Wednesday, 13 May 2026 | 12:45 PM

Trending :

‘यह सरकार कितने समय तक चलेगी’: तमिलनाडु में फ्लोर टेस्ट के दौरान डीएमके ने विजय सरकार की स्थिरता पर सवाल उठाए | भारत समाचार टीवीके की सबसे बड़ी ढाल? कैसे सीएम विजय के फ्लोर टेस्ट ने उन्हें मजबूत स्थिति में ला दिया | भारत समाचार विजय ने तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत साबित किया, 144 विधायकों ने टीवीके सरकार का समर्थन किया | भारत समाचार दिनभर तनाव से परेशान? अपनाएं ये 5 छोटी-छोटी आदतें और दिमाग को तुरंत हल्का करें! जम्मू-कश्मीर में जैश को पनाह देने वाला शिक्षक गिरफ्तार:एक साथी भी पकड़ाया; पुंछ में घुसपैठ की कोशिश में एक आतंकी ढेर, एक घायल CM थलापति विजय ने तृषा के लिए बदले नियम:एक्ट्रेस की फिल्म करप्पू के मॉर्निंग शो रखने की स्पेशल परमिशन दी, 3 सालों से था प्रतिंबध
EXCLUSIVE

Aamir Khan Birthday | Bollywood Mr Perfectionist Work Focus

Aamir Khan Birthday | Bollywood Mr Perfectionist Work Focus

48 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

सिनेमा के जादूगर कहे जाने वाले मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान आज 61 साल के हो गए हैं।

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने सिर्फ हिट फिल्में ही नहीं दीं, बल्कि अभिनय और कहानी कहने के तरीके को भी नई दिशा दी है।

8 साल की उम्र में फिल्म ‘यादों की बारात’ से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर कैमरे के सामने आने वाले आमिर ने आगे चलकर ‘लगान’, ‘गजनी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई।

किरदार के लिए महीनों तैयारी करना, स्क्रिप्ट पर गहराई से काम करना और हर फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश उनकी खास पहचान बन चुकी है। इतना ही नहीं शूटिंग के दौरान आमिर घड़ी नहीं देखते है, मोबाइल के जमाने में लंबे समय तक पेजर यूज किया।

उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही वजह है कि उन्हें इंडस्ट्री में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है।

आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं।

आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं।

आज आमिर खान 61वें जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से, जो बताते हैं कि वे सिर्फ बड़े स्टार ही नहीं बल्कि अपने काम को लेकर बेहद समर्पित कलाकार भी हैं।

8 साल की उम्र में पहली बार कैमरे के सामने

आमिर खान का फिल्मों से रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था। वे सिर्फ 8 साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘यादों की बारात’ में नजर आए थे। यह फिल्म उनके चाचा नासिर हुसैन ने बनाई थी। उस समय आमिर को फिल्मों की दुनिया का ज्यादा अंदाजा नहीं था, लेकिन कैमरे के सामने आने का अनुभव उन्हें हमेशा याद रहा।

बाद में उन्होंने अभिनय को ही अपना करियर बनाया और बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल हो गए। उनका मानना है कि शुरुआती अनुभव ही किसी कलाकार के भीतर आत्मविश्वास पैदा करते हैं।

फिल्म सेट ही बन गया एक्टिंग स्कूल

बचपन में आमिर अक्सर अपने पिता और परिवार के साथ फिल्म के सेट पर जाया करते थे। वे घंटों बैठकर शूटिंग देखते और कलाकारों को अभिनय करते हुए देखते थे। यही उनका पहला एक्टिंग स्कूल बन गया। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं प्रशिक्षित अभिनेता नहीं हूं। मैंने अभिनय किसी संस्थान से नहीं सीखा, बल्कि सेट पर देखकर सीखा।”

आमिर के मुताबिक हर फिल्म और हर किरदार उन्हें कुछ नया सिखाता है। यही वजह है कि वे हर रोल को बिल्कुल नए नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं।

स्कूल के दिनों में स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी

फिल्मों से पहले आमिर खान की जिंदगी में खेल का भी बड़ा स्थान था। स्कूल के दिनों में उन्हें टेनिस खेलने का बहुत शौक था और वे स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी भी रह चुके हैं। खेल ने उन्हें अनुशासन और धैर्य सिखाया। यही गुण बाद में उनके अभिनय करियर में भी काम आए।

आमिर अक्सर कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए लगातार अभ्यास और फोकस जरूरी होता है। खेल से मिली यह सीख उनके काम करने के तरीके में भी साफ नजर आती है।

खेल ने आमिर खान को अनुशासन और धैर्य सिखाया, जो उनके अभिनय करियर में भी काम आया।

खेल ने आमिर खान को अनुशासन और धैर्य सिखाया, जो उनके अभिनय करियर में भी काम आया।

क्यों कहा जाता है ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’

आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है क्योंकि वे अपने किरदार के लिए महीनों तक तैयारी करते हैं। वे स्क्रिप्ट पढ़ने से लेकर किरदार की मानसिकता समझने तक हर चीज पर गहराई से काम करते हैं। NDTV से बातचीत के दौरान आमिर खान ने कहा था, “मैं खुद को परफेक्शनिस्ट नहीं मानता। मुझे बस अपने काम से प्यार है और मैं उसे ईमानदारी से करना चाहता हूं।”

आमिर का कहना है कि किसी भी फिल्म को बेहतर बनाने के लिए पूरी टीम की मेहनत जरूरी होती है।

एक सीन के लिए कई बार रिहर्सल

आमिर खान एक सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कई बार रिहर्सल करते हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन सही नहीं हुआ है तो वे बिना हिचकिचाहट के दोबारा शॉट देने के लिए तैयार रहते हैं। उनके साथ काम कर चुके कई कलाकार बताते हैं कि आमिर सेट पर बेहद फोकस्ड रहते हैं। उनका मानना है कि छोटी-छोटी चीजें ही किसी सीन को खास बनाती हैं। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में अभिनय की गहराई अलग नजर आती है।

शूटिंग के दौरान घड़ी नहीं देखते

आमिर खान शूटिंग के दौरान समय से ज्यादा काम की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं। वे सीन पूरा होने तक लगातार काम करते रहते हैं और घड़ी नहीं देखते। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “फिल्म बनाना टीमवर्क है। अगर हम सब मिलकर ईमानदारी से काम करें तो परिणाम भी बेहतर आता है।”

आमिर खान के लिए फिल्म की सफलता सिर्फ एक अभिनेता पर नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत पर निर्भर करती है।

आमिर खान के लिए फिल्म की सफलता सिर्फ एक अभिनेता पर नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत पर निर्भर करती है।

मोबाइल के दौर में भी पेजर इस्तेमाल

जब मोबाइल फोन तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे, तब भी आमिर खान लंबे समय तक पेजर इस्तेमाल करते रहे। वे नई तकनीक अपनाने में जल्दबाजी नहीं करते थे। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही कारण है कि वे सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल भी बहुत सोच-समझकर करते हैं।

सड़क किनारे पानी-पूरी खाने का किस्सा

आमिर खान की सादगी के कई किस्से मशहूर हैं। एक बार वे सड़क किनारे पानी-पूरी खाने के लिए रुक गए और आम लोगों के साथ खड़े होकर चाट खाते नजर आए। वहां मौजूद लोगों को यह देखकर काफी हैरानी हुई। इतने बड़े स्टार का इस तरह आम लोगों के बीच बिना किसी दिखावे के खाना उनके स्वभाव की सादगी को दिखाता है।

आमिर ने 'लगान' की स्क्रिप्ट छह बार ठुकरा दी थी। सातवीं बार पसंद आने पर उन्होंने अभिनय व निर्माण दोनों किया।

आमिर ने ‘लगान’ की स्क्रिप्ट छह बार ठुकरा दी थी। सातवीं बार पसंद आने पर उन्होंने अभिनय व निर्माण दोनों किया।

‘लगान’ के लिए गांव में रहकर तैयारी

फिल्म ‘लगान’ की शूटिंग के दौरान आमिर खान और पूरी टीम लंबे समय तक गांव में रही। इसका मकसद फिल्म के माहौल को असली बनाना था। कलाकारों ने क्रिकेट की खास ट्रेनिंग भी ली। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया था, “हम चाहते थे कि फिल्म पूरी तरह असली लगे, इसलिए हम सबने उस माहौल में रहकर काम किया।”

उनके मुताबिक यही कारण है कि फिल्म के कई दृश्य इतने वास्तविक लगे।

‘गजनी’ के लिए बनाया 8-पैक बॉडी

फिल्म ‘गजनी’ के लिए आमिर खान ने अपने शरीर को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग और सख्त डाइट के जरिए 8-पैक एब्स बनाए। उस समय बॉलीवुड में ऐसा ट्रांसफॉर्मेशन बहुत कम देखने को मिलता था। आमिर का यह लुक काफी चर्चा में रहा और फिटनेस के मामले में एक नया ट्रेंड भी बना।

आमिर खान की फिल्म 'दंगल' 23 दिसंबर 2016 को रिलीज हुई थी।

आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ 23 दिसंबर 2016 को रिलीज हुई थी।

‘दंगल’ के लिए वजन बढ़ाया और घटाया

फिल्म ‘दंगल’ के लिए आमिर खान ने पहले लगभग 95 किलो तक वजन बढ़ाया ताकि वे उम्रदराज पहलवान पिता के किरदार में असली लगें। इसके बाद उन्होंने कुछ ही महीनों में वजन घटाकर एथलेटिक लुक हासिल किया। यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “अगर आप किरदार में सच दिखाना चाहते हैं तो आपको उसके लिए पूरी तरह समर्पित होना पड़ता है।”

स्क्रिप्ट मीटिंग्स घंटों चलती हैं

आमिर खान किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं। वे कहानी और किरदार पर गहराई से चर्चा करते हैं और कई बार स्क्रिप्ट मीटिंग्स कई-कई घंटों तक चलती हैं। उनका मानना है कि फिल्म की असली ताकत उसकी कहानी होती है। इसलिए वे स्क्रिप्ट को मजबूत बनाने में खास दिलचस्पी लेते हैं।

नए डायरेक्टरों को मौका देने वाले स्टार

आमिर खान ने अपने करियर में कई नए निर्देशकों के साथ काम किया है। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए नए विचार और नई प्रतिभा जरूरी है। इसी वजह से उनकी कई फिल्मों ने नए फिल्मकारों को बड़ी पहचान दिलाई।

जॉन मैथ्यू मथान ने सरफरोश से निर्देशन की शुरुआत की और फिल्म बड़ी हिट रही। किरण राव की धोबी घाट और अद्वैत चंदन की सीक्रेट सुपरस्टार भी डेब्यू फिल्में थीं। वहीं आशुतोष गोवारिकर की लगान, नितेश तिवारी की दंगल, रीमा कागती की तलाश, कुणाल कोहली की फना और अभिनय देव की दिल्ली बेली, राजकुमार हिरानी की 3 इडियट्स,जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई।

इन फिल्मों की सफलता के बाद ये निर्देशक इंडस्ट्री के बड़े नाम बन गए। तारे जमीन पर की कहानी अमोल गुप्ते लेकर आए थे। बाद में आमिर ने निर्देशन संभाला, लेकिन उन्होंने गुप्ते की कहानी और विजन को आगे बढ़ाया। डिस्लेक्सिया जैसे विषय पर बनी यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे संवेदनशील फिल्मों में गिनी जाती है और इसने अमोल गुप्ते को भी बड़ी पहचान दिलाई।

‘3 इडियट्स’ के लिए अलग अंदाज में प्रमोशन

फिल्म ‘3 इडियट्स’ के प्रमोशन के दौरान आमिर खान ने एक अनोखा प्रयोग किया। वे अलग-अलग भेष में भारत के कई शहरों में घूमे और आम लोगों से मिले। इस दौरान लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि वे बॉलीवुड के बड़े स्टार से मिल रहे हैं। यह प्रमोशन उस समय काफी चर्चा में रहा।

किरदार समझने के लिए असली लोकेशन पर जाते हैं

आमिर खान अक्सर अपने किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए असली लोकेशन पर जाकर समय बिताते हैं। वे वहां के लोगों से बात करते हैं और उनकी जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि इससे अभिनय ज्यादा वास्तविक बनता है।

हर फिल्म के बाद लंबा ब्रेक

आमिर खान एक फिल्म खत्म होने के बाद अक्सर लंबा ब्रेक लेते हैं। वे इस दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं और नई फिल्मों की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं। उनका मानना है कि लगातार काम करने से रचनात्मकता कम हो सकती है, इसलिए ब्रेक लेना जरूरी है।

खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं

इतने लंबे करियर और सफलता के बावजूद आमिर खान खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं। आउटलुक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं परफेक्शन में विश्वास नहीं करता, मुझे लगता है खूबसूरती अपूर्णता में भी होती है।” उनका मानना है कि एक कलाकार को हमेशा सीखते रहना चाहिए, तभी वह अपने काम में नया कर सकता है।

शायद यही वजह है कि अपने चार दशक लंबे करियर में भी आमिर लगातार नए प्रयोग करते रहे हैं। यही सोच उन्हें अलग बनाती है, और इसी दौरान उन्होंने अपने करियर में 11 रीमेक फिल्मों में भी काम किया है।

__________________________________

बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें….

अनुपम खेर@71; चेहरे पर लकवा मारा, फिर भी शूटिंग की:प्रोजेक्ट्स फ्लॉप हुए तो सिर्फ 400 रुपए बचे थे, रिकॉर्ड फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते

एक लड़का, जिसने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की तालीम हासिल की और बड़े ख्वाबों के साथ मुंबई पहुंचा। उसे एक फिल्म में शानदार किरदार मिला और उसने छह महीने तक पूरी लगन और मेहनत से उसकी तैयारी की। तभी अचानक खबर आई कि उसका रोल किसी और को दिया जा सकता है। मायूस होकर उसने मुंबई छोड़ने का फैसला कर लिया और आखिरी दफा फिल्म के डायरेक्टर महेश भट्ट से मिलने गया।पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
SEAL Team 6 Rescue US Airman in Iran

April 6, 2026/
7:46 pm

वॉशिंगटन डीसी/तेहरान11 मिनट पहले कॉपी लिंक सील टीम-6 पर बनी एक फिक्शनल फिल्म का दृश्य अमेरिका ने ईरान में लापता...

authorimg

May 2, 2026/
10:45 am

अंबाला: बदलती जीवनशैली और असंतुलित खानपान का असर अब लोगों की सेहत पर साफ दिखाई देने लगा है. दरअसल, विशेषज्ञों...

बुरहानपुर में कल दो दर्जन क्षेत्रों में बिजली कटौती:आजाद नगर उपकेंद्र के मेंटेनेंस कार्य के चलते सुबह 8 से 9:30 बजे तक बंद रहेगी बिजली

April 27, 2026/
9:12 pm

बुरहानपुर में 33-11 केवी आजाद नगर उपकेंद्र के रखरखाव कार्य के कारण मंगलवार, 28 अप्रैल को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी।...

रतलाम में चलती ट्रेन में चढ़ते युवक का पैर स्लिप:ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच आने से दो टुकड़े हुए; VIDEO सामने आया, UP का रहने वाला था

April 11, 2026/
7:25 pm

रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म 4 पर चलती ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश में एक युवक का पैर स्लिप हो...

बालाघाट में विवाहिता ने की खुदकुशी:पिता बोले- पढ़ी-लिखी थी ऐसा नहीं कर सकती, लगाया प्रताड़ना का आरोप

March 12, 2026/
11:46 am

बालाघाट के कोतवाली थाना क्षेत्र में एक विवाहिता महिला का शव उसके बेडरूम में फांसी पर लटका मिला है। मृतका...

World News Updates; Trump Pakistan China

April 5, 2026/
8:42 am

12 मिनट पहले कॉपी लिंक पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने एक बार फिर भारत को धमकी दी। उन्होंने...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

Aamir Khan Birthday | Bollywood Mr Perfectionist Work Focus

Aamir Khan Birthday | Bollywood Mr Perfectionist Work Focus

48 मिनट पहलेलेखक: वीरेंद्र मिश्र

  • कॉपी लिंक

सिनेमा के जादूगर कहे जाने वाले मिस्टर परफेक्शनिस्ट आमिर खान आज 61 साल के हो गए हैं।

बॉलीवुड के मिस्टर परफेक्शनिस्ट कहे जाने वाले आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं। करीब चार दशक लंबे करियर में उन्होंने सिर्फ हिट फिल्में ही नहीं दीं, बल्कि अभिनय और कहानी कहने के तरीके को भी नई दिशा दी है।

8 साल की उम्र में फिल्म ‘यादों की बारात’ से चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर कैमरे के सामने आने वाले आमिर ने आगे चलकर ‘लगान’, ‘गजनी’, ‘3 इडियट्स’ और ‘दंगल’ जैसी फिल्मों से अपनी अलग पहचान बनाई।

किरदार के लिए महीनों तैयारी करना, स्क्रिप्ट पर गहराई से काम करना और हर फिल्म में कुछ नया करने की कोशिश उनकी खास पहचान बन चुकी है। इतना ही नहीं शूटिंग के दौरान आमिर घड़ी नहीं देखते है, मोबाइल के जमाने में लंबे समय तक पेजर यूज किया।

उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही वजह है कि उन्हें इंडस्ट्री में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है।

आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं।

आमिर खान आज अपना 61वां जन्मदिन मना रहे हैं।

आज आमिर खान 61वें जन्मदिन पर जानिए उनसे जुड़े कुछ दिलचस्प किस्से, जो बताते हैं कि वे सिर्फ बड़े स्टार ही नहीं बल्कि अपने काम को लेकर बेहद समर्पित कलाकार भी हैं।

8 साल की उम्र में पहली बार कैमरे के सामने

आमिर खान का फिल्मों से रिश्ता बचपन से ही जुड़ गया था। वे सिर्फ 8 साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के तौर पर फिल्म ‘यादों की बारात’ में नजर आए थे। यह फिल्म उनके चाचा नासिर हुसैन ने बनाई थी। उस समय आमिर को फिल्मों की दुनिया का ज्यादा अंदाजा नहीं था, लेकिन कैमरे के सामने आने का अनुभव उन्हें हमेशा याद रहा।

बाद में उन्होंने अभिनय को ही अपना करियर बनाया और बॉलीवुड के सबसे भरोसेमंद अभिनेताओं में शामिल हो गए। उनका मानना है कि शुरुआती अनुभव ही किसी कलाकार के भीतर आत्मविश्वास पैदा करते हैं।

फिल्म सेट ही बन गया एक्टिंग स्कूल

बचपन में आमिर अक्सर अपने पिता और परिवार के साथ फिल्म के सेट पर जाया करते थे। वे घंटों बैठकर शूटिंग देखते और कलाकारों को अभिनय करते हुए देखते थे। यही उनका पहला एक्टिंग स्कूल बन गया। NDTV को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं प्रशिक्षित अभिनेता नहीं हूं। मैंने अभिनय किसी संस्थान से नहीं सीखा, बल्कि सेट पर देखकर सीखा।”

आमिर के मुताबिक हर फिल्म और हर किरदार उन्हें कुछ नया सिखाता है। यही वजह है कि वे हर रोल को बिल्कुल नए नजरिए से समझने की कोशिश करते हैं।

स्कूल के दिनों में स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी

फिल्मों से पहले आमिर खान की जिंदगी में खेल का भी बड़ा स्थान था। स्कूल के दिनों में उन्हें टेनिस खेलने का बहुत शौक था और वे स्टेट लेवल टेनिस खिलाड़ी भी रह चुके हैं। खेल ने उन्हें अनुशासन और धैर्य सिखाया। यही गुण बाद में उनके अभिनय करियर में भी काम आए।

आमिर अक्सर कहते हैं कि किसी भी क्षेत्र में सफलता के लिए लगातार अभ्यास और फोकस जरूरी होता है। खेल से मिली यह सीख उनके काम करने के तरीके में भी साफ नजर आती है।

खेल ने आमिर खान को अनुशासन और धैर्य सिखाया, जो उनके अभिनय करियर में भी काम आया।

खेल ने आमिर खान को अनुशासन और धैर्य सिखाया, जो उनके अभिनय करियर में भी काम आया।

क्यों कहा जाता है ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’

आमिर खान को बॉलीवुड में ‘मिस्टर परफेक्शनिस्ट’ कहा जाता है क्योंकि वे अपने किरदार के लिए महीनों तक तैयारी करते हैं। वे स्क्रिप्ट पढ़ने से लेकर किरदार की मानसिकता समझने तक हर चीज पर गहराई से काम करते हैं। NDTV से बातचीत के दौरान आमिर खान ने कहा था, “मैं खुद को परफेक्शनिस्ट नहीं मानता। मुझे बस अपने काम से प्यार है और मैं उसे ईमानदारी से करना चाहता हूं।”

आमिर का कहना है कि किसी भी फिल्म को बेहतर बनाने के लिए पूरी टीम की मेहनत जरूरी होती है।

एक सीन के लिए कई बार रिहर्सल

आमिर खान एक सीन को परफेक्ट बनाने के लिए कई बार रिहर्सल करते हैं। अगर उन्हें लगता है कि सीन सही नहीं हुआ है तो वे बिना हिचकिचाहट के दोबारा शॉट देने के लिए तैयार रहते हैं। उनके साथ काम कर चुके कई कलाकार बताते हैं कि आमिर सेट पर बेहद फोकस्ड रहते हैं। उनका मानना है कि छोटी-छोटी चीजें ही किसी सीन को खास बनाती हैं। यही वजह है कि उनकी फिल्मों में अभिनय की गहराई अलग नजर आती है।

शूटिंग के दौरान घड़ी नहीं देखते

आमिर खान शूटिंग के दौरान समय से ज्यादा काम की गुणवत्ता पर ध्यान देते हैं। वे सीन पूरा होने तक लगातार काम करते रहते हैं और घड़ी नहीं देखते। हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “फिल्म बनाना टीमवर्क है। अगर हम सब मिलकर ईमानदारी से काम करें तो परिणाम भी बेहतर आता है।”

आमिर खान के लिए फिल्म की सफलता सिर्फ एक अभिनेता पर नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत पर निर्भर करती है।

आमिर खान के लिए फिल्म की सफलता सिर्फ एक अभिनेता पर नहीं बल्कि पूरी टीम की मेहनत पर निर्भर करती है।

मोबाइल के दौर में भी पेजर इस्तेमाल

जब मोबाइल फोन तेजी से लोकप्रिय हो रहे थे, तब भी आमिर खान लंबे समय तक पेजर इस्तेमाल करते रहे। वे नई तकनीक अपनाने में जल्दबाजी नहीं करते थे। उनका मानना था कि तकनीक से ज्यादा जरूरी काम पर ध्यान देना है। यही कारण है कि वे सोशल मीडिया और नई तकनीक का इस्तेमाल भी बहुत सोच-समझकर करते हैं।

सड़क किनारे पानी-पूरी खाने का किस्सा

आमिर खान की सादगी के कई किस्से मशहूर हैं। एक बार वे सड़क किनारे पानी-पूरी खाने के लिए रुक गए और आम लोगों के साथ खड़े होकर चाट खाते नजर आए। वहां मौजूद लोगों को यह देखकर काफी हैरानी हुई। इतने बड़े स्टार का इस तरह आम लोगों के बीच बिना किसी दिखावे के खाना उनके स्वभाव की सादगी को दिखाता है।

आमिर ने 'लगान' की स्क्रिप्ट छह बार ठुकरा दी थी। सातवीं बार पसंद आने पर उन्होंने अभिनय व निर्माण दोनों किया।

आमिर ने ‘लगान’ की स्क्रिप्ट छह बार ठुकरा दी थी। सातवीं बार पसंद आने पर उन्होंने अभिनय व निर्माण दोनों किया।

‘लगान’ के लिए गांव में रहकर तैयारी

फिल्म ‘लगान’ की शूटिंग के दौरान आमिर खान और पूरी टीम लंबे समय तक गांव में रही। इसका मकसद फिल्म के माहौल को असली बनाना था। कलाकारों ने क्रिकेट की खास ट्रेनिंग भी ली। टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए एक इंटरव्यू में आमिर खान ने बताया था, “हम चाहते थे कि फिल्म पूरी तरह असली लगे, इसलिए हम सबने उस माहौल में रहकर काम किया।”

उनके मुताबिक यही कारण है कि फिल्म के कई दृश्य इतने वास्तविक लगे।

‘गजनी’ के लिए बनाया 8-पैक बॉडी

फिल्म ‘गजनी’ के लिए आमिर खान ने अपने शरीर को पूरी तरह बदल दिया। उन्होंने कड़ी ट्रेनिंग और सख्त डाइट के जरिए 8-पैक एब्स बनाए। उस समय बॉलीवुड में ऐसा ट्रांसफॉर्मेशन बहुत कम देखने को मिलता था। आमिर का यह लुक काफी चर्चा में रहा और फिटनेस के मामले में एक नया ट्रेंड भी बना।

आमिर खान की फिल्म 'दंगल' 23 दिसंबर 2016 को रिलीज हुई थी।

आमिर खान की फिल्म ‘दंगल’ 23 दिसंबर 2016 को रिलीज हुई थी।

‘दंगल’ के लिए वजन बढ़ाया और घटाया

फिल्म ‘दंगल’ के लिए आमिर खान ने पहले लगभग 95 किलो तक वजन बढ़ाया ताकि वे उम्रदराज पहलवान पिता के किरदार में असली लगें। इसके बाद उन्होंने कुछ ही महीनों में वजन घटाकर एथलेटिक लुक हासिल किया। यह ट्रांसफॉर्मेशन दर्शकों के बीच काफी चर्चा में रहा।

इंडियन एक्सप्रेस को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “अगर आप किरदार में सच दिखाना चाहते हैं तो आपको उसके लिए पूरी तरह समर्पित होना पड़ता है।”

स्क्रिप्ट मीटिंग्स घंटों चलती हैं

आमिर खान किसी भी फिल्म की स्क्रिप्ट को लेकर बेहद गंभीर रहते हैं। वे कहानी और किरदार पर गहराई से चर्चा करते हैं और कई बार स्क्रिप्ट मीटिंग्स कई-कई घंटों तक चलती हैं। उनका मानना है कि फिल्म की असली ताकत उसकी कहानी होती है। इसलिए वे स्क्रिप्ट को मजबूत बनाने में खास दिलचस्पी लेते हैं।

नए डायरेक्टरों को मौका देने वाले स्टार

आमिर खान ने अपने करियर में कई नए निर्देशकों के साथ काम किया है। उनका मानना है कि फिल्म इंडस्ट्री को आगे बढ़ाने के लिए नए विचार और नई प्रतिभा जरूरी है। इसी वजह से उनकी कई फिल्मों ने नए फिल्मकारों को बड़ी पहचान दिलाई।

जॉन मैथ्यू मथान ने सरफरोश से निर्देशन की शुरुआत की और फिल्म बड़ी हिट रही। किरण राव की धोबी घाट और अद्वैत चंदन की सीक्रेट सुपरस्टार भी डेब्यू फिल्में थीं। वहीं आशुतोष गोवारिकर की लगान, नितेश तिवारी की दंगल, रीमा कागती की तलाश, कुणाल कोहली की फना और अभिनय देव की दिल्ली बेली, राजकुमार हिरानी की 3 इडियट्स,जैसी फिल्मों ने उन्हें बड़ी पहचान दिलाई।

इन फिल्मों की सफलता के बाद ये निर्देशक इंडस्ट्री के बड़े नाम बन गए। तारे जमीन पर की कहानी अमोल गुप्ते लेकर आए थे। बाद में आमिर ने निर्देशन संभाला, लेकिन उन्होंने गुप्ते की कहानी और विजन को आगे बढ़ाया। डिस्लेक्सिया जैसे विषय पर बनी यह फिल्म हिंदी सिनेमा की सबसे संवेदनशील फिल्मों में गिनी जाती है और इसने अमोल गुप्ते को भी बड़ी पहचान दिलाई।

‘3 इडियट्स’ के लिए अलग अंदाज में प्रमोशन

फिल्म ‘3 इडियट्स’ के प्रमोशन के दौरान आमिर खान ने एक अनोखा प्रयोग किया। वे अलग-अलग भेष में भारत के कई शहरों में घूमे और आम लोगों से मिले। इस दौरान लोगों को अंदाजा भी नहीं था कि वे बॉलीवुड के बड़े स्टार से मिल रहे हैं। यह प्रमोशन उस समय काफी चर्चा में रहा।

किरदार समझने के लिए असली लोकेशन पर जाते हैं

आमिर खान अक्सर अपने किरदार को बेहतर तरीके से समझने के लिए असली लोकेशन पर जाकर समय बिताते हैं। वे वहां के लोगों से बात करते हैं और उनकी जिंदगी को समझने की कोशिश करते हैं। उनका मानना है कि इससे अभिनय ज्यादा वास्तविक बनता है।

हर फिल्म के बाद लंबा ब्रेक

आमिर खान एक फिल्म खत्म होने के बाद अक्सर लंबा ब्रेक लेते हैं। वे इस दौरान अपने परिवार के साथ समय बिताते हैं और नई फिल्मों की स्क्रिप्ट पढ़ते हैं। उनका मानना है कि लगातार काम करने से रचनात्मकता कम हो सकती है, इसलिए ब्रेक लेना जरूरी है।

खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं

इतने लंबे करियर और सफलता के बावजूद आमिर खान खुद को आज भी सीखने वाला कलाकार मानते हैं। आउटलुक मैगजीन को दिए इंटरव्यू में आमिर खान ने कहा था, “मैं परफेक्शन में विश्वास नहीं करता, मुझे लगता है खूबसूरती अपूर्णता में भी होती है।” उनका मानना है कि एक कलाकार को हमेशा सीखते रहना चाहिए, तभी वह अपने काम में नया कर सकता है।

शायद यही वजह है कि अपने चार दशक लंबे करियर में भी आमिर लगातार नए प्रयोग करते रहे हैं। यही सोच उन्हें अलग बनाती है, और इसी दौरान उन्होंने अपने करियर में 11 रीमेक फिल्मों में भी काम किया है।

__________________________________

बॉलीवुड से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें….

अनुपम खेर@71; चेहरे पर लकवा मारा, फिर भी शूटिंग की:प्रोजेक्ट्स फ्लॉप हुए तो सिर्फ 400 रुपए बचे थे, रिकॉर्ड फिल्मफेयर अवॉर्ड जीते

एक लड़का, जिसने नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) से अभिनय की तालीम हासिल की और बड़े ख्वाबों के साथ मुंबई पहुंचा। उसे एक फिल्म में शानदार किरदार मिला और उसने छह महीने तक पूरी लगन और मेहनत से उसकी तैयारी की। तभी अचानक खबर आई कि उसका रोल किसी और को दिया जा सकता है। मायूस होकर उसने मुंबई छोड़ने का फैसला कर लिया और आखिरी दफा फिल्म के डायरेक्टर महेश भट्ट से मिलने गया।पूरी खबर पढ़ें..

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.