Sunday, 17 May 2026 | 11:47 AM

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Uttarakhands First Woman Bodybuilder Pratibha Thapliyals Inspiring Journey

Uttarakhands First Woman Bodybuilder Pratibha Thapliyals Inspiring Journey

8 फरवरी को नेशनल वुमन बॉडीबिल्डिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल जीतकर उत्तराखंड की बेटी प्रतिभा थपलियाल ने साबित कर दिया कि कोशिश करने वालों की हार नहीं होती। कभी थायरॉइड, लो बीपी और 88 किलो वजन से जूझ रही प्रतिभा आज अंतरराष्ट्रीय मंच पर भारत का प्रतिनि . दैनिक भास्कर एप से बातचीत में प्रतिभा ने बताया कि 2018 में बीमारी के बाद डॉक्टर की सलाह पर उन्होंने फिटनेस पर ध्यान देना शुरू किया। पति ने मजाक में कहा- “तुम बॉडीबिल्डिंग क्यों नहीं करती?” और वही बात उनके जीवन का टर्निंग पॉइंट बन गई। दो बेटों की मां प्रतिभा रोज करीब 9 घंटे मेहनत करती हैं। उनका कहना है कि उत्तराखंड की बेटियों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत सिर्फ सही संसाधनों और सरकारी सहयोग की है, ताकि वे भी देश का नाम रोशन कर सकें। जीते हुए मेडलों के साथ खड़ीं प्रतिभा। सवाल जवाब में पढ़िए पूरा इंटरव्यू… सवाल: पहाड़ की बेटी से बॉडीबिल्डर बनने तक का सफर आसान नहीं रहा होगा, कैसे शुरुआत हुई? जवाब: सच कहूं तो शुरुआत में मुझे बॉडी बिल्डिंग के बारे में बिल्कुल जानकारी नहीं थी। बचपन से ही खेलों में रुचि थी। वॉलीबॉल और क्रिकेट खेला करती थी। लेकिन शादी के बाद जीवन में बदलाव आया और मैं गृहिणी के रूप में परिवार संभालने लगी। 2016 में दूसरे बेटे के जन्म के बाद शरीर में लगातार थकान, लो बीपी जैसी समस्याएं शुरू हो गईं। 2018 तक मेरा वजन 46 किलो से बढ़कर 88 किलोग्राम हो गया। इसके बाद चिंता बढ़ी और जांच में थायरॉइड की बीमारी सामने आई। डॉक्टर ने साफ कहा कि अगर स्वस्थ रहना है तो वर्कआउट को प्राथमिकता देनी होगी। इसके बाद मैंने जिम ज्वाइन किया। धीरे-धीरे रुचि बढ़ती गई और वेट लिफ्टिंग पर फोकस होने लगा। मजाक-मजाक में पति ने कहा कि तुम बॉडी बिल्डिंग शुरू करो और मैंने उसे सच में स्वीकार कर लिया। यहीं से मेरी नई शुरुआत हुई। सवाल: बॉडी बिल्डिंग जैसे क्षेत्र में महिलाओं को आज भी कई सामाजिक धारणाओं का सामना करना पड़ता है। आपने आलोचनाओं और मानसिक दबाव को कैसे बदला? जवाब: आमतौर पर बॉडी बिल्डिंग को पुरुष प्रधान खेल माना जाता है। लोगों की सोच होती है कि यह सिर्फ लड़कों के लिए है। मैंने इसे एक चुनौती के रूप में लिया। कई बार लोगों ने कहा कि पुरुषों जैसा बनकर क्या करोगी, इतना वजन उठाकर क्या हासिल होगा। तरह-तरह की बातें सुननी पड़ीं। सवाल: 43 की उम्र में लगातार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय पदक जीतना युवाओं के लिए भी प्रेरणा है। फिटनेस और अनुशासन का मूल मंत्र क्या है? जवाब: जहां चाह, वहां राह। अगर आपने ठान लिया कि कुछ करना है, तो बस उस लक्ष्य को पाने की रणनीति बनाइए और लगातार काम कीजिए। उत्तराखंड की लड़कियां किसी से कम नहीं हैं। वे मेहनती और अनुशासित होती हैं। मेरा उद्देश्य था कि ऐसा उदाहरण पेश करूं जिससे साबित हो कि लड़कियां भी हर वह काम कर सकती हैं, जो आमतौर पर लड़कों से जोड़ा जाता है। मूल मंत्र यही है कि अपने लक्ष्य को स्पष्ट समझें और हर दिन उसी दिशा में समर्पित होकर काम करें। सवाल: आज पहाड़ की बेटियां आपको रोल मॉडल के रूप में देख रही हैं। आप उन लड़कियों को क्या संदेश देना चाहेंगी, जो संसाधनों की कमी से डरती हैं? जवाब: इसमें कोई संदेह नहीं है कि बॉडी बिल्डिंग महंगा खेल है। उत्तराखंड में प्रतिभा की कमी नहीं है, लेकिन कई बार संसाधनों और आर्थिक स्थिति की कमी रास्ता रोक देती है। मैं चाहती हूं कि सरकार पहाड़ की बेटियों को हर संभव सहयोग दे, ताकि वे राज्य और देश का नाम रोशन कर सकें। सवाल: आगे आपकी क्या बड़ी तैयारी है? क्या विश्व चैंपियनशिप जैसे बड़े लक्ष्य पर नजर है? और सरकार से किस तरह के सहयोग की उम्मीद है? जवाब: अभी मैंने नेशनल प्रतियोगिता खेली है। आगे मेरा लक्ष्य एशियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप में हिस्सा लेना है। लेकिन बात फिर आर्थिक स्थिति पर आकर रुक जाती है। मेरी सरकार से विनती है कि खिलाड़ियों की जरूरतों पर ध्यान दिया जाए। मेहनत करने में हम पीछे नहीं हैं। खिलाड़ी तभी रुकता है जब आर्थिक रूप से कमजोर पड़ जाता है। अगर यह बाधा दूर हो जाए तो कोई भी खिलाड़ी कुछ भी हासिल कर सकता है। सवाल: आपको देखकर लोग डाइट प्लान के बारे में जानना चाहते हैं। खानपान पर आपका क्या संदेश है? जवाब: किसी भी प्रतियोगिता की तैयारी के लिए लगभग चार महीने का समय लगता है। उस दौरान सुबह और शाम चार-चार घंटे का वर्कआउट होता है। डाइट में कार्बोहाइड्रेट, प्रोटीन और फैट का संतुलित चार्ट तैयार किया जाता है, जिसे समय पर फॉलो करना जरूरी होता है। जो लोग सिर्फ फिटनेस के लिए सोचते हैं, उन्हें फास्ट फूड से दूरी बनाकर घर के बने संतुलित भोजन पर ध्यान देना चाहिए। नियमितता और सही खानपान ही अच्छी सेहत की कुंजी है। ——— ये खबर भी पढ़ें…. 43 साल की उम्र में भी मजबूत इरादे:CM धामी ने बॉडी बिल्डर प्रतिभा थपलियाल को किया सम्मानित, उत्तराखंड की बेटी ने मसल्स से रचा इतिहास पहाड़ की बेटियां अब सिर्फ परंपराओं की नहीं, बल्कि ताकत, आत्मविश्वास और विश्व मंच पर पहचान की मिसाल बन रही हैं। ऐसी ही एक प्रेरक कहानी हैं उत्तराखंड की बेटी प्रतिभा थपलियाल, जिन्हें बॉडीबिल्डिंग के क्षेत्र में शानदार उपलब्धियों के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने उन्हें शॉल ओढ़ाकर सम्मान दिया। (पढ़ें पूरी खबर)

NRI Woman Chases Thieves With Sword in Ludhiana Dehlon Viral Video

NRI Woman Chases Thieves With Sword in Ludhiana Dehlon Viral Video

वायरल वीडियो में तलवार लेकर लुटेरों के पीछे दौड़ती NRI महिला। पंजाब में सोशल मीडिया पर एक NRI महिला की दिलेरी का वीडियो वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो लुधियाना के डेहलों का है। वीडियो में महिला लुटेरों के पीछे तलवार लेकर दौड़ रही है। दावा किया जा रहा है कि यह महिला NRI है। वह ऑस्ट्रेलिया से आई है। . वीडियो में मोटरसाइकिल सवार 2 लुटेरे कार के शीशे पर अंडे मारकर कार सवार महिलाओं को लूटने की कोशिश करते हैं। इतने में कार चला रही NRI महिला तलवार लेकर बाहर निकलने लगती है तो उसके साथ बैठी एक बुजुर्ग महिला उसे रोकने की कोशिश करती है। महिला हाथ में तलवार लेकर बाहर निकलती है और लुटेरों का पीछा करते हुए दौड़ने लगती है। यही नहीं महिला लुटेरों को ललकार रही है। इस पूरी घटना को कार में बैठी अन्य महिला ने शूट किया है। घटना के 2 PHOTOS… कार के शीशे पर अंडे मारकर भागते लुटेरे। वीडियो में क्या-क्या दिख रहा… ऑस्ट्रेलिया की बताई जा रही महिला: वीडियो में जो महिला तलवार लेकर लुटेरों का पीछे करते हुए दिखाई गई है, उसे ऑस्ट्रेलिया में रहने वाली बताया गया है। वीडियो के कैप्शन के मुताबिक, महिला का नाम हरजिंद कौर है। यह घटना शुक्रवार देर रात की बताई जा रही है। लूट की कोशिश का दावा: महिला की कार के शीशे पर जब लुटेरे युवकों ने अंडे मारे तो कार में बैठी दूसरी बुजुर्ग महिला NRI महिला को कहते हुए सुनाई दे रही है- मैंने पहले कह दिया था कि यह सड़क सुनसान है, यहां से मत चल। वह कह रही कि शीशे पर अंडा फेंक दिया है, ताकि लूट की घटना को अंजाम दिया जा सके। NRI महिला को बाहर जाने से रोकती बुजुर्ग महिला। बुजुर्ग महिला उसे रोकने की कोशिश कर रही: बुजुर्ग महिला NRI महिला को गाड़ी में से बाहर निकलने से रोकने की कोशिश करती है और कहती है कि बेटा बाहर न निकल, वे तुझे मार देंगे। NRI महिला पहले उन्हें गालियां देती है और फिर कहती है कि इन्हें सबक सिखाना जरूरी है। तलवार लेकर ललकारे मार रही NRI महिला: NRI महिला गाड़ी से उतर कर बाहर निकलती है, जबकि अंदर बैठी महिला उसे वापस आने को कहती है। NRI महिला आगे जाकर रुकती है और फिर ललकारे मारती है। मोटरसाइकिल सवार लुटेरे कुछ आगे जाकर रुकते हैं तो वह पीछे से दौड़ती है। वीडियो पर टेक्स्ट में लिखा व्रेब: वायरल वीडियो पर टेक्स्ट भी लिखा गया है। जिसमें लिखा गया है- यह घटना कुछ मिनट पहले की है। महिला मेरी दोस्त है और जोकि ऑस्ट्रेलिया से आई है। वह बहुत व्रेब है। वायरल वीडियो में तलवार लेकर लुटेरों को ललकारती NRI महिला। वीडियो के असली होने पर शक, इसके 4 कारण… महिला का चेहरा नहीं दिखाया: जो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, उसमें बहादुरी दिखाने वाली महिला का चेहरा स्पष्ट नहीं दिखाई दे रहा है। महिला को केवल पीछे से कैप्चर किया गया है। सामने से आता हुआ मोटर साइकिल भी रुक गया: जब महिला तलवार लेकर जा रही है, तब सामने से एक मोटरसाइकिल की लाइट उसकी तरफ आते हुए दिख रही है, लेकिन जब वह तलवार लेकर चल रही होती है तो वह मोटरसाइकिल भी कुछ दूरी पर रुक जाती है। महिला को वापस आते नहीं दिखाया: 1.10 मिनट के वीडियो में महिला को सिर्फ लुटेरों की ओर दौड़ते हुए दिखाया गया है। उसे वापस आते हुए नहीं दिखाया। कमेंट में लोग बता रहे स्क्रिप्टेड: सोशल मीडिया पर लोग यह भी कमेंट कर रहे हैं कि यह वीडियो स्क्रिप्टेड लग रहा है। इसमें न तो लूटने की कोशिश करने वाले युवकों का चेहरा दिख रहा है और न ही पीछा करने वालों का। ॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… पंजाबी NRI दूल्हे की शादी में नोटों की बारिश:दावा- दूल्हा-दुल्हन पर ₹8 करोड़ उड़ाए गए; DJ वाला बोला- डॉलर समेत ₹3 लाख उठाए तरनतारन जिले के पट्टी क्षेत्र में एक NRI की शादी पंजाब में चर्चा का विषय बन गई। शादी समारोह के कुछ वीडियो सामने आए हैं, जिनमें दिख रहा है कि दूल्हा अपनी दुल्हन पर नोटों की बारिश कर रहा है। इस दौरान रिश्तेदार खड़े होकर इस सीन को देख रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…

Is Personal Space Demand a Crime? Expert Relationship Advice for Mother Wife

Is Personal Space Demand a Crime? Expert Relationship Advice for Mother Wife

Hindi News Lifestyle Is Personal Space Demand A Crime? Expert Relationship Advice For Mother Wife 2 दिन पहले कॉपी लिंक सवाल- मेरी शादी को 4 साल हो चुके हैं। 2 साल का बच्चा है। बीते कुछ दिनों से मेरे भीतर अजीब सा अलगाव पैदा हो रहा है। ऐसा लग रहा है, जैसे मैंने पिछले कुछ सालों में अपने लिए कुछ किया ही नहीं है। अब मुझे अकेले रहना ज्यादा अच्छा लगता है। जब मैं ये बात हसबैंड से शेयर करती हूं तो उन्हें लगता है कि मैं उनसे दूर जाना चाहती हूं। वो मुझे समझ ही नहीं पा रहे हैं। मुझे डर है कि कहीं हमारी केमिस्ट्री न खराब हो जाए। क्या रिश्ते में स्पेस मांगना गलत है? मुझे क्या करना चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. जया सुकुल, क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट, नोएडा जवाब- मैं अपने जवाब की शुुरुआत एक फिल्म से करना चाहूंगी। एक जॉर्जियन फिल्म है, “माय हैप्पी फैमिली।” इसमें एक शादीशुदा, भरे–पूरे परिवार वाली महिला आपकी ही तरह पर्सनल स्पेस चाहती है। थोड़ा अकेले रहना, थोड़ा अपने साथ वक्त बिताना, थोड़ा खुद से बातें करना। सोचिए, हिंदुस्तान से लेकर जॉर्जिया तक औरतें ये करना चाहती हैं। लेकिन बहुत कम में यह हिम्मत होती है कि वो आपकी तरह सवाल लिखकर अपने दिल की बात कहें। आपका सवाल ही बता रहा है कि आप एक संजीदा इंसान हैं। आप खुद को जानने-समझने की यात्रा तय करना चाहती हैं। इसमें कुछ भी गलत नहीं है। भारतीय समाज की मुश्किलें मुश्किल ये है कि हमारे समाज ने खुद के बारे में सोचने को स्वार्थ से जोड़ दिया है। महिलाओं के लिए तो ये और भी मुश्किल है। अगर कोई महिला कहती है कि उसे अकेले रहना अच्छा लगता है या उसे थोड़ा स्पेस चाहिए तो उस पर तुरंत सवाल खड़े कर दिए जाते हैं। क्या रिश्ता ठीक नहीं है? क्या शादी में प्यार कम हो गया है? क्या पति से दूर जाना चाहती हो? जबकि सच्चाई यह है कि खुद के लिए समय मांगना, खुद को समझना, खुद के साथ रहना, ये सब रिश्ता तोड़ने के लिए नहीं, उसे बचाने के लिए की गई कोशिशें हैं। शादी का मतलब ‘सेल्फ’ का मर जाना नहीं हमारे समाज और संस्कृति में शादी की बुनियादी परिभाषा ही गलत है। हमें लगता है कि शादी होने का मतलब है, अब महिला की अपनी कोई निजता नहीं रह गई है। उसकी पहचान ही यही है कि वो पत्नी है, मां है, बहू है। लेकिन वो एक इंसान नहीं है, जो आजादी और एजेंसी चाह सकती है। शादी और उसमें भी खासतौर पर छोटे बच्चों की जिम्मेदारी बहुत डिमांडिंग जॉब है। अमूमन औरतों को उतनी मदद नहीं मिलती, जिसकी उन्हें जरूरत है। इन और ऐसे ही तमाम कारणों से अक्सर शादी में दूरियां आ जाती हैं। खुद को जानना है जरूरी इस दुनिया में हर इंसान का अपना अस्तित्व होता है। यहां पर अस्तित्व यानी “मैं कौन हूं, मुझे क्या अच्छा लगता है, मुझे किस चीज से खुशी मिलती है।” यह जानना इसलिए जरूरी है, क्योंकि दुनिया का हर रिश्ता इसके बाद ही आता है। भले ही वह रिश्ता पति-पत्नी का हो, माता-पिता का हो या मां-बच्चे का। अगर कोई इंसान अंदर से खुश नहीं है, संतुष्ट नहीं है, तो वह रिश्तों में भी खुशी नहीं बांट सकता है। स्पेस मांगने में गिल्ट क्यों? अपने लिए स्पेस मांगते हुए बिल्कुल भी संकोच या गिल्ट नहीं फील करना चाहिए। यह अकेलेपन की मांग नहीं, खुद के लिए स्पेस की चाहत है। रिश्ते में स्पेस मांगने का मतलब यह नहीं है कि आप अपने पति से दूर जाना चाहती हैं। इसका मतलब यह है कि आप खुद के करीब आना चाहती हैं। यह फर्क समझना बहुत जरूरी है। पर्सनल स्पेस में इंसान अपने इमोशंस को बेहतर ढंग से प्रोसेस करना सीखता है। वह खुशी और दुख को पहचानकर उनसे डील करना सीखता है। नकारात्मकता और एंग्जाइटी से निपटना सीखता है। इसका सकारात्मक असर उसके सभी रिश्तों पर पड़ता है। पर्सनल स्पेस के फायदे ग्राफिक में देखिए- कंपैशन और जिम्मेदारी से कहें अपनी बात बहुत मुमकिन है कि जब आप अपने हसबैंड से ये बात शेयर करेंगी तो उन्हें लगे कि आप उनसे दूर जाना चाहती हैं। यह उनकी गलतफहमी हो सकती है, लेकिन उनकी अपनी भावनाएं भी जायज हैं। इसलिए ऐसे मामले में बातचीत बहुत सोच-समझकर करनी चाहिए। ऐसी बातें भावनाओं में बहकर नहीं, समझदारी और थोड़ी डिप्लोमेसी के साथ करनी चाहिए। डिप्लोमेसी का मतलब चालाकी से नहीं, बल्कि सही भाषा से है। हसबैंड से पूछें ये सवाल क्या आपने कभी खुद के लिए समय निकाला है? क्या आप दोस्तों के साथ बाहर जाते हैं? क्या आप क्रिकेट देखते हैं, अपने शौक पूरे करते हैं? क्या आप यह सब करते हुए खुद को कम पति या कम पिता (पति या पिता का कम दायित्वबोध) महसूस करते हैं? जब वह इन सवालों का जवाब देंगे तो उन्हें धीरे-धीरे समझ आएगा कि जैसे उन्हें अपने तरीके से रिचार्ज होने का हक है, वैसे ही आपको भी हक है। यह तुलना नहीं, जरूरी उदाहरण है। असली समस्या न भूलें बात करते हुए यह न भूलें कि असल समस्या क्या है। उन्हें यह समझाने की कोशिश करें कि अगर आप खुद को नहीं संभालेंगी तो आगे चलकर इसका असर रिश्ते पर पड़ सकता है। बताएं कि आपको इसी बात का डर है। यहां ये समझना भी जरूरी है कि जब आप स्पेस मांगेंगी तो सामने वाला इंसान असहज हो सकता है। कुछ लोग इसे समझते हैं, जबकि कुछ लोग इसे अपने इगो पर ले लेते हैं। यह भी संभव है कि आपके पति साइलेंट ट्रीटमेंट देने लगें, आपसे बात करना कम कर दें, इंटिमेसी से दूरी बनाने लगें। आपको यह जताने लगें कि जैसे उन्हें आपकी जरूरत ही नहीं है। मानसिक रूप से तैयार रहें पति के इस तरह के रिएक्शंस उनकी अपनी असुरक्षा के कारण हो सकते हैं। उन्हें यह डर हो सकता है कि उनका आप पर कोई कंट्रोल नहीं रहेगा। इसलिए जरूरी है कि आप मानसिक रूप से तैयार रहें कि शुरुआत में सब कुछ स्मूद नहीं होगा। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं कि आप गलत हैं। यहां आपको इमोशनल नहीं, लॉजिकल रहना पड़ेगा। अगर वो आपसे कहें कि तुम ऐसा करोगी

Punjabi Woman in Pakistan Claims 20 Acres in India

Punjabi Woman in Pakistan Claims 20 Acres in India

वकील के चैंबर में पति के साथ बैठी सरबजीत कौर। पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन कर शादी करने वाली सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा अपने बयान को लेकर सुर्खियों में है। उसका एक नया वीडियो सामने आया है, जिसमें खुद उसने को जमींदार परिवार की बेटी बताते हुए दावा किया कि भारत में उसके परिवार के पास 15 से 20 किले ज . उसने कहा कि अतेह वी असीं लाहौरिए आं (यहां भी हम लाहौरिए हैं)। पाकिस्तान की तहसील चुनियां के गांव कानिया से उसका संबंध है। उसके परिवार के लोग वहां के लंबरदार रहे हैं। वहीं, इससे पहले उसने कहा था कि अगर सच्चा प्यार होता है, तो दिल में यह एहसास जरूर रहता है कि हम एक-दूसरे से मिलेंगे। उसने बताया था कि उनका प्यार आज का नहीं, बल्कि पिछले 8 साल से है। सरबजीत कौर को 11 फरवरी को शेल्टर होम से रिहा कर दिया गया था। इसके बाद वह अपने पति के घर वापस चली गई। पिछले महीने सरबजीत कौर को गिरफ्तार किया था। रिहाई के बाद सरबजीत की वकील के साथ ये फोटो सामने आई थी। – फाइल फोटो वीडियो पर लोग क्या कमेंट कर रहे… सरबजीत का जमीन को लेकर दिया बयान सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिस पर लोग कमेंट कर रहे हैं। मनी सिमरन नाम के यूजर ने लिखा- इसे वहम है कि इंडिया में अभी भी जमीन और पैसे इसके हैं। वहीं विदुषी नाम की यूजर ने लिखा- ये लोग कितने खुश हो रहे बूढ़ी को फंसाकर। रिहाई के बाद सरबजीत ने कहीं अहम बातें… वकील ने मेरा केस जीता, बाहर लेकर आए: सरबजीत कौर ने कहा था कि मैं नूर हुसैन (सरबजीत कौर) अपने पति नासिर हुसैन के साथ हूं। मैं पाकिस्तान में बहुत बढ़िया हूं। मेरे वकील हसन, जो शेखूपुरा के हैं, ने मेरा केस जीता और मुझे बाहर लेकर आए। मैं उनका बहुत-बहुत शुक्रिया अदा करना चाहती हूं। कलमा पढ़ा, उसी की बदौलत आजाद हुई: सरबजीत ने कहा कि उसे किसी इंसान पर भरोसा नहीं था, बल्कि सिर्फ अपने अल्लाह पर यकीन था। कलमा पढ़ा, उसी की बदौलत वह आजाद होकर बाहर आई। बाकी की जिंदगी पाकिस्तान में ही बिताएगी: सरबजीत ने कहा कि अब वह मेहनत करके अपनी जिंदगी गुजारेगी। बाकी की जिंदगी पाकिस्तान में ही बिताएगी। ग्राफिक्स में पढ़िए सरबजीत कौन है और उसके मामले में कब क्या हुआ… ——— ये खबर भी पढ़ें… सरबजीत का वकील बोला- इस्लाम खूबसूरत, सिख महिलाएं अपनाएं:जो भी अपनाएगी वह मेरी बहन; PAK में पंजाबी महिला का निकाह करवा चुका पाकिस्तान में धर्म परिवर्तन कर शादी करने वाली सरबजीत कौर उर्फ नूर फातिमा के वकील अहमद हसन पाशा का एक बड़ा बयान सामने आया है। उसने कहा है कि जो भी सिख महिला अपना धर्म छोड़कर इस्लाम कबूल कर रही है, वह उसकी बहन के समान है। (पढ़ें पूरी खबर)

UP Police Woman Constable MMS Video: bijnor rehar police station head constable and woman constable viral mms video | bijnaur sp abhishek jha action

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Last Updated:February 11, 2026, 23:20 IST UP Police Woman Constable MMS Video: उत्तर प्रदेश के बिजनौर में खाकी एक बार फिर शर्मसार हुई है. रेहड़ थाने में तैनात एक हेड कांस्टेबल और महिला सिपाही का आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर लीक हो गया है. वर्दी की मर्यादा तार-तार होने पर SP अभिषेक झा ने दोनों को सस्पेंड कर दिया है. जानिए यूपी पुलिस के उन पुराने ‘MMS’ कांडों के बारे में जिन्होंने महकमे को हिला दिया था. बिजनोर एसपी अभिषेक झा (फाइल फोटो) बिजनौर. यूपी में एक बार फिर से खाकी की मर्यादा तार-तार हुई है. बिजनौर के थाना रेहड़ में तैनात एक हेड कांस्टेबल और एक महिला कांस्टेबल का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है. इस वीडियो के वायरल होते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. वायरल वीडियो में दोनों पुलिसकर्मियों को आपत्तिजनक स्थिति देखा जा रहा है. खास बात यह है कि महिला कांस्टेबल यूपी पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही हैं. जैसे ही इस बात की जानकारी जिले के एसपी अभिषेक झा को मिली. एसपी ने दोनों को अनुशासन और मर्यादा का ख्याल न रखने के आरोप में निलंबित कर विभागीय जांच के आदेश दे दिए हैं. उत्तर प्रदेश पुलिस, जो प्रदेश में अनुशासन और सुरक्षा का दावा करती है, एक बार फिर अपने ही कर्मियों की करतूतों की वजह से सुर्खियों में है. बिजनौर के थाना रेहड़ का यह मामला महकमे का सिर शर्म से झुका दिया है. सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैलने के बाद लोगों ने इस पर कई तरह के तंज कस रहे हैं. एसपी ने पूरे मामले की गहन जांच के आदेश तो दिए ही हैं. इसके साथ यह भी जांच के आदेश दिए हैं कि वीडियो किसने वायरल किया है? यूपी पुलिस और MMS विवादों का पुराना नाता इस वायरल वीडियो को यूपी पुलिस के कई ग्रुपों में सर्कुलेट किय गया है. क्योंकि मामला पुलिस महकमे और एक महिला से जुड़ा है इसलिए यह वीडियो न्यूज 18 हिंदी दिखा नहीं रहा है. लेकिन इस वीडियो में दोनों पुलिसकर्मी कथित तौर पर बेहद आपत्तिजनक स्थिति में नजर आ रहे हैं. सबसे ज्यादा हैरानी और नाराजगी इस बात को लेकर है कि महिला कांस्टेबल पुलिस की वर्दी में दिखाई दे रही है. यह पहली बार नहीं है जब यूपी पुलिस के सिपाहियों ने वर्दी को शर्मसार किया हो. बिजनौर की यह घटना उन पुराने जख्मों को ताजा कर गई है जब पुलिसकर्मी ड्यूटी छोड़ ‘इश्क’ और ‘अश्लीलता’ में मशगूल पाए गए थे. उन्नाव का वायरल वीडियो: कुछ समय पहले उन्नाव जिले में भी एक सिपाही का महिला मित्र के साथ आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था, जिसके बाद पूरे थाने की काफी किरकिरी हुई थी. मथुरा पुलिस कांड: मथुरा में एक दारोगा जी का कमरे के अंदर महिला के साथ वीडियो सामने आया था, जिसमें वर्दी जमीन पर पड़ी मिली थी. कानपुर की घटना: कानपुर में भी एक सिपाही ने वीडियो कॉल के दौरान अश्लील हरकतें की थीं, जो बाद में रिकॉर्ड होकर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई थीं. जांच के घेरे में ‘तीसरा’ शख्स एसपी अभिषेक झा ने इस मामले में विभागीय जांच के आदेश दिए हैं. पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि यह वीडियो थाने के भीतर बनाया गया या किसी निजी स्थान पर? क्या यह वीडियो दोनों की सहमति से बना था या किसी ने ‘ब्लैकमेल’ करने के इरादे से इसे रिकॉर्ड किया? सबसे बड़ा सवाल यह वीडियो सोशल मीडिया तक कैसे पहुंचा? क्या महकमे के ही किसी शख्स ने रंजिश निकालने के लिए इसे लीक किया? पुलिस महकमे में बढ़ते सोशल मीडिया के क्रेज और रील बनाने की आदत ने पहले ही कई विवाद पैदा किए हैं. लेकिन ड्यूटी के दौरान वर्दी में ऐसी हरकतें न केवल व्यक्तिगत छवि खराब करती हैं, बल्कि पूरी ‘यूपी पुलिस’ की साख पर सवालिया निशान लगाती हैं. सोशल मीडिया पर लोग इस बात को लेकर गुस्सा जाहिर कर रहे हैं कि जिस वर्दी को जनता के सम्मान के लिए पहना जाना चाहिए, उसका इस्तेमाल ऐसी हरकतों के लिए किया जा रहा है. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : Bijnor,Bijnor,Uttar Pradesh First Published : February 11, 2026, 19:38 IST

बठिंडा में अटैची में मिली युवती की आधी जली लाश, पहचान में जुटी पुलिस | Bathinda Crime: Half-Burnt Body of Young Woman Found in Suitcase on National Highway

अमेरिका फर्स्ट की हुंकार: ट्रंप बोले - कोर्ट रोके, लेकिन मैं खेल बदल दूंगा

Last Updated:February 11, 2026, 17:29 IST Punjab Crime News: बठिंडा में नेशनल हाईवे के किनारे एक लाल रंग के अटैची से युवती की आधी जली हुई लाश मिलने से सनसनी फैल गई. मृतका के शरीर पर चोट के निशान हैं और हत्या के बाद सबूत मिटाने के लिए उसे जलाने की कोशिश की गई. पुलिस ने शव को पहचान के लिए 72 घंटे के लिए मुर्दाघर में रखवाया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है. बठिंडा में दरिंदगी की हदें पार: हाईवे किनारे अटैची में मिली युवती की आधी जली लाश. Punjab News: बठिंडा नेशनल हाईवे पर गांव बेहमान दीवाना के पास सड़क किनारे लावारिस पड़ी एक लाल रंग की अटैची से एक युवती की आधी जली हुई लाश बरामद हुई है. इस घटना की खबर फैलते ही पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया है. हैरान करने वाली बात यह है कि पंजाब पुलिस इन दिनों राज्य भर में ‘सर्च ऑपरेशन’ और ‘ऑपरेशन प्रहार’ चला रही है, इसके बावजूद अपराधी दिनदहाड़े ऐसी जघन्य वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए. हत्या के बाद लाश को जलाने की कोशिश मौके पर पहुंचे चश्मदीदों और पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, युवती की हत्या बेहद बेरहमी से की गई है. शव को देखने से पता चलता है कि हत्यारों ने पहले युवती के साथ मारपीट की, क्योंकि उसके शरीर पर चोटों के गहरे निशान पाए गए हैं. हत्या के बाद पहचान छुपाने और सबूत मिटाने के उद्देश्य से शव को आग के हवाले कर दिया गया. जब शरीर आधा जल गया, तो उसे एक लाल रंग के सूटकेस में बंद करके नेशनल हाईवे के किनारे फेंक दिया गया. फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर साक्ष्य जुटाए हैं ताकि कातिलों तक पहुंचा जा सके. शिनाख्त के लिए 72 घंटे का समय बठिंडा पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है. फिलहाल मृतका की पहचान नहीं हो पाई है और न ही यह पता चला है कि वह कहां की रहने वाली थी. डीएसपी हरविंदर सिंह ने बताया कि पुलिस आसपास के जिलों और राज्यों के थानों से भी संपर्क कर रही है ताकि लापता लड़कियों का डेटा मिलाया जा सके. जनसेवा वर्कर संदीप सिंह ने बताया कि शव की हालत काफी खराब है. पुलिस ने नियमानुसार शव को 72 घंटे के लिए मुर्दाघर में रखवाया है ताकि कोई वारिस उसकी पहचान कर सके. पुलिस के ‘ऑपरेशन प्रहार’ पर उठे सवाल पंजाब में अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस लगातार सक्रिय होने का दावा कर रही है. बठिंडा जैसी जगह पर नेशनल हाईवे के किनारे लाश मिलना यह दर्शाता है कि अपराधियों के मन से पुलिस का डर पूरी तरह खत्म हो चुका है. पुलिस अब हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि उस वाहन का पता लगाया जा सके, जिससे यह अटैची यहां फेंकी गई थी. पुलिस का दावा है कि जल्द ही इस गुत्थी को सुलझा लिया जाएगा और आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा. Location : Bathinda,Punjab First Published : February 11, 2026, 17:29 IST

Seychelles First Blind Woman Judge Thanya

Seychelles First Blind Woman Judge Thanya

Hindi News Career Seychelles First Blind Woman Judge Thanya | Current Affairs 2026 11 दिन पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. भारत सरकार सेशेल्स को 1587 करोड़ रुपए देगी 9 फरवरी को पीएम मोदी ने भारत की ओर से सेशेल्स को 175 मिलियन डॉलर यानी 1587 करोड़ रुपए का विशेष आर्थिक पैकेज देने का ऐलान किया। ये घोषणा नई दिल्ली में सेशेल्स के राष्ट्रपति डॉ. पैट्रिक और पीएम मोदी की मुलाकत के दौरान हुई। इस पैकेज का उपयोग सेशेल्स में सोशल हाउसिंग, ई-मोबिलिटी, बिजनेस ट्रेनिंग और हेल्थ सिस्टम की बेहतरी के लिए किया जाएगा। भारत और सेशेल्स ने स्वास्थ्य, मौसम विज्ञान, इलेक्ट्रॉनिक्स, इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी और गुड गवर्नेंस समेत 7 समझौता ज्ञापनों (MoU) पर भी साइन किए हैं। 5 फरवरी को राष्ट्रपति पैट्रिक 5 दिन के दौरे पर भारत आए हैं। सेशेल्स हिंद महासागर क्षेत्र में भारत का एक प्रमुख समुद्री पड़ोसी देश है। पैट्रिक की भारत यात्रा, भारत- सेशेल्स के डिप्लोमेटिक रिलेशनशिप के 50 साल पूरे होने के मौके पर है। 2. थान्या नाथन सी. देश की पहली 100% ब्लाइंड महिला जज बनेंगी थान्या नाथन सी. केरल राज्य की पहली 100% ब्लाइंड जज बनेंगी। ज्यूडिशियल एग्जामिनेशन में पर्सन विथ डिसेबिलिटी लिस्ट में नाथन ने टॉप किया है। जज बनने से पहले तक थान्या कन्नूर जिले के तालिपरम्बा में एक लॉयर के तौर पर प्रैक्टिशनर लॉयर थीं। 24 वर्षीय थान्या देश और अपने राज्य की पहली 100% ब्लाइंड जज होंगी। साल 2013 में राजस्थान के ब्रह्मानंद शर्मा पहले ब्लाइंड जज बने थे। दुनिया के पहले 100% ब्लाइंड जज सर जॉन एंथोनी वॉल माने जाते हैं। सर जॉन एंथोनी 1991 में यूनाइटेड किंगडम में चांसरी डिवीजन में हाइकोर्ट न्यायालय के डिप्टी मास्टर नियुक्त किए गए थे। अक्टूबर 2025 में जस्टिस जे.बी. पारदीवाला और आर. महादेवन की बेंच ने एक सुनवाई पर फैसला देते हुए कहा था, ‘ब्लाइंडनेस किसी कैंडिडेट् की जज बनने की योग्यता को कम नहीं कर सकती।’ सुप्रीम कोर्ट ने 25 नवंबर 2024 को 100% दृष्टिहीन लॉ स्टूडेंट को 1 दिसंबर को होने वाली कॉमन लॉ एंट्रेंस टेस्ट (CLAT) पोस्ट ग्रेजुएट परीक्षा 2024-25 में शामिल होने की अनुमति दी थी। थान्या ने कन्नूर विश्वविद्यालय से एलएलबी में फर्स्ट रैंक के साथ ग्रेजुएशन किया। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. साने ताकाइची दूसरी बार जापान की पीएम बनीं 8 फरवरी को हुए आम चुनाव में पीएम साने ताकाइची की लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) ने बड़ी जीत हासिल की। वे जापान की पहली महिला प्रधानमंत्री हैं। LDP के गठबंधन को 465 में से 352 सीटें मिली हैं। LDP ने ही 316 सीटें जीती हैं, जो बहुमत के लिए काफी ज्यादा हैं। ताकाइची शुरुआत में राजनीति में आईं। उसके बाद उन्होंने 1996 में लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी (LDP) जॉइन की। ताकाइची अक्टूबर 2025 में देश की पहली महिला पीएम बनीं थीं। 2025 में पहले वे LDP की लीडर बनीं। फिर जापानी डाइट ने उन्हें पीएम के तौर पर चुना। जापान की संसदीय प्रणाली में पीएम को जनता सीधा नहीं चुनती है, बल्कि नेशनल डाइट (संसद) के भीतर मेम्बर्स कैंडिडेट नॉमिनेट करते हैं और पीएम चुना जाता है। पहली बार 1993 में ताकाइची जापान की हाउस ऑफ रिप्रेजेंटिव बनीं थी। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. इंडियन आर्मी ने IDFC फर्स्ट बैंक के साथ MOU साइन किया 8 फरवरी को इंडियन आर्मी ने IDFC फर्स्ट बैंक के साथ MOU साइन किया। इस MoU के तहत आर्मी में शामिल सभी कार्ययत और रिटायर्ड आर्मी ऑफिसर्स को IDFC फर्स्ट बैंक, बैंकिंग सर्विस जैसे पर्सनल लोन, नॉमिनी कवर जैसी सुविधाएं देगा। इस MoU के तहत व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा में सैलरी प्रूफ या पेंशन क्रेडिट के बगैर 60 लाख तक का कवरेज दिया जाएगा। MoU के तहत हवाई दुर्घटना बीमा 1 करोड़ रुपए तक का कवर होगा और बच्चों की हायर एजुकेशन के लिए 4 लाख रुपए तक मिलेंगे। साथ ही लड़की की शादी के लिए 2 लाख तक लोन दिया जाएगा। इंडियन आर्मी और IDFC फर्स्ट बैंक ने ये MoU फरवरी 2029 तक के लिए किया है। 5. भारतीय सेना ने नेपाल को आर्मी की मदद के लिए व्हीकल दिए भारतीय सेना ने भारत-नेपाल सीमा पर नेपाल सेना को 50 सैन्य वाहन सौंपे। काठमांडू में एक समारोह के दौरान नेपाल में भारत के राजदूत नवीन श्रीवास्तव ऑफिशियली ये वाहन अलॉट करेंगे। इंडियन आर्मी ने वाहन नेपाली सेना की मदद और क्षमता बढ़ाने के लिए भेजे हैं। ये दोनों सेनाओं के बीच दोस्ती, विश्वास और करीबी सहयोग के लिए हैं। सैन्य वाहन भारत और नेपाल के बीच द्विपक्षीय रक्षा सहयोग बढ़ाने और रणनीतिक संबंधों को मजबूत करने के लिए किया गया है। भारत और नेपाल ने दिसंबर 2025 में सूर्यकिरण संयुक्त सैन्य अभ्यास भी किया था। इससे पहले 20 जनवरी को भी भारत ने नेपाल सरकार को 650 वाहनों में से 60 पिकअप की पहली खेप सौंपी थी। ये पिकअप चुनावी मदद के लिए भेजी गईं थीं। इसकी पहली किश्त नेपाल के गृह मंत्री ओम प्रकाश आर्यल को काठमांडू में भारतीय दूतावास के प्रभारी डॉ. राकेश पांडे ने सौंपी थी। इन व्हीकल को भेजने का उद्देश्य इलेक्शन में मैनेजमेंट की मदद करना था। ये नेपाल के मुश्किल रास्तों के लिए मददगार होंगी। नेपाल ने संघीय संसदीय और प्रांतीय चुनावों में बेहतर ट्रांसपोर्ट के लिए भारत से पिकअप वाहन की मदद मांगी थी। 5 मार्च को नेपाल में 275 सीटों पर चुनाव होंगे। वहीं भारत और नेपाल के बीच वाहन मदद की एक पुरानी परंपरा रही है। भारत 2008 से नेपाल को चुनाव के दौरान मदद देता रहा है। भारत ने पिछले कुछ सालो में नेपाल मंत्रालयों और विभागों को लगभग 2,400 वाहन उपहार में दिए हैं। साल 2022 में भारत ने नेपाल को चुनाव में मदद के लिए 200 वाहन उपहार में दिए थे, जिनमें लगभग 120 सुरक्षा बलों के लिए और 80 चुनाव आयोग के लिए दिए गए थे। भारतीय सेना ने भारत-नेपाल सीमा पर 50 आर्मी यूटिलिटी व्हीकल सौंपे हैं। आज का इतिहास 1616- ब्रिटेन के राजदूत सर थॉमस, जहांगीर के दरबार में अजमेर आए थे। 1929 – जे.आर.डी. टाटा को भारत का पहला पायलट लाइसेंस मिला था। 1921- ड्यूक ऑफ कनॉट ने दिल्ली में इंडिया गेट की नींव रखी थी। 1931- नई

Fake IPS Officer Digital Arrest: delhi police crime branch | whatsapp video call | woman of 40 lakh arrested | व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से ऐसे हड़प लिए 40 लाख रुपये, अब हुआ गिरफ्तार

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होमताजा खबरDelhi व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर रोजाना हाजिरी, फर्जी IPS ने महिला से हड़प लिए 40 लाख Last Updated:February 09, 2026, 13:54 IST Fake IPS Officer Digital Arrest: दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने डिजिटल अरेस्ट स्कैम के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है. आरोपियों ने एक महिला को फर्जी IPS बनकर 3 महीने तक कैद में रखा और उसके जीवन भर की जमा पूंजी 40 लाख रुपये ठग लिए. लेकिन मामला जब दिल्ली पुलिस के पास पहुंचा तो तहकीकात में आरोपियों के बैंक खातों का संबंध 100 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी और 190 साइबर शिकायतों से पाया गया है. जानें कैसे दिल्ली पुलिस ने 100 करोड़ कमाने वाले इस गिरोह का भंडाफोड़ किया है. नई दिल्ली. देश में डिजिटल अरेस्ट की एक से बढ़कर एक घटनाएं सामने आ रही हैं. डिजिटल इंडिया के इस दौर में साइबर ठग अब आपके बैंक खाते के साथ-साथ अब आपके दिमाग पर भी कब्जा कर रहे हैं. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल (Cyber Cell) ने एक ऐसे ही रूह कंपा देने वाले स्कैम का पर्दाफाश किया है, जिसकी कहानी सुनकर हिल जाएंगे आप. दिल्ली पुलिस ने दो आरोपियों अनीश और मनी सिंह को गिरफ्तार किया है. लेकिन दोनों ने किस तरह घर में रह रही एक अकेली महिला को जाल में फंसाया और कैसे उससे 40 लाख रुपये तीन महीने में उड़ा लिए इसकी कहानी जानकर हैरान हो जाएंगे. दिल्ली की एक हाउसवाइफ को 15 अक्टूबर 2025 को एक कॉल आई. फोन करने वाले ने खुद को आईपीएस राघव मित्तल साइबर सेल, मुंबई बताया. उसने महिला पर आरोप लगाया कि उसके आधार कार्ड का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में हुआ है. उस फर्जी आईपीएस ने महिला को इतना डरा दिया गया कि वह 12 दिसंबर 2025 तक यानी करीब 3 महीने तक अपने ही घर में डिजिटल कैद में रही. उसे आदेश दिया गया था कि वह किसी से बात न करे, वर्ना उसके इंजीनियर बेटे और पति को जेल भेज दिया जाएगा. ठग उसे रोजाना व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर हाजिरी देने और यह सुनिश्चित करने के लिए मजबूर करते थे कि वह चुप है. महिला से तीन महीने में 40 लाख उड़ाए डर के इस माहौल में महिला ने अपनी पूरी जिंदगी की कमाई 40 लाख रुपये ठगों के बताए खातों में ट्रांसफर कर दिए. ठगों ने उसे यह तक विश्वास दिला दिया था कि उसके घर के बाहर पुलिस तैनात है और जरा सी गलती उसे तबाह कर देगी. हर पेमेंट के बाद उसे चैट और कॉल लॉग डिलीट करने का आदेश दिया जाता था ताकि कोई सबूत न बचे. 4 लेयर के फंड फ्लो ने खोला 100 करोड़ का राज जब इस घटना में महिला के 40 लाख लूट गए तो पति और बेटा को इसकी जानकारी दी. पति और बेटे को समझ में आ गया कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हो गया है. महिला ने दिल्ली पुलिस में शिकायत दर्ज कराई और पूरी कहानी बताई. दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की साइबर सेल ने इंस्पेक्टर संदीप सिंह और तकनीकी विशेषज्ञ हेड कांस्टेबल अक्षय कुमार की टीम ने इस जटिल मामले की कमान संभाली. महिला द्वारा डिलीट किए गए डेटा के बावजूद, टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए एक बैंक खाते का पता लगाया जो M/s Vrindakart Skyline Shoppers Private Limited के नाम पर था. इस गिरोह के खातों का विश्लेषण करने पर पता चला कि देशभर में इनके खिलाफ 190 साइबर शिकायतें दर्ज हैं और करीब 100 करोड़ रुपये का फ्रॉड इन खातों के जरिए किया गया है. आरोपी अनीश और मनी सिंह ‘वृंदाकार्ट’ जैसी शेल कंपनियां बनाकर पैसा रूट करते थे. ये दोनों आरोपी पहले भी फरीदाबाद पुलिस द्वारा इसी तरह के मामले में पकड़े जा चुके थे. एसीपी अनिल शर्मा की देखरेख में इंस्पेक्टर विनय कुमार, एसआई राकेश मलिक और अन्य जवानों की टीम ने दिल्ली के पश्चिम विहार इलाके में छापेमारी कर इन ठगों को दबोचा. इनके पास से फर्जी सिम कार्ड और जाली दस्तावेज बरामद हुए हैं. About the Author रविशंकर सिंहचीफ रिपोर्टर भारतीय विद्या भवन से पत्रकारिता की पढ़ाई करने वाले रविशंकर सिंह सहारा समय न्यूज चैनल, तहलका, पी-7 और लाइव इंडिया न्यूज चैनल के अलावा फर्स्टपोस्ट हिंदी डिजिटल साइट में भी काम कर चुके हैं. राजनीतिक खबरों के अलावा…और पढ़ें Location : New Delhi,New Delhi,Delhi First Published : February 09, 2026, 13:54 IST

Peeragarhi flyover 3 death body | पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर कार में 3 लाश, एक महिला संग 2 पुरुष कौन थे, सॉफ्ट ड्रिंक खोलेगा रहस्‍य, अब तक क्या पता चला? | Peeragarhi flyover 3 death body in car 1 woman 2 men who were those how they killed soft drink bottle mystery what police found

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Peeragarhi Flyover Death Mystery: राष्ट्रीय राजधानी दिल्‍ली में रविवार को पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर एक कार के अंदर तीन लोग मृत पाए गए. मृतकों की पहचान रंधीर, शिवनरेश और लक्ष्मी के रूप में हुई है. इनमें से एक वाहन का मालिक भी था. दोपहर बाद करीब 3:50 बजे PCR कॉल मिली, जिसमें बताया गया कि फ्लाईओवर की सर्विस लेन के पास एक कार में बैठे तीन लोग बेहोश पड़े हैं. दिल्ली पुलिस ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि बाहरी दिल्ली के पीरागढ़ी फ्लाईओवर पर दो पुरुष और एक महिला के शव मिले हैं. पुलिस ने बताया कि प्रारंभिक जांच में यह खुद ही जान देने का मामला लगता है. बाहरी जिला के पुलिस उपायुक्त सचिन शर्मा ने बताया कि मामले की जांच जारी है. डीसीपी सचिन शर्मा ने बताया कि हमें एक कार में तीन शव होने की सूचना मिली थी. उन्‍होंने बताया कि ऐसा नहीं लगता कि कोई जोर-जबरदस्ती हुई है. पुलिस अभी जांच कर रही है. पुलिस ने बताया कि शवों पर किसी प्रकार की चोट के स्पष्ट निशान नहीं हैं. इस घटना से जुड़ी हर डिटेल इस तरह से है -: घटना कहां हुई?दिल्ली के पश्चिमी इलाके में पीरागढ़ी फ्लाईओवर के पास एक कार में तीन शव मिलने से सनसनी फैल गई. यह कार सर्विस लेन के पास खड़ी थी. दिल्‍ली पुलिस को सूचना कैसे मिली?करीब 3:50 बजे PCR कॉल मिली कि कार में बैठे लोग प्रतिक्रिया नहीं दे रहे हैं और बेहोश लग रहे हैं. मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने क्या पाया?पुलिस ने कार खोलकर देखा तो अंदर तीनों लोग मृत मिले और वाहन में जहरीले पदार्थ की तेज गंध थी. कार से सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल बरामद किया गया है, जिसे फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है. क्‍या मृतकों की पहचान हुई है?मृतकों की पहचान 76 वर्षीय रंधीर सिंह, 47 वर्षीय शिव नरेश सिंह और 40 वर्षीय लक्ष्मी देवी के रूप में हुई है. मृतक कहां के रहने वाले थे?रंधीर सिंह और शिव नरेश सिंह बापरोला गांव के निवासी थे, जबकि लक्ष्मी देवी का पता अभी स्पष्ट नहीं है. कार में उनकी स्थिति कैसी थी?रंधीर सिंह ड्राइविंग सीट पर थे, जबकि शिव नरेश और लक्ष्मी देवी पीछे की सीट पर बैठे मिले. सभी शवों को पोस्‍टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है. रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजहों का पता चल सकेगा. कार किसकी थी?पुलिस के अनुसार कार मृतकों में से एक की ही थी. क्या शरीर पर चोट के निशान थे?पुलिस ने बताया कि किसी भी शव पर बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं. मौके से क्या-क्या बरामद हुआ?कार से मोबाइल फोन, नकदी और महिला के पहने हुए गहने सुरक्षित मिले हैं. सॉफ्ट ड्रिंक का बोतल भी मिला है. क्या कोई संदिग्ध वस्तु मिली?फॉरेंसिक टीम को कार में एक सॉफ्ट ड्रिंक की बोतल मिली है, जिसे जांच के लिए भेजा गया है. पुलिस की शुरुआती जांच क्या कहती है?पुलिस की मानें तो प्राथमिक जांच में यह मामला सामूहिक आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है. हत्या की आशंका पर क्या कहा गया?फिलहाल जबरन कार्रवाई के कोई संकेत नहीं मिले हैं, लेकिन सभी पहलुओं की जांच जारी है. परिजनों से संपर्क कैसे हुआ?दस्तावेजों के आधार पर पुलिस ने रंधीर सिंह के परिजनों से संपर्क किया और एक रिश्तेदार मौके पर पहुंचा. लक्ष्मी देवी का अन्य दो से क्या संबंध था?परिजन उनके संबंध के बारे में स्पष्ट जानकारी नहीं दे सके हैं. शवों का क्या किया गया है?तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है. फिलहाल रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि मौत की वजहों का पता चल सके. मौत के कारणों की पुष्टि कैसे होगी?पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फॉरेंसिक जांच के बाद ही सही कारणों का पता चलेगा. पुलिस अधिकारियों ने क्या बयान दिया?डीसीपी सचिन शर्मा ने कहा कि मामला संदिग्ध नहीं लग रहा, लेकिन जांच जारी है. इलाके में क्या कदम उठाए गए?पुलिस ने घटनास्थल को घेर लिया और फॉरेंसिक टीम के साथ साक्ष्य जुटाए. क्या कोई लूटपाट या संघर्ष के संकेत मिले?नहीं, सभी कीमती सामान सुरक्षित मिले हैं और संघर्ष के कोई निशान नहीं पाए गए. आगे की कार्रवाई क्या होगी?फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई तय करेगी.