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1 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान संकट के बीच पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का X पोस्ट विवादों में आ गया है। पोस्ट की एडिट हिस्ट्री में “ड्राफ्ट- पाकिस्तानी PM का मैसेज” दिखने के बाद सोशल मीडिया पर इसे लेकर कई दावे किए जा रहे हैं। शहबाज शरीफ ने अपने पोस्ट में ट्रम्प से ईरान को लेकर तय समयसीमा दो हफ्ते बढ़ाने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे कूटनीति को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। साथ ही ईरान से होर्मुज खोलने की भी अपील की। पोस्ट के वायरल स्क्रीनशॉट में एक पुराना वर्जन दिखा, जिसमें ड्राफ्ट लिखा था। यही लाइन विवाद का कारण बनी और सवाल उठे कि क्या यह मैसेज पहले से तैयार ड्राफ्ट था। कुछ यूजर्स ने इसे व्हाइट हाउस से जुड़े निर्देश जैसा बताया, जबकि कुछ ने कहा कि ट्रम्प पाकिस्तान की नीति को कंट्रोल कर रहे हैं। वहीं, पाकिस्तान खुद को अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ के रूप में पेश कर रहा है। शरीफ ने अपने मैसेज में कहा था कि कूटनीतिक प्रयास तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। युद्धविराम से स्थायी समाधान निकल सकता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
World Health Day 2026: स्वस्थ रहने के लिए सिर्फ 5 आसान काम कर लीजिए, बीमारियां आसपास भी नहीं आएंगी

Why We Celebrate World Health Day: दुनिया भर में हर साल 7 अप्रैल को वर्ल्ड हेल्थ डे (World Health Day) मनाया जाता है. इस दिन का मुख्य उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और उन्हें बेहतर लाइफस्टाइल अपनाने के लिए प्रेरित करना है. यह दिन सरकारों, स्वास्थ्य संगठनों और आम लोगों को एक मंच पर लाता है, ताकि वे स्वास्थ्य से जुड़ी चुनौतियों जैसे बीमारियों की रोकथाम, मानसिक स्वास्थ्य और स्वच्छता पर ध्यान दे सकें. यह दिन हमें याद दिलाता है कि स्वास्थ्य ही सबसे बड़ी संपत्ति है. इसकी शुरुआत 1950 में वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) द्वारा की गई थी. इस दिन को चुनने का कारण यह है कि 7 अप्रैल 1948 को WHO की स्थापना हुई थी. तब से हर साल यह दिन वैश्विक स्तर पर स्वास्थ्य से जुड़े तमाम मुद्दों पर जागरुकता फैलाने के लिए मनाया जाता है. विश्व स्वास्थ्य दिवस का महत्व और थीम | World Health Day Significance and Theme वर्ल्ड हेल्थ डे मनाने का उद्देश्य केवल जागरुकता फैलाना ही नहीं, बल्कि लोगों को अपने स्वास्थ्य के प्रति जिम्मेदार बनाना भी है. आज के समय में लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं, ऐसे में यह दिन लोगों को स्वस्थ आदतें अपनाने, नियमित जांच कराने और समय पर इलाज लेने के लिए प्रेरित करता है. यह हमें यह भी सिखाता है कि स्वस्थ समाज ही एक मजबूत देश की नींव होता है. हर साल विश्व स्वास्थ्य दिवस एक खास थीम के साथ मनाया जाता है. साल 2026 में वर्ल्ड हेल्थ डे की थीम है – स्वास्थ्य के लिए साथ मिलकर आगे बढ़ें. विज्ञान के साथ खड़े रहें (Together for health. Stand with science). स्वास्थ्य समस्याओं से निपटने में विज्ञान का महत्व | Importance of Science in Global Health Challenges आज के आधुनिक दौर में विज्ञान दुनिया भर की स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने का सबसे मजबूत आधार बन चुका है. नई बीमारियों के उभरने और महामारी जैसी स्थितियों ने साबित किया है कि बिना वैज्ञानिक दृष्टिकोण के स्वास्थ्य समस्याओं से निपटना संभव नहीं है. नई दवाओं का विकास, वैक्सीन, एडवांस डायग्नोस्टिक तकनीक और रिसर्च जैसी सभी चीजें विज्ञान की देन हैं. साइंस की मदद से न केवल बीमारियों की पहचान आसान हुई है, बल्कि उनका इलाज और रोकथाम भी संभव हो पाया है. महामारी के दौरान रिकॉर्ड समय में वैक्सीन तैयार होना इसका सबसे बड़ा उदाहरण है, जिसने करोड़ों लोगों की जान बचाई. आज जीनोमिक रिसर्च और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI के जरिए बीमारियों को अधिक सटीकता से समझा जा रहा है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. स्वस्थ रहने के लिए डॉक्टर के टिप्स | Healthy Lifestyle Tips नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि स्वस्थ रहने के लिए हेल्दी खान-पान जरूरी है. हमारे शरीर को सही मात्रा में प्रोटीन, विटामिन, मिनरल्स और फाइबर की जरूरत होती है. अगर हम रोजाना अपनी डाइट में हरी सब्जियां, फल, साबुत अनाज और प्रोटीन युक्त खाद्य पदार्थ शामिल करें, तो शरीर मजबूत बनता है और इम्यून सिस्टम भी बेहतर होता है. जंक फूड और ज्यादा मीठा खाने से बचना भी बेहद जरूरी है, क्योंकि ये धीरे-धीरे कई बीमारियों की जड़ बनते हैं. डॉक्टर के मुताबिक आजकल ज्यादातर लोग घंटों बैठकर काम करते हैं, जिससे शरीर में सुस्ती और वजन बढ़ने की समस्या होती है. रोजाना कम से कम 30 मिनट की एक्सरसाइज, जैसे तेज चलना, योग या हल्की दौड़, शरीर को एक्टिव रखती है. इससे न सिर्फ वजन कंट्रोल में रहता है, बल्कि दिल और दिमाग भी स्वस्थ रहते हैं. इसके अलावा सेहतमंद रहने के लिए रोज 7-8 घंटे की अच्छी नींद जरूरी है. कई लोग काम या मोबाइल के कारण अपनी नींद पूरी नहीं कर पाते, जिससे थकान, तनाव और इम्यूनिटी कमजोर हो जाती है. अच्छी नींद शरीर को रीचार्ज करती है और मानसिक स्वास्थ्य को भी बेहतर बनाती है. नींद पूरी होने से शरीर की मरम्मत प्रक्रिया भी सही तरीके से होती है. एक्सपर्ट की मानें तो आज के समय में स्ट्रेस एक बड़ी समस्या बन चुका है, जो कई शारीरिक और मानसिक बीमारियों का कारण बनता है. ध्यान, योग, गहरी सांस लेने की तकनीक और अपने पसंदीदा काम करने से तनाव को काफी हद तक कम किया जा सकता है. मानसिक शांति बनाए रखना उतना ही जरूरी है, जितना शारीरिक स्वास्थ्य. इसके अलावा नियमित हेल्थ चेकअप की बेहद जरूरी होता है. अक्सर लोग तब तक डॉक्टर के पास नहीं जाते जब तक कोई बड़ी समस्या न हो जाए. लेकिन समय-समय पर जांच कराने से बीमारियों का पता शुरुआती चरण में ही लग जाता है, जिससे उनका इलाज आसान हो जाता है.
World Health Day 2026: साल में एक बार जरूर कराएं ये 10 टेस्ट, वक्त रहते कई बीमारियों का लगेगा पता

World Health Day 2026: आजकल लोगों की लाइफस्टाइल और खान-पान बिगड़ गया है. इसकी वजह से बीमारियों का कहर बढ़ गया है. कम उम्र में ही लोग मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज जैसी तमाम गंभीर बीमारियों का शिकार हो रहे हैं. बीमारियों से बचने के लिए लाइफस्टाइल और खान-पान सुधारना जरूरी है, लेकिन इसके साथ ही समय-समय पर अपनी सेहत की जांच भी करवानी चाहिए. हेल्थ चेकअप से पता चलता है कि आपका शरीर कितना स्वस्थ है और किन बीमारियों की चपेट में आ चुके हैं. वक्त रहते किसी बीमारी का पता लग जाए, तो उसे आसानी से ट्रीट किया जा सकता है. हर साल 7 अप्रैल को विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को सेहत के प्रति जागरूक किया जा सके. नई दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल के प्रिवेंटिव हेल्थ एंड वेलनेस डिपार्टमेंट की डायरेक्टर डॉ. सोनिया रावत ने News18 को बताया कि आजकल बीमारियां शरीर में पनपती रहती हैं और लोगों को इसका पता ही नहीं चलता है. भारत में करीब 20 फीसदी वयस्क हाई बीपी का शिकार हो चुके हैं और उन्हें इसका पता ही नहीं है. बड़ी संख्या में लोग प्रीडायबिटीज की चपेट में आ जाते हैं और चेकअप न कराने की वजह से कुछ सालों में डायबिटीज के मरीज बन जाते हैं. इसी तरह हार्ट डिजीज, किडनी डिजीज और कैंसर जैसी कई जानलेवा बीमारियां बिना लक्षणों के पनपती रहती हैं. ऐसे में सभी वयस्कों को साल में एक बार अपना फुल बॉडी चेकअप जरूर करवाना चाहिए, ताकि बीमारियों को वक्त रहते रोका जा सके. हर साल जरूर कराएं ये 10 हेल्थ टेस्ट ब्लड प्रेशर की जांच : हाई ब्लड प्रेशर की समस्या दुनिया भर में महामारी की तरह फैल रही है. हाई बीपी को साइलेंट किलर कहा जाता है, क्योंकि इसके शुरुआती लक्षण नजर नहीं आते हैं. हाई बीपी हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी डिजीज की बन सकता है. ऐसे में साल में कम से कम एक बार बीपी जरूर चेक कराएं. इससे आपको कई गंभीर समस्याओं से बचने में मदद मिलती है. ब्लड शुगर टेस्ट : डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है और भारत में यह आंकड़ा 10 करोड़ के पार हो गया है. कई लोगों को डायबिटीज का शुरुआत में पता नहीं चलता है, जिससे शुगर लेवल अनकंट्रोल हो जाता है. ऐसे में लोगों को साल में एक बार फास्टिंग और पोस्ट-लंच ब्लड शुगर टेस्ट जरूर करवाना चाहिए. इससे डायबिटीज का पता लग सकता है. कोलेस्ट्रॉल टेस्ट : अगर कोलेस्ट्रॉल का लेवल सामान्य से ज्यादा हो जाए, तो यह हार्ट डिजीज और स्ट्रोक का कारण बन सकता है. गलत खान-पान के कारण यह समस्या युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है. इससे बचने के लिए साल में एक बार सभी वयस्कों को अपना लिपिड प्रोफाइल टेस्ट करवाकर HDL, LDL और ट्राइग्लिसराइड्स का स्तर जान लेना चाहिए. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. किडनी फंक्शन टेस्ट : कई बार लोगों की किडनी में परेशानी होने लगती है, लेकिन उन्हें इस बात का अंदाजा ही नहीं होता है. ऐसे में किडनी का कामकाज ठीक चल रहा है या नहीं, इसका पता लगाने के लिए हर साल किडनी फंक्शन टेस्ट कराना चाहिए. इससे किडनी की बीमारी का शुरुआती स्टेज में पता लगाया जा सकता है. लिवर फंक्शन टेस्ट : लिवर हमारे शरीर का डिटॉक्सिफिकेशन ऑर्गन है. यह शरीर के टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है. हालांकि गलत खानपान से लिवर की समस्याएं बढ़ रही हैं. कई बार लिवर वायरल इंफेक्शन की चपेट में भी आ जाता है. ऐसे में हर साल लिवर फंक्शन टेस्ट भी कराना चाहिए. थायराइड प्रोफाइल टेस्ट : आजकल थायराइड से जुड़ी समस्याएं बढ़ रही हैं. खासतौर से महिलाएं इसका ज्यादा शिकार होती हैं. थायराइड हार्मोन का असंतुलन वजन बढ़ने, वजन कम होने, थकान और मानसिक स्वास्थ्य पर असर डाल सकता है. TSH, T3 और T4 टेस्ट से इसे समय पर पहचाना जा सकता है. यह टेस्ट भविष्य में होने वाली कई समस्याओं से बचा सकता है. विटामिन और मिनरल्स टेस्ट : शरीर सिर्फ बीमारियों की वजह से कमजोर नहीं होता है, बल्कि यह पर्याप्त मात्रा में विटामिन और मिनरल्स न मिलने की वजह से भी वीक हो जाता है. विटामिन D, B12 और आयरन की कमी से थकान, हड्डियों की कमजोरी और एनिमिया जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए साल में एक बार इन्हें जांचना जरूरी है. दांत और आंखों की जांच : हमारे दांत और आंखों का समय-समय पर चेकअप कराना जरूरी होता है. दांतों की सेहत पूरे शरीर से गहराई से जुड़ी होती है. ऐसे में इन ऑर्गन्स की सेहत को नजरअंदाज करना बड़ी गलती है. डेंटल और आई चेकअप से कैविटी, जड़ की समस्या और विजन संबंधी रोग समय पर पहचाने जा सकते हैं. पाचन तंत्र की जांच : अगर पेट में बार-बार गैस, एसिडिटी या अपच जैसी समस्याएं हों, तो GI ट्रैक्ट की जांच करवानी चाहिए. साल में एक बार अल्ट्रासाउंड या कॉलोनोस्कोपी करवाना फायदेमंद हो सकता है. इससे आपके पेट में पल रही कई बीमारियों का वक्त रहते पता लगाया जा सकता है. कई बार पेट की समस्याएं अन्य अंगों को भी बुरी तरह प्रभावित करती हैं. वजन और बॉडी मास इंडेक्स : स्वस्थ रहने के लिए शरीर का वजन न ज्यादा होना चाहिए और न कम. ओवरवेट या अंडरवेट होने से कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. सालाना BMI और बॉडी फैट प्रतिशत चेक करवाना स्वास्थ्य को नियंत्रित रखने में मदद करता है. इन दोनों की जांच आप वेट मशीन और कैलकुलेटर से खुद ही कर सकते हैं.
World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats

Hindi News International World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats | Hormuz Crisis, Russia China Breaking News 9 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के प्रमुख वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे, जो भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस का प्रमुख साझेदार है। उन्हें उन्नत मिसाइल तकनीक के विकास के लिए जाना जाता था। उन्होंने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के विकास में भी भूमिका निभाई थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats

Hindi News International World News Updates: Iran Israel War, Trump Threats | Hormuz Crisis, Russia China Breaking News 11 मिनट पहले कॉपी लिंक ब्रह्मोस मिसाइल प्रोजेक्ट से जुड़े रूस के प्रमुख वैज्ञानिक अलेक्जेंडर लियोनोव का 74 साल की उम्र में निधन हो गया है। वे रूस के प्रमुख मिसाइल डिजाइनरों में शामिल थे। लियोनोव NPO माशिनोस्ट्रोएनिया (NPOMASH) के CEO और चीफ डिजाइनर थे, जो भारत-रूस की ब्रह्मोस एयरोस्पेस का प्रमुख साझेदार है। उन्हें उन्नत मिसाइल तकनीक के विकास के लिए जाना जाता था। उन्होंने जिरकॉन हाइपरसोनिक क्रूज मिसाइल समेत कई अहम प्रोजेक्ट्स में योगदान दिया। इसके अलावा उन्होंने ग्रेनिट, वल्कन और बास्टियन जैसे मिसाइल और कोस्टल डिफेंस सिस्टम्स के विकास में भी भूमिका निभाई थी। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने संघर्ष रोकने के लिए तालिबान के सामने 3 मांगें रखी, चीन की मध्यस्थता में बातचीत शुरू पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालिया संघर्ष के बाद अब दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो गई है। चीन की मध्यस्थता में हो रही इस वार्ता में पाकिस्तान ने तालिबान के सामने तीन मांगें रखी हैं। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को आतंकी संगठन घोषित करने, उसके पूरे नेटवर्क को खत्म करने और कार्रवाई के ठोस सबूत देने की मांग की है। पाकिस्तान सरकार का कहना है कि उसकी सबसे बड़ी चिंता अफगानिस्तान की जमीन से संचालित आतंकी गतिविधियां हैं। इसी वजह से बातचीत को फिलहाल आतंकवाद और सीमा सुरक्षा तक सीमित रखा गया है। इस वार्ता में चीन अहम भूमिका निभा रहा है और दोनों पक्षों को एक साझा फ्रेमवर्क पर लाने की कोशिश कर रहा है। चीन ने पांच पॉइंट का फ्रेमवर्क तैयार किया है। इसमें सीजफायर, आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई, आतंकी ठिकानों का खात्मा, सुरक्षित व्यापार मार्ग और औपचारिक बातचीत की व्यवस्था जैसे मुद्दे शामिल हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
18-year-old Payal defeated world champion Sheetal, Payal Nag, Sheetal Devi

Hindi News Sports 18 year old Payal Defeated World Champion Sheetal, Payal Nag, Sheetal Devi बैंकॉक24 मिनट पहले कॉपी लिंक पायल अपने प्रोस्थेटिक पैरों से धनुष को थामती हैं, दांतों से स्ट्रिंग खींचती हैं और कंधे के दबाव से तीर छोड़ती हैं। वर्ल्ड आर्चरी पैरा सीरीज में भारत ने 7 गोल्ड, 5 सिल्वर, 4 ब्रॉन्ज सहित कुल 16 मेडल जीतकर टेबल में शीर्ष स्थान हासिल किया है। वर्ल्ड नंबर-1 और वर्ल्ड चैम्पियन शीतल देवी उलटफेर का शिकार हो गई हैं। महिला कंपाउंड फाइनल में 18 वर्षीय पायल नाग ने शीतल को 139-136 से हराकर गोल्ड अपने नाम किया। यह एक साल के भीतर शीतल पर पायल की दूसरी जीत है। इससे पहले, उन्होंने जनवरी 2025 में भी शीतल को हराया था। पायल ने करियर में पहली बार सीनियर कैटेगरी में इंटरनेशनल गोल्ड जीता। माउथ पेंटिंग से आर्चरी तक का सफर 2015 में ओडिशा के बलांगीर जिले के एक ईंट भट्टे में बिजली के तार की चपेट में आने से पायल ने अपने दोनों हाथ और दोनों पैर गंवा दिए। उस समय पायल की उम्र सिर्फ 8 साल थी। जब वे अस्पताल से घर लौटीं, तो पड़ोसियों और रिश्तेदारों का रवैया ठीक नहीं था। लोगों ने उनकी मां से कहा, ‘यह बच्ची अब क्या ही करेगी, इसे मार क्यों नहीं देतीं?’ कुछ कर दिखाने का जुनून पायल बताती हैं कि उन कड़वी बातों ने उन्हें तोड़ा नहीं, बल्कि कुछ बनने का जुनून भर दिया। हाथ नहीं थे, तो पायल की मां ने उनके मुंह में पेन पकड़ाकर कहा, ‘अब यही तुम्हारा हाथ है।’ पायल ने मुंह से लिखना सीखा और फिर स्केचिंग शुरू की। आर्चरी से पहले उन्होंने माउथ-पेंटिंग में राज्य स्तर पर गोल्ड जीता था। पायल के जीवन में एक मोड़ तब आया, जब बिना बताए अनाथालय भेज दिया। वहां वे घरवालों के लिए सिसकती रहीं, लेकिन वही अनाथालय उनकी खेल प्रतिभा का गवाह बना। प्रोस्थेटिक पैरों से धनुष को थामती हैं जब वे पहली बार कटरा के स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पहुंचीं, तो दूसरों को हाथों से धनुष चलाते देख निराश हो गई थीं, लेकिन कोच कुलदीप वेदवान ने उनके साहस को दिशा दी। पायल ने एक अनोखी टेक्निक विकसित की। वे अपने प्रोस्थेटिक पैरों से धनुष को थामती हैं, दांतों से स्ट्रिंग खींचती हैं और कंधे के दबाव से तीर छोड़ती हैं। इसी हैरतअंगेज हुनर को देखकर शीतल ने उन्हें ‘इंडियाज मिरेकल आर्चर’ नाम दिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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12 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगला संघर्ष सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला करना) का आरोप लगाया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। आसिफ ने कहा कि अगर भारत कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान जवाबी हमला भारतीय क्षेत्र के अंदर तक करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार संघर्ष 200-250 किमी तक सीमित नहीं रहेगा, हम उनके घरों तक जाएंगे। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बसित ने भी भारत के शहरों को निशाना बनाने की बात कही थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई का नाम लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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30 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने शनिवार को कहा कि अगला संघर्ष सिर्फ सीमाओं तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कोलकाता तक पहुंच सकता है। सियालकोट में मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने फॉल्स फ्लैग ऑपरेशन (छिपकर हमला करना) का आरोप लगाया, लेकिन इसके समर्थन में कोई सबूत पेश नहीं किया। आसिफ ने कहा कि अगर भारत कोई कार्रवाई करता है, तो पाकिस्तान जवाबी हमला भारतीय क्षेत्र के अंदर तक करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगली बार संघर्ष 200-250 किमी तक सीमित नहीं रहेगा, हम उनके घरों तक जाएंगे। इससे पहले भारत के रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चेतावनी दी थी कि पाकिस्तान की किसी भी हरकत का निर्णायक जवाब दिया जाएगा। हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बसित ने भी भारत के शहरों को निशाना बनाने की बात कही थी। उन्होंने दिल्ली और मुंबई का नाम लिया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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15 मिनट पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। अफगानिस्तान के काबुल में शुक्रवार देर शाम भूकंप से 8 लोगों की मौत हो गई। 6.3 तीव्रता के इस भूकंप के झटके पाकिस्तान के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए, हालांकि वहां किसी नुकसान की खबर नहीं है। पाकिस्तान मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप रात 9:13 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था और गहराई जमीन से 190 किलोमीटर अंदर थी। भूकंप के झटके खैबर पख्तूनख्वा, इस्लामाबाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पंजाब के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए। इससे पहले अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में 3 नवंबर 2025 को 6.3 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी। सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। भूकंप से शहर की ऐतिहासिक ब्लू मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा था। यह मस्जिद मजार-ए-शरीफ का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
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7 घंटे पहले कॉपी लिंक फाइल फोटो। अफगानिस्तान के काबुल में शुक्रवार देर शाम भूकंप से 8 लोगों की मौत हो गई। 6.3 तीव्रता के इस भूकंप के झटके पाकिस्तान के कई हिस्सों में भी महसूस किए गए, हालांकि वहां किसी नुकसान की खबर नहीं है। पाकिस्तान मौसम विभाग के अनुसार, भूकंप रात 9:13 बजे दर्ज किया गया। इसका केंद्र अफगानिस्तान के हिंदूकुश क्षेत्र में था और गहराई जमीन से 190 किलोमीटर अंदर थी। भूकंप के झटके खैबर पख्तूनख्वा, इस्लामाबाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर और पंजाब के कुछ हिस्सों में महसूस किए गए। इससे पहले अफगानिस्तान के मजार-ए-शरीफ में 3 नवंबर 2025 को 6.3 तीव्रता के भूकंप में कम से कम 20 लोगों की मौत हो गई थी। सैकड़ों लोग घायल हो गए थे। भूकंप से शहर की ऐतिहासिक ब्लू मस्जिद को भी नुकसान पहुंचा था। यह मस्जिद मजार-ए-शरीफ का प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔






