सावधान! घर बैठे कमाई का लालच पड़ सकता है भारी, 12वीं पास साइबर ठग ने इस शख्स से झटके में कूट लिए 17 लाख रुपये | delhi police cyber crime arrest pathan uzef khalil khan maharashtra jalna work from home fraud case

नई दिल्ली. डिजिटल इंडिया के इस दौर में जहां इंटरनेट ने हमारे जीवन को सुगम बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने इसे ठगी का नया हथियार बना लिया है. दिल्ली पुलिस की नॉर्थ-वेस्ट जिला साइबर सेल ने एक ऐसे ही अंतरराष्ट्रीय स्तर के साइबर सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जो वर्क फ्रॉम होम यानी घर बैठे काम के नाम पर मासूम लोगों की मेहनत की कमाई डकार रहा था. इस मामले में पुलिस ने महाराष्ट्र के जालना जिले से 25 वर्षीय एक युवक को गिरफ्तार किया है, जो इस पूरे खेल का मुख्य किरदार था. इस सनसनीखेज मामले की शुरुआत नए साल के पहले ही दिन यानी 1 जनवरी 2026 को हुई, जब दिल्ली के त्रिनगर के केशव पुरम निवासी राहुल सैनी ने पुलिस में एक शिकायत दर्ज कराई. राहुल ने बताया कि उसे घर बैठे ऑनलाइन टास्क पूरा करने के बदले मोटी कमाई का झांसा दिया गया था. शुरुआत में उसे कुछ छोटे-मोटे टास्क दिए गए और बदले में पैसे भी मिले, जिससे उसका भरोसा जीत लिया गया. लेकिन जैसे ही उसने बड़े निवेश वाले टास्क शुरू किए, साइबर ठगों ने उसे अपने जाल में फंसा लिया. राहुल से अलग-अलग बहानों और टैक्स के नाम पर कुल 17,16,777 रुपये ठग लिए गए. जब राहुल को अहसास हुआ कि उसके साथ धोखा हुआ है, तब तक काफी देर हो चुकी थी. दिल्ली पुलिस का ऑपरेशन मामले की गंभीरता को देखते हुए उत्तर-पश्चिमी जिला पुलिस ने एक विशेष टीम का गठन किया. इस टीम का नेतृत्व इंस्पेक्टर दिनेश दहिया कर रहे थे, जिसमें एसआई आरएन अशांग, हेड कांस्टेबल अमित, सोहन और संदीप शामिल थे. पुलिस ने सबसे पहले उन बैंक खातों की पड़ताल शुरू की जिनमें राहुल ने पैसे ट्रांसफर किए थे. जांच के दौरान एक चौंकाने वाला मनी ट्रेल सामने आया. ठगी की गई रकम को कई म्यूल अकाउंट्स में घुमाया गया था ताकि पुलिस को भ्रमित किया जा सके. तकनीकी विश्लेषण और डिजिटल फुटप्रिंट्स के आधार पर पुलिस को पता चला कि इस गिरोह का एक मुख्य सदस्य महाराष्ट्र के जालना में बैठकर अपनी गतिविधियों को अंजाम दे रहा है. पुलिस टीम ने तुरंत महाराष्ट्र का रुख किया और जालना में डेरा डाल दिया. कड़ी मेहनत और तकनीकी निगरानी के बाद आरोपी पठान उजेफ खलील खान को उसके ठिकाने से दबोच लिया गया. कौन है पठान उजेफ और क्या था उसका काम? 25 वर्षीय पठान उजेफ खलील खान केवल 12वीं पास है और पेशे से एक निजी होटल में शेफ का काम करता था. पूछताछ में उसने खुलासा किया कि वह अपनी विलासितापूर्ण जीवनशैली और माता-पिता की खराब आर्थिक स्थिति के कारण इस अपराध की दुनिया में शामिल हुआ. पुलिस के अनुसार, उजेफ इस गिरोह का वह ‘वर्टिकल’ था जो ठगी के पैसे को लिक्विडेट (नकद में बदलना) करता था. गिरोह के अन्य सदस्य जब शिकार को फंसा लेते थे तो पैसे उजेफ द्वारा प्रबंधित खातों में आते थे. उजेफ इन पैसों को ‘सेल्फ चेक’ के जरिए बैंक से निकालता था और फिर अपना कमीशन काटकर मुख्य सरगनाओं तक पहुंचा देता था. गिरफ्तारी से बचने के लिए वह लगातार अपने मोबाइल नंबर और ठिकाने बदलता रहता था. पुलिस ने उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है. कैसे काम करता है वर्क फ्रॉम होम स्कैम? यह स्कैम आमतौर पर टेलीग्राम या व्हाट्सएप मैसेज से शुरू होता है. ठग खुद को किसी बड़ी ई-कॉमर्स कंपनी या मार्केटिंग फर्म का प्रतिनिधि बताते हैं. लुभावना ऑफर: आपको यूट्यूब वीडियो लाइक करने या होटल रिव्यू देने जैसे आसान काम दिए जाते हैं. भरोसा जीतना: पहले दो-तीन टास्क के लिए आपको 200-500 रुपये का भुगतान किया जाता है. बड़ा निवेश: इसके बाद आपको ‘वीआईपी टास्क’ के लिए पैसे जमा करने को कहा जाता है, जहाँ से ठगी का असली खेल शुरू होता है. पैसे की लेयरिंग: ठगी गई रकम को एक खाते से दूसरे खाते में भेजा जाता है ताकि पुलिस मुख्य अपराधी तक न पहुँच सके. दिल्ली पुलिस के एडिशनल कमिश्नर नॉर्थ-वेस्ट जिला भीष्म सिंह ने कहा है कि किसी भी अज्ञात नंबर से आए ‘वर्क फ्रॉम होम’ के ऑफर्स पर भरोसा न करें. यदि कोई भी व्यक्ति या संस्था काम देने से पहले आपसे पैसे की मांग करती है, तो वह निश्चित रूप से एक फ्रॉड है. पुलिस अब उजेफ से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह के अन्य सदस्यों और उनके अंतरराष्ट्रीय संपर्कों का पता लगाया जा सके. उजेफ को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया गया है और पुलिस को उम्मीद है कि उससे पूछताछ के बाद कई और बड़े खुलासे होंगे.
चलती ट्रेन के नीचे लेटना अपराध, हैदराबाद पुलिस की चेतावनी

होमताजा खबरक्राइम रील बनाने के चक्कर में पटरी पर लेटा युवक, वीडियो देख कमिश्नर ने भी खोया आपा Last Updated:February 03, 2026, 17:51 IST Train Reel Viral Video: सोशल मीडिया पर वायरल होने के लिए एक युवक ने मौत को दावत दे दी. वह पटरी पर लेट गया और उसके ऊपर से तेज रफ्तार ट्रेन गुजर गई. इस खौफनाक स्टंट का वीडियो वायरल होने के बाद हैदराबाद पुलिस कमिश्नर ने इसे कोरी मूर्खता बताया है. रेलवे प्रशासन ने साफ किया है कि रेलवे एक्ट के तहत यह गंभीर अपराध है. अब ऐसे जानलेवा रील बनाने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी. रील बनाने के चक्कर में युवक ट्रेन के आगे लेट गया. (AI Image) सोशल मीडिया पर रातों-रात मशहूर होने का नशा अब युवाओं की जान का दुश्मन बन चुका है. हाल ही में एक ऐसा खौफनाक वीडियो वायरल हुआ है जिसे देखकर किसी की भी रूह कांप जाए. एक युवक चलती ट्रेन के नीचे सिर्फ इसलिए लेट गया ताकि वह एक वायरल रील बना सके. यह घटना न केवल रोंगटे खड़े कर देने वाली है बल्कि कानून की धज्जियां उड़ाने वाली भी है. जैसे ही ट्रेन गुजरी, युवक खड़ा होकर ऐसे मुस्कुराया जैसे उसने कोई जंग जीत ली हो. हैदराबाद पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने इस कृत्य को मूर्खता की पराकाष्ठा’ बताया. अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि एक सेकंड की चूक भी इस स्टंट को मौत के मातम में बदल सकती थी. अब रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और पुलिस ऐसे सनकी इन्फ्लुएंसर्स के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपना रही है. यह महज एक वीडियो नहीं बल्कि उन लाखों बच्चों के लिए खतरनाक उदाहरण है जो सोशल मीडिया पर सक्रिय हैं. प्रशासन ने अब सख्त कार्रवाई के संकेत दिए हैं. क्या है वायरल वीडियो में?वायरल क्लिप में देखा जा सकता है कि एक शख्स पटरी के बीचों-बीच लेटा हुआ है. तेज रफ्तार ट्रेन उसके ऊपर से गुजर रही है. ट्रेन और युवक के शरीर के बीच फासला ना के बराबर था. ट्रेन के गुजरते ही वह सुरक्षित खड़ा हो गया. वहां मौजूद उसका साथी इस पूरी घटना को कैमरे में कैद कर रहा था. कमिश्नर सज्जनार की सख्त चेतावनीहैदराबाद के पुलिस कमिश्नर वी.सी. सज्जनार ने इस वीडियो पर कड़ी आपत्ति जताई है. उन्होंने कहा कि वायरल होने की दौड़ में ऐसी हरकतें हीरोपंती नहीं बल्कि कोरी मूर्खता हैं. उन्होंने युवाओं से अपील की है कि वे जिम्मेदार बनें, लापरवाह नहीं. उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया की शोहरत के लिए जान जोखिम में डालना समझदारी नहीं है. कानूनी शिकंजे में इन्फ्लुएंसर्सरेलवे अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि ऐसे स्टंट रेलवे अधिनियम, 1989 के तहत दंडनीय अपराध हैं. हाल के दिनों में मऊ में भी एक युवक के खिलाफ ऐसी ही रील बनाने पर जांच शुरू हुई थी. जनवरी 2026 में कुछ युवकों ने वंदे भारत एक्सप्रेस रोकने के लिए पटरी पर लकड़ियां तक रख दी थीं. रेलवे पुलिस अब ऐसे मामलों में सीधी गिरफ्तारी और जेल की तैयारी कर रही है. सवाल-जवाब प्रश्न: क्या पटरी पर लेटना कानूनी रूप से अपराध है?उत्तर: हां, रेलवे अधिनियम के तहत यह एक गंभीर अपराध है और इसमें जेल भी हो सकती है. प्रश्न: पुलिस कमिश्नर ने इस घटना को क्या नाम दिया?उत्तर: उन्होंने इसे ‘सिर्फ मूर्खता’ करार दिया है. प्रश्न: क्या रेलवे सुरक्षा बल (RPF) इस पर कोई कार्रवाई कर रहा है?उत्तर: आरपीएफ को ऐसे स्टंट करने वालों के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ बरतने और कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं. प्रश्न: हाल ही में वंदे भारत एक्सप्रेस के साथ क्या शरारत की गई थी?उत्तर: जनवरी 2026 में वीडियो बनाने के चक्कर में कुछ लोगों ने पटरी पर लकड़ी के लट्ठे रख दिए थे. About the Author Sandeep Gupta पत्रकारिता में 14 साल से भी लंबे वक्त से सक्रिय हूं. साल 2010 में दैनिक भास्कर अखबार से करियर की शुरुआत करने के बाद नई दुनिया, दैनिक जागरण और पंजाब केसरी में एक रिपोर्टर के तौर पर काम किया. इस दौरान क्राइम और…और पढ़ें Location : Hyderabad,Telangana First Published : February 03, 2026, 17:51 IST
jashanpreet singh punjabi devils motorcycle club | guilty plea firearms machine gun illegal weapons | america fbi | कौन है ‘पंजाबी डेविल्स’ गैंग का सरगना जशनप्रीत सिंह, जिसको लेकर अमेरिका में मचा है बवाल?

जशनप्रीत सिंह अमेरिका में उन भारतीय युवाओं में से एक था, जो कैलिफोर्निया की सड़कों पर बाइक कल्चर में कूद पड़ा. अमेरिकी शहर स्टॉकटन में रहते हुए उसने पंजाबी डेविल्स (Punjabi Devils) नाम का एक मोटरसाइकिल क्लब बनाया, जो पंजाबी-सिख आइडेंटिटी से प्रेरित था. क्लब के सदस्य अक्सर गुरुद्वारे जाते, चैरिटी राइड्स करते, लेकिन अंदर से यह एक आउटलॉ गैंग था, जो नियम कायदा नहीं मानता था और जो हेल्स एंजेल्स जैसे बड़े गैंग से प्रभावित था. इस गैंग का लोगो एक दाढ़ी वाले शैतान की तस्वीर वाला था, जो पंजाबी टोपी पहने था. पंजाबी डेविल्स बाइक रैलियां, मीटिंग्स और सदस्यों को संगठित करता था. लेकिन जल्दी ही यह क्लब अवैध गतिविधियों में फंस गया. जून 2025 में जशनप्रीत सिंह ने एक अंडरकवर अधिकारी को हथियार बेचने की कोशिश में आरोपी बनाया गया और भारत भागते वक्त एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया गया. जशनप्रीत सिंह की कहानी एक छोटे बाइकर क्लब से शुरू होकर अवैध हथियारों का बड़े तस्कर के तौर पर उभर गया. बाद में भारत भागने की कोशिश में अमेरिकी जेल तक पहुंच गई. इस शख्स ने अमेरिका की धरती पर न केवल अपना गैंग बनाया, बल्कि वह खतरनाक हथियारों की तस्करी और घातक विस्फोटकों के काले कारोबार में भी शामिल हो गया. हम बात कर रहे हैं 27 वर्षीय जशनप्रीत सिंह की, जिसने हाल ही में अमेरिकी संघीय अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है. कौन है ‘पंजाबी डेविल्स’ का संस्थापक जशनप्रीत सिंह? अमेरिकी अटॉर्नी एरिक ग्रांट के अनुसार, जशनप्रीत सिंह ने हथियारों के अवैध व्यापार और मशीन गन रखने के गंभीर आरोपों में अपनी गलती मान ली है. यह मामला न केवल हथियारों की तस्करी से जुड़ा है, बल्कि इसमें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भागने की एक नाकाम कोशिश की फिल्मी कहानी भी शामिल है. जशनप्रीत सिंह ने कैलिफोर्निया के स्टॉकटन शहर में ‘पंजाबी डेविल्स’ मोटरसाइकिल क्लब की नींव रखी थी. जांच एजेंसियों के मुताबिक, यह कोई साधारण बाइकर्स ग्रुप नहीं था, बल्कि यह एक ‘आउटलॉ’ यानी कानून न मानने वाला गैंग था, जिसके संबंध दुनिया के सबसे खतरनाक बाइक गैंग ‘हेल्स एंजेल्स’ (Hells Angels) से बताए जाते हैं. जशनप्रीत इस गैंग का मुख्य चेहरा था और वह इसके जरिए अंडरवर्ल्ड और हथियारों की तस्करी की दुनिया में अपनी पैठ बना चुका था. जशनप्रीत की उम्र महज 27 साल है, लेकिन उसकी आपराधिक गतिविधियों का दायरा बहुत बड़ा था. वह स्टॉकटन और आसपास के इलाकों में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाला एक मुख्य कड़ी बन चुका था. हथियारों का जखीरा और ‘क्लेमोर’ माइन की बरामदगी जशनप्रीत की गिरफ्तारी की कहानी जून 2025 से शुरू होती है. 6 जून 2025 को जशनप्रीत ने एक अंडरकवर एजेंट (भेष बदले पुलिस अधिकारी) को कई खतरनाक हथियार बेचने की कोशिश की. इनमें एक शॉर्ट-बैरल राइफल, तीन असॉल्ट हथियार, तीन मशीन गन कन्वर्जन डिवाइस और एक रिवॉल्वर शामिल थे. जब पुलिस ने उसके घर और गाड़ी की तलाशी ली तो अधिकारी भी दंग रह गए. वहां से न केवल मशीन गन और साइलेंसर मिले, बल्कि पुलिस को एक ‘पाइनएप्पल’ स्टाइल का हैंड ग्रेनेड और एक मिलिट्री ग्रेड की ‘क्लेमोर’ माइन भी मिली. क्लेमोर माइन एक ऐसा विस्फोटक है जिसका इस्तेमाल युद्ध के मैदान में सेना द्वारा किया जाता है. इसकी गंभीरता को देखते हुए सैन जोकिन काउंटी शेरिफ विभाग की बम निरोधक टीम ने इन विस्फोटकों को मौके पर ही नष्ट किया. भारत भागने की नाकाम कोशिश और एयरपोर्ट पर ड्रामा जुलाई 2025 में जब जशनप्रीत पर राज्य स्तर के आरोप तय हुए, तो वह अदालत में पेश नहीं हुआ. इसके बाद उसके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी किया गया. जशनप्रीत जानता था कि वह फंस चुका है, इसलिए उसने अमेरिका छोड़कर भारत भागने का प्लान बनाया. 23 जुलाई 2025 को एफबीआई (FBI) को अमेरिकी सीमा शुल्क और सीमा सुरक्षा (CBP) से अलर्ट मिला कि जशनप्रीत ने भारत के लिए टिकट बुक की है और वह 26 जुलाई को सैन फ्रांसिस्को इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाला है. लेकिन इससे पहले कि वह विमान में सवार होकर फरार हो पाता, अधिकारियों ने उसे एयरपोर्ट पर ही दबोच लिया. तब से वह संघीय हिरासत में है. कितने साल की होगी जेल? जशनप्रीत सिंह को सजा सुनाने के लिए 11 मई 2026 की तारीख तय की गई है. अमेरिकी जिला न्यायाधीश डेल ए. ड्रोज़्ड उसे सजा सुनाएंगे. जशनप्रीत को दो अलग-अलग अपराधों के लिए भारी सजा का सामना करना पड़ सकता है: अवैध हथियारों के सौदे के लिए: अधिकतम 5 साल की जेल और 2,50,000 डॉलर का जुर्माना. मशीन गन रखने के लिए: अधिकतम 10 साल की जेल और 2,50,000 डॉलर का जुर्माना. कुल मिलाकर, जशनप्रीत को 15 साल तक की जेल हो सकती है, हालांकि अंतिम सजा अदालत के विवेक और फेडरल सेंटेंसिंग गाइडलाइंस पर निर्भर करेगी. ऑपरेशन टेक बैक अमेरिका यह मामला अमेरिकी न्याय विभाग के एक बड़े अभियान ‘ऑपरेशन टेक बैक अमेरिका’ का हिस्सा है. इस अभियान का लक्ष्य अमेरिका में अवैध प्रवासियों द्वारा की जा रही घुसपैठ को रोकना, ड्रग कार्टेल्स और अंतरराष्ट्रीय आपराधिक संगठनों को खत्म करना और समुदायों को हिंसक अपराधों से सुरक्षित रखना है. जशनप्रीत के मामले की जांच में एफबीआई, एटीएफ, होमलैंड सिक्योरिटी और कई स्थानीय पुलिस विभागों ने मिलकर काम किया है.
मुंबई पुलिस के रडार पर कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? | mumbai police crime branch may interrogate lawrence bishnoi anmol bishnoi in bollywood director rohit shetty case

Lawrence Bishnoi: बॉलीवुड डायरेक्टर रोहित शेट्टी के घर फायरिंग में क्या लॉरेंस बिश्नोई गैंग शामिल है? क्या लॉरेंस बिश्नोई या उसके भाई अनमोल बिश्नोई से मुंबई पुलिस पूछताछ करने वाली है? मुंबई के जूहू में बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के आवास के बाहर एक फरवरी को अज्ञात हमलावरों ने 4-5 राउंड फायरिंग की. गोलीबारी से बालकनी के ग्लास पैनल में निशान आए, लेकिन रोहित शेट्टी सुरक्षित बच गए. उस वक्त रोहित शेट्टी अपने घर के सातवें मंजिल पर थे. इस घटना के बाद मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने 12 स्पेशल टीम बनाईं और 100 से ज्यादा CCTV चेक किए. मुंबई पुलिस को इस केस मेंपुणे से बाइक पर आए हमलावर का सुराग मिला. पुलिस ने 5 लोगों को हिरासत में लिया, बाद में 4 गिरफ्तार किए. शुरुआती जांच में लॉरेंस बिश्नोई गैंग से लिंक का शक, खासकर बाबा सिद्दीकी हत्याकांड से जुड़े शुभम लोनकर का मिला है. यह घटना बॉलीवुड में संगठित अपराध और गैंगवार की आशंका बढ़ा रही है. ऐसे में इस हाई-प्रोफाइल केस पूरे देश में चर्चा में है. ऐसे में अहमदाबाद जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और दिल्ली के तिहाड़ जेल में बंद अनमोल बिश्नोई से क्या मुंबई पुलिस पूछताछ करेगी? लॉरेंस बिश्नोई से होगी पूछताछ! बॉलीवुड निर्देशक रोहित शेट्टी के जूहू स्थित आवास शेट्टी टावर के बाहर 1 फरवरी की देर रात हुई गोलीबारी ने पूरे देश को हिला कर रख दिया है. अज्ञात हमलावरों ने करीब 4-5 राउंड फायर किए, जिसमें एक गोली बालकनी के ग्लास पैनल को तोड़ते हुए अंदर गई, लेकिन रोहित शेट्टी और उनके परिवार के कोई सदस्य घायल नहीं हुए. उस समय रोहित शेट्टी अपने घर की सातवीं मंजिल पर मौजूद थे. मुंबई पुलिस ने इस घटना के 12 घंटे के भीतर चार लोगों को गिरफ्तार किया. गिरफ्तार किए शख्स का नाम स्वप्निल साकत, सिद्धार्थ येन्पुरे, आदित्य गायकवाड़, समर्थ पोमाजी है. सभी गिरफ्तार शख्स का उम्र 18 साल से 23 साल के बीच है. इन लोगों पर आरोप है कि इन्होंने हमलावरों को लॉजिस्टिक सपोर्ट दिया. मुंबई पुलिस के रडार पर क्यों और कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? रोहित शेट्टी के घर फायरिंग पर बड़ा अपडेट मुबंई पुलिस ने एक और आरोपी अमन मारोटे को नोटिस जारी किया गया. ये सभी शुभम लोनकर के निर्देश पर काम कर रहे थे, जो लॉरेंस बिश्नोई गैंग का सदस्य है और बाबा सिद्दीकी हत्याकांड में आरोपी है. शूटर अभी फरार है. गिरफ्तार लोगों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया के जरिए लोनकर से संपर्क किया और स्कूटर खरीदकर उसे जूहू में छोड़ दिया था. क्या बिश्नोई ब्रदर्स से होगी पूछताछ? रोहित शेट्टी के घर हमला करने के बाद कुछ घंटों बाद लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी ली. शुभम लोंकर और आरजू बिश्नोई से जुड़े अकाउंट से पोस्ट में लिखा कि यह ट्रेलर है और अगर रोहित शेट्टी ने उनके काम में दखल दिया तो अगली गोलियां उनके छाती में या बेडरूम में लगेंगी. पोस्ट में पूरे बॉलीवुड को चेतावनी दी गई कि बाबा सिद्दीकी की तरह हालात न हों तो अपनी राह सुधारें. पुलिस इस पोस्ट की आईपी ट्रेस कर रही है. मुंबई पुलिस हल्के में नहीं ले रही ये घटना अब सवाल उठ रहा है कि क्या मुंबई पुलिस अहमदाबाद की साबरमती जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई से पूछताछ करेगी? सूत्रों के अनुसार, क्राइम ब्रांच इस पर विचार कर रही है ताकि असली मोटिव और साजिश का पता लगे. एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा है कि शुभम लोनकर ने लोकल लोगों को भर्ती किया, ऐसा लगता है वह बॉलीवुड में अपनी मौजूदगी दर्ज कराना चाहता है और एक्सटॉर्शन नेटवर्क को फिर से सक्रिय करना चाहता है.. हालांकि, यह भी संभव है कि लोनकर ने बिश्नोई की जानकारी के बिना यह कदम उठाया हो. फिलहाल कोई फाइनल फैसला नहीं हुआ है, लेकिन पूछताछ की संभावना मजबूत है. मुंबई पुलिस के रडार पर क्यों और कैसे आया गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई, रोहित शेट्टी केस में होगी पूछताछ? लॉरेंस के भाई अनमोल बिश्नोई, जो तिहाड़ जेल में बंद हैं, इस केस में सीधे रडार पर नहीं दिख रहे. जांच अभी शूटर्स और लोनकर पर केंद्रित है, लेकिन अगर बड़े लेवल की साजिश सामने आई तो अनमोल पर भी नजर जा सकती है. यह घटना बॉलीवुड में संगठित अपराध और गैंगवार की आशंका को बढ़ा रही है. रोहित शेट्टी ने कोई पूर्व धमकी नहीं मिलने की बात कही है, लेकिन उनकी सुरक्षा बढ़ा दी गई है. पुलिस अब शूटर को पकड़ने पर फोकस कर रही है, जिसकी गिरफ्तारी से पूरी साजिश खुल सकती है. जांच जारी है और अगले कुछ दिनों में बड़े खुलासे की उम्मीद है.
बंगाल चुनाव 2026: किस विधानसभा चुनाव के लिए वाम-कांग्रेस में होगा गठबंधन? सीपीआई (एम) ने किया खुलासा

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026: सर को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में हलचल है। वोट-मुखी पश्चिम बंगाल में हर दिन राजनीतिक पारा चढ़ रहा है। इसके साथ ही राजनीतिक सूत्रों पर भी चर्चा शुरू हो गई है. इस 2026 के विधानसभा चुनाव में वाम-कांग्रेस के बीच सीट समझौते को लेकर विभिन्न हलकों में चर्चा शुरू हो गई है. इस संबंध में अब एबीपी आनंद के सामने सीपीआईएम के राज्य सचिव मोहम्मद अरायल ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है. आपसे पूछा गया, ”चुनाव तो लगभग आ गया है। आप भी निश्चित रूप से अपनी रणनीति बना रहे हैं। 2021 में आप कांग्रेस के साथ गए थे। इस बार कांग्रेस के साथ आपका रुख क्या है?” चर्चा फाइनल स्टेज में- मोहम्मद महासभा उत्तर में मोहम्मद राय ने कहा, ‘हम पिछली पूजा के बाद से ही वाम मोर्चे के जो सहयोगी हैं, उनके साथ हम चर्चा कर रहे हैं। चार साथ की चर्चा हो रही है। उन्होंने आगे कहा, ”मेरे पास सी-सटीक लिबरेशन से बात है। वे इस बात से सहमत हैं कि वामपंथ में नहीं रहेंगे. वाम मोर्चे के सहयोगी के रूप में हमारा समर्थन करेंगे, हम बीजेपी-तृणमूल को हराने के लिए लड़ेंगे। सीट को लेकर जिस दिन बैठेंगे उस दिन फाइनल हो जाएगा। आईएसएसएफ भी साथ आने के लिए सहमत- मोहम्मद आध्याल ईसाई कहते हैं, “वामपंथियों के बाहर जो हैं, उनसे हमारी आईएसएफ के साथ बात हुई है। वे भी सैद्धांतिक रूप से सहमत हैं कि वामपंथियों के साथ ही लड़ेंगे। उन्हें यह भी कहा जाता है कि और कौन आएगा यह कोई शर्त नहीं रखेगा। वामपंथियों के सहयोगियों को जैसे कहा गया है कि वे भी वामपंथियों के साथ ही लड़ेंगे।” उन्होंने आगे कहा, ”कांग्रेस की ओर से पार्टी की ओर से कुछ सिद्धांतों को प्रदर्शित किया गया है। अगर सहमति हो सके तो कुछ पार्टीवाद। इसलिए बार-बार कहा जा रहा है कि पहले राजनीतिक रूप से रुख साफ करना होगा। वामपंथ के साथ सहमति बनाने के लिए पहले राजनीति को स्पष्ट करना होता है। वह राजनीति में बीजेपी-तृणमूल विरोधी होगी। सांप्रदायिकता-साम्राज्यवाद विरोधी और गठबंधन करने वाले लोगों के पक्ष में होंगे।” ईसाई ने कहा, ”वैश्विक कैथोलिकों के सामने सिर नहीं झुकाया जाता है, उन कांग्रेस कैथोलिकों का हम सम्मान करते हैं।” बहुत लालची-प्रलोभन-मारपीट-लाठी-जेल-जुर्माना, सी.पी.आई.एम. की तरह है। वे क्लासिक में नहीं गए, उस सम्मान को खत्म करना होगा। “वैश्विक नेतृत्व के साथ अगर कांग्रेस का व्यावसायिक या वाणिज्यिक या राजनीतिक संबंध है, तो उसके लिए ये को-लेटरल डेमेज क्यों होंगे?” (टैग्सटूट्रांसलेट)एबीपी आनंद एक्सक्लूसिव(टी)सीपीएम(टी)वाम-कांग्रेस गठबंधन(टी)मोहम्मद सलीम(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)सीपीआई एम(टी)कांग्रेस(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)पश्चिम बंगाल समाचार(टी)एली(टी)डब्ल्यूबी चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)एबीपी आनंदा एक्सक्लूसिव(टी)सी पीएम(टी)लेफ्ट-कांग्रेस गठबंधन(टी)मोहम्मद दरगाह(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026(टी)बीजेपी(टी)सी गठबंधन पार्टी(टी)कांग्रेस(टी)टीएमसी(टी)पश्चिम बंगाल समाचार









