पुतले की आग से जले TI,कांग्रेस के प्रदर्शन में हादसा:मैहर में मंत्री विजयवर्गीय का विरोध…आग ट्रैफिक टीआई तक पहुंची, ICU में भर्ती

मैहर में शुक्रवार सुबह करीब 9.30 बजे कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के दौरान ट्रैफिक टीआई आग से झुलस गए। यह घटना उस समय हुई, जब प्रदर्शनकारी पुतला दहन कर रहे थे और पुलिस उन्हें रोकने की कोशिश कर रही थी। यह प्रदर्शन प्रदेश के नगरीय विकास एवं आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के खिलाफ किया जा रहा था। दरअसल, विजयवर्गीय ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंगार के खिलाफ अपशब्द कहे थे। पुतला दहन के दौरान टीआई विक्रम सिंह पाठक हालात संभालने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान आग अचानक भड़क गई और वे झुलस गए। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना के बाद मैहर एसपी ने कहा कि इस घटना से सभी आहत हैं। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों और चौराहों पर पेट्रोल जैसे ज्वलनशील पदार्थों का इस्तेमाल नहीं किया जाना चाहिए, क्योंकि इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। आम लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। पुलिस ने मामले का संज्ञान ले लिया है और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई की बात कही है। देखिए घटना की तस्वीरें कांग्रेस जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन जानकारी के मुताबिक, कांग्रेस जिलाध्यक्ष धर्मेश घई के नेतृत्व में प्रदर्शन था। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन के लिए अनुमति ली थी। प्रदर्शन सुबह 9 बजे होना था, सुबह साढ़े 9 बजे पुतला दहन के दौरान ट्रैफिक टीआई आग की चपेट में आ गए। फिलहाल, उन्हें मैहर के सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां स्थिति देखकर उन्हें जिला अस्पताल या जबलपुर रेफर किया जा सकता है। मैहर के सिविल अस्पताल में इलाज कर रहे डॉक्टरों के मुताबिक, टीआई विक्रम की कमर, पीठ, जांघ और हाथ बुरी तरह झुलसे हैं। उन्हें आईसीयू में भर्ती किया गया है। पुतला दहन के दौरान जब टीआई की वर्दी में आग लगी हुई थी, तब पुलिसकर्मी आग बुझा रहे थे। वहीं कांग्रेसी पार्टी के जिंदाबाद के नारे लगा रहे थे। केस दर्ज, वीडियो फुटेज के आधार पर होगी कार्रवाई मैहर एसपी अवधेश प्रताप सिंह ने बताया कि वीडियो फुटेज और गवाहों के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है। दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं कलेक्टर रानी बाटड़ ने कहा कि कांग्रेस पार्टी की ओर से आयोजित पुतला दहन कार्यक्रम के दौरान यह घटना हुई। मामले की जांच जारी है, जो भी जिम्मेदार होंगे, उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।
Jabalpur Stone Pelting Violence; Durga Mandir Aarti Azan Dispute

जबलपुर में मारपीट और पथराव की तस्वीर। मध्यप्रदेश के जबलपुर से करीब 40 किमी दूर सिहोरा तहसील में गुरुवार रात दुर्गा मंदिर और मस्जिद के बीच आरती-अजान को लेकर विवाद हिंसक झड़प में बदल गया। पथराव और मारपीट के बाद इलाके में कर्फ्यू जैसे हालात हैं। . भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और अब तक 49 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रशासन का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रखी गई है। कैसे शुरू हुआ विवाद पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मंदिर में आरती और मस्जिद में अजान एक ही समय पर हो रही थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई और मामला झड़प तक पहुंच गया। आरोप है कि मस्जिद से 50-70 युवकों की भीड़ बाहर आई और विवाद बढ़ गया। घटना से जुड़ी तस्वीरें देखिए शुक्रवार दोपहर हिंदू संगठनों के लोग सड़क पर उतर आए। हिंदू संगठन के लोग सड़क पर बैठ कर हनुमान चालीसा का पाठ करने लगे। सिहोरा थाने के सामने बस स्टैंड पर उपद्रवियों ने ठेले पलटा दिए। नमाज के बाद दूसरे संप्रदाय के लोग मस्जिद से निकले। पुलिस ने उन्हें वहां से रवाना कर दिया। आरती और अजान एक साथ होने के चलते गुरुवार रात तनाव की स्थिति बनी। मंदिर में तोड़फोड़ और मारपीट के आरोप दुर्गा मंदिर समिति के सदस्य अंकेश गुप्ता ने आरोप लगाया कि भीड़ ने मंदिर में घुसने की कोशिश की और उन्हें अंदर से घसीटकर बाहर निकाला गया। उनके साथ मारपीट की गई। इसके बाद 20-25 मिनट तक पथराव चलता रहा, जिसमें मंदिर के कांच टूट गए और कई लोग घायल हुए। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात को कंट्रोल किया। मस्जिद परिसर के पत्थरों से किया हमला बहोरीबंद विधायक के भाई प्रांजल पांडे को भी पत्थर लगने की जानकारी सामने आई है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, मस्जिद में चल रहे निर्माण कार्य के कारण परिसर में रखे पत्थरों का इस्तेमाल पथराव में किया गया। शुक्रवार को फिर बढ़ा तनाव शुक्रवार दोपहर हिंदू संगठनों ने सिहोरा थाने का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने मंदिर के सामने मस्जिद तोड़ने और नमाज पर रोक लगाने की मांग की। कई लोग सड़क पर बैठकर हनुमान चालीसा का पाठ करते रहे। बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ ठेले भी पलटे गए। तस्वीर शुक्रवार सुबह की है। पुलिस स्थिति पर कंट्रोल बनाए हुए थी। 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात घटना की सूचना मिलते ही डीआईजी अतुल सिंह, कलेक्टर राघवेंद्र सिंह और एसपी संपत उपाध्याय मौके पर पहुंचे। खितौला, गोसलपुर, पनागर समेत 12 से अधिक थानों का पुलिस बल तैनात किया गया। इलाके में फ्लैग मार्च निकाला गया। एसपी संपत उपाध्याय के मुताबिक, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। फिलहाल पुलिस ने भीड़ को हटा दिया है और क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए भारी बल तैनात है। शुक्रवार सुबह हालात सामान्य थे, लेकिन दोपहर में फिर से तनाव की स्थिति बन गई। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़…दो पक्षों में मारपीट-पथराव मध्य प्रदेश के जबलपुर में रात करीब 9 बजे एक युवक ने दुर्गा मंदिर में तोड़फोड़ की, जिससे तनाव की स्थिति बन गई। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव हुआ। बड़ी संख्या में फोर्स तैनात है। स्थिति को कंट्रोल करने के लिए एक्स्ट्रा फोर्स भेजी गई है। घटना आजाद चौक के वार्ड नंबर 5 में हुई। पूरी खबर पढ़ें…
The Kerala Story 2 Controversy; CBFC

15 घंटे पहले कॉपी लिंक फिल्म द केरल स्टोरी 2 में मुख्य भूमिकाओं में उल्का गुप्ता, अदिति भाटिया और ऐश्वर्या ओझा नजर आएंगी। केरल हाईकोर्ट ने गुरुवार को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड (CBFC) और फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ के प्रोड्यूसर्स को नोटिस जारी किया। यह नोटिस उस याचिका पर सुनवाई के बाद जारी हुआ, जिसमें संबंधित फिल्म को दिए गए सेंसर सर्टिफिकेट को कैंसिल करने की मांग की गई। कन्नूर जिले के चिट्टारिपरम्बा के रहने वाले श्रीदेव नम्बूथिरी ने यह याचिका दायर की। उन्होंने कहा कि फिल्म में बिना किसी ठोस सबूत के पूरे राज्य को गलत तरीके से बदनाम किया गया और रूढ़िवादी तरीके से दिखाया गया। याचिका में कहा गया, “फिल्म का ट्रेलर देखने से साफ है कि कहानी तीन अलग-अलग राज्यों की महिलाओं पर आधारित है और ज्यादातर घटनाएं उत्तर भारत में घटित होती हैं। इसके बावजूद, फिल्म का टाइटल और सीन केरल को गलत तरीके से नकारात्मक रूप में पेश करने की कोशिश करते हैं। यह फिल्म केरल और केरलवासियों को देश के बाकी हिस्सों से अलग दिखाने की कोशिश करती है, जबकि केरलवासी भारत और विदेशों में काम कर देश की अर्थव्यवस्था में अहम योगदान देते हैं और दूसरे राज्यों से आए लोगों को रोजगार व रहने की जगह भी देते हैं।” याचिका में आगे कहा गया, “फिल्म का नाम लेखक या डायरेक्टर के अधिकतर अनुमानित भय को वास्तविकता की तरह प्रस्तुत करने का एक सोचा-समझा प्रयास है। याचिकाकर्ता अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन किसी भी अनुमानित भय को पूरे केरल राज्य से झूठा जोड़ना उचित नहीं है।” ‘द केरल स्टोरी’ (2023) का सीक्वल, ‘द केरल स्टोरी 2: गोज बियॉन्ड’ 27 फरवरी, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। अगली सुनवाई 24 फरवरी को तय बता दें कि याचिका पर संज्ञान लेते हुए हाईकोर्ट ने सेंसर बोर्ड को जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया। अदालत ने फिल्म के निर्माता सनशाइन पिक्चर्स से भी अपना पक्ष रखने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई मंगलवार, 24 फरवरी को निर्धारित की गई है। हाल ही में ‘द केरल स्टोरी 2’ का ट्रेलर जारी किया गया, जिसमें दिखाया गया है कि प्रेम के नाम पर हिंदू महिलाओं को कथित तौर पर फंसाया जाता है। फिल्म की कहानी अमरनाथ झा और विपुल अमृतलाल शाह ने लिखी है, जबकि फिल्म का डायरेक्शन कमाख्या नारायण सिंह ने किया है। वहीं, गुरुवार को केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने ‘द केरल स्टोरी’ के सीक्वल का कड़ा विरोध करते हुए इसे राज्य में सांप्रदायिक वैमनस्य भड़काने की एक और कोशिश बताया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
मूवी रिव्यू – ‘शतक’:सौ साल की विचारधारा पर बनी फिल्म, क्या इतिहास के कठिन सवालों का जवाब देती है या सिर्फ एक पक्ष दिखाती है?

‘शतक: संघ के 100 वर्ष’ एक ऐसी फिल्म है जो एक लंबे वैचारिक और ऐतिहासिक सफर को स्क्रीन पर समेटने की कोशिश करती है। निर्देशक आशीष मॉल ने 100 साल की कहानी को सीमित समय में पेश करने का जिम्मा उठाया है। फिल्म की टोन गंभीर और संतुलित रखने की कोशिश दिखाई देती है, लेकिन इतना बड़ा विषय अपने साथ चुनौतियां भी लेकर आता है। फिल्म की कहानी फिल्म डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार के शुरुआती जीवन से शुरू होकर माधव सदाशिव गोलवलकर के दौर तक पहुंचती है। कहानी RSS की स्थापना, उसके विस्तार और अलग-अलग ऐतिहासिक घटनाओं में उसकी भूमिका को दिखाती है। हालांकि, नैरेटिव एक खास दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ता है। कुछ विवादित पहलुओं को बहुत हल्के ढंग से छुआ गया है। महात्मा गांधी की हत्या का जिक्र आता है, लेकिन हत्यारे का नाम नहीं लिया जाता। गांधी जी की हत्या के बाद लगे प्रतिबंध जैसे अहम ऐतिहासिक मोड़ों को भी संक्षेप में दिखाकर आगे बढ़ जाया जाता है, जिससे जटिल बहसों की गहराई सामने नहीं आ पाती। कई बड़े ऐतिहासिक घटनाक्रम तेज रफ्तार में गुजरते हैं, इसलिए फिल्म जानकारी ज्यादा देती है, भावनात्मक ठहराव कम महसूस होता है। फिल्म में अभिनय कलाकारों ने संयमित और गंभीर अभिनय किया है। हेडगेवार और गोलवलकर के किरदार प्रभावशाली लगते हैं और फिल्म की टोन के अनुरूप रहते हैं। ओवरड्रामैटिक अंदाज से बचना फिल्म की ताकत है। फिर भी, तेज गति के कारण किरदारों का मानवीय पक्ष सीमित रह जाता है। कई जगह पात्र विचारों के प्रतिनिधि ज्यादा लगते हैं, इंसान कम। फिल्म का निर्देशन और टेक्निकल पहलू आशीष मॉल का निर्देशन नियंत्रित और साफ है। फिल्म उद्देश्य से भटकती नहीं। CGI और VFX का इस्तेमाल बड़े पैमाने पर किया गया है, जिससे कई दृश्य भव्य लगते हैं। लेकिन यही तकनीकी चमक कुछ जगह कृत्रिम महसूस होती है। सेट और लोकेशन जरूरत से ज्यादा सजे हुए लगते हैं, जिससे उस दौर की वास्तविकता का असर थोड़ा कम हो जाता है। लगातार संवाद और घटनाओं की तेजी फिल्म को कई बार डॉक्यूमेंट्री या लेक्चर जैसा टोन दे देती है। फिल्म का म्यूजिक बैकग्राउंड स्कोर कहानी के माहौल को सपोर्ट करता है और गंभीरता बनाए रखता है। संगीत ओवरपावर नहीं करता, लेकिन ऐसा कोई खास म्यूजिक मोमेंट नहीं जो लंबे समय तक याद रहे। फिल्म को लेकर फाइनल वर्डिक्ट ‘शतक’ एक ईमानदार और महत्वाकांक्षी प्रयास है, जो अपने विषय को सम्मान के साथ पेश करती है। लेकिन तेज रफ्तार और चुनिंदा दृष्टिकोण की वजह से फिल्म पूरी गहराई नहीं पकड़ पाती। इतिहास में रुचि रखने वालों के लिए एक ठीकठाक अनुभव, मगर सिनेमाई असर के लिहाज से सीमित।
Stock Market Updates; BSE Sensex NSE Nifty (20 February 2026)

Hindi News Business Stock Market Updates; BSE Sensex NSE Nifty (20 February 2026) | Metal Share Price मुंबई9 घंटे पहले कॉपी लिंक सेंसेक्स आज यानी शुक्रवार 20 फरवरी को 316 अंक (0.38%) चढ़कर 82,814 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी भी 117 अंक (0.46%) चढ़ा। ये 25,571 के स्तर पर पहुंच गया। आज के कारोबार में मेटल और सरकारी बैंकों के शेयरों में खरीदारी है। आईटी में गिरावट है। एशियाई मार्केट में मिला-जुला कारोबार जापान का निक्केई इंडेक्स 1.12% गिरकर 56,825 के स्तर पर बंद हुआ। दक्षिण कोरिया का कोस्पी 2.31% चढ़कर 5,808 के स्तर पर बंद हुआ। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 1.10% अंक गिरकर 26,413 पर है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 14 फरवरी से बंद है। अमेरिकी बाजार में 19 फरवरी को गिरावट डाउ जोन्स 267 अंक (0.54%) गिरकर 49,395 पर बंद हुआ। टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 0.31% गिरकर 22,682 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 19 अंक (0.28%) गिरकर 6,861 पर बंद हुआ। विदेशी निवेशकों ने 1,154 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे विदेशी निवेशकों (FII) ने 19 फरवरी को 880 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने 596 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इस महीने यानी फरवरी में अब तक FIIs ने 1,076 करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं। इस दौरान DIIs ने 11,474 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे। जनवरी 2026 में FIIs ने कुल ₹41,435 करोड़ के शेयर्स बेचे थे। इस दौरान DIIs ने ₹69,220 करोड़ के शेयर खरीदे थे। क्लीनमैक्स एनवायरो एनर्जी का IPO 23 फरवरी से ओपन होगा रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी क्लीन मैक्स एनवायरो एनर्जी सॉल्यूशंस अपना इनिशियल पब्लिक ऑफर (IPO) 23 फरवरी को खुलेगा। निवेशक 25 फरवरी तक इसमें बोली लगा सकेंगे। कंपनी इस IPO के जरिए 3,100 रुपए जुटाना चाहती है। कंपनी इस इश्यू के जरिए फ्रेश शेयर और ऑफर फॉर सेल (OFS) दोनों लेकर आ रही है। कल सेंसेक्स 1236 अंक गिरकर बंद हुआ था शेयर बाजार में कल यानी 19 फरवरी को गिरावट है। सेंसेक्स 1236 अंक (1.48%) की गिरावट के साथ 82,498 के स्तर पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 365 अंक (1.41%) की गिरावट रही, ये 25,454 के स्तर पर बंद हुा। ऑटो, रियल्टी और बैंकिंग शेयर्स ज्यादा टूटे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
परफ्यूम कैसे बनाएं: गुलाब के फूल से डेस्टिनेशन रोल-ऑन, अंडरआर्म से नहीं आएगा इत्र और केमिकल वाले परफ्यूम की भी जरूरत नहीं

गुलाब की पंखुड़ियों का उपयोग करके इत्र कैसे बनाएं दीया गुलाब-के-फूल-से-प्राकृतिक-इत्र-और-रोल-ऑन-बनाने-का-तारिका पर रोल करें | छवि: फ्रीपिक घर पर परफ्यूम और रोल-ऑन कैसे बनाएं: एंटरप्राइज़ के कारखाने और केमिकल वाले पर फ़ेम से हर कोई है। खासतौर पर अंडरआर्म्स की मजबूत शर्मिंदगी का कारण बन जाता है। ऐसे में आप घर पर ही गुलाब की दुकान से एक पिज्जा रोल-ऑन पर फ्यूम बना सकते हैं, जो पूरी तरह से सुरक्षित, आरामदायक और लंबे समय तक असरदार होता है। इसमें से न केवल जैविक दूर रहता है, बल्कि रेशम भी ताज़ा और मुलायम रहता है। तो जानें इसे बनाने के आसान तरीके और जानेंगे फायदे- गुलाब से बना रोल-ऑन बेहतर क्यों है? गुलाब की माला में प्राकृतिक प्रकृति होती है, जो मन को सार्वभौम रूप देता है। इसमें विरोधी-विरोधी गुण होते हैं, जो आक्षेपों से होने वाली आपदाओं को कम करते हैं। यह त्वचा के लिए भी बेहद खतरनाक है और किसी भी तरह की जलन या एलर्जी नहीं करता है। घर पर गुलाब का रोल-ऑन बनाने के लिए आवश्यक सामग्री 1 कप ताजी गुलाब की पंखुड़ी स्ट्रिंग 1 कप साफ पानी 1 छोटा मसाला ग्लिसरीन 1 छोटी छोटी एलोवेरा जेल 1 विटामिन-ई कैप्सूल खाली रोल-ऑन बोतल या छोटी बोतल घर पर गुलाब का रोल-ऑन बनाने की आसान विधि सबसे पहले गुलाब की माला को अच्छे से धो लें। अब एक पैन में पानी और 10-15 मिनट पर गुलाब के पंखुड़ी वास्तुशिल्प संरचनात्मक ढांचे को शामिल किया गया है। जब पानी का रंग गुलाबी हो जाए और खुशबू आने लगे, तो गैस बंद कर दे। इस पानी को ठंडा होने दें और फिर अच्छा लें। अब इसमें ग्लिसरीन, एलोवेरा जेल और विटामिन-ई कैप्सूल अच्छी तरह से मिलाएं। तैयार मिश्रण को रोल-ऑन बोतल में भर लें। आपका सुपरमार्केट रोल-ऑन परफ्यूम तैयार है। कैसे उपयोग किया जाए? प्रतिष्ठान के बाद साफ और सूखी त्वचा पर इसे अंडरआर्म्स और अन्य स्थानों पर लगाएं। दिन में 1-2 बार उपयोग से पूरे दिन ताजगी बनी रहती है और धमाका नहीं होता है। इसका उपयोग करने के क्या फायदे हैं? यह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से राहत देने में मदद करता है। लंबे समय तक ताजनेस परिषद् भंडार का काम जारी है। त्वचा पर कोई नुकसान नहीं है। क्योंकि यह बिना केमिकल के बनाया जाता है। यह पूरी तरह से केमिकल फ्री और त्वचा के लिए सुरक्षित है। यह सबसे सस्ता और आसानी से बनने वाला परफॉम है। किन बातों का रखें प्रबंध? इसे फ़िरोज़ में रखा, ताकि अधिकतर दिन तक ख़राब न हो। 7-10 दिनों के भीतर उपयोग कर लें। अगर त्वचा बहुत सेंस सेंस है तो पहले पैच टेस्ट जरूर करा लें। यदि आप केमिकल परफ्यूम से बचना चाहते हैं और मंगाए गए तरीकों से पाना चाहते हैं, तो गुलाब की कंपनी से बना यह रोल-ऑन आपके लिए एक उत्कृष्ट पद है। इसे आज ही घर पर खरीदें और पूरे दिन ताजगी महसूस करें। यह अवश्य पढ़ें: खट्टा दूध का उपयोग कैसे करें: खट्टा दूध हो गया है? रिवोल्यूशन के बजाय इन 5 का प्रयोग करें, नहीं होगा विनाश अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें।
Pakistan Cricket Controversy; PCB Vs Shadab Khan

नई दिल्ली8 घंटे पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद की यह तस्वीर शादाब खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शादाब खान ने पूर्व खिलाड़ियों को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) नाराज बताया जा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर शादाब खान को अपने बयान के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। शादाब ने कहा था कि पाकिस्तान के सीनियर प्लेयर कभी वर्ल्डकप में भारत को हरा नहीं पाए, लेकिन हमनें हराया है। शादाब का इशारा 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भारत पर जीत को लेकर था। अब PCB ने पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना पर दिए शादाब के बयान को अनुचित माना है। बोर्ड ने शादाब को अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह दी है। यह पूरा मामला 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ मैच के बाद हुई पाकिस्तान की प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ, जहां शादाब ने पूर्व क्रिकेटरों पर बयान दिया था। इस मैच में पाकिस्तान ने नामीबिया से जीत हासिल की थी। वहीं, इससे पिछले मैच में पाकिस्तान को भारत से 61 रन से हार था। शादाब ने कहा था- जो हमने किया, वो दिग्गज भी नहीं कर सके नामीबिया के खिलाफ 36 रन बनाने और 3 विकेट लेने के बाद शादाब खान ने पूर्व खिलाड़ियों पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा, ‘आलोचना क्रिकेट के इतिहास का हिस्सा है। पूर्व क्रिकेटर्स की अपनी राय है। वे दिग्गज थे, लेकिन हमने जो किया, वे नहीं कर सके। हमने वर्ल्ड कप में भारत को हराया है।’ भारत ने टी-20 वर्ल्ड कप के ग्रुप मैच में पाकिस्तान को 61 रन से हराया। PCB ने टीम मैनेजर के जरिए मैसेज भेजा न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक PCB ने टीम मैनेजर नवीद चीमा के जरिए शादाब से नाराजगी जाहिर की है। चीमा ने शादाब को फोन कर बताया कि प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने अपनी सीमाएं लांघी हैं। शादाब को याद दिलाया गया कि उनके ससुर सकलैन मुश्ताक समेत सभी पूर्व खिलाड़ी पाकिस्तान के दिग्गज हैं और वे सम्मान के हकदार हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि खिलाड़ियों को ऐसी भाषा के इस्तेमाल से बचना चाहिए। मैनेजमेंट की अन्य खिलाड़ियों को भी चेतावनी PCB ने सिर्फ शादाब ही नहीं, बल्कि पूरी टीम को नसीहत दी है। टीम मैनेजर को निर्देश दिए गए हैं कि वे सभी खिलाड़ियों को समझाएं कि वे अपनी टिप्पणियों को सिर्फ मैच तक ही सीमित रखें। अगर कोई खिलाड़ी दोबारा मर्यादा लांघता है तो बोर्ड उस पर कड़ी कार्रवाई कर सकता है। पूर्व क्रिकेटर कामरान अकमल ने भी शादाब के बयान को गैरजरूरी बताया और कहा कि दिग्गजों के खिलाफ बोलते समय सावधानी बरतनी चाहिए। भारत से हार के बाद पाकिस्तान ने टी-20 वर्ल्ड कप के आखिरी लीग मैच में नामीबिया को 102 रन सो हराकर सुपर-8 में अपना स्थान पक्का किया। मीडिया से बातचीत पर टीम मैनेजमेंट सख्त पाकिस्तान टीम मैनेजमेंट फिलहाल मीडिया इंटरैक्शन को लेकर काफी सतर्क है। भारत के साथ हुए अहम मैच से दो दिन पहले तक मैनेजमेंट ने किसी भी खिलाड़ी को मीडिया के सामने नहीं भेजा था। नामीबिया के खिलाफ मैच से पहले जब उस्मान तारिक से भारत के खिलाफ उनकी गेंदबाजी को लेकर सवाल पूछा गया तो मीडिया मैनेजर नईम गिलानी ने उन्हें जवाब देने से रोक दिया। उन्होंने तर्क दिया कि हेड कोच माइक हेसन इस पर पहले ही सफाई दे चुके हैं। पाकिस्तान ने 2021 में पहली बार वर्ल्ड कप में हराया था पाकिस्तान ने 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में पहली बार भारत को 10 विकेट से हराया था। 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान ने भारत को 10 विकेट से हराया था। पहले टॉस जीत कर पाकिस्तान ने फील्डिंग करने का फैसला किया था। टीम इंडिया ने 7 विकेट खोकर 151 रन बनाए थे। इस मैच में शाहीन शाह अफरीदी ने 3, हसन अली ने 2, शादाब खान ने 1 और हारिश रउफ ने 1 विकेट लिए थे। वहीं, 152 रन के टारगेट का पीछा करने उतरी पाकिस्तान ने बिना विकेट खोए 17.5 ओवर में ही टारगेट को हासिल कर लिया था। सुपर-8 में न्यूजीलैंड से भिड़ेगा पाकिस्तान भारत से हार और नामीबिया पर 102 रनों की जीत के बाद अब पाकिस्तान की नजरें सुपर-8 राउंड पर हैं। पाकिस्तान अपना पहला सुपर-8 मैच 21 फरवरी को कोलंबो में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगा। इसके बाद 24 फरवरी को पल्लेकेले में इंग्लैंड और 28 फरवरी को श्रीलंका से उनका मुकाबला होगा। टीम की कोशिश मैदान के बाहर चल रहे विवादों को पीछे छोड़कर सेमीफाइनल की रेस में बने रहने की होगी। ———————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप सुपर-8 टीमों के खिलाफ भारत का टी-20 प्रदर्शन:वेस्टइंडीज वर्ल्ड कप में भारी पड़ा, साउथ अफ्रीका को पिछला फाइनल हराया टी-20 वर्ल्ड कप में ग्रुप स्टेज के बाद 8 टीमें सेकेंड राउंड में पहुंच चुकी हैं। यहां 4-4 टीमों को 2 ग्रुप में बांटा गया। टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका, वेस्टइंडीज और जिम्बाब्वे के ग्रुप में रखा है। विंडीज को छोड़कर बाकी दोनों टीमों के खिलाफ भारत का वर्ल्ड कप रिकॉर्ड अच्छा है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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5 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान पर संभावित सैन्य कार्रवाई को लेकर फैसला फिलहाल टाल दिया है। उन्होंने कहा है कि वे अगले 10 से 15 दिनों के भीतर तय करेंगे कि हमला करना है या नहीं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने एक बार फिर ईरान से समझौता करने के लिए कहा है। व्हाइट हाउस के अधिकारियों का कहना है कि वे अभी भी कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दे रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ट्रम्प हमला करने का फैसला लेते हैं तो उनके पास कई सैन्य विकल्प मौजूद हैं। इनमें सीमित और टारगेटेड स्ट्राइक से लेकर ऐसे सैन्य अभियान शामिल हैं जो कई हफ्तों तक चल सकते हैं। कुछ प्लान में तेहरान के शीर्ष नेतृत्व को निशाना बनाने की भी तैयारी शामिल है। अमेरिका ने पिछले 22 साल में मिडिल ईस्ट में सबसे बड़ा सैन्य तैनाती की है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… पाकिस्तान के पंजाब में बैन संगठनों को चंदा देना अपराध, जैश, लश्कर और जमात जैसे आतंकी संगठन शामिल पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में प्रतिबंधित संगठनों को जकात या किसी भी तरह की आर्थिक मदद देना अपराध माना जाएगा। पंजाब होम डिपार्टमेंट ने शुक्रवार को नोटिफिकेशन जारी कर साफ किया कि जैश-ए-मोहम्मद, लश्कर-ए-तैयबा और जमात-उद-दावा जैसे संगठनों को फंडिंग करने वालों पर एंटी-टेररिज्म एक्ट, 1997 के तहत केस दर्ज होगा। सरकार ने कहा है कि किसी भी प्रतिबंधित या अपंजीकृत संगठन को आर्थिक सहायता देना आपराधिक कृत्य है। नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे अपनी जकात और दान केवल पंजाब चैरिटी कमीशन में पंजीकृत संस्थाओं को ही दें। ताजा सूची में करीब 90 संगठनों के नाम शामिल हैं। इनमें अल-कायदा, आईएसआईएस, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान, बलोचिस्तान लिबरेशन आर्मी, फलाह-ए-इंसानियत फाउंडेशन और तहरीक-ए-लब्बैक पाकिस्तान भी शामिल हैं। पंजाब सरकार ने चेतावनी दी है कि दान का पैसा जरूरतमंदों तक पहुंचे, न कि आतंकवादी या राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों में शामिल संगठनों तक। प्रतिबंधित संगठनों को किसी भी प्रकार की आर्थिक मदद करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। बांग्लादेश चुनाव पर विपक्ष का आरोप- भारत, BNP और अवामी लीग की मिलीभगत से नतीजे प्रभावित हुए बांग्लादेश के हालिया चुनाव में खराब प्रदर्शन के बाद नेशनल सिटिजंस पार्टी (NCP) ने बड़ा आरोप लगाया है। पार्टी संयोजक नाहिद इस्लाम ने दावा किया है कि चुनाव नतीजों में हेरफेर हुआ और सत्तारूढ़ BNP ने भारत और हसीना की अवामी लीग के साथ मिलीभगत की। ढाका में NCP कार्यालय में गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस कर नाहिद ने कहा कि चुनाव प्रक्रिया निष्पक्ष थी, लेकिन नतीजों में हेरफेर किया गया। बांग्लादेशी अखबार ‘प्रोथोम आलो’ के मुताबिक, नाहिद ने दावा किया कि भारत, अवामी लीग और BNP के बीच ‘गुपचुप समझौता’ था। 12 फरवरी को हुए आम चुनाव में 297 सीटों में से BNP ने 212 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया। जमात-ए-इस्लामी को 68 सीटें मिलीं, जबकि NCP सिर्फ 6 सीटों पर सिमट गई। इसके बाद नाहिद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव प्रक्रिया और परिणामों पर सवाल उठाए। मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने अवामी लीग को चुनाव लड़ने से रोक दिया था। इसके बावजूद नाहिद इस्लाम ने BNP की जीत पर सवाल उठाए हैं। मैक्रों ने मेलोनी से कहा- अपने से मतलब रखें; इटली PM ने फ्रांस में दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट की हत्या पर बयान दिया था फ्रांस में एक दक्षिणपंथी एक्टिविस्ट की हत्या के बाद फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों और इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी के बीच तीखी बयानबाजी शुरू हो गई है। 23 साल के क्वेंटिन डेरांक की 12 फरवरी को एक प्रदर्शन के दौरान पिटाई के बाद मौत हो गई थी। इस घटना को लेकर मेलोनी ने वामपंथी चरमपंथी समूहों को जिम्मेदार ठहराया। इस पर मैक्रों ने कड़ा जवाब दिया और कहा कि हर देश को अपने मामलों तक सीमित रहना चाहिए। मेलोनी ने बुधवार को सोशल मीडिया पर लिखा कि “वामपंथी चरमपंथ से जुड़े समूहों द्वारा की गई यह हत्या पूरे यूरोप के लिए एक जख्म है।” वहीं मैक्रों ने गुरुवार को भारत दौरे के दौरान पत्रकारों से बातचीत में नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “जो लोग राष्ट्रवाद की बात करते हैं और नहीं चाहते कि कोई उनके देश के मामलों में दखल दे, वही दूसरे देशों में हो रही घटनाओं पर सबसे पहले टिप्पणी करते हैं।” जब उनसे पूछा गया कि क्या उनका इशारा मेलोनी की ओर है, तो मैक्रों ने जवाब दिया, “आपने सही समझा।” इसके जवाब में मेलोनी ने इटली के न्यूज चैनल स्काई TG24 को दिए इंटरव्यू में कहा कि मैक्रों ने उनके बयान को गलत समझा। उन्होंने कहा, “मुझे खेद है कि मैक्रों ने इसे दखल के रूप में लिया।” लियोन में दक्षिणपंथी प्रदर्शन के दौरान क्वेंटिन डेरांक की पिटाई की गई थी, जिससे उनकी मौत हो गई। इस मामले में 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया था। बांग्लादेश ने 2 महीने बाद दिल्ली में वीजा सर्विस बहाल की, तारिक रहमान के PM बनने के 3 दिन बाद फैसला भारत-बांग्लादेश रिश्तों में नरमी की शुरुआत होती दिख रही है। बांग्लादेश हाई कमीशन ने शुक्रवार को दिल्ली में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं फिर से शुरू कर दीं। यह फैसला बांग्लादेश के नए प्रधानमंत्री तारिक रहमान के पद संभालने के तीन दिन बाद आया है। दोनों देशों के बीच दिसंबर में तनाव बढ़ने के बाद वीजा और काउंसलर सेवाएं रोक दी गई थीं। अब इसे रिश्तों में सुधार की दिशा में पहला कदम माना जा रहा है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक सभी कैटेगरी की वीजा सेवाएं भारतीयों के लिए बहाल कर दी गई हैं। इससे एक दिन पहले भारत के एक वरिष्ठ कॉन्सुलर अधिकारी ने भी कहा था कि नई दिल्ली जल्द ही बांग्लादेश में सभी वीजा सेवाएं बहाल करेगी। दिसंबर में भारत विरोधी युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की हत्या के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते खराब हो गए थे। हादी की मौत के बाद बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन हुए थे। इन प्रदर्शनों में भारत विरोधी नारेबाजी हुई। इस दौरान कई हिंदुओं को निशाना बनाया गया और उनकी लिंचिंग की घटनाएं सामने आईं। इसके बाद दोनों देशों के बीच कूटनीतिक तनाव काफी बढ़ गया था और वीजा सेवाएं रोक दी गई थीं। ढाका में सत्ता से
Gaza Board Peace Meeting 2026; Donald Trump India

वॉशिंगटन डीसी16 घंटे पहले कॉपी लिंक अमेरिका की राजधानी वॉशिंगटन में गुरुवार को बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग हुई। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक में भारत ने गुरुवार को ऑब्जर्वर देश के तौर पर हिस्सा लिया। यह बैठक वॉशिंगटन डीसी में हुई। भारत की तरफ से भारतीय दूतावास में तैनात चार्ज द’अफेयर्स (सीनियर अधिकारी) नमग्या सी खम्पा ने हिस्सा लिया। भारत ने अभी तक यह साफ नहीं किया है कि वह बोर्ड का फुल टाइम मेंबर बनेगा या नहीं। भारत ने पिछले महीने दावोस में इसके लॉन्च कार्यक्रम में हिस्सा नहीं लिया था। ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की बैठक में गाजा के पुनर्निर्माण के लिए 1.5 लाख करोड़ रुपए के राहत पैकेज का ऐलान किया गया है। ट्रम्प ने कहा कि 9 सदस्य देश गाजा राहत पैकेज के लिए 63 हजार करोड़ रुपए (7 अरब डॉलर) देंगे। जबकि, अमेरिका खुद 90 हजार करोड़ रुपए (10 अरब डॉलर) देगा। वहीं, 5 देशों ने युद्ध से तबाह फिलिस्तीनी इलाके में सैनिक तैनात करने पर सहमति दी है। वॉशिंगटन में हुई इस बैठक में करीब 50 देशों के अधिकारी शामिल हुए। इनमें से 27 देश बोर्ड के सदस्य हैं, जिनमें अजरबैजान, बेलारूस, मिस्र, हंगरी, इंडोनेशिया, इजराइल, जॉर्डन, मोरक्को, पाकिस्तान, कतर, सऊदी अरब, तुर्की, UAE, उज्बेकिस्तान और वियतनाम शामिल हैं। भारत और यूरोपीय संघ (EU) सहित बाकी देश ऑब्जर्वर के तौर पर शामिल हुए। बोर्ड ऑफ पीस से जुड़ी तस्वीरें… राष्ट्रपति ट्रम्प बोर्ड ऑफ पीस की मीटिंग को संबोधित करते हुए। बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में 50 देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस मीटिंग के दौरान डोनाल्ड ट्रम्प से बात करते हुए। बैठक के दौरान ट्रम्प ने पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ को खड़े होने के लिए कहा और वो खड़े हो गए। बोर्ड ऑफ पीस की पहली मीटिंग में भारत की तरफ से सीनियर अधिकारी नमग्या सी खम्पा ने हिस्सा लिया। (फाइल फोटो) ट्रम्प बोले- ये रकम युद्ध पर खर्च के मुकाबले बहुत छोटी ट्रम्प ने कहा कि यह रकम युद्ध पर होने वाले खर्च के मुकाबले बहुत छोटी है। उन्होंने सदस्य देशों से कहा कि अगर सभी देश साथ आएं तो उस इलाके में स्थायी शांति लाई जा सकती है, जो सदियों से युद्ध और हिंसा झेलता आया है। ट्रम्प ने कहा कि गाजा पर खर्च किया गया हर डॉलर इलाके में स्थिरता लाने और बेहतर भविष्य बनाने में निवेश है। हालांकि, उन्होंने यह साफ नहीं किया कि कितने सैनिक भेजे जाएंगे, वे कब तैनात होंगे और दी गई रकम का इस्तेमाल किस तरह किया जाएगा। UN की निगरानी करेगा ट्रम्प का बोर्ड ऑफ पीस 5 देशों ने युद्ध से तबाह फिलिस्तीनी इलाके में सैनिक तैनात करने पर सहमति दी है। ट्रम्प ने यह भी साफ किया कि यह बोर्ड अब दुनिया भर के संघर्ष सुलझाने में भी भूमिका निभाएगा। ट्रम्प ने कहा, बोर्ड संयुक्त राष्ट्र (UN) की निगरानी करेगा और सुनिश्चित करेगा कि वह ठीक से काम कर रहा है। वहीं, ‘बोर्ड ऑफ पीस’ की पहली बैठक से ठीक पहले संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की बैठक हुई। इसमें वेस्ट बैंक में इजरायल के नियंत्रण बढ़ाने की कोशिशों की आलोचना की गई। पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ शामिल हुए बैठक में भारत समेत ज्यादातर देशों ने सीनियर अधिकारियों को भेजा। वहीं पाकिस्तान के पीएम शहबाज शरीफ, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो, अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली और हंगरी के प्रधानमंत्री विक्टर ऑर्बन खुद पहुंचे। जर्मनी, इटली, नॉर्वे, स्विट्जरलैंड और ब्रिटेन उन देशों में हैं, जो बोर्ड में शामिल नहीं हुए हैं, लेकिन ऑब्जर्वर के तौर पर भाग लिया। ट्रम्प ने दावा किया, ‘सभी ने गाजा पर प्रस्ताव को स्वीकार कर लिया है और जिन्होंने नहीं माना है वे भी जल्द इसे मान लेंगे।’ बैठक की चर्चा का केंद्र एक ऑर्मड इंटरनेशनल स्टैबलाइजेशन फोर्स बनाना रहा, जिसका काम सुरक्षा बनाए रखना और हमास को निरस्त्र कराना होगा। यह इजराइल की प्रमुख मांग है और सीजफायर डील का अहम हिस्सा भी। हालांकि हमास ने अब तक निरस्त्रीकरण को लेकर बहुत भरोसा नहीं दिलाया है। हमास बोला- जब तक इजराइली सेना यहां है, हथियार नहीं छोड़ेंगे दूसरी ओर हमास ने कहा है कि जब तक इजराइली सेना पूरी तरह नहीं हटती, वह हथियार नहीं डालेगा। हाल ही में हमास लीडर ओसामा हमदान ने अल जजीरा को दिए इंटरव्यू में कहा कि संगठन ने अभी तक हथियारों पर कोई औपचारिक फैसला नहीं लिया है। वहीं, इजराइल का कहना है कि जब तक हमास पूरी तरह हथियार नहीं छोड़ता, सेना गाजा से नहीं हटेगी। इजराइल ने हमास को 60 दिन का समय दिया है कि वह पूरी तरह हथियार छोड़ दे। ट्रम्प के दामाद और वार्ताकार जेरेड कुशनर ने दावोस में गाजा के दक्षिणी हिस्से में छह नए शहर बसाने और समुद्री तट पर पर्यटन परियोजना बनाने की योजना पेश की थी। हालांकि, इसके लिए फंडिंग और समय-सीमा अभी तय नहीं है। बोर्ड ऑफ पीस क्या है? ट्रम्प ने पहली बार पिछले साल सितंबर 2025 में गाजा युद्ध खत्म करने की योजना पेश करते हुए इस बोर्ड का प्रस्ताव रखा था। रॉयटर्स के मुताबिक, अमेरिका ने करीब 60 देशों को इस बोर्ड में शामिल होने का न्योता भेजा है। दुनिया के नेताओं को भेजे गए न्योते में बताया गया था कि इस बोर्ड की भूमिका सिर्फ गाजा तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि यह वैश्विक स्तर पर संघर्षों को सुलझाने में भी काम करेगा। भेजे गए एक मसौदा (चार्टर) में कहा है कि जो देश तीन साल से ज्यादा समय तक इस बोर्ड का सदस्य बनना चाहते हैं, उन्हें 1 अरब डॉलर का योगदान देना होगा। ट्रम्प खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं ट्रम्प खुद इस बोर्ड के अध्यक्ष हैं। वे चाहते हैं कि यह बोर्ड सिर्फ गाजा के युद्धविराम तक सीमित न रहे, बल्कि दूसरे मुद्दों पर भी काम करे। हालांकि, इससे कुछ देशों को चिंता है कि इससे ग्लोबल डिप्लोमेसी में UN की भूमिका कमजोर हो सकती है। ट्रम्प ने कहा कि जब यह बोर्ड पूरी तरह बन जाएगा, तब यह बड़े फैसले ले सकेगा और जो भी काम होगा, वह UN के सहयोग से किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि UN में बहुत क्षमता है, लेकिन उसका अब तक पूरा इस्तेमाल नहीं
AI Content Rules 2026; Social Media Deepfake Labelling Regulations

नई दिल्ली14 घंटे पहले कॉपी लिंक अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पीएम बोले- कंटेंट पर ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ की जरूरत इन नियमों के लागू होने से एक दिन पहले यानी, 19 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI समिट में भी लेबल को लेकर सुझाव दिया था। उन्होंने कहा था कि जैसे खाने के सामान पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी लेबल होना चाहिए। इससे लोगों को पता चल सकेगा कि क्या असली है और क्या फैब्रिकेटेड, यानी एआई से बनाया गया है। मेटाडेटा से छेड़छाड़ की तो डिलीट होगा पोस्ट 1. एआई लेबल: वीडियो पर ‘डिजिटल स्टैम्प’ जैसे खाने के पैकेट पर लिखा होता है कि वह ‘शाकाहारी’ है या ‘मांसाहारी’, ठीक वैसे ही अब हर एआई वीडियो, फोटो या ऑडियो पर एक लेबल लगा होगा। मान लीजिए आपने एआई से एक वीडियो बनाया जिसमें कोई नेता भाषण दे रहा है, तो उस वीडियो के कोने में साफ लिखा होना चाहिए- “AI जनरेटेड”। 2. टेक्निकल मार्कर: डिजिटल डीएनए मेटाडेटा को आप उस फाइल का ‘डिजिटल डीएनए’ मान सकते हैं। यह स्क्रीन पर तो नहीं दिखता, लेकिन फाइल की कोडिंग के अंदर छिपा होता है। इसमें यह जानकारी दर्ज होगी कि यह फोटो या वीडियो किस तारीख को बना, किस AI टूल से बना और किस प्लेटफॉर्म पर पहली बार अपलोड हुआ। अगर कोई एआई का इस्तेमाल करके अपराध करता है, तो पुलिस इस ‘टेक्निकल मार्कर’ के जरिए उसके असली सोर्स तक पहुंच सकेगी। 3. छेड़छाड़ पर रोक: मिटाया नहीं जा सकेगा लेबल पहले लोग एआई से बनी फोटो का कोना काटकर या एडिटिंग करके उसका ‘वॉटरमार्क’ हटा देते थे ताकि वह असली लगे। अब सरकार ने इसे गैर-कानूनी बना दिया है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को ऐसी तकनीक अपनानी होगी कि अगर कोई उस लेबल या मेटाडेटा को हटाने की कोशिश करे, तो या तो वह कंटेंट ही डिलीट हो जाए। चाइल्ड पोर्नोग्राफी और डीपफेक पर सख्त एक्शन अगर AI का इस्तेमाल चाइल्ड पोर्नोग्राफी, अश्लीलता, धोखाधड़ी, हथियारों से जुड़ी जानकारी या किसी की नकल उतारने के लिए किया जाता है, तो इसे गंभीर अपराध माना जाएगा। नवंबर में रश्मिका मंदाना का डीपफेक वीडियो वायरल हुआ था। सचिन तेंदुलकर का डीपफेक वीडियो, जिसमें वे गेमिंग ऐप को प्रमोट करते दिखे थे। 3 घंटे की डेडलाइन, पहले 36 घंटे का समय मिलता था आईटी नियमों में हुए नए बदलाव के बाद अब सोशल मीडिया कंपनियों के पास कार्रवाई के लिए बहुत कम समय होगा। पहले किसी गैर-कानूनी कंटेंट को हटाने के लिए 36 घंटे का समय दिया जाता था, जिसे अब घटाकर सिर्फ 3 घंटे कर दिया गया है। यूजर ने गलत जानकारी दी तो प्लेटफॉर्म जिम्मेदार अब जब भी कोई यूजर सोशल मीडिया पर कुछ अपलोड करेगा, तो प्लेटफॉर्म को उससे यह डिक्लेरेशन लेनी होगी कि क्या यह कंटेंट एआई से बनाया गया है। कंपनियों को ऐसे टूल्स तैनात करने होंगे जो यूजर के इस दावे की जांच कर सकें। अगर कोई प्लेटफॉर्म एआई कंटेंट को बिना डिस्क्लोजर के पब्लिश होने देता है, तो इसके लिए वह खुद जिम्मेदार माना जाएगा। केंद्र ने कहा- इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने साफ कहा कि ये स्टेप ‘ओपन, सेफ, ट्रस्टेड और अकाउंटेबल इंटरनेट’ बनाने के लिए है। यह जनरेटिव AI से आने वाली मिस-इनफॉर्मेशन, इम्पर्सनेशन और इलेक्शन मैनिपुलेशन जैसी रिस्क्स को हैंडल करेगा। इससे इंटरनेट ज्यादा भरोसेमंद बनेगा। सरकार के नोटिफिकेशन में दिए जरूरी सवालों के जवाब… सेक्शन 1: नए नियम और उनके उद्देश्य 1. आईटी संशोधन नियम, 2026 क्या हैं? यह नियम 2021 के आईटी नियमों को मजबूत करते हैं, ताकि एआई द्वारा बनाई गई जानकारी (SGI) और ऑनलाइन होने वाले नुकसानों को रोका जा सके । 2. इन संशोधनों की जरूरत क्यों पड़ी? एआई के जरिए अब असली दिखने वाले डीपफेक बनाना आसान हो गया है । इनसे गलत सूचनाएं फैलने, पहचान चोरी होने और अश्लीलता (NCII) जैसे खतरों को रोकने के लिए ये नियम लाए गए हैं। ये नियम 20 फरवरी, 2026 से पूरे देश में लागू हो चुके हैं । सेक्शन 2: मुख्य परिभाषाएं और दायरा 3. ‘ऑडियो, विजुअल या ऑडियो-विजुअल जानकारी’ का क्या मतलब है? कंप्यूटर के जरिए बनाई या बदली गई कोई भी आवाज, फोटो, ग्राफिक या वीडियो कंटेंट। 4. ‘सिंथेटिकली जनरेटेड इंफॉर्मेशन’ (SGI) क्या है? ऐसी जानकारी जिसे एआई या एल्गोरिदम से बनाया गया हो और वह बिल्कुल असली व्यक्ति या घटना की तरह लगे। जिसे देखकर कोई भी धोखा खा जाए। 5. किन चीजों को SGI नहीं माना जाएगा? फोटो की ब्राइटनेस बढ़ाना, वीडियो कंप्रेस करना या बैकग्राउंड शोर कम करना । या फिर पीपीटी बनाना, डायग्राम बनाना या रिसर्च के लिए काल्पनिक केस स्टडी बनाना । वीडियो में सबटाइटल जोड़ना, अनुवाद करना या ऑडियो को टेक्स्ट में बदलना। वहीं अगर एआई से फर्जी मार्कशीट या सरकारी लेटर बनाया, तो उसे छूट नहीं मिलेगी। 6. क्या ये नियम सिर्फ वीडियो पर लागू हैं? SGI मुख्य रूप से फोटो, वीडियो और ऑडियो पर केंद्रित है। सिर्फ टेक्स्ट SGI नहीं है, लेकिन अगर टेक्स्ट का इस्तेमाल गैर-कानूनी काम में होता है, तो IT नियमों के दायरे में आएगा । सेक्शन 3: यूजर्स और कंपनियों की जिम्मेदारी 7. क्या प्लेटफॉर्म्स पर ‘सेफ हार्बर’ सुरक्षा बनी रहेगी? हां, अगर कंपनियां इन नियमों का पालन करते हुए एआई कंटेंट को हटाती हैं, तो उनकी कानूनी सुरक्षा (धारा 79) बनी रहेगी । यानी, कंपनी पर कार्रवाई नहीं होगी। सेफ हार्बर’ को आसान भाषा में ऐसे समझें: कानूनी ढाल: यह सोशल मीडिया कंपनियों को मिला एक सुरक्षा कवच है, जो कहता है कि अगर किसी यूजर ने प्लेटफॉर्म पर कोई गलत पोस्ट या वीडियो डाला है, तो उसके लिए कंपनी को जिम्मेदार नहीं ठहराया जाएगा। शर्तिया सुरक्षा: यह सुरक्षा तभी तक मिलती है जब तक कंपनियां सरकार के नियमों को मानती हैं। अगर वे शिकायत मिलने पर 3 घंटे के भीतर SGI नहीं हटातीं, तो







