Snub | White House Clash VIDEO

नई दिल्ली32 मिनट पहले कॉपी लिंक यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने जब हैलो कहा तो डोनाल्ड ट्रम्प ने उन्हें इग्नोर किया। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कनाडा में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान यूक्रेन के राष्ट्रपति वोल्दोमीर जेलेंस्की को नजरअंदाज कर दिया। वायरल वीडियो में ट्रम्प अन्य नेताओं से मुलाकात और हाथ मिलाते नजर आते हैं, लेकिन जेलेंस्की से न तो उन्होंने हाथ मिलाया और न ही कोई खास बातचीत की। यह घटना ऐसे समय हुई है, जब दोनों नेताओं के बीच व्हाइट हाउस में हुई तीखी बहस और तकरार को लेकर पहले भी चर्चा हो चुकी है। दरअसल, ट्रम्प और जेलेंस्की के संबंध पहले भी तनावपूर्ण रहे हैं। इसी साल व्हाइट हाउस में हुई एक बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी, जिसकी काफी चर्चा हुई थी। फ्रांस के शहर एवियन में G-7 शिखर सम्मेलन 2026 आयोजित हो रहा है। 15 से 17 जून तक होने वाली इस समिट में दुनिया के 7 देशों के नेता वैश्विक अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा, यूक्रेन युद्ध, पश्चिम एशिया की स्थिति, व्यापार, जलवायु परिवर्तन और सप्लाई चैन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं। यूक्रेनी प्रेसिडेंट जेलेंस्की ने मुस्कुराते हुए हैलो कहा, लेकिन ट्रम्प उनकी तरफ देखे बिना ही आगे बढ़ गए। 1 मार्च 2025 को ट्रम्प और जेलेंस्की के बीच व्हाइट हाउस में हुई बातचीत बहस में बदल गई। इसके बाद दोनों के बीच मिनरल डील भी नहीं हुई। G-7 समिट के टॉप 8 मोमेंट्स… G-7 समिट में 12 देशों अमेरिका, फ्रांस, दक्षिण कोरिया, कनाडा, इटली, जापान, जर्मनी, मिस्र, भारत, ब्राजील, केन्या, ब्रिटेन के नेताओं के साथ यूरोपियन कमीशन की प्रेसिडेंट और यूरोपियन काउंसिल के प्रेसिडेंट शामिल हुए। G7 समिट दुनिया के 7 बड़े विकसित देशों का वार्षिक सम्मेलन है। इसकी मेजबानी हर साल G7 का अध्यक्ष देश करता है। G7 में वैश्विक आर्थिक, राजनीतिक और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर चर्चा होती है। इस बार के प्रमुख एजेंडे यूक्रेन युद्ध, ईरान-इजराइल तनाव हैं। मोदी की मैक्रों, मेलोनी और ट्रम्प से मुलाकात पीएम मोदी ने फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों से मुलाकात की। मोदी 7वीं बार G7 समिट में शामिल हुए हैं। पीएम मोदी और ट्रम्प के बीच 16 महीने बाद मुलाकात हुई। इससे पहले दोनों फरवरी 2025 में वॉशिंगटन में मिले थे। मोदी और इटली की पीएम मेलोनी ने हाथ मिलाकर एक दूसरे का वेलकम किया। पिछले महीने 20 मई को मोदी के इटली दौरे के दौरान दोनों रोम में मिले थे। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज ने ट्रम्प को जर्मन राष्ट्रीय फुटबॉल टीम की जर्सी भेंट की। इस जर्सी के पीछे ट्रम्प और नंबर 47 लिखा हुआ था, जो उनके अमेरिका के 47वें राष्ट्रपति होने का प्रतीक है। समिट के वर्किंग सेशन के दौरान कुछ पढ़ते हुए ट्रम्प। ———————————- ये खबर भी पढ़ें… पीएम मोदी 16 महीने बाद ट्रम्प से मिले, फ्रांस में G7 समिट में साथ बैठे, 5 मिनट बात की पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के बीच फ्रांस के एवियन शहर में G-7 समिट के दौरान मुलाकात हुई। दोनों के बीच करीब 5 मिनट तक बात चली। मीटिंग में दोनों एक-साथ बैठे नजर आए। यह मुलाकात 16 महीनों के बाद हुई है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Brazil Bungee Jump Death | Youth Held; Accident VIDEO

ब्राजील- बंजी जम्पिंग के दौरान रस्सी बांधे बिना फेंका, VIDEO:21 साल की युवती की मौत; पुलिस ने 6 लोगों को हिरासत में लिया

ब्राजिलिया8 मिनट पहले कॉपी लिंक कर्मचारियों ने मारिया एडुआर्डा को सेफ्टी रोप बांधे बिना ब्रिज से नीचे फेंक दिया। ब्राजील के साओ पाउलो राज्य में बंजी जंपिंग के दौरान एक हादसे में 21 साल की युवती की मौत हो गई। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कर्मचारियों ने युवती को सेफ्टी रोप लगाए बिना ही पुल से छलांग लगवा दी, जिससे वह 130 फीट से ज्यादा गहराई में जा गिरी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक युवती की पहचान मारिया एडुआर्डा रोड्रिग्स डी फ्रेटास के रूप में हुई है। वह एक निजी कंपनी की ओर से आयोजित बंजी जंपिंग एक्टिविटी में हिस्सा लेने पहुंची थी। यह हादसा स्केलेटन ब्रिज पर हुआ। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कर्मचारी युवती को पुल के किनारे लेकर जाते हैं और उसे नीचे छोड़ देते हैं। जैसे ही वह गिरने लगती है, वहां मौजूद लोगों को एहसास होता है कि उसकी सेफ्टी रोप नहीं बंधी है। वीडियो में कई लोग जोर से चिल्लाते सुनाई देते हैं, “रोप… रोप…”, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी और युवती गहरी खाई में गिर चुकी थी। पुलिस ने घटना के बाद मौके से छह लोगों को हिरासत में लिया है। कर्मचारी जंपिंग के लिए लड़की को उठाकर ले जाते हुए। कर्मचारियों ने मारिया को सेफ्टी रोप बांधे बिना ब्रिज से नीचे फेंक दिया। मारिया ने हादसे से पहले अपनी तस्वीरें शेयर की थी हादसे से कुछ समय पहले मारिया ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जंपिंग स्थल की तस्वीरें शेयर की थीं। एक तस्वीर में पुल और उसकी जंपिंग रिस्टबैंड दिखाई दे रही थी। तस्वीर के साथ उसने लिखा था, “आखिर किस पागल इंसान ने मुझे पुल से छलांग लगाने आने दिया?” रिपोर्ट के मुताबिक, हादसे के समय मारिया का मंगेतर भी वहां मौजूद था। युवती की मौत की जानकारी मिलने के बाद उसकी तबीयत बिगड़ गई और उसका ट्रीटमेंट किया गया। मारिया ने हादसे से पहले अपनी कुछ तस्वीरें सोशल मीडिया पर शेयर की थी। एक तस्वीर में मारिया ने लिखा था कि किस पागल ने मुझे यहां आने दिया। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल इस हादसे के बाद एडवेंचर टूरिज्म स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। लिमेरा के मेयर मुरिलो फ्लिक्स ने कहा कि सिटी एडमिनिस्ट्रेशन इस मामले की शिकायत ब्राजील की सरकार से करेगा और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग करेगा। उन्होंने कहा कि लंबे समय से जोखिम वाले इस क्षेत्र में पर्याप्त सुरक्षा इंतजाम नहीं किए गए हैं और अब जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। पुलिस जांच कर रही है कि सेफ्टी प्रोसेस में कहां चूक हुई, कर्मचारियों की क्या जिम्मेदारी थी और क्या बंजी जंपिंग से पहले तय सभी सुरक्षा नियमों का पालन किया गया था। क्या होती है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग एक एडवेंचर स्पोर्ट है, जिसमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। जंप से पहले व्यक्ति के पैरों या पूरे शरीर पर हार्नेस लगाया जाता है और उसे बंजी रोप से जोड़ा जाता है। छलांग लगाने के बाद व्यक्ति कुछ सेकंड तक तेजी से नीचे गिरता है। जैसे ही रोप पूरी तरह खिंचती है, वह व्यक्ति को वापस ऊपर की ओर खींचती है। यही ऊपर-नीचे उछलने का अनुभव बंजी जंपिंग को रोमांचक बनाता है। बंजी जंपिंग कराने वाली कंपनियां आमतौर पर सुरक्षा के लिए कई चरणों का पालन करती हैं। सबसे पहले जंप करने वाले व्यक्ति का वजन मापा जाता है और उसी के हिसाब से रोप का चुनाव किया जाता है। इसके बाद हार्नेस, सेफ्टी बेल्ट, एंकरिंग सिस्टम और बैकअप कनेक्शन की कई बार जांच की जाती है। प्रशिक्षक की अनुमति मिलने के बाद ही जंप कराया जाता है। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बंजी जंपिंग एक हाई एडवेंचर स्पोर्ट जरूर है, लेकिन अगर बंजी जंपिंग अनुभवी लोगों की देखरेख में और सभी सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए कराई जाए, तो इसे काफी हद तक सुरक्षित माना जाता है। दुनिया में कहां सबसे ज्यादा लोकप्रिय है बंजी जंपिंग? बंजी जंपिंग का सबसे बड़ा केंद्र न्यूजीलैंड को माना जाता है। यहां का कावराउ ब्रिज आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है और हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। इसके अलावा चीन का मकाऊ टावर, जिम्बाब्वे और जाम्बिया की सीमा पर स्थित विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज और स्विट्जरलैंड का वेरजास्का डैम भी दुनिया की सबसे मशहूर बंजी जंपिंग साइटों में शामिल हैं। दुनिया में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. कावराउ ब्रिज, न्यूजीलैंड- इसे आधुनिक कमर्शियल बंजी जंपिंग की शुरुआत करने वाली जगह माना जाता है। हर साल हजारों पर्यटक यहां पहुंचते हैं। 2. मकाऊ टावर, चीन- करीब 233 मीटर ऊंचाई से होने वाली यह दुनिया की सबसे प्रसिद्ध कमर्शियल बंजी जंपिंग साइटों में से एक है। 3. विक्टोरिया फॉल्स ब्रिज (जिम्बाब्वे – जाम्बिया बॉर्डर)- झरने के शानदार दृश्य के साथ यहां बंजी जंपिंग का अलग अनुभव मिलता है। 4. वेरजास्का डैम, स्विट्जरलैंड- यह वही जगह है जहां जेम्स बॉन्ड फिल्म गोल्डनआई का मशहूर जंप सीन फिल्माया गया था। बंजी जंपिंग एमें व्यक्ति को किसी ऊंचे पुल, टावर, क्रेन या चट्टान से एक खास तरह की मजबूत और लचीली इलास्टिक रोप के सहारे छलांग लगानी होती है। भारत में बंजी जंपिंग के लिए मशहूर जगहें 1. ऋषिकेश (उत्तराखंड)- भारत की सबसे लोकप्रिय बंजी जंपिंग डेस्टिनेशन मानी जाती है। यहां 80 मीटर से ज्यादा ऊंचाई वाले जंप मौजूद हैं। 2. लोनावला (महाराष्ट्र)- मुंबई और पुणे के लोगों के बीच यह काफी लोकप्रिय एडवेंचर स्पॉट है। 3. गोवा- बीच टूरिज्म के साथ एडवेंचर एक्टिविटीज के लिए भी जाना जाता है। 4. बेंगलुरु (कर्नाटक)- शहर के आसपास कई एडवेंचर पार्क बंजी जंपिंग की फैसिलिटी है। ——————— दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Praneet More Apologizes for 370 Biryani Video; Seeks Chance

Praneet More Apologizes for 370 Biryani Video; Seeks Chance

10 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमेडियन प्रणित मोरे ने अपने शो के 370 की बिरयानी वाली वीडियो को लेकर माफी मांगी है। उन्होंने शनिवार को वीडियो जारी कर कहा कि वह लंबे समय से इस मुद्दे पर बात करना चाहते थे, लेकिन उनका इंस्टाग्राम अकाउंट सस्पेंड हो गया था। प्रणित ने कहा कि वीडियो के बाद उन्हें काफी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है और वह मानते हैं कि इस आलोचना के हकदार हैं। उनके मुताबिक, शो के दौरान एक व्यक्ति (हिमांशु जांगड़ा) ने कई आपत्तिजनक बातें कही थीं। उस समय लोग हंस रहे थे, जिससे वह भी माहौल में बह गए और सही फैसला नहीं ले पाए। उन्होंने माना कि अगर चाहते तो उसी वक्त उस व्यक्ति को रोक सकते थे या उसका विरोध कर सकते थे। लेकिन ऐसा न करके उन्होंने उसे एक मंच दिया, जिससे मामला और बढ़ गया। प्रणित ने कहा कि इस वजह से जिन लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं, उनसे वह माफी मांगते हैं। प्रणित ने यह भी कहा कि वह मामले में चल रही लीगल प्रोसीडिंग में अधिकारियों का पूरा सहयोग कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने लोगों से उन्हें एक और मौका देने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस घटना से उन्हें सीख मिली है और वह खुद पर काम कर रहे हैं। भविष्य में उनके कंटेंट और काम में भी यह बदलाव देखने को मिलेगा। बता दें कि प्रणित मोरे के शो में दर्शक हिमांशु जांगड़ा ने आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद हिमांशु और प्रणित की आलोचना हुई। हिमांशु गुरुग्राम की जिस डिजाइन और मार्केटिंग एजेंसी में काम करते थे, उसने इस विवाद के बाद उन्हें नौकरी से निकाल दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें.. बता दें कि ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद प्रणित मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस पुराने वीडियो में सेजल पवार नाम की एक MBBS स्टूडेंट ने कहा था कि वे और उनके साथी मेडिकल स्टूडेंट कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते और उनका मजाक उड़ाते थे। विवाद बढ़ने के साथ सेजल ने माफी मांगते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी गलती दोबारा नहीं होगी। पूरी खबर यहां पढ़ें.. साइबर पुलिस ने FIR दर्ज की महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने कॉमेडियन प्रणित मोरे, हिमांशु जांगड़ा, डॉ. सेजल पवार और इसमें शामिल अन्य लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR इंडियन पीनल कोड (IPC) 2023 की अलग-अलग धाराओं और IT एक्ट 2000 की धारा 67 के तहत दर्ज की गई है। वहीं, शो के वीडियो के लेकर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा था कि देश का संविधान सबको अभिव्यक्ति की आजादी देता है, लेकिन मनोरंजन के नाम पर सामाजिक मर्यादा को लांघना सही नहीं है। पूरी खबर यहां पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Praneet More Show Video Viral Amidst Biryani Controversy

Praneet More Show Video Viral Amidst Biryani Controversy

8 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉक्टर डॉ. सेजल पवार ने कहा कि वे और उनके साथी मेडिकल छात्र कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं। वीडियो में डॉ. सेजल पवार ने कहा, “खोपड़ी काटी और फिर लास्ट में जो भी है, प्रजनन अंग…” इस पर प्रणीत मोरे ने पूछा, “तू डॉक्टर है या कसाई? और ऐसे जोक भी मारते हो या सीरियस रहते हो?” सेजल ने जवाब दिया, “मारते हैं।” इसके बाद प्रणीत मोरे ने कहा, “जोक भी मारते हैं कि इसके दिमाग में कुछ नहीं है।” बातचीत के दौरान सेजल ने आगे कहा, “जो भी हो… साइज वगैरह।” यह सुनकर प्रणीत मोरे ने हैरानी जताते हुए पूछा, “क्या? आप लोग इन सब बातों पर भी चर्चा करते हैं?” सोशल मीडिया पर बयान को लेकर नाराजगी X पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस वीडियो पर रिएक्शन उतना ज्यादा क्यों नहीं दिख रहा, जितना हिमांशु जांगड़ा के बयान पर देखने को मिला था। एक यूजर ने लिखा कि यदि किसी पुरुष डॉक्टर ने मृत महिला के शरीर को लेकर ऐसा मजाक किया होता तो उसकी कड़ी आलोचना होती। कुछ लोगों ने मेडिकल एथिक्स और बॉडी डोनेशन को लेकर भी चिंता जताई। एक पोस्ट में कहा गया कि परिवार अपने प्रियजनों की बॉडी मेडिकल एजुकेशन के लिए दान करते हैं और ऐसे मामलों का मजाक उड़ाना उस भरोसे का अपमान है। सेजल का अकाउंट प्राइवेट हुआ विवाद बढ़ने के साथ सेजल पवार का इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट हो गया है। उनके 2 लाख 44 हजार फॉलोअर्स हैं। वहीं, प्रणीत मोरे पहले से ही बिरयानी विवाद को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर विरोध के बाद उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया है। वहीं, बिरयानी वाले कमेंट करने वाले हिमांशु जांगड़ा को नौकरी से निकाल दिया गया। यह खबर भी पढ़ें… ‘बिरयानी के 370 वसूलूंगा’ कहने वाले शख्स की नौकरी गई:कंपनी ने लिया एक्शन, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने डिलीट किया इंस्टाग्राम अकाउंट 22 साल के वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को गुरुग्राम स्थित कंपनी स्टारविक डिजाइन से नौकरी से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो में महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर हुए विरोध के बाद की गई। वहीं, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Praneet More Show Video Viral Amidst Biryani Controversy

Praneet More Show Video Viral Amidst Biryani Controversy

35 मिनट पहले कॉपी लिंक ‘370 रुपए की बिरयानी’ वाले वीडियो के बाद कॉमेडियन प्रणीत मोरे के शो का एक और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में डॉक्टर डॉ. सेजल पवार ने कहा कि वे और उनके साथी मेडिकल छात्र कॉलेज (KEM हॉस्पिटल, मुंबई) में मेडिकल रिसर्च और डिसेक्शन के लिए दान किए गए पुरुषों के शवों के प्राइवेट पार्ट्स को देखते हैं और उनका मजाक उड़ाते हैं। वीडियो में डॉ. सेजल पवार ने कहा, “खोपड़ी काटी और फिर लास्ट में जो भी है, प्रजनन अंग…” इस पर प्रणीत मोरे ने पूछा, “तू डॉक्टर है या कसाई? और ऐसे जोक भी मारते हो या सीरियस रहते हो?” सेजल ने जवाब दिया, “मारते हैं।” इसके बाद प्रणीत मोरे ने कहा, “जोक भी मारते हैं कि इसके दिमाग में कुछ नहीं है।” बातचीत के दौरान सेजल ने आगे कहा, “जो भी हो… साइज वगैरह।” यह सुनकर प्रणीत मोरे ने हैरानी जताते हुए पूछा, “क्या? आप लोग इन सब बातों पर भी चर्चा करते हैं?” सोशल मीडिया पर बयान को लेकर नाराजगी X पर कई यूजर्स ने सवाल उठाया कि इस वीडियो पर रिएक्शन उतना ज्यादा क्यों नहीं दिख रहा, जितना हिमांशु जांगड़ा के बयान पर देखने को मिला था। एक यूजर ने लिखा कि यदि किसी पुरुष डॉक्टर ने मृत महिला के शरीर को लेकर ऐसा मजाक किया होता तो उसकी कड़ी आलोचना होती। कुछ लोगों ने मेडिकल एथिक्स और बॉडी डोनेशन को लेकर भी चिंता जताई। एक पोस्ट में कहा गया कि परिवार अपने प्रियजनों की बॉडी मेडिकल एजुकेशन के लिए दान करते हैं और ऐसे मामलों का मजाक उड़ाना उस भरोसे का अपमान है। सेजल का अकाउंट प्राइवेट हुआ विवाद बढ़ने के साथ सेजल पवार का इंस्टाग्राम अकाउंट प्राइवेट हो गया है। उनके 2 लाख 44 हजार फॉलोअर्स हैं। वहीं, प्रणीत मोरे पहले से ही बिरयानी विवाद को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर विरोध के बाद उन्होंने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया है। वहीं, बिरयानी वाले कमेंट करने वाले हिमांशु जांगड़ा को नौकरी से निकाल दिया गया। यह खबर भी पढ़ें… ‘बिरयानी के 370 वसूलूंगा’ कहने वाले शख्स की नौकरी गई:कंपनी ने लिया एक्शन, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने डिलीट किया इंस्टाग्राम अकाउंट 22 साल के वेब डेवलपर हिमांशु जांगड़ा को गुरुग्राम स्थित कंपनी स्टारविक डिजाइन से नौकरी से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई एक वायरल वीडियो में महिलाओं को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर हुए विरोध के बाद की गई। वहीं, विवाद के बीच प्रणित मोरे ने अपना इंस्टाग्राम अकाउंट डिलीट या डीएक्टिवेट कर दिया। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…