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Holi 2026 Mawa Adulteration Health Risk Alert; Real Vs Fake Khoya Purity Test

Holi 2026 Mawa Adulteration Health Risk Alert; Real Vs Fake Khoya Purity Test
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6 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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होली का त्योहार नजदीक है। इसके चलते बाजारों में मिठाइयों की डिमांड बढ़ गई है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ मिलावटखोर बाजार में मिलावटी खोया (मावा) सप्लाई कर रहे हैं।

हाल ही में उत्तर प्रदेश के खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 12,800 किलो खोया की बिक्री पर रोक लगा दी। शुरुआती जांच में इसमें मिलावट के संकेत मिले हैं, जिसके बाद नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। प्रशासन ने एक और कार्रवाई के दौरान 760 क्विंटल से ज्यादा खोया नष्ट कराया।

ये कोई एक मामला नहीं है। देश के कई हिस्सों से मिलावटी खोया मिलने और उसकी बिक्री पर कार्रवाई की खबरें लगातार सामने आ रही हैं। मिलावटी खोया सेहत के लिए बेहद नुकसानदायक है। इसे खाने से अपच, पेट दर्द, एसिडिटी, और फूड पॉइजनिंग जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

ऐसे में मिलावटी और शुद्ध खोया का फर्क समझना और उसे पहचानना बेहद जरूरी है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके लिए कुछ आसान तरीके बताए हैं।

इसलिए आज जरूरत की खबर में हम मिलावटी खोया की पहचान के बारे में बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि-

  • खोया में किस तरह की मिलावट हो सकती है?
  • मिलावटी खोया खाने के क्या हेल्थ रिस्क हैं?
  • असली और नकली खोया की पहचान कैसे करें?
  • घर पर शुद्ध खोया कैसे बनाएं?

एक्सपर्ट:

डॉ. रोहित शर्मा, कंसल्टेंट, इंटरनल मेडिसिन, अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल, दिल्ली

श्याम प्रवेश शाही, शेफ, नई दिल्ली

सवाल- मिलावटी खोया में आमतौर पर किन चीजों की मिलावट की जाती है?

जवाब- मिलावटी खोया तैयार करने के लिए अक्सर इसमें स्टार्च, मैदा, सिंथेटिक दूध, रिफाइंड तेल या वनस्पति घी जैसी चीजें मिलाई जाती हैं। मिलावटखोर मुनाफा बढ़ाने के लिए साबुन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, यूरिया या डिटर्जेंट जैसे हानिकारक पदार्थ भी मिलाते हैं। मिलावटी खोया दिखने में असली जैसा लग सकता है। लेकिन इसका सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

सवाल- मिलावटी खोया खाने के क्या हेल्थ रिस्क हैं?

जवाब- मिलावटी खोया खाने से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ जाता है। जैसेकि-

  • पेट दर्द, अपच, गैस और दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • बासी या खराब खोया फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।
  • लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है।
  • हार्ट हेल्थ पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • अगर खोये में डिटर्जेंट या यूरिया मिला हो तो केमिकल टॉक्सिसिटी हो सकती है। इससे किडनी और लिवर डैमेज का खतरा हो सकता है। गंभीर मामलों में यह जहर जैसा असर भी कर सकता है।

नीचे दिए ग्राफिक से मिलावटी खोया खाने के हेल्थ रिस्क समझिए-

सवाल- मिलावटी खोया खाने से हार्ट हेल्थ पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जवाब- मिलावटी खोया में मौजूद पाम ऑयल (ट्रांस फैट), यूरिया, स्टार्च, डिटर्जेंट और हानिकारक केमिकल्स शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है। लंबे समय में इससे आर्टरीज (धमनियों) में ब्लॉकेज और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है।

सवाल- मिलावटी खोया खाने से पाचन तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जवाब- मिलावटी खोया में मौजूद सिंथेटिक केमिकल और ट्रांस फैट गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल म्यूकोसा (आंतों की अंदरूनी लेयर) को इरिटेट कर सकते हैं। इससे गैस्ट्राइटिस, उल्टी, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ केमिकल आंतों के अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन भी बिगाड़ देते हैं, जिससे पाचन कमजोर पड़ सकता है। लंबे समय में पोषक तत्वों के अवशोषण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सवाल- घर पर असली और नकली खोया की पहचान कैसे करें?

जवाब- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके लिए कुछ आसान तरीके बताए हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- घर पर शुद्ध खोया बनाने का सही तरीका क्या है?

जवाब- घर पर शुद्ध खोया बनाना बहुत आसान है। बस इसके लिए थोड़े धैर्य की जरूरत होती है। नीचे दिए ग्राफिक से इसे बनाने का सही तरीका समझिए-

पूरी विधि विस्तार से

  • कड़ाही में दूध डालें और तेज आंच पर एक उबाल आने दें।
  • उबाल आने के बाद आंच को मीडियम कर दें।
  • दूध को लगातार चलाते रहें। किनारों पर जमने वाली मलाई को खुरचकर वापस दूध में मिलाते रहें। इससे खोया लच्छेदार बनेगा।
  • जैसे-जैसे पानी सूखता जाएगा, दूध गाढ़ा होकर रबड़ी जैसा दिखने लगेगा। इस दौरान आंच को थोड़ा कम कर दें, ताकि छींटे न पड़ें और मिश्रण जले नहीं।
  • जब दूध पूरी तरह गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे और एक जगह इकट्ठा होने लगे, तो समझ लीजिए कि खोया तैयार है।
  • गैस बंद कर दें और खोया को एक बर्तन में निकाल लें। ठंडा होने के बाद यह और भी सख्त और दानेदार हो जाएगा।
  • इसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में 4-5 दिन तक और फ्रीजर में महीने भर तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

सवाल- अगर कोई मिलावटी खोया बेचता है तो इसकी शिकायत कैसे करें?

जवाब- अगर किसी दुकान पर मिलावट का शक हो तो पहले दुकानदार से बात करें। संतोषजनक जवाब न मिले तो FSSAI के टोल-फ्री नंबर 1800112100 पर शिकायत कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

इसके अलावा स्थानीय पुलिस और जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दे सकते हैं। मिलावटी खोया का सैंपल और खरीद रसीद अपने पास जरूर रखें। जरूरत पड़ने पर ये काम आएगा।

सवाल- मिलावटी फूड बेचने वाले पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

जवाब- मिलावटी फूड बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। भारत में यह अपराध फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के तहत दंडनीय है। अगर कोई व्यक्ति मिलावटी या असुरक्षित फूड बेचता पकड़ा जाता है, तो उस पर-

  • मामले की गंभीरता के अनुसार भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है।
  • दुकान सील की जा सकती है।
  • अगर मिलावटी फूड से किसी की तबीयत खराब हो जाए या उसकी जान को खतरा हो, तो दोषियों को जेल की सजा भी हो सकती है।
  • फूड सेफ्टी ऑफिसर जांच के बाद सैंपल लैब में भेजते हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है।

सवाल- बाजार से खोया खरीदते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए-

  • खोया हमेशा भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त दुकान से ही खरीदें।
  • बहुत सस्ता या सड़क किनारे खुले में रखा खोया न लें।
  • खरीदते समय उसकी खुशबू और टेक्सचर पर ध्यान दें।
  • अजीब गंध या ज्यादा दानेदार बनावट मिलावट का संकेत हो सकती है।
  • पैक्ड खोया लेते समय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
  • खरीद का बिल संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत की जा सके।

सवाल- खोया लगभग कितने दिनों तक यूज किया जा सकता है?

जवाब- खोया जल्दी खराब होने वाला डेयरी प्रोडक्ट है। गर्मी के मौसम में सामान्य कमरे के तापमान पर यह कुछ घंटों में ही खराब हो सकता है। फ्रिज में एयरटाइट डिब्बे में रखने पर इसे लगभग 2–3 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर स्वाद खट्टा हो, अजीब स्मेल आए, रंग बदल जाए या फंगस दिखे तो इसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

……………………..

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6 दिन पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल

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होली का त्योहार नजदीक है। इसके चलते बाजारों में मिठाइयों की डिमांड बढ़ गई है। इसी मौके का फायदा उठाकर कुछ मिलावटखोर बाजार में मिलावटी खोया (मावा) सप्लाई कर रहे हैं।

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ऐसे में मिलावटी और शुद्ध खोया का फर्क समझना और उसे पहचानना बेहद जरूरी है। फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके लिए कुछ आसान तरीके बताए हैं।

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  • घर पर शुद्ध खोया कैसे बनाएं?

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सवाल- मिलावटी खोया में आमतौर पर किन चीजों की मिलावट की जाती है?

जवाब- मिलावटी खोया तैयार करने के लिए अक्सर इसमें स्टार्च, मैदा, सिंथेटिक दूध, रिफाइंड तेल या वनस्पति घी जैसी चीजें मिलाई जाती हैं। मिलावटखोर मुनाफा बढ़ाने के लिए साबुन में इस्तेमाल होने वाले केमिकल, यूरिया या डिटर्जेंट जैसे हानिकारक पदार्थ भी मिलाते हैं। मिलावटी खोया दिखने में असली जैसा लग सकता है। लेकिन इसका सेवन सेहत के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है।

सवाल- मिलावटी खोया खाने के क्या हेल्थ रिस्क हैं?

जवाब- मिलावटी खोया खाने से कई तरह की हेल्थ प्रॉब्लम्स का रिस्क बढ़ जाता है। जैसेकि-

  • पेट दर्द, अपच, गैस और दस्त जैसी पाचन संबंधी समस्याएं हो सकती हैं।
  • बासी या खराब खोया फूड पॉइजनिंग का कारण बन सकता है।
  • लिवर और किडनी पर बुरा असर पड़ता है।
  • हार्ट हेल्थ पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
  • अगर खोये में डिटर्जेंट या यूरिया मिला हो तो केमिकल टॉक्सिसिटी हो सकती है। इससे किडनी और लिवर डैमेज का खतरा हो सकता है। गंभीर मामलों में यह जहर जैसा असर भी कर सकता है।

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सवाल- मिलावटी खोया खाने से हार्ट हेल्थ पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जवाब- मिलावटी खोया में मौजूद पाम ऑयल (ट्रांस फैट), यूरिया, स्टार्च, डिटर्जेंट और हानिकारक केमिकल्स शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ाते हैं। इससे ब्लड प्रेशर और हार्ट पर दबाव बढ़ सकता है। लंबे समय में इससे आर्टरीज (धमनियों) में ब्लॉकेज और हार्ट डिजीज का रिस्क बढ़ता है।

सवाल- मिलावटी खोया खाने से पाचन तंत्र पर क्या प्रभाव पड़ता है?

जवाब- मिलावटी खोया में मौजूद सिंथेटिक केमिकल और ट्रांस फैट गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल म्यूकोसा (आंतों की अंदरूनी लेयर) को इरिटेट कर सकते हैं। इससे गैस्ट्राइटिस, उल्टी, दस्त और पेट में ऐंठन जैसी समस्याएं हो सकती हैं। कुछ केमिकल आंतों के अच्छे बैक्टीरिया का संतुलन भी बिगाड़ देते हैं, जिससे पाचन कमजोर पड़ सकता है। लंबे समय में पोषक तत्वों के अवशोषण पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।

सवाल- घर पर असली और नकली खोया की पहचान कैसे करें?

जवाब- फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) ने इसके लिए कुछ आसान तरीके बताए हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए-

सवाल- घर पर शुद्ध खोया बनाने का सही तरीका क्या है?

जवाब- घर पर शुद्ध खोया बनाना बहुत आसान है। बस इसके लिए थोड़े धैर्य की जरूरत होती है। नीचे दिए ग्राफिक से इसे बनाने का सही तरीका समझिए-

पूरी विधि विस्तार से

  • कड़ाही में दूध डालें और तेज आंच पर एक उबाल आने दें।
  • उबाल आने के बाद आंच को मीडियम कर दें।
  • दूध को लगातार चलाते रहें। किनारों पर जमने वाली मलाई को खुरचकर वापस दूध में मिलाते रहें। इससे खोया लच्छेदार बनेगा।
  • जैसे-जैसे पानी सूखता जाएगा, दूध गाढ़ा होकर रबड़ी जैसा दिखने लगेगा। इस दौरान आंच को थोड़ा कम कर दें, ताकि छींटे न पड़ें और मिश्रण जले नहीं।
  • जब दूध पूरी तरह गाढ़ा होकर कड़ाही छोड़ने लगे और एक जगह इकट्ठा होने लगे, तो समझ लीजिए कि खोया तैयार है।
  • गैस बंद कर दें और खोया को एक बर्तन में निकाल लें। ठंडा होने के बाद यह और भी सख्त और दानेदार हो जाएगा।
  • इसे एयरटाइट डिब्बे में रखकर फ्रिज में 4-5 दिन तक और फ्रीजर में महीने भर तक सुरक्षित रखा जा सकता है।

सवाल- अगर कोई मिलावटी खोया बेचता है तो इसकी शिकायत कैसे करें?

जवाब- अगर किसी दुकान पर मिलावट का शक हो तो पहले दुकानदार से बात करें। संतोषजनक जवाब न मिले तो FSSAI के टोल-फ्री नंबर 1800112100 पर शिकायत कर सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट पर भी इसकी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

इसके अलावा स्थानीय पुलिस और जिले के खाद्य सुरक्षा विभाग को भी सूचना दे सकते हैं। मिलावटी खोया का सैंपल और खरीद रसीद अपने पास जरूर रखें। जरूरत पड़ने पर ये काम आएगा।

सवाल- मिलावटी फूड बेचने वाले पर क्या कार्रवाई हो सकती है?

जवाब- मिलावटी फूड बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई हो सकती है। भारत में यह अपराध फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड एक्ट, 2006 के तहत दंडनीय है। अगर कोई व्यक्ति मिलावटी या असुरक्षित फूड बेचता पकड़ा जाता है, तो उस पर-

  • मामले की गंभीरता के अनुसार भारी जुर्माना लगाया जा सकता है।
  • लाइसेंस रद्द या निलंबित किया जा सकता है।
  • दुकान सील की जा सकती है।
  • अगर मिलावटी फूड से किसी की तबीयत खराब हो जाए या उसकी जान को खतरा हो, तो दोषियों को जेल की सजा भी हो सकती है।
  • फूड सेफ्टी ऑफिसर जांच के बाद सैंपल लैब में भेजते हैं और रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई की जाती है।

सवाल- बाजार से खोया खरीदते समय क्या सावधानियां बरतनी चाहिए?

जवाब- इसे नीचे दिए पॉइंटर्स से समझिए-

  • खोया हमेशा भरोसेमंद और लाइसेंस प्राप्त दुकान से ही खरीदें।
  • बहुत सस्ता या सड़क किनारे खुले में रखा खोया न लें।
  • खरीदते समय उसकी खुशबू और टेक्सचर पर ध्यान दें।
  • अजीब गंध या ज्यादा दानेदार बनावट मिलावट का संकेत हो सकती है।
  • पैक्ड खोया लेते समय मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी डेट जरूर जांचें।
  • खरीद का बिल संभालकर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर शिकायत की जा सके।

सवाल- खोया लगभग कितने दिनों तक यूज किया जा सकता है?

जवाब- खोया जल्दी खराब होने वाला डेयरी प्रोडक्ट है। गर्मी के मौसम में सामान्य कमरे के तापमान पर यह कुछ घंटों में ही खराब हो सकता है। फ्रिज में एयरटाइट डिब्बे में रखने पर इसे लगभग 2–3 दिन तक सुरक्षित रखा जा सकता है। अगर स्वाद खट्टा हो, अजीब स्मेल आए, रंग बदल जाए या फंगस दिखे तो इसका इस्तेमाल बिल्कुल न करें।

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