Wednesday, 08 Jul 2026 | 09:23 AM

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Surgical Tool Found in Womans Stomach 5 Years Later

Surgical Tool Found in Womans Stomach 5 Years Later

Hindi News National Alappuzha Medical College: Surgical Tool Found In Womans Stomach 5 Years Later अलाप्पुझा10 घंटे पहले कॉपी लिंक उषा जोसेफ के पेट में मौजूद आर्टरी फोर्सेप्स, उन्होंने मई 2021 में गर्भाशय की गांठ की सर्जरी कराई थी। सर्जरी के 5 साल बाद महिला के पेट में सर्जिकल टूल (आर्टरी फोर्सेप्स) मिलने का मामला सामने आया है। केरल के अलाप्पुझा के पुन्नप्रा गांव की रहने वाली उषा जोसेफ (51) के पेट में टूल मिला है। ऊषा के बेटे शिबिन ने बताया कि मां की मई 2021 में अलाप्पुजा मेडिकल कॉलेज में गर्भाशय की गांठ की सर्जरी हुई थी। इसके बाद वह घर आ गई थीं, लेकिन उनके पेट में लगातार दर्द बना रहता था। शिबिन के मुताबिक मां का पेट दर्द का इलाज लगातार चल रहा था। हमे लगा कहीं किडनी में स्टोन तो नहीं, इसलिए उनका एक्स-रे कराया। उनके पेट में आर्टरी फोर्सेप्स (छोटी ब्लड वेसल्स को पकड़ने का टूल) नजर आया। शिबिन ने कहा कि हम एक्स-रे रिपोर्ट लेकर मेडिकल कॉलेज पहुंचे। तो वहां के डॉक्टरों ने मां के पेट से सर्जरी करके टूल निकालने की बात कही। लेकिन अब मां को कोच्चि के निजी अस्पताल में एडमिट कराया है। उषा जोसेफ के पेट में मौजूद आर्टरी फोर्सेप्स, उन्होंने मई 2021 में गर्भाशय की गांठ की सर्जरी कराई थी। मेडिकल कॉलेज ने किया मुआवजे से इनकार शिबिन ने बताया कि मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने इस मामले में मुआवजा देने से इनकार कर दिया है। मैं अब पुलिस में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ FIR दर्ज कराऊंगा। मेडिकल कॉलेज की सर्जन डॉ. ललिताम्बिका (वर्तमान में रिटायर) ने मां की सर्जरी के लिए पैसे भी लिए थे। अलाप्पुजा मेडिकल कॉलेज की रिटायर्ड सर्जन डॉ. ललिताम्बिका। रिटायर्ड सर्जन बोलीं- मैंने सर्जरी नहीं की वहीं, मामले पर रिटायर्ड सर्जन डॉ. ललिताम्बिका ने कहा है कि उन्होंने ऊषा की सर्जरी नहीं की थी। यह सर्जरी उनके रिटायरमेंट से ठीक पहले हुई थी, जब वह अस्पताल के सर्जरी के बड़े केस में शामिल भी नहीं थीं। मैं उस समय यूनिट हेड थी, इसलिए मुझ पर आरोप लगाया जा रहा है। डॉ. ललिताम्बिका ने कहा कि ऑपरेशन से पहले और बाद में फ्लोर नर्स टूल्स की गिनती करती है। इस फेल्योर के लिए वही जिम्मेदार है। मैंने मरीजों से किसी तरह की रकम नहीं ली है। स्वास्थ्य मंत्री बोले- अधिकारियों को निलंबित करेंगे मामले पर केरल की स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने कहा कि जो भी अधिकारी-कर्मचारी इस सर्जरी में शामिल थे और आज भी सरकारी सेवा में हैं। उनके खिलाफ जांच होगी। लापरवाही मिलने पर उन्हें सस्पेंड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बिना स्क्रब नर्स के सर्जरी कैसे की जा सकती है? अगर ऐसी सर्जरी होती है, तो यह अपने आप में उल्लंघन होगा। मामले की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट हेल्थ एजुकेशन डायरेक्टर को सौंप दी गई है। अब मामले की जांच के लिए सीनियर डॉक्टरों की एक्सपर्ट कमेटी बनाई गई है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। …………………… यह खबर भी पढ़ें… प्रयागराज में महिला के पेट से निकलीं 107 पथरियां: 3 सालों से पेट दर्द से पीड़ित थीं; डॉक्टर बोले- जान को खतरा हो सकता था उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में 70 साल की बुजुर्ग महिला के पेट से 107 पथरियां निकाली गईं। सभी 5 से 6 mm के साइज की थीं। डॉक्टर के मुताबिक महिला का अगर जल्द ऑपरेशन नहीं किया जाता तो उनकी जान को खतरा हो सकता था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

‘कांग्रेस ने जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की’: अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी सरकार ने असम में घुसपैठ रोकी | चुनाव समाचार

Fahima Khatun was last seen in action at the World Cup (Picture credit: ICC)

आखरी अपडेट:20 फरवरी, 2026, 14:39 IST अमित शाह ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में असम ने प्रगति की है और राज्य में अब बम धमाके नहीं हो रहे हैं. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह का असम दौरा इस साल होने वाले राज्य विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है। (फ़ाइल छवि: पीटीआई) केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कांग्रेस पार्टी पर असम की जनसांख्यिकी को बदलने का जानबूझकर प्रयास करने का आरोप लगाया और कहा कि भाजपा सरकार ने घुसपैठियों के प्रवेश को रोक दिया है, जो लोगों के अधिकारों को हड़प रहे थे। शाह का असम दौरा राज्य विधानसभा चुनाव से पहले हो रहा है, जो इस साल होने वाला है। “इन कांग्रेस सरकारों ने हमारी सीमाओं को घुसपैठियों के लिए खुला छोड़ दिया। घुसपैठिए असम में प्रवेश करते रहे। असम के युवाओं की नौकरियां, गरीबों का अनाज और गांवों की जमीन छीनकर असम की जनसांख्यिकी को बदलने का प्रयास किया गया। असम के लोगों ने दस साल पहले भाजपा सरकार के गठन की पहल की और पहले पांच वर्षों में हमने घुसपैठ को रोकने के लिए काम किया। दूसरे कार्यकाल में, हमारे सीएम हिमंत बिस्वा सरमा ने लाखों एकड़ जमीन पर कब्जा कर लिया। घुसपैठियों और उन्हें हटाओ,” उन्होंने कहा। शाह ने लोगों से लगातार तीसरी बार भाजपा सरकार चुनने की अपील की और वादा किया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम में प्रवेश करने वाले हर एक घुसपैठिये को वापस भेजा जाएगा। मंत्री ने कहा कि बीजेपी के शासनकाल में असम ने प्रगति की है और राज्य में अब बम विस्फोट नहीं हो रहे हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सरकार असम को बाढ़ मुक्त बनाने की योजना बना रही है. सिलचर में एक सभा को संबोधित करते हुए शाह ने कहा कि पाकिस्तान और बांग्लादेश की सीमा से लगे 334 ब्लॉकों को वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के दूसरे चरण के तहत विकसित किया जाएगा। “आज एक तरह से वाइब्रेंट विलेज II की शुरुआत हो रही है। वाइब्रेंट विलेज II के जरिए पीएम नरेंद्र मोदी ने हमारे सीमावर्ती गांवों में भी भारत के सभी गांवों के बराबर सुविधाएं देने का प्रयास शुरू किया है… एक समय था जब सीमावर्ती गांवों को देश का आखिरी गांव कहा जाता था। आखिरी गांव सिर्फ सीमाओं के कारण आखिरी नहीं थे, बल्कि विकास के मामले में भी आखिरी थे। रोजगार, बिजली कनेक्टिविटी और शिक्षा के मामले में वे पिछड़े थे। पीएम मोदी ने वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम में तय किया कि हर गांव एक होगा।” बॉर्डर आखिरी गांव नहीं है, यह भारत का पहला गांव है।” चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : सिलचर, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 20 फरवरी, 2026, 14:35 IST समाचार चुनाव ‘कांग्रेस ने जनसांख्यिकी बदलने की कोशिश की’: अमित शाह कहते हैं कि बीजेपी सरकार ने असम में घुसपैठ रोकी अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम चुनाव(टी)अमित शाह असम(टी)कांग्रेस असम जनसांख्यिकी(टी)बीजेपी असम विकास(टी)असम घुसपैठिए(टी)वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम असम(टी)असम सीमा सुरक्षा(टी)असम बाढ़-मुक्त योजना

28 Players Divided into Four Grades, Salary Details Revealed

28 Players Divided into Four Grades, Salary Details Revealed

Hindi News Sports BCB Announces 2026 Central Contracts: 28 Players Divided Into Four Grades, Salary Details Revealed स्पोर्ट्स डेस्क15 घंटे पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने 1 जनवरी से 31 दिसंबर 2026 तक के लिए पुरुष टीम के सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा कर दी है। 2025 में जहां 22 खिलाड़ी कॉन्ट्रैक्ट में शामिल थे, वहीं 2026 के लिए यह संख्या बढ़ाकर 28 कर दी गई है। BCB ने खिलाड़ियों को कैटेगरी A, B, C और D में बांटा है। बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने सेंट्रल कॉन्ट्रैक्ट की घोषणा कर दी। तस्किन अहमद A+ ग्रेड से इस बार A ग्रेड में आ गए तेज गेंदबाज तस्किन अहमद, जो पिछले साल अकेले A+ ग्रेड में थे, इस बार A ग्रेड में आ गए हैं। फरवरी में एचिलीज चोट के कारण वे 2025 में कोई टेस्ट मैच नहीं खेल सके, लेकिन व्हाइट-बॉल क्रिकेट में सक्रिय रहे। उन्होंने 6 वनडे में 8 विकेट और 13 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों में 24 विकेट लिए। कुल मिलाकर तस्किन ने 17 टेस्ट में 49 विकेट, 83 वनडे में 117 विकेट और 86 टी20 में 106 विकेट लिए हैं। ग्रेड A में नजमुल हुसैन शांतो, मेहदी हसन मिराज, लिटन दास और तस्किन अहमद शामिल हैं। इन खिलाड़ियों को 8 लाख बांग्लादेशी टका (लगभग ₹ 6 लाख ) प्रति माह मिलेंगे। तस्किन अहमद एचिलीज चोट के कारण 2025 में कोई टेस्ट मैच नहीं खेल सके। ग्रेड B में 11 खिलाड़ी को रखा गया वहीं, अनुभवी खिलाड़ी मुशफिकुर रहीम पिछले साल मार्च में वनडे से संन्यास लेने के बाद अब B ग्रेड में आ गए हैं। उनके साथ मोमिनुल हक, तैजुल इस्लाम, मुस्तफिजुर रहमान, तौहीद हृदय, हसन महमूद, नाहिद राणा, शादमान इस्लाम, तंजीद हसन तमीम, रिशाद हुसैन और शाक माहेदी हसन को भी B ग्रेड में रखा गया है। इस ग्रुप के खिलाड़ियों को 6 लाख टका (करीब ₹ 4.5 लाख ) प्रति माह मिलेंगे। 4 खिलाड़ियों को B ग्रेड में प्रमोशन मिला शादमान इस्लाम, तंजीद हसन तमीम, रिशाद हुसैन और शाक माहेदी हसन को शानदार प्रदर्शन के चलते B ग्रेड में प्रमोशन मिला है। तंजीद हसन 2025 में टी20 में बांग्लादेश के सबसे ज्यादा रन बनाने वाले खिलाड़ी रहे, जिन्होंने 27 मैचों में 775 रन बनाए। वहीं, रिशाद हुसैन ने पिछले सीजन वनडे और टी-20 दोनों में सबसे ज्यादा विकेट लिए। उन्होंने 25 टी20 में 33 और 7 वनडे में 17 विकेट झटके। रिशाद हुसैन ने पिछले सीजन वनडे और टी-20 दोनों में सबसे ज्यादा विकेट लिए। ग्रेड D के खिलाड़ियों को ₹ 1.5 लाख ग्रेड C में सौम्या सरकार, जाकेर अली अनिक, शरीफुल इस्लाम, तंजीम हसन साकिब, नासुम अहमद और सैयद खालिद अहमद शामिल हैं। इनकी मासिक सैलरी 4 लाख टका (लगभग ₹ 2.9 लाख ) होगी। ग्रेड D में सैफ हसन, परवेज हुसैन एमोन, तनवीर इस्लाम, नईम हसन, हसन मुराद, शमीम हुसैन और काजी नुरुल हसन सोहन शामिल हैं। इन खिलाड़ियों को 2 लाख टका (करीब ₹ 1.5 लाख ) प्रति माह मिलेंगे। ———————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें —————————————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान बोर्ड ने क्रिकेटर से कहा-दिग्गजों पर कमेंट न करें:शादाब खान बोले थे- हमने भारत को हराया, ये सीनियर खिलाड़ी नहीं कर पाए टी-20 वर्ल्ड कप में नामीबिया के खिलाफ जीत के बाद की यह तस्वीर शादाब खान की प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान शादाब खान ने पूर्व खिलाड़ियों को लेकर एक बयान दिया था, जिस पर पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) नाराज बताया जा रहा है। पाकिस्तान क्रिकेट टीम के स्टार ऑलराउंडर शादाब खान को अपने बयान के कारण पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) की नाराजगी का सामना करना पड़ा है। शादाब ने कहा था कि हमने भारत को हराया है, ये काम सीनियर प्लेयर नहीं कर पाए। शादाब का इशारा 2021 टी-20 वर्ल्ड कप में पाकिस्तान की भारत पर जीत को लेकर था। अब PCB ने पूर्व खिलाड़ियों की आलोचना पर दिए शादाब के बयान को अनुचित माना है। 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में भारत ने पाकिस्तान को 61 रन से हराया था। बोर्ड ने शादाब को हिदायत देते हुए अपनी भाषा पर नियंत्रण रखने की सलाह दी है। यह पूरा मामला 18 फरवरी को नामीबिया के खिलाफ मैच के बाद हुई पाकिस्तान की प्रेस कॉन्फ्रेंस से शुरू हुआ। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की कहानी लीक:शाहिद कपूर बने लव ट्रायंगल का तीसरा एंगल, रश्मिका-कृति का लेस्बियन रोमांस चर्चा में

फिल्म ‘कॉकटेल 2’ की कहानी लीक:शाहिद कपूर बने लव ट्रायंगल का तीसरा एंगल, रश्मिका-कृति का लेस्बियन रोमांस चर्चा में

बॉलीवुड की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘कॉकटेल 2’ को लेकर एक नई बड़ी खबर सामने आई है जिसमें फिल्म की स्टोरी रिलीज से पहले ही लीक होने का दावा किया जा रहा है। इस खबर के अनुसार, लीक हुई कहानी में शाहिद कपूर, रश्मिका मंदाना और कृति सेनन के किरदारों के बारे में असाधारण अपडेट सामने आया है। OCD Times की रिपोर्ट मुताबिक फिल्म में रश्मिका मंदाना और कृति सेनन एक-दूसरे से प्यार करने वाली लड़की-लड़की के किरदार में नजर आ सकती हैं। यानी दोनों एक लेस्बियन कपल का रोल निभा सकती हैं, जो इस फिल्म को बॉलीवुड में एक अलग तरह का रोमांटिक एंगल देगा। वैसे इस तरह की कहानी को लेकर मेकर्स ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन रिपोर्ट्स में यही दावा किया जा रहा है कि इनके बीच का प्यार ही फिल्म की सबसे बड़ी कहानी बन सकता है। ऐसे में शाहिद कपूर की भूमिका को तीसरे कोण के रूप में बताया जा रहा है, जो इस प्रेम कहानी के बीच में आता है और एक लव ट्रायंगल की शक्ल लेता है। ये प्रेम त्रिकोण फिल्म को आधुनिक रिश्तों के अलग-अलग पहलुओं पर केंद्रित करने की कोशिश दिखाता है और पारंपरिक रोमांटिक कहानियों से हटकर कुछ नया पेश करता है। हालांकि, जैसा कि कहा गया है, यह पूरी कहानी केवल लीक रिपोर्ट पर आधारित है और फिलहाल फिल्म की आधिकारिक टीम ने कहानी, किरदारों का खुलासा नहीं किया है। जहां तक रिलीज डेट का सवाल है, फिल्म की रिलीज तारीख का अभी तक कोई औपचारिक ऐलान नहीं हुआ है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार फिल्म को सितंबर 2026 में रिलीज करने की योजना है ताकि यह शाहिद कपूर की फिल्म ‘ओ रोमियो’ के लगभग छह महीने बाद आए और दोनों फिल्मों को अपने-अपने समय और दर्शक मिल सकें। लेकिन यह भी आधिकारिक पुष्टि नहीं है। कुल मिलाकर, ‘कॉकटेल 2’ की कहानी को लेकर इन दिनों बड़ी दिलचस्प चर्चा है और अगर लीक जानकारी सही साबित होती है तो यह बॉलीवुड में रिश्तों के नए और प्रगतिशील चित्रण के लिए एक अहम फिल्म साबित हो सकती है।

India-US Deal Looks Like India Giving More, Getting Less

India-US Deal Looks Like India Giving More, Getting Less

नई दिल्ली11 घंटे पहले कॉपी लिंक कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर PM नरेंद्र मोदी पर फिर निशाना साधा। राहुल ने कहा कि इस समझौते से ऐसा लगता है जैसे भारत ज्यादा दे रहा है और बदले में कम पा रहा है। राहुल ने इसे अमेरिका के सामने पूरी तरह झुक जाना बताया। शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट में राहुल गांधी ने कहा कि उन्होंने संसद में अपने भाषण में जिउ-जित्सु (एक खेल) का उदाहरण इसलिए दिया था, क्योंकि उस खेल में किसी को पकड़कर या दबाकर काबू किया जाता है। उनका कहना है कि राजनीति में भी ऐसे दबाव होते हैं जो बाहर से दिखाई नहीं देते। राहुल की पोस्ट: राहुल ने ये सवाल उठाए: किसानों का नुकसान क्यों होने दिया गया? अमेरिका से तेल और दूसरी चीजें ज्यादा खरीदने पर सहमति क्यों दी गई? हर साल 100 अरब डॉलर का आयात बढ़ाने की बात क्यों मानी गई? भारत का डेटा (जानकारी) विदेशी कंपनियों को क्यों दिया जा रहा है? भारत डेटा कॉलोनी बन सकता है राहुल ने कहा कि इस समझौते से भारत डेटा कॉलोनी बन सकता है। यानी देश का डेटा दूसरे देश के हाथ में चला जाएगा। भारत का डेटा बहुत कम कीमत पर अमेरिकी कंपनियों को दिया जा रहा है। राहुल ने अमेरिका में चल रहे अडानी मामले और एपस्टीन मामले का जिक्र किया और कहा कि कुछ फाइलें जारी नहीं की गई हैं, जिनसे जुड़े नाम सामने आ सकते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि PM मोदी पर अलग-अलग तरह के दबाव हैं। एक तरफ अमेरिका का दबाव और दूसरी तरफ चीन सीमा पर खड़ा है। राहुल के मुताबिक, इन दबावों की वजह से यह समझौता हुआ। कांग्रेस का कहना है कि यह समझौता किसानों, कपड़ा उद्योग और देश की अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा सकता है। पार्टी ने कहा कि किसी भी व्यापार समझौते में देश के हित और आजादी से समझौता नहीं होना चाहिए। ————————— ये खबर भी पढ़ें: राहुल बोले-ट्रेड डील में किसानों के साथ धोखा हो रहा:पीएम मोदी से 5 सवाल किए; शाह बोले- राहुल झूठ फैला रहे लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने रविवार को भारत-अमेरिका ट्रेड डील को लेकर पीएम नरेंद्र मोदी से पांच सवाल किए। उन्होंने आरोप लगाया कि इस डील के नाम पर भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात हो रहा है। गांधी ने कहा कि यह मुद्दा देश की कृषि के भविष्य से जुड़ा है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi

AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi

Hindi News National AI Summit 2026 Protest Photos Update; Youth Congress Vs PM Modi | Delhi Police नई दिल्ली5 घंटे पहले कॉपी लिंक इंडियन यूथ कांग्रेस ने सोशल मीडिया पर प्रदर्शन का वीडियो शेयर किया और लिखा- AI समिट के चमकदार मंच के पीछे सच दबाया नहीं जा सकता। दिल्ली स्थित भारत मंडपम में इंडियन यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को AI समिट 2026 में भारत-अमेरिका ट्रेड डील के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने टी-शर्ट उतारकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ ‘PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड’ के नारे लगाए। प्रदर्शन के कई वीडियो भी सामने आए हैं। इसमें 15-20 की संख्या में कार्यकर्ताओं की भीड़ हाथ में सफेद रंग की टी-शर्ट लिए हुए हैं। टी-शर्ट पर PM मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की फोटो लगी है। उसपर लिखा है- PM इज कॉम्प्रोमाइज्ड। दिल्ली पुलिस ने 4 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान इंडियन यूथ कांग्रेस के सेक्रेटरी कृष्णा हरि, बिहार स्टेट सेक्रेटरी कुंदन यादव, उत्तर प्रदेश स्टेट वाइस प्रसिडेंट अजय कुमार और नेशनल कोऑर्डिनेटर नरसिम्हा यादव के रूप में हुई है। वहीं भाजपा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने साजिश के तहत इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। BJP सांसद संबित पात्रा ने कहा- यह संयोग नहीं, बल्कि एक प्रयोग था। इसकी प्लानिंग राहुल गांधी के आवास पर बनाई गई थी, जहां सोनिया और प्रियंका मौजूद थीं। AI समिट में प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ता हाथ में टी-र्शट लेकर स्टेज पर चढ़ गए। इस दौरान कुछ लोग प्रदर्शनकारियों के हाथ से टी-शर्ट लेकर फेंकते दिखे। दिल्ली पुलिस प्रदर्शन कर रहे कुछ लोगों को अपने साथ ले गई। पुलिस बोली- प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया था दिल्ली पुलिस में एडिशन कांस्टेबल देवेश कुमार महला ने बताया कि यह घटना दोपहर करीब 12:30 बजे घटी। प्रदर्शनकारियों ने ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन कराया और क्यूआर कोड स्कैन करके समिट हॉल में एंट्री की। उन्होंने ऊपर स्वेटर और जैकेट पहनी हुई थी और अंदर टी-शर्ट। हॉल नंबर 5 के पास उन्होंने अपने स्वेटर और जैकेट उतार दिए और टी-शर्ट लहराते हुए विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं पर पुलिस के साथ झड़प करने का भी आरोप है। दिल्ली पुलिस सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पहले काले रंग के छाते पर स्टिकर चिपकाकर भारत मंडपम में घुसने की योजना बनाई थी। फिर उन्हें एहसास हुआ कि गेट पर जांच के दौरान काले छाते पकड़े जाएंगे। इसलिए उन्होंने टी-शर्ट पर स्टिकर चिपका दिए। स्टिकर कहां छपवाए गए थे, यह पता लगाने के लिए जांच जारी है। दिल्ली के तिलक मार्ग पुलिस स्टेशन में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की गंभीर धाराओं के तहत FIR दर्ज की गई है, जिनमें आपराधिक साजिश, पब्लिक सर्वेंट को चोट पहुंचाना, उनपर हमला करना और काम में बाधा डालना सहित कई गंभीर आरोप शामिल हैं। भाजपा बोली- कांग्रेस के लिए AI का मतलब एंटी-इंडिया भाजपा ने AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन की आलोचना की है। केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने X पर पोस्ट में लिखा- यह कांग्रेस के अहंकार और हताशा का प्रदर्शन है! राहुल गांधी के लिए भारत को अपमानित करना ही सरकार को निशाना बनाने का तरीका है। AI समिट में प्रदर्शन पर नेताओं की प्रतिक्रिया तरुण चुघ, भाजपा नेता – ‘कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इंटरनेशनल समिट में भारत की छवि धूमिल की है। ये साजिश के तहत की गई है। जो माफ नहीं की जा सकती है। देश की जनता इस तरह के हरकतों के लिए कांग्रेस को कभी माफ नहीं करेगी।’ मनोज झा, RJD सांसद – ‘मेरा मानना ​​है कि देश में आक्रोश है और यह आक्रोश कई मोर्चों पर है लेकिन मुझे लगता है कि इस तरह के समिट में विरोध प्रदर्शन करना ठीक नहीं था।’ उदय भानु चिब, इंडिया यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष- हमारे युवा कांग्रेस के साथी राहुल गांधी के सिपाही हैं। वे डरेंगे नहीं। जब राहुल गांधी के खिलाफ FIR नहीं थी, तब भी ED का मामला इतने सालों तक चलता रहा। भाजपा किसी भी हद तक जा सकती है, लेकिन हम संविधान के सिपाही हैं, राहुल गांधी के सिपाही हैं। हम देश के युवाओं के लिए आवाज उठाएंगे।’ राहुल के घर के बाहर भाजपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया AI समिट में कांग्रेस कार्यकर्ताओं के प्रदर्शन के बाद शुक्रवार शाम को बड़ी संख्या में भाजपा युवा मोर्चा के कार्यकर्ता दिल्ली में राहुल गांधी के घर के बाहर प्रदर्शन करने पहुंचे। भाजपा कार्यकर्ताओं ने ‘राहुल गांधी मुर्दाबाद’ और ‘राहुल गांधी हाय-हाय’ के नारे लगाए। भाजपा कार्यकर्ताओं ने राहुल के पोस्टर भी जलाए। काफी हंगामे के बाद दिल्ली पुलिस ने उन्हें हिरासत में लिया। दिल्ली पुलिस भाजपा कार्यकर्ताओं को बस में भरकर अपने साथ ले गई। PM ने 16 फरवरी को AI समिट का उद्घाटन किया था 2026 इंडिया AI इंपैक्ट समिट नई दिल्ली के भारत मंडपम में 16 फरवरी 2026 से शुरू हुआ। यह 20 फरवरी तक होना था लेकिन भीड़ और आयोजनों के चलते इसे 21 फरवरी 2026 तक बढ़ा दिया गया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 16 फरवरी को समिट का उद्घाटन किया था। यहां दुनियाभर की कंपनियों ने अपने लेटेस्ट AI सॉल्यूशंस को दुनिया के सामने पेश किया है। यहां आम लोग देख सकते हैं कि AI असल जिंदगी में कैसे काम करता है और भविष्य में AI से खेती, सेहत और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में क्या बदलाव लाने वाला है। समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल इस समिट की थीम राष्ट्रीय विजन ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’, यानी सभी का कल्याण, सभी का सुख पर आधारित है। इसका उद्देश्य मानवता के लिए AI के वैश्विक सिद्धांत को बढ़ावा देना है। इस समिट में 100 से ज्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं। इसके अलावा लगभग 20 से ज्यादा राष्ट्राध्यक्ष, 60 से ज्यादा मंत्री, और 45 से ऊपर तकनीकी कंपनियों के प्रमुख भी शामिल हुए। इसके अलावा 300+ प्रदर्शक और 30+ देशों की थीम पवेलियन्स भी समिट का हिस्सा रहे हैं, जो वैश्विक साझेदारी और AI के उपयोग को बढ़ावा दे रहे हैं। गलगोटिया यूनिवर्सिटी के कारण विवादों में आया AI समिट AI समिट उद्घाटन के बाद से लगातार विपक्षी पार्टियों के निशाने पर रहा। विवाद तब और बढ़ा जब उत्तर प्रदेश की गलगोटिया यूनिवर्सिटी ने समिट के दौरान अपने स्‍टॉल पर रोबोटिक डॉग

UK US RAF Airbase Conflict; Donald Trump Iran Attack

UK US RAF Airbase Conflict; Donald Trump Iran Attack

लंदन7 घंटे पहले कॉपी लिंक चागोस आइलैंड्स में डिएगो गार्सिया मौजूद है, जहां ब्रिटेन-अमेरिका का कॉमन मिलिट्री बेस मौजूद है। ब्रिटेन ने अमेरिका को ईरान पर हमला करने के लिए अपने एयरबेस देने से मना कर दिया है। अमेरिका इन सैन्य ठिकानों का इस्तेमाल करना चाहता था, लेकिन ब्रिटेन ने इनकार कर दिया। डेली मेल की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्रिटेन के इस फैसले से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प नाराज हैं। कहा जा रहा है कि उन्होंने ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर के उस समझौते से समर्थन वापस ले लिया है, जिसमें चागोस द्वीप समूह को मॉरीशस को सौंपने की बात थी। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ईरान पर हमले की तैयारी कर रहा है। इसके लिए वह डिएगो गार्सिया और ब्रिटेन के RAF फेयरफोर्ड एयरबेस का इस्तेमाल करना चाहता है। डिएगो गार्सिया, चागोस द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप है। 1970 के दशक से यह ब्रिटेन और अमेरिका का साझा सैन्य अड्डा रहा है। दरअसल पुराने समझौतों के मुताबिक, ब्रिटेन के किसी भी सैन्य ठिकाने का इस्तेमाल तभी हो सकता है, जब ब्रिटिश प्रधानमंत्री इसकी मंजूरी दें। अंतरराष्ट्रीय कानून भी कहता है कि अगर कोई देश जानता है कि सैन्य कार्रवाई गलत है और फिर भी मदद करता है, तो उसे भी जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। ट्रम्प बोले- चागोस आइलैंड्स छोड़ना बहुत बड़ी गलती ट्रम्प ने चागोस आइलैंड्स को लेकर ब्रिटेन की आलोचना की है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर गुरुवार को लिखा कि 100 साल की लीज किसी देश के मामले में ठीक फैसला नहीं है। डिएगो गार्सिया जैसा ठिकाना छोड़ना बहुत बड़ी गलती होगी। ट्रम्प ने कहा कि अगर ईरान, अमेरिका के साथ समझौता नहीं करता, तो अमेरिका को हिंद महासागर में मौजूद डिएगो गार्सिया और फेयरफोर्ड के एयरफील्ड का इस्तेमाल करना पड़ सकता है। ऐसे में इन ठिकानों का कंट्रोल बेहद जरूरी है। वहीं ब्रिटिश सरकार का कहना है कि मॉरीशस के साथ समझौता सुरक्षा कारणों से जरूरी है। उनका तर्क है कि इससे लंबे और महंगे कानूनी विवाद से बचा जा सकेगा। बताया जा रहा है कि इस पूरे समझौते पर करीब 35 बिलियन पाउंड (4 हजार अरब रुपए से ज्यादा) का खर्च आ सकता है। डिएगो गार्सिया, हिंद महासागर में स्थित चागोस आइलैंड्स का हिस्सा है। ब्रिटेन ने 1814 में नेपोलियन को हराने के बाद इन आइलैंड्स पर कब्जा किया था। 1965 में इन्हें मॉरीशस से अलग कर ‘ब्रिटिश हिंद महासागर क्षेत्र’ बना दिया गया। 1968 में जब मॉरीशस को आजादी मिली, तब यह तय हुआ था कि जब इन द्वीपों की रक्षा के लिए जरूरत नहीं रहेगी, तो इन्हें मॉरीशस को लौटा दिया जाएगा। बाद में डिएगो गार्सिया पर अमेरिका और ब्रिटेन ने मिलकर एक जॉइंट मिलिट्री बेस बनाया था। ईरान पर हमले के लिए अहम हो सकता है डिएगो गार्सिया ईरान पर हमले के लिए डिएगो गार्सिया इसलिए अहम माना जाता है क्योंकि यह हिंद महासागर के बीचों-बीच स्थित एक बड़ा सैन्य ठिकाना है। यहां से अमेरिका दूर तक और तेजी से सैन्य ऑपरेशन चला सकता है। यह ईरान की राजधानी तेहरान से करीब 3,800 किलोमीटर दूर है। इतनी दूरी होने के कारण अमेरिका यहां से बिना सीधे खतरे के दायरे में आए लंबी दूरी के मिशन लॉन्च कर सकता है। इस बेस पर बड़ा एयरफील्ड है, जहां भारी बमवर्षक विमान जैसे B-2 और B-52 उड़ान भर सकते हैं। यहां बड़े टैंकर विमान (जैसे KC-135) और निगरानी करने वाले विमान भी काम कर सकते हैं। इसका मतलब है कि लंबे समय तक और दूर तक हवाई कार्रवाई संभव है। सिर्फ हवाई सुविधा ही नहीं, यहां गहरे पानी का बंदरगाह भी है। यानी बड़े जहाज और युद्धपोत यहां रुक सकते हैं, ईंधन ले सकते हैं और जरूरी सामान भर सकते हैं। यह ठिकाना ब्रिटेन और अमेरिका दोनों मिलकर इस्तेमाल करते हैं, लेकिन अमेरिका के लिए यह एक बड़ा ऑपरेशन सेंटर बन चुका है। पहले भी मिडिल ईस्ट, अफगानिस्तान और अफ्रीका में सैन्य कार्रवाई के दौरान इसका इस्तेमाल हो चुका है। मॉरीशस 50 साल से इन आइलैंड्स का अधिकार मांग रहा मॉरीशस 1980 के दशक से इन आइलैंड्स पर अपना अधिकार मांगता रहा है और उसने यह मामला अंतरराष्ट्रीय अदालतों में उठाया। साल 2019 में अंतरराष्ट्रीय न्यायालय ने एक फैसले में कहा कि 1968 में मॉरीशस को आजादी देते वक्त उपनिवेश खत्म करने की प्रोसेस पूरी नहीं हुई थी और ब्रिटेन को जल्द से जल्द चागोस आइलैंड्स का प्रशासन खत्म करना चाहिए। ऋषि सुनक के लीडरशिप वाली कंजरवेटिव सरकार ने 2022 में ऐलान किया कि ब्रिटेन और मॉरीशस चागोस आइलैंड्स की संप्रभुता को लेकर बातचीत शुरू करेंगे। सरकार ने कहा कि सुरक्षा और कानूनी विवादों से बचने के लिए स्थिति साफ करना जरूरी था, ताकि डिएगो गार्सिया में ब्रिटेन-अमेरिका का मिलिट्री बेस बिना रुकावट चलता रहे। इसी कारण जुलाई 2024 के चुनाव से पहले मॉरीशस से 11 दौर की बातचीत हुई। ब्रिटेन-अमेरिकी की सालों पुरानी दोस्ती में खटास ब्रिटेन और अमेरिका की दोस्ती बहुत पुरानी है। दूसरे विश्व युद्ध से लेकर NATO तक, इराक-अफगानिस्तान युद्ध से लेकर खुफिया नेटवर्क ‘फाइव आइज’ तक, दोनों देश ज्यादातर मामलों में एक ही लाइन पर चलते रहे हैं। लेकिन पिछले कुछ वक्त में हालात बदल गए हैं, दोनों देशों में कई मुद्दों पर विरोध नजर आ रहा है। अमेरिका और ब्रिटेन में दूरी की चार वजहें… 1. अंतरराष्ट्रीय हालात को लेकर दोनों की अलग सोच सबसे पहला फर्क सैन्य कार्रवाई और अंतरराष्ट्रीय कानून को लेकर है। ईरान पर संभावित अमेरिकी हमले को लेकर लंदन थोड़ा संभलकर चल रहा है। इराक युद्ध के बाद ब्रिटेन में ‘पहले हमला करने’ की नीति पर काफी सवाल उठे थे। इसलिए अब ब्रिटेन चाहता है कि कोई भी सैन्य कदम उठाने से पहले कानूनी मंजूरी और अंतरराष्ट्रीय समर्थन साफ हो। वहीं अमेरिका सुरक्षा खतरे का हवाला देकर जल्दी और सख्त कदम उठाने के पक्ष में रहता है। 2. अमेरिका चागोस आइलैंड्स को लेकर नाराज दूसरा मुद्दा चागोस द्वीप समूह का है। चागोस आइलैंड्स और खासकर डिएगो गार्सिया रणनीतिक रूप से बहुत अहम जगह है। ब्रिटेन, मॉरीशस के साथ समझौता कर रहा है, लेकिन अमेरिका को लगता है कि इससे हिंद महासागर में उसकी पकड़ कमजोर हो सकती है। 3. अमेरिकE की सख्त विदेशी नीति तीसरी वजह दोनों देशों की अंदरूनी राजनीति

Ramesh on Modi Govt: Max Optics Damaging India

Ramesh on Modi Govt: Max Optics Damaging India

नई दिल्ली13 घंटे पहले कॉपी लिंक AI इम्पेक्ट समिट के चौथे दिन पीएम मोदी और ग्लोबल टेक लीडर्स ग्रुप फोटो के दौरान। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने दिल्ली में आयोजित एआई इम्पेक्ट समिट को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर टिप्पणी की है। उन्होंने शुक्रवार को X पोस्ट में लिखा कहा- MODI गर्वेंनेंस का मतलब ‘मैक्सिमम ऑप्टिक्स डैमेजिंग इंडिया, यानी भारत को अधिक से अधिक नुकसान पहुंचा रहे है। उन्होंने लिखा कि अमेरिका-पाकिस्तान बीच रोमांस बिना रुके जारी है। जब ये हो रहा था तब खुद को ‘विश्वगुरु’ बताने वाले संक्षिप्त शब्दों में दुनिया को ज्ञान दे रहे थे और CEOs को अपनी एकजुटता दिखाने के लिए मजबूर कर रहे थे। रमेश का कमेंट पीएम मोदी का समिट में आए ग्लोबल टेक लीडर्स के साथ हाथ उठाकर फोटो खिंचाने पर आया है। इधर 19 फरवरी को वॉशिंगटन डीसी में बोर्ड ऑफ पीस इवेंट में पाकिस्तान के पीएम और अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प की मीटिंग हुई। OpenAI और एंथ्रोपिक CEO ने ग्रुप फोटो में एक-दूसरे का हाथ नहीं पकड़ा AI इम्पेक्ट समिट के दौरान भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गूगल और अल्फाबेट के CEO सुंदर पिचाई, ओपन-एआई के CEO सैम ऑल्टमैन, एंथ्रोपिक के CEO डारियो अमोदेई समेत अन्य ग्लोबल टेक लीडर्स। सम्मिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ दुनिया के दिग्गज नेताओं और टेक कंपनियों के प्रमुख ग्रुप फोटो के लिए मंच पर आए। मंच पर पीएम मोदी के साथ OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन, एआई एक्सपर्ट्स और अन्य वैश्विक टेक लीडर्स मौजूद थे। ग्रुप फोटो के दौरान सभी नेताओं ने एक-दूसरे का हाथ पकड़कर ऊपर उठाया। पीएम मोदी के दोनों ओर खड़े नेताओं ने उनका हाथ थामा, लेकिन OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन ने पास खड़े एंथ्रोपिक CEO डारियो अमोदेई का हाथ नहीं पकड़ा। बाद में सैम ऑल्टमैन ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि उस समय क्या करना था। OpenAI में पहले भी मतभेद सामने आए बताया जा रहा है कि OpenAI के अंदर पहले भी मतभेद सामने आ चुके हैं। 2021 में कंपनी के भीतर कुछ फैसलों और साझेदारी को लेकर विवाद की स्थिति बनी थी। माइक्रोसॉफ्ट के साथ OpenAI के समझौतों और कंपनी की दिशा को लेकर मतभेद की खबरें सामने आई थीं। इन घटनाओं के बाद कंपनी के अंदर नेतृत्व और फैसलों को लेकर कई बदलाव हुए और नए प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू किया गया। जयराम रमेश के सरकार के खिलाफ पुराने बयान 22 जनवरी: जयराम रमेश ने ट्रम्प के बयान का वीडियो शेयर किया था। जिसके साथ लिखा था कल तक भारत-पाकिस्तान युद्ध रुकवाने के दावे की ट्रम्प की गिनती 70 थी और आज यह 71 हो गई है। यह याद रखना चाहिए कि दावोस में भारत का एक बड़ा भारतीय प्रतिनिधिमंडल मौजूद है। 19 फरवरी: PM बोले-डीपफेक रोकने के लिए AI कंटेंट पर लेबल लगे इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026 के चौथे दिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने AI के सुरक्षित इस्तेमाल का नया फॉर्मूला दिया था। पीएम ने कहा था कि जैसे खाने के पैकेट पर ‘न्यूट्रिशन लेबल’ होता है, वैसे ही डिजिटल कंटेंट पर भी ‘ऑथेंटिसिटी लेबल’ होना चाहिए ताकि फर्क पता चल सके। पूरी खबर पढ़ें… …………………… यह खबर भी पढ़ें… AI कंटेंट पर लेबल जरूरी, आज से नए नियम लागू: सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को डीपफेक फोटो-वीडियो 3 घंटे में हटाने होंगे अगर कोई फोटो, वीडियो या ऑडियो एआई की मदद से बनाया गया है, तो उस पर ‘लेबल’ लगाना जरूरी कर दिया गया है। इसके साथ ही सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स को किसी भी आपत्तिजनक कंटेंट को शिकायत मिलने के महज 3 घंटे के भीतर हटाना होगा। ये नए नियम 20 फरवरी 2026 से लागू हो गए हैं। 10 फरवरी को इसका नोटिफिकेशन जारी हुआ था। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Gold Silver Prices Fall Today

Gold Silver Prices Fall Today

नई दिल्ली6 घंटे पहले कॉपी लिंक सोना-चांदी की कीमतों में आज 20 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, एक किलो चांदी 5 हजार रुपए बढ़कर 2.50 लाख रुपए पर पहुंच गई है। गुरुवार को ये 2.45 रुपए पर थी। वहीं, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 496 रुपए बढ़कर ₹1.55 लाख पर आ गया है। 19 फरवरी को ये 1.54 लाख रुपए पर था। इस साल सोना ₹21,871 और चांदी ₹19,894 महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। सोना 2026 में अब तक 21,871 रुपए और चांदी 19,894 रुपए महंगी हो चुकी है। इस दौरान 29 जनवरी को सोने ने 1.76 लाख रुपए और चांदी ने 3.86 लाख रुपए का ऑल टाइम हाई भी बनाया था। 2025 में सोना ₹57 हजार (75%) बढ़ा है। 31 दिसंबर 2024 को 10 ग्राम 24 कैरेट सोना ₹76 हजार का था, जो 31 दिसंबर 2025 को ₹1.33 लाख रुपए हो गया। चांदी इस दौरान ₹1.44 लाख (167%) बढ़ी। 31 दिसंबर 2024 को एक किलो चांदी ₹86 हजार की थी, जो साल के आखिरी दिन ₹2.30 लाख प्रति किलो हो गई। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं। खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। बल्क खरीदारी पर मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं। सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

यश की ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज:हिंसक सीन ज्यादा, कहानी साफ नहीं; ₹1300 करोड़ कमाने वाली ‘धुरंधर’ के दूसरे पार्ट से होगा क्लैश

यश की ‘टॉक्सिक’ का टीजर रिलीज:हिंसक सीन ज्यादा, कहानी साफ नहीं; ₹1300 करोड़ कमाने वाली ‘धुरंधर’ के दूसरे पार्ट से होगा क्लैश

फिल्म टॉक्सिक का टीजर शुक्रवार को रिलीज कर दिया गया। इस फिल्म में यश लीड रोल में हैं। मेकर्स ने सुबह 9:35 बजे हिंदी टीजर जारी किया। टीजर की शुरुआत एक सीन से होती है। जिसमें यश एंट्री लेते हैं और उनके हाथ में शराब का गिलास और सिगरेट दिखाई देती है। टीजर में कई हिंसक सीन और खून-खराबा दिखाया गया है। टीजर में कहानी साफ नहीं दिखती वहीं, फिल्म के टीजर में ज्यादातर एक्शन और डायलॉग हैं, लेकिन फिल्म की असली कहानी क्या है, यह साफ समझ नहीं आता। गौरतलब है कि इससे कई दर्शक निराश हो सकते हैं, जो कई दिनों से टीजर का इंतजार कर रहे थे। बता दें कि फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसमें कियारा आडवाणी, नयनतारा, हुमा कुरैशी, तारा सुतारिया और रुक्मिणी वसंत भी नजर आएंगी। ‘धुरंधर 2’ के साथ होगा फिल्म का क्लैश फिल्म रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ के साथ बॉक्स ऑफिस पर क्लैश करने वाली है। ‘धुरंधर 2’ के पहले पार्ट ने दुनियाभर में 1300 करोड़ रुपए से ज्यादा की कमाई की थी। इसलिए ‘टॉक्सिक’ के लिए बॉक्स ऑफिस में बंपर कमाई करना इतना आसान नहीं है। वहीं, दूसरी ओर ‘टॉक्सिक’ का पहला वीडियो सामने आते ही चर्चा के साथ विवाद भी शुरू हो गया था। आम आदमी पार्टी की महिला शाखा ने कर्नाटक राज्य महिला आयोग में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि टीजर में अश्लील और आपत्तिजनक सीन दिखाए गए हैं। शिकायत पर संज्ञान लेते हुए महिला आयोग ने कार्रवाई की थी। आयोग ने केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड यानी CBFC को पत्र लिखकर टीजर की जांच और उचित कदम उठाने की मांग की थी।