Monday, 06 Apr 2026 | 08:38 AM

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Two years ago an inter-caste marriage sparked ruckus in gujarat

Two years ago an inter-caste marriage sparked ruckus in gujarat

थराद1 मिनट पहले कॉपी लिंक गुजरात की थराद तहसील में करीब 2 साल पहले हुई एक इंटर कास्ट मैरिज को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में चौधरी और रबारी समुदाय के लोग आमने सामने हैं। इसी मामले को लेकर बुधवार को थराद में चौधरी समुदाय का महासम्मेलन हुआ। इसमें उत्तर गुजरात और राजस्थान के अंजना चौधरी समुदाय के नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। सम्मेलन के बाद, चौधरी समुदाय के हजारों लोगों की भीड़ अपने समुदाय की बेटी की घर-वापसी की मांग करते हुए ओगड़ के ऊण गांव जा पहुंची। भीड़ ने गांव का घेराव कर गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की। सूचना मिलते ही डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान नेशनल हाईवे भी कुछ देर के लिए जाम हो गया था। हालांकि, अब हालात कंट्रोंल में है। तोड़फोड़ और पुलिस लाठीचार्च की तीन तस्वीरें… पुलिस भीड़ को ऊण गांव में घुसने से रोकने की कोशिश करती हुई। कुछ लोगों ने पथराव कर दिया तो पुलिस को लाठीचाज करना पड़ा। लाठीचार्ज से बचने लोग हाईवे की तरफ भागे। पहले समझिए कि 2 साल पहले हुई शादी का मामला अब कैसे उठा… दरअसल, हाल ही में पाटण की रहने वाली फेमस गुजराती सिंगर किंजल रबारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी लव-मैरीज की जानकारी दी थी। पोस्ट में बताया था कि उन्होंने चौधरी समुदाय के लड़के अशोक चौधरी से लव मैरिज कर ली है। उनकी इस इंटर कास्ट मैरिज की चर्चा होते ही बवाल मच गया था। दोनों समुदाय के नेता आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद किंजल ने वह पोस्ट डिलीट कर दी थी। करीब पांच दिनों बाद किंजल ने दूसरी पोस्ट कर कहा कि उन्होंने अपनी शादी कैंसिल कर दी है। वे घर वापस आ गई हैं और अब अपने ही समुदाय में शादी करेंगी। बस, इसी मामले के बाद दोनों समुदायों का यह साल भर पुराना मामला उठ खड़ा हुआ है। गांव की सड़क पर नेशनल हाईवे पर लगा जाम। अब जानिए, डेढ़ साल पहले हुई लव-मैरिज का मामला थराद तहसील के रूनी गांव की कंकू चौधरी ने करीब दो साल पहले ऊण गांव के महादेव रबारी से लव मैरिज कर ली थी। दोनों का जीवन खुशी-खुशी चल रहा है और उनका एक बेटा भी है। हालांकि, अब चौधरी समुदाय कंकू चौधरी को घर वापसी पर अड़ा है। इसी को लेकर चौधरी समुदाय का महासम्मेलन हुआ था। चौधरी समाज के अध्यक्ष रजनेश चौधरी ने बताया कि यह मामला समाज की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। उन्होंने अगले पांच दिनों में रबारी समाज के नेताओं से बात करने के बाद बेटी को वापस लाने की जिम्मेदारी ली है। यदि बेटी पांच दिनों के भीतर वापस नहीं आती है, तो आगे की रणनीति बाद में तय की जाएगी। फिलहाल युवाओं में आक्रोश है, समाज के नेता उन्हें शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। हंगामे से नेशनल हाईवे पर तीन किमी लंबा जाम लग गया। कंकू ने कहा- मेरा बेटा है, परिवार से अलग न करें… वहीं, कंकू चौधरी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में अपने परिवार से किसी भी प्रकार का मनमुटाव न रखने की अपील की थी। कंकू चौधरी ने रबारी और चौधरी समुदायों के नेताओं से हाथ जोड़कर कहा है कि उन्होंने 31 मार्च, 2024 को अपनी मर्जी से घर छोड़ा और महादेव रबारी से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी। अब उनका एक साल का बेटा भी है। इसलिए उन्हें अपने पति और मासूम बेटे से जुदा न करें। नेताओं को जो भी निर्णय लेना चाहिए, वह इस तरह से लेना चाहिए कि उनका परिवार न टूटे। ————— गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड के बाद गुजरात में UCC की तैयारी:समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट पेश की है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Two years ago an inter-caste marriage sparked ruckus in gujarat

Two years ago an inter-caste marriage sparked ruckus in gujarat

थराद1 घंटे पहले कॉपी लिंक गुजरात की थराद तहसील में करीब 2 साल पहले हुई एक इंटर कास्ट मैरिज को लेकर बवाल मचा हुआ है। इस मामले में चौधरी और रबारी समुदाय के लोग आमने सामने हैं। इसी मामले को लेकर बुधवार को थराद में चौधरी समुदाय का महासम्मेलन हुआ। इसमें उत्तर गुजरात और राजस्थान के अंजना चौधरी समुदाय के नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। सम्मेलन के बाद, चौधरी समुदाय के हजारों लोगों की भीड़ अपने समुदाय की बेटी की घर-वापसी की मांग करते हुए ओगड़ के ऊण गांव जा पहुंची। भीड़ ने गांव का घेराव कर गाड़ियों में जमकर तोड़फोड़ की। सूचना मिलते ही डीएसपी समेत बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया। इस दौरान नेशनल हाईवे भी कुछ देर के लिए जाम हो गया था। हालांकि, अब हालात कंट्रोंल में है। तोड़फोड़ और पुलिस लाठीचार्च की तीन तस्वीरें… पुलिस भीड़ को ऊण गांव में घुसने से रोकने की कोशिश करती हुई। कुछ लोगों ने पथराव कर दिया तो पुलिस को लाठीचाज करना पड़ा। लाठीचार्ज से बचने लोग हाईवे की तरफ भागे। पहले समझिए कि 2 साल पहले हुई शादी का मामला अब कैसे उठा… दरअसल, हाल ही में पाटण की रहने वाली फेमस गुजराती सिंगर किंजल रबारी ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर अपनी लव-मैरीज की जानकारी दी थी। पोस्ट में बताया था कि उन्होंने चौधरी समुदाय के लड़के अशोक चौधरी से लव मैरिज कर ली है। उनकी इस इंटर कास्ट मैरिज की चर्चा होते ही बवाल मच गया था। दोनों समुदाय के नेता आमने-सामने आ गए थे। इसके बाद किंजल ने वह पोस्ट डिलीट कर दी थी। करीब पांच दिनों बाद किंजल ने दूसरी पोस्ट कर कहा कि उन्होंने अपनी शादी कैंसिल कर दी है। वे घर वापस आ गई हैं और अब अपने ही समुदाय में शादी करेंगी। बस, इसी मामले के बाद दोनों समुदायों का यह साल भर पुराना मामला उठ खड़ा हुआ है। गांव की सड़क पर नेशनल हाईवे पर लगा जाम। अब जानिए, डेढ़ साल पहले हुई लव-मैरिज का मामला थराद तहसील के रूनी गांव की कंकू चौधरी ने करीब दो साल पहले ऊण गांव के महादेव रबारी से लव मैरिज कर ली थी। दोनों का जीवन खुशी-खुशी चल रहा है और उनका एक बेटा भी है। हालांकि, अब चौधरी समुदाय कंकू चौधरी को घर वापसी पर अड़ा है। इसी को लेकर चौधरी समुदाय का महासम्मेलन हुआ था। चौधरी समाज के अध्यक्ष रजनेश चौधरी ने बताया कि यह मामला समाज की प्रतिष्ठा से जुड़ा है। उन्होंने अगले पांच दिनों में रबारी समाज के नेताओं से बात करने के बाद बेटी को वापस लाने की जिम्मेदारी ली है। यदि बेटी पांच दिनों के भीतर वापस नहीं आती है, तो आगे की रणनीति बाद में तय की जाएगी। फिलहाल युवाओं में आक्रोश है, समाज के नेता उन्हें शांत करने का प्रयास कर रहे हैं। हंगामे से नेशनल हाईवे पर तीन किमी लंबा जाम लग गया। कंकू ने कहा- मेरा बेटा है, परिवार से अलग न करें… वहीं, कंकू चौधरी ने मंगलवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में अपने परिवार से किसी भी प्रकार का मनमुटाव न रखने की अपील की थी। कंकू चौधरी ने रबारी और चौधरी समुदायों के नेताओं से हाथ जोड़कर कहा है कि उन्होंने 31 मार्च, 2024 को अपनी मर्जी से घर छोड़ा और महादेव रबारी से हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार शादी की थी। अब उनका एक साल का बेटा भी है। इसलिए उन्हें अपने पति और मासूम बेटे से जुदा न करें। नेताओं को जो भी निर्णय लेना चाहिए, वह इस तरह से लेना चाहिए कि उनका परिवार न टूटे। ————— गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड के बाद गुजरात में UCC की तैयारी:समिति ने CM भूपेंद्र पटेल को रिपोर्ट सौंपी उत्तराखंड के बाद अब गुजरात में भी जल्द यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी समान नागरिक संहिता (UCC) लागू हो सकता है। यूसीसी के लिए गठित समिति ने मंगलवार को मुख्यमंत्री को अपनी अंतिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत अध्ययन के बाद इसने अंतिम सिफारिशों सहित अपनी रिपोर्ट पेश की है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

बालों की देखभाल के टिप्स: रूखे और बेजान बालों से आसानी से पाएं बाहर, स्प्लिट एंड्स से छुटकारा पाएं ये असरदार तरीके

बालों की देखभाल के टिप्स: रूखे और बेजान बालों से आसानी से पाएं बाहर, स्प्लिट एंड्स से छुटकारा पाएं ये असरदार तरीके

बालों की देखभाल संबंधी युक्तियाँ: बालों की खूबसूरती बनाए रखना आज के समय में किसी भी चुनौती से कम नहीं है, खासकर जब स्प्लिट एंड्स जैसी समस्या हो जाती है। बाल के बाल जब रूखे होते हैं तो दो मानकों में विभाजित होते हैं, तो इससे न सिर्फ बाल का लुक खराब होता है, बल्कि उनकी लम्बाई पर भी असर पड़ता है। अगर समय रहते इस समस्या पर ध्यान न दिया जाए, तो इससे बालों को और ज्यादा नुकसान हो सकता है। ऐसे में कुछ आसान उपाय अपनाकर इस परेशानी से बचा जा सकता है। स्पट एंड्स से बचने के लिए स्टूडियो स्टूडियो के लिए काफी जरूरी मनी मिलती है। हर 6 से 8 में बालों को दिखाने के लिए दोमुंहे से रुकना पड़ता है और बाल बड़े होकर साफ हो जाते हैं। इससे बालों की बिक्री भी बेहतर होती है और उनका लुक भी ताजा नजर आता है। बालों पर अधिकतर हीट का इस्तेमाल करके उन्हें ख़राब बनाया जा सकता है। स्ट्रेटनर, कर्लर और ब्लो क्रिएटिव का सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला बैल की दवा खत्म हो जाती है, जिससे स्प्लिट एंड्स की समस्या बढ़ जाती है। अगर इन टूल्स का इस्तेमाल जरूरी हो, तो पहले हीट अपॉइंटमेंट और रेट को कम रखें। बाल धोने और धोने का सही तरीका बालों की देखभाल में सही तरीकों से पालने और सुखाना में भी अहम भूमिका है। बालों को धोते समय ज्यादा राँचे से हिलाया जाता है और सुखाते समय मुलायम तौलिये का उपयोग किया जाता है। इसके अलावा बालों में कील डालने से परहेज करना चाहिए, क्योंकि इससे बाल ज्यादा खराब हो जाते हैं और बर्बाद हो जाते हैं। बालों को अंदर से मजबूत बनाने के लिए बालों की ऑयलिंग और कंडीशनिंग जरूरी है। नारियल या बादाम तेल से मालिश करने से बालों को आवश्यक पोषण मिलता है। वहीं शैंपू के बाद नाइके का इस्तेमाल करने से बाल उगाए जाते हैं और प्रयोगात्मक बनाए जाते हैं। (टैग्सटूट्रांसलेट)दोमुंहे बालों का इलाज(टी)बालों की देखभाल के टिप्स(टी)स्वस्थ बालों की दिनचर्या(टी)बालों के नुकसान को रोकें(टी)बाल ट्रिमिंग के लाभ(टी)हीट स्टाइलिंग क्षति(टी)बालों में तेल लगाने के टिप्स(टी)कंडीशनर के लाभ(टी)सूखे बालों का समाधान(टी)बालों के विकास की देखभाल

अजवाइन खाकर ठीक कर रहे हैं पेट? बस ये 1 गलती कर दी तो उल्टा बिगड़ जाएगा पाचन!

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Last Updated:March 18, 2026, 18:37 IST पेट की दिक्कतों में अजवाइन को सबसे आसान घरेलू उपाय माना जाता है, लेकिन हर तरीका सही नहीं होता. अगर आप इसे गलत समय या गलत तरीके से लेते हैं, तो पाचन और बिगड़ सकता है. सही तरीका अपनाकर ही अजवाइन से गैस, अपच और पेट फूलने जैसी समस्याओं से राहत पाई जा सकती है. ख़बरें फटाफट पेट की दिक्कतों में अजवाइन का सही सेवन. गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण आज के समय में पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं. अनियमित लाइफस्टाइल, जंक फूड का ज्यादा सेवन और समय पर भोजन न करने की आदतें पाचन तंत्र को कमजोर बना देती हैं. इसका असर यह होता है कि व्यक्ति को भूख कम लगती है, खाना खाने के बाद पेट भारी और फूला हुआ महसूस होता है और धीरे-धीरे गैस, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याएं बढ़ने लगती हैं. शुरुआत में लोग इन लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन यही छोटी समस्याएं आगे चलकर बड़ी परेशानी का कारण बन सकती हैं. पाचन से जुड़ी समस्याओं से राहत पाने के लिए अजवाइन एक बेहद असरदार घरेलू उपाय माना जाता है. इसमें थाइमोल नाम का सक्रिय तत्व पाया जाता है, जो पाचन एंजाइम्स को सक्रिय करता है और गैस, अपच व पेट दर्द जैसी समस्याओं को कम करता है. इसकी तासीर गर्म होती है, जिससे सर्दी-खांसी में भी राहत मिलती है. हालांकि, इसके पूरे फायदे तभी मिलते हैं जब इसे सही तरीके और सही मात्रा में लिया जाए, वरना यह नुकसान भी पहुंचा सकती है. अजवाइन खाने का सही तरीकाअक्सर लोग अजवाइन को कच्चा खा लेते हैं या किसी भी समय इसका सेवन कर लेते हैं, जो सही नहीं है. विशेषज्ञों के अनुसार, अजवाइन को खाने से पहले हल्का भून लेना चाहिए. इसे इतना भूनें कि रंग न बदले, लेकिन हल्की खुशबू आने लगे. इससे इसके गुण और भी प्रभावी हो जाते हैं. इसके बाद आधे चम्मच से कम मात्रा में ही इसका सेवन करना चाहिए, क्योंकि अधिक मात्रा पेट में जलन पैदा कर सकती है. गुनगुने पानी के साथ सेवन के फायदेअजवाइन का सेवन हमेशा गुनगुने पानी के साथ करना ज्यादा लाभकारी होता है. गुनगुना पानी इसके गुणों को तेजी से शरीर में पहुंचाने में मदद करता है और पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है. इससे जठराग्नि तेज होती है, खाना जल्दी पचता है और भूख सही समय पर लगती है. साथ ही, यह पेट में बनने वाली गैस को कम करके भारीपन से राहत देता है. सेवन का सही समय और जरूरी सावधानियांअजवाइन कब लेना चाहिए, यह जानना भी बेहद जरूरी है. बहुत से लोग इसे सुबह खाली पेट लेते हैं, लेकिन यह तरीका हर किसी के लिए सही नहीं होता. विशेषज्ञों के अनुसार, इसे हमेशा भोजन के करीब 30 मिनट बाद गुनगुने पानी के साथ लेना चाहिए. ध्यान रखें कि अजवाइन का सेवन रोजाना बिना जरूरत के न करें. इसकी गर्म तासीर के कारण यह पेट में जलन बढ़ा सकती है, इसलिए गैस या पेट फूलने की समस्या होने पर ही इसका सेवन करना सबसे बेहतर होता है. About the Author Vividha Singh विविधा सिंह न्यूज18 हिंदी (NEWS18) में पत्रकार हैं. इन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता में बैचलर और मास्टर्स की डिग्री हासिल की है. पत्रकारिता के क्षेत्र में ये 3 वर्षों से काम कर रही हैं. फिलहाल न्यूज18…और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 18, 2026, 18:37 IST

Supreme Court Summons Mamata Over I-PAC Raid Entry

Supreme Court Summons Mamata Over I-PAC Raid Entry

नई दिल्ली2 घंटे पहले कॉपी लिंक सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को I-PAC के ऑफिस में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की रेड के दौरान पश्चिम बंगाल की सीएम के अचानक पहुंचने पर सवाल उठाए। सुप्रीम कोर्ट ने कहा- आपने वहां पहुंचकर ठीक नहीं किया। ऐसे असामान्य हालात में केंद्रीय एजेंसी को क्या करना चाहिए। अगर कल कोई और मुख्यमंत्री भी ऐसी छापेमारी में घुस जाए तो क्या ED के पास कोई समाधान नहीं होगा। ED ने सुप्रीम कोर्ट में ममता के I-PAC के कार्यालय और प्रतीक जैन के घर और कार्यालय से लैपटॉप, फोन और कई दस्तावेज ले जाने को सत्ता का गंभीर दुरुपयोग बताया है। एजेंसी ने मुख्यमंत्री और उनके साथ आए अधिकारियों के खिलाफ पुलिस केस दर्ज करने की मांग भी की है। तस्वीर 8 जनवरी, 2026 की है, जब बंगाल CM ममता ने कोलकाता में ED की छापेमारी के बीच मीडिया को संबोधित किया था। अब पूरे मामले को समझिए 8 जनवरी को ED की टीम ने प्रतीक जैन के कोलकाता के गुलाउडन स्ट्रीट स्थित घर और दूसरी टीम सॉल्टलेक स्थित दफ्तर पर छापा मारा था। प्रतीक जैन ही ममता बनर्जी के लिए पॉलिटिकल स्ट्रैटजी तैयार करते हैं। कार्रवाई सुबह 6 बजे से शुरू हुई थी, लेकिन करीब 11:30 बजे के बाद मामला बढ़ा। सबसे पहले कोलकाता पुलिस कमिश्नर, प्रतीक के आवास पर पहुंचे। कुछ समय बाद सीएम ममता बनर्जी खुद लाउडन स्ट्रीट स्थित उनके घर पहुंच गईं। ममता वहां कुछ देर रुकीं। जब बाहर निकलीं, तो उनके हाथ में एक हरी फाइल दिखाई दी। इसके बाद वे I-PAC के ऑफिस भी गईं। उन्होंने कहा- गृहमंत्री मेरी पार्टी के दस्तावेज उठवा रहे हैं। ED ने कहा कि पश्चिम बंगाल में 6 और दिल्ली में 4 ठिकानों पर छापेमारी की गई। ममता 8 जनवरी की दोपहर 12 बजे I-PAC के डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर पहुंची थीं। कोर्ट रूम LIVE… राज्य सरकार: इस मामले में संवैधानिक ढांचे से जुड़े मूलभूत सवाल हैं, इसलिए दो जजों की बेंच इसे तय नहीं कर सकती। राज्य सरकार: ‘किसी केंद्रीय सरकारी विभाग को राज्य सरकार के खिलाफ याचिका दायर करने की अनुमति देना संघीय ढांचे के लिए खतरनाक होगा। उन्होंने कहा कि CBI, NCB, DRI और SFIO जैसी जांच एजेंसियों को भी स्वतंत्र रूप से मुकदमा दायर करने का वैधानिक अधिकार नहीं है। इसी तरह, राज्य स्तर की एजेंसियां CID, विजिलेंस आयोग और एंटी-करप्शन ब्यूरो के पास भी ऐसे अधिकार नहीं होते। जस्टिस मिश्रा: अगर कोई असामान्य स्थिति पैदा होती है, जैसे कोई मुख्यमंत्री केंद्रीय एजेंसी के काम में बाधा डालता है, तो क्या होगा। अगर अनुच्छेद 226 और 32 के तहत भी याचिका स्वीकार्य नहीं है, तो फिर फैसला कौन करेगा? कोई न कोई रास्ता होना चाहिए, ऐसा शून्य नहीं होना चाहिए। राज्य सरकार: संविधान में उपाय मौजूद हैं और केंद्र सरकार उचित प्रक्रिया के तहत कार्रवाई कर सकती है, बजाय इसके कि कोई विभाग खुद स्वतंत्र रूप से याचिका दायर करे। अलग-अलग विभागों को सीधे याचिका दायर करने की अनुमति देने से संघीय ढांचे को नुकसान पहुंच सकता है। सरकारों के बीच अनियंत्रित मुकदमेबाजी बढ़ सकती है। I-PAC रेड मामला : 2,742 करोड़ का मनी लॉन्ड्रिंग केस I-PAC यानी इंडियन पॉलिटिकल एक्शन कमेटी एक पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है। यह राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है। कंपनी और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन पर करोड़ों रुपए के कोयला चोरी घोटाले में मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है। CBI ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को FIR दर्ज की थी। पूरा मामला ₹2,742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़ा है। आरोप है कि ₹20 करोड़ हवाला के जरिए I-PAC तक ट्रांसफर हुए। ED ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी। 8 जनवरी 2026 को ED ने कोलकाता में I-PAC और उसके डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था। ED के अफसरों ने प्रतीक के घर और ऑफिस से कई डॉक्यूमेंट्स जब्त किए। रेड के दौरान फाइलें लेकर चली गईं थी CM ममता सर्च ऑपरेशन के दौरान, CM ममता बनर्जी अन्य TMC नेताओं के साथ I-PAC ऑफिस पहुंचीं। इसके बाद काफी हंगामा हुआ। ममता ऑफिस से कई फाइलें लेकर बाहर निकलीं और मीडिया से बात की। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय एजेंसी पर हद से ज्यादा दखलंदाजी का आरोप लगाया। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया है कि I-PAC पार्टी के चुनाव रणनीतिकार के रूप में काम करता है और विधानसभा चुनाव से ठीक पहले ED ने गोपनीय चुनाव रणनीति से जुड़ी जानकारी हासिल करने के लिए रेड डाली। पश्चिम बंगाल में कुछ ही महीनों में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। TMC ने ED की कार्रवाई में बाधा डालने के आरोप का खंडन किया। वहीं पश्चिम बंगाल पुलिस ने ED अधिकारियों के खिलाफ FIR भी दर्ज की। —————————————- ये खबर भी पढ़ें… जहां चुनाव, वहां ED ने फाइलें खोलीं, बंगाल से पहले 3 राज्यों महाराष्ट्र-दिल्ली-झारखंड में यही पैटर्न पश्चिम बंगाल में चुनाव से पहले प्रवर्तन निदेशालय (ED) की बढ़ती सक्रियता को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। ED का काम आर्थिक अपराधों की जांच करना, काले धन और मनी लॉन्ड्रिंग पर रोक लगाना है, लेकिन कई बार उसकी कार्रवाई की टाइमिंग सवालों के घेरे में आ जाती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

कटनी में रसोई गैस के लिए लंबी-लंबी कतारें:उपभोक्ता सुबह 5 बजे से लग रहे लाइन में, बोले- कलेक्टर को क्या मालूम

कटनी में रसोई गैस के लिए लंबी-लंबी कतारें:उपभोक्ता सुबह 5 बजे से लग रहे लाइन में, बोले- कलेक्टर को क्या मालूम

कटनी शहर में रसोई गैस सिलेंडरों की किल्लत जारी है, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। जिला प्रशासन द्वारा निर्बाध आपूर्ति के दावों के बावजूद, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। लोगों को एक सिलेंडर पाने के लिए घंटों लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ रहा है। बुधवार को माधव नगर थाना क्षेत्र के समदड़िया सिटी स्थित कटनी गैस एजेंसी पर अव्यवस्था का आलम देखा गया। यहां बड़ी संख्या में घरेलू उपभोक्ता अपने खाली सिलेंडर लेकर लंबी लाइनों में खड़े थे। कतार में लगे उपभोक्ता सुरेश पिपलानी ने बताया कि कलेक्टर अपने चैंबर में बैठकर सिलेंडर की भरपूर उपलब्धता का संदेश जारी कर रहे हैं, जबकि हकीकत यह है कि उन्हें गैस के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। तीन दिन से काट रहे चक्कर उपभोक्ताओं की परेशानी केवल घंटों तक सीमित नहीं है, बल्कि वे पिछले कई दिनों से जूझ रहे हैं। केंद्र पर मौजूद लोगों ने बताया कि वे बीते तीन दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन हर बार उन्हें खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। बुधवार को भी लगभग सौ से अधिक लोग सुबह 5 बजे से ही कतार में लग गए थे, लेकिन 5 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी कई लोगों को सिलेंडर नहीं मिल सका। हर एजेंसी का यही हाल गैस की किल्लत का यह संकट केवल एक एजेंसी तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, शहर की अन्य प्रमुख एजेंसियों जैसे गुप्ता गैस एजेंसी और पुरुषोत्तम गैस एजेंसी के साथ-साथ अन्य गोदामों के बाहर भी कमोबेश यही स्थिति बनी हुई है। हर जगह उपभोक्ताओं को अपनी बारी का इंतजार करने के लिए घंटों खड़े रहना पड़ रहा है।

आयरलैंड में सेंट पैट्रिक्स डे की धूम:हरे रंग में रंगी राजधानी डबलिन, 5 लाख पर्यटक पहुंचे

आयरलैंड में सेंट पैट्रिक्स डे की धूम:हरे रंग में रंगी राजधानी डबलिन, 5 लाख पर्यटक पहुंचे

आयरलैंड के सबसे बड़े नेशनल फेस्टिवल ‘सेंट पैट्रिक्स डे’ के मौके पर राजधानी डबलिन में चार दिनों से जश्न का माहौल है। इस महोत्सव में दुनियाभर से करीब 5 लाख से ज्यादा लोग शामिल हुए। उत्सव का मुख्य आकर्षण 17 मार्च को निकाली गई नेशनल परेड रही। इस दौरान सड़कों पर अंतरराष्ट्रीय मार्चिंग बैंड, डांसर और रंग-बिरंगी झांकियां नजर आईं। पूरा शहर हरे रंग में रंगा दिखा इस सेंट पैट्रिक दिवस पर डबलिन में जिधर भी देखो हरा रंग ही दिखाई दे रहा था और दुनिया भर के विभिन्न लहजे सुनाई दे रहे थे। उत्सव का माहौल पूरे जोश में था और आयरलैंड के राष्ट्रपति माइकल डी हिगिंस के सामने एक विशाल परेड निकाली गई। आयरलैंड की राजधानी में आए वैश्विक आगंतुकों ने हरे रंग के विभिन्न रंगों के परिधान पहने हुए थे, और आयरिश पारंपरिक संगीत, स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय मार्चिंग बैंड और सड़कों पर लगातार चलने वाले मनोरंजन की धुनें सुनाई दे रही थीं। डबलिन समेत कई इलाकों में भी सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। यह उत्सव आयरलैंड के संरक्षक संत ‘सेंट पैट्रिक’ की पुण्यतिथि पर आयोजित होता है, जिन्होंने 5वीं सदी में यहां ईसाई धर्म का प्रचार किया था। साल 1631 में चर्च से धार्मिक मान्यता मिलने के बाद अब यह एक वैश्विक सांस्कृतिक महोत्सव बन चुका है। पहली बार परेड 1931 में हुआ था।

सुंदरता के चक्कर में न करें त्वचा से खिलवाड़, क्या कह रहे एक्सपर्ट? जानिए जरूरी सलाह

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Last Updated:March 18, 2026, 18:04 IST Waxing Side Effects: शरीर के बाल केवल सौंदर्य के लिए नहीं हैं, बल्कि पसीने को संतुलित रखने और पानी के अत्यधिक नुकसान को रोकने जैसी महत्वपूर्ण भूमिकाएं निभाते हैं, लेकिन आजकल वैक्सिंग के माध्यम से लोग इन बालों को हटाने लगे हैं, खासकर महिलाएं. अगर वैक्सिंग सही तरीके से न की जाए, तो त्वचा पर एलर्जी, जलन, लालिमा और संक्रमण जैसी समस्याएं हो सकती हैं. Waxing Side Effects: मनुष्य के शरीर पर बालों कि अहम भूमिका होती हैं, बाल हमेशा पसीने को संतुलित रखता हैं और अधिक पानी निकलने को कम करता है, लेकिन आज कल लोग वैक्सिंग के माध्यम से बालों को हटाते हैं. खासकर महिलाएं इसका इस्तेमाल ज्यादा करने लगी हैं. लेकिन क्या आपको पता है वैक्सिंग कराने से त्वचा पर इसका असर हो सकता है और एलर्जी जैसे संक्रमण बीमारी फैल सकती हैं. ऐसे में विशेषज्ञों के मुताबिक अगर आप ठीक तरीके से वैक्स नहीं करा रहे हैं और सावधानी नहीं बरत रहे हैं तो आपको नुकसान हो सकता है, देखिए ये रिपोर्ट… वैक्सिंग से हो सकते हैं साइड इफेक्ट विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र गुप्ता के अनुसार शरीर के अनचाहे बालों को हटाने के लिए वैक्सिंग का इस्तेमाल किया जाता है. लेकिन इसके कुछ साइड इफेक्ट भी हो सकते हैं, अगर वैक्सिंग को सही तरीके से नहीं किया जाए. तो त्वचा पर एलर्जी, जलन और लालिमा जैसी समस्याएं हो सकती हैं. कई बार बालों की जड़ों में संक्रमण भी हो जाता है जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है. डायबिटीज मरीजों को रखनी चाहिए खास सावधानी डॉक्टरों का कहना है कि शुगर डायबिटीज से पीड़ित लोगों को वैक्सिंग कराने से पहले विशेष ध्यान रखना चाहिए. ऐसे मरीजों में त्वचा की हीलिंग प्रक्रिया धीमी होती है, इसलिए वैक्सिंग के बाद अगर सूजन या संक्रमण हो जाए तो उसे ठीक होने में अधिक समय लग सकता है और समस्या गंभीर भी हो सकती है. शरीर के बाल भी निभाते हैं महत्वपूर्ण भूमिकाडॉ. गुप्ता बताते हैं कि शरीर के बाल केवल सौंदर्य से जुड़े नहीं हैं, बल्कि उनकी अपनी एक महत्वपूर्ण भूमिका होती है. ये पसीने की प्रक्रिया को संतुलित रखते हैं और शरीर से पानी के अत्यधिक निकलने को कम करने में मदद करते हैं. इसके अलावा बाल शरीर को ठंडक प्रदान करने में भी सहायक होते हैं. प्राकृतिक सुरक्षा कवच की तरह काम करते हैं बालविशेषज्ञों के अनुसार, शरीर के बाल एक तरह से प्राकृतिक सुरक्षा तंत्र का काम करते हैं. खासकर ठंडे क्षेत्रों में रहने वाले लोगों और जानवरों में बाल अधिक और घने होते हैं, जो शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं और बाहरी वातावरण से सुरक्षा प्रदान करते हैं. About the Author Deepti Sharma Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें Location : Surguja,Chhattisgarh First Published : March 18, 2026, 18:04 IST

Indore Fire Brigade Response Time Under Scrutiny in Fatal Accident

Indore Fire Brigade Response Time Under Scrutiny in Fatal Accident

इंदौर के बंगाली चौराहे के पास ग्रेटर बृजेश्वरी कॉलोनी में बुधवार की सुबह एक मकान में आग लग गई। हादसे में रबर कारोबारी मनोज पुगलिया और उनकी गर्भवती बहू सहित 8 लोगों की इस हादसे में जान चली गई। लेकिन इस मलबे के नीचे कई सवाल दबे हुए हैं। सबसे बड़ा सवाल- . प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि फायर ब्रिगेड सूचना देने के करीब एक घंटे बाद पहुंची। नजदीकी फायर स्टेशन घटनास्थल से सिर्फ 5 किलोमीटर दूर है। ऐसे में महज इतनी दूरी तय करने में एक घंटे का समय लगना कई सवाल खड़े कर रहा है। दूसरी ओर फायर स्टेशन के जिम्मेदार लोगों का कहना है कि पहली सूचना सुबह 4 बजकर 1 मिनट पर मिली और अगले ही मिनट दमकल को घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया। 17 मिनट में टीम मौके पर पहुंच गई। इन दोनों दावों के बीच सच्चाई क्या है? क्या ये 8 जिंदगियां बचाई जा सकती थीं, क्या फायर ब्रिगेड की लापरवाही से आग समय पर काबू नहीं हो सका? इन सवालों की पड़ताल भास्कर ने ग्राउंड जीरो पर की। इस रिपोर्ट में पढ़िए इस काली रात की पूरी कहानी तड़के 3:30 बजे : जब चार्जिंग पॉइंट बना ‘यमराज’ हादसे के चश्मदीद और पड़ोसी अभिषेक ने बताया कि वह करीब सवा तीन बजे उठे थे। उस समय कार चार्जिंग पर लगी हुई थी और उसके बोनट से हल्का धुआं निकलना शुरू हुआ। पहले लगा कि यह मामूली धुआं है, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग तेजी से फैलने लगी। उन्होंने तुरंत आसपास के लोगों को जगाया। करीब 15 मिनट में लोग इकट्ठा हो गए और फायर ब्रिगेड को फोन किया गया, लेकिन तुरंत कोई रिस्पॉन्स नहीं मिला। अगर समय पर दमकल पहुंच जाती, तो आग नीचे ही सीमित रह सकती थी। आग धीरे-धीरे ऊपर बढ़ी और करीब एक घंटे में दूसरी मंजिल तक पहुंच गई। पक्ष-1 : रहवासियों का आरोप- देरी ने ली जान रहवासियों और पार्षद राजीव जैन का कहना है कि सूचना देने के करीब एक घंटे बाद फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची। प्रत्यक्षदर्शी अभिषेक ने कहा, अगर गाड़ी समय पर आ जाती तो आग केवल ग्राउंड फ्लोर तक रहती। एक घंटे के इंतजार में आग सेकंड फ्लोर तक पहुंच गई और वहां सो रहे लोग अंदर ही फंस गए। पक्ष-2 : फायर कंट्रोल रूम का लॉगबुक- समय पर पहुंचे दैनिक भास्कर की टीम ने किला मैदान स्थित फायर कंट्रोल रूम जाकर पड़ताल की, जहां ड्यूटी पर मौजूद मुकेश पाटीदार ने लॉग बुक दिखाते हुए बताया कि पहला कॉल सुबह 4:01 बजे आया था। 4:02 बजे गांधी हॉल स्टेशन को सूचना दी गई, वहां से गाड़ी रवाना हुई और 4:19 बजे घटनास्थल पर पहुंच गई। यानी फायर ब्रिगेड का दावा है कि उनका रिस्पॉन्स टाइम मात्र 17 मिनट था। फायर कंट्रोल रूम को पहली सूचना देने वाले कलश जैन का नाम कंट्रोल रूम के लॉग बुक में दर्ज है। उन्होंने भास्कर को फोन पर बताया कि उन्होंने 3 बजकर 55 मिनट पर कॉल किया था। यानी लॉग बुक में इंट्री के टाइम से 6 मिनट पहले। उन्होंने ये भी कहा कि पहली गाड़ी जो आग बुझाने आई वो कम से कम कॉल लगाने के आधे घंटे बाद ही आई थी। गलियों का चक्रव्यूह और ‘डिजिटल लॉक’ की त्रासदी जांच में यह भी सामने आया कि केवल सिस्टम की सुस्ती ही नहीं, बल्कि शहर का इंफ्रास्ट्रक्चर भी इस हादसे के लिए जिम्मेदार है। तंग गलियां : फायर ब्रिगेड की गाड़ियां ग्रेटर बृजेश्वरी की संकरी गलियों में फंस गईं। पीछे के रास्ते से पहुंचने की कोशिश की गई, लेकिन वहां भी वाहन फंस गया और उसे रिवर्स करने में कीमती समय बर्बाद हुआ। डिजिटल लॉक और जाली : आग लगने के बाद घर की बिजली गुल हो गई, जिससे ऑटोमैटिक डिजिटल लॉक जाम हो गए। लोग अंदर से दरवाजा नहीं खोल सके और बाहर से खिड़कियों पर लगी लोहे की जालियों ने बचाव के रास्ते बंद कर दिए। आग लगने के बाद अफरा-तफरी मच गई। 5 किमी की दूरी और ‘गोल्डन ऑवर’ गांधी हॉल फायर स्टेशन से घटनास्थल की दूरी लगभग 5 किलोमीटर है। फायर ब्रिगेड का दावा है कि यह दूरी 17 मिनट में तय की गई, लेकिन प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि उन्होंने 3:30 बजे से ही फोन करना शुरू कर दिया था। ऐसे में सवाल उठता है कि क्या कंट्रोल रूम को सूचना देरी से मिली या कॉल रिसीव करने में ही देर हुई? यह अब भी जांच का विषय है। कई सवाल अभी बाकी हैं… माना जा रहा है कि घर के अंदर गैस सिलेंडर फटने के बाद आग की तीव्रता कई गुना बढ़ गई। ऐसे में 15-20 मिनट की देरी भी घातक साबित हो सकती है। 8 लोगों की मौत ने इंदौर के सुरक्षा मानकों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब बड़ा सवाल यही है-अगर फायर ब्रिगेड का दावा सही है, तो मोहल्ले के लोग झूठ क्यों बोलेंगे? और अगर रहवासी सही हैं, तो कंट्रोल रूम की लॉग बुक में दर्ज समय किसका है? इन सबके बीच किशनगंज से आए वे 6 रिश्तेदार, जो खुशियां मनाने आए थे, आज कफन में लिपटे हैं। सिमरन, जो अपने आने वाले बच्चे के सपने देख रही थी, वह इस ‘डिजिटल पिंजरे’ से बाहर नहीं निकल सकी। हादसे से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… इंदौर में EV चार्जिंग के दौरान घर जला, 8 मौतें:4 घायल; सिलेंडरों में भी ब्लास्ट, डिजिटल लॉक नहीं खुले, लोग अंदर फंसे रह गए 4 फैक्टर, जो बने 8 लोगों की मौत की वजह:ई-कार की चार्जिंग में शॉर्ट सर्किट, डिजिटल लॉक, घर में रखा केमिकल और 15 कमर्शियल सिलेंडर 12 PHOTOS में देखिए इंदौर ईवी हादसा:तिमंजिला मकान में गर्भवती बहू समेत 8 लोगों की मौत; शॉर्ट सर्किट के साथ सिलेंडर भी फटे

Devgn Cineplex Thane Launch | Ajay Devgns Luxury Multiplex Opens

Devgn Cineplex Thane Launch | Ajay Devgns Luxury Multiplex Opens

23 मिनट पहले कॉपी लिंक बॉलीवुड एक्टर अजय देवगन की मल्टीप्लेक्स चेन ‘देवगन सिनेक्स’ ने ठाणे के घोड़बंदर रोड पर अपना नया सिनेमाघर लॉन्च किया है। हीरानंदानी एस्टेट के द वॉक में स्थित इस मल्टीप्लेक्स में 5 लग्जरी स्क्रीन और 953 दर्शकों के बैठने की क्षमता है। यह थिएटर कल यानी 19 मार्च को इस सीजन की सबसे बड़ी फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ की रिलीज के साथ आम जनता के लिए खुल जाएगा। भारत में पहली बार ‘बटकिकर’ मोशन सीट्स इस मल्टीप्लेक्स की सबसे बड़ी खासियत यहां की टेक्नोलॉजी है। देश में पहली बार किसी थिएटर में ‘बटकिकर’ मोशन सीट्स लगाई गई हैं। यह तकनीक पर्दे पर चल रहे एक्शन के हिसाब से सीट में वाइब्रेशन (कंपन) पैदा करती है। इससे दर्शकों को ऐसा महसूस होगा जैसे वे खुद फिल्म के एक्शन का हिस्सा हैं। इसके अलावा, यहां ‘अमोर’ नाम का एक खास ऑडिटोरियम भी है, जिसमें सभी सीटें लग्जरी रिक्लाइनर हैं। अजय देवगन बोले- यह फिल्म देखने का अनुभव बदलेगा अपने इस नए प्रोजेक्ट के बारे में अजय देवगन ने कहा, “मेरे लिए सिनेमा हमेशा से बड़े पर्दे पर कहानी को खुलते हुए देखने का अनुभव रहा है। देवगन सिनेक्स के जरिए हमारा लक्ष्य एक ऐसा थिएटर अनुभव देना है, जहां बेहतरीन टेक्नोलॉजी और आराम मिलकर फिल्म देखने के तरीके को और बेहतर बना सकें।” 19 शहरों में फैला है ‘देवगन सिनेक्स’ का नेटवर्क अजय देवगन ने अपनी इस सिनेमा चेन की शुरुआत ‘NY सिनेमाज’ के नाम से की थी, जिसे अब ‘देवगन सिनेक्स’ के रूप में नई पहचान दी गई है। फिलहाल यह ब्रांड देश के 19 शहरों में 57 स्क्रीन ऑपरेट कर रहा है। इसमें मुंबई, गुरुग्राम, अहमदाबाद, गांधीनगर, गुवाहाटी, गाजियाबाद और कानपुर जैसे बड़े शहर शामिल हैं। ठाणे का यह नया सिनेमाघर इस चेन का लेटेस्ट और सबसे एडवांस वर्जन है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔