Sunday, 23 Aug 2026 | 04:15 AM

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टी-20 वर्ल्डकप फाइनल में अर्शदीप पर जुर्माना:न्यूजीलैंड के मिचेल की ओर गेंद फेंकी; मैच फीस का 15% कटा, डिमेरिट पॉइंट भी मिला

टी-20 वर्ल्डकप फाइनल में अर्शदीप पर जुर्माना:न्यूजीलैंड के मिचेल की ओर गेंद फेंकी; मैच फीस का 15% कटा, डिमेरिट पॉइंट भी मिला

टी-20 वर्ल्डकप 2026 के फाइनल में भारतीय तेज गेंदबाज अर्शदीप सिंह पर आचार संहिता के उल्लंघन के कारण जुर्माना लगाया गया है। न्यूजीलैंड के बल्लेबाज डेरिल मिचेल की ओर गेंद फेंकने की घटना के बाद ICC ने उन पर कार्रवाई की। मंगलवार को जारी बयान में अर्शदीप की मैच फीस का 15% काटने के साथ उनके खाते में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ दिया गया। 8 फरवरी को फाइनल में अर्शदीप ने गुस्से में आकर मिचेल की तरफ गेंद फेंकी थी। जो उनके पैड्स पर लगी थी। लेवल-1 के तहत जुर्माना यह कार्रवाई ICC की आचार संहिता के लेवल-1 उल्लंघन के मामले में की गई। फाइनल मैच रविवार को अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेला गया था। इसमें भारत ने 96 रन से कीवी टीम को हराकर लगातार दूसरी और ओवरऑल तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाली पहली टीम बनी थी। मिचेल की कोहनी पर बॉल लगी न्यूजीलैंड की पारी के 11वें ओवर में अर्शदीप ने अपने फॉलो थ्रू में गेंद फील्ड की और वापस फेंकी, जो बल्लेबाज डेरिल मिचेल को लग गई। इसे ICC आचार संहिता के आर्टिकल 2.9 का उल्लंघन माना गया। इस नियम में मैच के दौरान किसी खिलाड़ी की ओर अनुचित या खतरनाक तरीके से गेंद या अन्य उपकरण फेंकने को गलत माना जाता है। एक डिमेरिट पॉइंट भी मिला जुर्माने के साथ अर्शदीप के अनुशासन रिकॉर्ड में एक डिमेरिट पॉइंट भी जोड़ा गया है। पिछले 24 महीनों में यह उनका पहला मामला है। मैदान पर मौजूद अंपायर रिचर्ड इलिंगवर्थ और एलेक्स व्हार्फ, थर्ड अंपायर अलाउद्दीन पलेकर और फोर्थ अंपायर एड्रियन होल्डस्टॉक ने यह आरोप लगाया था। मैच रेफरी एंडी पायक्रॉफ्ट ने जो सजा प्रस्तावित की, उसे अर्शदीप ने स्वीकार कर लिया। इसके बाद इस मामले में औपचारिक सुनवाई की जरूरत नहीं पड़ी। भारत 3 टी-20 वर्ल्ड कप जीतने वाला पहला देश भारतीय टीम 2024 के बाद 2026 में भी चैंपियन बनी और टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब डिफेंड करने वाली पहली टीम बन गई। इसके साथ ही इंडिया तीन टी-20 वर्ल्ड कप (2007, 2024 और 2026) जीतने वाली दुनिया की पहली टीम भी बन गया। अहमदाबाद में खेले गए फाइनल में जीत के साथ भारत ने पहली बार अपने घरेलू मैदान पर टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी भी जीती। इससे पहले टीम ने 2007 में साउथ अफ्रीका और 2024 में वेस्टइंडीज में खिताब जीता था। अब भारत के नाम तीन टी-20 वर्ल्ड कप ट्रॉफी हो गई हैं, जबकि वेस्टइंडीज और इंग्लैंड दो-दो बार ही यह खिताब जीत सके हैं। ——————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… T20 वर्ल्डकप टीम ऑफ द टूर्नामेंट में संजू-बुमराह समेत 4 भारतीय:साउथ अफ्रीका के मार्करम कप्तान, पाकिस्तान के फरहान और वेस्टइंडीज के होल्डर भी शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का नाम है। पूरी खबर

Jammu Kashmir Nowshera Sector LoC Infiltration Updates; Indian Army Terrorist Encounter

Jammu Kashmir Nowshera Sector LoC Infiltration Updates; Indian Army Terrorist Encounter

Hindi News National Jammu Kashmir Nowshera Sector LoC Infiltration Updates; Indian Army Terrorist Encounter श्रीनगर14 मिनट पहलेलेखक: एजेंसी इनपुट्स के साथ रउफ डार कॉपी लिंक जम्मू-कश्मीर के झंगर-नौशेरा सेक्टर में LoC पर घुसपैठ की कोशिश के दौरान एक आतंकवादी को सेना ने मार गिराया। भारतीय सेना ने बताया कि 10 मार्च 2026 को दोपहर करीब 3 बजे लाइन ऑफ कंट्रोल पर झंगर-नौशेरा के इलाके में दो आतंकवादियों की हरकत का पता चला था। सेना ने बताया कि सैनिकों ने तेजी से काम किया, और घुसपैठ की कोशिश को सफलतापूर्वक नाकाम कर दिया। दूसरे आतंकवादी की तलाश जारी है। सेना के मुताबिक जमीन और हवाई निगरानी की मदद ली जा रही है। पिछले 5 दिनों में जम्मू-कश्मीर के राजौरी इलाके में सिक्योरिटी फोर्स ने दूसरी बार घुसपैठ की कोशिश नाकाम की है। भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कॉर्प्स ने सोशल मीडिया X पर जानकारी दी। 23 फरवरी: सेना ने बताया था- 326 दिन ऑपरेशन चलाकर 7 आतंकी मारे इससे पहले 23 फरवरी को भारतीय सेना की व्हाइट नाइट कोर ने X पर 7 आतंकियों की फोटो पोस्ट की और लिखा था कि 326 दिन के बाद किश्तवाड़ से आतंक के नेटवर्क का खात्मा कर दिया गया है। पोस्ट में बताया गया था कि इन आतंकियों में जैश का कमांडर सैफुल्लाह भी मारा गया है। सैफुल्लाह किश्तवाड़ में आतंक का सरगना था। व्हाइट नाइट कोर ने बताया कि किश्तवाड़ में उनके अलावा जम्मू कश्मीर पुलिस और CRPF समेत सेना की इंटेलीजेंस एजेंसी भी शामिल रहीं। पूरी खबर पढ़ें… 2026 में सेना के 2 ऑपरेशन ऑपरेशन त्राशी-1: यह ऑपरेशन 18 जनवरी को चतरू बेल्ट के मंडराल-सिंहपोरा के पास सोनार गांव के जंगलों में शुरू किया गया था। पहले एनकाउंटर में 8 जवान घायल हुए थे, जिनमें से हवलदार गजेंद्र सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके बाद 22 और 24 जनवरी को अलग-अलग मुठभेड़ हुईं, जबकि 31 जनवरी को डोलगाम इलाके में फिर से गोलीबारी हुई थी। चतरू में 3 आतंकियों के खात्मे के साथ यह खत्म हो गया है। ऑपरेशन ‘किया: व्हाइट नाइट कोर ने 4 फरवरी को CIF डेल्टा, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के साथ बसंतगढ़ के जोफर फॉरेस्ट एरिया में जॉइंट ऑपरेशन चलाया था। सुरक्षा बलों ने आतंकियों पर UBGLs (अंडर बैरल ग्रेनेड लॉन्चर) का इस्तेमाल किया। जिससे गुफा के एक हिस्से को विस्फोट के जरिए ध्वस्त कर दिया गया। इस विस्फोट में दोनों आतंकी मारे गए। ———– ये खबर भी पढ़ें… देश की पहली आतंकवाद-विरोधी नीति ‘प्रहार’ जारी:कहा- आतंकी इंटरनेट के जरिए भर्तियां और जिहाद का महिमामंडन करते हैं गृह मंत्रालय ने 23 फरवरी को भारत की पहली राष्ट्रीय आतंकवाद-विरोधी नीति जारी की थी। इसका नाम है प्रहार- PRAHAAR। आठ पेज की इस नीति में आतंकी हमलों को रोकने पर खास जोर दिया गया है। साथ ही खतरे के मुताबिक तेज और संतुलित कार्रवाई की बात कही गई है। केंद्र ने पहले पेज पर इंट्रोडक्शन और PRAHAAR का फुल फॉर्म बताया है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

ईरान-इजराइल तनाव से चीन को झटका:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग; चीन के 8 लाख करोड़ दांव पर, डिसेलिनेशन से लेकर टेक प्रोजेक्ट्स तक सब खतरे में

ईरान-इजराइल तनाव से चीन को झटका:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग; चीन के 8 लाख करोड़ दांव पर, डिसेलिनेशन से लेकर टेक प्रोजेक्ट्स तक सब खतरे में

मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध चीन के लिए‎ खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल चीन ने‎ मिडिल ईस्ट में भारी निवेश किया हुआ है। साथ ‎ही ये क्षेत्र उसके इस्पात, इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों के लिए बड़ा बाजार है।‎ ईरान के रूप में चीन को तेल का सस्ता स्रोत‎ मिला था। पूरे क्षेत्र में उसे ऐसी सरकारें भी मिलीं,‎जो नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में चीन से‎ सीखने के लिए उत्सुक थीं। इन्हीं सब के बीच‎ चीन तेल और गैस‎ के लिए मध्य पूर्व की आपूर्ति‎ पर निर्भर हो गया। जब ‎पिछले साल अमेरिका से ‎चीन की व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ी तो वह अमेरिकी‎ बाजार में अपने कई सामान बेचने में असमर्थ रहा,‎ जो कभी चीन का सबसे बड़ा बाजार था। इसके‎ बाद चीन के लिए मिडिल ईस्ट का महत्व और भी‎ अधिक स्पष्ट हो गया था।‎ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीनी कारों के‎ लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया।‎ सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देशों की ओर से ‎चीनी स्टील की मांग दोगुनी हो गई। 2025 में‎ मिडिल ईस्ट को चीन का निर्यात बाकी दुनिया के ‎‎निर्यात की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ा ‎है। लेकिन अब ये खतरे में है।‎ मध्य पूर्व में चीन के गहरे वित्तीय संबंधों के ‎‎बावजूद उसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा‎ है। चीन ने जल्द लड़ाई बंद करने का आह्वान किया ‎है। ईरानी धमकियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से ‎‎आवाजाही कम हो गई है। चीनी शिपिंग कोस्को ने ‎इस क्षेत्र के माध्यम से बुकिंग बंद कर दी है।‎ चीनी निवेश मिडिल ईस्ट में दुनिया में कहीं‎ और की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। यूरेसिया ग्रुप‎ में चीन की निदेशक डैन वांग कहा कि 2019 से ‎‎2024 तक चीन ने मध्य पूर्व में सीधे 89‎ बिलियन डॉलर यानी करीब 8 लाख करोड़ रुपए‎ का निवेश किया। ये व्यापारिक संबंध अब निशाने‎ पर हैं क्योंकि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान‎ पर हमला कर रही हैं और ईरान पूरे क्षेत्र में‎ बंदरगाहों, जहाजों, पाइपलाइनों, डिसेलिनेशन ‎संयंत्रों, डेटा केंद्रों पर जवाबी हमला कर रहा है।‎ विलियम एंड मैरी रिसर्च इंस्टीट्यूट एडडेटा के‎ अनुसार 2023 में मिडिल ईस्ट में चीन का ऋण‎ और अनुदान दोगुना होकर वैश्विक पोर्टफोलियो‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ का 10% हो गया। चीन ईरानी तेल का मुख्य‎ खरीदार है। वह तीन प्रमुख कच्चे तेल की ‎पाइपलाइनों का भी संचालन करता है, जिनमें से‎ दो रूस और कजाकिस्तान से तेल का परिवहन‎ करती हैं। फिर भी ईरानी आपूर्ति के नुकसान से‎ चीन को अन्य स्रोत खोजने के लिए मजबूर होना‎ पड़ेगा। खोज पूरी हो भी जाएगी लेकिन कीमत‎ तेहरान से खरीदे गए रियायती तेल की तुलना में‎ बहुत अधिक होगी। तनाव से कंपनियों का काम थमा‎ मिडिल ईस्ट में कई चीनी कंपनियों ने‎ कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा।‎ 1 मार्च को दिग्गज टेक कंपनी बाइडू ने‎यूएई में रोबोटैक्सी सेवाओं को रोकने की‎ बात कही। चीनी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ‎कीटा ने भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में‎ सेवाएं निलंबित या सीमित हो सकती हैं।‎ इजराइल और यूएई में पोर्ट‎संचालित कर रहा है चीन कतर में चीनी बैंक तरलीकृत प्राकृतिक गैस‎(LNG) उत्पादन सुविधा के बड़े विस्तार को फंड ‎दे रहे हैं। चीनी सरकारी तेल कंपनी सिनोपेक की‎ इसके नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार प्रोजेक्ट में‎ हिस्सेदारी है। चीनी निवेशकों ने इजराइल के हाइफा‎पोर्ट और अमीरात के खलीफा पोर्ट को भी फंडिंग‎दी है। कई टर्मिनल चीनी कंपनियों के स्वामित्व में हैं‎ और उनके द्वारा संचालित हैं।‎‎ क्षेत्र में डिसेलिनेशन प्लांट में ‎चीन सबसे बड़ा निवेशक‎ ईरान में चीनी कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक‎ग्रिड और पेट्रोकेमिकल संयंत्र बनाए हैं‎। चीन क्षेत्र में ‎डिसेलिनेशन में सबसे बड़ा निवेशक भी है। पावर‎ कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना ने सऊदी‎ अरब, यूएई, ओमान और इराक में परियोजनाएं‎‎ बनाई हैं। हुआवे, अलीबाबा, टेनसेंट जैसी प्रमुख‎ चीनी टेक कंपनियों के दुबई में ऑफिस हैं।‎

ईरान-इजराइल तनाव से चीन को झटका:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग; चीन के 8 लाख करोड़ दांव पर, डिसेलिनेशन से लेकर टेक प्रोजेक्ट्स तक सब खतरे में

ईरान-इजराइल तनाव से चीन को झटका:मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग; चीन के 8 लाख करोड़ दांव पर, डिसेलिनेशन से लेकर टेक प्रोजेक्ट्स तक सब खतरे में

मिडिल ईस्ट में चल रहा युद्ध चीन के लिए‎ खतरनाक साबित हो सकता है। दरअसल चीन ने‎ मिडिल ईस्ट में भारी निवेश किया हुआ है। साथ ‎ही ये क्षेत्र उसके इस्पात, इलेक्ट्रिक वाहनों और सौर पैनलों के लिए बड़ा बाजार है।‎ ईरान के रूप में चीन को तेल का सस्ता स्रोत‎ मिला था। पूरे क्षेत्र में उसे ऐसी सरकारें भी मिलीं,‎जो नवीकरणीय ऊर्जा और प्रौद्योगिकी में चीन से‎ सीखने के लिए उत्सुक थीं। इन्हीं सब के बीच‎ चीन तेल और गैस‎ के लिए मध्य पूर्व की आपूर्ति‎ पर निर्भर हो गया। जब ‎पिछले साल अमेरिका से ‎चीन की व्यापारिक प्रतिद्वंद्विता बढ़ी तो वह अमेरिकी‎ बाजार में अपने कई सामान बेचने में असमर्थ रहा,‎ जो कभी चीन का सबसे बड़ा बाजार था। इसके‎ बाद चीन के लिए मिडिल ईस्ट का महत्व और भी‎ अधिक स्पष्ट हो गया था।‎ संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) चीनी कारों के‎ लिए सबसे तेजी से बढ़ता बाजार बन गया।‎ सऊदी अरब और उसके पड़ोसी देशों की ओर से ‎चीनी स्टील की मांग दोगुनी हो गई। 2025 में‎ मिडिल ईस्ट को चीन का निर्यात बाकी दुनिया के ‎‎निर्यात की तुलना में लगभग दोगुनी तेजी से बढ़ा ‎है। लेकिन अब ये खतरे में है।‎ मध्य पूर्व में चीन के गहरे वित्तीय संबंधों के ‎‎बावजूद उसे जोखिमों का सामना करना पड़ रहा‎ है। चीन ने जल्द लड़ाई बंद करने का आह्वान किया ‎है। ईरानी धमकियों के कारण होर्मुज स्ट्रेट से ‎‎आवाजाही कम हो गई है। चीनी शिपिंग कोस्को ने ‎इस क्षेत्र के माध्यम से बुकिंग बंद कर दी है।‎ चीनी निवेश मिडिल ईस्ट में दुनिया में कहीं‎ और की तुलना में तेजी से बढ़ रहा है। यूरेसिया ग्रुप‎ में चीन की निदेशक डैन वांग कहा कि 2019 से ‎‎2024 तक चीन ने मध्य पूर्व में सीधे 89‎ बिलियन डॉलर यानी करीब 8 लाख करोड़ रुपए‎ का निवेश किया। ये व्यापारिक संबंध अब निशाने‎ पर हैं क्योंकि अमेरिकी और इजरायली सेनाएं ईरान‎ पर हमला कर रही हैं और ईरान पूरे क्षेत्र में‎ बंदरगाहों, जहाजों, पाइपलाइनों, डिसेलिनेशन ‎संयंत्रों, डेटा केंद्रों पर जवाबी हमला कर रहा है।‎ विलियम एंड मैरी रिसर्च इंस्टीट्यूट एडडेटा के‎ अनुसार 2023 में मिडिल ईस्ट में चीन का ऋण‎ और अनुदान दोगुना होकर वैश्विक पोर्टफोलियो‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎‎ का 10% हो गया। चीन ईरानी तेल का मुख्य‎ खरीदार है। वह तीन प्रमुख कच्चे तेल की ‎पाइपलाइनों का भी संचालन करता है, जिनमें से‎ दो रूस और कजाकिस्तान से तेल का परिवहन‎ करती हैं। फिर भी ईरानी आपूर्ति के नुकसान से‎ चीन को अन्य स्रोत खोजने के लिए मजबूर होना‎ पड़ेगा। खोज पूरी हो भी जाएगी लेकिन कीमत‎ तेहरान से खरीदे गए रियायती तेल की तुलना में‎ बहुत अधिक होगी। तनाव से कंपनियों का काम थमा‎ मिडिल ईस्ट में कई चीनी कंपनियों ने‎ कर्मचारियों को घर से काम करने को कहा।‎ 1 मार्च को दिग्गज टेक कंपनी बाइडू ने‎यूएई में रोबोटैक्सी सेवाओं को रोकने की‎ बात कही। चीनी फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म ‎कीटा ने भी संकेत दिया है कि क्षेत्र में‎ सेवाएं निलंबित या सीमित हो सकती हैं।‎ इजराइल और यूएई में पोर्ट‎संचालित कर रहा है चीन कतर में चीनी बैंक तरलीकृत प्राकृतिक गैस‎(LNG) उत्पादन सुविधा के बड़े विस्तार को फंड ‎दे रहे हैं। चीनी सरकारी तेल कंपनी सिनोपेक की‎ इसके नॉर्थ फील्ड ईस्ट विस्तार प्रोजेक्ट में‎ हिस्सेदारी है। चीनी निवेशकों ने इजराइल के हाइफा‎पोर्ट और अमीरात के खलीफा पोर्ट को भी फंडिंग‎दी है। कई टर्मिनल चीनी कंपनियों के स्वामित्व में हैं‎ और उनके द्वारा संचालित हैं।‎‎ क्षेत्र में डिसेलिनेशन प्लांट में ‎चीन सबसे बड़ा निवेशक‎ ईरान में चीनी कंपनियों ने इंफ्रास्ट्रक्चर, इलेक्ट्रिक‎ग्रिड और पेट्रोकेमिकल संयंत्र बनाए हैं‎। चीन क्षेत्र में ‎डिसेलिनेशन में सबसे बड़ा निवेशक भी है। पावर‎ कंस्ट्रक्शन कॉरपोरेशन ऑफ चाइना ने सऊदी‎ अरब, यूएई, ओमान और इराक में परियोजनाएं‎‎ बनाई हैं। हुआवे, अलीबाबा, टेनसेंट जैसी प्रमुख‎ चीनी टेक कंपनियों के दुबई में ऑफिस हैं।‎

Purple Cabbage Health Benefits | purple cabbage for weight loss | पर्पल गोभी के फायदे | वजन घटाने में पर्पल गोभी का इस्तेमाल |

Antioxidant-rich vegetables

Last Updated:March 10, 2026, 17:36 IST Purple Cabbage Health Benefits: सब्जी मंडियों में दिखने वाली चमकदार बैंगनी गोभी सिर्फ सलाद की सजावट नहीं, बल्कि कैंसर से लड़ने वाले ‘एंथोसायनिन’ और दिल को फौलाद बनाने वाले एंटीऑक्सीडेंट्स का सबसे सस्ता और ताकतवर स्रोत है. इसलिए दुनिया भर के डायटीशियन इसे फैट बर्नर और बोन बूस्टर भी कहते है. घुटनों के दर्द से लेकर चेहरे की झुर्रियों तक और खराब कोलेस्ट्रॉल को जड़ से मिटाने से लेकर इम्यून सिस्टम को लोहे जैसा मजबूत बनाने तक जानिए पर्पल गोभी कैसे काम करती हैं. पर्पल गोभी में एंथोसायनिन नामक शक्तिशाली एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो इसे खास रंग देता है. यह तत्व शरीर में बनने वाले फ्री रेडिकल्स से लड़ने में मदद करता है. फ्री रेडिकल्स कई गंभीर बीमारियों का कारण बन सकते हैं, इसलिए एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर भोजन शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. पर्पल गोभी का सेवन शरीर की कोशिकाओं को नुकसान से बचाने में मदद करता है. नियमित रूप से इसे खाने से शरीर को प्राकृतिक सुरक्षा मिल सकती है. यही वजह है कि पोषण विशेषज्ञ भी इसे स्वस्थ आहार का हिस्सा बनाने की सलाह देते हैं. पहाड़ी इलाकों में अब किसान भी इस खास गोभी की खेती करने लगे हैं, जिससे लोगों को पौष्टिक सब्जी आसानी से उपलब्ध हो रही है. जो लोग वजन कम करना चाहते हैं, उनके लिए पर्पल गोभी एक अच्छा विकल्प मानी जाती है. इसमें कैलोरी कम और फाइबर अधिक होता है. फाइबर पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराता है, जिससे बार-बार भूख नहीं लगती है. इससे अनावश्यक खाने की आदत कम हो सकती है. इसके अलावा यह सब्जी पाचन तंत्र को भी बेहतर बनाती है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों का सही अवशोषण होता है. अगर इसे सलाद, सब्जी या सूप के रूप में आहार में शामिल किया जाए तो वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल ने लोकल 18 को बताया कि पर्पल गोभी में मौजूद पोषक तत्व हृदय स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी माने जाते हैं. इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और फाइबर शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल के स्तर को कम करने में मदद कर सकते हैं. जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल संतुलित रहता है, तो दिल से जुड़ी समस्याओं का खतरा कम हो सकता है. इसके अलावा यह रक्त वाहिकाओं को स्वस्थ रखने में भी सहायक मानी जाती है. रोजाना पर्पल गोभी का सेवन करने से हृदय की कार्यप्रणाली बेहतर बनी रह सकती है. हरी सब्जियों के साथ इस रंगीन गोभी को भी भोजन में शामिल करना दिल की सेहत के लिए लाभदायक हो सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google पर्पल गोभी में विटामिन K और कैल्शियम अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो हड्डियों के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व हैं. विटामिन K हड्डियों के निर्माण और मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. इसके नियमित सेवन से हड्डियों की कमजोरी और उम्र के साथ होने वाली समस्याओं से बचाव में मदद मिल सकती है. खासकर बच्चों और बुजुर्गों के लिए यह सब्जी फायदेमंद मानी जाती है. अगर इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जाए तो शरीर को आवश्यक पोषण मिलता है. यही कारण है कि डॉक्टर भी हड्डियों को मजबूत रखने के लिए पोषक तत्वों से भरपूर सब्जियों के सेवन की सलाह देते हैं. पर्पल गोभी में फाइबर प्रचुर मात्रा में पाया जाता है, जो पाचन तंत्र के लिए काफी लाभकारी माना जाता है. फाइबर भोजन को पचाने में मदद करता है और आंतों की कार्यप्रणाली को बेहतर बनाता है. इसके सेवन से कब्ज जैसी समस्याओं से राहत मिल सकती है. साथ ही यह पेट को हल्का और स्वस्थ बनाए रखने में भी मदद करती है. नियमित रूप से फाइबर युक्त भोजन करने से पाचन तंत्र मजबूत रहता है, शरीर में ऊर्जा का स्तर भी बेहतर बना रहता है. इसलिए पोषण विशेषज्ञ संतुलित मात्रा में पर्पल गोभी को आहार में शामिल करने की सलाह देते हैं. पर्पल गोभी में मौजूद विटामिन और एंटीऑक्सीडेंट त्वचा और बालों की सेहत के लिए भी फायदेमंद माने जाते हैं. यह शरीर में मौजूद हानिकारक तत्वों को कम करने में मदद कर सकते हैं, जिससे त्वचा को प्राकृतिक चमक मिलती है. इसके अलावा इसमें मौजूद पोषक तत्व बालों को मजबूत बनाने में भी सहायक होते हैं. नियमित रूप से पोषक सब्जियों का सेवन करने से त्वचा स्वस्थ और बाल मजबूत बने रह सकते हैं. पर्पल गोभी का सेवन शरीर को अंदर से पोषण देता है, जिसका असर बाहरी रूप पर भी दिखाई देता है. पर्पल गोभी में कई तरह के विटामिन और खनिज तत्व पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद करते हैं. मजबूत इम्यून सिस्टम शरीर को संक्रमण और बीमारियों से बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मौसम बदलने के समय अक्सर लोगों को सर्दी-जुकाम जैसी समस्याएं हो जाती हैं, ऐसे में पोषक आहार का सेवन करना जरूरी होता है. पर्पल गोभी में मौजूद पोषक तत्व शरीर को ऊर्जा देने और उसे स्वस्थ बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं. इसलिए इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाना स्वास्थ्य के लिए लाभकारी हो सकता है. पर्पल गोभी का उपयोग कई तरह से किया जा सकता है. इसे सलाद, सब्जी, सूप या स्टर-फ्राई के रूप में आसानी से बनाया जा सकता है. कुछ लोग इसे हल्का उबालकर भी खाते हैं, जिससे इसके पोषक तत्व बरकरार रहते हैं. इसके अलावा इसे अन्य सब्जियों के साथ मिलाकर भी पकाया जा सकता है. स्वाद और पोषण दोनों के लिहाज से यह एक बेहतरीन विकल्प मानी जाती है. अगर इसे नियमित और संतुलित मात्रा में आहार में शामिल किया जाए, तो शरीर को कई जरूरी पोषक तत्व मिल सकते हैं, स्वास्थ्य बेहतर बना रह सकता है. First Published : March 10, 2026, 17:36 IST

19 लक्जरी कारें! क्या आप जानते हैं भारत की सबसे अमीर महिला विधायक आंध्र प्रदेश में हैं

19 लक्जरी कारें! क्या आप जानते हैं भारत की सबसे अमीर महिला विधायक आंध्र प्रदेश में हैं

ऐसे देश में जहां महिलाओं ने सिनेमा, खेल, व्यापार और उद्योग में लगातार अपने लिए जगह बनाई है, धन और प्रभाव अब पारंपरिक रूप से पुरुष-प्रधान क्षेत्रों तक ही सीमित नहीं हैं। अब, सुर्खियों का रुख राजनीति पर आ गया है, जहां आंध्र प्रदेश की एक विधायक भारत की सबसे अमीर महिला विधायक बनकर उभरी हैं। (न्यूज़18 तेलुगु) एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (एडीआर) द्वारा जारी एक हालिया रिपोर्ट में नेल्लोर जिले के कोवूर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाली विधायक वेमिरेड्डी प्रशांति रेड्डी को देश की सबसे धनी महिला विधायक के रूप में पहचाना गया है। 2024 के चुनावों के दौरान दायर किए गए उनके हलफनामे के अनुसार, प्रशांति रेड्डी ने चल और अचल दोनों संपत्तियों सहित लगभग 716 करोड़ रुपये की कुल संपत्ति घोषित की, जिससे वह राष्ट्रीय राजनीतिक परिदृश्य में एक असाधारण व्यक्ति बन गईं। (न्यूज़18 तेलुगु) एडीआर विश्लेषण से पता चलता है कि प्रशांति रेड्डी घोषित संपत्ति के मामले में आंध्र प्रदेश की शीर्ष तीन महिला विधायकों में पहले स्थान पर हैं। उनकी संपत्ति राज्य में महिला प्रतिनिधियों की औसत संपत्ति से कहीं अधिक है, जो लगभग 74 करोड़ रुपये है, जो उन्हें महिला राजनेताओं की श्रेणी में रखती है। (न्यूज़18 तेलुगु) प्रशांति रेड्डी की राजनीतिक और वित्तीय प्रोफ़ाइल उनके पति, वेमीरेड्डी प्रभाकर रेड्डी, जो एक प्रमुख उद्योगपति और राजनीतिज्ञ हैं, के साथ निकटता से जुड़ी हुई है। उन्होंने पहले राज्यसभा सदस्य के रूप में कार्य किया था और 2024 के आम चुनावों में नेल्लोर निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य के रूप में चुने गए थे। यह दंपत्ति राज्य और राष्ट्रीय राजनीति दोनों में सक्रिय रूप से शामिल रहता है, साथ ही अपने गृह जिले में सामाजिक और सेवा पहलों में भी मजबूत उपस्थिति बनाए रखता है। (न्यूज़18 तेलुगु) वेमिरेड्डी परिवार खनन, बुनियादी ढांचे और अनुबंध कार्यों में अपने व्यावसायिक हितों के लिए जाना जाता है। उनकी प्रमुख कंपनी, वीपीआर माइनिंग इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड, देश भर में प्रमुख परियोजनाएं चलाती है। प्रशांति रेड्डी स्वयं व्यवसाय संचालन में सक्रिय रूप से शामिल हैं और उन्होंने अपने निर्वाचन क्षेत्र में मतदाताओं के साथ एक मजबूत जुड़ाव भी बनाया है, जिससे उनके राजनीतिक प्रवेश और चुनावी सफलता का मार्ग प्रशस्त हुआ। (न्यूज़18 तेलुगु) प्रशांति रेड्डी ने अपने पहले पति हर्षवर्द्धन रेड्डी के निधन के बाद प्रभाकर रेड्डी से शादी की। परिवार में एक बेटा और एक बेटी, नीलिमा रेड्डी शामिल हैं, जो परिवार के व्यावसायिक उद्यमों और सामाजिक सेवा गतिविधियों से भी जुड़े हुए हैं। पर्यवेक्षकों का कहना है कि वह अंततः परिवार की राजनीतिक विरासत को जारी रखते हुए सार्वजनिक जीवन में कदम रख सकती हैं। (न्यूज़18 तेलुगु) व्यवसाय और राजनीति से परे, परिवार कई परोपकारी पहलों में भी लगा हुआ है। वीपीआर फाउंडेशन के माध्यम से, नेल्लोर जिले में सैकड़ों आरओ पेयजल संयंत्र स्थापित किए गए हैं। फाउंडेशन मुफ्त चिकित्सा शिविर भी आयोजित करता है और वंचित छात्रों को वित्तीय सहायता प्रदान करता है, इन पहलों ने राजनीति में औपचारिक रूप से प्रवेश करने से पहले ही प्रशांति रेड्डी की सार्वजनिक प्रोफ़ाइल स्थापित करने में मदद की। (न्यूज़18 तेलुगु) उनके चुनावी हलफनामे से पता चलता है कि परिवार के पास लगभग 19 लक्जरी कारें हैं और रियल एस्टेट, निर्माण और कंपनी के शेयरों में महत्वपूर्ण निवेश है। वेमिरेड्डी परिवार को आंध्र प्रदेश में सबसे समृद्ध और प्रभावशाली राजनीतिक परिवारों में से एक माना जाता है। (न्यूज़18 तेलुगु) जबकि प्रशांति रेड्डी पहले से ही एक विधायक के रूप में अपनी सार्वजनिक सेवा के लिए अपने निर्वाचन क्षेत्र में जानी जाती थीं, नवीनतम एडीआर रिपोर्ट ने अब उन्हें देश की सबसे अमीर महिला विधायक के रूप में राष्ट्रीय सुर्खियों में मजबूती से खड़ा कर दिया है। (न्यूज़18 तेलुगु) (टैग्सटूट्रांसलेट)आंध्र प्रदेश(टी)एमएलए

खरगोन में किसान महासंघ ने पंजीयन बढ़ाने की मांग की:कलेक्टर से मिलकर बताई परेशानी, बोले- 10 पंजीयन भी नहीं हो रहे

खरगोन में किसान महासंघ ने पंजीयन बढ़ाने की मांग की:कलेक्टर से मिलकर बताई परेशानी, बोले- 10 पंजीयन भी नहीं हो रहे

खरगोन में राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किसानों की समस्याओं को लेकर रोष जताया। मंगलवार दोपहर 3:30 बजे संगठन का एक प्रतिनिधिमंडल कलेक्टर भव्या मित्तल से मिला। उन्होंने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन की अंतिम तिथि 10 अप्रैल तक बढ़ाने की मांग की। महासंघ के प्रांत मालवा अध्यक्ष रामेश्वर गुर्जर ने बताया कि गेहूं पंजीयन प्रक्रिया में कठिनाई आ रही है। उन्होंने कहा कि सोसायटियों में मुश्किल से 10 किसानों का ही पंजीयन हो पा रहा है, जिससे कई किसान अपनी उपज नहीं बेच पाएंगे। गुर्जर ने पंजीयन की तारीख बढ़ाना आवश्यक बताया। बोले- फसलें समर्थन मूल्य से नीचे बिक रहीं किसान प्रतिनिधियों ने यह भी बताया कि गेहूं, मक्का और चना सहित अन्य फसलें समर्थन मूल्य से नीचे बिक रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडियों में धारा 36 का उल्लंघन हो रहा है। इसके अतिरिक्त, प्रतिनिधियों ने जिले में रकबे के सत्यापन में राजस्व विभाग द्वारा गंभीर त्रुटियों का उल्लेख किया, खासकर करही क्षेत्र में कई शिकायतें मिलने की बात कही। उन्होंने इन त्रुटियों को भी सुधारने की मांग की।

CBSE 12th Maths Paper Secure

CBSE 12th Maths Paper Secure

Hindi News Career CBSE 12th Maths Paper Secure | QR Scan Dance Video Rumor Dismissed By CBSE 12 मिनट पहले कॉपी लिंक सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंड्री एजुकेशन यानी CBSE ने आज स्पष्ट कर दिया है कि 12वीं मैथ्स का पेपर असली है। क्वेश्चन पेपर पूरी तरह से सुरक्षित है और इसकी सुरक्षा में कोई कॉम्प्रोमाइज नहीं हुआ है। इससे पहले सोमवार, 9 मार्च को हुई 12वीं CBSE बोर्ड की मैथ्स की परीक्षा में बोर्ड की बड़ी चूक सामने आई थी। पेपर के पहले पेज पर लगे QR को स्कैन करने के बाद डांस का वीडियो प्ले हो रहा था। CBSE ने क्वेश्चन पेपर में लगे QR को लेकर फैली चिंताओं पर स्थिति स्पष्ट कर दी है। QR स्कैन करने पर असल कंटेंट की जगह यूट्यूब खुल रहा सोमवार को CBSE बोर्ड के 12वीं के मैथ्स का एग्जाम था। बोर्ड के हर पेपर के पहले पन्ने पर क्यूआर कोड प्रिंट किया जाता है। सोमवार को हुए पेपर के सभी सेट पर छपा क्यूआर कोड स्कैन करने पर असल कंटेंट की जगह यूट्यूब लिंक खुल रही थी। इसके बाद रिकरॉल डांस वीडियो चलने लगता है। 10 सेकंड का यह वीडियो रिक एस्ले का 1987 का गाना ‘नेवर गोना गिव यू अप’ है। यह एक इंटरनेट मीम है और साल 2007 में लोकप्रिय हुआ था। CBSE बोर्ड के 12वीं के मैथ्स का पेपर फर्जी क्वेश्चन पेपर्स बांटे जाने की अफवाह फैली इस घटना के बाद छात्रों के बीच पेपर लीक होने या फर्जी क्वेश्चन पेपर्स बांटे जाने की अफवाहें फैल गई। इसके बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा होने लगी। छात्रों ने इसे बोर्ड की लापरवाही बताया। CBSE- तकनीकी कारणों से QR कोड में गड़बड़ी आई चिंताओं का जवाब देते हुए CBSE ने बताया कि क्वेश्चन पेपर्स में QR कोड सहित कई सिक्योरिटी फीचर्स शामिल किए जाते हैं। ये कोड किसी भी सुरक्षा चूक या पेपर के असली होने की पहचान करने के लिए ‘एम्बेडेड’ किए जाते हैं। बोर्ड के अनुसार, कुछ सेट में तकनीकी कारणों से QR कोड स्कैन करने पर यूट्यूब लिंक खुल गया, जिससे भ्रम पैदा हुआ। CBSE बोर्ड के 12वीं के मैथ्स का पेपर पर लगे QR को स्कैन करने के बाद प्ले हो रहा डांस वीडियो (रिकरॉल)। ‘परीक्षा पूरी तरह सुरक्षित’ CBSE ने आधिकारिक बयान जारी कर कहा, ‘बोर्ड इसकी पुष्टि करता है कि बांटे गए सभी प्रश्न पत्र असली हैं। परीक्षा की सुरक्षा और शुचिता पूरी तरह बरकरार है।’ बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया कि वे इस मुद्दे को गंभीरता से ले रहे हैं और जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं ताकि भविष्य में इस तरह की तकनीकी भ्रम वाली स्थिति दोबारा पैदा न हो। CBSE- पैरेंट्स और छात्र अफवाहों पर ध्यान न दें बोर्ड ने सभी छात्रों और अभिभावकों से अपील की है कि वे इस तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें। परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और सुरक्षित है। बोर्ड अब इस बात की जांच कर रहा है कि सुरक्षा के लिए लगाए गए कोड यूट्यूब लिंक पर कैसे ‘रीडायरेक्ट’ हो गए। ——————— ये खबर भी पढ़ें… UPSC में 301 रैंक पर 2 कैंडिडेट्स का दावा: यूपी और बिहार की ‘आकांक्षा सिंह’ के सेम रोल नंबर; QR स्‍कैन करने पर खुली गड़बड़ी UPSC सिविल सर्विस एग्‍जाम रिजल्‍ट 2025 में एक ही रैंक पर दो कैंडिडेट्स ने दावा कर दिया है। UPSC द्वारा जारी मेरिट लिस्‍ट में AIR 301 पर आकांक्षा सिंह हैं, जिनका रोल नंबर 0856794 है। इस सिलेक्‍शन पर बिहार और यूपी से 2 अलग-अलग छात्राओं ने दावा किया है। इन दोनों कैंडिडेट्स का नाम आकांक्षा सिंह है। पढ़े पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

पायल डिजाइन्स: पट्टियों की खूबसूरती में चार चांद लगा पायल की ये 6 नई डिजाइनें; प्रोलेशन से लेकर सलवार-सूट के साथ रिवाइवल बेस्ट

तस्वीर का विवरण

अगर आपको सिंपल और एलिगेंट लुक पसंद है, तो मिनिमल चेन पाइपलाइन आपके लिए असरदार है। यह छोटी चेन वाली पायल होती है, जिसमें छोटे-छोटे मोती लगे होते हैं। इसे आप डेली वेरीज़ में भी आसानी से पहन सकते हैं। छवि: एआई घुंघरू वाली पाइप हमेशा से ही महिलाओं की पसंद बनी रहती है। इसकी फुल-सी छन-छन की आवाज में स्वाद की सुंदरता और बढ़ी हुई विशेषताएं हैं। यह प्लास्टिक की ड्रैस, लहंगा और पारंपरिक ड्रेस के साथ बेहद खूबसूरत लगती है। छवि: एआई मोती से साजी दिखने में बेहद खूबसूरत और खूबसूरत है। सिल्वर चेन के साथ इसमें छोटे-छोटे मोती लगे होते हैं, जो इसे बहुत आकर्षक बनाते हैं। यह डिजाइन खास मशीनों पर आधारित बेहतरीन मणियों के लिए तैयार किया गया है। छवि: एआई चैन स्टाइल्स प्लाइ डिज़ाइन आजकल काफी लोगों को पसंद आ रहे हैं। यह बेहद हैवी होता है, इसलिए यह पिली पार्टी वियर या वेडिंग के फीचर में आकर्षक बनी रहती है। छवि: एआई अगर आप कम हैवी और ग्लैमरस प्लाइआर्ट कपड़े चाहते हैं, तो स्टोन वर्क वाली प्लाइआ का एक अच्छा विकल्प हो सकता है। इसमें अलग-अलग रंग के पत्थर लगे होते हैं, जो इसे बहुत आकर्षक बनाते हैं। छवि: एआई आयोडाइड इंजीनियरिंग काफी ट्रेंड में है। इसमें छोटे-छोटे डिजाइन और ऊंचे घुंघरू की आवाज और खास बनाया गया है। यह पीली कुर्ती, सलवार-सूट और इंडो-वेस्टर्न ड्रेस के साथ बहुत खूबसूरत लगती है। छवि: एआई (टैग्सटूट्रांसलेट)पायल के नवीनतम डिजाइन(टी)पायल डिजाइन(टी)विवाहित महिलाओं के लिए पायल डिजाइन(टी)सिल्वर पायल डिजाइन(टी)कृत्रिम पायल डिजाइन(टी)चांदी की पायल के डिजाइन(टी)ट्रेंडी पायल(टी)दैनिक उपयोग के लिए पायल डिजाइन

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कुवैत से भारत लौटीं उर्वशी:फ्लाइट में बैठते ही घबराईं, आंखों में आए आंसू; सुरक्षित भारत पहुंचकर फैंस को दिया अपडेट

मिडिल ईस्ट तनाव के बीच कुवैत से भारत लौटीं उर्वशी:फ्लाइट में बैठते ही घबराईं, आंखों में आए आंसू; सुरक्षित भारत पहुंचकर फैंस को दिया अपडेट

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच बॉलीवुड एक्ट्रेस उर्वशी रौतेला कुवैत से भारत लौट आई हैं। हालात बिगड़ने के बाद उन्होंने जल्दबाजी में कुवैत छोड़ दिया। एक्ट्रेस ने सोशल मीडिया पर बताया कि उस दौरान वह काफी डर गई थीं और उनकी आंखों से आंसू निकल आए थे। दरअसल, हाल के दिनों में ईरान, अमेरिका और इजराइल के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण मिडिल ईस्ट में स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। कई जगहों पर मिसाइल हमलों और सुरक्षा अलर्ट की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच उर्वशी रौतेला भी अपने एक प्रोफेशनल काम के सिलसिले में कुवैत गई हुई थीं, लेकिन हालात अचानक बिगड़ने के बाद उन्हें तुरंत वहां से निकलना पड़ा। एक्ट्रेस ने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में बताया कि जब तक वह फ्लाइट में बैठीं, तब तक सब ठीक था, लेकिन सीट पर बैठने के बाद अचानक उन्हें घबराहट महसूस होने लगी। उन्होंने लिखा कि उनका दिल बहुत तेज धड़कने लगा और अचानक डर की भावना ने घेर लिया। उर्वशी ने कहा कि उस समय वह खुद को असुरक्षित और चिंतित महसूस कर रही थीं, इसलिए उन्होंने अपने फैंस से दुआ करने की अपील भी की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुवैत एयरपोर्ट पर उस समय माहौल भी काफी तनावपूर्ण था। कई विदेशी नागरिक जल्दी-जल्दी देश छोड़ने की कोशिश कर रहे थे। सुरक्षा जांच बढ़ा दी गई थी और यात्रियों में घबराहट साफ नजर आ रही थी। इसी दौरान उर्वशी भी एयरपोर्ट पर भावुक हो गईं और फ्लाइट में बैठने से पहले उनकी आंखों में आंसू आ गए। हालांकि राहत की बात यह है कि उर्वशी अब सुरक्षित भारत लौट चुकी हैं। भारत पहुंचने के बाद उन्होंने अपने फैंस को बताया कि वह ठीक हैं। उन्होंने स्थानीय अधिकारियों और एयरपोर्ट स्टाफ का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने मुश्किल हालात में यात्रियों की मदद की। भारत लौटने के बाद उर्वशी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो भी शेयर किया, जिसमें वह अपने फैंस को अपडेट देती नजर आईं। इस वीडियो के जरिए उन्होंने सभी को भरोसा दिलाया कि अब वह सुरक्षित हैं।