Thursday, 27 Aug 2026 | 05:22 AM

Trending :

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर पैनलों और सेल पर 126% की शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि भारत अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सब्सिडी दे रहा है, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा है। भारत के अलावा लाओस और इंडोनेशिया पर भी 81% से 143% तक की लेवी लगाई गई है। शुरुआती जांच के आधार पर यह फैसला लिया गया है। जांच पर अंतिम फैसला 6 जुलाई को आएगा। यानी सब्सिडी की बात साबित हो जाती है, तो यह टैक्स स्थायी हो जाएगा। महंगे होंगे सोलर पैनल, अब अमेरिकी मार्केट में टिकना मुश्किल इस फैसले से भारतीय सोलर एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल हो सकता है। 126% ड्यूटी लगने का मतलब है कि इन पैनलों की कीमत अमेरिका में दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारतीय माल के बजाय लोकल कंपनियों या अन्य देशों से पैनल खरीदना पसंद करेंगे क्योंकि भारतीय प्रोडक्ट अब कॉम्पिटिशन से बाहर हो जाएंगे। इंडोनेशिया पर सबसे ज्यादा 143% टैक्स
ट्रम्प के 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है यह ड्यूटी यह टैक्स उन 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है, जिसकी घोषणा ट्रम्प ने हाल ही में की थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रम्प के पुराने टैरिफ प्लान को रद्द कर दिया था जिसके बाद उन्होंने नए सिरे से टैरिफ लगाए थे। अब इस नए फैसले ने इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी बाजार में 57% हिस्सेदारी इन तीन देशों की चीनी प्रोडक्ट को भारत-इंडोनेशिया के जरिए भेजने का आरोप एक्सपर्ट बोले- भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता बंद सिटीग्रुप इंक के एनालिस्ट विक्रम बागरी का कहना है कि इतनी ऊंचे टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी बाजार अब भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरर्स के लिए लगभग बंद हो जाएगा। अमेरिकी कंपनियों का आरोप- सस्ते विदेशी माल से मार्केट को नुकसान अमेरिकी सोलर ग्रुप ‘अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड’ ने वाणिज्य विभाग से सब्सिडी की जांच करने की अपील की थी। ग्रुप का कहना था कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए यह जांच जरूरी है। उन्होंने अब टैरिफ के इस फैसले का स्वागत किया है। अलायंस के मुख्य वकील टिम ब्राइटबिल ने कहा कि आज का फैसला अमेरिकी सोलर मार्केट में निष्पक्ष कॉम्पिटिशन को फिर से बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने ये भीकहा कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स देश की क्षमता बढ़ाने और अच्छी नौकरियां पैदा करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। अगर गलत तरीके से आयात किए गए माल को मार्केट बिगाड़ने की अनुमति दी गई, तो यह निवेश कभी सफल नहीं हो पाएगा। सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच कर रहा है। आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस की कंपनियां अमेरिका में अपने माल को लागत से भी कम कीमत पर बेच रही हैं। ऐसा वो अमेरिकी बाजार पर कब्जे के लिए कर रही है। अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स ने इसे लेकर जुलाई में याचिका दायर की थी। आरोप लगाए थे कि चीनी कंपनियां भारत जैसे देशों के जरिए सस्ता माल अमेरिका भेज रही हैं। इन शिकायतों के बाद इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी के दावों की जांच शुरू कर दी थी। नॉलेज बॉक्स: क्या है एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
अमेरिका का ईरान पर लगातार दूसरे दिन हमला:जवाब में ईरान ने कुवैत-बहरीन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया, होर्मुज फिर बंद किया

June 11, 2026/
6:49 am

अमेरिका ने गुरुवार सुबह ईरान के कई ठिकानों पर नए हवाई हमले किए। ईरानी मीडिया के मुताबिक केश्म द्वीप, बंदर...

विवाहिता ने एसिड पिया, दस दिन बाद मौत:पारिवारिक विवाद के बाद बैतूल, भोपाल, नागपुर में चला इलाज

April 9, 2026/
2:19 pm

बैतूल के टिकारी इलाके में एक विवाहिता की एसिड पीने के बाद इलाज के दौरान मौत हो गई। अंजली (30)...

Satheesan may emerge as the ultimate loser in the war he has won. Media headlines repeatedly hint that 'most MLAs' are backing KC Venugopal for the top post. (PTI photo)

May 13, 2026/
4:25 pm

आखरी अपडेट:13 मई, 2026, 16:25 IST इतिहास बताता है कि केरल कोई अलग मामला नहीं है; कांग्रेस के पास राज्य...

अल्कराज मियामी ओपन से बाहर:सेबेस्टियन कोर्डा ने हराया; हार के बीच हताश दिखे, बोले- अब और बर्दाश्त नहीं होता, मैं घर जा रहा हूं

March 23, 2026/
10:28 am

मियामी ओपन में रविवार को बड़ा उलटफेर देखने को मिला। मौजूदा ऑस्ट्रेलियन ओपन चैंपियन कार्लोस अल्कराज टूर्नामेंट के तीसरे राउंड...

30 बच्चों से दुष्कर्म के दोषी पर ब्रिटेन-पाकिस्तान में विवाद:ब्रिटिश सरकार वापस PAK भेजने पर अड़ी, इस्लामाबाद ने दी चेतावनी

August 18, 2026/
12:52 pm

ब्रिटेन और पाकिस्तान के बीच एक यौन अपराधी को लेकर विवाद शुरू हो गया है। शाबिर अहमद ब्रिटेन के कुख्यात...

दीपिका-रणवीर नए घर में दिखे:एक्ट्रेस का बेबी बंप नजर आया; अपार्टमेंट में दूसरे बच्चे के जन्म के बाद शिफ्ट हो सकते हैं

June 9, 2026/
11:29 am

सोमवार को दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह मुंबई के बांद्रा वेस्ट स्थित अपने समुद्र किनारे बने नए क्वाड्रुप्लेक्स घर की...

पीएम मोदी ने न्यूजीलैंड के प्रधानमंत्री के साथ बैठक की:ऑकलैंड में 40,000 लोगों को संबोधित करेंगे; 40 बाद भारतीय प्रधानमंत्री का न्यूजीलैंड दौरा

July 11, 2026/
4:50 am

पीएम मोदी अपने छह दिवसीय दौरे के अंतिम चरण में न्यूजीलैंड पहुंच गए हैं। उन्होंने शनिवार को ऑकलैंड में न्यूजीलैंड...

राजनीति

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

भारतीय सोलर पैनल पर अमेरिका ने 126% ड्यूटी लगाई:कहा- चीन भारत के जरिए भेज रहा सस्ते प्रोडक्ट; लाओस और इंडोनेशिया पर भी टैक्स

अमेरिका ने भारत से आने वाले सोलर पैनलों और सेल पर 126% की शुरुआती ड्यूटी लगा दी है। अमेरिकी वाणिज्य विभाग का कहना है कि भारत अपने मैन्युफैक्चरर्स को गलत तरीके से सब्सिडी दे रहा है, जिससे अमेरिकी घरेलू कंपनियों को नुकसान हो रहा है। भारत के अलावा लाओस और इंडोनेशिया पर भी 81% से 143% तक की लेवी लगाई गई है। शुरुआती जांच के आधार पर यह फैसला लिया गया है। जांच पर अंतिम फैसला 6 जुलाई को आएगा। यानी सब्सिडी की बात साबित हो जाती है, तो यह टैक्स स्थायी हो जाएगा। महंगे होंगे सोलर पैनल, अब अमेरिकी मार्केट में टिकना मुश्किल इस फैसले से भारतीय सोलर एक्सपोर्टर्स के लिए अमेरिकी बाजार में टिकना मुश्किल हो सकता है। 126% ड्यूटी लगने का मतलब है कि इन पैनलों की कीमत अमेरिका में दोगुनी से भी ज्यादा हो जाएगी। ऐसे में अमेरिकी खरीदार भारतीय माल के बजाय लोकल कंपनियों या अन्य देशों से पैनल खरीदना पसंद करेंगे क्योंकि भारतीय प्रोडक्ट अब कॉम्पिटिशन से बाहर हो जाएंगे। इंडोनेशिया पर सबसे ज्यादा 143% टैक्स
ट्रम्प के 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है यह ड्यूटी यह टैक्स उन 10% ग्लोबल टैरिफ से अलग है, जिसकी घोषणा ट्रम्प ने हाल ही में की थी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते ट्रम्प के पुराने टैरिफ प्लान को रद्द कर दिया था जिसके बाद उन्होंने नए सिरे से टैरिफ लगाए थे। अब इस नए फैसले ने इंडस्ट्री की चिंता बढ़ा दी है। अमेरिकी बाजार में 57% हिस्सेदारी इन तीन देशों की चीनी प्रोडक्ट को भारत-इंडोनेशिया के जरिए भेजने का आरोप एक्सपर्ट बोले- भारतीय कंपनियों के लिए रास्ता बंद सिटीग्रुप इंक के एनालिस्ट विक्रम बागरी का कहना है कि इतनी ऊंचे टैरिफ लगने के बाद अमेरिकी बाजार अब भारतीय सोलर मैन्युफैक्चरर्स के लिए लगभग बंद हो जाएगा। अमेरिकी कंपनियों का आरोप- सस्ते विदेशी माल से मार्केट को नुकसान अमेरिकी सोलर ग्रुप ‘अलायंस फॉर अमेरिकन सोलर मैन्युफैक्चरिंग एंड ट्रेड’ ने वाणिज्य विभाग से सब्सिडी की जांच करने की अपील की थी। ग्रुप का कहना था कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरिंग को बचाने के लिए यह जांच जरूरी है। उन्होंने अब टैरिफ के इस फैसले का स्वागत किया है। अलायंस के मुख्य वकील टिम ब्राइटबिल ने कहा कि आज का फैसला अमेरिकी सोलर मार्केट में निष्पक्ष कॉम्पिटिशन को फिर से बहाल करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने ये भीकहा कि अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स देश की क्षमता बढ़ाने और अच्छी नौकरियां पैदा करने के लिए अरबों डॉलर का निवेश कर रहे हैं। अगर गलत तरीके से आयात किए गए माल को मार्केट बिगाड़ने की अनुमति दी गई, तो यह निवेश कभी सफल नहीं हो पाएगा। सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच अमेरिकी कॉमर्स डिपार्टमेंट सोलर सेल पर एंटी-डंपिंग ड्यूटी की भी जांच कर रहा है। आरोप है कि भारत, इंडोनेशिया और लाओस की कंपनियां अमेरिका में अपने माल को लागत से भी कम कीमत पर बेच रही हैं। ऐसा वो अमेरिकी बाजार पर कब्जे के लिए कर रही है। अमेरिकी मैन्युफैक्चरर्स ने इसे लेकर जुलाई में याचिका दायर की थी। आरोप लगाए थे कि चीनी कंपनियां भारत जैसे देशों के जरिए सस्ता माल अमेरिका भेज रही हैं। इन शिकायतों के बाद इंटरनेशनल ट्रेड कमीशन ने एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी के दावों की जांच शुरू कर दी थी। नॉलेज बॉक्स: क्या है एंटी-डंपिंग और काउंटरवेलिंग ड्यूटी?

WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.