टीचर ने घर को बना दिया साइंस म्यूजियम:35-40 लाख खर्च कर 22 देशों से मंगवाए उपकरण, खेल-खेल में सिखाते हैं फिजिक्स

स्कूली स्टूडेंट्स में फिजिक्स सब्जेक्ट और साइंस के प्रति उत्सुकता जगाने के लिए जयपुर के जीएस मेनारिया ने अपने तीन मंजिला घर को ही साइंस का म्यूजियम बना दिया। यहां बच्चे खेल-खेल में साइंस सीखते हैं। 20 साल में 22 देशों से जुटाए गए भौतिकी से जुड़े दुर्लभ मॉडल और उपकरण इस घर को खास बनाते हैं। मेनारिया का दावा है कि उनके पास मौजूद 150 से ज्यादा ऐसे इंटरएक्टिव ‘खिलौने’ हैं, जो देश के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मौजूद नहीं। मेनारिया ने इस आइडिया पर लाखों रुपए खर्च किए, ताकि स्कूली बच्चे जटिल सिद्धांतों को प्रयोग के जरिए समझ सकें, बिना किसी डर के, बिना रट्टा मारे। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… चितौड़गढ़ के बड़ीसादड़ी के रहने वाले जीएस मेनारिया के पिता भगवान लाल गांव के स्कूल में फिजिक्स लैब सहायक थे। 40 साल पिता ने वहां नौकरी की। मेनारिया कहते हैं, जिस विषय से हमारा घर चला, हमने उसी को पूजा। वही सम्मान आगे चलकर जुनून बना। 1996 में पिता के रिटायरमेंट पर मेनारिया ने उनके नाम से 10 हजार रुपए का ड्राफ्ट स्कूल को दिया ताकि ब्याज से फिजिक्स टॉपर को स्कॉलरशिप मिले। आज वही रकम 5 लाख रुपए तक पहुंच चुकी है। उसी लैब से जुड़े तीन होनहार छात्रों को हर साल छात्रवृत्ति मिलती है। पहला रिसर्च पेपर छपा, वहीं से बदली दिशा मेनारिया ने सुखाड़िया यूनिवर्सिटी से ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रेजुएशन किया। इसके बाद जयपुर में रहकर बच्चों को फिजिक्स पढ़ाने लगे। यहीं से पढ़ाने का तरीका बदलने की बेचैनी शुरू हुई। 1988 में ऑल इंडिया फिजिक्स टीचर्स एसोसिएशन की राष्ट्रीय परीक्षा में ‘फिजिक्स को लोकप्रिय कैसे बनाएं’ विषय पर उनका पेपर पूरे राजस्थान में प्रथम रहा। आज मेनारिया इस परीक्षा के स्टेट को-ऑर्डिनेटर हैं। यहां से मिला आइडिया 2005 में आइंस्टीन के E=mc² को 100 साल पूरे होने पर मनाए गए इंटरनेशनल ईयर ऑफ फिजिक्स के तहत मैसूर में हुए सम्मेलन में उन्होंने अपना रिसर्च पेपर प्रस्तुत किया। यह आयोजन भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग और नेशनल टीचर साइंस कांग्रेस की ओर से हुआ था। पैनल के सामने उन्होंने ‘कोऑपरेटिव लर्निंग के जरिए फिजिक्स पढ़ाने की डायनामिक्स’ पर पेपर प्रस्तुत किया, जो न सिर्फ सराहा गया, बल्कि दुनिया भर से आए चुनिंदा रिसर्च पेपर्स में शामिल भी हुआ। यहीं मेनारिया ने पहली बार देखा कि कैसे खिलौनों, मॉडल्स और खुद के डिजाइन किए उपकरणों से फिजिक्स को आम भाषा में समझाया जा सकता है। यही वह पल था, जब उन्हें फिजिक्स को पढ़ाने नहीं, दिखाकर समझाने का विचार आया। 500 से ज्यादा उपकरण, 150 ऐसे जो देश में कहीं नहीं फिजिक्स को खेल-खेल में समझाने के लिए जीएस मेनारिया के पास 500 से ज्यादा फिजिक्स खिलौने और उपकरण हैं, जिनमें से 300 से अधिक जयपुर के प्रतापनगर स्थित उनके तीन मंजिला घर में प्रदर्शित हैं। मेनारिया का दावा है कि इनमें 150 से ज्यादा ऐसे इंटरएक्टिव मॉडल हैं, जो पूरे देश के किसी भी शैक्षणिक संस्थान में मौजूद नहीं। इन उपकरणों को उन्होंने 22 देशों से मंगवाया है। कुछ सीधे विदेशों से तो कुछ अपने उन छात्रों के जरिए जो अलग-अलग देशों में काम कर रहे हैं। इन सब पर अब तक 35-40 लाख रुपए खर्च हो चुके हैं। इस तरह सिखाते हैं फिजिक्स उपकरणों के लिए घर छोटा पड़ा तो नया बनवाया जयपुर के दुर्गापुरा की शांतिनगर कॉलोनी वाला घर इन उपकरणों से भर गया तो प्रतापनगर में नया मकान बनवाया। आधा बनते-बनते फैसला हो गया कि यह घर नहीं, फिजिक्स का संग्रहालय होगा। आज नए घर के ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर उनकी 20 साल की मेहनत सजी है। थर्ड फ्लोर वर्कशॉप के लिए है, जिसे जल्द बाकी बचे उपकरणों से सजाने की तैयारी है। अब तक 100 से ज्यादा राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय अवॉर्ड जीत चुके मेनारिया की किताब ‘डांसिंग फिजिक्स’ भी जल्द प्रकाशित होने वाली है।
बोलिविया में करेंसी से भरा प्लेन क्रैश, 15 की मौत:30 घायल, खराब मौसम के कारण रनवे से फिसला; हाईवे पर बिखरे नोट उठाने जुटे लोग

बोलिविया के एल आल्टो शहर में शनिवार सुबह (भारतीय समयानुसार) वायुसेना का हरक्यूलिस विमान क्रैश हो गया। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से ज्यादा लोग घायल हैं। विमान देश के सेंट्रल बैंक के नए नोट लेकर जा रहा था। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, खराब मौसम के बीच विमान लैंडिंग के बाद रनवे से फिसलकर पास की व्यस्त सड़क पर जा गिरा। जिस सड़क पर यह गिरा, वहां खड़ी 10 से 15 गाड़ियां भी इसके चपेट में आ गए और डैमेज हो गईं। एयरक्राफ्ट का मलबा, टूटी हुई कारें और लाशें सड़क पर बिखरी नजर आई। सड़क पर बैंक के नोट भी बिखरे नजर आए, जिन्हें उठाने के लिए लोग मौके पर जुट गए। हादसे के बाद एयरपोर्ट अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। हादसे की तस्वीरें… दो टुकड़ों में बंटा प्लेन सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हादसे के बाद अफरातफरी का माहौल दिखा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए स्थानीय अधिकारियों को पानी की बौछार और आंसू गैस का इस्तेमाल करना पड़ा। हालांकि, इन वीडियो की आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। हादसे के बाद एल आल्टो इंटरनेशनल एयरपोर्ट को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। राष्ट्रीय एयरलाइन ने बयान जारी कर बताया कि दुर्घटनाग्रस्त प्लेन उसके बेड़े का हिस्सा नहीं था, यह वायुसेना का विमान था। स्थानीय मीडिया में प्रसारित फुटेज में विमान बुरी तरह क्षतिग्रस्त दिखा। हादसे के बाद प्लेन दो टुकड़ों में बंट गया। बोलिविया का सेंट्रल बैंक आज इस घटना पर प्रेस ब्रीफिंग करने वाला है। हादसे के कारणों की आधिकारिक जांच शुरू कर दी गई है। घायलों का इलाज स्थानीय अस्पतालों में जारी है। प्रशासन ने मृतकों की पहचान और नुकसान का आकलन शुरू कर दिया है। —————————– ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका में बर्फीले तूफान से 11 हजार फ्लाइट रद्द:5 लाख घरों की बिजली गुल, 153 साल में पहली बार अखबार नहीं छप सका अमेरिका में भीषण तेज हवाओं और भारी बर्फबारी के कारण एयरपोर्ट पर रनवे बंद करने पड़े और कई जगह उड़ानों पर रोक लगानी पड़ी है। यहां रविवार से मंगलवार के बीच 11,055 से ज्यादा उड़ानें रद्द कर दी गईं। पूरी खबर पढ़ें…
दतिया में डिजिटल लोन फ्रॉड में 2.09 लाख की ठगी:आदित्य बिरला फाइनेंस बनकर महिला ने युवक को फंसाया

डिजिटल लोन की जरूरत आम आदमी को किस तरह साइबर ठगों के जाल में फंसा रही है, इसका ताजा उदाहरण दतिया जिले से सामने आया है। यहां एक फाइनेंस कंपनी का नाम और फर्जी डिजिटल लोन स्कीम दिखाकर एक युवक से करीब 2 लाख 9 हजार 658 रुपये की ठगी कर ली गई। थाना गोदन में फरियादी विपिन यादव (33) निवासी ग्राम छान ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 8 फरवरी 2025 को उसने गूगल पर फाइनेंस लिमिटेड की वेबसाइट खोलकर न्यू डिजिटल बिजनेस लोन के लिए आवेदन किया था। आवेदन के 2-3 दिन बाद उसके मोबाइल नंबर पर 8959837049 से कॉल आया। कॉल करने वाली महिला ने खुद को फाइनेंस कंपनी से प्रिया वर्मा बताते हुए कहा कि वह लोन के लिए पात्र है। लेकिन पहले प्रोसेसिंग फीस जमा करनी होगी। किस्तों में ठगी का पूरा खेल विश्वास में लेकर ठगों ने अलग-अलग तारीखों में फोनपे और गूगलपे के जरिए रकम ट्रांसफर करवाई। 11 फरवरी 2025 से 29 दिसंबर 2025 तक लगातार अलग-अलग बहानों से पैसे मंगवाए गए। कभी फाइल चार्ज, कभी जीएसटी, कभी लोन अप्रूवल, तो कभी इंश्योरेंस के नाम पर रकम ऐंठी गई। इस तरह फरियादी से कुल कुल 2 लाख 9 हजार 658 की ठगी कर ली गई। लेकिन न लोन मिला और न ही कॉल रिसीव होना बंद हुआ। थाना प्रभारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि, अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces

Hindi News International Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces | Islamabad Military Bases काबुल/इस्लामाबाद1 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों मारे गए हैं, जबकि 500 से ज्यादा घायल हुए। दोनों देश आगे भी एक दूसरे को सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अमेरिका दखल देगा? इस पर उन्होंने कहा कि मैं दखल दे सकता हूं, लेकिन मेरे पाकिस्तान से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा प्रदर्शन कर रहा है। वहीं पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि देश में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है। उनका कहना है कि इन गतिविधियों के लिए अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात हुई, जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की। इसके बाद में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार और अन्य प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान का दावा- 274 अफगान लड़ाके मारे पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, अब तक 274 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं। उनका कहना है कि 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट की गईं, 74 चौकियां तबाह की गईं और 18 चौकियों पर पाकिस्तानी सेना ने कंट्रोल कर लिया है। पाकिस्तान ने यह भी स्वीकार किया कि उसके 12 सैनिक मारे गए और 27 घायल हुए हैं। वहीं तालिबान का कहना है कि उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके मारे गए और कुछ घायल हुए हैं। उसने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने आगे हमला किया तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के हवाई हमले की फुटेज… पाकिस्तान के हमले से तबाह अफगान ठिकाने का सैटेलाइट फुटेज। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई रिहायशी ठिकानों पर भी हमला किया। पाकिस्तान में निजी ड्रोन उड़ाने पर रोक अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के अंदर ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिरा दिए गए और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल रजा ने दावा किया कि अफगानिस्तान से उड़ाए गए ड्रोन ने इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर समेत कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव पास पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया। विदेश मंत्रालय ने कहा कि आगे किसी भी उकसावे पर कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए आरोप लगाया कि वहां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। पाकिस्तान ने TTP और ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। तालिबान का कहना था कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे। वहीं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। अफगानिस्तान का नंगरहार का बड़ा इलाका पाकिस्तानी हमले के बाद आग की लपटों में घिर गया था। (सोर्स- X) दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान-अफगानिस्तान में जंग के हालात:PAK बोला- 274 अफगान लड़ाके मारे, 400 से ज्यादा घायल, तालिबान हमलों के पीछे भारत पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात जंग जैसे हो गए हैं। पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में फिर से एयरस्ट्राइक की है। वहीं तालिबान ने दावा किया है कि उसने इस्लामाबाद के फैजाबाद सैन्य ठिकाने समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces

Hindi News International Pakistan Afghanistan War Action LIVE Photos Update; Taliban PAK Forces | Islamabad Military Bases काबुल/इस्लामाबाद43 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सैन्य संघर्ष में दोनों पक्षों के 300 से ज्यादा लोगों मारे गए हैं, जबकि 500 से ज्यादा हुए हैं। दोनों देश आगे भी एक दूसरे को सैन्य कार्रवाई करने की धमकी दे रहे हैं। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प से जब पूछा गया कि पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच अमेरिका दखल देगा? इस पर उन्होंने कहा कि मैं दखल दे सकता हूं, लेकिन मेरे पाकिस्तान से बहुत अच्छे रिश्ते हैं। पाकिस्तान इस समय काफी अच्छा कर रहा है। वहीं पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि देश में होने वाले आतंकी हमलों के पीछे भारत की भूमिका है। उनका कहना है कि इन गतिविधियों के लिए अफगान तालिबान के क्षेत्र का इस्तेमाल किया जाता है। पाकिस्तान और अफगानिस्तान में संघर्ष की शुरुआत गुरुवार देर रात हुई, जब अफगानिस्तान ने 22 फरवरी को हुए पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक के जवाब में कार्रवाई की। इसके बाद में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन गजब-लिल-हक’ शुरू किया। पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल, कंधार, पक्तिया, नंगरहार और अन्य प्रांतों में एयरस्ट्राइक की। पाकिस्तान का दावा- 274 अफगान लड़ाके मारे पाकिस्तान सेना के प्रवक्ता अहमद शरीफ चौधरी के अनुसार, अब तक 274 तालिबान लड़ाके मारे गए हैं और 400 से ज्यादा घायल हुए हैं। उनका कहना है कि 115 टैंक और बख्तरबंद गाड़ियां नष्ट की गईं, 74 चौकियां तबाह की गईं और 18 चौकियों पर पाकिस्तानी सेना ने कंट्रोल कर लिया है। पाकिस्तान ने यह भी स्वीकार किया कि उसके 12 सैनिक मारे गए और 27 घायल हुए हैं। वहीं तालिबान का कहना है कि उसके सिर्फ 8 से 13 लड़ाके मारे गए और कुछ घायल हुए हैं। उसने दावा किया कि 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए और दो सैन्य मुख्यालयों समेत कई चौकियों पर कब्जा किया गया। तालिबान ने चेतावनी दी है कि अगर पाकिस्तान ने आगे हमला किया तो और कड़ा जवाब दिया जाएगा। पाकिस्तान के हवाई हमले की फुटेज… पाकिस्तान के हमले से तबाह अफगान ठिकाने का सैटेलाइट फुटेज। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पाकिस्तान ने शुक्रवार को अफगानिस्तान में कई रिहायशी ठिकानों पर भी हमला किया। पाकिस्तान में निजी ड्रोन उड़ाने पर रोक अफगानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया कि उसने पाकिस्तान के अंदर ड्रोन से सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। वहीं, पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने कहा कि एबटाबाद, स्वाबी और नौशेरा में छोटे ड्रोन गिरा दिए गए और कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इन घटनाओं के बाद पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने पूरे देश में निजी ड्रोन उड़ाने पर तत्काल प्रतिबंध लगा दिया है। पूर्व पाकिस्तानी सेना अधिकारी आदिल राजा ने दावा किया कि अफगानिस्तान से उड़ाए गए ड्रोन ने इस्लामाबाद के पास एक न्यूक्लियर एनर्जी सेंटर समेत कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पाकिस्तान की संसद में निंदा प्रस्ताव पास पाकिस्तान की सीनेट ने अफगानिस्तान के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पारित किया।विदेश मंत्रालय ने कहा कि आगे किसी भी उकसावे पर “मापा हुआ, लेकिन कड़ा और निर्णायक” जवाब दिया जाएगा। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सेना मुख्यालय का दौरा कर जीरो टॉलरेंस की नीति दोहराई। पाकिस्तान के सूचना मंत्री ने अफगान तालिबान सरकार को गैर-कानूनी बताते हुए आरोप लगाया कि वहां महिलाओं और अल्पसंख्यकों के अधिकार छीने जा रहे हैं। पाकिस्तान ने TTP और ISIS के ठिकानों पर एयरस्ट्राइक की थी 22 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाकों में एयरस्ट्राइक की थी। पाकिस्तान के उप गृह मंत्री तलाल चौधरी ने दावा किया था कि सीमावर्ती इलाकों में TTP के ठिकानों पर कार्रवाई में कम से कम 70 लड़ाके मारे गए। बाद में पाकिस्तानी अखबार डॉन ने यह संख्या 80 तक पहुंचने का दावा किया था। अफगानिस्तान ने इन हमलों की कड़ी निंदा की थी। तालिबान का कहना था कि हमलों में आम नागरिकों को निशाना बनाया गया। टोलो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, नंगरहार में एक घर पर हमले के बाद एक ही परिवार के 23 लोग मलबे में दब गए थे। वहीं, अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा था कि पाकिस्तान को ‘सही समय पर कड़ा जवाब’ दिया जाएगा। मंत्रालय ने इन हमलों को देश की संप्रभुता का उल्लंघन बताया था। पाकिस्तान लंबे समय से अफगानिस्तान की तालिबान सरकार पर दबाव बनाता रहा है कि वह अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी आतंकी संगठन को न करने दे। इस्लामाबाद का आरोप है कि TTP अफगानिस्तान से ऑपरेट हो रहा है, जबकि तालिबान सरकार इन आरोपों से लगातार इनकार करती रही है। अफगानिस्तान का नंगरहार का बड़ा इलाका पाकिस्तानी हमले के बाद आग की लपटों में घिर गया था। (सोर्स- X) दोनों देशों के बीच पहले भी हुआ है तनाव अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच डूरंड लाइन को लेकर लंबे समय से विवाद है। दोनों देश एक-दूसरे पर हमले और आतंकियों को छिपाने का आरोप लगाते रहते हैं। 2021 में अफगानिस्तान हुकूमत पर तालिबान के कंट्रोल के बाद से तनाव और बढ़ गया है। ——————– यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान-अफगानिस्तान में जंग के हालात:PAK बोला- 274 अफगान लड़ाके मारे, 400 से ज्यादा घायल, तालिबान हमलों के पीछे भारत पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच हालात जंग जैसे हो गए हैं। पाकिस्तान एयरफोर्स ने अफगानिस्तान के कई इलाकों में फिर से एयरस्ट्राइक की है। वहीं तालिबान ने दावा किया है कि उसने इस्लामाबाद के फैजाबाद सैन्य ठिकाने समेत कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
PM Modi Inaugurates Indias First Make in India Semiconductor Project in Gujarat

Hindi News National PM Modi Inaugurates Indias First Make In India Semiconductor Project In Gujarat साणंद (गुजरात)3 घंटे पहले कॉपी लिंक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को गुजरात दौरे पर रहेंगे। वे दोपहर 3.45 बजे अहमदाबाद के पास साणंद में माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) की सेमीकंडक्टर असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग (ATMP) फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। इस प्लांट में पहली बार मेड इन इंडिया सेमीकंडक्टर मेमोरी मॉड्यूल्स का कमर्शियल प्रोडक्शन और शिपमेंट शुरू होगा। यह केंद्र सरकार के मेक इन इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन का पहला प्रोजेक्ट है। यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। उद्घाटन के बाद प्रधानमंत्री यहां मौजूद लोगों को संबोधित भी करेंगे। एटीएमपी टेक्नोलॉजी पर आधारित है प्लांट यह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। प्लांट में सेमीकंडक्टर चिप्स को जोड़ा जाएगा, उनकी जांच की जाएगी, उन पर जरूरी मार्किंग और फिर पैकेजिंग की जाएगी। इससे देश में सेमीकंडक्टर निर्माण को मजबूती मिलेगी और देश टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ेगा। अब तक भारत माइक्रो चिप्स के मामले में आयात पर निर्भर रहा है। ऐसे में यह प्लांट देश में तकनीकी विकास, निवेश और रोजगार के नए रास्ते खोलेगा। साथ ही, यह ‘मेक इन इंडिया’ और डिजिटल भारत जैसे अभियानों को भी गति देगा। यह प्लांट एटीएमपी (असेंबली, टेस्टिंग, मार्किंग और पैकेजिंग) टेक्नोलॉजी पर आधारित है। अमेरिका की माइक्रोन कंपनी ने लगाया है प्लांट अमेरिकी माइक्रोचिप निर्माता कंपनी माइक्रोन कंपनी ने यह प्लांट लगाया है। इसके लिए अगस्त-2023 में मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की मौजूदगी में MoU पर हस्ताक्षर किए गए थे। इस MoU से पहले जुलाई-2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अमेरिका गए थे और वहां माइक्रोन कंपनी ने गुजरात में प्लांट लगाने का ऐलान किया था। गुजरात में सेमीकंड्क्टर के चार प्लांट केंद्र सरकार ने 2023 में साणंद में माइक्रोन के पहले सेमीकंडक्टर संयंत्र की स्थापना को मंजूरी दी थी। इसके बाद, फरवरी 2024 में धोलेरा में टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स के सेमीकंडक्टर संयंत्र साणंद में सीजी पावर के ऐसे ही प्लांट की मंजूरी दी थी। गुजरात का चौथा प्लांट भी साणंद ही जगह लेने वाला है। यह प्लांट कीन्स सेमीकॉन प्राइवेट लिमिटेड द्वारा 3300 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से स्थापित किया जाएगा। यह प्लांट 22,516 करोड़ रुपए की लागत से तैयार हुआ है। सेमीकंडक्टर पॉलिसी बनाने वाला गुजरात पहला राज्य गुजरात सरकार ने 2022 से 2027 तक के लिए सेमीकंडक्टर नीति बनाई है और यह नीति बनाने वाला भारत का पहला राज्य है। ‘गुजरात सेमीकंडक्टर नीति 2022-27’ के तहत सेमीकंडक्टर परियोजनाओं को सब्सिडी और प्रोत्साहन दिया जा रहा है। प्रोजेक्ट के लिए कुल 75 प्रतिशत सब्सिडी और जमीन खरीद पर जीरो स्टांप शुल्क की योजना बनाई गई है। इसके साथ ही पहले 5 साल तक प्लांट को 12 रुपए प्रति क्यूबिक मीटर की दर से पानी उपलब्ध कराया जाएगा। ——————- पीएम मोदी के जनवरी में गुजरात दौरे की ये खबर भी पढ़ें… मोदी जर्मन चांसलर से मिले, साथ मिलकर पतंग उड़ाई: कहा- भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जर्मन चांसलर फ्रेडरिक मर्ज के बीच सोमवार को गांधीनगर के महात्मा मंदिर कनवेंशन सेंटर में द्विपक्षीय वार्ता हुई। वार्ता के बाद पीएम ने कहा- भारत-जर्मनी करीबी सहयोगी हैं। इसीलिए आज भारत में 2000 से ज्यादा जर्मन कंपनियां हैं। यह जर्मनी के भारत के प्रति अटूट विश्वास को दर्शाता है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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कोलकाता44 मिनट पहले कॉपी लिंक AI Generated पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट आज पब्लिश होगी। राज्य में 27 अक्टूबर 2025 से SIR की प्रक्रिया जारी है। इससे पहले 16 दिसंबर को राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी। इसमें से बंगाल में 58 लाख 20 हजार 898 वोटरों के नाम हटाने के लिए चिह्नित किए गए थे। बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट इससे पहले 14 फरवरी को पब्लिश की जानी थी। लेकिन कार्य पूरा ना होने के कारण इसे पहले 21 फरवरी और फिर 28 फरवरी किया गया। इससे पहले 8 राज्यों की लिस्ट आई 23 फरवरी- तमिलनाडु में कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… 21 फरवरी- मध्य प्रदेश में कुल 5,39,81,065 वोटर के नाम दर्ज हैं। इस प्रक्रिया में राज्य में 34,25,078 वोटर के नाम कट चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान में 5,15,19,929 वोटर के नाम हैं। राज्य में 31,36,286 वोटर के नाम कट गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़ में कुल 1,87,30,914 वोटर दर्ज हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले फाइनल लिस्ट में 2,34,994 नए वोटर बढ़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… केरल में कुल 2,69,53,644 वोटर्स हैं, जबकि पिछले साल अक्टूबर में SIR शुरू होने से पहले 2,78,50,855 वोटर्स थे। 17 फरवरी- गुजरात की फाइनल वोटर लिस्ट के बाद राज्य में कुल 4,40,30,725 वोटर दर्ज हैं। 14 फरवरी- केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9,44,211 मतदाता और लक्षद्वीप में कुल 57,607 मतदाता रजिस्टर्ड हैं। 10 फरवरी: असम में फाइनल लिस्ट पब्लिश EC ने असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,58,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 2,52,01,624 थी। स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के बाद लिस्ट में 2,43,485 नाम हटाए गए हैं। अब फाइनल लिस्ट में 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिलाएं और 343 थर्ड-जेंडर शामिल हैं। SIR के बारे में जानें… यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, EC बोला- अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी चुनाव आयोग ने 19 फरवरी को देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने लेटर में बताया कि दिल्ली, कर्नाटक सहित शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
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कोलकाता2 घंटे पहले कॉपी लिंक AI Generated पश्चिम बंगाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन(SIR) के बाद फाइनल वोटर लिस्ट आज पब्लिश होगी। राज्य में 27 अक्टूबर 2025 से SIR की प्रक्रिया जारी है। इससे पहले 16 दिसंबर को राज्य की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी हुई थी। इसमें से बंगाल में 58 लाख 20 हजार 898 वोटरों के नाम हटाने के लिए चिह्नित किए गए थे। बंगाल की फाइनल वोटर लिस्ट इससे पहले 14 फरवरी को पब्लिश की जानी थी। लेकिन कार्य पूरा ना होने के कारण इसे पहले 21 फरवरी और फिर 28 फरवरी किया गया। इससे पहले 8 राज्यों की लिस्ट आई 23 फरवरी- तमिलनाडु में कुल 5.67 करोड़ वोटर के नाम हैं। इस प्रोसेस में करीब 74 लाख लोगों के नाम काटे गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… 21 फरवरी- मध्य प्रदेश में कुल 5,39,81,065 वोटर के नाम दर्ज हैं। इस प्रक्रिया में राज्य में 34,25,078 वोटर के नाम कट चुके हैं। पूरी खबर पढ़ें… राजस्थान में 5,15,19,929 वोटर के नाम हैं। राज्य में 31,36,286 वोटर के नाम कट गए हैं। पूरी खबर पढ़ें… छत्तीसगढ़ में कुल 1,87,30,914 वोटर दर्ज हैं। ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले फाइनल लिस्ट में 2,34,994 नए वोटर बढ़े हैं। पूरी खबर पढ़ें… केरल में कुल 2,69,53,644 वोटर्स हैं, जबकि पिछले साल अक्टूबर में SIR शुरू होने से पहले 2,78,50,855 वोटर्स थे। 17 फरवरी- गुजरात की फाइनल वोटर लिस्ट के बाद राज्य में कुल 4,40,30,725 वोटर दर्ज हैं। 14 फरवरी- केंद्र शासित प्रदेश पुडुचेरी में 9,44,211 मतदाता और लक्षद्वीप में कुल 57,607 मतदाता रजिस्टर्ड हैं। 10 फरवरी: असम में फाइनल लिस्ट पब्लिश EC ने असम में हुए स्पेशल रिवीजन (SR) 2026 के तहत फाइनल वोटर लिस्ट जारी की थी। EC के मुताबिक, ड्राफ्ट वोटर लिस्ट की तुलना में 2.43 लाख से ज्यादा नाम हटाए गए हैं। अब राज्य में कुल 2,49,58,139 वोटर्स रजिस्टर्ड हैं। ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मतदाताओं की संख्या 2,52,01,624 थी। स्पेशल रिवीजन प्रक्रिया के बाद लिस्ट में 2,43,485 नाम हटाए गए हैं। अब फाइनल लिस्ट में 1,24,82,213 पुरुष, 1,24,75,583 महिलाएं और 343 थर्ड-जेंडर शामिल हैं। SIR के बारे में जानें… यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं। 1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो। पहले फेज में बिहार में हुआ। फाइनल लिस्ट में 7.42 करोड़ वोटर्स हैं। ————- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली-कर्नाटक समेत 22 राज्यों-केंद्र शासित प्रदेशों में SIR की घोषणा, EC बोला- अप्रैल से प्रक्रिया शुरू होगी चुनाव आयोग ने 19 फरवरी को देशभर में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की घोषणा कर दी है। चुनाव आयोग के सचिव पवन दीवान ने 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों (CEO) को लेटर लिखकर SIR से जुड़ी तैयारी का काम जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कहा है। चुनाव आयोग ने लेटर में बताया कि दिल्ली, कर्नाटक सहित शेष 22 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में SIR प्रक्रिया अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
T20 World Cup Rinku singh Rejoins Team India after father funeral for west indies match kolkata

Hindi News Sports T20 World Cup Rinku Singh Rejoins Team India After Father Funeral For West Indies Match Kolkata कोलकाता5 मिनट पहले कॉपी लिंक रिंकू के पिता खानचंद सिंह ग्रेटर नोएडा के हॉस्पिटल में वेंटीलेटर पर थे, उनका अंतिम संस्कार अलीगढ़ में किया गया। रिंकू सिंह रविवार को वेस्ट इंडीज के खिलाफ सुपर एट्स मैच से पहले शनिवार को कोलकाता में भारतीय T20 वर्ल्ड कप टीम में फिर से शामिल होंगे। BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने न्यूज एजेंसी PTI को बताया कि रिंकू शनिवार को टीम में शामिल हो रहे हैं। शुक्रवार को उनके पिता खानचंद सिंह का निधन हो गया था। वे 60 साल के थे। उन्हें फोर्थ स्टेज लिवर कैंसर था। रिंकू पिता के अंतिम संस्कार के लिए चेन्नई से सीधे अलीगढ़ पहुंच गए थे। लेकिन अब वे दोबारा टीम के साथ होंगे। दरअसल, ईडन गार्डन्स में वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच एक वर्चुअल नॉकआउट है, जिसमें जीतने वाली टीम ग्रुप 1 से साउथ अफ्रीका के साथ सेमीफाइनल के लिए क्वालीफाई करेगी। रिंकू ने अब तक टूर्नामेंट में पांच इनिंग्स में 24 रन बनाए हैं। यह रिंकू का पहला वर्ल्ड कप आउटिंग है, क्योंकि वह 2024 में टूर्नामेंट के पिछले एडिशन में ट्रैवलिंग रिजर्व थे और प्लेइंग XI में शामिल नहीं थे। पिता के आखिरी शब्द- तेरे जैसा बेटा हर बाप को मिले, तू मैच खेल, मैं हॉस्पिटल से दुआ करूंगा रिंकू सिंह 24 फरवरी को चेन्नई से फ्लाइट लेकर हॉस्पिटल पहुंच गए थे। उन्हें टी-20 विश्वकप का प्रैक्टिस सेशन छोड़ना पड़ा था। करीब 6 घंटे वह पिता के पास हॉस्पिटल में रहे। इसके बाद वह चेन्नई वापस जाने लगे। उन्होंने पिता को बताया कि 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच है, मुझे देश के लिए खेलना होगा। तब पिता ने रिंकू सिंह के सिर पर हाथ फेरते हुए आशीर्वाद किया कि तुम एक दिन बुलंदियों को छूना। खुद को कभी अकेला मत समझना…। तेरे जैसा बेटा हर बाप को मिले। पढ़ें पूरी खबर… सचिन-विराट भी पिता के निधन के दूसरे दिन मैच खेलने पहुंच गए थे विराट कोहली : दिसंबर 2006 में रणजी ट्रॉफी मैच के दौरान उनके पिता का निधन हो गया था। विराट अंतिम संस्कार के बाद अगले दिन बल्लेबाजी करने मैदान पर उतरे और 90 रन बनाए थे। यह घटना उनके करियर की सबसे चर्चित और प्रेरणादायक घटनाओं में गिनी जाती है। सचिन तेंदुलकर: 1999 वर्ल्ड कप के दौरान सचिन के पिता का निधन हो गया था। वे भारत लौटे, अंतिम संस्कार में शामिल हुए और फिर इंग्लैंड वापस जाकर केन्या के खिलाफ शतक बनाया था। उन्होंने 140 रन की नाबाद पारी खेली थी। यह शतक पिता को समर्पित किया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
खबर मत करो, ये बताओ करना क्या है?:बीज निगम के अफसर का रिपोर्टर को ऑफर, फर्जी दस्तावेजों से नौकरी, अबतक ली 1.55 करोड़ सैलरी

मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम में 23 साल से एक ऐसा अधिकारी प्रोडक्शन मैनेजर के पद पर बैठा है, जिसकी नींव ही धोखाधड़ी और कूटरचित दस्तावेजों पर रखी गई है। उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी लाल सिंह, मध्य प्रदेश का फर्जी जाति प्रमाण पत्र और निवास प्रमाण पत्र बनाकर न केवल नौकरी हासिल करने में कामयाब रहा, बल्कि पिछले 23 सालों में 1.55 करोड़ रुपए से अधिक का वेतन ले चुका है। इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा होने और कृषि विभाग के सचिव द्वारा सेवा समाप्ति और FIR के स्पष्ट आदेश के बावजूद, बीज निगम के आला अधिकारी उसे बचाने में लगे हैं। भास्कर ने इस पूरे मामले की गहन पड़ताल की, जिसमें सामने आया कि कैसे एक व्यक्ति सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर सालों तक सरकार को धोखा देता रहा और मध्य प्रदेश के एक अनुसूचित जाति के हकदार का अधिकार मारता रहा। पढ़िए रिपोर्ट… दो बिंदुओं में समझें नियुक्ति का पूरा खेल जैसा कि दस्तावेजों से साफ है, लाल सिंह की पूरी शिक्षा उत्तर प्रदेश में हुई। फिर वह मध्य प्रदेश के कोटे के तहत आरक्षित पद पर नियुक्त कैसे हो गया? 1. विज्ञापन और फर्जी आवेदन: वर्ष 2002 में मध्य प्रदेश राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम ने विशेष भर्ती अभियान के तहत सहायक प्रबंधक (उत्पादन) के पदों के लिए विज्ञापन निकाला। शर्त थी कि आवेदक मध्य प्रदेश का मूल निवासी और अनुसूचित जाति वर्ग का हो। लाल सिंह ने 10 दिसंबर 2002 को इसी आरक्षित वर्ग में आवेदन किया। साक्षात्कार के बाद, 7 जनवरी 2003 को उसे नियुक्ति पत्र (आदेश क्रमांक एचओ/प्रशा/वि.भ.अ./2002/3893) जारी कर दिया गया। 2. फर्जी दस्तावेजों का जाल: नियुक्ति के बाद जब दस्तावेज सत्यापन की बारी आई, तो लाल सिंह ने खेल शुरू किया। उसने नायब तहसीलदार, ग्वालियर के कार्यालय से जारी एक अस्थायी जाति प्रमाण पत्र (क्रमांक 65-स. क्र. 6455, प्रकरण क्रमांक 2296/ 2002-2003, 19 अगस्त 2003) प्रस्तुत किया। यह प्रमाण पत्र न केवल अस्थायी था, बल्कि संदेहास्पद था। निवास प्रमाण पत्र में काट-छांट कर चौथी कक्षा की जगह पांचवीं कक्षा का जिक्र किया गया, जबकि लाल सिंह की पूरी शिक्षा झांसी से हुई थी। भास्कर की पड़ताल में हुआ धोखाधड़ी का खुलासा शिकायतकर्ता कर्मवीर चौहान द्वारा सूचना के अधिकार (RTI) के तहत प्राप्त जानकारी से इस फर्जीवाड़े की परतें उधड़ गईं। RTI से पता चला कि जिस प्रकरण क्रमांक 2296 (दिनांक 19 अगस्त 2003) का जाति प्रमाण पत्र लाल सिंह ने जमा किया था, उस क्रमांक पर ग्वालियर के गोपालपुरा निवासी चंद्र किशोर यादव पिता चतुर्भुज सिंह के नाम से प्रमाण पत्र जारी हुआ था। यानी लाल सिंह ने एक ऐसे नंबर का इस्तेमाल किया, जो किसी और को आवंटित था। यह सीधा-सीधा धोखाधड़ी और जालसाजी का मामला है। लाल सिंह बोला- खबर न करें, मामला वायरल होगा जब भास्कर रिपोर्टर ने सबूतों के साथ लाल सिंह से बात की, तो वह पहले तो मामले को टालता रहा, लेकिन बाद में खबर न छापने की मिन्नतें करने लगा। रिपोर्टर: आपके फर्जी जाति प्रमाण पत्र को लेकर कृषि सचिव ने एक्शन लेने के लिए नोटशीट जारी की है, सारे डॉक्यूमेंट मेरे पास हैं। क्या कहेंगे? लाल सिंह: हां, होंगे आपके पास। वह मामला अभी पेंडिंग है। हाईकोर्ट में भी गया है। छानबीन समिति में भी है। रिपोर्टर: आपकी स्कूलिंग कहां से हुई? लाल सिंह: मेरी स्कूलिंग एमपी और यूपी, दोनों जगह से हुई थी। (यह उनके दस्तावेजों के विपरीत है) रिपोर्टर: इतने साल तक नौकरी कैसे करते रहे? अधिकारियों को कैसे मैनेज किया? लाल सिंह: अधिकारियों ने सत्यापन करवाया है। कलेक्टर से कॉपी आई है। विभाग से कॉपी ग्वालियर कलेक्टर को गई और वहां से सत्यापन आया। (यह दावा झूठा है, क्योंकि RTI से पता चला है कि सत्यापन कभी हुआ ही नहीं) रिपोर्टर: हमारे पास सारे दस्तावेज हैं, बताइए क्या करना है? लाल सिंह: मुझे तो पूरी उम्मीद है कि आपकी भी सरकार सुनती है और आप भी इस मामले में मेरा सपोर्ट करोगे। रिपोर्टर: अब बताइए क्या करना चाहिए ? लाल सिंह: देखिए, आपका बड़ा प्लेटफार्म है, आपकी खबर का इंपैक्ट भी होगा। मेरी तो आपसे रिक्वेस्ट है कि आप खबर ना करें, क्योंकि यह मामला और वायरल होगा। बाकी ठीक है, यह इन्वेस्टिगेशन चलता रहेगा। आप मुझे बता दीजिए क्या करना है, मैं वो कर लूंगा। सचिव ने लिखा- सेवा समाप्त करें, आपराधिक केस दर्ज करें इस मामले में सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि धोखाधड़ी साबित होने के बाद भी कार्रवाई नहीं हो रही है। किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग के सचिव निशांत वरवड़े ने 2 जनवरी 2026 को एक विस्तृत नोटशीट जारी की। यह आदेश सीधे प्रबंध संचालक, बीज निगम को भेजा गया था, लेकिन एक महीने से ज्यादा बीत जाने के बाद भी यह फाइल धूल फांक रही है। एमडी का गोलमोल जवाब, मामला बोर्ड में रखेंगे जब भास्कर ने बीज निगम के एमडी संदीप केरकेट्टा से पूछा कि सचिव के स्पष्ट आदेश के बावजूद कार्रवाई क्यों नहीं हो रही, तो उन्होंने टालमटोल वाला जवाब दिया। उन्होंने कहा कि लाल सिंह के मामले का प्रपोजल हमने राज्य बीज एवं फार्म विकास निगम बोर्ड में रख दिया है। अब बोर्ड के सदस्य इस पर विचार करेंगे। यह जवाब अपने आप में एक बड़ा सवाल खड़ा करता है। जब विभाग के प्रशासनिक प्रमुख ने जांच के बाद नियुक्ति को अवैध मानकर सेवा समाप्ति का आदेश दे दिया है, तो उसे बोर्ड के सामने रखने का क्या औचित्य है? क्या यह आरोपी को बचाने और मामले को लंबा खींचने की कोशिश नहीं है? पद पर रहते हुए भ्रष्टाचार के भी गंभीर आरोप लाल सिंह का करियर सिर्फ फर्जी नियुक्ति तक सीमित नहीं है। सतना में क्षेत्रीय प्रबंधक रहते हुए उस पर बीजों की हेराफेरी कर 60 से 80 लाख रुपये के भ्रष्टाचार के भी आरोप लगे, जिसके बाद उसे सस्पेंड भी किया गया था। आरोप है कि 2014-15 से 2022 तक उसने पौंडी, सिंदुर्खार और रेवरा फॉर्म पर लगभग 7,577 क्विंटल आधार बीजों की हेराफेरी की। अगर यह बीज किसानों को मिलता, तो इससे लगभग 25,000 क्विंटल प्रमाणित बीज तैयार होता, जिससे निगम और किसान दोनों को फायदा होता। इस मामले की जांच भी कछुआ चाल से चल रही है। शिकायतकर्ता की








