Monday, 25 May 2026 | 04:30 AM

Trending :

गर्मियों में रगड़ा ठंडाई रेसिपी: गर्मी में मूड को ताज़ा कर्ज़ी, बालाजी वाली राँगा ठंडी, बनाना भी है आसान; विशेष विधि नोट करें ट्रम्प बोले- भारत मुझ पर 100% भरोसा कर सकता है:पीएम मोदी को पता है जरूरत पर कहां फोन करना हैं, मैं और अमेरिका हमेशा खड़े गर्मियों में इमली का शरबत रेसिपी: गर्मी में शरीर को बर्फ सी ठंडक देगा इमली का खट्टा-मीठा शरबत, 2 मिनट में तैयार हो जाएगा; विधि नोट करें IPL 2026: Rickelton Sixes Record & Rohit Sharma Ducks कांग्रेस बनाम कांग्रेस: ​​मनिकम टैगोर ने मेकेदातु जलाशय पर कर्नाटक सरकार के कदम की आलोचना की | भारत समाचार अमिताभ बच्चन के संडे दर्शन के दौरान शख्स बेहोश:बिग बी के घर के बाहर भारी भीड़ के बीच बिगड़ी तबीयत, लोग संभालते दिखे
EXCLUSIVE

Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process

Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process | Treatment & Precautions

3 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

  • कॉपी लिंक

फर्ज करिए, आप ऑफिस में हैं। आपके पास बैठे किसी साथी को लगातार छींक आ रही है। कुछ समय बाद आपको भी गले में खराश, सिरदर्द और बुखार महसूस होने लगता है।

इसका कारण इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस हो सकता है, जो हवा के जरिए तेजी से फैलता है। बंद और कम हवादार जगहों में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बंद कमरे में वायरस लंबे समय तक हवा में तैरते रहते हैं और सक्रिय बने रहते हैं।

भारत में हर साल मौसम बदलने के दौरान फ्लू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। आमतौर पर यह एक हल्का संक्रमण है। लेकिन लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप भी ले सकता है। हालांकि सही जानकारी, समय पर इलाज और कुछ सावधानियां अपनाकर फ्लू से बचा जा सकता है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम फ्लू के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • सर्दी-जुकाम-खांसी का वायरस हवा में कैसे ट्रैवल करता है?
  • फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

एक्सपर्ट: डॉ. अंकित बंसल, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- अगर हमारे आसपास कोई छींके या खांसे तो अगले दिन हमें भी सर्दी-जुकाम हो जाता है? ऐसा क्यों?

जवाब- एक-दूसरे से संपर्क ही इसका मुख्य कारण है। इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए-

  • जब कोई व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो उसके मुंह और नाक से निकले वायरस हवा में फैल जाते हैं।
  • अगर हम उसी एनवायर्नमेंट में सांस लेते हैं या संक्रमित सतह को छूकर आंख, नाक या मुंह को छू लेते हैं, तो वायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है।
  • सर्दी-जुकाम के वायरस बहुत तेजी से फैलते हैं और इनका इन्क्यूबेशन पीरियड (लक्षण उभरने का समय) आमतौर पर 1–3 दिन होता है।
  • इसलिए अक्सर अगले दिन या कुछ ही दिनों में गले में खराश, नाक बहना या छींक जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

सवाल- सर्दी-जुकाम-खांसी का वायरस हवा में कैसे ट्रैवल करता है?

जवाब- जब कोई व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो उसके मुंह और नाक से बहुत छोटी-छोटी बूंदें (ड्रॉपलेट्स) और सूक्ष्म कण (एरोसोल) हवा में निकलते हैं।

इन वाटर ड्रॉपलेट्स में वायरस मौजूद होता है। हैवी ड्रॉपलेट्स कुछ ही सेकेंड में सतह पर गिर जाती हैं। लेकिन हल्के एरोसोल हवा में कुछ समय तक मौजूद रहते हैं।

अगर दूसरा व्यक्ति उसी हवा में सांस लेता है तो वायरस रेस्पिरेटरी सिस्टम में पहुंचकर संक्रमण पैदा कर सकता है। यही वजह है कि भीड़भाड़ और बंद जगहों में संक्रमण तेजी से फैलता है।

सवाल- क्या फ्लू वायरस इंफेक्टेड सतह को छूने से भी फ्लू हो सकता है?

जवाब- हां, फ्लू वायरस कई घंटों तक दरवाजे के हैंडल, मोबाइल, टेबल या कीबोर्ड जैसी सतहों पर सक्रिय रह सकता है। संक्रमित सतह छूने के बाद बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को छूते हैं, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।

सवाल- इसके अलावा और किन-किन तरीकों से फ्लू फैल सकता है?

जवाब- फ्लू सिर्फ हवा या छूने से ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों के जरिए भी फैल सकता है। अक्सर हम इन आदतों पर ध्यान नहीं देते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या किसी फ्लू इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने पर 100% फ्लू होता ही है?

जवाब- नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। संक्रमण का जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि-

  • आपकी इम्यूनिटी कैसी है?
  • आपने फ्लू वैक्सीन ली है या नहीं?
  • संपर्क कैसा और कितनी देर था?
  • क्या आपने मास्क पहनने या हाथों की साफ-सफाई जैसे सेफ्टी मेजर्स अपनाए थे?

मजबूत इम्यूनिटी और सावधानियां संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

सवाल- क्या ऐसा भी हो सकता है कि किसी को फ्लू हो, लेकिन उसका कोई लक्षण न दिख रहा हो जैसेकि छींक, खांसी, नाक बहना आदि?

जवाब- हां, ऐसा संभव है। कई बार व्यक्ति के शरीर में फ्लू वायरस मौजूद होता है, लेकिन कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते हैं। इस दौरान वह स्वस्थ महसूस कर सकता है, फिर भी दूसरों में संक्रमण फैला सकता है।

सवाल- फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- फ्लू से बचाव के लिए रोजमर्रा की आदतों में थोड़े से बदलाव बहुत असरदार साबित हो सकते हैं। साफ-सफाई, पर्याप्त दूरी और मजबूत इम्यूनिटी से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या फ्लू का टीका लगवाना उपयोगी होता है?

जवाब- हां, यह फ्लू होने के खतरे को कम करता है। अगर संक्रमण हो भी जाए तो बीमारी को गंभीर होने से रोकता है।

सवाल- अगर किसी को फ्लू हो जाए तो क्या करना चाहिए?

जवाब- फ्लू होने पर शरीर को आराम देना बेहद जरूरी है। सही देखभाल और समय पर सावधानी रखने से रिकवरी तेज होती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- फ्लू आमतौर पर कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

जवाब- ज्यादातर मामलों में फ्लू के लक्षण 5-7 दिनों में कम हो सकते हैं। इसके बावजूद थकान और कमजोरी कई दिनों तक बनी रह सकती है। पूरी तरह रिकवरी में 10-15 दिन तक का समय लग सकता है।

सवाल- अगर फ्लू का सही समय पर इलाज न किया जाए तो क्या समस्याएं हो सकती हैं?

जवाब- इलाज में देरी होने पर फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। जैसेकि-

  • तेज बुखार लंबे समय तक बना रह सकता है।
  • शरीर में कमजोरी बढ़ सकती है।
  • कुछ मामलों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत या ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों (जैसे डायबिटिक या अस्थमेटिक लोग) में स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है।
  • इसलिए लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है?

जवाब- कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। जैसेकि-

  • अगर बुखार 102°F से ज्यादा हो और दो दिन से अधिक समय तक बना रहे।
  • सांस लेने में परेशानी हो।
  • तेज सिरदर्द हो या सीने में दर्द महसूस हो।
  • भूख न लगे।
  • लगातार उल्टी हो।
  • बहुत ज्यादा कमजोरी या भ्रम की स्थिति हो।
  • बच्चे, बुजुर्ग, पहले से बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिला में फ्लू के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

………………..

जरूरत की ये खबर भी पढ़िए

जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट: जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी

मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
शकरकंद चाट रेसिपी: क्या आप खाना बनाना चाहते हैं? वर्गीकरण करें शकरकन्द की चटपटी चाट, नहीं वर्गीकरण वजन; बनाना भी है मिनट का काम

March 11, 2026/
5:25 pm

11 मार्च 2026 को 17:25 IST पर अपडेट किया गया वजन घटाने वाली स्नैक रेसिपी: अगर आप कुछ स्वादिष्ट खाना...

US President Donald Trump (left) and Chinese President Xi Jinping. (File)

May 13, 2026/
5:42 pm

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 17:42 IST निर्णय को रद्द करने का निर्णय वेट्रिवेल को मुख्यमंत्री विभाग में ओएसडी के रूप...

Bangladesh Vs Pakistan 1st Test Day 2 Live (AFP)

May 9, 2026/
1:16 pm

आखरी अपडेट:09 मई, 2026, 13:16 IST यह अपडेट उस दिन आया है जब बनर्जी के पूर्व विश्वासपात्र सुवेंदु अधिकारी ने...

RPSC Deputy Commandant Exam | Document Verification Low Turnout

April 21, 2026/
8:15 pm

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से डिप्टी कमांडेंट एग्जाम में शामिल कैंडिडेट्स को डॉक्युमेंट्स वैरीफकेशन के लिए बुलाया...

असम बीजेपी की पहली लिस्ट में 88 नाम, प्रद्युत बोरदोलोई को मिला इनाम, सीएम हिमंत इस सीट से लड़ेंगे

March 19, 2026/
12:07 pm

असम में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने बेरोजगारी की पहली और पूरी सूची...

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-513 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

March 31, 2026/
2:54 pm

आखरी अपडेट:मार्च 31, 2026, 14:54 IST केरल में कांग्रेस की बहुध्रुवीय प्रकृति को देखते हुए, बड़ा सवाल यह है कि...

KKR vs DC Live Score: Follow match updates, commentary and scorecard from Kolkata. (Picture Credit: X/@IPL)

May 24, 2026/
6:05 pm

आखरी अपडेट:24 मई, 2026, 18:05 IST ममता बनर्जी की यह टिप्पणी भाजपा के देबांगशु पांडे द्वारा फाल्टा में 1 लाख...

इंदौर में युवक ने लगाई फांसी:दुकान से घर पहुंचा, फिर फंदे पर झूल गया, छोटे भाई ने परिवार को बताया

April 5, 2026/
12:16 pm

इंदौर के निरंजनपुर में रहने वाले एक युवक ने फांसी लगा ली। वह रात में किराना दुकान से अपने घर...

राजनीति

Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process

Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process
  • Hindi News
  • Lifestyle
  • Flu Virus Symptoms; Cold Cough Transmission Process | Treatment & Precautions

3 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

  • कॉपी लिंक

फर्ज करिए, आप ऑफिस में हैं। आपके पास बैठे किसी साथी को लगातार छींक आ रही है। कुछ समय बाद आपको भी गले में खराश, सिरदर्द और बुखार महसूस होने लगता है।

इसका कारण इन्फ्लुएंजा यानी फ्लू वायरस हो सकता है, जो हवा के जरिए तेजी से फैलता है। बंद और कम हवादार जगहों में यह खतरा और ज्यादा बढ़ जाता है। ऐसा इसलिए क्योंकि बंद कमरे में वायरस लंबे समय तक हवा में तैरते रहते हैं और सक्रिय बने रहते हैं।

भारत में हर साल मौसम बदलने के दौरान फ्लू के मामले तेजी से बढ़ते हैं। आमतौर पर यह एक हल्का संक्रमण है। लेकिन लापरवाही बरतने पर गंभीर रूप भी ले सकता है। हालांकि सही जानकारी, समय पर इलाज और कुछ सावधानियां अपनाकर फ्लू से बचा जा सकता है।

तो चलिए, आज जरूरत की खबर में हम फ्लू के बारे में विस्तार से बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • सर्दी-जुकाम-खांसी का वायरस हवा में कैसे ट्रैवल करता है?
  • फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

एक्सपर्ट: डॉ. अंकित बंसल, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन एंड इनफेक्शियस डिजीज, श्री बालाजी एक्शन मेडिकल इंस्टीट्यूट, दिल्ली

सवाल- अगर हमारे आसपास कोई छींके या खांसे तो अगले दिन हमें भी सर्दी-जुकाम हो जाता है? ऐसा क्यों?

जवाब- एक-दूसरे से संपर्क ही इसका मुख्य कारण है। इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए-

  • जब कोई व्यक्ति छींकता या खांसता है, तो उसके मुंह और नाक से निकले वायरस हवा में फैल जाते हैं।
  • अगर हम उसी एनवायर्नमेंट में सांस लेते हैं या संक्रमित सतह को छूकर आंख, नाक या मुंह को छू लेते हैं, तो वायरस हमारे शरीर में प्रवेश कर सकता है।
  • सर्दी-जुकाम के वायरस बहुत तेजी से फैलते हैं और इनका इन्क्यूबेशन पीरियड (लक्षण उभरने का समय) आमतौर पर 1–3 दिन होता है।
  • इसलिए अक्सर अगले दिन या कुछ ही दिनों में गले में खराश, नाक बहना या छींक जैसे लक्षण दिखाई देने लगते हैं।

सवाल- सर्दी-जुकाम-खांसी का वायरस हवा में कैसे ट्रैवल करता है?

जवाब- जब कोई व्यक्ति खांसता, छींकता या बोलता है, तो उसके मुंह और नाक से बहुत छोटी-छोटी बूंदें (ड्रॉपलेट्स) और सूक्ष्म कण (एरोसोल) हवा में निकलते हैं।

इन वाटर ड्रॉपलेट्स में वायरस मौजूद होता है। हैवी ड्रॉपलेट्स कुछ ही सेकेंड में सतह पर गिर जाती हैं। लेकिन हल्के एरोसोल हवा में कुछ समय तक मौजूद रहते हैं।

अगर दूसरा व्यक्ति उसी हवा में सांस लेता है तो वायरस रेस्पिरेटरी सिस्टम में पहुंचकर संक्रमण पैदा कर सकता है। यही वजह है कि भीड़भाड़ और बंद जगहों में संक्रमण तेजी से फैलता है।

सवाल- क्या फ्लू वायरस इंफेक्टेड सतह को छूने से भी फ्लू हो सकता है?

जवाब- हां, फ्लू वायरस कई घंटों तक दरवाजे के हैंडल, मोबाइल, टेबल या कीबोर्ड जैसी सतहों पर सक्रिय रह सकता है। संक्रमित सतह छूने के बाद बिना हाथ धोए आंख, नाक या मुंह को छूते हैं, तो वायरस शरीर में प्रवेश कर सकता है।

सवाल- इसके अलावा और किन-किन तरीकों से फ्लू फैल सकता है?

जवाब- फ्लू सिर्फ हवा या छूने से ही नहीं, बल्कि हमारी रोजमर्रा की कुछ आदतों के जरिए भी फैल सकता है। अक्सर हम इन आदतों पर ध्यान नहीं देते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या किसी फ्लू इन्फेक्टेड व्यक्ति के संपर्क में आने पर 100% फ्लू होता ही है?

जवाब- नहीं, ऐसा जरूरी नहीं है। संक्रमण का जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि-

  • आपकी इम्यूनिटी कैसी है?
  • आपने फ्लू वैक्सीन ली है या नहीं?
  • संपर्क कैसा और कितनी देर था?
  • क्या आपने मास्क पहनने या हाथों की साफ-सफाई जैसे सेफ्टी मेजर्स अपनाए थे?

मजबूत इम्यूनिटी और सावधानियां संक्रमण के खतरे को काफी हद तक कम कर सकती हैं।

सवाल- क्या ऐसा भी हो सकता है कि किसी को फ्लू हो, लेकिन उसका कोई लक्षण न दिख रहा हो जैसेकि छींक, खांसी, नाक बहना आदि?

जवाब- हां, ऐसा संभव है। कई बार व्यक्ति के शरीर में फ्लू वायरस मौजूद होता है, लेकिन कोई स्पष्ट लक्षण नजर नहीं आते हैं। इस दौरान वह स्वस्थ महसूस कर सकता है, फिर भी दूसरों में संक्रमण फैला सकता है।

सवाल- फ्लू से बचाव के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- फ्लू से बचाव के लिए रोजमर्रा की आदतों में थोड़े से बदलाव बहुत असरदार साबित हो सकते हैं। साफ-सफाई, पर्याप्त दूरी और मजबूत इम्यूनिटी से इसके खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- क्या फ्लू का टीका लगवाना उपयोगी होता है?

जवाब- हां, यह फ्लू होने के खतरे को कम करता है। अगर संक्रमण हो भी जाए तो बीमारी को गंभीर होने से रोकता है।

सवाल- अगर किसी को फ्लू हो जाए तो क्या करना चाहिए?

जवाब- फ्लू होने पर शरीर को आराम देना बेहद जरूरी है। सही देखभाल और समय पर सावधानी रखने से रिकवरी तेज होती है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- फ्लू आमतौर पर कितने दिनों में ठीक हो जाता है?

जवाब- ज्यादातर मामलों में फ्लू के लक्षण 5-7 दिनों में कम हो सकते हैं। इसके बावजूद थकान और कमजोरी कई दिनों तक बनी रह सकती है। पूरी तरह रिकवरी में 10-15 दिन तक का समय लग सकता है।

सवाल- अगर फ्लू का सही समय पर इलाज न किया जाए तो क्या समस्याएं हो सकती हैं?

जवाब- इलाज में देरी होने पर फ्लू गंभीर रूप ले सकता है। जैसेकि-

  • तेज बुखार लंबे समय तक बना रह सकता है।
  • शरीर में कमजोरी बढ़ सकती है।
  • कुछ मामलों में संक्रमण फेफड़ों तक पहुंचकर निमोनिया, सांस लेने में दिक्कत या ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं पैदा कर सकता है।
  • बुजुर्गों, बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से बीमार लोगों (जैसे डायबिटिक या अस्थमेटिक लोग) में स्थिति ज्यादा गंभीर हो सकती है।
  • इसलिए लक्षण बढ़ने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

सवाल- किस स्थिति में डॉक्टर को दिखाना जरूरी होता है?

जवाब- कुछ स्थितियों में डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है। जैसेकि-

  • अगर बुखार 102°F से ज्यादा हो और दो दिन से अधिक समय तक बना रहे।
  • सांस लेने में परेशानी हो।
  • तेज सिरदर्द हो या सीने में दर्द महसूस हो।
  • भूख न लगे।
  • लगातार उल्टी हो।
  • बहुत ज्यादा कमजोरी या भ्रम की स्थिति हो।
  • बच्चे, बुजुर्ग, पहले से बीमार व्यक्ति और गर्भवती महिला में फ्लू के लक्षण दिखें तो तुरंत डॉक्टर को दिखाना जरूरी है।

………………..

जरूरत की ये खबर भी पढ़िए

जरूरत की खबर- आपका मोटापा फैट है या वाटर वेट: जानें ये क्या होता है, शरीर पानी क्यों स्टोर करता है, डॉक्टर को दिखाना कब जरूरी

मनुष्य के शरीर में लगभग 60% हिस्सा पानी होता है। यह शरीर के हर फंक्शन में अहम भूमिका निभाता है। लेकिन क्या होगा अगर शरीर जरूरत से ज्यादा पानी स्टोर करने लगे? पूरी खबर पढ़िए…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

जॉब - शिक्षा

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.