India GDP Grows 7.8% in Q3 Amidst Trump Tariffs; Gold & Silver Prices Surge

Hindi News Business India GDP Grows 7.8% In Q3 Amidst Trump Tariffs; Gold & Silver Prices Surge 34 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर सोना-चांदी के दाम से जुड़ी रही। सोना-चांदी के दाम में शुक्रवार 27 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,075 रुपए बढ़कर ₹1.59 लाख पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP ग्रोथ 7.8% रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 27 फरवरी को ये आंकड़े जारी किए। इस बार GDP की गणना बेस ईयर 2011-12 के बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… आज शेयर बाजार बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. सोना आज ₹1,075 बढ़कर ₹1.59 लाख पर पहुंचा: इस साल कीमत में ₹26 हजार का इजाफा; चांदी ₹6,033 महंगी होकर ₹2.66 लाख/किलो हुई सोना-चांदी के दाम में शुक्रवार 27 फरवरी को तेजी रही। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,075 रुपए बढ़कर ₹1.59 लाख पहुंच गया। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 1.58 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। वहीं, एक किलो चांदी 6,033 रुपए बढ़कर ₹2.66 लाख पर पहुंच गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.61 लाख रुपए प्रति किलो थी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. तीसरी तिमाही में GDP ग्रोथ 7.8% रही: ट्रम्प के 50% टैरिफ के बावजूद इकोनॉमी मजबूत; कुक-ड्राइवर की कमाई भी अब GDP में शामिल वित्त वर्ष 2025-26 की तीसरी तिमाही (अक्टूबर-दिसंबर) में GDP ग्रोथ 7.8% रही है। सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय ने 27 फरवरी को ये आंकड़े जारी किए। इस बार GDP की गणना बेस ईयर 2011-12 के बजाय 2022-23 के आधार पर की गई है। इस नई सीरीज के हिसाब से तिमाही में रियल जीडीपी 84.54 लाख करोड़ रुपए रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में 78.41 लाख करोड़ रुपए थी। सरकार ने पूरे वित्त वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ का अनुमान भी बढ़ाकर 7.6% कर दिया है, जो पिछले साल 7.1% था। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. जैक डॉर्सी की कंपनी ब्लॉक ने 4,000 कर्मचारियों को निकाला: बोले- AI की वजह से टीम छोटी कर रहे, यह कंपनी के इतिहास का सबसे कठिन फैसला जैक डॉर्सी की डिजिटल पेमेंट कंपनी ‘ब्लॉक’ ने कंपनी में बड़े स्तर पर छंटनी का ऐलान किया। कंपनी अपनी टोटल वर्कफोर्स में से करीब 40% यानी 4,000 से ज्यादा कर्मचारियों को बाहर निकाल रही है। कंपनी के को-फाउंडर जैक डॉर्सी ने इस छंटनी का मुख्य कारण आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का बढ़ता यूज और कंपनी के ऑपरेटिंग खर्चों को कम करना बताया। डॉर्सी ने X पर पोस्ट शेयर कर इसकी जानकारी दी। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. रियल-टाइम सर्च पावर के साथ आया नैनो बनाना 2: शब्दों से तुरंत 4K इमेज बनाएगा; फोटो का बैकग्राउंड भी ज्यादा सटीकता से बदलेगा गूगल ने अपना अब तक का सबसे तेज और एडवांस AI इमेज जनरेशन मॉडल नैनो बनाना 2 लॉन्च कर दिया है। CEO सुंदर पिचाई ने इसे गूगल का ‘बेस्ट इमेज मॉडल’ बताया है। यह नया टूल कल्पना को हाई-क्वालिटी तस्वीर में बदल सकता है। गूगल सर्च की मदद से रियल-टाइम जानकारी का इस्तेमाल कर सटीक और असली दिखने वाली इमेज भी तैयार करता है। यह साधारण AI टूल्स की तुलना में ज्यादा तेजी से और ज्यादा बारीकी के साथ रिजल्ट देता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… कल के शेयर मार्केट और सोना-चांदी का हाल जानिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जानिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Charkhi Dadri Gang Rape Murder

24 फरवरी को लड़की चरखी दादरी के रोज गार्डन में बेसुध हालत में मिली थी। रोहतक PGI में उसने दम तोड़ दिया था। हरियाणा के चरखी दादरी में 10वीं की छात्रा से गैंगरेप और हत्या के मामले में पुलिस ने एक को गिरफ्तार किया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक यह खुलासा नहीं किया है कि वह कौन है। परिवार सहेली पर ही आरोप लगा रहा है कि वही उसे बहला-फुसलाकर उन युवकों के पास लेकर . दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में लड़की के पिता ने कहा कि बेटी नौवीं क्लास तक जींद में अपने नाना के यहां पढ़ी। पिछले साल उसने 10वीं में चरखी दादरी में एडमिशन लिया था। 24 फरवरी को वह स्कूल में रोल नंबर लेने के लिए गई थी। इसके बाद उसके साथ यह घटना हुई। 26 फरवरी को उसका पहला बोर्ड का एग्जाम होना था। शुक्रवार शाम को जींद में लड़की का अंतिम संस्कार किया गया। 27 फरवरी की शाम को लड़की के परिवार के लोग उसका शव रोहतक PGI से लेकर गए थे। अब जानिए लड़की के पिता ने क्या-क्या बताया…. नौंवी तक जींद में पढ़ी: लड़की के पिता ने बताया कि बेटी बचपन से ही अपने ननिहाल जींद में रही है। नौंवी तक की पढ़ाई अपने नाना के पास ही की। 10वीं करने के लिए वह वह चरखी दादरी आ गई थी। उसने जिले में पड़ने वाले एक सरकारी स्कूल में एडमिशन लिया। वह रोजाना रोडवेज बस से स्कूल में पढ़ने के लिए जाती थी। 24 फरवरी को स्कूल गई थी: व्यक्ति ने बताया कि इस साल उसके हरियाणा बोर्ड के एग्जाम थे। 26 फरवरी को बेटी का पहला पेपर होना था। 24 फरवरी को बेटी स्कूल में रोल नंबर लेने के लिए गई थी। यह स्कूल घर से करीब 2 किलोमीटर दूर है। इसके बाद वह वापस नहीं लौटी। सहेली चरखी दादरी लेकर गई: व्यक्ति ने आगे बताया कि बेटी को सतनाली की रहने वाली उसकी सहेली स्कूल के बाद चरखी दादरी ले गई। वहां बेटी रोज गार्डन में बेसुध हालत में पड़ी मिली। यह एरिया उनके घर से करीब 37 किलोमीटर दूर है। सहेली ही बेटी को बहला-फुसलाकर चरखी दादरी लेकर आई थी। पहले वह उसे एक कॉफी शॉप में ले गई। वहां पहले से कुछ युवक मौजूद थे। उन युवकों ने बेटी को कुछ नशीला पदार्थ दिया। इसके बाद उससे रेप किया। बेटी की दूसरी सहेली का फोन आया: व्यक्ति ने आरोप लगाया कि बेटी को जब होश आया तो उसने अपनी सहेली को फोन किया। इसके बाद बेटी की दूसरी सहेली का मेरे पास फोन आया और उसने बताया कि बेटी को कुछ नशीला पदार्थ दिया गया है। जब उसने बेटी की फोन किया तो उसने कॉल नहीं उठाई। कुछ देर बाद रोज गार्डन से एक व्यक्ति का फोन आया कि आपकी बेटी बेसुध हालत में मिली है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। लड़की के बारे में बताते रोज गार्डन के माली राम बाबू। माली बोला- पानी पिलाते ही लड़की ने उल्टी की रोज गार्डन के माली राम बाबू ने बताया कि मैं कुछ लोगों के साथ उस दिन पार्क में बैठा था। पार्क में लड़की पर नजर पड़ी तो वो बेसुध हालत में थी। उसके पास एक स्कूल बैग और मोबाइल भी था। लड़की से कुछ पूछने की कोशिश की कुछ भी बोल नहीं सकी। उसे एक ग्लास में पानी पिलाया। पानी पीते ही कुछ होश आया तो उल्टी करने लगी। इसके बाद हमने उसे बेंच पर सुला दिया और पुलिस को कॉल की। पुलिस आकर उसे ले गई। मुख्य आरोपी रोहतक का रहने वाला सूत्रों के मुताबिक मुख्य आरोपी युवक रोहतक के बनियानी गांव का रहने वाला है। हालांकि, अभी तक इस केस में यह साफ नहीं हो पाया है कि लड़की की सहेली और वह युवक एक दूसरे को कैसे जानते हैं। किसके कहने पर लड़की को चरखी दादरी लाया गया था? ——————————- ये खबर भी पढ़ें :- 10वीं की छात्रा से रेप-हत्या केस में एक गिरफ्तार:पिता बोले- सहेली युवकों के पास लेकर गई; महिला आयोग ने चरखीदादरी SP से रिपोर्ट मांगी हरियाणा के चरखी दादरी में 16 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को परिवार के लोगों ने रोहतक PGI में रखा शव लेने से इनकार कर दिया था। हालांकि गिरफ्तारी के बाद वे मान गए। पढ़ें पूरी खबर…
AITC announces Babul Supriyo, Rajeev Kumar, Menaka Guruswamy, Koel Mallick as Rajya Sabha candidates

Hindi News National AITC Announces Babul Supriyo, Rajeev Kumar, Menaka Guruswamy, Koel Mallick As Rajya Sabha Candidates कोलकाता5 मिनट पहले कॉपी लिंक एडवोकेट मेनका का जन्म 27 नवंबर 1974 को हैदराबाद में हुआ। तृणमूल कांग्रेस ने शुक्रवार शाम को राज्यसभा चुनावों के लिए उम्मीदवारों का ऐलान कर दिया। इनमें मंत्री बाबुल सुप्रियो, बंगाल के पूर्व DGP राजीव कुमार, सीनियर एडवोकेट मेनका गुरुस्वामी और एक्ट्रेस कोयल मल्लिक का नाम शामिल है। TMC ने X पर एक पोस्ट में लिखा- हम इन उम्मीदवारों को दिल से बधाई और शुभकामनाएं देते हैं। वे तृणमूल की मजबूती की विरासत और हर भारतीय के अधिकारों और सम्मान की रक्षा के लिए उसके पक्के वादे को बनाए रखेंगे। पश्चिम बंगाल समेत महाराष्ट्र, ओडिशा, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, असम, बिहार, छत्तीसगढ़, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और तेलंगाना से चुने गए 37 सदस्यों का टर्म अप्रैल महीने में खत्म हो जाएगा। इन खाली सीटों पर 16 मार्च को वोटिंग होगी। बंगाल से 2026 में राज्यसभा की पांच सीटें खाली हो रही हैं। इनमें से चार TMC के पास थीं। 294 सदस्यों वाली विधानसभा में मजबूत संख्या के साथ TMC पांच में से चार राज्यसभा सीटें जीतने वाली है, जबकि विपक्षी BJP को एक सीट मिलने की उम्मीद है। TMC ने जिस सीनियर एडवोकेट मेनका अपना उम्मीदवार बनाया है, वे LGBTQ से हैं। अगर वे जीत जाते हैं तो संसद के इतिहास में पहला मौका होगा, जब कोई LGBTQ सदस्य सांसद बनेगा। 10 राज्यों में राज्यसभा चुनाव का शेड्यूल इलेक्शन कमीशन ऑफ इंडिया (ECI) ने बुधवार को चुनाव प्रोसेस शुरू करने के लिए 26 फरवरी को नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। नॉमिनेशन की आखिरी तारीख 5 मार्च है। 6 मार्च को स्क्रूटनी होगी। उम्मीदवार 9 मार्च तक नॉमिनेशन वापस ले सकते हैं। वोटिंग 16 मार्च को होगी। वोटों की गिनती उसी दिन शाम 5 बजे होगी। चुनाव का प्रोसेस 20 मार्च तक पूरा हो जाएगा। जानिए TMC के उम्मीदवारों के बारे में … बाबुल सुप्रियो: सुप्रियो, मोदी सरकार में पूर्व केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं। केंद्रीय मंत्रिपरिषद से बाहर किए जाने के बाद BJP छोड़ दी। सितंबर 2021 में TMC में शामिल हो गए थे। बाद में उन्होंने TMC टिकट पर बल्लीगंज विधानसभा उपचुनाव जीता। ममता सरकार में मंत्री हैं। उनके नॉमिनेशन को उनकी राजनीतिक स्थिति बदलने और राज्य सरकार में लगातार भूमिका के लिए इनाम के तौर पर देखा जा रहा है। राजीव कुमार: कुमार इंडियन पुलिस सर्विस के पूर्व ऑफिसर हैं। इन्होंने पश्चिम बंगाल के डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के तौर पर काम किया है। इससे पहले कोलकाता पुलिस के हेड थे। सारदा चिट फंड केस की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल सरकार और सेंट्रल एजेंसियों के बीच हुए हाई-प्रोफाइल टकराव के सेंटर में भी वे थे। मेनका गुरुस्वामी: सुप्रीम कोर्ट के सीनियर एडवोकेट हैं। गुरुस्वामी उन वकीलों में से थे जिन्होंने 2018 में IPC की धारा 377 को हटाकर भारत में होमोसेक्सुअलिटी को अपराध की श्रेणी से बाहर करने वाले ऐतिहासिक संवैधानिक चैलेंज में पिटीशनर्स का प्रतिनिधित्व किया था। कोएल मलिक: मल्लिक बंगाली फिल्म इंडस्ट्री की एक जानी-मानी एक्टर हैं और पुराने एक्टर रंजीत मल्लिक की बेटी हैं। उनके नॉमिनेशन को TMC की अपर हाउस में जाने-माने पब्लिक फिगर्स को उतारने की स्ट्रैटेजी का हिस्सा माना जा रहा है। जानिए मेनका के बारे में… 50 साल की मेनका ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी, हार्वर्ड लॉ स्कूल और नेशनल लॉ स्कूल ऑफ इंडिया से पढ़ाई की है। वे कॉमन लॉ, संवैधानिक कानून, कॉर्पोरेट और सफेदपोश अपराध (White-Collar) के क्षेत्र में विशेषज्ञ हैं। मेनका और उनकी पार्टनर अरुंधति काटजू दोनों ने सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया है कि वे एक कपल हैं। यह कदम LGBTQ समुदाय के लिए एक बड़ा संदेश रहा। 2019 में TIME मैगज़ीन ने इन्हें दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों में भी शामिल किया था, उनके LGBTQ अधिकारों के काम और प्रभाव के लिए। गुरुस्वामी ने सेक्शन 377 के खिलाफ लड़ाई में अहम भूमिका निभाई थी। जिसे सुप्रीम कोर्ट ने 2018 में समलैंगिकता को अपराध की श्रेणी से हटाते हुए संविधान के तहत मौलिक अधिकारों के तौर पर मान्यता दी थी। उन्होंने यह कहा था कि संविधान को सिर्फ यौन कृत्यों तक नहीं बल्कि प्रेम और समान अधिकारों तक भी मान्यता देनी चाहिए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
Holi Organic Gulal; Chemical Free Natural Colors DIY Methods

34 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक होली का त्योहार नजदीक है। इस मौके पर लोग रंग-गुलाल खेलते हैं। हालांकि बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक रंग स्किन और हेल्थ, दोनों के लिए नुकसानदायक होते हैं। ‘इंडियन जर्नल ऑफ क्लिनिकल बायोकेमिस्ट्री’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, बाजार में मिलने वाले सिंथेटिक रंगों में हानिकारक केमिकल्स मिलाए जाते हैं। इनसे स्किन रैशेज, आंखों में जलन, एलर्जी और सांस संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बच्चों पर इसका असर ज्यादा गंभीर हो सकता है। ऐसे में अगर आप सेहत से समझौता किए बिना होली का आनंद लेना चाहते हैं तो ऑर्गेनिक रंग-गुलाल बेहतर विकल्प हैं। इन्हें घर पर भी आसानी से बनाया जा सकता है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में हम घर पर रंग-गुलाल बनाने के टिप्स बताएंगे। साथ ही जानेंगे कि- घर पर रंग-गुलाल बनाते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? घर पर ऑर्गेनिक रंग बनाने में कितना समय लगता है? एक्सपर्ट: डॉ. संदीप अरोड़ा, सीनियर कंसल्टेंट, डर्मेटोलॉजी, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली डॉ. पद्मा सिंह, रिटायर्ड लेक्चरर, केमिस्ट्री, प्रयागराज सवाल- बाजार में मिलने वाले रंगों में कौन-कौन से केमिकल होते हैं? इनका हमारी सेहत पर क्या असर पड़ता है? जवाब- बाजार में मिलने वाले सस्ते और सिंथेटिक रंगों में कई सारे केमिकल्स हो सकते हैं। जैसेकि- कॉपर सल्फेट (हरा रंग) लेड ऑक्साइड (काला रंग) मरकरी सल्फाइड (लाल रंग) क्रोमियम आयोडाइड (बैंगनी रंग) एल्युमिनियम ब्रोमाइड (चांदी रंग) प्रशिया ब्लू (नीला रंग) ये रंग कई हेल्थ प्रॉब्लम्स का कारण बन सकते हैं। जैसेकि- स्किन रैशेज स्किन एलर्जी, जलन आंखों में जलन सूजन और इंफेक्शन सांस संबंधी समस्याएं अस्थमा किडनी डैमेज गंभीर मामलों में कैंसर का रिस्क बच्चों और सेंसिटिव स्किन वाले लोगों में केमिकल युक्त रंगों का प्रभाव ज्यादा गंभीर हो सकता है। सवाल- घर पर ऑर्गेनिक रंग-गुलाल कैसे बनाएं? जवाब- घर पर ऑर्गेनिक रंग-गुलाल बनाना आसान है। इसके कुछ आसान तरीके समझिए- नारंगी: संतरे के छिलकों को सुखाकर बारीक पीस लें। इसमें थोड़ा कॉर्न फ्लोर और थोड़ी हल्दी मिलाएं। मिश्रण को छलनी से छान लें। आपका खुशबूदार नारंगी गुलाल तैयार है। हरा: पालक, धनिया या पुदीने की पत्तियों को पीसकर उसका रस निकालें। इसमें गुलाब जल मिलाएं। सूखे गुलाल के लिए इस मिश्रण को कॉर्न फ्लोर में मिलाकर धूप में सुखाएं और फिर छान लें। गुलाबी: चुकंदर का जूस लें। इसमें गुलाब जल और जरूरत के अनुसार कॉर्न फ्लोर मिलाएं। अच्छी तरह मिक्स कर धूप में सुखाएं और बारीक पीसकर छान लें। लाल: गुड़हल के फूल या गुलाब की पंखुड़ियों को भिगोकर पीस लें। इसमें कॉर्न फ्लोर मिलाकर सुखाएं और बारीक पाउडर तैयार कर लें। पीला: थोड़ी हल्दी को गर्म पानी में उबालें। ठंडा होने पर इसमें कॉर्न फ्लोर और गुलाब जल मिलाएं। इसे सुखाकर पीस लें। चाहें तो हल्दी और बेसन को मिलाकर भी पीला गुलाल बना सकते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से घर पर ऑर्गेनिक रंग-गुलाल बनाने के आसान तरीके समझिए- सवाल- घर पर ऑर्गेनिक रंग बनाने में कितना समय लगता है? जवाब- अगर आप गीला (लिक्विड) रंग बना रहे हैं तो यह 10-15 मिनट में तैयार हो जाता है। गुलाल बनाने के लिए धूप में सुखाने की प्रक्रिया के कारण 2 से 3 दिन का समय लग सकता है। सवाल- ऑर्गेनिक रंग-गुलाल इस्तेमाल करने के क्या फायदे हैं? जवाब- ऑर्गेनिक रंग न केवल स्किन के लिए सेफ होते हैं, बल्कि पर्यावरण के अनुकूल भी होते हैं। नीचे दिए ग्राफिक से इसके सभी फायदे जानिए- सवाल- घर पर रंग बनाते समय किन बातों का ध्यान रखें? जवाब- घर पर रंग बनाना सुरक्षित विकल्प है। लेकिन कुछ सावधानियां बरतना बेहद जरूरी है। जैसेकि- किसी भी रंग का इस्तेमाल करने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। जलन पैदा करने वाली सामग्री इस्तेमाल न करें। खराब या सड़ी-गली पत्तियां और फूल इस्तेमाल न करें। गुलाल को अच्छी तरह सुखाएं। अगर नमी रह गई तो फफूंद लग सकती है। बनाने के बाद बारीक छलनी से छानें, क्योंकि मोटे कण स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। साफ बर्तन और मिक्सर इस्तेमाल करें। गंदे उपकरणों से संक्रमण का खतरा हो सकता है। तैयार गुलाल को सूखी, साफ जगह पर रखें। बच्चों, बुजुर्गों और एलर्जी वाले लोगों के लिए हल्के रंग ही बनाएं। इन सावधानियों के साथ आप सुरक्षित और खुशहाल होली मना सकते हैं। सवाल- घर पर बने ऑर्गेनिक रंग कितने दिनों तक सुरक्षित रहते हैं? जवाब- इसे एयरटाइट डिब्बे में 1–2 हफ्ते तक सुरक्षित रख सकते हैं। अगर रंग में नमी रह गई तो उसमें फफूंद लग सकती है। लिक्विड रंग 1–2 दिन के भीतर इस्तेमाल कर लेना बेहतर है, क्योंकि ये जल्दी खराब हो सकते हैं। सवाल- क्या घर पर बने रंग कपड़ों पर दाग छोड़ सकते हैं? जवाब- ज्यादातर ऑर्गेनिक रंग हल्के होते हैं और सामान्य धुलाई से निकल जाते हैं। फिर भी चुकंदर, हल्दी या फूलों से बने गहरे रंग हल्का दाग छोड़ सकते हैं। इसलिए होली खेलते समय पुराने या हल्के रंग के कपड़े पहनना बेहतर होता है। सवाल- क्या ऑर्गेनिक रंग छोटे बच्चों के लिए पूरी तरह सुरक्षित हैं? जवाब- ऑर्गेनिक रंग केमिकल रंगों की तुलना में ज्यादा सुरक्षित होते हैं। लेकिन छोटे बच्चों के लिए इन्हें पूरी तरह रिस्क फ्री नहीं कहा जा सकता। कुछ बच्चों की स्किन सेंसिटिव होती है, जिससे प्राकृतिक चीजों से भी एलर्जी हो सकती है। इसलिए- बच्चों को रंग लगाने से पहले पैच टेस्ट जरूर करें। हल्के ऑर्गेनिक गुलाल का ही इस्तेमाल करें। चेहरे पर न लगाएं तो बेहतर है। …………………….. होली से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए जरूरत की खबर- होली की एडवांस तैयारी: आज से ही शुरू करें स्किन केयर रूटीन, ताकि सिंथेटिक रंगों से न हो त्वचा को नुकसान होली रंग-गुलाल, खुशियों और मौज-मस्ती का त्योहार है। हम कपड़े, पिचकारी और पकवान की तैयारियां तो पहले से कर लेते हैं, लेकिन अक्सर अपनी स्किन को भूल जाते हैं। जबकि केमिकल वाले रंग और धूप स्किन को नुकसान पहुंचा सकते हैं। इसलिए होली पर रंग खेलने से पहले ही स्किन को तैयार करना जरूरी है। पूरी खबर पढ़िए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर को चोरों ने गोली मारी थी:को–एक्टर को बचाते वक्त जान गई; मौत के 3 हफ्ते बाद अंतिम संस्कार हुआ था

25 मई 2024 की बात है, जब अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर अपनी शूटिंग खत्म करके अपनी को-एक्टर के साथ घर लौट रहे थे। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन पहुंचे, तभी चार लोग अचानक उनके पास आ गए और उनकी कार में चोरी करने की कोशिश करने लगे। शुरुआत में जॉनी कुछ समझ नहीं पाए कि आखिर क्या हो रहा है, लेकिन जब उन्हें पता चला कि उनकी कार में चोरी की जा रही है, तो उन्होंने अपनी को-एक्टर को बचाने की कोशिश की। उन्होंने अपनी साथी को अपने शरीर से ढक लिया। तभी गुस्से में आए चोरों ने गोली चला दी, जो सीधे जॉनी को लगी। आनन-फानन में जॉनी को नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। बड़ी बात यह है कि जॉनी की मौत के तीन हफ्तों बाद उनका अंतिम संस्कार किया गया। इस घटना ने लोगों के मन में कई सवाल खड़े कर दिए। क्या जॉनी की हत्या सिर्फ चोरी की घटना के तहत हुई या इसके पीछे कोई और साजिश थी? और दूसरा सवाल यह कि आखिर जॉनी की मौत के तीन हफ्ते बाद उनका अंतिम संस्कार क्यों किया गया। आज अनसुनी दास्तानें के चैप्टर-3 में पढ़िए अमेरिकी एक्टर जॉनी वेक्टर की मौत की पूरी कहानी… जॉनी वेक्टर का जन्म 31 अगस्त 1986 को अमेरिका के साउथ कैरोलिना में हुआ था। उनके दो भाई लांस और ग्रांट हैं। जॉनी का बचपन यहीं बीता और उन्होंने 2004 में अपनी स्कूली पढ़ाई पूरी की। इसके बाद उन्होंने बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन में बैचलर ऑफ साइंस (B.S.) और स्पैनिश में बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की डिग्री हासिल की। जॉनी दिखने में काफी स्मार्ट और आत्मविश्वासी थे। पढ़ाई के साथ-साथ उनका झुकाव एक्स्ट्रा करिकुलर गतिविधियों की ओर अधिक था। वे हमेशा कुछ अलग करना चाहते थे। उनके मन में एक्टिंग की दुनिया में कदम रखने की इच्छा लगातार मजबूत होती गई। आखिरकार उन्होंने अपने दिल की सुनी और एक्टिंग में करियर बनाने के लिए लॉस एंजेलिस का रुख किया। हालांकि, यह सफर बिल्कुल आसान नहीं था। पहला बड़ा मौका मिलने से पहले उन्हें काफी संघर्ष करना पड़ा। लॉस एंजेलिस पहुंचने पर उनके पास कोई काम नहीं था, इसलिए अपना खर्च चलाने के लिए उन्हें रेस्तरां और बार में नौकरी करनी पड़ी। नौकरी के साथ-साथ वे लगातार ऑडिशन देते रहे और इस दौरान कई बार रिजेक्शन का सामना भी किया। आखिरकार साल 2007 में उन्हें अपने करियर का पहला बड़ा ब्रेक मिला। उन्होंने टीवी शो आर्मी वाइव्स से अपना डेब्यू किया। यह शो उनके करियर के लिए मील का पत्थर साबित हुआ, क्योंकि इसी के जरिए उन्हें वह पहचान मिलनी शुरू हुई, जिसकी हर कलाकार को चाह होती है। इसके बाद उनके करियर ने रफ्तार पकड़ ली। 2020 से 2022 तक उन्होंने लोकप्रिय सीरीज जनरल हॉस्पिटल में ब्रैंडो कॉर्बिन की भूमिका निभाई, जिससे उन्हें और भी बड़ी पहचान मिली। इसके अलावा उन्होंने सीरीज Siberia में भी अभिनय किया। जॉनी ने टीवी के साथ-साथ फिल्मी दुनिया में भी कदम रखा और वहां भी अपनी अलग पहचान बनाई। जैसे ही जॉनी को इंडस्ट्री में पहचान मिलने लगी, उसी दौरान उनकी मुलाकात एक्ट्रेस और डायरेक्टर टीसा से हुई। पहले दोनों अच्छे दोस्त बने और फिर धीरे-धीरे एक-दूसरे को डेट करने लगे। साल 2010 में दोनों रिलेशनशिप में आए, लेकिन यह रिश्ता ज्यादा समय तक नहीं चल सका और 2013 में दोनों अलग हो गए। हालांकि, जॉनी ने अपनी पर्सनल लाइफ को कभी भी अपनी प्रोफेशनल लाइफ पर हावी नहीं होने दिया और वे लगातार अपने काम पर ध्यान केंद्रित करते रहे। फिर आया 25 मई साल 2024 यह वो तारीख और साल था, जिसमें जॉन ने सोचा भी नहीं होगा कि उन्हें अपनी इस चकाचोंद भरी दुनिया को छोड़़ना पड़ेगा। दरअसल, उस रात जॉन ने अपनी शूटिंग खत्म की और फिर वह सेट से निकल गए। उनके साथ उनकी को-स्टार भी थीं। दोनों जैसे ही लॉस एंजेलिस के डाउनटाउन में पिको बुलेवार्ड और होप स्ट्रीट के कोने पर पहुंचे ही थे कि तभी अचानक वहां तीन लोग आ गए। शुरुआत में जॉन को लगा कि शायद उनकी कार को उठा कर ले जाने की कोशिश की जा रही है। लेकिन जब उन्हें जॉन को पता चला कि उनकी कार टोयोटा प्रियस से कैटेलिटिक कन्वर्टर चोरी करने की कोशिश की जा रही है, तो सबसे पहले उन्होंने स्थिति को समझते हुए अपनी को-स्टार की जान बचाने की कोशिश की और उसे अपने शरीर से ढकने की कोशिश की। लेकिन चोर को पता चल गया था कि जॉन को उनके बारे में पता चल गया है तो उन्होंने जॉन पर गोली चला दी, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद तीन आरोपी मौके से फरार हो गए। जबकि जॉन को आनन-फानन में हॉस्पिटल में लाया गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो गई थी। जॉन की मौत के लगभग तीन हफ्ते बाद यानी 16 जून 2024 को उनका अंतिम संस्कार समरविल बैपटिस्ट चर्च में किया गया। इस तीन हफ्ते के अंतर के पीछे कई कारण थे। सबसे पहले हत्या की घटना की पुलिस जांच और पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी था, ताकि सभी कानूनी कागजी कार्रवाई पूरी हो सके। इसके अलावा, उनके परिवार और करीबी रिश्तेदार कई अलग-अलग शहरों और राज्यों में रहते थे, इसलिए उन्हें अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए समय दिया गया। इसके साथ ही चर्च और अंतिम संस्कार के कार्यक्रम की व्यवस्था भी करने में समय लगा। इन सभी कारणों के चलते जॉन का अंतिम संस्कार तीन हफ्तों के बाद किया गया, ताकि परिवार, दोस्तों और फैंस उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि देने सकें। यूं सरेआम जॉन की हत्या ने हर किसी को चौंका दिया था सबके मन में एक ही सवाल था कि आखिर दिनदहाड़े चोर कैसे किसी व्यक्ति की जान ले सकते हैं और कोई जानी मानी हस्ती को लेकर कोई प्रोटेक्शन क्यों नही हुई। कई ऐसे सवाल थे जो जॉन के परिवार के साथ ही उनके फैंस भी जानना चाहते थे। ऐसे में पुलिस के ऊपर भी इस मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का और आरोपियों की गिफ्तारी का दबाब बनता जा रहा था। इसी दौरान फिर 15 अगस्त 2024 को जॉन की मौत के संबंध में चार लोगों को गिरफ्तार
अफ्रीका से 6 फीमेल, 2 मेल चीते भारत आएंगे:एपस्टीन से नाम जुड़ने पर वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम CEO ब्रेंडे का इस्तीफा; 28 फरवरी करेंट अफेयर्स

जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. अफ्रीका से 8 चीते भारत आएंगे 28 फरवरी को 8 चीते अफ्रीका से एयरलिफ्ट कर भारत लाए जाएंगे। 2. कनाडाई पीएम 4 दिन के दौरे पर भारत पहुंचे 27 फरवरी को कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी 4 दिन के दौरे पर भारत पहुंचे। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 3. पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का ऐलान किया 27 फरवरी को पाकिस्तान ने अफगानिस्तान के खिलाफ युद्ध का औपचारिक ऐलान किया। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 4. वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रेसिडेंट बोर्गे ब्रेंडे का इस्तीफा 26 फरवरी को वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के प्रेसिडेंट और CEO बोर्गे ब्रेंडे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। 5. शिक्षा मंत्रालय ने NCERT की नई किताबें वापिस लेने का आदेश दिया 27 फरवरी को शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NCERT की कक्षा 8वीं की नई किताबें सर्कुलेशन से वापिस लेने का आदेश दिया। ——————————– ये खबरें भी पढ़ें… राष्ट्रपति मुर्मू ने पहली बार हेलिकॉप्टर ‘प्रचंड’ की उड़ान भरी: गंगा डॉल्फिन, हिम तेंदुओं के संरक्षण के लिए भारत-नेपाल में MoU; 27 फरवरी करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें…
Shaheen Afridi; PAK Vs SL T20 World Cup LIVE Score Update

कैंडी1 घंटे पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान की टीम टी-20 वर्ल्ड कप में करो या मरो मैच खेलेगी। टीम का मुकाबला श्रीलंका से होगा। शनिवार को कैंडी के पल्लेकेले इंटरनेशनल स्टेडियम में होने वाले इस मैच से तय होगा कि पाकिस्तान सेमीफाइनल में पहुंचती है या फिर कीवियों को टॉप-4 में एंट्री मिलती है। मैच शाम 7 बजे से शुरू होगा, जबकि टॉस शाम 6.30 बजे होना है। दरअसल, शुक्रवार रात को इंग्लैंड ने न्यूजीलैंड ने 4 विकेट से हरा दिया। इससे पाकिस्तान की उम्मीदें जिंदा है। अब पाकिस्तान को श्रीलंका के खिलाफ कम से कम 64 रन की जीत हासिल करनी होगी या फिर 13.1 ओवर के भीतर टारगेट हासिल करना होगा। श्रीलंका के खिलाफ बहुत आगे है पाकिस्तान श्रीलंका और पाकिस्तान के बीच अब तक 29 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए। 17 पाकिस्तान और महज 12 में श्रीलंका को जीत मिली। दोनों टीमें 2026 में दांबुला के मैदान पर आखिरी बार भिड़ी थीं, तब श्रीलंका 14 रन से मुकाबला जीत लिया था। पथुम निसांका श्रीलंका के टॉप बैटर पथुम निसांका ने टूर्नामेंट में श्रीलंका के लिए सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 6 मैचों में 152.94 की स्ट्राइक रेट से 208 रन बनाए। एक पारी में उनका बेस्ट नाबाद 100 रन रहा। वहीं, गेंदबाजी में महीश तीक्षणा टीम के लिए टॅाप विकेट टेकर रहे। उन्होंने 6 मैचों में 7.19 की इकोनॅामी से रन खर्च करते हुए 11 विकेट हासिल किए। उस्मान पाकिस्तान के टॉप विकेट टेकर पाकिस्तान के लिए साहिबजादा फरहान ने इस टूर्नामेंट में सबसे ज्यादा रन बनाए हैं। उन्होंने 6 मैचों में 158.1 स्ट्राइक रेट से 283 रन बनाए। उनका बेस्ट स्कोर 100* रन रहा। वहीं, उस्मान तारिक पाकिस्तान के लिए टॅाप विकेट टेकर रहे है. उन्होंने 5 मैचों में महज 6.32 की इकोनॅामी से 10 विकेट लिए। पिच एंड वेदर रिपोर्ट पल्लेकेले में अब तक 35 टी-20 इंटरनेशनल मुकाबले खेले गए हैं। इसमें पहले बैटिंग करने वाली टीमों ने 16 और चेज करने वाली टीमों ने 15 मैच जीते हैं। वहीं,1 मैच का नतीजा नहीं निकल सका है। पल्लेकेले अंतरराष्ट्रीय स्टेडियम की पिच स्पिन गेंदबाजों के अनुकूल मानी जाती है। यहां नई गेंद से तेज गेंदबाजों को शुरुआती ओवरों में हल्का स्विंग जरूर मिलता है, लेकिन जैसे ही गेंद पुरानी होती है, मिडिल ओवर्स में स्पिनरों की भूमिका अहम हो जाती है। 28 फरवरी को कैंडी के कुछ हिस्सों में बादल और हल्की बारिश की संभावना बनी रह सकती है। यहां अधिकतम तापमान 27 से 30 डिग्री रहने का अनुमान है। दोनों टीमों की प्लेइंग-11 श्रीलंका: पथुम निसांका, कुसल मेंडिस (विकेटकीपर), पवन रत्नायके, चरिथ असलंका, दसुन शनाका (कप्तान), कामिंडु मेंडिस, दुनिथ वेल्लालागे, दुषन हेमंथ, महीश तीक्षणा, दुष्मंथा चमीरा, दिलशान मदुशंका। पाकिस्तान: साहिबजादा फरहान, सईम अयूब, सलमान अली आगा (कप्तान), बाबर आजम, फखर जमान, उस्मान खान (विकेटकीपर), शादाब खान, मोहम्मद नवाज, शाहीन शाह अफरीदी, सलमान मिर्जा और उस्मान तारिक। कहां देख सकते हैं मैच? इस मैच की LIVE स्ट्रीमिंग स्टार स्पोर्ट्स पर होगी। इसे जियोहॉटस्टार एप पर भी देखा जा सकता है। आप दैनिक भास्कर एप पर मैच का LIVE कवरेज फॉलो कर सकते हैं। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Will Making FAQs; Testament Legal Documents List & Process Explained

Hindi News Lifestyle Will Making FAQs; Testament Legal Documents List & Process Explained | Vasiyat 38 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक लोग जीवन भर भागदौड़ करते हैं, ताकि अपने परिवार की जरूरतें पूरी कर सकें और संपत्ति बना सकें। लेकिन इस सबके बीच अक्सर यह तय करना भूल जाते हैं कि उनके बाद इस संपत्ति का क्या होगा? इसका सबसे अच्छा हल है, वसीयत। यह एक कानूनी डॉक्यूमेंट है, जिसमें व्यक्ति ये तय करता है कि उसकी संपत्ति, बैंक बैलेंस, निवेश और अन्य कीमती चीजें उसके बाद किसे मिलेंगी। वसीयत परिवार को विवाद, तनाव और कानूनी झंझटों से भी बचा सकती है। आज ‘आपका पैसा‘ कॉलम में वसीयत की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- वसीयत बनाना क्यों जरूरी है? इसका कंप्लीट प्रोसेस क्या है? एक्सपर्ट: रुद्र विक्रम सिंह, एडवोकेट, सुप्रीम कोर्ट सवाल- वसीयत क्या होती है? जवाब- वसीयत एक लिखित कानूनी डॉक्यूमेंट है, जिसमें व्यक्ति ये स्पष्ट निर्देश देता है कि मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति का मालिक कौन होगा। इसमें बैंक बैलेंस, प्रॉपर्टी, निवेश, गहने और अन्य संपत्तियों का बंटवारा तय किया जाता है। सवाल- वसीयत कौन बना सकता है? जवाब- भारत में कोई भी व्यक्ति, जिसकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक है और जो मानसिक रूप से स्वस्थ है, वसीयत बना सकता है। हालांकि, व्यक्ति को यह साबित करने में सक्षम होना चाहिए कि उसने यह डॉक्यूमेंट किसी दबाव, धोखे या लालच के बिना तैयार किया है। सवाल- वसीयत बनाना क्यों जरूरी है? जवाब- इससे व्यक्ति ये तय कर सकता है कि मृत्यु के बाद उसकी संपत्ति का मालिक कौन होगा। अगर वसीयत न बनाई जाए तो कानून अपने हिसाब से संपत्ति का बंटवारा करता है, जो व्यक्ति की इच्छाओं के खिलाफ भी हो सकता है। इसके अलावा वसीयत से परिवार में विवाद की आशंका कम हो जाती है और कानूनी प्रक्रिया भी सरल हो जाती है। यह खासतौर पर तब और भी जरूरी है, जब परिवार के कई सदस्य संपत्ति के दावेदार हों। इसके सभी फायदे ग्राफिक में देखिए- सवाल- वसीयत कैसे लिखें? जवाब- वसीयत लिखने का कोई तय फॉर्मेट नहीं होता, लेकिन इसमें कुछ नियमों को फॉलो करना जरूरी है। जैसेकि- सबसे पहले व्यक्ति को यह घोषित करना होता है कि वसीयत लिखते समय वह दिमागी रूप से स्वस्थ है और इसे बिना किसी दबाव के लिख रहा है। इसके बाद उसे अपनी सभी संपत्तियों की सूची तैयार करनी होती है। वसीयत के कागज पर यह स्पष्ट रूप से लिखना जरूरी है कि कौन-सी संपत्ति किसे दी जानी है। अगर बच्चे नाबालिग हैं, तो वसीयतनामा पर गार्जियन का नाम लिखना जरूरी है, जो संपत्ति की रक्षा करेगा। बच्चों के बालिग होने पर उन्हें सौंपेगा। इसका पूरा प्रोसेस ग्राफिक से समझिए- सवाल- वसीयत में कौन-कौन सी जानकारी होनी चाहिए? जवाब- वसीयत में आपकी पर्सनल और फाइनेंशियल जानकारी स्पष्ट रूप से दर्ज होनी चाहिए। इसमें वसीयत लिख रहे व्यक्ति का पूरा नाम, जन्मतिथि, पता और पहचान संबंधी जानकारी होनी चाहिए। यह जानकारी आधार और पैन कार्ड के मुताबिक होनी चाहिए। इसमें अपनी सभी चल और अचल संपत्तियों का विवरण देना जरूरी है, जैसे घर, जमीन, बैंक अकाउंट, निवेश आदि। इसमें और कौन-कौन सी जानकारियां जरूरी हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या वसीयत रजिस्टर कराना जरूरी है? जवाब- भारत में वसीयत को रजिस्टर कराना अनिवार्य नहीं है। आप इसे साधारण कागज पर लिखकर भी कानूनी रूप से वैध बना सकते हैं, बशर्ते सभी आवश्यक शर्तें पूरी की गई हों। हालांकि, वसीयत का रजिस्ट्रेशन करवाने से इसकी प्रामाणिकता बढ़ जाती है और भविष्य में किसी भी विवाद की स्थिति में इसे चुनौती देना मुश्किल होता है। रजिस्ट्रेशन से डॉक्यूमेंट्स सुरक्षित रहते हैं और इससे छेड़छाड़ की आशंका कम हो जाती है। सवाल- वसीयत में कौन-कौन से कानूनी शब्द होते हैं? इनका क्या मतलब है? जवाब- इसमें कई महत्वपूर्ण कानूनी शब्द होते हैं। आइए इन्हें एक-एक करके समझते हैं। टेस्टेटर- जो व्यक्ति वसीयत बना रहा है। एग्जीक्यूटर- जो व्यक्ति वसीयत को लागू करेगा। बेनिफिशियरी- जिसे/जिन्हें संपत्ति मिलेगी। कोडोसिल- वसीयत में किया गया बदलाव या सुधार। प्रोबेट- अदालत द्वारा वसीयत की पुष्टि। इंटेस्टेट- अगर किसी व्यक्ति की वसीयत लिखे बिना मृत्यु हो जाती है। सवाल- डिजिटल वसीयत (Digital Will) क्या है? जवाब- डिजिटल वसीयत एक ऐसा डॉक्यूमेंट है, जो अक्सर ऑनलाइन सुरक्षित रखा जाता है। इसमें यह लिखा होता है कि मृत्यु के बाद व्यक्ति की डिजिटल संपत्तियां किसे मिलेंगी, जैसे- सोशल मीडिया अकाउंट क्रिप्टोकरेंसी क्लाउड फाइल्स ईमेल अकाउंट ऑनलाइन बैंकिंग अकाउंट डिजिटल वॉलेट इसमें यह स्पष्ट किया जाता है कि इन अकाउंट्स का एक्सेस किन लोगों को मिलेगा। यह आधुनिक समय में उतनी ही जरूरी है, जितनी पारंपरिक वसीयत। सवाल- अगर वसीयत न लिखी गई हो तो क्या होगा? जवाब- अगर वसीयत लिखे बिना ही किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है तो उसकी संपत्ति का बंटवारा कानून के अनुसार होता है। हिन्दू उत्तराधिकार कानून- हिंदुओं के लिए। इंडियन सक्सेशन एक्ट- ईसाइयों और पारसियों के लिए। शरीयत कानून- मुसलमानों के लिए। इस स्थिति में व्यक्तिगत इच्छाओं का कोई महत्व नहीं दिया जाता और संपत्ति तय कानूनी नियमों के अनुसार बांटी जाती है। सवाल- क्या वसीयत बदली जा सकती है? जवाब- हां, वसीयत को जीवित रहते किसी भी समय बदला जा सकता है। अगर आपकी संपत्ति, पारिवारिक स्थिति या इच्छाओं में बदलाव आता है तो आप नई वसीयत बना सकते हैं। इसमें संशोधन भी किया जा सकता है। नई वसीयत बनाते ही पुरानी अपने आप निरस्त हो जाती है। संशोधन करते समय भी नई वसीयत की तरह ही पूरी प्रक्रिया अपनानी होती है। सवाल- क्या नॉमिनी ही वसीयत का असली मालिक होता है? जवाब- नहीं, नॉमिनी केवल ट्रस्टी होता है, वह असली मालिक नहीं होता है। उसका काम संपत्ति को सुरक्षित रखना और उसे सही वारिस तक पहुंचाना होता है। कानूनी मालिक वही होता है, जिसका नाम वसीयत में बेनीफिशियरी के रूप में लिखा होता है। सवाल- क्या वसीयत को चुनौती दी जा सकती है? जवाब- हां, वसीयत को चुनौती दी जा सकती है, लेकिन यह सिर्फ सीमित परिस्थितियों में होता है, जैसे- अगर दबाव बनाकर वसीयत लिखवाई गई हो। अगर धोखाधड़ी की गई हो। अगर मानसिक अस्थिरता में वसीयत लिखवाई गई हो। अगर गवाह मुकर जाएं। अगर डॉक्यूमेंट्स अस्पष्ट हैं। इसलिए इसे साफ भाषा, सही प्रक्रिया और
विल जैक्स ने शेन वॉटसन की बराबरी की:सबसे ज्यादा 4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीते; बटलर 10वीं बार शून्य पर आउट

इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया। शुक्रवार को कोलंबो के आर प्रेमदासा स्टेडियम में न्यूजीलैंड ने 7 विकेट खोकर 159 रन बनाए। इंग्लैंड ने 19.3 ओवर में 6 विकेट खोकर टारगेट हासिल कर लिया। जीत के हीरो रहे विल जैक्स, जिन्होंने 18 गेंद पर नाबाद 32 रन की तेज पारी खेली और 2 विकेट भी लिए। वे प्लेयर ऑफ द मैच चुने गए। यह उनके वर्ल्ड कप करियर का चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड रहा, इसी के साथ उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के शेन वॉटसन की बराबरी कर ली। दूसरी ओर जोस बटलर टी-20 इंटरनेशनल में 10वीं बार शून्य पर आउट हुए। ENG vs NZ मैच के टॉप रिकार्ड्स और मोमेंट्स… 1. विल जैक्स ने चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीता इंग्लैंड के ऑलराउंडर विल जैक्स ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में अपना चौथा प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीत लिया। इसी के साथ उन्होंने एक ही एडिशन में सबसे ज्यादा अवॉर्ड जीतने के मामले में शेन वॉटसन की बराबरी कर ली, जिन्होंने भी 2012 में 4 अवॉर्ड हासिल किए थे। तब वॉटसन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट भी बने थे। वहीं, 2022 में सिकंदर रजा ने तीन बार यह सम्मान पाया था। 2. स्पिनर्स ने 31 ओवर्स फेंके टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में कोलंबो का आर प्रेमदासा स्टेडियम स्पिनर्स के लिए सबसे मददगार साबित हुआ। न्यूजीलैंड-इंग्लैंड मैच में 31 ओवर स्पिनर्स ने फेंके। यह टूर्नामेंट इतिहास के एक मैच में संयुक्त रूप से सबसे ज्यादा रहे। इससे पहले इसी वर्ल्ड कप में भारत-पाकिस्तान मुकाबले में भी दोनों टीमों के स्पिनर्स ने मिलकर 31 ओवर डाले थे। 3. बटलर इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा बार शून्य पर आउट जोस बटलर शुक्रवार को न्यूजीलैंड के खिलाफ खाता भी नहीं खोल सके। वे इंग्लैंड के लिए टी-20 में सबसे ज्यादा 10 बार शून्य पर आउट हुए हैं। उनके बाद ल्यूक राइट और मोईन अली 9-9 बार डक हुए, जबकि जेसन रॉय 7 बार शून्य पर आउट हुए हैं। अब मोमेंट्स… 1. न्यूजीलैंड के 2 बल्लेबाज स्टंपिंग आउट हुए न्यूजीलैंड के 2 बल्लेबाज टिम साइफर्ट और मार्क चापमन स्टंपिंग आउट हुए। 7वें ओवर में आदिल रशीद ने टिम साइफर्ट को धीमी गेंद डाली। साइफर्ट बड़ा शॉट खेलने के लिए क्रीज से बाहर निकले, लेकिन गेंद मिस कर गए, इतने में विकेटकीपर जोस बटलर ने स्टंपिंग कर दी। साइफर्ट 35 रन बनाकर आउट हुए। 15वें ओवर में आदिल रशीद ने मार्क चापमन के खिलाफ भी वही रणनीति अपनाई। चापमन लॉन्ग-ऑन के ऊपर शॉट खेलने के लिए आगे बढ़े, लेकिन गेंद की रफ्तार कम थी। शॉट में जल्दबाजी हुई, बैलेंस बिगड़ा और बटलर ने आसान स्टंपिंग कर दी। चापमन 15 रन बनाकर पवेलियन लौटे। 2. स्कूप खेलते हुए ब्रूक को गेंद लगी इंग्लैंड की बैटिंग के दौरान तीसरे ओवर में दूसरी गेंद पर हैरी ब्रूक शॉट खेलने के लिए ऑफ स्टंप से बाहर गए, लेकिन मैट हेनरी ने भी उनको फॉलो करते हुए गेंद डाली। ब्रूक ने स्कूप लगाने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले का इनसाइड एज लेकर उनके शरीर से टकरा गई। हालांकि, उन्हें ज्यादा चोट नहीं आई और उन्होंने खेलना जारी रखा। 3. ग्लेन फिलिप्स ने डाइव लगाकर कैच पकड़ा 9वें ओवर की चौथी गेंद पर ग्लेन फिलिप्स ने हवा में डाइव लगाते हुए जैकब बेथेल का शानदार कैच पकड़ा। रचिन रवींद्र ने ऑफ स्टंप पर गुड लेंथ बॉल डाली, जिस पर बेथल ने बैकफुट से पुल शॉट खेला, लेकिन गेंद मिडविकेट की ओर चली गई, जहां ग्लेन फिलिप्स ने हवा में उड़ते हुए आगे की ओर डाइव लगाई और बेहतरीन कैच पकड़ लिया। 4. रेहान अहमद ने अपनी पहली बॉल पर विकेट लिया टी-20 वर्ल्ड कप में अपना पहला मैच खेल रहे रेहान अहमद ने अपनी पहली ही गेंद पर विकेट ले लिया। उन्होंने 12वें ओवर की पहली गेंद शॉर्ट पिच फेंकी। रचिन रवींद्र ने पुल शॉट खेलने की कोशिश की, लेकिन गेंद बल्ले के निचले हिस्से से लगकर डीप मिडविकेट की ओर गई। जहां खड़े जैकब बेथेल ने आसान-सा कैच पकड़ लिया। रेहान को पहली बॉल पर ही विकेट मिल गया। रचिन 11 रन बनाकर आउट हुए। —————————————– क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ————————————————– टी-20 वर्ल्ड कप की यह खबर भी पढ़ें… इंग्लैंड ने लगातार तीसरा सुपर-8 मैच जीता, कीवियों की उम्मीदें पाकिस्तान पर टिकीं इंग्लैंड ने टी-20 वर्ल्ड कप के 9वें सुपर-8 मैच में न्यूजीलैंड को 4 विकेट से हरा दिया है। इस जीत ने पाकिस्तान के सेमीफाइनल में पहुंचने की उम्मीदें कायम रखी हैं। वहीं, न्यूजीलैंड को पाकिस्तान के प्रदर्शन पर निर्भर कर दिया है। पढ़ें पूरी खबर…
मंदसौर ब्लड बैंक में घोटाला:35 डॉक्टर-26 कर्मचारियों को प्रोत्साहन की आड़ में बांट दिए 43.91 लाख रुपए

मंदसौर जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में 35 डॉक्टर और 26 कर्मचारियों ने प्रोत्साहन के नाम पर 43.91 लाख रुपए की बंदरबांट कर ली। निजी अस्पतालों में भर्ती मरीजों को जरूरत पर ब्लड बैंक से खून के बदले 1050 रुपए और डोनर देना अनिवार्य है। नियमानुसार पूरी राशि रोकस में जमा होनी चाहिए लेकिन यहां 750 रु. ही जमा कर बाकी 300 रु. प्रति यूनिट “प्रोत्साहन” बताकर आपस में बांट रहे थे जबकि ऐसा कोई प्रावधान नहीं है। भास्कर पड़ताल में सामने आया कि अप्रैल 2016 से जनवरी 2025 तक यह खेल चला। इस दौरान 14,639 यूनिट रक्त के बदले 1.53 करोड़ रुपए प्राप्त हुए। इनमें से 43.91 लाख रुपए का बंटवारा कर लिया। इसमें तत्कालीन दो सिविल सर्जन डॉ. एके मिश्रा और डॉ. डीके शर्मा भी पीछे नहीं रहे। दोनों ने बेटे-बेटी के खातों में कुल 13.70 लाख रुपए का भुगतान करवाया। इस तरह शुरू हुआ खेल- इस बंदरबाट के लिए 2016 में ब्लड बैंक के तत्कालीन प्रभारी डॉ. सौरभ मंडवारिया ने प्रस्ताव बनाया। फिर तत्कालीन सीएस डॉ. एके मिश्रा ने नोटशीट तैयार की। इसमें एड्स कंट्रोल के 12 फरवरी 2014 के पत्र क्रमांक 12016/01/2012 का हवाला देकर तत्कालीन कलेक्टर स्वतंत्र कुमार सिंह को भ्रमित कर वेतन मद बताकर मंजूरी ली गई। इसके तहत ब्लड बैंक प्रभारी को 150, टेक्नीशियन को 100 व असिस्टेंट को 50 रुपए दिए जाने लगे। मामला उजागर होते ही यह राशि लेना बंद कर दिया। तत्कालीन कलेक्टर को भ्रमित कर मंजूरी ली, अब फंसे तो रोक लगाई यह किया- कलेक्टर को भ्रमित कर मंजूरी ली। बेटी डॉ. नोमिता को प्रभारी बनाकर 1.17 लाख का भुगतान किया। जबकि डॉ. एके मिश्रा तत्कालीन सीएस ब्लड बैंक के प्रस्ताव की जांच करनी थी। कलेक्टर को दी नोटशीट में पूरी राशि रोगी कल्याण समिति को देने का उल्लेख करना था। अब बोले- ब्लड बैंक से ही प्रस्ताव आते हैं। इसके बाद अनुमोदन होता है। जांच में यदि गलत माना है तो संबंधितों को सही रिप्रेजेंट करना था। यह किया- इन्होंने अपने कार्यकाल में बेटे डॉ. सौरभ को ब्लड बैंक इंचार्ज बनाया। 12.52 लाख का भुगतान किया। जबकि खून डॉ. डीके शर्मा पूर्व सीएस के बदले मिलने वाली राशि से अतिरिक्त स्टाफ रखकर व्यवस्थाएं बेहतरीन कर इस बंदरबाट को रोकना था। अब बोले- तत्कालीन सीएस व डॉ. मंडवारिया ने ही स्वीकृति कराई। ब्लड बैंक ने रोकस को राशि कमाकर दी और उसमें से प्रोत्साहन राशि ली। डॉक्टर-टेक्नीशियन बोले- हमें नियम की जानकारी नहीं निजी चिकित्सकों की मांग के बाद प्रस्ताव भेजा था। राशि फिक्स नहीं होने से नए व्यक्ति नहीं रखकर मौजूद कर्मचारियों को ही अनुमोदन के बाद यह राशि दी गई। -डॉ. सौरभ मंडवारिया, तत्कालीन व वर्तमान ब्लड बैंक प्रभारी वेतन प्राप्त करने वाले कर्मचारियों को प्रोत्साहन राशि लेने का कोई प्रावधान नहीं है। इस राशि से अन्य कर्मचारी रखकर सुविधा और बेहतर बनाई जा सकती थी। वरिष्ठ स्तर पर निर्देश के बाद रिकवरी संबंधी प्रक्रिया भी कराई जाएगी। डॉ. जीएस चौहान, सीएमएचओ, मंदसौर व्यवस्था बदल रहे हैं संबंधितों पर कार्रवाई प्रस्तावित की है। आगे इस तरह की स्थिति नहीं बने, इसके लिए बनाई गई व्यवस्था को ही बदला जा रहा है। -अदिति गर्ग, कलेक्टर मंदसौर








