Monday, 24 Aug 2026 | 06:31 AM

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नेशनल हाईवे पर हादसा:बिजासन घाट में डिवाइडर पर चढ़ा ट्रेलर, चार किमी जाम

नेशनल हाईवे पर हादसा:बिजासन घाट में डिवाइडर पर चढ़ा ट्रेलर, चार किमी जाम

बिजासन घाट नेशनल हाईवे-52 पर बिजासन घाट क्षेत्र में शनिवार दोपहर करीब 2 बजे तेज रफ्तार ट्रेलर डिवाइडर पर चढ़ गया। इससे सेंधवा की ओर आने वाली लेन में यातायात बाधित हो गया और वाहन धीमी गति से निकलने लगे। कुछ ही देर में वाहनों की कतार करीब चार किमी तक पहुंच गई। ट्रेलर (सीजी 10बी 4914) महाराष्ट्र से सीमेंट खाली कर लौट रहा था। सूचना मिलते ही बिजासन चौकी प्रभारी रोहित पाटीदार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। क्रेन की मदद से करीब एक घंटे में ट्रेलर हटाया गया, जिसके बाद यातायात धीरे-धीरे सुचारू हो गया। क्रेन बुलाकर हटवाया ट्रेलर जाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और यातायात व्यवस्था संभाली। क्रेन की मदद से ट्रेलर को डिवाइडर से हटाया गया। इस दौरान प्रधान आरक्षक मकसूद खान, मुकेश यादव, आरक्षक नारायण पाटीदार, राकेश सिलोजे और हाईवे पेट्रोलिंग के दिनेश चौहान व दिलीप साहू मौजूद रहे।

khabar hatke Milk License Mandatory; Remote Cancer Surgery; Exam Toppers Get Helicopter Ride

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राजस्थान के एक गवर्नमेंट स्कूल में लड़कियों को हेलिकॉप्टर की सैर कराई गई। वहीं लंदन में डॉक्टर ने 2400 किमी दूर बैठकर रिमोट कंट्रोल से कैंसर की सर्जरी की। इधर भारत सरकार ने दूध बेचने वालों के लिए लाइसेंस जरूरी कर दिया है। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…

PNG Users Must Surrender LPG Cylinders; 2 Ships Arrive

PNG Users Must Surrender LPG Cylinders; 2 Ships Arrive

Hindi News Business India Gas Crisis: PNG Users Must Surrender LPG Cylinders; 2 Ships Arrive नई दिल्ली23 मिनट पहले कॉपी लिंक LPG की किल्लत की वजह से देशभर में गैस एजेंसियों के बाहर लंबी लाइनें देखी जा रही हैं। अगर आपके घर में पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन है, तो अब आपको अपना LPG सिलेंडर को सरेंडर करना होगा। देश में गहराते गैस संकट के बीच पेट्रोलियम मंत्रालय ने सप्लाई के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। नए आदेश के मुताबिक, PNG यूजर्स को न तो नया LPG कनेक्शन मिलेगा और न ही पुराना सिलेंडर रिफिल होगा। सरकार इससे पहले सप्लाई को लेकर 9 दिन में 3 बार नए नियम जारी कर चुकी है। रसोई गैस की सप्लाई के 4 नए नियम अब एक घर में PNG (पाइप गैस) और LPG (सिलेंडर) दोनों कनेक्शन रखना गैर-कानूनी होगा। जिनके पास PNG कनेक्शन एक्टिव है, वे अब अपने LPG सिलेंडर की रिफिलिंग (बुकिंग) नहीं करा सकेंगे। जिनके पास दोनों सुविधाएं हैं, उन्हें अपना घरेलू LPG कनेक्शन विभाग को तुरंत सरेंडर करना होगा। पाइप गैस (PNG) वाले उपभोक्ता अब नए घरेलू LPG कनेक्शन के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे। LPG सिलेंडर बुकिंग के नियम तीन बार बदले 6 मार्च: घरेलू LPG बुकिंग के लिए लॉक-इन पीरियड 21 दिन किया गया। 9 मार्च: डिमांड बढ़ने से शहरों में लॉक-इन पीरियड बढ़ाकर 25 दिन किया। 12 मार्च: ग्रामीण क्षेत्रों में सिलेंडर बुक करने का गैप 45 दिन किया गया। कनेक्शन सरेंडर न करने पर हो सकती है कानूनी कार्रवाई नए नियम तत्काल प्रभाव से लागू हो गए हैं। सरकार चाहती है कि जिनके पास पीएनजी का विकल्प है, वे सिलेंडर छोड़ दें ताकि सिलेंडर उन लोगों तक पहुंच सके जिनके पास और कोई ऑप्शन नहीं है। शनिवार को नोटिफिकेशन जारी में कहा गया कि जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं, वे तुरंत नजदीकी LPG डिस्ट्रीब्यूटर या कंपनी के पोर्टल पर जाकर कनेक्शन सरेंडर करें। सरेंडर करने पर जुर्माना नहीं लगेगा, लेकिन नियम तोड़ने पर कानूनी कार्रवाई हो सकती है। होर्मुज से निकले 2 जहाज, 92 हजार टन गैस लेकर आ रहे भारत मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर है। दो भारतीय LPG कैरियर (माल वाहक जहाज), ‘शिवालिक’ और ‘नंदा देवी’, होर्मुज रूट को पार कर चुके हैं। बंदरगाह और जहाजरानी मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि ये जहाज करीब 92,700 मीट्रिक टन LPG लेकर आ रहे हैं। इनके 16 और 17 मार्च तक मुंद्रा और कांडला बंदरगाह पहुंचने की उम्मीद है। कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर का वितरण शुरू कर दिया गया है। सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई थी। ईरान का रुख: भारतीय जहाजों को नहीं रोकेंगे भारत में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई के प्रतिनिधि, अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने भरोसा दिलाया है कि युद्ध के बावजूद भारतीय जहाजों को होर्मुज रूट से गुजरने की अनुमति दी जाएगी। उन्होंने कहा, ‘हम भारत की ऊर्जा जरूरतों को समझते हैं। हमें पता है कि भारत में लोग गैस और पेट्रोल की कमी से जूझ रहे हैं, ऐसे में हम उनकी मदद और समर्थन करेंगे।’ उन्होंने यह भी कहा कि ईरान के दूतावास ने भारतीय जहाजों को रास्ता दिलाने के लिए विशेष प्रयास किए हैं। —————— ये खबर भी पढ़ें… भारत के पास कितनी रसोई गैस बची: रोजाना 75 लाख LPG सिलेंडर की बुकिंग, डिलीवरी 50 लाख; आगे के लिए सरकार ने क्या इंतजाम किए ईरान जंग की आंच आपकी रसोई तक पहुंच गई है। सरकार का कहना है कि लोग पैनिक में रोजाना 75 लाख LPG सिलेंडर की बुकिंग कर रहे हैं। देशभर के शहरों-कस्बों से LPG के लिए लंबी कतारें दिख रही हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

विरासत वन में महादेव सहित 25 मंदिरों की झलक दिखाई देगी

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भास्कर संवाददाता | छतरपुर विश्व पर्यटन स्थल खजुराहो के पास गुजरात के पैटर्न पर विरासत वन विकसित किया जा रहा है। यह विरासत वन राजनगर-गंज मार्ग पर गोरा तिराहे से खजुराहो मार्ग पर 100 मीटर की दूरी पर दाहिने और वन कक्ष- 675 के अंदर 17 एकड़ जमीन में निर्मित किया जा रहा है। जिसके लिए राज्य शासन से 12 करोड़ रुपए का बजट जारी किया है। खजुराहो रेंजर नीलेश प्रजापति ने बताया कि विरासत वन के पहले चरण में क्षेत्र का सीमांकन, सफाई, विद्युत लाइन और पानी के लिए बोर कराया गया। इसके बाद परिसर की फेंसिंग और गेट निर्माण के साथ राशि वन, नक्षत्र वन, ग्रह वाटिका, चांदनी वन व तरह-तरह की छोटी छोटी वाटिकाओं के रूप में विलुप्त हो रही वृक्ष प्रजातियों को लगाया गया। जो प्रजातियां हमें अपने पूर्वजों से विरासत में प्राप्त हुई थीं। वर्तमान में गेस्ट रूम, कार्ड रूम, टॉयलेट और पार्किंग सहित अन्य पक्के निर्माण किया जा रहे हैं। जो आगामी 6 माह में पूरे होने की उम्मीद है। विरासत वन में जिले की संस्कृति देखने को मिलेगी, इसी मंशा से इसे विकसित किया जा रहा है। 17 एकड़ में प्रस्तावित संस्कृति वन में खजुराहो मंदिर के साथ कंदरिया महादेव और देवी जगदंबिका सहित 25 मंदिरों की झलक दिखाई देगी। खजुराहो में औषधि से संबंधित पौधों के रोपण के साथ ही ऐतिहासिक पृष्ठभूमि के वन से पौधे लाकर विकसित किए गए हैं। विरासत वन में स्थानीय क्षेत्र की संस्कृति के अनुसार प्रतिमाएं, वृक्ष नक्षत्र वन, नवग्रह पंचवटी वन, तीर्थंकर वन, सप्त ऋषि वन, श्रीपर्णी वन, चरक आरोग्य राशि वन आदि शामिल है। इसके अलावा इस वन के अंदर ओपन चिल्ड्रन एक्टिविटी, कुंड पार्क, गजिबो ओपन एयर थिएटर आदि भी बनाए जाएंगे।

ऑस्कर अवॉर्ड-2026 सेरेमनी कल:सिनर्स ने 16 नॉमिनेशन पाकर से टाइटैनिक का रिकॉर्ड तोड़ा, कभी लियोनार्डो के घर में मिली चोरी हुई ट्रॉफी, जानिए इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

ऑस्कर अवॉर्ड-2026 सेरेमनी कल:सिनर्स ने 16 नॉमिनेशन पाकर से टाइटैनिक का रिकॉर्ड तोड़ा, कभी लियोनार्डो के घर में मिली चोरी हुई ट्रॉफी, जानिए इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स

Hindi News Entertainment Bollywood Oscar 2026 Ceremony; Which Film Is Nominated For The Oscar 2026? Follow Academy Awards, Oscar History, Controversy And Interesting Facts And Updates On Dainik Bhaskar (दैनिक भास्कर) 37 मिनट पहलेलेखक: ईफत कुरैशी कॉपी लिंक 98वीं ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी कल यानी 16 मार्च को लॉस एंजिल्स के डॉल्बी थिएटर में होगी। भारतीय समयानुसार इसे सुबह साढ़े 4 बजे से टेलीकास्ट किया जाएगा। इस साल भारत की कोई फिल्म ऑस्कर नॉमिनेशनल हासिल नहीं कर सकी है, हालांकि भारतीय मूल की फिल्ममेकर गीता गंदभीर की 2 डॉक्यूमेंट्री फिल्मों को ऑस्कर में नॉमिनेशन मिला है। प्रियंका चोपड़ा 2016 के बाद फिर एक बार ऑस्कर अवॉर्ड प्रेजेंट करने वाली हैं। 2 बार प्रेजेंटर बनने वालीं वो इकलौती भारतीय हैं। इस साल हॉलीवुड फिल्म सिनर ने 16 ऑस्कर नॉमिनेशन हासिल कर रिकॉर्ड बनाया है। अगर ये फिल्म 11 से ज्यादा ऑस्कर जीतने में सफल रहती है, तो ये दुनिया की सबसे ज्यादा ऑस्कर जीतने वाली फिल्म बन जाएगी। फिलहाल ये रिकॉर्ड 1997 की टाइटैनिक, 2003 की लॉर्ड्स ऑफ द रिंग और 1995 की बेन हर के पास है। ऑस्कर 2026 सेरेमनी से पहले जानिए इस साल की नॉमिनेशन लिस्ट और पढ़िए ऑस्कर के इतिहास, विवाद और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स की रोचक कहानी- ऑस्कर 2026 की नॉमिनेशनल लिस्ट देखिए- 98वें एकेडमी अवॉर्ड में सबसे ज्यादा 16 नॉमिनेशन अमेरिकन फिल्म सिनर्स को मिले हैं। इसी के साथ ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा नॉमिनेशन हासिल करने वाली फिल्म बन चुकी है। इससे पहले ये रिकॉर्ड ऑल अबाउट ईव (1950), टाइटैनिक (1997) और ला ला लैंड (2016) के पास था, जिन्हें कुल 14 नॉमिनेशन मिले थे। बड़ा रिकॉर्ड कायम कर सकती है फिल्म सिनर्स रिकॉर्ड 16 नॉमिनेशनल हासिल करने वाली फिल्म सिनर्स अगर 11 या उससे ज्याद ऑस्कर जीतती है, तो ये फिल्म ऑस्कर के इतिहास में सबसे ज्यादा अवॉर्ड हासिल करने वाली फिल्म बन जाएगी। अब तक 11-11 ऑस्कर जीतने पर ये रिकॉर्ड बेन-हर (1995), टाइटैनिक (1997) और लॉर्ड ऑफ द रिंगः रिटर्न ऑफ द किंग (2003) के पास है। देखिए ऑस्कर 2026 के नॉमिनेशन की पूरी लिस्ट लियोनार्डो को मिला करियर का छठवां बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन लियोनार्डो डीकैप्रियो को फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर के लिए बेस्ट एक्टर का नॉमिनेशन मिला है। वो अब तक कुल 6 ऑस्कर बेस्ट एक्टर नॉमिनेशन हासिल कर चुके हैं। साल 2015 की फिल्म रेनेनेंट के लिए उन्हें करियर का पहला बेस्ट एक्टर का ऑस्कर मिला था। लियोनार्डो की फिल्म वन बैटल आफ्टर अनदर को इस साल अलग-अलग कैटेगरी में 13 नॉमिनेशन मिले हैं। भारतीय मूल की गीता गंदभीर को मिले 2 ऑस्कर नॉमिनेशन गीता गंभदीर को ऑस्कर में दो नॉमिनेशन मिले हैं। पहला नॉमिनेशन उन्हें फिल्म द परफेक्ट नेबर के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री फीचर फिल्म के लिए और दूसरा द डेविल इज बिजी के लिए बेस्ट डॉक्यूमेंट्री शॉर्ट फिल्म केटेगरी में मिला है। इससे पहले गीता 2 एमी अवॉर्ड्स भी जीत चुकी हैं। गीता के पिता शरद गंदभीर भारतीय थे, जो 1960 में यूएस जाकर बस गए थे। गीता का जन्म बॉस्टन में हुआ। उनकी फिल्म ए परफेक्ट नेबर फ्लोरिडा की अजीके की जिंदगी पर बनी है, जिनकी 2023 में पड़ोस में रहने वाली 58 साल की महिला ने हत्या कर दी थी। ऑस्कर के इतिहास में पहली बार मिलेगा बेस्ट कास्टिंग का अवॉर्ड 98वें ऑस्कर अवॉर्ड में नई कैटेगरी जोड़ी गई है। इस साल से बेस्ट कास्टिंग के लिए भी ऑस्कर दिया जाएगा, जबकि अब तक ये कैटेगरी ऑस्कर में शामिल नहीं थी। इस साल सिनर्स, मार्टी सुप्रीम, हेमनेट, वन बैटल आफ्टर अनदर और द सीक्रेट एजेंट फिल्मों के कास्टिंग डायरेक्टर्स को नॉमिनेशन मिला है। 98 साल में भारत की किसी फिल्म को नहीं मिला ऑस्कर ऑस्कर अवॉर्ड की शुरुआत साल 1929 में हुई। साल 1957 में बेस्ट फॉरेन लैंग्वेट कैटेगरी के जरिए दुनियाभर की फिल्में ऑस्कर में भेजी जाने लगीं। इस कैटेगरी के आने के बाद 1957 में महबूब खान की फिल्म मदर इंडिया को ऑस्कर भेजा गया। ये ऑस्कर जाने वाली पहली फिल्म बनी। इसके बाद 1989 में ‘सलाम बॉम्बे’, 2003 में ‘लगान’ और 2004 में मराठी फिल्म ‘श्वास’ को फाइनल नॉमिनेशन मिला, लेकिन इनमें से कोई फिल्म अवॉर्ड हासिल नहीं कर सकी। बेस्ट फिल्म कैटेगरी में तो भारत ऑस्कर जीतने से चूक गया, लेकिन अब तक 9 भारतीय ऑस्कर जीत चुके हैं। भानू अथैया ऑस्कर जीतने वालीं पहली भारतीय हैं। जबकि ए.आर.रहमान इकलौते भारतीय हैं, जिन्हें 2 ऑस्कर मिल चुके हैं। उन्हें 2008 की फिल्म स्लमडॉग मिलेनियर के गाने जय हो के लिए बेस्ट ओरिजिनल स्कोर और बेस्ट ओरिजिनल सॉन्ग का अवॉर्ड मिला था। एक नजर ऑस्कर के इतिहास और इंट्रेस्टिंग फैक्ट्स पर- हॉलीवुड स्टूडियो MGM के प्रमुख लुइस बी मेयर ने 1927 में फिल्मों की सराहना के लिए कमेटी बनाकर ऑस्कर अवॉर्ड की नींव रखी। 2 साल की तैयारियों के बाद 1929 में लॉस एंजिलिस में 270 लोगों की मौजूदगी में पहली ऑस्कर सेरेमनी हुई। पहली ऑस्कर अवॉर्ड सेरेमनी 15 मिनट चली थी। 1939 में एकेडमी अवॉर्ड का नाम ऑस्कर कर दिया गया था। 1929 में पहला बेस्ट एक्टर अवॉर्ड हॉलीवुड एक्टर एमिल जैनिंग्स को मिला, लेकिन उनसे पहले एकेडमी वर्ल्ड वॉर 2 में बचाए गए रिन टिन टिन नाम के ट्रेन्ड जर्मन शेफर्ड डॉग को ये अवॉर्ड देना चाहती थी। उसने 27 हॉलीवुड फिल्मों में काम किया। एकेडमी मेंबर्स ने इस सोच के साथ फैसला बदला कि पहला अवॉर्ड कुत्ते को दिए जाने से समाज में गलत मैसेज जाएगा। फिल्म ‘द गॉडफादर’ के लिए मार्लन ब्रांडो को बेस्ट एक्टर का ऑस्कर अवॉर्ड मिला था, हालांकि उन्होंने ये अवॉर्ड लेने से इनकार कर दिया। दरअसल, उनका मानना था कि हॉलीवुड फिल्मों में अमेरिकन्स की इमेज खराब की जा रही है। ऑस्कर ट्रॉफी 13 इंच लंबी और 3.85 किलो की होती है। 1972 में चार्ली चैपलिन को ऑस्कर सेरेमनी में 12 मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला था। ये ऑस्कर के इतिहास का सबसे लंबा स्टैंडिंग ओवेशन है। चार्ली इकलौते एक्टर हैं जिन्हें 20 साल पहले रिलीज हुई फिल्म के लिए ऑस्कर मिला था। सबसे ज्यादा 20 ऑस्कर जीतने का रिकॉर्ड वॉल्ट डिज्नी के पास है। इसे अब तक 59 नॉमिनेशन मिल चुके हैं। कैथरिन हैपबर्ग सबसे ज्यादा 4 बार बेस्ट एक्ट्रेस का ऑस्कर जीतने वाली इकलौती एक्ट्रेस हैं। बेस्ट इंटरनेशनल फीचर

Interesting Facts, Nepotism Controversy, Film Awards

Interesting Facts, Nepotism Controversy, Film Awards

40 मिनट पहलेलेखक: अभय पांडेय कॉपी लिंक आलिया भट्ट को अप्रैल 2024 में ‘टाइम’ मैगज़ीन की दुनिया के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की सूची में शामिल किया गया था। आलिया भट्ट ने साल 2012 में फिल्म स्टूडेंट ऑफ द ईयर से महज 19 साल की उम्र में फिल्मों की दुनिया में कदम रखा और बहुत कम अरसे में ही वह बॉलीवुड की टॉप एक्ट्रेसेस में शुमार हो गईं। फिल्मों में उनका डेब्यू भले ही आसान रहा, लेकिन इंडस्ट्री में आने के बाद उन्हें नेपोटिज्म और दूसरी वजहों से ट्रोलिंग और आलोचना का सामना भी करना पड़ा। हालांकि इसके बावजूद आलिया ने अपनी लाजवाब एक्टिंग से खुद को साबित किया। उड़ता पंजाब, राजी और गंगूबाई काठियावाड़ी जैसी फिल्मों में शानदार अभिनय के दम पर उन्होंने न सिर्फ दर्शकों का प्यार हासिल किया, बल्कि फिल्मफेयर अवॉर्ड के साथ-साथ नेशनल अवॉर्ड भी अपने नाम किया। आज आलिया भट्ट के बर्थडे के खास मौके पर आइए उनकी जिंदगी को करीब से छूते हैं- आलिया का जन्म 15 मार्च 1993 को मुंबई में एक ऐसे परिवार में हुआ, जो कई दशकों से फिल्म इंडस्ट्री से जुड़ा हुआ है। वह फिल्ममेकर महेश भट्ट और एक्ट्रेस सोनी राजदान की बेटी हैं। सोनी राजदान महेश भट्ट की दूसरी पत्नी हैं। इस शादी से उनकी दो बेटियां शाहीन और आलिया हैं। आलिया के पिता महेश भट्ट ने ‘सारांश’ और ‘आशिकी’ जैसी फिल्में डायरेक्ट की हैं, जबकि मां सोनी राजदान ने ‘सड़क’ और ‘सारांश’ जैसी फिल्मों में काम किया है। आलिया मशहूर प्रोड्यूसर-डायरेक्टर नानाभाई भट्ट की पोती हैं। नानाभाई ने ‘मिस्टर एक्स’ (1957), ‘जिम्बो कम्स टू टाउन’ (1960) और ‘लाल किला’ (1960) जैसी कई फिल्में बनाई हैं। जबकि एक्ट्रेस पूजा भट्ट और राहुल भट्ट उनके सौतेले भाई-बहन हैं। वहीं एक्टर इमरान हाशमी और डायरेक्टर मोहित सूरी उनके कजिन हैं, जबकि प्रोड्यूसर मुकेश भट्ट उनके चाचा हैं। पिता ने कई आउटसाइडर्स को मौका दिया, बेटी नेपोटिज्म पर घिरी आलिया के पिता महेश भट्ट और उनके बैनर ‘विशेष फिल्म्स’ प्रोडक्शन हाउस ने बॉलीवुड में कई ऐसे कलाकारों को बड़ा ब्रेक दिया, जिनका फिल्म इंडस्ट्री से पहले कोई संबंध नहीं था। इन कलाकारों में अनुपम खेर, कंगना रनोट, आशुतोष राणा और बिपाशा बसु जैसे नाम शामिल हैं। हालांकि, जब महेश भट्ट की बेटी आलिया ने फिल्मों में कदम रखा तो उनके साथ नेपोटिज्म का टैग जुड़ गया। आलिया भट्ट और महेश भट्ट ने मुख्य रूप से फिल्म ‘सड़क 2’ (2020) में एक साथ काम किया है। आलिया ने 2012 में करण जौहर की फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ से डेब्यू किया था। उनके पिता या उनसे जुड़े प्रोडक्शन हाउस ने उन्हें लॉन्च नहीं किया था, लेकिन आलिया भट्ट के फिल्मों में डेब्यू के बाद बॉलीवुड में स्टार किड और नेपोटिज्म जैसे मुद्दों पर चर्चा होने लगी। बॉलीवुड में नेपोटिज्म का मतलब होता है कि भाई-भतीजावाद की वजह से फिल्म इंडस्ट्री के बाहर से आने वाले टैलेंटेड लोगों को बराबर मौके नहीं मिल पाते। फिल्म ‘स्टूडेंट ऑफ द ईयर’ में आलिया भट्ट ने शनाया सिंघानिया का किरदार निभाया था। आलिया ने नेपोटिज्म और प्रिविलेज को स्वीकार किया साल 2023 में हार्पर बाजार अरबिया को दिए इंटरव्यू में प्रिविलेज और नेपोटिज्म को लेकर आलिया ने कहा था कि वह इसे मानती हैं और अपने काम को कभी भी हल्के में नहीं लेतीं। वह समझती हैं कि शायद उनके लिए दरवाजे से अंदर आना किसी दूसरे इंसान की तुलना में आसान रहा है। आलिया ने यह भी कहा था कि वह इस बात को मानती हैं कि उन्हें यह बढ़त मिली है। उनके पास वह प्रिविलेज है, यही वजह है कि वह हर दिन अपना 100 प्रतिशत देती हैं और अपने काम को कभी भी हल्के में नहीं लेतीं। उनके अनुसार, वह बस इतना कर सकती हैं कि अपना सिर नीचे रखें और काम करती रहें। आलिया ने कहा था- मैं पसंद नहीं हूं, तो मुझे मत देखिए वहीं, नेपोटिज्म और ट्रोलिंग को लेकर आलिया ने मिड-डे के साथ बातचीत में यह भी कहा था कि मैं हर बार शब्दों में अपनी सफाई नहीं दे सकती। अगर आपको मैं पसंद नहीं हूं, तो मुझे मत देखिए। इसमें मैं कुछ नहीं कर सकती। लोगों के पास हमेशा कुछ न कुछ कहने के लिए होता है। उम्मीद है कि अपनी फिल्मों के जरिए मैं साबित कर पाऊंगी कि मैं जिस जगह पर हूं, उसकी हकदार हूं। एक गलत जवाब और नॉलेज पर उठ गए सवाल साल 2013 में करण जौहर के शो ‘कॉफी विद करण’ के एक एपिसोड में आलिया भट्ट, सिद्धार्थ मल्होत्रा और वरुण धवन पहुंचे थे। शो के दौरान रैपिड फायर राउंड में करण जौहर ने सवाल पूछा कि भारत के राष्ट्रपति कौन हैं? इसके जवाब में आलिया ने कह दिया, “पृथ्वीराज चौहान!” जब इस शो की क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हुई, तो आलिया का खूब मजाक बनाया गया। उनके ऊपर कई जोक्स और मीम भी बनाए गए। जैसे ही आलिया को अहसास हुआ कि उन्होंने गलत जवाब दिया है, वह अपनी इस गलती पर खुद भी हंसने और मुस्कुराने लगीं। साल 2014 में मुंबई मिरर को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने बताया था कि भारत के राष्ट्रपति का नाम गलत बताने पर जब उन्हें सोशल मीडिया पर ट्रोल किया गया, तो उन्हें इससे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। उन्होंने यह भी कहा था कि वह इंटेलिजेंट दिखने का दिखावा करने से बेहतर खुद को जैसी हैं, वैसा ही दिखाना पसंद करती हैं। आलिया ने यह भी कहा था कि उन्हें सही जवाब पता था, लेकिन वह जल्दबाजी में दूसरों (सिद्धार्थ मल्होत्रा और वरुण धवन) से आगे निकलने की कोशिश कर रही थीं। उन्होंने कहा था, “मैं पढ़ाई में ज्यादा अच्छी नहीं हूं, इसलिए कभी-कभी प्रणब मुखर्जी और पृथ्वीराज चौहान के नाम गड़बड़ा देती हूं।” आलिया ने मुंबई के जुहू स्थित जमनाबाई नरसी स्कूल में पढ़ाई की। बाद में एक्टिंग में करियर बनाने के लिए उन्होंने 12वीं कक्षा के बाद पढ़ाई छोड़ दी। खुद पर बने मजाक को खुद ही मजेदार बना दिया वहीं, इस मामले को लेकर अगस्त 2014 में आलिया भट्ट ने कॉमेडी ग्रुप AIB के साथ मिलकर ‘जीनियस ऑफ द ईयर’ नाम से एक पैरोडी वीडियो जारी किया था। इस वीडियो में आलिया ने खुद पर बने मजाक को हल्के-फुल्के अंदाज में

Young Age High Blood Pressure; Hypertension Awareness

Young Age High Blood Pressure; Hypertension Awareness

Hindi News Lifestyle Young Age High Blood Pressure; Hypertension Awareness | Heart Health Youth India 2 मिनट पहलेलेखक: अदिति ओझा कॉपी लिंक एक समय था, जब हमारे आसपास ब्लड प्रेशर की समस्या सिर्फ उम्रदराज लोगों में होती थी। बीपी की चिंता पेरेंट्स किया करते थे। लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। हाई ब्लड प्रेशर सिर्फ बुजुर्गों को होने वाली बीमारी नहीं रही। देश-दुनिया में 20–30 साल के युवाओं में भी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या कॉमन होती जा रही है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन में साल 2016 में पब्लिश स्टडी के मुताबिक पूरी दुनिया में 20 से 29 साल के 10 से 15% युवा हाई ब्लड प्रेशर का शिकार हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) और इंपीरियल कॉलेज लंदन की एक स्टडी कहती है कि 1990 से लेकर साल 2019 के बीच हाई ब्लड प्रेशर के केसेज दुगुने हो गए। जहां 1990 में पूरी दुनिया में तकरीबन 64.8 करोड़ लोग हाई बीपी से पीड़ित थे, वहीं साल 2019 में यह संख्या बढ़कर 1.28 अरब हो गई। 2024 में दुनिया भर में 30–79 वर्ष आयु वर्ग के लगभग 1.4 अरब लोग हाइपरटेंशन (हाई ब्लड प्रेशर) से प्रभावित थे। यानी लगभग हर दस में से करीब तीन वयस्क हाई ब्लड प्रेशर से जूझ रहे हैं। चिंताजनक बात यह है कि आधे से अधिक लोगों को यह पता ही नहीं होता कि उनका बीपी बढ़ा हुआ है। इसलिए आज जरूरत की खबर में जानेंगे कि- युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या क्यों बढ़ रही है? यंग एज की कौन-सी आदतें इस रिस्क को बढ़ाती हैं? हाई ब्लड प्रेशर कैसे मैनेज करें? एक्सपर्ट: डॉ. प्रदीप कुमार नायक, हेड- कर्डियोलॉजी, धर्मशिला नारायणा सुपरस्पेशिलिटी हॉस्पिटल, दिल्ली सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्या है? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर वह कंडीशन है, जब आर्टरीज की वॉल्स पर ब्लड फ्लो का प्रेशर लगातार सामान्य से अधिक रहता है। लंबे समय तक यह दबाव ज्यादा बना रहे तो दिल, दिमाग, किडनी और आंखों को नुकसान पहुंच सकता है। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसे हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। सवाल- हाई ब्लड प्रेशर क्यों होता है? जवाब- ब्लड प्रेशर तब बढ़ता है, जब ब्लड वेसल्स संकरी हो जाती हैं या शरीर में फ्लूइड रिटेंशन बढ़ जाता है। इसके पीछे कई फैक्टर्स जिम्मेदार हो सकते हैं- बढ़ती उम्र जेनेटिक नेचर (जेनेटिक कारण) मोटापा इंसुलिन रेजिस्टेंस ज्यादा नमक वाला खाना धूम्रपान और शराब हॉर्मोनल या किडनी संबंधी रोग कुछ दवाएं (स्टेरॉयड, पेनकिलर, हॉर्मोनल दवाएं) सवाल- युवाओं में हाई ब्लड प्रेशर की समस्या क्यों बढ़ रही है? जवाब- कम उम्र में हाइपरटेंशन मुख्य रूप से अनहेल्दी लाइफस्टाइल से जुड़ा है। लंबे वर्किंग आवर्स, फास्ट फूड का ज्यादा सेवन, नींद की कमी, मेंटल स्ट्रेस और सिडेंटरी लाइफस्टाइल ब्लड वेसल्स पर दबाव बढ़ाते हैं। क्रॉनिक स्ट्रेस के कारण शरीर में कोर्टिसोल और एड्रेनलिन जैसे हॉर्मोन बढ़ते हैं, जो ब्लड प्रेशर को हाई रख सकते हैं। सवाल- यंग एज की कौन-सी आदतें हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को बढ़ाती हैं? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर के पीछे अक्सर हमारी रोजमर्रा की लाइफस्टाइल जिम्मेदार होती है। कुछ सामान्य लेकिन अनदेखी आदतें धीरे-धीरे ब्लड प्रेशर को बढ़ाकर हाइपरटेंशन का खतरा पैदा कर सकती हैं। ग्राफिक से उन आदतों के बारे में समझते हैं- सवाल- अगर युवावस्था में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए तो आगे चलकर किन बीमारियों का रिस्क बढ़ जाता है? जवाब- अगर कम उम्र (20–40 साल) में ही हाई ब्लड प्रेशर हो जाए, तो आगे चलकर इन बीमारियों का जोखिम बढ़ सकता है- सवाल- क्या हाई ब्लड प्रेशर को रिवर्स किया जा सकता है? जवाब- हां, खासकर शुरुआती चरण में हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक कम किया जा सकता है। कुछ मामलों में सामान्य स्तर पर भी लाया जा सकता है। इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी हैं। सवाल- हाई ब्लड प्रेशर को नेचुरली कंट्रोल कैसे करें? जवाब- इसके लिए लाइफस्टाइल में बदलाव बेहद जरूरी है। पॉइंटर्स से समझते हैं- रोजाना कम-से-कम 30 मिनट व्यायाम करें। रोजाना 5 ग्राम से कम नमक खाएं ताकि शरीर में सोडियम का स्तर न बढ़े। संतुलित और हेल्दी डाइट अपनाएं। यदि वजन ज्यादा है तो उसे 5-10% तक कम करने की कोशिश करें। शराब न पिएं और धूम्रपान न करें। तनाव कम करें। स्ट्रेस कम करने के लिए मेडिटेशन करें या गहरी सांस लें। साथ ही घर पर नियमित रूप से बीपी मॉनिटर करें, ताकि बदलावों पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर सही कदम उठाए जा सकें। सवाल- अगर ब्लड प्रेशर हाई हो तो डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में डाइट का फोकस नमक कम करने और ऐसे पोषक तत्वों को बढ़ाने पर होना चाहिए, जो ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करते हैं। हाई बीपी में DASH (डायटरी अप्रोच टू स्टॉप हाइपरटेंशन) डाइट को प्रभावी माना जाता है। इसमें हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, साबुत अनाज, दालें, बीन्स, नट्स और लो-फैट डेयरी शामिल होते हैं। सैचुरेटेड फैट, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड कम रखने चाहिए। साथ ही, पोटेशियम, मैग्नीशियम और फाइबर से भरपूर आहार ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में मदद करता है। सवाल- हाई ब्लड प्रेशर हो तो कौन-सी चीजें नहीं खानी चाहिए? जवाब- हाई ब्लड प्रेशर में ज्यादा नमक और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड सबसे ज्यादा रिस्की होते हैं। इनके अलावा- अचार, पापड़, नमकीन, चिप्स, इंस्टेंट नूडल्स, डिब्बाबंद सूप और प्रोसेस्ड मीट जैसे फूड्स से बचना चाहिए। ट्रांस फैट और ज्यादा सैचुरेटेड फैट वाले फास्ट फूड, बेकरी आइटम और तले हुए स्नैक्स भी न खाएं। शुगरी ड्रिंक्स, सोडा और शराब से ब्लड प्रेशर अस्थिर हो सकता है। सवाल- कौन से लाइफस्टाइल बदलाव हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम करते हैं? जवाब- डेली लाइफ में कुछ बदलाव करके हाई ब्लड प्रेशर के रिस्क को कम किया जा सकता है। ग्राफिक में देखिए- समय रहते सही कदम उठाकर हाई ब्लड प्रेशर को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। जैसेकि– संतुलित आहार नियमित व्यायाम पर्याप्त नींद स्ट्रेस मैनेजमेंट समय-समय पर ब्लड प्रेशर की जांच जैसे छोटे-छोटे बदलाव हार्ट और शरीर को लंबे समय तक स्वस्थ रखने में मदद कर सकते हैं। इसलिए यंग एज में लाइफस्टाइल पर ध्यान देना हाई ब्लड प्रेशर और उससे जुड़ी गंभीर बीमारियों से बचाव का सबसे प्रभावी

Railway Ticket Refund Scam; Google-Pay Customer Care Representative

Railway Ticket Refund Scam; Google-Pay Customer Care Representative

Hindi News Lifestyle Railway Ticket Refund Scam; Google Pay Customer Care Representative | Screen Sharing App Fraud 1 घंटे पहलेलेखक: शिवाकान्त शुक्ल कॉपी लिंक हाल ही में प्रयागराज से टिकट रिफंड के नाम पर साइबर ठगी का एक मामला सामने आया है। यहां साइबर क्रिमिनल ने खुद को गूगल-पे कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर यूजर से करीब दो लाख रुपए ठग लिए। दरअसल, पीड़ित ने कुछ दिन पहले दिल्ली से प्रयागराज की ट्रेन टिकट बुक की थी, जिसे बाद में कैंसिल कर दिया। रिफंड न मिलने पर उसने इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजा और उससे संपर्क किया। कुछ ही देर बाद एक अनजान नंबर से उसके वॉट्सएप पर कॉल आया। कॉलर ने खुद को गूगल-पे कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताया और एक APK फाइल डाउनलोड करने को कहा। फाइल डाउनलोड करते ही ठग ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। इसके बाद पीड़ित के मोबाइल नंबर से जुड़े परिवार के पांच अलग-अलग खातों से कुल 1.93 लाख रुपए निकाल लिए। टिकट रिफंड लेते समय जरा-सी लापरवाही भी भारी पड़ सकती है। इसलिए टिकट रिफंड का सही तरीका समझना बेहद जरूरी है। आज साइबर लिटरेसी कॉलम में ‘टिकट रिफंड स्कैम’ की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- टिकट रिफंड के नाम पर ठग स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? इस स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? एक्सपर्ट: राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- टिकट रिफंड स्कैम क्या है? जवाब- यह एक ऑनलाइन फ्रॉड है, जिसमें जालसाज उन यात्रियों को शिकार बनाते हैं, जो अपनी फ्लाइट, ट्रेन या बस की टिकट कैंसिल कर पैसे वापस पाने की कोशिश कर रहे होते हैं। इस स्कैम में साइबर क्रिमिनल्स गूगल पर SEO के जरिए फर्जी कस्टमर केयर नंबर डाल देते हैं। कस्टमर केयर का नंबर गूगल करने पर यही नंबर सबसे ऊपर आते हैं। जब कोई यात्री रिफंड की मदद के लिए इन नंबर्स पर कॉल करता है, तो स्कैमर उनसे रिफंड के नाम पर ‘स्क्रीन शेयरिंग एप’ डाउनलोड करवाते हैं। कुछ मामलों में फर्जी लिंक भेजकर उनके बैंक डिटेल (जैसे OTP या पिन) चुरा लेते हैं। इसके बाद पूरा खाता खाली कर देते हैं। सवाल- टिकट रिफंड के नाम पर ठग स्कैम को कैसे अंजाम देते हैं? जवाब- साइबर ठग रिफंड में देरी या तकनीकी समस्या का फायदा उठाते हैं। वे फर्जी कस्टमर केयर नंबर के जरिए संपर्क कर यूजर का भरोसा जीतते हैं। साथ ही तकनीकी मदद के नाम पर मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते हैं। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- प्रयागराज में युवक ने क्या गलती की, जिस वजह से उसके 2 लाख रुपए ठगों ने उड़ा लिए? जवाब- युवक ने गूगल पर मिले फर्जी कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा किया और बिना वेरिफाई किए ठग की बातें मान ली। सबसे बड़ी गलती यह रही कि उसने अनजान APK फाइल डाउनलोड कर ठग को मोबाइल का रिमोट एक्सेस दे दिया। नीचे दिए ग्राफिक से युवक की 6 गलतियां देखिए- सवाल- लोग टिकट रिफंड स्कैम के झांसे में क्यों आ जाते हैं? जवाब- रिफंड में देरी होने पर लोग पहले से ही परेशान होते हैं। ऐसे में जब कोई खुद को कस्टमर केयर प्रतिनिधि बताकर तुरंत समाधान का भरोसा देता है, तो लोग बिना जांच-पड़ताल किए उस पर भरोसा कर लेते हैं। इसके अलावा कई और भी कारण हैं- तकनीकी जानकारी की कमी गूगल पर फर्जी नंबर दिखना साइबर ठग की भरोसे भरी बातचीत जल्द पैसा वापस मिलने का आश्वासन सवाल- इंटरनेट पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर भरोसा क्यों नहीं करना चाहिए? जवाब- इंटरनेट पर कई बार फर्जी कस्टमर केयर नंबर विज्ञापन या हेरफेर के जरिए ऊपर दिखा दिए जाते हैं। ये नंबर रियल नहीं, बल्कि साइबर ठगों के हो सकते हैं। आधिकारिक वेबसाइट या एप से वेरिफाई किए बिना ऐसे नंबरों पर भरोसा करना रिस्की हो सकता है। सवाल- APK फाइल क्या है और इसे डाउनलोड करना क्यों खतरनाक हो सकता है? जवाब- ये एंड्रॉइड डिवाइस के लिए एक फाइल फॉर्मेट है, जिसका यूज एप्स इंस्टॉल करने के लिए किया जाता है। इसे डाउनलोड करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इसमें वायरस या मालवेयर हो सकते हैं, जो यूजर की निजी जानकारी, बैंक डेटा चोरी कर सकते हैं और फोन का कंट्राेल ले सकते हैं। सवाल- क्या गूगल-पे कभी वॉट्सएप कॉल करके एप डाउनलोड करने को कहता है? जवाब- नहीं, गूगल-पे या कोई भी आधिकारिक पेमेंट एप वॉट्सएप कॉल करके APK फाइल या एप डाउनलोड के लिए नहीं कहता है। ऐसी कॉल साइबर ठग ही करते हैं। किसी भी एप को केवल आधिकारिक प्ले स्टोर या कंपनी की वेबसाइट से ही डाउनलोड करना चाहिए। सवाल- अगर गलती से APK फाइल डाउनलोड हो जाए तो तुरंत क्या करें? जवाब- अगर गलती से कोई संदिग्ध APK फाइल डाउनलोड कर ली है तो घबराएं नहीं। ग्राफिक में दिए कुछ जरूरी एक्शन लें। सवाल- टिकट रिफंड स्कैम से बचने के लिए क्या सावधानियां बरतनी चाहिए? जवाब- टिकट रिफंड के लिए केवल आधिकारिक वेबसाइट या एप का ही इस्तेमाल करें। किसी भी अनजान कॉल, लिंक या फाइल पर भरोसा न करें। सतर्कता और सही जानकारी ही स्कैम से बचने का सबसे बड़ा उपाय है। इसे नीचे दिए ग्राफिक से समझिए- सवाल- टिकट रिफंड लेने का सही तरीका क्या है? जवाब- इसका सही तरीका यही है कि जिस प्लेटफॉर्म से टिकट बुक किया है, उसी से टिकट कैंसिल करें। आधिकारिक वेबसाइट या एप में ‘टिकट कैंसिलेशन’ का ऑप्शन होता है। टिकट कैंसिल करने के बाद रिफंड स्टेटस चेक करें। रिफंड कुछ घंटों के भीतर उसी अकाउंट में वापस आता है, जिससे भुगतान किया गया था। नीचे दिए ग्राफिक से इसका सही तरीका समझिए- सवाल- अगर टिकट रिफंड स्कैम का शिकार हो जाएं तो तुरंत क्या करें? जवाब- तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराएं। बैंक/पेमेंट एप के ट्रांजैक्शन ब्लॉक करवाएं। नजदीकी थाने में लिखित शिकायत दें, ताकि समय रहते रकम वापस मिल सके। सवाल- टिकट रिफंड स्कैम की शिकायत कहां कर सकते हैं? जवाब- साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके अलावा नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं। साथ ही नजदीकी थाने या साइबर सेल में लिखित सूचना

Akasa Air Flights Expensive | Indigo, Fastag Annual Pass Price Hike From April 1

Akasa Air Flights Expensive | Indigo, Fastag Annual Pass Price Hike From April 1

Hindi News Business Akasa Air Flights Expensive | Indigo, Fastag Annual Pass Price Hike From April 1 नई दिल्ली42 मिनट पहले कॉपी लिंक कल की बड़ी खबर LPG सिलेंडर से जुड़ी रही। सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर का वितरण शुरू कर दिया गया है। वहीं एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अब अकासा एयर की फ्लाइट्स भी महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन कंपनी ने रविवार से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। कल की बड़ी खबर से पहले आज की ये सुर्खियां… शेयर बाजार आज रविवार की छुट्‌टी के चलते बंद रहेगा। पेट्रोल-डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं हुआ है। अब कल की बड़ी खबरें पढ़ें… 1. 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर की सप्लाई शुरू: सरकार बोली- घबराकर बुकिंग न करें; दिल्ली के होटल–रेस्टोरेंट कचरे से बनी गैस इस्तेमाल करें सरकार ने 5 दिन बाद कमर्शियल LPG सिलेंडर पर लगी रोक हटा दी है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने शनिवार को बताया कि देश के 29 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कमर्शियल सिलेंडर का वितरण शुरू कर दिया गया है। सरकार ने 9 मार्च को कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पर रोक लगाई थी। वहीं, सिलेंडरों की कालाबाजारी और अवैध भंडारण को रोकने के लिए देशभर में छापेमारी तेज कर दी गई है। सरकार ने कहा है कि घरेलू उपभोक्ताओं को घबराने की जरूरत नहीं है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 2. एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अकासा की भी टिकटें महंगी: घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर कल से ₹1300 तक फ्यूल सरचार्ज लगेगा, वजह- जेट फ्यूल महंगा एअर इंडिया-इंडिगो के बाद अब अकासा एयर की फ्लाइट्स भी कल से महंगी हो जाएंगी। एयरलाइन कंपनी ने रविवार से सभी घरेलू और इंटरनेशनल फ्लाइट्स पर फ्यूल सरचार्ज लगाने की घोषणा की है। अकासा एयर ने कहा कि 15 मार्च को रात 12:01 बजे के बाद बुक किए जाने वाले टिकटों पर 199 रुपए से लेकर 1,300 रुपए तक का एडिशनल सरचार्ज वसूला जाएगा। मिडिल ईस्ट तनाव और अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी जंग की वजह से जेट फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी के कारण यह कदम उठाना पड़ रहा है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 3. IPO के पब्लिक शेयरहोल्डिंग नियमों में बदलाव: मिनिमम लिमिट 5% से घटाकर 2.5% की; जियो और NSE की लिस्टिंग आसान होगी वित्त मंत्रालय के तहत आने वाले डिपार्टमेंट ऑफ इकोनॉमिक अफेयर्स (DEA) ने शुक्रवार को देश में इनिशियल पब्लिक ऑफरिंग यानी IPO से जुड़े नियमों में बदलाव किए हैं। सरकार ने सिक्योरिटीज कॉन्ट्रैक्ट्स (रेगुलेशन) नियम-1957 में बदलवा करते हुए बड़ी कंपनियों के लिए मिनिमम पब्लिक शेयरहोल्डिंग की लिमिट को 5% से घटाकर 2.5% कर दिया है। 13 मार्च को जारी इस नोटिफिकेशन के बाद अब रिलायंस की जियो प्लेटफॉर्म्स और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) जैसी बड़ी कंपनियों के लिए अपना IPO लाना आसान हो जाएगा। सेबी ने पिछले साल सितंबर में इन बदलावों को मंजूरी दी थी, जिसे अब सरकार ने फाइनल अप्रूवल दिया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 4. 1 अप्रैल से महंगा हो जाएगा फास्टैग एनुअल पास: ₹3,000 की जगह ₹3,075 देने होंगे; 52 लाख से ज्यादा यूजर्स पर पड़ेगा असर अगले महीने यानी 1 अप्रैल से नेशनल हाईवे पर सफर करना थोड़ा महंगा हो जाएगा। सड़क परिवहन मंत्रालय ने फास्टैग (FASTag) एनुअल पास की कीमतों में 2.5% की बढ़ोतरी करने का फैसला किया है। अब प्राइवेट गाड़ी मालिकों को सालाना पास के लिए 3,000 रुपए की जगह 3,075 रुपए चुकाने होंगे। यह पास कार यूजर्स को देशभर के 200 टोल प्लाजा पर बिना रुके सफर करने की सुविधा देता है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… 5. मेटा में 15,000 कर्मचारियों की छंटनी की तैयारी: ये कुल वर्कफोर्स का 20% हिस्सा; AI पर निवेश और स्टार्टअप्स की खरीदारी बनी वजह फेसबुक और इंस्टाग्राम की पेरेंट कंपनी मेटा एक बार फिर बड़े स्तर पर छंटनी की तैयारी में है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार कंपनी अपने ग्लोबल वर्कफोर्स में से 20% कर्मचारियों को बाहर का रास्ता दिखा सकती है। मेटा के पास 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 79,000 कर्मचारी थे, इस हिसाब से करीब 15,000 से ज्यादा लोगों की नौकरी जा सकती है। कंपनी यह कदम आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर बढ़ रहे अरबों डॉलर के खर्च और डेटा सेंटर्स की लागत को मैनेज करने के लिए उठा रही है। हालांकि, मेटा के प्रवक्ता एंडी स्टोन ने इन खबरों को ‘काल्पनिक’ बताते हुए फिलहाल किसी भी छंटनी से इनकार किया है। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें… कल दुनिया के टॉप-10 सबसे अमीर कौन रहे यह भी देख लीजिए… शुक्रवार के शेयर मार्केट का हाल जान लीजिए… पेट्रोल-डीजल और घरेलू गैस सिलेंडर की लेटेस्ट कीमत जान लीजिए… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

29 मार्च से समर शेड्यूल:जैसलमेर से सभी फ्लाइट बंद होने की आशंका, जोधपुर-उदयपुर में भी कटौती

29 मार्च से समर शेड्यूल:जैसलमेर से सभी फ्लाइट बंद होने की आशंका, जोधपुर-उदयपुर में भी कटौती

देशभर के एयरपोर्ट पर 29 मार्च से समर फ्लाइट शेड्यूल लागू होने जा रहा है, लेकिन इस बार राजस्थान के कई एयरपोर्ट पर उड़ानों की संख्या घटने की संभावना है। सबसे ज्यादा असर जैसलमेर एयरपोर्ट पर देखने को मिल सकता है, जहां समर शेड्यूल में फ्लाइट संचालन पूरी तरह बंद होने की आशंका है। दरअसल पिछले कुछ वर्षों से ऐसा लगातार होता रहा है कि अप्रैल से सितंबर के बीच जैसलमेर एयरपोर्ट से नियमित फ्लाइट संचालन बंद हो जाता है। इसी पैटर्न के चलते इस बार भी 29 मार्च से लागू होने वाले समर शेड्यूल में यहां से एक भी फ्लाइट संचालित नहीं होने की संभावना जताई जा रही है। वर्तमान में जैसलमेर एयरपोर्ट से दिल्ली, मुंबई, जयपुर और बेंगलुरु के लिए रोजाना 6 फ्लाइट संचालित हो रही हैं, लेकिन 28 मार्च के बाद ये सभी उड़ानें बंद हो सकती हैं। पर्यटन ऑफ सीजन का असर फ्लाइट्स में कमी का असर केवल जैसलमेर तक सीमित नहीं रहेगा। उदयपुर, जोधपुर, बीकानेर और जयपुर एयरपोर्ट पर भी उड़ानों की संख्या घटने की संभावना है। गर्मियों में पर्यटन गतिविधियां कम होने के कारण एयरलाइंस उड़ानों की संख्या घटा देती हैं। जैसलमेर के व्यापारिक संगठनों ने गर्मियों में भी नियमित फ्लाइट संचालन की मांग को लेकर एयरलाइंस और एयरपोर्ट अथॉरिटी को पत्र लिखे हैं, लेकिन इसके बावजूद अब तक समर शेड्यूल में यहां से फ्लाइट संचालन जारी रखने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। हालांकि डीजीसीए की ओर से समर शेड्यूल अभी अंतिम रूप से जारी नहीं किया गया है। जैसलमेर से ये 6 फ्लाइट बंद होने की संभावना एआई-1864 – जैसलमेर से दिल्ली (10:30 बजे) 6E-6143 – जैसलमेर से मुंबई (11:00 बजे) 6E-7677 – जैसलमेर से जयपुर (11:25 बजे) 6E-6509 – जैसलमेर से दिल्ली (2:55 बजे) एआई-184 – जैसलमेर से दिल्ली (3:40 बजे) 6E-6838 – जैसलमेर से बेंगलुरु (4:35 बजे) समर शेड्यूल में फ्लाइट्स की संभावित स्थिति उदयपुर: अभी 23 फ्लाइट, घटकर 17 होने की संभावना जोधपुर: अभी 14 फ्लाइट, घटकर 11 होने की संभावना बीकानेर: समर शेड्यूल में सिर्फ 1 फ्लाइट किशनगढ़ (अजमेर): रोजाना करीब 3 फ्लाइट जयपुर: अभी 65 फ्लाइट, 4-5 कम होने की संभावना असर;