Ayatollah Khamenei Killed in US Strike; 40 Generals Dead

तेहरान16 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल के हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत हो गई है। ईरान के मीडिया तसनीम और फार्स समाचार एजेंसियों के मुताबिक शनिवार को इजराइल ने खामेनेई के दफ्तर पर करीब 30 मिसाइलें दागीं थी, जिसमें खामेनेई के साथ 40 कमांडर भी मारे गए। हमले में खामेनेई की बेटी, दामाद, पोती और बहू भी मारे गए हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को देश का नया सुप्रीम लीडर चुना जा सकता है। मुजतबा खामेनेई को पिछले 2 साल से सुप्रीम लीडर बनाने की तैयारियां चल रही थी। हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। ईरान में सुप्रीम लीडर (रहबर) चुनने और देश चलाने का तरीका थोड़ा जटिल है। दुनिया में सिर्फ ईरान और वेटिकन सिटी ऐसे दो देश हैं जहां धार्मिक नेता सबसे ताकतवर होते हैं। जैसे वेटिकन में पोप सबसे बड़ा नेता है, वैसे ही ईरान में सुप्रीम लीडर सबसे बड़ा नेता होता है। ‘रहबर’ का मतलब मार्गदर्शक या रास्ता दिखाने वाला होता है। ईरान में 88 मौलवियों की असेंबली सुप्रीम लीडर चुनती है इजराइल ने ईरानी सुप्रीम लीडर खामेनेई के दफ्तर के पास हमला किया था। रहबर के काम पर नजर रखते हैं 88 धर्मगुरु ईरान में रहबर देश की सरकार, सेना, समाज और विदेश नीति पर फैसला करते हैं। वे सभी सेनाओं के कमांडर‑इन‑चीफ भी होते हैं। अब तक सिर्फ दो लोग इस पद पर आए हैं। खामेनेई 37 साल से रहबर थे। ईरान में रहबर, असेंबली, गार्डियन काउंसिल, राष्ट्रपति और संसद मिलकर देश चलाते हैं। लेकिन असली ताकत हमेशा रहबर के पास रहती है। असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स: इसमें 88 धर्मगुरु होते हैं। जनता हर 8 साल में इनके सदस्यों का चुनाव करती है। यह असेंबली रहबर को चुनती है और उनके काम पर नजर रखती है। अगर रहबर ठीक से काम न करें तो इन्हें हटा भी सकती है। राष्ट्रपति: राष्ट्रपति देश का दूसरा सबसे ताकतवर नेता होता है। वे सरकार चलाते हैं और विदेश नीति में मदद करते हैं, लेकिन आखिरी फैसला हमेशा रहबर का होता है। राष्ट्रपति बनने के लिए गार्डियन काउंसिल की मंजूरी जरूरी होती है। गार्डियन काउंसिल: इसमें 6 धर्मगुरु और 6 जज होते हैं। हर 6 साल में रहबर इन्हें चुनते हैं। यह काउंसिल संसद के बनाए कानूनों को रोक भी सकती है। संसद: इसमें 290 सदस्य होते हैं, जिन्हें जनता हर 4 साल में चुनती है। संसद कानून बनाती है, बजट पास करती है और जरूरत पड़ने पर राष्ट्रपति या मंत्रियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती है। खामेनेई ने मौत से पहले मुजतबा को उत्तराधिकारी बनाया था ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्लाह अली खामेनेई ने अपने दूसरे बेटे मुजतबा खामेनेई को साल 2024 में उत्तराधिकारी बनाया था। खामेनेई ने बीमारी के चलते यह फैसला लिया था। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान की एक्सपर्ट असेंबली ने 26 सितंबर 2024 को ही नए सुप्रीम लीडर का चुनाव कर लिया था। खुद खामेनेई ने असेंबली के 60 सदस्यों को बुलाकर गोपनीय तरीके से उत्तराधिकारी पर फैसला लेने कहा था। असेंबली ने सर्वसम्मति से मुजतबा के नाम पर सहमति जताई थी। अब खामेनेई की मौत की खबर के बाद मुजतबा सुप्रीम लीडर के दावेदार के तौर पर सामने आ सकते हैं। इस्लामिक मामलों के जानकार हैं मुजतबा मुजतबा अपने पिता की तरह ही इस्लामिक मामलों के जानकार हैं। वे पहली बार 2009 में दुनिया की नजरों में आए। उन्होंने ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से कुचला, जिसमें कई लोग मारे गए। तब राष्ट्रपति चुनाव में कट्टरपंथी नेता महमूद अहमदीनेजाद को सुधारवादी नेता मीर होसैन मौसवी पर जीत मिली थी। सुधारवादी नेताओं ने दावा किया कि चुनाव में भारी पैमाने पर गड़बड़ी हुई है। इसके बाद लाखों लोग सड़कों पर उतर आए थे। इसे ‘ईरानी ग्रीन मूवमेंट’ का नाम दिया गया। यह दो साल तक चला, लेकिन ईरानी सरकार ने इसे बल प्रयोग करके दबा दिया था। कहा गया था कि इसके पीछ मुजतबा खामेनेई का दिमाग है। सितंबर में लेबनान में पेजर अटैक में घायल लोगों से मिलते मुजतबा खामेनेई (काली पगड़ी पहने हुए) सरकार में किसी पद पर नहीं थे मुजतबा मुजतबा के सरकार में किसी पद पर न होने के बाद भी जरूरी फैसलों में लगातार उनकी भागीदारी बढ़ती देखी गई। रिपोर्ट के मुताबिक मुजतबा एक रहस्यमयी शख्स हैं। वह बहुत कम अवसरों पर नजर आते हैं। वे पिता की तरह सार्वजनिक भाषण नहीं देते। कहा जाता है कि ईरान की खुफिया और दूसरी सरकारी एजेंसियों में मुजतबा के लोग बैठे हुए हैं। ईरान में इब्राहिम रईसी के राष्ट्रपति बनने के बाद मुजतबा का कद काफी बढ़ गया। मुजतबा को रईसी के उत्तराधिकारी यानी कि ईरान के राष्ट्रपति पद के लिए तैयार किया जा रहा था, लेकिन रईसी की मौत के बाद इसमें बदलाव आ गया। अयातुल्ला अली खामेनेई के बारे में जानिए… अयातुल्ला अली खामेनेई का जन्म 19 अप्रैल 1939 को ईरान के धार्मिक शहर मशहद में एक मौलवी परिवार में हुआ था। वे खोमैनी शाह की नीतियों के खिलाफ थे और इस्लामी शासन की वकालत करते थे। 1963 में शाह के खिलाफ भाषण देने पर उन्हें गिरफ्तार भी किया गया। धीरे-धीरे वे सरकार विरोधी आंदोलन का बड़ा चेहरा बन गए और खोमैनी के भरोसेमंद सहयोगी माने जाने लगे। 1979 में ईरान में इस्लामी क्रांति हुई और शाह की सरकार गिर गई। खोमैनी देश लौटे और नई इस्लामी सरकार बनाई। खामेनेई को क्रांतिकारी परिषद में जगह मिली और बाद में उप रक्षामंत्री बनाया गया। 1981 में तेहरान की एक मस्जिद में भाषण के दौरान खामेनेई पर बम हमला हुआ। उसी साल एक और बम धमाके में तत्कालीन राष्ट्रपति की मौत हो गई। इसके बाद हुए चुनाव में खामेनेई भारी बहुमत से जीतकर ईरान के तीसरे राष्ट्रपति बने। 1989 में खोमैनी के निधन के बाद खामेनेई को देश का सर्वोच्च नेता यानी ‘रहबर’ बनाया गया। इसके लिए संविधान में बदलाव भी किया गया। समर्थक उन्हें इस्लामी व्यवस्था का मजबूत रक्षक मानते हैं, जबकि आलोचक उन पर सख्त और कट्टर शासन चलाने का आरोप लगाते हैं। खामेनेई की 3 तस्वीरें… 1789 में ईरान की इस्लामिक क्रांति के एक प्रोटेस्ट में खामेनेई। 1980 में तेहरान यूनिवर्सिटी के बाहर
Nagpur SBL Company Blast | Deaths Feared Rise

नागपुर (महाराष्ट्र)31 मिनट पहले कॉपी लिंक महाराष्ट्र में नागपुर जिले राउलगांव स्थित गोला-बारूद निर्माण कंपनी एसबीएल एनर्जी लिमिटेड में रविवार सुबह करीब 7 बजे भीषण धमाका हो गया। हादसे में 17 कर्मचारियों की मौत हो गई, जबकि 18 घायल हो गए। घायलों में से कई की हालत गंभीर है, जिससे मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका है। घायलों को इलाज के लिए नागपुर ले जाया गया हादसे की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और रेस्क्यू टीमें मौके पर पहुंची। फैक्ट्री में लगी आग पर काबू पाने की कोशिश जारी है। फायर ब्रिगेड ने बताया कि ब्लास्ट से कंपनी में चारों तरफ मलबा फैल गया है। मलबे में दबे कुछ कर्मचारियों को निकाला गया है। 15 घायलों को नागपुर के अस्पताल ले जाया गया है। क्या विस्फोट डेटोनेटर तैयार करते समय हुआ था नागपुर के कलमेश्वर में स्थित एसबीएल एनर्जी लिमिटेड (पूर्व में स्पेशल ब्लास्ट लिमिटेड) औद्योगिक विस्फोटकों की एक प्रमुख निर्माता कंपनी है। यह कंपनी खनन परियोजनाओं के लिए विस्फोटक, डेटोनेटर जैसे विस्फोटक बनाती है। रविवार सुबह कर्मचारियों ने काम शुरू ही किया था, तभी प्लांट में डेटोनेटर बनाने की प्रोसेस के दौरान एक तेज धमाका हो गया। विस्फोट इतना भीषण था कि उसकी आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी। हादसे के दौरान कंपनी में 30 से ज्यादा कर्मचारी काम कर रहे थे। हादसे की पांच तस्वीरें… विस्फोट से प्लांट की दीवारें भी ढह गईं। फैक्ट्री में धमाके के बाद आग लग गई। आग की लपटें फैक्ट्री की बाउंड्री वॉल तक पहुंच गई थीं। आग बुझाने की कोशिशों में जुटीं फायर ब्रिगेड की टीमें। मौके पर एंबुलेंस। घायलों को नागपुर के अस्पताल ले जाया रहा है। धमाके की आवाज सुनकर आसपास के गांव के लोग मौके पर जमा हो गए। सीएम फडणवीस ने खेद जताया महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ट्वीट कर कहा- एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें भी घटनास्थल पर मौजूद हैं। 17 लोगों ने अपनी जान गंवाई है। मैं मृतकों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं। इस घटना में 18 लोग घायल हुए हैं। घायलों को तुरंत नागपुर ले जाया गया है। आपातकालीन आदेश जारी कर दिए गए हैं। —————- हादसे से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… आंध्र प्रदेश- पटाखा फैक्ट्री में ब्लास्ट, 21 लोगों की मौत:8 गंभीर घायल; धमाके की आवाज 5km दूर तक सुनाई दी आंध्र प्रदेश के काकीनाडा जिले के वेटलापलेम गांव में शनिवार को पटाखा बनाने वाली यूनिट में धमाका हो गया। हादसे में 21 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। स्थानीय लोगों ने बताया कि दोपहर करीब 2 बजे ब्लास्ट हुआ। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
शाजापुर में NH पर लोडिंग वाहन डिवाइडर से टकराया:आगरा से इंदौर जा रहा वाहन दुर्घटनाग्रस्त, दो लोग घायल

शाजापुर में नेशनल हाईवे 52 पर रविवार सुबह करीब 5 बजे एक सड़क हादसा हो गया। कोतवाली थाना क्षेत्र के भरड़ जोड़ के समीप पुल पर आगरा से इंदौर की ओर जा रहा एक लोडिंग आयशर वाहन अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गया। इस दुर्घटना में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। डायल 112 के पायलट राजेंद्र सिकरवार और प्रधान आरक्षक अशोक ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। घायलों की पहचान अनिल कुमार (36) पुत्र हरिसिंह निवासी आगरा और कांताप्रसाद (28) पुत्र सुंदर सिंह के रूप में हुई है। दोनों का उपचार शाजापुर जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में वाहन का अनियंत्रित होना ही हादसे की मुख्य वजह मानी जा रही है।
CSK IPL Practice Starts | Dhoni Chennai; Samson Joins Post World Cup 2026

स्पोर्ट्स डेस्क3 घंटे पहले कॉपी लिंक एमएस धोनी चेन्नई एयरपोर्ट पर मास्क पहनकर नजर आए। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) ने IPL के 19वें सीजन की तैयारियां शुरू कर दी हैं। टीम का प्री-सीजन ट्रेनिंग कैंप आज से चेन्नई में शुरू हो गया है। CSK को अपनी कप्तानी में 5 टाइटल जिताने वाले एमएस धोनी 28 फरवरी को चेन्नई एयरपोर्ट पर नजर आए। वे पहले दिन से ही टूर्नामेंट की तैयारियां शुरू कर देंगे। CSK ने 1 मार्च को सुबह 7 बजे सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए अपनी नई जर्सी भी रिवील की। नए सीजन में टीम का हिस्सा बने संजू सैमसन टी-20 वर्ल्ड कप खत्म होने के बाद ट्रेनिंग कैंप जॉइन करेंगे। ऋतुराज गायकवाड ही इस सीजन भी टीम की कप्तानी करेंगे। CSK ने 2023 में आखिरी टाइटल जीता था। देखिए CSK की जर्सी रिवील की वीडियो… लंबे बालों में दिखे माही सोशल मीडिया पर धोनी के चेन्नई पहुंचने का वीडियो जमकर वायरल हो रहा है। वे अपने सिग्नेचर लंबे बालों वाले ‘विंटेज लुक’ में नजर आए। रांची के देवड़ी माता मंदिर में दर्शन करने के बाद धोनी सीधे चेन्नई पहुंचे। 44 साल की उम्र में भी धोनी अपने फैंस और टीम के लिए IPL खेलने के लिए तैयार हैं। 15 भारतीय खिलाड़ी भी प्रैक्टिस कैंप में जुड़े CSK के CEO काशी विश्वनाथन के मुताबिक, “कैंप के शुरुआती फेज में लगभग 15 भारतीय खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। इसमें टीम के कप्तान ऋतुराज गायकवाड़ के साथ कई अनकैप्ड और घरेलू खिलाड़ी शामिल हैं। शिवम दुबे और संजू सैमसन अभी नेशनल ड्यूटी में बिजी हैं, इसलिए वे टूर्नामेंट के बाद कैंप जॉइन करेंगे। विदेशी खिलाड़ी और हेड कोच स्टीफन फ्लेमिंग के भी अगले सप्ताह तक पहुंचने की उम्मीद है।” CSK को छठे टाइटल की तलाश चेन्नई सुपर किंग्स ने आखिरी बार 2023 में गुजरात टाइटंस को फाइनल हराकर 5वीं IPL ट्रॉफी जीती थी। 2024 और 2025 में टीम प्लेऑफ तक भी नहीं पहुंच सकी। पिछले सीजन तो टीम 10वें नंबर पर रही। चेन्नई ने पिछले सीजन ही प्लेयर रिप्लेसमेंट के जरिए कई युवा प्लेयर्स को जोड़कर टीम को मजबूत बना लिया। ऑक्शन से पहले फिर रवींद्र जडेजा को रिलीज किया और संजू सैमसन को शामिल कर लिया। नीलामी में टीम ने फिर अनकैप्ड युवा प्लेयर्स पर दांव खेला। एमएस धोनी IPL के 278 मैचों में 5439 रन बना चुके हैं। क्या यह धोनी का आखिरी सीजन होगा? हर साल की तरह इस बार भी फैंस के मन में यही सवाल है कि क्या माही का यह आखिरी IPL होगा? हालांकि, धोनी ने अभी तक संन्यास को लेकर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है। CSK ने भी धोनी को नए अनकैप्ड नियम से महज 4 करोड़ रुपए में रिटेन किया है। मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया जा रहा है कि धोनी शुरुआती मुकाबले खेलने के बाद संन्यास ले सकते हैं। LSG ने भी जर्सी बदली 19वें सीजन से पहले लखनऊ सुपरजायंट्स (LSG) ने अपनी जर्सी और लोगो बदल लिया। टीम ने 28 फरवरी को अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर जर्सी रिवील की। ऋषभ पंत ही इस बार भी LSG की कप्तानी करते नजर आएंगे। ————————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ——————————————— टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पाकिस्तान जीतकर भी टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर; श्रीलंका को 5 रन से हराया पाकिस्तान टी-20 वर्ल्ड कप से बाहर हो गया है। उसने शनिवार को अपने आखिरी सुपर-8 मैच में श्रीलंका को 5 रन से हराया, लेकिन टीम टॉप-4 में जगह नहीं बना सकी। इस नतीजे से न्यूजीलैंड सेमीफाइनल में पहुंच गई है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Commercial Cylinder Price Hike | Flights May Get Costlier; March 4 Changes

Hindi News Business Commercial Cylinder Price Hike | Flights May Get Costlier; March 4 Changes नई दिल्ली4 घंटे पहले कॉपी लिंक 1 मार्च 2026 से 4 अहम बदलाव लागू होने जा रहे हैं। इसका सीधा असर आपकी जिंदगी पर पड़ेगा। आज यानी रविवार से कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 31 रुपए तक महंगा हो गया है। वहीं ATF के दाम बढ़ने से हवाई सफर महंगा हो सकता है। इसके अलावा अब फोन में एक्टिव सिम के बिना वॉट्सएप जैसे मैसेजिंग एप्स काम नहीं करेंगे। रेलवे का अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम (UTS) एप काम करना बंद कर देगा। 1. कॉमर्शियल सिलेंडर 31 रुपए तक महंगा आज से 19 किलो वाला कॉमर्शियल गैस सिलेंडर 31 रुपए तक महंगा हो गया है। सबसे ज्यादा बढ़ोतरी कोलकाता में हुई है, जहां अब सिलेंडर के लिए ₹1875.50 चुकाने होंगे। वहीं दिल्ली में कीमत 28 रुपए बढ़कर ₹1768.50 हो गई है। पहले यह ₹1740.50 में मिल रहा था। 4 बड़े शहरों में कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दाम शहर नई कीमत (₹) पुरानी कीमत (₹) कितना बढ़ा (₹) दिल्ली 1768.50 1740.50 28.00 कोलकाता 1875.50 1844.50 31.00 मुंबई 1720.50 1692.00 28.50 चेन्नई 1929.00 1899.50 29.50 घरेलू गैस सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं… 2. बिना एक्टिव सिम के नहीं चलेंगे वॉट्सऐप और टेलीग्राम आज से मैसेजिंग एप्स के लिए ‘सिम-बाइंडिंग’ नियम लागू हो गए हैं। सरकार के इस नियम के बाद अब वॉट्सऐप, टेलीग्राम और सिग्नल जैसे मैसेजिंग एपस तभी काम करेंगे, जब फोन में वही सिम कार्ड एक्टिव मोड में लगा हो जिससे अकाउंट बनाया गया है। इसके अलावा अगर आप कंप्यूटर पर वॉट्सएप जैसे एप्स चलाते हैं तो लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। पहले ये एक बार लॉगिन करने पर हफ्तों तक चलता था। क्यों लिया गया यह फैसला: अक्सर साइबर अपराधी सिम निकालकर केवल वाई-फाई के जरिए मैसेजिंग एप्स का इस्तेमाल कर धोखाधड़ी करते थे। अब सिम हटते ही ऐप अपने आप लॉगआउट हो जाएगा। इससे फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। 3. रेलवे का UTS एप बंद, अब ‘RailOne’ से होगी बुकिंग रेलवे का पुराना अनरिजर्व्ड टिकटिंग सिस्टम यानी UTS एप आज से पूरी तरह बंद कर दिया जाएगा। अब जनरल, प्लेटफॉर्म और लोकल ट्रेनों की टिकट बुक करने के लिए यात्रियों को नए ‘RailOne’ एप का इस्तेमाल करना होगा। रेलवन एप को जुलाई 2025 में लॉन्च किया गया था। इस एप के बंद होने के बाद कई यात्रियों के मन में सवाल है कि उनके UTS एप के वॉलेट (R-Wallet) में जमा पैसों का क्या होगा। रेलवे ने कहा कि आपके वॉलेट की राशि सुरक्षित है और इसे नए रेलवन एप में ट्रांसफर कर दिया जाएगा। हालांकि, इसके लिए एक जरूरी शर्त है… नियम: रेलवन एप उसी मोबाइल नंबर से रजिस्तर करना होगा, जिससे UTS एप रजिस्टर्ड था। ट्रांसफर: अगर मोबाइल नंबर एक ही रहता है, तो बैलेंस अपने आप नए ऐप में दिखने लगेगा। रेलवन एप में मिलती है ये 3 बड़ी सर्विसेज रेवलन एक ‘ऑल-इन-वन’ एप्लीकेशन है, जिसे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए डिजाइन किया गया है। यह एंड्रॉइड और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। टिकट बुकिंग: जनरल टिकट बुकिंग पर R-Wallet के जरिए 3% का डिस्काउंट। लाइव ट्रैकिंग: यात्री अपनी ट्रेन की रियल-टाइम लोकेशन ट्रैक कर सकते हैं। अतिरिक्त सेवाएं: खाना ऑर्डर करना, कुली बुकिंग और टैक्सी बुकिंग सर्विसेज। 4. हवाई सफर महंगा हो सकता है, ATF के दाम ₹5,500 तक बढ़े ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने हवाई ईंधन (ATF) की कीमतें ₹5,500 तक बढ़ा दी है। इससे आने वाले दिनों में हवाई टिकटों के दाम बढ़ने का अनुमान है। सबसे ज्यादा दाम चेन्नई में बढ़े हैं। यहां ATF 94,781.99 रुपए किलोलीटर से बढ़कर 1,00,280 किलोलीटर हो गए हैं। चार बड़े शहरों में ATF के दाम शहर नई कीमत (₹) पुरानी कीमत (₹) अंतर (₹) दिल्ली 96,638.14 91,393.39 5,244.75 कोलकाता 99,587.14 94,445.62 5,141.52 मुंबई 90,451.87 85,474.63 4,977.24 चेन्नई 1,00,280.49 94,781.99 5,498.50 नोट: ATF- एविएशन टर्बाइन फ्यूल | दाम रुपए प्रति किलोलीटर में पेट्रोल डीजल के दामों में बदलाव नहीं… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
AIIMS Recruitment 2551 | Bihar 993 Vacancies

Hindi News Career AIIMS Recruitment 2551 | Bihar 993 Vacancies | 6979 Jobs This Week 3 घंटे पहले कॉपी लिंक इस हफ्ते देशभर के अलग-अलग विभागों में 6979 पदों पर भर्तियां निकली हैं। अगर आप भी इन पदों के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, तो इन 6 नौकरियों की डिटेल्ड जानकारी 6 ग्राफिक्स के जरिए जानिए: पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें पूरी खबर यहां पढ़ें . दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं… आज की सरकारी नौकरी: AIIMS में 2551 पदों पर भर्ती; न्यूक्लियर पावर कॉर्पोरेशन में 245 वैकेंसी, DSSSB में 216 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: बिहार में 993 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में 116 वैकेंसी, GAIL में 70 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर आज की सरकारी नौकरी: रेलवे में 11,127 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी; बिहार सिविल जज की 173 वैकेंसी, पंचायत एवं ग्रामीण विकास में 1508 ओपनिंग्स जॉब – एजुकेशन कॉपी लिंक शेयर
डायरेक्टर ने बताया सैफ को 'बेखुदी' से निकालने की वजह:राहुल रवैल बोले- गैर-जिम्मेदार रवैये के कारण हटाया, गर्लफ्रेंड वाली बात गलत थी

साल 1992 में सैफ अली खान बॉलीवुड में डेब्यू करने वाले थे। उनकी पहली फिल्म ‘बेखुदी’ थी, जिसमें उन्होंने काजोल के साथ काम करने का मौका पाया था। उस समय यह प्रोजेक्ट बॉलीवुत में काफी चर्चित था और सैफ के करियर के लिए बड़ा कदम माना जा रहा था। हालांकि, बाद में वह ‘बेखुदी’ का हिस्सा नहीं बने और उन्होंने अभिनेता के रूप में फिल्म ‘परंपरा’ (1993) से शुरुआत की। जिसका निर्देशन यश चोपड़ा ने किया था। सैफ खुद पहले कई इंटरव्यू में यह दावा कर चुके हैं कि उन्हें बेखुदी से इसलिए हटाया गया था क्योंकि डायरेक्टर ने उनसे कहा था कि उन्हें अपनी प्रेमिका से ब्रेक-अप कर देना चाहिए, वरना फिल्म छोड़नी पड़ेगी। इस शर्त के कारण उन्होंने शूटिंग छोड़ दी थी, ऐसा सैफ का मानना रहा है। यह बात सैफ ने साल 2020 में मुंबई मिरर को दिए इंटरव्यू में बताया था लेकिन अब 34 साल बाद ‘बेखुदी’ के डायरेक्टर राहुल रवैल ने इस बारे में अपनी सच्ची बात बताई है। स्क्रीन को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि सैफ को फिल्म से इसलिए नहीं हटाया गया था कि उन्होंने अपनी गर्लफ्रेंड को छोड़ने से इनकार किया। यह जो भी तब सुना और बताया गया, वह गलत है। राहुल के मुताबिक, असल वजह सैफ के गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार थी। वह समय पर शूटिंग पर नहीं आते थे, और तरह-तरह की लापरवाही करते थे। इस वजह से उन्हें काफी दिक्कतें उठानी पड़ीं, और शूट में विलंब होने लगा। निर्देशक ने बताया कि वह इतने सालों से इस बात को स्पष्ट करना चाहते थे, और अब उन्होंने अपने पक्ष को सामने रखा है। उन्होंने कहा कि उस समय सैफ की व्यवहार शैली ऐसी थी कि सेट पर समय पर न पहुंचना और काम के प्रति गंभीर नहीं दिखना आम बात थी। रवैल ने बताया कि इस लापरवाही और अनियमितता के कारण वह सैफ को फिल्म से अलग करना बेहतर समझे। राहुल रवैल ने यह भी कहा कि आज के मुकाबले उस समय फिल्मों में काम करने का तरीका बहुत अलग था, और एक कलाकार के लिए पेशेवर रवैया रखना बेहद आवश्यक था। एक निर्देशित काम में समय का पालन, सेट पर उपलब्धता और गंभीरता का प्रदर्शन बहुत मायने रखता है, और सैफ के व्यवहार से यह गुणवत्ता नहीं दिखी थी। राहुल ने यह भी स्वीकार किया कि आज सैफ अली खान का करियर बहुत सफल रहा है और उन्होंने अपने पेशेवर जीवन में काफी सकारात्मक बदलाव किए हैं। रवैल ने कहा कि आज सैफ अपने काम काम के प्रति गंभीर हैं, यह उनके प्रदर्शन और उपलब्धियों से यह साफ झलकता है। राहुल रवैल ने ‘बेखुदी’ के अलावा अपने फिल्मी करियर के बारे में भी बात की है। उन्होंने कहा कि वह कई वर्षों से फिल्मों का निर्देशन नहीं कर रहे हैं, और उन्हें लगता है कि फिलहाल कोई उन्हें नई फिल्म देने को तैयार नहीं है। कुछ लोग उनकी सेहत या क्षमता को लेकर गलतफहमियां रखते हैं, जिससे उन्हें अवसर नहीं मिल रहे हैं। वे सीधे तौर पर यह जताते हैं कि वह अब भी फिल्में डायरेक्ट करना चाहते हैं, लेकिन प्रस्ताव नहीं आ रहे हैं। उनके अनुसार, यह धारणा कि वह सक्रिय नहीं हैं, बिल्कुल गलत है।
वरिंद्र घुम्मन की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से-भाई का दावा:SIT रिपोर्ट का हवाला दिया, बोले-फोर्टिस अमृतसर पर केस करेंगे; सर्जरी के दौरान गई थी जान

जालंधर के रहने वाले और एशिया के इकलौते शाकाहारी बॉडी बिल्डर वरिंद्र घुम्मन मौत मामले में परिवार ने बड़ा खुलासा किया है। परिवार के सदस्य रब्बी ने बताया कि भाई की मौत मामले में गठित SIT की रिपोर्ट आ गई है। रब्बी ने दावा किया कि रिपोर्ट में मौत का कारण डॉक्टरों की लापरवाही बताया गया है। रब्बी ने कहा कि परिवार को भरोसा था कि डॉक्टरों का पैनल उनके साथ इंसाफ करेगा। हमने पहले दिन अमृतसर के फोर्टिस अस्पताल पर जो आरोप लगाए थे वे सही निकले। अब हम इस रिपोर्ट को आधार बनाकर जल्द ही फोर्टिस अमृतसर के खिलाफ लीगल एक्शन लेंगे। उन्होंने कहा कि विरेंद्र घुम्मन की मौत का सच सामने लाने के लिए डॉक्टरों की टीम और सरकार का बहुत धन्यवाद। बता दें कि पंजाब के मशहूर बॉडी बिल्डर वरिंदर सिंह घुम्मन का 9 अक्टूबर 2025 को अमृतसर में सर्जरी के दौरान निधन हो गया था। परिजनों ने अस्पताल पर लापरवाही के आरोप लगाए थे और शव की हालत को लेकर सवाल उठाए थे। परिवार ने कहना था कि सिर से कंधे तक वरिंद्र घुम्मन का शरीर काला और नीला हो गया था। पढ़ें रिपोर्ट को लेकर परिजनों ने क्या कहा… लापरवाही सामने आई, ऑपरेशन से पहले तक फिट थे घुम्मन वरिंद्र घुम्मन की मौत को लेकर सरकार ने तुरंत जांच के लिए अमृतसर सिविल अस्पताल के एसएमओ सहित डाक्टरों SIT बनाई थी। ये SIT अमृतसर फोर्सिट के डॉक्टरों से पूछताछ कर रही थी। मेडिकल पहलुओं पर जांच के बाद पैनल ने सरकार और हेल्थ डिपार्टमेंट को अपनी रिपोर्ट सौंप दी है। रिपोर्ट को लेकर परिजनों का कहना है कि इसमें डॉक्टरों की लापरवाही के कारण मौत होने की पुष्टि हुई है। विरेंद्र घुम्मण बाजू का इलाज करवाने से पहले तक पूरी तरह फिट थे। स्टिरॉइड की बात कहने वालों को भी जवाब मिला रिश्तेदार रब्बी ने कहा कि भाई की मौत के बाद कई लोगों ने स्टिरॉइड लेने को लेकर सवाल खड़े किए थे। उन्होंने दावा किया कि SIT की आई रिपोर्ट के बाद विरोधियों को भी जवाब मिल गया है। पूरी रिपोर्ट में क्या है, इसे लेकर वह जल्द ही प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सारा सच बताएंगे। ये रिपोर्ट वीरेंद्र घुम्मन को चाहने वाले लाखों फैंस की जीत है। मगर बहुत ही दुख है कि हमने अपना स्टार और बड़ा भाई खो दिया। दोस्त अनिल गिल ने उठाया था जांच का मुद्दा घुम्मन के निधन के बाद दोस्तों की डॉक्टरों के साथ बहस भी हुई थी। दोस्त अनिल गिल ने कहा कि एक दम से घुम्मन की बॉडी नीली कैसे पड़ गई, इसकी जांच होनी चाहिए। घुम्मन ने सलमान खान की टाइगर थ्री में काम किया था घुम्मन की उम्र करीब 43 साल थी। उनका जन्म 28 दिसंबर 1982 को गुरदासपुर के तलवंडी में हुआ था। इसके बाद लायलपुर खालसा कॉलेज से एमबीए की पढ़ाई की। वह प्रोफेशनल बॉडी बिल्डर और एक्टर थे। घुम्मन ने बॉलीवुड के सुपर स्टार सलमान खान के साथ टाइगर थ्री में काम किया। इसके साथ मिस्टर इंडिया भी रहे। उन्होंने ऑपरेशन से 6 दिन पहले सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर लिखा था- किस्मत में लिखे पर किसी का जोर नहीं। आदमी कुछ और सोचता है और भगवान कुछ और। वरिंदर सिंह घुम्मन से जुड़ी अहम बातें
Instagram Phishing Scam Explained; Fake Messages – OTP Fraud

Hindi News Lifestyle Instagram Phishing Scam Explained; Fake Messages OTP Fraud | Cyber Crime Alert 35 मिनट पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक आज के समय में इंस्टाग्राम सिर्फ फोटो-वीडियो शेयर करने का प्लेटफॉर्म नहीं है। यह पहचान और कमाई का जरिया भी बन चुका है। यही वजह है कि साइबर अपराधियों की नजर इंस्टाग्राम के आम यूजर्स से लेकर क्रिएटर्स और बिजनेस अकाउंट्स, सभी पर है। बीते कुछ महीनों में इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम के मामले तेजी से बढ़े हैं। इस स्कैम में साइबर ठग फेक ईमेल या नकली मैसेज भेजकर यूजर्स का अकाउंट हैक करने की कोशिश करते हैं। इन फेक मेल/मैसेज में अक्सर लिखा होता है कि आपका सोशल मीडिया अकाउंट बंद होने वाला है या आपने कोई नियम तोड़ा है। डर के कारण लोग बिना सोचे-समझे भेजे गए लिंक पर क्लिक कर देते हैं। यहीं से स्कैम शुरू होता है। इसलिए यह जानना जरूरी है कि अपने इंस्टाग्राम अकाउंट को कैसे सुरक्षित रखें। इसलिए आज साइबर लिटरेसी कॉलम में बात इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम की। साथ ही जानेंगे कि- इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम से बचने के लिए कौन-सी सावधानियां बरतनी चाहिए? अगर गलती से फिशिंग लिंक पर क्लिक कर दिया तो क्या करें? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम क्या है? जवाब- यह एक ऑनलाइन धोखाधड़ी है, जिसमें ठग इंस्टाग्राम के नाम से फर्जी ईमेल, मैसेज या लिंक भेजकर यूजर की लॉगिन डिटेल्स चुराते हैं। इसके बाद अकाउंट हैक कर लेते हैं। सवाल- स्कैमर इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- साइबर अपराधी इस स्कैम में यूजर्स को ऐसे ईमेल या मैसेज भेजते हैं, जो देखने में बिल्कुल ऑफिशियल लगते हैं। इस मैसेज में अक्सर डराने वाली भाषा का इस्तेमाल किया जाता है, जैसेकि– “आपका अकाउंट कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन कर रहा है।” “अगले 24 घंटों में आपका इंस्टाग्राम अकाउंट बंद कर दिया जाएगा।” “आपका अकाउंट बंद होने वाला है।” “अकाउंट ब्लॉक से बचने के लिए इस लिंक पर जाएं।” इस फेक मैसेज के साथ एक लिंक भी होता है, जो – ऐसा दिखता है जैसे Meta या Instagram की ओर से आया है। यह लिंक असली जैसी दिखने वाली एक नकली वेबसाइट पर लेकर जाता है। यह एक फर्जी लॉगिन पेज होता है। उस पेज पर यूजर अपने क्रेडेंशियल्स दर्ज करता है। फिर वो फर्जी पेज वेरिफिकेशन के लिए OTP मांगता है। OTP डालते ही आपका अकाउंट हैक हो जाता है। स्कैमर्स उसे अपने कंट्रोल में ले लेते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- लोग इतनी आसानी से इस स्कैम के झांसे में कैसे फंस जाते हैं? जवाब- इसके कई कारण हैं। जैसेकि- स्कैमर्स सबसे पहले डर पैदा करते हैं। अकाउंट सस्पेंड होने, पोस्ट हटने या नियमों को उल्लंघन करने जैसे मैसेज देखकर यूजर घबरा जाते हैं। ऊपर से ये ईमेल और मैसेज दिखने में बिल्कुल ऑफिशियल लगते हैं, जिससे शक नहीं होता है। जल्दबाजी में लोग लिंक की जांच नहीं करते और सोचते हैं कि तुरंत लॉगिन करना ही समाधान है। अवेयरनेस की कमी भी एक बड़ी वजह है, जिसके कारण लोग अपनी लॉगिन डिटेल्स खुद ही स्कैमर्स को दे बैठते हैं। सवाल- हैकर्स इंस्टाग्राम अकाउंट को हैक करके क्या-क्या नुकसान पहुंचा सकते हैं? जवाब- हैकर्स पासवर्ड बदलकर अकाउंट पर पूरा कंट्रोल ले सकते हैं और इस तरह के नुकसान पहुंचा सकते हैं– आपका पासवर्ड बदल देना। आपका ईमेल/फोन नंबर हटा देना। आपको आपके ही अकाउंट से बाहर कर देना। अकाउंट रिकवरी का ऑप्शन बदल देना। आर्थिक क्षति पहुंचाना। फॉलोअर्स से ‘इन्वेस्टमेंट’ के नाम पर पैसे मांगना। फर्जी Giveaway या Crypto स्कीम चलाना। आपत्तिजनक या अश्लील पोस्ट डालना। राजनीतिक/विवादित कंटेंट शेयर करना। फर्जी स्टोरी लगाकर बदनाम करना। पर्सनल डेटा चोरी करना। पर्सनल चैट पढ़ना/ब्लैकमेल करना। निजी फोटो/वीडियो यूज करना। आपके नाम से दूसरों को ठगना। दोस्तों को फिशिंग लिंक भेजना। सवाल- क्या इंस्टाग्राम कभी भी ऐसा मैसेज भेजता है कि “24 घंटे के अंदर आपका अकाउंट बंद कर दिया जाएगा?” जवाब- हां, अगर आपका अकाउंट कम्युनिटी गाइडलाइंस का उल्लंघन करने की वजह से सस्पेंड किया जाता है तो इंस्टाग्राम इन-एप नोटिफिकेशन या आधिकारिक ईमेल के जरिए इसकी जानकारी देता है। हालांकि, डायरेक्ट मैसेज (DMs) के जरिए ‘24-48 घंटों के अंदर अकाउंट बंद करने की धमकी’ देने वाले ईमेल आमतौर पर फिशिंग स्कैम होते हैं। सवाल- फिशिंग ईमेल आईडी की पहचान कैसे करें? जवाब- इंस्टाग्राम के नाम से आए फेक ईमेल की पहचान करने के लिए सबसे पहले भेजने वाले की ईमेल आईडी ध्यान से जांचें। इंस्टाग्राम/Meta से जुड़े वैध ईमेल डोमेन की लिस्ट नीचे देखिए। notification@facebookmail.com noreply@facebookmail.com @business.fb.com @support.facebook.com @fb.com @meta.com @account.meta.com @internal.metamail.com @go.metamail.com advertise-noreply@facebookmail.com update@em.facebookmail.com @mediapartnerships.fb.com @global.metamail.com अगर मेल इन आधिकारिक डोमेन से नहीं आया है, तो वह फेक हो सकता है। अक्सर फर्जी ईमेल डोमेन में स्पेलिंग में थोड़ा बहुत हेरफेर होता है। इसलिए डोमेन की स्पेलिंग बहुत ध्यान से पढ़ें। ऐसे किसी भी मेल या मैसेज पर भरोसा न करें, जिसमें- पैसों की डिमांड की गई हो। गिफ्ट का लालच दिया गया हो। अकाउंट डिलीट/बैन करने की धमकी दी गई हो। सवाल- क्या इंस्टाग्राम कभी भी मैसेज भेजकर सिक्योरिटी पासवर्ड मांगता है? जवाब- नहीं, इंस्टाग्राम कभी भी मैसेज, ईमेल या कॉल के जरिए आपकी लॉगिन डिटेल्स, ओटीपी या कोई भी सिक्योरिटी डिटेल नहीं मांगता है। सवाल- इंस्टाग्राम फिशिंग स्कैम से बचने के लिए कौन सी सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- थोड़ी-सी सतर्कता आपके इंस्टाग्राम अकाउंट को सुरक्षित रख सकती है। इसलिए कुछ बुनियादी बातों का खास ख्याल रखें। इसे नीचे दिए गए ग्राफिक से समझिए- सवाल- अगर गलती से फिशिंग लिंक पर क्लिक हो जाए तो क्या करें? जवाब- ऐसे में तुरंत अपना इंस्टाग्राम पासवर्ड बदलें। सभी डिवाइसेज से लॉगआउट करें और टू-स्टेप वेरिफिकेशन ऑन करें। साथ ही ईमेल सिक्योर करें और संदिग्ध एक्टिविटी को इंस्टाग्राम में रिपोर्ट करें। सवाल- इंस्टाग्राम से आए आधिकारिक ईमेल की पुष्टि कैसे करें? जवाब- इंस्टाग्राम से आए आधिकारिक ईमेल की पुष्टि के लिए सीधे इंस्टाग्राम एप खोलें। सेटिंग्स के सिक्योरिटी वाले ऑप्शन पर क्लिक करके ‘Emails from Instagram’ में जाएं। यहां आपको इंस्टाग्राम द्वारा भेजे गए सभी असली ईमेल की लिस्ट मिल जाती है, जिससे पता चल जाता है कि मेल रियल है या फेक। ……………… साइबर लिटरेसी से जड़ी ये खबर भी पढ़िए साइबर लिटरेसी- मैट्रिमोनियल प्लेटफार्म
Holi 2026 Mawa Adulteration Health Risk Alert; Real Vs Fake Khoya Purity Test

Hindi News Lifestyle Holi 2026 Mawa Adulteration Health Risk Alert; Real Vs Fake Khoya Purity Test | Home Recipe 6 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक होली का त्योहार नजदीक है। इसके चलते बाजारों में मिठाइयों की डिमांड बढ़ गई है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ मिलावटखोर बाजार में मिलावटी खोया (मावा) सप्लाई कर रहे हैं। हाल ही में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 12,800 किलो खोया की बिक्री पर रोक लगा दी। शुरुआती जांच में इसमें मिलावट के संकेत मिले हैं, जिसके बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन ने एक और कार्रवाई के दौरान 760 क्विंटल से ज्यादा खोया नष्ट कराया। ये कोई एक मामला नहीं है। देश के कई हिस्सों से मिलावटी खोया मिलने और उसकी बिक्री पर कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। मिलावटी खोया सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसे खाने से अपच, पेट दर्द, एसिडिटी, और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे में मिलावटी और शुद्ध खोया का फर्क समझना और उसे पहचानना बेहद जरूरी है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके लिए कुछ आसान तरीके बताए हैं। इसलिए आज जरूरत की खबर में हम मिलावटी खोया की पहचान के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- खोया में किस तरह की मिलावट हो सकती है? मिलावटी खोया खाने के क्या हेल्थ रिस्क हैं? असली और नकली खोया की पहचान कैसे करें? घर पर शुद्ध खोया कैसे बनाएं? एक्सपर्ट: डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली श्याम प्रवेश शाही, शेफ, नई दिल्ली सवाल- मिलावटी खोया में आमतौर पर किन चीजों की मिलावट की जाती है? जवाब- मिलावटी खोया तैयार करने के लिए अक्सर इसमें स्टार्च, मैदा, सिंथेटिक दूध, रिफाइंड तेल या वनस्पति घी जैसी चीजें मिलाई जाती हैं। मिलावटखोर मुनाफा बढ़ाने के लिए साबुन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, यूरिया या डिटर्जेंट जैसे हानिकारक पदार्थ भी मिलाते हैं। मिलावटी खोया दिखने में असली जैसा लग सकता है। लेकिन इसका सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। सवाल- मिलावटी खोया खाने के क्या हेल्थ रिस्क हैं? जवाब- मिलावटी खोया खाने से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ जाता है। जैसेकि- पेट दर्द, अपच, गैस और दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं। बासी या खराब खोया फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है। लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है। हार्ट हेल्थ पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। अगर खोये में डिटर्जेंट या यूरिया मिला हो तो केमिकल टॉक्सिसिटी हो सकती है। इससे किडनी और लिवर डैमेज का खतरा हो सकता है। गंभीर मामलों में यह जहर जैसा असर भी कर सकता है। नीचे दिए ग्राफिक से मिलावटी खोया खाने के हेल्थ रिस्क समझिए- सवाल- मिलावटी खोया खाने से हार्ट हेल्थ पर क्या प्रभाव पड़ता है? जवाब- मिलावटी खोया में मौजूद पाम ऑयल (ट्रांस फैट), यूरिया, स्टार्च, डिटर्जेंट और हानिकारक केमिकल्स शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है। लंबे समय में इससे आर्टरीज (धमनियों) में ब्लॉकेज और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है। सवाल- मिलावटी खोया खाने से पाचन तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है? जवाब- मिलावटी खोया में मौजूद सिंथेटिक केमिकल और ट्रांस फैट गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल म्यूकोसा (आंतों की अंदरूनी लेयर) को इरिटेट कर सकते हैं। इससे गैस्ट्राइटिस, उल्टी, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ केमिकल आंतों के अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन भी बिगाड़ देते हैं, जिससे पाचन कमजोर पड़ सकता है। लंबे समय में पोषक तत्वों के अवशोषण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सवाल- घर पर असली और नकली खोया की पहचान कैसे करें? जवाब- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके लिए कुछ आसान तरीके बताए हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- घर पर शुद्ध खोया बनाने का सही तरीका क्या है? जवाब- घर पर शुद्ध खोया बनाना बहुत आसान है। बस इसके लिए थोड़े धैर्य की जरूरत होती है। नीचे दिए ग्राफिक से इसे बनाने का सही तरीका समझिए- पूरी विधि विस्तार से कड़ाही में दूध डालें और तेज आंच पर एक उबाल आने दें। उबाल आने के बाद आंच को मीडियम कर दें। दूध को लगातार चलाते रहें। किनारों पर जमने वाली मलाई को खुरचकर वापस दूध में मिलाते रहें। इससे खोया लच्छेदार बनेगा। जैसे-जैसे पानी सूखता जाएगा, दूध गाढ़ा होकर रबड़ी जैसा दिखने लगेगा। इस दौरान आंच को थोड़ा कम कर दें, ताकि छींटे न पड़ें और मिश्रण जले नहीं। जब दूध पूरी तरह गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे और एक जगह इकट्ठा होने लगे, तो समझ लीजिए कि खोया तैयार है। गैस बंद कर दें और खोया को एक बर्तन में निकाल लें। ठंडा होने के बाद यह और भी सख्त और दानेदार हो जाएगा। इसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में 4-5 दिन तक और फ्रीजर में महीने भर तक सुरक्षित रखा जा सकता है। सवाल- अगर कोई मिलावटी खोया बेचता है तो इसकी शिकायत कैसे करें? जवाब- अगर किसी दुकान पर मिलावट का शक हो तो पहले दुकानदार से बात करें। संतोषजनक जवाब न मिले तो FSSAI के टोल-फ्री नंबर 1800112100 पर शिकायत कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं। इसके अलावा स्थानीय पुलिस और जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दे सकते हैं। मिलावटी खोया का सैंपल और खरीद रसीद अपने पास जरूर रखें। जरूरत पड़ने पर ये काम आएगा। सवाल- मिलावटी फूड बेचने वाले पर क्या कार्रवाई हो सकती है? जवाब- मिलावटी फूड बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। भारत में यह अपराध फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के तहत दंडनीय है। अगर कोई व्यक्ति मिलावटी या असुरक्षित फूड बेचता पकड़ा जाता है, तो उस पर- मामले की गंभीरता के अनुसार भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है। दुकान सील की जा सकती है। अगर मिलावटी फूड से किसी की तबीयत खराब हो जाए या उसकी जान को खतरा हो, तो दोषियों को जेल की सजा भी हो सकती है। फूड सेफ्टी ऑफिसर जांच के बाद सैंपल लैब में भेजते हैं और रिपोर्ट के आधार पर









