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कुकिंग फ्री हेल्दी डाइट रेसिपी, ओट्स से स्प्राउट्स तक, बिना पकाए खाएं ये चीजें

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Last Updated:March 18, 2026, 22:52 IST Easy Healthy Recipe: हेल्दी रहने के लिए हेल्दी फूड्स खाना जरूरी है. इसलिए यहां हम आपके लिए कुछ ऐसे रेसिपीज लाएं हैं, जिसे बनाने के लिए आपको न तो ज्यादा मेहनत लगेगी और न ही गैस. ख़बरें फटाफट हेल्दी रहने के लिए सबसे जरूरी है, सही समय पर सही खाना.लेकिन आज के भागदौड़ भरी जिंदगी में खुद के लिए समय निकाल पाना एक मुश्किल भरा काम हो गया है. जीवन में हर किसी के पास लंबा समय लेकर खाना बनाने की सुविधा नहीं होती. ऐसे में लोग अक्सर बाहर का जंक फूड खा लेते हैं, जो सेहत के लिए नुकसानदेह हो सकता है. लेकिन अगर हम सही और आसान विकल्प चुनें तो स्वाद के साथ सेहत भी बनी रहती है. आयुर्वेद और विज्ञान दोनों के अनुसार कुछ फूड्स हैं, जो शरीर को ऊर्जा देते हैं, पाचन को ठीक रखते हैं और लंबे समय तक पेट भरा रखते हैं. ओट्सओट्स आज के समय में सबसे आसान और हेल्दी नाश्ता माना जाता है. आयुर्वेद में इसे हल्का और सुपाच्य भोजन बताया गया है, जो पाचन तंत्र को मजबूत करता है. इसमें फाइबर भरपूर होता है, जिससे भूख देर तक नहीं लगती. विज्ञान भी कहता है कि ओट्स में घुलनशील फाइबर होता है, जो दिल की सेहत के लिए अच्छा है और कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करता है. इसे आप दूध या पानी में भिगोकर, ऊपर से फल, शहद या ड्राई फ्रूट्स डालकर 5 मिनट में तैयार कर सकते हैं. यह धीरे-धीरे शरीर को ऊर्जा देता है. दही और फलदही और फलों का मिश्रण भी बहुत अच्छा विकल्प है. आयुर्वेद में दही को अच्छे बैक्टीरिया वाला यानी प्रोबायोटिक माना गया है, जो पेट को स्वस्थ रखता है. इसमें पाचन सुधारने और इम्युनिटी बढ़ाने की ताकत होती है. इसमें केला, सेब या पपीता मिलाकर इसे और पौष्टिक बनाया जा सकता है. स्प्राउट्सअंकुरित दालों में विटामिन और मिनरल्स की मात्रा बढ़ जाती है. मूंग या चना स्प्राउट्स में प्रोटीन भरपूर होता है, जो शरीर की ताकत और मांसपेशियों को मजबूत बनाता है. नींबू, नमक और थोड़ा प्याज मिलाकर इसे स्वादिष्ट बनाया जा सकता है. यह शरीर को ऊर्जा देता है और वजन को संतुलित रखने में मदद करता है. ब्रेड और पीनट बटरअगर जल्दी में कुछ खाना हो तो ब्रेड और पीनट बटर अच्छा विकल्प हैं. पीनट बटर में प्रोटीन और हेल्दी फैट्स होते हैं, जो तुरंत ऊर्जा देते हैं. आयुर्वेद में मूंगफली को स्टेमिना बूस्टर माना गया है. ब्राउन ब्रेड के साथ खाने से फाइबर भी मिलता है, जिससे पाचन सही रहता है. सैंडविचब्राउन ब्रेड में खीरा, टमाटर, उबले आलू या पनीर डालकर हेल्दी सैंडविच बनाया जा सकता है. इसमें कच्ची सब्जियां विटामिन्स और मिनरल्स देती हैं, जो शरीर की रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करती हैं. हल्के मसालों के साथ इसका स्वाद बढ़ जाता है और पेट भी लंबे समय तक भरा रहता है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 18, 2026, 22:52 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

9-Day Event & 5-Day Garba in March 2026

9-Day Event & 5-Day Garba in March 2026

देवास में चैत्र नवरात्रि के अवसर पर पहली बार माता की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। शहर में नौ दिवसीय आराधना महोत्सव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बुधवार शाम को माता की प्रतिमा को जुलूस के रूप में शहर के प्रमुख मार्गों से लेकर विकास नगर स्थित आयोजन स्थल . पांच दिन गरबा का भी आयोजन शहर में महोत्सव 19 मार्च से 28 मार्च 2026 तक चलेगा। 19 मार्च को घट स्थापना के साथ इसका शुभारंभ होगा। इस दौरान धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की जाएगी। महोत्सव के दौरान 19 से 23 मार्च तक रात 7 बजे से पांच दिवसीय गरबा महोत्सव और सांस्कृतिक कार्यक्रम होंगे। इसके बाद 24 से 26 मार्च तक भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा। 27 मार्च को महाप्रसादी, 28 को निकलेगा चल समारोह 27 मार्च को शाम 6 बजे महोत्सव में महाभोजन प्रसादी का आयोजन होगा, जिसमें आमजन को प्रसादी वितरित की जाएगी। इसके अतिरिक्त, प्रतिदिन आरती के बाद भी महाप्रसादी बांटी जाएगी। महोत्सव का समापन 28 मार्च को शाम 4 बजे होगा। समापन के अवसर पर भव्य झांकी और गरबा के साथ विसर्जन चल समारोह आयोजित किया जाएगा। यह चल समारोह सयाजी गेट से शुरू होकर मीठा तालाब तक जाएगा। आयोजन स्थल के रूप में वीर सावरकर चौराहा, विकास नगर, देवास तय किया गया है।

क्या आपका भी न्यू बॉर्न बेबी रातभर जगता है? स्नैक्स में केले के साथ मिलाकर खिला दें ये चीज, जानें डॉक्टर से…

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Last Updated:March 18, 2026, 22:20 IST क्या आपका भी बच्चा रातभर सोने की बजाय बार-बार जागता है और आपको परेशान कर देता है. कई बार इसकी वजह उसकी डाइट और सोने से पहले दिए जाने वाले स्नैक्स भी हो सकते हैं. ऐसे में केला और चिया सीड्स का ये आसान तरीका बच्चे की नींद सुधारने में मददगार साबित हो सकता. बेबी को सुलाने की टिप्स. आजकल कई पैरेंट्स की सबसे बड़ी चिंता होती है कि उनका छोटा बच्चा रात में ठीक से सोता नहीं है. बार-बार उठना, रोना या बेचैन रहना न सिर्फ बच्चे के लिए बल्कि माता-पिता के लिए भी मुश्किल भरा हो जाता है. ऐसे में हर कोई आसान और सुरक्षित उपाय ढूंढता है जिससे बच्चे की नींद बेहतर हो सके. एक्सपर्ट्स के मुताबिक, सोने से पहले दिए जाने वाले छोटे-छोटे हेल्दी स्नैक्स बच्चों की नींद पर असर डाल सकते हैं. एक दिलचस्प और नेचुरल तरीका है बच्चे को सोने से पहले केला और भिगोए हुए चिया सीड्स देना. केले में ट्रिप्टोफैन नाम का अमीनो एसिड पाया जाता है, जो शरीर में जाकर सेरोटोनिन में बदलता है. यही सेरोटोनिन आगे चलकर मेलाटोनिन हार्मोन बनाने में मदद करता है, जिसे स्लीप हार्मोन कहा जाता है. यह हार्मोन बच्चे की नींद को नियंत्रित करता है और उसे गहरी व सुकून भरी नींद दिलाने में मदद करता है. View this post on Instagram

‘तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं, अपमानजनक रिश्ता’: देवेगौड़ा ने खड़गे की ‘शादी’ टिप्पणी के बारे में क्या कहा | राजनीति समाचार

Ranveer Singh returns as Hamza in Dhurandhar 2: The Revenge, one of the biggest Bollywood releases of 2026. Image/X

आखरी अपडेट:मार्च 18, 2026, 22:09 IST पूर्व पीएम एचडी देवेगौड़ा का खंडन कांग्रेस प्रमुख मल्लिकार्जुन खड़गे के उस बयान के बाद आया, जिसमें उन्होंने कहा था कि उनके जद (एस) समकक्ष ने एक बार उनकी पार्टी के साथ “प्यार” साझा किया था, लेकिन उन्होंने पीएम मोदी की बीजेपी से “शादी” करने का फैसला किया। पूर्व प्रधान मंत्री और जद (एस) के दिग्गज एचडी देवेगौड़ा ने एक विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की और अपनी पार्टी के कांग्रेस गठबंधन से भाजपा के साथ साझेदारी में बदलाव के बारे में बताया। (छवि: पीटीआई/फ़ाइल) पूर्व प्रधान मंत्री एचडी देवेगौड़ा ने अपने पिछले गठबंधन पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की हल्की-फुल्की टिप्पणियों पर कड़ी प्रतिक्रिया जारी की। देवेगौड़ा ने खड़गे द्वारा इस्तेमाल किए गए रोमांस के समान रूपकों को अपनाते हुए कहा कि कांग्रेस के साथ उनका अतीत “जबरन शादी” और “अपमानजनक संबंध” जैसा था, जिसके कारण उनके पास बाहर निकलने के अलावा “कोई विकल्प नहीं” था। देवेगौड़ा ने एक औपचारिक पत्र और सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए बयान में कहा, “मेरे प्रिय और लंबे समय के मित्र मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज संसद में एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की कि मैं उनसे (कांग्रेस) ‘प्यार’ करता था लेकिन आखिरकार मैंने मोदी जी (भाजपा) से शादी कर ली।” भारत के पूर्व प्रधान मंत्री और जनता दल (सेक्युलर) के अध्यक्ष एचडी देवेगौड़ा ने एक बयान जारी करते हुए कहा, “मेरे प्रिय और लंबे समय के मित्र मल्लिकार्जुन खड़गे ने आज संसद में एक हल्की-फुल्की टिप्पणी की कि मैं उनसे (कांग्रेस) “प्यार” करता था, लेकिन मोदी जी (भाजपा) से “शादी” कर ली… pic.twitter.com/kGNkJDRWQ7– एएनआई (@ANI) 18 मार्च 2026 उनका खंडन खड़गे द्वारा संसद में उनके साथ अपने 54 साल के जुड़ाव पर विचार करने के बाद आया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि उनके जद (एस) समकक्ष ने एक बार कांग्रेस के साथ “प्यार” साझा किया था, लेकिन अंततः उन्होंने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी की भाजपा से “शादी” करने का फैसला किया। खड़गे ने कहा कि वह इस बदलाव से हैरान हैं, उन्होंने कहा, “मुझे नहीं पता कि क्या हुआ।” इस पर, देवेगौड़ा ने एक विस्तृत प्रतिक्रिया जारी की और अपनी पार्टी के कांग्रेस गठबंधन से भाजपा के साथ साझेदारी में बदलाव के बारे में बताया। “उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें इसका कारण नहीं पता कि मैंने ऐसा क्यों किया… अगर मुझे अपने दोस्त को शादी की भाषा में जवाब देना हो, तो मैं कहना चाहूंगा कि मैंने कांग्रेस के साथ ‘जबरन शादी’ की थी, लेकिन मुझे उन्हें ‘तलाक’ देना पड़ा क्योंकि यह एक अपमानजनक रिश्ता था… मैंने कांग्रेस गठबंधन नहीं छोड़ा,” उन्होंने कहा। उन्होंने कांग्रेस के साथ अपने पिछले गठबंधन को आंतरिक विश्वासघातों से भरा बताया और कहा कि हृदय परिवर्तन के बजाय अलगाव एक आवश्यकता थी। उन्होंने कहा, “यह वे लोग हैं जो चले गए। उन्होंने मेरे पास उन्हें ‘तलाक’ देने और अधिक स्थिर गठबंधन की तलाश करने के अलावा कोई विकल्प नहीं छोड़ा…” इसे सही ठहराने के लिए, जद (एस) के दिग्गज ने 2018 और 2019 की उथल-पुथल वाली राजनीतिक घटनाओं पर दोबारा गौर किया। उन्होंने कहा कि जब कांग्रेस ने 2018 में उनके बेटे एचडी कुमारस्वामी को मुख्यमंत्री पद की पेशकश की, तो उन्होंने शुरू में इस व्यवस्था का विरोध किया था। उन्होंने कहा कि सिद्धारमैया समेत अन्य नेताओं की मौजूदगी में उन्होंने स्पष्ट रूप से खड़गे को ही सीएम बनाए जाने की वकालत की थी। हालाँकि, उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस नेतृत्व, विशेष रूप से गुलाम नबी आज़ाद ने कुमारस्वामी को कमान संभालने पर जोर दिया। देवेगौड़ा ने आगे कहा कि “शादी” में जल्द ही खटास आ गई क्योंकि 2019 के चुनावों के बाद कांग्रेस ने जद (एस) को “छोड़” दिया। उन्होंने अपनी साझेदारी के पतन के लिए प्राथमिक उत्प्रेरक के रूप में कांग्रेस विधायकों के सुनियोजित दलबदल को भाजपा में शामिल होने की ओर इशारा किया। उन्होंने यह भी कहा कि आंतरिक अस्थिरता कांग्रेस सदस्यों द्वारा निर्मित की गई थी और, अगर पार्टी ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की होती, जिन्होंने “दलबदल के लिए उकसाया” था, तो खड़गे अब कांग्रेस प्रमुख के रूप में कहीं अधिक मजबूत स्थिति में होते। उन्होंने अधिक विश्वसनीय और सम्मानजनक गठबंधन की व्यावहारिक खोज के रूप में प्रधान मंत्री मोदी के साथ जुड़ने के अपने फैसले का बचाव किया। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना पहले प्रकाशित: मार्च 18, 2026, 22:09 IST समाचार राजनीति ‘तलाक के अलावा कोई विकल्प नहीं, अपमानजनक रिश्ता’: देवेगौड़ा ने खड़गे की ‘शादी’ टिप्पणी के बारे में क्या कहा अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)एचडी देवेगौड़ा(टी)कांग्रेस गठबंधन(टी)जबरन शादी(टी)अपमानजनक संबंध(टी)मल्लिकार्जुन खड़गे(टी)बीजेपी साझेदारी(टी)राजनीतिक परिवर्तन(टी)जेडी(एस)

आगरा में बढ़ती हड्डियों की कमजोरी I युवाओं में ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षण

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Last Updated:March 18, 2026, 22:06 IST आगरा में हड्डियों की कमजोरी यानी ऑस्टियोपोरोसिस के मामले बढ़ रहे हैं, अब युवाओं में भी इसके लक्षण दिखाई देने लगे हैं. हल्की चोट में फ्रैक्चर, पीठ में दर्द और कद घटना इसके मुख्य संकेत हैं. डॉक्टर आशीष मित्तल के अनुसार, समय पर इलाज और हेल्दी लाइफस्टाइल से इस बीमारी से बचा जा सकता है. आगरा. शहर में ऑस्टियोपोरोसिस के मरीजों की संख्या बढ़ी है, आगरा के वरिष्ठ चिकित्सक ने बताया कि बदलती लाइफस्टाइल और खान पान से कई तरह की बीमारियां शिकार बना लेती है. उन्होंने कहा कि हड्डियों से संबंधित मरीज बढ़े है जिसमें युवाओं कि संख्या भी देखी जा रही है. चिकित्सक ने बताया कि मरीजों में ऑस्टियोपोरोसिस कि शिकायत देखी जा रही है. चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस बीमारी में मरीज कि हड्डियां कमजोर व छिद्रयुक्त होने लगती है. उन्होंने कहा कि यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें हड्डियों का घनत्व जिसे डेंसिटी भी कहते है यह कम हो जाता है, जिससे वे पतली, नाजुक और ट्रटने यानि कि फ्रेक्चर के प्रति अत्यधिक संभावना बढ़ जाती है. डॉ. ने कहा कि इसका समय रहने उपचार कराना बेहद जरूरी है. दर्द और बार बार फ्रेक्चर होने पर चिकित्सक से करें सम्पर्कआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस के लक्षणों को पहचाना जा सकता है, हालांकि शुरुआत में इसके लक्षण आसानी से दिखाई नहीं देते है. उन्होंने कहा कि ऑस्टियोपोरोसिस में हड्डियां कमजोर और भुरभुरी हो जाती हैं, जिसे अक्सर ‘साइलेंट डिजीज कहते है क्योंकि शुरुआती चरणों में इसका कोई खास लक्षण दिखते नहीं देता है. उन्होंने कहा कि इस बीमारी के प्रमुख लक्षणों में हल्की चोट से फ्रैक्चर होना (विशेषकर कल्हे, कलाई, रीढ) पीठ में तेज दर्द रहना, समय के साथ कद कम होना और झुककर चलना आदि होते है. डॉ. आशीष ने कहा कि ऐसी स्थिति में मरीज को लापरवाही नहीं करनी चाहिए. ऐसे अवस्था में मरीज को तत्काल नज़दीकी हड्डी रोग विशेषज्ञ से सलाह लेकर अपना इलाज शुरू कर देना चाहिए. उन्होंने कहा कि समय रहने इलाज से बीमारी से छुटकारा भी पाया जा सकता है. ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए हेल्दी फ़ूड खाएंआगरा के वरिष्ठ चिकित्सक आशीष मित्तल ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस से बचना है तो अपनी जीवन शैली में सुधार करना पड़ेगा. उन्होंने कहा कि अनहेल्दी फ़ूड का त्याग कर हेल्दी फ़ूड का इस्तेमाल करना चाहिए. डॉ. आशीष ने बताया कि ऑस्टियोपोरोसिस से बचने के लिए कैल्शियम औरविटामिन डी से भरपूर आहार लें, नियमित रूप से वजन उठाने वाले व्यायाम जैसे चलना, दौड़ना, योगासन आदि करें. डॉ. ने कहा कि युवाओं को धुम्रपान और शराब से बचना चाहिए. उन्होंने कहा कि ये उपाय हड्डियों के घनत्व को बनाए रखने और फ्रैक्चर के जोखिम को कम करने में मदद करते है. डॉ. आशीष ने कहा कि यदि हड्डियों में कहीं भी लगातार दर्द बना रहता है तो ऐसी स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Agra,Uttar Pradesh First Published : March 18, 2026, 22:06 IST

X Platform Down Globally | Users Report Access Issues; 14,000 Complaints in US

X Platform Down Globally | Users Report Access Issues; 14,000 Complaints in US

Hindi News Tech auto X Platform Down Globally | Users Report Access Issues; 14,000 Complaints In US नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X की सर्विस दुनियाभर में ठप हो गई है। डाउनडिटेक्टर के मुताबिक, भारत सहित दुनिया के कई देशों में यूजर्स को एप और डेस्कटॉप दोनों वर्जन में एक्सेस करने में परेशानी हो रही है। आउटेज ट्रैक करने वाली वेबसाइट ‘डाउनडिटेक्टर’ के मुताबिक, यूजर्स न तो नई पोस्ट देख पा रहे हैं और न ही प्लेटफॉर्म पर शेयर किए गए लिंक लोड हो रहे हैं। यहां तक कि टाइमलाइन भी रिफ्रेश नहीं हो पा रही है। अमेरिका में सबसे ज्यादा 29,000 से ज्यादा यूजर्स प्रभावित अमेरिका में कुछ ही मिनटों में 29,000 से ज्यादा यूजर्स ने सर्विस डाउन होने की रिपोर्ट की। इसके अलावा, ब्रिटेन, फ्रांस और अन्य देशों में भी डाउन की शिकायतें आ रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्लेटफॉर्म के कोर सर्वर या ग्लोबल सर्विस में आई तकनीकी खामी के कारण हुई है। हालांकि, कंपनी की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। मोबाइल एप पर दिख रहा ‘कैन नॉट रिट्रीव पोस्ट’ का मैसेज X के मोबाइल एप का इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को सबसे ज्यादा परेशानी हो रही है। एप ओपन करने पर स्क्रीन पर एक मैसेज आ रहा है- “कैन नॉट रिट्रीव पोस्ट्स एट दिस टाइम। प्लीज ट्राई अगेन लेटर।” खास बात यह है कि इस दौरान यूजर्स को नोटिफिकेशन तो मिल रहे हैं, जिससे पता चलता है कि बैकग्राउंड में एक्टिविटी हो रही है, लेकिन वे उन पोस्ट्स या मैसेज को एक्सेस नहीं कर पा रहे हैं। भारत में 4,500 से ज्यादा लोगों ने की शिकायत भारत में रात करीब 8:17 बजे से यूजर्स ने प्लेटफॉर्म में गड़बड़ी की शिकायत शुरू हुईं। शुरुआत में करीब 1,200 लोगों ने रिपोर्ट किया, लेकिन महज 15 मिनट के भीतर यानी 8:30 बजे तक यह संख्या बढ़कर 4,500 के पार पहुंच गई। ज्यादातर यूजर्स का कहना है कि वे बार-बार स्क्रीन को नीचे खींचकर (पुल टू रिफ्रेश) अपडेट करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन स्क्रीन ब्लैंक आ रही है या सिर्फ लोडिंग हो रही है। X के तीन आउटेज 18 नवंबर 2025, शाम करीब 5 बजे से रात 9 बजे तक X की सर्विस डाउन रही थीं। भारत समेत दुनियाभर में यूजर्स को लॉगिन, साइनअप, पोस्ट करने और देखने के अलावा प्रीमियम सर्विसेज सहित प्रमुख सुविधाओं का उपयोग करने में दिक्कत आई थी। 26 अप्रैल 2024, दोपहर करीब 1.15 बजे से X डाउन हो गया था। डाउन डिटेक्टर पर 145 लोगों ने X को यूज करने में दिक्कत की रिपोर्ट की थी। यूजर्स को वेब और एप दोनों पर इसके इस्तेमाल में दिक्कत आ रही थी। 21 दिसंबर 2023, X की सर्विस डाउन हो गई थी। भारत समेत दुनियाभर के यूजर्स को गुरुवार सुबह करीब 11 बजे से X को एक्सेस करने में समस्या हो रही थी। यूजर्स को पोस्ट की जगह एक मैसेज दिख रहा था, जिसमें लिखा था ‘वेलकम टु X।’ इलॉन मस्क ने 2022 में खरीदा था X 27 अक्टूबर 2022 को इलॉन मस्क ने ट्विटर (अब X) खरीदा था। ये डील 44 बिलियन डॉलर में हुई थी। आज के हिसाब से ये रकम करीब 3.84 लाख करोड़ रुपए होती है। मस्क ने सबसे पहले कंपनी के चार टॉप ऑफिशियल्स CEO पराग अग्रवाल, फाइनेंस चीफ नेड सेगल, लीगल एग्जीक्यूटिव विजया गड्डे और सीन एडगेट को निकाला था। 5 जून 2023 को लिंडा याकारिनो ने X के CEO के तौर पर जॉइन किया था। इससे पहले वो NBC यूनिवर्सल में ग्लोबल एडवर्टाइजिंग एंड पार्टनरशिप की चेयरमैन थीं। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

खेलते-खेलते बच्ची ने निगली छोटी सी ‘चीज’, फट गई सांस नली, वेंटिलेटर पर रखना पड़ा, पेरेंट्स दें ध्यान

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छोटे बच्चे खेलते-खेलते अक्सर चीजें मुंह में डाल लेते हैं. यहां तक कि खाने पीने की चीजें ही उनके लिए कभी-कभी इतनी नुकसानदेह हो जाती हैं, जिसका अंदाजा भी नहीं लगा सकते. ऐसा ही एक मामला दिल्ली में सामने आया है जब डेढ़ साल की बच्ची ने खेलते-खेलते मूंगफली का दाना निगल लिया और वह दाना उसकी सांस नली में इस कदर फंस गया कि बच्ची को वेंटिलेटर तक पर रखना पड़ा. बच्ची के मूंगफली निगलने के बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी तो पेरेंट्स उसको गंभीर हालत में आकाश हेल्थकेयर लेकर पहुंचे. जहां डॉक्टरों ने जांच में पाया कि मूंगफली का दाना उसकी सांस नली में फंसा हुआ था और उसके सीने के अंदर हवा लीक होने लगी थी. फेफड़ों की हवा बाहर निकलकर आसपास के ऊतकों में फैलने लगी. मूंगफली का टुकड़ा पूरी तरह से सांस की नली को बंद कर चुका था, जिससे शरीर में ऑक्सीजन की गंभीर कमी हो गई और फेफड़ों पर दबाव बढ़ गया. आकाश हेल्थकेयर के पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर विशेषज्ञ डॉ. समीर पुनिया ने बताया कि बच्ची को जब अस्पताल लाया गया था तो उसके शरीर में ऑक्सीजन का स्तर काफी कम था. जांच में पता चला कि फेफड़ों से हवा बाहर निकलकर आसपास के ऊतकों में जा रही थी, जो सांस की नली को गंभीर नुकसान का संकेत था. बच्ची को तुरंत पीडियाट्रिक इंटेंसिव केयर यूनिट (PICU) में भर्ती किया गया और वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया. डेढ़ साल की बच्‍ची ने मूंगफली का दाना न‍िगल ल‍िया था, हालांक‍ि अब बच्‍ची ठीक है. डॉ. समीर ने बताया कि यह सामान्य चोकिंग का मामला नहीं था, बल्कि फेफड़ों से जुड़ी एक गंभीर आपात स्थिति थी. मूंगफली का टुकड़ा पूरी तरह से सांस की नली को चोक कर चुका था, जिससे शरीर में ऑक्सीजन का स्तर तेजी से गिर रहा था और फेफड़ों पर अत्यधिक दबाव पड़ रहा था. रेस्पिरेटरी और स्लीप मेडिसिन विभाग के एचओडी डॉ. अक्षय बुधराजा ने बताया कि बच्ची की स्थिति काफी क्रिटिकल थी क्योंकि मूंगफली के टुकड़े ने सांस की नली की अंदरूनी परत को फाड़ दिया था. फेफड़ों को पहले से हुए नुकसान को देखते हुए, मूंगफली को निकालने की प्रक्रिया बहुत सावधानी और सटीकता के साथ करनी थी, ऐसे में प्रक्रिया के बाद बच्ची को कई दिनों तक वेंटिलेटर पर रखा गया. इलाज के बाद अब वह पूरी तरह स्वस्थ हो चुकी है. उन्होंने कहा कि ऑक्सीजन की कमी के मामलों में कई बार न्यूरोलॉजिकल समस्या भी पैदा हो जाती है हालांकि जांचों में पाया गया कि बच्ची को ऐसा कोई खतरा पैदा नहीं हुआ है. माता-पिता के ल‍िए चेतावनी है ये केसआकाश हेल्थकेयर के प्रबंध निदेशक डॉ. आशीष चौधरी ने कहा कि यह मामला माता-पिता के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी है. बहुत छोटे बच्चों को मेवे और पॉपकॉर्न जैसी चीजें देना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि ये सांस की नली में फंसकर फेफड़ों को गंभीर नुकसान पहुंचा सकती हैं. उन्होंने बताया कि बाल रोग विशेषज्ञों, श्वसन विशेषज्ञों, ईएनटी सर्जनों, एनेस्थेटिस्ट और क्रिटिकल केयर टीम के बेहतरीन सहयोग से बच्ची की जान बचाई जा सकी, लेकिन छोटे बच्चों के मामलों में थोड़ी सी लापरवाही जानलेवा हो सकती है.

नवरात्रि में उपवास सिर्फ धर्म ही नहीं सेहत के लिए भी जरूरी, जानें आयुर्वेदिक कारण

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Last Updated:March 18, 2026, 21:27 IST Chaitra Navratri Fasting Benefits: नवरात्रि में व्रत रखना केवल धार्मिक परंपरा नहीं है, बल्कि इसके पीछे आयुर्वेद का गहरा महत्व भी है. इसे सिर्फ आस्था से जोड़कर नहीं देखना चाहिए, क्योंकि यह शरीर को अंदर से साफ और संतुलित करने का एक अच्छा तरीका है. ख़बरें फटाफट Chaitra Navratri 2026: 19 मार्च से चैत्र नवरात्रि शुरू हो रही है. हिन्दू धर्म को मानने वाले लोगों के लिए ये 9 दिन बहुत ही अहम होता है. इस दौरान कई लोग उपवास रखते हैं, वहीं कुछ लोग पूजा-पाठ के साथ लहसुन प्याज का सेवन नहीं करते सिर्फ सात्विक भोजन करते हैं. लेकिन ये सिर्फ धार्मिक ही नहीं बल्कि सेहत के नजरिए से भी अहम समय होता है.  ये नवरात्रि ऐसे समय पर आती है जब मौसम बदल रहा होता है. मौसम के इस बदलाव का असर हमारे शरीर पर पड़ता है. आयुर्वेद के अनुसार, इस समय शरीर में वात और पित्त दोष बिगड़ सकते हैं, जिससे पाचन कमजोर हो जाता है और बीमारियां होने का खतरा बढ़ जाता है. ऐसे में व्रत रखना फायदेमंद होता है. व्रत के दौरान हम हल्का और सात्विक भोजन करते हैं, जैसे फल, कुट्टू, सिंघाड़ा, दही और साबूदाना. ये सभी चीजें पचने में आसान होती हैं. रोजाना तला-भुना और मसालेदार खाना खाने से पाचन तंत्र पर जो दबाव पड़ता है, व्रत के दौरान वह कम हो जाता है. इससे शरीर को आराम मिलता है और वह खुद को ठीक करने लगता है. चैत्र नवरात्रि में उपवास के फायदे आयुर्वेद में पाचन शक्ति, यानी अग्नि, को बहुत महत्वपूर्ण माना गया है. ऐसे में जब हम व्रत रखते हैं, तो यह अग्नि मजबूत होती है. इससे शरीर में जमा गंदगी (टॉक्सिन्स) बाहर निकलने लगती है. यही वजह है कि व्रत के दौरान लोग खुद को हल्का और ज्यादा ऊर्जावान महसूस करते हैं. नवरात्रि का व्रत सिर्फ शरीर के लिए ही नहीं, बल्कि मन के लिए भी अच्छा और जरूरी होता है. इस समय लोग पूजा, ध्यान और संयम रखते हैं, जिससे मन को शांति मिलती है. आज की तेज भागदौड़ वाली जिंदगी में यह एक तरह का मेंटल डिटॉक्स होता है और हमें अंदर से संतुलित करता है. इसके अलावा, नवरात्रि में खाए जाने वाले ज्यादातर भोजन सात्विक होते हैं. ये न सिर्फ हल्के होते हैं बल्कि शरीर को जरूरी पोषण भी देते हैं. इतना ही नहीं ये फूड्स हमारे इम्युनिटी को बढ़ाने में भी मदद करते हैं, जिससे शरीर को मौसमी बीमारियों से बचने में मदद मिलती है. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 18, 2026, 21:27 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.

नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

नर्मदापुरम में सीवरेज काम के दौरान मजदूर की पिटाई:ठेकेदार ने लात और थप्पड़ बरसाए, धक्का देकर गिराया, पीठ पर छपे जख्म के निशान

नर्मदापुरम में मालाखेड़ी रोड स्थित शारदा कॉलोनी में बुधवार को सीवरेज कार्य कर रहे एक मजदूर को दूसरे स्थानीय ठेकेदार ने लात थप्पड़ से मारा। मजदूर को तार फैंसिंग की तरफ भी फेंक दिया। मारपीट की वारदात मोहल्ले में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई। जिसका फुटेज सामने आया। मजदूर ने ठेकेदार पर बेल्ट से मारने और गाड़ी में जबरन बैठाने के लिए खींचने के भी आरोप लगाएं। मामले में मजदूर ने मारपीट करने वाले दो आरोपी ठेकेदार पीयूष पटेल और सत्यम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई। बेहरमी से की मारपीट में युवक के कंधे और पीठ में चोट के निशान छप गए। जानकारी के मुताबिक शहर में मप्र अर्बन डेवलमेंट कंपनी लिमिटेड (एमपीयूडीसी) द्वारा सीवरेज लाइन बिछा रही है। जिसका ठेका भुवन इंफ्रा लिमिटेड है। भुवन इंफ्रा लिमिटेड से पेटी कॉन्टेक्ट पर लेकर ठेकेदार कार्य कर रहे है। जिसमें फरियादी नीरज कुमार चौहान (18) भी चुभ कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार मनोज शर्मा के पास कार्य कर रहा है। बुधवार दोपहर शारदा कॉलोनी में मजदूर नीरज कुमार, पप्पू सिंह और आशीष कुमार सीमेंट-कंक्रीट का काम कर रहे थे। तभी वहां एक सफेद रंग की कार आकर रुकी, जिसमें से पीयूष पटेल और सत्यम उतरे। वे भी सीवर लाइन का छोटा ठेका (सब कॉन्ट्रैक्ट) लेते हैं। मजदूर बोला- गालियां दी लात मारकर गिराया मजदूर ने बताया कि पीयूष पटेल ने आकर कहा कि तेरे ठेकेदार को हमने काम करने से मना किया, फिर तुम काम क्यों कर रहे हो। गालियां देते हुए काम बंद करने का कहते हुए। पीयूष दौड़कर आया और मुझे लात मारने लगा। मेरा हाथ पकड़कर मरोड़ दिया, तभी उसका साथी सत्यम ने मेरे साथ झूमाझटकी कर मुझे तार फेसिंग की तरफ धक्का देकर फेंक दिया। जिससे मुझे पीठ में चोट आई। मेरे साथी पप्पू सिंह, आशीष कुमार ने बीच बचाव किया। तभी मेरे ठेकेदार मनोज शर्मा आ गए तो उन्हें भी पीयूष और सत्यम ने धमकी दी कि आईंदा यहां काम किया तो तुम्हे जान से खत्म दूंगा।

Iran-Israel War Fuels Delhi Price Hike; 1.2 Lakh PNG Connections Amid Gas Shortage

Iran-Israel War Fuels Delhi Price Hike; 1.2 Lakh PNG Connections Amid Gas Shortage

Hindi News Business Iran Israel War Fuels Delhi Price Hike; 1.2 Lakh PNG Connections Amid Gas Shortage नई दिल्ली17 मिनट पहले कॉपी लिंक अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी की वजह से दिल्ली के बाजारों में डाई फ्रूट्स 50% तक महंगे हो गए हैं। पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत भी 47% तक बढ़ गई है। वहीं, गैस की किल्लत के कारण पिछले दो हफ्तों में 1.20 लाख नए PNG कनेक्शन बढ़ें हैं। इसके अलावा, अमेजन जैसे ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म्स पर रेडी-टू-ईट मील और पैक्ड फूड की डिमांड में 15% से ज्यादा बढ़ गई है। 1. LPG की किल्लत: 1.20 लाख लोगों ने नए पाइप गैस कनेक्शन लिए मिडिल-ईस्ट में चल रही जंग के कारण भारत में LPG की किल्लत बनी हुई है। गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। गैस सिलेंडर की कालाबाजारी और जमाखोरी भी हो रही है। खपत में गिरावट: मार्च के पहले 15 दिनों में एलपीजी की खपत 17.7% गिरकर 1.14 मिलियन टन रह गई है। 15,000+ सिलेंडर जब्त : रसोई गैस के संकट को देखते हुए केंद्र सरकार ने लोगों से पैनिक बाइंग (घबराहट में बुकिंग) न करने की अपील की है। वहीं, पिछले दो हफ्तों में रिकॉर्ड 1.20 लाख नए पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) कनेक्शन जोड़े गए हैं। कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने देशभर में अब तक 12 हजार से ज्यादा छापे मारे गए। 15 हजार से अधिक सिलेंडर जब्त किए हैं। होटलों पर मार: सरकार ने होटलों और रेस्टोरेंट्स को कमर्शियल गैस देने की मंजूरी तो दे दी है, लेकिन सप्लाई इतनी कम है कि उनके लिए अपना काम चलाना मुश्किल हो गया है। LPG की किल्लत के कारण देशभर में गैस एजेंसियों के बाहर लम्बी लाइनें हैं। 2. ड्राई फ्रूट्स महंगे: बादाम, पिस्ता और खजूर की सप्लाई रुकी एशिया की सबसे बड़ी थोक मंडी खारी बावली में ड्राई फ्रूट्स और जड़ी-बूटियों की कीमतों में 20% से 50% तक का उछाल आया है। व्यापारियों का कहना है कि काजू को छोड़कर ज्यादातर ड्राई फ्रूट्स मिडल-ईस्ट से आते हैं, जिनकी सप्लाई अभी ठप है। कीमतों का गणित: ईरान से आने वाले पिस्ता, आलूबुखारा, अंजीर और ममरा बादाम के दाम 30-40% बढ़ गए हैं। त्योहारों पर असर: ईद करीब है और बाजार में खजूर की मांग बढ़ गई है, लेकिन स्टॉक सीमित होने से कीमतें बढ़ रही हैं। दवाइयां भी महंगी: खारी बावली के व्यापारियों के मुताबिक, दवाओं में इस्तेमाल होने वाली जड़ी-बूटियों की सप्लाई भी रुक गई है। वहीं, पैरासिटामोल के कच्चे माल की कीमत 47% तक बढ़ गई है। 3. बदला ट्रेंड: रेडी-टू-ईट और पैकेट बंद खाने की डिमांड 15% बढ़ी घरों में कुकिंग गैस की कमी के चलते लोग अब ऐसा खाना पसंद कर रहे हैं, जिसे पकाने में कम समय लगे या जो तुरंत खाया जा सके। ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म अमेजन इंडिया पर इंस्टेंट नूडल्स, पैकेट बंद मील और स्नैक्स जैसे रेडी-टू-ईट या अल्ट्रा प्रोसेस्ड फूड की डिमांड 15% से ज्यादा हो गई है। छोटे शहरों में भी मांग: यह ट्रेंड सिर्फ दिल्ली-मुंबई जैसे मेट्रो शहरों तक सीमित नहीं है, बल्कि सोनीपत और पणजी जैसे टियर-2 शहरों में भी लोग रेडी-टू-ईट फूड ऑर्डर कर रहे हैं। क्विक कॉमर्स: अमेजन नाउ (Amazon Now) जैसे प्लेटफॉर्म पर रेडी-टू-ईट फूड की सेल मंथ-ऑन-मंथ 20% बढ़ी है। स्ट्रीट फूड वेंडर्स पर खतरा: दिल्ली के करीब 50,000 स्ट्रीट फूड वेंडर्स में से 20-30% वेंडर्स गैस की कमी और बढ़ती लागत के कारण बंद होने की कगार पर हैं। क्यों बने ऐसे हालात? ईरान पर अमेरिका और इजराइल ने संयुक्त रूप से 28 फरवरी 2026 को हमला कर दिया था । दोनों देशों ने मिलकर ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों, परमाणु सुविधाओं और नेतृत्व पर सैकड़ों हवाई हमले किए। इन हमलों में ईरान के सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई उच्च अधिकारी मारे गए। अमेरिका ने इसे ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया। इस युद्ध के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव और आपूर्ति बाधित हुई। यहां से भारत का 80-85% LPG आयात होता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा LPG बाहर से आती है। इसी के कारण भारत में LPG किल्लत जैसे हालत बने लेकिन भारत सरकार ने लगातार लोगों से अफवाहों से बचने की अपील की। सरकार ने कहा कि देश में LPG और तेल की कोई कमी नहीं है। नंदा देवी और शिवालिक जहाज LPG लेकर भारत पहुंचे भारत का नंदा देवी जहाज होर्मुज स्ट्रेट को पार करके मंगलवार को गुजरात के वडिनार पोर्ट पहुंचा। इस जहाज में करीब 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई। दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी के चेयरमैन सुशील कुमार सिंह ने कहा कि यह गैस समुद्र में ही एक जहाज से दूसरे जहाज में ट्रांसफर की जाएगी। इससे पहले भारतीय जहाज शिवालिक सोमवार को LPG लेकर ‘मुंद्रा पोर्ट’ पहुंच चुका है। इस जहाज पर करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG है, जो लगभग 32.4 लाख घरेलू गैस सिलेंडरों के बराबर है। भारत पहुंचे नंदा देवी में 46,500 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) लाई गई। रिफाइनरीज को उत्पादन बढ़ाने के आदेश पेट्रोलियम मंत्रालय की जॉइंट सेक्रेटरी सुजाता शर्मा ने कहा, ‘स्थिति चिंताजनक है, लेकिन हम घरेलू उपभोक्ताओं को पहले की तरह सप्लाई देने की कोशिश कर रहे हैं।” सरकार ने घरेलू रिफाइनरीज को निर्देश दिया है कि वे अपना उत्पादन बढ़ाएं और उसे सीधे घरेलू रसोई के लिए रिजर्व रखें। होटलों और रेस्टोरेंट्स जैसे कमर्शियल इस्तेमाल के लिए सप्लाई में कटौती की गई थी, जिसे अब धीरे-धीरे बहाल किया जा रहा है। PNG नेटवर्क तेज करने वाले राज्यों को मिलेगी ज्यादा गैस केंद्र सरकार ने बुधवार को वादा किया कि जो राज्य अपने यहां पाइप नेचुरल गैस (PNG) नेटवर्क बिछाने के काम में तेजी लाएंगे, उन्हें कमर्शियल LPG की सप्लाई में प्राथमिकता दी जाएगी। इसका मकसद रसोई गैस के पारंपरिक सिलेंडरों पर निर्भरता कम करना है, ताकि भविष्य में ऐसे अंतरराष्ट्रीय संकटों का असर सीधे भारतीय किचन पर न पड़े। —————- ये खबर भी पढ़ें… राज्यों को 10% एक्स्ट्रा LPG कोटा मिलेगा: सरकार ने माना- LPG किल्लत जारी; मोदी और पेट्रोलियम मंत्री के बीच 2 घंटे चली बैठक ईरान-इजराइल जंग के बीच भारत में LPG सिलेंडर की किल्लत बनी हुई है। इसी बीच केंद्र सरकार ने बुधवार