RPSC RAS 2024 Interview Phase 8 Begins March 16

राजस्थान लोक सेवा आयोग (RPSC) की ओर से RAS-2024 के इंटरव्यू का आठवां चरण 16 मार्च से शुरू होगा। यह चरण 25 मार्च तक चलेगा। इसके लिए इंटरव्यू लेटर वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए है। . बता दें कि इंटरव्यू के पहले चरण की शुरुआत एक दिसम्बर से हुई थी।। यह वैकेंसी 1096 पदों के लिए है। 2461 कैंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए सिलेक्ट किए गए थे। इंटरव्यू में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को ऑनलाइन भरे गए विस्तृत आवेदन पत्र की दो प्रतियां मय सभी मूल दस्तावेजों व उनकी फोटोकॉपी के साथ उपस्थित होना होगा। अभ्यर्थियों को अपने साथ एक नवीनतम पासपोर्ट आकार का रंगीन फोटो और एक मूल फोटो पहचान पत्र भी लाना होगा। बढ़ा दी थी पदों की संख्या RPSC ने 2 सितंबर 2024 को भर्ती विज्ञापन निकाला था। 18 अक्टूबर 2024 तक 6 लाख 75 हजार कैंडिडेट्स ने अप्लाई किया था। 2 फरवरी 2025 को प्री-एग्जाम हुआ, 3 लाख 75 हजार 657 कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। 20 फरवरी को रिजल्ट जारी हुआ और 21 हजार 539 कैंडिडेट्स मेंस एग्जाम के लिए सिलेक्ट किए गए थे। इसके बाद 17 और 18 जून 2025 को मेंस एग्जाम हुआ था। 8 अक्टूबर 2025 को मेंस रिजल्ट घोषित किया। इसमें 2461 कैंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए सलेक्ट हुए थे। पहले 733 पदों पर वैकेंसी निकाली गई थी। 17 फरवरी 2025 को पदों की संख्या बढ़ाकर 1096 कर दी गई थी। इसमें राज्य सेवा के 428 और अधीनस्थ सेवा के 668 पद हैं। पहले चरण के इन्टरव्यू की शुरूआत एक दिसम्बर से हुई। जो 12 दिसम्बर तक चले। दूसरे चरण के इन्टरव्यू 15 दिसम्बर से 24 दिसम्बर तक हुए। आरएएस-2024 से संबंधित ये खबरें भी पढ़ें… आरएएस मेंस-2024 का रिजल्ट घोषित:2461 कैंडिडेट्स इंटरव्यू के लिए सिलेक्ट; 17-18 जून को हुआ था एग्जाम RAS प्री-2024 का रिजल्ट जारी:जनरल कैटेगरी में मेल की कटऑफ 71.59 और फीमेल की 69.80 रही अब 1096 पदों पर होगी RAS-2024 भर्ती:RPSC ने 363 पद बढ़ाए RPSC ने 733 पदों पर निकाली RAS की भर्ती
चांदी आज ₹13 हजार बढ़कर ₹2.73 लाख पर पहुंची:10 ग्राम सोना ₹1,700 बढ़कर ₹1.60 लाख हुआ, इस साल ₹27 हजार बढ़ा

सोने और चांदी के दामों में आज यानी 10 मार्च को बढ़त है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 1,700 रुपए बढ़कर 1.60 लाख रुपए पर पहुंच गया है। इससे पहले इसकी कीमत 1.59 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम थी। एक किलो चांदी 13 हजार रुपए बढ़कर 2.73 लाख रुपए पर पहुंच गई है। इससे पहले इसकी कीमत 2.60 लाख रुपए प्रति किलो थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार सोने और चांदी की कीमत 29 जनवरी 1.76 लाख रुपए और 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। इसके बाद से इनकी कीमत में काफी गिरावट आ चुकी है। इसीलिए अब इस बार फिर इसमें खरीदारी देखने को मिल रही है। सोना इस साल ₹27 हजार और चांदी ₹42 हजार महंगी इस साल सोने-चांदी की कीमत में तेजी देखने को मिली है। बीते साल के आखिर में सोना 1.33 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम पर था, जो अब 1.60 लाख रुपए पर है। यानी इसकी कीमत इस साल अब तक 27 हजार बढ़ चुकी है। वहीं चांदी भी इस दौरान 24 हजार रुपए महंगी हुई है। अमेरिका-ईरान तनाव पर निर्भर रहेगा बाजार जानकारों का मानना है कि सोने-चांदी की अगली चाल इन दो बातों पर निर्भर करेगी: ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है।
बड़ा गुणकारी है ये गूलर का पेड़, पत्ती से लेकर जड़ तक में औषधीय गुण, जानें इसके कमाल के फायदे

X बड़ा गुणकारी है ये गूलर का पेड़, पत्ती से लेकर जड़ तक में औषधीय गुण, जानें Health Tips: विंध्य क्षेत्र की वादियों में कई ऐसी औषधीय वनस्पतियां पाई जाती हैं, जो स्वास्थ्य के लिए किसी वरदान से कम नहीं हैं. इन्हीं में से एक है गूलर का पेड़, जिसे आयुर्वेद में अत्यंत उपयोगी माना गया है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए गूलर का विशेष रूप से उपयोग किया गया था. गूलर के पत्तों, फलों और तने का सेवन कई प्रकार की बीमारियों में लाभकारी साबित होता है. आयुर्वेद में इसे अंजीर के समान गुणकारी माना गया है. गूलर की शाखाएं मोटी होती हैं और इसके पत्ते दिल के आकार और खुरदरी सतह वाले होते हैं. इसके फल लगभग 2 से 3 सेंटीमीटर व्यास के होते हैं, जो पकने पर हरे से पीले या लाल रंग में बदल जाते हैं. इस पेड़ पर सालभर फूल और फल लगते हैं, हालांकि जुलाई से दिसंबर के बीच इसकी पैदावार अधिक होती है. इसके पके फलों का सेवन शरीर को ताकत देता है और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को धीमा करने में सहायक माना जाता है.
SC Directs Centre for Vaccine Side Effects Compensation Policy

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले में सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद के साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल के गठन से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह उन लोगों के लिए नो-फॉल्ट मुआवजा नीति तैयार करे, जिन्हें कोविड-19 टीकाकरण के बाद गंभीर प्रतिकूल घटनाओं का सामना करना पड़ा है। कोर्ट ने साइड इफेक्ट्स से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक करने को भी कहा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने उस आज याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मांग है कि वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। आरोप है कि 2021 में कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के बाद 2 महिलाओं की मौत हो गई थी। कोर्ट की 3 अहम टिप्पणी मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए कोर्ट की तरफ से अलग समिति बनाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून का सहारा नहीं ले सकता है। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा नीति बनाने का मतलब यह नहीं माना जाएगा कि भारत सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी ने अपनी गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। PM ने कोवैक्सिन के 2 डोज लगवाए थे पीएम ने 8 अप्रैल 2021 को कोवैक्सिन का दूसरा डोज लिया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2021 को कोवैक्सिन का पहला डोज लिया था। जुलाई 2025: कोविड के बाद अचानक मौतों पर स्टडी: ICMR का दावा- वैक्सीन से इसका संबंध नहीं इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने अपनी स्टडी में बताया कि देश में हार्ट अटैक से होने वाली अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह स्टडी 18 से 45 साल के लोगों की अचानक मौत पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टडी में कहा गया है कि भारत की कोविड वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव है। इससे होने वाले गंभीर साइडइफेक्ट के मामले रेयर हैं। स्टडी में बताया गया है कि अचानक हुई मौतों की अन्य वजहें हो सकती हैं। इनमें जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद बीमारी और कोविड के बाद के कॉम्प्लिकेशन शामिल हैं। भारत में दो कोविड वैक्सीन विकसित हुई थीं। भारत बायोटेक ने ICMR के सहयोग से कोवैक्सिन का निर्माण किया था। वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से कोवीशील्ड बनाई थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
SC Directs Centre for Vaccine Side Effects Compensation Policy

नई दिल्ली29 मिनट पहले कॉपी लिंक जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने मामले में सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को कोविड-19 वैक्सीनेशन के बाद के साइड इफेक्ट्स की जांच के लिए एक्सपर्ट पैनल के गठन से इनकार कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को निर्देश दिया कि वह उन लोगों के लिए नो-फॉल्ट मुआवजा नीति तैयार करे, जिन्हें कोविड-19 टीकाकरण के बाद गंभीर प्रतिकूल घटनाओं का सामना करना पड़ा है। कोर्ट ने साइड इफेक्ट्स से जुड़े आंकड़े समय-समय पर सार्वजनिक करने को भी कहा है। जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने उस आज याचिका पर सुनवाई की, जिसमें मांग है कि वैक्सीन के बाद हुए कथित दुष्प्रभावों के चलते मृतकों के परिवार को मुआवजा दिया जाए। आरोप है कि 2021 में कोविशील्ड की पहली खुराक लेने के बाद 2 महिलाओं की मौत हो गई थी। कोर्ट की 3 अहम टिप्पणी मौजूदा व्यवस्था को देखते हुए टीकाकरण के बाद दुष्प्रभावों की जांच के लिए कोर्ट की तरफ से अलग समिति बनाने की जरूरत नहीं है। कोर्ट ने यह भी साफ किया है कि इस फैसले का मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति कानून का सहारा नहीं ले सकता है। कोर्ट ने कहा कि मुआवजा नीति बनाने का मतलब यह नहीं माना जाएगा कि भारत सरकार या किसी अन्य अथॉरिटी ने अपनी गलती या कानूनी जिम्मेदारी स्वीकार कर ली है। PM ने कोवैक्सिन के 2 डोज लगवाए थे पीएम ने 8 अप्रैल 2021 को कोवैक्सिन का दूसरा डोज लिया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने 1 मार्च 2021 को कोवैक्सिन का पहला डोज लिया था। जुलाई 2025: कोविड के बाद अचानक मौतों पर स्टडी: ICMR का दावा- वैक्सीन से इसका संबंध नहीं इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (NCDC) ने अपनी स्टडी में बताया कि देश में हार्ट अटैक से होने वाली अचानक मौतों का कोविड वैक्सीन से कोई सीधा संबंध नहीं है। यह स्टडी 18 से 45 साल के लोगों की अचानक मौत पर आधारित है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्टडी में कहा गया है कि भारत की कोविड वैक्सीन सेफ और इफेक्टिव है। इससे होने वाले गंभीर साइडइफेक्ट के मामले रेयर हैं। स्टडी में बताया गया है कि अचानक हुई मौतों की अन्य वजहें हो सकती हैं। इनमें जेनेटिक्स, लाइफस्टाइल, पहले से मौजूद बीमारी और कोविड के बाद के कॉम्प्लिकेशन शामिल हैं। भारत में दो कोविड वैक्सीन विकसित हुई थीं। भारत बायोटेक ने ICMR के सहयोग से कोवैक्सिन का निर्माण किया था। वहीं, सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने ब्रिटिश कंपनी एस्ट्राजेनेका के फॉर्मूले से कोवीशील्ड बनाई थी। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
क्या आपको हमेशा अपने पैरों में महसूस होती है जलन? इन गंभीर स्वास्थ्य समस्या का हो सकता है संकेत!

Last Updated:March 10, 2026, 12:07 IST Health Tips : हम अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में कई हेल्थ प्रॉब्लम का सामना करते हैं. ये शायद इतनी सीरियस न लगें कि इनके बारे में चिंता की जाए, इसलिए हम इनके लक्षणों को हल्के में लेते हैं. खासकर पैरों में दर्द या जलन जैसी दिक्कतों को हम पूरी तरह से नज़रअंदाज़ कर देते हैं, यह सोचकर कि ये फिजिकल मेहनत या किसी और वजह से हो रही हैं. हमारी रोजमर्रा की जिंदगी में कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं आती हैं. ये इतनी बड़ी नहीं लगतीं कि डरना पड़े, इसलिए हम इनके लक्षणों को हल्के में ले लेते हैं. खासकर पैरों में दर्द या जलन जैसी समस्याओं को तो हम बिल्कुल नजरअंदाज कर देते हैं. हमें लगता है कि ये शारीरिक मेहनत की वजह से हो रही हैं या कोई और वजह होगी. अगर पैरों में बार-बार जलन महसूस होती है तो देर नहीं करनी चाहिए, ऐसा विशेषज्ञों का कहना है. ये शरीर में किसी खतरनाक बीमारी का लक्षण हो सकता है, इसलिए सतर्क रहना जरूरी है. तो पैरों में जलन किस चीज की ओर इशारा करती है? इस समस्या को कम करने के लिए क्या करना चाहिए, आइए जानते हैं. कारण क्या है? पैरों में जलन महसूस होने का असली कारण शरीर में विटामिन B, फोलिक एसिड और कैल्शियम की कमी है. विटामिन B12, B6, B9 कम होने से पैरों में जलन या झनझनाहट होती है. ये सिर्फ कुछ उम्र के लोगों को ही नहीं, बल्कि लगभग हर किसी में देखने को मिलती है. Add News18 as Preferred Source on Google उम्र से कोई संबंध नहीं है, लेकिन जिन लोगों में जरूरी पोषक तत्वों की कमी होती है, उन्हें पैरों में जलन होती है. शराब का ज्यादा सेवन, जहरीले पदार्थ या कुछ दवाओं के साइड इफेक्ट्स से नसें खराब हो जाती हैं. इससे नर्वस सिस्टम पर असर पड़ता है और पैरों में जलन महसूस होती है. खतरनाक बीमारियों का खतरा पैरों में सूजन या जलन होना विशेषज्ञों के मुताबिक गंभीर बीमारियों का संकेत हो सकता है. जिन लोगों को किडनी की समस्या होती है, उनमें ये लक्षण आम तौर पर दिखते हैं. थायराइड हार्मोन का स्तर कम होना भी इसका कारण बन सकता है. इसके अलावा, फंगल इंफेक्शन भी पैरों में जलन पैदा कर सकता है. जिन लोगों की रक्त नलिकाओं में इंफेक्शन होता है, उनमें ये लक्षण अक्सर दिखते हैं. अगर ये लक्षण कई दिनों तक कम नहीं होते या बार-बार ज्यादा हो जाते हैं, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है. सही इलाज करवाकर और समय पर ट्रीटमेंट लेने से खतरे से बचा जा सकता है. इन्हें अपनाकर देखें. पैरों में जलन कम करने के लिए कई तरह की दवाएं उपलब्ध हैं. लेकिन एक्सपर्ट्स कहते हैं कि घरेलू उपायों से भी इस समस्या को कम किया जा सकता है. जलन कम करने के लिए ठंडा पानी इस्तेमाल करना एक अच्छा तरीका है. रोज अपने पैरों को ठंडे पानी के टब में रखें. इससे पैरों की नसों को आराम मिलेगा और परेशानी कम होगी. इससे ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है. गर्म पानी में एप्सम सॉल्ट डालकर पैरों को रखने से मांसपेशियां रिलैक्स हो जाती हैं. दूसरी तरफ, शरीर में ब्लड सर्कुलेशन सुधारने के लिए नारियल तेल से मसाज कर सकते हैं. हल्दी और एलोवेरा मिलाकर पेस्ट बनाकर पैरों पर लगाने से अच्छा असर होता है. हल्दी में मौजूद एंटी-इन्फ्लेमेटरी गुण पैरों की जलन को कम कर सकते हैं. First Published : March 10, 2026, 12:07 IST
Gyanesh Kumar West Bengal Visit; TMC Protest

Hindi News National Gyanesh Kumar West Bengal Visit; TMC Protest | Mamata Banerjee CEC Removal Proposal कोलकाता12 मिनट पहले कॉपी लिंक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को मंगलवार सुबह एक बार फिर लोगों के विरोध का सामना करना पड़ा। ज्ञानेश कुमार दक्षिणेश्वर काली मंदिर गए थे, जहां लोगों की भीड़ ने गो बैक नारे लगाए और काले झंडे दिखाए। यह लगातार तीसरे दिन CEC को लोगों के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। इससे पहले कालीघाट मंदिर में दर्शन करने और रविवार रात कोलकाता पहुंचने पर भी एयरपोर्ट के बाहर लोगों ने काले झंडे दिखाए थे। ज्ञानेश कुमार आज पश्चिम बंगाल में सीनियर अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों के साथ कई मीटिंग कर रहे हैं ताकि आने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों का रिव्यू किया जा सके। पोस्ट-SIR इलेक्टोरल रोल में कथित तौर पर मनमाने ढंग से नाम हटाने को लेकर विवादों के बीच CEC आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे। चुनाव आयुक्त के विजिट की तस्वीरें… चुनाव आयुक्त मंगलवार को सबसे पहले दक्षिणेश्वर काली मंदिर गए। CEC ज्ञानेश कुमार ने बेलूर मठ का भी दौरा किया। विरोध कर रहे लोगों ने गो बैक ज्ञानेश कुमार और लोकतंत्र के हत्यारे के पोस्टर दिखाए। विरोध के बावजूद CEC की मीटिंग जारी CEC कुमार ने विरोध के बावजूद, कुमार राज्य में अपने तय प्रोग्राम में शामिल होते रहे। इलेक्शन कमिश्नर सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ, राज्य में चुनाव से जुड़े इंतजामों का आकलन करने के लिए पश्चिम बंगाल की चीफ सेक्रेटरी नंदिनी चक्रवर्ती, डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (DGP) पीयूष पांडे और दूसरे सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिंग करेंगे। चुनाव आयुक्त ने हावड़ा जिले के बेलूर मठ का भी दौरा किया और कहा कि पोल पैनल पश्चिम बंगाल में हिंसा-मुक्त चुनाव के लिए कमिटेड है। उन्होंने कहा कि आयोग यह पक्का करने की कोशिश करेगा कि वोटर त्योहार के माहौल में अपने वोट का इस्तेमाल कर सकें। चुनाव बिना हिंसा या डर-धमकी के हों। पार्टियों की मांग- विधानसभा चुनाव तीन फेज में ही करवाएं सोमवार को इलेक्शन कमीशन की पूरी बेंच ने कोलकाता में पॉलिटिकल पार्टियों के रिप्रेजेंटेटिव से मुलाकात की। पॉलिटिकल पार्टियों ने सुझाव दिया कि इलेक्शन एक या दो फेज में कराए जाएं, और कमीशन से इलेक्शन के दौरान वोटर्स को डराने-धमकाने और एंटी-सोशल एलिमेंट्स की एक्टिविटीज को रोकने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। मीटिंग के दौरान, कुमार ने चेतावनी दी कि चुनाव से पहले कानून-व्यवस्था बनाए रखने में कोई भी चूक बर्दाश्त नहीं की जाएगी और फ्री और फेयर चुनाव पक्का करने के लिए सख्त मॉनिटरिंग की जरूरत पर जोर दिया। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win

Hindi News Sports Cricket BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win | Sanju Samson Suryakumar Yadav Jasprit Bumrah स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। भारत ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को हराया और ट्रॉफी जीत ली। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई। BCCI ने खिलाड़ियों, स्टाफ और सिलेक्टर्स को बधाई दी BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और सिलेक्टर्स को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है। बोर्ड ने उम्मीद जताई कि टीम भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करती रहेगी। भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहला देश भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था। अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं। सूर्या का 500 साल पुरानी बावड़ी में फोटोशूट टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के जश्न के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। कप्तान सूर्यकुमार यादव गुजरात के गांधीनगर स्थित 500 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी अडालज नी वाव में ट्रॉफी के साथ फोटोशूट करते नजर आए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win

Hindi News Sports Cricket BCCI Prize Money; Team India World Cup 2026 Win | Sanju Samson Suryakumar Yadav Jasprit Bumrah स्पोर्ट्स डेस्क8 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया था। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। भारत ने रविवार को फाइनल में न्यूजीलैंड को हराकर यह खिताब अपने नाम किया। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को हराया और ट्रॉफी जीत ली। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई। BCCI ने खिलाड़ियों, स्टाफ और सिलेक्टर्स को बधाई दी BCCI ने खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और सिलेक्टर्स को इस ऐतिहासिक उपलब्धि के लिए बधाई दी है। बोर्ड ने उम्मीद जताई कि टीम भविष्य में भी इसी तरह शानदार प्रदर्शन कर देश का नाम रोशन करती रहेगी। भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहला देश भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था। अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं। सूर्या का 500 साल पुरानी बावड़ी में फोटोशूट टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद टीम इंडिया के खिलाड़ियों के जश्न के अलग-अलग अंदाज देखने को मिले। कप्तान सूर्यकुमार यादव गुजरात के गांधीनगर स्थित 500 साल पुरानी ऐतिहासिक बावड़ी अडालज नी वाव में ट्रॉफी के साथ फोटोशूट करते नजर आए। ————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में संजू-बुमराह समेत 4 भारतीय:साउथ अफ्रीका के मार्करम कप्तान, पाकिस्तान के फरहान और वेस्टइंडीज के होल्डर भी शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का नाम है। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Salim Khan Health Improving | Ventilator Discharge Soon

19 मिनट पहले कॉपी लिंक सलमान खान के पिता सलीम खान को अस्पताल से 3-4 दिन में छुट्टी मिल सकती है। 17 फरवरी से मुंबई के लीलावती अस्पताल में भर्ती 88 साल के सलीम खान अब तेजी से रिकवर हो रहे हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनकी सेहत में लगातार सुधार हो रहा है और अगर सब कुछ ठीक रहा, तो उन्हें इसी हफ्ते डिस्चार्ज कर दिया जाएगा। इससे पहले हालत गंभीर होने के कारण सलीम को कुछ समय के लिए ICU और वेंटिलेटर पर रखा गया था। पिछले कुछ दिनों से शाहरुख-आमिर समेत खान परिवार के सभी सदस्य अस्पताल पहुंचकर उनका हालचाल ले रहे हैं। सलीम 21 दिन से लीलावती हॉस्पिटल में एडमिट हैं। सलमान खान लगातार अपने पिता का हाल जानने के लिए अस्पताल जा रहे हैं। सलीम खान लीलावती अस्पताल में भर्ती सलीम खान को 17 फरवरी को सुबह ब्रेन से जुड़ी दिक्कत के बाद लीलावती अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्हें सुबह करीब 8:30 बजे इमरजेंसी में लाया गया। शुरुआती जांच के बाद डॉक्टरों की एक स्पेशल टीम बनाई गई, जिसने उनकी स्थिति का आकलन किया। 18 फरवरी को लीलावती अस्पताल के डॉक्टर जलील पारकर ने जानकारी दी थी कि सलीम खान की डिजिटल सब्स्ट्रैक्शन एंजियोग्राफी (DSA) की गई। डॉक्टरों के मुताबिक, यह ब्रेन सर्जरी नहीं है। DSA एक एडवांस्ड डायग्नोस्टिक टेस्ट है, जिससे दिमाग की नसों की स्थिति और संभावित ब्लॉकेज को साफ तरीके से देखा जाता है। आमिर खान दो बार सलीम खान का हाल जानने लीलावती अस्पताल जा चुके हैं। शाहरुख खान भी सलीम खान से मिलने लीलावती हॉस्पिटल पहुंचे थे। आमिर खान ने कहा- हम सभी दुआ कर रहे सलीम खान के अस्पताल में भर्ती होने की खबर मिलते ही बॉलीवुड के कई सितारे उनका हाल जानने पहुंचे।मैं सलीम साहब से मिलने गया था। हम सब दुआ कर रहे हैं कि वो जल्द से जल्द अच्छे हो जाएं। क्योंकि वो ICU में थे, मैं उनसे पर्सनली नहीं मिल पाया। मैं उनके परिवार के साथ बैठा था। मुझे अलवीरा जी हर रोज बता रही हैं कि उनकी हेल्थ इम्प्रूव हो रही है। हम सब प्रार्थना कर रहे हैं, दुआ कर रहे हैं कि वो एक बार फिर घर आ जाएं। 1960 के दशक में करियर शुरू हुआ था सलीम खान 88 साल के हैं। उनका जन्म 24 नवंबर 1935 को हुआ था। वे हिंदी सिनेमा के दिग्गज स्क्रिप्ट राइटरों में शुमार हैं। सलीम खान ने अपने करियर की शुरुआत एक्टिंग से की थी। 1960 के दशक में फिल्म बारात से करियर शुरू हुआ, लेकिन फिल्मों में उन्हें सीमित और छोटे किरदार ही मिले। लगभग दो दर्जन फिल्मों में काम करने के बाद उन्होंने महसूस किया कि एक्टिंग नहीं, बल्कि राइटिंग असली ताकत है। इसके बाद उन्होंने लेखन की ओर रुख किया और स्क्रिप्ट राइटर बन गए। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔








