दावा- कनाडा में सिखों ने ₹25 करोड़ में गुरुद्वारा बेचा:खरीदने वाले भी सिख; पाठी बोला- यहां बिजनेस होगा, संगत की आस्था से खिलवाड़

कनाडा में सिखों ने एक गुरुद्वारा बेच दिया। इसे बनाने, खरीदने और बेचने वाली तीनों पार्टियां सिख हैं। गुरुद्वारा बेचने का ये दावा पाठी ने 3-4 मार्च को श्री आनंदपुर साहिब में होला मोहल्ला समागम में किया। इस वीडियो के एक्स पर अपलोड होने से अब ये तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में दावा किया गया है कि गुरुद्वारा 3 मिलियन डॉलर यानी 25 करोड़ रुपए में बेचा गया है। पाठी ने कहा कि सिख धर्म में आज क्या हो रहा है किसी से छिपा नहीं है। उन्होंने सिख संगत से पूछा कि क्या कभी आपने सुना है कि कभी गुरुघर भी बिका है। ये पहला मामला है जब कनाडा में गुरुद्वारा बेचा गया है। पाठी के दावे के अनुसार गुरुद्वारा बनाने वाले भी सिख हैं और खरीदने वाले भी। वीडियो में कहा गुरुघर इसलिए खरीदा गया कि बिजनेस अच्छा होगा। क्योंकि इस गुरुघर में संगत बड़ी संख्या में माथा टेकने के लिए पहुंचती है। पाठी ने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सिख समाज के प्रति गलत मैसेज जाता है। अगर गुरुघर नहीं संभाला जा रहा था तो प्रबंधन इसे संगत के हवाले कर देते। गुरु की संगत में इतनी हिम्मत है कि वह गुरुद्वारे का प्रबंधन संभाल सकती थी। हालांकि, दैनिक भास्कर किसी भी दावे की पुष्टि नहीं करता है। वीडियो में पाठी ने कही अहम बातें…
खालिस्तानी बोले- PAK गई सरबजीत हमारी बुआ, VIDEO:पंजाबी महिला का मुस्लिम पति फुफ्फड़; हमारी फुल सपोर्ट, कोई कुछ कहे तो बताना

सिख श्रद्धालुओं की आड़ में पाकिस्तान गई पंजाबी महिला सरबजीत खालिस्तान समर्थकों की बुआ बन गई है। खालिस्तान समर्थक सरबजीत के मुस्लिम पति नासिर हुसैन को फुफ्फड़ (फूफा) कहा है। खालिस्तान समर्थकों ने नासिर हुसैन को कहा कि उसे फुल सपोर्ट है। अगर कोई कुछ कहे तो हमें बता देना। बस वह उनकी बुआ को खुश रखे। इसका 1.37 मिनट का वीडियो सामने आया है। जिसमें विदेशों में बैठे खालिस्तान समर्थक नासिर हुसैन से जुड़े हुए हैं और उससे बात कर रहे हैं। नासिर हुसैन भी खुश दिखाई देता है और उनका धन्यवाद करता हुआ नजर आता है। इसकी की वीडियो वायरल हुई है। खालिस्तान समर्थकों की 3 अहम बातें सिख जत्थे की आड़ में पाकिस्तान गई सरबजीत सरबजीत कौर 4 नवंबर को श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर 1932 श्रद्धालुओं के जत्थे के साथ अटारी बॉर्डर के जरिए पाकिस्तान गई थी। जत्था 10 दिनों तक विभिन्न गुरुधामों के दर्शन करने के बाद भारत लौट आया, लेकिन वापसी के समय 1922 श्रद्धालु ही लौटे। सरबजीत कौर जत्थे में शामिल नहीं मिलीं। मामले की गंभीरता को देखते हुए संबंधित भारतीय एजेंसियों ने सरबजीत कौर की तलाश शुरू कर दी है। भारतीय दूतावास और पाकिस्तान स्थित अधिकारियों से भी संपर्क साधा जा रहा है ताकि महिला का पता लगाया जा सके। इसी बीच सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के शेखुपुरा की मस्जिद में हुआ निकाहनामा वायरल हुआ। जिसके बाद दावा किया गया कि सरबजीत कौर ने इस्लाम स्वीकार कर नाम बदलकर ‘नूर हुसैन’ रख लिया है। उसने नासिर हुसैन नाम के पाकिस्तानी नागरिक से निकाह कर लिया है। पाकिस्तान में भी सरबजीत को लेकर सवाल उठे क्योंकि उसके पास पाकिस्तान में रहने की परमिशन नहीं थी। जिसको लेकर मामला कोर्ट तक पहुंच गया। इसके बाद पुलिस ने उसे ननकाना साहिब से अरेस्ट किया। फिर कुछ दिन लाहौर के शेल्टर होम में रखा। इसके कुछ दिन बाद वह रिहा हो गई। सरबजीत ने बताई थी लव स्टोरी, फेसबुक पर नासिर से मिली सरबजीत कौर की रिहाई के बाद पहली बार उसकी बातचीत का वीडियो सामने आया। इसमें पाकिस्तानी मीडिया से बात करते हुए सरबजीत ने कहा कि अगर सच्चा प्यार होता है, तो दिल में यह एहसास जरूर रहता है कि हम एक-दूसरे से मिलेंगे। उसने बताया कि उनका प्यार आज का नहीं, बल्कि पिछले 8 साल से है। उसने भावुक होकर कहा कि अगर उसके मुंह में दांत भी न रहते, तब भी वह पाकिस्तान जरूर आती। इसके बाद पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल को इंटरव्यू में सरबजीत ने अपनी लव स्टोरी भी बताई थी। सरबजीत ने कहा था- नासिर हुसैन की बातचीत 2016 में फेसबुक के जरिए शुरू हुई थी, जो बाद में दोस्ती से प्यार में बदल गई और 2025 के अंत तक शादी कर ली। सरबजीत ने बताया कि उसका पति 22 साल से यूके में है और वह मोबाइल अपने बच्चों से छिपाकर रखती थी। पहले पति ने कहा- ब्लैकमेल कर शादी की, रेप किया इस मामले में सरबजीत के पहले पति करनैल सिंह की भी एंट्री हो चुकी है। करनैल ने लाहौर हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा कि उसकी पत्नी को अश्लील फोटो के जरिए ब्लैकमेल किया गया। करनैल सिंह ने कहा कि मुझे सरबजीत की अश्लील फोटो आई थीं। मुझे, उसके (सरबजीत के) भाई को और मेरे बच्चों को भी भेजी गई थीं। उसके बाद सरबजीत सुसाइड करने लगी थी, जिसे बहुत मुश्किल से बचाया गया था। यह बात पाकिस्तान जाने से 2 साल पहले की है। उस समय हमने पाकिस्तान में वकील किया था कि इसे रोको। मगर वह रुका नहीं। बार-बार फोटो भेजता रहा था। वह सरबजीत को पाकिस्तान आने के लिए मजबूर करता था। वह कहती थी कि नासिर ब्लैकमेल करता है, पैसे मांगता है। इसी कारण वह ठीक भी नहीं रहती थी। सरबजीत डिप्रेशन की मरीज है। पति ने ये भी दावा किया कि वह दुखी होकर और मरने के किनारे जैसी हालत में अब भी कॉल कर देती है। वह कहती है कि मैं दुखी हूं, मरने के किनारे हूं, पता नहीं मैं कब मर जाऊं। करनैल ने लाहौर हाईकोर्ट से मांग की कि सरबजीत को भारत वापस भेजा जाए। नासिर हुसैन के खिलाफ रेप का केस दर्ज किया जाए।
Beans Health Benefits | Heart, Metabolic, Gut Health Study India

8 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक क्या आप बीन्स खाते हैं? खाते तो होंगे, लेकिन क्या आपको पता है कि बीन्स एक सुपरफूड है यानी हेल्दी मील का ‘रॉकस्टार।’ यह प्रोटीन, फाइबर, आयरन और कई जरूरी मिनरल्स का अच्छा सोर्स है। इसमें जिंक और आयरन भी भरपूर मात्रा में होता है। बीन्स गट हेल्थ को बेहतर बनाती है। शुगर और कोलेस्ट्रॉल लेवल को कंट्रोल करने में भी मदद करती है। अमेरिकन सोसाइटी फॉर न्यूट्रिशन के समिट ‘न्यूट्रिशन 2025’ में पेश एक स्टडी में सामने आया कि रोज 1 कप बीन्स (काले बीन्स या छोले) खाने से कोलेस्ट्रॉल और इंफ्लेमेशन कम होता है, जो हार्ट और मेटाबॉलिक हेल्थ के लिए फायदेमंद है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- बीन्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? हार्ट हेल्थ के लिए यह कितना फायदेमंद है? इसकी न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या है? एक्सपर्ट: डॉ. अमृता मिश्रा, सीनियर डाइटीशियन, दिल्ली सवाल- बीन्स को लंबी उम्र का भोजन क्यों कहा जाता है? जवाब- ये पोषण से भरपूर, प्लांट-बेस्ड प्रोटीन का ऐसा सोर्स है, जो दुनिया के सभी पांच ‘ब्लू जोन’ (वो क्षेत्र जहां के लोगों की औसत उम्र 100 साल से ज्यादा होती है) की रोजमर्रा की डाइट का अहम हिस्सा है। कई स्टडीज के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति रोज कम-से-कम आधा कप बीन्स खाता है, तो उसकी उम्र औसतन चार साल तक बढ़ सकती है। साल 2023 में ‘एडवांस इन न्यूट्रिशन’ जर्नल में पब्लिश एक मेटा-एनालिसिस के मुताबिक, रोज 50 ग्राम बीन्स खाने से समय से पहले मौत का जोखिम लगभग 6% तक कम हो जाता है। इसमें 10 लाख से ज्यादा लोगों के डेटा की एनालिसिस की गई है। सवाल- बीन्स कितनी तरह की होती हैं? जवाब- बीन्स कई तरह की होती हैं। इन्हें उनके इस्तेमाल और पकाने के तरीके के आधार पर समझा जा सकता है। सूखी बीन्स सबसे आम होती हैं। इन्हें खाने से पहले भिगोकर अच्छी तरह पकाना जरूरी होता है, ताकि ये नरम हो जाएं और पचने में आसान रहें। फ्रोजन बीन्स पहले से पकी हुई होती हैं, जिन्हें सिर्फ गैस या माइक्रोवेव में हल्का गरम करके खाया जा सकता है। दुनियाभर में इस्तेमाल की जाने वाली कुछ लोकप्रिय बीन्स को ग्राफिक में देखिए- सवाल- बीन्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू क्या होती है? जवाब- बीन्स प्लांट-बेस्ड प्रोटीन, आयरन, पोटेशियम और फोलेट का बेहतरीन सोर्स हैं। साथ ही इनमें सोडियम कम होता है और ये पूरी तरह कोलेस्ट्रॉल-फ्री होती हैं। हालांकि, बीन्स की न्यूट्रिशनल वैल्यू उसके प्रकार के अनुसार थोड़ी बदल सकती है। 100 ग्राम पकी हुई बीन्स में औसतन इतने पोषक तत्व होते हैं। सवाल- बीन्स के हेल्थ बेनिफिट्स क्या हैं? जवाब- बीन्स पोषण से भरपूर फूड है, जिसे रोजमर्रा की डाइट में शामिल कर सकते हैं। इसमें प्रोटीन, फाइबर, विटामिन और मिनरल्स का अच्छा संतुलन होता है। इसलिए इसे सुपरफूड भी माना जाता है। ग्राफिक से इसके हेल्थ बेनिफिट्स समझते हैं- सवाल- बीन्स हार्ट को हेल्दी बनाए रखने में कैसे मददगार है? जवाब- इसमें सॉल्युबल फाइबर भरपूर होता है, जो शरीर के खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) को घटाने में मदद करता है। इससे धमनियों में चर्बी (प्लाक) जमा होने का खतरा कम हो जाता है और हार्ट अटैक का खतरा घटता है। बीन्स में मैग्नीशियम, पोटैशियम और फोलेट जैसे जरूरी मिनरल्स भी होते हैं। ये ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखने में सहायक हैं और शरीर में इंफ्लेमेशन को कम करते हैं। सवाल- क्या डायबिटिक लोग बीन्स खा सकते हैं? जवाब- हां, डायबिटिक लोग बीन्स खा सकते हैं और ये उनके लिए फायदेमंद भी होता है। अमेरिकन डायबिटीज एसोसिएशन के अनुसार, डायबिटिक लोगों को अपने भोजन में सूखी बीन्स जैसे राजमा या पिंटो बीन्स शामिल करनी चाहिए। सवाल- गहरे रंग की बीन्स हल्के रंग की बीन्स की तुलना में ज्यादा फायदेमंद क्यों मानी जाती हैं? जवाब- इनमें एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा अधिक होती है। पॉइंटर्स से समझते हैं- हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार, बीन्स का रंग जितना गहरा होता है, उसमें मौजूद एंटीऑक्सिडेंट्स उतने ही ज्यादा होते हैं। मैक्सिको के रिसर्च जर्नल ‘मॉलिक्यूल्स’ में साल 2021 में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, गहरे रंग की बीन्स शरीर को फ्री रेडिकल्स से होने वाले नुकसान से बेहतर तरीके से बचाती हैं, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी पड़ती है और बीमारियों का खतरा कम होता है। जर्नल ऑफ एग्रीकल्चरल और फूड केमिस्ट्री में पब्लिश एक स्टडी के अनुसार, काली बीन्स के छिलके में पाए जाने वाले एंटीऑक्सिडेंट्स की मात्रा सफेद बीन्स के छिलकों की तुलना में लगभग 40 गुना ज्यादा होती है। सवाल- रोज कितनी मात्रा में बीन्स खानी चाहिए? जवाब- 2020–2025 की अमेरिकन डाइटरी गाइडलाइंस के अनुसार, हफ्ते में 1 से 3 कप बीन्स, मटर और दालें खाना सेहत के लिए फायदेमंद माना गया है। इसे अगर रोज की मात्रा में समझें, तो यह करीब आधा कप (½ कप) बीन्स प्रतिदिन के बराबर होता है। सवाल- बीन्स किन्हें नहीं खानी चाहिए? जवाब- जिन लोगों को गैस, पेट फूलने या एसिडिटी की शिकायत रहती है, उन्हें बीन्स खाने से परेशानी हो सकती है। इरिटेबल बाउल सिंड्रोम (IBS) या कमजोर पाचन वाले लोगों में बीन्स से पेट दर्द, ऐंठन या दस्त की समस्या हो सकती है। जिन्हें किडनी स्टोन, खासकर यूरिक एसिड या ऑक्सलेट स्टोन की समस्या है, उन्हें भी बीन्स सीमित मात्रा में ही खानी चाहिए। इसके अलावा, कच्ची या अधपकी बीन्स कभी नहीं खानी चाहिए, क्योंकि इससे उल्टी, दस्त और पेट दर्द जैसी दिक्कतें हो सकती हैं। सवाल- रोजमर्रा की डाइट में बीन्स को शामिल करने का सबसे आसान और उपयोगी तरीका क्या है? जवाब- पॉइंटर्स से समझते हैं- पकी हुई बीन्स को दाल या सब्जी की तरह पकाकर रोटी-चावल के साथ खाया जा सकता है। उबला हुआ काबुली चना, राजमा या लोबिया को सलाद में मिलाकर हल्का, फाइबर-रिच भोजन तैयार किया जा सकता है। सुबह या शाम के नाश्ते में इन्हें चाट या स्प्राउट्स की तरह इस्तेमाल करना भी आसान तरीका है। सूप, खिचड़ी या सब्जियों में थोड़ी-सी बीन्स मिलाने से पोषण बढ़ जाता है। ………………………….. जरूरत की ये खबर भी पढ़ें… जरूरत की खबर- काला लहसुन है सेहत का खजाना:ज्यादा एंटीऑक्सिडेंट, पचने में आसान, जानें हेल्थ बेनिफिट्स, किन्हें नहीं खाना चाहिए लहसुन से तो आप परिचित ही होंगे। ये हमारी रोजमर्रा की डाइट का हिस्सा है। इसके हेल्थ बेनिफिट्स भी
Aamir Khan Birthday | Bollywood Mr Perfectionist Work Focus

48 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र कॉपी लिंक सिनेमा के जादूगर कहे जाने वाले मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान आज 61 साल के हो गए हैं। बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने सिर्फ हिट फिल्में ही नहीं दीं, बल्कि अभिनय और कहानी कहने के तरीके को भी नई दिशा दी है। 8 साल की उम्र में फिल्म ‘यादों की बारात’ से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर कैमरे के सामने आने वाले आमिर ने आगे चलकर ‘लगान’, ‘गजनी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई। किरदार के लिए महीनों तैयारी करना, स्क्रिप्ट पर गहराई से काम करना और हर फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश उनकी खास पहचान बन चुकी है। इतना ही नहीं शूटिंग के दौरान आमिर घड़ी नहीं देखते है, मोबाइल के जमाने में लंबे समय तक पेजर यूज किया। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही वजह है कि उन्हें इंडस्ट्री में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है। आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। आज आमिर खान 61वें जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से, जो बताते हैं कि वे सिर्फ बड़े स्टार ही नहीं बल्कि अपने काम को लेकर बेहद समर्पित कलाकार भी हैं। 8 साल की उम्र में पहली बार कैमरे के सामने आमिर खान का फिल्मों से रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था। वे सिर्फ 8 साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘यादों की बारात’ में नजर आए थे। यह फिल्म उनके चाचा नासिर हुसैन ने बनाई थी। उस समय आमिर को फिल्मों की दुनिया का ज्यादा अंदाजा नहीं था, लेकिन कैमरे के सामने आने का अनुभव उन्हें हमेशा याद रहा। बाद में उन्होंने अभिनय को ही अपना करियर बनाया और बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल हो गए। उनका मानना है कि शुरुआती अनुभव ही किसी कलाकार के भीतर आत्मविश्वास पैदा करते हैं। फिल्म सेट ही बन गया एक्टिंग स्कूल बचपन में आमिर अक्सर अपने पिता और परिवार के साथ फिल्म के सेट पर जाया करते थे। वे घंटों बैठकर शूटिंग देखते और कलाकारों को अभिनय करते हुए देखते थे। यही उनका पहला एक्टिंग स्कूल बन गया। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं प्रशिक्षित अभिनेता नहीं हूं। मैंने अभिनय किसी संस्थान से नहीं सीखा, बल्कि सेट पर देखकर सीखा।” आमिर के मुताबिक हर फिल्म और हर किरदार उन्हें कुछ नया सिखाता है। यही वजह है कि वे हर रोल को बिल्कुल नए नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं। स्कूल के दिनों में स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी फिल्मों से पहले आमिर खान की जिंदगी में खेल का भी बड़ा स्थान था। स्कूल के दिनों में उन्हें टेनिस खेलने का बहुत शौक था और वे स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी भी रह चुके हैं। खेल ने उन्हें अनुशासन और धैर्य सिखाया। यही गुण बाद में उनके अभिनय करियर में भी काम आए। आमिर अक्सर कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए लगातार अभ्यास और फोकस जरूरी होता है। खेल से मिली यह सीख उनके काम करने के तरीके में भी साफ नजर आती है। खेल ने आमिर खान को अनुशासन और धैर्य सिखाया, जो उनके अभिनय करियर में भी काम आया। क्यों कहा जाता है ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है क्योंकि वे अपने किरदार के लिए महीनों तक तैयारी करते हैं। वे स्क्रिप्ट पढ़ने से लेकर किरदार की मानसिकता समझने तक हर चीज पर गहराई से काम करते हैं। NDTV से बातचीत के दौरान आमिर खान ने कहा था, “मैं खुद को परफेक्शनिस्ट नहीं मानता। मुझे बस अपने काम से प्यार है और मैं उसे ईमानदारी से करना चाहता हूं।” आमिर का कहना है कि किसी भी फिल्म को बेहतर बनाने के लिए पूरी टीम की मेहनत जरूरी होती है। एक सीन के लिए कई बार रिहर्सल आमिर खान एक सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कई बार रिहर्सल करते हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन सही नहीं हुआ है तो वे बिना हिचकिचाहट के दोबारा शॉट देने के लिए तैयार रहते हैं। उनके साथ काम कर चुके कई कलाकार बताते हैं कि आमिर सेट पर बेहद फोकस्ड रहते हैं। उनका मानना है कि छोटी-छोटी चीजें ही किसी सीन को खास बनाती हैं। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में अभिनय की गहराई अलग नजर आती है। शूटिंग के दौरान घड़ी नहीं देखते आमिर खान शूटिंग के दौरान समय से ज्यादा काम की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं। वे सीन पूरा होने तक लगातार काम करते रहते हैं और घड़ी नहीं देखते। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “फिल्म बनाना टीमवर्क है। अगर हम सब मिलकर ईमानदारी से काम करें तो परिणाम भी बेहतर आता है।” आमिर खान के लिए फिल्म की सफलता सिर्फ एक अभिनेता पर नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत पर निर्भर करती है। मोबाइल के दौर में भी पेजर इस्तेमाल जब मोबाइल फोन तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे, तब भी आमिर खान लंबे समय तक पेजर इस्तेमाल करते रहे। वे नई तकनीक अपनाने में जल्दबाजी नहीं करते थे। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही कारण है कि वे सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल भी बहुत सोच-समझकर करते हैं। सड़क किनारे पानी-पूरी खाने का किस्सा आमिर खान की सादगी के कई किस्से मशहूर हैं। एक बार वे सड़क किनारे पानी-पूरी खाने के लिए रुक गए और आम लोगों के साथ खड़े होकर चाट खाते नजर आए। वहां मौजूद लोगों को यह देखकर काफी हैरानी हुई। इतने बड़े स्टार का इस तरह आम लोगों के बीच बिना किसी दिखावे के खाना उनके स्वभाव की सादगी को दिखाता है। आमिर ने ‘लगान’ की स्क्रिप्ट छह बार ठुकरा दी थी। सातवीं बार पसंद आने पर उन्होंने अभिनय व निर्माण दोनों किया। ‘लगान’ के लिए गांव में रहकर तैयारी फिल्म ‘लगान’ की शूटिंग के दौरान आमिर खान और पूरी टीम लंबे समय तक गांव में रही। इसका मकसद फिल्म के माहौल को असली बनाना था। कलाकारों ने
Emergency Loan Application Guide; Unsecured Personal Loan

5 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक वो कहावत है न कि ‘मुसीबत किसी भी वक्त आ सकती है।’ कोई मेडिकल इमरजेंसी हो सकती है, अचानक घर की मरम्मत की जरूरत पड़ सकती है, शादी के खर्चे हो सकते हैं या कुछ भी और जरूरत पड़ सकती है। जब अचानक कोई बड़ा खर्च आ पड़े तो क्या करें? ऐसी स्थिति में काम आता है इमरजेंसी लोन। ऐसे वक्त में बैंक या NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) से लोन लेना ही प्रैक्टिकल विकल्प है। लेकिन सबसे बड़ी चुनौती जरूरत के समय पैसा मिलना है। अक्सर डॉक्यूमेंट्स पूरे न हों या प्रक्रिया की जानकारी न हो तो लोन रिजेक्ट हो सकता है या इसमें बहुत देरी हो सकती है। इसलिए आज हम ‘आपका पैसा‘ कॉलम में इमरजेंसी लोन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- इमरजेंसी लोन लेने का सही तरीका क्या है? इसके लिए कौन से डॉक्यूमेंट्स जरूरी होते हैं? सवाल- इमरजेंसी लोन क्या है और यह सामान्य लोन से कैसे अलग है? जवाब- ये एक ‘अनसिक्योर्ड पर्सनल लोन’ है, जिसे विशेष रूप से इमरजेंसी के लिए डिजाइन किया गया है। सामान्य होम लोन या कार लोन में लंबे कागजी काम और संपत्ति के मूल्यांकन की जरूरत होती है, जिसमें हफ्तों लग सकते हैं। इसके विपरीत इमरजेंसी लोन पूरी तरह से डिजिटल और पेपरलेस प्रक्रिया है। आजकल फिनटेक कंपनियां और बैंक ‘प्री-अप्रूव्ड’ लोन का विकल्प देते हैं। इनके पास पहले से आपकी क्रेडिट हिस्ट्री होती है, जिससे आवेदन के 5 से 15 मिनट के भीतर पैसा बैंक खाते में पहुंच जाता है। इसकी सबसे बड़ी खूबी यह है कि इसमें आपको कोई गारंटी देने या कुछ भी गिरवी रखने की जरूरत नहीं होती है। सवाल- इमरजेंसी लोन मिलने में कितना समय लग सकता है? जवाब- यह कई बातों पर निर्भर करता है। जैसे लेंडर (उधार देने वाला बैंक या वित्तीय संस्था) कौन है, लोन किस प्रकार का है और उस लेंडर की डिस्बर्सल (अकाउंट में लोन अमाउंट क्रेडिट होने की प्रोसेस) प्रक्रिया कितनी तेज है। जल्दी लोन पाने के लिए पूरी प्रक्रिया ग्राफिक्स में देखिए- अगर आपके पास आधार से लिंक मोबाइल नंबर और पैन कार्ड है, तो ‘लोन वेरिफिकेशन’ में बहुत कम समय लगेगा। सवाल- इमरजेंसी लोन को कहां खर्च किया जा सकता है? जवाब- इसकी कोई ‘एंड-यूज’’ पाबंदी नहीं होती, यानी बैंक उधारकर्ता से यह नहीं पूछता कि वह पैसा कहां खर्च करेगा। हालांकि, इसका उपयोग विवेकपूर्ण तरीके से केवल अनिवार्य स्थितियों में ही करना चाहिए। आमतौर पर इसका इस्तेमाल इन कामों के लिए होता है- मेडिकल इमरजेंसी वाहन की मरम्मत घर की मरम्मत एजुकेशन फीस कोई अनहोनी अचानक यात्रा फैमिली इमरजेंसी सवाल- इमरजेंसी लोन कितने प्रकार के होते हैं? जवाब- इमरजेंसी के लिए कई तरह के लोन विकल्प उपलब्ध हैं। इनमें पर्सनल लोन, क्रेडिट कार्ड कैश एडवांस, सैलरी एडवांस और डिजिटल इंस्टेंट लोन प्रमुख हैं। पर्सनल लोन- यह पॉपुलर और आसान तरीका है। इसमें ब्याज दर 10.50% से 24% तक हो सकती है। क्रेडिट कार्ड लोन- क्रेडिट कार्ड की लिमिट पर मिलने वाले लोन की प्रक्रिया तेज होती है, क्योंकि इसमें कोई नया डॉक्यूमेंट नहीं देना होता है। गोल्ड लोन- अगर आपका सिबिल स्कोर खराब है, तो घर में रखे सोने पर 30 मिनट में लोन मिल सकता है। सैलरी एडवांस लोन- कई कंपनियां और एप्स सैलरी के आधार पर छोटा लोन (शॉर्ट टर्म) देते हैं। डिजिटल इंस्टेंट लोन- मोबाइल एप में आधार-पैन से डिजिटल KYC होती है और मिनटों में अप्रूवल मिल जाता है। इसमें आमतौर पर 5,000 से 2 लाख रुपए तक का छोटा लोन मिल सकता है। सवाल- सही इमरजेंसी लोन का चुनाव कैसे करें? जवाब- इसके लिए कुछ बातों का खास ख्याल रखना जरूरी है। डिटेल ग्राफिक्स में देखिए- सवाल- अगर CIBIL स्कोर कम है, क्या तब भी इमरजेंसी लोन मिल सकता है? जवाब- CIBIL स्कोर कम (600 से नीचे) होने पर बड़े बैंक लोन देने से कतराते हैं। ऐसे में ‘पियर-टू-पियर’ (P2P) लेंडिंग प्लेटफॉर्म या NBFC एप्स का रुख कर सकते हैं। ये केवल CIBIL स्कोर नहीं देखते, बल्कि उधारकर्ता के यूटिलिटी बिल भुगतान और बैंकिंग ट्रांजैक्शन के आधार पर लोन देते हैं। हालांकि, CIBIL स्कोर कम होने पर ब्याज दर थोड़ी ज्यादा चुकानी पड़ सकती है। इसके अलावा गोल्ड लोन एक बेहतरीन विकल्प है, जहां CIBIL स्कोर की अहमियत न के बराबर होती है। सवाल- लोन लेते समय ‘प्रोसेसिंग फीस’ और ‘फोरक्लोजर चार्ज’ पता करना क्यों जरूरी है? जवाब- आमतौर पर कर्ज लेते समय लोग सिर्फ ब्याज दर देखते हैं, लेकिन इमरजेंसी लोन में हिडेन चार्ज भी आपकी जेब ढीली कर सकते हैं। प्रोसेसिंग फीस आमतौर पर लोन राशि का 1-5% तक होती है, जो लोन डिस्बर्स (अकाउंट में रुपए ट्रांसफर होने की प्रक्रिया) होते समय ही काट ली जाती है। वहीं, ‘फोरक्लोजर चार्ज’ वह चार्ज है, जो बैंक तब वसूलते हैं, जब आप समय से पहले लोन बंद करना चाहते हैं। इमरजेंसी लोन लेते समय हमेशा ऐसे लेंडर चुनें, जिनकी प्रोसेसिंग फीस कम हो और जो 6 महीने बाद ‘जीरो फोरक्लोजर’ की सुविधा देते हों। इससे आप भविष्य में ब्याज का बोझ कम कर सकेंगे। सवाल- डिजिटल लोन एप्स से लोन लेते समय फ्रॉड से कैसे बचें? जवाब- प्ले स्टोर पर हजारों लोन एप्स मौजूद हैं, जिनमें से कई फ्रॉड और असुरक्षित हैं। सुरक्षा के लिए हमेशा इन बातों का ध्यान रखें- चेक करें कि एप ‘RBI रजिस्टर्ड NBFC’ के साथ पार्टनरशिप में है या नहीं। लोन डिस्बर्स होने से पहले कोई ‘फाइल चार्ज’ या ‘एडवांस मनी’ न दें। वैध कंपनियां अपना शुल्क लोन राशि से ही काटती हैं, अलग से पैसे नहीं मांगती हैं। एप को अपने कॉन्टैक्ट लिस्ट या गैलरी का एक्सेस देने से बचें। हमेशा एप की रेटिंग देखें और यूजर रिव्यू पढ़ें। अगर कोई एप 7 दिन का लोन दे रहा है, तो सावधान हो जाएं। ये अक्सर रिकवरी के लिए प्रताड़ित करते हैं। ……………… ये खबर भी पढ़िए आपका पैसा- क्या होम लोन का प्रीपेमेंट करना सही है: ब्याज के पैसे बचेंगे, लेकिन कैश क्रंच का डर भी, एक्सपर्ट से जानें फायदे-नुकसान हर व्यक्ति का सपना होता है कि उसका एक अपना घर हो। इस सपने को साकार करने के लिए ज्यादातर लोग ‘होम लोन’ लेते हैं और सालों तक EMI चुकाते रहते हैं। इस तरह
US Approves Russian Oil Purchase

Hindi News Career US Approves Russian Oil Purchase | ISRO AIIMS Biomedical Research 2 घंटे पहले कॉपी लिंक जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… नेशनल (NATIONAL) 1. पीएम मोदी 2 दिन के दौरे पर असम पहुंचे 13 मार्च को पीएम नरेंद्र मोदी 2 दिन के दौरे पर असम पहुंचे। पीएम ने कोकराझार, गुवाहाटी और सिलचर में 47,800 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स का उद्घाटन और शिलान्यास किया। पीएम ने नॉर्थ ईस्ट के लिए 3 नई ट्रेनों की शुरुआत भी की। पीएम ने कोकराझार में 4,570 करोड़ रुपए से ज्यादा के प्रोजेक्ट्स शुरू किए। इसके साथ ही पीएम ने गुवाहाटी में करीब 19,680 करोड़ रुपए के भी कई प्रोजेक्ट्स शुरू किए। पीएम आज 14 मार्च को करीब 23,550 करोड़ रुपए के अलग-अलग प्रोजेक्ट्स देश को समर्पित करेंगे। 2. ISRO ने AIIMS के साथ MoU साइन किया भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने ऑल इंडिया मेडिकल साइंस (AIIMS) नई दिल्ली के साथ एक MoU साइन किया। इस MoU का उद्देश्य AIIMS के साथ मिलकर रिसर्च करना है, जिससे स्पेस में जाने वाले एस्ट्रोनॉट्स के स्वास्थ्य और सेफ्टी को और बेहतर बनाया जा सके। ISRO और AIIMS मिलकर इंडियन स्पेस स्टेशन और मून मिशन को ध्यान में रखकर क्रू के लिए मेडिकल रिसर्च करेंगे। स्पेस मिशन्स के दौरान, क्रू के सामने आने वाले मेडिकल चेलेंजेस को कम करने और स्पेस के एनवायरमेंट का सामना करने के लिए काम किया जाएगा। इस MoU का लक्ष्य मल्टी डिसिप्लिनरी मेडिसिन यानी अलग-अलग तरह की समस्याओं पर रिसर्च करना होगा। स्पेस में ह्यूमन बॉडी कैसे व्यवहार करती है, इस आधार पर बायोमेडिकल रिसर्च की जाएगी। भविष्य में आगे आने वाले मिशनों के लिए मेडिकल प्रोटोकॉल, टेक्नोलॉजी और एस्ट्रोनॉट हेल्थ केयर सिस्टम पर काम करना शामिल है। MoU के तहत, धरती पर लौटने पर दी जाने वाली मेडिकल फैसिलिटी से जुड़ी रिसर्च भी इसमें शामिल है। ISRO 1969 में स्थापित हुआ था, इसका हेडक्वाटर बेंगलुरू में हैं। ISRO के चेयरमैन वी नारायण हैं। इस MoU का लक्ष्य मल्टी डिसिप्लिनरी मेडिसिन यानी अलग-अलग तरह की समस्याओं पर रिसर्च करना होगा। निधन (DEATH) 3. AIFF के पूर्व जनरल सेक्रेटरी कुशल दास का निधन 13 मार्च को अखिल भारतीय फुटबॉल महासंघ (AIFF) के पूर्व जनरल सेक्रेटरी कुशल दास का निधन हो गया। वे 66 साल के थे। कुशल दास ने 12 सालों तक AIFF जनरल सेक्रेटरी के तौर पर काम किया और 2022 में अपने पद से इस्तीफा दिया था। 2010 में फुटबॉल एडमिनिस्ट्रेशन में शामिल होने से पहले, दास अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (ICC) के चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर रहे। दास 2010 में फुटबॉल स्पोर्ट्स डेवलपमेंट लिमिटेड (FSDL) को AIFF के मार्केटिंग पार्टनर के तौर पर लाए, जिसके कारण इंडियन सुपर लीग (ISL) की शुरुआत हुई। 2017 में दास के कार्यकाल में पहली बार फीफा अंडर -17 वर्ल्ड कप की मेजबानी भारत ने की। दास के कार्यकाल में पहली बार इंडियन नेशनल टीम ने तीन AFC एशियाई कप टूर्नामेंट के लिए क्वालीफाई किया। 2019 में कुशल अंतर्राष्ट्रीय प्रबंधन समूह (IMG) में चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर भी रहे। इंटरनेशनल (INTERNATIONAL) 4. रूस से अस्थाई तौर पर तेल खरीदने की अमेरिका ने मंजूरी दी 12 मार्च को ट्रम्प प्रशासन ने दूसरे देशों को रूस से तेल खरीदने की अस्थाई मंजूरी दी। अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग की वजह से दुनियाभर में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई हैं। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (वित्त मंत्रालय) ने गुरुवार को एक लाइसेंस जारी किया। इसके तहत उन रूसी कच्चे तेल और पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स की डिलीवरी और बिक्री की जा सकती है, जो 12 मार्च की रात 12:01 बजे से पहले जहाजों पर लोड हो चुके थे। इस समय रूस के कई ऑयल टैंकर समुद्र में फंसे हुए हैं। अमेरिकी ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने बताया कि इसका मकसद दुनियाभर में तेल की सप्लाई बढ़ाना है, ताकि बढ़ती कीमतों पर लगाम लग सके। एक समय भारत रूस से रोजाना 20 लाख बैरल तेल आयात करता था, लेकिन इस साल जनवरी में आयात घटकर प्रतिदिन 11.6 लाख बैरल रह गया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग (वित्त मंत्रालय) ने गुरुवार को एक लाइसेंस जारी किया। मिसलीनियस (MISCELLANEOUS) 5. पर्सन विद डिसेबिलिटी डिपार्टमेंट ने MoU साइन किया 13 मार्च को डिपार्टमेंट ऑफ एम्पावरमेंट ऑफ पर्सन विद डिसेबिलिटी ने नई दिल्ली में सिविल सोसाइटी के साथ एक MoU साइन किया। इस MoU में श्रवण बाधित व्यक्तियों के लिए भारत का पहला लाइफ साइकिल सपोर्ट मॉडल बनाया जाएगा। लाइफ साइकिल सपोर्ट मॉडल के अंतर्गत गोपाल कृष्णन फाउंडेशन और भारतीय सांकेतिक भाषा अनुसंधान श्रवण बाधितों को ट्रेनिंग देंगे। इस MoU में श्रवण बाधितों को ट्रेनिंग के साथ-साथ स्किलस भी सिखाए जाएंगे जैसे-श्रवण बाधित क्षमता को पहचानना।एजुकेशन को सरल बनाना और साइन लैंग्वेज सिखाना।स्किल डेवलपमेंट सिखाना और एम्प्लॉयमेंट सपोर्ट देना।स्कॉलरशिप और डिजिटल लर्निंग रिसोर्स उपलब्ध करवाना।बधिर और कम सुनने वाले समुदाय के लिए जागरूकता बढ़ाना। इस MoU में श्रवण बाधितों को ट्रेनिंग के साथ-साथ स्किलस भी सिखाए जाएंगे। 6. माइक्रोसॉफ्ट ऑफिस एग्जीक्यूटिव राजेश झा का इस्तीफा 12 मार्च को माइक्रोसॉफ्ट के ऑफिस एग्जीक्यूटिव राजेश झा ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया। राजेश झा ने 35 साल के लंबे करियर के बाद रिटायरमेंट का ऐलान किया है। झा माइक्रोसॉफ्ट क्लाउड सर्विस और माइक्रोसॉफ्ट 365 डेवलप करने के लिए जाने जाते हैं। राजेश झा 1 जुलाई, 2026 को अपना पद छोड़ देंगे। रिटायर होने के बाद झा सलाहकार के तौर पर माइक्रोसॉफ्ट कंपनी में बने रहेंगे। झा माइक्रोसॉफ्ट एक्सचेंज, शेयर पॉइंट और आउटलुक के वाइस प्रेसिडेंट रहे हैं। माइक्रोसॉफ्ट कंपनी 1975 में बनी है और इसके फाउंडर सत्य नडेला हैं। राजेश झा ने 1990 में माइक्रोसॉफ्ट जॉइन किया था। आज का इतिहास 14 मार्च 1879 में अल्बर्ट आइंस्टीन का जन्म हुआ। 1931 में भारत की पहली बोलती फिल्म ‘आलम आरा’ रिलीज हुई। अंतरराष्ट्रीय गणित दिवस (पाई दिवस) मनाया जाता है। ———————- ये खबरें भी पढ़ें… पाइरेटेड फिल्म, शोज वाले 3142 टेलिग्राम चैनल्स पर बैन: शुभमन गिल बनेंगे क्रिकेटर ऑफ द ईयर; 13 मार्च के करेंट अफेयर्स जानते हैं आज के प्रमुख करेंट अफेयर्स, जो सरकारी नौकरियों की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स के लिए जरूरी हैं… पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स
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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 16 मिनट पहले कॉपी लिंक हरियाणा के अंबाला में पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से करीब 2 किलो RDX विस्फोटक बरामद हुआ है। STF के डिप्टी सुपरिटेंडेंट अमन कुमार के मुताबिक पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन युवक मोटरसाइकिल पर बरारा से अंबाला की ओर विस्फोटक लेकर आ रहे हैं। सूचना मिलने के बाद STF ने बरारा–सढौरा रोड पर बैरिकेड लगाकर रास्ता बंद कर दिया और सुरक्षा के लिए ट्रैफिक को दूसरी तरफ मोड़ दिया गया। जब तीनों युवक मोटरसाइकिल पर वहां पहुंचे, तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके बैग से करीब 2 किलो विस्फोटक मिला। शुरुआती जांच में तीनों की पहचान मेरठ (उत्तर प्रदेश), अजमेर (राजस्थान) और अंबाला जिले के कबांसी गांव के रहने वालों के रूप में हुई है। उनकी उम्र लगभग 20 से 25 साल के बीच बताई जा रही है। आज की अन्य बड़ी खबरें… तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले एक और नई पार्टी, जयललिता की करीबी शशिकला ने नई पार्टी बनाई तमिलनाडु की पूर्व सीएम पूर्व सीएम जे. जयललिता की करीबी और एआईएडीएमके से निष्कासित नेता वीके शशिकला ने शुक्रवार को अपनी नई राजनीतिक पार्टी ऑल इंडिया पुरच्चि थलैवर मक्कल मुनेत्र कषगम (AIPTMMK) के नाम की घोषणा की। पार्टी का चुनाव चिन्ह नारियल के पेड़ों का बाग रखा गया है। रामनाथपुरम में जयललिता की 78वीं जयंती पर आयोजित सभा में शशिकला ने कहा कि नई द्रविड़ पार्टी गरीबों के लिए काम करेगी और पेरारिग्नर अन्ना, एमजी रामचंद्रन और जयललिता के रास्ते पर चलेगी। पार्टी का झंडा काला, सफेद और लाल रंग का है, जिस पर अन्ना, एमजीआर और जयललिता की तस्वीरें हैं। कर्नाटक हाईकोर्ट ने कहा- पब में नाचने से महिला बुरी नहीं हो जाती कर्नाटक हाईकोर्ट ने दहेज उत्पीड़न से जुड़े मामले में सुनवाई करते हुए कहा कि किसी महिला के पब में डांस करने या भड़काऊ कपड़े पहनने से यह साबित नहीं होता कि वह बुरे चरित्र की है। जस्टिस एम. नागप्रसन्ना की सिंगल बेंच ने ये टिप्पणी उस याचिका पर सुनवाई के दौरान की, जिसमें एक व्यक्ति ने धारा 498ए के केस को रद्द करने की मांग की है। जज ने पूछा, ‘अगर महिला पब या नाइटक्लब में डांस करती है तो इसमें क्या गलत है?’ केवल लाइफस्टाइल से किसी महिला के चरित्र पर सवाल नहीं उठा सकते। पति के आरोप पत्नी की लाइफस्टाइल को लेकर असहमति से जुड़े थे। इनमें यह दावा भी शामिल था कि वह पब जाती थी और भड़काऊ कपड़े पहनती थी। कोर्ट ने कहा कि ऐसे आरोप 498ए के तहत क्रूरता का स्तर साबित नहीं करते। महुआ को सुप्रीम कोर्ट से राहत, कैश फॉर क्वेरी मामले में फिलहाल कार्रवाई पर रोक सुप्रीम कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस सांसद महुआ मोइत्रा को कथित कैश-फॉर-क्वेरी मामले में अंतरिम राहत दी है। कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट के दिसंबर 2025 के आदेश के एक हिस्से पर फिलहाल रोक लगा दी है। हाईकोर्ट ने लोकपाल को निर्देश दिया था कि सीबीआई को मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी के मुद्दे पर एक महीने के भीतर वह फिर से विचार करे। चीफ जस्टिस सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने इस मामले में महुआ मोइत्रा, सीबीआई और भाजपा सांसद निशिकांत दुबे को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। इससे पहले 19 दिसंबर 2025 को दिल्ली हाईकोर्ट ने लोकपाल के 12 नवंबर 2025 के उस आदेश को रद्द कर दिया था, जिसमें सीबीआई को मोइत्रा के खिलाफ चार्जशीट दाखिल करने की मंजूरी दी गई थी। मणिपुर- कुकी और नगा समुदाय के बीच तनाव, कुकी संगठनों ने इंफाल-उखरुल रोड बंद किया, हेलीकॉप्टर सेवा शुरू मणिपुर में एक बार फिर से तनाव बढ़ रहा है। कुकी संगठनों ने इंफाल-उखरुल सड़क मार्ग अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया है। हालात को देखते हुए नगा समुदाय से जुड़े विधायक लीशियो कीशिंग ने मुख्यमंत्री से दोनों जगहों के बीच किफायती हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने की मांग की। इसके बाद परिवहन विभाग ने 14 मार्च से हेलीकॉप्टर सेवा शुरू करने का निर्णय लिया है। शनिवार को दो, रविवार और मंगलवार को एक-एक, 18 मार्च को दो उड़ानें संचालित होंगी। यात्रियों को अधिकतम 7 किलो सामान ले जाने की अनुमति होगी। कक्चिंग थाने के केईराक माखा लेइकाई गांव में देर शाम 51 वर्षीय व्यक्ति की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। कुकी सीएसओ वर्किंग कमेटी, उखरुल ने चेतावनी दी है कि दो कुकी युवकों के हत्यारों की गिरफ्तारी और मृत्युदंड तक शव स्वीकार नहीं किए जाएंगे। सुप्रीम कोर्ट में केस लिस्टिंग व बेंच आवंटन अब एआई से होगा सुप्रीम कोर्ट ने प्रशासनिक कामों में एआई की मदद लेने का फैसला लिया है। केस की लिस्टिंग और बेंच आवंटन एआई सॉफ्टवेयर संभालेगा। इससे मानवीय हस्तक्षेप और खामियों को दूर किया जा सकेगा। मौजूदा व्यवस्था में सीजेआई की तरफ से मामले आवंटित किए जाते हैं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
इंदौर में पंपकर्मी की हत्या का मामला:कार मालिक आर्यन अब भी फरार, परिचितों को बताया- दोस्तों को दी थी कार

इंदौर के सांवेर में पंपकर्मी रोहित परमार की जान कार सवार युवकों ने ले ली थी। कई फुटेज देखने के बार सांवेर पुलिस की टीम इंदौर पहुंची। हीरानगर के गौरीनगर में आर्यन के यहां दबिश दी। वह नही मिला, लेकिन उसके पिता को पुलिस पूछताछ के लिए लेकर चली गई। आर्यन ने अपने परिचितों को जानकारी दी कि इस घटना में उसका हाथ नहीं है। उसके दोस्त कार लेकर गए थे। हालांकि पुलिस इस बात की जांच कर रही है। आर्यन अभी भी फरार है। सांवेर पुलिस की टीम गुरुवार रात इंदौर पहुंची थी। यहां हीरानगर इलाके में आर्यन की जानकारी निकाली। कार उसने कुछ दिन पहले खरीदी थी। इस पूरे मामले में आर्यन ने घटना के दिन कार में होने की बात से इंकार किया है। उसने परदेशीपुरा और हीरानगर इलाके में रहने वाले चार युवकों की जानकारी दी। घटना के बाद से सभी फरार हैं। आर्यन भी पुलिस के सामने नहीं आ रहा। कार आर्यन के नाम, बनेगा आरोपी पुलिस का कहना है कि कार आर्यन के नाम है तो वह भी आरोपी बनेगा। आर्यन के पकड़ाने के बाद ही बाकि उसके चार साथियों के नाम सामने आए। कार कौन चला रहा था। इसकी भी जानकारी आएगी। हालांकि अभी इस घटना में किसी भी आरोपी के नाम की पुष्टी पुलिस अफसरों ने नहीं की है। 11 मार्च को हुई थी घटना सांवेर पुलिस के मुताबिक घटना 11 मार्च 2026 की शाम करीब 4 बजे ग्राम कजलाना स्थित शिवलाल पटेल एंड सन्स पेट्रोल पंप, चारपाई ढाबा के पास की है। यहां एक ग्रे रंग की कार का चालक डीजल भरवाने के बाद बिना पैसे दिए वहां से भाग गया था। इस दौरान पंप के कर्मचारी रोहित ने कार रोकने की कोशिश की। उसका हाथ कार के कांच में फंस गया। जिसमें वह कार के साथ घसीटते चले गया।









