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Afghanistan T20 New Captain Name; Ibrahim Zadran Rashid Khan; ACB vs SL

Afghanistan T20 New Captain Name; Ibrahim Zadran Rashid Khan; ACB vs SL

Hindi News Sports Afghanistan T20 New Captain Name; Ibrahim Zadran Rashid Khan; ACB Vs SL स्पोर्ट्स डेस्क2 घंटे पहले कॉपी लिंक इब्राहिम जादरान टीम के उपकप्तान भी रह चुके हैं। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड (ACB) ने इब्राहिम जादरान को टी-20 इंटरनेशनल टीम का नया कप्तान नियुक्त किया है। जादरान स्टार स्पिनर राशिद खान की जगह ली है। अफगानिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने श्रीलंका के खिलाफ आगामी टी-20 और वनडे सीरीज के लिए गुरुवार को अपनी टीमें घोषित कर दीं। बोर्ड के मुताबिक, जादरान अब टी-20 फॉर्मेट में टीम की अगुआई करेंगे और उनकी कप्तानी का पहला असाइनमेंट श्रीलंका के खिलाफ सीरीज होगी। जादरान उपकप्तान भी रह चुके राशिद खान लंबे समय से अफगानिस्तान की टी-20 टीम की कप्तानी कर रहे थे, लेकिन हाल ही में हुए टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में टीम के प्रदर्शन के बाद कप्तानी में बदलाव किया गया है। जादरान हाल के सालों में अफगानिस्तान के सबसे भरोसेमंद बल्लेबाजों में रहे हैं और पहले टीम के उपकप्तान भी रह चुके हैं। 13 मार्च से शुरू होगी सीरीज 13 मार्च को होने वाले पहले मैच से टी-20 मुकाबले से सीरीज की शुरुआत हो होगी। सीरीज का दूसरा और तीसरा टी-20 मैच15 और 17 मार्च को खेले जाएंगे। टी-20 सीरीज के तीनों मैच शारजाह क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। इसके बाद 20 मार्च को होने वाले मुकाबले से वनडे सीरीज की शुरुआत होगी। अफगानिस्तान की टी-20 और वनडे टीम टी-20 टीम: इब्राहिम जादरान (कप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), नूर रहमान (विकेटकीपर), सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, शाहिदुल्लाह कमाल, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, शराफुद्दीन अशरफ, राशिद खान, नूर अहमद, मुजीब उर रहमान, जिया उर रहमान, फरीद अहमद मलिक और अब्दुल्ला अहमदजई। रिजर्व: नांग्याल खारोटी, बिलाल सामी और इजाज अहमदजई। वनडे टीम: हशमतुल्लाह शाहिदी (कप्तान), रहमत शाह (उपकप्तान), रहमानुल्लाह गुरबाज (विकेटकीपर), इकराम अलीखिल, इब्राहिम जादरान, सेदिकुल्लाह अटल, दरविश रसूली, अजमतुल्लाह उमरजई, मोहम्मद नबी, राशिद खान, नांग्याल खरोटी, गजनफर, जिया उर रहमान शरीफी, फरीद अहमद मलिक और बिलाल समी। रिजर्व: कैस अहमद, मोहम्मद सलीम सफी और बशीर अहमद। ——————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

स्कूली बच्चों के दांतों में डॉक्टरों को दिख रहीं ऐसी चीजें, पेरेंट्स की टेंशन हो जाएगी दोगुनी, अभी नहीं दिया ध्यान तो होगा नुकसान

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Last Updated:March 05, 2026, 18:01 IST Dental problems in school children: दिल्ली के मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के प्रोजेक्ट नीव में खुलासा हुआ है क‍ि स्कूली बच्चों के दांतों में बीमारियां बढ़ रही हैं. मोबाइल डेंटल क्‍ली‍न‍िकों की जांच में सामने आया है क‍ि कुछ खराब आदतों की वजह से भी दांतों में समस्‍याएं हो रही हैं. द‍िल्‍ली के स्‍कूली बच्‍चों में दांतों की बीमार‍ियां तेजी से बढ़ रही हैं. Dental problems in Students: दिल्ली के मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के प्रोजेक्ट नीव में ऐसी चीजें सामने आई हैं जो पेरेंट्स की चिंता बढ़ा सकती हैं. दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के दांतों और मुंह में बीमारियां तेजी से बढ़ रही हैं. दिल्ली ओरल हेल्थ प्रोग्राम नई दिल्ली के अंतर्गत चल रहे प्रोजेक्ट नीव के तहत मोबाइल डेंटल क्लिनिकों द्वारा की गई 72,334 छात्रों और स्कूल स्टाफ की जांच में कई ऐसी डेंटल प्रॉब्लम देखने को मिली हैं जो अगर समय रहते पहचान ली जाती तो उन्हें रोका जा सकता था. सितंबर 2014 में दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग और स्कूल हेल्थ स्कीम के सहयोग से यह कार्यक्रम शुरू किया गया था, जिसमें जनवरी 2026 तक के आंकड़े काफी चौंकाने वाले हैं. स्कूली बच्चों और स्टाफ की जांच के नतीजों से पता चला है कि बड़ी संख्या में बच्चे ऐसे दांतों के रोगों से पीड़ित हैं जिन्हें समय पर इलाज देकर रोका जा सकता था लेकिन जागरूकता की कमी, इलाज तक सीमित पहुंच और समय पर हस्तक्षेप न होने के कारण ये मामले बढ़ गए. आइए जानते हैं बच्चों के दांतों में कौन सी बीमारियां बढ़ रही हैं. बच्चों के दांतों में हो रहीं ये बीमारियां . दांतों में कीड़ा लगना . मसूड़ों की बीमारी . मुंह की सही सफाई की कमी . दांतों पर प्लाक और कैल्कुलस जमना . कई बच्चों के दांतों के बीच खाना फंसा हुआ पाया गया . कुछ बच्चे गलत तरीके से ब्रश करते पाए गए (आड़े तरीके से जोर-जोर से ब्रश करना) जिससे दांतों की ऊपरी परत घिस गई. . कई बच्चों के मसूड़ों से हल्की छेड़छाड़ पर खून आने और दांतों पर सफेद धब्बे भी देखे गए, जो दांतों के कमजोर होने का संकेत हैं . कई बच्चों ने दांतों में दर्द, खाना चबाने में परेशानी, मुंह से बदबू और दांतों की संवेदनशीलता की शिकायत भी की. दांतों में बीमारियों का क्या होता है असर बच्चों के दांतों में हो रही ये समस्याएं उनकी स्कूल उपस्थिति, पढ़ाई में ध्यान, पोषण और पूरे प्रदर्शन को प्रभावित करती हैं. कुछ मामलों में बच्चों को आगे के इलाज के लिए विशेषज्ञ डॉक्टरों के पास भेजने की भी जरूरत पड़ी है. हालांकि बच्चों में कुछ खराब आदतें भी देखी गई हैं, जिनकी वजह से बीमारियां पनप रही हैं. पिछले दो साल में कितने बच्चों की हुई जांच 2024–25 में: 14,381 बच्चों की जांच2025–26 में (नवंबर 2025 तक): 9,998 लाभार्थियों की जांच इन खराब आदतों ने पैदा की बीमारियां . स्कूल के समय पैकेट वाले मीठे स्नैक्स और सॉफ्ट ड्रिंक का ज्यादा सेवन . टूथब्रश समय पर न बदलना . भाई-बहनों के साथ टूथब्रश साझा करना . रात में ब्रश न करना . छोटे बच्चों के दांत साफ करने पर माता-पिता की निगरानी का अभाव . कई बच्चों ने पहली बार देखा डेंटिस्ट क्या है इन बीमारियों का बचाव इस पहल का नेतृत्व कर रहे मौलाना आजाद इंस्टीट्यूट ऑफ डेंटल साइंसेज के डिपार्टमेंट ऑफ पब्लिक डेंटिस्ट्री के एचओडी विक्रांत मोहंती कहते हैं कि इस प्रोजेक्ट तहत छह मोबाइल डेंटल क्लिनिक हर सप्ताह तय कार्यक्रम के अनुसार स्कूलों में जाते हैं. वहां बच्चों के दांतों की जांच की जाती है, जरूरत पड़ने पर फ्लोराइड वार्निश लगाया जाता है और अधिक जोखिम वाले बच्चों के लिए पिट-एंड-फिशर सीलेंट भी लगाए जाते हैं. माता-पिता की अनुमति मिलने पर स्कूल परिसर में ही बुनियादी दंत उपचार भी किया जाता है. डॉ. मोहंती ने कहा कि बीमारियों की जल्दी पहचान और रोकथाम ही लंबे समय में स्वास्थ्य बोझ कम करने का सबसे प्रभावी तरीका है.कार्यक्रम की योजना और क्रियान्वयन को सीनियर एडवाइजर स्वाति जैन ने सफल बनाने में सहयोग दिया है. बच्चों की स्क्रीनिंग के अलावा इस प्रोजेक्ट के तहत 44 सरकारी स्कूलों में 53 शिक्षक प्रशिक्षण सत्र भी आयोजित किए गए ताकि शिक्षक छात्रों को रोजाना दांतों की सफाई की आदतें सिखा सकें. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : March 05, 2026, 18:01 IST

'जनता का पैसा बांग्लादेशी घुसपैठियों में लुटा रहीं ममता दीदी':बंगाल में बोले धामी- वोट बैंक के लिए बनाए जा रहे फर्जी दस्तावेज, कांग्रेस-टीएमसी का डीएनए एक

'जनता का पैसा बांग्लादेशी घुसपैठियों में लुटा रहीं ममता दीदी':बंगाल में बोले धामी- वोट बैंक के लिए बनाए जा रहे फर्जी दस्तावेज, कांग्रेस-टीएमसी का डीएनए एक

‘पोरिबोर्तन यात्रा’ में शामिल होने पश्चिमी बंगाल पहुंचे सीएम पुष्कर सिंह धामी ने ममता बनर्जी पर जमकर हमला किया। सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा- वोट बैंक के लालच में बंगाल की जनता के हक का पैसा बांग्लादेशी घुसपैठियों में लुटाया जा रहा है। उनके फर्जी दस्तावेज बनाए जा रहे हैं। उनको संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर भी जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि युवराज देश के बाहर देश को बदनाम करने की कोशिश करते हैं। कांग्रेस और टीएमसी का डीएनए एक ही है। जिनके तीन धागे हैं- भारत विरोधी, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण का समर्थन। हमारे दिलों को जोड़ता है मां गंगा का प्रवाह सीएम पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि मैं देवभूमि उत्तराखंड से आया हूं। जहां से गंगा मैया निकलती है गंगोत्री। उस स्थल से आज आपके बीच में गंगा के अंतिम छोर गंगासागर की पावन धरती पर आने का सौभाग्य प्राप्त हुआ है। भले ही उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल की भौगोलिक रूप से बहुत दूरी है, लेकिन मां गंगा का पवित्र प्रवाह हमारे दिलों को जोड़ता है और हम सब को एक सूत्र में बांधने का काम करता है। शरणार्थियों के बीच पला-बड़ा सीएम ने कहा- बांग्लादेश से 1971 के बाद लगातार बड़ी संख्या में जो शरणार्थी आए। ऊधम सिंह नगर के आस पास सब मेरे घर के आस-पास लाखों की संख्या में शरणार्थी वहां पर हैं। उनके बीच में ही मैं भी पला बड़ा हूं। बाग्ला समाज के जितने भी त्योहार होते हैं। सब त्योहारों में मुझे जाने का अवसर मिला। चाहे वो काली पूजा हो या दुर्गा पूजा हो। सारे महोत्सवों के माध्यम से मुझे बांग्ला संस्कृति को नजदीक से जानने का मौका मिला। मैंने इस संस्कृति को गहराई से जानने का प्रयास किया। मुझे ये बोध हुआ कि बंगाल कितना दिव्य और कितना महान है। यह भूमि है भारत को राष्ट्रगान देने वाले रविंद्र नाथ टेगौर और राष्ट्रगीत वंदे मातरम के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, अध्यात्य के क्षेत्र में रामचंद्र परमहंस दिए, स्वामी विवेकानंद जैसे युगपुरुषों ने यहां से निकलकर पूरी दुनिया को दिशा देने का काम किया। शिकागो के सम्मेलन में उन्होंने ऐसा भाषण दिया कि पूरी दुनिया के अंदर भारत का यशगान हुआ। विज्ञान के क्षेत्र में जगदीश चंद्र बसु और सतेद्र नाथ बसु जी ने पूरी दुनिया में भारत का मस्तक ऊंचा किया। स्वत्रंता सेनानी के महान नायक सुभाष चंद्र बोस और महान क्रांतिकारी खुदी राम बोस की यह तपोस्थली रही है। जनता संदेश दे रही-अब अन्याय नहीं चलेगा सीएम ने कहा- आज परिवर्तन यात्रा के पहले दिन मातृशक्ति और युवाओं की उपस्थिति इस बात का प्रमाण है कि बंगाल के अंदर अब परिवर्तन होने वाला है। यहां पर कमल फूल की सरकार आप सब लोग बनाने वाले हो। ये अन्याय और भ्रष्टाचार के खिलाफ जमसैलाब एकत्र हुआ है। ये तुष्टिकरण के खिलाफ चेतना है। जनता का वर्षों से दबा हुआ आक्रोश है। आज हिंगलगंज की धरती से उठ रही ये आवाज संदेश दे रही है कि अब अन्याय नहीं चलेगा। अब तुष्टिकरण नहीं चलेगा। अब पश्चिम बंगाल बदलेगा और तेज गति से विकास की गति में आगे बढ़ता जाएगा। क्या आज का बंगाल वैसा ही है। जो रविंद्र नाथ टैगोर चाहते थे। लाखों के कर्ज तले जन्म ले रहा बच्चा सीएम ने कहा- पिछले कुछ वर्षों से इस भूमि को असुरक्षा से गंभीर संकट में धकेल दिया है। आज राज्य के अंदर 8 लाख करोड़ से अधिक का कर्जा है। आज ऐसी स्थिति है कि जो पैदा होने वाला बच्चा है। वह भी लाखों के कर्ज तले जन्म ले रहा है। जिस बंगाल को नारी शक्ति मानकर पूजा जाता है। आज हमारी मातृशक्ति सुरक्षित नहीं है। संदेशखाली जैसी घटनाओं ने पूरे देश को झकझौर कर रख दिया है। वहीं कलकत्ता का आरजी कर मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में महिला डॉक्टर के साथ हुई घटना ने देश को झकझौर कर रख दिया। यहां की पुलिस और प्रशसान ने रातो-रात सबूत मिटाने का काम किया है। ममता दीदी आप तो सत्ता में यह कहकर आईं थी कि कर्मचारियों को डीए देंगे, आज केंद्र और राज्य में डीए का 40 प्रतिशत का अंतर किसी राज्य में हो तो वह पश्चिम बंगाल में है। ममता दीदी आपने युवाओं को रोजगार के नाम पर धांधली और भ्रष्टाचार दिया है। प्रदेश में 8200 स्कूल बंद हुए सीएम ने कहा- दिल्ली से जो पैसा जनता की सुरक्षा के लिए भेजा गया था। यहां के विकास के लिए भेजा गया था। तटबंध बनाने के लिए भेजा गया था। आखिर वह कहां चला गया। किसकी तिजोरी में चला गया। उससे किसकी जेब भर गई। हिंगलगंज के मेरे भाई बहन आज भी शुद्ध पानी पीने के लिए तरस गए हैं। 15 साल का शासन हो गया, और शुद्ध पानी नहीं मिल रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में भी बंगाल पूरी तरीके से ध्वस्त है। 8200 स्कूल पूरी तरीके से बंद हो गए हैं। और 10 हजार स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। जिस बंगाल ने देश को पूरे तरीके से ज्ञान का प्रकाश दिया, आज उस बंगाल के बच्चों का भविष्य अंधेरे कमरों में सिमट गया है। टीएमसी के शासन में किसान और उद्योग भी तबाह हो गए हैं। घुसपैठ से देश की सुरक्षा को खतरा सीएम ने कहा- यहां चारों ओर से घुसपैठ हो रही है। सीमा सुरक्षा का मुद्दा अत्यंत गंभीर है। बंगाल ही नहीं पुरे देश की सुरक्षा के लिए यहां खतरा पैदा हो गया है। पूरे देश के अंदर एसआईआर हो रहा है। लोकतंत्र स्वच्छ पद्यति से चलता है। पारदर्शिका से चलता है तो आपको क्या परेशानी है अगर फेंक वोट हटाए जा रहे हैं। जो गलत तरीके से पढ़ने वाले वोट हैं। आखिर उनको हटाने का काम चुनाव आयोग कर रहा है। आपको उसमें परेशानी हो रही है। फर्जी वोट के लिए घुसपैठियों को बसाया जा रहा है और अपने वोट बैंक को मजबूत किया जा रहा है। जो बांग्लादेश और पाकिस्तान के हमारे हिन्दू शरणार्थी भाई हैं। उनको नागरिकता देने का काम मोदी सरकार ने किया है। उससे भी आपको परेशानी होती है। उत्तराखंड में बंगाली परिवारों को दिया मालिकाना हक सीएम ने कहा- उत्तराखंड के ऊधम सिंह नगर में बड़ी संख्या में बांग्ला भाई निवास

नीतीश कुमार ने नितिन नबीन के साथ राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया | राजनीति समाचार

Arjun Tendulkar is tying the knot with Saaniya Chandhok in Mumbai on March 5.

आखरी अपडेट:मार्च 05, 2026, 17:51 IST राज्यसभा नामांकन प्रक्रिया के लिए पटना पहुंचे केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बिहार के सीएम नीतीश कुमार ने भी मुलाकात की बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में 5 मार्च, 2026 को पटना में राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन पत्र दाखिल किया। (छवि: हैंडआउट/पीटीआई) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने गुरुवार को आगामी राज्यसभा चुनाव के लिए अपना नामांकन पत्र दाखिल किया, जिससे राज्य में उनके दो दशक के शासन का अंत हो गया और संभवत: भाजपा नेता के लिए शीर्ष पद पर कब्जा करने का मार्ग प्रशस्त हो गया। नीतीश कुमारपिछले साल नवंबर में रिकॉर्ड 10वीं बार बिहार के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन के साथ अपना नामांकन दाखिल किया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह इस अवसर पर उपस्थित थे और उन्होंने नीतीश से मुलाकात की, जिन्होंने एक दिन पहले घंटों की अटकलों के बाद और अपने बेटे के रूप में राज्यसभा में जाने की घोषणा की थी। निशांत कुमारजद (यू) नेताओं के साथ सक्रिय राजनीति में प्रवेश करते हुए कहा कि वह पार्टी में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। उन्होंने राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने का फैसला लिया है जद(यू) कार्यकर्ता और समर्थक आश्चर्यचकित रह गये। पटना में उनके आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करते हुए कई लोगों ने कहा कि उन्होंने यह मानने से इनकार कर दिया है कि उन्होंने मुख्यमंत्री पद छोड़ने का फैसला किया है। नीतीश ने राज्यसभा जाने की पुष्टि करते हुए कहा कि नये मंत्रिमंडल को उनका पूरा समर्थन रहेगा. उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया, “मैं इस बार होने वाले चुनाव में राज्यसभा का सदस्य बनना चाहता हूं। मैं आपको पूरी ईमानदारी से आश्वस्त करना चाहता हूं कि आपके साथ मेरा रिश्ता भविष्य में भी जारी रहेगा और विकसित बिहार बनाने के लिए आपके साथ मिलकर काम करने का मेरा संकल्प दृढ़ रहेगा। जो नई सरकार बनेगी उसे मेरा पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा।” यह भी पढ़ें | सत्ता पलट: नीतीश कुमार के राज्यसभा स्विच के साथ, कैसे जेडीयू ने बिहार में बीजेपी के हाथों अपना दबदबा खो दिया बाद में, शाह ने बिहार के मुख्यमंत्री के रूप में अपने कार्यकाल को राज्य के इतिहास में एक “सुनहरा अध्याय” बताया और राष्ट्रीय राजनीति में उनकी वापसी का स्वागत किया। उन्होंने 1998 से 2004 के बीच तत्कालीन प्रधान मंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अधीन एनडीए (राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन) सरकार में रेलवे, भूतल परिवहन और कृषि मंत्री के रूप में संसद में कार्य किया। शाह ने मुख्यमंत्री के “शानदार” कार्यकाल पर जोर दिया, जिसके दौरान उन्होंने बिहार की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया। “बिहार के सीएम ने भी राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। इसके साथ, लंबे अंतराल के बाद, वह एक बार फिर राज्यसभा सांसद के रूप में राष्ट्रीय राजनीति में प्रवेश करेंगे। नीतीश कुमार ने 2005 से अब तक बिहार के सीएम के रूप में कार्य किया। उनका कार्यकाल वास्तव में गौरवशाली था। यह कार्यकाल बिहार के इतिहास में एक सुनहरे अध्याय के रूप में लिखा जाएगा, जिसने बिहार के विकास के पूरे आयाम को आकार दिया… एक विधायक, सांसद, मुख्यमंत्री और केंद्रीय मंत्री के रूप में अपने लंबे करियर के दौरान, उनके कुर्ते पर कभी दाग नहीं लगा। उनका पूरा जीवन भ्रष्टाचार से मुक्त था। आरोप, “शाह ने कहा। उन्होंने कहा, “पीएम मोदी के नेतृत्व में 11 वर्षों तक उन्होंने हर तरह से बिहार की प्रगति में महत्वपूर्ण योगदान दिया और यह उनके नेतृत्व में ही था कि पीएम मोदी की सभी पहल बिहार के लोगों तक पहुंची… वह एक बार फिर राज्यसभा सांसद के रूप में दिल्ली लौट रहे हैं। मैं और हमारे सभी एनडीए सहयोगी उनका दिल से स्वागत करते हैं, और मुख्यमंत्री के रूप में उनके कार्यकाल को बिहार के लोग हमेशा याद रखेंगे और उनका सम्मान करेंगे।” उनके अलावा, नबीन, आरएलएम प्रमुख उपेंद्र कुशवाहा, भाजपा के शिवेश कुमार और जदयू के राम नाथ ठाकुर सहित अन्य एनडीए उम्मीदवारों ने भी उच्च सदन के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। सीएम की घोषणा पर कई प्रतिक्रियाएं आईं, विपक्षी राजद ने कहा कि भाजपा का हमेशा से ही उन्हें हटाने का इरादा था शीर्ष पद. यह भी पढ़ें | दिल्ली के बाद बिहार के लिए महिला मुख्यमंत्री चुनेगी बीजेपी? नीतीश कुमार की जगह लेने की दौड़ में 4 नाम! तेजस्वी यादव ने तीखा हमला बोलते हुए कहा कि उनका “हाईजैक” का आरोप सच साबित हुआ। उन्होंने कहा, “सभी जानते हैं कि बिहार चुनाव में एनडीए ने ‘2025 से 30 फिर से नीतीश’ का नारा दिया था। बीजेपी और एनडीए के घटक दल जानते हैं कि कैसे तंत्र-मंत्र और तंत्र-मंत्र के जरिए चुनाव कराया गया था। उस वक्त भी हमने कहा था कि बीजेपी के लोगों ने नीतीश कुमार को ‘हाईजैक’ कर लिया है और वे उन्हें दोबारा कुर्सी पर नहीं बैठने देंगे। हमने कहा था कि वह छह महीने से ज्यादा कुर्सी पर नहीं रहेंगे।” कहा. (एजेंसी इनपुट के साथ) पहले प्रकाशित: मार्च 05, 2026, 13:46 IST समाचार राजनीति बिहार के मुख्यमंत्री की चर्चा के बीच नीतीश कुमार ने नितिन नबीन के साथ राज्यसभा नामांकन दाखिल किया अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार(टी)नीतीश कुमार नामांकन(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष(टी)नितिन नबीन(टी)बिहार की राजनीति(टी)नीतीश कुमार बीजेपी(टी)बिहार चुनाव

Script by April 2026, Shooting Nov 2026

Script by April 2026, Shooting Nov 2026

3 घंटे पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान जल्द ही एक अनोखे सुपरहीरो किरदार में नजर आ सकते हैं। खबर है कि फिल्ममेकर जोड़ी राज-डीके अपनी अगली फिल्म के लिए सलमान खान के साथ बातचीत कर रही है। यह फिल्म सुपरहीरो जॉनर पर आधारित होगी, लेकिन इसकी कहानी पारंपरिक सुपरहीरो फिल्मों से काफी अलग बताई जा रही है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के मुताबिक, फिल्म की कहानी एक ऐसे सुपरहीरो के इर्द-गिर्द घूमती है जो दुनिया को बार-बार बचाते-बचाते थक चुका है और अब अपनी जिम्मेदारियों से रिटायर होना चाहता है। वह सामान्य जिंदगी जीना चाहता है और सुपरहीरो की पहचान से दूरी बनाना चाहता है। लेकिन परिस्थितियां उसे ऐसा करने नहीं देतीं और बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आती हैं, जो उसे फिर से एक्शन में लौटने पर मजबूर कर देती हैं। कहानी में एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता हुआ प्लॉट दिखाया जाएगा, जिसमें कॉमेडी और सुपरहीरो ड्रामा का मिश्रण होगा। सूत्रों के अनुसार, यह फिल्म हॉलीवुड फिल्म ‘हैंकॉक’ की तरह एक अनोखे और थोड़े अलग अंदाज की सुपरहीरो कहानी हो सकती है। इसमें एक थका-हारा लेकिन शक्तिशाली हीरो दिखाया जाएगा, जो जिम्मेदारियों से भागना चाहता है, लेकिन आखिरकार हालात उसे फिर से हीरो बनने पर मजबूर कर देते हैं। बताया जा रहा है कि सलमान खान को इस फिल्म का कॉन्सेप्ट पसंद आया है, लेकिन उन्होंने अभी अंतिम हां नहीं कही है। अभिनेता चाहते हैं कि पहले पूरी स्क्रिप्ट तैयार हो और फिल्म का बजट भी संतुलित रखा जाए। सलमान किसी बहुत महंगे सुपरहीरो प्रोजेक्ट में काम करने के मूड में नहीं हैं, इसलिए उन्होंने निर्माताओं से कहा है कि कहानी और बजट दोनों को सही तरह से विकसित किया जाए। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अप्रैल 2026 में सलमान खान को फिल्म की पूरी स्क्रिप्ट सुनाई जा सकती है। अगर सब कुछ तय योजना के अनुसार हुआ, तो फिल्म की शूटिंग नवंबर 2026 से शुरू होने की संभावना है। इस प्रोजेक्ट को मिथ्री मूवी मेकर्स और रील लाइफ एंटरटेनमेंट मिलकर प्रोड्यूस कर सकते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Yashs Toxic Postponed, Clashes With Varun Dhawans Hai Jawani To Ishq Hona Hai

Yashs Toxic Postponed, Clashes With Varun Dhawans Hai Jawani To Ishq Hona Hai

4 घंटे पहले कॉपी लिंक साउथ सुपरस्टार यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ की रिलीज डेट बदलने से बॉलीवुड में नया बॉक्स ऑफिस क्लैश खड़ा हो गया है। पहले यह फिल्म मार्च में रिलीज होने वाली थी, लेकिन अब इसकी नई रिलीज डेट 4 जून 2026 तय की गई है। इस बदलाव के कारण अब फिल्म की टक्कर सीधे वरुण धवन की फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ से होने वाली है, जिससे इंडस्ट्री में हलचल मच गई है। दरअसल, पहले ‘टॉक्सिक’ की रिलीज 19 मार्च 2026 को तय थी और उसी दिन रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर 2’ भी रिलीज होने वाली थी। ट्रेड एक्सपर्ट्स मान रहे थे कि दो बड़ी फिल्मों का एक साथ आना बॉक्स ऑफिस पर नुकसानदायक साबित हो सकता है। इसी वजह से टॉक्सिक के मेकर्स ने रिलीज डेट आगे बढ़ाने का फैसला लिया। बताया गया कि मिडिल ईस्ट में चल रही परिस्थितियों के कारण भी फिल्म की रिलीज टालने का निर्णय लिया गया। मेकर्स चाहते थे कि फिल्म को ग्लोबल मार्केट में बेहतर माहौल में रिलीज किया जाए। इसलिए मार्च की बजाय जून में नई रिलीज डेट तय की गई। हालांकि, इस फैसले से एक नया क्लैश पैदा हो गया। अब ‘टॉक्सिक’ 4 जून को रिलीज होगी, जबकि वरुण धवन की रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ भी इसी समय सिनेमाघरों में आने वाली है। यह फिल्म पहले से ही इस तारीख के आसपास रिलीज के लिए लॉक थी, इसलिए उसके मेकर्स इस अचानक बने क्लैश से खुश नहीं बताए जा रहे हैं। ‘है जवानी तो इश्क होना है’ का निर्देशन डेविड धवन कर रहे हैं और इसमें वरुण धवन के साथ मृणाल ठाकुर और पूजा हेगड़े भी अहम भूमिका में नजर आएंगी। फिल्म एक हल्की-फुल्की रोमांटिक कॉमेडी बताई जा रही है, जिसे फैमिली ऑडियंस को ध्यान में रखकर बनाया गया है। बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट्स के मुताबिक, वरुण धवन की फिल्म की टीम को इस क्लैश की जानकारी पहले नहीं थी। बताया गया कि उन्हें ‘टॉक्सिक’ की नई रिलीज डेट के बारे में तब पता चला जब यश ने सोशल मीडिया पर इसकी घोषणा की। यही वजह है कि फिल्म के निर्माता और निर्देशक इस स्थिति से नाराज बताए जा रहे हैं। वहीं ‘टॉक्सिक’ के मेकर्स का दावा है कि उन्होंने पहले ही दूसरी फिल्म की टीम को संभावित क्लैश के बारे में जानकारी दे दी थी और बातचीत भी की थी, ताकि किसी तरह का विवाद न हो। उनके अनुसार यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई थी। ट्रेड एक्सपर्ट्स का मानना है कि यह बॉक्स ऑफिस पर दिलचस्प मुकाबला हो सकता है। एक तरफ यश की बड़े बजट की एक्शन-ड्रामा फिल्म है, जिसकी पैन-इंडिया अपील है, वहीं दूसरी तरफ वरुण धवन की रोमांटिक कॉमेडी है, जो युवा और पारिवारिक दर्शकों को टारगेट करती है। ऐसे में दोनों फिल्मों का बिजनेस एक-दूसरे को प्रभावित कर सकता है। अब देखने वाली बात यह होगी कि क्या किसी फिल्म के मेकर्स रिलीज डेट में बदलाव करते हैं या फिर जून 2026 में दर्शकों को यश और वरुण धवन के बीच बड़ा बॉक्स ऑफिस मुकाबला देखने को मिलेगा। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

नाबालिग का सिर कुचला…खून पीकर भेजा खाया, VIDEO:दमोह में हथौड़े से 15-20 वार किए, बहन के घर जा रहा था; भाई ने मांस खाते देखा

नाबालिग का सिर कुचला...खून पीकर भेजा खाया, VIDEO:दमोह में हथौड़े से 15-20 वार किए, बहन के घर जा रहा था; भाई ने मांस खाते देखा

मध्य प्रदेश के दमोह जिले में एक शख्स ने हथौड़े से सिर कुचलकर नाबालिग को मार डाला। नाबालिग के सिर से भेजा निकालकर खाया, फिर खून पिया। खून अपने चेहरे पर भी लगाया। खून पीने और मांस खाने का वीडियो भी सामने आया है। वारदात देहात थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक मृतक की पहचान 16 वर्षीय भरत विश्वकर्मा के रूप में हुई है, जो इमलिया चौकी क्षेत्र के अर्थखेड़ा गांव का रहने वाला था। वह भाई दूज पर अपनी बहन के पास समन्ना गांव आया था। बहन के घर पहुंचने से पहले वारदात हो गई। मृतक के चचेरे भाई विजय विश्वकर्मा ने बताया कि रास्ते में गांव के ही रहने वाले गुड्डा पटेल ने अचानक उन पर हमला कर दिया। आरोपी ने भरत के सिर पर रॉड से हमला किया। इसके बाद करीब 15-20 बार हथौड़े से वार किया। गंभीर चोट लगने के कारण भरत की मौके पर ही मौत हो गई। आरोपी ने मेरे सामने भाई का मांस खाया इस दौरान साथ में मौजूद चचेरा भाई विजय विश्वकर्मा किसी तरह बच गया। उसने बताया कि आरोपी ने मेरे सामने भाई का मांस खाया। वह नरभक्षी की तरह बर्ताव कर रहा था। गांव वाले उसकी क्रूरता से डर गए थे। भाई ने मेरे सामने दम तोड़ दिया। वह उसे बचा नहीं पाया। वारदात से जुड़ी 5 तस्वीरें देखिए… हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भागा आरोपी वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी गुड्डा पटेल हाथ में हथौड़ा लेकर खेतों की ओर भाग गया। आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत देहात थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों के साथ मिलकर आरोपी की तलाश शुरू की। इस दौरान आरोपी खेतों में छिप गया था। पुलिस और ग्रामीणों ने मिलकर उसकी घेराबंदी की। आरोपी ने हाथ में हथियार लेकर पुलिसकर्मियों और ग्रामीणों को डराने की कोशिश की, जिससे कुछ देर के लिए लोग पीछे हट गए। हालांकि बाद में जब आरोपी के हाथ से हथियार छूट गया, तब ग्रामीणों ने उस पर पथराव कर उसे काबू में कर लिया। पत्नी की भी हत्या कर चुका है आरोपी प्रत्यक्षदर्शी भगवानदास पटेल ने बताया कि आरोपी ने 20 साल पहले अपनी पत्नी की हत्या कर दी थी। वह जेल की सजा काट चुका है। 2 साल पहले ही उसकी सजा पूरी हुई थी। घर में एक बेटा और दो बेटियां हैं। तीनों की शादी हो गई है। उसका बेटा अलग रहकर खेती करता है। आरोपी गांव में ही घूमता रहता था। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपा जाएगा शव मामले में सीएसपी एचआर पांडे ने बताया कि शव का पंचनामा कर उसे पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार कर पूछताछ की जा रही है। …………………………. यह खबर भी पढ़ें सागर में युवक चीखता रहा…छोड़ दो… मत मारो, डंडों से पीट-पीटकर हत्या सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र के लाजपतपुर में हिस्ट्रीशीटर की डंडों से पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। शुक्रवार को वारदात का वीडियो सामने आया है, जिसमें बदमाश को हमलावर डंडों से बेरहमी से पीटते हुए नजर आ रहे हैं। वह छोड़ दो… मत मारो की गुहार लगा रहा है। लेकिन हमलावर कह रहे है कि इसके पैर तोड़ दो। पढ़ें पूरी खबर…

Mandana Karimi Quits India | Says Betrayed, Leaving Iran Return

Mandana Karimi Quits India | Says Betrayed, Leaving Iran Return

2 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरानी एक्ट्रेस मंदाना करीमी ने भारत छोड़ने का फैसला कर लिया है। 25 सालों से बॉलीवुड में काम कर रहीं मंदाना का कहना है कि भारत ने उन्हें धोखा दिया है और अब यहां उनकी कोई आवाज नहीं बची है। उन्होंने अपना सारा सामान पैक कर लिया है और जैसे ही ईरान में मौजूदा शासन खत्म होगा, वह वापस अपने देश लौट जाएंगी। दरअसल ईरान-इजराइल युद्ध में 28 फरवरी को हुए मिसाइल हमलों के बाद ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत हो गई थी। मंदाना ने सोशल मीडिया पर इस मौत पर खुशी जाहिर की थी और ईरानी शासन की कड़ी आलोचना की थी। इसी विरोध के बाद से मंदाना को भारत में विरोध का सामना करना पड़ रहा है। मंदाना के इस इंस्टाग्राम पोस्ट के बाद भारत में उनका विरोध बढ़ गया था। एक्ट्रेस का दावा- काम मिलना बंद हुआ बॉलीवुड हंगामा को दिए इंटरव्यू में मंदाना ने अपना दर्द साझा करते हुए कहा, पिछले दो महीनों में मुझे मुंबई में बहुत अकेलापन महसूस हुआ। ईरान के हक में बोलने और विरोध प्रदर्शनों में हिस्सा लेने की वजह से मैंने अपने कई पुराने दोस्त खो दिए। मुझे महसूस हो रहा है कि भारत ने एक तरह से मुझे धोखा दिया है। जनवरी 2026 से मुझे काम मिलना बंद हो गया है और मेरे पुराने कॉन्ट्रैक्ट भी कैंसिल कर दिए गए हैं। बैग पैक, सरकार गिरते ही ईरान लौटेंगी मंदाना का कहना है कि वह अब भारत से अपना नाता तोड़ रही हैं। उन्होंने कहा, जैसे ही ऐलान होगा कि ईरान की मौजूदा सरकार गिर गई है, मैं तुरंत चली जाऊंगी। मैंने अपना बैग पैक कर लिया है। मैं एक ऐसा ईरान देखना चाहती हूं जहां महिलाएं आजाद हों, अपनी मर्जी के कपड़े पहन सकें और किसी भी यूनिवर्सिटी में पढ़ाई कर सकें। मंदाना कारीमी बिग बॉस सीजन 9 की कंटेस्टेंट भी रह चुकी हैं। मॉडलिंग से शुरू हुआ था मंदाना का करियर मंदाना करीमी का जन्म तेहरान में हुआ था। वह 2010 में पहली बार मॉडलिंग के लिए भारत आई थीं और 2013 से मुंबई में ही बस गईं। उन्होंने ‘क्या कूल हैं हम 3’, ‘मैं और चार्ल्स’ और ‘भाग जॉनी’ जैसी फिल्मों में काम किया। इसके अलावा ‘बिग बॉस’ और ‘लॉकअप’ जैसे रियलिटी शोज से उन्हें पहचान मिली। इसके बाद मंदाना ने साल 2017 में भारतीय बिजनेसमैन गौरव गुप्ता से शादी की, लेकिन यह रिश्ता लंबा नहीं चला। 2021 में उनका तलाक हो गया। मंदाना ने अपने पति और ससुराल वालों पर घरेलू हिंसा और धर्म परिवर्तन के दबाव जैसे गंभीर आरोप लगाए थे। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

भाई दूज पर भी दतिया में होली का उत्साह:एसपी समेत पुलिसकर्मी भी रंग-गुलाल में सराबोर

भाई दूज पर भी दतिया में होली का उत्साह:एसपी समेत पुलिसकर्मी भी रंग-गुलाल में सराबोर

भाई दूज के पर्व पर भी दतिया में होली का रंग और उत्साह थमने का नाम नहीं लेता दिखा। जिलेभर में रंग, गुलाल और फाग के सुरों के साथ त्योहार का माहौल बना रहा। खास बात यह रही कि पुलिस भी आमजन के साथ रंगों में सराबोर नजर आई, जिससे सौहार्द और उत्सव का संदेश मिला। पुलिस लाइन ग्राउंड में जिले की पुलिस ने सामूहिक रूप से होली मनाई। इस दौरान थाना प्रभारी से लेकर एसपी सूरज वर्मा तक रंग-गुलाल में सराबोर नजर आए। पुलिस अधिकारियों और जवानों ने एक-दूसरे को गुलाल लगाया और भाईचारे के साथ होली की खुशियां साझा कीं। चौराहों पर भी उत्सव दिखा वहीं शहर के गली, चौक और चौराहों पर भी उत्सव का नजारा देखने को मिला। फाग मंडलियों ने पारंपरिक बुंदेली गीतों की प्रस्तुति दी। जिनकी धुनों पर लोग झूमते और ठुमके लगाते नजर आए। बाजारों में युवाओं की टोलियां रंग-गुलाल उड़ाती हुई निकलती दिखीं। जिससे माहौल पूरी तरह उत्सवमय बना रहा। भाई दूज के मौके पर बहनों ने भी पूरे विधि-विधान से भाइयों का तिलक कर उनकी लंबी उम्र की कामना की। घर-घर में भाई दूज का पर्व धूमधाम से मनाया गया। हालांकि, कुछ इलाकों में रंग-गुलाल लगाने को लेकर हल्के-फुल्के विवाद की स्थिति भी सामने आई, लेकिन पुलिस की सतर्कता से हालात पर तुरंत काबू पा लिया।

जिम्बाब्वे टीम का पहला बैच हरारे के लिए रवाना:वेस्टइंडीज टीम अब भी फंसी, एयरस्पेस बंद होने से भारत में अटके थे क्रिकेटर्स

जिम्बाब्वे टीम का पहला बैच हरारे के लिए रवाना:वेस्टइंडीज टीम अब भी फंसी, एयरस्पेस बंद होने से भारत में अटके थे क्रिकेटर्स

जिम्बाब्वे टीम का पहला बैच बुधवार को अपने घर हरारे के लिए रवाना हो गया है। जिम्बाब्वे की टीम को दो मार्च को स्वदेश रवाना होना था, लेकिन एक मार्च को दिल्ली में साउथ अफ्रीका से पांच विकेट से हारने के बाद उसकी टीम यहीं फंस गई थी‌‌। इसके बाद ICC ने जिम्बाब्वे टीम की वापसी के लिए वैकल्पिक यात्रा व्यवस्था की। दरअसल, ईरान और इजरायल के बीच जारी तनाव के कारण वेस्ट एशिया का एयरस्पेस बंद है। जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज के खिलाड़ियों को इसी रूट से अपने देश लौटना था। फिलहाल वेस्टइंडीज की टीम अभी भी भारत में ही है। ट्रैवल रूट बदला गया जिम्बाब्वे क्रिकेट (ZC) ने बुधवार को ऑफिशियल स्टेटमेंट रिलीज कर इस बात की जानकारी दी। बोर्ड ने ट्वीट कर बताया, खिलाड़ियों का पहला बैच बुधवार को भारत से रवाना हो गया, जबकि बाकी खिलाड़ी शुक्रवार दोपहर को रवाना होंगे। पहले जिम्बाब्वे की टीम दुबई के रास्ते हरारे लौटने वाली थी, लेकिन अब ट्रैवल रूट बदल दिया गया है। नई व्यवस्था के तहत टीम इथियोपिया के रास्ते हरारे पहुंचेगी। मैं बस घर जाना चाहता हूं- सैमी वेस्टइंडीज की टीम चार दिनों से कोलकाता में ही अटकी हुई है और उनके हेड कोच डैरेन सैमी ने एक्स पर एक पोस्ट करते हुए लिखा, मैं बस घर जाना चाहता हूं। उन्होंने एक दूसरे पोस्ट में लिखा, कम से कम हमें कोई अपडेट तो दें। कुछ तो बताइए आज, कल या अगले हफ्ते कब निकलेंगे। पांच दिन हो गए हैं और हमें अभी तक कुछ साफ नहीं बताया गया है। सोमवार को निकलने वाले थे जिम्बाब्वे के प्लेयर्स जिम्बाब्वे ने रविवार को अपना आखिरी मैच साउथ अफ्रीका के खिलाफ खेला। टीम के कुछ प्लेयर्स सोमवार सुबह 4.30 बजे रवाना होने वाले थे, वहीं बाकी दिन में जाने वाले थे। टीम की फ्लाइट दिल्ली से दुबई और दुबई से हरारे के लिए बुक थी, लेकिन दुबई में एयरस्पेस बंद होने के कारण प्लेयर्स को भारत में ही रुकना पड़ा। सुपर-8 स्टेज पार नहीं कर सकी दोनों टीमें टी-20 वर्ल्ड कप भारत और श्रीलंका में खेला जा रहा है। 7 फरवरी को 20 टीमों के साथ शुरू हुए टूर्नामेंट में सेकेंड स्टेज तक 8 टीमें बचीं। 1 मार्च तक सुपर-8 स्टेज खत्म हुआ, जिसके बाद टॉप-4 टीमों ने सेमीफाइनल के लिए क्वालिफाई किया। इनमें भारत, न्यूजीलैंड, इंग्लैंड और साउथ अफ्रीका शामिल हैं। जिम्बाब्वे और वेस्टइंडीज की टीमें सुपर-8 को पार नहीं कर सकीं। वेस्टइंडीज ने राउंड-2 में इकलौता मैच जिम्बाब्वे को ही हराया। जबकि ग्रुप स्टेज में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराने वालीं जिम्बाब्वे सुपर-8 में एक भी मैच नहीं जीत सकी। पाकिस्तान और श्रीलंका की टीमें सुपर-8 को पार नहीं कर पाईं, जबकि 2021 की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया ग्रुप स्टेज में ही बाहर हो गई।