Monday, 24 Aug 2026 | 07:58 AM

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Hindi News National Breaking News Headlines Today, Pictures, Videos And More From Dainik Bhaskar 28 मिनट पहले कॉपी लिंक कांग्रेस ने असम विधानसभा चुनाव के लिए शनिवार को 23 सीटों की दूसरी लिस्ट जारी कर दी है। इसके साथ ही पार्टी अब तक 126 सीटों वाली असम विधानसभा की 65 सीटों पर अपने उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। कांग्रेस ने गठबंधन सहयोगियों के लिए 15 सीटें भी छोड़ी हैं और विपक्षी गठबंधन का नेतृत्व कर रही है, जिसमें कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) और असम जातीय परिषद शामिल हैं। पार्टी की दूसरी लिस्ट में तीन सीटों को फिर से टिकट दिया गया है। वहीं पूर्व सांसद अब्दुल खालिक को मंडिया सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। इससे पहले 3 मार्च को कांग्रेस ने 42 सीटों की पहली लिस्ट जारी की थी, जिसमें राज्य अध्यक्ष गौरव गोगोई को जोरहाट सीट से मैदान में उतारा गया था। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

लेफ्टिनेंट कर्नल की याचिका पर सुनवाई:कोर्ट ने कहा-आपसी सहमति से बने संबंध को नहीं माना जा सकता रेप; एफआईआर रद्द

लेफ्टिनेंट कर्नल की याचिका पर सुनवाई:कोर्ट ने कहा-आपसी सहमति से बने संबंध को नहीं माना जा सकता रेप; एफआईआर रद्द

वो युवती जो कि पहले तो लव रिलेशन में रहती है,आपसी सहमति से संबंध बनाती है, और फिर बाद में रेप का आरोप लगाते हुए पुलिस थाने में एफआईआर दर्ज करवाती है, उसे रेप की श्रेणी में नही माना जा सकता है। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने एक मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि आपसी सहमति से बने संबंध को रेप नहीं माना जा सकता है। कोर्ट ने महिला की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर को रद्द करते हुए कहा कि दोनों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से संबंध बने थे। आरोप एमपी पुलिस में पदस्थ एक महिला पुलिस आरक्षक ने सेना में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल पर लगाए थे। शनिवार को कोर्ट में हुई सुनवाई के बाद चार्जशीट को भी कोर्ट ने निरस्त कर दिया है। 13 साल तक रिलेशनशिप में रही युवती एमपी पुलिस में पदस्थ एक महिला आरक्षक ने एफआईआर दर्ज करवाते हुए आरोप लगाया कि वह सेना में पदस्थ लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के साथ 13 साल तक रिलेशनशिप में रही है। वह कहता था कि पत्नी बेकार है, तलाक होते ही तुमसे शादी कर लूंगा। मध्यप्रदेश पुलिस में कॉन्स्टेबल शीना (परिवर्तित नाम) ने सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल वरुण प्रताप सिंह के खिलाफ दुष्कर्म का केस दर्ज कराया। महिला का कहना था कि – मेरी वरुण ही नहीं, उसके मम्मी-पापा और भाई-बहन से भी बातचीत होती थी। दोनों के परिवारों के बीच संबंध मजबूत हो गए। वरुण ने कहा था कि जल्द ही हम शादी कर लेंगे, इसलिए मैं उसके साथ रिलेशन में आ गई। ऐसे ही समय बीतता गया, लेकिन भोपाल से ट्रांसफर के दौरान मुझे पता चला कि उसकी शादी तो पहले ही हो चुकी है। बच्चा भी है। अलग-अलग नामों से अकाउंट, कई लड़कियों से दोस्ती शीना ने पुलिस को एफआईआर में बताया कि वरुण की पोस्टिंग असम में हो गई थी। बाद में पता चला कि वहां एक असमिया लड़की से भी उसकी दोस्ती हो गई। उससे पूछा तो वो टालता रहा। इस बीच पता चला कि वरुण नाम से सोशल मीडिया पर आईडी तो है ही, साथ ही एक आईडी आदित्य प्रताप और एक आदित्य राज नाम से भी बना रखी है। इसमें उसकी फोटो लगी है, चैटिंग भी करता रहता है। इन सोशल मीडिया अकाउंट का उपयोग वह नई-नई लड़कियों को तलाशने और उन्हें अपने प्रभाव में लेने के लिए करता है। हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है वरुण शीना ने अपनी एफआईआर में बताया कि वरुण सेना की जिम्मेदारी वाली नौकरी में रहकर कई सोशल मीडिया अकाउंट चला रहा है, यह खतरनाक हो सकता है। वो लड़कियों की फोटो लगी आईडी से आने वाली अनजान रिक्वेस्ट पर रिस्पॉन्स करता है। चैटिंग करने लगता है। मुझे डर है कि जिस तरह की उसकी एक्टिविटी है, वह आसानी से हनी ट्रैप का शिकार हो सकता है या हो चुका होगा। वरुण ने जो काम भोपाल में किया, वही असम में किया। पठानकोट जैसी संवेदनशील पोस्टिंग में रहते हुए भी उसकी आदत नहीं सुधरी। सेना को इसकी जांच करानी चाहिए, मैंने इसकी शिकायत भी की है। जिला कोर्ट ने याचिका खारिज की युवती की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। भोपाल कोर्ट में मामले की सुनवाई हुई तो, वरुण की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पीड़िता के वकील ने आरोपी की जमानत याचिका पर आपत्ति लगाते हुए अदालत को बताया कि यदि उन्हें जमानत मिलती है तो वो सबूतों को मिटा सकते हैं। साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं। इसके बाद कोर्ट ने आरोपी की याचिका खारिज कर दी। आपसी संबंध रेप की श्रेणी नहीं मध्यप्रदेश हाई कोर्ट ने करीब 13 साल तक चले आपसी संबंधों को दुष्कर्म की श्रेणी में रखने से इनकार करते हुए सेना के एक लेफ्टिनेंट कर्नल के खिलाफ दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को निरस्त कर दिया है। जस्टिस विनय सराफ की एकलपीठ ने मामले पर सुनवाई की है। महिला पुलिस आरक्षक ने याचिका पर बताया कि सेना अधिकारी ने स्वयं को अविवाहित बताते हुए उससे विवाह का वादा किया और इसी भरोसे पर दोनों के बीच शारीरिक संबंध बने। मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों और उपलब्ध साक्ष्यों का परीक्षण किया। कोर्ट ने पाया कि दोनों के बीच लंबे समय तक आपसी सहमति से संबंध रहे, इसलिए इसे दुष्कर्म की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता। इसी आधार पर अदालत ने दर्ज एफआईआर और चार्जशीट को रद्द कर दिया।

काटजू अस्पताल में हाईटेक प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर:3 करोड़ की लागत से हुआ तैयार; मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज एक छत के नीचे

काटजू अस्पताल में हाईटेक प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी सेंटर:3 करोड़ की लागत से हुआ तैयार; मेनोपॉज से इन्फर्टिलिटी तक का इलाज एक छत के नीचे

भोपाल के शासकीय कैलाश नाथ काटजू अस्पताल में महिलाओं के लिए एक बड़ी और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधा शुरू होने जा रही है। यहां “स्टेट ऑफ द आर्ट सेंटर फॉर प्रिवेंटिव गायनेकोलॉजी एंड इन्फर्टिलिटी” स्थापित किया जा रहा है, जो मध्यभारत का अपनी तरह का पहला और अनूठा सेंटर होगा। करीब तीन करोड़ रुपए की लागत से आधुनिक और हाईटेक मशीनें अस्पताल में पहुंच चुकी हैं और उनके इंस्टालेशन का काम लगभग पूरा हो गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस सेंटर को नवरात्र के दौरान शुरू किए जाने की तैयारी है। इस सेंटर के शुरू होने से मेनोपॉज, निसंतानता, पीसीओएस, मोटापा, अनियमित मासिक धर्म और सर्वाइकल कैंसर जैसी महिलाओं से जुड़ी कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज एक ही स्थान पर उपलब्ध होगा। अभी तक इन बीमारियों के इलाज के लिए महिलाओं को अलग-अलग अस्पतालों और विशेषज्ञों के पास जाना पड़ता था, लेकिन अब जांच से लेकर उपचार तक की सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे मिल सकेंगी। किशोरियों से महिलाओं तक 100 से अधिक रोगों का इलाज इस नए सेंटर में किशोरियों से लेकर वयस्क महिलाओं तक की स्वास्थ्य समस्याओं के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। यहां महिलाओं से जुड़े 100 से अधिक रोगों की जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध होगी। अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, सेंटर के लिए ग्राउंड फ्लोर और ऊपरी मंजिलों में स्थान तय कर दिया गया है। यहां प्रजनन स्वास्थ्य से लेकर गर्भाशय कैंसर तक की बीमारियों के इलाज की व्यवस्था होगी। मेनोपॉज और हार्मोनल समस्याओं के लिए विशेष सुविधा काटजू अस्पताल की स्त्री रोग विशेषज्ञ और सेंटर की स्टेट नोडल अधिकारी डॉ. रचना दुबे के अनुसार महिलाओं में आमतौर पर 45 से 50 वर्ष की उम्र के बीच मेनोपॉज की स्थिति शुरू होती है। इस दौरान शरीर में एस्ट्रोजेन हार्मोन का स्तर कम होने लगता है, जिससे हड्डियों से जुड़ी समस्याएं, हार्मोनल असंतुलन और कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं सामने आती हैं। नए सेंटर में इन सभी समस्याओं के लिए विशेष परामर्श, जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इन्फर्टिलिटी और गर्भधारण से जुड़ी समस्याओं का इलाज इस सेंटर में बांझपन यानी इन्फर्टिलिटी से जुड़ी समस्याओं के इलाज पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। यहां पीसीओएस, फाइब्रॉइड, हार्मोनल असंतुलन और अन्य स्त्री रोगों की जांच आधुनिक तकनीकों के माध्यम से की जाएगी। गर्भधारण में आ रही समस्याओं को दूर करने के लिए आईयूआई जैसी आधुनिक तकनीकों का भी उपयोग किया जाएगा। सर्वाइकल कैंसर की शुरुआती पहचान महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की समय पर पहचान बेहद महत्वपूर्ण होती है। इस सेंटर में वीआईए तकनीक के माध्यम से कैंसर की शुरुआती जांच की जाएगी। इस तकनीक की मदद से गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर का प्रारंभिक चरण में ही पता लगाया जा सकेगा, जिससे समय रहते इलाज संभव हो सकेगा और महिलाओं की जान बचाई जा सकेगी। आधुनिक मशीनों से होगा इलाज केगेल चेयर- पेल्विक फ्लोर मांसपेशियों को मजबूत करने वाली मशीन है। जिन महिलाओं को बच्चेदानी या पेल्विक मांसपेशियों के ढीले होने की समस्या होती है, उनमें बिना सर्जरी के उपचार संभव हो सकेगा। कोलपोस्कोप- मशीन के जरिए गर्भाशय ग्रीवा, योनि और संबंधित अंगों की गहन जांच की जाएगी। लेजर मशीन- इसके माध्यम से सिस्ट, मेनोपॉज से जुड़ी समस्याएं और यूरीन लीक जैसी बीमारियों का इलाज आसान हो जाएगा। रोगों की रोकथाम पर रहेगा विशेष फोकस विशेषज्ञों के अनुसार, यह सेंटर केवल इलाज तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि महिलाओं में रोगों की रोकथाम और शुरुआती पहचान में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। खराब जीवनशैली और बदलती जीवनशैली के कारण महिलाओं में कई स्वास्थ्य समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। इसकी शुरुआत अक्सर पीसीओएस जैसी बीमारी से होती है। किशोरियों में बढ़ रही पीसीओएस की समस्या विशेषज्ञों के अनुसार, वर्तमान समय में हर चार में से एक किशोरी में पीसीओएस के लक्षण देखने को मिल रहे हैं। वहीं अस्पतालों में आने वाली महिलाओं में भी लगभग आधी महिलाएं इसी समस्या से प्रभावित होती हैं। ऐसे में इस सेंटर के माध्यम से समय पर जांच और उपचार की सुविधा मिलने से महिलाओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। शिक्षा कार्यक्रम भी चलेंगे सेंटर की इंचार्ज डॉ. रचना दुबे के अनुसार इस सेंटर की तैयारी पिछले कई महीनों से की जा रही है और उम्मीद है कि यह क्लीनिक जल्द ही शुरू हो जाएगा। उन्होंने बताया कि यहां केवल जांच और इलाज ही नहीं होगा, बल्कि महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर जागरूकता और शिक्षा कार्यक्रम भी संचालित किए जाएंगे।

भोपाल नगर निगम घोटाला- अपर आयुक्त सेवतकर को हटाया:लोकायुक्त ने की थी FIR; बजट से पहले कमिश्नर ने हटाकर दूसरे को सौंपा वित्त विभाग

भोपाल नगर निगम घोटाला- अपर आयुक्त सेवतकर को हटाया:लोकायुक्त ने की थी FIR; बजट से पहले कमिश्नर ने हटाकर दूसरे को सौंपा वित्त विभाग

भोपाल नगर निगम की वित्त एवं लेखा शाखा में अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर को कमिश्नर संस्कृति जैन ने हटा दिया। लोकायुक्त ने उन पर एफआईआर दर्ज की थी। उनकी जगह अपर आयुक्त मुकेश शर्मा को प्रभार सौंपा गया है। कुछ दिनों में नगर निगम का बजट पेश होना है। जिसे बनाने का जिम्मा सेवतकर के पास ही था। बता दें कि नगर निगम में बिना काम कराए फर्जी बिलों के जरिए करोड़ों रुपए निकालने के मामले में लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को बड़ी कार्रवाई की थी। टीम ने निगम के डाटा सेंटर समेत कई शाखाओं में छापेमारी कर पिछले करीब 10 साल के दस्तावेज और सर्वर डाटा जब्त कर लिया था। इस मामले में सेवतकर समेत अन्य पर विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया गया था। एफआईआर के बाद शनिवार को कमिश्नर जैन ने सेवतकर को हटाने की कार्रवाई की। कोर्ट से सर्च वारंट लेकर की थी छापेमारी निगम में फर्जी भुगतान की शिकायत नवंबर 2025 में लोकायुक्त को मिली थी। प्रारंभिक जांच में तथ्य सही पाए जाने पर 9 मार्च को आयुक्त गुणवंत सेवतकर के खिलाफ भ्रष्टाचार, आपराधिक षड्यंत्र और धोखाधड़ी की धाराओं में FIR दर्ज की गई है। इसके बाद कोर्ट से सर्च वारंट लेकर छापेमारी की गई थी। ये गड़बड़ी आई थी सामने आरोप है कि नगर निगम के जलकार्य, सामान्य प्रशासन और केंद्रीय वर्कशॉप जैसे विभागों के नाम पर वाहनों की मरम्मत, पेंटिंग और अन्य काम दिखाए गए। कई मामलों में वास्तव में काम हुआ ही नहीं, लेकिन सिस्टम में ई-बिल तैयार कर दिए गए। कुछ मामलों में जिस विभाग के नाम से बिल बनाए गए, उन्हें ही इसकी जानकारी नहीं थी। इन जगहों पर हुई थी छापेमारी लोकायुक्त पुलिस ने निगम के लेखा शाखा, कंप्यूटर शाखा, डाटा सेंटर, लिंक रोड-2 स्थित मुख्य कार्यालय और फतेहगढ़ स्थित पुराने कार्यालय में एक साथ छापेमारी की। लोकायुक्त का कहना है कि डिजिटल डाटा और दस्तावेजों की जांच के बाद मामले में अन्य कर्मचारियों और फर्मों की भूमिका भी सामने आ सकती है। SAP सॉफ्टवेयर का डाटा जब्त किया प्रारंभिक जांच में मोटर वर्क शाखा, जल कार्य विभाग और सामान्य प्रशासन विभाग से जुड़े कुछ कार्यों में गंभीर अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। जांच टीम ने भुगतान से जुड़े SAP सॉफ्टवेयर का डिजिटल डाटा भी कब्जे में लिया है। अब इसकी जांच कर यह पता लगाया जाएगा कि किन-किन कार्यों के नाम पर भुगतान किया गया और वास्तव में काम हुआ भी था या नहीं। इस मामले में अपर आयुक्त ने कहा- कमिश्नर से चर्चा के बाद भुगतान इस मामले में अपर आयुक्त गुणवंत सेवतकर ने कहा था कि लेखा शाखा में बिल सीधे तैयार या पास नहीं किए जाते। बिल संबंधित विभागों से सत्यापन के बाद आते हैं और फंड की उपलब्धता के अनुसार नगर निगम आयुक्त से चर्चा के बाद भुगतान किया जाता है।

पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर

पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर

पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’ जावेद के इस बयान पर भारतीय फैंस भड़क गए हैं और आकिब जावेद को क्रिकेट का जॉनी लीवर बताया। यूजर्स ने कहा कि दोनों के एक्सपीरियंस और अचीवमेंट में बड़ा अंतर है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए भी खास रही, क्योंकि इसमें पूरी चयन समिति मौजूद थी। जबकि किसी नई टीम का ऐलान नहीं होना था। इस बैठक का मकसद टीम और चयन समिति पर हो रही आलोचना का जवाब देना था। बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने चयन समिति के सदस्यों से मुलाकात कर उन पर पूरा भरोसा जताया। बुमराह ने वर्ल्डकप जिताया, तारिक बेअसर रहे भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने खिताब जीता था। टीम की जीत में बुमराह की गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई, खासकर सेमीफाइनल और फाइनल में उनके प्रदर्शन निर्णायक रहे। दूसरी ओर पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक का टूर्नामेंट ज्यादा प्रभावी नहीं रहा। पाकिस्तान की टीम सुपर-8 चरण में ही बाहर हो गई और सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी। उनका नाम टॉप-5 विकेट टेकर्स में तक नहीं था। टी-20 इंटनरेशनल करियर देखिए… जावेद ने कहा- बलि का बकरा ढूंढना बंद करें टी-20 वर्ल्ड कप से पाकिस्तान के बाहर होने पर आकिब जावेद ने कहा- फैंस और मीडिया को बली का बकर ढूंढना बंद कर देना चाहिए। जावेद ने टीम और सिलेक्शन कमेटी का बचाव करते हुए कहा- टीम टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच हारी और नेट रन रेट के कारण बाहर हो गई। इसलिए यह कहना कि पाकिस्तान क्रिकेट पूरी तरह बर्बाद हो गया है, सही नहीं है। आकिब ने कहा कि पाकिस्तान में हर हार के बाद किसी को सजा देने की मांग शुरू हो जाती है। उनके मुताबिक दुनिया के किसी भी अन्य क्रिकेट देश में कोच और चयनकर्ताओं को इतनी जल्दी नहीं बदला जाता। उन्होंने कहा कि फैंस और मीडिया को ‘स्केपगोट’ बनाने की प्रवृत्ति से आगे बढ़ना होगा। भारत से हार पर कहा- रिकॉर्ड पहले से खराब भारत के खिलाफ हार के सवाल पर आकिब जावेद ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड पहले से ही कमजोर रहा है और कई पीढ़ियों के खिलाड़ी व कप्तान इसके बावजूद भारत को नहीं हरा सके हैं। वर्ल्ड कप के बाद कमेटी बदली, अलीम दार का इस्तीफा टी20 वर्ल्ड कप के बाद चयन समिति में भी बदलाव हुए हैं। अलीम दार ने पैनल से इस्तीफा दे दिया, जबकि अजहर अली पहले ही अलग हो चुके थे। मिस्बाह-उल-हक और सरफराज अहमद को चयन समिति में शामिल किया गया है। अब चयन समिति की अगली चुनौती पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के बाद बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम चुनना होगी। फिलहाल पाकिस्तान की युवा टीम बांग्लादेश दौरे पर वनडे सीरीज खेल रही है, जो अभी 1-1 से बराबरी पर है। ————————————————– मुजरबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी KKR की टीम में शामिल, फ्रेंचाइजी ने IPL 2026 से पहले साइन किया कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL-2026 से पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया है। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 29 साल के इस तेज गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की ओर से 13 विकेट झटके थे। वे अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर्स रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 स्टेज तक पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर

पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर

पाकिस्तानी सिलेक्टर बोले– बुमराह तेज गेंदबाजी के उस्मान तारिक:बैटर्स को लय में नहीं आने देते, फैंस का जवाब- आकिब जावेद क्रिकेट के जॉनी लीवर

पाकिस्तान के चीफ सिलेक्टर आकिब जावेद ने भारतीय पेसर जसप्रीत बुमराह की तुलना अपने देश के स्पिनर उस्मान तारिक से की है। आकिब ने शनिवार को लाहौर में कहा- ‘बुमराह का गेंदबाजी एक्शन अलग है, जिसकी वजह से बल्लेबाज उनके खिलाफ लय में नहीं आ पाते।’ जावेद के इस बयान पर भारतीय फैंस भड़क गए हैं और आकिब जावेद को क्रिकेट का जॉनी लीवर बताया। यूजर्स ने कहा कि दोनों के एक्सपीरियंस और अचीवमेंट में बड़ा अंतर है। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए भी खास रही, क्योंकि इसमें पूरी चयन समिति मौजूद थी। जबकि किसी नई टीम का ऐलान नहीं होना था। इस बैठक का मकसद टीम और चयन समिति पर हो रही आलोचना का जवाब देना था। बाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के चेयरमैन मोहसिन नकवी ने चयन समिति के सदस्यों से मुलाकात कर उन पर पूरा भरोसा जताया। बुमराह ने वर्ल्डकप जिताया, तारिक बेअसर रहे भारत और श्रीलंका की मेजबानी में हुए टी20 वर्ल्ड कप में भारत ने खिताब जीता था। टीम की जीत में बुमराह की गेंदबाजी ने अहम भूमिका निभाई, खासकर सेमीफाइनल और फाइनल में उनके प्रदर्शन निर्णायक रहे। दूसरी ओर पाकिस्तान के स्पिनर उस्मान तारिक का टूर्नामेंट ज्यादा प्रभावी नहीं रहा। पाकिस्तान की टीम सुपर-8 चरण में ही बाहर हो गई और सेमीफाइनल तक नहीं पहुंच सकी। उनका नाम टॉप-5 विकेट टेकर्स में तक नहीं था। टी-20 इंटनरेशनल करियर देखिए… जावेद ने कहा- बलि का बकरा ढूंढना बंद करें टी-20 वर्ल्ड कप से पाकिस्तान के बाहर होने पर आकिब जावेद ने कहा- फैंस और मीडिया को बली का बकर ढूंढना बंद कर देना चाहिए। जावेद ने टीम और सिलेक्शन कमेटी का बचाव करते हुए कहा- टीम टूर्नामेंट में सिर्फ एक मैच हारी और नेट रन रेट के कारण बाहर हो गई। इसलिए यह कहना कि पाकिस्तान क्रिकेट पूरी तरह बर्बाद हो गया है, सही नहीं है। आकिब ने कहा कि पाकिस्तान में हर हार के बाद किसी को सजा देने की मांग शुरू हो जाती है। उनके मुताबिक दुनिया के किसी भी अन्य क्रिकेट देश में कोच और चयनकर्ताओं को इतनी जल्दी नहीं बदला जाता। उन्होंने कहा कि फैंस और मीडिया को ‘स्केपगोट’ बनाने की प्रवृत्ति से आगे बढ़ना होगा। भारत से हार पर कहा- रिकॉर्ड पहले से खराब भारत के खिलाफ हार के सवाल पर आकिब जावेद ने कहा कि बड़े टूर्नामेंटों में भारत के खिलाफ पाकिस्तान का रिकॉर्ड पहले से ही कमजोर रहा है और कई पीढ़ियों के खिलाड़ी व कप्तान इसके बावजूद भारत को नहीं हरा सके हैं। वर्ल्ड कप के बाद कमेटी बदली, अलीम दार का इस्तीफा टी20 वर्ल्ड कप के बाद चयन समिति में भी बदलाव हुए हैं। अलीम दार ने पैनल से इस्तीफा दे दिया, जबकि अजहर अली पहले ही अलग हो चुके थे। मिस्बाह-उल-हक और सरफराज अहमद को चयन समिति में शामिल किया गया है। अब चयन समिति की अगली चुनौती पाकिस्तान सुपर लीग 2026 के बाद बांग्लादेश के खिलाफ होने वाली दो टेस्ट मैचों की सीरीज के लिए टीम चुनना होगी। फिलहाल पाकिस्तान की युवा टीम बांग्लादेश दौरे पर वनडे सीरीज खेल रही है, जो अभी 1-1 से बराबरी पर है। ————————————————– मुजरबानी से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… जिम्बाब्वे के ब्लेसिंग मुजरबानी KKR की टीम में शामिल, फ्रेंचाइजी ने IPL 2026 से पहले साइन किया कोलकाता नाइट राइडर्स (KKR) ने IPL-2026 से पहले जिम्बाब्वे के तेज गेंदबाज ब्लेसिंग मुजरबानी को अपनी टीम में शामिल किया है। फ्रेंचाइजी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। 29 साल के इस तेज गेंदबाज ने टी-20 वर्ल्ड कप में जिम्बाब्वे की ओर से 13 विकेट झटके थे। वे अपनी टीम के टॉप विकेट टेकर्स रहे हैं। जिम्बाब्वे की टीम सुपर-8 स्टेज तक पहुंची थी। पढ़ें पूरी खबर