Thursday, 09 Jul 2026 | 02:53 PM

Trending :

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

जेसी मिल से जुड़े लंबे समय से लंबित कंपनी प्रकरण में ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आधिकारिक परिसमापक की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डाक एवं कूरियर से भेजे गए पत्रों की विधिवत रसीदें और प्राप्ति पावती भी रिकॉर्ड पर पेश की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान आधिकारिक परिसमापक की ओर से डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें डाक रसीदें संलग्न नहीं थीं और न ही संबंधित पत्रों की प्राप्ति संबंधी पावती दर्ज थी। जिन पत्रों को कूरियर से भेजे जाने का उल्लेख किया गया, उनके संबंध में भी कोई रसीद या प्राप्ति प्रमाण न्यायालय के समक्ष पेश नहीं किया गया। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया। न्यायालय ने आग्रह स्वीकार करते हुए 10 दिन का समय दिया और निर्देशित किया कि डाक रसीदें, प्राप्ति पावती और कूरियर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं। कूरियर सेवा पर ‘प्रेजम्पशन’ किस धारा में? न्यायालय ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कूरियर से भेजे गए पत्रों के मामले में सेवा की धारणा किस कानूनी प्रावधान के तहत मानी जा सकती है। अदालत ने संकेत दिया कि केवल उल्लेख भर से सेवा मान लेना उचित नहीं होगा, जब तक कि उसका विधिसम्मत प्रमाण उपलब्ध न हो। कई पक्षकार रहे मौजूद सुनवाई के दौरान एमपीआईडीसी, स्टेट बैंक, यूको बैंक, राज्य शासन, कर्मचारियों और श्रमिकों की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहे। बैंकों ने लंबित याचिका में अपने आवेदन भी प्रस्तुत किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित की गई है। 1997 से लंबित है कंपनी पिटीशन गौरतलब है कि जेसी मिल की कंपनी पिटीशन वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित है। मामले में मजदूरों की देनदारी का विवाद चल रहा है। राज्य शासन ने मिल की संपत्ति की नीलामी कर मजदूरों का बकाया भुगतान करने की पहल की थी, लेकिन प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण देनदारी पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। परिसमापक ने सुनवाई के दौरान तहसीलदार का एक पत्र भी प्रस्तुत किया था। उनका कहना था कि उक्त पत्र की जानकारी सभी हितधारकों, सुरक्षित ऋणदाताओं और संबंधित पक्षों को औपचारिक रूप से भेजी गई थी और इसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत हित या पक्षपात शामिल नहीं था। हालांकि न्यायालय ने दस्तावेजों के विधिसम्मत प्रमाण प्रस्तुत करने पर जोर देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
तस्वीर का विवरण

May 27, 2026/
6:27 pm

पेंट या चूने का लेप करें: सफेद रंग के सूरज की किरण को ज्यादातर सोखने की बजाय वापस लौटा दिया...

वर्ल्ड अपडेट्स:रिपोर्ट का दावा- फेसबुक बना अवैध वन्यजीव तस्करी का सबसे बड़ा ऑनलाइन बाजार

June 29, 2026/
11:24 am

दुनिया भर में वन्यजीव संरक्षण के लिए काम करने वाले कई गैर-सरकारी संगठनों (NGO) की एक रिपोर्ट में दावा किया...

arw img

April 19, 2026/
9:58 am

X बुजुर्गों के लिए फिजियोथेरेपी क्यों है सबसे बेहतर इलाज? देखिए डॉक्टर की सलाह   Physiotherapy Benefits for Seniors Health...

BAN vs AUS Live Score: Follow latest updates from 2nd T20I. (AP Photo)

June 19, 2026/
1:19 pm

आखरी अपडेट:19 जून, 2026, 13:19 IST कथित तौर पर सांसद अपने अगले राजनीतिक कदम की घोषणा करने से पहले लोकसभा...

PM Modi Inaugurates Projects, Addresses Rally in Kerala & Tamil Nadu

March 11, 2026/
5:30 am

चेन्नई/तिरुवनंतपुरम2 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज केरल और तमिलनाडु के दौरे पर रहेंगे। पीएम केरल के एर्नाकुलम...

File photo of US forces patrolling near the Iranian-flagged cargo ship M/V Touska after it was boarded and seized by US forces. (Image: Reuters)

May 3, 2026/
11:51 am

आखरी अपडेट:03 मई, 2026, 11:51 IST 2026 के तमिलनाडु चुनाव में संभावित त्रिशंकु फैसले की अटकलें बढ़ने के साथ, विजय...

India Seychelles 19 Deals Signed

June 29, 2026/
6:28 am

विक्टोरिया5 मिनट पहले कॉपी लिंक भारत और सेशेल्स ने रविवार को 19 बड़े समझौतों और विकास परियोजनाओं का ऐलान किया।...

ग्लोबल बॉक्स ऑफिस:‘द सुपर मारियो गैलेक्सी’ बनी 2026 की सबसे बड़ी फिल्म; दुनियाभर में कमाए ₹5,200 करोड़

April 14, 2026/
4:24 pm

हॉलीवुड में 2026 की बॉक्स ऑफिस रेस में ‘द सुपर मारियो गैलेक्सी’ ने बाजी मार ली है। मारियो फ्रेंचाइज की...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

हाईकोर्ट ने जेसी मिल परिसमापक की भूमिका पर उठाए सवाल:कोर्ट ने कहा-सिर्फ रजिस्टर से काम नहीं चलेगा, डाक-कूरियर के पुख्ता सबूत पेश करें

जेसी मिल से जुड़े लंबे समय से लंबित कंपनी प्रकरण में ग्वालियर हाईकोर्ट की एकल पीठ ने आधिकारिक परिसमापक की कार्यप्रणाली पर गंभीर आपत्ति जताई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि केवल डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि डाक एवं कूरियर से भेजे गए पत्रों की विधिवत रसीदें और प्राप्ति पावती भी रिकॉर्ड पर पेश की जानी चाहिए। सुनवाई के दौरान आधिकारिक परिसमापक की ओर से डिस्पैच रजिस्टर प्रस्तुत किया गया, लेकिन उसमें डाक रसीदें संलग्न नहीं थीं और न ही संबंधित पत्रों की प्राप्ति संबंधी पावती दर्ज थी। जिन पत्रों को कूरियर से भेजे जाने का उल्लेख किया गया, उनके संबंध में भी कोई रसीद या प्राप्ति प्रमाण न्यायालय के समक्ष पेश नहीं किया गया। इस पर वरिष्ठ अधिवक्ता ने दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए अतिरिक्त समय देने का आग्रह किया। न्यायालय ने आग्रह स्वीकार करते हुए 10 दिन का समय दिया और निर्देशित किया कि डाक रसीदें, प्राप्ति पावती और कूरियर से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज रिकॉर्ड पर अनिवार्य रूप से प्रस्तुत किए जाएं। कूरियर सेवा पर ‘प्रेजम्पशन’ किस धारा में? न्यायालय ने यह भी स्पष्ट करने को कहा है कि कूरियर से भेजे गए पत्रों के मामले में सेवा की धारणा किस कानूनी प्रावधान के तहत मानी जा सकती है। अदालत ने संकेत दिया कि केवल उल्लेख भर से सेवा मान लेना उचित नहीं होगा, जब तक कि उसका विधिसम्मत प्रमाण उपलब्ध न हो। कई पक्षकार रहे मौजूद सुनवाई के दौरान एमपीआईडीसी, स्टेट बैंक, यूको बैंक, राज्य शासन, कर्मचारियों और श्रमिकों की ओर से अधिवक्ता उपस्थित रहे। बैंकों ने लंबित याचिका में अपने आवेदन भी प्रस्तुत किए हैं। अब मामले की अगली सुनवाई 11 मार्च को निर्धारित की गई है। 1997 से लंबित है कंपनी पिटीशन गौरतलब है कि जेसी मिल की कंपनी पिटीशन वर्ष 1997 से न्यायालय में लंबित है। मामले में मजदूरों की देनदारी का विवाद चल रहा है। राज्य शासन ने मिल की संपत्ति की नीलामी कर मजदूरों का बकाया भुगतान करने की पहल की थी, लेकिन प्रकरण न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण देनदारी पर अंतिम निर्णय नहीं हो सका। परिसमापक ने सुनवाई के दौरान तहसीलदार का एक पत्र भी प्रस्तुत किया था। उनका कहना था कि उक्त पत्र की जानकारी सभी हितधारकों, सुरक्षित ऋणदाताओं और संबंधित पक्षों को औपचारिक रूप से भेजी गई थी और इसमें किसी प्रकार का व्यक्तिगत हित या पक्षपात शामिल नहीं था। हालांकि न्यायालय ने दस्तावेजों के विधिसम्मत प्रमाण प्रस्तुत करने पर जोर देते हुए मामले की सुनवाई आगे बढ़ा दी है।

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.