Wednesday, 09 Sep 2026 | 11:50 PM

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Sikar NRI Maama Bharat 1 Crore Mayra

Sikar NRI Maama Bharat 1 Crore Mayra

सीकर56 मिनट पहले कॉपी लिंक दुबई रहने वाले मामा ने अपने भांजे की शादी में करीब एक करोड़ रुपए का मायरा भरा। NRI (अप्रवासी भारतीय) मामा ने एक करोड़ का मायरा (भात) भरा है। 10 मार्च को निभाई गई रस्म के दौरान कैश के अलावा करीब 21 लाख की ज्वेलरी के साथ कपड़े और अन्य गिफ्ट भी दिए हैं। यह पूरा मामला सीकर के कुंडलपुर का है। रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी का यादव परिवार पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बहन मोहिनी देवी के घर (कुंडलपुर) मायरा लेकर पहुंचा था। परिवार सहित दुबई रहने वाले कैलाश यादव ने मायरा भरा। इस दौरान कैलाश के बड़े भाई नारायण यादव और छोटे भाई छोटेलाल यादव भी मौजूद रहे। कुंडलपुर के रहने वाले डॉ. मनोज की शादी बाय (झुंझुनूं) की डॉ. अंजलि से 11 मार्च को हुई थी। डॉ. मनोज के तीन मामा (कैलाश, नारायण, छोटेलाल) हैं। बहन मोहिनी देवी के घर मायरा लेकर पहुंचे नारायण यादव ने गले लगाकर बधाई दी। 500-500 रुपए के नोट की 102 गड्डियां दीं दूल्हे के मामा कैलाश यादव ने बताया- मायरे में 51 लाख रुपए नकद, करीब 21 लाख रुपए की ज्वेलरी के साथ कपड़े व अन्य गिफ्ट दिए गए। कुल मिलाकर एक करोड़ रुपए के आसपास मायरा भरा है। दूल्हे के पिता मदन खातोदिया की पलसाना में कपड़े की दुकान है। भात में 500-500 रुपए के नोट की 102 गड्डियां दी गईं। सीकर के कुंडलपुर में मायरे में कुल 51 लाख रुपए कैश दिए गए। लोगों ने दूल्हे के मामा की सराहना की डॉ. मनोज के मामा का परिवार रानोली की तन में भरथा वाली कोठी का रहने वाला है। सबसे बड़े मामा नारायण यादव और सबसे छोटे मामा छोटेलाल यादव गांव में रहते हैं। दूसरे नंबर के मामा कैलाश यादव परिवार सहित दुबई रहते हैं। कैलाश और छोटेलाल प्रॉपर्टी डीलर हैं। सीकर के रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी के जादम परिवार ने मायरे में कैश के अलावा ज्वेलरी और अन्य गिफ्ट भी दिए। कैलाश जादम ने कहा- माता-पिता से वादा किया था कि बहनों के लिए क्षमता से ज्यादा सहयोग करेंगे। भांजे/भांजी की शादी में अच्छा मायरा भरना भाइयों की सामूहिक सोच थी। बहन मोहिनी देवी ने तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया। दूल्हे के पिता मदन खातोदिया ने कहा कि ये मामा-भांजे और बहन-भाई प्रेम का प्रतीक है। बदलते दौर में बहन-बेटियों को लड़कों से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। ये समाज के लिए पॉजिटिव सोच है। नोटों की गडि्डयों को कार्टन में रखा गया था। दुबई में रहने वाले मामा ने कहा- बहन ने हम तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया है। ‘मायरा या भात’ क्या है? बहन के बच्चों की शादी होने पर ननिहाल पक्ष की ओर से मायरा भरा जाता है। इसे आम बोलचाल की भाषा में भात भी कहते हैं। इस रस्म में ननिहाल पक्ष की ओर बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपए और अन्य सामान दिया जाता है। इसमें बहन के ससुराल पक्ष के लोगों के लिए भी कपड़े और जेवरात आदि होते हैं। बुजुर्गों का मानना है कि ‘मायरा या भात’ को राजस्थानी संस्कृति में बहन-बेटी के घर में आयोजित होने वाले सबसे बड़े समारोह पर आर्थिक संबल देने से जोड़ा गया है। भले ही कानून ने आज बेटों और बेटियों को माता-पिता की जायदाद में बराबरी का हिस्सा दिया हुआ है, इसके बावजूद भी अधिकतर बहनें कभी इस पर अपना दावा नहीं करती है। उनके इसी स्वेच्छा से किए त्याग की भरपाई भाइयों द्वारा ‘मायरे’ में दी गई भेंट से भी करना बताया गया है। ——– मायरा भरने की यह खबर भी पढ़िए…. रिटायर्ड टीचर ने भरा 2 करोड़ का मायरा, 1 करोड़ कैश, गोल्ड ज्वेलरी और प्लॉट दिया नागौर में रिटायर्ड टीचर ने अपने दोहिते की शादी में दो करोड़ रुपए का मायरा (भात) भरा। 250 कारों के काफिले के साथ परिवार सभी रस्मों को निभाने पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Hardik Pandya Tiranga Apman Complaint Filed in Bengaluru

Hardik Pandya Tiranga Apman Complaint Filed in Bengaluru

29 मिनट पहले कॉपी लिंक क्रिकेटर हार्दिक पंड्या के खिलाफ तिरंगे के अपमान को लेकर बेंगलुरु में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुणे के वकील वाजिद खान बिडकर ने यह शिकायत की है। टी-20 वर्ल्ड कप में भारत की जीत के बाद अहमदाबाद में जश्न के दौरान पंड्या पर तिरंगे का सम्मान न करने का आरोप लगाया गया है। वायरल वीडियो के आधार पर शिकायत शिकायतकर्ता के अनुसार, टीम इंडिया की जीत के बाद मैदान पर जश्न मनाते हुए कई वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। एक वीडियो में पंड्या अपने कंधे पर तिरंगा ओढ़कर मैदान पर नाचते और दौड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं। आरोप है कि जश्न के दौरान पंड्या अपनी गर्लफ्रेंड के साथ मंच पर लेटे दिखे। उस समय भी उनके कंधे पर तिरंगा था। शिकायतकर्ता का कहना है कि यह राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान के खिलाफ है। हार्दिक पंड्या टी-20 वर्ल्ड कप जीतने के बाद गर्लफ्रेंड के साथ जश्न मनाते हुए दिखे। तिरंगा उनके कंधे पर था। राष्ट्रीय ध्वज कानून का हवाला वकील वाजिद खान ने कहा कि द प्रिवेंशन ऑफ इंसल्ट्स टु नेशनल ऑनर एक्ट, 1971 के अनुसार तिरंगे की गरिमा बनाए रखना अनिवार्य है। उनका आरोप है कि जश्न के दौरान हार्दिक पंड्या इस बात का ध्यान नहीं रख पाए, जिसे राष्ट्रीय ध्वज का अपमान माना जा सकता है। इस मामले में उन्होंने इसी कानून की धारा 2 के तहत शिकायत दर्ज कराई है। यह कानून राष्ट्रीय ध्वज, संविधान और राष्ट्रगान जैसे राष्ट्रीय प्रतीकों के अपमान को रोकने के लिए बनाया गया है। इसके तहत तिरंगे को जमीन पर गिरने देना, उसे अनुचित तरीके से पहनना या किसी भी तरह उसकी गरिमा को ठेस पहुंचाना दंडनीय माना जाता है। खान ने बताया कि उन्होंने शिवाजी नगर पुलिस स्टेशन में लिखित शिकायत दी है। शुरुआत में पुलिस ने कहा कि घटना अहमदाबाद में हुई है, इसलिए मामला वहीं दर्ज होना चाहिए। हालांकि, खान ने तर्क दिया कि तिरंगा पूरे देश का राष्ट्रीय प्रतीक है, इसलिए इसकी शिकायत कहीं भी दर्ज कराई जा सकती है। बाद में पुलिस ने उनकी शिकायत स्वीकार कर ली और उसकी कॉपी भी उन्हें दे दी। बेंगलुरु के वकील वाजेद खान बिडकर जिन्होंने पंड्या के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। भारत ने न्यूजीलैंड को हराकर जीता खिताब भारत ने फाइनल में न्यूजीलैंड को 96 रन से हराकर टी-20 वर्ल्ड कप का खिताब जीता। यह भारत का तीसरा टी-20 वर्ल्ड कप खिताब है। भारत इससे पहले 2007 और 2024 में भी यह ट्रॉफी जीत चुका है। साथ ही, यह पहली बार है जब किसी टीम ने अपने ही देश में टी-20 वर्ल्ड कप जीता और लगातार दो बार खिताब अपने नाम किया। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… IPL के शुरुआती 20 मैच का शेड्यूल जारी: 28 मार्च को बेंगलुरु में RCB-SRH का ओपनिंग मैच IPL 2026 के शुरुआती 20 मैचों का शेड्यूल बुधवार को जारी कर दिया गया है। ओपनिंग मैच 28 मार्च को डिफेंडिंग चैंपियन रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) और सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के बीच खेला जाएगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Sensex Falls 1000 Points, Nifty Down 300; Auto & Banking Stocks See Selloff

Sensex Falls 1000 Points, Nifty Down 300; Auto & Banking Stocks See Selloff

Hindi News Business Sensex Falls 1000 Points, Nifty Down 300; Auto & Banking Stocks See Selloff मुंबई47 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजराइल और ईरान के कारण शेयर बाजार में आज यानी 12 मार्च को लगातार दूसरे गिरावट है। सेंसेक्स करीब 600 अंक की गिरावट के साथ 76,300 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। वहीं निफ्टी में भी करीब 200 अंक की गिरावट है, ये 23,700 पर कारोबार कर रहा है। ऑटो, मेटल, FMCG और बैंकिंग शेयर्स में ज्यादा गिरावट है। दोपहर 12 बजे सेंसेक्स के 30 शेयरों में से 22 में गिरावट। बाजार गिरने की 3 मुख्य वजहें अमेरिका-इजराइल और ईरान युद्ध से सप्लाई चेन बिगड़ गई है। कच्चे तेल के दाम बढ़ने से भारत का इंपोर्ट बिल और महंगाई बढ़ेगी। अमेरिका और एशियाई बाजारों में गिरावट का असर भारत पर। कच्चा तेल फिर 100 डॉलर पार ग्लोबल मार्केट में कच्चे तेल की कीमतों में आज तेजी है। ब्रेंट क्रूड करीब 9% बढ़कर फिर 101 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं अमेरिकी तेल WTI भी 95 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। इससे पहले कल इस कच्चे तेल की कीमत में गिरावट थी। वहीं 9 मार्च को ब्रेंट क्रूड 116 डॉलर पर पहुंच गया था। एशियाई बाजारों में गिरावट साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 1.30% गिरकर 5,537 पर कारोबार कर रहा है। जापान का निक्केई 848 अंक या 1.50% गिरकर 54,177 पर कारोबार कर रहा है। हॉन्गकॉन्ग का हैंगसेंग इंडेक्स 344 अंक या 1.30% गिरकर 25,554 पर कारोबार कर रहा है। चीन का शंघाई कंपोजिट इंडेक्स 26 अंक या 0.64% नीचे 4,106 पर कारोबार कर रहा है। अमेरिकी बाजार में 11 मार्च को गिरावट रही डाउ जोन्स 289 अंक (0.61%) गिरकर 47,417 के स्तर पर बंद हुआ। टेक बेस्ड इंडेक्स नैस्डैक कंपोजिट 0.08% बढ़कर 22,716 पर बंद हुआ। S&P 500 इंडेक्स 6 अंक (0.08%) गिरकर 6,775 पर बंद हुआ। 11 मार्च को FII ने ₹4,672 करोड़ के शेयर्स बेचे एक दिन पहले विदेशी निवेशकों (FIIs) ने कैश सेगमेंट में ₹6,267 करोड़ के शेयर बेचे। घरेलू निवेशकों (DIIs) ने ₹4,965 करोड़ की नेट खरीदारी की। मार्च महीने में विदेशी निवेशकों ने अब तक ₹39,116 करोड़ के शेयर्स बेचे। वहीं घरेलू निवेशकों ने इस दौरान ₹53,099 करोड़ की नेट खरीदारी की है। फरवरी महीने में विदेशी निवेशकों ने ₹6,640 करोड़ के शेयर्स बेचे हैं। वहीं घरेलू निवेशकों ने इस दौरान ₹38,423 करोड़ की नेट खरीदारी की थी। कल बाजार में रही थी गिरावट इससे पहले कल यानी 11 मार्च को शेयर बाजार में गिरावट रही थी। सेंसेक्स 1342 अंक (1.72%) की गिरावट के साथ 76,864 के स्तर पर बंद हुआ था। वहीं निफ्टी में भी 395 अंक (1.63%) की गिरावट रही, ये 23,867 पर बंद हुआ था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कृतिका कामरा-गौरव कपूर ने घर पर रजिस्टर्ड मैरिज की:लाल चंदेरी साड़ी में दिखीं एक्ट्रेस; सहवाग-युवराज समेत कई स्टार्स पहुंचे

कृतिका कामरा-गौरव कपूर ने घर पर रजिस्टर्ड मैरिज की:लाल चंदेरी साड़ी में दिखीं एक्ट्रेस; सहवाग-युवराज समेत कई स्टार्स पहुंचे

एक्ट्रेस कृतिका कामरा और मशहूर होस्ट गौरव कपूर शादी के बंधन में बंध गए हैं। 11 मार्च की शाम मुंबई के बांद्रा स्थित अपने घर पर दोनों ने एक निजी समारोह में रजिस्टर्ड मैरिज की। कृतिका और गौरव ने किसी बड़े ताम-झाम और पारंपरिक शादी की बजाय घर पर ही शादी करने का फैसला किया। समारोह में केवल परिवार के सदस्य और कुछ करीबी दोस्त ही शामिल हुए। मां की गिफ्ट की हुई लाल चंदेरी साड़ी पहनी शादी के मौके पर कृतिका कामरा लाल रंग की चंदेरी साड़ी में बेहद खूबसूरत नजर आईं। खास बात यह है कि यह साड़ी उन्हें उनकी मां ने गिफ्ट की थी। इसे कृतिका के अपने ब्रांड ‘सिन्नाबार’ ने तैयार किया है, जो पारंपरिक चंदेरी कला को बचाने और महिला कारीगरों को बढ़ावा देने का काम करता है। वहीं, गौरव कपूर ने डिजाइनर राघवेंद्र राठौड़ का आइवरी और गोल्ड रंग का ट्रेडिशनल आउटफिट पहना, जो शाम के माहौल से मेल खा रहा था। क्रिकेट और बॉलीवुड शामिल हुए शादी के बाद घर की छत (टेरेस) पर एक आफ्टर-पार्टी रखी गई। इसमें क्रिकेट जगत से वीरेंद्र सहवाग, जहीर खान और युवराज सिंह पहुंचे। वहीं बॉलीवुड और टीवी इंडस्ट्री से नेहा धूपिया, अंगद बेदी, सोहा अली खान, मलाइका अरोड़ा और पूजा गौर जैसे सितारे शामिल हुए। अपनों के बीच नया चैप्टर शुरू करना खुशी की बात अपनी शादी को लेकर गौरव और कृतिका ने कहा, ‘हम हमेशा से मानते रहे हैं कि जिंदगी के सबसे खास पल वही होते हैं, जो आप अपने प्रिय लोगों के साथ साझा करते हैं। हमें बहुत खुशी है कि हम अपनी जिंदगी का यह नया अध्याय मुंबई में अपने घर पर, अपने परिवार और सबसे करीबी दोस्तों के बीच शुरू कर पा रहे हैं।’

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का गेम माना जाता है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। इस पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। यह पिछले चार संस्करणों में सबसे ज्यादा है। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। लेकिन, इन तमाम वेरिएशंस के बीच गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बनी एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साधारण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पैल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदें उन्होंने ऑफ-कटर ही रखीं। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाटा विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने से बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी होती है। इसलिए मैंने स्मार्ट तरीके से खेला और यह सोचने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम बुमराह का होमग्राउंड है। अहमदाबाद में सबसे खतरनाक रहा यह वैरिएशन क्योंकि मैदान बड़ा क्या होती है ऑफ कटर? क्रिकेट में ‘ऑफ-कटर’ तेज गेंदबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्लोअर वेरिएशन का एक प्रकार है। यह एक तेज गेंदबाज द्वारा फेंकी गई ऑफ-स्पिन गेंद होती है। जब कोई तेज गेंदबाज इसे फेंकता है, तो वह अपने सामान्य रन-अप और एक्शन के साथ ही आता है, लेकिन गेंद को रिलीज करते समय अपनी उंगलियों को सीम पर दाईं ओर (घड़ी की सुई की दिशा में) तेजी से फेरता है। इसे ही तकनीकी भाषा में गेंद को ‘कट’ करना कहते हैं। अंगुलियों के इस खास एक्शन की वजह से गेंद की गति अपने आप काफी कम हो जाती है। पिच पर टप्पा खाने के बाद यह गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर (ऑफ स्टंप) से अंदर (लेग स्टंप या शरीर) की तरफ आती है। चूंकि बल्लेबाज रन-अप को देखकर एक तेज गेंद की उम्मीद कर रहा होता है, इसलिए गति में अचानक आए इस बदलाव से उसकी टाइमिंग पूरी तरह बिगड़ जाती है। गेंद पिच पर थोड़ी रुक कर आती है, जिससे बल्लेबाज अक्सर अपना शॉट जल्दी खेल बैठता है। इसका नतीजा यह होता है कि गेंद हवा में खड़ी हो जाती है या बल्लेबाज सीधे बोल्ड और एलबीडब्ल्यू हो जाता है। टी-20 क्रिकेट में यह गेंद सबसे बड़े हथियारों में से एक है। विशेष रूप से जब पिच सूखी या ग्रिपी हो, तो यह गेंद टप्पा खाकर पिच को ज्यादा पकड़ती है और बल्लेबाजों के लिए इसे पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में तेज गेंदबाज रन रोकने और अहम मौकों पर विकेट निकालने के लिए इसी ‘ऑफ-कटर’ पर सबसे ज्यादा भरोसा जताते हैं। जसप्रीत बुमराह, ड्वेन ब्रावो, मुस्तफिजुर रहमान और हर्षल पटेल जैसे गेंदबाज इस कला में दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज माने जाते हैं।

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

ऑफ कटर से गच्चा खा रहे मॉडर्न बैटर:वर्ल्ड कप के 357 विकेट पेसर्स को, इसमें 68 ऑफ कटर पर गिरे, बुमराह इसके उस्ताद

टी-20 क्रिकेट को हमेशा से बल्लेबाजों का गेम माना जाता है, लेकिन टी-20 वर्ल्ड कप 2026 में तेज गेंदबाजों ने ‘स्लोअर गेंदों’ (पेस-ऑफ) के जरिए जोरदार वापसी की। इस पूरे टूर्नामेंट में तेज गेंदबाजों द्वारा फेंकी गई कुल गेंदों में स्लोअर का प्रतिशत 15.88% रहा, यानी लगभग हर छठी गेंद गति कम करके फेंकी गई। यह पिछले चार संस्करणों में सबसे ज्यादा है। आधुनिक क्रिकेट में तेज गेंदबाजों के पास लेग-कटर, नकल-बॉल और स्प्लिट-फिंगर जैसी कई नई और जटिल स्लोअर गेंदें मौजूद हैं। लेकिन, इन तमाम वेरिएशंस के बीच गेंदबाजों का सबसे मारक हथियार बनी एक पुरानी और बेसिक गेंद-‘ऑफ-कटर’। विकेट निकालने के लिए गेंदबाजों ने स्लोअर गेंदों की वैरायटी में से इसी साधारण गेंद पर सबसे ज्यादा भरोसा जताया। फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड के खिलाफ जसप्रीत बुमराह ने इसी स्विंग होती ऑफ-कटर का इस्तेमाल करके 4 कीवी बल्लेबाजों को पवेलियन भेजा और भारत को शानदार जीत दिलाई। बुमराह ने फाइनल में अपने 4 ओवर के स्पैल में 18 गेंदें ऑफ कटर फेंकी बुमराह ने इस वैरिएशन का सबसे ज्यादा फायदा उठाया। फाइनल में फेंकी गई अपनी 24 गेंदों में से 18 गेंदें उन्होंने ऑफ-कटर ही रखीं। फाइनल में ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ बनने के बाद बुमराह ने कहा था, ‘अपने अनुभव और यहां के पाटा विकेटों पर खेलने की वजह से मैंने सीखा है कि ज्यादा तेज गेंद फेंकने से बल्लेबाजों को शॉट खेलने में आसानी होती है। इसलिए मैंने स्मार्ट तरीके से खेला और यह सोचने की कोशिश की कि बल्लेबाज क्या करने की कोशिश कर रहे हैं।’ गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम बुमराह का होमग्राउंड है। अहमदाबाद में सबसे खतरनाक रहा यह वैरिएशन क्योंकि मैदान बड़ा क्या होती है ऑफ कटर? क्रिकेट में ‘ऑफ-कटर’ तेज गेंदबाजों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले स्लोअर वेरिएशन का एक प्रकार है। यह एक तेज गेंदबाज द्वारा फेंकी गई ऑफ-स्पिन गेंद होती है। जब कोई तेज गेंदबाज इसे फेंकता है, तो वह अपने सामान्य रन-अप और एक्शन के साथ ही आता है, लेकिन गेंद को रिलीज करते समय अपनी उंगलियों को सीम पर दाईं ओर (घड़ी की सुई की दिशा में) तेजी से फेरता है। इसे ही तकनीकी भाषा में गेंद को ‘कट’ करना कहते हैं। अंगुलियों के इस खास एक्शन की वजह से गेंद की गति अपने आप काफी कम हो जाती है। पिच पर टप्पा खाने के बाद यह गेंद दाएं हाथ के बल्लेबाज के लिए बाहर (ऑफ स्टंप) से अंदर (लेग स्टंप या शरीर) की तरफ आती है। चूंकि बल्लेबाज रन-अप को देखकर एक तेज गेंद की उम्मीद कर रहा होता है, इसलिए गति में अचानक आए इस बदलाव से उसकी टाइमिंग पूरी तरह बिगड़ जाती है। गेंद पिच पर थोड़ी रुक कर आती है, जिससे बल्लेबाज अक्सर अपना शॉट जल्दी खेल बैठता है। इसका नतीजा यह होता है कि गेंद हवा में खड़ी हो जाती है या बल्लेबाज सीधे बोल्ड और एलबीडब्ल्यू हो जाता है। टी-20 क्रिकेट में यह गेंद सबसे बड़े हथियारों में से एक है। विशेष रूप से जब पिच सूखी या ग्रिपी हो, तो यह गेंद टप्पा खाकर पिच को ज्यादा पकड़ती है और बल्लेबाजों के लिए इसे पढ़ना बेहद मुश्किल हो जाता है। यही वजह है कि वर्ल्ड कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में तेज गेंदबाज रन रोकने और अहम मौकों पर विकेट निकालने के लिए इसी ‘ऑफ-कटर’ पर सबसे ज्यादा भरोसा जताते हैं। जसप्रीत बुमराह, ड्वेन ब्रावो, मुस्तफिजुर रहमान और हर्षल पटेल जैसे गेंदबाज इस कला में दुनिया के सबसे बेहतरीन गेंदबाज माने जाते हैं।

मंदसौर की झील गुप्ता बनीं सिविल जज:गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में 11वां स्थान मिला, जिले में खुशी की लहर

मंदसौर की झील गुप्ता बनीं सिविल जज:गुजरात न्यायिक सेवा परीक्षा में 11वां स्थान मिला, जिले में खुशी की लहर

मंदसौर जिले के लिए गौरव का क्षण है। शहर की बेटी झील गुप्ता ने गुजरात में आयोजित सिविल जज (ज्यूडिशियल सर्विस) परीक्षा में 11वां स्थान हासिल किया है। उनकी इस उपलब्धि से परिवार के साथ-साथ पूरे शहर में खुशी और गर्व का माहौल है। झील गुप्ता, जिला सहकारी बैंक मंदसौर शाखा के शाखा प्रबंधक राजेंद्र लक्ष्मीनारायण गुप्ता की पुत्री हैं। जैसे ही उनके चयन और रैंक की जानकारी सामने आई, परिवार, रिश्तेदारों, मित्रों और शहरवासियों ने उन्हें बधाइयां दीं और उज्ज्वल भविष्य की कामनाएं कीं। मेहनत, अनुशासन से मिलती है सफलता झील गुप्ता ने बताया कि इस सफलता के लिए उन्होंने लंबे समय तक लगातार मेहनत, अनुशासन और लगन के साथ तैयारी की। तैयारी के दौरान कई चुनौतियां भी सामने आईं, लेकिन परिवार और शिक्षकों के सहयोग तथा अपने आत्मविश्वास से उन्होंने सभी कठिनाइयों को पार किया। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता, शिक्षकों और परिवार के सहयोग को दिया। झील ने बताया कि परीक्षा की तैयारी के दौरान उन्होंने नियमित पढ़ाई, बेहतर समय प्रबंधन और विषयों को गहराई से समझने पर खास ध्यान दिया। युवाओं को संदेश देते हुए झील गुप्ता ने कहा कि जो छात्र सिविल जज बनने का सपना देखते हैं, उन्हें धैर्य, मेहनत और सकारात्मक सोच के साथ तैयारी करनी चाहिए। असफलता से घबराने के बजाय उससे सीखकर आगे बढ़ना ही सफलता की कुंजी है। भविष्य की योजनाओं को लेकर झील गुप्ता ने कहा कि जज के रूप में उनका लक्ष्य न्याय व्यवस्था को मजबूत बनाना और आम लोगों को शीघ्र व निष्पक्ष न्याय दिलाने की दिशा में काम करना है। उनकी इस उपलब्धि पर शहर के जनप्रतिनिधियों और नागरिकों ने भी शुभकामनाएं दी हैं।

पिता के निधन के बाद जितेश की बदली सोच:बोले- वर्ल्डकप टीम से बाहर होने का दुख छोटा लगा, मैं फिनिशर बनने को तैयार

पिता के निधन के बाद जितेश की बदली सोच:बोले- वर्ल्डकप टीम से बाहर होने का दुख छोटा लगा, मैं फिनिशर बनने को तैयार

भारतीय विकेटकीपर बल्लेबाज जितेश शर्मा ने कहा कि टी-20 वर्ल्ड कप की भारतीय टीम में जगह नहीं मिलने से उन्हें निराशा जरूर हुई थी, लेकिन कुछ ही समय बाद उनके जीवन में ऐसा व्यक्तिगत दुख आया जिसने उनकी सोच पूरी तरह बदल दी। जितेश के पिता मोहन शर्मा का 1 फरवरी को छोटी बीमारी के बाद निधन हो गया। उन्होंने बताया कि उस समय वह सात दिन तक अपने पिता के साथ रहे और उसी दौरान उन्हें एहसास हुआ कि परिवार उनके लिए वर्ल्ड से भी ज्यादा महत्वपूर्ण था। समाचार एजेंसी पीटीआई (PTI) को दिए एक इंटरव्यू में जितेश ने अपने करियर के उतार-चढ़ाव और निजी जिंदगी पर खुलकर बात की। जितेश बोले- वर्ल्ड कप से ज्यादा मेरे पिता को मेरी जरूरत थी वर्ल्ड कप टीम से बाहर होने के अनुभव पर जितेश ने कहा,’जब मुझे पता चला कि मेरा सिलेक्शन नहीं हुआ है, तो मैं थोड़ा निराश था। आखिर मैं भी एक इंसान हूं और बुरा महसूस करना स्वाभाविक है। लेकिन कुछ ही समय बाद मेरे पिता बीमार हो गए और 1 फरवरी को उनका निधन हो गया। मैं उनके आखिरी सात दिनों में उनके साथ था। तब मुझे अहसास हुआ कि मेरे पिता को वर्ल्ड कप से ज्यादा मेरी जरूरत थी। उसके बाद मेरे मन में टीम से बाहर होने का कोई दुख नहीं रहा।’ घर के बड़े बेटे की जिम्मेदारी, परिवार के सामने कमजोर नहीं हो सकता पिता के जाने के बाद जितेश अब अपने परिवार में सबसे बड़े बेटे की भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा,’जब आप अपने पिता को खो देते हैं, तब आपको समझ आता है कि अब परिवार के फैसले लेने की जिम्मेदारी आपकी है। मुझे अपनी मां और भाई का ख्याल रखना है। मैं उनके सामने अपनी भावनाओं को जाहिर नहीं कर सकता और न ही कमजोर दिख सकता हूं, क्योंकि जब मैं क्रिकेट खेलता हूं तो वे मुझे ही देख रहे होते हैं।’ क्रिकेट ने सिखाई मजबूती जितेश का कहना है कि क्रिकेट ने उन्हें इस दुख के साथ आगे बढ़ना सिखाया है। उन्होंने कहा,’अगर मेरे पिता आज जिंदा होते तो वह मुझे यही कहते कि जाओ और अभ्यास करो, मेरे बारे में चिंता मत करो। इसलिए जब भी मैं दुखी होता हूं, यही सोचता हूं कि वह मुझे खेलने और आगे बढ़ने की सलाह देते।’ रिंकू सिंह से ली प्रेरणा जितेश ने अपने साथी खिलाड़ी रिंकू सिंह का जिक्र करते हुए कहा कि निजी मुश्किलों के बाद मैदान पर लौटना बहुत बड़ी बात होती है। विराट कोहली से मिलती है प्रेरणा जितेश ने बताया कि IPL में रॉयल चैंलेंजर्स बेंगलुरु के साथ रहते हुए उन्हें विराट कोहली को करीब से देखने का मौका मिलता है, जिससे उन्हें काफी प्रेरणा मिलती है। उन्होंने कहा कि कोहली की तैयारी,अनुशासन और ऊर्जा से बहुत कुछ सीखने को मिलता है। सिर्फ छोटी-छोटी चीजें देखकर भी बहुत कुछ सीखा जा सकता है। जिस तरह विराट अपना दिन शुरू करते हैं और तैयारी करते हैं, वह बहुत प्रेरणादायक है। हालांकि 32 साल की उम्र में भी मैं उनकी ऊर्जा की बराबरी नहीं कर सकता। तीन विकेटकीपर भी खेल सकते हैं साथ टीम कॉम्बिनेशन पर बात करते हुए जितेश ने कहा कि वह किसी भी भूमिका में खेलने के लिए तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अगर टीम के हित में हो तो एक साथ तीन विकेटकीपर भी खेल सकते हैं। दो विकेटकीपर अपनी भूमिका निभाएं और तीसरा फिनिशर की भूमिका में खेले। टीम में संजू सैमसन और ईशान किशन भी विकेटकीपर-बल्लेबाज के रूप में विकल्प हैं।

Iran School Attack | US Blamed For Childrens Deaths

Iran School Attack | US Blamed For Childrens Deaths

तेल अवीव/तेहरान1 मिनट पहले कॉपी लिंक 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान में स्कूल पर अमेरिकी हमले के बाद का फुटेज। ईरान के मीनाब शहर में प्राथमिक स्कूल पर हुए मिसाइल हमले के लिए शुरुआती जांच में अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया गया है। अमेरिकी सैन्य जांच के मुताबिक पुराने टार्गेटिंग डेटा के इस्तेमाल से स्कूल की गलत पहचान हुई थी। 28 फरवरी को हुए इस हमले में टॉमहॉक क्रूज मिसाइल से स्कूल की इमारत को निशाना बनाया गया था। उस समय अमेरिकी सेना स्कूल के पास के एक ईरानी नौसैनिक अड्डे पर हमला कर रही थी, जो पहले उसी कैंपस का हिस्सा रहा था। जांच में सामने आया कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने खुफिया एजेंसी की तरफ से दिए गए पुराने डेटा के आधार पर निशाना साधा था। इसमें स्कूल को सैन्य ठिकाना समझ लिया गया। ईरानी अधिकारियों के मुताबिक इस हमले में 160 से ज्यादा बच्चों सहित कम से कम 175 लोगों की मौत हुई। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि पुराने डेटा की पुष्टि क्यों नहीं की गई। 1 मार्च को हवाई हमले में मारे गए बच्चों और शिक्षकों के अंतिम संस्कार से पहले, मीनाब के एक कब्रिस्तान में लगभग 100 कब्रें खोदी गईं थी। इजराइल-अमेरिका और ईरान के बीच जंग से जुड़ी तस्वीरें… फारस की खाड़ी में बुधवार रात एक ऑयल टैंकर में हमले के बाद आग लग गई। हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि ये हमला किसने किया था। ओमान के सलालाह बंदरगाह पर ईरानी ड्रोन हमले के बाद बुधवार को आग लग गई। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने गुरुवार को ईरान विमान पर हमले का फुटेज जारी किया। ईरान के मिसाइल लॉन्चर पर अमेरिकी हमले का फुटेज। इजराइल ने बुधवार को लेबनान की राजधानी बेरूत में ईरान समर्थक उग्रवादी संगठन हिजबुल्लाह को निशाना बनाकर हमला किया। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए… लाइव अपडेट्स 2 मिनट पहले कॉपी लिंक ट्रम्प के पास जंग खत्म करने का कोई प्लान नहीं 18 फरवरी को जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प यह तय कर रहे थे कि ईरान पर हमला किया जाए या नहीं, तब ऊर्जा मंत्री क्रिस राइट ने एक इंटरव्यू में कहा था कि उन्हें यह चिंता नहीं थी कि अगर युद्ध हुआ तो मिडिल ईस्ट से तेल की सप्लाई पर असर पड़ेगा या तेल के बाजार में बड़ी गड़बड़ी होगी। राइट ने कहा था कि पिछले साल जून में जब इजराइल और अमेरिका ने ईरान पर हमले किए थे, तब भी तेल बाजार पर ज्यादा असर नहीं पड़ा था। उनके मुताबिक उस समय तेल की कीमत थोड़ी बढ़ी थी, लेकिन जल्द ही फिर नीचे आ गई थी। ट्रम्प के दूसरे सलाहकार भी निजी तौर पर इसी तरह की राय रखते थे। उनका मानना था कि चेतावनियां बढ़ा-चढ़ाकर दी जा रही हैं और ईरान शायद ही इस बार तेल ले जाने वाले समुद्री रास्तों को बंद करेगा, जिनसे दुनिया की लगभग 20 प्रतिशत तेल सप्लाई गुजरती है। पढ़ें पूरी खबर… 4 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान की टॉप लीडरशिप खत्म, फिर कैसे जंग लड़ रहा ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच 12 दिनों से जंग जारी है। पहले ही दिन सुप्रीम लीडर खामेनेई की मौत के बाद अब तक करीब 50 टॉप अधिकारी हमले में मारे गए हैं। इसके बावजूद ईरान दावा कर रहा है कि वह लंबे समय तक जंग लड़ सकता है। अल जजीरा के मुताबिक इसके लिए ईरान ने एक खास स्ट्रेटजी बनाई है, जिसमें सेना का कमान किसी के पास नहीं बल्कि 7 छोटे-छोटे हिस्सों में बांट दी गई है। इसके अलावा हर पद के लिए 4 संभावित उत्तराधिकारी पहले से तय कर दिए गए हैं। यह खबर भी पढ़ें… 30 मिनट पहले कॉपी लिंक ईरान में 19 हजार से ज्यादा बिल्डिंग्स को नुकसान हुआ ईरानी रेड क्रिसेंट सोसाइटी (IRCS) के मुताबिक ईरान में अमेरिका और इजराइल के हवाई हमलों में 19 हजार से ज्यादा नागरिक इमारतों को नुकसान हुआ है। शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक कुल 19,734 इमारतें प्रभावित हुई हैं, जिनमें लगभग 16 हजार घर, 3300 से ज्यादा ऑफिस-दुकानें, 77 अस्पताल और करीब 69 स्कूल शामिल हैं। रेड क्रिसेंट ने बताया कि राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं। मलबे से कई घायलों को निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया है। हमलों में रेड क्रिसेंट के कई केंद्रों को भी नुकसान हुआ है और बचाव अभियान के दौरान कुछ राहतकर्मी घायल हुए हैं। 31 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका पेट्रोल सस्ता करने के लिए रिजर्व तेल का इस्तेमाल करेगा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ने कहा है कि अमेरिका सरकार पेट्रोल की बढ़ती कीमतों को कम करने के लिए स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिजर्व से तेल जारी करेगी। उन्होंने कहा कि ईरान से जुड़े युद्ध के कारण तेल की कीमतें बढ़ी हैं, इसलिए रिजर्व का कुछ हिस्सा इस्तेमाल किया जाएगा। ट्रम्प ने बताया कि इससे पेट्रोल की कीमतें कम होंगी और बाद में इस रिजर्व को फिर से भर दिया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कितनी मात्रा में तेल जारी किया जाएगा। अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका की सैन्य कार्रवाई से ईरान की सेना को बड़ा नुकसान हुआ है, साथ ही उसकी नौसेना और वायुसेना कमजोर हो गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास दुनिया की सबसे ताकतवर सेना है। ट्रम्प ने कहा कि अगर मोजतबा खामेनेई ईरान की सत्ता में बने रहते हैं तो इस पर वे कोई टिप्पणी नहीं करना चाहते। उन्होंने कहा कि वे ईरान के राजनीतिक भविष्य पर बयान नहीं देंगे। 32 मिनट पहले कॉपी लिंक कतर पर ईरान का मिसाइल हमला, 9 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं ईरान ने कतर की ओर 9 बैलिस्टिक मिसाइलें और कई ड्रोन दागे हैं। कतर के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक देश के एयर डिफेंस सिस्टम ने 8 मिसाइलों और सभी ड्रोन को हवा में ही मार गिराया। मंत्रालय ने बताया कि एक मिसाइल निर्जन इलाके में गिर गई, जिससे किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर रखे हुए हैं। कतर से 500 से ज्यादा भारतीय सुरक्षित भारत लौटे कतर में बढ़ते तनाव के बीच अब तक 500 से

City Commercial Gas Cylinder Crisis Hits Weddings; Chai-Poha Shops May Shut

City Commercial Gas Cylinder Crisis Hits Weddings; Chai-Poha Shops May Shut

इंदौर57 मिनट पहलेलेखक: अभिषेक दुबे कॉपी लिंक “अगर आपके पास एक सिलेंडर है तो उसे डबल कराएं और वेटिंग की असुविधा से बचें।” “प्लांट से माल की कमी होने से 10 दिन की वेटिंग चल रही है। 8 दिन पुरानी बुकिंग होने पर ही सिलेंडर दिया जाएगा। इंस्टेंट बुकिंग पर सिलेंडर नहीं दिया जाएगा।” यह बातें एमपी के अधिकांश गैंस एजेंसी के बाहर एजेंसी संचालकों ने पोस्टर लगाकर चस्पा कर रखी है। ईरान-इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर अब शहर की रसोई और खान-पान कारोबार पर दिखने लगा है। तेल कंपनियों ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की बुकिंग और डिलीवरी पर फिलहाल रोक लगा दी है। इसका सीधा असर इंदौर में रोजाना सप्लाई होने वाले 3000 से 3200 कमर्शियल सिलेंडरों पर पड़ेगा। इससे करीब 8 हजार से ज्यादा होटल, रेस्टारेंट, केटरर्स और छोटे कारोबारियों की बुकिंग प्रभावित होगी। इंदौर के खानपान कारोबारियों का कहना है कि अगर जल्दी सप्लाई शुरू नहीं हुई तो चाय-पोहे की छोटी दुकानों से लेकर रेस्टारेंट तक एक-दो दिन में बंद होने लगेंगे। दूसरी ओर मार्च में शादियों का सीजन शुरू होने से मैरिज गार्डन और होटलों में करीब 1000 से 1200 शादियां तय हैं, जिन पर भी इसका असर पड़ सकता है। 2500 लोगों के खाने के लिए 40 सिलेंडर चाहिए कैटरर नीरकांत समदानी के मुताबिक अभी सबसे बड़ी चिंता आने वाले आयोजनों की है। उन्होंने कहा, 2500 लोगों के आयोजन में करीब 40 सिलेंडर लगते हैं। स्टॉल कम करने पर भी 14-15 सिलेंडर चाहिए। ऐसे में अचानक सप्लाई रुकने से आयोजन करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने सुझाव दिया कि सरकार कीमत बढ़ा दे या सीमा तय कर दे, लेकिन सिलेंडर की उपलब्धता सुनिश्चित करे। व्यावसायिक सेक्टर- 400 केटरर्स, 100 होटल्स, 250 से ज्यादा बड़े रेस्टारेंट, 12000 से ज्यादा छोटे-बड़े रेस्टारेंट और खान-पान कारोबारी संकट में। छोटे-बड़े उद्योग – करीब 2000, इसमें भी दो तरह के उपयोगकर्ता है। एक जिनको बल्क एलपीजी की जरूरत, दूसरे कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग कर रहे जैसे फेब्रिकेशन, ऑटो मोबाइल, सामान्य वेल्डिंग कारोबारी घरेलू गैस की स्थिति – फिलहाल परेशानी नहीं, तीनों कंपनियों के करीब 11 लाख कनेक्शन, 22-24 हजार सिलेंडर प्रतिदिन सप्लाय हो रहे, गर्मी से डिमांड में भी 20 फीसदी कमी आई, 3 से 4 दिन में वेटिंग क्लीयर हो रही। केटरर्स और रेस्टारेंट संचालक पहुंचे प्रशासन के पास तेल कंपनियों के फैसले के बाद मंगलवार शाम केटरर्स और रेस्टारेंट संचालक प्रशासन और खाद्य विभाग के अधिकारियों से मिलने पहुंचे। कनेक्टर शिवम वर्मा और केटरर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी उमेश जैन, अजय जैन और नितिन खटोड़ ने बताया कि अचानक सप्लाई रोकने से पूरा खान-पान कारोबार संकट में आ गया है। कारोबारियों का कहना है कि हालात को देखते हुए वे मेन्यू में आइटम कम करने, एक ही किचन में खाना बनाकर अलग-अलग जगह भेजने जैसे विकल्प अपनाने की कोशिश कर रहे हैं। जिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक एमएल मारू ने बताया कि फिलहाल जरूरी संस्थानों और सेवाओं के लिए कमर्शियल सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश मिले हैं और आपूर्ति व्यवस्था बनाने की कोशिश की जा रही है। 56 दुकान एसोसिएशन के अध्यक्ष गुंजन शर्मा के अनुसार दो दिन का कमर्शियल सिलेंडर का स्टॉक रहता है। विकल्प के तौर पर 3 इंडक्शन ऑर्डर कर दिए हैं। गुरुवार सुबह से इंडक्शन पर काम शुरू हो जाएगा। प्रशासन ने तीन विकल्प दिए रेस्टॉरेंट संचालक कपिल सैनी ने बताया कि प्रशासन व सरकार का तर्क है, वैकल्पिक तरीकों का उपयोग करें। यह इतना आसान नहीं है। पहला विकल्प कैरोसिन है, लेकिन कैरोसिन उपलब्ध नहीं है। दुसरा विकल्प डीजल भट्‌टी का है, लेकिन डीजल भट्टी की उपलब्धता भी आसानी से होना अभी मुश्किल है। सभी के पास तो यह है नहीं। तीसरा विकल्प इलेक्ट्रिक क्वाइल या इंडक्शन का है। इसके लिए भी बिजली कनेक्शन की व्यवस्था करना होगी। इस पर सामान बनाने में देरी लगती है। अगर समय पर सिलेंडर या विकल्प की सुविधा आसानी से मिल गई तो ठीक है नहीं तो कुछ दिन के लिए काम बंद करना पड़ेगा। 99 प्रतिशत दुकानों पर कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग इस रोक का सबसे ज्यादा असर छोटी होटल व खाने-पीने की दुकान चलाने वालों पर शुरू हो गया है। 99 प्रतिशत से ज्यादा खाने-पीने की दुकान वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर का उपयोग करते है। जिन्हें एक दो दिन में मुश्किल आ जाएगी। लाबरिया भेरू क्षेत्र में चाय की दुकान चला रहे दुकानदार का कहना है, यह सिलेंडर एक दो दिन साथ देगा। इसके बाद सोचेंगे, फिलहाल तो वैकल्पिक ईंधन या संसाधन की भी व्यवस्था नहीं है। इंदौर में रेस्टोरेंट चलाने वाले एक संचालक राजू ने बताया कि महीने में 300 सिलेंडर की खपत होती है। गैस की पाइप लाइन भी ले रखी है। फिलहाल दिक्कत नहीं आई है लेकिन मार्केट में सिलेंडर की आपूर्ति को लेकर परेशानी शुरू हो चुकी है। पीएनजी-सीएनजी उपयोगकर्ताओं को राहत पेट्रोल डीजल एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेंद्र वासू ने बताया कि पेट्रोल-डीजल और सीएनजी-पीएनजी को लेकर को तो कोई दिक्कत अभी नहीं है। यह पर्याप्त मात्रा में हमारे पास है। लेकिन कमर्शियल सिलेंडर पर रोक का प्रभाव उद्योग व कारोबार पर भी होगा। एलपीजी की कीमतें बढ़ गई है। इससे छोटे-छोटे उद्योग प्रभावित होंगे, जो रोजमर्रा के कामों में इसका उपयोग उपयोग करते है। पीथमपुर, सांवेर रोड औद्योगिक क्षेत्रों में बड़े उद्योग पीएनजी का उपयोग करते है। वहां फिलहाल मुश्किल नहीं आएगी, सप्लाय मिल रहा है। कंपनी का कहना है, फिलहाल इनके दाम स्थिर है, कंपनियां नजर रखे हुए है। जैसी स्थिति बनेंगी वैसे निर्णय लेंगे। एसोसिएशन ऑफ इंडस्ट्री मप्र के सचिव तरूण व्यास ने बताया, दाम बढ़ने से उद्योग पहले ही परेशान है। उद्योगों को एलपीजी नहीं मिलेगी तो परेशानी तो आएगी। इस संबंध में प्रशासन से बात करेंगे। वैकल्पिक ईधन का उपयोग आयोजन स्थल पर मुश्किल कमर्शियल सप्लाय पर रोक का बड़ा असर शादियों पर आ रहा है। केटरर्स व कारोबारियों का कहना है, रोक से परेशानी बढ़ेगी। भंडारी रिसोर्टस के जीएम मनोज लाड़ का कहना है कि वैकल्पिक ईधन का उपयोग कारखाने या निर्माण स्थल पर तो कर सकते है। आयोजन स्थल पर मुश्किल आएगी। खास कर गर्म खाने के स्टाल लगाना मुश्किल होगा। सरकार व प्रशासन को इसके लिए विकल्प देना चाहिए। राशनिंग कर दें, हमें सिलेंडर नहीं दे, आयोजनकर्ता से दस्तावेज ले कर