खो रहा कागज पर लिखने का हुनर:एक्सपर्ट का मत- तेज रफ्तार जिंदगी में ठहराव-अपनापन लाता है हाथों से लिखना

आज की डिजिटल दुनिया में, जहां हमारे इनबॉक्स ई-मेल से भरे पड़े हैं और एआई तेजी से संदेश लिख रहा है, वहां पेन उठाकर कागज पर कुछ लिखना ‘खोया हुआ हुनर’ बन रहा है। इस तकनीकी क्रांति के बीच, हम सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि उन शब्दों के साथ मिलने वाले गहरे भावनात्मक और शारीरिक फायदों को भी खो रहे हैं। सेंटर फॉर जर्नल थेरेपी की डायरेक्टर कैथलीन एडम्स कहती हैं,‘जब आप हाथ से पत्र लिखते हैं, तो सिर्फ शब्द नहीं, बल्कि अपना समय और भावनाएं भी भेजते हैं। यह ‘आत्मीय और सचेत विकल्प’ है। जब आप किसी खास व्यक्ति को स्नेह या प्रशंसा जैसे सकारात्मक विचारों के बारे में लिखते हैं, तो यह हमारे मस्तिष्क को ‘फील-गुड’ न्यूरोट्रांसमीटर से भर देता है और हमारे जुड़ाव, सहानुभूति और कृतज्ञता की भावना को सक्रिय करता है।’ मनोवैज्ञानिक रेबेका स्वेंसन कहती हैं,‘आप खुद का एक हिस्सा किसी और को दे रहे होते हैं। अपने विचारों या भावनाओं को कलमबद्ध करना हमारे लिए और पाने वाले व्यक्ति के लिए बहुत सुकून देने वाला होता है।’ रेबेका के मुताबिक भावनाओं को लिखकर व्यक्त करना शरीर पर भी असर डालता है। इससे इंफ्लेमेशन कम होती है, ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट घटता है। साथ ही डिप्रेशन और एंग्जायटी का स्तर भी घटता है। इससे व्यक्ति को मानसिक रूप से बेहतर महसूस होता है। शब्दों के अपनेपन को फिर से महसूस करें लेखिका लिंडसे रोथ कहती हैं,‘खास कागज, स्याही या पेन का इस्तेमाल करना भी एक यादगार अनुभव बन सकता है। जब हम किसी को सुंदर स्टेशनरी पर चिट्ठी लिखते हैं, तो वह उसे लंबे समय तक संभालकर रखता है। यह एक तरह की रस्म बन जाती है, जो आज की तेज रफ्तार जिंदगी में ठहराव और अपनापन लाता है। लिंडसे कहती हैं, ई-मेल में मेहनत नहीं लगती, हाथ से लिखे शब्द बताते हैं कि आप वास्तव में परवाह करते हैं।’ तो आइए… इस डिजिटल शोर में, पेन उठाएं और शब्दों के अपनेपन को फिर महसूस करें।’ कैफे दे रहा खुद को चिट्ठी लिखने का मौका लिखना शुरू करने वालों के लिए कई तरह के प्रयोग हो रहे हैं। जैसे लुई वितों की ‘क्लेमेंस नोटबुक’ या एस्पिनल ऑफ लंदन की ‘रिफिलेबल लग्जरी जर्नल’ जैसी डायरी में विचार लिखना खास अनुभव बनता है। लंदन के स्टेशनरी स्टोर ‘चूजिंग कीपिंग’ में 120 से ज्यादा फाउंटेन पेन हैं। इनमें ‘एमराल्ड वाजिमा’ व ‘स्काई एंड क्लाउड्स’ डिजाइन वाले पेन लिखने के लिए प्रेरित करते हैं। पेरिस के ‘कैफे प्ली’ में चिट्ठी लिख सकते हैं, जो आप ही को 1, 5 या 20 साल बाद भेजी जाती है। इसमें स्टेशनरी, वैक्स स्टैम्प, पोस्टेज शामिल रहता है।
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Noida News: तारीख 14 फरवरी. पूरी दुनिया जब प्यार का जश्न मना रही थी, तब नोएडा के सेक्टर-39 थाना क्षेत्र के सेक्टर 107 में एक सफेद एल्ट्रोज कार के भीतर खौफनाक सन्नाटा पसरा था. कार के शीशे बंद थे, लेकिन अंदर जो मंजर था उसने पुलिस के भी होश उड़ा दिए. कार के अंदर खून से लथपथ दो लाशें थीं… होनहार क्रिकेटर सुमित और उसकी प्रेमिका रेखा की. यह महज एक सुसाइड नहीं था, बल्कि एक ऐसी प्रेम कहानी का दर्दनाक अंत था जिसे ‘जाति’ के अहंकार और ‘समाज’ के डर ने घुटने टेकने पर मजबूर कर दिया. पुलिस की शुरुआती जांच और एक साल पुराने एक ‘माफीनामे’ ने इस पूरी घटना के पीछे छिपे दर्द और जातिगत नफरत की परतों को खोलकर रख दिया है. बचपन का साथ और परवान चढ़ता प्यार इस प्रेम कहानी की शुरुआत दिल्ली के त्रिलोकपुरी के एक पब्लिक स्कूल से हुई थी. सुमित और रेखा ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई साथ की. एक ही कैंपस, एक ही उम्र और साथ में बिताए गए वक्त ने कब दोस्ती को धीरे-धीरे प्यार में बदल दिया, उन्हें पता भी नहीं चला. दोनों के परिवार भी एक-दूसरे से परिचित थे. पढ़ाई के बहाने सुमित का रेखा के घर आना और रेखा का सुमित के घर जाना एक रूटीन बन गया था. सुमित एक बेहतरीन क्रिकेटर था. दाएं हाथ का यह बल्लेबाज यूपी-राजस्थान से लेकर गुजरात और मध्य प्रदेश के मैदानों अपनी धाक जमाई थी. रेखा को भी क्रिकेट का जुनून था. जब सुमित मैदान पर होता, रेखा फोन पर उसकी हौसलाअफजाई करती. ग्रेजुएशन के बाद रेखा नोएडा के सेक्टर-62 में नौकरी करने लगी, वहीं सुमित ने अपने पिता (जो दिल्ली एमसीडी में हेल्थ इंस्पेक्टर हैं) की मदद से वॉटर प्लांट लगाया और कामयाबी की सीढ़ियां चढ़ने लगा. सुमित ने अपनी मेहनत से नोएडा में 1 करोड़ का फ्लैट भी खरीदा था, जिसे वह रेखा को तोहफे में देना चाहता था. साल 2019 का वो हादसा और बदलती किस्मतइस प्रेम कहानी में पहला काला अध्याय 2019 में आया. नोएडा के सेक्टर-107 में सुमित का एक भीषण रोड एक्सीडेंट हुआ. डॉक्टरों ने कह दिया कि वह अब कभी क्रिकेट नहीं खेल पाएगा. इस हादसे के बाद सुमित करियर और सपने दोनों चकनाचूर हो गए, लेकिन रेखा की मोहब्बत नहीं डगमगाई. वह अस्पताल से लेकर घर तक साये की तरह सुमित के साथ रही. 7 महीनों की रिकवरी के दौरान ही दोनों परिवारों को उनके रिश्ते की गहराई का अहसास हुआ. यही वो दौर था जब दोनों के परिवारों को उनके रिश्ते की गहराई का पता चला. सुमित के परिवार को इस रिश्ते से ऐतराज नहीं था, लेकिन रेखा का परिवार इस शादी के सख्त खिलाफ था. बाधा सिर्फ करियर की नहीं थी, बाधा थी ‘बिरादरी’ की. सुमित वाल्मीकि समाज से ताल्लुक रखता था और रेखा कायस्थ परिवार से. ऊंची जाति की लड़की पिछड़ी जाति के लड़के को कैसे दी जाए? इस एक सवाल ने सालों पुराने प्यार पर पहरा बिठा दिया. रेखा के परिवार ने उस पर दबाव बनाना शुरू किया. सुमित के भाई सचिन का आरोप है कि रेखा के परिजनों ने सुमित को धमकाना शुरू कर दिया था. उन्हें डर था कि ‘नीची जाति’ के लड़के से शादी करने पर समाज में उनकी प्रतिष्ठा धूल में मिल जाएगी. पुलिस केस की धमकी और वो ‘एक साल पुराना नोट’मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, साल 2025 की शुरुआत में विवाद इतना बढ़ गया कि रेखा के चचेरे भाई ने सुमित को पकड़ लिया और उस पर छेड़खानी का केस दर्ज कराने की धमकी दी. पुलिस की छानबीन में सुमित की हैंडराइटिंग में लिखा एक साल पुराना नोट मिला है, जो इस कहानी के दर्द को बयां करता है. सुमित ने लिखा था, रेखा से मेरा कोई संबंध नहीं है. अगर मैं उसके साथ किसी भी तरह की छेड़खानी करूं या उसे परेशान करूं, तो मेरे खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए. इसका जिम्मेदार मैं खुद होऊंगा. यह नोट सिर्फ एक कागज का टुकड़ा नहीं था, बल्कि उस दबाव का सबूत था जो सुमित पर बनाया गया था. सुमित ने सोशल मीडिया चैट पर भी रेखा के परिवार से माफी मांगी थी, जिसमें वह गिड़गिड़ा रहा था कि प्लीज शिकायत मत करना, मैं अब नहीं मिलूंगा. इसके बाद रेखा ने भी सुमित के फोन उठाने कम कर दिए थे, लेकिन अंदर ही अंदर दोनों इस अलगाव से टूट रहे थे. सुमित ने रेखा के लिए नोएडा में 1 करोड़ का फ्लैट खरीदा था, वह उसे खुश रखने के लिए महंगे गिफ्ट देता था, लेकिन समाज की बेड़ियां इन सबसे कहीं ज्यादा मजबूत साबित हुईं. 13 फरवरी की वो आखिरी शामभले ही दुनिया के सामने उन्होंने मिलना बंद कर दिया था, लेकिन उनके दिल की डोर अभी भी जुड़ी थी. 13 फरवरी की दोपहर 3 बजे सुमित अपनी सफेद कार लेकर निकला. 3:39 पर उसने रेखा को मैसेज किया, ‘मैं मरने जा रहा हूं.’ घबराकर रेखा ने उसे कॉल किया और ऑफिस के बाहर मिलने बुलाया. वह सुमित को समझाने के लिए कार में बैठी, लेकिन शायद सुमित ने फैसला कर लिया था. शाम 6 बजे जब रेखा घर नहीं पहुंची, तो परिजनों ने तलाश शुरू की. सुमित का फोन बंद था, जबकि रेखा का फोन 14 फरवरी की सुबह तक ऑन था लेकिन कोई जवाब नहीं मिल रहा था. सेक्टर-58 पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई, लेकिन नियति को कुछ और ही मंजूर था. लावारिस कार…अंदर दो लाशें14 फरवरी की दोपहर सेक्टर-39 पुलिस को सूचना मिली कि एक सफेद कार सुनसान जगह पर लावारिस हालत में खड़ी है. पुलिस मौके पर पहुंची और जब पुलिस ने शीशा तोड़ा, तो अंदर का मंजर भयानक था. सुमित के हाथ में पिस्टल थी और दोनों के सिर में गोलियां लगी थीं. पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक सबूत इशारा करते हैं कि सुमित ने पहले रेखा को गोली मारी और फिर खुद को खत्म कर लिया. कार के अंदर से दो खोखे बरामद हुए हैं. चौंकाने वाली बात यह है कि जिस सेक्टर-107 में कभी सुमित का एक्सीडेंट हुआ था, उसी के पास उनकी लाशें मिलीं. अधूरे सपने और खाली पड़ा फ्लैटसुमित का अंतिम संस्कार दिल्ली में हुआ, जबकि रेखा का नोएडा के सेक्टर-94 में. जिस
जयपुर में बेखौफ बदमाश! कार रोककर ज्वेलर से 27 लाख की सोना-चांदी लूट, देर रात सड़कों पर दहशत

Last Updated:February 15, 2026, 08:59 IST Jaipur Jewelery Robbery Case: राजधानी जयपुर में शनिवार देर रात ज्वेलर से फिल्मी अंदाज में लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई. बदमाशों ने कार आगे लगाकर बीच सड़क पर ज्वेलर को रोका और डंडों से हमला कर शीशे तोड़ते हुए गहनों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए. वारदात प्रताप नगर में आरयूएचएस के पास अजय मार्ग पर हुई. लुटेरे करीब 27 लाख रुपये का माल लेकर फरार हुए. पुलिस ने नाकाबंदी कर सीसीटीवी फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है. ख़बरें फटाफट जयपुर में बदमाशों ने ज्वेलर से 27 लाख के सोने-चांदी की कर ली लूट जयपुर. राजधानी जयपुर में शनिवार देर रात फिल्मी अंदाज में ज्वेलर से लूट की सनसनीखेज वारदात सामने आई है. बदमाशों ने चलती कार के आगे अपनी गाड़ी अड़ाकर ज्वेलर को बीच सड़क पर रोक लिया और फिर डंडों से हमला कर कार के शीशे तोड़ते हुए गहनों से भरा बैग लूटकर फरार हो गए. इस वारदात में करीब 27 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण लूटे जाने की बात सामने आई है. घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया और पुलिस महकमे में भी अफरा-तफरी का माहौल बन गया. जानकारी के अनुसार, पीड़ित रामनिवास सोनी, जिनकी वाटिका क्षेत्र में ज्वेलरी शॉप है, शनिवार देर रात अपनी दुकान बंद कर घर लौट रहे थे. उनके पास कार में एक बैग था, जिसमें करीब 50 ग्राम सोना और लगभग 7 किलो चांदी रखी हुई थी. जैसे ही वे प्रताप नगर इलाके में आरयूएचएस अस्पताल के पास अजय मार्ग पर पहुंचे, तभी पीछे से आई एक कार ने उनकी गाड़ी के आगे आकर अचानक ब्रेक लगा दिए. इससे रामनिवास सोनी को मजबूरन अपनी कार रोकनी पड़ी. बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में हमला बोला गाड़ी से उतरते ही बदमाशों ने फिल्मी अंदाज में तुरंत हमला बोल दिया. आरोपियों ने डंडों से कार के शीशे तोड़ दिए और रामनिवास सोनी के साथ मारपीट की. अचानक हुए हमले से वे संभल भी नहीं पाए. बदमाशों ने कार में रखा गहनों से भरा बैग छीना और मौके से फरार हो गए. पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दे दी गई, जिससे वहां से गुजर रहे अन्य वाहन चालक भी दहशत में आ गए. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे शहर में नाकाबंदी करवा दी गई. प्रमुख चौराहों और हाईवे पर वाहनों की सघन जांच की गई, लेकिन देर रात तक कार सवार लुटेरों का कोई सुराग नहीं लग पाया. सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस जयपुर पुलिस ने आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है, ताकि बदमाशों की पहचान की जा सके और उनके भागने के रूट का पता लगाया जा सके. प्रारंभिक जांच में यह वारदात पूरी तरह से सुनियोजित प्रतीत हो रही है. आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों को पहले से ज्वेलर की गतिविधियों और गहनों की जानकारी थी. इसी आधार पर उन्होंने रास्ते में घात लगाकर इस वारदात को अंजाम दिया. पुलिस ने कुछ संदिग्धों को डिटेन कर पूछताछ शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपियों को पकड़ने का दावा किया जा रहा है. इस सनसनीखेज लूट की घटना के बाद प्रताप नगर सहित आस-पास के इलाकों में दहशत का माहौल है. पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा. About the Author deep ranjan दीप रंजन सिंह 2016 से मीडिया में जुड़े हुए हैं. हिंदुस्तान, दैनिक भास्कर, ईटीवी भारत और डेलीहंट में अपनी सेवाएं दे चुके हैं. 2022 से News18 हिंदी में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. एजुकेशन, कृषि, राजनीति, खेल, लाइफस्ट…और पढ़ें Location : Jaipur,Rajasthan First Published : February 15, 2026, 08:59 IST
PNB Recruitment 5138 Posts | Haryana 4227 Vacancies; 11,000+ Jobs

Hindi News Career PNB Recruitment 5138 Posts | Haryana 4227 Vacancies; 11,000+ Jobs 6 दिन पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते देशभर के अलग-अलग विभागों में 11,840 पदों पर भर्तियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 5 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 5 ग्राफिक्स के जरिए जानिए : पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… आज की सरकारी नौकरी: असिस्टेंट स्टाफ नर्स के 390 पदों पर निकली भर्ती, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 2273 पदों के लिए आवेदन की तारीख बढ़ी जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: NTPC में 515 पदों पर भर्ती; SEBI में 91 वैकेंसी, इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन में अप्रेंटिस की 108 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: नॉर्दर्न कोलफील्ड्स में 270 पदों पर भर्ती; बैंक ऑफ बड़ौदा में 166 वैकेंसी, मुंबई मेट्रो में इंजीनियर की ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर
Pension Fraud; Life Certificate APK Files Scam Case Explained

6 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक कुछ दिनों पहले दिल्ली के एक 79 वर्षीय रिटायर्ड सिविल इंजीनियर के साथ साइबर ठगी हुई। स्कैमर्स ने फर्जी विज्ञापन के जरिए उन्हें लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने का झांसा दिया। इसके बाद उनके बैंक खाते से पैसे निकाल लिए। हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से ऐसी ही एक घटना का वीडियो शेयर किया है। इसमें पेंशनधारकों को लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर होने वाले स्कैम के बारे में सतर्क किया गया है। साइबर ठग बुजुर्गों की तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाते हैं। ऐसे में हमें अपने घर के बुजुर्गों को डिजिटल दुनिया के पीछे छिपे खतरों के बारे में बताना जरूरी है। चलिए, आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम इस स्कैम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- स्कैमर पेंशनर्स को अपने जाल में कैसे फंसाते हैं? ऐसे स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट क्या है, ठगों ने रिटायर्ड बुजुर्ग को कैसे चूना लगाया? जवाब- यह पेंशन धारक के जीवित होने का आधिकारिक प्रमाणपत्र है। पेंशनर्स को हर साल यह सर्टिफिकेट अपने बैंक या अधिकृत पोर्टल के माध्यम से अपडेट कराना होता है। अगर यह समय पर जमा न हो तो पेंशन रुक सकती है। ठग इसी का फायदा उठाते हैं। नीचे दो अलग-अलग मामले समझिए- पहला मामला I4C द्वारा शेयर किए गए वीडियो के मुताबिक, एक रिटायर्ड पुलिस ऑफिसर को फेसबुक स्क्रॉल करते हुए पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट करने का एक एड दिखा। जैसे ही उन्होंने इस एड पर क्लिक किया, एक वेबपेज खुला। इसमें ऑलरेडी उनकी कुछ पर्सनल डिटेल्स ऑटो-फिल थीं। उन्होंने ज्यादा सोचा नहीं और फॉर्म सबमिट कर दिया। कुछ देर बाद उन्हें एक फोन कॉल आया और वॉट्सएप पर .apk फाइल भेजी आई। उनसे कहा गया कि ये फाइल डाउनलोड करके फॉर्म भर दीजिए। आपका पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट हो जाएगा। उन्होंने फॉर्म में अपना आधार नंबर, फोन नंबर दर्ज किया और ओटीपी सबमिट किया। ऐसा करते ही उनके फोन का कंट्रोल साइबर क्रिमिनल्स के पास चला गया। कुछ ही समय में उनके बैंक अकाउंट से 2.40 लाख रुपए कट गए। दूसरा मामला दूसरी घटना में रिटायर्ड सिविल इंजीनियर को फेसबुक स्क्रॉलिंग के दौरान PNB लाइफ सर्टिफिकेट का विज्ञापन दिखा। लिंक पर क्लिक करते ही उनसे नाम और मोबाइल नंबर लिया गया। कॉलर ने खुद को PNB स्टाफ बताकर वॉट्सएप पर ‘PNB Pension Life Certificate Update.apk’ भेजा और एप डाउनलोड करवाया। एप के जरिए पर्सनल व बैंक डिटेल ली गई और भरोसे के लिए 1 रुपए कटते दिखाया गया। कुछ ही घंटों में खाते से 4.15 लाख रुपए निकाल लिए गए। सवाल- रिटायर्ड बुजुर्गों की तरफ से क्या गलती हुई, जिसके कारण वे ठगी का शिकार हो गए? जवाब- दोनों रिटायर्ड बुजुर्गों ने तीन बड़ी गलतियां की थीं- उन्होंने सोशल मीडिया पर दिखे विज्ञापन पर भरोसा कर लिया। अनजान लिंक से APK फाइल डाउनलोड की, जो कभी भी बैंक या सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा नहीं होती है। अनजान एप में अपनी पर्सनल और बैंक से जुड़ी जानकारी भर दी। इन्हीं तीन गलतियों के कारण उनकी मेहनत की कमाई एक बार में उड़ गई। सवाल- पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर साइबर स्कैमर्स ठगी को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- स्कैमर्स पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर फर्जी एप और कॉल के जरिए बैंक डिटेल्स हासिल करते हैं। इसके बाद खाते से पैसे ऐंठ लेते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- लोग इतनी आसानी से इस तरह के स्कैम के झांसे में क्यों फंस जाते हैं? जवाब- इस स्कैम में ठग पेंशनर्स की सीमित तकनीकी जानकारी का फायदा उठाते हैं। ‘लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट’ जैसी जरूरी प्रक्रिया का नाम लेकर वे पेंशनर्स को डराते हैं कि अगर तुरंत अपडेट नहीं किया गया तो पेंशन रुक सकती है। इस डर से वे बिना जांच-पड़ताल के फर्जी लिंक पर क्लिक कर देते हैं। सवाल- इस तरह के किसी भी स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इसके लिए घर के बुजुर्गों को तकनीक के बारे में जागरूक करना जरूरी है। उन्हें ये बताएं कि बैंक या सरकार कभी भी APK फाइल भेजकर या फोन पर डिटेल्स मांगकर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट नहीं कराती है। इसके साथ ही उन्हें कुछ और बुनियादी बातों की जानकारी दें। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल– पेंशनर लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट कराने या प्राप्त करने का सही तरीका क्या है? जवाब– लाइफ सर्टिफिकेट सिर्फ बैंक ब्रांच, पोस्ट ऑफिस या सरकारी jeevanpramaan.gov.in पोर्टल के जरिए ही अपडेट होता है। यह कभी भी सोशल मीडिया लिंक, कॉल या APK फाइल से नहीं होता है। सवाल- घर के बुजुर्गों को स्कैम से बचाने के लिए क्या जरूरी कदम उठाने चाहिए? जवाब- इसके लिए घर के बुजुर्गों को कुछ बातें जरूर बताएं। जैसेकि- उन्हें समझाएं कि बैंक कभी भी फोन, वॉट्सएप या लिंक से डिटेल नहीं मांगते हैं। सोशल मीडिया विज्ञापनों पर तुरंत भरोसा न करें। अनजान एप डाउनलोड न करने के लिए मना करें। अनजान कॉल, मैसेज या लिंक से इंटरैक्ट न करें। समय-समय पर उनके मोबाइल फोन चेक करते रहें। देखें कोई संदिग्ध एप तो नहीं है। उनके फोन में सिर्फ जरूरी और भरोसेमंद एप ही रखें। बैंकिंग एप में डेली ट्रांजैक्शन लिमिट सेट करें। नेट बैंकिंग और UPI पर अलर्ट/SMS नोटिफिकेशन हमेशा ऑन रखें। उनके फोन में साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 सेव करें। बैंक और परिवार के दो भरोसेमंद नंबर स्पीड डायल में डालें। समय-समय पर उनके साथ बैठकर स्कैम के नए तरीकों के बारे में बताएं। प्ले स्टोर में ‘प्ले प्रोटेक्ट’ विकल्प हमेशा ऑन रखें। किसी के कहने पर भी इसे बंद न करें। सेटिंग्स से ‘इंस्टॉलेशन फ्रॉम अननोन सोर्स’ विकल्प को हमेशा ऑफ रखें। सवाल- किसी भी स्कैम से बचने के लिए किन बुनियादी बातों का ध्यान रखना जरूरी है? जवाब- इसके लिए 6 बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें। अगर इसे समझ लिए तो किसी भी स्कैम से बच सकते हैं। किसी भी कॉल या मैसेज पर तुरंत भरोसा न करें। किसी भी अनजान लिंक पर कभी क्लिक न करें। .apk फाइल कभी भी
जरूरत की खबर- क्या आपका यूरिक एसिड बढ़ा है:इन 9 संकेतों से पहचानें, जानें बिना दवाई कैसे करें कंट्रोल, क्या खाएं और क्या न खाएं

अगर जोड़ों में अचानक दर्द, सूजन या पैरों के अंगूठे में जलन महसूस हो तो इसे नजरअंदाज न करें। इसकी वजह हाई यूरिक एसिड हो सकता है। शरीर भोजन के पाचन और मेटाबॉलिक प्रक्रिया के दौरान यूरिक एसिड बनाता है। आमतौर पर किडनी इसे पेशाब के रास्ते बाहर निकाल देती है। इस प्रक्रिया में कोई गड़बड़ी होने पर यूरिक एसिड शरीर में जमा होने लगता है और गाउट (गठिया) जैसी परेशानी पैदा कर सकता है। खराब लाइफस्टाइल, तला-भुना खाना, पर्याप्त पानी न पीना और कुछ बीमारियां इस समस्या को बढ़ा सकती हैं। हालांकि, समय रहते लक्षण पहचानकर सही इलाज से इसे कंट्रोल किया जा सकता है। इसलिए जरूरत की खबर में आज यूरिक एसिड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट: डॉ. राजीव गोयल, डायरेक्टर, यूरोलॉजी, नारायणा हॉस्पिटल, गुरुग्राम सवाल- यूरिक एसिड क्या है? यह क्यों बढ़ता है? जवाब- यूरिक एसिड शरीर के रोजाना कामकाज में बनने वाला एक वेस्ट है। भोजन में प्यूरिन नाम का तत्व होता है, पाचन के समय यह यूरिक एसिड बन जाता है। आमतौर पर किडनी इसे फिल्टर करके पेशाब के जरिए बाहर निकाल देती है। जब शरीर अधिक मात्रा में यूरिक एसिड बनाने लगता है और किडनी फिल्टर नहीं कर पाती है तो इसका लेवल बढ़ जाता है। ज्यादा रेड मीट, शराब, शुगरी-ड्रिंक्स, डिहाइड्रेशन, कुछ मेडिसिन्स और किडनी डिजीज के कारण ये समस्या होती है। अगर लंबे समय तक यूरिक एसिड बढ़ा रहे तो गाउट यानी जोड़ों में दर्द की वजह बन सकता है। सवाल- यूरिक एसिड बढ़ने पर शरीर क्या संकेत देता है? जवाब- इसका सबसे कॉमन लक्षण जोड़ों में तेज दर्द, सूजन और जकड़न है। खासकर पैरोें के अंगूठे, घुटने और टखने में दर्द होता है। इसका दर्द अक्सर अचानक शुरू होता है और रात में बढ़ सकता है। कुछ गंभीर मामलों में किडनी पर असर पड़ता है, जिससे पेशाब में जलन या किडनी स्टोन की समस्या हो सकती है। इसके सभी लक्षण ग्राफिक में देखिए- सवाल- अगर यूरिक एसिड बढ़ जाए तो इसके कारण क्या कॉम्प्लिकेशन्स हो सकते हैं? जवाब- ज्यादा दिन तक यूरिक एसिड हाई रहने से कई कॉम्प्लिकेशन्स हो सकते हैं। गाउट के कारण जोड़ों में सूजन के साथ तेज दर्द शुरू हो जाता है। ज्यादा दिन तक ऐसा रहने से जोड़ों में यूरिक एसिड के क्रिस्टल जमने लगते हैं, जिससे जोड़ों में परमानेंट डैमेज हो सकता है। इससे किडनी स्टोन का खतरा बढ़ जाता है। सवाल- एक हेल्दी बॉडी में यूरिक एसिड का नॉर्मल लेवल क्या होना चाहिए? जवाब- एक स्वस्थ वयस्क के शरीर में यूरिक एसिड का सामान्य स्तर 3.4 से 7.0 mg/dL (मिलीग्राम/डेसीलीटर) और महिलाओं में 2.4 से 6.0 mg/dL माना जाता है। बच्चों में इसका सामान्य लेवल थोड़ा कम हो सकता है। अगर यूरिक एसिड इससे ज्यादा हो जाए, तो जॉइंट्स और किडनी को प्रभावित कर सकता है। इसलिए जरूरी है कि यूरिक एसिड कंट्रोल में बना रहे। सवाल- यूरिक एसिड लेवल का पता लगाने के लिए कौन सा टेस्ट किया जाता है? जवाब- अगर डॉक्टर को लगता है कि यूरिक एसिड लेवल बढ़ गया है तो इसके लिए सीरम यूरिक एसिड ब्लड टेस्ट करवा सकते हैं। इसमें ब्लड सैंपल लेकर उसमें मौजूद यूरिक एसिड की मात्रा देखी जाती है। इससे पता चलता है कि शरीर में यूरिक एसिड नॉर्मल है या बढ़ा हुआ है। कुछ मामलों में डॉक्टर यूरिन यूरिक एसिड टेस्ट की भी सलाह दे सकते हैं। इससे पता चलता है कि किडनी यूरिक एसिड को सही से बाहर निकाल रही है या नहीं। यह दोनों ही टेस्ट आसान और सुरक्षित होते हैं। सवाल- बढ़े हुए यूरिक एसिड का इलाज क्या है? जवाब- यूरिक एसिड का इलाज इसके कारण और लेवल पर निर्भर करता है। अगर यूरिक एसिड हल्का-फुल्का बढ़ा हुआ है तो लाइफस्टाइल में सुधार करके कंट्रोल किया जा सकता है। इसमें पर्याप्त पानी पीना और वजन कंट्रोल करना मददगार होता है। अगर यूरिक एसिड इतना बढ़ गया है कि गाउट अटैक (गठिया की शिकायत) हो रहे हैं तो डॉक्टर दवाइयां देते हैं। सवाल- क्या यूरिक एसिड को बिना दवाई के भी कंट्रोल किया जा सकता है? जवाब- ज्यादातर मामलों में यूरिक एसिड को बिना दवाई के कंट्रोल किया जा सकता है। अगर लेवल ज्यादा बढ़ गया है तो शुरू में दवाई के जरिए कंट्रोल करने के बाद लाइफस्टाइल में जरूरी सुधार करें। इसके लिए खान-पान का खास ख्याल रखें और पार्याप्त पानी पिएं, ताकि किडनी को यूरिक एसिड छानने में मदद मिले। सवाल- यूरिक एसिड कंट्रोल करने के लिए डाइट में कौन सी चीजें शामिल करनी चाहिए? जवाब- इसके लिए डाइट में लो-प्यूरिन और फाइबर से भरपूर फूड शामिल करने चाहिए। हरी सब्जियां, मौसमी फल, सलाद और होल ग्रेन्स किडनी की हेल्दी फंक्शनिंग में मदद करते हैं। इसमें लो-फैट दूध, दही और छाछ जैसे डेयरी प्रोडक्ट्स फायदेमंद माने जाते हैं। सवाल- क्या खट्टी चीजें खाने से यूरिक एसिड का लेवल कम हो सकता है? जवाब- ज्यादातर खट्टी चीजें विटामिन-C से भरपूर होती हैं। विटामिन-C किडनी के जरिए यूरिक एसिड के बाहर निकलने की प्रक्रिया को स्मूद बनाता है। संतरा, नींबू, आंवला और मौसमी जैसे फल फायदेमंद माने जाते हैं। हालांकि, सिर्फ खट्टी चीजें खाने से यूरिक एसिड अपने-आप कम नहीं होता है। इसके लिए संतुलित डाइट, पर्याप्त पानी और सही लाइफस्टाइल भी जरूरी है। बहुत ज्यादा खट्टी चीजें या प्रोसेस्ड खट्टी चीजें खाने से नुकसान भी हो सकता है। सवाल- अगर यूरिक एसिड बढ़ा हो तो किन चीजों से परहेज करना चाहिए? जवाब- इसके लिए हाई प्यूरिन फूड्स से परहेज करना जरूरी होता है। रेड मीट, ऑर्गन मीट, सी-फूड और शराब यूरिक एसिड तेजी से बढ़ा सकते हैं। कार्बोनेटेड ड्रिंक्स, और हाई फ्रुक्टोज जूस (बहुत मीठे जूस) भी नुकसानदेह होते हैं। ज्यादा तला-भुना, प्रोसेस्ड और जंक फूड खाने से बचना चाहिए। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन सप्लीमेंट लेना भी ठीक नहीं है। सवाल- किन कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है? जवाब- अगर यूरिक एसिड बढ़ा हो और जोड़ों में अचानक तेज दर्द, सूजन या रेडनेस भी हो, तो तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें। इन सभी कंडीशंस में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है, अगर- ……………… ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- पैकेज्ड दूध में कोलिफॉर्म बैक्टीरिया: जानें इसके हेल्थ रिस्क, दूध को कैसे रखें सेफ, खरीदते हुए







