‘राहुल गांधी ए राजा बेटा’: राइजिंग भारत में कंगना रनौत का कहना है कि कांग्रेस को एक बेहतर चेहरा चुनना चाहिए | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:27 फरवरी, 2026, 19:52 IST नई दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस नेताओं के शर्टलेस विरोध पर टिप्पणी करते हुए, रनौत ने इस घटना को निंदनीय बताया और कहा कि इसे उजागर किया जाना चाहिए। राइजिंग भारत समिट में कंगना रनौत। (न्यूज़18) अगर कांग्रेस खुद को बचाना चाहती है, तो उसे एक बेहतर चेहरे की तलाश करनी चाहिए, बॉलीवुड अभिनेत्री और मंडी से सांसद कंगना रनौत ने शुक्रवार को राइजिंग भारत समिट में राजनीतिक जीवन में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा। यह पूछे जाने पर कि वह राजनीति किससे सीख रही हैं, रनौत ने कहा कि किसी को सर्वश्रेष्ठ से सीखना चाहिए और उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का नाम लिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने गांधी से यह सबक सीखा कि क्या नहीं करना चाहिए क्योंकि उन्होंने उन्हें “अपरिपक्व” और “अशिक्षित” करार दिया था। नई दिल्ली में एआई शिखर सम्मेलन में युवा कांग्रेस नेताओं के शर्टलेस विरोध पर टिप्पणी करते हुए, कंगना ने इस घटना को निंदनीय बताया और कहा कि इसे उजागर किया जाना चाहिए। “यह दुर्भाग्यपूर्ण है। सबसे बढ़कर, राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारियों को ‘बब्बर शेर’ कहा। मुझे लगता है कि उनका दिमाग खराब हो गया है। आजादी के बाद महात्मा गांधी ने कहा था कि कांग्रेस को भंग कर देना चाहिए। लेकिन नेहरू नहीं माने। मुझे लगता है कि राहुल गांधी कांग्रेस को पूरी तरह से नष्ट करके अपना वह सपना पूरा करेंगे।” अभिनेता ने संसद में गांधी के व्यवहार को ‘टपोरी’ या ‘मवाली’ (गुंडे) जैसा करार दिया। “आपने देखा होगा कि वह संसद में कैसा व्यवहार करते हैं। मुझे लगता है कि कांग्रेस भी गांधी के कार्यों से शर्मिंदा है। मुझे नहीं लगता कि पार्टी का कोई भविष्य है लेकिन अगर वे खुद को बचाना चाहते हैं, तो उन्हें अब एक बेहतर चेहरे की तलाश करनी चाहिए।” उन्होंने गांधी को “राजा बेटा” (बिगड़ैल बेटा) कहा और कहा कि उन्हें लोगों द्वारा उनके लिए तालियां बजाने और उन पर ध्यान देने की आदत है। “मुझे लगता है कि वह बुरे व्यवहार वाले भी हैं क्योंकि संसद में बोलते समय स्पीकर को संबोधित करना चाहिए। मैं उनसे नाराज नहीं हूं लेकिन मुझे लगता है कि गांधी देश के लिए खतरा हैं क्योंकि वैश्विक मंच पर भी वह भारत के बारे में बुरा बोलते हैं और देश और इसकी अर्थव्यवस्था को बर्बाद करने की कोशिश करते हैं। वह भारत विरोधी ताकतों के हाथों की कठपुतली हैं। यह देखते हुए कि उनका आईक्यू कितना कम है, वह एक बहुत बड़ा खतरा हैं। एक भारतीय के रूप में, मुझे लगता है कि विपक्ष में भी, हम बेहतर के हकदार हैं।” राइजिंग भारत समिट 2026 भारत की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण क्षण पर स्थित, न्यूज18 राइजिंग भारत शिखर सम्मेलन 2026 27-28 फरवरी को भारत मंडपम में शीर्ष राष्ट्रीय नेतृत्व और अंतर्राष्ट्रीय प्रतिनिधियों को एक साथ लाता है। “स्ट्रेंथ विदइन” थीम पर आधारित यह शिखर सम्मेलन देश के सबसे बड़े प्लेटफार्मों में से एक है जहां शासन, आर्थिक महत्वाकांक्षा और रणनीतिक सोच मिलती है, जो वैश्विक बातचीत में भारत के बढ़ते प्रभाव को दर्शाती है। पिछले कुछ वर्षों में, राइजिंग भारत मंच ठोस नीति संवाद के लिए एक विश्वसनीय स्थल के रूप में विकसित हुआ है, और 2026 संस्करण भारत की प्रगति के अगले चरण को आकार देने वाले विचारों के इर्द-गिर्द तीव्र जुड़ाव का संकेत देता है। विषय प्रत्येक नागरिक के भीतर की सामूहिक शक्ति को सलाम करता है – वह शक्ति जो नवाचार को बढ़ावा देती है, लोकतंत्र को कायम रखती है, भारत विश्व मंच पर एक अग्रणी प्रकाश के रूप में है। पहले प्रकाशित: 27 फरवरी, 2026, 19:17 IST समाचार राजनीति ‘राहुल गांधी ए राजा बेटा’: राइजिंग भारत में कंगना रनौत का कहना है कि कांग्रेस को एक बेहतर चेहरा चुनना चाहिए अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कंगना रनौत कांग्रेस(टी)कंगना रनौत बयान(टी)कांग्रेस नेतृत्व(टी)राहुल गांधी आलोचना(टी)राइजिंग भारत समिट(टी)बॉलीवुड अभिनेता राजनीति(टी)मंडी सांसद कंगना रनौत(टी)कांग्रेस पार्टी की छवि
Supreme Court Ban NCERT Book Chapter

नई दिल्ली6 घंटे पहले कॉपी लिंक NCERT ने शुक्रवार को एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा गया है कि कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक ‘Exploring Society: India and Beyond – Part 2’ जिन व्यक्तियों या संगठनों के पास है वे इस किताब को तुरंत लौटाएं। इसमें कहा गया है कि कक्षा 8 की जिस किताब में “न्यायपालिका में भ्रष्टाचार” वाला अध्याय था और जिस पर रोक लगा दी गई है, उसकी सभी प्रतियां वापस NCERT मुख्यालय में जमा कराई जाएं। NCERT ने यह भी कहा कि इस किताब के ‘The Role of the Judiciary in Our Society’ अध्याय से जुड़ा कोई भी कंटेंट यदि सोशल मीडिया या डिजिटल प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया है, तो उसे तुरंत हटा दिया जाए। शिक्षा मंत्रालय ने रोक लगाने को कहा इससे पहले गुरुवार को केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय ने सूचना और प्रसारण मंत्रालय तथा इलेक्ट्रॉनिक्स मंत्रालय को पत्र लिखकर कहा था कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा किताब पर रोक लगाए जाने के बाद उसे डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से फैलने से रोका जाए। सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को कक्षा 8 की सामाजिक विज्ञान की किताब पर पूरी तरह रोक लगा दी थी। कोर्ट ने कहा था कि किताब में न्यायपालिका में भ्रष्टाचार से जुड़ी “आपत्तिजनक” बातें हैं। अदालत ने टिप्पणी की थी कि इससे संस्था की छवि को नुकसान पहुंचा है। इस किताब में लिखा गया था कि न्याय व्यवस्था के सामने भ्रष्टाचार, मामलों का लंबा लंबित रहना और जजों की कमी जैसी चुनौतियां हैं। सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी के बाद NCERT ने “अनुचित सामग्री” के लिए माफी मांगी है और कहा है कि किताब को संबंधित अधिकारियों से सलाह लेकर फिर से लिखा जाएगा। सुप्रीम कोर्ट ने 4 बड़े निर्देश दिए थे केंद्र और राज्यों के शिक्षा विभाग तय करें कि किताब चाहे स्कूलों में हो, छपी हुई हों या डिजिटल, तुरंत लोगों की पहुंच से हटाई जाए। किताब के प्रिंटेड या डिजिटल वर्जन को बांटना कोर्ट के आदेश का जानबूझकर उल्लंघन माना जाएगा। सभी राज्यों के शिक्षा विभाग के मुख्य सचिव 2 हफ्ते में इस मामले में कार्रवाई की रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपें। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद कोर्ट कमेटी बनाएगा, जो पूरे मामले की जांच करेगी और जिम्मेदार लोगों की पहचान करेगी। —————————————— ये खबर भी पढ़ें ‘करप्शन इन ज्यूडीशियरी’ वाली NCERT किताब पर SC का बैन:कहा- हार्ड कॉपी वापस लें, डिजिटल कॉपी हटाएं; शिक्षा मंत्री बोले- जो जिम्मेदार, उनपर कार्रवाई होगी सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को ‘न्यायपालिका में भ्रष्टाचार’ चैप्टर वाली NCERT के 8वीं क्लास की सोशल साइंस की किताब बैन कर दी है। चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने किताब छापने और बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि जो किताबें छप चुकी हैं, उसे जब्त कीजिए और डिजिटल कॉपियों को भी हटाइए। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बालाघाट पंचायतकर्मियों ने सीईओ के खिलाफ किया प्रदर्शन:कहा- तबादलों पर रोक के बावजूद सचिवों को इधर-उधर भेजा जा रहा

बालाघाट में जिला पंचायत सीईओ और पंचायत कर्मचारियों के बीच का विवाद अब आंदोलन में बदल गया है। वित्तीय वर्ष (Financial Year) खत्म होने से पहले काम का टारगेट पूरा करने के दबाव को लेकर कर्मचारियों ने सीईओ के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शुक्रवार को पंचायत सचिवों, जनपद और जिला पंचायत कर्मचारियों के साथ ही इंजीनियरों ने एक ‘संयुक्त मोर्चा’ बना लिया है। उन्होंने एलान किया है कि कल से दो दिनों तक सभी कर्मचारी सामूहिक अवकाश पर रहेंगे। अगर उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो 2 मार्च से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी जाएगी। कर्मचारियों के गंभीर आरोप पंचायत सचिव संगठन के अध्यक्ष जितेंद्र चित्रिव ने सीईओ अभिषेक सराफ पर मनमानी के आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि नियमों के खिलाफ जाकर कर्मचारियों के वेतन काटे जा रहे हैं। तबादलों पर रोक के बावजूद सचिवों को इधर-उधर भेजा जा रहा है। बेवक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (VC) ली जाती है, जिससे महिला कर्मचारियों को बहुत दिक्कत होती है। सरकारी नियमों को दरकिनार कर बेजा दबाव बनाया जा रहा है। सीईओ ने दी सफाई इन आरोपों पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक सराफ का कहना है कि साल खत्म होने वाला है और उन पर भी काम पूरा करने का सरकारी दबाव है। उन्होंने सफाई दी कि वे दफ्तर के समय में ही बैठकें लेते हैं ताकि शासन के काम समय पर पूरे हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह सब काम की जिम्मेदारी की वजह से है, न कि किसी को परेशान करने के लिए।
Worst Food for Thyroid: अंगुर से गोभी तक, थायराइड को बिगाड़ सकते हैं ये फूड्स

Last Updated:February 27, 2026, 19:21 IST Worst Food for Thyroid: थायराइड की दवा यदि आप जिंदगी भर नहीं खाना चाहते हैं, तो सही डाइट लेना शुरू कर दें. थायराइड में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं यहां आप जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट थायराइड की समस्या महिलाओं में बहुत ज्यादा कॉमन है. हार्मोनल ग्रेंड के ज्यादा एक्टिव या जररूत से कम एक्टिव होने से ये समस्या होती है. आज के समय में ये समस्या बहुत ज्यादा बढ़ गयी है. इसका कारण है खराब जीवनशैली. इसे सही खानपान और फीजिकल एक्टिविटी से कंट्रोल किया जा सकता है. कुछ लोग के लिए दवाओं से भी इसे कंट्रोल करना मुश्किल होता है, क्योंकि वो पूरी तरह से सिर्फ मेडिसिन पर डिपेंड हो जाते हैं और खानपान में कोई बदलाव नहीं करते हैं. यदि आप भी ये गलती कर रहे हैं, तो यहां चान लीजिए कि थायराइड होने पर किन चीजों को खाना चाहिए और किन चीजों से परहेज करना चाहिए. ये छोटा सा कदम आपकी दवा की जरूरत को भी खत्म कर सकता है. थायराइड में किन चीजों का सेवन कर सकते हैं- सब्जियों की बात करें तो इसमें लौकी, तोरी, पलवल, कद्दू गाजर, बीन्स और हरे पत्तेदार सभी सब्जियों का सेवन कर सकते हैं. यह सभी सब्जियां हल्की और सुपाच्य होती है. इसके साथ ही अनार, पपीता, सेब, नाशपाती और अमरूद जैसे फलों का सेवन कर सकते हैं. अब बात करते हैं खाद्य तेलों की- थायराइड में अच्छे तेल का इस्तेमाल करना जरूरी है. इसके लिए आहार में देसी घी, नारियल और सरसों का तेल शामिल कर सकते हैं. इसके साथ ही आहार में हल्की और आसानी से पचने वाली दालों को शामिल करें, जैसे मूंग की दाल, मसूर दाल और कुल्थी की दाल. यह दालें पाचन में सरल होती हैं और शरीर में प्रोटीन की मात्रा को भी पूरा करती हैं. अब सवाल है कि क्या नहीं खाना चाहिए? कुछ खाद्य पदार्थ सीधे तौर पर थायराइड को प्रभावित करती हैं, जैसे गांठ वाली सब्जी. थायराइड में किसी की तरह की गोभी और सोयाबीन नहीं खाने की सलाह दी जाती है क्योंकि वे पाचन में भारी और कफ को बढ़ाने वाली होती हैं. बात अगर फलों की करें तो थायराइड में केला, आम, चीकू और अंगूर से परहेज करने की सलाह दी जाती है. इसके साथ ही बार-बार गर्म किया हुआ तेल, मूंगफली का तेल और रिफाइंड तेल के सेवन को भी हानिकारक माना गया है. वहीं दालों में राजमा, छोले और सोयाचंक्स खाने की मनाही है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : February 27, 2026, 19:21 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
केरल हाईकोर्ट से ‘द केरल स्टोरी 2’ को राहत:सिंगल जज के अंतरिम आदेश पर दो हफ्तों की रोक, रिलीज पर फैसला सुरक्षित

केरल हाईकोर्ट ने फिल्म ‘द केरल स्टोरी 2’ की रिलीज पर लगी रोक को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। अदालत ने सिंगल जज के उस अंतरिम आदेश पर दो हफ्तों के लिए रोक लगा दी है, जिसमें फिल्म की रिलीज 15 दिनों के लिए स्थगित की गई थी। कोच्चि में शुक्रवार को जस्टिस सुष्रुत अरविंद धर्माधिकारी और जस्टिस पी. वी. बालकृष्णन की खंडपीठ ने यह आदेश फिल्म के निर्माता विपुल अमृतलाल शाह की अपील पर सुनाया। अपील देर गुरुवार रात दायर की गई थी, ठीक कुछ घंटों बाद जब फिल्म की रिलीज पर रोक लगाई गई थी। खंडपीठ ने गुरुवार रात ही सुनवाई पूरी कर फैसला सुरक्षित रख लिया था। विस्तृत आदेश अभी आना बाकी है। निर्माता की ओर से अदालत में दलील दी गई कि फिल्म का उद्देश्य केरल राज्य या किसी धार्मिक समुदाय को बदनाम करना नहीं है। उनके वकीलों ने कहा कि फिल्म केवल एक सामाजिक बुराई को दर्शाती है। साथ ही यह भी तर्क दिया गया कि यदि रिलीज पर रोक जारी रहती है तो निर्माताओं को भारी आर्थिक नुकसान होगा। फिल्म 27 फरवरी को भारत में 1,500 और विदेशों में 300 से अधिक सिनेमाघरों में रिलीज के लिए तय थी। इससे पहले सिंगल जज ने फिल्म की रिलीज पर रोक लगाते हुए कहा था कि प्रथम दृष्टया सेंसर बोर्ड ने कानूनी आवश्यकताओं पर उचित विचार नहीं किया। जज ने यह भी आशंका जताई थी कि फिल्म की सामग्री से सांप्रदायिक सौहार्द बिगड़ सकता है या किसी समुदाय की छवि धूमिल हो सकती है। अदालत ने अपने आदेश में यह भी कहा था कि फिल्म के टीजर की सामग्री में प्रथम दृष्टया सार्वजनिक धारणा को विकृत करने और सांप्रदायिक सद्भाव प्रभावित करने की क्षमता दिखाई देती है। अब खंडपीठ के ताजा आदेश के बाद फिल्म की रिलीज को लेकर स्थिति अस्थायी रूप से बदल गई है। विस्तृत आदेश आने के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कमजोरी और खून की कमी होगी दूर, नई माताओं के लिए वरदान है ये जंगली जड़ – News18 हिंदी

X कमजोरी और खून की कमी होगी दूर, नई माताओं के लिए वरदान है ये जंगली जड़ Natural Health Tips: आधुनिक चिकित्सा के दौर में भी झारखंड का आदिवासी समाज अपने पारंपरिक ज्ञान और औषधीय पौधों पर अटूट विश्वास रखता है. इसी कड़ी में जंगलों में मिलने वाला सतावर (शतावरी) का पौधा आज भी महिलाओं और शारीरिक रूप से कमजोर लोगों के लिए वरदान साबित हो रहा है. स्थानीय आदिवासी महिला नीलम देवी बताती हैं कि सतावर की जड़ें औषधीय गुणों से भरपूर हैं. प्रसव के बाद जिन माताओं में पर्याप्त दूध न बनने की समस्या होती है. उनके लिए यह औषधि चमत्कारिक है. इसके नियमित सेवन से मात्र 2-3 दिनों में सकारात्मक परिणाम दिखने लगते हैं. इसके अलावा यह खून की कमी पुरानी थकान और शारीरिक कमजोरी को दूर कर शरीर में नई ऊर्जा भरता है. सतावर का पाउडर बनाने के लिए इसकी जड़ों को खोदकर निकाला जाता है. फिर दो-तीन दिनों तक छांव में सुखाया जाता है. पूरी तरह सूखने के बाद इसे कूटकर बारीक चूर्ण तैयार किया जाता है. प्रतिदिन एक चम्मच पाउडर सादे पानी के साथ लेने से एक सप्ताह के भीतर शरीर में ताकत का अहसास होने लगता है. आदिवासी समाज का यह समृद्ध ज्ञान आज भी शहर से दूर रहने वाले परिवारों के लिए एक सुलभ और सुरक्षित स्वास्थ्य विकल्प बना हुआ है.
दिल्ली आबकारी नीति: केजरीवाल और सिसौदिया को सीबीआई मामले में क्लीन चिट, ईडी जांच का क्या होगा? | व्याख्याकार समाचार

आखरी अपडेट:27 फरवरी, 2026, 18:14 IST अपने डिस्चार्ज आदेश में, अदालत ने माना कि सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र में बड़े अंतराल, विरोधाभास और बयान थे जो स्वतंत्र साक्ष्य पर आधारित नहीं थे। आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पार्टी नेता मनीष सिसौदिया ने दिल्ली की एक अदालत द्वारा उन्हें उत्पाद शुल्क नीति से संबंधित भ्रष्टाचार मामले में बरी किए जाने के बाद परिवार के सदस्यों के साथ जश्न मनाया। (पीटीआई) आम आदमी पार्टी (आप) के नेतृत्व को एक महत्वपूर्ण राहत देते हुए, दिल्ली की राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उनके डिप्टी मनीष सिसोदिया सहित दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति मामले में सभी 23 आरोपियों को बरी कर दिया है। अदालत ने पाया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) द्वारा दायर आरोप पत्र “दागदार” था और अभियोजन का समर्थन करने के लिए “प्रथम दृष्टया” सबूतों का अभाव था। विशेष न्यायाधीश जितेंद्र सिंह ने कहा कि व्यापक रूप से आलोचना की गई शराब उत्पाद शुल्क नीति के डिजाइन और कार्यान्वयन में “कोई व्यापक साजिश या आपराधिक इरादा” नहीं था, और सीबीआई का मामला “अटकलों पर आधारित था और ठोस तथ्यों पर आधारित नहीं था।” न्यायाधीश ने सीबीआई द्वारा की गई जांच में विसंगतियों, अफवाहों और कमियों की ओर भी इशारा किया। हालाँकि यह घटनाक्रम आप नेतृत्व के लिए मनोबल बढ़ाने वाला रहा है, लेकिन इसने एक महत्वपूर्ण सवाल भी खड़ा कर दिया है- घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मनी लॉन्ड्रिंग मामले के बारे में क्या? उत्पाद शुल्क नीति मामला यह मामला 2021-22 की दिल्ली उत्पाद शुल्क नीति के निर्माण में प्रक्रियात्मक अनियमितताओं और धन की संभावित हानि के संबंध में दिल्ली के मुख्य सचिव की एक शिकायत के आधार पर सीबीआई द्वारा दर्ज की गई 2022 की एफआईआर से जुड़ा है। कुछ निजी शराब लाइसेंसधारियों के पक्ष में नीति तैयार करने और राजनीतिक व्यक्तियों को रिश्वत दिए जाने की खबरें थीं। सीबीआई को संदेह था कि नीति को इस तरह से तैयार किया गया था कि इसमें कम शुल्क और छूट जैसे अनुचित लाभ दिए गए, जिसके कारण भ्रष्टाचार और धन की हानि के आरोप लगे। एक बिंदु ऐसा भी था जहां सीबीआई को नीति को प्रभावित करने के लिए तीसरे पक्ष से 100 करोड़ रुपये के भुगतान का संदेह था। इसकी मनी लॉन्ड्रिंग के लिए प्रवर्तन निदेशालय द्वारा एक साथ जांच की गई थी। नीति तैयार होने के समय उत्पाद शुल्क विभाग संभाल रहे सिसौदिया को 2023 की शुरुआत में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया था। केजरीवाल को बाद में मनी लॉन्ड्रिंग की जांच कर रहे ईडी मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो कथित तौर पर उसी उत्पाद शुल्क नीति से जुड़ा था। कोर्ट ने सीबीआई केस क्यों हटा दिया? अपने डिस्चार्ज आदेश में, अदालत ने माना कि सीबीआई द्वारा दायर आरोपपत्र में बड़े अंतराल, विरोधाभास और बयान थे जो स्वतंत्र साक्ष्य पर आधारित नहीं थे। सबसे पहले, केजरीवाल या सिसौदिया के खिलाफ प्रथम दृष्टया कोई मामला नहीं बना, जिसका मतलब है कि अदालत को मुकदमा चलाने के लिए पर्याप्त विश्वसनीय सामग्री नहीं मिली। अदालत ने यह भी माना कि अभियोजन पक्ष का मामला उन धारणाओं और गवाहों के बयानों पर आधारित था जिनमें दम नहीं था। इसके अलावा, अदालत अनुमोदक साक्ष्य के उपयोग की आलोचना कर रही थी, जिसका अर्थ है कि अभियुक्त को उसकी गवाही के बदले में छूट दी गई थी। दरअसल, कुछ बयानों में कोर्ट ने खराब जांच के लिए सीबीआई अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच की सिफारिश की थी. फैसले के बाद केजरीवाल ने क्या कहा? केजरीवाल ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा, “मैं मोदी जी को दिल्ली में दोबारा चुनाव कराने की चुनौती देता हूं। मैं पूरे विश्वास के साथ कह सकता हूं कि अगर उन्हें 10 से ज्यादा सीटें मिलेंगी तो मैं राजनीति छोड़ दूंगा।” पूर्व मुख्यमंत्री ने यह बताते हुए कि उन्होंने चुप रहना क्यों चुना, कहा, “लोग पूछते रहे कि मैं कहां गया था। मैंने सच्चाई सामने आने तक चुप रहने का फैसला किया। इस अवधि के दौरान हमारे परिवारों को बहुत नुकसान हुआ।” केजरीवाल ने पीएम नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर पार्टी को खत्म करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए आम आदमी पार्टी के खिलाफ राजनीतिक साजिश का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा, “आप को खत्म करने के लिए दो लोगों ने यह साजिश रची। आज उन्हें देश से माफी मांगनी चाहिए। मैंने पैसा नहीं, बल्कि ईमानदारी कमाई है।” अब ED केस का क्या होगा? इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, “आम तौर पर, ईडी मनी लॉन्ड्रिंग का मामला एक ‘विधेय अपराध’ पर आधारित होता है – वह अपराध जो कथित तौर पर अपराध की आय का उत्पादन करता है। वकीलों का कहना है कि अक्सर, यदि विधेय अपराध को खत्म कर दिया जाता है या आरोपियों को बरी कर दिया जाता है, तो मनी लॉन्ड्रिंग में उनके खिलाफ मामला टूट सकता है क्योंकि पैसे की कोई ‘अवैध उत्पत्ति’ नहीं होगी।” लेकिन सरकार की एजेंसियों ने संकेत दिया है कि वे आरोपमुक्ति के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय सहित उच्च न्यायालयों में अपील कर सकते हैं। यदि अपील स्वीकार कर ली जाती है और मुकदमा जारी रहता है या रिहाई पर रोक लगा दी जाती है, तो ईडी मामले का भाग्य बदल सकता है। साथ ही, राजस्व के नुकसान की ओर इशारा करने वाली स्वतंत्र ऑडिट और असेंबली रिपोर्ट ने मामले की कानूनी जटिलताओं को और बढ़ा दिया है। आगे क्या? संभावना है कि सीबीआई निचली अदालत के फैसले के खिलाफ दिल्ली उच्च न्यायालय में अपील करेगी, जिसका मतलब है कि कानूनी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है। इसके अतिरिक्त, मनी लॉन्ड्रिंग का ईडी मामला अभी भी लंबित है, हालांकि इसकी व्यवहार्यता विधेय उत्पाद शुल्क मामले की अपील के नतीजे पर निर्भर हो सकती है। राजनीतिक रूप से, अदालत के फैसले को आम आदमी पार्टी के लिए एक बड़ी मंजूरी के रूप में देखा जा रहा है, हालांकि इसके विरोधी लंबित ईडी मामले या ऑडिट रिपोर्ट का इस्तेमाल गर्मी बनाए रखने के लिए कर सकते हैं। पहले प्रकाशित: 27 फरवरी, 2026, 18:14 IST समाचार समझाने वाले दिल्ली आबकारी नीति: केजरीवाल और सिसौदिया को सीबीआई मामले में क्लीन चिट, ईडी जांच का क्या होगा? अस्वीकरण: टिप्पणियाँ
TVK प्रमुख और अभिनेता विजय पर बेवफाई का आरोप:पत्नी संगीता ने 25 साल बाद दायर की तलाक याचिका

साउथ के मशहूर अभिनेता और तमिलागा वेट्री काझागम (TVK) प्रमुख थलापति विजय की पत्नी संगीता सोर्नालिंगम ने अपने 25 साल के वैवाहिक जीवन के बाद तलाक के लिए फैमिली कोर्ट में याचिका दायर कर दी है। उनकी तरफ से दायर पिटिशन में आरोप लगाया गया है कि विजय ने अधिकारियों और व्यक्तियों के साथ संबंध रखे, जिससे उनका वैवाहिक जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। सिलीब्रिटी सर्कल में यह मामला तुरंत सुर्खियों में आ गया है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के मुताबिक, संगीता ने चेन्नगपट्टू फैमिली कोर्ट में याचिका दाखिल करते हुए कहा है कि विजय पर बेवफाई (इन्फिडेलिटी) का गंभीर आरोप है, और इसी कारण अब वह साथ नहीं रहना चाहती। इससे पहले यह दंपती मीडिया के सामने अक्सर एक साथ दिखते थे, लेकिन अब संगीता द्वारा तलाक की मांग किए जाने से तमिल सिनेमा व राजनीति के दोनों मोर्चों पर चर्चा शुरू हो गई है। विजय के खिलाफ दायर इस पिटिशन को अदालत ने विकासशील मामला बताया है और आगे की सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के तर्क सुने जाएंगे। विजय और संगीता की पहली मुलाकात 1990 के दशक के आखिर में हुई थी। संगीता उस समय यूके में रहती थीं और विजय की बड़ी फैन थीं। बताया जाता है कि वह उनकी एक फिल्म की शूटिंग के दौरान चेन्नई पहुंचीं और सेट पर उनसे मिलने की इच्छा जताई। मुलाकात के दौरान संगीता ने विजय को बताया कि वह उनकी फिल्मों की नियमित दर्शक हैं। यह बातचीत धीरे-धीरे दोस्ती में बदली। बाद में दोनों परिवारों की सहमति से रिश्ता आगे बढ़ा और 25 अगस्त 1999 को शादी कर ली। शादी के बाद संगीता ज्यादातर लाइमलाइट से दूर रहीं, लेकिन पारिवारिक और सार्वजनिक कार्यक्रमों में विजय के साथ नजर आती रही हैं। इस कपल के दो बच्चे हैं। बेटा जेसन संजय जो फिल्ममेकिंग की पढ़ाई कर चुके हैं, और बेटी दिव्या साशा है। विजय ने अपने लंबे 33 साल के फिल्मी करियर के बाद 30 जनवरी 2026 को घोषणा की कि वह अभिनय से संन्यास ले रहे हैं और अब पूरी तरह राजनीति पर ध्यान देंगे। उनकी आखिरी फिल्म ‘जन नायकन’ 9 जनवरी 2026 को रिलीज होने वाली थी, लेकिन अभी तक यह फिल्म नहीं रिलीज हो पाई है। इस फिल्म को अभी सेंसर सर्टिफिकेट नहीं मिला है। इससे पहले मेकर्स ने फिल्म को सेंसर बोर्ड में सबमिट किया, लेकिन बोर्ड ने सर्टिफिकेट जारी नहीं किया और मामला मद्रास हाईकोर्ट तक पहुंच गया। सेंसर बोर्ड की रिवाइजिंग कमिटी ने फिल्म की समीक्षा करना बाकी रखा है, इसलिए फाइनल सर्टिफिकेट नहीं मिला है, जिससे रिलीज डेट तय नहीं हो पा रही है।
TVK चीफ-एक्टर विजय की पत्नी ने तलाक याचिका दायर की:पति पर एक्ट्रेस से अफेयर का आरोप; शादी के 27 साल हुए, दो बच्चे भी

तमिल सुपरस्टार और मिलगा वेट्री कजगम(TVK) प्रमुख विजय की पत्नी संगीता ने 24 फरवरी 2026 को चेंगलपट्टू फैमिली कोर्ट में तलाक के लिए याचिका दाखिल की है। याचिका में विजय पर एक एक्ट्रेस के साथ अवैध संबंध का आरोप लगाया गया है। कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर केस फैमिली वेलफेयर कमिटी को भेज दिया। दंपति पिछले दो साल से अलग रह रहे थे। दोनों की शादी 1999 में हुई थी। शादी को 27 साल हो चुके हैं। कोर्ट में इस मामले पर अगली सुनवाई 20 अप्रैल को करेगा। विजय की टीम और संगीता ने मामले पर अबतक कोई बयान नहीं दिया है। शादी को 27 साल हो चुके हैं विजय और संगीता की शादी को करीब 27 साल हो चुके हैं। 25 अगस्त 1999 को कपल शादी के बंधन में बंधे थे। जल्द ही दोनों को एक-दूसरे से प्यार हो गया और दोनों ने शादी का फैसला कर लिया। दोनों ने उस दौर में हिंदू और ईसाई दोनों धर्मों से शादी की थी। 2000 में कपल ने अपने पहले बच्चे को जन्म दिया जिसका नाम जेसन संजय है, वहीं 2005 में उनके घर बेटी का जन्म हुआ। रैली में भगदड़ से विवादों में आए विजय 27 सितंबर तमिलनाडु के करूर में अभिनेता से नेता बने विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कजगम यानी TVK की रैली में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे थे। बताया गया है कि 9 साल की एक बच्ची गुम हो गई थी। विजय ने मंच से उसे तलाशने की अपील पुलिस और अपने लोगों से की, जिसके बाद वहां भगदड़ जैसे हालात बन गए। इसमें 41 लोगों की मौत हो गई थी। भीड़ में फंसने से कई लोगों को सांस लेने में परेशानी हुई और कई लोग और कार्यकर्ता बेहोश होने लगे। हालात बिगड़ते देख विजय ने भाषण रोक दिया और लोगों से शांति की अपील की। इसके बाद वे भाषण छोड़कर निकल गए। विजय की रैली के लिए 10 हजार लोगों की परमिशन थी। प्रशासन को 50 हजार लोगों के जुटने का अनुमान था, लेकिन वहां करीब 1 लाख 20 हजार लोग एकत्र हो गए थे। मामले में CBI ने 6 घंटे पूछताछ की थी इसी साल 12 जनवरी को सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन(CBI) ने रैली में भगदड़ मामले में एक्टर से 6 घंटे पूछताछ की थी। विजय सुबह 11.29 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच काली रेंज रोवर से नई दिल्ली के CBI हेडकॉर्टर पहुंचे थे, शाम को लगभग 6.15 बजे बाहर निकले थे।
'अखिलेश मुसलमान और राहुल हिन्दुओं को ईसाई बनाना चाह रहे':प्रमोद कृष्णम बोले- पहले पार्टी के लिए थे समस्या, अब राष्ट्र की समस्या हैं नेता प्रतिपक्ष

ऊधम सिंह नगर में कांग्रेस से निकाले गए कल्कि धाम पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने राहुल गांधी और अखिलेश यादव पर जमकर हमला किया। उन्होंने कहा- अखिलेश यादव यादवों को मुसलमान बनाना चाहते हैं और राहुल गांधी हिन्दुओं को ईसाई बनाना चाहते हैं। आचार्य कृष्णम ने दोनों नेताओं पर धर्म परिवर्तन को बढ़ावा देने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह दोनों नेता सत्ता हासिल करने के लिए ऐसा कर रहे हैं। कृष्णम ने यह भी कहा कि जातियां हमारी विशेषताएं हैं, लेकिन हिंदू होना सौभाग्य की बात है। आचार्य कृष्णम के इन बयानों से राजनीतिक माहौल गरमा गया है। उनके समर्थकों ने उनके बयानों का समर्थन किया है, जबकि विरोधियों ने उनकी आलोचना की है। उन्होंने यह बयान काशीपुर में आयोजित विराट हिंदू सम्मेलन में दिया। सम्मेलन में हजारों सनातनियों ने भाग लिया। हिंदू होना सौभाग्य की बात कृष्णम ने कहा कि जातियां हमारी विशेषताएं हैं। किसी भी जाति में जन्म लेना भाग्य का विषय हो सकता है, लेकिन हिंदू होना सौभाग्य की बात है। राहुल गांधी के जनेऊ मामले पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि राहुल गांधी पहले कांग्रेस के लिए समस्या थे, लेकिन अब वे राष्ट्र की समस्या बन गए हैं। सनातन संस्कृति सदियों पुरानी आचार्य प्रमोद कृष्णम ने सनातन संस्कृति को सदियों पुरानी बताया। उन्होंने कहा कि पूरी दुनिया की सबसे प्राचीन संस्कृति सनातनी है। भारत में पैदा होने वाला प्रत्येक व्यक्ति सनातनी है उसका संबंध कहीं न कहीं सनातन से है। सनातन के अलग-अलग पंथ हैं। सनातन के दो धाराएं निर्गुण और सगुण एक शाखा हैं, जो निर्गुण को मानती है कि परमात्मा कभी जन्म नहीं लेता। दूसरी है जो मानती है परमात्मा जन्म लेता है, सनातन की जो सगुण शाखा है उसी परंपरा में भगवान राम ने अवतार लिया। भगवान श्रीकृष्ण का होगा कल्कि अवतार उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का श्री कल्कि का अवतार होगा। हमारे गुरुओं ने तपस्याएं की हैं। इस सनातन संस्कृति की रक्षा के लिए बलिदान दिए हैं, लेकिन इस समय सनातन के ऊपर बहुत बड़ा खतरा है। लोग सनातन को तोड़ना चाहते हैं। सनातन को इसलिए तोड़ना चाहते हैं, उन्हें मालूम है कि अगर भारत को तोड़ना है तो पहले सनातन को तोड़ना पड़ेगा। क्योंकि भारत की शक्ति ही सनातन है, इसलिए तमाम सनातन धर्म को मानने वाले जितने भी लोग हैं उन सभी को यह बात सोचनी है। इस सिलसिले में और उसी क्रम में हिंदू सम्मेलनों का आयोजन हो रहा है। भारत खुद हिंदू राष्ट्र हिंदू राष्ट्र को लेकर उन्होंने कहा कि हिंदू राष्ट्र बनाने की कोई आवश्यकता नहीं है। भारत खुद हिंदू राष्ट्र है, जिसे हम हिंदुस्तान कहते हैं। वह असल में हिंदू स्थान है, हिंदुओं का स्थान और जो भारत में रह रहा है, भारत में जन्म लिया है, जो हिंदुस्तान में पैदा हुआ, वह हिंदू है। इसके अलग मत हैं बहुत संप्रदाय हैं, समाज हैं, पंथ हैं, कोई दादू पंथी है, कोई नानक पंथी है, कोई कबीर पंथी है, कोई आर्य समाजी है, लेकिन है सब हिन्दू और जो लोग हिंदुओं को बांटकर सत्ता पाना चाहते हैं, उनसे सचेत रहने की आवश्यकता है। ————————————- यह खबर भी पढ़ें… ‘गोदियाल ने मुंबई में बार बालाएं नचवाईं’:चैंपियन बोले- कांग्रेस अय्याशियों की पार्टी; जैनी बच्चा हुआ, तब हरक सिंह रावत ने रोकर इस्तीफा दिया उत्तराखंड में महिला डांसर पर नोट उड़ाने के बाद चर्चाओं में आए भाजपा के पूर्व विधायक प्रणव सिंह चैंपियन ने फेसबुक अकाउंट पर एक वीडियो शेयर कर कांग्रेस को अय्याशियों की पार्टी बताया है। उन्होंने दावा किया है कि 2002 में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने आधी रात को मुंबई में शराब पार्टी करवाई और फिर बार बालाओं को नचवाया। उनके मुताबिक इस पार्टी में पूर्व कैबिनेट मंत्री हरक सिंह रावत भी शामिल थे।(पढ़ें पूरी खबर)









