Monday, 06 Apr 2026 | 12:49 PM

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Arunachal Pradesh Racial Abuse Video Case; Ruby Jain Delhi Police

Arunachal Pradesh Racial Abuse Video Case; Ruby Jain Delhi Police

Hindi News National Arunachal Pradesh Racial Abuse Video Case; Ruby Jain Delhi Police | Kiren Rijiju नई दिल्ली34 मिनट पहले कॉपी लिंक आरोपी महिला रूबी जैन को दिल्ली पुलिस ने बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। पति हर्ष जैन ने ANI से बात की। अरुणाचल की 3 महिलाओं पर नस्लीय टिप्पणी करने के मामले में दिल्ली पुलिस ने आरोपी महिला रूबी जैन को बुधवार को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी महिला को SCST Act के तहत गिरफ्तार किया गया है। इससे पहले मंगलवार को मुख्य आरोपी हर्ष सिंह ने न्यूज एजेंसी ANI से कहा कि हम निश्चित रूप से शर्मिंदा हैं। मैं ऐसा इंसान नहीं हूं, ये सब कुछ हीट ऑफ द मूमेंट में हो गया। हर्ष ने कहा कि मामले में हम दिल्ली पुलिस का पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि उनका ऑफिस पहले दिन से ही पीड़ितों और दिल्ली पुलिस के लगातार संपर्क में है। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना 20 जनवरी की है, आरोपी महिला की पहचान रूबी जैन के रूप में हुई थी। वायरल वीडियो में वह महिलाओं को धमकी देती दिख रही है। रिजिजू बोले- नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ गलत व्यवहार का मामला गंभीरता से लेते हैं रिजिजू ने कहा कि मामले में गिरफ्तारियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में नॉर्थईस्ट के लोगों के खिलाफ किसी भी तरह के दुर्व्यवहार को अधिकारी गंभीरता से लेते हैं। अगर दिल्ली में नॉर्थईस्ट के किसी भी व्यक्ति के साथ कोई घटना होती है, तो हम तुरंत कार्रवाई करते हैं। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि मैं खुद फॉलो-अप कर रहा हूं। हम सख्त कानूनी कार्रवाई करेंगे और सबक सिखाएंगे कि नॉर्थईस्ट के लोगों के साथ बुरा बर्ताव नहीं होना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि नॉर्थईस्ट के बच्चों को पहले टॉर्चर किया जाता था। वे उन्हें पीटते थे और फेंक देते थे, और कोई उनसे सवाल नहीं करता था, और पुलिस कोई कार्रवाई नहीं करती थी। अब समझिए पूरा मामला क्या है दरअसल अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाएं दिल्ली के मालवीय नगर में किराए पर रहती हैं। इनका फ्लैट चौथी मंजिल पर है। 20 फरवरी को महिलाओं ने दोपहर करीब 3.30 बजे अपने फ्लैट में एयर कंडीशनर लगवाने के लिए एक इलेक्ट्रीशियन को बुलाया था। इस दौरान बाहरी दीवार पर ड्रिलिंग करते समय धूल और मलबा नीचे फर्स्ट फ्लोर में रहने वाले हर्ष सिंह और उनकी पत्नी रूबी की बालकनी में गिर गया। मलबा गिरने को लेकर शुरू हुई बहस जल्द ही बिगड़ गई। महिलाओं ने आरोप लगाया कि कपल ने गालियां दीं और उन्हें और नॉर्थईस्ट समुदाय को टारगेट करते हुए अपमानजनक और नस्लीय टिप्पणियां कीं। इस घटना का एक कथित वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में, आरोपी महिला पीड़ित से कहती है कि वह 500 रुपए में मसाज पार्लर में काम करने वाली धंधेवाली है। जब झगड़ा हो रहा था, तब एक पुलिस ऑफिसर मौके पर मौजूद था। वीडियो में, पुलिसवाला बीच-बचाव करते और हालात को शांत करने की कोशिश करते हुए भी दिख रहा है। इस बीच आरोपी हर्ष सिंह महिलाओं से गाली-गलौज करने लगा। तब पीड़ित ने कहा कि इस बुड्ढे को समझा लो। इस पर पत्नी कहती है कि जिस आदमी से वह बात कर रही है वह एक “बड़े पॉलिटिशियन” का बेटा है। तुम उसको बुड्ढा कैसे कह सकती हो। फिर आरोपी महिला कहती है कि तुम (पीड़ित) उसके साथ क्यों नहीं सोती? मेरे बेडरूम में जाओ। तुम्हें पता चल जाएगा कि वह कितने साल का है।” बहस के दौरान आरोपी महिला पीड़ित के पास पहुंच गई। इस दौरान पीड़त जोर से चिल्लाने लगी। मामले पर किसने क्या कहा… अरुणाचल प्रदेश CM पेमा खांडू: हमारी तीन जवान बहनों के साथ हुई नस्लभेदी गाली-गलौज की शर्मनाक घटना की कड़ी निंदा करता हूं। ऐसा व्यवहार बिल्कुल मंज़ूर नहीं है और हमारे समाज में इसकी कोई जगह नहीं है। मैंने दिल्ली पुलिस के कमिश्नर ऑफ़ पुलिस से बात की और जल्दी और सख्त कार्रवाई की मांग की। मेघालय CM कॉनराड के संगमा: अरुणाचल प्रदेश की तीन महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और आपराधिक धमकी मंज़ूर नहीं है, भारत जैसे विविधता वाले देश में अपमान का कोई बहाना नहीं है। कांग्रेस MP गौरव गोगोई: अरुणाचली महिलाओं के साथ नस्लभेदी दुर्व्यवहार गलत है, अधिकारी इसपर तुरंत कार्रवाई करें और शिकायत करने वालों को पूरी सुरक्षा दें। सिक्किम CM प्रेम सिंह तमांग: अरुणाचल की तीन महिलाओं के साथ नस्लीय भेदभाव की हालिया घटना निंदनीय है। ये घटना चिंताजनक और दुर्भाग्यपूर्ण है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया: इस घटना से बहुत परेशान हूं। घर के एक छोटे से मामले का भेदभाव से जुड़ी गाली-गलौज और धमकी में बदल जाना बहुत शर्मनाक है। ————– ये खबर भी पढ़ें… असम-बॉयफ्रेंड के सामने 7 लोगों ने महिला का रेप किया:₹10 हजार ट्रांसफर कराए, 2 गिरफ्तार AI Generated असम के कछार जिले के सिलचर शहर के पास एक 28 साल की महिला का उसके बॉयफ्रेंड के सामने 7 लोगों ने गैंगरेप किया। पुलिस अधिकारी ने बताया कि मामले में शिकायत 19 फरवरी को दर्ज कराई गई थी। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि रेप के बाद एक आरोपी ने महिला से 10 हजार रुपए उसके खाते में ट्रांसफर कराए। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर पैनलों और सेल पर 126% की शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि भारत अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सब्सिडी दे रहा है, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा है। भारत के अलावा लाओस और इंडोनेशिया पर भी 81% से 143% तक की लेवी लगाई गई है। शुरुआती जांच के आधार पर यह फैसला लिया गया है। जांच पर अंतिम फैसला 6 जुलाई को आएगा। यानी सब्सिडी की बात साबित हो जाती है, तो यह टैक्स स्थायी हो जाएगा। महंगे होंगे सोलर पैनल, अब अमेरिकी मार्केट में टिकना मुश्किल इस फैसले से भारतीय सोलर एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल हो सकता है। 126% ड्यूटी लगने का मतलब है कि इन पैनलों की कीमत अमेरिका में दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारतीय माल के बजाय लोकल कंपनियों या अन्य देशों से पैनल खरीदना पसंद करेंगे क्योंकि भारतीय प्रोडक्ट अब कॉम्पिटिशन से बाहर हो जाएंगे। इंडोनेशिया पर सबसे ज्यादा 143% टैक्स ट्रम्प के 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है यह ड्यूटी यह टैक्स उन 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है, जिसकी घोषणा ट्रम्प ने हाल ही में की थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रम्प के पुराने टैरिफ प्लान को रद्द कर दिया था जिसके बाद उन्होंने नए सिरे से टैरिफ लगाए थे। अब इस नए फैसले ने इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी बाजार में 57% हिस्सेदारी इन तीन देशों की चीनी प्रोडक्ट को भारत-इंडोनेशिया के जरिए भेजने का आरोप एक्सपर्ट बोले- भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता बंद सिटीग्रुप इंक के एनालिस्ट विक्रम बागरी का कहना है कि इतनी ऊंचे टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी बाजार अब भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरर्स के लिए लगभग बंद हो जाएगा। अमेरिकी कंपनियों का आरोप- सस्ते विदेशी माल से मार्केट को नुकसान अमेरिकी सोलर ग्रुप ‘अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड’ ने वाणिज्य विभाग से सब्सिडी की जांच करने की अपील की थी। ग्रुप का कहना था कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए यह जांच जरूरी है। उन्होंने अब टैरिफ के इस फैसले का स्वागत किया है। अलायंस के मुख्य वकील टिम ब्राइटबिल ने कहा कि आज का फैसला अमेरिकी सोलर मार्केट में निष्पक्ष कॉम्पिटिशन को फिर से बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने ये भीकहा कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स देश की क्षमता बढ़ाने और अच्छी नौकरियां पैदा करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। अगर गलत तरीके से आयात किए गए माल को मार्केट बिगाड़ने की अनुमति दी गई, तो यह निवेश कभी सफल नहीं हो पाएगा। सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच कर रहा है। आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस की कंपनियां अमेरिका में अपने माल को लागत से भी कम कीमत पर बेच रही हैं। ऐसा वो अमेरिकी बाजार पर कब्जे के लिए कर रही है। अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स ने इसे लेकर जुलाई में याचिका दायर की थी। आरोप लगाए थे कि चीनी कंपनियां भारत जैसे देशों के जरिए सस्ता माल अमेरिका भेज रही हैं। इन शिकायतों के बाद इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी के दावों की जांच शुरू कर दी थी। नॉलेज बॉक्स: क्या है एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी?

पन्ना पुलिस ने ठग को राजस्थान से पकड़ा:फेसबुक पर आर्मी अफसर बताकर कम दाम में कार बेचने का लालच देता था

पन्ना पुलिस ने ठग को राजस्थान से पकड़ा:फेसबुक पर आर्मी अफसर बताकर कम दाम में कार बेचने का लालच देता था

पन्ना पुलिस ने सोशल मीडिया के जरिए कम कीमत पर कार बेचने वाले को गिरफ्तार किया। लालच देकर ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने राजस्थान के डींग जिले से आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी खुद को फौजी बताकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। पुलिस ने आरोपी के पास से ठगी की गई राशि और वारदात में इस्तेमाल मोबाइल भी बरामद किया है। थाना प्रभारी गुन्नौर माधवी अग्निहोत्री ने आज बुधवार को इस मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि यह मामला सितंबर 2021 का है। अमानगंज निवासी जगदीश अहिरवार ने फेसबुक मार्केटप्लेस पर ‘मारुति सुजुकी अल्टो 800’ का एक विज्ञापन देखा था। ठग ने भुगतान कराते हुए 44,599 रुपए ठग लिए विज्ञापन में दिए गए नंबर पर संपर्क करने पर ठग ने खुद को जबलपुर में पदस्थ आर्मी जवान बताया। उसने जगदीश को भरोसे में लेकर होम डिलीवरी और अन्य शुल्कों के नाम पर अलग-अलग किस्तों में कुल 44,599 रुपए गूगल-पे और फोन-पे के जरिए अपने खाते में डलवा लिए। पैसे लेने के बाद जब कार नहीं मिली, तब फरियादी को ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने थाना अमानगंज में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने थाना प्रभारी गुनौर निरीक्षक माधवी अग्निहोत्री के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की। सायबर सेल की मदद से संदेही को ट्रैक किया पुलिस ने उन बैंक खातों की जानकारी निकाली जिनमें पैसे ट्रांसफर हुए थे। सायबर सेल की मदद से संदेही को ट्रैक किया गया। पुलिस को सटीक सूचना मिली कि आरोपी राजस्थान के अलवर की ओर जा रहा है। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर आरोपी को हिरासत में लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सलीम मोहम्मद (30) के रूप में हुई है, जो ग्राम भड़ाका, थाना गोपालगढ़ (जिला डींग, राजस्थान) का निवासी है। पुलिस ने ठगी रोकने सोशल मीडिया चेतावनी जारी की पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 44,585 रुपए नकद और एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया है। पन्ना पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि सोशल मीडिया पर किसी भी अनजान व्यक्ति को वाहन या अन्य सामान के नाम पर एडवांस पैसे न भेजें। खुद को आर्मी या पुलिस का अधिकारी बताकर ठगी करने वाले गिरोहों से सावधान रहें।

असली मावा बनाम नकली मावा: बाजार में खूब बिक रहा है उत्पाद वाला मावा, जानिए कैसे पहचानें असली और नकली मावा?

असली बनाम नकली मावा असली नकली मावा खोया खरीद के टिप्स जानिए मावा खरीदने के टिप्स

असली या नकली मावा | छवि: सोशल मीडिया मावा ख़रीदने के टिप्स: त्योहारों का सीजन हो या शादी-ब्याह का मौका, मिठाइयों की मांग तेजी से बढ़ती है। ऐसे में मावा यानी खोया की कीमतें भी बहुत ज्यादा होती हैं. लेकिन हल्दी मांग के साथ बाजार में उत्पाद वाला नकली मावा भी धड़ल्ले से बिक रहा है, जो स्वास्थ्य के लिए बेहद नुकसानदायक हो सकता है। इसलिए जरूरी है कि हम असली और नकली मावे की पहचान करना सीखें। तो जानें असली और नकली की पहचान कैसे करें? नकली मावा क्या होता है? नकली मावा दूध से नहीं, बल्कि मसाले और केमिकल मिले से तैयार किया जाता है। इसमें साबुत, सॉसेज दूध, सारस जैसे, सफेद पाउडर और अन्य बाज़ार केमिकल मिलाए जाते हैं, इसलिए यह असली मावे हैं। इसके सेवन से पेट दर्द, खाना पीना, उल्टी, दस्त और अन्य गंभीर बीमारियाँ हो सकती हैं। असली और नकली मावा के आसान तरीके क्या हैं? हाथ से मसलकर देखें थोड़ा सा मावा हाथ में लेकर मसलें। अगर वह कलाकार और कलाकार है तो वह असली है। यदि मुख्य सख्त हो या स्टिक लगे तो उत्पाद सम्मिलित हो सकता है। स्वाद से पहचानें असली मावे का स्वाद मीठा और दूधिया होता है। जबकि फाल् मावे का स्वाद अजीब, चॉकलेट या बिल्कुल अलग हो सकता है। पानी में संरचनात्मक परीक्षण करें थोड़ा सा मावा गर्म पानी में डालो। अगर वह धीरे-धीरे-धीरे-धीरे प्यार में पड़ जाए और दूध जैसा रंग छोड़ दे, तो वह असली है। अगर पानी ज्यादा सफेद या चमकदार हो जाए, तो मावा नकली हो सकता है। विश्लेषण करें मावा का छोटा सा टुकड़ा जलाएं। असली मावा पर दूध जैसा नकली पदार्थ लगता है, जबकि नकली मावा से केमिकल या प्लास्टिक जैसा चिपक जाता है। रंग और मजबूत पर ध्यान असली मावा क्रीमी या ऑफ-व्हाइट रंग का होता है। नकली मावा अधिकतर सफ़ेद, चमचमाता या ज़रूरत से ज़्यादा पतला पाया जा सकता है। नकली मावा खाने से होने वाले नुकसान क्या हैं? नकली मावा खाने से फूड पॉइजनिंग, पेट में ऐंठन, उल्टी-दस्त, एलर्जी और लंबे समय तक लिवर और किडनी से जुड़ी परेशानियां हो सकती हैं। बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। मावा मानक समय किन बातों का अंतिम प्रश्न? हमेशा भरोसेमंद और साफ-सुथरी दुकान से ही मावा परिचय। बहुत सस्ता मावा मिलने पर हो गया ऑफर। अधिक सफेद और चमकीला मावा लेने से बचाया गया। हो सके तो घर पर दूध से मावा तैयार करें। घर पर मावा कैसे बनाये? घर पर मावा बनाना सबसे सुरक्षित तरीका है। बस फुल क्रीम दूध को धीरे-धीरे आज़माएं। जब दूध पूरी तरह से माइक्रोवेव में जमने लगे, तो गैस बंद कर दे। आपका शुद्ध और ताज़ा मावा तैयार है। उत्पाद वाला नकली मावा स्वाद के साथ-साथ स्वास्थ्य के लिए भी खतरनाक है। इसलिए मीठा लेबल बनाएं या शेयर करें से पहले मावे की डॉक्यूमेंट्री जरूर जांच लें। थोड़ी सी सावधानी आपको और आपके परिवार को बड़ी चुनौती से बचा सकती है। इसे जरूर पढ़ें: लौकी का चीला रेसिपी: सुबह उठकर जानें लौकी से बना चीला, स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहेगी; ब्लड शुगर भी रहेगा कंट्रोल

Titanium Body, 200MP AI Camera Ultra

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नई दिल्ली29 मिनट पहले कॉपी लिंक कोरियन टेक कंपनी सैमसंग आज अपनी फ्लैगशिप स्मार्टफोन सीरीज गैलेक्सी S26 लॉन्च करने जा रही है। कंपनी इस साल भी तीन नए मॉडल्स- गैलेक्सी S26, S26 प्लस और S26 अल्ट्रा बाजार में उतारेगी। इस बार मुख्य फोकस एडवांस AI फीचर्स, स्लिम डिजाइन और अल्ट्रा मॉडल में मिलने वाले पावरफुल ‘स्नैपड्रैगन एलीट जेन 5’ प्रोसेसर पर है। तीनों फोन एनुअल इवेंट ‘गैलेक्सी अनपैक्ड’ में पेश किए जाएंगे। इवेंट आज रात 11 बजे शुरू होगा। सीरीज के बेस मॉडल गैलेक्सी S26 की शुरुआती कीमत ₹79,999 हो सकती है। वहीं, गैलेक्सी S26 प्लस ₹99,999 और सबसे प्रीमियम मॉडल गैलेक्सी S26 अल्ट्रा ₹1,29,000 की शुरुआती कीमत में आ सकते हैं। अल्ट्रा के 1TB वैरिएंट की कीमत ₹1.60 लाख तक जा सकती है। डिजाइन और बिल्ड क्वालिटी: स्लिम बॉडी और टाइटेनियम फ्रेम गैलेक्सी S26 सीरीज में इस बार डिजाइन को लेकर बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। मटेरियल: अल्ट्रा मॉडल में ग्रेड-5 टाइटेनियम फ्रेम का इस्तेमाल जारी रहेगा, जबकि बाकी मॉडल्स में मजबूत एल्युमिनियम फ्रेम मिल सकता है। डायमेंशन: स्टैंडर्ड S26 की थिकनेस मात्र 6.9mm होने की खबर है, जो इसे काफी स्लिम और कॉम्पैक्ट बनाएगी। इसका वजन भी काफी हल्का रहने की उम्मीद है, जिससे वन-हैंड यूज आसान होगा। बैक पैनल: पीछे की तरफ मैट फिनिश ग्लास मिलेगा जिस पर उंगलियों के निशान कम पड़ेंगे। अल्ट्रा मॉडल का डिजाइन थोड़ा बॉक्सी होगा, जबकि बाकी दोनों मॉडल कर्व्ड कॉर्नर के साथ आएंगे। फ्रंट डिस्प्ले: फ्रंट में बेहद पतले बेजल्स (Bezels) के साथ सेंटर पंच-होल सेल्फी कैमरा दिया गया है। कलर ऑप्शन: इस बार फैंटम ब्लैक, क्रीम और ग्रीन के अलावा कुछ नए टाइटेनियम शेड्स देखने को मिल सकते हैं। सेफ्टी रेटिंग: पूरी सीरीज IP68 रेटिंग के साथ आएगी, जो इसे पानी और धूल से सुरक्षित रखेगी। सैमसंग गैलेक्सी S26 सीरीज एक्सपैक्टेड स्पेसिफिकेशंस दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एक्ट्रेस रश्मिका के हाथों में आज रचेगी मेहंदी:शाम को संगीत सेरेमनी; शादी कराने पंडित भी उदयपुर पहुंचे; दोनों कल लेंगे फेरे

एक्ट्रेस रश्मिका के हाथों में आज रचेगी मेहंदी:शाम को संगीत सेरेमनी; शादी कराने पंडित भी उदयपुर पहुंचे; दोनों कल लेंगे फेरे

उदयपुर में एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की आज मेहंदी की रस्म होगी। शाम को संगीत का कार्यक्रम होगा। इस खास मौके के लिए होटल ‘मोमेंटोस एकाया’ को फूलों और रोशनी से सजाया गया है। दोनों कल यानी 26 फरवरी को शादी के बंधन में बंधेंगे। शादी में दोनों परिवार के सदस्य और कुछ खास मेहमान ही शामिल होंगे। शादी करवाने पंडित भी आज उदयपुर पहुंच गए है। वहीं फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा भी आज पहुंचे हैं। उनकी तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी में विजय देवरकोंडा मेन लीड में थे। तेलुगु फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर वांगा और पंडित भी पहुंचे फिल्म प्रोड्यूसर-डायरेक्टर संदीप रेड्डी वांगा भी शादी में शामिल होने उदयपुर आए है। वे तेलुगु और हिंदी फिल्म में काम करते है। वांगा ने अपनी पटकथा लेखन और निर्देशन की शुरुआत 2017 की तेलुगु फिल्म अर्जुन रेड्डी से की थी, जिसमें विजय देवरकोंडा ने अभिनय किया था। इसके साा ही साउथ से पंडित भी आज पहुंचे हैं, जो शादी की रस्मों को पूरा करवाएंगे। मेहमानों के लिए साउथ इंडियन-पंजाबी खाने के साथ जापानी डिशेज भी होटल में सजावट में हल्के हरे रंग के शेड्स के पर्दे, ताजा फूल और फलों से सजे सेंटरपीस, मोती जैसी फिनिश वाली टेबल सेटिंग दिखाई देगी। वहीं मेहमानों के लिए साउथ इंडियन और पंजाबी खाने के साथ ही जापानी डिशेज भी परोसी जाएगी। शादी के लिए RVR इवेंट्ज एंड डिजाइन कंपनी को जिम्मा सौंपा गया है। शादी में केवल 200 मेहमान होंगे शामिल विजय-रश्मिका कल परिवार और कुछ खास दोस्तों की मौजूदगी में फेरे लेंगे। शादी में केवल 200 मेहमान शामिल होंगे। इनमें साउथ इंडस्ट्री के कुछ डायरेक्टर-प्रोड्यूसर और दोनों के कुछ खास दोस्त ही होंगे। रिसेप्शन हैदराबाद में 3 और 4 मार्च को होगा, जिसमें साउथ और बॉलीवुड की कई हस्तियां शामिल होंगी। यह रिसेप्शन हैदराबाद या बंजारा हिल्स की किसी प्रीमियम लोकेशन पर होने की संभावना है। दो दिन प्री-वेडिंग पार्टी की वर-वधू अपने परिवार के साथ 23 फरवरी को ही वेडिंग वेन्यू लग्जरी होटल ‘मोमेंटोस एकाया’ आ गए थे। दो दिन 23-24 फरवरी को प्री-वेडिंग पार्टी की थी। 24 फरवरी को दूल्हा-दुल्हन की टीमों के बीच क्रिकेट मैच हुआ था, जिसे उन्होंने ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ का नाम दिया था। दोनों ने अपने इंस्टा अकाउंट पर पूल पार्टी, डिनर और ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ की फोटो भी शेयर की थी। साउथ के मशहूर डायरेक्टर-प्रोड्यूसर के बेटे हैं विजय दूल्हा साउथ स्टार विजय देवरकोंडा फिल्मी बैकग्राउंड से आते हैं। उनके पिता देवरकोंडा गोवर्धन साउथ सिनेमा के मशहूर डायरेक्टर और प्रोड्यूसर हैं। उन्होंने अपने बेटे के साथ मिलकर वर्ष 2021 में रिलीज हुई फिल्म ‘पुष्पक विमानम’ को प्रोड्यूस किया था। इसके अलावा उन्होंने कई टीवी शोज का निर्देशन भी किया है। वहीं विजय देवरकोंडा की मां का नाम माधवी देवरकोंडा और छोटे भाई का नाम आनंद देवरकोंडा है। आनंद भी तेलुगु सिनेमा के उभरते सितारों में से हैं। वहीं रश्मिका नॉन फिल्मी बैकग्राउंड से हैं। रश्मिका के पिता मदन मंदाना बिजनेसमैन हैं। उनकी दो बहनें सुमन और शिमान हैं। रश्मिका ने फिल्म ‘गुडबाय’ से बॉलीवुड में डेब्यू किया था। एनिमल, छावा, पुष्पा जैसी ब्लॉकबस्टर मूवी में काम किया है। ………… विजय-रश्मिका की शादी से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए- विजय-रश्मिका ने शादी से पहले खेला क्रिकेट मैच:दूल्हा-दूल्हन की टीम रही आमने-सामने; पूल पार्टी भी की, दोनों ने फोटो शेयर किए साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना की शादी की रस्में मंगलवार से शुरू हो गईं। दूल्हा और दुल्हन ने मंगलवार को होटल में अपने दोस्तों के साथ क्रिकेट मैच खेला, जिसे ‘VIROSH प्रीमियर लीग’ नाम दिया गया। इसकी फोटो भी दोनों ने अपने इंस्टा स्टोरी पर शेयर की। (पूरी खबर पढ़ें) शादी के लिए रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंडा उदयपुर पहुंचे: 26 फरवरी को ITC मोमेंटोज होटल में फेरे लेंगे, गेस्ट लिस्ट में 200 से ज्यादा नाम साउथ इंडियन फिल्मों के एक्टर विजय देवरकोंडा और रश्मिका मंदाना सोमवार को उदयपुर पहुंचे। यहां से सीधे होटल के लिए रवाना हो गए। (पढ़िए पूरी खबर)

Why Laser Is Used in Surgery Medical Science Explained Benefits | सर्जरी में लेजर का इस्तेमाल क्यों होता है जानें वैज्ञानिक कारण

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Last Updated:February 25, 2026, 11:41 IST Laser Surgery Benefits for Surgery: आजकल अधिकतर सर्जरी लेजर के जरिए की जा रही हैं. एक्सपर्ट्स की मानें तो लेजर सर्जरी बेहद सटीक होती है और इसमें कम ब्लीडिंग होती है. इस तकनीक से मरीजों की रिकवरी भी तेजी से होती है. यही वजह है कि सर्जरी में लेजर लाइट का इस्तेमाल होता है. यह तकनीक कई प्रक्रियाओं को ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी बना सकती है. ख़बरें फटाफट लेजर सर्जरी को ज्यादा सुरक्षित माना जाता है. Why Laser Light Good for Surgery: मेडिकल साइंस में लगातार नए बदलाव हो रहे हैं और इलाज के लिए एडवांस टेक्नोलॉजी सामने आ रही हैं. कई दशक पहले जहां अधिकतर सर्जरी सर्जिकल ब्लेड से चीरा लगाकर की जाती थीं, लेकिन अब ज्यादातर सर्जरी लेजर के जरिए की जा रही हैं. आज आंख, स्किन, पेट, किडनी, दांत और कुछ कैंसर संबंधी ऑपरेशन भी लेजर की मदद से किए जा रहे हैं. अक्सर लोगों के मन में सवाल यह उठता है कि आखिर सर्जरी में लेजर लाइट का ही इस्तेमाल क्यों किया जाता है? अगर आप भी इसका जवाब जानना चाहते हैं, तो इस पूरी खबर को पढ़ लीजिए. अमेरिका के नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ की रिपोर्ट के मुताबिक लेजर का पूरा नाम लाइट एंप्लिफिकेशन बाइ स्टिम्युलेटेड एमिशन ऑफ रेडिएशन (LASER) है. लेजर लाइट फोकस्ड, एक दिशा में जाने वाली और हाई एनर्जी वाली वाली होती है. यही विशेषताएं इसे सर्जरी के लिए उपयुक्त बनाती हैं. लेजर की सबसे बड़ी खासियत उसकी सटीकता (precision) है. पारंपरिक सर्जिकल ब्लेड की तुलना में लेजर लाइट बहुत ही कंट्रोल तरीके से टिश्यूज को काट सकती है. लेजर सर्जरी में आसपास के स्वस्थ टिश्यूज को कम से कम नुकसान पहुंचता है, क्योंकि डॉक्टर बहुत छोटे और सटीक क्षेत्र पर एनर्जी केंद्रित कर सकते हैं. इससे ऑपरेशन के दौरान अनावश्यक कटाव और चोट की संभावना घट जाती है. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. US फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की रिपोर्ट बताती है कि लेजर लाइट जब टिश्यूज को काटती है, तब वह सी समय छोटे ब्लड वेसल्स को सील भी कर देती है. इस प्रोसेस को मेडिकल साइंस में कोएगुलेशन कहा जाता है. इससे खून बहना कम होता है और सर्जरी ज्यादा सुरक्षित बनती है. पारंपरिक सर्जरी में ब्लीडिंग बहुत ज्यादा होती थी, लेकिन लेजर में ब्लीडिंग कम होती है. यही वजह है कि कई कॉस्मेटिक और डर्मेटोलॉजी प्रक्रियाओं में लेजर को प्राथमिकता दी जाती है. आजकल आंखों की अधिकतर सर्जरी लेजर लाइट से की जाती हैं, क्योंकि इससे कई तरह के खतरे कम हो जाते हैं. मेडिकल एक्सपर्ट्स की मानें तो लेजर का उपयोग इंफेक्शन के जोखिम को भी कम कर सकता है. लेजर सर्जरी में ब्लेड की तरह बॉडी से डायरेक्ट संपर्क नहीं होता है. इसलिए बैक्टीरिया के फैलने का खतरा घटता है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (WHO) के अनुसार सर्जरी के बाद इंफेक्शन दुनियाभर में एक बड़ी चुनौती है. लेजर तकनीक इस इंफेक्शन को कम करती है और मरीज की रिकवरी को बेहतर बना सकती हैं. हालांकि, यह भी स्पष्ट है कि संक्रमण की रोकथाम केवल लेजर पर निर्भर नहीं करती, बल्कि प्रॉपर प्रोटोकॉल पर आधारित होती है. लेजर सर्जरी का एक बड़ा फायदा फास्ट रिकवरी है. कम कट और कम ब्लीडिंग के कारण सूजन और दर्द भी कम होता है. आई डिजीज जैसे मोतियाबिंद या रेटिना संबंधी प्रक्रियाओं में लेजर का खूब इस्तेमाल किया जाता है. अमेरिकन एकेडमी ऑफ ऑप्थैल्मोलॉजी के अनुसार आंखों की कई बीमारियों में लेजर ट्रीटमेंट असरदार और अपेक्षाकृत सुरक्षित माना जाता है. हालांकि इस तरह की सर्जरी हमेशा क्वालिफाइड एक्सपर्ट से ही करानी चाहिए. लेजर हर सर्जरी के लिए उपयुक्त नहीं है. इसकी कुछ लिमिटेशंस भी होती हैं. कुछ जटिल या गहरे आंतरिक ऑपरेशन में पारंपरिक सर्जिकल तकनीक ज्यादा प्रभावी हो सकती है. इसके अलावा लेजर उपकरण महंगे होते हैं और इनके लिए स्पेशल ट्रेनिंग की भी जरूरत होती है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : February 25, 2026, 11:41 IST

NCERT Judicial Corruption Chapter Controversy; CJI Surya Kant

NCERT Judicial Corruption Chapter Controversy; CJI Surya Kant

Hindi News National NCERT Judicial Corruption Chapter Controversy; CJI Surya Kant | 8th Social Science Book नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने NCERT की क्लास 8 की नई किताब में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” का चैप्टर शामिल किए जाने पर नाराजगी जताई है। बुधवार को CJI ने कहा- किसी को भी न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। कानून अपना काम करेगा। कोर्ट इस मामले पर खुद एक्शन लेने के लिए विचार कर रहा है। दरअसल, नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च एंड ट्रेनिंग (NCERT) ने 8वीं क्लास की नई सोशल साइंस टेक्स्टबुक में ज्यूडिशियरी में करप्शन पर एक सेक्शन शुरू किया है। इस चैप्टर में सुप्रीम कोर्ट के 81 हजार, हाईकोर्ट्स के 62 लाख 40, डिस्ट्रिक्ट और सबऑर्डिनेट कोर्ट के 4 करोड़ 70 लाख पेंडिंग केस की संख्या भी बताई गई है। सुप्रीम कोर्ट में कैसे पहुंचा मामला बुधवार को सीनियर एडवोकेट कपिल सिबल ने कोर्ट में NCERT के इस कदम के बारे में बताया। उन्होंने कहा- 8वीं के छात्रों को न्यायिक भ्रष्टाचार के बारे में पढ़ाया जा रहा है। यह चिंता का विषय है। हम यहां बार की चिंता लेकर आए हैं। एडवोकेट अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि सेलेक्टिविटी, यह दूसरे एरिया में भी है लेकिन ज्यूडिशियल करप्शन में नहीं। इस पर जस्टिस बागची ने कहा कि यह किताब बेसिक स्ट्रक्चर के ही खिलाफ लगती है। CJI सूर्यकांत ने कहा- “प्लीज कुछ दिन इंतजार करें। बार और बेंच सभी परेशान हैं। सभी हाई कोर्ट के जज परेशान हैं। मैं इस मामले को खुद से देखूंगा। कानून अपना काम करेगा। किताब के चैप्टर का एक हिस्सा जिसमें पेंडिंग केस का जिक्र है… नए सेक्शन में ज्यूडीशियरी से जुड़े पॉइंट इसमें कोर्ट की हायरार्की और न्याय तक पहुंच को समझाने से ज्यादा ज्यूडिशियल सिस्टम के सामने आने वाली चुनौतियों जैसे करप्शन और केस बैकलॉग को बताया गया है। करप्शन वाले सेक्शन में बताया गया है कि जज एक कोड ऑफ कंडक्ट से बंधे होते हैं जो न केवल कोर्ट में बल्कि कोर्ट के बाहर भी उनके व्यवहार को कंट्रोल करता है। ज्यूडिशियरी के अंदरूनी अकाउंटेबिलिटी सिस्टम को भी समझाया गया है। सेंट्रलाइज्ड पब्लिक ग्रीवांस रिड्रेस एंड मॉनिटरिंग सिस्टम (CPGRAMS) के जरिए शिकायतें लेने के तय तरीके भी बताए गए हैं। किताब के मुताबिक CPGRAMS सिस्टम के जरिए 2017 और 2021 के बीच 1,600 ज्यादा शिकायतें मिली थीं। किताब में गंभीर मामलों में जजों को हटाने के संवैधानिक नियम के बारे में भी बताया गया है कि पार्लियामेंट इंपीचमेंट मोशन पास करके जज को हटा सकती है। बच्चे पढ़ेंगे कि ऐसे मोशन पर सही जांच के बाद ही विचार किया जाता है। इस दौरान जज को मामले में अपना पक्ष रखने का पूरा मौका दिया जाता है। चैप्टर में लिखा है- लोग ज्यूडिशियरी के अलग-अलग लेवल पर करप्शन का सामना करते हैं। गरीबों और जरूरतमंदों की न्याय तक पहुंच की समस्या और बिगड़ सकती है। यह भी बताया है कि राज्य और केंद्र ट्रांसपेरेंसी और पब्लिक ट्रस्ट को मजबूत करने की कोशिशें कर रहे हैं। इसमें टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल और करप्शन के मामलों के खिलाफ फास्ट एक्शन लेना शामिल है। किताब में पूर्व CJI बीआर गवई का भी जिक्र किताब में भारत के पूर्व चीफ जस्टिस बीआर गवई का भी जिक्र है, जिन्होंने जुलाई 2025 में कहा था कि ज्यूडिशियरी के अंदर करप्शन और गलत कामों के मामलों का पब्लिक ट्रस्ट पर बुरा असर पड़ता है। उन्होंने कहा था, “हालांकि, इस ट्रस्ट को फिर से बनाने का रास्ता इन मुद्दों को सुलझाने के लिए उठाए गए तेज, निर्णायक और ट्रांसपेरेंट एक्शन में है… ट्रांसपेरेंसी और अकाउंटेबिलिटी डेमोक्रेटिक गुण हैं।” दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

जेसी मिल से जुड़े लंबे समय से लंबित कंपनी प्रकरण में ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आधिकारिक परिसमापक की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डाक एवं कूरियर से भेजे गए पत्रों की विधिवत रसीदें और प्राप्ति पावती भी रिकॉर्ड पर पेश की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान आधिकारिक परिसमापक की ओर से डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें डाक रसीदें संलग्न नहीं थीं और न ही संबंधित पत्रों की प्राप्ति संबंधी पावती दर्ज थी। जिन पत्रों को कूरियर से भेजे जाने का उल्लेख किया गया, उनके संबंध में भी कोई रसीद या प्राप्ति प्रमाण न्यायालय के समक्ष पेश नहीं किया गया। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया। न्यायालय ने आग्रह स्वीकार करते हुए 10 दिन का समय दिया और निर्देशित किया कि डाक रसीदें, प्राप्ति पावती और कूरियर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं। कूरियर सेवा पर ‘प्रेजम्पशन’ किस धारा में? न्यायालय ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कूरियर से भेजे गए पत्रों के मामले में सेवा की धारणा किस कानूनी प्रावधान के तहत मानी जा सकती है। अदालत ने संकेत दिया कि केवल उल्लेख भर से सेवा मान लेना उचित नहीं होगा, जब तक कि उसका विधिसम्मत प्रमाण उपलब्ध न हो। कई पक्षकार रहे मौजूद सुनवाई के दौरान एमपीआईडीसी, स्टेट बैंक, यूको बैंक, राज्य शासन, कर्मचारियों और श्रमिकों की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहे। बैंकों ने लंबित याचिका में अपने आवेदन भी प्रस्तुत किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित की गई है। 1997 से लंबित है कंपनी पिटीशन गौरतलब है कि जेसी मिल की कंपनी पिटीशन वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित है। मामले में मजदूरों की देनदारी का विवाद चल रहा है। राज्य शासन ने मिल की संपत्ति की नीलामी कर मजदूरों का बकाया भुगतान करने की पहल की थी, लेकिन प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण देनदारी पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। परिसमापक ने सुनवाई के दौरान तहसीलदार का एक पत्र भी प्रस्तुत किया था। उनका कहना था कि उक्त पत्र की जानकारी सभी हितधारकों, सुरक्षित ऋणदाताओं और संबंधित पक्षों को औपचारिक रूप से भेजी गई थी और इसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत हित या पक्षपात शामिल नहीं था। हालांकि न्यायालय ने दस्तावेजों के विधिसम्मत प्रमाण प्रस्तुत करने पर जोर देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

अमेरिका में लुधियाना के अवतार सिंह की हत्या का खुलासा:किसी और का करना था किडनैप, बदमाशों ने सवाल पूछे, सही जवाब ना देने पर किया मर्डर

अमेरिका में लुधियाना के अवतार सिंह की हत्या का खुलासा:किसी और का करना था किडनैप, बदमाशों ने सवाल पूछे, सही जवाब ना देने पर किया मर्डर

अमेरिका के ट्रेसी शहर के गुरुद्वारा साहिब परिसर से लुधियाना के 57 वर्षीय अवतार सिंह को 17 फरवरी को किडनैप किया गया। किडनैपिंग के तीन दिन बाद यानी 20 फरवरी को उनका शव बरामद हुआ। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि किडनैपरों ने किसी और को उठाना था, लेकिन गलत पहचान के कारण वो अवतार सिंह को उठाकर ले गए। रास्ते में जाते हुए जब किडनैपरों ने उससे कुछ सवाल पूछे तो अवतार सिंह जवाब नहीं दे पाया। किडनैपर्स ने अवतार सिंह को छोड़ने के बजाय उनकी हत्या कर दी और शव अपहरण स्थल से करीब दो घंटे की दूरी पर स्थित लेक बेरीसा के पास हाइवे के किनारे फेंक दिया। जिसे तीन दिन बाद पुलिस ने बरामद किया। शव बरामद होने की सूचना बाबा धुमा सिंह ने सोशल मीडिया के जरिए दे दी थी। पुलिस ने अभी यह स्पष्ट नहीं किया कि आखिर गुरुद्वारा साहिब परिसर से किडनैपरों ने किसे उठाना था। गलत पहचान के कारण अवतार सिंह की हत्या के बाद लोगों में दहशत है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार हत्या को लेकर कैलिफोर्निया में अलग-अलग अफसरों के बयान… अवतार सिंह की हत्या को लेकर कैलिफोर्निया प्रशासन के अलग-अलग डिपार्टमेंट से बयान जारी किए जा रहे हैं। बयान में इसे गलत पहचान के कारण हुई हत्या बताया जा रहा है। उनके बयानों की अहम बातें, पढ़िए.. सैन जोकिन काउंटी शेरिफ के पैट्रिक विथ्रो का बयान कैलिफोर्नियां पुलिस के अधिकारी शेरिफ विथ्रो का कहना है कि अवतार सिंह का अपहरण कोई रैंडम इंसीडेंट नहीं है। यह एक योजनाबद्ध तरीके से किया गया अपहरण था। लेकिन अपहरण करने वालों ने किसी और को किडनेप करना था। किडनैपर्स का निशाना कोई और था। वो किसी और व्यक्ति की तलाश में थे। ऐसा लगता है कि जब अवतार सिंह ने उन्हें वे जवाब नहीं दिए जिसे वो किडनैप करना चाहते थे तो किडनैपर उसे साथ ले गए। पहचान की पुष्टि: पुलिस अधिकारी ने अपने बयान में कहा है कि उन्हें बेहद दुख है कि किडनैपर्स ने अवतार सिंह की हत्या की और उनका शव बरादम हो गया है। कड़ी कार्रवाई: पुलिस अधिकारी ने आश्वासन दिया कि पुलिस के डिटेक्टिव्स अवतार सिंह हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों की पहचान करने के लिए दिन-रात काम कर रहे हैं। जैसे ही पकड़े जाएंगे उन्हें कठोर सजा दिलाई जाएगी। शेरिफ कार्यालय के प्रवक्ता हीदर ब्रैंट का बयान शेरिफ कार्यालय की प्रवक्ता हीदर ब्रैंट ने भी साफ किया कि अवतार सिंह किडनैपर्स के मुख्य टारगेट पर नहीं थे बल्कि उन्हें गलती से किडनैप कर दिया था। उन्होंने कहा कि सीसीटीवी फुटेट में एक सफेद रंग की एसयूवी (SUV) और काले कपड़े पहने तीन अज्ञात व्यक्ति दिखाई दिए हैं। ब्रेंट के अनुसार अवतार सिंह को जबरन कार में बैठाया था। कहीं और मारकर शव झील के पास फेंका नपा काउंटी के प्रवक्ता हेनरी वोफर्ड का कहना है कि शुरुआती जांच से संकेत मिलते हैं कि अवतार सिंह की मृत्यु नपा काउंटी में नहीं हुई थी। उन्हें कहीं और मारकर शव को झील के पास फेंका गया था। घटना के बाद केस से संबंधित अहम अपडेट कोई तत्काल खतरा नहीं: पुलिस ने जनता को आश्वस्त किया है कि यह एक अलग घटना है। यह किसी एक विशेष समुदाय को टारगेट करके नहीं की गई है। उनका कहना है कि समुदाय के लिए फिलहाल कोई और खतरा नहीं है। अभी तक नहीं हुई कोई गिरफ्तारी: पुलिस अब उन तीन संदिग्धों की तलाश कर रही है जो सफेद एसयूवी में देखे गए थे। अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पुलिस ने जनता से अपील की है कि यदि किसी के पास भी इस घटना से जुड़ी कोई जानकारी हो, तो वे तुरंत सैन जोकिन काउंटी शेरिफ कार्यालय से संपर्क करें। गुरुद्वारा साहिब के बाहर से हुआ अपहरण 17 फरवरी को शाम 8:52 बजे पुलिस को अवतार सिंह के लापता होने की सूचना मिली और पुलिस गुरुद्वारा परिसर में पहुंची। वहां से पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज मिले। जिसमें कुछ संदिग्ध लोग अवतार सिंह को सफेद रंग की एक्सयूवी जबरन बैठाते हुए दिखे। पुलिस ने जारी की थी अवतार सिंह व कार की फोटो परिवार की शिकायत के बाद सैन जोआक्विन काउंटी शेरिफ ऑफिस ने अवतार सिंह व किडनैपिंग में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की एक्सयूवी कार की फोटो जारी की और पुलिस ने उन्हें ढूंढना शुरू किया। पत्नी को घर पर नहीं मिले पति तो की शिकायत अवतार सिंह के अपहरण की बात तब सामने आई जब17 फरवरी को उनकी पत्नी काम से लौटी और अवतार सिंह घर पर नहीं थे। उन्होंने गुरुद्वारा प्रबंधकों से संपर्क किया और उसके बाद पुलिस को शिकायत दी। तीन दूधमुंहे बच्चों के सिर से उठा पिता का साया अवतार सिंह के तीन बच्चे हैं और तीनों का जन्म एक साथ करीब छह महीने पहले हुआ था। जानकारी के अनुसार इन बच्चों का जन्म शादी के 20 साल बाद हुआ। अब इन तीनों बच्चों के सिर से पिता उठ गया। गुरुद्वारा साहिब में रसोइये का काम करते थे अवतार सिंह अवतार सिंह पिछले कई वर्षों से टकसाल के नियंत्रण वाले गुरुद्वारा ‘गुरु नानक प्रकाश’ में रसोइये के रूप में सेवा कर रहे थे। बाबा धुमा के अनुसार, वह लंबे समय तक चौक मेहता स्थित टकसाल के मुख्यालय ‘गुरुद्वारा गुरदर्शन प्रकाश’ में भी अपनी सेवाएं दे चुके थे। कैलिफोर्नियां में अवतार सिंह के परिवार की जुटाया जा रहा फंड अवतार सिंह बुल्ट की हत्या के बाद उनके परिवार की आर्थिक मदद के लिए सिख समुदाय ने फंड जुटाना शुरू कर दिया है। सिख समुदाय गोफंडमी पोर्टल के जरिए उनके लिए फंड जुटा रहा है ताकि उनके परिवार को आर्थिक मदद मिल सके। फंड जुटाने के लिए सिख समुदाय द्वारा की गई भावुक अपील “हमें यह बताते हुए बहुत दुख हो रहा है कि ट्रेसी गुरुद्वारा साहिब के प्रिय सेवादार, अवतार सिंह बुल्ट, जिनका अपहरण कर लिया गया था, उनकी दुखद मृत्यु हो गई है। एक बेहद चिंताजनक गुमशुदगी के रूप में जो शुरू हुआ था, उसका अंत उनके परिवार और पूरी संगत के लिए एक अकल्पनीय क्षति के रूप में हुआ है।” अवतार सिंह जी ने 20 वर्षों से अधिक समय तक एक समर्पित सेवादार और लंगरी के रूप में गुरुद्वारा साहिब की निष्ठापूर्वक