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अशोकनगर में नगर पालिका और पंचायत के बीच उलझा टोरिया:जनसुनवाई में 126 आवेदक पहुंचे, टोरिया के लोगों ने सीमा विवाद बताया

अशोकनगर में नगर पालिका और पंचायत के बीच उलझा टोरिया:जनसुनवाई में 126 आवेदक पहुंचे, टोरिया के लोगों ने सीमा विवाद बताया

अशोकनगर के टोरिया क्षेत्र को नगरपालिका परिषद में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को क्षेत्र के महिला-पुरुष कलेक्ट्रेट पहुंचे। वार्ड पार्षद महेंद्र भारद्वाज के नेतृत्व में लोगों ने जनसुनवाई में कलेक्टर को आवेदन सौंपकर समस्या बताई और जल्द समाधान की मांग की। वहीं जनसुनवाई में कुल 126 आवेदक अपनी-अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। निवासियों ने आवेदन में बताया कि अशोकनगर की गौशाला के पास स्थित टोरिया क्षेत्र वर्तमान में मोहरीराय ग्राम पंचायत के अंतर्गत आता है। इसके बावजूद यहां रहने वाले अधिकांश लोगों के आधार कार्ड, वोटर आईडी और राशन कार्ड जैसे दस्तावेज नगरपालिका के गौशाला वार्ड क्रमांक 21 के तहत बने हुए हैं। इस दोहरी स्थिति के कारण क्षेत्रवासियों को प्रशासनिक स्तर पर कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा नागरिकों का कहना है कि जब वे किसी सरकारी योजना का लाभ लेने नगरपालिका परिषद जाते हैं, तो वहां यह कहकर लौटा दिया जाता है कि उनका क्षेत्र ग्राम पंचायत में आता है। वहीं ग्राम पंचायत में जाने पर यह कहकर काम नहीं किया जाता कि उनके दस्तावेज नगरपालिका क्षेत्र के हैं। इस विरोधाभासी स्थिति के कारण क्षेत्र के लोग कई जनहितकारी योजनाओं से वंचित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना सहित अन्य योजनाओं का लाभ भी उन्हें नहीं मिल पा रहा है। शासन की कई योजनाएं सीधे लाभार्थियों तक पहुंचती हैं, लेकिन सीमा विवाद के कारण टोरिया क्षेत्र के निवासी इन योजनाओं का लाभ नहीं ले पा रहे हैं। क्षेत्रवासियों ने कलेक्टर से मांग की है कि टोरिया क्षेत्र को जल्द ही नगरपालिका परिषद में शामिल किया जाए, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके और क्षेत्र के विकास का रास्ता साफ हो सके।

15 मिनट में पैरों की थकान, दर्द और सूजन से राहत, घर पर अपनाएं ये आसान उपाय, एकदम मिलेगी राहत

Provides instant relief to tired feet

Last Updated:March 10, 2026, 17:17 IST लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने या मेहनत के बाद पैरों में थकान और दर्द होना आम है. नमक या एप्सम साल्ट वाले गुनगुने पानी में पैरों को डुबोना एक आसान और प्राकृतिक घरेलू उपाय है, जो पैरों की मांसपेशियों को आराम देता है, सूजन कम करता है और पैरों की सेहत बेहतर बनाए रखता है. आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में लंबे समय तक खड़े रहने या ज्यादा चलने से पैरों में थकान और दर्द होना आम बात है. ऐसे में गुनगुने पानी में नमक मिलाकर उसमें 10 से 15 मिनट तक पैर डुबोकर रखना एक बेहद आसान और कारगर घरेलू उपाय माना जाता है. आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. ऐजल पटेल के अनुसार यह तरीका पैरों की मांसपेशियों को आराम देने में मदद करता है. नमक वाला पानी पैरों की नसों को शांत करता है, जिससे थकान धीरे-धीरे कम होने लगती है. खासकर दिनभर काम करने के बाद यदि यह उपाय किया जाए तो पैरों को तुरंत राहत मिलती है. यही कारण है कि कई लोग इसे नियमित रूप से अपनाते हैं और पैरों को स्वस्थ बनाए रखते हैं. कई लोगों को लंबे समय तक खड़े रहने, ज्यादा चलने या शरीर में पानी की कमी के कारण पैरों में सूजन की समस्या हो जाती है. ऐसी स्थिति में गुनगुने पानी में नमक मिलाकर पैर डुबोना काफी फायदेमंद माना जाता है. एप्सम साल्ट में मैग्नीशियम पाया जाता है, जो सूजन को कम करने में मदद करता है. जब पैर नमक वाले गुनगुने पानी में रहते हैं, तो मांसपेशियों को आराम मिलता है और सूजन धीरे-धीरे कम होने लगती है. यह तरीका खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी है जो दिनभर मेहनत वाला काम करते हैं. यदि सप्ताह में दो से तीन बार यह उपाय किया जाए, तो पैरों की सूजन और भारीपन से राहत मिल सकती है. कई लोगों को पैरों में ऐंठन या एड़ियों में दर्द की समस्या रहती है. खासकर ज्यादा चलने या गलत तरीके से खड़े रहने से यह परेशानी बढ़ जाती है. ऐसे में गुनगुने नमक वाले पानी में पैर डुबोकर रखना काफी मददगार साबित हो सकता है. नमक में मौजूद खनिज तत्व मांसपेशियों को आराम देने का काम करते हैं. इससे पैरों में जकड़न कम होती है और दर्द में भी राहत मिलती है. नियमित रूप से इस उपाय को अपनाने से एड़ियों की थकान कम होती है और चलने-फिरने में आसानी महसूस होती है. यह तरीका पूरी तरह प्राकृतिक है और घर पर आसानी से किया जा सकता है. Add News18 as Preferred Source on Google नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोकर रखने से सिर्फ पैरों को ही नहीं बल्कि पूरे शरीर को आराम मिलता है. इससे नसों को शांति मिलती है और शरीर का तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है. जब पैरों की नसों को आराम मिलता है तो शरीर में रक्त संचार भी बेहतर होता है. यही कारण है कि कई लोग दिनभर की थकान के बाद यह तरीका अपनाते हैं. इससे मानसिक तनाव भी कम होता है और शरीर हल्का महसूस करता है. खासतौर पर ऑफिस या मेहनत वाले काम करने वाले लोगों के लिए यह घरेलू उपाय काफी लाभदायक माना जाता है. अगर किसी को रात में नींद नहीं आती या शरीर में बेचैनी रहती है, तो नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोना एक अच्छा उपाय हो सकता है. इससे शरीर को आराम मिलता है और दिमाग भी शांत होता है. जब शरीर का तनाव कम होता है तो नींद भी अच्छी आने लगती है. कई लोग सोने से पहले 10 से 15 मिनट तक यह उपाय अपनाते हैं. इससे शरीर रिलैक्स हो जाता है और नींद की गुणवत्ता बेहतर होती है. प्राकृतिक तरीके से नींद सुधारने के लिए यह तरीका काफी आसान और सुरक्षित माना जाता है. नमक वाला गुनगुना पानी पैरों की त्वचा के लिए भी काफी फायदेमंद माना जाता है. इसमें पैर डुबोने से त्वचा की मृत कोशिकाएं धीरे-धीरे हटने लगती हैं, जिससे पैर साफ और मुलायम बनते हैं. खासकर जिन लोगों की एड़ियां फटती हैं या पैरों की त्वचा रूखी रहती है, उनके लिए यह उपाय उपयोगी साबित हो सकता है. इसके बाद हल्के ब्रश या तौलिये से पैरों को साफ करने से त्वचा और भी बेहतर हो जाती है. नियमित रूप से यह तरीका अपनाने से पैरों की देखभाल आसानी से घर पर ही की जा सकती है और पैरों की सुंदरता भी बनी रहती है. पैरों में पसीना आने या लंबे समय तक जूते पहनने से कई बार बैक्टीरिया और फंगल संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में नमक वाला गुनगुना पानी काफी मददगार हो सकता है. नमक में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं, जो संक्रमण के खतरे को कम करने में मदद करते हैं. अगर किसी को पैरों में खुजली, बदबू या हल्का संक्रमण महसूस हो तो यह उपाय राहत दे सकता है. हालांकि ज्यादा गंभीर समस्या होने पर डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी होता है. लेकिन सामान्य स्थिति में यह घरेलू तरीका पैरों को साफ और स्वस्थ रखने में मदद करता है. नमक वाले गुनगुने पानी में पैर डुबोना एक आसान और सुरक्षित घरेलू उपाय है, जिसे हर कोई घर पर कर सकता है. इसके लिए एक टब में गुनगुना पानी लें और उसमें एक से दो चम्मच नमक या एप्सम साल्ट मिलाएं. फिर 10 से 15 मिनट तक पैरों को उसमें डुबोकर रखें. इसके बाद पैरों को साफ पानी से धोकर अच्छी तरह सुखा लें. अगर यह उपाय सप्ताह में दो से तीन बार किया जाए तो पैरों की थकान, दर्द और सूजन से काफी राहत मिल सकती है और पैरों की सेहत भी बेहतर बनी रहती है. First Published : March 10, 2026, 17:17 IST

Winds of change, youth busy in changing the atmosphere of the area

Winds of change, youth busy in changing the atmosphere of the area

Hindi News Career Winds Of Change, Youth Busy In Changing The Atmosphere Of The Area श्रीनगर16 मिनट पहले कॉपी लिंक दृष्टिबाधित होने के बावजूद इरफान ने अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में 957 वीं रैंक हासिल की है। वुलर झील के किनारे बसे बांदीपोरा के नायदखाई गांव में एक छोटे-से घर के बाहर लोगों की भीड़ लगी है। गांव वाले, रिश्तेदार और परिचित बधाई देने आ रहे हैं। ये घर इरफान अहमद लोन का है। दृष्टिबाधित होने के बावजूद इरफान ने अखिल भारतीय सिविल सेवा परीक्षा में 957 वीं रैंक हासिल की है। उनके घर पर बधाई देने वालों की भीड़ इतनी ज्यादा है कि इरफान के पिता बशीर अहमद को लॉन में एक बड़ा टेंट लगवाना पड़ा। सिंचाई विभाग में दिहाड़ी मजदूर बशीर कहते हैं, हम कई वर्षों से इस दिन का इंतजार कर रहे थे। इरफान की पढ़ाई के लिए उन्होंने अपनी जमीन भी बेच दी। अब इरफान की सफलता ने उनके छोटे भाई और बहन के मन में भी आईएएस अधिकारी बनने का सपना मजबूत कर दिया है। यूपीएससी में 257 वीं रैंक हासिल करने वाले पुलवामा के तौसीफ अहमद गनी भी एक मजदूर के बेटे हैं। इस साल जम्मू-कश्मीर से रिकॉर्ड 17 उम्मीदवारों का यूपीएससी में चयन हुआ है। ये बदलाव कश्मीर में शिक्षा, अवसर और नई आकांक्षाओं के उभरते माहौल की भी कहानी है। हर साल औसतन 10-15 उम्मीदवार यूपीएससी में सिलेक्ट हो रहे हैं। 2010 से 2025 के बीच 150 से ज्यादा उम्मीदवार जम्मू-कश्मीर से यूपीएससी में चुने जा चुके हैं। 2025 यूपीएससी में रिकॉर्ड चयन वर्ष सिलेक्शन 2021 9 2022 16 2023 11 2024 14 2025 17 टॉप 10 में भी आ रहे कश्मीरी नाम एआईआर रैंक शाह फैसल 2010 टॉपर अतहर आमिर 2015 सेकंड अनमोल राठौड़ 2024 सातवीं प्रेरणा – शाह फैसल के टॉपर बनने के बाद कई युवा टॉप 10 में आए दो दशक पहले यूपीएससी की चयन सूची में जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के सिर्फ एक या दो ही युवा होते थे। 20 साल के आतंक के दौर में सिर्फ चार आईएएस और आईपीएस ही निकले। 2010 में शाह फैसल सिविल सेवा परीक्षा में टॉप करने वाले कश्मीर के पहले उम्मीदवार बने। उनसे प्रेरणा लेकर बड़ी संख्या में युवा यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। 2016 में अतहर आमिर ने यूपीएससी में दूसरी रैंक हासिल की। इसके बाद कई युवा टॉप 10 में अपना स्थान बनाने में सफल रहे। विस्तार – पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारी कर रहे मदद पिछले कुछ वर्षों में, सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी न केवल श्रीनगर बल्कि छोटे कस्बों में भी छात्रों के लिए एक प्रमुख लक्ष्य बन गई है। बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए कोचिंग सेंटरों का विस्तार हो रहा है। श्रीनगर, अनंतनाग, बारामुला और पुलवामा जैसे शहरों में लाइब्रेरी और कोचिंग सेंटर बढ़ रहे हैं। कई पूर्व सैन्य और पुलिस अधिकारी भी युवाओं को प्रेरित कर रहे हैं। पूर्व आईजीपी बसंत रथ जम्मू-कश्मीर, लद्दाख के सिविल सेवा उम्मीदवारों को मुफ्त कोचिंग दे रहे हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

ईरान जंग- 9 एशियाई देशों में तेल संकट:बांग्लादेश में यूनिवर्सिटीज बंद, थाइलैंड में लिफ्ट इस्तेमाल पर रोक; पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी-विदेश यात्रा रोकी

ईरान जंग- 9 एशियाई देशों में तेल संकट:बांग्लादेश में यूनिवर्सिटीज बंद, थाइलैंड में लिफ्ट इस्तेमाल पर रोक; पाकिस्तान में मंत्रियों की सैलरी-विदेश यात्रा रोकी

अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच 11 दिनों से जारी जंग का असर अब एशिया के कई देशों में दिखाई देने लगा है। भारत, पाकिस्तान और बांग्लादेश समेत 9 एशियाई देशों ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए आपात कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। पाकिस्तान ने दो हफ्ते के लिए स्कूल बंद करने का फैसला किया है और दफ्तरों में कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने के निर्देश दिए गए हैं। बांग्लादेश ने सभी यूनिवर्सिटी बंद करने का आदेश दिया है और ईद की छुट्टियां पहले कर दी हैं। दक्षिण कोरिया, जापान और इंडोनेशिया जैसे देश भी पेट्रोल-डीजल की कीमतों को स्थिर रखने के लिए सब्सिडी देने जैसे कदम उठा रहे हैं। चीन ने भी ईंधन के निर्यात पर फिलहाल रोक लगा दी है। जंग की वजह से होर्मुज स्ट्रेट बंद है, इसके चलते तेल की सप्लाई ठप्प हो गई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का बहुत अहम समुद्री रास्ता है। हर साल दुनिया के करीब 20% तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। थाईलैंड- लिफ्ट के बजाय सीढ़ियों के इस्तेमाल का आदेश थाईलैंड में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए सरकारी कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम करने और दफ्तरों में लिफ्ट की जगह सीढ़ियों का इस्तेमाल करने के निर्देश दिए हैं। सरकार के प्रवक्ता के मुताबिक जिन अधिकारियों को सीधे जनता की सेवा देनी होती है, उन्हें इस नियम से छूट दी गई है। थाईलैंड के प्रधानमंत्री अनुतिन चार्नवीराकुल ने सरकारी कर्मचारियों को ऊर्जा बचाने के लिए जरूरी कदम लागू करने को कहा है। सरकार ने विदेश यात्राओं को अस्थायी रूप से रोक दिया है। ऊर्जा बचत के लिए एयर कंडीशनर का तापमान 26 से 27 डिग्री सेल्सियस के बीच रखने का निर्देश दिया गया है। अधिकारियों को सूट-टाई जैसे औपचारिक कपड़ों की जगह शॉर्ट स्लीव शर्ट पहनने की सलाह दी गई है। ऊर्जा मंत्री के अनुसार देश के पास फिलहाल करीब 95 दिन का ऊर्जा भंडार बचा है। सरकार अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका से अतिरिक्त LNG खरीदने की कोशिश कर रही है। सरकार ने चेतावनी दी है कि अगर संकट और गहरा हुआ तो दुकानों और व्यवसायिक प्रतिष्ठानों के विज्ञापन बोर्ड की रोशनी कम करने और पेट्रोल पंपों को रात 10 बजे तक बंद करने जैसे कड़े कदम भी उठाए जा सकते हैं। चीन- कच्चे तेल की खरीद बढ़ाई, फ्यूल एक्सपोर्ट रोका चीन ने संभावित ऊर्जा संकट को देखते हुए कच्चे तेल की खरीद बढ़ाकर अपने रणनीतिक भंडार मजबूत करना शुरू कर दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक चीन ने साल के शुरुआती महीनों में अतिरिक्त कच्चा तेल खरीदा है और इसे रणनीतिक तथा वाणिज्यिक भंडार में रखा जा रहा है। इसके साथ ही सरकार ने रिफाइनरियों को नए फ्यूल एक्सपोर्ट कॉन्ट्रैक्ट साइन न करने और कुछ तय शिपमेंट को रोकने के निर्देश दिए हैं। सरकार का मकसद घरेलू बाजार में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखना है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर मध्य-पूर्व में संघर्ष लंबा चला और वैश्विक सप्लाई और प्रभावित हुई, तो चीन अपने रणनीतिक तेल भंडार का उपयोग कर सकता है। पाकिस्तान- मंत्रियों की सैलरी और विदेश दौरों पर रोक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार को बढ़ती तेल कीमतों को देखते हुए खर्चों में कटौती योजना का ऐलान किया है। इसके तहत सरकारी दफ्तर हफ्ते में सिर्फ चार दिन खुलेंगे और आधे कर्मचारी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। इस हफ्ते के अंत से स्कूल दो हफ्तों के लिए बंद रहेंगे। पाकिस्तानी न्यूज चैनल जियो न्यूज के मुताबिक, मंत्रियों और सलाहकारों के विदेश दौरे रोक दिए गए हैं। मंत्री दो महीने तक वेतन नहीं लेंगे और सांसदों की सैलरी में 25% की कटौती होगी। वहीं, पाकिस्तान में अब दो महीने तक सरकारी गाड़ियों को 50% कम ईंधन मिलेगा। 60% सरकारी वाहन नहीं चलेंगे। सभी सरकारी विभाग अपने खर्च में 20% कटौती करेंगे। शरीफ ने कहा कि अमेरिका-इजराइल-ईरान संघर्ष की वजह से कच्चे तेल की कीमत 60 डॉलर से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा हो गई है। इस वजह से यह निर्णय लिए गए हैं। बांग्लादेश- सभी यूनिवर्सिटीज को बंद किया बांग्लादेश ने बिजली और ईंधन की खपत कम करने के लिए सोमवार से सभी यूनिवर्सिटीज बंद करने का आदेश दिया है और ईद-उल-फितर की छुट्टियां पहले घोषित कर दी हैं। ऊर्जा मंत्रालय के मुताबिक हाल के दिनों में ईंधन की कमी की आशंका के चलते लोगों में घबराहट बढ़ी और कई जगहों पर जमाखोरी शुरू हो गई थी। इसके बाद सरकार ने दैनिक फ्यूल बिक्री पर सीमा लगा दी। गैस की कमी का असर उद्योगों पर भी पड़ा है। देश की कई उर्वरक फैक्ट्रियों में गैस सप्लाई कम होने के कारण उत्पादन रोकना पड़ा है। सरकार का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और जरूरत पड़ने पर ऊर्जा बचत के लिए और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। वियतनाम- कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह वियतनाम में सरकार ने ऊर्जा बचाने के लिए कंपनियों से कर्मचारियों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने की अपील की है। वियतनाम के उद्योग और व्यापार मंत्रालय के मुताबिक इससे दफ्तर आने-जाने में होने वाली ईंधन खपत कम होगी और ऊर्जा बचत में मदद मिलेगी। इसके साथ ही सरकार ने घरेलू बाजार में ईंधन की उपलब्धता बनाए रखने के लिए कुछ फ्यूल आयात पर लगाए गए टैरिफ भी हटा दिए हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक ऊर्जा बाजार में बढ़ती अनिश्चितता के बीच ईंधन की सप्लाई बनाए रखना और खपत कम करना दोनों जरूरी हैं। इसी वजह से वियतनाम ऊर्जा बचत और ईंधन उपलब्धता बढ़ाने के लिए एक साथ कई कदम उठा रहा है। साउथ कोरिया- फ्यूल कीमतों पर कैप लगाने की तैयारी वैश्विक तेल सप्लाई पर दबाव बढ़ने के बाद साउथ कोरिया ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। सरकार घरेलू ईंधन कीमतों को नियंत्रित करने के लिए लगभग तीन दशक बाद पहली बार प्राइस कैप लगाने की तैयारी कर रही है। साउथ कोरिया के राष्ट्रपति ली जे-म्युंग ने कहा है कि यह कदम तेल कीमतों में तेजी को रोकने और आम उपभोक्ताओं को राहत देने के लिए उठाया जा रहा है। सरकार ने यह भी कहा है कि वह ऐसे वैकल्पिक ऊर्जा स्रोत तलाश रही

पवई में होली मनाने घर आए दो स्थाई वारंटी गिरफ्तार:चोरी-मारपीट के मामलों में 7 साल से फरार थे; स्पेशल आपरेशन में पकड़ाए

पवई में होली मनाने घर आए दो स्थाई वारंटी गिरफ्तार:चोरी-मारपीट के मामलों में 7 साल से फरार थे; स्पेशल आपरेशन में पकड़ाए

पन्ना जिले की पवई थाना पुलिस ने मंगलवार को होली का त्योहार मनाने अपने गांव आए दो स्थाई वारंटियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी पिछले सात-आठ वर्षों से पुलिस को चकमा दे रहे थे। दोनों को कोर्ट के आदेश पर पवई उप जेल भेज दिया गया है। लंबे समय से फरार थे पुलिस को सूचना मिली थी कि लंबे समय से फरार चल रहे वारंटी होली का त्योहार मनाने के लिए अपने गांव आए हुए हैं। थाना प्रभारी सुशील कुमार अहिरवार के नेतृत्व में गठित टीम ने तत्काल घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को उनके निवास स्थल से हिरासत में लिया। चोरी और मारपीट के मामलों में थे वांछित गिरफ्तार आरोपियों में पटना खम्परिया निवासी पंकज खम्परिया शामिल है, जिस पर वर्ष 2018 से चोरी और घर में घुसने (धारा 457, 380 भादवि) का मामला लंबित था। दूसरा आरोपी ग्राम महेड़ा निवासी दयाराम चौधरी है, जो वर्ष 2019 से मारपीट और गाली-गलौज (धारा 294, 323, 506 भादवि) के मामले में फरार चल रहा था। न्यायिक मजिस्ट्रेट के आदेश पर हुई जेल रवानगी पुलिस ने दोनों स्थाई वारंटियों को न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी पवई के समक्ष पेश किया। न्यायालय ने दोनों की फरारी और अपराध की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जेल भेजने के आदेश जारी किए। इस कार्रवाई में पवई पुलिस टीम के एएसआई विजय गर्ग और अन्य आरक्षकों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

CBSE 12th Exam Paper QR Code Mistake

CBSE 12th Exam Paper QR Code Mistake

नई दिल्ली8 मिनट पहले कॉपी लिंक सीबीएसई की 12वीं की परीक्षा में एग्जाम पेपर का मामला चर्चा में है। पेपर पर छपे क्यूआर कोड को स्कैन करने पर यू-ट्यूब की लिंक ओपन हो ही है, जो इंग्लिश सॉन्ग की है। इससे जुड़े कई वीडियो और स्क्रीनशॉट भी वायरल हैं। इनमें जब क्यूआर कोड को स्कैन किया जा रहा तो यू-ट्यूब के गाने की लिंक ओपन हो रही है। कई छात्रों के मुताबिक 9 मार्च के मैथ्स का एग्जाम हुआ। इस पर सिक्योरिटी कोड छपा हुआ आया। जब उसे स्कैन किया गया तो यू-ट्यूब लिंक ओपन हुई और करीब 40 साल पुराना इंग्लिश गाना ‘रिकरोल’ प्ले होने लगा। मामले पर सीबीएसई ने सफाई में कहा- क्यूआर स्कैन करने पर यू-ट्यूब लिंक ओपन हो रही है। एग्जाम पेपर भी असली हैं। इस मामले में एग्जाम पेपर की सुरक्षा से समझौता नहीं हुआ है। एग्जाम पेपर की वायरल तस्वीर… 9 मार्च को मैंथ्स का क्वेशन पेपर, जिसे स्कैन करने से गाने का लिंक खुल रहा हैं। 1987 का गाना ‘नेवर गोना गिव यू अप’, इंटरनेट पर “रिकरोल” कहा जाता है। सीबीएसई ने प्रेस रिलीज जारी कर गलती स्वीकार की। कहा – क्वेशन पेपर ऑथेंटिसिटी, मामले की जांच की जाएगी। वायरल फोटों की वजह से एग्जाम पेपर पर सवाल उठे दरअसल, एग्जाम के बाद ही सोशल मीडिया पर दावे के स्क्रीनशॉट्स तेजी से वायरल होने लगे थे। कुछ छात्रों का कहना था कि उनके स्कैन करने पर सच में यूट्युब पर गाने कि लिंक खुल रही थीं। वहीं कुछ छात्र के स्कैन करने पर सिर्फ ‘ए’ और ‘क्यू’ जैसे साधारण लैटर साइन ही खुल रहे थे। इस वजह से कंफ्युजन होने लगा कि वायरल स्क्रीनशॉट किसी सीमित मामले तक है, तकनीकी गलती है या ऑनलाइन वायरल कोई फैक खबर है। साथ ही बच्चों और उनके माता पिता ने क्वेशन पेपर कि ऑथेंटिसिटी पर भी सवाल उठाए। क्या है सिक्योरिटी क्यूआर कोर्ड यह किसी डॉक्युमेंट या क्वेशन पेपर की पहचान और ऑथेंटिसिटी के लिए लगाया जाता है। इसे स्कैन करने पर आमतौर पर पेपर का सेट नंबर, सीरियल नंबर या एन्क्रिप्टेड जानकारी रखता है। इससे पता चलता है कि डॉक्युमेंट असली है या नहीं। उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई। मामले को लेकर बोर्ड ने जांच का वादा किया घटना के बाद सीबीएसई ने कहा कि क्यूआर कोड को लेकर छात्रों और अभिभावकों की चिंताओं को गंभीरता से लिया गया है। बोर्ड ने साफ किया कि क्वेशन पेपर की ऑथेंटिसिटी सुरक्षित है और आगे की परीक्षाओं में ऐसी स्थिति दोबारा न हो, इसके लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। —————————————————- ये खबर भी पढ़ें… NCERT ने ज्यूडीशियरी करप्शन चैप्टर पर बिना शर्त माफी मांगी:कहा- अब किताब उपलब्ध नहीं; SC बोला था- न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने किताब के ‘ज्यूडीशियरी करप्शन’ चैप्टर को लेकर बिना शर्त माफी मांगी है। इस चैप्टर को लेकर विवाद हुआ था। इसके बाद किताब की बिक्री पर रोक लगा दी गई थी। मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंचा था। CJI सूर्यकांत ने कहा था कि न्यायपालिका को बदनाम करने की इजाजत नहीं दे सकते। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Team India T20 World Cup Win Welcome Celebration Photos; Suryakumar Yadav Olympic Target

Team India T20 World Cup Win Welcome Celebration Photos; Suryakumar Yadav Olympic Target

स्पोर्ट्स डेस्क10 मिनट पहले कॉपी लिंक टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय प्लेयर्स अपने-अपने घर पहुंच रहे हैं। जहां सभी का जोरदार स्वागत किया जा रहा है। मुंबई में कप्तान सूर्यकुमार यादव, पटना में ईशान किशन और दिल्ली में हेड कोच गौतम गंभीर का ढोल-नगाड़ों के साथ जोरदार स्वागत हुआ। मुंबई में कप्तान सूर्यकुमार यादव ने कहा- ‘हमारा अगला गोल है – 2028 में भारत के लिए ओलिंपिक गोल्ड जीतना। उसी साल T20 वर्ल्ड कप भी होगा, इसलिए हम T20 हैट्रिक बनाने की पूरी कोशिश करेंगे।’ इस स्टोरी में क्रिकेटर्स के स्वागत के फोटो देखिए… घर पहुंचने पर मां ने सूर्यकुमार यादव का मुंह मीठा कराया। आरती भी उतारी। पटना एयरपोर्ट से बाहर निकलते ईशान किशन। संजू सैमसन अपने शहर तिरुवनंतपुरम पहुंचे। रिंकू सिंह अपनी मंगेतर प्रिया सरोज के साथ घर लौटे। हेड कोच गौतम गंभीर इंडिया को ट्रॉफी जिताने के बाद दिल्ली एयरपोर्ट पहुंचे। घर में भतीजे के साथ क्रिकेट खेलते ईशान। भारत ने दो दिन पहले जीता था वर्ल्डकप 2 दिन पहले भारत ने रविवार को टी-20 वर्ल्ड चैंपियन का खिताब अपने नाम किया था। अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए फाइनल मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया और ट्रॉफी जीती थी। इसके साथ ही टीम इंडिया ने अपना खिताब बरकरार रखा और टी-20 वर्ल्ड कप के इतिहास में लगातार दो बार ट्रॉफी जीतने वाली पहली टीम बन गई। भारतीय टीम ने रविवार को अहमदाबाद में खेले गए टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराया था। ———————————————————- टी-20 वर्ल्ड कप से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… BCCI टीम इंडिया को ₹131 करोड़ देगा, यह पैसा खिलाड़ियों और सपोर्ट स्टाफ मे बंटेगा भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतने पर टीम इंडिया के लिए 131 करोड़ रुपए के इनाम का ऐलान किया है। यह पैसा खिलाड़ियो और सपोर्ट स्टाफ में बंटेगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

एक्टर रणदीप हुड्‌डा पिता बने:पत्नी लिन ने बेटी को जन्म दिया, बोले- दादा अर पोती नै जन्मदिन की घणिए बधाई

एक्टर रणदीप हुड्‌डा पिता बने:पत्नी लिन ने बेटी को जन्म दिया, बोले- दादा अर पोती नै जन्मदिन की घणिए बधाई

हरियाणा के रहने वाले बॉलीवुड एक्टर रणदीप हुड्डा पिता बन गए हैं। उनकी पत्नी लिन लैशराम ने बेटी को जन्म दिया। रणदीप हुड्डा ने मंगलवार को इंस्टाग्राम पोस्ट कर इसकी जानकारी दी। रणदीप ने अपने पिता और बेटी की फोटो शेयर करते हुए हरियाणवी में लिखा, “दादा अर पोती नै जन्मदिन की घणिए बधाई।” इसके बाद रणदीप ने इंग्लिश में लिखा, “आज, जब मैं पिता बना हूं, तो आपके लिए मेरा सम्मान और भी गहरा हो गया है, पापा। और सबसे महत्वपूर्ण बात- लिन, मुझे पिता बनाने और हमारी छोटी बच्ची को इस दुनिया में लाने के लिए धन्यवाद। एक छोटी लड़की और जीवन भर का प्यार।” रणदीप हुड्डा और लिन लैशराम ने 29 नवंबर 2023 को मणिपुर के इंफाल में पारंपरिक मैतेई रीति-रिवाज से शादी की थी। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…

कांग्रेस कार्यालय के लिए प्रमुख भूमि, सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए नहीं? कर्नाटक के दावणगेरे में 338 पूर्व सैनिक इंतजार कर रहे हैं | भारत समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-510 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 10, 2026, 16:57 IST हालांकि, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि मौजूदा लंबित मामले पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान निष्क्रियता के कारण थे। कर्नाटक सरकार की नीति के तहत, सेवानिवृत्त सशस्त्र बल कर्मी राष्ट्र के प्रति अपनी सेवा की मान्यता में कल्याणकारी उपाय के रूप में मुफ्त भूमि आवंटन के पात्र हैं। फ़ाइल चित्र/पीटीआई सीएनएन-न्यूज18 को मिले दस्तावेजों से पता चला है कि दावणगेरे जिले में सैकड़ों सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और सैनिकों की विधवाएं करीब तीन साल से सरकारी जमीन का इंतजार कर रही हैं, जिसके बाद कर्नाटक सरकार की भूमि आवंटन प्राथमिकताओं पर सवाल उठ रहे हैं। सीएनएन-न्यूज18 द्वारा प्राप्त आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, अकेले दावणगेरे में 338 सेवानिवृत्त सैन्यकर्मी और सैनिकों की विधवाएं सरकारी स्थलों के आवंटन का इंतजार कर रही हैं, जबकि इस उद्देश्य के लिए पहले से ही भूमि आरक्षित है। कर्नाटक सरकार की नीति के तहत, सेवानिवृत्त सशस्त्र बल कर्मी राष्ट्र के प्रति अपनी सेवा की मान्यता में कल्याणकारी उपाय के रूप में मुफ्त भूमि आवंटन के पात्र हैं। हालांकि, राजस्व विभाग के सूत्रों का कहना है कि पिछले तीन वर्षों में जिले में लाभार्थियों को एक भी साइट आवंटित नहीं की गई है, जबकि योजना के लिए लगभग 12 एकड़ जमीन पहले ही निर्धारित की जा चुकी है। अधिकारियों का कहना है कि लाभार्थियों के आवेदन वर्तमान में एक जिला-स्तरीय समिति द्वारा समीक्षाधीन हैं, जो आवंटन की जांच और अनुमोदन के लिए जिम्मेदार है। इस मुद्दे ने अब राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है, विपक्षी भाजपा ने कांग्रेस सरकार पर दोहरे मानदंडों का आरोप लगाया है। यह विवाद इस आलोचना के बीच भी आया है कि जहां राजनीतिक संगठन जल्दी से भूमि सुरक्षित करने में सक्षम हैं, वहीं पूर्व सैनिकों के लिए कल्याण आवंटन लंबित हैं। भाजपा विधायक एसआर विश्वनाथ ने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक उद्देश्यों के लिए भूमि आवंटन में तेजी लाते हुए सैनिकों के लिए आवंटन में देरी कर रही है। विश्वनाथ ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया, “यह शर्मनाक है कि वे सैनिकों से भी रिश्वत मांग रहे हैं। एक महीने के भीतर उन्होंने कांग्रेस भवन के लिए जमीन आवंटित कर दी, लेकिन देश के लिए लड़ने वाले सैनिकों के लिए वे देरी कर रहे हैं। जमीन मौजूद है और लाभार्थियों की सूची तैयार है। उन्हें बस आवंटित करना है।” भाजपा ने कांग्रेस पर पाखंड का भी आरोप लगाया है, दावा किया है कि पार्टी ने राज्य में सेवानिवृत्त भारतीय सैनिकों के कल्याण की कथित रूप से उपेक्षा करते हुए संयुक्त राज्य अमेरिका द्वारा ईरानी नौसैनिक अधिकारियों की हत्या पर चिंता व्यक्त की है। आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए, कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने सीएनएन-न्यूज18 को बताया कि मौजूदा लंबित मामले पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल के दौरान निष्क्रियता के कारण थे। मंत्री ने कहा, “भाजपा ने अपने कार्यकाल के दौरान सेवानिवृत्त सैन्य कर्मियों को एक भी साइट आवंटित नहीं की, यही वजह है कि इतना बैकलॉग है।” उन्होंने कहा कि सरकार ने पारदर्शिता और दक्षता में सुधार के लिए भूमि आवंटन प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है। गौड़ा ने कहा, “हमने प्रक्रिया को डिजिटल कर दिया है और हम इस साल के अंत तक लंबित मामलों का निपटारा कर देंगे।” हालांकि, दावणगेरे में सैकड़ों पूर्व सैनिकों और विधवाओं के लिए इंतजार जारी है क्योंकि उनके आवेदन जांच के दायरे में हैं, यहां तक ​​कि भूमि आवंटन में प्राथमिकताओं पर बहस भी तेज हो गई है। पहले प्रकाशित: मार्च 10, 2026, 16:57 IST न्यूज़ इंडिया कांग्रेस कार्यालय के लिए प्रमुख भूमि, सेवानिवृत्त सैनिकों के लिए नहीं? कर्नाटक के दावणगेरे में 338 पूर्व सैनिक इंतजार कर रहे हैं अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें

‘2015 के वादे का क्या हुआ’: सैनिकों को नई भूमि देने के मुद्दे पर भाजपा ने कर्नाटक सरकार पर निशाना साधा | राजनीति समाचार

Kerala Lottery Result Today: The first prize winner of Sthree Sakthi SS-510 will take home Rs 1 crore. (Image: Shutterstock)

आखरी अपडेट:मार्च 10, 2026, 16:51 IST राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा ने घोषणा की कि सरकार इलाकों का विकास करेगी और सेवानिवृत्त सैनिकों को जगह आवंटित करेगी कर्नाटक के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा। (छवि: पीटीआई) भाजपा ने सेवानिवृत्त सैनिकों को जगह आवंटित करने के राजस्व मंत्री कृष्णा बायरे गौड़ा के नवीनतम वादे को लेकर कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है। भाजपा ने सवाल किया कि घोषणा किस आधार पर की जा रही है, जब 2015 में किए गए इसी तरह के वादे अधूरे हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता एसआर विश्वनाथ ने सवाल किया कि, जब देश की रक्षा के लिए अपनी जान जोखिम में डालने वाले सैनिक वर्षों पहले उनसे वादा किए गए स्थलों का इंतजार करते रहते हैं, तो अब राजस्व मंत्री नए वादे करते हैं, जब अभी तक उन सैनिकों के लिए भूमि की ठीक से पहचान नहीं की गई है या उन्हें आवंटित नहीं किया गया है, जिनका पहले वादा किया गया था। विश्वनाथ ने कहा, “कल विधानसभा सत्र में, हरिहर विधायक ने पूर्व सैनिकों के लिए स्थलों का मुद्दा उठाया था। येलहंका निर्वाचन क्षेत्र के घट्टागनहल्ली में, सरकार ने 2015 में पूर्व सैनिकों के लिए भूमि की पहचान की थी और साइटों को आवंटित किया था।” उन्होंने कहा, “मैंने इस मुद्दे को लेकर दस से अधिक बैठकें की हैं। लेकिन अब तक, राजस्व विभाग ने न तो जमीन की ठीक से पहचान की है और न ही इसे सौंपा है।” राजस्व मंत्री कृष्णा बायर गौड़ा ने भाजपा विधायक बीपी हरीश द्वारा उठाए गए एक सवाल का जवाब देते हुए घोषणा की कि सरकार इस साल राज्य भर में इलाकों का विकास करेगी और सेवानिवृत्त सैनिकों को जगह आवंटित करेगी, जिसके बाद विधान सभा में विवाद खड़ा हो गया। “इस साल, राज्य भर में, सेवानिवृत्त सैनिकों के लंबित आवेदनों पर विचार किया जाएगा। सरकार इस साल इलाकों का विकास करेगी और सैनिकों को जगह आवंटित करेगी,” बायर गौड़ा ने सदन को बताया, उन्होंने कहा कि पहले सैनिकों द्वारा प्रस्तुत आवेदनों का कोई उचित रिकॉर्ड नहीं था, लेकिन डेटा अब डिजिटलीकरण के बाद उपलब्ध है। उन्होंने यह भी कहा कि दूसरे चरण में अधिग्रहित की जाने वाली भूमि की पहचान पहले ही की जा चुकी है और सरकार आवंटन प्रक्रिया के दौरान पात्रता की जांच करेगी। बायरे गौड़ा ने News18 को बताया कि उनका विभाग उचित मूल्यांकन के बाद भूमि आवंटित करेगा, नई डिजिटल प्रक्रिया के साथ यह जल्दी हो जाएगा. उन्होंने कहा, “हमारी योजना साल के अंत तक इन आवंटनों को पूरा करने की है। भाजपा ने कुछ नहीं किया है और अनावश्यक रूप से राजनीतिकरण कर रही है। उन्होंने अपने कार्यकाल के दौरान जमीन का एक भी भूखंड आवंटित नहीं किया।” भाजपा नेता ने राजस्व अधिकारियों पर कथित तौर पर निजी पार्टियों का पक्ष लेते हुए प्रक्रिया में देरी करने का आरोप लगाया। विश्वनाथ ने कहा, “अगर यह निजी पार्टियों के लिए है, तो अधिकारी तुरंत दरवाजे खटखटाते हैं और जमीन सौंप देते हैं। लेकिन राजस्व अधिकारियों और तहसीलदारों ने सेवानिवृत्त सैनिकों को भारी कठिनाइयों में डाल दिया है।” उन्होंने आरोप लगाया, ”इस सरकार में राजस्व विभाग के अधिकारी राजस्व मंत्री की बात भी नहीं सुनते हैं। पूर्व सैनिकों ने हमें बताया है कि अधिकारी उनसे पैसे भी मांगते हैं।” उन्होंने दावा किया कि सरकारी जमीन को बांटकर निजी पार्टियों को बेच दिया गया है। प्रशासन पर निशाना साधते हुए विश्वनाथ ने बेंगलुरु में चल रहे ड्रोन सर्वे का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा, “ड्रोन सर्वेक्षण करने वालों को पैसा पहले ही दिया जा चुका है।” बेंगलुरु में राजस्व विभाग के लिए ड्रोन सर्वेक्षण की देखरेख कर रहे प्रधान सचिव मुनीश मौदगिल पर हमला करते हुए विश्वनाथ ने कहा कि लोगों का मानना ​​है कि ऐसे “बुद्धिमान” अधिकारियों को सीमा पर भेजा जाना चाहिए। भाजपा विधायक बीपी हरीश, जिन्होंने सदन में यह मुद्दा उठाया था, ने कहा कि सेवानिवृत्त सैनिकों को उनके आवेदनों की बुनियादी प्रक्रिया में भी देरी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने बताया कि दावणगेरे जिले में सेवानिवृत्त सैनिकों को भूमि या स्थलों के आवंटन के संबंध में उनके सवाल के जवाब में, सरकार ने कहा था कि अब तक 328 आवेदन प्राप्त हुए हैं, लेकिन किसी को भी स्वीकार या अस्वीकार नहीं किया गया है। हरीश ने कहा, “पिछले तीन वर्षों से पूर्व सैनिकों के आवेदनों पर विचार नहीं किया गया है। उन्हें न तो स्वीकार किया गया है और न ही अस्वीकार किया गया है। यह दर्दनाक है क्योंकि यह हमारे देश की रक्षा करने वाले सैनिकों से संबंधित है। राजस्व विभाग के अधिकारी उनके आवेदनों का जवाब नहीं दे रहे हैं।” उन्होंने कहा कि सरकार को सेवानिवृत्त सैनिकों को चार से पांच एकड़ जमीन आवंटित करनी है, लेकिन यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ी है। उन्होंने कहा, “वे जगह मांग रहे हैं, लेकिन अधिकारी पहाड़ी और वन क्षेत्रों में जमीन की पहचान कर रहे हैं। क्या सैनिक इसके लायक हैं? जब एक सैनिक शहीद होता है, तो पूरे क्षेत्र के लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए इकट्ठा होते हैं। उनकी जरूरतों का भी उसी सम्मान के साथ ध्यान रखा जाना चाहिए।” हरीश ने कहा कि यह मुद्दा दावणगेरे तक ही सीमित नहीं है बल्कि पूरे राज्य में सेवानिवृत्त सैनिकों को प्रभावित करता है। उन्होंने कहा, “यदि सेवानिवृत्त, घायल या शहीद सैनिकों को भूमि आवंटित की जानी है, तो सरकार को उपयुक्त भूमि खरीदनी चाहिए और उन्हें आवंटित करनी चाहिए। इसके बजाय, अधिकारी पहाड़ी क्षेत्रों में भूमि चिह्नित कर रहे हैं, जो बहुत दर्दनाक और अन्यायपूर्ण है।” उन्होंने यह भी तर्क दिया कि सैनिकों को दूरदराज के स्थानों के बजाय जिला और तालुक केंद्रों में जगह आवंटित की जानी चाहिए। उन्होंने कहा, “उन्हें सरकारी कार्यालयों का दौरा करने के लिए मजबूर किया जाता है और यहां तक ​​कि मदद मांगने के लिए मेरे घर भी आते हैं। यह देखना दर्दनाक है।” उन्होंने कहा कि पहचान की गई कुछ भूमि पहाड़ी क्षेत्रों में स्थित हैं जहां जंगली जानवर घूमते हैं। “चिह्नित भूमि पहाड़ियों पर है और सैनिकों को उन स्थानों पर जगह दी जा रही है जहां तेंदुए और भालू घूमते हैं। क्या यह गलत नहीं है?” उसने पूछा. चिंताओं पर प्रतिक्रिया देते हुए, मंत्री कृष्णा