Sunday, 26 Jul 2026 | 12:48 PM

Trending :

Sikar NRI Maama Bharat 1 Crore Mayra

Sikar NRI Maama Bharat 1 Crore Mayra

सीकर56 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दुबई रहने वाले मामा ने अपने भांजे की शादी में करीब एक करोड़ रुपए का मायरा भरा।

NRI (अप्रवासी भारतीय) मामा ने एक करोड़ का मायरा (भात) भरा है। 10 मार्च को निभाई गई रस्म के दौरान कैश के अलावा करीब 21 लाख की ज्वेलरी के साथ कपड़े और अन्य गिफ्ट भी दिए हैं। यह पूरा मामला सीकर के कुंडलपुर का है।

रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी का यादव परिवार पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बहन मोहिनी देवी के घर (कुंडलपुर) मायरा लेकर पहुंचा था। परिवार सहित दुबई रहने वाले कैलाश यादव ने मायरा भरा। इस दौरान कैलाश के बड़े भाई नारायण यादव और छोटे भाई छोटेलाल यादव भी मौजूद रहे।

कुंडलपुर के रहने वाले डॉ. मनोज की शादी बाय (झुंझुनूं) की डॉ. अंजलि से 11 मार्च को हुई थी। डॉ. मनोज के तीन मामा (कैलाश, नारायण, छोटेलाल) हैं।

बहन मोहिनी देवी के घर मायरा लेकर पहुंचे नारायण यादव ने गले लगाकर बधाई दी।

बहन मोहिनी देवी के घर मायरा लेकर पहुंचे नारायण यादव ने गले लगाकर बधाई दी।

500-500 रुपए के नोट की 102 गड्डियां दीं दूल्हे के मामा कैलाश यादव ने बताया- मायरे में 51 लाख रुपए नकद, करीब 21 लाख रुपए की ज्वेलरी के साथ कपड़े व अन्य गिफ्ट दिए गए। कुल मिलाकर एक करोड़ रुपए के आसपास मायरा भरा है। दूल्हे के पिता मदन खातोदिया की पलसाना में कपड़े की दुकान है। भात में 500-500 रुपए के नोट की 102 गड्डियां दी गईं।

सीकर के कुंडलपुर में मायरे में कुल 51 लाख रुपए कैश दिए गए।

सीकर के कुंडलपुर में मायरे में कुल 51 लाख रुपए कैश दिए गए।

लोगों ने दूल्हे के मामा की सराहना की डॉ. मनोज के मामा का परिवार रानोली की तन में भरथा वाली कोठी का रहने वाला है। सबसे बड़े मामा नारायण यादव और सबसे छोटे मामा छोटेलाल यादव गांव में रहते हैं। दूसरे नंबर के मामा कैलाश यादव परिवार सहित दुबई रहते हैं। कैलाश और छोटेलाल प्रॉपर्टी डीलर हैं।

सीकर के रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी के जादम परिवार ने मायरे में कैश के अलावा ज्वेलरी और अन्य गिफ्ट भी दिए।

सीकर के रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी के जादम परिवार ने मायरे में कैश के अलावा ज्वेलरी और अन्य गिफ्ट भी दिए।

कैलाश जादम ने कहा- माता-पिता से वादा किया था कि बहनों के लिए क्षमता से ज्यादा सहयोग करेंगे। भांजे/भांजी की शादी में अच्छा मायरा भरना भाइयों की सामूहिक सोच थी। बहन मोहिनी देवी ने तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया।

दूल्हे के पिता मदन खातोदिया ने कहा कि ये मामा-भांजे और बहन-भाई प्रेम का प्रतीक है। बदलते दौर में बहन-बेटियों को लड़कों से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। ये समाज के लिए पॉजिटिव सोच है।

नोटों की गडि्डयों को कार्टन में रखा गया था। दुबई में रहने वाले मामा ने कहा- बहन ने हम तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया है।

नोटों की गडि्डयों को कार्टन में रखा गया था। दुबई में रहने वाले मामा ने कहा- बहन ने हम तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया है।

‘मायरा या भात’ क्या है? बहन के बच्चों की शादी होने पर ननिहाल पक्ष की ओर से मायरा भरा जाता है। इसे आम बोलचाल की भाषा में भात भी कहते हैं। इस रस्म में ननिहाल पक्ष की ओर बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपए और अन्य सामान दिया जाता है। इसमें बहन के ससुराल पक्ष के लोगों के लिए भी कपड़े और जेवरात आदि होते हैं।

बुजुर्गों का मानना है कि ‘मायरा या भात’ को राजस्थानी संस्कृति में बहन-बेटी के घर में आयोजित होने वाले सबसे बड़े समारोह पर आर्थिक संबल देने से जोड़ा गया है। भले ही कानून ने आज बेटों और बेटियों को माता-पिता की जायदाद में बराबरी का हिस्सा दिया हुआ है, इसके बावजूद भी अधिकतर बहनें कभी इस पर अपना दावा नहीं करती है। उनके इसी स्वेच्छा से किए त्याग की भरपाई भाइयों द्वारा ‘मायरे’ में दी गई भेंट से भी करना बताया गया है।

——–

मायरा भरने की यह खबर भी पढ़िए….

रिटायर्ड टीचर ने भरा 2 करोड़ का मायरा, 1 करोड़ कैश, गोल्ड ज्वेलरी और प्लॉट दिया

नागौर में रिटायर्ड टीचर ने अपने दोहिते की शादी में दो करोड़ रुपए का मायरा (भात) भरा। 250 कारों के काफिले के साथ परिवार सभी रस्मों को निभाने पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
मध्यप्रदेश-CM के कार्यक्रम से लौट रही बस पलटी, 10 मौतें:छिंदवाड़ा में 30 से ज्यादा घायल; महिला और बच्चे का हाथ कटकर अलग

March 26, 2026/
7:31 pm

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में पिकअप वाहन से आमने-सामने की टक्कर के बाद बस पलट गई। हादसे में दोनों...

मुजतबा खामेनेई का चेहरा-होंठ जला, प्लास्टिक सर्जरी की जरूरत:पैर काटने की नौबत, नकली पैर लगेगा; अब सेना के जनरल देश चला रहे

April 24, 2026/
10:55 am

28 फरवरी को जब अमेरिका और इजराइल ने ईरान में मुजतबा खामेनेई के पिता के ठिकाने पर हमला किया, तब...

Bangladesh President Alleges Yunus Tried to Oust Him

February 23, 2026/
6:41 pm

ढाका9 मिनट पहले कॉपी लिंक बांग्लादेश के राष्ट्रपति मोहम्मद शहाबुद्दीन ने एक इंटरव्यू में अंतरिम सरकार के पूर्व मुखिया मोहम्मद...

IPL 2026 Playoff Scenarios Update; DC Vs KKR

May 9, 2026/
5:15 am

स्पोर्ट्स डेस्क50 मिनट पहले कॉपी लिंक दिल्ली कैपिटल्स को IPL 2026 में 7वीं हार मिली। शुक्रवार को कोलकाता नाइट राइडर्स...

क्रिकेटर कुलदीप की शादी में होगी 20 हजार की थाली:शादी का कार्ड राधा-कृष्ण थीम पर, सुनहरी नक्काशी में दिखी रजवाड़े जैसी झलक

March 12, 2026/
1:35 pm

भारतीय क्रिकेट टीम के स्पिनर कुलदीप यादव अपनी बचपन की दोस्त वंशिका सिंह के साथ शादी करने जा रहे हैं।...

जापान की संसद में AI इंजीनियरों की एंट्री:टी-शर्ट व पोनीटेल वाले नेता चर्चा में, कहते हैं राजनीति से सुस्ती दूर कर देंगे; ‘टीम मिराई’ ने 11 सीटें जीतीं, 30 लाख वोट भी

February 25, 2026/
1:17 pm

जापान की संसद में इन दिनों एक शख्स चर्चा में है… ताकाहिरो एनो। 35 साल के एनो सॉफ्टवेयर इंजीनियर हैं...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Sikar NRI Maama Bharat 1 Crore Mayra

Sikar NRI Maama Bharat 1 Crore Mayra

सीकर56 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

दुबई रहने वाले मामा ने अपने भांजे की शादी में करीब एक करोड़ रुपए का मायरा भरा।

NRI (अप्रवासी भारतीय) मामा ने एक करोड़ का मायरा (भात) भरा है। 10 मार्च को निभाई गई रस्म के दौरान कैश के अलावा करीब 21 लाख की ज्वेलरी के साथ कपड़े और अन्य गिफ्ट भी दिए हैं। यह पूरा मामला सीकर के कुंडलपुर का है।

रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी का यादव परिवार पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बहन मोहिनी देवी के घर (कुंडलपुर) मायरा लेकर पहुंचा था। परिवार सहित दुबई रहने वाले कैलाश यादव ने मायरा भरा। इस दौरान कैलाश के बड़े भाई नारायण यादव और छोटे भाई छोटेलाल यादव भी मौजूद रहे।

कुंडलपुर के रहने वाले डॉ. मनोज की शादी बाय (झुंझुनूं) की डॉ. अंजलि से 11 मार्च को हुई थी। डॉ. मनोज के तीन मामा (कैलाश, नारायण, छोटेलाल) हैं।

बहन मोहिनी देवी के घर मायरा लेकर पहुंचे नारायण यादव ने गले लगाकर बधाई दी।

बहन मोहिनी देवी के घर मायरा लेकर पहुंचे नारायण यादव ने गले लगाकर बधाई दी।

500-500 रुपए के नोट की 102 गड्डियां दीं दूल्हे के मामा कैलाश यादव ने बताया- मायरे में 51 लाख रुपए नकद, करीब 21 लाख रुपए की ज्वेलरी के साथ कपड़े व अन्य गिफ्ट दिए गए। कुल मिलाकर एक करोड़ रुपए के आसपास मायरा भरा है। दूल्हे के पिता मदन खातोदिया की पलसाना में कपड़े की दुकान है। भात में 500-500 रुपए के नोट की 102 गड्डियां दी गईं।

सीकर के कुंडलपुर में मायरे में कुल 51 लाख रुपए कैश दिए गए।

सीकर के कुंडलपुर में मायरे में कुल 51 लाख रुपए कैश दिए गए।

लोगों ने दूल्हे के मामा की सराहना की डॉ. मनोज के मामा का परिवार रानोली की तन में भरथा वाली कोठी का रहने वाला है। सबसे बड़े मामा नारायण यादव और सबसे छोटे मामा छोटेलाल यादव गांव में रहते हैं। दूसरे नंबर के मामा कैलाश यादव परिवार सहित दुबई रहते हैं। कैलाश और छोटेलाल प्रॉपर्टी डीलर हैं।

सीकर के रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी के जादम परिवार ने मायरे में कैश के अलावा ज्वेलरी और अन्य गिफ्ट भी दिए।

सीकर के रानोली क्षेत्र की भरथा वाली कोठी के जादम परिवार ने मायरे में कैश के अलावा ज्वेलरी और अन्य गिफ्ट भी दिए।

कैलाश जादम ने कहा- माता-पिता से वादा किया था कि बहनों के लिए क्षमता से ज्यादा सहयोग करेंगे। भांजे/भांजी की शादी में अच्छा मायरा भरना भाइयों की सामूहिक सोच थी। बहन मोहिनी देवी ने तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया।

दूल्हे के पिता मदन खातोदिया ने कहा कि ये मामा-भांजे और बहन-भाई प्रेम का प्रतीक है। बदलते दौर में बहन-बेटियों को लड़कों से ज्यादा महत्व दिया जा रहा है। ये समाज के लिए पॉजिटिव सोच है।

नोटों की गडि्डयों को कार्टन में रखा गया था। दुबई में रहने वाले मामा ने कहा- बहन ने हम तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया है।

नोटों की गडि्डयों को कार्टन में रखा गया था। दुबई में रहने वाले मामा ने कहा- बहन ने हम तीनों भाइयों को खूब स्नेह दिया है।

‘मायरा या भात’ क्या है? बहन के बच्चों की शादी होने पर ननिहाल पक्ष की ओर से मायरा भरा जाता है। इसे आम बोलचाल की भाषा में भात भी कहते हैं। इस रस्म में ननिहाल पक्ष की ओर बहन के बच्चों के लिए कपड़े, गहने, रुपए और अन्य सामान दिया जाता है। इसमें बहन के ससुराल पक्ष के लोगों के लिए भी कपड़े और जेवरात आदि होते हैं।

बुजुर्गों का मानना है कि ‘मायरा या भात’ को राजस्थानी संस्कृति में बहन-बेटी के घर में आयोजित होने वाले सबसे बड़े समारोह पर आर्थिक संबल देने से जोड़ा गया है। भले ही कानून ने आज बेटों और बेटियों को माता-पिता की जायदाद में बराबरी का हिस्सा दिया हुआ है, इसके बावजूद भी अधिकतर बहनें कभी इस पर अपना दावा नहीं करती है। उनके इसी स्वेच्छा से किए त्याग की भरपाई भाइयों द्वारा ‘मायरे’ में दी गई भेंट से भी करना बताया गया है।

——–

मायरा भरने की यह खबर भी पढ़िए….

रिटायर्ड टीचर ने भरा 2 करोड़ का मायरा, 1 करोड़ कैश, गोल्ड ज्वेलरी और प्लॉट दिया

नागौर में रिटायर्ड टीचर ने अपने दोहिते की शादी में दो करोड़ रुपए का मायरा (भात) भरा। 250 कारों के काफिले के साथ परिवार सभी रस्मों को निभाने पहुंचा। पढ़ें पूरी खबर…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.