China GDP Target 4.5-5% for 2026

बीजिंग3 घंटे पहले कॉपी लिंक चीन की ‘टू सेशन्स’ बैठकों में से एक, नेशनल पीपुल्स कांग्रेस (NPC) की बैठक गुरुवार को बीजिंग में शुरू हुई। चीन ने 2026 के लिए GDP ग्रोथ का लक्ष्य घटाकर 4.5-5% कर दिया है। साल 1991 के बाद यह पहली बार है जब चीन ने अपना लक्ष्य 5% से नीचे रखा है। बीजिंग में आयोजित वार्षिक संसदीय बैठक ‘टू सेशन्स’ के दौरान चीनी प्रीमियर ली कियांग ने यह घोषणा की। चीन ने गुरुवार को 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) का ड्राफ्ट भी जारी किया, जिस पर अगले हफ्ते औपचारिक वोटिंग होगी। इस योजना में खपत बढ़ाने और इनोवेशन पर जोर देने जैसे विषय शामिल हैं, जो अगले पांच सालों के लिए बीजिंग की प्राथमिकता होंगे। एक्सपोर्ट के बजाय ‘हाई-क्वालिटी ग्रोथ’ पर जोर चीन अब अपनी आर्थिक रणनीति बदल रहा है। अब तक चीन की अर्थव्यवस्था मुख्य रूप से कंस्ट्रक्शन और एक्सपोर्ट पर टिकी थी, लेकिन अब सरकार का ध्यान ‘हाई-क्वालिटी ग्रोथ’ पर है। इसका मतलब है कि अब हाई-टेक इंडस्ट्री और स्ट्रक्चरल रिफॉर्म के जरिए इकोनॉमी को मजबूत बनाने की कोशिश की जाएगी ताकि बाहरी झटकों का असर कम से कम हो। चीन के प्रीमियर (प्रधानमंत्री) ली कियांग ने कहा कि साल 2025 एक ‘वाकई शानदार’ साल था। रियल एस्टेट और बढ़ती उम्र बनी बड़ी चुनौती चीन इस समय कई मोर्चों पर संघर्ष कर रहा है। देश का रियल एस्टेट लंबे समय से संकट में है। घरेलू मांग कमजोर पड़ गई है और आबादी तेजी से बूढ़ी हो रही है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि जैसे-जैसे कोई देश मध्यम आय वर्ग से ऊपर बढ़ता है, उसकी रफ्तार स्वाभाविक रूप से धीमी होती है। यूरेशिया ग्रुप की डायरेक्टर डैन वांग के मुताबिक, चीन अब एक्सपोर्ट के बजाय घरेलू सुधारों पर ध्यान दे रहा है और सरकार ने बेरोजगारी को लेकर भी अपनी सहनशीलता बढ़ाई है। 1.20 करोड़ नई नौकरियों का लक्ष्य, लेकिन चुनौतियां बरकरार चीनी सरकार ने इस साल शहरों में 1.20 करोड़ से ज्यादा नई नौकरियां पैदा करने का संकल्प लिया है। बेरोजगारी दर का लक्ष्य 5.5% रखा गया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि हाई-टेक इंडस्ट्री को प्राथमिकता देने से उन करोड़ों ब्लू-कॉलर वर्कर्स (मजदूर वर्ग) के लिए जोखिम पैदा हो सकता है जो पारंपरिक मैन्युफैक्चरिंग और कंस्ट्रक्शन सेक्टर से जुड़े हैं। रक्षा बजट में 7% की बढ़ोतरी आर्थिक सुस्ती के बावजूद चीन ने अपने रक्षा बजट में 7% का इजाफा किया है, जो पिछले वर्षों की तुलना में थोड़ा कम है। एक्सपर्ट व्यू: हुतोंग रिसर्च के पार्टनर गुओ शान के मुताबिक, चीन को 2035 तक एक विकसित देश बनने के लिए अगले दशक में औसतन केवल 4.3% की ग्रोथ चाहिए। इसलिए यह मामूली लक्ष्य भी बीजिंग के आत्मविश्वास को दर्शाता है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
PM Modi on US Israel vs Iran War; Finland Alexander Stubb

Hindi News National PM Modi On US Israel Vs Iran War; Finland Alexander Stubb | Middle East Ukraine Unrest नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक पीएम मोदी ने गुरुवार को फिनलैंड के राष्ट्रपति के साथ बैठक के बाद दिल्ली में जॉइंट मीडियो कॉन्फ्रेंस की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को दिल्ली में मिडिल ईस्ट और यूक्रेन में जारी जंग को जल्दी खत्म करने की अपील की। उन्होंने कहा कि सैन्य संघर्ष से कोई भी मसला हल नहीं हो सकता। भारत सभी विवादों के शांतिपूर्ण समाधान और शांति स्थापित करने की कोशिशों का समर्थन करता रहेगा। पीएम ने यह बात फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब के साथ द्विपक्षीय वार्ता के बाद कही। उन्होंने कहा कि भारत और फिनलैंड दोनों ही कानून के शासन, संवाद और कूटनीति में विश्वास रखते हैं। हम इस बात पर सहमत हैं कि सिर्फ सैन्य संघर्ष से कोई भी समस्या हल नहीं हो सकती। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच छह दिनों से जंग जारी है। अल जजीरा के मुताबिक, इस संघर्ष में अब तक 5000 से ज्यादा बम गिराए हैं। वहीं 20 ईरानी वॉरशिप को डुबो दिया है। इन हमलों में एक हजार से ज्यादा लोग मारे गए हैं। ईरान ने भी पलटवार करते हुए मिडिल ईस्ट के 9 देशों में बने अमेरिकी बेस पर हमला किया है। फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब और पीएम मोदी ने दिल्ली के हैदराबाद हाउस में द्विपक्षीय वार्ता की। मोदी बोले- AI, 6G और क्वांटम टेक्नोलॉजी में साझेदारी पर जोर फिनलैंड के राष्ट्रपति अलेक्जेंडर स्टब बुधवार को चार दिवसीय भारत दौरे पर आए हैं। इस दौरे का उद्देश्य व्यापार, निवेश और उभरती प्रौद्योगिकियों सहित कई क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ाना है। बैठक में दोनों देशों ने डिजिटलाइजेशन और सस्टेनेबिलिटी के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने भारत-फिनलैंड संबंधों को रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक आगे बढ़ाने पर चर्चा की। मोदी ने कहा, ‘आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, 6G टेलीकॉम, स्वच्छ ऊर्जा और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे हाई-टेक क्षेत्रों में सहयोग से दोनों देश आगे बढ़ेंगे। भारत-यूरोपीय फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) भारत और फिनलैंड के बीच व्यापार, निवेश और तकनीकी सहयोग को और मजबूत करेगा। राष्ट्रपति स्टब ने आयरनमैन ट्रायथलॉन पूरा किया है, जो बेहद कठिन प्रतियोगिता मानी जाती है। फिनलैंड के राष्ट्रपति स्टब ने भारत की विदेश नीति और आर्थिक प्रगति की तारीफ की। उन्होंने कहा कि दुनिया को थोड़ा और भारतीय बनने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र और सबसे प्रभावशाली देशों में से एक है। यूरोप के लिए भारत एक अहम रणनीतिक साझेदार बन चुका है। स्टब ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और पिछले एक दशक में यहां बड़ा बदलाव देखने को मिला है। उनकी पिछली भारत यात्रा 2013 में हुई थी और तब से देश में काफी परिवर्तन हुआ है। आयरनमैन ट्रायथलॉन के बारे में जानें… आयरनमैन ट्रायथलॉन दुनिया की सबसे कठिन एक-दिवसीय स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में गिनी जाती है। इसमें लगातार 3.86 किमी तैराकी, 180 किमी साइक्लिंग और 42.2 किमी मैराथन दौड़ पूरी करनी होती है। ——————————— ये खबर भी पढ़ें… अमेरिका-इजराइल की ईरान से जंग, स्पाइसजेट की UAE से दिल्ली-मुंबई के लिए 13 स्पेशल फ्लाइट्स; श्रीनगर लगातार पांचवे दिन बंद अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज छठा दिन है। 28 फरवरी से शुरू हुई जंग के कारण मिडिल ईस्ट के देशों में भारत के लिए उड़ान सेवा प्रभावित हुई है। हालांकि बीते 2 दिन में हालात आंशिक रूप से सुधरे हैं। स्पाइसजेट मिडिल ईस्ट में फंसे यात्रियों की वापसी के लिए गुरुवार को UAE से 13 स्पेशल फ्लाइट्स चलाएगी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने में कितना वक्त लगता है? वक्त रहते कंट्रोल करना जरूरी, वरना डायबिटीज का होंगे शिकार

Last Updated:March 05, 2026, 14:46 IST Tips To Reverse Prediabetes: प्रीडायबिटीज एक ऐसी कंडीशन है, जिसमें ब्लड शुगर लेवल सामान्य से ज्यादा हो जाता है. अगर वक्त रहते इसे कंट्रोल न किया जाए, तो कुछ सालों में डायबिटीज हो जाती है. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रीडायबिटीज को रिवर्स करना संभव है. एक बार डायबिटीज हो गई, तो उसे रिवर्स नहीं किया जा सकता है. प्रीडायबिटीज को सही लाइफस्टाइल, बेहतर खानपान और दवाओं के जरिए पूरी तरह ठीक किया जा सकता है. प्रीडायबिटीज को रिवर्स करना पॉसिबल होता है. Prediabetes Reversal Timeline: दुनियाभर में करोड़ों की संख्या में लोग डायबिटीज से जूझ रहे हैं. डायबिटीज धीरे-धीरे डेवलप होती है और इससे पहले लोग प्रीडायबिटीज की चपेट में आते हैं. लैंसेट की रिपोर्ट के मुताबिक भारत में करीब 15 करोड़ लोग प्रीडायबिटीज से जूझ रहे हैं. प्रीडायबिटीज की कंडीशन में ब्लड शुगर लेवल सामान्य से ज्यादा होता है, लेकिन डायबिटीज के पैमाने से थोड़ा कम होता है. प्रीडायबिटीज को डायबिटीज की बॉर्डरलाइन माना जाता है. अगर कोई प्रीडायबिटीज का शिकार हो जाए और अपना शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए जरूरी कदम न उठाए, तो इससे कुछ सालों में डायबिटीज हो जाती है. डॉक्टर्स की मानें तो प्रीडायबिटीज को पूरी तरह रिवर्स किया जा सकता है और डायबिटीज से बचा जा सकता है. सेहत से जुड़ी प्रमाणिक जानकारी देने वाली वेबसाइट हेल्थलाइन की रिपोर्ट के अनुसार प्रीडायबिटीज एक ऐसी कंडीशन है, जिसे सही समय पर पहचान लिया जाए, तो इसे पूरी तरह से रिवर्स किया जा सकता है. यह शरीर का एक अलार्म है, जो बताता है कि आपके खून में शुगर का स्तर सामान्य से अधिक है, लेकिन अभी तक टाइप 2 डायबिटीज का शिकार नहीं हुई हैं. लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करके 25% मामलों में इसे बिना किसी दवा के ठीक किया जा सकता है. प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने में कुछ महीनों से लेकर कुछ साल का वक्त भी लग सकता है. यह आपकी उम्र, वजन और कोशिशों पर भी निर्भर करता है. कितने दिनों में रिवर्स होगी प्रीडायबिटीज? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो प्रीडायबिटीज को रिवर्स करना आसान काम नहीं है, लेकिन सही कदम उठाकर इससे पूरी तरह छुटकारा पा सकते हैं. एक पॉप्युलर रिसर्च बताती है कि केवल लाइफस्टाइल और खानपान में बदलाव करने वाले 25% लोग एक साल के भीतर प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने में सफल रहे हैं. इसके अलावा मेटफोर्मिन जैसी दवाओं के साथ 30% और इंटेंसिव ट्रीटमेंट प्लान के साथ 40% लोग प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने में कामयाब हुए हैं. इसे रिवर्स करने का समय इस बात पर निर्भर करता है कि आप अपने ट्रीटमेंट और प्लान को लेकर कितनी कोशिश करते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. छोटी-छोटी आदतें दिलाएंगी छुटकारा प्रीडायबिटीज को मात देने का सबसे बड़ा हथियार आपकी रोज की छोटी-छोटी आदतें हैं. इससे छुटकारा पाने के लिए सप्ताह में कम से कम 150 मिनट एक्सरसाइज करना जरूरी है. खानपान में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड से दूरी बनाएं और हेल्दी फूड्स का सेवन करें. वजन कम करने से भी प्रीडायबिटीज रिवर्स करने में मदद मिलती है. अपने कुल वजन का 5% से 7% हिस्सा कम करने से भी टाइप 2 डायबिटीज का खतरा काफी हद तक टल सकता है. आपका अच्छा रुटीन भी प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने के लिए जरूरी होता है. अगर प्रीडायबिटीज इन सभी स्टेप्स से कंट्रोल नहीं हो रही, तो डॉक्टर से मिलकर दवा लें. इन फैक्टर्स का भी बड़ा असर अक्सर लोग डाइट और एक्सरसाइज पर तो ध्यान देते हैं, लेकिन नींद और बुरी आदतों को भूल जाते हैं. रोज रात में 7 से 9 घंटे की गहरी नींद मेटाबॉलिक और हार्मोनल रेगुलेशन के लिए जरूरी है, क्योंकि नींद की कमी इंसुलिन रेजिस्टेंस को बढ़ा सकती है. इसके अलावा स्मोकिंग और शराब से दूरी भी प्रीडायबिटीज को रिवर्स करने के लिए जरूरी है. स्मोकिंग और अत्यधिक शराब शरीर के इंसुलिन के उपयोग की क्षमता को प्रभावित करते हैं, जिससे शुगर लेवल को कम करना मुश्किल हो जाता है. About the Author अमित उपाध्याय अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें First Published : March 05, 2026, 14:46 IST
दिल्ली के बाद बिहार के लिए महिला मुख्यमंत्री चुनेगी बीजेपी? नीतीश कुमार की जगह लेने की दौड़ में 4 नाम | पटना-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:मार्च 05, 2026, 14:39 IST चर्चा ने विशेष रूप से 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद जोर पकड़ लिया है, जिसमें महिलाओं के प्रतिनिधित्व में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के दिल्ली स्थानांतरित होने की संभावना से राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन के बारे में चर्चा शुरू हो गई है। (पीटीआई) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने की आधिकारिक घोषणा से राज्य में नई राजनीतिक अटकलें तेज हो गई हैं। नीतीश के दिल्ली में संभावित स्थानांतरण ने राज्य में संभावित नेतृत्व परिवर्तन के बारे में चर्चा शुरू कर दी है, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को अब शीर्ष पद के लिए कई विकल्पों का सामना करना पड़ रहा है। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का कहना है कि यह घटनाक्रम एक आश्चर्यजनक कदम, एक महिला मुख्यमंत्री की संभावना का द्वार खोल सकता है। जैसे-जैसे बिहार का राजनीतिक परिदृश्य बदलते परिदृश्य के साथ तालमेल बिठा रहा है, यह सवाल व्यापक रूप से चर्चा में है कि क्या भाजपा अन्य क्षेत्रों में अपनी हालिया रणनीति के समान राज्य में महिला नेतृत्व के साथ प्रयोग कर सकती है। यदि ऐसा कदम उठाया गया तो राबड़ी देवी के बाद बिहार दूसरी महिला मुख्यमंत्री बन सकती है। चर्चा ने विशेष रूप से 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद जोर पकड़ लिया है, जिसमें महिलाओं के प्रतिनिधित्व में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई है। राज्य विधानसभा के लिए कुल 29 महिला विधायक चुनी गईं, जिनमें से 10 भाजपा की हैं। पार्टी ने 13 महिला उम्मीदवारों को मैदान में उतारा था, जिनमें से 10 विजयी रहीं, राजनीतिक विश्लेषक सफलता दर को महत्वपूर्ण मानते हैं। हाल के वर्षों में, कई राज्यों में प्रमुख राजनीतिक भूमिकाओं में महिला नेताओं को बढ़ावा दिया गया है, जिससे अटकलें लगाई जा रही हैं कि भाजपा बिहार में भी इसी तरह की रणनीति का प्रयास कर सकती है। हालांकि पार्टी ने कोई आधिकारिक संकेत नहीं दिया है, लेकिन राजनीतिक हलके इस संभावना पर सक्रिय रूप से चर्चा कर रहे हैं। 1.रेणु देवी ध्यान खींचने वाले नामों में रेनू देवी सबसे अनुभवी दावेदार मानी जा रही हैं. पश्चिम चंपारण के बेतिया से विधायक, उन्होंने 2020 से 2022 तक बिहार के उपमुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया। पार्टी की महिला विंग में लंबे समय से शामिल एक वरिष्ठ भाजपा नेता, रेनू देवी कई बार बिहार विधानसभा के लिए चुनी गई हैं और उन्हें मजबूत संगठनात्मक प्रभाव वाला माना जाता है। विश्लेषकों का मानना है कि अगर भाजपा मुख्यमंत्री पद के लिए किसी महिला पर विचार करती है तो उनका प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक पकड़ उन्हें एक प्रमुख दावेदार बनाती है। 2. रमा निषाद दूसरा नाम जो बार-बार चर्चा में आता है वह है औराई से विधायक और पूर्व मंत्री रमा निषाद का। उनका राजनीतिक महत्व सामाजिक समीकरणों से जुड़ा है, क्योंकि निषाद समुदाय बिहार के कई क्षेत्रों में प्रभाव रखता है। पर्यवेक्षकों का कहना है कि अगर भाजपा का लक्ष्य अत्यंत पिछड़े वर्गों (ईबीसी) को एक मजबूत संदेश भेजना है, तो रामा निषाद को बढ़ावा देना उस उद्देश्य को पूरा कर सकता है। 3. श्रेयसी सिंह इस सूची में श्रेयसी सिंह भी शामिल हैं, जो एक उभरती हुई राजनीतिक हस्ती हैं, जिन्होंने पहली बार एक निशानेबाज के रूप में राष्ट्रीय पहचान हासिल की। अब जमुई से विधायक, उन्हें अक्सर एक युवा, शिक्षित और आधुनिक राजनीतिक चेहरे के रूप में देखा जाता है। विश्लेषकों का कहना है कि अगर भाजपा युवा नेतृत्व को बढ़ावा देना चाहती है तो सिंह एक महत्वपूर्ण विकल्प हो सकते हैं। 4. गायत्री देवी जिस दूसरे नेता की चर्चा हो रही है वह हैं सीतामढी जिले के परिहार से विधायक गायत्री देवी. अपनी मजबूत स्थानीय राजनीतिक उपस्थिति के लिए जानी जाने वाली गायत्री देवी क्षेत्रीय सामाजिक और विकास के मुद्दों पर सक्रिय रही हैं। राजनीतिक पर्यवेक्षकों का सुझाव है कि यदि भाजपा अपनी ओबीसी पहुंच को मजबूत करना चाहती है, तो उनके जैसे नेता महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। इन प्रमुख नामों के अलावा कई अन्य महिला विधायकों का भी जिक्र राजनीतिक चर्चाओं में चल रहा है. निशा सिंह, जो प्राणपुर से जीतीं और पिछड़े समुदाय की पृष्ठभूमि से आती हैं, को मजबूत स्थानीय जुड़ाव वाली नेता के रूप में देखा जाता है। अनुसूचित जाति वर्ग से आने वाली कोढ़ा से विधायक कविता देवी को दलित समर्थन को मजबूत करने की क्षमता के कारण राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। इस बीच, देवंती यादव, जो नरपतगंज का प्रतिनिधित्व करती हैं और यादव समुदाय से हैं, को राज्य स्तर की राजनीति में अपेक्षाकृत नए प्रवेशकर्ता के रूप में देखा जाता है। 2025 के बिहार विधानसभा चुनावों के बाद महिला विधायकों की संख्या में वृद्धि ने राज्य में राजनीतिक बातचीत को नया आकार देना शुरू कर दिया है। कई महिला विधायक क्षेत्रीय और राज्य-स्तरीय मुद्दों पर तेजी से सक्रिय हो गई हैं, जिससे संकेत मिलता है कि आने वाले वर्षों में महिला नेतृत्व बिहार की राजनीति में अधिक प्रमुख भूमिका निभा सकती है। राजनीतिक विशेषज्ञ ध्यान देते हैं कि जाति समीकरण, प्रशासनिक अनुभव और संगठनात्मक ताकत राज्य के राजनीतिक निर्णय लेने में महत्वपूर्ण कारक बने हुए हैं। वे कहते हैं, अगर भाजपा अंततः एक महिला मुख्यमंत्री नियुक्त करने का निर्णय लेती है, तो यह कदम अचानक लिए गए निर्णय के बजाय एक व्यापक राजनीतिक रणनीति का हिस्सा होगा। पहले प्रकाशित: मार्च 05, 2026, 13:45 IST समाचार शहर पटना-समाचार दिल्ली के बाद बिहार के लिए महिला मुख्यमंत्री चुनेगी बीजेपी? नीतीश कुमार की जगह लेने की दौड़ में 4 नाम! अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)बिहार के मुख्यमंत्री(टी)नीतीश कुमार(टी)राज्यसभा(टी)बिहार की राजनीति(टी)बीजेपी नेतृत्व(टी)महिला मुख्यमंत्री(टी)रेणु देवी(टी)रमा निषाद
अटकलें, बैठकें और आधी रात की कॉल: होली पर कैसे बदल गई बिहार की राजनीति | 10 अंक | पटना-न्यूज़ न्यूज़

आखरी अपडेट:मार्च 05, 2026, 14:38 IST गुरुवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन होने के कारण, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि राज्य सत्ता में महत्वपूर्ण बदलाव के कगार पर हो सकता है। बुधवार की रात बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने उमेश कुशवाहा को जदयू के प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने रहने की मंजूरी दे दी. (क्रेडिट: पीटीआई) बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के अपने पद से हटने और राज्यसभा में जाने की अटकलों से पटना से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। होली के मौके पर राजनीतिक गलियारों में शुरू हुई चर्चा बुधवार की देर रात नीतीश कुमार के आवास पर एक उच्च स्तरीय बैठक के बाद ठोस निर्णय की ओर बढ़ती दिखाई दी। सूत्र बताते हैं कि देर रात के विचार-विमर्श के दौरान बिहार के सीएम के राजनीतिक भविष्य और राज्य के नेतृत्व के संबंध में एक महत्वपूर्ण निर्णय को अंतिम रूप दिया गया, जिसकी आधिकारिक घोषणा आज होने की उम्मीद है। इस घटनाक्रम से सत्तारूढ़ एनडीए और विपक्षी दोनों खेमों में हड़कंप मच गया है। नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार के राजनीति में प्रवेश करने की बढ़ती चर्चा और ‘ऑपरेशन लोटस’ की सुगबुगाहट के बीच, महागठबंधन ने इस घटनाक्रम को जनता के जनादेश का अपमान बताया है। गुरुवार को नामांकन दाखिल करने का आखिरी दिन होने के कारण, राजनीतिक पर्यवेक्षकों का मानना है कि राज्य सत्ता में महत्वपूर्ण बदलाव के कगार पर हो सकता है। बुधवार, 4 मार्च को बिहार में क्या हुआ, आइए जानते हैं 1. बुधवार सुबह से ही राजनीतिक गलियारों में ऐसी खबरें आ रही थीं कि नीतीश कुमार को राज्यसभा के लिए जनता दल (यूनाइटेड) के दूसरे उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा जा सकता है। 2. शाम करीब 6 बजे नीतीश कुमार ने अपने आवास पर संजय झा और विजय कुमार चौधरी समेत पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आपात बैठक बुलाई. 3. चर्चा के दौरान, विजय चौधरी ने कहा कि अंतिम फैसला नीतीश कुमार का होगा, हालांकि कथित तौर पर पार्टी के भीतर एक वर्ग उनके दिल्ली जाने को लेकर अनिच्छुक था। 4. राज्यसभा सीट के लिए केंद्रीय मंत्री रामनाथ ठाकुर का नाम लगभग तय हो चुका है और बताया जा रहा है कि उन्होंने जरूरी कागजी कार्रवाई भी पूरी कर ली है. 5. निशांत कुमार के राजनीतिक भविष्य को लेकर दो संभावनाओं पर चर्चा हो रही थी, या तो उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है या फिर राज्यसभा भेजा जा सकता है. 6. बैठक के दौरान नीतीश कुमार ने उमेश कुशवाहा को जेडीयू के प्रदेश अध्यक्ष पद पर बने रहने पर मुहर लगा दी. 7. लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के प्रमुख चिराग पासवान ने नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को खारिज कर दिया और कहा कि सरकार नीतीश कुमार के नेतृत्व में जारी रहेगी। 8. राजेश रंजन (पप्पू यादव) ने बीजेपी पर जनादेश को हाईजैक करने की कोशिश करने का आरोप लगाया और राज्य में सत्ता पर कब्जा करने की साजिश का आरोप लगाया. 9. शक्ति सिंह यादव ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर दावा किया कि भाजपा ने नीतीश कुमार पर दबाव बनाने के लिए “मूक ऑपरेशन लोटस” चलाया था। 10. सूत्रों के मुताबिक, देर रात बंद कमरे में चली मंत्रणा के परिणामस्वरूप नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के संभावित कदम और बिहार के लिए नए नेतृत्व फॉर्मूले पर व्यापक सहमति बनी। पहले प्रकाशित: मार्च 05, 2026, 14:38 IST समाचार शहर पटना-समाचार अटकलें, बैठकें और आधी रात की कॉल: होली पर कैसे बदल गई बिहार की राजनीति | 10 पॉइंट अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)नीतीश कुमार राज्यसभा(टी)बिहार की राजनीति(टी)नीतीश कुमार का इस्तीफा(टी)जेडी(यू) नेतृत्व(टी)निशांत कुमार की राजनीति(टी)बिहार के मुख्यमंत्री(टी)एनडीए विपक्ष(टी)ऑपरेशन लोटस
Ranji Trophy Winner J&K Team Meets ICC Chairman Jay Shah After Historic Title Win

Hindi News Sports Ranji Trophy Winner J&K Team Meets ICC Chairman Jay Shah After Historic Title Win स्पोर्ट्स डेस्क7 घंटे पहले कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर ने 67 साल में पहला रणजी ट्रॅाफी जीता है। इस जीत के बाद टीम के खिलाड़ियों ने ICC के चैयरमैन जय शाह से मुलाकात की। BCCI ने गुरुवार को फोटोज शेयर किए हैं। खिलाड़ियों ने जम्मू-कश्मीर में क्रिकेट को मजबूत बनाने में उनके योगदान के लिए जय शाह को धन्यवाद दिया। रणजी ट्रॉफी का पहला खिताब जीतने के बाद जम्मू-कश्मीर टीम ने जय शाह से मिलने की इच्छा जताई। जम्मू-कश्मीर टीम ने जय शाह से मिलने की इच्छा जताई BCCI ने X पर बताया कि रणजी ट्रॉफी का पहला खिताब जीतने के बाद जम्मू-कश्मीर टीम ने जय शाह से मिलने की इच्छा जताई। खिलाड़ियों ने कहा कि BCCI के सचिव रहते हुए जय शाह की लीडरशिप ने राज्य में क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। BCCI ने अपने पोस्ट में जम्मू-कश्मीर की ऐतिहासिक जीत की तारीफ की और खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए जय शाह का धन्यवाद किया। जय शाह की लीडरशिप ने राज्य में क्रिकेट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई। जम्मू-कश्मीर ने 67 साल का बाद 2025-26 सीजन में अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता कप्तान पारस डोगरा की अगुवाई में जम्मू-कश्मीर ने 67 साल का इंतजार खत्म करते हुए 2025-26 सीजन में अपना पहला रणजी ट्रॉफी खिताब जीता। फाइनल मैच ड्रॉ रहा, लेकिन पहली पारी में बड़ी बढ़त के कारण टीम को विजेता घोषित किया गया। बेंगलुरु के पास हुवली क्रिकेट ग्राउंड पर 5 दिन मैच में 24 फरवरी को जम्मू एंड कश्मीर की टीम ने टॉस जीतकर पहले बैटिंग करते हुए 584 रन बनाए थे। इसके बाद उन्होंने कर्नाटक को 293 रन पर ऑल आउट कर दिया था। ट्रॉफी के साथ जम्मू एंड कश्मीर की टीम। टीम ने 8 बार की विजेता कर्नाटक को हराया दूसरी पारी में जम्मू कश्मीर ने 4 विकेट पर 342 रन बनाए और पारी डिक्लेयर कर दी। पहली पारी में मिली बढ़त की आधार पर जम्मू कश्मीर की टीम को विजेता घोषित किया गया। टीम ने 8 बार की विजेता कर्नाटक को हराया है। फाइनल मैच के टॉप परफॉर्मर्स ———————————- क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… पाकिस्तान ने वर्ल्डकप हार का गुस्सा वनडे टीम पर उतारा:बाबर और सईम बांग्लादेश सीरीज से बाहर, 6 अनकैप्ड प्लेयर्स को मौका बाबर आजम ICC की वनडे बैटर्स रैंकिंग में 4 साल तक नंबर-1 पर रह चुके हैं। पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) ने टी-20 वर्ल्ड कप में अपनी टीम के खराब प्रदर्शन का गुस्सा वनडे टीम पर उतारा। बुधवार को बांग्लादेश सीरीज के लिए टीम अनाउंस हुई। वर्ल्ड कप में बुरी तरह फ्लॉप रहे पूर्व कप्तान बाबर आजम और सईम अयूब को टीम से बाहर कर दिया। टीम में 6 अनकैप्ड प्लेयर्स और वर्ल्ड कप में टॉप स्कोरर रहे साहिबजादा फरहान को शामिल कर लिया। फरहान ने अक्टूबर 2024 से कोई घरेलू लिस्ट-ए मैच भी नहीं खेला है। वे अब तक पाकिस्तान के लिए वनडे डेब्यू भी नहीं कर सके। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भारत ईरान नवीनतम समाचार आज: अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा श्रीलंका के पास ईरान युद्धपोत को नष्ट करने के बाद कांग्रेस ने सुरक्षा जोखिमों को चिह्नित किया | भारत समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 05, 2026, 13:47 IST कांग्रेस के अनुसार, ईरानी जहाज का डूबना समुद्री युद्ध के एक कृत्य का प्रतिनिधित्व करता है जिसने भारत के करीब “खुले अंत वाले संघर्ष” को जन्म दिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सोनिया गांधी (छवि: पीटीआई) ईरान इजराइल युद्ध आज: एईरान पर अमेरिकी-इजरायल हमले पर भारत की चुप्पी की आलोचना करने के बाद, कांग्रेस पार्टी ने गुरुवार को दावा किया कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष “भारत के दरवाजे तक पहुंच गया है”। यह टिप्पणी उन रिपोर्टों के बाद आई है कि एक ईरानी युद्धपोत को संयुक्त राज्य अमेरिका की पनडुब्बी ने श्रीलंका के तट से लगभग 40 मील दूर डुबो दिया था। एक्स पर एक पोस्ट में कांग्रेस ने इस घटना को एक गंभीर चेतावनी बताया कि संघर्ष भारत के क्षेत्र के करीब बढ़ रहा है। कांग्रेस के अनुसार, ईरानी जहाज का डूबना समुद्री युद्ध के एक कृत्य का प्रतिनिधित्व करता है जिसने भारत के करीब “खुले अंत वाले संघर्ष” को जन्म दिया है। पार्टी ने कहा कि वह इस बात से बेहद चिंतित है कि संयुक्त राज्य अमेरिका, जिसे भारत एक प्रमुख रणनीतिक साझेदार मानता है, ने नई दिल्ली को सूचित या परामर्श किए बिना कार्रवाई को अंजाम दिया। पार्टी ने कहा कि उसी ईरानी जहाज ने एक सप्ताह पहले ही अंतरराष्ट्रीय बेड़े की समीक्षा में भारतीय नौसेना के अतिथि के रूप में भाग लिया था और भारतीय जल क्षेत्र छोड़ने के तुरंत बाद उसे निशाना बनाया गया था। कांग्रेस ने कहा कि तनाव ने भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था के लिए सीधा खतरा पैदा कर दिया है। इसमें इस बात पर प्रकाश डाला गया कि भारत अपनी लगभग 80 प्रतिशत ऊर्जा जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर करता है, जिसका अधिकांश हिस्सा फारस की खाड़ी या होर्मुज जलडमरूमध्य से होकर गुजरता है। पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष के बीच ईरान ने मंगलवार को जलडमरूमध्य को बंद कर दिया था। पार्टी ने चेतावनी दी कि युद्ध को खुले समुद्र तक फैलाने से वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति बाधित हो सकती है। इसमें कहा गया है कि माल ढुलाई और बीमा लागत पहले से ही बढ़ रही है और जल्द ही भारतीय नागरिकों को प्रभावित कर सकती है। कांग्रेस मजबूत विदेश नीति का आह्वान करती है कांग्रेस ने सार्वजनिक संदेश देने में बहुत सतर्क रहने के लिए भारत के विदेश नीति नेतृत्व की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि सच्ची रणनीतिक स्वायत्तता के लिए भारत को तब बोलना पड़ता है जब राष्ट्रीय हित खतरे में हों। इसने सरकार से वाशिंगटन को आधिकारिक तौर पर अपनी नाराजगी और चिंताओं से अवगत कराने का आग्रह किया, साथ ही कहा कि भारत को अपने पड़ोस को ऐसे संघर्ष का युद्धक्षेत्र नहीं बनने देना चाहिए, जिसमें उसका कोई प्रत्यक्ष हित नहीं है। भारत के दरवाजे तक पहुंचा युद्ध? | श्रीलंका के तट से मात्र चालीस मील दूर संयुक्त राज्य अमेरिका की पनडुब्बी द्वारा एक ईरानी युद्धपोत का डूबना एक बड़ी चेतावनी है जिसे हम अब नजरअंदाज नहीं कर सकते हैं। समुद्री युद्ध के इस कृत्य ने एक संवेदनहीन और खुले अंत वाले संघर्ष को जन्म दिया है…- कांग्रेस केरल (@INCKerala) 5 मार्च 2026 कांग्रेस ने कहा कि भारत को अपनी संप्रभुता और आर्थिक भविष्य की रक्षा के लिए कदम उठाना चाहिए। पार्टी ने कहा कि ऐसे युद्ध में राष्ट्रीय हितों की कीमत पर अन्य देशों के साथ दोस्ती नहीं होनी चाहिए, जिसका भारत हिस्सा नहीं है। जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 05, 2026, 11:17 IST न्यूज़ इंडिया ‘युद्ध भारत के दरवाजे तक पहुंच गया’: श्रीलंका के पास ईरान के युद्धपोत पर अमेरिकी हमले के बाद कांग्रेस ने सुरक्षा जोखिमों पर चिंता जताई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस(टी)ईरान युद्ध पर कांग्रेस(टी)कांग्रेस ने भारत सरकार को चेतावनी दी(टी)राहुल गांधी(टी)सोनिया गांधी(टी)ईरान युद्ध पर भारत के रुख पर कांग्रेस(टी)ईरान युद्ध पर भारत(टी)पश्चिम एशिया(टी)हमें ईरान इज़राइल(टी)ईरान इज़राइल
Sonal Chauhan Dubai Safe India Return

1 घंटे पहले कॉपी लिंक ईरान और इजराइल के बीच युद्ध के चलते दुबई में फंसी बॉलीवुड एक्ट्रेस सोनल चौहान और ईशा गुप्ता सुरक्षित भारत लौट आई हैं। सोनल ने कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वतन वापसी के लिए मदद मांगी थी। अब उन्होंने मुंबई पहुंचने की जानकारी देते हुए भारत सरकार और दुबई प्रशासन को शुक्रिया कहा। सोनल ने युद्ध पर बात करते हुए यह भी कहा कि युद्ध कभी किसी समस्या का समाधान नहीं होता। इससे पहले मंगलवार को UAE में फंसी ईशा गुप्ता ने भी भारत लौटकर भारत सरकार और यूएई प्रशासन का धन्यवाद किया था। वतन वापसी पर सोनल ने जाहिर की खुशी सोनल चौहान ने इंस्टाग्राम पर एक पोस्ट शेयर कर अपनी वतन वापसी की जानकारी दी। उन्होंने लिखा कि भारत वापस आकर वह बहुत शुक्रगुजार महसूस कर रही हैं। एक्ट्रेस ने उन सभी फैंस और दोस्तों का शुक्रिया अदा किया जिन्होंने मुश्किल वक्त में उनके लिए मैसेज भेजे और दुआएं कीं। एक्ट्रेस ने कहा कि यह मुश्किल समय जल्द ही खत्म होगा और इलाके में शांति बहाल होगी। ईशा गुप्ता ने भी घर लौटने पर ईश्वर का आभार जताते हुए कहा था कि यह अनुभव हमें असली ताकत का एहसास कराता है। सोनल ने सोशल मीडिया के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से वतन वापसी के लिए मदद मांगी थी। दुबई प्रशासन की तारीफ की, बोलीं- वहां के लोगों में हिम्मत दिखी सोनल ने अपनी पोस्ट में दुबई के लोगों और वहां की सरकार की तारीफ की। उन्होंने कहा, मैंने वहां के लोगों का जोश और अपनी सरकार पर अटूट भरोसा देखा। इस संकट के समय में दुबई प्रशासन ने सबको शांत और सुरक्षित रखा। हर चीज को बड़ी सावधानी और जिम्मेदारी के साथ हैंडल किया गया ताकि वहां मौजूद हर व्यक्ति खुद को सेफ महसूस करे। ईशा गुप्ता ने भारत लौटकर सुनाई आपबीती ईशा ने सोशल मीडिया पर बताया कि मिसाइल हमलों की खबरों के बाद UAE में डर और अफरा-तफरी का माहौल था। कुछ समय के लिए एयरपोर्ट बंद कर दिए गए थे, जिससे यात्री वहीं फंस गए थे। ईशा ने यूएई सरकार, एयरपोर्ट स्टाफ और होटल मैनेजमेंट की सराहना करते हुए कहा कि अधिकारियों ने फंसे हुए यात्रियों को तुरंत होटलों में रुकवाया और खाने-पीने का इंतजाम किया। जंग के बाद दुबई और UAE में फंसी थीं एक्ट्रेसेस ईरान और इजराइल के युद्ध के बीच ईरान ने दुबई और UAE पर भी मिसाइलों से हमला किया। सुरक्षा कारणों से मिडिल ईस्ट के कई देशों ने अपना एयरस्पेस (हवाई क्षेत्र) बंद कर दिया था। दुबई और UAE इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी उड़ानों का संचालन बुरी तरह प्रभावित हुआ और कई इंटरनेशनल फ्लाइट्स कैंसिल कर दी गईं। इसी दौरान सोनल चौहान और ईशा गुप्ता वहां फ्लाइट्स रद्द होने के कारण फंस गईं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
भारत के लिए खतरा बन सकते हैं 5 इंग्लिश खिलाड़ी:ब्रूक ने सेंचुरी लगाई, जैक्स 4 बार प्लेयर ऑफ द मैच; बटलर ने सेमीफाइनल हराया था

टी-20 वर्ल्ड कप में आज भारत का सेमीफाइनल इंग्लैंड से होगा। जीतने वाली टीम 8 मार्च को न्यूजीलैंड से फाइनल खेलेगी। भारत टूर्नामेंट में साउथ अफ्रीका के खिलाफ एक मैच हार चुका है। अमेरिका और वेस्टइंडीज ने टीम को परेशान किया। अब इंग्लिश टीम में भी 5 ऐसे प्लेयर्स हैं, जो टीम इंडिया की परेशानियां बढ़ा सकते हैं। भारत को 5 प्लेयर्स से खतरा… 1. हैरी ब्रूक पाकिस्तान के खिलाफ सेंचुरी लगाई 27 साल के हैरी ब्रूक पहली बार ICC टूर्नामेंट में इंग्लैंड की कप्तानी कर रहे हैं। ग्रुप स्टेज में टीम को वेस्टइंडीज से हार मिली, लेकिन सुपर-8 में ब्रूक ने टीम को तीनों मैच जिताकर सेमीफाइनल में पहुंचाया। उन्होंने पाकिस्तान के खिलाफ रन चेज करते हुए शतक लगाया और टीम को अहम मैच जिताया। टूर्नामेंट में एक सेंचुरी और एक फिफ्टी के सहारे ब्रूक के नाम 228 रन हैं, वे टीम के टॉप स्कोरर भी हैं। ब्रूक वर्ल्ड क्रिकेट के टॉप उभरते हुए प्लेयर हैं। उन्होंने पिछले वर्ल्ड कप में साउथ अफ्रीका के खिलाफ बेहद मुश्किल पिच पर फिफ्टी लगाकर अपनी टीम को सेमीफाइनल में पहुंचाया था। 2022 में डेब्यू करने के बाद वे तीनों फॉर्मेट में 1000 से ज्यादा इंटरनेशनल रन बना चुके हैं। वे तीनों फॉर्मेट में सेंचुरी लगाने वाले इंग्लैंड के दूसरे ही प्लेयर भी हैं। 2. जोस बटलर भारत को सेमीफाइनल हरा चुके इंग्लैंड के पूर्व कप्तान जोस बटलर पूरे टूर्नामेंट में फ्लॉप रहे और एक बार भी 30 रन का स्कोर पार नहीं कर सके। हालांकि, भारत के खिलाफ मौजूदा टीम में सबसे ज्यादा टी-20 रन बटलर ने ही बनाए हैं। उनके नाम 5 फिफ्टी के सहारे 644 रन है। बटलर ने ही 2022 के टी-20 वर्ल्ड कप सेमीफाइनल में भारत के खिलाफ 49 गेंद पर 80 रन बनाकर इंग्लैंड को जीत दिलाई थी। बटलर इस टूर्नामेंट की पिछली 5 पारियों में 10 रन के आंकड़े तक भी नहीं पहुंच सके। हालांकि, 2 बार जब उन्होंने 21 और 26 रन की पारियां खेलीं, तब वे मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में ही बैटिंग कर रहे हैं। यहां बैटिंग फ्रेंडली पिच रहती है और बटलर अगर फॉर्म में वापसी चाहते हैं तो वानखेड़े स्टेडियम से बेहतर पिच उन्हें नहीं मिल सकती। 3. सैम करन 20वें ओवर में 10 रन डिफेंड कर चुके इंग्लैंड 2022 में जब चैंपियन बनी थी, तब ऑलराउंडर सैम करन प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट बने थे। 2023 से 2024 तक उनका फॉर्म खराब रहा, वे बैटिंग और बॉलिंग दोनों डिपार्टमेंट में फ्लॉप रहे। 2025 में उन्होंने वापसी की, UAE की ILT20 लीग में डेजर्ट वाइपर्स की कप्तानी करते हुए टीम को पहली बार चैंपियन भी बनाया। करन टीम की जरूरत के हिसाब से परफॉर्म करते हैं, शुरुआत में जल्दी विकेट गिरने पर बैटिंग से टीम को संभालते हैं। वहीं गेंदबाजी में मुश्किल ओवर फेंकते हैं और ज्यादा रन नहीं देते। नेपाल के खिलाफ उन्होंने ही आखिरी ओवर में 10 रन डिफेंड कर टीम को 4 रन से जीत दिलाई थी। करन भारत के खिलाफ अपनी डेब्यू टेस्ट सीरीज में प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुने गए थे। 4. विल जैक्स 4 प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड जीते इंग्लैंड की टीम टी-20 की सबसे मजबूत टीमों में शामिल है, इसकी बड़ी वजह उसके ऑलराउंडर हैं। विल जैक्स भी इसी किरदार को निभाते हैं। वे फ्रेंचाइजी और घरेलू क्रिकेट में अपनी टीम के लिए टॉप ऑर्डर में बैटिंग करते हैं, लेकिन इंग्लैंड के लिए नंबर-7 पर बैटिंग कर रहे हैं। इस पोजिशन पर उन्होंने कई उपयोगी पारियां खेलीं। जैक्स ने अपनी ऑफ स्पिन से भी इसी टूर्नामेंट में कई बार मैच पलटा। वे पावरप्ले में नई गेंद के साथ पुरानी गेंद से मिडिल ओवर्स में भी किफायती रहते हैं। टीम इंडिया भी टूर्नामेंट में ऑफ स्पिनर के खिलाफ स्ट्रगल करते नजर आई। ऐसे में अभिषेक शर्मा, ईशान किशन और तिलक वर्मा के खिलाफ जैक्स बड़ा हथियार साबित हो सकते हैं। वे टीम के 7 मुकाबलों में 4 बार प्लेयर ऑफ द मैच भी बने। 5. जोफ्रा आर्चर इंग्लैंड के टॉप तेज गेंदबाज टूर्नामेंट में इंग्लैंड के लिए सबसे ज्यादा विकेट लेग स्पिनर आदिल रशीद और लेफ्ट आर्म स्पिनर लियम डॉसन ने लिए। दोनों के नाम 11-11 विकेट हैं। हालांकि, वानखेड़े स्टेडियम की पिच पेसर्स के लिए ज्यादा मददगार रहती है। ऐसे में टीम के टॉप पेसर जोफ्रा आर्चर नई गेंद से ज्यादा प्रभाव छोड़ सकते हैं। वे टूर्नामेंट में 10 विकेट ले चुके हैं। आर्चर भारत के खिलाफ 11 टी-20 खेल चुके हैं, इनमें उनके नाम 14 विकेट हैं। वे 9 से कम की इकोनॉमी रखते हैं और विकेट नहीं मिलने पर ज्यादा रन भी नहीं देते। आर्चर भारत के खिलाफ वनडे और टेस्ट में भी 14 विकेट ले चुके हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाने वाले संजू सैमसन को आर्चर की पेस परेशान कर सकती है। ——————————— क्रिकेट का कीड़ा है तो सॉल्व कीजिए ये सुपर क्विज क्या आप खुद को क्रिकेट के सुपर फैन मानते हैं? पूरे T20 वर्ल्ड कप टूर्नामेंट के दौरान दैनिक भास्कर के खास गेम ‘SUPER ओवर’ में रोज क्रिकेट से जुड़े 6 सवाल आपका क्रिकेट ज्ञान परखेंगे। जितनी जल्दी सही जवाब देंगे उतने ज्यादा रन बनेंगे। जितने ज्यादा रन बनेंगे, लीडरबोर्ड में उतना ही ऊपर आएंगे। तो रोज खेलिए और टूर्नामेंट का टॉप स्कोरर बनिए। अभी खेलें SUPER ओवर…क्लिक करें ———————————- स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दूसरा सेमीफाइनल आज IND vs ENG टी-20 वर्ल्ड कप का दूसरा सेमीफाइनल मैच आज भारत और इंग्लैंड के बीच खेला जाएगा। मुकाबला मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में शाम 7:00 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 6:30 बजे होगा। पढ़ें पूरी खबर…
PNB ATM Cash Limit Cut From April 2026

8 घंटे पहले कॉपी लिंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने चुनिंदा डेबिट कार्ड्स (ATM कार्ड) से रोजाना कैश निकालने की लिमिट को आधा कर दिया है। नए नियम 1 अप्रैल, 2026 से लागू होंगे। बैंक ने यह फैसला रिस्क कंट्रोल को मजबूत करने और ग्राहकों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए लिया है। ₹1 लाख वाली लिमिट अब ₹50,000 हुई PNB ने अपने डेबिट कार्ड्स को दो मुख्य कैटेगरी में बांटकर लिमिट रिवाइज की है। जिनकी डेली लिमिट पहले 1 लाख रुपए थी, इसे अब 50 हजार रुपए कर दिया है। वहीं दूसरी कैटेगरी में प्रीमियम कार्ड्स की लिमिट 1.5 लाख रुपए से घटाकर 75 हजार रुपए कर दी गई है। सुरक्षा और डिजिटल बैंकिंग को बढ़ावा देना मकसद बैंक ने अपनी वेबसाइट पर जारी बयान में कहा कि यह बदलाव सुरक्षा को ध्यान में रखकर किया गया है। बैंक का मानना है कि कैश निकालने की लिमिट कम होने से फ्रॉड के मामलों में ग्राहकों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सकेगा। इसके साथ ही बैंक ग्राहकों को कैश के बजाय डिजिटल बैंकिंग और सुरक्षित ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के लिए प्रोत्साहित करना चाहता है। एप या इंटरनेट बैंकिंग से खुद भी बदल सकते हैं लिमिट अगर ग्राहक अपनी संशोधित लिमिट के भीतर ही बदलाव करना चाहते हैं, तो बैंक ने इसके लिए कई विकल्प दिए हैं। ग्राहक PNBOne मोबाइल एप, इंटरनेट बैंकिंग, वॉट्सएप बैंकिंग या IVR (कॉल) के जरिए अपनी डेली लिमिट सेट या रिसेट कर सकते हैं। मोबाइल एप से लिमिट बदलने का तरीका एप में लॉगिन करें और ‘Services’ पर क्लिक करें। ‘Debit Cards’ सेक्शन को खोलें और ‘Update ATM Limit’ चुनें। अपना अकाउंट नंबर और डेबिट कार्ड सिलेक्ट करें। अपनी नई लिमिट भरें और ट्रांजैक्शन पासवर्ड डालकर कन्फर्म करें। बाकी कार्ड्स और ऑनलाइन ट्रांजैक्शन पर क्या असर? बैंक ने बताया है कि ऊपर बताए गए कार्ड्स के अलावा अन्य सभी डेबिट कार्ड की कैश निकालने की लिमिट पहले जैसी ही रहेगी। साथ ही, अगर आप दुकान पर कार्ड स्वाइप करते हैं या ऑनलाइन शॉपिंग करते हैं, तो वहां की ट्रांजैक्शन लिमिट में कोई कटौती नहीं की गई है। नॉलेज बॉक्स: क्या होती है ATM विड्रॉल लिमिट? यह वह अधिकतम राशि है जो आप 24 घंटे में अपने कार्ड का उपयोग करके ATM मशीन से निकाल सकते हैं। बैंक अक्सर सुरक्षा कारणों से अलग-अलग कार्ड्स पर अलग-अलग लिमिट तय करते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









