Tuesday, 07 Apr 2026 | 01:11 AM

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The Centre decides to revoke the detention of Sonam Wangchuk with immediate effect under the National Security Act:

The Centre decides to revoke the detention of Sonam Wangchuk with immediate effect under the National Security Act:

Hindi News National The Centre Decides To Revoke The Detention Of Sonam Wangchuk With Immediate Effect Under The National Security Act: नई दिल्ली1 मिनट पहले कॉपी लिंक लेह प्रदर्शन के दौरान सोनम वांगचुक 21 दिनों तक अनशन पर रहे थे। यह फोटो 24 सितंबर 2025 की है। केंद्र ने शनिवार को लद्दाख के सामाजिक कार्यकर्ता और इंजीनियर सोनम वांगचुक पर लगा नेशनल सिक्युरिटी एक्ट (NSA) हटा दिया। सरकार ने कहा कि यह आदेश तुरंत प्रभाव से लागू हो गया। गृह मंत्रालय के अनुसार, सोनम ने NSA एक्ट के तहत अपनी हिरासत की अवधि का लगभग आधा हिस्सा पूरा कर लिया है। सरकार ने यह फैसला सुप्रीम कोर्ट में वांगचुक की याचिका पर अंतिम सुनवाई (10 मार्च) के दो दिन पहले लिया। कोर्ट इस दिन सुनवाई के दौरान वे वीडियो और फोटो देखे देखेगा, जिनके आधार पर सरकार ने उन पर NSA लगाया था। जोधपुर सेंट्रल जेल अधीक्षक प्रदीप लखावत ने बताया, ‘उन्हें भी प्रेस नोट के जरिए ही इसकी सूचना मिली है। अभी तक किसी तरह का कोई ऑर्डर नहीं मिला है। ऑर्डर आने के बाद जेल नियम के हिसाब से आगे की कार्यवाही की जाएगी।’ दरअसल, सोनम के अनशन के दौरान 24 सितंबर 2025 को लेह हिंसा हुई थी। दो दिन बाद 26 सितंबर को राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) के तहत वांगचुक को हिरासत में लिया था। इसके बाद उन्हें फौरन जोधपुर शिफ्ट कर दिया था। 170 दिन से वे जोधपुर जेल में हैं। अब उनकी रिहाई होगी। NSA सरकार को ऐसे लोगों को हिरासत में लेने का अधिकार देता है, जिनसे देश की सुरक्षा या सार्वजनिक व्यवस्था को खतरा हो। इसके तहत किसी व्यक्ति को अधिकतम 12 महीने तक नजरबंद रखा जा सकता है। सरकार बोली- बातचीत का माहौल बनाने लिए फैसला लिया केंद्र सरकार ने कहा कि यह फैसला लद्दाख में शांति, स्थिरता और संवाद का माहौल बनाने के लिए लिया गया है। लद्दाख में विभिन्न समुदायों और नेताओं के साथ लगातार बातचीत की जा रही है। हड़ताल और विरोध प्रदर्शनों का असर छात्रों, नौकरी चाहने वालों, व्यापार, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा था। क्षेत्र की चिंताओं को दूर करने के लिए हाई-पावर्ड कमेटी के जरिए बातचीत जारी रहेगी। दो दिन पहले वांगचुक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा था लद्दाख के लिए ईमानदार संवाद आवश्यक है। मैंने एक्टिविज्म से दूरी नहीं बनाई है। लद्दाख के प्रति मेरी प्रतिबद्धता पहले जैसी ही है। इसका उद्देश्य लद्दाख के लिए न्यायपूर्ण और स्थायी भविष्य है। 4 फरवरी को केंद्रीय राज्य मंत्री नित्यानंद की अध्यक्षता में हाई-पावर्ड कमेटी की बैठक में लद्दाख के दो प्रमुख संगठन लेह अपेक्स बॉडी और कारगिल डेमोक्रेट्स अलायंस ने वांगचुक की रिहाई की मांग के साथ-साथ अपनी अन्य मांगें भी दोहराई थीं। लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे थे सोनम सोनम को 26 सितंबर 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत हिरासत में लिया गया था। वह लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे थे। आंदोलन के दौरान हुए हिंसक प्रदर्शनों के दो दिन बाद उनकी गिरफ्तारी की गई थी। इन प्रदर्शनों में 4 लोगों की मौत हुई थी। 90 लोग घायल हुए थे। सरकार का आरोप है कि वांगचुक ने इस हिंसा को भड़काया। वांगचुक ने जन्म लद्दाख में हुआ, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग की वांगचुक का जन्म 1966 में लेह जिले के अल्ची के पास, लद्दाख में हुआ था। उनके गांव में स्कूल न होने के कारण 9 साल की उम्र तक उनका किसी स्कूल में दाखिला नहीं हुआ। इस दौरान उनकी मां ने उन्हें बुनियादी शिक्षा दी। 9 साल की उम्र में उन्हें श्रीनगर ले जाया गया और वहां एक स्कूल में दाखिला दिलाया गया। बाद में दिल्ली के विशेष केंद्रीय स्कूल में भी उन्होंने पढ़ाई की। फिर नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी यानी NIT, श्रीनगर से मैकेनिकल इंजीनियरिंग में BTech किया। शिक्षा में सुधार के लिए SECMOL बनाया इंजीनियरिंग के बाद वांगचुक ने साल 1988 में अपने भाई और पांच साथियों के साथ मिलकर स्टूडेंट्स एजुकेशनल एंड कल्चरल मूवमेंट ऑफ लद्दाख यानी SECMOL की शुरुआत की। इसका उद्देश्य लद्दाख के सरकारी स्कूलों की शिक्षा में सुधार लाना है। इसके लिए लद्दाख के सासपोल में मौजूद सरकारी हाई स्कूल में स्कूल सुधार के प्रयोग किए गए। इसके बाद, SECMOL ने ‘ऑपरेशन न्यू होप’ की शुरुआत की। इसके तहत सरकारी स्कूलों में एजुकेशन रिफॉर्म और लोकलाइज्ड टेक्स्टबुक्स, टीचर्स की ट्रेनिंग और गांव-स्तरीय शिक्षा समितियों के गठन की पहल शुरू की गई। फिर इसे शिक्षा विभाग और गांव की जनता के सहयोग से आगे बढ़ाया गया। जून 1993 से वांगचुक ने प्रिंट मैगजीन ‘लद्दाख्स मेलोंग’ की शुरुआत की। अगस्त 2005 तक लद्दाख की एकमात्र प्रिंट मैगजीन के एडिटर के रूप में काम किया। साल 2004 में हिल काउंसिल सरकार में शिक्षा सलाहकार नियुक्त किया गया। —————- ये खबर भी पढ़ें भास्कर इंटरव्यू: वांगचुक की पत्नी बोलीं- सच सामने आएगा, वे रिहा होंगे: लद्दाख हिंसा के सबूतों से छेड़छाड़ हुई एक्टिविस्ट सोनम वांगचुक की राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत लेह हिंसक प्रदर्शन के बाद 26 सितंबर को गिरफ्तार किया गया था। दैनिक भास्कर ने सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे अंगमो से बात की। उन्होंने बताया कि सोनम की गिरफ्तारी के बाद शुरुआती 3 हफ्तों तक एक कार मेरा पीछा करती रही। इसके बाद जब मैंने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दाखिल किया तो यह गतिविधि धीरे-धीरे कम हो गई। पूरी खबर पढ़ें.. दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

मैच से पहले फिल्म ‘ढोल’ देखते हैं विराट कोहली:प्रियदर्शन बोले- थिएटर में फ्लॉप रही फिल्म को ओटीटी और टीवी से मिली नई पहचान

मैच से पहले फिल्म ‘ढोल’ देखते हैं विराट कोहली:प्रियदर्शन बोले- थिएटर में फ्लॉप रही फिल्म को ओटीटी और टीवी से मिली नई पहचान

फिल्ममेकर प्रियदर्शन ने हाल ही में बताया कि क्रिकेटर विराट कोहली महत्वपूर्ण मैचों से पहले रिलैक्स होने के लिए उनकी कॉमेडी फिल्म ‘ढोल’ देखते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि रिलीज के समय बॉक्स ऑफिस पर फिल्म इतनी खास नहीं चली, लेकिन बाद में इसे ओटीटी और टीवी पर नई पहचान मिली। दरअसल, हाल ही में पिंकविला से बातचीत में प्रियदर्शन ने कहा, “सच कहूं तो अब मुझे सीरियस फिल्में बनाना अच्छा लगता है। कॉमेडी बनाना अब पसंद नहीं है, लेकिन मजबूरी में करना पड़ रहा है। मुझे लगता है कि मेरे पास नए आइडिया खत्म हो गए हैं। इसलिए मैं वही चीज दोहराना नहीं चाहता जो पहले कर चुका हूं। शायद मैं एक और कॉमेडी फिल्म बनाऊं, उसके बाद नहीं।” इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा, “मैंने ‘खट्टा मीठा’ और ‘ढोल’ जैसी फिल्में बहुत प्यार से बनाई थीं। मुझे ये दोनों फिल्में पसंद हैं, लेकिन उस समय ये थिएटर में नहीं चलीं। बाद में ओटीटी और दूसरे प्लेटफॉर्म्स की वजह से लोग इन्हें देखने लगे और आज दर्शक इन फिल्मों को काफी एंजॉय कर रहे हैं। फिल्म देखकर खुद को रिलैक्स करते हैं कोहली: प्रियदर्शन प्रियदर्शन ने कहा, “जब मैंने ‘ढोल’ बनाई थी तो मुझे लगा था कि यह फिल्म अच्छा प्रदर्शन करेगी। अब मुझे खुशी होती है जब विराट कोहली जैसे लोग कहते हैं कि वे मैच से पहले रिलैक्स होने के लिए ‘ढोल’ देखते हैं और उसके डायलॉग्स भी एक-दूसरे को सुनाते हैं। अच्छी बात यह है कि ह्यूमर हमेशा रहता है, वह कभी खत्म नहीं होता।” बता दें कि चार दशक से अधिक लंबे करियर में प्रियदर्शन ने कई लोकप्रिय कॉमेडी फिल्में निर्देशित की हैं। उनकी फिल्मों में ‘हेरा फेरी’, ‘हंगामा’, ‘हुलचुल’ और ‘भागम भाग’ शामिल हैं, जिन्हें आज भी दर्शक पसंद करते हैं।

Tamil Nadu Election: Party Launched by Sasikala

Tamil Nadu Election: Party Launched by Sasikala

Hindi News National Tamil Nadu Election: Party Launched By Sasikala | Anna, MGR, Jayalalitha Legacy चेन्नई1 घंटे पहले कॉपी लिंक शशिकला ने रामनाथपुरम में जयललिता की 78वीं जयंती पर पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का ऐलान किया। तमिलनाडु में विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। आमतौर पर चुनाव कार्यकाल खत्म होने से 4-6 हफ्ते पहले कराए जाते हैं। ऐसे में चुनाव अप्रैल के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। इस साल होने वाले चुनाव में दो नई पार्टियां मैदान में उतर रही हैं। इनमें से एक है एक्टर थलापति विजय की पार्टी तमिझगा वेत्रि कषगम (TVK), जो 234 सीटों पर कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर चुकी है। दूसरी है तमिलनाडु की पूर्व CM जयललिता की करीबी और AIADMK से निष्कासित वीके शशिकला की पार्टी ल इंडिया पुरच्चि थलैवर मक्कल मुनेत्र कषगम (AIPTMMK), जो 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शशिकला ने अपनी पार्टी के नाम का ऐलान 13 मार्च को ही किया है। पार्टी का चुनाव चिन्ह नारियल ट्री फार्म है। पार्टी के झंडे पर अन्ना, एमजीआर और जयललिता की तस्वीरें हैं। शशिकला ने कहा है कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करेगी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से जुड़े अपडेट TVK ने NDA से अलायंस की संभावना खारिज की विजय के नेतृत्व वाली TVK पार्टी ने शनिवार को तमिलनाडु में AIADMK के नेतृत्व वाले NDA के साथ किसी भी गठबंधन की संभावना से इनकार कर दिया। साथ ही, चुनावी समझौते की संभावना वाली खबरों को मीडिया की अटकलें बताकर खारिज कर दिया। TVK के संयुक्त महासचिव निर्मल कुमार ने कहा कि BJP हमारी वैचारिक दुश्मन है। कांग्रेस ने तमिलनाडु चुनावों के लिए समितियां बनाईं तमिलनाडु चुनावों की तैयारी करते हुए, कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव से जुड़ी कई समितियां बनाईं, जिनमें के सेल्वपेरुंथगाई की अध्यक्षता में एक प्रदेश चुनाव समिति भी शामिल है। पार्टी के एक बयान के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए स्टेट लेवल समितियों के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा अभियान समिति, चुनाव घोषणापत्र समिति, चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति बनाई है। कांग्रेस ये चुनाव सत्ताधारी पार्टी DMK के साथ गठबंधन में लड़ रही है। DMK ने अपने मुख्य सहयोगी कांग्रेस को 28 सीटें, वाइको की MDMK को चार सीटें, और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग तथा मानिथनेया मक्कल काची को दो-दो सीटें आवंटित की हैं। ——————————– ये खबर भी पढ़ें… राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर: ओडिशा से 8 विधायक बेंगलुरु भेजे; हरियाणा में लंच पर बुलाया, फिर हिमाचल प्रदेश भेजा राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस को हॉर्स ट्रेडिंग का डर सता रहा है। इसके चलते उसने ओडिशा और हरियाणा में अपने सभी विधायकों को बचाने के लिए रिजॉर्ट में रखने का फैसला किया है। ओडिशा कांग्रेस के 8 विधायकों को बेंगलुरु भेजा गया है। वहीं, हरियाणा कांग्रेस के विधायकों को हिमाचल प्रदेश के कुफरी में रखा गया है। पढ़ें पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Tamil Nadu Election: Party Launched by Sasikala

Tamil Nadu Election: Party Launched by Sasikala

Hindi News National Tamil Nadu Election: Party Launched By Sasikala | Anna, MGR, Jayalalitha Legacy चेन्नई6 मिनट पहले कॉपी लिंक शशिकला ने रामनाथपुरम में जयललिता की 78वीं जयंती पर पार्टी के नाम और चुनाव चिन्ह का ऐलान किया। तमिलनाडु में विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को खत्म हो रहा है। आमतौर पर चुनाव कार्यकाल खत्म होने से 4-6 हफ्ते पहले कराए जाते हैं। ऐसे में चुनाव अप्रैल के दूसरे हफ्ते में होने की संभावना है। इस साल होने वाले चुनाव में दो नई पार्टियां मैदान में उतर रही हैं। इनमें से एक है एक्टर थलापति विजय की पार्टी तमिझगा वेत्रि कषगम (TVK), जो 234 सीटों पर कैंडिडेट उतारने का ऐलान कर चुकी है। दूसरी है तमिलनाडु की पूर्व CM जयललिता की करीबी और AIADMK से निष्कासित वीके शशिकला की पार्टी ल इंडिया पुरच्चि थलैवर मक्कल मुनेत्र कषगम (AIPTMMK), जो 40 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शशिकला ने अपनी पार्टी के नाम का ऐलान 13 मार्च को ही किया है। पार्टी का चुनाव चिन्ह नारियल ट्री फार्म है। पार्टी के झंडे पर अन्ना, एमजीआर और जयललिता की तस्वीरें हैं। शशिकला ने कहा है कि उनकी पार्टी अकेले चुनाव नहीं लड़ेगी, बल्कि समान विचारधारा वाली पार्टियों के साथ गठबंधन करेगी। तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से जुड़े अपडेट कांग्रेस ने तमिलनाडु चुनावों के लिए समितियां बनाईं तमिलनाडु चुनावों की तैयारी करते हुए, कांग्रेस ने शुक्रवार को चुनाव से जुड़ी कई समितियां बनाईं, जिनमें के सेल्वपेरुंथगाई की अध्यक्षता में एक प्रदेश चुनाव समिति भी शामिल है। पार्टी के एक बयान के अनुसार, कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनावों के लिए स्टेट लेवल समितियों के गठन के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसके अलावा अभियान समिति, चुनाव घोषणापत्र समिति, चुनाव प्रबंधन और समन्वय समिति बनाई है। कांग्रेस ये चुनाव सत्ताधारी पार्टी DMK के साथ गठबंधन में लड़ रही है। DMK ने अपने मुख्य सहयोगी कांग्रेस को 28 सीटें, वाइको की MDMK को चार सीटें, और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग तथा मानिथनेया मक्कल काची को दो-दो सीटें आवंटित की हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

Gambhirs Real Test 2027 WC; Leave Pitches for Test Cricket

Gambhirs Real Test 2027 WC; Leave Pitches for Test Cricket

2 घंटे पहले कॉपी लिंक गौतम गंभीर और टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव वर्ल्ड कप ट्रॉफी के साथ। भारत के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने हाल ही में टी-20 वर्ल्ड कप 2026 जीतकर अपना दूसरा ICC खिताब हासिल किया। इससे पहले उनकी कोचिंग में टीम इंडिया ने 2025 में चैंपियंस ट्रॉफी भी जीती थी। हालांकि पूर्व कप्तान सौरव गांगुली का कहना है कि गंभीर की असली परीक्षा 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में होगी। साउथ अफ्रीका की कंडीशन में होगी असली परीक्षा गांगुली ने एक इंटरव्यू में कहा कि 2027 का वर्ल्ड कप साउथ अफ्रीका में खेला जाएगा और वहां की परिस्थितियां टीम और कोच दोनों को चुनौती देंगी। उन्होंने भरोसा जताया कि गंभीर मौजूदा टीम के साथ वहां भी अच्छा प्रदर्शन कर सकते हैं। 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में भारत ने फाइनल तक अजेय सफर तय किया था, लेकिन फाइनल में ऑस्ट्रेलिया से हार का सामना करना पड़ा था। गंभीर ने 2011 में बतौर खिलाड़ी वर्ल्ड कप जीता था, अब उन पर बतौर कोच भारत को वनडे का विश्व विजेता बनाने का दबाव है। रोहित-विराट के लिए आखिरी मौका हो सकता है 2027 वर्ल्ड कप 2027 का वनडे वर्ल्ड कप भारत के दो दिग्गज खिलाड़ियों रोहित शर्मा और विराट कोहली के लिए भी बेहद अहम माना जा रहा है। कयास लगाए जा रहे हैं कि यह इन दोनों दिग्गजों के करियर का आखिरी वर्ल्ड कप हो सकता है। ऐसे में गंभीर के कंधों पर इन दिग्गजों को एक यादगार विदाई दिलाने की जिम्मेदारी भी होगी। टेस्ट क्रिकेट में पिच को लेकर गांगुली की सलाह गांगुली ने रेड बॉल यानी टेस्ट क्रिकेट में प्रदर्शन सुधारने को लेकर भी गंभीर को खास सलाह दी है। उन्होंने कहा कि गंभीर को पिच के बारे में सोचना कम करना होगा। गांगुली ने कहा,’उन्हें विकेट की चिंता अपने दिमाग से निकालनी होगी। इंग्लैंड सीरीज को ही देख लीजिए, वह पिच के बारे में कुछ नहीं कर सके और नतीजे सबके सामने हैं।’ टर्नर्स की जरूरत नहीं उन्होंने आगे कहा कि भारत को घरेलू मैदानों पर स्पिन की मददगार (टर्नर्स) पिचों पर खेलने की जरूरत नहीं है। अच्छी पिचें ही अच्छे नतीजे देंगी। गंभीर को थोड़ा समय दें,वह बेहतरीन कोच हैं-गांगुली सौरव गांगुली ने गंभीर का समर्थन करते हुए कहा कि वह एक बहुत अच्छे कोच हैं। उन्होंने याद दिलाया कि बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी से पहले भी उन्होंने कहा था कि गंभीर को थोड़ा समय देने की जरूरत है। गांगुली के मुताबिक,’व्हाइट बॉल कोच के रूप में वह बहुत अच्छे हैं, खासकर भारतीय परिस्थितियों में। उनके पास एक शानदार टीम है।’ IPL 2026 के सीजन के बाद गंभीर का पूरा ध्यान टेस्ट और वनडे क्रिकेट पर रहेगा। ——————————————— स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… दूसरा वनडे- पाकिस्तान ने बांग्लादेश को 128 रन से हराया: सदाकत की फिफ्टी, 3 विकेट भी झटके; सलमान के रनआउट पर विवाद पाकिस्तान ने वनडे सीरीज के दूसरे मैच में बांग्लादेश को 128 रन से हराया दिया है। इस जीत से टीम ने 3 मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी हासिल कर ली है। तीसरा और निर्णायक मुकाबला 15 मार्च को मीरपुर में खेला जाएगा। पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

दिल से लेकर किडनी तक के लिए बेहद खतरनाक है फल, सभी चीजें उपयोगी दूर; जानें कब और कैसे प्रभावी

चीकू खाने के फायदे

चीकू खाने के फायदे | छवि: फ्रीपिक अक्सर हम सेब, केला या सैंट्रोन के गुणों की चर्चा करते हैं, लेकिन एक फल ऐसा भी है जो दिखने में साधारण है पर गुण खान है और यह एकदम आलू जैसा दिखता है। भूरे रंग का यह मीठा और दानेदार फल न केवल स्वाद में लाजवाब है, बल्कि आयुर्वेद से लेकर आधुनिक विज्ञान तक इसके हिस्से का लोहा माना जाता है। यदि आप इसे अपने सम्मिलित में शामिल करते हैं, तो यह आपके दिल से लेकर किडनी तक की स्वास्थ्य को मापना रख सकता है। आइए जानते हैं चीकू खाने के क्या-क्या फायदे हैं और इसे कब और कैसे खाते हैं हृदय स्वास्थ्य के लिए वरदान है चीकू चीकू में पोटैशियम की प्रचुर मात्रा पाई जाती है, जो रक्त के मिश्रण को नियंत्रित में बनाए रखने में मदद करता है। उच्च रक्तचाप हृदय रोग का मुख्य कारण होता है। इसके अलावा, एंटीऑक्सीडेंट्स धमनियों में मौजूद, ऑक्सफोर्ड के जामवों को भी विषाक्त माना जाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रॉक जैसे गंभीर खतरों का खतरा कम हो जाता है। किडनी के टॉक्सिन दूर हो जाते हैं चीकू खाने से शरीर से विषाक्त पदार्थ पदार्थ पदार्थ और मूत्र के माध्यम से बाहर निकल जाते हैं। यह किडनी स्टोन यानी पथरी की समस्या को रोकने में भी सहायक है। चीकू के बीज का अचार भी किडनी में माना जाता है, हालांकि इसका सेवन विशेषज्ञ की सलाह पर करना चाहिए। पाचन तंत्र में सुधार होता है चीकू में कब्ज की मात्रा अधिक होती है, जो कब्ज की समस्या को जड़ से ख़त्म कर देता है। यह मेटाबॉलिज्म को तेज करता है, जिससे वजन में भी मदद मिलती है। रामबाण में पत्थरों की सूची चीकू में कैल्शियम, पोटेशियम और आयरन जैसे खनिज पाए जाते हैं, जो कि जोड़ों में हड्डियों को खोखला होने से बचाते हैं। हड्डियाँ मजबूत होती हैं। ये भी पढ़ें – पापमोचनी एकादशी 2026 कब है: 14 या 15 मार्च कब है पापमोचनी एकादशी? जानें पूजा से लेकर पारण का शुभ आशीर्वाद और महत्व चीकू एनर्जी का पावर हाउस चीकू में प्राकृतिक फ्रुक्टोज और सुक्रोज होते हैं। अगर आपको काम के दौरान थकान महसूस हो रही है, तो एक चीकू डॉक्टर से आपको तुरंत ऊर्जा मिल सकती है। कब और कैसे प्रभावी? सुबह के खाने या दो के बीच का समय चीकू खाने के लिए सबसे बढ़िया है। रात के समय इसे खाने से बचना चाहिए क्योंकि इसका औसत शरीर में माप स्तर प्रभावित हो सकता है। यह हमेशा अच्छी तरह का ढोकर, छिलका उतारकर या छिलका के साथ प्रभावी होता है। अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)प्रति दिन कितने चीकू(टी)क्या चीकू फल में चीनी की मात्रा अधिक होती है(टी)पुरुषों के लिए चीकू फल के फायदे(टी)महिलाओं के लिए चीकू फल के फायदे(टी)त्वचा के लिए चीकू के फायदे(टी)चीकू खाने का सबसे अच्छा समय(टी)पुरुष शुक्राणु के लिए चीकू फल के फायदे(टी)खाली पेट चीकू खाने के फायदे(टी)रात में चीकू खाने के फायदे(टी)गर्भावस्था में चीकू के फायदे

World News Updates; Trump Pakistan China

World News Updates; Trump Pakistan China

21 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका में 11 भारतीयों पर फर्जी लूट की घटनाएं करवाकर U-वीजा लेने की साजिश का आरोप लगा है। अमेरिका का U-वीजा उन लोगों को मिलता है जो किसी बड़े अपराध के शिकार होते हैं और जांच में पुलिस की मदद करते हैं। इससे उन्हें अमेरिका में रहने-काम करने की इजाजत मिलती है और बाद में ग्रीन कार्ड भी मिल सकता है। जांच में पता चला कि आरोपी दुकानों में नकली हथियार के साथ डकैती करवाते थे, ताकि कर्मचारी खुद को पीड़ित बताकर वीजा के लिए आवेदन कर सकें। अमेरिकी जस्टिस डिपार्टमेंट के मुताबिक 6 आरोपी बोस्टन की फेडरल कोर्ट में पेश हुए, जबकि बाकी को मैसाचुसेट्स, केंटकी और ओहायो से गिरफ्तार किया गया। एक आरोपी को पहले ही भारत भेजा जा चुका है। दोष साबित होने पर 5 साल तक जेल और 2.5 लाख डॉलर तक जुर्माना हो सकता है। अंतरराष्ट्रीय मामलों से जुड़ी अन्य बड़ी खबरें… ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति बोल्सोनारो ICU में भर्ती, निमोनिया से हालत गंभीर ब्राजील के पूर्व राष्ट्रपति जेयर बोल्सोनारो को गंभीर हालत में अस्पताल के ICU में भर्ती कराया गया है। 70 साल के बोल्सोनारो निमोनिया से जूझ रहे हैं। ब्राजील के डीएफ स्टार अस्पताल ने बताया कि उन्हें तेज बुखार, ठंड लगने और ऑक्सीजन लेवल कम होने के बाद भर्ती किया गया। जांच में ब्रोंकोनिमोनिया (फेफड़ों का संक्रमण) की पुष्टि हुई है। बोल्सोनारो के डॉक्टर के मुताबिक 70 साल से ज्यादा उम्र के मरीजों में निमोनिया खतरनाक हो सकता है क्योंकि इससे सेप्टीसीमिया (खून में संक्रमण) का खतरा बढ़ जाता है। अभी उन्हें ICU में एंटीबायोटिक्स और अन्य मेडिकल सपोर्ट दिया जा रहा है। बोल्सोनारो को 2022 के चुनाव के बाद तख्तापलट की साजिश के मामले में दोषी ठहराया गया था। उन्हें पिछले साल 27 साल की जेल की सजा सुनाई गई थी। उन पर आरोप था कि उन्होंने चुनाव हारने के बाद ब्राजील की लोकतांत्रिक व्यवस्था को पलटने की कोशिश की थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

फिल्म इंडस्ट्री को लेकर तनुश्री दत्ता का गंभीर दावा:कहा-शोबिज में कई कलाकारों का इस्तेमाल हो जाता है; कुछ तो प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं

फिल्म इंडस्ट्री को लेकर तनुश्री दत्ता का गंभीर दावा:कहा-शोबिज में कई कलाकारों का इस्तेमाल हो जाता है; कुछ तो प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं

एक्ट्रेस तनुश्री दत्ता ने हाल ही में फिल्म इंडस्ट्री (शोबिज) में नए कलाकारों के शोषण को लेकर गंभीर दावे किए हैं। उन्होंने कहा कि मनोरंजन जगत में कई नए लोगों के साथ शोषण होता है और कुछ को तो देह व्यापार तक धकेल दिया जाता है। यूट्यूब चैनल मेरी सहेली के साथ बातचीत में तनुश्री ने कहा कि इंडस्ट्री में आने वाले कई नए लोगों को पहले तारीफों और बड़े वादों से आकर्षित किया जाता है। उन्होंने कहा, “किसी को कहा जाता है कि आप हीरोइन बनेंगे या बड़े स्टार बनेंगे, लेकिन कई बार यही बातें आगे चलकर एक जाल की शुरुआत बन जाती हैं।” तनुश्री के अनुसार, कई लोग पहले नए कलाकारों की तारीफ करते हैं और फिर उन्हें अलग-अलग लोगों से मिलने के लिए कहते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे माहौल में कलाकारों को बहुत संयम और सावधानी के साथ आगे बढ़ना पड़ता है। ‘यहां लालच का तरीका अलग होता है’- तनुश्री तनुश्री ने कहा कि बचपन में माता-पिता जो सावधान रहने की सीख देते हैं, वह बड़े होने के बाद भी लागू होती है। उन्होंने कहा कि जैसे बच्चों को अनजान लोगों के साथ न जाने की सलाह दी जाती है, वैसे ही इंडस्ट्री में भी सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने बताया कि यहां लालच अलग तरीके से दिया जाता है। उनके मुताबिक कई लोग कलाकारों की महत्वाकांक्षा, उम्मीदों और सपनों का इस्तेमाल करते हैं। तनुश्री ने कहा कि वह इन मुद्दों पर इसलिए बोलती हैं ताकि इंडस्ट्री में आने वाले नए लोगों को चेतावनी मिल सके। एक्ट्रेस ने यह भी कहा, “बहुत सारे लड़के-लड़कियां यहां आते हैं। उनका इस्तेमाल किया जाता है और उनका शोषण होता है, फिर उन्हें छोड़ दिया जाता है। कुछ लोग बाद में प्रॉस्टिट्यूशन में चले जाते हैं, क्योंकि उनके साथ इतना ज्यादा शोषण हो चुका होता है कि लोग उन्हें उस धंधे में धकेल देते हैं।” उन्होंने आगे कहा, “कुछ लोग इतने ज्यादा मानसिक रूप से टूट जाते हैं कि अपने शहर वापस चले जाते हैं। और ये कहानियां कभी बाहर नहीं आतीं। बाहर सिर्फ सक्सेस की स्टोरीज ही दिखाई जाती हैं।” तनुश्री ने यह भी बताया कि उन्होंने एक एक्ट्रेस से दोस्ती खत्म कर दी थी, क्योंकि उस बातचीत में इंडस्ट्री में समझौते को सही ठहराने जैसी बात कही गई थी। उन्होंने कहा कि अगर किसी से निजी रिश्ते में रहना उनकी इच्छा है तो वह अलग बात है, लेकिन वह अपनी जिंदगी का सौदा नहीं करेंगी। उन्होंने कहा, “मैं उस धंधे में नहीं हूं। मैं एक कलाकार हूं।”

शाजापुर में कल रविवार को 4 घंटे बिजली कटौती:मेंटनेंस के कारण सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नहीं रहेगी लाइट

शाजापुर में कल रविवार को 4 घंटे बिजली कटौती:मेंटनेंस के कारण सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक नहीं रहेगी लाइट

शाजापुर शहर के लालघाटी उपकेंद्र से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में कल रविवार को विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। बिजली कंपनी ने 11 केवी जेल फीडर पर आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते यह निर्णय लिया है। कंपनी के अनुसार, सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बिजली बंद रहेगी। यह शटडाउन 11 केवी न्यू इमरजेंसी फीडर के निर्माण और तकनीकी कार्यों के कारण किया जा रहा है। लालघाटी उपकेंद्र से निकलने वाले 11 केवी जेल फीडर को इस अवधि के लिए बंद रखा जाएगा। इससे कई महत्वपूर्ण संस्थान और आवासीय क्षेत्र प्रभावित होंगे। हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, जिला जेल समेत कई इलाके प्रभावित प्रभावित होने वाले क्षेत्रों में हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जिला पंचायत कार्यालय, जिला जेल, डाइट संस्थान, ज्योति नगर, विजय नगर, कॉलेज क्षेत्र, लॉ कॉलेज, सीएम राइज स्कूल और केवी स्कूल शामिल हैं। इनके आसपास के इलाकों में भी बिजली गुल रहेगी। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे इस अवधि में होने वाली असुविधा को देखते हुए अपने आवश्यक कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग ने आश्वस्त किया है कि कार्य निर्धारित समय पर पूरा होने के बाद विद्युत आपूर्ति तुरंत बहाल कर दी जाएगी।

खरीद-फरोख्त की आशंकाओं के बीच, कांग्रेस के संकटमोचक शिवकुमार ने राज्यसभा चुनाव से पहले ओडिशा के विधायकों की मेजबानी की | राजनीति समाचार

The US-Israeli war on Iran has affected international flights. (Reuters)

आखरी अपडेट:14 मार्च, 2026, 09:54 IST ओडिशा के लगभग 12 कांग्रेस विधायकों को गुरुवार देर रात भुवनेश्वर से बेंगलुरु ले जाया गया और वर्तमान में वे शहर के बाहरी इलाके बिदादी के पास एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार (बाएं से चौथे स्थान पर) ओडिशा विधायकों के साथ। (न्यूज़18) राज्यसभा चुनाव से पहले कांग्रेस पार्टी की संकट-प्रबंधन रणनीति को दर्शाते हुए, कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री और राज्य कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार ने क्रॉस-वोटिंग की आशंकाओं के बीच बेंगलुरु में ओडिशा कांग्रेस विधायकों के एक समूह की मेजबानी करके पार्टी को एकजुट रखने के लिए कदम उठाया है। ओडिशा के लगभग 12 कांग्रेस विधायकों को गुरुवार देर रात भुवनेश्वर से बेंगलुरु ले जाया गया और वर्तमान में वे शहर के बाहरी इलाके बिदादी के पास एक रिसॉर्ट में ठहरे हुए हैं। सूत्रों ने कहा कि विधायक 16 मार्च को होने वाले राज्यसभा चुनाव में भाग लेने के लिए भुवनेश्वर लौटने से पहले सोमवार तक कर्नाटक में रहेंगे। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) द्वारा चार राज्यसभा सीटों के लिए तीन उम्मीदवारों को मैदान में उतारने के बाद, क्रॉस-वोटिंग की संभावना बढ़ने के बाद ओडिशा में तीव्र राजनीतिक पैंतरेबाज़ी के बीच यह स्थानांतरण हुआ है। चार सीटों के लिए कुल पांच उम्मीदवार मैदान में हैं – भाजपा ने तीन उम्मीदवार, बीजू जनता दल (बीजेडी) ने एक उम्मीदवार मैदान में उतारा है, जबकि कांग्रेस और बीजेडी ने संयुक्त रूप से ओडिशा मेडिकल यूनिवर्सिटी के पूर्व निदेशक, प्रसिद्ध न्यूरोलॉजिस्ट डॉ दत्तेश्वर होता का समर्थन किया है। चुनाव में जीत सुनिश्चित करने के लिए प्रत्येक उम्मीदवार को 30 वोटों की आवश्यकता होती है। संयुक्त बीजद-कांग्रेस उम्मीदवार के पास 32 वोट होने का अनुमान है – बीजद के पास 18 विधायक हैं, कांग्रेस के पास 14 और सीपीआई (एम) के पास एक वोट है – जिससे गठबंधन को मामूली अंतर मिल रहा है। हालाँकि, पार्टी नेताओं को प्रतिद्वंद्वियों द्वारा अवैध शिकार के प्रयासों का डर है। विशेष रूप से कमजोर आठ पहली बार चुने गए कांग्रेस विधायक हैं, जिनके बारे में माना जाता है कि वे राजनीतिक प्रलोभन का निशाना बन सकते हैं। ये विधायक- राजन एक्का, अशोक दास, अप्पाला कुमार स्वामी, मंगू किल्लो, पवित्र सौंथा, नीलमाधव हिक्का, प्रफुल्ल प्रधान और सत्यजीत गोमोंगो- वर्तमान में बेंगलुरु के पास वंडरला रिसॉर्ट में रहने वालों में से हैं। विकास के बारे में बोलते हुए, शिवकुमार ने कहा कि यह कदम ओडिशा कांग्रेस नेतृत्व के अनुरोध पर उठाया गया था। शिवकुमार ने कहा, “हमारे पास ओडिशा में एक धर्मनिरपेक्ष उम्मीदवार है। उनके पीसीसी अध्यक्ष ने मुझे फोन किया और समर्थन का अनुरोध किया। कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में, मैंने उन्हें बेंगलुरु में आमंत्रित किया और सभी व्यवस्थाएं कीं। भाजपा ने ऑपरेशन कमला का प्रयास किया है और उन्हें लुभाने के लिए बड़े प्रस्ताव दिए हैं।” ओडिशा विधानसभा में कुल सदस्यों की संख्या 147 है, और संयुक्त उम्मीदवार के लिए संख्या कम होने के कारण, कांग्रेस नेतृत्व अंतिम समय में किसी भी आश्चर्य से बचने के लिए उत्सुक है। शिवकुमार, जो पार्टी के भीतर नाजुक राजनीतिक स्थितियों को प्रबंधित करने और महत्वपूर्ण वोटों के दौरान विधायकों की सुरक्षा के लिए जाने जाते हैं, एक बार फिर राज्यसभा चुनाव के नजदीक आने पर कांग्रेस के लिए संकटमोचक की भूमिका निभाते नजर आ रहे हैं। जगह : बिदादी, भारत, भारत पहले प्रकाशित: 14 मार्च, 2026, 09:54 IST समाचार राजनीति खरीद-फरोख्त की आशंकाओं के बीच, कांग्रेस के संकटमोचक शिवकुमार ने राज्यसभा चुनाव से पहले ओडिशा के विधायकों की मेजबानी की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)कांग्रेस संकट प्रबंधन(टी)राज्यसभा चुनाव(टी)डीके शिवकुमार(टी)ओडिशा कांग्रेस विधायक(टी)क्रॉस वोटिंग की आशंका(टी)राजनीतिक पैंतरेबाज़ी(टी)बीजेपी उम्मीदवार(टी)बीजेडी-कांग्रेस गठबंधन