एक्ट्रेस लाना क्लार्कसन का मर्डर अब भी मिस्ट्री:लाश कुर्सी पर, दांत जमीन पर बिखरे मिले; हत्यारे म्यूजिक प्रोड्यूसर की जेल में मौत

3 फरवरी 2003 की बात है फिल्मी करियर खत्म होने के बाद एक्ट्रेस और मॉडल लाना क्लार्कसन अपने घर चलाने के लिए वेस्ट हॉलीवुड के एक क्लब हाउस ऑफ ब्लूज में पार्ट-टाइम काम करने लगी थीं। इसी दौरान उनकी मुलाकात मशहूर म्यूजिक प्रोड्यूसर फिल स्पेक्टर से हुई। पहली ही मुलाकात में दोनों एक साथ फिल के घर चले गए। फिल स्पेक्टर का घर बहुत बड़ा और सुंदर था। वह म्यूजिक इंडस्ट्री में एक जाना माना नाम था। शायद लाना को उम्मीद थी कि यह मुलाकात उसके करियर को फिर से शुरू करने में मदद कर सकती है। लेकिन तभी, करीब सुबह 5:30 बजे फिल का ड्राइवर कार में बैठा रेडियो सुन रहा था कि अचानक उसे गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी। हैरान होकर जब वह देखने गया तो उसने देखा कि लाना क्लार्कसन की लाश फर्श पर पड़ी थी। तुरंत बाद ड्राइवर ने 911 पर कॉल किया और कहा, मुझे लगता है मेरे बॉस ने किसी को मार दिया है। अब सवाल यह उठता है कि आखिर ड्राइवर ने सीधे क्यों फिल को हत्या का दोषी माना। क्या वह झूठ बोल रहा था या इसके पीछे कोई और कहानी थी? आज अनसुनी दास्तानें में पढ़िए एक्ट्रेस और मॉडल लाना क्लार्कसन की मौत की दर्दनाक कहानी… लाना क्लार्कसन का जन्म कैलिफोर्निया के लॉन्ग बीच में हुआ था। उनके माता-पिता का नाम डोना क्लार्कसन और जेम्स एम. क्लार्कसन था। उनके एक भाई जेसी जे. क्लार्कसन और एक बहन फॉन थीं। उनका बचपन कैलिफोर्निया के सोनोमा काउंटी की पहाड़ियों में बीता। वहां रहते हुए उन्होंने क्लोवरडेल हाई स्कूल और पैसिफिक यूनियन कॉलेज प्रिपरेटरी स्कूल में पढ़ाई की। 1978 में क्रिसमस के दौरान उनका परिवार वापस साउथ कैलिफोर्निया लौटा और लॉस एंजेलिस के सैन फर्नांडो वैली इलाके में बस गया। लॉस एंजेलिस आने के बाद लाना का मन धीरे-धीरे मनोरंजन जगत की ओर बढ़ने लगा। अपनी खूबसूरती और आत्मविश्वास के दम पर उन्होंने एक्टिंग और मॉडलिंग में करियर बनाने का फैसला किया। 1980 के शुरुआती सालों में लाना क्लार्कसन को फिल्मों और टेलीविजन में छोटे-छोटे रोल मिलने लगे। उन्होंने अपने फिल्मी करियर की शुरुआत निर्देशक एमी हेकरलिंग की कमिंग-ऑफ-एज कॉमेडी Fast Times at Ridgemont High (1982) से की और यह उनकी पहली बोलने वाली फिल्म थी। इसके बाद वह सरफेस (1983) में भी नजर आईं, जहां वह मिशेल फाइफर के पीछे बाबिलॉन क्लब के डांस फ्लोर पर दिखाई दीं। हालांकि, उनके करियर का पहला बड़ा मौका निको मस्टोराकिस की साइंस-फिक्शन थ्रिलर फिल्म Blind Date से मिला, जिसने उन्हें अधिक पहचान दिलाई। लाना क्लार्कसन को एक्ट्रेस के तौर पर सबसे ज्यादा पहचान निर्माता रोजर कॉर्मन की फैंटेसी फिल्म डेल्थस्टाल्कर (1983) से मिली। इसके बाद उन्हें लगातार फिल्मों में काम मिलने लगा। अब लाना सिर्फ फिल्मों तक ही सीमित नहीं थीं। उन्हें कई एड्स और मॉडलिंग के काम भी मिल रहे थे। इंडस्ट्री में उनकी एक अलग पहचान बन चुकी थी और उनका करियर लगातार बढ़ रहा था। लेकिन जैसे-जैसे लाना की उम्र बढ़ने लगी, उनका करियर धीमा पड़ने लगा। कहा जाता है कि 30 साल के बाद कई हीरोइन्स को बड़ी फिल्में कम मिलने लगती हैं, और कुछ ऐसा ही लाना के साथ भी होने लगा। उनके पास बड़े प्रोजेक्ट्स के ऑफर नहीं आए और एक समय ऐसा आया जब उन्हें कोई काम नहीं मिला। इसके बाद जनवरी 2003 में पैसों की जरूरत के चलते लाना ने वेस्ट हॉलीवुड, कैलिफोर्निया के हाउस ऑफ ब्लूज में पार्ट-टाइम होस्टेस की नौकरी शुरू की। यहां वह लोगों का स्वागत करती थीं। हाउस ऑफ ब्लूज वह जगह थी जो दशकों तक संगीत प्रेमियों और सेलिब्रिटीज की पसंदीदा रही, लेकिन 2015 में इसे तोड़ दिया गया। 3 फरवरी 2003 को लाना की पहली मुलाकात म्यूजिक प्रोड्यूसर फिल स्पेक्टर से हुई। करीब 1:45 बजे फिल हाउस ऑफ ब्लूज पहुंचे और सीधे फाउंडेशन रूम यानी क्लब के VIP सेक्शन में गए। वहां लाना होस्टेस के तौर पर खड़ी थीं और लोगों का स्वागत और चेक-इन कर रही थीं। यहीं उनकी पहली मुलाकात हुई। फिल ने महंगी शैंपेन मंगवाई और दोनों की बातचीत शुरू हुई। फिर करीब 2:30 बजे फिल और लाना एक साथ उनकी कार से अल्हाम्ब्रा स्थित फिल के घर चले गए। उस समय लाना फिल्मों में काम नहीं कर रही थीं और हाउस ऑफ ब्लूज में होस्टेस की नौकरी कर रही थीं। लोग उनके काम और करियर को लेकर कई तरह की बातें कर रहे थे, लेकिन असली सच क्या था यह स्पष्ट नहीं था। इतना जरूर है कि उसी रात उनकी फिल स्पेक्टर से मुलाकात हुई और वे उनके साथ उनके घर चली गईं। फिल स्पेक्टर का घर काफी बड़ा और सुंदर था। लगभग 10,000 वर्गफुट का, जिसमें 10 बेडरूम और 11 बाथरूम थे। फिल कोई आम इंसान नहीं थे। उन्हें रॉक एंड रोल हॉल ऑफ फेम में शामिल किया गया था और म्यूजिक इंडस्ट्री में उन्हें एक जीनियस माना जाता था। वह बेहद प्रतिभाशाली और मशहूर म्यूजिक प्रोड्यूसर थे। लेकिन उनका स्वभाव सही नहीं था। लोग कहते थे कि वह जल्दी गुस्सा हो जाते थे। खासकर जब उन्होंने शराब या ड्रग्स ली होती। उनके बारे में कई किस्से मशहूर थे कि वह अचानक बंदूक निकालकर लोगों को डराते थे। उनकी पत्नी रोनी स्पेक्टर ने बताया कि शादी की रात ही उन्होंने धमकी दी थी कि अगर वह उन्हें छोड़ देंगी तो उन्हें नुकसान पहुंचाएंगे। करीब सुबह 5:30 बजे फिल का ड्राइवर कार में बैठा रेडियो सुन रहा था कि अचानक उसे गोली चलने जैसी आवाज सुनाई दी। हैरान होकर जब वह देखने गया, तो उसने देखा कि लाना क्लार्कसन की लाश वहां पड़ी थी। तुरंत बाद ड्राइवर ने पहले फिल की सेक्रेटरी को फोन किया और फिर 911 पर कॉल किया। उसने कहा, मेरा नाम एड्रियाना है। मुझे लगता है कि मेरे बॉस ने किसी को मार दिया है। कुछ ही मिनटों में पुलिस वहां पहुंच गई। ड्राइवर से बात करने के बाद वे धीरे-धीरे मेन्शन की ओर बढ़े। घर जंगल जैसी जगह से घिरा हुआ था, इसलिए पुलिस को अंदाजा नहीं था कि अंदर क्या हालात होंगे। वे बहुत सावधानी से आगे बढ़ रहे थे। तभी दरवाजा खुला और फिल स्पेक्टर बाहर आए। वह उलझी-उलझी बातें कर रहे थे और साफ बोल नहीं पा रहे
Hardik Pandya; IND Vs SA T20 World Cup LIVE Score Update

स्पोर्ट्स डेस्क57 मिनट पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज का तीसरा मैच आज पिछले बार की दोनों फाइनलिस्ट भारत और साउथ अफ्रीका के बीच खेला जाएगा। मुकाबला अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में शाम 7 बजे से शुरू होगा, टॉस 6:30 बजे होगा। दोनों टीमों के बीच पिछला यानी 2024 एडिशन का फाइनल खेला गया था। इसमें भारत ने पहले बैटिंग करते हुए 20 ओवर में 176 रन बनाए थे। टारगेट का पीछा करने उतरी साउथ अफ्रीकी टीम 8 विकेट के नुकसान पर 168 रन ही बना सकी। इस तरह भारत 7 रन से जीत दर्ज करते हुए 17 साल बाद टी-20 वर्ल्ड चैंपियन बना। भारत और साउथ अफ्रीका की टीमें ग्रुप स्टेज में अपने-अपने ग्रुप में टॉप पर रही थीं और सभी 4-4 मैच जीते थे। भारत ने अमेरिका, नामीबिया, पाकिस्तान और नीदरलैंड को हराया। वहीं, साउथ अफ्रीका ने कनाडा, अफगानिस्तान, न्यूजीलैंड और UAE को हराकर ग्रुप-डी में टॉप किया था। भारत ने 60% मुकाबले जीते टी-20 इंटरनेशनल क्रिकेट इतिहास में टीम इंडिया ने अपना पहला मैच ही साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला था। ये मैच 1 दिसंबर 2006 को खेला गया था। इस मैच को भारत ने 6 विकेट से जीता था। इसके बाद इस फॉर्मेट में टीम इंडिया और प्रोटियाज के बीच अब तक 35 मैच खेले जा चुके हैं। इस दौरान भारत ने 21 मैच जीते हैं और 13 मुकाबलों में साउथ अफ्रीका ने जीत दर्ज की है। जबकि 1 मैच का नतीजा नहीं निकल सका। वहीं, वर्ल्ड कप में दोनों टीमें 7 बार आसने-सामने हुईं। इस दौरान 5 मैच टीम इंडिया ने और 2 साउथ अफ्रीका ने जीते। ईशान भारत के टॉप स्कोरर इस वर्ल्ड कप में भारतीय टीम के लिए ईशान किशन और वरुण चक्रवर्ती बेहतरीन प्रदर्शन कर रहे हैं। ईशान ने 4 मैचों में 176 रन बनाए हैं, जिसमें उनका बेस्ट स्कोर 77 रन रहा है। वहीं, वरुण ने गेंदबाजी में कमाल दिखाते हुए 4 मैचों में 9 विकेट झटके हैं। एनगिडी साउथ अफ्रीका के टॉप बॉलर इस वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के लिए कप्तान ऐडन मार्करम बल्ले से शानदार लय में दिखे हैं। उन्होंने 4 मुकाबलों में 178 रन बनाए हैं, जिसमें नाबाद 86 रन उनकी बेस्ट पारी रही। वहीं गेंदबाजी में लुंगी एनगिडी ने अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने 3 मैचों में 8 विकेट चटकाए हैं। पिच रिपोर्ट और रिकॉर्ड अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम की पिच बैटिंग फ्रैंडली मानी जाती है। यहां का सरफेस पूरी तरह से सपाट है और बल्लेबाजी करना काफी आसान होता है। इस पिच पर नई गेंद के साथ तेज गेंदबाजों को शुरुआत के कुछ ओवर्स में मदद मिल सकती है। वहीं बीच के ओवर्स में स्पिनर्स को टर्न भी मिल सकता है। अहमदाबाद में अब तक 12 टी-20 इंटरनेशन मुकाबले खेले जा चुके हैं। इसमें पहले बैटिंग करने वाली टीम ने 8 और चेज करने वाली टीम ने 4 मैच जीते हैं। यहां का हाईएस्ट टीम स्कोर 234/4 है, जो भारत ने 2023 में न्यूजीलैंड के खिलाफ बनाया था। इस मैदान पर पहली पारी का औसत स्कोर लगभग 190 रन रहा है, जो हाई-स्कोरिंग मुकाबलों की ओर इशारा करता है। भारतीय टीम ने इस मैदान पर अब तक 9 टी-20 इंटरनेशनल मैच खेले हैं, जिनमें से 7 में जीत दर्ज की है, जबकि 2 मुकाबलों में उसे इंग्लैंड के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। वहीं, साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेले गए एक मैच में भारत ने 36 रन से जीत हासिल की थी। ड्यू फैक्टर देखने को मिलेगा रविवार को अहमदाबाद में मौसम अच्छा रहेगा। आसमान पूरी तरह से साफ रहेगा। 36 डिग्री सेल्शियस अधिकतम और 20 डिग्री सेल्शियस न्यूनतम तापमान रहने की संभावना है। शाम के समय ड्यू फैक्टर भी देखने को मिलेगा। भारतीय टीम में एक बदलाव संभव भारतीय उपकप्तान अक्षर पटेल की प्लेइंग इलेवन में वापसी हो सकती है। पिछले मैच में उन्हे आराम दिया गया था। ऐसे में वॉशिंगटन सुंदर को बाहर बैठना पड़ सकता है। पॉसिबल प्लेइंग इलेवन भारत: ईशान किशन (विकेटकीपर), अभिषेक शर्मा, तिलक वर्मा, सूर्यकुमार यादव (कप्तान), रिंकू सिंह, हार्दिक पंड्या, शिवम दुबे, अक्षर पटेल, वरुण चक्रवर्ती, अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह। साउथ अफ्रीका: ऐडन मार्करम (कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), रयान रिकेल्टन, डेवाल्ड ब्रेविस, डेविड मिलर, ट्रिस्टन स्टब्स, मार्को यानसन, कार्बिन बॉश, केशव महाराज, कगिसो रबाडा, लुंगी एनगिडी। अभिषेक अब तक खाता नहीं खोल सके टीम इंडिया के ओपनर अभिषेक शर्मा का मौजूदा फॉर्म चिंता का विषय बना हुआ है। इस वर्ल्ड कप में उन्होंने अब तक तीन मुकाबले खेले हैं, लेकिन उनका खाता भी नहीं खुल पाया है। हालांकि भारतीय टीम के कप्तान सूर्यकुमार यादव ने उनका समर्थन किया है। उन्होंने शनिवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, मुझे उन लोगों की चिंता है जो अभिषेक शर्मा को लेकर चिंतित हैं। मुझे ज्यादा फिक्र उन टीमों की है, जिन्हें आगे जाकर उसका सामना करना पड़ेगा। उसने पिछले साल टीम के लिए सब कुछ किया था, अब हमारी बारी है कि हम उसका साथ दें। कहां देख सकते हैं मैच? इस मैच की LIVE स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स पर होगी। इसे जियोहॉटस्टार एप पर भी देखा जा सकता है। आप दैनिक भास्कर एप पर मैच का LIVE कवरेज फॉलो कर सकते हैं। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Matrimonial App Scam; Fake Profile

4 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक अगर आप मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर जीवनसाथी ढूंढ रहे हैं तो सावधान हो जाइए। हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने अपने ‘एक्स’ हैंडल से मैट्रिमोनियल और डेटिंग प्लेटफॉर्म पर बढ़ते साइबर स्कैम को लेकर एडवाइजरी जारी की है। इसमें बताया गया है कि साइबर ठग शादी और रिश्तों की तलाश कर रहे लोगों की भावनाओं को अपना हथियार बना रहे हैं। ये ठग फर्जी प्रोफाइल बनाकर खुद को पढ़ा-लिखा, सफल और अच्छी नौकरी वाला या विदेश में काम करने वाला व्यक्ति बताकर भरोसा जीतते हैं। ठग यूजर से इमोशनल रिश्ता बनाते हैं। फिर इमोशन का फायदा उठाकर निवेश करने के लिए या क्रिप्टोकरेंसी में पैसा लगाने के लिए उकसाते हैं। कई बार स्कैमर यूजर से न्यूड फोटो/वीडियो की डिमांड करते हैं। वीडियो कॉल पर न्यूड होने को कहते हैं, फिर स्क्रीन रिकॉर्डिंग करते हैं। बाद में ब्लैकमेल करके पैसे मांगते हैं। I4C ने लोगों को ऑनलाइन रिलेशनशिप में सतर्क रहने की हिदायत दी है। आज साइबर लिटरेसी कॉलम में हम मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म के जरिए होने वाले इस स्कैम के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान कैसे करें? मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- मैट्रिमोनियल-डेटिंग एप्स क्या हैं और ये कैसे काम करते हैं? जवाब- ये ऐसे ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स हैं, जहां लोग शादी या रिश्ते के लिए पार्टनर की तलाश करते हैं। इसे पॉइंटर्स से समझिए- यहां यूजर अपनी प्रोफाइल बनाते हैं, जिसमें नाम, उम्र, क्वालिफिकेशन, प्रोफेशन, इनकम, फोटो और पसंद-नापसंद जैसी जानकारी देते हैं। ये एप्स उम्र, लोकेशन, प्रोफेशन और इनकम जैसे फिल्टर के जरिए संभावित मैच दिखाते हैं। अगर दो लोग एक-दूसरे में इंटरेस्ट दिखाते हैं, तो चैट, कॉल या वीडियो कॉल के जरिए बातचीत शुरू होती है। धीरे-धीरे बातचीत आगे बढ़ती है। स्कैमर्स इसी जानकारी और इमोशनल अटैचमेंट का फायदा उठाते हैं। सवाल- मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म के जरिए स्कैम कैसे हो रहा है? जवाब- साइबर ठग मैट्रिमोनियल-डेटिंग प्लेटफार्म पर फर्जी प्रोफाइल बनाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। धीरे-धीरे इमोशनल अटैचमेंट बनाते हैं और फिर निवेश के नाम पर उनसे ठगी करते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसे समझिए- सवाल- लोग इस स्कैम के झांसे में क्यों आ जाते हैं? जवाब- दरअसल पार्टनर की तलाश कर रहे लोग सामने वाले पर जल्द भरोसा कर लेते हैं। यही उनकी मुख्य कमजोरी है। इस स्कैम के झांसे में फंसने के कई कारण हो सकते हैं। जैसेकि- साइबर ठग लोगों की भावनात्मक जरूरत, भरोसे और जल्दी रिश्ता पक्का करने की इच्छा का फायदा उठाते हैं। शादी या रिश्ते की तलाश में लोग सामने वाले पर जल्दी विश्वास कर लेते हैं, खासकर जब प्रोफाइल भरोसेमंद और रिच दिखती है। लगातार बातचीत, प्यार भरे शब्द और शादी के वादे व्यक्ति को भावनात्मक रूप से कमजोर कर देते हैं। इसलिए शक नहीं होता है। इसी भरोसे और इमोशनल अटैचमेंट का इस्तेमाल कर ठग यूजर को अपना शिकार बना लेते हैं। सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम की पहचान कैसे कर सकते हैं? जवाब- कुछ आसान संकेताें से मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम की पहचान की जा सकती है। जैसेकि- प्रोफाइल पर अधूरी जानकारी। इंफॉर्मेशन साफ न होना। मिलने से बचना और सिर्फ ऑनलाइन बात पर जोर देना। नौकरी, बैंक डिटेल, परिवार के बारे में पूछताछ करना। अचानक इमरजेंसी बताकर पैसे की डिमांड करना। अचानक निवेश, क्रिप्टो या पैसे कमाने की बात शुरू करना। प्रोफाइल फोटो को रिवर्स इमेज सर्च (गूगल इमेज या अन्य टूल से) करने पर पता चले कि वही फोटो किसी दूसरे व्यक्ति की है तो यह सीधे फेक अकांउट है। ये सभी संकेत बताते हैं कि सामने वाला व्यक्ति असली नहीं, बल्कि स्कैमर हो सकता है। सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान कैसे करें? जवाब- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर फेक प्रोफाइल की पहचान इन संकेतों से की जा सकती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- मैट्रिमोनियल और डेटिंग एप्स पर स्कैम से बचने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए? जवाब- इस स्कैम से बचने के लिए हमेशा सतर्क रहना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही कुछ जरूरी सावधानियां अपनाकर खुद को ऐसे ऑनलाइन फ्रॉड से सुरक्षित रख सकते हैं। नीचे दिए गए ग्राफिक के जरिए इसे समझिए- सवाल- ऐसे स्कैम का शिकार होने पर तुरंत क्या करना चाहिए? जवाब- ऐसी स्थिति में पैनिक न हों। तुरंत साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही जिस अकाउंट, प्रोफाइल या नंबर से ठगी हुई है, उसे तुरंत ब्लॉक और रिपोर्ट करें। अपने बैंक को तुरंत सूचना दें, ताकि किसी भी नुकसान को रोका जा सके। सवाल- ऑनलाइन डेटिंग में क्या सावधानियां बरतना जरूरी है? जवाब- ऑनलाइन डेटिंग एप यूज करते समय कुछ बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें। जैसेकि- डेटिंग एप पर मिले किसी भी अनजान व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें। प्रोफाइल पर दी गई जानकारी को क्रॉस-चेक करें। अगर सोशल मीडिया प्रोफाइल है तो उससे प्रोफाइल मैच करें। नाम, कंपनी और लोकेशन को खुद इंटरनेट पर सर्च करके चेक करें। पहली मुलाकात हमेशा सार्वजनिक जगह पर ही करें। पहली बार किसी दोस्त के साथ ही मिलने जाएं। पहली मुलाकात में अपने घर का पता न बताएं। अलग ई-मेल या दूसरे नंबर का इस्तेमाल करें। चैट के स्क्रीनशॉट संभालकर रखें। पैसे मांगते ही बातचीत बंद करके प्रोफाइल रिपोर्ट करें। बहुत ज्यादा रोमांटिक या फिल्मी भाषा इस्तेमाल करने वालों से सावधान रहें। अपने परिवार या दोस्तों से उस व्यक्ति के बारे में राय जरूर लें। अगर सामने वाला व्यक्ति अपने बारे में कम बताए और आपसे ज्यादा सवाल पूछे, तो ये भी एक तरह का रेड फ्लैग है। बहुत जल्द शादी की बात करे तो अलर्ट हो जाएं। ठगी होने पर तुरंत पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराएं। ……………….. साइबर लिटरेसी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- पेंशनर्स के साथ स्कैम: लाइफ सर्टिफिकेट अपडेट के नाम पर फ्रॉड, बुजुर्गों को करें सावधान, ये 9 बातें हमेशा याद रखें हाल ही में इंडियन साइबर क्राइम
Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process

Hindi News Lifestyle Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process | Treatment & Precautions 3 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक फर्ज करिए, आप ऑफिस में हैं। आपके पास बैठे किसी साथी को लगातार छींक आ रही है। कुछ समय बाद आपको भी गले में खराश, सिरदर्द और बुखार महसूस होने लगता है। इसका कारण इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस हो सकता है, जो हवा के जरिए तेजी से फैलता है। बंद और कम हवादार जगहों में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बंद कमरे में वायरस लंबे समय तक हवा में तैरते रहते हैं और सक्रिय बने रहते हैं। भारत में हर साल मौसम बदलने के दौरान फ्लू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। आमतौर पर यह एक हल्का संक्रमण है। लेकिन लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप भी ले सकता है। हालांकि सही जानकारी, समय पर इलाज और कुछ सावधानियां अपनाकर फ्लू से बचा जा सकता है। तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम फ्लू के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- सर्दी-जुकाम-खांसी का वायरस हवा में कैसे ट्रैवल करता है? फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? एक्सपर्ट: डॉ. अंकित बंसल, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली सवाल- अगर हमारे आसपास कोई छींके या खांसे तो अगले दिन हमें भी सर्दी-जुकाम हो जाता है? ऐसा क्यों? जवाब- एक-दूसरे से संपर्क ही इसका मुख्य कारण है। इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए- जब कोई व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो उसके मुंह और नाक से निकले वायरस हवा में फैल जाते हैं। अगर हम उसी एनवायर्नमेंट में सांस लेते हैं या संक्रमित सतह को छूकर आंख, नाक या मुंह को छू लेते हैं, तो वायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है। सर्दी-जुकाम के वायरस बहुत तेजी से फैलते हैं और इनका इन्क्यूबेशन पीरियड (लक्षण उभरने का समय) आमतौर पर 1–3 दिन होता है। इसलिए अक्सर अगले दिन या कुछ ही दिनों में गले में खराश, नाक बहना या छींक जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं। सवाल- सर्दी-जुकाम-खांसी का वायरस हवा में कैसे ट्रैवल करता है? जवाब- जब कोई व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो उसके मुंह और नाक से बहुत छोटी-छोटी बूंदें (ड्रॉपलेट्स) और सूक्ष्म कण (एरोसोल) हवा में निकलते हैं। इन वाटर ड्रॉपलेट्स में वायरस मौजूद होता है। हैवी ड्रॉपलेट्स कुछ ही सेकेंड में सतह पर गिर जाती हैं। लेकिन हल्के एरोसोल हवा में कुछ समय तक मौजूद रहते हैं। अगर दूसरा व्यक्ति उसी हवा में सांस लेता है तो वायरस रेस्पिरेटरी सिस्टम में पहुंचकर संक्रमण पैदा कर सकता है। यही वजह है कि भीड़भाड़ और बंद जगहों में संक्रमण तेजी से फैलता है। सवाल- क्या फ्लू वायरस इंफेक्टेड सतह को छूने से भी फ्लू हो सकता है? जवाब- हां, फ्लू वायरस कई घंटों तक दरवाजे के हैंडल, मोबाइल, टेबल या कीबोर्ड जैसी सतहों पर सक्रिय रह सकता है। संक्रमित सतह छूने के बाद बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को छूते हैं, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है। सवाल- इसके अलावा और किन-किन तरीकों से फ्लू फैल सकता है? जवाब- फ्लू सिर्फ हवा या छूने से ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों के जरिए भी फैल सकता है। अक्सर हम इन आदतों पर ध्यान नहीं देते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या किसी फ्लू इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने पर 100% फ्लू होता ही है? जवाब- नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। संक्रमण का जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि- आपकी इम्यूनिटी कैसी है? आपने फ्लू वैक्सीन ली है या नहीं? संपर्क कैसा और कितनी देर था? क्या आपने मास्क पहनने या हाथों की साफ-सफाई जैसे सेफ्टी मेजर्स अपनाए थे? मजबूत इम्यूनिटी और सावधानियां संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं। सवाल- क्या ऐसा भी हो सकता है कि किसी को फ्लू हो, लेकिन उसका कोई लक्षण न दिख रहा हो जैसेकि छींक, खांसी, नाक बहना आदि? जवाब- हां, ऐसा संभव है। कई बार व्यक्ति के शरीर में फ्लू वायरस मौजूद होता है, लेकिन कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते हैं। इस दौरान वह स्वस्थ महसूस कर सकता है, फिर भी दूसरों में संक्रमण फैला सकता है। सवाल- फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- फ्लू से बचाव के लिए रोजमर्रा की आदतों में थोड़े से बदलाव बहुत असरदार साबित हो सकते हैं। साफ-सफाई, पर्याप्त दूरी और मजबूत इम्यूनिटी से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- क्या फ्लू का टीका लगवाना उपयोगी होता है? जवाब- हां, यह फ्लू होने के खतरे को कम करता है। अगर संक्रमण हो भी जाए तो बीमारी को गंभीर होने से रोकता है। सवाल- अगर किसी को फ्लू हो जाए तो क्या करना चाहिए? जवाब- फ्लू होने पर शरीर को आराम देना बेहद जरूरी है। सही देखभाल और समय पर सावधानी रखने से रिकवरी तेज होती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- फ्लू आमतौर पर कितने दिनों में ठीक हो जाता है? जवाब- ज्यादातर मामलों में फ्लू के लक्षण 5-7 दिनों में कम हो सकते हैं। इसके बावजूद थकान और कमजोरी कई दिनों तक बनी रह सकती है। पूरी तरह रिकवरी में 10-15 दिन तक का समय लग सकता है। सवाल- अगर फ्लू का सही समय पर इलाज न किया जाए तो क्या समस्याएं हो सकती हैं? जवाब- इलाज में देरी होने पर फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। जैसेकि- तेज बुखार लंबे समय तक बना रह सकता है। शरीर में कमजोरी बढ़ सकती है। कुछ मामलों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत या ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है। बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों (जैसे डायबिटिक या अस्थमेटिक लोग) में स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है। इसलिए लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है। सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है? जवाब- कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। जैसेकि- अगर बुखार 102°F से ज्यादा हो और दो दिन से अधिक समय तक बना रहे। सांस लेने में परेशानी हो। तेज सिरदर्द हो या सीने
ENG Vs SL T20 World Cup LIVE Score Update; Pathum Nissanka

स्पोर्ट्स डेस्क14 मिनट पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप में सुपर-8 स्टेज का दूसरा मैच आज श्रीलंका और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। टीमों का मौजूदा फॉर्म ग्रुप स्टेज में दोनों ही टीमों ने 3-3 मैच जीते और 1-1 मुकाबला गंवाया। श्रीलंका ने आयरलैंड, ओमान और ऑस्ट्रेलिया को हराया। वहीं इंग्लैंड ने नेपाल, स्कॉटलैंड और इटली को हराया। एक मैच श्रीलंका जिम्बाब्वे से हार गई, जबकि इंग्लैंड वेस्टइंडीज से हार गई। पाथुम निसांका श्रीलंका के लिए बेस्ट बैटर रहे 2026 टी-20 वर्ल्ड कप में श्रीलंका से पाथुम निसांका ने सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। वे4 मुकाबलों में 199 रन बना चुके हैं। तेज गेंदबाज दुषन हेमंथ 6 विकेट लेकर टीम के टॅाप बॅालर बने हुए हैं। जैकब बेथेल इंग्लैंड के टॅाप स्कोरर इस वर्ल्ड कप में जैकब बेथेल ने इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए बनाए हैं। उनके नाम 4 मैचों में 134.9 के स्ट्राइक रेट से 143 रन हैं। इस दौरान 55 रन उनका बेस्ट स्कोर रहा। वहीं बॅालिग में जोफ्रा आर्चर इंग्लैंड के टॅाप विकेट टेकर रहे। उन्होनें 4 मैचों में 9.31 की इकोनॅामी से रन देते हुए 6 विकेट लिए। पिच रिपोर्ट पल्लेकेले इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम की पिच स्पिन गेंदबाजों के लिए मददगार रहती है। यहां नई गेंद से शुरुआती ओवरों में तेज गेंदबाजों को थोड़ी स्विंग मिलती है, लेकिन जैसे ही गेंद अपनी चमक खो देती है, मिडिल ओवर्स में स्पिनरों को काफी फायदा मिलने लगता है। हालांकि, अगर कोई बल्लेबाज शुरुआत में टिक जाए तो वह बड़ी पारी भी खेल सकता है। इस पिच पर पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम अगर 170 रन तक पहुंच जाती है, तो उसे अच्छा स्कोर माना जाता है। वेदर कंडीशन पल्लेकेले , कैंडी में रविवार को दोपहर में बारिश की आशंका है। रात के समय भी आस-पड़ोस में बादल और बूंदाबांदी हो सकती है। बारिश की संभावना 60 % से 80% है। अधिकतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। दोनों टीमों की पॉसिबल प्लेइंग-XI श्रीलंका: पाथुम निसांका, कुसल परेरा, कुसल मेंडिस, पवन रत्नायके, दासुन शनाका (कप्तान),कामिंडु मेंडिस, दुनिथ वेल्लालागे, दुषन हेमंथ, महीश तीक्षणा, प्रमोद मदुशन, दिलशान मदुशंका। इंग्लैंड: फिल सॉल्ट, जोस बटलर (विकेटकीपर), जैकब बेथेल, टॉम बैंटन, हैरी ब्रूक (कप्तान), सैम करन, विल जैक्स, लियम डॉसन, जैमी ओवरटन, जोफ्रा आर्चर और आदिल रशीद। कहां देख सकते हैं मैच? इस मैच की LIVE स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स पर होगी। इसे जियोहॉटस्टार एप पर भी देखा जा सकता है। आप दैनिक भास्कर एप पर मैच का LIVE कवरेज फॉलो कर सकते हैं। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ——————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… टीम इंडिया के टॉप ऑर्डर की कमजोरी ऑफ-स्पिन:13 टीमों में भारत का स्कोरिंग रेट सबसे खराब; सूर्या नंबर-3 पर कर सकते हैं बल्लेबाजी टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के ग्रुप स्टेज में टीम इंडिया का प्रदर्शन शानदार रहा, लेकिन एक बड़ी कमजोरी भी सामने आई है। भारतीय टॉप ऑर्डर के पहले आठ बल्लेबाजों में से छह बाएं हाथ के हैं। टीमें इसी का फायदा उठाते हुए भारतीय बल्लेबाजों के खिलाफ लगातार ऑफ स्पिन का इस्तेमाल कर रही हैं। टीम इंडिया के असिस्टेंट कोच रयान टेन डोश्चेज ने भी माना है कि टीम को टर्निंग पिचों और बड़े मैदानों के लिए बेहतर रणनीति बनाने की जरूरत है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi Mann Ki Baat: AI, Holi Festival Discussion

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मन की बात का आज 131वां एपिसोड प्रसारित होगा। साल 2026 का पीएम का ये दूसरा एपिसोड भी है। पीएम आज AI पर बात कर सकते हैं क्योंकि नई दिल्ली में एआई समिट का आयोजन हुआ था। मन की बात का आखिरी एपिसोड 25 जनवरी को प्रसारित हुआ था। पीएम ने सोशल मीडिया पर चल रहे 2016 की तस्वीरें शेयर करने के ट्रेंड पर बात की थी। उन्होंने अपनी सरकार के काम पर बात करते हुए कहा कि भारत में आज दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप इको सिस्टम बन चुका है। ये स्टार्टअप लीक से हटके हैं, जिनके बारे में 10 साल पहले कल्पना भी नहीं की जा सकती थी। उन्होंने कहा कि मैं अपने उन सभी युवा साथियों को सैल्यूट करता हूं, जो किसी न किसी स्टार्टअप से जुड़े हैं या नया स्टार्टअप शुरू करना चाहते हैं। पीएम ने भारतीय प्रडोक्ट्स को लेकर कहा कि हम सभी का एक ही मंत्र हो क्वालिटी क्वालिटी और क्वालिटी। इंडियन प्रोडक्ट का मतलब बन जाए क्वालिटी। हम संकल्प लें कि क्वालिटी से कोई समझौता नहीं होगा। ‘मन की बात’ के पिछले 5 एपिसोड… 130वां एपिसोड: आज भारतीय संस्कृति और त्योहारों की पहचान पूरी दुनिया में बन रही है। विदेशों में भी भारत के त्योहार बड़े उत्साह के साथ मनाए जाते हैं। विदेशों में रहने वाले भारतीय अपनी भाषा और संस्कृति को आगे बढ़ा रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… 129वां एपिसोड: पीएम ने कहा- ICMR ने हाल ही में रिपोर्ट में बताया कि निमोनिया और UTI जैसी बीमारियों में दवाई कमजोर साबित हो रही हैं। इसकी वजह बिना सोचे दवा का सेवन हैं। आज कल लोग एंटी बायोटिक दवाओं का इस्तेमाल कर रहे हैं। लोग सोचते हैं कि एक गोली ले लो बीमारी दूर हो जाएगी। मैं अपील करता हूं कि अपने मन से दवाओं का सेवन करने से बचें। पूरी खबर पढ़ें… 128वां एपिसोड: पीएम ने कहा- भारतीय खेलों के लिए यह महीना (नवंबर 2025) शानदार रहा। शुरुआत महिला टीम की ICC महिला वर्ल्ड कप जीत से हुई। भारत को कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी का भी ऐलान हुआ। टोक्यो में हुए डेफ ओलिंपिक्स में भारत ने रिकॉर्ड 20 मेडल जीते। महिला कबड्डी टीम ने वर्ल्ड कप जीतकर इतिहास रचा, बॉक्सिंग कप में भी 20 मेडल पाए। पूरी खबर पढ़ें… 127वां एपिसोड: पीएम ने कहा- प्रधानमंत्री के रेडियो शो मन की बात के 127वां एपिसोड में पीएम ने छठ पूजा की शुभकामनाएं दीं और लोगों से इस उत्सव में शामिल होने की अपील की। पीएम मोदी ने मन की बात में GST बचत उत्सव, सरदार पटेल की 150वीं जयंती, रन फॉर यूनिटी जैसे विषयों पर बात की थी। पूरी खबर पढ़ें… 126वां एपिसोड: पीएम ने कहा- आज लता मंगेशकर की जयंती है। भारतीय संस्कृति और संगीत में रूचि रखने वाला कोई भी उनके गीतों को सुनकर अभिभूत हुए बिना नहीं रह सकता। उनके गीतों में वो सब कुछ है जो मानवीय संवेदनाओं को झकझोरता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos and More From Dainik Bhaskar

Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 10 मिनट पहले कॉपी लिंक छत्रपति संभाजीनगर में गवर्नमेंट रेलवे पुलिस (GRP) की भर्ती में दौड़ते समय एक 24 साल के उम्मीदवार की मौत हो गई। यह घटना मध्य महाराष्ट्र शहर के पुलिस परेड ग्राउंड में 1600 मीटर दौड़ के इवेंट के दौरान हुई। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मरने वाले की पहचान संग्राम शिंदे के रूप में हुई है, जो सांगली जिले के पलुस का रहने वाला था। शिंदे फिनिश लाइन से ठीक पहले गिर गया और उसे अस्पताल ले जाया गया जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कॉन्स्टेबल के 93 पदों को भरने के लिए रिक्रूटमेंट ड्राइव शुक्रवार को शुरू हुई थी। अधिकारी ने बताया कि 600 से ज्यादा कैंडिडेट ने रनिंग टेस्ट दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
नासा का मून मिशन अटका:रॉकेट के हीलियम फ्लो में दिक्कत आई; 50 साल बाद चांद की कक्षा में जाएंगे 4 इंसान

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का मून मिशन आर्टेमिस II टल सकता है। इस मिशन को 6 मार्च को लॉन्च किया जाना था। उससे पहले ही रॉकेट के हीलियम फ्लो में दिक्कत सामने आ गई। स्पेस एजेंसी ने बताया कि बीती रात रॉकेट के ऊपरी स्टेज में हीलियम का फ्लो रुक गया। लॉन्च के लिए सॉलिड हीलियम फ्लो की जरूरत होती है। NASA ने कहा कि वह सारे डेटा को रिव्यू कर रहा है और अगर जरूरी हुआ तो रॉकेट को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड से हैंगर ले जाया जाएगा। हालांकि इंजीनियर लॉन्च पैड पर ही दिक्कत ठीक करने की कोशिश करेंगे। स्पेस एजेंसी ने कहा कि इंजीनियर दोनों ऑप्शन की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इसका असर लॉन्चिंग पर जरूर पड़ेगा। आर्टेमिस II मून मिशन के दौरान एस्ट्रोनॉट्स चांद पर कदम नहीं रखेंगे। ये एक फ्लाईबाई मिशन है जिसके तहत एस्ट्रोनॉट्स सिर्फ चांद के चक्कर लगाकर वापस आ जाएंगे। पिछले 50 सालों में यह पहली बार होगा जब इंसान चांद की कक्षा में जाएगा। अगर ये मिशन सफल होता है 2028 में आर्टेमिस-3 मिशन भेजा जाएगा, जिसमें जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स चांद पर पैर रखेंगे। नासा 50 साल बाद चांद पर एस्ट्रोनॉट्स भेजने वाला है आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों तरफ चक्कर लगाकर वापस धरती पर आएंगे। इस क्रू में पहली बार एक महिला और एक अफ्रीकन-अमेरिकन (अश्वेत) एस्ट्रोनॉट भी शामिल होगा। 10 दिन के इस मून मिशन के लिए क्रिस्टीना हैमॉक कोच को विशेषज्ञ के तौर पर चुना गया है। इससे पहले क्रिस्टीना सबसे ज्यादा समय तक अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। उनके अलावा अमेरिकी नेवी के विक्टर ग्लोवर को भी बतौर पायलट चुना गया है। वो पहले ब्लैक एस्ट्रोनॉट होंगे जो मून मिशन पर स्पेस जाएंगे। 22 लाख किलोमीटर की यात्रा का टारगेट आर्टेमिस-2 मिशन के दौरान करीब 22 लाख किलोमीटर की यात्रा करेगा। इसका मकसद ये जांचना है कि ओरियन स्पेसशिप के सभी लाइफ-सपोर्ट सिस्टम ठीक से डिजाइन किए गए हैं। जिससे एस्ट्रोनॉट्स को डीप स्पेस में जाने और 2028 में मून लैंडिंग के दौरान परेशानी न हो। आर्टेमिस II वापस लौटने से पहले चंद्रमा के सुदूर भाग से कुछ 10,300 किलोमीटर दूर तक जाएगा। नासा ने 15 नवंबर, 2022 को तीसरी कोशिश में आर्टेमिस-1 मिशन लॉन्च किया था। ये 25 दिन बाद 14 लाख मील की यात्रा पूरी करके 10 दिसंबर को धरती पर लौट आया था। इससे पहले दिसंबर 1972 में अपोलो-17 मिशन ही चांद के इतने करीब पहुंचा था। 50 साल पुराने अपोलो मिशन से अलग है आर्टेमिस अपोलो मिशन की आखिरी और 17वीं फ्लाइट ने 1972 में उड़ान भरी थी। इस मिशन की परिकल्पना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जे एफ केनेडी ने सोवियत संघ को मात देने के लिए की थी। उनका लक्ष्य अमेरिका को साइंस एंड टेक्नोलॉजी की फील्ड में दुनिया में पहले स्थान पर स्थापित करना था। हालांकि करीब 50 साल बाद माहौल अलग है। अब अमेरिका आर्टेमिस मिशन के जरिए रूस या चीन को मात नहीं देना चाहता। नासा का मकसद पृथ्वी के बाहर स्थित चीजों को अच्छी तरह एक्सप्लोर करना है। चांद पर जाकर वैज्ञानिक वहां की बर्फ और मिट्टी से ईंधन, खाना और इमारतें बनाने की कोशिश करना चाहते हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… NASA ने माना- सुनीता का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था: इसे कल्पना चावला के साथ हुए हादसे जैसा माना अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने माना कि सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था। नासा ने इस मिशन को दुर्घटना की टाइप ए कैटेगरी में रखा गया है। इसी कैटेगरी को दुर्घटना की सबसे गंभीर कैटेगरी माना जाता है। चैलेंजर और कोलंबिया शटल दुर्घटनाओं के लिए भी इसी कैटेगरी का इस्तेमाल किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
नासा का मून मिशन अटका:रॉकेट के हीलियम फ्लो में दिक्कत आई; 50 साल बाद चांद की कक्षा में जाएंगे 4 इंसान

अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा का मून मिशन आर्टेमिस II टल सकता है। इस मिशन को 6 मार्च को लॉन्च किया जाना था। उससे पहले ही रॉकेट के हीलियम फ्लो में दिक्कत सामने आ गई। स्पेस एजेंसी ने बताया कि बीती रात रॉकेट के ऊपरी स्टेज में हीलियम का फ्लो रुक गया। लॉन्च के लिए सॉलिड हीलियम फ्लो की जरूरत होती है। NASA ने कहा कि वह सारे डेटा को रिव्यू कर रहा है और अगर जरूरी हुआ तो रॉकेट को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर के लॉन्च पैड से हैंगर ले जाया जाएगा। हालांकि इंजीनियर लॉन्च पैड पर ही दिक्कत ठीक करने की कोशिश करेंगे। स्पेस एजेंसी ने कहा कि इंजीनियर दोनों ऑप्शन की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि इसका असर लॉन्चिंग पर जरूर पड़ेगा। आर्टेमिस II मून मिशन के दौरान एस्ट्रोनॉट्स चांद पर कदम नहीं रखेंगे। ये एक फ्लाईबाई मिशन है जिसके तहत एस्ट्रोनॉट्स सिर्फ चांद के चक्कर लगाकर वापस आ जाएंगे। पिछले 50 सालों में यह पहली बार होगा जब इंसान चांद की कक्षा में जाएगा। अगर ये मिशन सफल होता है 2028 में आर्टेमिस-3 मिशन भेजा जाएगा, जिसमें जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स चांद पर पैर रखेंगे। नासा 50 साल बाद चांद पर एस्ट्रोनॉट्स भेजने वाला है आर्टेमिस-2 मिशन के तहत चार एस्ट्रोनॉट्स चांद के चारों तरफ चक्कर लगाकर वापस धरती पर आएंगे। इस क्रू में पहली बार एक महिला और एक अफ्रीकन-अमेरिकन (अश्वेत) एस्ट्रोनॉट भी शामिल होगा। 10 दिन के इस मून मिशन के लिए क्रिस्टीना हैमॉक कोच को विशेषज्ञ के तौर पर चुना गया है। इससे पहले क्रिस्टीना सबसे ज्यादा समय तक अंतरिक्ष में रहने का रिकॉर्ड बना चुकी हैं। उनके अलावा अमेरिकी नेवी के विक्टर ग्लोवर को भी बतौर पायलट चुना गया है। वो पहले ब्लैक एस्ट्रोनॉट होंगे जो मून मिशन पर स्पेस जाएंगे। 22 लाख किलोमीटर की यात्रा का टारगेट आर्टेमिस-2 मिशन के दौरान करीब 22 लाख किलोमीटर की यात्रा करेगा। इसका मकसद ये जांचना है कि ओरियन स्पेसशिप के सभी लाइफ-सपोर्ट सिस्टम ठीक से डिजाइन किए गए हैं। जिससे एस्ट्रोनॉट्स को डीप स्पेस में जाने और 2028 में मून लैंडिंग के दौरान परेशानी न हो। आर्टेमिस II वापस लौटने से पहले चंद्रमा के सुदूर भाग से कुछ 10,300 किलोमीटर दूर तक जाएगा। नासा ने 15 नवंबर, 2022 को तीसरी कोशिश में आर्टेमिस-1 मिशन लॉन्च किया था। ये 25 दिन बाद 14 लाख मील की यात्रा पूरी करके 10 दिसंबर को धरती पर लौट आया था। इससे पहले दिसंबर 1972 में अपोलो-17 मिशन ही चांद के इतने करीब पहुंचा था। 50 साल पुराने अपोलो मिशन से अलग है आर्टेमिस अपोलो मिशन की आखिरी और 17वीं फ्लाइट ने 1972 में उड़ान भरी थी। इस मिशन की परिकल्पना अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति जे एफ केनेडी ने सोवियत संघ को मात देने के लिए की थी। उनका लक्ष्य अमेरिका को साइंस एंड टेक्नोलॉजी की फील्ड में दुनिया में पहले स्थान पर स्थापित करना था। हालांकि करीब 50 साल बाद माहौल अलग है। अब अमेरिका आर्टेमिस मिशन के जरिए रूस या चीन को मात नहीं देना चाहता। नासा का मकसद पृथ्वी के बाहर स्थित चीजों को अच्छी तरह एक्सप्लोर करना है। चांद पर जाकर वैज्ञानिक वहां की बर्फ और मिट्टी से ईंधन, खाना और इमारतें बनाने की कोशिश करना चाहते हैं। ——————– ये खबर भी पढ़ें… NASA ने माना- सुनीता का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था: इसे कल्पना चावला के साथ हुए हादसे जैसा माना अमेरिकी स्पेस एजेंसी नासा ने माना कि सुनीता विलियम्स का अंतरिक्ष में फंसना खतरनाक था। नासा ने इस मिशन को दुर्घटना की टाइप ए कैटेगरी में रखा गया है। इसी कैटेगरी को दुर्घटना की सबसे गंभीर कैटेगरी माना जाता है। चैलेंजर और कोलंबिया शटल दुर्घटनाओं के लिए भी इसी कैटेगरी का इस्तेमाल किया गया था। पूरी खबर पढ़ें…
जनजातीय संस्कृति के रंग में रंगा इंदौर:जात्रा–2026 में आदिवासी धुन 'अमू काका बाबा' और 'क्यों मारी रे' पर जमकर थिरके इंदौरी

गांधी हॉल परिसर में चल रहे तीन दिवसीय आदिवासी महोत्सव ‘जात्रा–2026’ ने दूसरे दिन ऐसा रंग जमाया कि पूरा इंदौर जनजातीय सुरों और तालों पर थिरकता नजर आया। शाम 7 से 10 बजे तक आयोजित लाइव म्यूजिकल नाइट में कलाकार आनंदीलाल भावेल और उनकी टीम की प्रस्तुतियों ने माहौल को उत्सव में बदल दिया। झाबुआ और अलीराजपुर की लोक संस्कृति इंदौर में सजीव हो उठी। ‘अमू काका बाबा’, ‘चिलम तमाखू का डब्बा’, ‘क्यों मारी रे, क्यों पीटी रे’ और ‘छोटी-सी उमर में म्हारी शादी कराई दी’ जैसे लोकप्रिय लोकगीतों पर युवाओं से लेकर परिवारों तक ने उत्साहपूर्वक नृत्य किया। पारंपरिक वेशभूषा, मांदल की थाप और लोक धुनों की गूंज ने शहर और जनजातीय अंचलों के बीच की दूरी को मानो मिटा दिया। संस्कृति के साथ स्वास्थ्य और प्रकृति का संगम 20 से 22 फरवरी तक आयोजित ‘जात्रा-2026’ केवल सांस्कृतिक उत्सव नहीं, बल्कि जनजातीय जीवनदृष्टि का परिचायक बनकर उभरा है, जहां स्वास्थ्य और प्रकृति एक-दूसरे से गहराई से जुड़े हैं। जनजातीय सामाजिक सेवा समिति के तत्वावधान में धार, झाबुआ और अलीराजपुर की पारंपरिक औषधियां, वनोपज और हस्तशिल्प आगंतुकों के लिए विशेष आकर्षण बने हुए हैं। राजनीतिक व प्रशासनिक सहभागिता से बढ़ी गरिमा आयोजन में विधायक गोलू शुक्ला, भाजपा नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री सावित्री ठाकुर की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। झाबुआ की कलेक्टर नेहा मीना ने भी आयोजन स्थल पर पहुंचकर कलाकारों और स्टॉल संचालकों से संवाद किया और व्यवस्थाओं की सराहना की। विधायक गोलू शुक्ला ने कहा कि होली से पहले शहर में ऐसा सांस्कृतिक उत्सव देखना सुखद है। पूरा झाबुआ-अलीराजपुर मानो इंदौर में बस गया हो। यह आयोजन हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम है। महामंडलेश्वर दे मां पवित्रानंद गिरी राजेंद्र आचार्य ने कहा कि जात्रा सामाजिक एकता और सांस्कृतिक समरसता का जीवंत उदाहरण है। हम सब एक हैं, यह भाव इस आयोजन में स्पष्ट दिखाई देता है। आज मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति प्रस्तावित है। वनोपज और हस्तशिल्प बने खास पहचान ‘जात्रा–2026’ में बड़ी संख्या में कॉलेज के छात्र-छात्राएं आयोजन स्थल पर पहुंच रहे हैं। पारंपरिक सजावट और जनजातीय कला से सजे सेल्फी पॉइंट पर दिनभर युवाओं की भीड़ नजर आई। परिसर में गौसेवा का विशेष प्रबंध भी किया गया है, जिसने आयोजन को आध्यात्मिक स्पर्श दिया। शुगर फ्री हनी, पारंपरिक औषधियां और झाबुआ का प्रसिद्ध ‘गुड़ियाघर’ स्टॉल दर्शकों को खूब आकर्षित कर रहा है। हाथ से बने गुड्डे-गुड़िया और पारंपरिक तीर-कमान बच्चों के बीच खास लोकप्रिय रहे।









