BC Police Station Threat Gangs 1000 Shooters Ready

गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई व कनाडा में फायरिंग करते हुए गैंगस्टर। कनाडा में चल रही जबरन वसूली और हिंसक वारदातों के पीछे सक्रिय लॉरेंस गैंग के सिंडिकेट ने ब्रिटिश कोलंबिया पुलिस को सीधे चुनौती देते हुए एक लेटर भेजा है। लेटर में गैंग की ओर से दावा किया गया है कि कनाडा में उनके 1000 से अधिक ‘फुट सोल्जर्स’ या ग्राउंड स . लेटर सामने आने के बाद कनाडा के सुरक्षा तंत्र और वहां रह रहे दक्षिण एशियाई समुदाय, खासकर भारतीय और पंजाबी मूल के व्यापारियों में दहशत का माहौल है। यह खुलासा गुरुवार को कनाडा में चल रही एक डिपोर्टेशन सुनवाई के दौरान हुआ। कनाडाई मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, जबरन वसूली मामलों के एक प्रमुख जांचकर्ता और एडमॉन्टन पुलिस सेवा के जासूस ने इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड के सामने गवाही देते हुए बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया के एबॉट्सफोर्ड पुलिस स्टेशन में पिछले साल 13 अगस्त 2025 को यह पत्र पहुंचा था। लेटर की सामग्री और स्रोतों की जांच लेटर ने कनाडा में संगठित अपराध के उस नेटवर्क को उजागर किया है, जिसे भारत की जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से जोड़ा जाता है। कनाडा पुलिस अब इस लेटर की सामग्री और इसके स्रोतों की गहन जांच कर रही है। गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई लॉरेंस के पत्र में क्या-क्या कहा गया, सिलसिलेवार जानिए… 1,000 शूटरों की फौज का दावा: कैनेडियन मीडिया के अनुसार पत्र में सबसे बड़ा और डराने वाला दावा यह किया गया है कि बिश्नोई गैंग ने कनाडा के विभिन्न प्रांतों में अपने पैर पूरी तरह पसार लिए हैं। समूह के पास कनाडा के भीतर ही 1,000 से अधिक फुट सोल्जर्स मौजूद हैं, जो गैंग के एक इशारे पर किसी भी समय, कहीं भी फायरिंग या अन्य हिंसक घटनाओं को अंजाम देने के लिए तैयार खड़े हैं। आपराधिक साम्राज्य की रूपरेखा: पत्र में बिश्नोई गैंग ने अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क और संगठन की संरचना की बकायदा रूपरेखा पेश की है। इसमें बताया गया है कि भारत से लेकर कनाडा तक उनका यह सिंडिकेट किस तरह आपस में जुड़ा हुआ है और कनाडाई धरती पर उनकी ताकत कितनी बढ़ चुकी है। हर बिजनेस को ‘टैक्स’ देना ही होगा: पत्र में कनाडा के भीतर सक्रिय व्यापारियों और समृद्ध परिवारों को सीधे तौर पर चेतावनी दी गई है। इसमें साफ शब्दों में लिखा गया है कि कनाडा में चल रहे हर एक बिजनेस को गैंग को ‘टैक्स’ (प्रोटेक्शन मनी/जबरन वसूली की रकम) चुकाना ही पड़ेगा। आर्थिक लाभ ही मुख्य मकसद: पत्र की भाषा और मांगों से स्पष्ट है कि इस गिरोह का प्राथमिक और एकमात्र उद्देश्य कनाडाई व्यापारियों को डरा-धमकाकर भारी-भरकम रकम वसूलना और वित्तीय लाभ कमाना है। ‘टैक्स’ न देने की सूरत में अंजाम भुगतने की खुली धमकी दी गई है। कनाडाई कानून व्यवस्था को सीधी चुनौती: यह पत्र किसी व्यक्ति या व्यापारी को न भेजकर सीधे ‘पुलिस स्टेशन’ के पते पर भेजा गया था। जांचकर्ताओं का मानना है कि ऐसा करके गैंग ने कनाडा की पुलिस और लॉ इंफोर्समेंट एजेंसियों को यह संदेश देने की कोशिश की है कि वे सरकारी तंत्र से बिल्कुल नहीं डरते और उनका नेटवर्क बेहद मजबूत है। फायरिंग करते हुए गैंगस्टर। कनाडा में जबरन वसूली और गैंग से जुड़ी अन्य महत्वपूर्ण जानकारियां, जानिए.. 1. ‘प्रोजेक्ट अल-एक्सटॉर्शन’ और ‘ऑपरेशन कम्युनिटी शील्ड’ की कार्रवाई पत्र मिलने के बाद कनाडा की सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई हैं। एडमॉन्टन पुलिस सेवा के जासूस कॉन्स्टेबल केविन सेंट लुइस ने बताया कि वे ‘प्रोजेक्ट अल-एक्सटॉर्शन’ के तहत काम कर रहे हैं, जो विशेष रूप से अल्बर्टा प्रांत में दक्षिण एशियाई समुदाय को निशाना बनाने वाले संगठित अपराधों की जांच कर रहा है। वहीं, एबॉट्सफोर्ड पुलिस विभाग के सार्जेंट पॉल वॉकर ने पुष्टि की है कि उनकी आंतरिक टास्क फोर्स, जिसे ‘ऑपरेशन कम्युनिटी शील्ड’ नाम दिया गया है, इस पत्र के मूल स्रोत और इसके पीछे के किरदारों की गहनता से तफ्तीश कर रही है। इस पत्र की कॉपियां पूरे कनाडा की पुलिस एजेंसियों के साथ साझा की गई हैं। 2. नए कनाडाई गुर्गों की भर्ती जांच में यह बेहद चौंकाने वाला सच सामने आया है कि भारत में बैठा लॉरेंस बिश्नोई कनाडा में कोई पेशेवर शूटर भारत से नहीं भेज रहा है, बल्कि वह कनाडा की धरती पर ही मौजूद भारतीय नागरिकों और अंतरराष्ट्रीय छात्रों का इस्तेमाल कर रहा है। इन युवाओं को गोलीबारी करने या डराने-धमकाने वाले पत्र पहुंचाने के लिए बेहद “छोटी” रकम का भुगतान किया जाता है। जासूस सेंट लुइस ने गवाही दी कि आर्थिक तंगी से जूझ रहे कनाडाई-भारतीय युवाओं को ये गैंग्स एक ‘जुड़ाव की भावना’ और एक कम्युनिटी का अहसास दिलाते हैं। परदेस में अकेले रह रहे युवाओं को अपना शिकार बनाना इन गैंग्स के लिए बेहद आसान होता है, जो बाद में उनके लिए हिंसक वारदातों को अंजाम देने लगते हैं। 3. व्हाट्सएप कॉल्स और नया मुख्य किरदार ‘जोरा सिद्धू’ कनाडा पुलिस के अनुसार, वसूली की यह पूरी स्क्रिप्ट डिजिटल माध्यमों से लिखी जा रही है। व्यापारियों से संपर्क करने के लिए केवल एन्क्रिप्टेड मैसेजिंग ऐप जैसे व्हाट्सएप का इस्तेमाल किया जाता है। इन कॉल्स या मैसेजेस में अमूमन लॉरेंस बिश्नोई या उसके कनाडा स्थित मुख्य लेफ्टिनेंट रहे गोल्डी बराड़ के नाम का खौफ दिखाया जाता है। हालांकि, पुलिस की जांच में एक नया और सबसे बड़ा नाम सामने आया है जोरा सिद्धू। पुलिस के अनुसार, कनाडाई व्यापारियों से वसूली करने के लिए जो व्यक्ति लगातार फोन और मैसेज कर रहा था, वह जोरा सिद्धू ही है। पुलिस का पुख्ता अनुमान है कि यह जबरन वसूली की कॉल करते समय जोरा सिद्धू कनाडा की सीमा के भीतर मौजूद नहीं था, बल्कि वह किसी अन्य देश से बैठकर इस नेटवर्क को ऑपरेट कर रहा था। 4. बिश्नोई और गोल्डी बराड़ में फूट, बदले गैंग के तौर-तरीके कनाडा पुलिस की गवाही में यह भी सामने आया कि पिछले साल भारत में बंद लॉरेंस बिश्नोई और कनाडा में उसके मुख्य सिपहसालार गोल्डी बराड़ के बीच किसी बात को लेकर गंभीर अनबन हो गई, जिसके बाद यह पूरा ग्रुप दो धड़ों में टूट गया। इस फूट के बाद गैंग के काम करने के तरीके में बड़ा बदलाव आया। पहले गैंग के सदस्य व्यापारियों को फोन कर पैसे मांगते थे और न देने पर गोली
10 Dead, FIFA World Cup Host

8 मिनट पहले कॉपी लिंक मैक्सिको लंबे समय से संगठित अपराध से जुड़ी हत्याओं और लोगों के लापता होने की घटनाओं से जूझ रहा है। (फाइल फोटो) मेक्सिको के प्यूब्ला राज्य के तेहुइत्जिंगो में रविवार को 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हत्या घर में घुसकर की गई। मरन वालों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पड़ोसियों ने गोलियों की आवाज सुनने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर कई लोग गोली लगने से घायल मिले। एक महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। तेहुइत्जिंगो करीब 11,300 आबादी वाला शहर है, जो मेक्सिको सिटी से लगभग 208km पर है। मेक्सिको 11 जून से FIFA वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी करने जा रहा है। मेक्सिको सिटी, मॉन्टेरी और ग्वाडलहारा में 13 मैच खेले जाएंगे। राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम 1 लाख सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का ऐलान कर चुकी हैं। हमलावरों का अब तक कोई सुराग नहीं प्यूब्ला सरकार ने कहा कि पीड़ितों पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया। अब तक किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। हमले की वजह भी साफ नहीं है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। प्यूब्ला के गवर्नर अलेजांद्रो अर्मेंटा ने भी अब तक इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है। मामले की जांच में नेशनल गार्ड, राज्य का अटॉर्नी जनरल ऑफिस, राज्य और स्थानीय पुलिस के साथ इंटेलिजेंस टीमें भी शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि हमले के पीछे कौन है, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। मध्य मेक्सिको में हाल के महीनों में ड्रग कार्टेल से जुड़ी हिंसा बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके चलते 800 से 1,000 परिवार घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। फरवरी में मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग माफिया मारा गया था मेक्सिको में ड्रग कार्टेल के लीडर के मौत से नाराज समर्थकों ने ग्वाडलाहारा और प्यूर्टो वालार्टा इलाकों में आगजनी की। मेक्सिको में सेना ने 22 फरवरी को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया था। इसके बाद देशभर में आगजनी और हिंसा शुरू हो गई थी। मेंचो के समर्थकों ने बदला लेने के लिए हाईवे को जाम कर दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरु कर दी थी। तलपला शहर में सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा कम से कम और 9 अपराधी भी मारे गए। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। जलिस्को कार्टेल मेक्सिको में ड्रग्स बनाने और बेचने, स्थानीय कारोबारियों से वसूली करने और कई इलाकों में लोगों को डराकर रखने के लिए कुख्यात रहा है। इस कार्टेल की मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से मेक्सिको पर एल मेंचो पर एक्शन लेने का दबाव बना रहे थे। मेक्सिको में पिछली 4 बड़ी हिंसक घटनाएं… 20 अप्रैल 2026: मेक्सिको सिटी के पास UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट टेओतिहुआकान में फायरिंग हुई। इसमें कनाडा के एक पर्यटक की मौत हुई, जबकि 13 लोग घायल हुए। 23 फरवरी 2026: प्यूब्ला में एक वाहन पर हमला हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। 15 फरवरी 2026: प्यूब्ला राज्य के हुएहुएतलान एल ग्रांडे 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 25 जनवरी 2026: गुआनाहुआतो के सलामांका में फुटबॉल मैदान के पास फायरिंग में 11 लोगों की हत्या कर दी गई। 16 दिसंबर 2025: गुआनाहुआतो के अपासेओ एल ग्रांडे में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग में 8 लोगों की मौत हो गई। ————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
10 Dead, FIFA World Cup Host

2 घंटे पहले कॉपी लिंक मैक्सिको लंबे समय से संगठित अपराध से जुड़ी हत्याओं और लोगों के लापता होने की घटनाओं से जूझ रहा है। (फाइल फोटो) मेक्सिको के प्यूब्ला राज्य के तेहुइत्जिंगो में रविवार को 10 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। न्यूज एजेंसी AP के मुताबिक, हत्या घर में घुसकर की गई। मरन वालों में 6 पुरुष, 3 महिलाएं और एक बच्चा शामिल हैं। अधिकारियों के मुताबिक, पड़ोसियों ने गोलियों की आवाज सुनने के बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस जब मौके पर पहुंची तो घर के अंदर कई लोग गोली लगने से घायल मिले। एक महिला को अस्पताल ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसकी मौत हो गई। तेहुइत्जिंगो करीब 11,300 आबादी वाला शहर है, जो मेक्सिको सिटी से लगभग 208km पर है। मेक्सिको 11 जून से FIFA वर्ल्ड कप की सह-मेजबानी करने जा रहा है। मेक्सिको सिटी, मॉन्टेरी और ग्वाडलहारा में 13 मैच खेले जाएंगे। राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम 1 लाख सुरक्षा कर्मियों की तैनाती का ऐलान कर चुकी हैं। हमलावरों का अब तक कोई सुराग नहीं प्यूब्ला सरकार ने कहा कि पीड़ितों पर हथियारबंद लोगों ने हमला किया। अब तक किसी गिरफ्तारी की जानकारी नहीं दी गई है। हमले की वजह भी साफ नहीं है। अधिकारी मामले की जांच कर रहे हैं। प्यूब्ला के गवर्नर अलेजांद्रो अर्मेंटा ने भी अब तक इस घटना पर कोई बयान नहीं दिया है। मामले की जांच में नेशनल गार्ड, राज्य का अटॉर्नी जनरल ऑफिस, राज्य और स्थानीय पुलिस के साथ इंटेलिजेंस टीमें भी शामिल हैं। अधिकारियों ने कहा कि हमले के पीछे कौन है, इसका पता लगाने की कोशिश की जा रही है। मध्य मेक्सिको में हाल के महीनों में ड्रग कार्टेल से जुड़ी हिंसा बढ़ी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसके चलते 800 से 1,000 परिवार घर छोड़ने को मजबूर हुए हैं। फरवरी में मेक्सिको का सबसे बड़ा ड्रग माफिया मारा गया था मेक्सिको में ड्रग कार्टेल के लीडर के मौत से नाराज समर्थकों ने ग्वाडलाहारा और प्यूर्टो वालार्टा इलाकों में आगजनी की। मेक्सिको में सेना ने 22 फरवरी को एक ऑपरेशन चलाकर देश के सबसे बड़े ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराया था। इसके बाद देशभर में आगजनी और हिंसा शुरू हो गई थी। मेंचो के समर्थकों ने बदला लेने के लिए हाईवे को जाम कर दिया और गाड़ियों में तोड़फोड़ शुरु कर दी थी। तलपला शहर में सेना के ऑपरेशन के दौरान वह घायल हो गया था। उसे एयरलिफ्ट कर मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस ऑपरेशन में मेंचो के अलावा कम से कम और 9 अपराधी भी मारे गए। न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक एल मेंचो, जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल (CJNG) का लीडर था। जलिस्को कार्टेल मेक्सिको में ड्रग्स बनाने और बेचने, स्थानीय कारोबारियों से वसूली करने और कई इलाकों में लोगों को डराकर रखने के लिए कुख्यात रहा है। इस कार्टेल की मौजूदगी अमेरिका के 50 राज्यों में है। अमेरिकी सरकार ने अल मेंचो के ऊपर 136 करोड़ रुपए का इनाम रखा था। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प काफी समय से मेक्सिको पर एल मेंचो पर एक्शन लेने का दबाव बना रहे थे। मेक्सिको में पिछली 4 बड़ी हिंसक घटनाएं… 20 अप्रैल 2026: मेक्सिको सिटी के पास UNESCO वर्ल्ड हेरिटेज साइट टेओतिहुआकान में फायरिंग हुई। इसमें कनाडा के एक पर्यटक की मौत हुई, जबकि 13 लोग घायल हुए। 23 फरवरी 2026: प्यूब्ला में एक वाहन पर हमला हुआ, जिसमें 3 लोगों की मौत हो गई। 15 फरवरी 2026: प्यूब्ला राज्य के हुएहुएतलान एल ग्रांडे 6 लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई। 25 जनवरी 2026: गुआनाहुआतो के सलामांका में फुटबॉल मैदान के पास फायरिंग में 11 लोगों की हत्या कर दी गई। 16 दिसंबर 2025: गुआनाहुआतो के अपासेओ एल ग्रांडे में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग में 8 लोगों की मौत हो गई। ————– दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Mamata Banerjee TMC Vs BJP; West Bengal Post Poll Violence Case

Hindi News National Mamata Banerjee TMC Vs BJP; West Bengal Post Poll Violence Case | Calcutta HC कोलकताकुछ ही क्षण पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस चीफ ममता बनर्जी एक बार फिर काला कोट पहनकर कोर्ट में दलीलें देने पहुंची। ममता गुरुवार को कलकत्ता हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस सुजॉय पाल और जस्टिस पार्थसारथी सेन के सामने पेश हुईं। मामला हाल के राज्य विधानसभा चुनावों के नतीजों के बाद हुई चुनावी हिंसा से जुड़ी जनहित याचिका का था। सुनवाई के दौरान ममता ने कोर्ट को बताया कि राज्य में हाल ही में हुए विधानसभा चुनावों के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा हुई। इसमें बुलडोजर एक्शन भी शामिल है। पुलिस FIR दर्ज करने की परमिशन नहीं दे रही है। उन्होंने TMC कार्यकर्ताओं पर हमले, आगजनी और हत्याओं के आरोप लगाते हुए कोर्ट से सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग की। इधर, सुनवाई के बाद जब ममता कोर्ट रूम से बाहर निकलीं, तो गलियारों में मौजूद वकीलों की भीड़ ने उन्हें घेर लिया। ये सभी ममता को देखकर बुआ चोर-भतीजे चोर के नारे लगाने लगे। हाईकोर्ट में एडवोकेट ममता की तस्वीर… कोर्ट रूम में वकीलों के बीच बैठीं ममता बनर्जी, वे अपनी सिग्नेचर व्हाइट साड़ी पर काला कोट पहने नजर आईं। याचिका में दावा- TMC कार्यकर्ता घर छोड़ने मजबूर याचिका उत्तरपारा विधानसभा क्षेत्र से हारे हुए उम्मीदवार शिर्षान्या बंद्योपाध्याय ने दायर की थी। 12 मई को दायर की गई जनहित याचिका में पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा का आरोप लगाया गया है। साथ ही दावा किया गया है कि तृणमूल कांग्रेस से जुड़े होने के कारण कई लोगों को अपने घर छोड़ने के लिए मजबूर होना पड़ा। सुप्रीम कोर्ट में भी दलीलें रख चुकी हैं ममता सुप्रीम कोर्ट ने फरवरी में पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) मामले पर सुनवाई की थी, जहां तब बंगाल की मुख्यमंत्री रहीं ममता बनर्जी ने भीं दलीलें रखीं थीं। कोर्ट रूम में ममता ने 13 मिनट तक अपनी बात रखी। बेंच के सामने हाथ जोड़कर खड़ी ममता ने कहा कि हमें कहीं न्याय नहीं मिल रहा है। सुप्रीम कोर्ट के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री ने कोर्ट में पेश होकर अपनी दलीलें रखीं थीं। मुकदमों में आमतौर पर मुख्यमंत्रियों के वकील या सलाहकार ही पेश होते हैं। पढ़ें पूरी खबर… ममता के पास LLB की डिग्री, HC एडवोकेट बनकर करियर शुरू किया था ममता के इलेक्शन एफिडेविट के अनुसार, उन्होंने 1979 में कोलकाता यूनिवर्सिटी से MA करने के बाद, जोगेश चंद्र चौधरी कॉलेज (कोलकाता) में LLB कोर्स में एडमिशन लिया था। 1982 में उनका LLB पूरा हो गया था। ममता ने 1980 के दशक में कलकत्ता हाई कोर्ट में एक वकील के रूप में प्रैक्टिस की थी। उनका यह करियर लंबे समय तक नहीं चला, क्योंकि इसी दौरान वे पूरी तरह सक्रिय राजनीति में उतर गईं। ममता बनर्जी सीनियर या लंबे समय तक प्रैक्टिस करने वाली अधिवक्ता नहीं रहीं। लेकिन वे कानून ग्रेजुएट हैं और कोर्ट की कार्यप्रणाली और संवैधानिक प्रक्रियाओं की समझ रखती हैं। ———————————– ये खबर भी पढ़ें… बंगाल में गायें काटने पर रोक, सार्वजनिक बूचड़खाने भी बंद, सुवेंदु सरकार 75 साल पुराना कानून लाई पश्चिम बंगाल की BJP सरकार ने राज्य में गाएं काटने पर रोक लगा दी है। CM सुवेंदु ने 1950 के बंगाल कानून और 2018 के कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश का हवाला देते हुए एक नोटिस जारी किया है। इस नोटिस में यह कहा गया है कि बिना ‘फिटनेस सर्टिफिकेट’ के किसी भी मवेशी-भैंस की हत्या पूरी तरह से प्रतिबंध है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
West Bengal Election 2026 Voting Violence Video; Mamata Banerjee BJP TMC

Hindi News National West Bengal Election 2026 Voting Violence Video; Mamata Banerjee BJP TMC | Kolkata Hooghly Howrah Polling Booth Photos 6 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान कई विधानसभा सीटों पर हिंसा और मारपीट की घटनाएं सामने आईं। नादिया जिले के छपरा में भाजपा एजेंट ने TMC कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया। वहीं शांतिपुर में भाजपा कैंप पर भी हमला हुआ है। बीजपुर में निर्दलीय प्रत्याशी और काउंसलर के बीच मारपीट हो गई। श्यामपुकुर में भाजपा उम्मीदवार के खिलाफ प्रदर्शन किया। BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने TMC कार्यकर्ताओं पर हमले का आरोप लगाया है। 1. नादिया के छपरा में BJP एजेंट पर हमला नादिया जिले की छपरा विधानसभा सीट के हतरा पंचायत में BJP पोलिंग एजेंट मोशर्रफ मीर ने TMC के कार्यतर्ताओं पर सुबह करीब 5.30 बजे पर लोहे की रॉड और बंदूकों से हमला करने का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि छपरा पुलिस ने उन्हें बचाया और छपरा ग्रामीण अस्पताल में भर्ती कराया। वहां उनका इलाज चल रहा है और उनके सिर पर छह टांके लगे हैं। 2. बीजपुर में निर्दलीय प्रत्याशी और पार्षद के बीच मारपीट बीजपुर में TMC पार्षद और निर्दलीय उम्मीदवार के बीच मारपीट हो गई। कांचरापाड़ा नगर पालिका के पार्षद कल्याण कर पोलिंग बूथ के 100 मीटर के दायरे में खड़े थे बीजेपी और निर्दलीय उम्मीदवार से उनकी बहस शुरू हो गई। इसके बाद निर्दलीय प्रत्याशी और TMC पार्षद के बीच मारपीट हो गई। पुलिस ने बीच बचाव किया और भीड़ को तितर-बितर किया। 3. साउथ 24 परगना में BJP उम्मीदवार की कार में तोड़फोड़ साउथ 24 परगना जिले में बसंती के बूथ नंबर 76 पर बीजेपी उम्मीदवार विकास सरदार ने कहा कि टीएमसी के गुंड़ों ने उनकी कार के शीशे तोड़ दिए। उनके सुरक्षाकर्मी की बंदूक छीनने की कोशिश भी की गई। घटना के बाद इलाके में तनाव है। 4. हुगली में TMC और ISF कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट हुई हुगली जिले के खानकुल में राजहाटी-1 पंचायत के रामचंद्रपुर में बूथ नंबर 147 पर नकली पोलिंग एजेंट नियुक्त करने के आरोपों को लेकर तनाव के कारण TMC और ISF समर्थकों के बीच मारपीट हो गई। 5. BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ का आरोप- TMC के गुंडों ने हमला किया पानीहाटी में BJP उम्मीदवार रत्ना देबनाथ ने कहा- मैं अंदर गई, सब ठीक था, जब मैं बाहर आई तो देखा कि एक बुज़ुर्ग महिला, जिसके पैर में दर्द था और वह ठीक से खड़ी नहीं हो पा रही थी, मुझे बुरा लगा और मैंने अपने सामने खड़े किसी व्यक्ति से कहा कि उसकी मदद करो। 10 मीटर के अंदर TMC के गुंडों ने मुझ पर हमला किया और कहा कि वे मुझे बाहर नहीं जाने देंगे। 6. श्यामपुकुर में BJP कैंडिडेट पूर्णिमा के खिलाफ प्रदर्शन श्यामपुकुर विधानसभा क्षेत्र में बूथ नंबर 100 और 101 पर BJP उम्मीदवार पूर्णिमा चक्रवर्ती के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया। 7. भाजपा बोली- EVM में BJP की बटन पर टेप लगाकर बंद किया भाजपा ने आरोप लगाया है कि डायमंड हार्बर के फाल्टा में EVM में BJP का बटन टेप लगाकर ब्लॉक किया गया है। इलेक्शन कमीशन के सूत्रों ने कहा कि अगर शिकायत सही पाई गई तो फिर से मतदान कराया जाएगा। 8. नादिया में भाजपा कैंप पर हमला नादिया जिले में शांतिपुर विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 16 के स्टीमर घाट इलाके में BJP कैंप पर हमले का मामला सामने आया है। दावा है कि कुछ बदमाशों ने बूथ नंबर 221 पर कैंप को निशाना बनाया। 9. हावड़ा में EVM में गड़बड़ी के बाद हंगामा हावड़ा के बाली में EVM में गड़बड़ी की बात को लेकर हंगामा हो गया है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे 2 लोगों को CRPF ने हिरासत में लिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Banswara Violence LIVE Photos Update; Murder Protest Stone Pelting

बांसवाड़ा जिले के टामटिया गांव में रविवार रात हुए बवाल के बाद आज भी तनाव है। ग्रामीण सोमवार सुबह से ही मोटा गांव थाने में पहुंच रहे हैं। . वारदात वाली जगह 4 थानों की पुलिस तैनात है। बांसवाड़ा शहर से रिजर्व फोर्स भी भेजी गई है। बाहर से आने वाले लोगों को गांव में आने से रोका जा रहा है। दरअसल, रविवार रात टामटिया गांव में प्रेम-प्रसंग के विवाद में एक युवक की कुछ लोगों ने हत्या कर दी थी। वारदात से गुस्साए युवक के परिजनों व ग्रामीणों ने दूसरे पक्ष के लोगों पर हमला कर दिया था। 30 से ज्यादा घरों में आग लगा दी गई, पथराव भी हुआ। लड़की के भाई का मर्डर जानकारी के अनुसार दोनों पक्ष एक की गांव के अलग-अलग जातियों के हैं। जिस युवक की हत्या हुई है, उसकी बहन और दूसरी पक्ष के युवक के बीच प्रेम-प्रसंग था। भाई ने पहले भी हमला करने वाले युवक को उसकी बहन से दूर रहने की हिदायत थी। इसी को लेकर दोनों पक्षों में एक अप्रैल को भी विवाद हुआ था। दावा किया जा रहा है कि भाई की टोकाटाकी से नाराज आरोपी ने लड़की के भाई की कुल्हाड़ी से गर्दन काट दी। गांव के बाहर ही पुलिसवालों को रोका पुलिस अधिकारियों का दावा है कि हत्या की जानकारी के बाद ही पुलिस मौके पर पहुंच गई थी। हालांकि, ग्रामीणों ने पुलिसकर्मियों को गांव में नहीं घुसने दिया। मोटा गांव के थानाधिकारी ने बताया कि हम लोग पहुंचे तो वहां एक घर में आग लगी थी। हमें भी आग बुझाने के लिए रोक दिया गया था। इसके बाद इन्होंने कई घरों में आग लगा दी थी। रास्ते में लकड़ियां रखकर रास्ता भी रोक दिया था। विवाद से जुड़े फोटो … रविवार रात को टामटिया गांव में घरों को आग लगाने के बाद अफरा-तफरी मच गई थी। कई लोग गांव छोड़कर भी भाग गए हैं। टामटिया गांव में सोमवार सुबह से सन्नाटा है। यहां जगह-जगह आगजनी के निशान दिख रहे हैं। जिला प्रशासन के अधिकारी आज सुबह से ग्रामीणों के साथ बात कर रहे हैं। दोनों गांवों के लोगों से समझाइश की जा रही है। सोमवार सुबह से टामटिया गांव के बाहर फोर्स तैनात है। यहां बाहरी लोगों की एंट्री बंद है। …. विवाद से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… लड़की से मिलने पहुंचे लड़के की गर्दन काटी,2-गांवों में बवाल:आगजनी में 10 से ज्यादा घर फूंके, पथराव में कई घायल, पुलिस पर भी हमला
बाइक निकालने पर विवाद, आधा दर्जन घायल VIDEO:इंदौर के छत्रीपुरा में दो पक्ष भिड़े; पत्थरबाजी भी की, थाने के बाहर किया हंगामा

इंदौर के छत्रीपुरा क्षेत्र में बाइक निकालने की बात पर दो पक्षों में विवाद इतना बढ़ गया कि पत्थरबाजी तक पहुंच गया। घटना में करीब आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने सभी घायलों का मेडिकल कराकर मामला दर्ज किया है। पुलिस के मुताबिक ओटकर परिवार और दूसरे पक्ष के बीच रास्ते से बाइक निकालने को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद बढ़ गया और दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। विवाद के बाद एक पक्ष के लोगों ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इसमें दूसरे पक्ष के करीब चार लोग घायल हो गए, जबकि ओटकर परिवार का एक सदस्य भी सिर में चोट लगने से घायल हुआ है। रात में थाने के बाहर हंगामा, बाद में समझौता किया घटना के बाद माता महारानी नगर के लोग थाने पहुंच गए और वहां भी जमकर हंगामा किया। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को हल्का बल प्रयोग करना पड़ा। खुफिया शाखा के जवानों ने भी मौके पर पहुंचकर भीड़ को हटाया। जानकारी के मुताबिक, देर रात दोनों पक्षों के बीच एफआईआर दर्ज होने के बाद लिखित समझौता हो गया। फिलहाल पुलिस ने किसी की गिरफ्तारी नहीं की है। तस्वीरों में देखें…
Karauli Ram Navami Violence Mastermind Exposed; Hindu Muslim

करौली में 2 अप्रैल 2022 को दंगा भड़का था। छतों से पथराव हुआ था, दुकानों में आग लगा दी गई थी। . लट्ठ दिए हैं जमा-जमा कर। गंडासी, तलवार सब चलाए हैं। ये भूल जाएंगे रैली निकालना। तलवार, लाठी व सभी हथियार थे। पहले से तैयारी थी। हम कई लोग वहां पर सोए थे। 4 साल पहले करौली में रामनवमी पर निकली रैली के दौरान हुए दंगों के बाद आरोपी फोन पर बातचीत में इसी तरह जहर उगल रहे थे। 2 से 5 अप्रैल 2022 तक दंगाइयों की बातचीत की 7 रिकॉर्डिंग पुलिस के पास हैं। इनके अलावा इन्वेस्टिगेशन में 3 और बातों का खुलासा हुआ है। 1. दंगे की प्लानिंग 3 दिन पहले हो गई थी। 2. उस दिन एक समुदाय के ऑटो और दुकानें बंद रखवाईं। 3. मास्टरमाइंड ने सबूत मिटाने के लिए पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराया। पुलिस जल्दी ही चार्जशीट पेश करने वाली है। इससे पहले भास्कर ने पूरे मामले को इन्वेस्टिगेट किया तो कई चौंकाने वाली जानकारियां सामने आईं। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 4 साल पहले 2 अप्रैल 2022 को करौली दंगों की आग में झुलसा था। करौली में 2 अप्रैल 2022 को रामनवमी पर वाहन रैली निकाली गई। रैली के संयोजक नीरज गुप्ता ने रैली के रूट और डीजे के लिए परमिशन ली थी। गुलाबबाग से रवाना हुई रैली का हिंडौनगेट, फूटा गेट से हटवाड़ा, गणेशगेट से अंबेडकर सर्किल होते हुए रामद्वार पर समापन होना था। रैली जैसे ही फूटा गेट से हटवाड़ा की ओर बढ़ी, छतों से पथराव शुरू हो गया। बड़ी संख्या में युवक हाथों में लाठी-डंडे लेकर सड़कों पर उतरे और रैली में शामिल लोगों को पीटने लगे। रथ तोड़ दिया। 15 दुकानों में आग लगा दी गई। कई दुकानों को लूट लिया। पूरा घटनाक्रम एक घंटे चला। एएसपी किशोर बुटोलिया और तत्कालीन एसएचओ रामेश्वरदयाल मीना टीम के साथ मौके पर पहुंचे। कुछ देर के बाद तांबे की टोरी में दंगा भड़क गया। वहां पर 5 दुकानों में आग लगा दी। पूरा करौली दंगे की चपेट में आ गया। 7 दिन पूरा करौली बंद रहा। 15 दिन कर्फ्यू रहा। पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन को गिरफ्तार कर लिया। उसकी एक प्रॉपर्टी को तोड़ दिया। 48 दिन बाद जमानत हो गई। पुलिस मामले में जल्द चार्जशीट पेश करने वाली है। पुलिस फाइल में 126 लोगों के नाम पुलिस फाइल में दंगों से जुड़े 126 लोगों के नाम रिकॉर्ड हैं। आरोपियों में 69 मुस्लिम और 57 हिंदू हैं। 56 को गिरफ्तार किया, जिनमें 33 मुस्लिम, 23 हिंदू थे। 34 मुस्लिम, 25 हिंदू, यानी कुल 59 लोगों को अग्रिम जमानत मिल चुकी है। पुलिस ने दंगों के मास्टरमाइंड अमीनुद्दीन की एक प्रॉपर्टी को तुड़वा दिया। पुलिस जांच में सामने आईं 3 बड़ी बातें… 3 दिन पहले ही हो चुकी थी दंगे की प्लानिंग दंगे की प्लानिंग रैली से 3 दिन पहले ही हो चुकी थी। जमात के नाम पर बाहर से 200 से ज्यादा युवकों को बुलाया गया था। उनके साथ मीटिंग में तय किया कि रैली नहीं निकलने देंगे। पहली बार इतने बड़े स्तर पर निकाली जा रही रैली सफल हो गई तो हर बार ऐसी ही रैली निकाली जाएगी। मीटिंग में तय हो गया था कि हटवाड़ा पहुंचने से पहले ही हमला कर दिया जाएगा। इसके लिए मकानों और दूसरी इमारतों पर पहले ही पत्थर जमा कर लिए थे। ऑटो और दुकानें बंद रखवाए पुलिस जांच में सामने आया कि रैली के दिन एक समुदाय के ज्यादातर ऑटो और दुकानें बंद करवा दिए गए थे। मुख्य बाजार खासतौर पर फूटा गेट और हटवाड़ा की दुकानें पूरी तरह से बंद थीं, जबकि दूसरे समुदाय की दुकानें खुली थीं। वे रैली पर दुकानों की छतों से फूल बरसा रहे थे। ऑटो और दुकानों को बंद रखने की प्लानिंग 3 दिन पहले ही हो चुकी थी। दंगे के बाद खुद अमीनुद्दीन मौके पर पहुंचा था। मकसूद भी वहां पर मौजूद था। मकसूद के दो बेटे मतलूब ओर अंचू हैं। मकसूद मनोनीत पार्षद है। मकसूद का दवाखाना है। जहां रैली में दंगा हुआ था, वहां मस्जिद के पास उसकी जिम भी है। पुलिस का दावा है कि जिम के अंदर पहले से ही लड़के बैठे थे। रैली आते ही उन्होंने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। जिम के ऊपर से बड़े-बड़े पत्थर फेंके गए। मकसूद और अंचू को भी पुलिस ने मुख्य आरोपियों में माना। पत्थरों और सड़क पर फैले खून को कराया साफ पुलिस जांच में सामने आया कि कि दंगों के बाद सभापति रशीदा खातून के बेटे अमीनुद्दीन ने सफाई कर्मचारी पिंटू को कॉल किया। पिंटू खुद ट्रॉली लेकर वहां पर पहुंचा था। उसने सारे पत्थरों को ट्रॉली में भर लिया था। टैंकर मंगाकर पूरी गली साफ करा दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही सारे सबूत मिटा दिए गए थे। पुलिस ने पिंटू से पूछताछ की तो इसका खुलासा हुआ। रैली दो बजे शुरू होनी थी। अमीनुद्दीन 11 बजे वहां पहुंच गया था। उस वक्त ढोली खार में असामाजिक तत्व जमा हो गए थे। गलियों से निकलते हुए हटवाड़ा पहुंचे और रैली पर हमला कर दिया। विरोध में रैली से भागे युवकों ने तांबे की टोरी में हंगामा किया। वहां पर आग लगा दी थी। गिरफ्त में अमीनुद्दीन। आरोप है कि पुलिस के पहुंचने से पहले उसने पत्थरों और सड़क पर फैले खून को साफ कराकर सारे सबूत मिटा दिए थे। पढ़िए 7 ऑडियो में कैसे जहर उगल रहे थे दंगाई जांच के दौरान पुलिस को दंगों के बाद 2 अप्रैल 2022 की रात से लेकर 5 अप्रैल 2022 तक दंगाइयों के बीच आपस में हुई बातचीत की कई ऑडियो फाइल भी मिली। जियायुद्दीन (7976****75) और अलादीन(9783****14) के बीच बातचीत… अलादीन : कहां पर है? जियायुद्दीन : कौन बोल रहा है? अलादीन : अलादीन। घर पहुंचा या नहीं? जियायुद्दीन : हां, घर पर ही हूं। अलादीन : बाहर मत निकलना। जियायुद्दीन (7976****75) और गंगापुर सिटी निवासी रियान (935235****) के बीच दो अप्रैल 2022 को शाम 6.51 बजे हुई बातचीत रियान : क्या हो गया करौली में? जियायुद्दीन : हिंदू-मुस्लिम में झगड़ा हो गया है। वो लट्ठ दिए हैं जमा-जमाकर। गंडासी, तलवार सब चलाए हैं। रियान : तुमने भी? जियायुद्दीन : अरे सबने। रियान : अब लॉक डाउन लग गया?
Bengal & TN Election Voting: Violence, BJP MLA Attack

कोलकाता/चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव के लिए गुरुवार को रिकॉर्ड वोटिंग हुई। बंगाल की 294 में से 152 सीटों पर पहले फेज में 92.72% मतदान हुआ। दो भाजपा कैंडिडेट पर हमला हुआ। एक को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। वहीं, मुर्शिदाबाद के नौदा में बुधवार देर रात देसी बम से हमले में कई लोग घायल हो गए। नादौ में हुमायूं कबीर और उनके समर्थकों की टीएमसी के कार्यकर्ताओं के साथ झड़प हुई। वे नौदा के बाद जहां-जहां भी गए, वहां झड़प और हिंसा की घटनाएं हुईं। तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर 85.14% वोटिंग हुई। दोनों राज्यों में आजादी के बाद अब तक सबसे ज्यादा वोटिंग हुई है। इससे पहले तमिलनाडु में सबसे ज्यादा मतदान 2011 में 78.29% था, जबकि बंगाल में 2011 में 84.72% मतदान दर्ज किया गया था। ममता ने वोटिंग के बाद कहा कि बंगाल की जनता ने SIR के खिलाफ बंपर वोटिंग की है। गृह मंत्री शाह ने कहा कि TMC का सूरज ढल चुका है। इससे पहले असम, केरलम और पुडुचेरी में 9 अप्रैल को वोटिंग हुई थी। पांचों राज्यों के विधानसभा चुनाव के नतीजे 4 मई को एकसाथ आएंगे। पूरी खबर पढ़ें… SIR के बाद वोटिंग बढ़ने का ट्रेंड बंगाल और तमिलनाडु में रिकॉर्ड वोटिंग की वजह स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) भी मानी जा रही है। इसी साल 9 अप्रैल को केरल, असम, पुडुचेरी और नवंबर 2025 में बिहार विधानसभा चुनाव में भी रिकॉर्ड मतदान हुआ था। केरलम में 78.27% वोटिंग के साथ 39 साल का रिकॉर्ड टूटा था। असम में 85.91%, बिहार में 66.90% और पुडुचेरी 89.87% में इतिहास की सबसे ज्यादा वोटिंग हुई। बंगाल-तमिलनाडु की तरह इन राज्यों-केंद्र शासित प्रदेश में SIR हुई है। पश्चिम बंगाल में पहली बार 90% से ज्यादा वोटिंग बंगाल में वोट प्रतिशत बढ़ने की 4 वजह SIR: राज्य में 91 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए, जिससे कुल मतदाता संख्या घट गई है। आंकड़े बताते हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव में इन्हीं 152 सीटों पर वोटिंग करीब 80% और 2021 विधानसभा चुनाव में करीब 82.17% रही थी। यानी कुल मतदाता घटे, लेकिन वोट डालने वालों की संख्या लगभग बराबर या ज्यादा रही। एंटी इनकंबेंसी: राज्य में 15 साल से तृणमूल सरकार है। नेताओं से असंतोष, रोजगार, भ्रष्टाचार, सिंडिकेट जैसे मुद्दे भी ज्यादा मतदान की वजह हो सकते हैं। वहीं, मुस्लिम बहुल जिलों और सीमावर्ती इलाकों में यह SIR और NRC के डर से उपजी प्रतिक्रिया भी मानी जा रही है। इस बार ध्रुवीकरण भी जबरदस्त है। इसलिए माना जा रहा है कि हिंदू मतदाताओं का भी वोट प्रतिशत ज्यादा रहा होगा। प्रवासी कामगार: यह भी बड़ा ‘टर्निंग पॉइंट’ है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर अन्य राज्यों से केवल वोट डालने बंगाल लौटे हैं। उन्हें लगा कि इस बार वोट नहीं दिया, तो हमेशा के लिए अधिकार छिन सकता है। TMC ने आरोप लगाया कि भाजपा ट्रेन भर कर वोट डालने के लिए लोगों को ला रही है। आयोग की सख्ती: निर्वाचन आयोग की अभूतपूर्व निगरानी और 2.40 लाख केंद्रीय बलों की तैनाती के कारण मतदाताओं ने बिना किसी डर के मतदान किया। तमिलनाडु में अब तक 14 बार चुनाव, इस बार रिकॉर्ड वोटिंग तमिलनाडु के 5.73 करोड़ वोटर्स ने नया इतिहास रचा। 1967 से अब तक राज्य में कभी इतनी वोटिंग नहीं हुई। इससे पहले सबसे ज्यादा 78.12% वोटिंग 2011 में हुई थी, तब एआईएडीएमके की मुखिया रहीं जयललिता डीएमके को हराकर सत्ता में आई थीं और 10 साल राज्य किया था। SIR में करीब 74 लाख वोटरों के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए थे। 2021 में कुल 6.29 करोड़ वोटर थे। तब इन 234 सीटों पर 72.81% मतदान हुआ था, जो 2016 की तुलना में करीब 2% कम था। तब इसे कोविड के असर से जोड़ा गया था। वैसे राज्य में औसत मतदान प्रतिशत आमतौर पर 70 से 75% के बीच रहता था, लेकिन इस बार यह करीब 12% बढ़ा है। बंगाल में MLA की कार तोड़ी; तमिलनाडु में पुलिस को चाकू मारा, 5 घटनाएं बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार को भीड़ ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ था। इसके बावजूद भीड़ ने उन्हें खदेड़ दिया। भीड़ ने भाजपा कैंडिडेट को खदेड़ा और दौड़ा-दौड़ाकर थप्पड़-मुक्कों से पीटा। पश्चिम बर्धमान जिले के बर्नपुर में आसनसोल साउथ सीट से भाजपा की मौजूदा विधायक और उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। इससे गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। अग्निमित्रा ने बताया कि उनकी कार पर पत्थर फेंके गए। घटना के समय अग्निमित्रा पॉल कार में मौजूद थीं। तमिलनाडु के पोरैयार स्थित जमालिया मिडिल स्कूल में वोटिंग के दौरान हेड कांस्टेबल पर एक व्यक्ति ने चाकू से हमला कर दिया। हमलावर एक रिटायर्ड सेना कर्मीचारी है। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। घायल कांस्टेबल को पोरैयार के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया। हमलावर ने धारदार चाकू पर कई ब्लेड भी चिपकाए हुए थे। बंगाल की बेरहामपुर विधानसभा सीट से कांग्रेस उम्मीदवार अधीर रंजन चौधरी ने आरोप लगाया कि उनके पार्टी एजेंट पर TMC कार्यकर्ताओं ने हमला किया। सुरक्षाबल और अन्य लोग पोलिंग बूथ से घायलों को गोद में उठाकर ले गए। एक युवक के सिर पर भी चोटें आईं। पोलिंग बूथ पर घायल एक शख्स को अस्पताल ले जाते जवान। मुर्शिदाबाद के नौदा में बुधवार देर रात देसी बम से हमले में कई लोग घायल हो गए। आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे। इस दौरान उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। मुर्शिदाबाद में हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच लाठी-डंडे चले। मुर्शिदाबाद : भास्कर रिपोर्टर के सामने महज 50 सेकेंड में हिंसा भड़की बंगाल के नौदा में हिंसा के दौरान भास्कर की टीम वहीं मौजूद थी। उनके सामने महज 50 सेकेंड के भीतर हिंसा भड़क उठी। हुमायूं कबीर दैनिक भास्कर के पत्रकार से बात कर रहे थे। उन्होंने कहा, ‘TMC के कार्यकर्ता गुंडागर्दी कर रहे हैं। उनके कार्यकर्ता हमें बूथ के पास नहीं जाने दे रहे हैं। उनके कहने पर पुलिस ने भी हमें रोक लिया।’ हुमायूं इसके विरोध में धरने पर बैठे थे। आसपास भारी
West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK

Hindi News National West Bengal Tamil Nadu Election 2026 Violence PHOTO VIDEO; BJP TMC DMK AIADMK | Mamata Banerjee नई दिल्ली5 मिनट पहले कॉपी लिंक पश्चिम बंगाल में पहल फेज की वोटिंग के दौरान कई विधानसभा सीटों पर BJP-TMC कार्यकर्ताओं के बीच हिंसा और मारपीट हुई। मुर्शिदाबाद जिले में आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर और TMC कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। वहीं कुमारगंज सीट से भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट हुई। वहीं, आसनसोल सीट से भाजपा प्रत्याशी अग्निमित्रा पॉल की कार पर हमला हुआ। 1. भाजपा प्रत्याशी सुवेंदु सरकार के साथ मारपीट पश्चिम बंगाल के दक्षिण मिदनापुर में कुमारगंज सीट से भाजपा कैंडिडेट सुवेंदु सरकार पर हमला हुआ है। वीडियो में दिख रहा है कि सुवेंदु हमले से बचने के लिए भाग रहे हैं। उनका सिक्योरिटी गार्ड उनके साथ है। इसके बावजूद भीड़ सुवेंदु को पीटती है। जानकारी के मुताबिक चुनाव आयोग ने वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की तुरंत गिरफ्तारी करने के आदेश दे दिए हैं। 2. आसनसोल साउथ में भी भाजपा प्रत्याशी की कार पर हमला आसनसोल साउथ विधानसभा सीट से भाजपा विधायक और उम्मीदवार अग्निमित्रा पॉल की कार पर बर्नपुर के रहमतनगर इलाके में हमला हुआ। इससे उनकी गाड़ी के पीछे का शीशा टूट गया। घटना के समय विधायक कार में ही मौजूद थीं। 3. हुमायूं कबीर समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट मुर्शिदाबाद के नौदा में वोटिंग से पहले बुधवार देर रात देसी बम फेंका गया था। इसमें कई लोग घायल हो गए थे। इसके बाद आम जनता उन्नयन पार्टी (AJUP) के चीफ हुमायूं कबीर सुबह घटनास्थल पर पहुंचे तो उनका विरोध हुआ। इस दौरान TMC कार्यकर्ताओं के साथ उनकी झड़प भी हुई। इसके बाद वे धरने पर बैठ गए। इस दौरान उनके समर्थकों और TMC कार्यकर्ताओं के बीच मारपीट, पथराव हुआ। स्थिति संभालने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज किया। हुमायूं की कार पर पत्थरों और लाठियों से हमला किया गया। 4. सिलीगुड़ी में भाजपा और TMC कार्यकर्ता भिड़े सिलीगुड़ी में भी वोटिंग के दौरान भाजपा और TMC कार्यकर्ताओं के बीच भी झड़प हुई। सिलीगुड़ी के जगदीश चंद्र विद्यापीठ में बने बूथ पर वोटिंग हो रही थी। इसी दौरान बूथ के बाहर दोनों पार्टी के कार्यकर्ताओं के बीच किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ता देख सुरक्षाबलों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। यहां से शंकर घोष भाजपा प्रत्याशी हैं। 5. मालदा में EVM खराब, भीड़ ने चुनाव अधिकारी को घेरा मालदा के एक बूथ पर ईवीएम खराब होने से हंगामा हो गया। बूथ के बाहर मौजूद लोगों ने चुनाव अधिकारी को घेर लिया और आपत्ति जताई। इसके बाद सुरक्षाबलों ने अधिकारी को भीड़ से बचाया और बूथ के अंदर भेजा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔







