Assam Transfers ₹9000 to 40 Lakh Women

गुवाहाटी10 मिनट पहले कॉपी लिंक असम मुख्यमंत्री ने एक कार्यक्रम के बाद मीडिया से बात की। असम में राज्य सरकार की ओरुनोडोई(अरुणोदय) स्कीम के तहत मंगलवार को 40 लाख महिलाओं के खाते में 9 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए हैं। इस स्कीन को 2020 में शुरू किया गया था। इसके तहत हर परिवार की एक योग्य महिला को हर महीने 1,250 रुपये मिलते हैं। असम सीएम ने इससे पहले घोषणा की थी कि इस साल जनवरी से चार महीने का पेमेंट, बोहाग बिहू के जश्न के लिए एक्स्ट्रा रकम के साथ मार्च में एक साथ दिया जाएगा। , जिससे कुल रकम 9,000 रुपये हो जाएगी। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा ने सोशल मीडिया X पर एक पोस्ट में कहा कि यह कोई चुनावी फ्रीबी नहीं है, बल्कि महिला लाभार्थियों के प्रति सरकार के दयालु रवैये को दिखाता है। हिमंता बोले- ये चुनावी फ्रीबी नहीं है असम मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सराम ने अपने पोस्ट में कहा कि 40 लाख महिलाओं के बैंक अकाउंट में सीधे 3,600 करोड़ रुपए भेजे गए हैं। उन्होंने आगे कहा कि यह कोई चुनावी फ्रीबी नहीं है। सरमा ने कहा कि हर महीने 10 तारीख को, लगभग 40 लाख महिलाओं के नेतृत्व वाले परिवारों को अपने बेसिक खर्चों के लिए 1,250 रुपये मिलते हैं। सीएम ने और क्या कहा… ओरुनोदोई योजना के अच्छे नतीजे जमीन पर दिखाई दे रहे हैं। इस योजना से लाखों लोगों को गरीबी से बाहर निकलने में मदद मिली है। इस योजना का चुनाव से कोई संबंध नहीं है। यह योजना सीमित और नियंत्रित है, इसलिए सभी लोगों को इसका लाभ नहीं मिलता। अगर यह चुनावी योजना होती, तो इसका लाभ सभी लोगों को दिया जाता। यह योजना महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सम्मान को मजबूत करने के लिए है। क्या है अरनोडोई स्कीम? असम सरकार ने 2 अक्टूबर 2020 को अरनोडोई योजना शुरू की थी। यह राज्य की एक प्रमुख गरीबी उन्मूलन योजना है। इसके तहत गरीब परिवारों की महिला मुखिया के बैंक खाते में हर महीने 1,250 रुपए सीधे ट्रांसफर किए जाते हैं। इसका उद्देश्य गरीब परिवारों को वित्तीय सहायता प्रदान करना, विशेषकर दवाएं, दालें और चीनी जैसी बुनियादी जरूरतों को पूरा करना है। इसमें मुख्य रूप से जरूरतमंद महिलाएं, विधवाएं, तलाकशुदा, विकलांग, या अविवाहित महिलाएं (45 वर्ष से अधिक) को फायदा मिलता है। असम सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत ओरुनोडोई लाभार्थियों को एलपीजी सिलेंडर पर अतिरिक्त सब्सिडी भी प्रदान की जाती है। ———– ये खबर भी पढ़ें… असम में क्या महिलाएं खोलेंगी BJP की जीत का रास्ता:स्कीम से मुस्लिम भी खुश, बोलीं- हिमंता भले हमें पसंद न करें, हम वोट देंगे असम के कामरूप जिले में एक महिला साइकिल पर बेटी को लेकर जा रही थी। हमने पूछा- सरकारी योजनाओं के पैसे मिले क्या? जवाब मिला- ‘हां, मिले हैं।’ हमने पूछा, अबकी बार किसकी सरकार? वे मुस्कुराकर बोलीं- ‘BJP की…BJP जिंदाबाद, हिमंता जिंदाबाद’। असम में करीब दो महीने बाद चुनाव होने हैं। इससे पहले दैनिक भास्कर की टीम ग्राउंड पर पहुंची। यहां सड़कें चुनावी होर्डिंग और बैनरों से पटी मिलीं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
नीमच में लैब टेक्नीशियन ने लगाई फांसी, मौत:3 महीने से पत्नी के घर नहीं आने के कारण डिप्रेशन में था

नीमच शहर के अल्कोलाइड कॉलोनी में मंगलवार को एक 32 साल के युवक रोहित मेघवाल ने अपने घर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। परिजनों ने उसे फंदे से उतारकर तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। केंट थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, रोहित के पिता अल्कोलाइड फैक्ट्री में लैब टेक्नीशियन हैं। बताया जा रहा है कि रोहित की पत्नी नर्स है और वह पिछले तीन महीने से अपनी ड्यूटी पर थी और नीमच नहीं आई थी। इसी बात को लेकर रोहित काफी समय से तनाव (डिप्रेशन) में चल रहा था। पुलिस कर रही है जांच केंट थाना प्रभारी निलेश अवस्थी ने बताया कि फिलहाल खुदकुशी की असली वजह साफ नहीं हो पाई है, लेकिन प्रारंभिक तौर पर पत्नी के घर न आने से डिप्रेशन की बात सामने आई है। पुलिस ने बुधवार को शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजन को सौंप दिया है। अब परिवार और आसपास के लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके।
गर्मी में अंगूर पेट में लगा देगा आग! एक्सपर्ट से जानें खाने का सही तरीका, वरना अस्पताल जाना पड़ेगा

Last Updated:March 10, 2026, 18:21 IST Summer Health Tips: गर्मी में प्यास बुझाने, फिट रहने के लिए हम रसीले फलों का जमकर सेवन करते हैं. इसमें सबसे पहले शुरुआत अंगूर से होती है. लेकिन, अंगूर कई बार एसिडिटी का कारण बन सकता है. कई बीमारियों के प्रभाव को बढ़ा सकता है. सिर्फ अंगूर ही नहीं, कुछ और फल भी हैं, जिनको खाने से पहले सोचना चाहिए. जानें क्यों.. Summer Health Tips: गर्मी का मौसम शुरू होते ही बाजार में मौसमी फलों की भरमार दिखने लगती है. इस समय अंगूर, तरबूज, संतरे जैसे फल खूब बिक रहे हैं. आम भी जल्द ही आने वाला है. लोग भी इन फलों का सेवन शुरू कर चुके हैं. खासकर अंगूर को लोग स्वाद और सेहत दोनों के लिए अच्छा मानते हैं. हालांकि, हेल्थ एक्सपर्ट का कहना है कि किसी भी फल को खाने का सही समय बहुत मायने रखता है. अगर फल सही समय पर खाए जाएं तो शरीर को फायदा मिलता है, लेकिन गलत समय पर खाने से नुकसान भी हो सकता है. कई लोग सुबह उठते ही खाली पेट या रात को सोते समय फल खा लेते हैं, जो सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है. खरगोन के आयुर्वेद विशेषज्ञ (एमडी) डॉ. संतोष मौर्य बताते हैं कि अंगूर सेहत के लिए फायदेमंद फल माना जाता है. यह शरीर को ठंडक देता है और कई तरह की बीमारियों में मददगार भी होता है. गर्मी में अंगूर खाने से शरीर में पानी की कमी भी नहीं होती. लेकिन, अगर इसका सेवन गलत समय पर किया जाए तो परेशानी भी हो सकती है. चूंकि, सुबह खाली पेट अंगूर खाना सही नहीं माना जाता. इससे पेट में भारीपन, सर्दी, जुकाम या खांसी जैसी समस्या भी हो सकती है, इसलिए इसका सेवन सही समय पर ही करना चाहिए. शुगर पेशेंट को खाना चाहिए अंगूर? डॉ. मौर्य का कहना है कि शुगर के मरीजों को अंगूर खाते समय खास सावधानी रखना चाहिए. अंगूर में प्राकृतिक शुगर की मात्रा ज्यादा होती है. अगर इसे ज्यादा मात्रा में खाया जाए तो ब्लड शुगर लेवल बढ़ सकता है. ऐसे मरीजों को अंगूर सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. साथ ही सुबह खाली पेट या रात के समय अंगूर खाने से भी बचना चाहिए. इससे शरीर पर गलत असर पड़ सकता है. अंगूर खाने का सही समय क्या है?डॉक्टर के मुताबिक, अंगूर खाने का सबसे अच्छा समय दोपहर या खाना खाने के बाद माना जाता है. इस समय शरीर का पाचन तंत्र बेहतर तरीके से काम करता है. ऐसे में अंगूर खाने से शरीर को सही तरीके से पोषण मिलता है. गर्मी के दिनों में अंगूर शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है. इसमें पानी की मात्रा ज्यादा होती है, जिससे डिहाइड्रेशन का खतरा भी कम होता है, इसलिए सही समय पर इसका सेवन करना शरीर के लिए फायदेमंद माना जाता है. इन फलों को भी खाली पेट खाने से बचेंहेल्थ एक्सपर्ट डॉ. संतोष मौर्य यह भी बताते हैं कि अंगूर के अलावा कुछ और फल भी हैं, जिन्हें सुबह खाली पेट नहीं खाना चाहिए. इनमें तरबूज, केला, आम, संतरा और अनानास शामिल हैं. इन फलों को खाली पेट खाने से पेट से जुड़ी दिक्कतें बढ़ सकती हैं. क्योंकि, खाली पेट इन फलों का सेवन करने से पेट में जलन, एसिडिटी, मुंह में छाले, चेहरे पर पिंपल और पाचन से जुड़ी समस्या हो सकती है. कुछ मामलों में शरीर का शुगर लेवल भी बढ़ सकता है और मैग्नीशियम का संतुलन भी बिगड़ सकता है, इसलिए फलों को सही समय और सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Khargone,Madhya Pradesh First Published : March 10, 2026, 18:21 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
सुप्रीम कोर्ट में लुधियाना के याचिकाकर्ता को फटकार:CJI ने कहा- जाओ लुधियाना 2-3 और स्वेटर बेचो, याचिका लिखने वाले नुकसान कर देंगे

सुप्रीम कोर्ट में मंगलवार को एक नाटकीय घटनाक्रम हुआ। इस घटनाक्रम के केंद्र में लुधियाना का एक होजरी कारोबारी रहा। लुधियाना के कारोबारी ने भारी भरकम कानूनी शब्दों वाली एक जनहित याचिका दायर की। याचिका पीएम केयर्स फंड के बारे में लगाई गई थी। सीजेआई व दो अन्य जजों की पीठ को याचिका पर शक हुआ तो सीजेआई ने कह दिया कि याचिकाकर्ता इसमें किसी और का मुखौटा बनकर काम कर रहा है। सीजेआई ने याचिकाकर्ता को फटकार लगाई और उन्हें पास लुधियाना जाकर स्वेटर बेचने को कहा। पीएम केयर्स फड से संबंधित केस की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्य कांत, न्यायमूर्ति जोयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ कर रही थी। याचिका में कुछ ऐसे शब्द लिखे थे जिसका मतलब याचिकाकर्ता रजनीश सिद्धू खुद नहीं जानते थे। याचिका देख सीजेआई ने पूछी क्वालिफिकेशन सीजेआई ने जब याचिकाकर्ता की याचिका पढ़ी तो तुरंत उससे उसकी क्वालिफिकेशन पूछ ली। जिस पर उसने कहा कि वह 12 वीं पास है और होजरी का कारोबार करता है। जब CJI ने उनके इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) के बारे में पूछा, तो उन्होंने बताया कि पिछले साल उन्होंने लगभग 5.25 लाख रुपए टैक्स भरा था। याचिकाकर्ता ने जब कहा कि उसने पहले कभी किसी हाईकोर्ट में कोई याचिका दायर नहीं की है और यह उनका सीधे सुप्रीम कोर्ट में पहला मामला है। जिस पर सीजेआई ने कहा कि बड़ा बहादुरी का काम किया, सीधा लुधियाना से चलके आ गए। याचिका के मसौदे पर संदेह और ‘परीक्षा’ की चुनौती याचिका के मसौदे पर सीजेआई को शक हुआ तो उन्होंने याचिकाकर्ता को कहा कि मैं आपका एग्जाम करवाऊंगा, अगर आपके उसमें 30 प्रतिशत अंक भी आ गए तो मैं मान लूंगा कि पिटीशन आपने बनाई है। सीजेआई ने पूछा इमानदारी से बताएं याचिका किसने तैयार की CJI ने याचिकाकर्ता को इमानदारी से बताने को कहा कि याचिका किसने तैयार की है, अन्यथा उनके ITR विवरण साथ जोड़ने होंगे। याचिकाकर्ता अपने स्टैंड पर अड़े रहे और कहा, “सर, आप मेरा फोन चेक कर सकते हैं।” याचिकाकर्ता ने बताया कि शुरू में उन्होंने सितंबर में ‘मिस्टर दास’ नाम के एक टाइपिस्ट से इसका मसौदा तैयार करवाया था। विजिलेंस की जांच की धमकी दी तो बदला बयान जब कोर्ट ने पंजाब विजिलेंस ब्यूरो से जांच कराने की चेतावनी दी, तो याचिकाकर्ता ने जवाब दिया कि उन्होंने किसी वकील से सलाह नहीं ली है। उसने कहा कि मुझे किसी वकील पर भरोसा नहीं है, हालांकि मेरे कुछ अच्छे दोस्त वकील हैं। “फिडुशरी रिस्क” का अर्थ नहीं बता पाए याचिकाकर्ता CJI ने याचिका में इस्तेमाल किए गए शब्दों फिडुशरी रिस्क ऑफ कारपोरेट डोनर्स का अर्थ पूछा तो याचिकाकर्ता इसका उत्तर नहीं दे सके। जब उन्होंने अन्य दलीलें देना शुरू किया, तो CJI ने बीच में टोकते हुए कहा कि सिद्धू साहब, यह तो आपने कागज पर लिख रखा है, किसी वकील ने आपको लिख कर दिया है। अंतिम चेतावनी पर, याचिकाकर्ता ने स्वीकार किया कि उन्होंने 3-4 एआई टूल की मदद से खुद ही याचिका तैयार की है, क्योंकि उनके पास वकील करने के पैसे नहीं थे। उन्होंने बताया कि जो टाइपिस्ट है, उनको 4 जैकेट गिफ्ट करी थी, बहुत अच्छे हैं वह, 1 घंटे का 1000 मांग रहे थे। कोर्ट का फैसला और चेतावनी पीठ ने याचिका को खारिज करते हुए याचिकाकर्ता को भविष्य में ऐसी तुच्छ याचिकाएं दायर न करने की चेतावनी दी। अदालत ने अपने आदेश में कहा “याचिकाकर्ता ने बिना किसी जिम्मेदारी के यह याचिका दायर की है और अस्पष्ट, बेबुनियाद और अपमानजनक आरोप लगाए हैं। पूछताछ में हमने पाया कि याचिकाकर्ता लुधियाना के एक स्कूल से 10+2 पास एक छोटा व्यापारी है। याचिका की भाषा, शब्दावली और ‘संवैधानिक सिद्धांत’ याचिकाकर्ता की अपनी सोच के नहीं हो सकते।” याचिका खारिज करते हुए CJI ने अंत में कहा “जाओ लुधियाना में 2-3 और स्वेटर बेचो। जिन लोगों का काम ऐसी याचिकाएं फाइल करवाना है, वे आप पर जुर्माना (costs) लगवाकर आपका और नुकसान करवा देंगे।” सीजेआई और याचिकाकर्ता के बीच हुई बातचीत, पढ़िए… मुख्य न्यायाधीश : क्या आपने याचिका का मसौदा तैयार किया है? याचिकाकर्ता: जी, मैंने खुद तैयार किया है। मैं अपना फोन यहां जमा करा सकता हूं। मुख्य न्यायाधीश: आपकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है? याचिकाकर्ता: 12वीं पास। मुख्य न्यायाधीश: किस स्कूल से? याचिकाकर्ता: सनातन धर्म स्कूल, लुधियाना। मुख्य न्यायाधीश: मैं यहीं अदालत में आपके लिए अंग्रेजी की परीक्षा आयोजित करवा दूंगा। अगर आप 30 अंक ले आते हैं, तब मैं इस पर विचार करूंगा। याचिकाकर्ता: जी हां, मैं दे सकता हूं। मुख्य न्यायाधीश: या तो आप सच बताइए, नहीं तो हम भारी जुर्माना लगाएंगे और जांच का आदेश देंगे। याचिकाकर्ता: आप मेरा फोन देख सकते हैं। मुख्य न्यायाधीश: आपने याचिका में लिखा है- “कॉरपोरेट दानदाताओं के लिए फिड्यूशियरी रिस्क”। इसका क्या मतलब है? वकील: मैं याचिका का हवाला दे सकता हूं। मुख्य न्यायाधीश: मैं आखिरी बार पूछ रहा हूं कि यह याचिका किस वकील ने तैयार की है। आपने यह खुद नहीं बनाई है। वकील: मैंने एआई टूल्स पर खोज की थी। मैंने एक टाइपिस्ट को चार जैकेट भी गिफ्ट की थीं और उसने टाइपिंग के लिए 1000 रुपए प्रति घंटे लिए थे। दास सर। मुख्य न्यायाधीश: सुप्रीम कोर्ट के टाइपिस्ट ने यह याचिका तैयार की है। टाइपिस्ट को यहां बुलाइए।
Bumrah to Play Fewer T20s for Workload Management Ahead of 2027 WC

मुंबई22 मिनट पहले कॉपी लिंक भारतीय टीम के तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह 2027 वर्ल्ड कप तक ज्यादा वनडे मैच खेलेंगे। इतना ही नहीं, उन्हें टी-20 की द्विपक्षीय सीरीज में कम मौके दिए जाएंगे। टीम मैनेजमेंट और सिलेक्टर्स उनके वर्कलोड को ध्यान में रखते हुए यह रणनीति बना रहे हैं। ताकि 2027 वर्ल्ड कप के लिए उनकी तैयारी बेहतर हो सके। न्यूज एजेंसी PTI ने BCCI के सूत्रों के हवाले से लिखा है कि अगले कुछ समय में द्विपक्षीय टी20 सीरीज में बुमराह को कम मौके दिए जा सकते हैं। 2027 तक टी-20 की प्राथमिकता कम अक्टूबर-नवंबर 2027 तक टी20 इंटरनेशनल टीम के लिए कम प्राथमिकता वाला फॉर्मेट माना जा रहा है। इसी दौरान जापान के आइची-नागोया में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय टीम की कप्तानी सूर्यकुमार यादव कर सकते हैं। IPL के बाद तैयार होगी रणनीति IPL के बाद सिलेक्शन कमेटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और टीम मैनेजमेंट मिलकर आगे की रणनीति तय करेंगे। IPL में बुमराह मुंबई इंडियंस के पेस अटैक की अगुआई करने वाले हैं। 19 नवंबर 2023 को ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेले गए वनडे वर्ल्ड कप फाइनल के बाद से बुमराह ने 42 इंटरनेशनल मैच खेले हैं। इनमें 21 टेस्ट और 21 टी20 इंटरनेशनल शामिल हैं। बड़े टूर्नामेंट में बुमराह की फिटनेस अहम भारत के बड़े टूर्नामेंट अभियानों में बुमराह की फिटनेस बेहद अहम रहती है। ऐसे में उनके मैचों और फॉर्मेट को लेकर काफी सावधानी बरती जाएगी। बुमराह पिछले टी-20 वर्ल्ड कप के टॉप विकेट टेकर रहे हैं। उन्होंने 14 विकेट झटके। वे अहमदाबाद में न्यूजीलैंड के खिलाफ प्लेयर ऑफ द फाइनल भी चुने गए थे। ———————————————– बुमराह से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जसप्रीत T20 वर्ल्डकप की टीम ऑफ द टूर्नामेंट में, कुल 4 भारतीय शामिल ICC ने सोमवार को टी-20 वर्ल्ड कप 2026 की टीम ऑफ द टूर्नामेंट का ऐलान किया है। चैंपियन बनी भारतीय टीम के चार खिलाड़ी इस टीम में शामिल किए गए हैं। इनमें संजू सैमसन, ईशान किशन, हार्दिक पंड्या और जसप्रीत बुमराह का नाम है। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Health Tips : पहाड़ों की ये जड़ी संजीवनी, चुटकियों में कम होगा यूरिक एसिड, तेजी से बढ़ रही मांग

Last Updated:March 10, 2026, 18:11 IST Kilomoda Root Benefits : उत्तराखंड के पहाड़ों पर उगने वाली जड़ी किलोमोड़ा स्वास्थ्य प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसका इस्तेमाल सदियों से होता आया है. यह जड़ी पहाड़ों की ताजगी और प्राकृतिक पोषण से भरपूर है. लोकल 18 से ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि किलोमोड़ा की जड़ को रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पीते हैं. यह रक्तचाप को संतुलित रखने में मदद करती है. यूरिक एसिड की समस्या में भी यह जड़ी रामबाण है. जोड़ों में सूजन और दर्द को भी कम करती है. ऋषिकेश. उत्तराखंड के ऊंचे पहाड़ों में प्राकृतिक रूप से उगने वाली जड़ी किलोमोड़ा अब स्वास्थ्य प्रेमियों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है. इसका इस्तेमाल पारंपरिक आयुर्वेद में सदियों से किया जाता रहा है और आधुनिक समय में भी लोग इसके औषधीय गुणों के कारण इसे अपनाने लगे हैं. स्थानीय लोग इसे “पर्वतीय औषधि” भी कहते हैं क्योंकि यह जड़ी पहाड़ों की ताजगी और प्राकृतिक पोषण से भरपूर होती है. लोकल 18 के साथ बातचीत में ऋषिकेश के आयुष चिकित्सक डॉ. राजकुमार बताते हैं कि किलोमोड़ा की प्रमुख विशेषता इसकी जड़ है. इसे रातभर पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट पीते हैं. ऐसा करने से यह शरीर के कई अंगों और रोगों पर लाभ पहुंचाती है. सबसे पहले यह रक्तचाप (बीपी) को संतुलित रखने में मदद करती है. इसके नियमित सेवन से उच्च रक्तचाप के मरीजों को फायदा मिल सकता है. यूरिक एसिड की समस्या में भी यह जड़ी असरदार है. यूरिक एसिड के स्तर को नियंत्रित करके यह जोड़ों में सूजन और दर्द को कम करती है. किलोमोड़ा केवल बीपी और यूरिक एसिड तक ही सीमित नहीं है. इसे पाचन तंत्र को मजबूत करने और पेट संबंधी समस्याओं जैसे कब्ज, गैस या अपच में राहत देने के लिए भी उपयोग किया जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, यह जड़ी शरीर से विषैले तत्वों को भी बाहर निकालती है, जिससे इम्यून सिस्टम मजबूत होता है और शरीर सामान्य बीमारियों से लड़ने में सक्षम बनता है. कई लोग इसे सुबह खाली पेट पीते हैं और दिन भर हल्का और ऊर्जा से भरा महसूस करते हैं. हर उम्र के लिए रामबाण स्थानीय लोग किलोमोड़ा का इस्तेमाल अपनी परंपरा के अनुसार करते हैं और इसे प्राकृतिक तरीके से उगाया जाता है. किलोमोड़ा की लोकप्रियता का एक कारण यह भी है कि यह हर उम्र के लोग आसानी से इस्तेमाल कर सकते हैं. हालांकि इसके सेवन का सही तरीका और मात्रा जानना जरूरी है, ताकि स्वास्थ्य लाभ अधिकतम हो और किसी भी प्रकार के साइड इफेक्ट से बचा जा सके. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Rishikesh,Dehradun,Uttarakhand First Published : March 10, 2026, 18:11 IST
Varun Dhawans Hai Jawani Postponed

25 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर वरुण धवन की अपकमिंग फिल्म ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की रिलीज डेट एक बार फिर बदल दी गई है। पहले यह फिल्म 5 जून 2026 को सिनेमाघरों में आने वाली थी, लेकिन अब इसे एक हफ्ते आगे बढ़ाकर 12 जून 2026 को रिलीज करने का फैसला किया गया है। मेकर्स ने यह कदम बॉक्स ऑफिस पर यश की फिल्म ‘टॉक्सिक से संभावित टकराव से बचने के लिए उठाया है। दरअसल, यश की पैन-इंडिया फिल्म ‘टॉक्सिक’ अब 4 जून 2026 को रिलीज होने जा रही है। ऐसे में वरुण धवन की फिल्म का 5 जून को आना सीधे-सीधे क्लैश की स्थिति पैदा कर रहा था। इसे देखते हुए फिल्म के प्रोड्यूसर रमेश तौरानी और उनकी टीम ने रिलीज डेट बदलने का फैसला किया। फिल्म के मेकर्स की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि ‘है जवानी तो इश्क होना है’ की रिलीज डेट कई महीनों पहले 5 जून तय की गई थी। हालांकि हाल के डेवलपमेंट और इंडस्ट्री के माहौल को देखते हुए उन्हें लगा कि रिलीज डेट आगे बढ़ाना ज्यादा बेहतर रहेगा। बयान में यह भी कहा गया कि फिल्म इंडस्ट्री के लिए हमेशा अच्छा होता है जब फिल्म निर्माता एक-दूसरे का समर्थन करें, न कि एक ही दिन फिल्में रिलीज करके बेवजह प्रतिस्पर्धा पैदा करें। इसी सोच के साथ फिल्म को एक हफ्ते आगे शिफ्ट कर दिया गया। हालांकि बयान में ‘टॉक्सिक’ का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया गया, लेकिन ‘बेवजह मुकाबला’ और ‘एक-दूसरे को सपोर्ट करने’ जैसे शब्दों से साफ संकेत मिलता है कि दोनों फिल्मों के बीच क्लैश से बचने की कोशिश की गई है। यह दूसरी बार है जब इस फिल्म की रिलीज डेट बदली गई है। शुरुआत में इसे 10 अप्रैल 2026 को रिलीज किया जाना था, लेकिन बाद में इसे 5 जून कर दिया गया था और अब नई तारीख 12 जून तय की गई है। डेविड धवन के निर्देशन में बनी यह रोमांटिक-कॉमेडी फिल्म वरुण धवन और उनके पिता की एक और साथ की फिल्म है। इसमें वरुण के साथ मृणाल ठाकुर, पूजा हेगड़े, मनीष पॉल, जिम्मी शेरगिल, मौनी रॉय, कुब्रा सैत और राकेश बेदी जैसे कलाकार नजर आएंगे। फिल्म के टाइटल की प्रेरणा 1999 की फिल्म ‘बीवी नंबर 1’ के लोकप्रिय गाने से ली गई है। मेकर्स इसे एक हल्की-फुल्की एंटरटेनिंग रोमांटिक कॉमेडी के रूप में दर्शकों के सामने पेश करने की तैयारी में हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
वाहन की टक्कर से बाइक सवार को सिर में चोट:मंडला-रायपुर रोड के चारटोला में हादसा, बिछिया अस्पताल में भर्ती

मंडला जिले के नेशनल हाईवे 30 पर वाहन की टक्कर से बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। युवक के सिर में चोट लगी है। यह दुर्घटना मंडला-रायपुर रोड पर स्थित चारटोला (पाण्डुतला) के पास हुई। घायल को हाइवे हेल्पलाइन 1033 की एम्बुलेंस से बिछिया अस्पताल पहुंचाया गया है। घायल युवक की पहचान मोहनिया पटपरा निवासी ओमप्रकाश परते के रूप में हुई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, ओमप्रकाश अपनी बाइक से घर जा रहे थे, तभी हादसा हो गया। इस टक्कर में ओमप्रकाश गंभीर रूप से चोटिल हो गए। मौके पर दिया गया प्राथमिक इलाज स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस और हाइवे हेल्पलाइन 1033 को दी। सूचना मिलते ही हाइवे हेल्पलाइन की एम्बुलेंस टीम, जिसमें ईएमटी रंजीत यादव और ड्राइवर शरद झारिया शामिल थे, मौके पर पहुंची। टीम ने घायल को प्राथमिक इलाज देकर बिछिया अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने भी घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
Punjab Congress MLAs Scheme Comment Controversy

. पंजाब में आज की सबसे बड़ी खबर बजट सत्र में कांग्रेस और AAP नेताओं के बीच हुई बहस है। AAP ने आरोप लगाया है कि पंजाब कांग्रेस प्रधान ने गाली दी है। ये बदमाशी कर रहे हैं। इन्हें मेंटल अस्पताल भेजो। इससे पहले विधानसभा में कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। उन्होंने AAP सरकार की स्कीम पर आपत्तिजनक कमेंट किया था, जिसके बाद कांग्रेस विधायक दल नेता को विधानसभा में खेद जताना पड़ा और महिला आयोग ने SSP से मामले की रिपोर्ट भी तलब की है। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. विधानसभा में गालियां देने पर हंगामा, मंत्री चीमा बोले- बदमाशी नहीं चलेगी पंजाब विधानसभा में बजट सत्र का आज चौथा दिन रहा। हंगामे के बीच कांग्रेस विधायक सुखपाल खैहरा के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पास हुआ। मेडिकल कॉलेज बनाने को लेकर कांग्रेस और AAP के बीच जमकर बहस हुई। कांग्रेस विधायक तृप्त राजिंदर बाजवा ने सवाल उठाया। उन्होंने कहा- मैंने सरकारी मेडिकल कॉलेज पूछे, लेकिन यह प्राइवेट बता रहे हैं। इस पर सेहत मंत्री बलबीर सिद्धू ने कहा कि प्राइवेट को भी हम मदद देते हैं। इस पर नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि वह अपने बनाए मेडिकल कॉलेज की बात करें। इस पर मंत्री अमन अरोड़ा जवाब देने के लिए खड़े हुए, लेकिन बाजवा ने विरोध किया कि इसका जवाब हेल्थ मिनिस्टर ही दे सकते हैं, कोई दूसरा मंत्री या पार्टी का प्रधान नहीं। इस पर स्पीकर ने संविधान का प्रावधान सुनाया कि किसी भी मामले के लिए सभी मंत्री जवाबदेह हैं। इसे लेकर हंगामा चलता रहा। इस दौरान वित्तमंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि 75 साल के नेता विपक्ष ने गालियां निकाली हैं। उन्होंने मांग की कि बाजवा माफी मांगें। इन्होंने हमारे लोगों को गालियां दी हैं। ये बदमाशियां कर रहे हैं। इन्हें मेंटल अस्पताल में दाखिल करें। इस हाउस में बदमाशी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। (पढ़ें पूरी खबर) 2. कांग्रेस MLA सुखपाल खैहरा का कमेंट, महिला आयोग ने SSP से रिपोर्ट मांगी AAP सरकार की महिलाओं को 1000 रुपए महीना स्कीम पर तंज कसने से कांग्रेस के भुलत्थ से MLA सुखपाल खैहरा बुरे फंस गए। एक तरफ विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप बाजवा ने ही इस पर खेद जता दिया। वहीं, दूसरी तरफ पंजाब महिला आयोग ने इसका संज्ञान लेते हुए कपूरथला के SSP से रिपोर्ट तलब कर ली। आयोग ने कहा कि सुखपाल खैहरा ने यह बयान पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर राजा वड़िंग की शह पर दिया है। इस वजह से खैहरा के साथ वड़िंग को भी 12 मार्च को सुबह साढ़े 11 बजे आयोग के मोहाली ऑफिस में तलब कर लिया गया है। बता दें कि सुखपाल खैहरा ने स्कीम पर तंज कसते हुए लिखा था- 1000 रुपए पिच्छे गिद्दा पाउण वालियां बीबीयां कित्थे जम लैणगियां सूरमे यानी एक हजार रुपए के लिए गिद्दा करने वाली महिलाएं सूरमे कहां से पैदा करेंगी। वहीं, इस मामले में अब सुखपाल खैहरा ने कहा कि उन्होंने नहीं, बल्कि यूट्यूबर ने ऐसा कहा था। उन पर जो कार्रवाई करनी हो, कर लो। वह कल विधानसभा में जाकर इस पर जवाब देंगे। (पढ़ें पूरी खबर) 3. पिकअप में घुसी तेज रफ्तार कार, प्रिंसिपल मां और बेटे समेत 3 की मौत जालंधर-पठानकोट नेशनल हाईवे पर बने चौलांग टोल प्लाजा पर खड़ी पिकअप में एक तेज रफ्तार अर्टिगा कार घुस गई। इससे कार सवार प्रिंसिपल मां और बेटे के साथ पिकअप ड्राइवर की मौत हो गई। जबकि, पिकअप ड्राइवर का साथी गंभीर रूप से घायल है। हादसे का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। हादसा सोमवार रात करीब 9 बजे हुआ। हादसे के बाद टोल प्लाजा कर्मियों ने घायलों को गाड़ियों से बाहर निकाला। मृतकों में दसूहा के केएमएस कॉलेज की प्रिंसिपल डॉ. शबनम सैनी, उनका 18 वर्षीय बेटे तुषांत और पिकअप ड्राइवर राहुल उर्फ मिट्टू शामिल हैं। ड्राइवर भी गुरदासपुर का रहने वाला है। जानकारी के अनुसार, प्रिंसिपल डॉ. शबनम अपने बेटे तुषांत के साथ अमेरिका से आई अपनी बेटी से मिलने जालंधर गई थीं। शाम को उससे मिलकर घर वापस आ रही थीं। इसी दौरान हादसा हो गया। घटना के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। (पढ़ें पूरी खबर) 4. स्कूलों-ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी, ई-मेल में टाइम बताया, CM मान को भी थ्रेट लुधियाना में आज (10 मार्च को) सुबह 3 स्कूलों और ट्रेनों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। धमकी भरे ईमेल में लिखा गया कि स्कूलों में दोपहर 1 बजकर 11 मिनट और ट्रेनों में दोपहर 3 बजकर 11 मिनट पर ब्लास्ट होगा। हालांकि, ईमेल में लिखे टाइम पर ऐसी कोई घटना नहीं हुई और न पुलिस को कुछ संदिग्ध मिला। ईमेल में CM भगवंत मान का भी जिक्र किया गया है और लिखा कि झूठे पुलिस एनकाउंटरों का जवाब जल्द दिया जाएगा। दैनिक भास्कर इस मेल की पुष्टि नहीं करता। धमकी के बाद स्कूल प्रशासन और स्टाफ में दहशत फैल गई। सूचना मिलते ही लुधियाना पुलिस, बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वॉड टीम मौके पर पहुंच गई। एहतियात के तौर पर स्कूल परिसरों में सर्च ऑपरेशन चलाया गया और पुलिस पूरे इलाके की बारीकी से जांच की। धमकी के बाद DAV स्कूल और KVM स्कूल में छुट्टी कर दी गई। वहीं, ग्रीनलैंड स्कूल और गुरु नानक पब्लिक स्कूल में भी जांच की गई। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर भी सर्च ऑपरेशन चलाया गया है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की मां ने रोते हुए VIDEO डाला, बोलीं- मैं पागल हो रही हूं मशहूर पंजाबी यूट्यूबर नैन्सी ग्रेवाल की मौत का मामला एक बार फिर गरमा गया है। सोशल मीडिया पर चल रही चर्चाओं के बीच अब नैन्सी की मां ने खुद अपनी बेटी की आईडी से एक भावुक वीडियो शेयर किया है। इस वीडियो ने पूरे मामले में यू-टर्न ला दिया, क्योंकि इसमें उन्होंने उन लोगों से हाथ जोड़कर माफी मांगी है जिन पर उन्होंने पहले गंभीर आरोप लगाए थे। वीडियो में नैन्सी की मां
चीन में 56 जातीय समूहों को एक पहचान मिलेगी:अलग-अलग समुदायों में शादी को बढ़ावा, बच्चों को कम्युनिस्ट पार्टी से प्रेम सिखाने की बात

चीन में जिनपिंग सरकार एक नए कानून को मंजूरी देने की तैयारी कर रही है, जिसमें अलग-अलग जातीय समूहों (एथनिक ग्रुप्स) को एक ही राष्ट्रीय पहचान दी जाएगी। बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक इस कानून का नाम ‘लॉ ऑन प्रोमोटिंग एथनिक यूनिटी एंड प्रोग्रेस’ है। चीन में हान, उइगुर, तिब्बती, मंगोल जैसे 56 जातीय समूह हैं। चीन की सरकार पर लंबे समय से आरोप लगते रहे हैं कि वह देश के जातीय अल्पसंख्यकों (एथनिक माइनॉरिटी) को दबाने वाली नीतियां अपनाती है और उन्हें जबरन बहुसंख्यक हान चीनी संस्कृति में घुलने-मिलने के लिए मजबूर करती है। रिपोर्ट के मुताबिक अब चीन की संसद के सालाना सत्र में एक नया कानून पास होने वाला है। एक्सपर्ट्स और ह्यूमन राइट एक्टिविस्ट का कहना है कि यह कानून अल्पसंख्यकों के अधिकारों तथा उनकी संस्कृति के लिए खतरा बढ़ाएगा। हालांकि चीन सरकार का कहना है कि यह कानून देश में लोगों के बीच एकता बढ़ाने और देश को आधुनिक बनाने के लिए जरूरी है। सरकार इसे ‘जातीय एकता और प्रगति को बढ़ावा देने वाला कानून’ बता रही है। नए कानून के कुछ मुख्य बातें- मंदारिन को ज्यादा अहमियत दी जाएगी। दूसरी भाषाओं का दर्जा घटेगा। अलग-अलग जातीय समूहों के बीच शादी को प्रोत्साहन मिलेगा और ऐसी शादी रोकने की कोशिशों को गलत माना जाएगा। माता-पिता को बच्चों को यह सिखाना होगा कि वे चीनी कम्युनिस्ट पार्टी से प्रेम करें। अगर कोई व्यक्ति, संगठन या गतिविधि ऐसी बात कहे या करे जिससे अलग-अलग जातीय समुदायों के बीच झगड़ा, नफरत या अलग होने की मांग बढ़े, तो उस पर रोक लगाई जाएगी। जिनपिंग की नीति को मजबूत करेगा नया कानून चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग पहले भी कई बार धर्म के ‘चीनीकरण’ की बात कर चुके हैं। इसका मतलब है कि धार्मिक परंपराएं और प्रथाएं भी कम्युनिस्ट पार्टी के हिसाब से चीनी संस्कृति और मूल्यों के अनुरूप होनी चाहिए। एक्सपर्ट्स मानते हैं कि नया कानून इसी नीति को और मजबूत करेगा। पेनसिल्वेनिया यूनिवर्सिटी के एरन ग्लासरमैन के मुताबिक, मंदारिन को बढ़ावा देने और अल्पसंख्यकों की पहचान तथा धार्मिक अभिव्यक्ति पर नियंत्रण जैसी नीतियां पहले भी लागू थीं। अब चीन सरकार इन नीतियों को सिर्फ नीति नहीं बल्कि कानून का रूप दे रही है। चीन में अल्पसंख्यक समुदायों पर बंदिशें चीन सरकार का कहना है कि इन हिंसक घटनाओं की वजह से कड़े कदम उठाना जरूरी था। लेकिन संयुक्त राष्ट्र और मानवाधिकार संगठनों का आरोप है कि 10 लाख से ज्यादा उइगर मुसलमानों को हिरासत शिविरों में रखा गया। चीन सरकार इन्हें ‘री-एजुकेशन और व्यावसायिक प्रशिक्षण केंद्र’ बताती है। रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उइगरों की धार्मिक गतिविधियों पर रोक लगाई गई और कई मस्जिदें बंद कर दी गईं। तिब्बत में भी मठों पर कड़ा नियंत्रण है। 18 साल से कम उम्र के बच्चों को अब सरकारी स्कूलों में मंदारिन भाषा में पढ़ाई करनी होती है और वे बौद्ध धार्मिक ग्रंथ नहीं पढ़ सकते। पहले बच्चे मठों के स्कूलों में जाकर भिक्षु बनने की ट्रेनिंग लेते थे। हाल के वर्षों में इनर मंगोलिया में मंगोलियन भाषा की पढ़ाई पर प्रतिबंध और निंग्शिया में हुई मुस्लिम मस्जिदों को गिराने के आदेश के बाद भी विरोध हुआ है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि सरकार को इन क्षेत्रों में अस्थिरता की आशंका के कारण नया कानून लाने की जरूरत महसूस हुई। इससे सरकार को उन इलाकों पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा जो चीन को पड़ोसी देशों और वैश्विक व्यापार मार्गों से जोड़ते हैं।









