ब्लैक कॉफी से लेकर नारियल पानी तक, डॉक्टर ने बताई ड्रिंक्स की असली रैंकिंग, ये वाली खतरनाक!

Last Updated:March 14, 2026, 23:53 IST आजकल लोग हेल्दी रहने के लिए कई तरह की ड्रिंक्स पीते हैं, लेकिन हर ड्रिंक शरीर के लिए फायदेमंद नहीं होती. एक डॉक्टर ने पॉपुलर ड्रिंक्स को रेट करके बताया कि कौन-सी ड्रिंक्स इंफ्लेमेशन कम करती हैं और कौन-सी इसे बढ़ा सकती हैं. हैरानी की बात यह रही कि ब्लैक कॉफी और पैक्ड नारियल पानी को इस लिस्ट में कम स्कोर मिला. आजकल लोग हेल्थ को लेकर पहले से ज्यादा सजग हो गए हैं. डाइट, एक्सरसाइज और लाइफस्टाइल के साथ-साथ यह भी मायने रखता है कि हम रोज क्या पीते हैं. कई ड्रिंक्स ऐसी होती हैं जिन्हें लोग हेल्दी समझकर पीते हैं, लेकिन असल में वे शरीर में सूजन यानी इंफ्लेमेशन बढ़ा सकती हैं. हाल ही में एक ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. एथन केलम ने कुछ पॉपुलर ड्रिंक्स को उनके हेल्थ इफेक्ट के आधार पर रेट किया और बताया कि कौन-सी ड्रिंक शरीर के लिए बेहतर है और कौन-सी नुकसान कर सकती है. इंफ्लेमेशन शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है, जो चोट या इंफेक्शन के समय शरीर को ठीक करने में मदद करती है. लेकिन अगर यह लंबे समय तक बनी रहे तो यह कई गंभीर बीमारियों की वजह बन सकती है. इसलिए यह जानना जरूरी है कि रोज पी जाने वाली ड्रिंक्स शरीर पर किस तरह असर डालती हैं. ग्रीन टी को मिला सबसे ज्यादा स्कोरडॉक्टर के अनुसार अगर इंफ्लेमेशन कम करने की बात करें तो ग्रीन टी सबसे बेहतर ड्रिंक मानी गई. इसे 10 में से 10 अंक दिए गए. ग्रीन टी में एंटीऑक्सीडेंट्स भरपूर मात्रा में होते हैं, खासकर कैटेचिन नाम का कंपाउंड, जो शरीर में सूजन कम करने में मदद करता है. इसके अलावा इसमें कैलोरी और शुगर भी बहुत कम होती है, इसलिए इसे रोज पीना सेफ माना जाता है. View this post on Instagram
इंडक्शन कुकटॉप ख़रीदना गाइड: नए इन्सलाइक चूल्हे कोसेसे से पहले जान लें ये 4 जरूरी बातें, बाकी होगा पचतावा

इंडक्शन कुकटॉप ख़रीदना गाइड: विक्रय गैस सेलेंडर के दाम बढ़ गए हैं। इस समय रसोई के उपकरणों को आसान और तेज बनाने के लिए कुकटॉप में एक शानदार रैंकिंग मानी जा रही है। लेकिन बाजार में थोक मॉडल मौजूद होते हैं, जिनमें से सही इंडक्शन को अंकित करना काफी होता है। यदि आप अपने कुछ फीचर्स को बिना किसी मानक के चेक कर रहे हैं, तो यह जेब और समय दोनों पर हैवी पैड हो सकता है। एक स्मार्ट दुकान है जो आपके गणित को पूरा करे और बिजली के बिल को भी भौतिक विज्ञान में रखे। आपके लिए ऐसी ही चार जरूरी बातें लेकर आए हैं, जिनमें जान-माल शामिल है तो इन-स्टोर खरीदारी हो जाएगी आसान। केपेसिटी में उसकी वाट क्षमता पर प्रतिबंध है। आम तौर पर घर के लिए 1800 से 2000 वाट का स्टॉक सबसे अच्छा माना जाता है। कम वाट वाले में लाइक में खाना देर से पकता है, जिससे समय की बर्बादी होती है। इसलिए अपने आवश्यक खाते से सही बिजली का चयन करना जरूरी है, ताकि तेजी से खाना बनाया जा सके। वार्षिकी में विशिष्टता समय-समय पर स्थापत्य सुविधाओं को शामिल किया जाना चाहिए। इसमें ऑटो-कैट ऑफ का पद होना बहुत जरूरी है। यह विशिष्टता पोटैशियम निकालने या ओवरहीटिंग की स्थिति में मशीन को आपके द्वारा बंद कर दी जाती है। इससे सिर्फ बिजली ही बचती नहीं है, बल्कि शॉर्ट सर्किट जैसी कंपनी का डर भी कम हो जाता है। इन मॉडलों में पहले से सेट किए गए बटन आते हैं, जैसे चाय, दूध, दाल या कैरी के लिए अलग-अलग मूड होता है। ये बटन टेम्परेचर को अपने आप एडजस्ट कर लें। टच कंट्रोल पैनल वाले में इस तरह से साफ करना और इस्तेमाल करना सबसे आसान होता है, इसलिए अपनी सुविधा के अनुसार मॉस का चयन करना चाहिए। किसी भी ब्रांड का चयन करने से पहले उसकी बाजार अवधि की जांच जरूर कर लेनी चाहिए। हमेशा ऐसे ब्रांड को विशिष्ट विशेषताएँ जिनका सेवा केंद्र आपके शहर में मौजूद हो। इस भविष्य में किसी भी व्यवसाय पर आने पर आपको चिंता नहीं करनी चाहिए और आपका चूल्हा लंबे समय तक जारी रहेगा। (टैग्सटूट्रांसलेट)इंडक्शन खरीदारी युक्तियाँ(टी)रसोई उपकरण गाइड(टी)सर्वोत्तम इंडक्शन सुविधाएँ(टी)ऊर्जा बचत कुकटॉप(टी)इंडक्शन सुरक्षा युक्तियाँ(टी)घरेलू उपकरण भारत
right way to eat chia seeds| Who Should eat Chia seeds| Chia seeds kis chij khana chahiye: चिया सीड्स खाने का सही तरीका,

Last Updated:March 14, 2026, 23:41 IST Right Way To Eat Chia Seeds: ज्यादातर लोग चिया सीड्स को पानी में भिगोकर खाते हैं, जो कि फायदेमंद होता है. लेकिन गट एक्सपर्ट ने बताते हैं कि यदि आप इसे दही के साथ सुबह नाश्ते में खाएं तो इसका फायदा दोगुना होकर मिलता है. ख़बरें फटाफट Chia Seeds Khane Ka Shi Tarika Kya Hai: आज के समय में चिया सीड्स सुपरफूडस का पर्यायवाची बन गया है.डिटॉक्स वाटर से लेकर ओवरनाइट पुडिंग तक में लोग इसका खूब इस्तेमाल कर रहे है. ज्यादातर लोगों को पता है कि चिया सीड्स से सेहत को कौन-कौन से फायदे मिल सकते हैं. किन लोगों को इसके सेवन से बचना चाहिए.यहां तक कि इसे खाने से पहले भिगोना जरूरी होता है. लेकिन एक आम सवाल अक्सर उठता है, किस चीज के साथ इसका सेवन ज्यादा फायदा पहुंचा सकता है? फ्लोरिडा बेस्ड गैस्ट्रोएंट्रोलॉजिस्ट डॉ. जोसेफ साल्हाब ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में चिया सीड्स खाने के सही तरीके के बारे में जानकारी साझा की है. पोस्ट में उन्होंने बताया कि सेहतमंद फायदे सिर्फ चिया भिगोने में नहीं है, बल्कि यह इस बात पर भी निर्भर करता है कि आप इसे किसके साथ खाते हैं. View this post on Instagram
garlic health benefits| natural medicine for heart| lahsun sahad ke fayde: शहद में भिगोकर खाएं लहसुन, मिलेगा डबल फायदा, दिल के लिए दवा से कम नहीं

Last Updated:March 14, 2026, 22:44 IST Honey Soaked Garlic Benefits: लहसुन दिल के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद माना जाता है. लेकिन जब आप इसे शहद के साथ खाते हैं तो इसके गुण और भी बढ़ जाते हैं. ऐसे में इसके सेवन से सिर्फ हार्ट डिजीज ही नहीं बल्कि इंफेक्शन का भी खतरा कम होता है. ख़बरें फटाफट आयुर्वेद में प्राकृतिक जड़ी-बूटियों से सदियों से कई बीमारियों का इलाज किया जाता रहा है. हमारी रसोई में भी ऐसी कई चीजें मौजूद होती हैं, जो सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होती हैं. इन्हीं में से दो चीजें हैं लहसुन और शहद. ये दोनों लगभग हर घर में आसानी से मिल जाते हैं, लेकिन जब इन्हें एक साथ लिया जाता है तो इनके फायदे और भी बढ़ जाते हैं. लहसुन का इस्तेमाल सिर्फ खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए ही नहीं, बल्कि कई स्वास्थ्य समस्याओं में भी किया जाता है. आयुर्वेद में बढ़े हुए कोलेस्ट्रॉल वाले लोगों को कच्चा लहसुन खाने की सलाह दी जाती है. लहसुन में एलिसिन नाम का तत्व पाया जाता है, जो एंटीबायोटिक और एंटीऑक्सीडेंट की तरह काम करता है. खून को गाढ़ा होने से रोकता हैशहद वाला लहसुन शरीर में रक्त संचार को बेहतर बनाता है और खून को गाढ़ा होने से रोकने में मदद करता है. दरअसल ऐसा लहसुन में सल्फर जैसे तत्वों की मौजूदगी के कारण होता है, जो इसे जीवाणुरोधी और रोगों से लड़ने वाला बनाते हैं. वहीं शहद एक प्राकृतिक मीठा पदार्थ है, जो सेहत के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है. इसमें फ्लेवोनोइड्स और पॉलीफेनोल्स जैसे एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करते हैं. लहसुन शहद के फायदेशहद में जीवाणुरोधी, एंटीवायरल और एंटीफंगल गुण भी होते हैं, जो कई तरह के संक्रमण से बचाने में सहायक हैं. जब लहसुन और शहद को मिलाकर रखा जाता है, तो इनके गुण और भी बढ़ जाते हैं. कुछ पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में इस मिश्रण को शरीर के लिए बहुत फायदेमंद माना गया है. यह मिश्रण सर्दी-जुकाम और खांसी के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकता है. साथ ही यह पाचन सुधारने, हृदय को स्वस्थ रखने और शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में भी सहायक माना जाता है. कैसे करें तैयारलहसुन और शहद का मिश्रण बनाने के लिए एक साफ कांच की बोतल या बरनी लें. इसमें छिली हुई ताजा लहसुन की कलियां डालें और ऊपर से शुद्ध शहद भर दें. इसे 5 से 7 दिन तक बंद करके रखें. इसके बाद रोज सुबह खाली पेट इसकी थोड़ी मात्रा का सेवन किया जा सकता है. हालांकि बच्चों और गर्भवती महिलाओं को इसका सेवन करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 14, 2026, 22:44 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
बावासीर हो या पेट दर्द…सेहत के लिए सुपरहीरो फेंकने वाली ये चीज, कई रोगों का काल, जानें

Last Updated:March 14, 2026, 22:35 IST Chilbil benefit : चिलबिल कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी है. कब्ज से परेशान लोगों के लिए इसकी छाल का काढ़ा रामबाण है. पेट दर्द और पेट के कीड़ों की समस्या में भी इसके पत्तों का रस शहद के साथ लेने से लाभ मिलता है. बवासीर के मरीजों के लिए भी इसका फल उपयोगी है. जोड़ों के दर्द और सूजन में भी इसके पत्तों को पीसकर लगाना फायदेमंद है. बलिया की आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह लोकल 18 से बताती हैं कि चिलबिल का पेड़ देखने में भले ही साधारण लगता है, लेकिन इसके फायदे हैरान करने वाले हैं. बलिया. आपने तमाम पेड़ पौधों को देखा होगा, जो अपनी विभिन्न खासियत के चलते प्रसिद्ध होते हैं. लेकिन आज हम आपको एक ऐसे पेड़ के बारे में बताने जा रहे हैं, जिसे अक्सर हर कोई जानकारी के अभाव में नजरअंदाज कर देता है. इसके फायदे हकीकत में चौंकाने वाले हैं. सड़कों के किनारे ऐसे पेड़-पौधे खामोशी से खड़े मिल जाते हैं, जो किसी संजीवनी से कम नहीं होते हैं. ऐसा ही एक अनमोल पेड़ चिलबिल का है, जिसे कई जगह देसी पापड़ी के नाम से भी जाना जाता है. आयुर्वेद में इस पेड़ को बेहद उपयोगी माना गया है. 10 ml काफी बलिया की सात साल अनुभवी आयुर्वेदाचार्य डॉ. प्रियंका सिंह के अनुसार, चिलबिल कई स्वास्थ्य समस्याओं में लाभकारी और गुणकारी है. कब्ज से परेशान लोगों के लिए इसकी छाल का काढ़ा काफी फायदेमंद है. लगभग 10 से 20ml काढ़ा पीना पाचन तंत्र के लिए लाभकारी है. पेट दर्द और पेट के कीड़ों की समस्या में भी इसके पत्तों का रस शहद के साथ लेने से लाभ मिलता है. बवासीर के मरीजों के लिए भी चिलबिल का फल बहुत उपयोगी है. इसके फल का चूर्ण गुनगुने पानी के साथ लेने से खूनी बवासीर में राहत मिलती है. इसके अलावा, जोड़ों के दर्द या सूजन में भी इसके पत्तों को पीसकर लगाना फायदेमंद है. 4 हजार रुपये किलो चिलबिल के फल, पत्ते और छाल कई बीमारियों में कारगर माने जाते हैं. चिलबिल का पेड़ देखने में भले ही साधारण लगता है, लेकिन इसके फायदे हैरान करने वाले हैं. इसके फल के चारों ओर पंख जैसी पत्तियां होती हैं और बीच में छोटा सा बीज होता है. यह बीज स्वाद में बादाम जैसा लगता है और काफी पौष्टिक होता है. इसके फल का चूर्ण बाजार में बहुत महंगा बिकता है. इसकी कीमत करीब 4000 रुपये प्रति किलो या उससे भी ज्यादा हो सकती है. इन रोगों में भी रामबाण हाथीपांव (फाइलेरिया) बीमारी में भी चिलबिल के पत्तों का रस और सरसों का तेल मिलाकर सेवन करने की सलाह दी जाती है. इसके छाल के चूर्ण का लेप फोड़े-फुंसी, घाव और त्वचा रोगों में लाभप्रद है. इमली के बीज और चिलबिल के फल का पेस्ट शरीर पर लगाने से पसीने की दुर्गंध दूर होती है. इसके फल का चूर्ण शहद के साथ लेने से नाक या कान से खून आने की समस्या में लाभ मिलता है. इसके किसी भी तरह के कोई साइड इफेक्ट रजिस्टर्ड नहीं है, लेकिन फिर गंभीर रोग से ग्रस्त लोग बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से सलाह लिए इसका सेवन न करें. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Ballia,Uttar Pradesh First Published : March 14, 2026, 22:35 IST
Telangana Dog Killing | 1200 Dogs Killed Since January

हैदराबाद1 घंटे पहले कॉपी लिंक AI Generated तेलंगाना में आवारा कुत्तों को मारे जाने की एक और घटना सामने आई है। मनचेरियल जिले में कथित तौर पर लगभग 100 कुत्तों को जहर देकर मार डाला गया। जनवरी से अबतक तेलंगाना में 1200 कुत्तों की हत्या की जा चुकी है। पशु कल्याण कार्यकर्ता ए. गौतम ने पुलिस को दी गई शिकायत में कहा कि 7-8 मार्च की दरमियानी रात को किष्टापुर गांव में कुत्तों को जहर वाला इंजेक्शन दिया गया। मार दिया गया। ‘स्ट्रे एनिमल फाउंडेशन ऑफ़ इंडिया’ (NGO) में क्रुएल्टी प्रिवेंशन मैनेजर गौतम ने ये आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि किष्टापुर गांव के सरपंच और ग्राम पंचायत सचिव ने इसके लिए दो लोगों को काम पर रखा था। कार्यकर्ता का आरोप है कि कुत्तों को मारे जाने के बाद उन्हें एक नदी के पास दफना दिया गया। सरपंच और पंचायत के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने बताया कि शिकायत के आधार पर, जनाराम पुलिस स्टेशन में सरपंच और ग्राम पंचायत के खिलाफ BNS और ‘पशु क्रूरता निवारण अधिनियम’ की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। इस साल जनवरी और पिछले साल दिसंबर में तेलंगाना के अलग-अलग जिलों से आवारा कुत्तों को बड़े पैमाने पर मारे जाने की कई घटनाएं सामने आईं। इससे मरने वाले कुत्तों की संख्या 1,200 तक पहुंच गई है। संदेह है कि ये हत्याएं कुछ चुने हुए प्रतिनिधियों, जिनमें सरपंच भी शामिल हैं, ने कथित तौर पर पिछले साल दिसंबर में हुए ग्राम पंचायत चुनावों से पहले ग्रामीणों से किए गए वादों को पूरा करने के लिए की हैं, ताकि आवारा कुत्तों की समस्या का समाधान किया जा सके। इससे पहले की घटनाएं… 22 जनवरी- जगतियाल में 300 कुत्तों की हत्या हुई 22 जनवरी को जगतियाल जिले के पेगाडापल्ली गांव में करीब 300 कुत्तों को जहरीले इंजेक्शन देने हत्या का मामला सामने आया था। इस मामले में सरपंच और पंचायत सचिव के खिलाफ बीएनएस और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया गया। पूरी खबर पढ़ें… 19 जनवरी: याचरम में 100 कुत्तों की हत्या का आरोप इससे पहले 19 जनवरी को याचरम गांव में 100 कुत्तों को मारे जाने के आरोप में सरपंच, सचिव और एक वार्ड सदस्य के खिलाफ मामला दर्ज हुआ। पुलिस ने बताया था कि दफनाने की जगह से लगभग 70 से 80 कुत्तों के शव निकाले गए। ऐसा लग रहा था कि शवों को तीन से चार दिन पहले दफनाया गया था। 14 जनवरी: कामारेड्डी में 200 कुत्तों की हत्या 14 जनवरी को कामारेड्डी जिले के 5 गावों- भवानीपेट, पालवंचा, फरीदपेट, वाड़ी और बंदारामेश्वरपल्ली गांवों में करीब 200-300 आवारा कुत्तों को मारने का आरोप था। पुलिस ने पांच सरपंचों सहित छह लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया था। पूरी खबर पढें… 6-9 जनवरी: हनमकोंडा जिले में 300 कुत्तों की मौत हनमकोंडा जिले के श्यामपेट और अरेपल्ली गांवों में 6 जनवरी से 9 जनवरी के बीच लगभग 300 आवारा कुत्तों की हत्या का मामला सामने आया था। चुनाव में कुत्तों-बंदरों से छुटकारा दिलाने का वादा किया था तेलंगाना के गांवों में ग्राम पंचायत चुनाव के बाद बड़े पैमाने पर आवारा कुत्तों को मारने के मामले सामने आए हैं। गांवों से जुड़े सूत्रों ने बताया कि पिछले साल दिसंबर में ग्राम पंचायत चुनाव हुए थे। इस दौरान कुछ उम्मीदवारों ने आवारा कुत्तों और बंदरों की समस्या से निपटने का वादा किया था। आरोप है कि चुनाव जीतने के बाद वही वादे कुत्तों को मारकर पूरे किए जा रहे हैं। सरपंचों ने कुत्तों को जहर देने के लिए व्यक्ति को नियुक्त किया था पुलिस के अनुसार, सरपंचों पर आरोप है कि उन्होंने कुत्तों को मारने के लिए जहरीले इंजेक्शन का इस्तेमाल किया। सरपंचों ने किसी व्यक्ति को जहरीले इंजेक्शन लगाने के लिए नियुक्त किया था। कुत्तों की हत्या के बाद उनके शव गांवों के बाहर दफनाए गए थे। ————- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला-कुत्ते के काटने पर भारी मुआवजा तय होगा:जो आवारा कुत्तों को लेकर चिंतित, वे अपने घर ले जाएं; उन्हें ऐसे नहीं छोड़ सकते सुप्रीम कोर्ट ने आवारा कुत्तों के हमलों पर सख्त टिप्पणी की। अदालत ने कहा, ‘बच्चों या बुजुर्गों को कुत्तों के काटने, चोट लगने या मौत के हर मामले में हम राज्य सरकारों से भारी मुआवजा दिलवाएंगे, क्योंकि उन्होंने पिछले 5 सालों में नियमों को लागू करने के लिए कुछ नहीं किया।’ पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
पथरिया में पानी का टैंकर स्लिप होकर पलटा:तीन लोग घायल, जिला अस्पताल में भर्ती; शादी में पानी लेकर जा रहा था टैंकर

दमोह जिले के पथरिया थाना क्षेत्र के नदरई गांव में शनिवार शाम एक पानी का टैंकर स्लिप होकर पलट गया। इस हादसे में टैंकर पर सवार तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के मुताबिक, यह टैंकर नदरई गांव में एक शादी समारोह के लिए पानी लेकर जा रहा था। खिरिया निवासी सोनू रैकवार ने बताया कि वे अपने मामा के घर शादी के कार्यक्रम के लिए पानी भरकर ला रहे थे, तभी रास्ते में एक मोड़ पर टैंकर स्लिप होकर पलट गया। हादसे में तीन लोग हुए घायल इस दुर्घटना में सौरभ रैकवार (29, निवासी रहली), संदीप रैकवार (24, निवासी खिरिया मडला) और लोकेश रैकवार (28, निवासी खिरिया मडला) गंभीर रूप से घायल हुए हैं। हादसे के तुरंत बाद ग्रामीणों ने तीनों को टैंकर के पास से निकाला और इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। जिला अस्पताल रेफर घायलों को पहले पथरिया स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया था, लेकिन वहां उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें दमोह जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में घायल युवकों का इलाज जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
Class 12 Student Dies While Making Reel on Delhi-Mumbai Expressway

नूंह में हुए हादसे में युवक के दो दोस्त बाल-बाल बच गए। हरियाणा के नूंह में शनिवार को एक युवक की रील बनवाते समय मौत हो गई। युवक दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर अपने दोस्त के साथ रेडबुल (एनर्जी ड्रिंक) पीते हुए रील बनवा रहा था, जबकि इनका तीसरा दोस्त वीडियो शूट कर रहा था। . तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कैंटर ने युवक को टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसके दोनों साथी बाल-बाल बच गए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर मांडी खेड़ा के सरकारी अस्पताल में रखवा दिया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है। मोइन 12वीं कक्षा में पढ़ता था।-फाइल फोटो 12वीं का छात्र था मोइन मृतक की पहचान शाहपुर नगली गांव के रहने वाले 19 वर्षीय मोइन के रूप में हुई है, जो 12वीं कक्षा का छात्र था। शनिवार को वह अपने दो दोस्तों के साथ दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर चैनल नंबर 59 के पास गया था। उन्होंने अपनी बाइक हाईवे के नीचे खड़ी की और फिर तीनों युवक इंस्टाग्राम रील बनाने के लिए हाईवे के ऊपर चले गए। ओवरटेक करते हुए आया कैंटर मोइन अपने दोस्त साद के साथ हाईवे पर चलते हुए रील शूट करवा रहा था, जबकि तीसरे दोस्त ने मोबाइल पकड़ा हुआ था। मोइन हाथ में रेडबुल का केन लेकर चल रहा था। तभी हाईवे की लेन पर पीछे से तेज गति से आ रहे एक कैंटर ने, जो अन्य वाहनों को ओवरटेक कर रहा था, मोइन को टक्कर मार दी। इस हादसे में मोइन के दोनों साथी दूर जा गिरे, हालांकि उन्हें ज्यादा चोटें नहीं आईं। लोगों ने पुलिस को सूचना दी घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और मोइन के शव को कब्जे में ले लिया। इसके बाद उसके परिवार को घटना की जानकारी दी गई। हाईवे के किनारे रील बनवाते दोनों युवक। SHO बोले- ड्राइवर की पहचान कर रहे फिरोजपुर झिरका के थाना प्रभारी सुभाष चंद्र ने बताया कि पुलिस कैंटर चालक की पहचान करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की है कि एक्सप्रेस-वे जैसी तेज रफ्तार वाली सड़कों पर रुककर रील बनाने या अन्य अनावश्यक गतिविधियां करने से बचें, क्योंकि इससे गंभीर दुर्घटनाएं हो सकती हैं।
Natural multivitamin| Vitamin deficiency treatment: हर विटामिन की कमी को दूर कर देगा ये पौधा

Last Updated:March 14, 2026, 20:50 IST Ayurvedic Multivitamin: बॉडी के सही तरह से फंक्शन करने और ग्रोथ के लिए कई तरह के विटामिन्स की जरूरत होती है. ऐसे में डिफेशिएंसी होने पर ये आयुर्वेदिक मल्टीविटामिन बहुत कारगर साबित होता है. ख़बरें फटाफट यदि आप जीवन की भागदौड़ में अपने लिए समय नहीं निकाल पा रहे हैं, तो इससे आपकी सेहत सीधे तौर पर प्रभावित हो रही है. ऐसे में शरीर में विटामिन की कमी होने लगती है और शरीर अंदर से कमजोर हो जाता है. कई लोग इस कमी को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स लेते हैं, लेकिन एक ऐसा पौधा भी है जो नेचुरल रूप से कई विटामिन की कमी को पूरा करने में मदद कर सकता है. इस पौधे का नाम चक्रमुनि है, जिसे अक्सर “मल्टीविटामिन का पौधा” भी कहा जाता है. आयुर्वेद के अनुसार चक्रमुनि में कई पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो इसे खास बनाते हैं. इसका वैज्ञानिक नाम सौरोपस एंड्रोजिनस है. इस पौधे को घर के गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है और इसे किचन गार्डन का हिस्सा बनाया जा सकता है. इसकी पत्तियां स्वाद में हल्की मीठी होती हैं और तासीर में गर्म मानी जाती हैं. यह शरीर में वात और कफ को संतुलित करने में भी मदद करती हैं. विटामिन्स का भंडारचक्रमुनि की पत्तियां विटामिन A, B, C और D का अच्छा स्रोत मानी जाती हैं. इसके सेवन से शरीर में खून की कमी दूर करने में भी मदद मिलती है. इसके अलावा यह आंखों की रोशनी बढ़ाने, मूत्र संक्रमण से बचाव करने और पाचन को बेहतर बनाने में भी सहायक माना जाता है. हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंदइस पौधे की खास बात यह है कि इसकी पत्तियों का सेवन लगभग हर उम्र के लोग कर सकते हैं. कई बार डॉक्टर भी गर्भवती महिलाओं को खून की कमी होने पर इसे खाने की सलाह देते हैं. चक्रमुनि की पत्तियां पाचन शक्ति को मजबूत बनाने में मदद करती हैं और वजन को नियंत्रित रखने में भी सहायक होती हैं. इनमें वसा और कैलोरी कम होती है और ये शरीर में पाचन से जुड़े एंजाइम बनने की प्रक्रिया को तेज करती हैं. इससे शरीर को बेहतर पोषण मिलता है और जल्दी भूख भी नहीं लगती. सेवन का तरीकाचक्रमुनि की पत्तियों को सीधे भी खाया जा सकता है. इसके अलावा इन्हें रोजमर्रा के खाने में भी शामिल किया जा सकता है. जैसे दाल के तड़के में, चटनी में, रोटी या सांभर में इसकी पत्तियों का इस्तेमाल किया जा सकता है. हालांकि अगर आप किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, तो इसका सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 14, 2026, 20:50 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
IPO Rules Change | Min Public Shareholding Cut 5% to 2.5%; Jio Platforms NSE Listing Path Clear

Hindi News Business IPO Rules Change | Min Public Shareholding Cut 5% To 2.5%; Jio Platforms NSE Listing Path Clear मुंबई3 घंटे पहले कॉपी लिंक वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) ने शुक्रवार को देश में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। सरकार ने सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) नियम-1957 में बदलवा करते हुए बड़ी कंपनियों के लिए मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की लिमिट को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया है। 13 मार्च को जारी इस नोटिफिकेशन के बाद अब रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसी बड़ी कंपनियों के लिए अपना IPO लाना आसान हो जाएगा। सेबी ने पिछले साल सितंबर में इन बदलावों को मंजूरी दी थी, जिसे अब सरकार ने फाइनल अप्रूवल दिया है। कंपनी की वैल्यू के आधार पर तय होगा कितना हिस्सा बेचना जरूरी नए नियमों के मुताबिक, कंपनियों को उनकी लिस्टिंग के बाद की वैल्यू के आधार पर अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है। इसके लिए एक टियर स्ट्रक्चर तैयार किया गया है… ₹1,600 करोड़ तक की कंपनियां: ऐसी कंपनियों को कम से कम 25% शेयर पब्लिक के लिए जारी करने होंगे। ₹1,600 करोड़ से ₹4,000 करोड़ तक: ऐसी कंपनियों को कम से कम ₹400 करोड़ की वैल्यू के बराबर शेयर ऑफर करने होंगे। ₹4,000 करोड़ से ₹50,000 करोड़ तक: ऐसी कंपनियों को कम से कम 10% शेयर जारी करने होंगे। हालांकि, लिस्टिंग के 3 साल के भीतर इन्हें अपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग बढ़ाकर 25% करनी होगी। ₹50,000 करोड़ से ₹1 लाख करोड़ तक: इतनी वैल्यूएशन वाली कंपनियों को कम से कम ₹1,000 करोड़ या 8% शेयर ऑफर करने होंगे। इन्हें भी 3 साल में पब्लिक शेयरहोल्डिंग 25% तक ले जानी होगी। ₹5 लाख करोड़ से बड़ी कंपनियों को मिली राहत नोटिफिकेशन के मुताबिक, बहुत बड़ी कंपनियों के लिए नियमों को काफी सरल बनाया गया है… ₹1 लाख करोड़ से ₹5 लाख करोड़ तक: इन कंपनियों को लिस्टिंग के वक्त कम से कम 2.75% शेयर पब्लिक करने होंगे। ₹5 लाख करोड़ से ज्यादा की वैल्यू: अगर किसी कंपनी की वैल्यू ₹5 लाख करोड़ से ऊपर है, तो वह महज 1% हिस्सा बेचकर भी लिस्ट हो सकती है। ऐसी कंपनियों को 5 साल के भीतर अपनी पब्लिक शेयरहोल्डिंग 15% और 10 साल के भीतर 25% तक ले जाने की छूट दी गई है। भारत का सबसे बड़ा IPO लाएगी जियो प्लेटफॉर्म्स रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और MD मुकेश अंबानी ने पिछले साल अगस्त में संकेत दिया था कि जियो की लिस्टिंग 2026 की पहली छमाही में हो सकती है। मीडिया रिपोर्ट्स और ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, नियमों में इस बदलाव का सबसे बड़ा फायदा रिलायंस इंडस्ट्रीज को होगा। मुकेश अंबानी की लीडरशिप वाले ग्रुप की कंपनी जियो प्लेटफॉर्म्स को शेयर बाजार में उतारने की तैयारी कर रहा है। रिलायंस की किसी यूनिट की यह करीब 20 साल बाद पहली लिस्टिंग होगी। माना जा रहा है कि जियो का IPO भारत के इतिहास का सबसे बड़ा IPO साबित हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि कंपनी अप्रैल तक ड्राफ्ट प्रोस्पेक्टस (DRHP) फाइल कर सकती है। सरकार के इस कदम से बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग का रास्ता खुलेगा साल 2025 में IPO मार्केट में आई तेजी के बाद फिलहाल बाजार थोड़ा सुस्त नजर आ रहा था। जानकारों का कहना है कि सरकार के इस कदम से बड़ी कंपनियों की लिस्टिंग का रास्ता खुलेगा, जिससे बाजार में लिक्विडिटी बढ़ेगी और निवेशकों को नए निवेश के मौके मिलेंगे। NSE जो लंबे समय से अपनी लिस्टिंग का इंतजार कर रहा है, उसे भी इन नए नियमों से राहत मिलेगी। ये खबर भी पढ़ें… एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी: घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर कल से ₹1300 तक फ्यूल सरचार्ज लगेगा, वजह- जेट फ्यूल महंगा एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अब अकासा एयर की फ्लाइट्स भी कल से महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन कंपनी ने रविवार से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। अकासा एयर ने कहा कि 15 मार्च को रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर 199 रुपए से लेकर 1,300 रुपए तक का एडिशनल सरचार्ज वसूला जाएगा। मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









