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मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव तैयार:लोकसभा के 120, राज्यसभा के 60 सांसदों ने दस्तखत किए, कल संसद में पेश किया जा सकता है

मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने का प्रस्ताव तैयार:लोकसभा के 120, राज्यसभा के 60 सांसदों ने दस्तखत किए, कल संसद में पेश किया जा सकता है

विपक्षी दलों ने मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने के लिए प्रस्ताव लाने के लिए सांसदों के दस्तखत जुटा लिए हैं। सूत्रों के अनुसार यह प्रस्ताव गुरुवार या शुक्रवार को संसद के दोनों सदनों (लोकसभा और राज्यसभा) में पेश किया जा सकता है। एक वरिष्ठ सांसद ने बताया कि हस्ताक्षर जुटाने का काम पूरा हो गया है। अब तक लोकसभा में प्रस्ताव देने के लिए लगभग 120 सांसदों और राज्यसभा में लगभग 60 सांसदों ने इस नोटिस पर दस्तखत किए हैं। नियम के अनुसार 100 सांसदों के दस्तखत जरूरी सूत्रों के मुताबिक यह नोटिस INDIA गठबंधन के सभी दलों के सांसदों ने मिलकर साइन किया है। यह पहली बार है जब मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाने के लिए ऐसा नोटिस दिया जा रहा है। विपक्ष का आरोप-SIR केंद्र सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए विपक्ष का आरोप है कि CEC कई मौकों पर सत्तारूढ़ भाजपा को फायदा पहुंचाने में मदद कर रहे हैं, खासकर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) नाम की मतदाता सूची की समीक्षा प्रक्रिया को लेकर। विपक्ष का कहना है कि यह प्रक्रिया केंद्र की सरकार को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है। विशेष रूप से पश्चिम बंगाल में इस प्रक्रिया को लेकर चिंता जताई गई है। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया है कि चुनाव आयोग असली मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटा रहा है। कानून के अनुसार प्रस्ताव मंजूर होने पर ही जांच समिति मुख्य चुनाव आयुक्त को उसी तरीके से हटाया जा सकता है जैसे सुप्रीम कोर्ट के जज को हटाया जाता है। अन्य चुनाव आयुक्तों को हटाने के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त की सिफारिश जरूरी होती है। जजेज़ (इन्क्वायरी) एक्ट 1968 के अनुसार, अगर दोनों सदनों में एक ही दिन नोटिस दिया जाता है, तो जांच समिति तभी बनेगी जब दोनों सदनों में प्रस्ताव स्वीकार कर लिया जाएगा। इसके बाद लोकसभा स्पीकर और राज्यसभा चेयरमैन मिलकर एक संयुक्त जांच समिति बनाएंगे। ——————— ये खबर भी पढ़ें: मुख्य चुनाव आयुक्त बोले- पात्र वोटर का नाम नहीं कटेगा:स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव कराना प्राथमिकता, CEC के लौटते ही CM ममता ने धरना खत्म किया मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार ने मंगलवार(10 मार्च) को कहा कि किसी भी पात्र वोटर का नाम वोटर लिस्ट से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करना चुनाव आयोग की प्राथमिकता है। स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का मकसद है कि सभी सही वोटर को वोट देने का अधिकार मिले और कोई अयोग्य व्यक्ति वोटर लिस्ट में शामिल न हो। पढ़ें पूरी खबर…

aiims hareesh rana passive euthanasia news| एम्स हरीश राणा को इच्छामृत्यु देगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या बोला अस्पताल?

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होमताजा खबरदेश एम्स हरीश राणा को इच्छामृत्यु देगा या नहीं? सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर क्या बोला Last Updated:March 11, 2026, 19:59 IST भारत के इत‍िहास में पहली बार सुप्रीम कोर्ट ने गाज‍ियाबाद के हरीश राणा को न‍िष्‍क्र‍िया इच्‍छामृत्‍यु की अनुमत‍ि दी है. कोर्ट ने एम्‍स नई द‍िल्‍ली को इस प्रक्र‍िया को करने का आदेश द‍िया है. ऐसे में एम्‍स में पहली बार क‍िसी को म‍िलने जा रहे पैस‍िव यूथनेस‍िया पर अस्‍पताल का क्‍या कहना है, आइए जानते हैं.. हरीश राणा को एम्‍स पैस‍िव यूथनेस‍िया देगा या नहीं, जानें अस्‍पताल ने क्‍या कहा.. Harish Rana passive Euthanasia in AIIMS: सुप्रीम कोर्ट ने भारत के इतिहास में पहली बार गाजियाबाद के रहने वाले 32 साल के हरीश राणा को इच्छामृत्यु की अनुमति दी है. बेहद महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए अदालत ने एम्स नई दिल्ली को यह आदेश दिया है कि वह हरीश को अस्पताल में भर्ती कर उनके लाइफ सपोर्ट सिस्टम को हटा दे. साथ ही निर्देश दिया है कि अस्पताल को लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने की इस प्रक्रिया के लिए सभी जरूरी सुविधाएं दी जाएं. यह पहला ऐसा मामला है जब एम्स में किसी को निष्क्रिय इच्छामृत्यु देने के लिए कहा गया है, ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि पैसिव यूथनेसिया देने के इस फैसले पर ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज नई दिल्ली का क्या कहना है. हरीश राणा को अस्पताल में पैसिव यूथनेसिया के तहत लाइफ सपोर्ट सिस्टम हटाने के मामले पर कुछ भी बोलने से इनकार करते हुए एम्स पीआईसी मीडिया सेल की इंचार्ज प्रोफेसर रीमा दादा ने सिर्फ इतना कहा कि अस्पताल माननीय अदालत के दिए गए आदेशों का पालन करेगा.ऐसे में साफ है कि हरीश राणा को पैसिव यूथनेसिया देने की प्रक्रिया अस्पताल में ही जल्द ही पूरी की जाएगी. बता दें कि हरीश राणा मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के रहने वाले हैं. साल 2013 में पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करने के दौरान चंडीगढ़ में एक पेइंग गेस्ट हॉस्टल की चौथी मंजिल से गिर गए थे. इस दुर्घटना में उन्हें गंभीर सिर की चोट (ब्रेन इंजरी) आई और इलाज के बावजूद उनकी स्थिति बेहद गंभीर होती चली गई और वे कोमा में चले गए. मशीनों के सहारे सांस ले रहे हरीश राणा की कई मेडिकल रिपोर्ट्स में हालत में सुधार न दिखने के बाद उनके माता-पिता ने सुप्रीम कोर्ट में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की याचिका दायर की थी. पिछले 13 साल से बिस्तर पर परमानेंट वेजिटेटिव स्टेट में पड़े हरीश के पेरेंट्स की इस याचिका को अब स्वीकार कर लिया गया है. About the Author प्रिया गौतमSenior Correspondent प्रिया गौतम Hindi.News18.com में बतौर सीन‍ियर हेल्‍थ र‍िपोर्टर काम कर रही हैं. इन्‍हें प‍िछले 14 साल से फील्‍ड में र‍िर्पोर्टिंग का अनुभव प्राप्‍त है. इससे पहले ये ह‍िंदुस्‍तान द‍िल्‍ली, अमर उजाला की कई लोकेशन…और पढ़ें First Published : March 11, 2026, 19:55 IST

Not Stones but a Health Treasure The Secret Behind Jamshedpur rs80 kg Pink Rocks benefits

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Last Updated:March 11, 2026, 19:53 IST Jamshedpur Rock Salt News: जमशेदपुर की सड़कों पर इन दिनों गुलाबी चट्टानों से लदा एक ट्रैक्टर लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना हुआ है. जिसे लोग साधारण पत्थर समझ रहे हैं, वह दरअसल सेहत का खजाना कहा जाने वाला शुद्ध सेंधा नमक है. हरियाणा के हनुमानगढ़ से आए व्यापारी साकची और बर्मामाइंस की सड़कों पर घूम-घूमकर पहाड़ों से निकला यह शुद्ध नमक बेच रहे हैं. जानें, क्या है इसकी कीमत और क्यों बढ़ रही है इसकी मांग. जमशेदपुरः लौहनगरी की सड़कों पर इन दिनों एक अजीबोगरीब नजारा लोगों के कौतूहल का केंद्र बना हुआ है. साकची और बर्मामाइंस जैसे इलाकों से गुजरते वक्त लोग एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को देखकर ठिठक जा रहे हैं. जिसमें विशालकाय गुलाबी पत्थर लदे हुए हैं. पहली नजर में किसी पहाड़ के टुकड़े जैसे दिखने वाले ये पत्थर दरअसल कोई साधारण चट्टान नहीं, बल्कि सेहत के लिए वरदान माने जाने वाला सेंधा नमक है. हनुमानगढ़ से जमशेदपुर तक का सफरहरियाणा के हनुमानगढ़ से आए शंकर और उनकी टीम इन दिनों शहर में घूम-घूमकर इस खास नमक की बिक्री कर रही है. ये लोग ट्रैक्टर पर ही नमक की बड़ी-बड़ी चट्टानें सजाकर लाते हैं. शंकर बताते हैं कि वे इन पत्थरों को पहाड़ों से तोड़कर लाते हैं. सीधे ग्राहकों तक शुद्ध रूप में पहुंचाते हैं. सेहत का खजाना, ₹80 से ₹100 में उपलब्धबाजार में मिलने वाले रिफाइंड नमक के मुकाबले लोग इस रॉक सॉल्ट की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं. जमशेदपुर में यह सेंधा नमक (गुलाबी पत्थर) ₹80 प्रति किलो और विशेष विधि से तैयार काला नमक ₹100 प्रति किलो की दर से बिक रहा है. बताया जाता है कि काला नमक को मिट्टी की हांडी में तपाकर तैयार किया जाता है. जो पाचन और गैस की समस्या में बेहद कारगर है. क्यों उमड़ रही है भीड़?आमतौर पर व्रत और उपवास में इस्तेमाल होने वाले इस नमक की मांग अब रोजाना के खान-पान में भी बढ़ रही है. लोग इसे शुद्धता की गारंटी मान रहे हैं क्योंकि यह सीधे पत्थर के रूप में उनके सामने मौजूद है. गुलाबी पत्थरों से लदे ट्रैक्टर को देखकर न केवल खरीदार बल्कि उत्सुक राहगीरों की भी भारी भीड़ जुट रही है. सबसे दिलचस्प बात यह है कि इसे बेचने का तरीका भी थोड़ा अलग है. ट्रैक्टर पर नमक के बड़े-बड़े पत्थर सजाकर रखा गया है.  खास अंदाज में आवाज लगाकर लोगों को बुलाया जाता है. गुलाबी पत्थरों से भरी यह गाड़ी सड़क से गुजरती है तो लोग रुककर इसे जरूर देखते हैं. About the Author Amit ranjan मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें Location : Jamshedpur,Purbi Singhbhum,Jharkhand First Published : March 11, 2026, 19:53 IST

लंच बॉक्स रेसिपी: बच्चों के टिफिन की क्या है खासियत? मिनटों में बनाएं ये 3 तरह के आसान व्यंजन, सेहत को भी नहीं होगा नुकसान

मिनटों में माइक्रोवेव वेज रेसिपी का उपयोग करके स्कूली बच्चों के लिए आसान लंच बॉक्स रेसिपी

घुड़साल बॉक्स रेसिपी | छवि: एआई माइक्रोवेव का उपयोग करके लंच बॉक्स रेसिपी: सुबह-सुबह बच्चों के स्कूल में टिफिन तैयार करने के लिए हमारे कई बड़े लक्ष्य बन जाते हैं। हर दिन यही लुक रहता है कि ऐसा क्या बनाया जाए जो जल्दी भी बन जाए, बच्चों को पसंद भी आए और सेहत के लिए भी अच्छा हो। अगर आपके घर में चॉकलेट है तो आपका काम काफी आसान हो सकता है। चॉकलेट में आप कुछ ही मिनटों में टेस्टी और सिरेमिक डिश तैयार कर सकते हैं। आज हम आपको 4 ऐसी आसान रेसिपी बता रहे हैं जिन्हें मिलाकर आप बच्चों के लिए झटपट बना सकते हैं। चॉकलेट वेला 1 कप बेसन, इलेक्ट्रोनिक कटी गाजर, हीरा कटी गाजर, लिटिल सा प्याज, नमक स्वाद, चुटकी भर हल्दी और लिटिल पानी बनाने की विधि सबसे पहले एक बाउल में बेसन लें और लिटिल-थोडा पानी डायनेमिक नासाल तैयार करें। अब इसमें गाजर, मिर्च, प्याज, नमक और हल्दी शामिल हैं। अब मोरक्को- सैफ़ प्लेट पर प्रभाव सा तेल का कपड़ा और इस मिश्रण को 2-3 मिनट के लिए माइक्रोवेव में फैलाकर रखें। आपका टेस्टी और वेजीटेबल चीला तैयार है। इसे टमाटर के सामान या सामान के साथ टिफिन में रख सकते हैं। माइक्रोस्कोप वेजिटेबल पोहा 1 कप पोहा, हल्की मूंगफली, कटी हुई गाजर और मटर, नमक का स्वाद, हल्दी और हल्का नींबू रस बनाने की विधि सबसे पहले पोहा को पानी का स्टैण्डर्ड नर्मा कर लें। अब मोकी बाउल में पोहा, मूंगफली, गाजर, मटर नमक और हल्दी का मिश्रण अच्छी तरह से उपलब्ध है। इसे 2-3 मिनट के लिए मिनट में रख लें। बाहरी बाहरी शीर्ष सेलेब का रस डाल डे। बच्चों के लिए टेस्टी पोहा तैयार है। मक्के का टुकड़ा मकई का टुकड़ा 2 छोटी-छोटी कद्दूकस की हुई वस्तु, छोटी-छोटी कद्दूकस की हुई वस्तु, छोटी-सी मक्खन और नमक और काली मिर्च बनाने की विधि बेड्री रिले पर ‍बैचर बटर ‍बैटर। अब ऊपर से मक्का, चीज, नमक और काली मिर्च डालें और दूसरे बिस्तर से ढक दें। इसे लगभग 1 मिनट तक गर्म करें। टेस्टी और जल्दी बनने वाला रेसिपी तैयार है। टिफिन के लिए कुछ जरूरी टिप्स कोशिश करें कि बच्चों के टिफ़िन में स्ट्रेंथ और फ़्लोरिंग खाना रखें। ताकि पोषण मिले जरूर शामिल करें। रोज एक ही चीज की जगह अलग-अलग व्यंजन, इसी से बच्चों की खुशियां खत्म होंगी। यह अवश्य पढ़ें: शकरकंद चाट रेसिपी: क्या आप खाना बनाना चाहते हैं? वर्गीकरण करें शकरकन्द की चटपटी चाट, नहीं वर्गीकरण वजन; बनाना भी है मिनट का काम (टैग्सटूट्रांसलेट)लंच बॉक्स रेसिपी(टी)बच्चों के लिए लंच बॉक्स रेसिपी(टी)माइक्रोवेव रेसिपी(टी)सब्जी पोहा(टी)ब्रेकफास्ट रेसिपी(टी)स्कूल लंच बॉक्स(टी)माइक्रोवेव रेसिपी(टी)लंच बॉक्स रेसिपी

Shivam Dubes Secret Train Journey to Mumbai Post T20 World Cup Win

Shivam Dubes Secret Train Journey to Mumbai Post T20 World Cup Win

स्पोर्ट्स डेस्क24 मिनट पहले कॉपी लिंक शिवम दुबे ने टी-20 वर्ल्डकप में 169 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए थे। टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद भारतीय ऑलराउंडर शिवम दुबे ट्रेन से मुंबई पहुंचे। उन्होंने अहमदाबाद-मुंबई सायाजी एक्सप्रेस की एसी-3 टियर कोच में अपर बर्थ पर छिपकर सफर किया, ताकि कोई उन्हें पहचान न सके। सफर के दौरान जब टिकट चेकर ने नाम को लेकर सवाल किया तो उनकी पत्नी अंजुम ने तुरंत बात संभालते हुए उनकी पहचान भी छिपा ली। ट्रेन के अपर बर्थ पर छिपकर किया सफर अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में फाइनल जीतने के बाद दुबे सोमवार सुबह करीब 5:10 बजे की ट्रेन से मुंबई रवाना हुए। उन्होंने पहचान छिपाने के लिए कैप, मास्क और फुल स्लीव टी-शर्ट पहनी। ट्रेन में बैठते ही वह एसी-3 टियर कोच की ऊपर वाली बर्थ पर जाकर लेट गए और रेलवे कंबल ओढ़ लिया ताकि कोई पहचान न सके। पत्नी ने TTE से छिपाई पहचान सफर के दौरान टिकट चेकर को दुबे के नाम पर शक हुआ। जब TTE ने पूछा कि शिवम दुबे कौन है, क्या वह क्रिकेटर है?, तब उनकी पत्नी अंजुम ने तुरंत जवाब दिया कि ऐसा कोई यहां नहीं है। इसके बाद टिकट चेकर आगे बढ़ गया और दुबे की पहचान छिपी रही। शिवम दुबे पत्नी अंजुम के साथ। बच्चों से मिलने की जल्दी में लिया फैसला दुबे ने बताया कि फाइनल के बाद मुंबई जाने वाली सभी फ्लाइट्स फुल थीं। सड़क मार्ग से जाना भी संभव था, लेकिन ट्रेन ज्यादा तेज विकल्प था। वह जल्द से जल्द अपने चार साल के बेटे अयान और दो साल की बेटी मेहविश से मिलना चाहते थे, जो मुंबई में घर पर थे। बोरीवली स्टेशन पर पुलिस ने मदद की करीब आठ घंटे के सफर के बाद जब ट्रेन मुंबई के बोरीवली स्टेशन पहुंचने वाली थी तो दुबे को भीड़ की चिंता होने लगी। उन्होंने पुलिस से मदद मांगी। पुलिस एस्कॉर्ट मिलने के बाद वह सुरक्षित तरीके से स्टेशन से बाहर निकल सके। टूर्नामेंट में निभाई फिनिशर की भूमिका टी-20 वर्ल्ड कप में दुबे ने फिनिशर की भूमिका निभाई। उन्होंने टूर्नामेंट में 235 रन बनाए, उनका औसत 39 और स्ट्राइक रेट 169 रहा। फाइनल में भी उन्होंने आखिरी ओवर में 3 चौके और 2 छक्के लगाकर भारत का स्कोर 250 के पार पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। शिवम दुबे ने टी-20 वर्ल्ड कप में 235 रन बनाए। ————————– IPL से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… पूरा सीजन खेलेंगे धोनी:CSK CEO बोले- उनकी भूमिका पर फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा, ट्रेनिंग शुरू की भारतीय टीम के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी IPL 2026 में पूरा सीजन खेलेंगे। चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के CEO काशी विश्वनाथन ने बुधवार को इसकी पुष्टि की। हालांकि उन्होंने कहा कि टीम में धोनी की भूमिका क्या होगी, इसका फैसला कोचिंग स्टाफ करेगा। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कृतिका और गौरव कपूर आज शादी के बंधन में बधे:आफ्टर-पार्टी में क्रिकेटर युवराज, एक्ट्रेस सोहा अली खान, नेहा धूपिया सहित कई सलेब्स पहुंचे

कृतिका और गौरव कपूर आज शादी के बंधन में बधे:आफ्टर-पार्टी में क्रिकेटर युवराज, एक्ट्रेस सोहा अली खान, नेहा धूपिया सहित कई सलेब्स पहुंचे

टीवी और ओटीटी की लोकप्रिय अभिनेत्री कृतिका कामरा और टीवी होस्ट-एक्टर गौरव कपूर आज (11 मार्च 2026) मुंबई में शादी के बंधन में बंध रहे हैं। दोनों ने अपनी शादी को बेहद निजी और सादगी भरे अंदाज में रखने का फैसला किया है। यह समारोह मुंबई में गौरव कपूर के घर पर परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में आयोजित किया गया है। बताया जा रहा है कि कपल ने किसी भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग की बजाय एक छोटा और निजी समारोह चुना है। शादी रजिस्ट्रेशन के जरिए हुई, उसके बाद दोस्तों और करीबियों के लिए एक खास आफ्टर-पार्टी भी रखी गई है। इस आफ्टर-पार्टी का इनवाइट सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुका है, जिसमें मेहमानों से “जल्दी आने और देर तक रुकने” की अपील की गई है। शादी में कई चर्चित हस्तियां भी शामिल हुई हैं। कृतिका और गौरव लंबे समय से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे और पिछले साल सोशल मीडिया पर अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था। अब दोनों ने अपने करीबी लोगों के बीच शादी करके अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया है।

कृतिका और गौरव कपूर आज शादी के बंधन में बधे:आफ्टर-पार्टी में क्रिकेटर युवराज, एक्ट्रेस सोहा अली खान, नेहा धूपिया सहित कई सलेब्स पहुंचे

कृतिका और गौरव कपूर आज शादी के बंधन में बधे:आफ्टर-पार्टी में क्रिकेटर युवराज, एक्ट्रेस सोहा अली खान, नेहा धूपिया सहित कई सलेब्स पहुंचे

टीवी और ओटीटी की लोकप्रिय अभिनेत्री कृतिका कामरा और टीवी होस्ट-एक्टर गौरव कपूर आज (11 मार्च 2026) मुंबई में शादी के बंधन में बंध रहे हैं। दोनों ने अपनी शादी को बेहद निजी और सादगी भरे अंदाज में रखने का फैसला किया है। यह समारोह मुंबई में गौरव कपूर के घर पर परिवार और करीबी दोस्तों की मौजूदगी में आयोजित किया गया है। बताया जा रहा है कि कपल ने किसी भव्य डेस्टिनेशन वेडिंग की बजाय एक छोटा और निजी समारोह चुना है। शादी रजिस्ट्रेशन के जरिए हुई, उसके बाद दोस्तों और करीबियों के लिए एक खास आफ्टर-पार्टी भी रखी गई है। इस आफ्टर-पार्टी का इनवाइट सोशल मीडिया पर पहले ही वायरल हो चुका है, जिसमें मेहमानों से “जल्दी आने और देर तक रुकने” की अपील की गई है। शादी में कई चर्चित हस्तियां भी शामिल हुई हैं। कृतिका और गौरव लंबे समय से एक-दूसरे को डेट कर रहे थे और पिछले साल सोशल मीडिया पर अपने रिश्ते को सार्वजनिक किया था। अब दोनों ने अपने करीबी लोगों के बीच शादी करके अपने रिश्ते को नया नाम दे दिया है।

ipolar disorder symptoms: क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डर? मूड स्विंग सबसे बड़ा संकेत, न करें नजरअंदाज

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Last Updated:March 11, 2026, 19:32 IST Bipolar Disorder Symptoms: यदि आपको मूड स्विंग बहुत ज्यादा होता है, तो इसे नजरअंदाज न करें. ये बाइपोलर डिसऑर्डर की शुरुआत हो सकती है, जो आपके रिश्तों और करियर को बर्बाद कर सकती हैं. इसकी तुरंत पहचान और जरूरी इलाज लेना जरूरी है. ख़बरें फटाफट आज के समय में तनाव जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा बन गया है. चाहे करियर हो या फिर रिश्ते लोग कई तरह से मेंटल स्ट्रेस से गुजर रहे हैं. ऐसे में कई बार व्यवहार में अचानक बदलाव को हम नॉर्मल मूड स्विंग का नाम देकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि कुछ मामलों में यह बदलाव एक गंभीर मानसिक स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है. ऐसी ही एक स्थिति है बाइपोलर डिसऑर्डर, जिसे समझना और समय पर पहचानना बहुत जरूरी है. अगर सही समय पर इसका इलाज शुरू न हुआ तो यह व्यक्ति के रोजमर्रा के जीवन, रिश्तों और करियर पर गहरा असर डाल सकता है. वैश्विक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया में बड़ी संख्या में लोग किसी न किसी मानसिक स्वास्थ्य समस्या से जूझ रहे हैं. इनमें बाइपोलर डिसऑर्डर भी एक प्रमुख स्थिति है. क्या होता है बाइपोलर डिसऑर्डरबाइपोलर में आमतौर पर दो तरह की अवस्थाएं देखने को मिलती हैं. पहली होती है मैनिक अवस्था और दूसरी डिप्रेसिव अवस्था. मैनिक अवस्था में व्यक्ति खुद को बेहद ऊर्जावान महसूस करता है. उसे लगता है कि वह बहुत कुछ कर सकता है और कई बार वह बिना सोचे-समझे फैसले भी ले लेता है. ऐसे समय में व्यक्ति बहुत ज्यादा बात करने लगता है, कम नींद के बावजूद सक्रिय रहता है और कई बार जोखिम भरे काम भी कर बैठता है. कुछ लोगों को ऐसा भी महसूस हो सकता है कि वे बहुत ताकतवर हैं. दूसरी तरफ, डिप्रेसिव अवस्था में स्थिति बिल्कुल उलट होती है. इसमें व्यक्ति को लगातार उदासी, थकान और निराशा महसूस होती है. उसे पहले जिन चीजों में खुशी मिलती थी, उनमें भी दिलचस्पी कम होने लगती है. कई बार नींद और भूख के पैटर्न में भी बदलाव देखने को मिलता है. व्यक्ति को ध्यान लगाने में मुश्किल होती है और कुछ गंभीर मामलों में उसके मन में खुद को नुकसान पहुंचाने जैसे विचार भी आ सकते हैं. यही वजह है कि मानसिक स्वास्थ्य विशेषज्ञ इन लक्षणों को गंभीरता से लेने की सलाह देते हैं. कैसे होती है ये प्रॉब्लमबाइपोलर डिसऑर्डर के पीछे कोई एक कारण नहीं है. वैज्ञानिक शोध बताते हैं कि इसके पीछे कई कारक एक साथ काम कर सकते हैं. इनमें जेनेटिक, मस्तिष्क में बदलाव और जीवन से जुड़ी परिस्थितियां शामिल हो सकती हैं. अगर परिवार में पहले किसी को इस तरह की समस्या रही हो तो जोखिम बढ़ सकता है. इसके अलावा, मस्तिष्क में मौजूद केमिकल मैसेंजर जैसे डोपामाइन और सेरोटोनिन के असंतुलन से भी मूड पर असर पड़ सकता है. कैसे करें पहचानडॉक्टरों के अनुसार, बाइपोलर डिसऑर्डर के शुरुआती संकेत आमतौर पर 18 से 30 वर्ष की उम्र के बीच सामने आ सकते हैं. हालांकि, कुछ मामलों में यह इससे पहले या बाद में भी हो सकता है. महिलाओं और पुरुषों में इस समस्या के लक्षण थोड़े अलग दिखाई दे सकते हैं. कई मामलों में पुरुषों में मैनिक अवस्था ज्यादा देखने को मिलती है, जबकि महिलाओं में डिप्रेसिव अवस्था की स्थिति अधिक देखी जाती है. गर्भावस्था और बच्चे के जन्म के बाद हार्मोन में होने वाले बदलाव भी महिलाओं के मूड को प्रभावित कर सकते हैं, इसलिए ऐसे समय में विशेष ध्यान रखने की सलाह दी जाती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 11, 2026, 19:32 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

कान से निकल रहा है पीला या पानी जैसा तरल? भूलकर भी न करें नजरअंदाज, वरना…

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Last Updated:March 11, 2026, 19:16 IST कान हमारे शरीर का बेहद संवेदनशील और जरूरी अंग है, जो न सिर्फ हमें सुनने में मदद करता है बल्कि शरीर के संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाता है. कई बार संक्रमण, चोट, एलर्जी या फंगल इंफेक्शन की वजह से कान से पीले, सफेद या पानी जैसे तरल पदार्थ का निकलना शुरू हो जाता है. लोग अक्सर इसे मामूली समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन ऐसा करना आगे चलकर परेशानी बढ़ा सकता है. ख़बरें फटाफट कान से तरल पदार्थ निकलने का मतलब जानें. जिस तरह आंख, दिल और दिमाग हमारे शरीर के अहम अंग हैं, उसी तरह कान भी बहुत महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं. कान केवल सुनने में ही मदद नहीं करते, बल्कि शरीर के संतुलन को बनाए रखने में भी अहम भूमिका निभाते हैं. इसके बावजूद लोग अक्सर कानों की सफाई और देखभाल को उतनी गंभीरता से नहीं लेते. आमतौर पर तब तक ध्यान नहीं दिया जाता जब तक कान में दर्द या परेशानी शुरू न हो जाए. कई बार लोगों को कान से पीला, सफेद या पानी जैसा तरल पदार्थ निकलते हुए दिखाई देता है. कुछ लोग इसे सामान्य समझकर अनदेखा कर देते हैं, लेकिन यह कई बार किसी संक्रमण या अंदरूनी समस्या का संकेत भी हो सकता है. अगर समय रहते इस पर ध्यान न दिया जाए, तो समस्या और बढ़ सकती है और कान को नुकसान भी पहुंच सकता है. इन कारणों से हो सकती है यह समस्याकान से तरल निकलने के पीछे कई कारण हो सकते हैं. अक्सर यह समस्या बैक्टीरिया या वायरस के संक्रमण के कारण होती है. इसके अलावा कान का पर्दा फटना, कान में चोट लगना, फंगल इंफेक्शन होना, कान में फुंसी बन जाना या गले में संक्रमण होना भी इसकी वजह बन सकता है. अगर कान से हल्का लाल पानी आए, तेज दर्द हो या लगातार तरल निकलता रहे, तो बिना देर किए डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. थोड़ी सी लापरवाही भी सुनने की क्षमता को प्रभावित कर सकती है. लहसुन का तेल दे सकता है राहतआयुर्वेद में कान के हल्के संक्रमण और दर्द से राहत पाने के लिए कुछ घरेलू उपाय बताए गए हैं. इनमें लहसुन का तेल काफी उपयोगी माना जाता है. लहसुन में प्राकृतिक एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो संक्रमण को कम करने में मदद करते हैं. इसे बनाने के लिए सरसों के तेल में लहसुन की कुछ कलियां डालकर अच्छी तरह गर्म कर लें. फिर इसे छानकर ठंडा होने दें. हल्का गुनगुना होने पर कान में इसकी दो बूंद डालने से दर्द और संक्रमण में आराम मिल सकता है. तुलसी और नीम भी हैं फायदेमंदतुलसी में भी एंटीबैक्टीरियल गुण पाए जाते हैं जो संक्रमण से बचाव में मदद कर सकते हैं. हालांकि तुलसी का रस सीधे कान में नहीं डालना चाहिए, बल्कि कान के आसपास की त्वचा पर हल्का लगाने से लाभ मिल सकता है. इसी तरह नीम का तेल भी एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल गुणों से भरपूर होता है. इसे कान के बाहरी हिस्से में लगाने से संक्रमण को कम करने में मदद मिल सकती है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 11, 2026, 19:16 IST

आईजी अनुराग बोले- नशे के खिलाफ एक्शन लेंगे:सोशल मीडिया पर निगरानी रखेंगी पुलिस; थाना स्टाफ को सायबर ट्रेनिंग देने के निर्देश

आईजी अनुराग बोले- नशे के खिलाफ एक्शन लेंगे:सोशल मीडिया पर निगरानी रखेंगी पुलिस; थाना स्टाफ को सायबर ट्रेनिंग देने के निर्देश

इंदौर जोन (ग्रामीण) के आईजी अनुराग ने खंडवा में अपना दो दिवसीय वार्षिक निरीक्षण किया। बुधवार को उन्होंने पुलिस लाइन में परेड का निरीक्षण किया। इसके बाद उन्होंने बलवा परेड, शासकीय वाहनों और पुलिस लाइन की पूरी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान एसपी मनोज कुमार राय और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। आईजी अनुराग ने जिले में बढ़ते हत्या के मामलों को लेकर अधिकारियों से चर्चा की। उन्होंने कहा कि यदि इन अपराधों के पीछे नशा है, तो इसके खिलाफ सख्त अभियान चलाकर कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा साइबर अपराध रोकने के लिए थाना स्टाफ को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी। आदिवासी इलाकों में जागरूकता के लिए भी नए तरीके अपनाए जाएंगे। पुलिसकर्मियों को दी स्वास्थ्य की सलाह रक्षित निरीक्षक कार्यालय में आईजी को सलामी दी गई। इसके बाद आयोजित पुलिस सम्मेलन में करीब 200 अधिकारी-कर्मचारी शामिल हुए। जवानों ने यहां अपनी समस्याएं और सुझाव रखे। आईजी ने एसपी के कार्यों की सराहना करते हुए सभी पुलिसकर्मियों को अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखने और नियमित ‘हार्टफुलनेस’ ध्यान करने की सलाह दी। भ्रामक पोस्ट करने वालों पर होगी सख्ती कंट्रोल रूम में थाना व चौकी प्रभारियों के साथ अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। आईजी ने लंबित अपराधों का समय पर निराकरण करने और संपत्ति संबंधी अपराधों की पतासाजी तेज करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सोशल मीडिया पर भ्रामक पोस्ट करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए। साथ ही साइबर ठगी के पीड़ितों को तुरंत 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के लिए जागरूक किया जाए।