Delhi Girl Death | Fast Car Hits E-Rickshaw in Janakpuri

नई दिल्ली11 घंटे पहले कॉपी लिंक घटना के दौरान बच्ची अपनी नानी के साथ स्कूल जा रही थी। दिल्ली के जनकपुरी इलाके में तेज रफ्तार कार सेंट्रो की टक्कर से 6 साल की बच्ची की मौत हो गई। घटना 17 फरवरी की सुबह करीब 7.40 बजे की है। इसमें बच्ची की नानी मर्सी जेवियर भी गंभीर घायल हुई हैं। उन्होंने बताया- मैं नातिन को ई-रिक्शा से स्कूल छोड़ने जा रही थी। तभी तेज रफ्तार कार ने हमारे रिक्शे को टक्कर मारी। मुझे कुछ समझ आता उससे पहले मैं सड़क पर गिर गई। जब होश आया तो मेरी नातिन मेरे पास पड़ी थी। मेरा हाथ खून से भीगा था। जेवियर ने बताया कि मैंने वहां मौजूद लोगों से मदद मांगी, कार वाले से मदद का कहा, लेकिन वह भाग गया। मेरी किसी ने मदद नहीं की। इलाज के दौरान बच्ची की मौत हो गई। घटना पर पुलिस ने बताया कि आरोपी कार ड्राइवर को गिरफ्तार किया गया है। जहां घटना हुई वहां के सीसीटीवी फुटेज भी निकाला जा रहा है। बच्ची की मां बोलीं- लापरवाह ड्राइविंग पर नियंत्रण जरूरी घटना पर पीड़ित मां ने कहा- मैं एक अस्पताल में काम करती हूं। यहां के एक कर्मचारी ने मुझे बताया था कि मेरी मां सड़क पर रो रही हैं। मेरी बेटी सांस नहीं ले पा रही है। लापरवाह ड्राइविंग पर कंट्रोल जरूरी है। एक सेकेंड में किसी की भी जान जा सकती है। पुलिस इस पर एक्शन ले। इससे ज्यादा हमें कुछ नहीं कहना है। 3 फरवरी: कार की टक्कर से बाइकर की मौत दिल्ली में 3 फरवरी को एक स्कॉर्पियो की टक्कर से 23 साल के साहिल धनेशरा की मौत हो गई थी। यह हादसा द्वारका के लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास हुआ था। कार चलाने वाला 17 साल का नाबालिग है। पीड़ित मां ने आरोप लगाया था कि स्कॉर्पियो ड्राइवर पर पहले से 13 ओवर-स्पीडिंग चालान हैं। पूरी खबर पढ़ें… 5 फरवरी- गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत:जलबोर्ड के 3 अधिकारी सस्पेंड, केस भी दर्ज; राहुल गांधी बोले- कातिल सड़क नहीं, गैरजिम्मेदार सत्ता है पश्चिमी दिल्ली के जनकपुरी में 15 फीट गहरे गड्ढे में गिरकर बाइक सवार की मौत मामले में एक्शन हुआ है। पुलिस ने दिल्ली जल बोर्ड के अधिकारियों और कॉन्ट्रैक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पूर्व सरपंच बोले-पैसे देकर मासूम शर्मा को कहीं नचवा लो:पंच चुनाव जीतकर दिखाए, जींद में महापंचायत की तैयारी; सिंगर ने स्टेज से उतारा था

हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा और पूर्व सरपंच का ‘स्टेज विवाद’ अब तूल पकड़ता जा रहा है। जींद में पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने मासूम को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। उन्होंने कहा कि मासूम ने उनका अपमान किया है। चुने हुए सरपंच, विधायक और मंत्रियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया है। पूर्व सरपंच ने कहा- पैसे देकर मासूम शर्मा को तो कहीं भी नचवा लो। अगर गांव में आकर माफी नहीं मांगी तो महापंचायत करेंगे । जींद के गांव ब्राह्मणवास निवासी सिंगर मासूम शर्मा की बहन कविता शर्मा की शादी मुआना गांव निवासी धर्मबीर उर्फ धरमू से हुई है। बुधवार को उनकी 25वीं सालगिरह पर हुए प्रोग्राम में सिंगर मासूम शर्मा ने पूर्व सरपंच को स्टेज से नीचे उतार दिया था। इसके बाद पूर्व संरपंच राजेंद्र शर्मा ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिंगर को सीधी चुनौती दी। पहले जानिए क्या है मासूम का स्टेज विवाद… मासूम ने पूर्व सरपंच को कहा था… मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। आप चाहे सरपंच हो मेरा परफॉर्मेंस नीचे बैठकर देखो। अब पढ़िए…पूर्व सरपंच ने क्या पलटवार किया ————– यह खबर भी पढ़ें… हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने सरपंच को धमकाया, VIDEO: मंच से उतारकर बोले- MLA-मंत्री तक को कुछ नहीं समझता, भीड़ से भी धक्का-मुक्की की हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर सुर्खियों में हैं। एक लाइव शो के दौरान उन्होंने स्टेज पर खड़े पूर्व सरपंच व समर्थकों पर चिल्लाते हुए नीचे उतरने को कह दिया। सिंगर ने कहा- मेरे गाने के प्रोग्राम के बीच में कोई सरपंच हो, कोई एमएलए हो, कोई मंत्री हो, मैं किसी ने कुछ नहीं मानता। (पूरी खबर पढ़ें)
Pakistan Army Vs BLA; PAK Soldier Hostage Video Update

इस्लामाबाद7 घंटे पहले कॉपी लिंक कैमरे पर रोते हुए असलियत बताते पाकिस्तानी सैनिक। यह वीडियो हक्काल मीडिया ने जारी किया है। पाकिस्तानी उग्रवादी संगठन बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने एक और वीडियो जारी किया है। इसमें पाकिस्तानी सैनिक सरकार से मदद की गुहार लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस वीडियो में 7 पाकिस्तानी सैनिकों को दिखाया गया है। वीडियो में एक सैनिक रोते हुए कह रहा है कि वह पाकिस्तान के लिए लड़ता रहा, लेकिन आज सेना उसे अपना नहीं मान रही। सैनिक कह रहा है- ‘मेरे पास पाकिस्तानी सेना का ID कार्ड है, फिर क्यों कहा जा रहा है कि मैं पाकिस्तानी सैनिक नहीं हूं।’ यह वीडियो पाकिस्तान की सेना के उस बयान को सीधी चुनौती देता है, जिसमें कहा गया था कि उसके कोई भी सैनिक लापता नहीं हैं और न ही किसी उग्रवादी संगठन की हिरासत में हैं। BLA ने 14 फरवरी को इन सैनिकों को पकड़ा था। इनकी रिहाई के लिए BLA ने बलूच लड़ाकों की रिहाई की मांग की है। इसके लिए पाकिस्तान सरकार को 22 फरवरी तक का वक्त दिया गया है। पाकिस्तानी सैनिकों के कैद करने का यह वीडियो BLA से जुड़े हक्काल मीडिया ने जारी किया है। पाकिस्तान सरकार के पास और 3 दिन का वक्त यह वीडियो BLA के आधिकारिक चैनल ‘हक्काल’ पर जारी किया गया है। वीडियो में बंदी बनाए गए सैनिकों से BLA लड़ाके कहते हैं, “पाकिस्तान सरकार को 7 दिन का अल्टीमेटम दिया गया था, लेकिन वो आप लोगों को अपना मानने से इनकार कर रही है। आप कैसे साबित करेंगे कि पाकिस्तानी सैनिक हैं?” इसके जवाब में सैनिक रोते हुए कहते हैं, “आर्मी कैसे कह सकती है कि हम उनके ‘बंदे’ नहीं हैं।” सैनिक कैमरे के सामने अपने ऑफिशियल सर्विस और आइडेंटिटी कार्ड दिखाते हुए कहते हैं- ‘ये आर्मी का ही तो है न। इन्होंने ही तो हमें ये सब दिया था। हमने खुद ये तो नहीं बनाया है। आप किस तरह ये कह रहे हैं कि ये हमारे बंदे नहीं हैं।’ एक सैनिक अपने वरिष्ठ अधिकारियों से अपील करते हुए कहता है, ‘हमें भर्ती किया गया था, जरूरी दस्तावेज दिए गए और अलग-अलग जगहों पर तैनात किया गया था। ऐसे में अब संबंधित अधिकारी उन्हें अपना जवान मानने से इनकार क्यों कर रहे हैं।’ पाकिस्तान सरकार बोली- कोई सैनिक लापता नहीं पहले खबरें आई थीं कि 7 सैनिकों को पकड़ा गया है, हालांकि इस वीडियो में 8 लोग नजर आ रहे हैं। इस वीडियो में कुछ लोग ऊबड़-खाबड़ इलाके में जमीन पर घुटनों के बल बैठे दिखाई दे रहे हैं। उनके पास हथियारबंद लोग खड़े हैं। BLA ने चेतावनी दी है कि अगर 22 फरवरी तक पाकिस्तानी सरकार सैनिकों की अदला-बदली को लेकर बातचीत शुरू नहीं करती तो बंदी बनाए गए लोगों को फांसी दी जा सकती है। रिपोर्ट्स के मुताबिक पाकिस्तानी सेना के अधिकारियों का दावा है कि उनका कोई भी सैनिक लापता नहीं है। BLA बलूचिस्तान की आजादी के लिए लड़ रहा है बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) एक संगठन है जो पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता के लिए लड़ रहा है। इसकी स्थापना 2000 के दशक की शुरुआत में हुई और इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन भी घोषित किया गया है। BLA का दावा है कि बलूचिस्तान के प्राकृतिक संसाधनों का शोषण हो रहा है और बलूच लोगों के अधिकार छीन लिए गए हैं। यह संगठन पाकिस्तानी सेना, सरकार और चीनी प्रोजेक्ट्स जैसे CPEC को निशाना बनाता रहा है। BLA अपनी गुरिल्ला शैली के लिए जाना जाता है। यानी पहाड़ी इलाकों में छिपकर सेना पर हमला करना और तुरंत वापस लौट जाना। पाकिस्तान का सबसे गरीब राज्य बलूचिस्तान बलूचिस्तान पाकिस्तान का सबसे गरीब प्रांत है, जबकि यहां प्राकृतिक संसाधनों की भरमार है। शिक्षा, रोजगार और आर्थिक विकास के मामले में यह देश के बाकी हिस्सों से काफी पीछे है। यह इलाका लंबे समय से हिंसा और विद्रोह से जूझ रहा है। यह खनिज संसाधनों से भरपूर दक्षिण-पश्चिमी प्रांत है, जिसकी सीमा अफगानिस्तान और ईरान से लगती है। यहां लड़ाके अक्सर सरकारी बलों, विदेशी नागरिकों और दूसरे प्रांतों से आए लोगों को निशाना बनाते हैं। बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) बलूचिस्तान का सबसे सक्रिय अलगाववादी संगठन माना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में बलूच अलगाववादियों ने दूसरे प्रांतों से आए पाकिस्तानी मजदूरों और विदेशी कंपनियों पर हमले तेज कर दिए हैं। उनका आरोप है कि ये लोग और कंपनियां बलूचिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रही हैं। ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स में पाकिस्तान दूसरे नंबर पर ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के मुताबिक बुर्किना फासो के बाद पाकिस्तान दुनिया का दूसरा सबसे आतंक प्रभावित देश बन चुका है, जबकि 2024 में यह चौथे स्थान पर था। TTP के हमलों में 90% की वृद्धि हुई है। बलूच आर्मी (BLA) के हमलों में 60% बढ़ोतरी हुई है। इस्लामिक स्टेट- खुरासान (IS-K) ने अब पाकिस्तानी शहरों को भी निशाना बनाना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट के मुताबिक पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान सबसे ज्यादा आतंक प्रभावित इलाके हैं। देश भर की कुल आतंकी घटनाओं में से 90% इसी इलाके में हुईं। रिपोर्ट में तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान को लगातार दूसरे साल पाकिस्तान का सबसे खतरनाक आतंकवादी संगठन बताया गया। 2024 में इस ग्रुप ने 482 हमले किए, जिसकी वजह से 558 मौतें हुई थीं, जो 2023 के मुकाबले 91% ज्यादा हैं। ————————————– BLA से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… BLA का दावा- 17 पाकिस्तानी सैनिकों को हिरासत में लिया:10 रिहा किए, 7 अभी भी कैद में; अदला-बदली के लिए 7 दिन की मोहलत बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने रविवार को दावा किया कि उसने 17 पाकिस्तानी सैनिकों को हिरासत में लिया है। इनमें से 10 को छोड़ दिया गया है, जबकि बाकी 7 को कैद कर लिया है। इनके बदले बलूच लड़ाकों की रिहाई के लिए पाकिस्तान सरकार को एक हफ्ते की मोहलत दी गई है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Priyanka Gandhi Vs Himanta Sarma; Assam Election Politics

Hindi News National Priyanka Gandhi Vs Himanta Sarma; Assam Election Politics | Gaurav Gogoi गुवाहाटी16 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी दो दिन के असम दौरे पर हैं। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने शुक्रवार को कहा कि गौरव गोगोई और उनके परिवार को ‘पाकिस्तान लिंक’ के आरोपों में घसीटना गलत राजनीति है। प्रियंका ने कहा कि असम के सीएम चुनाव से पहले डर गए हैं, इसलिए इस तरह के आरोप लगा रहे हैं। उन्हें निजी आरोपों की बजाय राज्य के विकास पर बात करनी चाहिए। प्रियंका बोली- गौरव जी और उनके परिवार को जिस तरह निशाना बनाया जा रहा है, उससे साफ है कि यह गलत राजनीति है। असम की जनता जानती है कि दूसरी तरफ के लोग उनसे घबराए हुए हैं। वह सही रास्ते पर चल रहे हैं। यह उनके लिए सम्मान की बात है। प्रियंका गांधी का आज असम दौरे का दूसरा दिन है। सुबह वह गुवाहाटी के पास सोनापुर पहुंचीं। गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की। प्रियंका की बातों के तीन बड़े पॉइंट्स… मुख्यमंत्री को बताना चाहिए कि उन्होंने असम के विकास के लिए क्या किया है। असम की युवा पीढ़ी को नौकरी और रोजगार की जरूरत है। जहां-जहां भाजपा की सरकार है, वहां चुनाव से पहले महिलाओं को पैसा दिया जाता है, लेकिन क्या उन्हें पांच साल सुरक्षा मिली? कितनी महिलाओं को रोजगार मिला और कितनों को आत्मनिर्भर बनाया गया? राज्य की संपत्ति जनता के हाथ से निकलकर ‘एक परिवार’ के पास जा रही है और योजनाओं का इस्तेमाल सिर्फ चुनावी फायदा लेने के लिए किया जा रहा है। हिमंता के CM नहीं बनाने पर भी तंज प्रियंका गांधी ने हिमंता के उस बयान का भी जवाब दिया, जिसमें उन्होंने कहा था कि कांग्रेस ने उन्हें मुख्यमंत्री नहीं बनाया था। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री बनने के लिए कई कारक तय करते हैं। अगर वे दस साल बाद भी मुख्यमंत्री नहीं बनने देने कि बात पर रो रहे हैं, तो मुझे और कुछ कहने की जरूरत नहीं है। असम सरकार के खिलाफ 20 पॉइंट्स की चार्जशीट जारी प्रियंका गांधी ने असम विधानसभा चुनाव से पहले राज्य सरकार के खिलाफ 20 पॉइंट्स की चार्जशीट जारी की। यह चार्जशीट असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी की ओर से तैयार की गई है। कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई ने कहा कि प्रियंका गांधी असम की जनता की भावनाएं समझने आई हैं और कांग्रेस पार्टी आगामी चुनाव के लिए पूरी तरह तैयार है। असम की राजनीति में हाल के तीन बड़े घटनाक्रम… 18 फरवरी: गौरव गोगोई बोले- CM हिमंता असम के जिन्ना, नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करें असम कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष गौरव गोगोई ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा- हिमंता ने बोरा को कांग्रेस का आखिरी हिंदू नेता बताया है। हिमंता ‘असम के जिन्ना’ हैं, उन्हें नेताओं को ‘हिंदू सर्टिफिकेट’ देना बंद करना चाहिए। गोगोई ने ये भी कहा- भाजपा में शामिल होने वाले नेता अपनी पार्टी के लिए गैरजरूरी हो जाते हैं। ऐसा ही हाल असम कांग्रेस के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा का होगा। पूरी खबर पढ़ें… 17 फरवरी: असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने पार्टी छोड़ी, भाजपा जॉइन करेंगे असम कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष भूपेन कुमार बोरा के भाजपा जॉइन करने की अटकलों पर मुहर लगी। असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने बोरा के घर जाकर उनसे मुलाकात की। इसके बाद CM ने बोरा के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस की और बताया कि वे 22 फरवरी को पार्टी की सदस्यता लेंगे। बोरा ने एक दिन पहले कांग्रेस से इस्तीफा दिया था। उन्होंने सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के को अपना इस्तीफा पत्र सौंपा। पूरी खबर पढ़ें… 16 फरवरी: हिमंता बोले- कांग्रेस सांसद ने पाकिस्तान की यात्रा की, उनकी पत्नी ने भारत की जानकारी शेयर की असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने कहा है कि कांग्रेस सांसद गौरव गोगोई से जुड़े कथित पाकिस्तान लिंक के मामले की जांच अब केंद्र सरकार करेगी। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने इस मामले से जुड़े सभी सबूत केंद्र को सौंप दिए हैं और अब केंद्रीय एजेंसी इसकी जांच करेगी। मुख्यमंत्री सरमा ने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई और उनकी पत्नी का पाकिस्तान से जुड़े कुछ लोगों से संबंध रहा है और यह एक बड़े नेटवर्क का हिस्सा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें… —— ये खबर भी पढ़ें… असम विधानसभा चुनाव सिंगल फेज में हो सकता है:अप्रैल के पहले हफ्ते में वोटिंग संभव; BJP-कांग्रेस की EC से अपील- तारीख बिहू के आसपास हो असम विधानसभा के चुनाव अप्रैल के पहले हफ्ते में हो सकते हैं। चुनाव आयोग इसका ऐलान अगले महीने 4 से 8 मार्च के बीच कर सकता है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक सभी 126 सीटों के लिए एक या अधिकतम दो फेज में वोटिंग होने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
India-US Pax Silica Deal | Chip Manufacturing Boost; Modi-Trump Meet Soon

Hindi News Business India US Pax Silica Deal | Chip Manufacturing Boost; Modi Trump Meet Soon नई दिल्ली10 घंटे पहले कॉपी लिंक ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के आखिरी दिन भारत और अमेरिका ने ‘पैक्स सिलिका’ डिक्लेरेशन पर साइन किए हैं। इस समझौते का मकसद दुनिया भर में सेमीकंडक्टर और AI की सप्लाई चेन को सुरक्षित बनाना और गैर-मित्र देशों पर निर्भरता कम करना है। अश्विनी वैष्णव बोले- सेमीकंडक्टर का हब बनेगा भारत केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और अमेरिकी आर्थिक मामलों के सचिव जैकब हेलबर्ग ने इसपर साइन किए। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा कि भारत अब पैक्स सिलिका का हिस्सा बन गया है, जिससे देश के इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को बड़ा फायदा होगा। उन्होंने बताया- भारत में पहले से ही 10 प्लांट्स पर काम चल रहा है। बहुत जल्द देश के पहले सेमीकंडक्टर प्लांट में चिप का कॉमर्शियल प्रोडक्शन शुरू हो जाएगा। वैष्णव ने यह भी साझा किया कि भारतीय इंजीनियर अब देश में ही एडवांस ‘2-नैनोमीटर’ चिप डिजाइन कर रहे हैं। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ‘पैक्स सिलिका’ डिक्लेरेशन पर साइन करने के बाद बोलते हुए। सेमिकंडक्टर इंडस्ट्री को 10 लाख प्रोफेशनल्स की जरूरत अश्विनी वैष्णव ने बताया कि सेमीकंडक्टर इंडस्ट्री को आने वाले समय में करीब 10 लाख अतिरिक्त स्किल्ड प्रोफेशनल्स की जरूरत होगी और दुनिया की यह उम्मीद भारत से ही है। उन्होंने कहा, “देश के पास अब एक साफ दिशा और लक्ष्य है। हमें सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स इंडस्ट्री में ग्लोबल लीडरशिप लेनी है।” अमेरिका बोला- भारत का प्रवेश सिर्फ प्रतीकात्मक नहीं समिट में शामिल अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने इस गठबंधन में भारत की एंट्री को रणनीतिक रूप से अनिवार्य बताया। उन्होंने कहा, “भारत के पास ऐसा टैलेंट है जो किसी भी चुनौती का मुकाबला कर सकता है। भारत की इंजीनियरिंग गहराई इस गठबंधन के लिए बहुत जरूरी है।” मोदी और ट्रम्प की जल्द हो सकती है मुलाकात सर्जियो गोर ने भारत में हो रही इस समिट को बेहद प्रभावशाली बताया। जब उनसे पीएम मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की मुलाकात के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने संकेत देते हुए कहा- बने रहिए। मुझे यकीन है कि सही समय पर यह मुलाकात जरूर होगी। भारत-अमेरिका की साझेदारी से बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे भारत और अमेरिका के बीच हुए ‘पैक्स सिलिका’ समझौते के दौरान गूगल और अल्फाबेट के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा कि इस समझौते का मकसद सुरक्षा और भरोसेमंद सप्लाई चेन सुनिश्चित करना है। साथ ही, इससे अहम टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बिजनेस के नए रास्ते खुलेंगे। सुंदर पिचाई ने भारत और अमेरिका के बीच मजबूत रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि एआई (AI) का फायदा सबको मिलना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि गूगल अपने प्रोडक्ट्स, इंफ्रास्ट्रक्चर और खास बिजनेस सॉल्यूशंस के जरिए भारत में एआई की ग्रोथ को पूरा सपोर्ट कर रहा है। भारत और अमेरिका के बीच हुए ‘पैक्स सिलिका’ समझौते के दौरान स्पीच देते हुए गूगल के CEO सुंदर पिचाई। क्या है पैक्स सिलिका और इसमें कौन-कौन शामिल? इसे दिसंबर 2025 में लॉन्च किया गया था। इसका मकसद एक ऐसा इकोसिस्टम बनाना है जहां कच्चे माल से लेकर एडवांस इंफ्रास्ट्रक्चर तक की सप्लाई चेन सुरक्षित रहे। सदस्य देश: भारत के अलावा इस गठबंधन में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान, इजरायल, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, यूएई, कतर, ग्रीस और ब्रिटेन शामिल हैं। अब AI समिट के बारे में जानें… पीएम मोदी की 16 AI स्टार्टअप्स CEOs के साथ मीटिंग प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज 20 फरवरी को 16 एआई स्टार्टअप्स के सीईओ और फाउंडर्स के साथ राउंडटेबल मीटिंग की। इस दौरान पीएम ने इनोवेटर्स को जोखिम लेकर भारत की जरूरतों के हिसाब से समाधान बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। पीएम ने जोर दिया कि जैसे यूपीआई ने दुनिया में अपनी पहचान बनाई है, वैसे ही भारतीय एआई कंपनियां भी ग्लोबल लीडरशिप लें। विकासशील देश में होने वाली पहली AI समिट यह अपनी तरह का पहली एआई समिट है जो विकासशील देश में हो रही है। 5 दिन की समिट में दुनिया भर के लीडर्स, मंत्रियों और टेक कंपनियों के सीईओ ने हिस्सा लिया। समिट के दौरान टेक कंपनियों ने भारत में कई नए इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स और डील्स का एलान किया है। आज शाम को ये लीडर्स AI को संभालने और इसके रिस्क को कम करने पर एक साझा विजन पेश करेंगे। 200 बिलियन डॉलर का निवेश आने की उम्मीद इस समिट के जरिए भारत ने खुद को ग्लोबल AI और चिप मैन्युफैक्चरिंग के केंद्र के रूप में पेश किया है। सरकार का अनुमान है कि अगले दो साल में देश में एआई, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में 200 बिलियन डॉलर का निवेश आएगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
America Indiana Truck accident; Punjabi Driver Sukhdeep Singh Arrest

ट्रक की टक्कर के बाद पंजाबी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर ले जाती हुई पुलिस। अमेरिका के इंडियाना में पुलिस ने पंजाबी ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान सुखदीप सिंह के नाम से हुई है। उसने अपने सेमी-ट्रक से एक सफेद पिकअप ट्रक को टक्कर मार दी। . टक्कर इतनी जोरदार थी कि पिकअप ड्राइवर 64 वर्षीय टेरी की मौके पर ही मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सुखदीप ने रेड लाइट जंप की, जिससे कुल तीन वाहन इस हादसे की चपेट में आ गए। यह घटना बुधवार दोपहर करीब 12 बजे हेंड्रिक्स काउंटी में हुई, जो इंडियानापोलिस के पश्चिम में स्थित है। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि आरोपी सुखदीप सिंह अमेरिका में अवैध रूप से रह रहा था। अमेरिकी पुलिस के मुताबिक, वह न केवल लापरवाही से वाहन चला रहा था, बल्कि उसकी इमिग्रेशन स्थिति भी अवैध पाई गई। फिलहाल वह इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट (ICE) की हिरासत में है। हालांकि अभी यह पता नहीं चला है कि सुखदीप सिंह किस जिले का रहने वाला हैं। ट्रक की टक्कर से क्षतिग्रस्त हुई कार। सुखदीप 2018 में अवैध तरीके से पहुंचा अमेरिका मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पंजाबी ट्रक ड्राइवर सुखदीप सिंह 2018 में अवैध तरीके से अमेरिका पहुंचा था, जहां उसे पुलिस ने पकड़ा लिया था। उस वक्त सुखदीप सिंह नाबालिग था। जिसकी वजह से ‘फ्लोर्स कंसेंट डिक्री’ के तहत छोड़ा गया था। यह नियम अनिवार्य करता है कि अवैध रूप से सीमा पार करने वाले बच्चों को हिरासत में रखने के बजाय उनके माता-पिता या वयस्क रिश्तेदारों को सौंप दिया जाए। वह पहले न्यूयॉर्क में रहता था और इस साल जनवरी से इंडियाना के न्यू पैलेस्टाइन में रह रहा था। सुखदीप को नॉन डॉमिशाइल कर्मशियल ड्राइविंग लाइसेंस 2025 में मिला था। ट्रक ड्राइवर सुखदीप सिंह को घटनास्थल से ही स्टेट पुलिस ने ICE (इमिग्रेशन एंड कस्टम्स एनफोर्समेंट) के लिए हिरासत में ले लिया। स्थानीय मीडिया रिपोट्स व पुलिस के अनुसार सुखदीप इंडियाना में अवैध रूप से रह रहा है। आरोपी सुखदीप सिंह। ओवरस्पीडिंग के तीन बार चालान हो चुके सुखदीप सिंह पर ओवरस्पीडिंग के तीन बार चालान हो चुके हैं। उसपर 55 मील प्रति घंटे की सीमा वाले क्षेत्र में 76 और 74 की रफ्तार से गाड़ी चलाने। 70 की सीमा में 89 की रफ्तार से गाड़ी चलाने का आरोप है। इसके अलावा इसी साल 8 जनवरी (2026) को एक कार दुर्घटना के बाद उसका चालान कटा था, क्योंकि उसके पास बीमा नहीं था। उसके पास वाहन का वैध रजिस्ट्रेशन भी नहीं था। ड्राइविंग रिकॉर्ड और CDL पर सवाल सुखदीप के इंडियाना ड्राइविंग की हिस्ट्री के मुताबिक 2022 से अब तक उसके नाम पर 5 चालान दर्ज हैं, जिससे यह बड़ा सवाल खड़ा हो गया है कि उसे इंडियाना में CDL (कमर्शियल ड्राइवर लाइसेंस) कैसे मिला। जानिए क्या है नॉन डोमिसाइलड CDL अमेरिका में गैर-निवासी वाणिज्यिक ड्राइविंग लाइसेंस (Non-Domiciled Commercial Driver’s License) उन लोगों को जारी किया जाता है, जो उस राज्य या देश के स्थायी निवासी नहीं हैं, लेकिन वहां कानूनी तौर पर काम करने के लिए अधिकृत हैं। आमतौर पर यह उन विदेशी नागरिकों को दिया जाता है। जिनके पास वर्क परमिट (EAD) होता है। सुखदीप सिंह का लाइसेंस। अवैध तरीके से रहता, फिर भी बना गया CDL सुखदीप सिंह के मामले में विवाद यह है कि यदि वह अवैध रूप से वहां रह रहा था, तो उसे यह लाइसेंस कैसे जारी किया गया? अधिकारी अब इस बात की जांच कर रहे हैं कि क्या उसने गलत दस्तावेजों का इस्तेमाल किया या सिस्टम की किसी खामी का फायदा उठाया। 15 दिन में दूसरा सड़क हादसा डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) के अनुसार, 15 दिन के अंतराल में यह दूसरी घटना है। इसमें किसी अवैध प्रवासी ट्रक ड्राइवर की वजह से निर्दोष लोगों की जान गई है। डीएचएस का कहना है कि यह बेहद खतरनाक है कि अवैध प्रवासी, जिन्हें अक्सर हमारे ट्रैफिक नियमों या अंग्रेजी की जानकारी नहीं होती, वे अमेरिका की सड़कों पर सेमी-ट्रक चला रहे हैं। ***************** ये खबर भी पढ़ें: अमेरिका में पंजाबी ड्राइवर की लापरवाही, VIDEO: ट्रक से टकराई वैन, महिला समेत 3 की मौत, गलत यू-टर्न लेने से हादसा पंजाब के एक ट्रक ड्राइवर की अमेरिका के फ्लोरिडा टर्न पाइक में ड्राइविंग दौरान बड़ी लापरवाही का वीडियो सामने आया है। फ्लोरिडा की सड़क पर गलत यू-टर्न लेने कारण एक बड़ा एक्सीडेंट हो गया। सामने से आ रही मिनी वैन ट्रक से टकरा गई। वैन में सवार 3 लोगों की मौत हो गई। ट्रक में सवार ड्राइवर और उसके साथी को किसी तरह की चोट नहीं आई। (पढ़ें पूरी खबर)
Donald Trump Vs Emmanuel Macron; Message Leak Controversy

नई दिल्ली12 घंटे पहले कॉपी लिंक मैक्रों ने कहा कि असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। (बैकग्राउंड में मैक्रों के लीक मैसेज का स्कीनशॉट) फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा है कि देशों के बीच रिश्तों में सम्मान बहुत जरूरी होता है। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दोनों नेताओं के बीच हुए प्राइवेट मैसेज लीक कर दिए। भारत के तीन दिन के दौरे पर आए मैक्रों ने भारतीय पॉडकास्टर राज शमानी के शो में यह बात कही। उनसे पूछा गया कि उनके निजी मैसेज लीक होने पर उन्हें कैसा लगा। इस पर मैक्रों ने सीधे ट्रम्प का नाम लेकर कुछ नहीं कहा, लेकिन इतना जरूर कहा कि कूटनीति में एक-दूसरे का सम्मान जरूरी है। मैक्रों ने कहा कि देश आपस में सहमत हों या असहमत, लेकिन अपनी बात सम्मान के साथ रखनी चाहिए। असहमति जताना गलत नहीं है, लेकिन उसका तरीका सही होना चाहिए। मैक्रों ने ट्रम्प पर तंज कसते हुए कहा कि कुछ नेता आगे बढ़ने के बजाए पीछे जाते हुए दिख रहे हैं। मैक्रों के मैसेज का स्क्रीनशॉट ट्रम्प ने 20 जनवरी को मैक्रों का निजी मैसेज लीक किया था। उस मैसेज में मैक्रों ने ट्रम्प से कहा था कि वे समझ नहीं पा रहे हैं कि ट्रम्प ग्रीनलैंड को लेकर क्या करना चाहते हैं। उन्होंने आगे मिलकर काम करने की बात भी कही थी और G7 बैठक की मेजबानी का सुझाव दिया था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस बैठक में यूक्रेन, डेनमार्क, सीरिया और रूस जैसे देशों को शामिल किया जा सकता है। मैक्रों बोले- हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं मैक्रों ने पॉडकास्ट में यह भी कहा कि लोकतंत्र में लोगों को अपने नेता बदलने का अधिकार होता है, इसलिए हिंसा और अपमान की जरूरत नहीं है। वे समाज में नफरत भरी भाषा और हिंसा के खिलाफ लड़ने के लिए प्रतिबद्ध हैं। जब फ्रांसीसी राष्ट्रपति से पूछा गया कि क्या दुनिया को अमेरिका के मौजूदा लीडरशिप से डरने की जरूरत है, तो उन्होंने कहा कि आज के हालात में यह थोड़ा हैरान करने वाला है कि कुछ नेता आगे बढ़ने की बजाय पीछे की तरफ जाते दिख रहे हैं। ट्रम्प ने फ्रांसीसी वाइन पर 200% टैरिफ की धमकी दी थी ट्रम्प और मैक्रों के बीच लंबे समय के तल्खी रही है, लेकिन हाल में विवाद तब बढ़ा जब फ्रांस ने ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ में शामिल होने का न्योता ठुकरा दिया। यह बोर्ड गाजा के विकास के लिए बनाया गया है। फ्रांस समेत कई देशों ने इस बात पर चिंता जताई कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है। इसके बाद ट्रम्प ने फ्रांस की वाइन और शैम्पेन पर 200% टैरिफ लगाने की चेतावनी दी थी और कहा कि इससे मैक्रों पर दबाव पड़ेगा। बाद में ट्रम्प ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर दोनों के बीच हुए निजी मैसेज भी शेयर कर दिए, जिनमें मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका की दिलचस्पी पर चिंता जताई थी। फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों ने पिछले महीने दावोस में कहा था कि फ्रांस धमकी नहीं, सम्मान में भरोसा करता है। यूरोप पर और पाबंदियां लगाने की धमकी देना गलत है। फ्रांस दुनिया की वाइन राजधानी कही जाती है फ्रेंच वाइन और शैम्पेन दुनिया भर में बहुत प्रसिद्ध हैं। फ्रांस की वाइन संस्कृति का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता हैं। फ्रांस को दुनिया की वाइन राजधानी कहा जाता है। फ्रेंच वाइन में कई तरह की रेड, व्हाइट, रोजे और स्पार्कलिंग वाइन शामिल हैं। फ्रेंच वाइन फ्रांस के विभिन्न क्षेत्रों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। फ्रेंच वाइन में आमतौर पर कोई बुलबुले नहीं होते। ये स्टिल वाइन होती हैं, जिनमें अल्कोहल 11-15% तक होता है। इनकी क्वालिटी मिट्टी, मौसम और अंगूर की किस्म पर निर्भर करती है। इटली के बाद फ्रांस दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा वाइन उत्पादक देश है। 2025 में वैश्विक वाइन उत्पादन लगभग 23.2 खरब मिलीलीटर रहा, जिसमें फ्रांस का उत्पादन 3.59 खरब मिलीलीटर है, यानी दुनिया की कुल वाइन का लगभग 15-16%। फ्रेंच वाइन फ्रांस के अलग-अलग इलाकों में उगाए गए अंगूरों से बनाई जाती है। इसमें 11-15% तक अल्कोहल होता है। ट्रम्प और मैक्रों के बीच कई बार तनातनी हुई अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प और फ्रांस के राष्ट्रपति मैक्रों के बीच पिछले कुछ समय में कई बार तनातनी देखी गई है। 1. बोर्ड ऑफ पीस विवाद (2026) जब ट्रम्प ने गाजा के विकास के लिए ‘बोर्ड ऑफ पीस’ बनाया, तो फ्रांस ने इसमें शामिल होने से इनकार कर दिया। फ्रांस समेत कई देशों ने कहा कि बोर्ड के दस्तावेज में गाजा और इजराइल-फिलिस्तीन संघर्ष का साफ जिक्र नहीं है। 2. ग्रीनलैंड को लेकर बयानबाजी (2026) ग्रीनलैंड में अमेरिका की दिलचस्पी को लेकर दोनों नेताओं के बीच मतभेद सामने आए। ट्रम्प ने शेयर किए गए मैसेज में मैक्रों ने ग्रीनलैंड को लेकर अपनी चिंता जताई थी। 3. ट्रेड और टैरिफ को लेकर तनाव ट्रम्प ने फ्रांस के उत्पादों, खासकर वाइन और शैम्पेन पर भारी टैरिफ लगाने की धमकी दी थी और कहा कि इससे फ्रांस पर दबाव बनेगा। इस पर फ्रांस ने नाराजगी जताई थी। 4. NATO और डिफेंस खर्च (2018–2019) ट्रम्प बार-बार कहते है कि यूरोपीय देश NATO पर कम खर्च कर रहे हैं और अमेरिका पर ज्यादा बोझ है। मैक्रों ने एक बार NATO को “ब्रेन-डेड” (दिमागी रूप से निष्क्रिय) तक कह दिया था। इस बयान पर ट्रम्प ने कड़ी प्रतिक्रिया दी थी और दोनों के बीच सार्वजनिक बहस हुई थी। 5. डिजिटल टैक्स विवाद (2019) फ्रांस ने बड़ी अमेरिकी टेक कंपनियों पर डिजिटल टैक्स लगाने का फैसला किया था। ट्रम्प ने इसे अमेरिकी कंपनियों के खिलाफ कदम बताया और फ्रांसीसी सामान पर टैरिफ लगाने की धमकी दी थी। बाद में बातचीत के जरिए मामला कुछ हद तक सुलझ गया था। 6. ईरान परमाणु समझौता (2018) ट्रम्प ने अमेरिका को जॉइंट कॉम्प्रिहेंसिव प्लान ऑफ एक्शन (JCPOA) से बाहर कर लिया था। यह एक एक परमाणु समझौता था, जो 2015 में ईरान और दुनिया की बड़ी ताकतों के बीच हुआ था। मैक्रों चाहते थे कि समझौता बना रहे और उन्होंने ट्रम्प को मनाने की कोशिश भी की, लेकिन
Shehbaz Sharif Donald Trump; Board Of Peace Summit Video

वॉशिंगटन डीसी4 घंटे पहले कॉपी लिंक ट्रम्प ने पाकिस्तान के PM शहबाज शरीफ को खड़े होकर अपनी बात सुनने को कहा और शरीफ खड़े हो गए। यह घटना गुरुवार की है। पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ और ट्रम्प के बीच हुई मुलाकात सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है। दरअसल, शहबाज बोर्ड ऑफ पीस समिट में शामिल होने पहुंचे थे। लेकिन उन्हें वहां पर ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। इसे लेकर उनका मजाक भी बन रहा है। गाजा को लेकर हुई पहली बैठक में शहबाज पीछे की कतार में और अलग-थलग नजर आए। एक पल तो ऐसा भी आया जब ट्रम्प ने भाषण देते हुए शहबाज को इशारा किया और वे तुरंत अपनी सीट से खड़े भी हो गए। ट्रम्प ने मंच से कहा- ‘पाकिस्तान और भारत… यह बड़ा मामला था। आपको खड़ा होना चाहिए, कृपया एक पल के लिए खड़े हो जाइए।’ यह सुनते ही शरीफ तुरंत खड़े भी हो गए। इस दौरान शहबाज बेहद असहज दिखे। सोशल मीडिया पर इसे ‘स्कूल असेंबली वाला मोमेंट’ कहा गया यानी जब टीचर खड़ा होने को कहे और छात्र तुरंत खड़ा हो जाए। एक और वायरल वीडियो में शहबाज, ट्रम्प को गले लगाने की कोशिश करते हुए भी दिखाई देते हैं। इस घटना का VIDEO शहबाज के दौरे की ‘गड़बड़ी’ से शुरुआत अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन डीसी में गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस की पहली बैठक हुई थी। इसमें करीब 40 देशों के अधिकारी शामिल हुए थे। भारत भी इसमें पर्यवेक्षक के तौर पर शामिल हुआ था। शरीफ की अमेरिका यात्रा की शुरुआत ही विवादों से हुई। पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के बयान में कई टाइपो थे, जैसे कि विदेश मंत्रालय की ऑफिशियल प्रेस रिलीज में ‘यूनाइटेड स्टेट्स’ की जगह ‘Unites States of Americas’ लिखा गया। सोशल मीडिया पर स्क्रीनशॉट वायरल हो गए और लोग सरकारी स्तर की प्रूफरीडिंग पर सवाल उठाने लगे। पिछले साल इजराइल के ईरान पर हमले की निंदा करते समय शरीफ ने आई कंडेम (I condemn) की जगह आई कंडोम ‘I condom’ लिख दिया था, जिसे तब काफी ट्रोल किया गया। सबसे पीछे नजर आए पाकिस्तानी PM वॉशिंगटन पहुंचने के बाद भी हालात आसान नहीं रहे। ग्रुप फोटो में शरीफ मुश्किल से दिखाई दे रहे थे। ट्रम्प आगे की कतार में खड़े थे, उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो थे। सऊदी अरब, इंडोनेशिया और कतर के नेता उनके ठीक पीछे खड़े थे, जबकि शरीफ पीछे की ओर नजर आए। भाषण के दौरान ट्रम्प ने शरीफ को खड़े होने के लिए कहा। शरीफ तुरंत खड़े हो गए, जिसका सोशल मीडिया पर मजाक बना और कुछ लोगों ने उन्हें ‘ट्रम्प का पपेट’ कहा। इसी दौरान ट्रम्प ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ‘महान व्यक्ति’ और ‘बहुत अच्छे दोस्त’ बताया, जिससे शरीफ और असहज दिखे। बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग गुरुवार को हुई, इसमें अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प के साथ दुनियाभर के नेता एक मंच पर नजर आए। शहबाज शरीफ पीछे की कतार में दाएं से तीसरे नंबर पर हैं। शहबाज ट्रम्प की चापलूसी करते दिखे अपने भाषण में शरीफ ने ट्रम्प को ‘मैन ऑफ पीस’ कहकर संबोधित किया और उन्होंने दक्षिण एशिया का सच्चा रक्षक बता डाला। इस दौरान शहबाज शरीफ ने भारत और पाकिस्तान के बीच मई में सैन्य टकराव के बाद हुए युद्धविराम का क्रेडिट भी ट्रम्प को दे दिया। हालांकि इतनी तारीफ के बावजूद ट्रम्प को इससे खास फर्क नहीं पड़ा। शरीफ ने ट्रम्प को संबोधित करते हुए कहा- “भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाने के लिए आपके समय पर और असरदार हस्तक्षेप ने शायद 2.5 करोड़ लोगों की जान बचाई। आप सच में मैन ऑफ पीस साबित हुए हैं। मैं कहना चाहता हूं कि आप सच में दक्षिण एशिया के मसीहा हैं। गाजा आपकी विरासत होगी।” ————————————– पाकिस्तानी PM से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… रूसी मीडिया ने पाकिस्तानी PM से जुड़ा वीडियो डिलीट किया:40 मिनट तक इंतजार करते रहे शहबाज, फिर पुतिन की मीटिंग में जबरन घुसे थे पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ के रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और तुर्किये के राष्ट्रपति रेसेप तैयप एर्दोगन की मीटिंग में जबरन घुसने वाला वीडियो रशिया टुडे (आरटी न्यूज) ने सोशल मीडिया से हटा दिया। इसमें दिख रहा है कि पाकिस्तानी पीएम जबरन पुतिन के मीटिंग हॉल में घुस जाते हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Shivaji Jayanti Violence Photos; Hyderabad Hindu Muslim

Hindi News National Shivaji Jayanti Violence Photos; Hyderabad Hindu Muslim | Karnataka Stone Pelting बागलकोट/हैदराबाद1 दिन पहले कॉपी लिंक देशभर में 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती मनाई गई। इस दौरान कुछ राज्यों से हंगामे की खबर भी आई। कर्नाटक के बागलकोट में शिवाजी जयंती पर निकाले जा रहे जुलूस के दौरान पथराव हुआ। इसके बाद तनाव की स्थिति बन गई। यहां भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 163 के लागू की गई। हैदराबाद में गुरुवार रात मस्जिद के सामने से जुलूस निकालने पर दो समुदाय के बीच विवाद की स्थिति बनी। यहां पहले एक यूट्यूबर से मस्जिद की रिकॉर्डिंग को लेकर विवाद हुआ। इसी दौरान मस्जिद के सामने से जुलूस निकालने पर दोनों समुदाय आमने-सामने आ गए। पुलिस ने किसी तरह स्थिति संभाली और लोगों को मौके से हटाया। बागलकोट में शिवाजी जयंती के दौरान हिंदू और मुस्लिम समुदाय के लोगों में विवाद हुआ। 1. कर्नाटक का पूरा मामला बागलकोट में गुरुवार रात करीब 10 बजे शिवाजी जयंती का जुलूस निकाला जा रहा था। जब वह पानका मस्जिद इलाके से गुजरा, तभी उस पर पत्थर और चप्पल फेंके गए। बागलकोट एसपी सिद्धार्थ गोयल ने कहा कि पथराव में पुलिसकर्मी घायल हुआ। एसपी ने कहा कि पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही है। फुटेज की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ एक्शन लिया जाएगा। इलाके में 24 फरवरी की आधीरात तक BNS की धारा 163 लागू रहेगी। इलाके में स्थिति कंट्रोल में है। घटना के चश्मदीद उमेश के मुताबिक जुलूस के दौरान मस्जिद के पास घटना हुई। करीब 8-10 लोगों ने वहां पत्थर और चप्पल फेंके। अभी तक किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है। हैदराबाद के अंबरपेट में शिवाजी जयंती जुलूस को रोकते लोग। 2. हैदराबाद में विवाद हैदराबाद के अंबरपेट में गुरुवार रात एक यूट्यूबर जामा मस्जिद के पास वीडियो बना रहा था। इसी दौरान वहां मौजूद कुछ लोगों ने आपत्ति जताई। दावा है कि यूट्यूबर से मारपीट हुई। इसी दौरान घटना मस्जिद के सामने से छत्रपति शिवाजी महाराज की शोभायात्रा भी गुजर रही थी। इस कारण दोनों समुदाय के बीच और हंगामा हो गया। दोनों समुदाय ने जमकर नारेबाजी की। स्थिति बिगड़ने लगी तो ज्यादा पुलिसफोर्स मौके पर बुलाया गया। भीड़ को मौके से हटाया गया। इस दौरान आंसू गैस के गोले भी छोड़े गए। ………………………… यह खबर भी पढ़ें… शिवाजी जयंती- पुणे के शिवनेरी किले में भगदड़, 3 घायल: रास्ता संकरा होने से भीड़ जमा, महिलाएं और बच्चे फंस गए थे पुणे के जुन्नर इलाके में 18 फरवरी की रात शिवनेरी किले पर भगदड़ मचने से 3 लोग घायल हो गए थे। ये सभी छत्रपति शिवाजी महाराज की जयंती पर किला पहुंचे थे। लोग हाथी दरवाजा और गणेश दरवाजा से किले के अंदर जा रहे थे। रास्ता संकरा होने से भीड़ जमा हो गई। फिर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Ranveer Singh Lawrence Bishnoi | Bollywood Actor Extortion Threat Case

मुंबई13 घंटे पहले कॉपी लिंक रणवीर सिंह फिल्म ‘धुरंधर’ नजर आए थे, जिसने बॉक्स ऑफिस पर ₹1,300 करोड़ से ज्यादा का वर्ल्डवाइड कलेक्शन किया। लॉरेंस गैंग के सदस्य हैरी बॉक्सर ने एक्टर रणवीर सिंह से 10 करोड़ रुपए मांगे थे। इसके लिए एक धमकी भरा वॉइस मैसेज भेजा गया। रणवीर के मैनेजर को वॉट्सएप पर अमेरिका के नंबर से वॉइस नोट भेजा गया था। यह दावा NDTV ने सूत्रों के हवाले से किया है। रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने उस अमेरिकी नंबर के बारे में जानकारी के लिए अमेरिकी एजेंसियों से संपर्क किया है। शुरुआती जांच में वॉइस नोट की आवाज हैरी बॉक्सर से मिलती बताई गई है। वहीं, धमकी भरे मैसेज पर अब तक रणवीर की ओर से कोई FIR दर्ज नहीं हुई है। रणवीर सिंह को धमकी मिली थी द इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, रणवीर सिंह को रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग के बाद 2 फरवरी को धमकी मिली थी। इस खबर की जानकारी 10 फरवरी को मीडिया में आई। धमकी के बाद रणवीर के घर की सुरक्षा बढ़ाई गई। मामला मुंबई क्राइम ब्रांच को सौंपा गया। रणवीर और दीपिका ने प्राइवेट सिक्योरिटी भी बढ़ाई। छह हथियार से लैस सुरक्षा गार्ड तैनात किए गए। रणवीर जल्द फिल्म ‘धुरंधर’ के दूसरे पार्ट में नजर आएगे, जो 19 मार्च को रिलीज होने वाली है। इसके बाद 13 फरवरी को रणवीर सिंह और रोहित शेट्टी को एक और धमकी ऑडियो क्लिप के जरिए मिली। क्लिप में बोलने वाले व्यक्ति ने खुद को हैरी बॉक्सर बताते हुए कहा था, ‘अब तुम्हें दिखाएंगे कि हमारी ताकत के आगे तुम्हारी सात पुश्तें भी कुछ नहीं बिगाड़ पाएंगी। तुम्हारे सभी मैनेजर कहां रहते हैं, कब आते-जाते हैं और परिवार कहां रहता है, सब पता है। संभल जाओ, वरना एक-एक मैनेजर को निशाना बनाना शुरू करेंगे।’ धमकी वाली यह ऑडियो क्लिप सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सामने आने के बाद मुंबई पुलिस ने रणवीर और रोहित शेट्टी के मैनेजरों का बयान दर्ज किया था। कौन है हैरी बॉक्सर? हैरी बॉक्सर का असली नाम हरि चंद जाट है, जो लॉरेंस गैंग का एक्टिव मेंबर माना जाता है। हैरी राजस्थान के अलवर जिले का रहने वाला है और पहले जयपुर में बॉक्सिंग कोच था, जिससे उसे बॉक्सर नाम मिला। उसके खिलाफ राजस्थान, पंजाब और दिल्ली में जबरन वसूली, लूट और हत्या के प्रयास के मामले दर्ज हैं। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हैरी बॉक्सर अमेरिका से गतिविधियां चला रहा है। ————————– रणवीर सिंह से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… धमकी मामले में रणवीर सिंह के मैनेजर का बयान दर्ज:रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग केस में क्राइम सीन भी किया गया रीक्रिएट मुंबई पुलिस ने बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह और फिल्ममेकर रोहित शेट्टी के मैनेजरों के बयान दर्ज किए हैं। वहीं, इसके अलावा अलग से क्राइम ब्रांच ने रोहित शेट्टी के घर पर हुई फायरिंग से जुड़े घटनाक्रम को दोबारा रीक्रिएट किया है। इसमें पुणे से मुंबई एक स्कूटर लाना भी शामिल है। पूरी खबर यहां पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…







