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Menstrual Blood Color; Periods Black Blood Reason And Warning Signs

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  • Menstrual Blood Color; Periods Black Blood Reason And Warning Signs | Hormone

1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी

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आमतौर पर पीरियड ब्लड लाल या गहरे लाल रंग का होता है। लेकिन कई बार यह काले या भूरे रंग का भी दिख सकता है। पीरियड ब्लड का कलर सामान्य से अलग दिखने पर मन में सवाल उठना लाजिमी है। क्या पीरियड ब्लड का ब्लैक होना सामान्य है या यह किसी हेल्थ कंडीशन का संकेत है?

असल में ‘पीरियड ब्लड’ का रंग शरीर के अंदर की कुछ प्रक्रियाओं, हॉर्मोन्स और फ्लो पर निर्भर करता है। यह कई बार सामान्य होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में किसी गंभीर हेल्थ कंडीशन का संकेत भी हो सकता है।

इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज पीरियड ब्लड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • पीरियड ब्लड काला होने का क्या मतलब है?
  • किस स्थिति में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है?

सवाल- अमूमन पीरियड ब्लड रेड या डार्क रेड होता है। लेकिन अगर इसका कलर ब्लैक दिखे तो इसका क्या मतलब है?

जवाब- पीरियड ब्लड का ब्लैक कलर आमतौर पर ‘ऑक्सीडाइज्ड ब्लड’ का संकेत होता है। यानी ब्लड गर्भाशय या वजाइना में ज्यादा समय तक रुकने और हवा के संपर्क में आने से काला हो गया है।

रंग में ऐसा बदलाव आमतौर पर पीरियड्स के शुरुआती और अंतिम दिनों में अधिक दिखता है। अगर इसका रंग लगातार काला बना रहे या अन्य लक्षण भी दिखें तो डॉक्टर सेे कंसल्ट करना जरूरी है।

सवाल- पीरियड ब्लड का कलर काला कब दिखता है?

जवाब- आमतौर पर पीरियड ब्लड लाल होता है, कुछ कंडीशंस में यह काला हो सकता है-

  • अगर पीरियड्समें ब्लड फ्लो धीमा हो।
  • अगर कम फ्लो के कारण ब्लड यूटेरस में ज्यादा समय तक रुका रहे।
  • अगर शरीर में हॉर्मोनल इंबैलेंस हो।
  • अगर मेंस्ट्रुअल साइकिल में देरी हो।

सवाल- क्या पीरियड ब्लड का कलर ब्लैक होना नॉर्मल है या किसी खतरे का संकेत?

जवाब- एक-दो दिन ब्लैक ब्लड दिखना सामान्य है। लेकिन अगर मेंस्ट्रुअल साइकिल में नीचे दिए संकेत भी दिख रहे हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है-

अगर लगातार ब्लैक ब्लीडिंग हो रही है।

अगर पीरियड ब्लड से अजीब स्मेल आ रही है।

अगर पीरियड्स के दौरान असामान्य दर्द हो रहा है।

अगर असामान्य डिस्चार्ज हो रहा है।

ये सभी लक्षण इन्फेक्शन, ब्लॉकेज या एंडोमेट्रियल समस्याओं (यूटेरस की अंदरूनी लेयर में बदलाव) का संकेत हो सकते है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सवाल- किन कारणों से पीरियड ब्लड काला हो सकता है?

जवाब- कुछ मामलों में यह सामान्य होता है, लेकिन कभी-कभी कुछ हेल्थ कंडीशन के कारण भी पीरियड ब्लड ब्लैक हो सकता है। सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- ब्लड में काले रंग के साथ क्लॉट्स हों तो इसका क्या मतलब है?

जवाब- ब्लैक कलर के साथ क्लॉट्स का मतलब है कि ब्लड लंबे समय तक यूटेरस में रुका रहा और बाद में क्लॉट के रूप में बाहर आया। यह इन कंडीशंस में सामान्य हो सकता है-

  • हैवी फ्लो होने पर।
  • अनियमित पीरियड में।

अगर क्लॉट्स की समस्या लगातार बनी हुई है तो यह कुछ हेल्थ कंडीशन का संकेत हो सकती है। जैसेकि-

  • फाइब्रॉइड्स (यूटेरस में नॉन कैंसरस गांठें)।
  • हॉर्मोनल डिसऑर्डर।
  • एंडोमेट्रियल असामान्यता।

अगर क्लॉट्स के साथ दर्द, कमजोरी या हैवी ब्लीडिंग हो तो गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है।

सवाल- ब्लैक पीरियड ब्लड किन इन्फेक्शन या बीमारियों का संकेत हो सकता है?

जवाब- लगातार ब्लैक ब्लड इन बीमारियों का संकेत हो सकता है-

  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID)
  • सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज ( जैसे क्लैमाइडिया और गोनोरिया)
  • वजाइनल इन्फेक्शन

अगर काले रंग के साथ बैड स्मेल, पेल्विक पेन (पेट के निचले हिस्से में दर्द) और अनयूजुअल डिस्चार्ज भी दिखे तो यह एंडोमेट्राइटिस (यूटेरस की अंदरूनी लेयर में इंफ्लेमेशन या संक्रमण) का संकेत हो सकता है।

सवाल- क्या PCOS या हॉर्मोनल इंबैलेंस के कारण पीरियड ब्लड काला हो सकता है?

जवाब- हां, PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) और हॉर्मोनल इंबैलेंस होने पर ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है, जिससे मेंस्ट्रुअल साइकल लंबा हो सकता है।

ऐसे मामलों में फ्लो और साइकिल इर्रेगुलर हो सकते हैं। साथ ही हैवी क्लॉटिंग भी हो सकती है। इसलिए PCOS या हॉर्मोनल इंबैलेंस होने पर पीरयड ब्लड ब्लैक हो जाता है।

सवाल- क्या मिसकैरेज या अधूरे मिसकैरेज के कारण भी पीरियड ब्लड काला हो सकता है?

जवाब- हां, शुरुआती या अधूरे मिसकैरेज में यूटेरस से क्लॉट के साथ रुका हुआ ब्लड भी निकलता है। इससे ब्लड काला दिख सकता है। इसमें अक्सर सीवियर क्रैम्प्स, हैवी ब्लीडिंग, टिश्यू जैसे क्लॉट्स और कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखते हैं।

अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है और ऐसा कोई भी लक्षण दिखे तो यह एक महत्वपूर्ण क्लिनिकल संकेत है, जिसमें गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है।

सवाल- पीरियड ब्लड के अलग-अलग रंग हमारे शरीर की सेहत के बारे में क्या बताते हैं?

जवाब- महिलाओं में ब्राइट रेड पीरियड ब्लड हेल्दी फ्लो का संकेत है। डार्क रेड या ब्राउन कलर इस बात का इशारा है कि यूटेरस में ब्लड रुका हुआ था। पीरियड ब्लड के अलग-अलग कलर हॉर्मोनल हेल्थ, इन्फेक्शन से लेकर यूटेरस की कंडीशन तक कई महत्वपूर्ण क्लिनिकल संकेत देते हैं। कौन सा रंग क्या बताता है, समझिए-

ब्राइट रेड: इसका मतलब है कि आपकी ‘प्रोडक्टिव एंडोमेट्रियम शेडिंग’ (गर्भाशय की सफाई) सही तरीके से हो रही है। लेकिन अगर हैवी फ्लो हो और साथ में चक्कर या कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।

डार्क रेड: इसका मतलब है कि सब ठीक है, लेकिन ब्लड कुछ देर यूटेरस में रुका हुआ था। अक्सर पीरियड की शुरुआत में या आखिरी दिनों में ऐसा रंग दिखता है।

ब्राउन: इसका मतलब है कि ब्लड ऑक्सीजन के संपर्क में आने से ‘ऑक्सीडाइज’ हो गया है। जब पीरियड का फ्लो धीमा होता है या साइकिल में देरी होती है, तब ऐसा रंग दिखता है। यह सामान्य है, लेकिन अगर इसके साथ बैड स्मेल, हैवी क्लॉटिंग या पेट में असामान्य दर्द हो, तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।

ब्लैक: काला रंग देखकर घबराएं नहीं, ब्लड लंबे समय तक यूटेरस में रुकने के कारण ऐसा होता है। पीरियड के शुरू या अंत में यह सामान्य है। लेकिन, अगर लगातार काला रंग दिखे और साथ में हैवी क्रैंप्स हो, बैड स्मेल के साथ डिस्चार्ज हो तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

पिंक: गुलाबी या पानी जैसा पतला ब्लड लो-एस्ट्रोजन लेवल का संकेत हो सकता है। कई बार ओव्यूलेशन के दौरान होने वाली ‘स्पॉटिंग’ भी ऐसी दिखती है। अगर ऐसा लगातार हो रहा है, तो यह शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन या पोषण की कमी का संकेत है।

ऑरेंज: जब पीरियड ब्लड यूटेरस के सर्वाइकल फ्लूइड के साथ मिल जाता है, तो रंग ऑरेंज लगता है। यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन या ‘इंफ्लेमेटरी डिस्चार्ज’ का संकेत हो सकता है। अगर इसके साथ खुजली हो या बैड स्मेल आए तो इसे इग्नोर न करें और तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें।

ग्रे: यह आमतौर पर ‘बैक्टीरियल वैजिनोसिस’ जैसे गंभीर इन्फेक्शन के कारण होता है। इसमें अक्सर मछली जैसी स्मेल आती है। ऐसी कंडीशन में तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें।

क्लॉट्स के साथ डार्क/ब्लैक: छोटे क्लॉट्स सामान्य हैं, लेकिन अगर क्लॉट्स बड़े हैं और ब्लीडिंग बहुत हैवी है तो यह फाइब्रॉइड्स या हॉर्मोनल डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सवाल- क्या पीरियड में ब्लड कलर का फर्टिलिटी हेल्थ से कोई रिलेशन है?

जवाब- ब्लड का कलर सीधे फर्टिलिटी के बारे में नहीं बताता, लेकिन हॉर्मोनल बैलेंस और एंडोमेट्रियल हेल्थ के संकेत देता है। इनसे फर्टिलिटी प्रभावित हो सकती है।

सवाल- पीरियड ब्लड के किन संकेतों पर डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए?

जवाब- पीरियड ब्लड के इन संकेतों पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें-

  • ब्लड लगातार काला है।
  • बैड स्मेल आ रही है।
  • बार-बार हैवी क्लॉट्स बन रहे हैं।
  • फ्लो बहुत ज्यादा या बहुत कम है।
  • ब्लड के साथ ग्रे/ऑरेंज कलर का डिस्चार्ज हो रहा है।
  • साइकिल अचानक अनियमित हो गया है।

……………… ये खबर भी पढ़िए फिजिकल हेल्थ- सलमान के पिता को हुआ ब्रेन हेमरेज: न्यूरोलॉजिस्ट से जानें क्या है ये मेडिकल कंडीशन, शुरुआती संकेत, किसे ज्यादा रिस्क

ब्रेन हेमरेज का मतलब ‘ब्रेन की नस का फटना है।’ नस फटने पर ब्रेन के अंदर खून जमा होने लगता है, जिससे बने दबाव के कारण ब्रेन के सभी हिस्सों तक पर्याप्त ऑक्सीजन नहीं पहुंच पाती। यह जानलेवा मेडिकल इमरजेंसी है। आगे पढ़िए…

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आमतौर पर पीरियड ब्लड लाल या गहरे लाल रंग का होता है। लेकिन कई बार यह काले या भूरे रंग का भी दिख सकता है। पीरियड ब्लड का कलर सामान्य से अलग दिखने पर मन में सवाल उठना लाजिमी है। क्या पीरियड ब्लड का ब्लैक होना सामान्य है या यह किसी हेल्थ कंडीशन का संकेत है?

असल में ‘पीरियड ब्लड’ का रंग शरीर के अंदर की कुछ प्रक्रियाओं, हॉर्मोन्स और फ्लो पर निर्भर करता है। यह कई बार सामान्य होता है, लेकिन कुछ स्थितियों में किसी गंभीर हेल्थ कंडीशन का संकेत भी हो सकता है।

इसलिए ‘फिजिकल हेल्थ’ में आज पीरियड ब्लड की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • पीरियड ब्लड काला होने का क्या मतलब है?
  • किस स्थिति में डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है?

सवाल- अमूमन पीरियड ब्लड रेड या डार्क रेड होता है। लेकिन अगर इसका कलर ब्लैक दिखे तो इसका क्या मतलब है?

जवाब- पीरियड ब्लड का ब्लैक कलर आमतौर पर ‘ऑक्सीडाइज्ड ब्लड’ का संकेत होता है। यानी ब्लड गर्भाशय या वजाइना में ज्यादा समय तक रुकने और हवा के संपर्क में आने से काला हो गया है।

रंग में ऐसा बदलाव आमतौर पर पीरियड्स के शुरुआती और अंतिम दिनों में अधिक दिखता है। अगर इसका रंग लगातार काला बना रहे या अन्य लक्षण भी दिखें तो डॉक्टर सेे कंसल्ट करना जरूरी है।

सवाल- पीरियड ब्लड का कलर काला कब दिखता है?

जवाब- आमतौर पर पीरियड ब्लड लाल होता है, कुछ कंडीशंस में यह काला हो सकता है-

  • अगर पीरियड्समें ब्लड फ्लो धीमा हो।
  • अगर कम फ्लो के कारण ब्लड यूटेरस में ज्यादा समय तक रुका रहे।
  • अगर शरीर में हॉर्मोनल इंबैलेंस हो।
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सवाल- क्या पीरियड ब्लड का कलर ब्लैक होना नॉर्मल है या किसी खतरे का संकेत?

जवाब- एक-दो दिन ब्लैक ब्लड दिखना सामान्य है। लेकिन अगर मेंस्ट्रुअल साइकिल में नीचे दिए संकेत भी दिख रहे हैं तो डॉक्टर से कंसल्ट करना जरूरी है-

अगर लगातार ब्लैक ब्लीडिंग हो रही है।

अगर पीरियड ब्लड से अजीब स्मेल आ रही है।

अगर पीरियड्स के दौरान असामान्य दर्द हो रहा है।

अगर असामान्य डिस्चार्ज हो रहा है।

ये सभी लक्षण इन्फेक्शन, ब्लॉकेज या एंडोमेट्रियल समस्याओं (यूटेरस की अंदरूनी लेयर में बदलाव) का संकेत हो सकते है। इसलिए इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

सवाल- किन कारणों से पीरियड ब्लड काला हो सकता है?

जवाब- कुछ मामलों में यह सामान्य होता है, लेकिन कभी-कभी कुछ हेल्थ कंडीशन के कारण भी पीरियड ब्लड ब्लैक हो सकता है। सभी कारण ग्राफिक में देखिए-

सवाल- ब्लड में काले रंग के साथ क्लॉट्स हों तो इसका क्या मतलब है?

जवाब- ब्लैक कलर के साथ क्लॉट्स का मतलब है कि ब्लड लंबे समय तक यूटेरस में रुका रहा और बाद में क्लॉट के रूप में बाहर आया। यह इन कंडीशंस में सामान्य हो सकता है-

  • हैवी फ्लो होने पर।
  • अनियमित पीरियड में।

अगर क्लॉट्स की समस्या लगातार बनी हुई है तो यह कुछ हेल्थ कंडीशन का संकेत हो सकती है। जैसेकि-

  • फाइब्रॉइड्स (यूटेरस में नॉन कैंसरस गांठें)।
  • हॉर्मोनल डिसऑर्डर।
  • एंडोमेट्रियल असामान्यता।

अगर क्लॉट्स के साथ दर्द, कमजोरी या हैवी ब्लीडिंग हो तो गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है।

सवाल- ब्लैक पीरियड ब्लड किन इन्फेक्शन या बीमारियों का संकेत हो सकता है?

जवाब- लगातार ब्लैक ब्लड इन बीमारियों का संकेत हो सकता है-

  • पेल्विक इंफ्लेमेटरी डिजीज (PID)
  • सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज ( जैसे क्लैमाइडिया और गोनोरिया)
  • वजाइनल इन्फेक्शन

अगर काले रंग के साथ बैड स्मेल, पेल्विक पेन (पेट के निचले हिस्से में दर्द) और अनयूजुअल डिस्चार्ज भी दिखे तो यह एंडोमेट्राइटिस (यूटेरस की अंदरूनी लेयर में इंफ्लेमेशन या संक्रमण) का संकेत हो सकता है।

सवाल- क्या PCOS या हॉर्मोनल इंबैलेंस के कारण पीरियड ब्लड काला हो सकता है?

जवाब- हां, PCOS (पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम) और हॉर्मोनल इंबैलेंस होने पर ओव्यूलेशन अनियमित हो जाता है, जिससे मेंस्ट्रुअल साइकल लंबा हो सकता है।

ऐसे मामलों में फ्लो और साइकिल इर्रेगुलर हो सकते हैं। साथ ही हैवी क्लॉटिंग भी हो सकती है। इसलिए PCOS या हॉर्मोनल इंबैलेंस होने पर पीरयड ब्लड ब्लैक हो जाता है।

सवाल- क्या मिसकैरेज या अधूरे मिसकैरेज के कारण भी पीरियड ब्लड काला हो सकता है?

जवाब- हां, शुरुआती या अधूरे मिसकैरेज में यूटेरस से क्लॉट के साथ रुका हुआ ब्लड भी निकलता है। इससे ब्लड काला दिख सकता है। इसमें अक्सर सीवियर क्रैम्प्स, हैवी ब्लीडिंग, टिश्यू जैसे क्लॉट्स और कमजोरी जैसे लक्षण भी दिखते हैं।

अगर कोई महिला प्रेग्नेंट है और ऐसा कोई भी लक्षण दिखे तो यह एक महत्वपूर्ण क्लिनिकल संकेत है, जिसमें गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करना जरूरी है।

सवाल- पीरियड ब्लड के अलग-अलग रंग हमारे शरीर की सेहत के बारे में क्या बताते हैं?

जवाब- महिलाओं में ब्राइट रेड पीरियड ब्लड हेल्दी फ्लो का संकेत है। डार्क रेड या ब्राउन कलर इस बात का इशारा है कि यूटेरस में ब्लड रुका हुआ था। पीरियड ब्लड के अलग-अलग कलर हॉर्मोनल हेल्थ, इन्फेक्शन से लेकर यूटेरस की कंडीशन तक कई महत्वपूर्ण क्लिनिकल संकेत देते हैं। कौन सा रंग क्या बताता है, समझिए-

ब्राइट रेड: इसका मतलब है कि आपकी ‘प्रोडक्टिव एंडोमेट्रियम शेडिंग’ (गर्भाशय की सफाई) सही तरीके से हो रही है। लेकिन अगर हैवी फ्लो हो और साथ में चक्कर या कमजोरी महसूस हो, तो इसे नजरअंदाज न करें और तुरंत डॉक्टर से मिलें।

डार्क रेड: इसका मतलब है कि सब ठीक है, लेकिन ब्लड कुछ देर यूटेरस में रुका हुआ था। अक्सर पीरियड की शुरुआत में या आखिरी दिनों में ऐसा रंग दिखता है।

ब्राउन: इसका मतलब है कि ब्लड ऑक्सीजन के संपर्क में आने से ‘ऑक्सीडाइज’ हो गया है। जब पीरियड का फ्लो धीमा होता है या साइकिल में देरी होती है, तब ऐसा रंग दिखता है। यह सामान्य है, लेकिन अगर इसके साथ बैड स्मेल, हैवी क्लॉटिंग या पेट में असामान्य दर्द हो, तो यह इन्फेक्शन का संकेत हो सकता है।

ब्लैक: काला रंग देखकर घबराएं नहीं, ब्लड लंबे समय तक यूटेरस में रुकने के कारण ऐसा होता है। पीरियड के शुरू या अंत में यह सामान्य है। लेकिन, अगर लगातार काला रंग दिखे और साथ में हैवी क्रैंप्स हो, बैड स्मेल के साथ डिस्चार्ज हो तो यह किसी गंभीर समस्या का संकेत हो सकता है।

पिंक: गुलाबी या पानी जैसा पतला ब्लड लो-एस्ट्रोजन लेवल का संकेत हो सकता है। कई बार ओव्यूलेशन के दौरान होने वाली ‘स्पॉटिंग’ भी ऐसी दिखती है। अगर ऐसा लगातार हो रहा है, तो यह शरीर में हॉर्मोनल असंतुलन या पोषण की कमी का संकेत है।

ऑरेंज: जब पीरियड ब्लड यूटेरस के सर्वाइकल फ्लूइड के साथ मिल जाता है, तो रंग ऑरेंज लगता है। यह बैक्टीरियल इन्फेक्शन या ‘इंफ्लेमेटरी डिस्चार्ज’ का संकेत हो सकता है। अगर इसके साथ खुजली हो या बैड स्मेल आए तो इसे इग्नोर न करें और तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें।

ग्रे: यह आमतौर पर ‘बैक्टीरियल वैजिनोसिस’ जैसे गंभीर इन्फेक्शन के कारण होता है। इसमें अक्सर मछली जैसी स्मेल आती है। ऐसी कंडीशन में तुरंत गायनेकोलॉजिस्ट से कंसल्ट करें।

क्लॉट्स के साथ डार्क/ब्लैक: छोटे क्लॉट्स सामान्य हैं, लेकिन अगर क्लॉट्स बड़े हैं और ब्लीडिंग बहुत हैवी है तो यह फाइब्रॉइड्स या हॉर्मोनल डिसऑर्डर का संकेत हो सकता है। ऐसे में तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें।

सवाल- क्या पीरियड में ब्लड कलर का फर्टिलिटी हेल्थ से कोई रिलेशन है?

जवाब- ब्लड का कलर सीधे फर्टिलिटी के बारे में नहीं बताता, लेकिन हॉर्मोनल बैलेंस और एंडोमेट्रियल हेल्थ के संकेत देता है। इनसे फर्टिलिटी प्रभावित हो सकती है।

सवाल- पीरियड ब्लड के किन संकेतों पर डॉक्टर से कंसल्ट करना चाहिए?

जवाब- पीरियड ब्लड के इन संकेतों पर तुरंत डॉक्टर से कंसल्ट करें-

  • ब्लड लगातार काला है।
  • बैड स्मेल आ रही है।
  • बार-बार हैवी क्लॉट्स बन रहे हैं।
  • फ्लो बहुत ज्यादा या बहुत कम है।
  • ब्लड के साथ ग्रे/ऑरेंज कलर का डिस्चार्ज हो रहा है।
  • साइकिल अचानक अनियमित हो गया है।

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