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पेट्रोल-डीजल पर तेल कंपनियां ₹11 लीटर तक मुनाफा कमा रहीं:लेकिन आम लोगों को राहत नहीं, कच्चा तेल 6 महीने के निचले स्तर पर

पेट्रोल-डीजल पर तेल कंपनियां ₹11 लीटर तक मुनाफा कमा रहीं:लेकिन आम लोगों को राहत नहीं, कच्चा तेल 6 महीने के निचले स्तर पर

अमेरिका-ईरान युद्ध के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचे कच्चे तेल के दाम अब 6 माह के निचले स्तर पर आ चुके हैं। इंडियन बास्केट का कच्चा तेल 68.69 डॉलर/बैरल तक आ गया है। यह युद्ध के दौरान बने 157 डॉलर के शिखर से करीब 56% कम है। इसके बावजूद आम आदमी को पेट्रोल-डीजल के खुदरा दामों में कोई राहत नहीं मिली है। डीएएम कैपिटल के मुताबिक मौजूदा कीमत पर तेल कंपनियां पेट्रोल पर 10.5 और डीजल पर 11 रुपए प्रति लीटर तक मार्जिन कमा रही हैं। कच्चे तेल के दाम 1 जून के बाद से 87 डॉलर से नीचे हैं। इस रेट पर तेल कंपनियां ब्रेक ईवन यानी न नफा, न नुकसान में रहती हैं। यानी कंपनियां पूरे 36 दिन से मुनाफे में ही हैं। ईरान-अमेरिका के बीच 8 अप्रैल को पहला युद्ध विराम होने के बाद कच्चे तेल के दाम 115 डॉलर से नीचे रहे। क्रूड 75 डॉलर हो या 120, पेट्रोल के दाम एक से 2018 में कच्चे तेल के दाम 80.08 डॉलर/बैरल थे। तब दिल्ली में पेट्रोल 72.15 रुपए और डीजल 70.21 रुपए प्रति लीटर था। 2020 में कच्चा तेल 43.41 डॉलर/बैरल हो गया। लेकिन पेट्रोल 68.20 रु./लीटर ही रहा। 2022 में कच्चे तेल के दाम 119 डॉलर/बैरल तक पहुंचे। तब पेट्रोल 96.72 रु./लीटर और डीजल 89.62 रु./लीटर हो गया। जनवरी 2023 में कच्चे तेल के दाम 75 डॉलर तक पहुंचे। लेकिन दाम जस के तस रहे। तेल कंपनियों का तर्क था कि अभी पुराने घाटे की भरपाई हो रही है। तेल कंपनियों को चौथी तिमाही में भी फायदा हुआ कच्चे तेल की सबसे तेज बढ़ोतरी के दिनों में भी तेल कंपनियों के चौथी तिमाही (जनवरी से मार्च 2026) के नतीजे नकारात्मक नहीं आए। देश की चार बड़ी तेल कंपनियों का मुनाफा पिछले साल 2024-25 की चौथी तिमाही की तुलना में 22% तक ज्यादा रहा। सबसे तेज युद्ध के 33 दिन इसी तिमाही में शामिल थे। इस दौरान इंडियन बास्केट में कच्चे तेल के दाम 157 डॉलर/बैरल तक पहुंचे थे। मार्च में कच्चे तेल के औसत दाम 125.7 डॉलर/बैरल थे। 1 जुलाई को नायरा ने पेट्रोल ₹5 और डीजल ₹3 सस्ता किया था देश की सबसे बड़ी प्राइवेट फ्यूल रिटेलर कंपनी नायरा एनर्जी ने 1 जुलाई को पेट्रोल के दाम में 5 रुपए प्रति लीटर और डीजल में 3 रुपए प्रति लीटर की कमी की थी। अब भोपाल में नायरा के पेट्रोल की कीमत 119.79 रुपए से घटकर 114.79 रुपए और डीजल 102.57 रुपए से घटकर 99.57 रुपए पर आ गया है। तब भी सरकारी तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (HPCL) ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया था। सरकारी कंपनियों ने मई में की थी बढ़ोतरी प्राइवेट कंपनी के दाम बढ़ाने के बाद सरकारी तेल कंपनियों ने भी कीमतें बढ़ाई थीं। मई में IOC, BPCL और HPCL ने महंगे अंतरराष्ट्रीय क्रूड का हवाला देते हुए किस्तों में पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में कुल ₹7.50-₹7.50 प्रति लीटर की बढ़ोतरी की थी। देश के 1 लाख से ज्यादा पेट्रोल पंपों में से 90% से अधिक पर इन तीनों सरकारी कंपनियों का नियंत्रण है।

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