‘बीजेपी में अब कोई एंट्री नहीं’: इस बार दलबदलुओं के लिए डोर बंदा, बंगाल की भविष्यवाणी में नया सस्पेंस

पश्चिम बंगाल की राजनीति 2026 विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उद्देश्य सामने आया है। पार्टी कांग्रेस (टीएमसी) ने अपनी उम्मीदवार सूची में 74 स्टैनलिस्ट के टिकटें संगठन में हलचल पैदा कर दी है। इस फैसले के बाद जहां पार्टी के अंदर असंतोष की खबरें सामने आ रही हैं, वहीं बीजेपी ने इस मुद्दे पर अपनी रणनीति साफ कर दी है ‘अब नो एंट्री’. डीगपुर सदर सीट से बीजेपी प्रत्याशी दिलीप घोष ने टीएमसी के इस फैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा, “टीएमसी के विधायक और मंत्री ने इतनी ज्यादा कट मनी खा ली है कि वे इसके आदी हो गए हैं। उन्हें इतनी सलाह दी गई है कि जब टिकट कटेगा तो वे हो जाएंगे। 74 खच्चर के टिकट कट गए, हर कोई नाराज है और बाकी लोग बीजेपी से संपर्क कर रहे हैं।” उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब बंगाल की राजनीति में टिकट वितरण को लेकर असंतोष और दलबदल की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिकों का मानना है कि इतनी बड़ी संख्या में टिकट टीएमसी की नीतिगत रणनीति का हिस्सा हो सकते हैं, जिसका मकसद सत्ता-विरोधी सरकार को कम करना और नए लोकतंत्र को मौका देना है। #घड़ी | खड़गपुर, पश्चिम मेदिनीपुर: 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनावों के लिए टीएमसी ने अपनी आधिकारिक उम्मीदवार सूची से 74 मौजूदा विधायकों को हटाने पर, खड़गपुर सदर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार दिलीप घोष का कहना है, “टीएमसी, उनके विधायकों और उनके मंत्री ने खा लिया है… pic.twitter.com/DYNnRDzPvd – एएनआई (@ANI) 19 मार्च 2026 बीजेपी का ‘नो एंट्री’ संदेशदिलीप घोष ने भाजपा की नई रणनीति को लेकर भी स्पष्ट संकेत दिए। उन्होंने कहा, “पिछली बार आम गलती हुई, हमने शायद हरियाणवी लोगों को टिकटें दे दी थीं और हमें नुकसान पहुंचाया था। इस बार बीजेपी किसी को भी प्रवेश नहीं दे रही है।” इस बयान में बीजेपी के लिए बेहतर ‘फ़िल्टर मैकेनिज़्म’ को स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। 2021 के चुनाव में डेमो न कर पाने के बाद पार्टी अब उम्मीदवार चयन में सबसे ज्यादा नजर आ रही है। का फोकस अब ऐसे मजबूत पर है जो भाजपा के रूप में मजबूत हो और ज़मीनी स्तर पर काम कर सके। टीएमसी में असंतुलन और अनुपातइसी तरह की पार्टी ने अपने 209 जिलों में से 135 को बंधक बनाकर 74 के टिकट काट दिए, जबकि 15 नेताओं की ओर से रुख बदल दिया गया। सूची में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिनमें पार्थ चटर्जी (बेहाला पश्चिम), विवेक गुप्ता (जोरासांको), परेश पाल (बेहाला), असित मजूमदार (चिनसुरा), अभिनेता चिरंजीत (बारासात), कंचन आमिर (उत्तरपाड़ा), क्राउनमणि अधिकारी (राणा घाट दक्षिण) और जीवन कृष्ण साहा (बर्धमान) जैसे नेता शामिल हैं। इसके अलावा चार मंत्री ताजमुल हुसैन, बिप्लब रॉय चौधरी, ज्योत्सना मंडी और मनोज तिवारी भी उम्मीदवार सूची में जगह नहीं बना सके, जिससे पार्टी के बड़े स्तर पर राजनीतिक पुनर्संरचना के संकेत मिले हैं। 74 लेबल के टिकट कटने के बाद टीएमसी में असंतोष बढ़ने की आशंका को नकारा नहीं जा सका। बंगाल की राजनीति में टिकटों का वितरण हमेशा से ही होता रहा है और कई बार यह दलबदल का कारण भी बना है। बीजेपी का दावा है कि कई समर्थक नेता अपने संपर्क साध रहे हैं, लेकिन पार्टी के दिग्गज नेता ‘नो एंट्री’ की नीति अपनाकर अपने निर्देशन का संदेश देना चाहते हैं। यह रणनीति भाजपा को दलबदल की राजनीति से दूर ‘संगठन आधारित चुनाव’ की ओर ले जाने की कोशिश है। ये भी पढ़ें अमेरिकी नेताओं को ईरान में कैसे बनाया जाएगा? विदेश मंत्री मार्को रुबियो और पीट हेगसेथ के घर के ऊपर सूर्योदय देखा गया
Price Band ₹201-212, Listing April 2; Raises ₹440 Cr

Hindi News Business Aeroplane Rice Co. IPO: Price Band ₹201 212, Listing April 2; Raises ₹440 Cr मुंबई4 घंटे पहले कॉपी लिंक एयरोप्लेन ब्रांड से बासमती चावल बेचने वाली कंपनी अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स का आईपीओ 24 से 27 मार्च तक खुला रहेगा। कंपनी ने इस इश्यू के लिए ₹201 से ₹212 प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया है। कंपनी का प्लान ₹440 करोड़ जुटाने का है। कम से कम ₹14,840 का निवेश करना होगा कंपनी ने आईपीओ के लिए 70 शेयरों का लॉट साइज तय किया है। यानी ऊपरी प्राइस बैंड ₹212 के हिसाब से निवेशकों को कम से कम ₹14,840 का निवेश करना होगा। 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए, 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (NII) के लिए और 35% हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए रिजर्व रखा गया है। पूरी तरह से ‘फ्रेश इश्यू’ होगा, OFS का कोई हिस्सा नहीं इस आईपीओ में कोई ‘ऑफर फॉर सेल’ (OFS) नहीं है। यानी, प्रमोटर्स अपनी हिस्सेदारी नहीं बेच रहे हैं, बल्कि पूरे ₹440 करोड़ के नए शेयर होंगे। इस रकम का इस्तेमाल वर्किंग कैपिटल की जरूरतों और सामान्य कॉरपोरेट उद्देश्यों के लिए होगा। 9 महीने में कंपनी को हुआ ₹48 करोड़ का मुनाफा 31 दिसंबर 2024 को खत्म हुई 9 महीने की अवधि में कंपनी का ऑपरेशनल रेवेन्यू ₹1,421.3 करोड़ रहा है। इस दौरान कंपनी ने ₹48.77 करोड़ का नेट प्रॉफिट कमाया है। प्री-आईपीओ राउंड के बाद कंपनी की वैल्यूएशन करीब ₹1,877 करोड़ आंकी गई है। लिस्टिंग के बाद कंपनी का मार्केट कैप ₹2,195 करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है। अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स बासमती चावल बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली 50 साल पुरानी और जानी-मानी कंपनी है। KRBL और LT फूड्स जैसी कंपनियों से है मुकाबला अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स मुख्य रूप से बासमती चावल की प्रोसेसिंग और एक्सपोर्ट का काम करती है। बाजार में इसका मुकाबला ‘इंडिया गेट’ ब्रांड वाली कंपनी KRBL लिमिटेड, ‘दावत’ वाली LT फूड्स और सर्वेश्वर फूड्स जैसे बड़े नामों से है। चावल के अलावा कंपनी अब FMCG सेक्टर में भी हाथ आजमा रही है और किचन के जरूरी सामान बेच रही है। 2 अप्रैल को शेयर बाजार में एंट्री होगी शेयरों का अलॉटमेंट 30 मार्च को फाइनल हो सकता है। जिन निवेशकों को शेयर नहीं मिलेंगे, उन्हें 1 अप्रैल तक रिफंड मिल जाएगा और अलॉटमेंट पाने वालों के डीमैट अकाउंट में उसी दिन शेयर क्रेडिट हो जाएंगे। कंपनी के शेयरों की लिस्टिंग 2 अप्रैल को बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) पर होने की उम्मीद है। रिस्क फैक्टर चेकलिस्ट बासमती चावल का बड़ा हिस्सा विदेशों में एक्सपोर्ट होता है। सरकार अक्सर घरेलू कीमतों को काबू में रखने के लिए मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस (MEP) तय कर देती है। अगर MEP बहुत ज्यादा हो चावल के महंगे होने से एक्सपोर्ट कम हो सकता है। धान की खेती के लिए भारी मात्रा में पानी की जरूरत होती है। अगर मानसून कमजोर रहता है या बेमौसम बारिश होती है, तो पैदावार कम हो सकती है। इससे कच्चे माल (धान) की कीमतें बढ़ जाती हैं, जो कंपनी के मुनाफे को कम कर देती हैं। बासमती का बड़ा बाजार खाड़ी देश हैं। हाल के ईरान-इजराइल तनाव जैसे युद्ध की स्थिति में सप्लाई चेन बाधित होती है, जिससे माल ढुलाई और इंश्योरेंस का खर्च बढ़ जाता है। एक्सपोर्ट बिजनेस होने के कारण भुगतान डॉलर में होता है। डॉलर के मुकाबले रुपए की कीमत में होने वाले बड़े बदलाव कंपनी के रेवेन्यू पर सीधा असर डालते हैं। अमीर चंद जगदीश कुमार एक्सपोर्ट्स के बारे में जानें… यह बासमती चावल बनाने और एक्सपोर्ट करने वाली 50 साल पुरानी और जानी-मानी कंपनी है। भारत के टॉप-5 बासमती चावल प्रोड्यूसर्स और एक्सपोर्टर्स में इसका नाम आता है। धान की खरीद, स्टोरेज और प्रोसेसिंग के लिए कंपनी का नेटवर्क हरियाणा, पंजाब, हिमाचल, यूपी और एमपी तक फैला हुआ है। कंपनी दुनिया के 6 महाद्वीपों में सेवाएं दे रही है। कंपनी के CMD जगदीश सूरी है। कंपनी अपने ब्रांड ‘एयरोप्लेन राइस’ के लिए पहचानी जाती है। इसके अलावा ला-टेस्ट, अलीबाबा, वर्ल्ड कप, हानी, पाम ट्री, ग्रीनफील्ड, सोफिया और अल जजीरा जैसे ब्रांड्स के जरिए कंपनी चावल की अलग-अलग वैरायटी बेचती है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
बैतूल में जल गंगा संवर्धन अभियान शुरू, विक्रमोत्सव भी मनाया:केंद्रीय मंत्री उइके की मौजूदगी में ब्रम्हध्वज वंदना भी हुई

बैतूल जिले में गुरुवार को शासकीय जयवंती हॉक्सर महाविद्यालय परिसर में जल संरक्षण और सांस्कृतिक चेतना से जुड़े दो बड़े कार्यक्रमों का संयुक्त आयोजन किया गया। केंद्रीय राज्य मंत्री दुर्गादास उइके ने प्रदेश सरकार के “जल गंगा संवर्धन अभियान” का शुभारंभ किया। इसी के साथ विक्रमोत्सव 2026 के तहत जिला स्तरीय सूर्य उपासना कार्यक्रम भी आयोजित हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत “जल गंगा संवर्धन अभियान” के शुभारंभ से हुई। इस दौरान जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से एक नाट्य प्रस्तुति भी दी गई, जिसमें जल के महत्व और संरक्षण की आवश्यकता को प्रभावी ढंग से दर्शाया गया। अभियान के तहत जिले की सभी नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों में 30 जून तक जल संरक्षण, जल स्रोतों की साफ-सफाई, मरम्मत, भूजल संवर्धन और पौधारोपण जैसे कार्य किए जाएंगे। ब्रम्हध्वज वंदना की भी गई इसके बाद विक्रमोत्सव के अंतर्गत सूर्य उपासना कार्यक्रम हुआ। इस अवसर पर ब्रम्हध्वज वंदना की गई और धार्मिक-सांस्कृतिक वातावरण में सूर्य उपासना की गई। मध्यप्रदेश नाट्य विद्यालय, भोपाल के कलाकारों ने “सम्राट विक्रमादित्य” नाटक का मंचन कर उपस्थित लोगों को ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर से परिचित कराया। कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी के निर्देशन में आयोजित इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, विद्यार्थी और नागरिक मौजूद रहे। इन आयोजनों का मुख्य उद्देश्य जहां एक ओर जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना था, वहीं दूसरी ओर सांस्कृतिक मूल्यों और परंपराओं को बढ़ावा देना भी था।
असम चुनाव के लिए बीजेपी की पहली सूची जारी: जालुकबारी से हिमंत, दिसपुर से पूर्व कांग्रेस सांसद बोरदोलोई | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 12:34 IST बीजेपी ने असम चुनाव के लिए 88 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की, जिसमें जालुकबरी सीट से हिमंत बिस्वा सरमा का नाम शामिल है। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा। (फाइल फोटो) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को आगामी असम विधानसभा चुनाव के लिए 88 उम्मीदवारों की अपनी पहली सूची जारी की, जिसमें मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा को जालुकबारी सीट से मैदान में उतारा गया है। पहली सूची में नए शामिल होने वाले प्रद्युत बोरदोलोई का नाम शामिल है, जो कांग्रेस छोड़ने के ठीक एक दिन बाद बुधवार को पार्टी में शामिल हुए। बोरदोलोई को असम की दिसपुर विधानसभा सीट से मैदान में उतारा गया है। असम कांग्रेस के पूर्व प्रमुख भूपेन कुमार बोरा, जो हाल ही में कांग्रेस छोड़ने के बाद भाजपा में शामिल हुए, आगामी राज्य विधानसभा चुनाव में बिहपुरिया से चुनाव लड़ेंगे। माधवी दास बिरसिंग-जरूआ से, ज्योत्सना कलिता चमारिया से और नीलिमा देवी मंगलदाई से मैदान में उतरेंगी। उम्मीदवारों की पहली सूची को भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पार्टी अध्यक्ष नितिन नबीन की अध्यक्षता में हुई बैठक में अंतिम रूप दिया। बैठक में प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और भाजपा चुनाव निकाय के अन्य सदस्य शामिल हुए। भाजपा द्वारा जारी उम्मीदवारों की सूची: एक और विकल्प चुनें एक और अधिक पढ़ें एक और विकल्प चुनें मेरे पास एक अच्छा विकल्प है। pic.twitter.com/93wawBGuCn– भाजपा असम प्रदेश (@भाजपा4असम) 19 मार्च 2026 असम विधानसभा चुनाव 2026 असम में 9 अप्रैल को मतदान होना है और 126 सदस्यीय विधानसभा के लिए वोटों की गिनती 4 मई को होगी। 2021 के असम चुनाव में, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपने सहयोगियों के साथ राज्य के 126 विधानसभा क्षेत्रों में से 75 पर जीत हासिल की। बीजेपी अकेले 60 सीटों पर जीत दर्ज करने में कामयाब रही, जबकि उसके गठबंधन सहयोगी असम गण परिषद (एजीपी) ने 9 सीटें और यूनाइटेड पीपुल्स पार्टी लिबरल (यूपीपीएल) ने 6 सीटें जीतीं। जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले महागठबंधन ने 50 सीटें जीतीं और अखिल गोगोई के नेतृत्व वाले रायजोर दल ने कुल 126 सीटों में से 1 सीट जीती। चुनी हुई कहानियाँ, आपके इनबॉक्स में हमारी सर्वोत्तम पत्रकारिता वाला एक न्यूज़लेटर जमा करना जगह : असम, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 12:11 IST समाचार राजनीति असम चुनाव के लिए बीजेपी की पहली सूची जारी: जालुकबारी से हिमंत, दिसपुर से पूर्व कांग्रेस सांसद बोरदोलोई अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)असम(टी)बीजेपी(टी)असम विधानसभा चुनाव 2026(टी)हिमंत बिस्वा सरमा(टी)प्रद्युत बोरदोलोई(टी)भूपेन कुमार बोरा
केरल के लिए बीजेपी ने जारी की 39 जनवरी की दूसरी सूची, सीएम पिनराई विजयन को कौन सी चुनौती चुनौती?

केरल विधानसभा चुनाव 2026 के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने नोबेल की दूसरी सूची भी जारी कर दी है। दूसरी सूची में 39 नवजातों के नाम हैं। बीजेपी ने इस सूची में केरल के सीएम पिनराई विजयन की सीट धर्मदाम पर अपने उम्मीदवार की भी घोषणा की है। यहां के रणजीत पिनराय की विजय को चुनौती दी गई। सोमवार 47 को ज्वाइंट की बीजेपी ने पहली लिस्ट जारी की थी। केरल में 9 अप्रैल को चुनाव हो रहे हैं और स्टालियन की घोषणा 4 मई को होगी। बीजेपी ने गुरुवार (19 मार्च, 2026) को जिन 39 लोगों के नाम की घोषणा की, उनमें मिजोरम के पूर्व गवर्नर कुम्मनम राजशेखरन का भी नाम है। पार्टी ने उन्हें अर्नाकुलम से टिकटें दी हैं। राजशेखरन 2021 विधानसभा चुनाव में नेमोम सीट से मैदान में थे, लेकिन वह वी शिवनकुट्टी की दावेदारी से हार गए थे. हालाँकि, वह काफी कम इक्विटी से हारे थे। इसके बाद उन्होंने 2019 में कामो चुनाव भी लड़ा। यहां भी उन्हें हार का सामना करना पड़ा। वह त्रिअनंतपुरम सीट से कांग्रेस मिनियामी शशि थरूर के खिलाफ मैदान में थे, लेकिन इस चुनाव में उन्हें करीब एक लाख आरोप से हार मिली। भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने केरलम विधान सभा के आगामी आम चुनावों के लिए निम्नलिखित नामों को मंजूरी दे दी है। pic.twitter.com/wEppqsoVcd – बीजेपी (@बीजेपी4इंडिया) 19 मार्च 2026 बिग बॉस मलयालम से चर्चा में डॉ. राधाकृष्णन का भी नाम सूची में है, बीजेपी ने उन्हें कुंडरा सीट से मैदान में रॉबिन का नाम तय किया है। कासरगोड में बीजेपी के अध्यक्ष अश्विन मित्र कासरगोड से चुनावी मैदान में होंगे, जबकि एडवोकेट बी गोपालकृष्णन गुरुवायूर से और पीआर शिवशंकर अर्नाकुलम से मैदान में होंगे। बीजेपी की दूसरी लिस्ट में कुल 6 महिला दावेदार हैं, जबकि पहली लिस्ट में 7 महिलाओं के नाम थे. इस तरह अब तक बीजेपी ने केरल के इलिनोइस मैदान में 13 को आउट कर दिया है. यह भी पढ़ें:-बीजेपी उम्मीदवारों की सूची 2026: असम बीजेपी की पहली सूची में 88 नाम, प्रद्युत बोरदोलोई को मिला ईनाम, सीएम हिमंत इस सीट से लड़ेंगे
असम बीजेपी की पहली लिस्ट में 88 नाम, प्रद्युत बोरदोलोई को मिला इनाम, सीएम हिमंत इस सीट से लड़ेंगे

असम में 9 अप्रैल 2026 को होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी ने बेरोजगारी की पहली और पूरी सूची एक साथ जारी की है। पार्टी ने कुल 89 सीटों पर अपने आदिवासियों के नाम घोषित किए हैं, जिनमें 88 सीटों की शुरुआती घोषणा हुई थी और बाकी जल्द ही पूरी हो गईं। सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने पहले ही कहा था कि बीजेपी सभी की लिस्ट एक ही बार में जारी होगी और ऐसा हुआ है. प्रद्युत बोरदोलोई को मिली सबसे खट्टी सीट कांग्रेस से वामपंथी भाजपा में शामिल हुए अल्पसंख्यक प्रद्युत बोरदोलोई को दिसपुर सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। दिसपुर असम की सबसे प्रतिष्ठित और हाई-प्रोफाइल सीट मानी जाती है। प्रद्युत बोरदोलोई ने मंगलवार को कांग्रेस छोड़ दी थी और रविवार को हिमंता बिस्वा सरमा ने बीजेपी ज्वाइन की। सीएम हिमंता ने कहा कि ये कदम पार्टी को मजबूत बनाने का है. सीएम हिमंता बिस्वा सरमा खुद जालुक बरी सीट से चुनाव लड़ेंगे। ये उनकी पुरानी सीटें हैं और वो यहां लगातार मजबूत प्रदर्शन करती आ रही हैं। भाजपा केंद्रीय चुनाव समिति ने असम में होने वाले विधानसभा चुनाव 2026 के लिए आलोच्य पर अपना पद संभाला है। (1/2) pic.twitter.com/awNLn35Laa – बीजेपी (@बीजेपी4इंडिया) 19 मार्च 2026 नये और युवा को जगह मिली इस सूची में कई पुराने राष्ट्रपति-पत्रिकाएँ शामिल हैं, साथ ही कुछ नए और युवा चेहरे भी शामिल हैं। महिलाओं और जापानियों को भी अच्छी जगह दी गई है। पूरी सूची में नाम जैसे, अश्विनी राय सरकार (गोलकगंज), उत्तम प्रसाद (धुबरी), माधवी दास (बिरसिंग जारुआ) और अंत में बिजॉय मॅलकार (रामकृष्ण नगर) तक शामिल हैं। दिल्ली में केंद्रीय चुनाव समिति ने तय की अंतिम सूची आज 19 मार्च 2026 को पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने दिल्ली में बैठक की और 88 झीलों के जंगलों को मंजूरी दे दी। पार्टी ने कहा कि केंद्रीय चुनाव समिति की बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, गृह मंत्री अमित शाह और अन्य सदस्य मौजूद थे. सूची में हर सीट का नंबर, विधानसभा का नाम और उम्मीदवार का पूरा नाम लिखा है।
Aam Panna Side Effects | Aam Panna Benefits And Side Effects | आम पन्ना के नुकसान | आम पन्ना के फायदे और नुकसान |

Last Updated:March 19, 2026, 12:05 IST Aam Panna Benefits And Side Effects: भीषण गर्मी और ‘लू’ से बचने के लिए ‘आम पन्ना’ उत्तर भारत का सबसे पसंदीदा देसी ड्रिंक है. विटामिन C से भरपूर यह पेय शरीर को अंदरूनी ठंडक तो देता है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि गलत तरीके से पिया गया आम पन्ना आपको फायदे की जगह भारी नुकसान पहुंचा सकता है? रामपुर के आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉ. मोहम्मद इकबाल के अनुसार, चीनी की अधिक मात्रा और इसे पीने का गलत समय आपकी सेहत बिगाड़ सकता है. आइए जानते हैं आम पन्ना पीते समय किन बातों का ध्यान रखना बेहद जरूरी है. गर्मी के मौसम में आम पन्ना पीना शरीर के लिए काफी फायदेमंद माना जाता है. क्योंकि, इसमें विटामिन ‘सी’ अच्छी मात्रा में पाया जाता है, जो शरीर को अंदर से ठंडक देता है और लू लगने से भी बचाने में मदद करता है. इसलिए लोग इसे खूब पसंद करते हैं लेकिन इसका सही फायदा तभी मिलता है, जब इसे संतुलित मात्रा में पिया जाए और ज्यादा ठंडा या ज्यादा मीठा बनाने की बजाय सामान्य तरीके से तैयार करके पिया जाए. रामपुर आयुष चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर मोहम्मद इकबाल के मुताबिक कई लोग आम पन्ना बनाते समय उसमें स्वाद के चक्कर में काफी ज्यादा चीनी डाल देते हैं. लेकिन ऐसा करना सेहत के लिए नुकसानदायक हो सकता है क्योंकि इससे शरीर में शुगर लेवल बढ़ सकता है और वजन बढ़ने की समस्या भी हो सकती है. खासकर डायबिटीज के मरीजों को इससे बचना चाहिए. इसलिए कोशिश करें कि कम चीनी डालें या फिर गुड़ का इस्तेमाल करें और इसे हल्का मीठा रखकर ही पिएं. डॉक्टर के मुताबिक, आम पन्ना कच्चे आम से बनता है जिसकी वजह से इसका स्वाद खट्टा होता है और अगर इसे खाली पेट पी लिया जाए तो कई लोगों को पेट में जलन, गैस या दर्द जैसी समस्या हो सकती है. इसलिए इसे सुबह खाली पेट पीने की बजाय दोपहर में लंच करने के बाद या दिन में कभी भी बीच-बीच में पीना ज्यादा सही माना जाता है. आप इसे खाना खाने के तुरंत बाद पीने से बचे और कम से कम 30 मिनट का गैप रखें, जिससे शरीर को फायदा मिलता है और किसी तरह की परेशानी भी नहीं होती. Add News18 as Preferred Source on Google गर्मी से राहत पाने के लिए लोग आम पन्ना में बर्फ डालकर बहुत ठंडा करके पीते हैं लेकिन यह आदत पाचन तंत्र पर असर डाल सकती है और इससे पेट में ऐंठन, गैस या एसिडिटी जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इसे ज्यादा ठंडा करने की बजाय हल्का ठंडा या सामान्य तापमान पर ही पीना चाहिए. ताकि शरीर को आराम मिले और किसी तरह का नुकसान न हो. कुछ लोगों को कच्चे आम या उसमें डाले जाने वाले मसालों से एलर्जी हो सकती है. ऐसे में आम पन्ना पीने के बाद उन्हें खुजली, सांस लेने में दिक्कत या आंखों में पानी आने जैसी परेशानी हो सकती है. इसलिए अगर पहले कभी ऐसी समस्या हो चुकी है तो इसे पीने से पहले सावधानी जरूर बरतें और जरूरत हो तो डॉक्टर की सलाह लेकर ही इसका सेवन करें. किसी भी चीज की तरह आम पन्ना भी तभी फायदेमंद होता है. जब उसे सही मात्रा में लिया जाए क्योंकि जरूरत से ज्यादा पीने पर यह पेट खराब कर सकता है और कुछ लोगों में दस्त या गैस जैसी समस्या भी हो सकती है. इसलिए पूरे दिन में एक या दो गिलास ही पर्याप्त माना जाता है जिससे शरीर हाइड्रेट भी रहता है और किसी तरह की परेशानी भी नहीं होती. बाजार में मिलने वाला आम पन्ना अक्सर ज्यादा मीठा, ज्यादा ठंडा या रखा हुआ हो सकता है जो सेहत के लिए सही नहीं माना जाता. इसलिए कोशिश करें कि इसे घर पर ही साफ पानी और सही मात्रा में मसाले डालकर ताजा तैयार करें इसमें काला नमक और भुना जीरा डालना अच्छा माना जाता है इस तरह से बना आम पन्ना स्वादिष्ट भी होता है और शरीर के लिए ज्यादा सुरक्षित भी रहता है. First Published : March 19, 2026, 03:00 IST
नोरा-संजय के विवादित गाने पर महिला आयोग का एक्शन:कहा- दोनों 24 मार्च तक पेश हों, नहीं तो कानून कार्रवाई हो सकती है

राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने गाने “सरके चुनर तेरी सरके” को लेकर नोरा फतेही, संजय दत्त, प्रोड्यूसर और डायरेक्टर समेत संबंधित लोगों को नोटिस भेजा है। सभी को 24 मार्च को आयोग के सामने पेश होने के लिए कहा गया है। NCW ने चेतावनी दी है कि तय तारीख पर उपस्थित न होने पर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। NCW ने इस गाने के कथित अश्लील और आपत्तिजनक कंटेंट को लेकर खुद संज्ञान लिया है। आयोग के मुताबिक, गाने के बोल पहली नजर में आपत्तिजनक और यौन संकेतों वाले लगते हैं, जो कानून का उल्लंघन कर सकते हैं। वहीं, गाने को लेकर मंगलवार को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने शिकायत मिलने पर सेंसर बोर्ड, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय और गूगल इंडिया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा था। बता दें कि गाने को मंगलवार को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म से हटा दिया गया है। संसद में भी उठा गाने का मुद्दा संसद में भी समाजवादी पार्टी के सांसद आनंद भदौरिया ने बुधवार को गाने के अश्लील लिरिक्स का मुद्दा उठाया था। इस पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, ‘अध्यक्ष जी, जिस गाने के बारे में सांसद जी ने कहा है, उस गाने पर पहले ही बैन लग चुका है। मैं स्पष्ट तौर पर आपके माध्यम से पूरे सदन को कहना चाहूंगा कि हमें फ्रीडम ऑफ स्पीच पर भारत के संविधान निर्माताओं ने जो रीजनेबल रिस्ट्रिक्शन लगाए हैं, उसी के हिसाब से चलना चाहिए।’ आगे उन्होंने कहा, ‘आने वाले समय में डिजिटल के माध्यम से जिस तरह से तेजी से चीजें फैलती हैं, उसमें हमें समाज के प्रोटेक्शन खासकर बच्चों के प्रोटेक्शन, महिलाओं के प्रोटेक्शन और पिछड़े वर्ग के प्रोटेक्शन के लिए जो भी कड़े एक्शन लेने पड़ें, वो लेने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।’ वहीं, गाने को लेकर विवादों में आई नोरा फतेही ने बुधवार को बयान जारी कर कहा कि उन्हें कन्नड़ में गलत ट्रांसलेशन बताकर पूरा गाना शूट करवाया गया और फिर बिना उनकी अनुमति गाने को हिंदी में बना दिया गया। नोरा ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर कहा, मैं इस गाने से जुड़ी कंट्रोवर्सी पर डिस्कस करना चाहती हूं। इस वक्त में अपने करीबी की मौत के सदमे में हूं। मैं नेटवर्क में नहीं थी, जिससे मुझे पता नहीं चला कि क्या चल रहा है। आज मैं नेटवर्क में आई तो मुझे इसकी जानकारी मिली। मैं कुछ चीजें साफ करना चाहती हूं। मैंने ये गाना तीन साल पहले कन्नड़ में शूट किया था। जो एक अलग इंडस्ट्री का हिस्सा है, जिसे सैंडलवुड कहा जाता है। जब मैंने 3 साल पहले ये गाना शूट किया तो मैंने इसके लिए हां इसलिए कहा क्योंकि ये बड़ी फिल्म का हिस्सा था, जिसमें बड़े आइकन संजय दत्त थे। कौन उनके साथ काम करने से मना करता। वो एक रीमेक था, नायक नहीं खलनायक हूं में, जैसा कि मैंने सोचा। वो भी एक आइकॉनिक गाना था। वीडियो में नोरा ने आगे कहा था, जब मैं ये गाना शूट कर रही थी तो मैं ट्रांसलेशन के लिए पूरी तरह मेकर्स पर डिपेंडेंट थी। जब उन्होंने गाना ट्रांसलेट किया, तो कुछ भी वल्गर और इनअप्रोप्रिएट नहीं था। मैं कन्नड़ नहीं समझती, तो वो जो भी कह रहे थे, मैं वही मान रही थी। जो उन्होंने अब किया कि उस गाने का हिंदी में बनाया, उसकी डबिंग करवाई, जिसकी लिरिक्स वाकई बहुत इनअप्रोप्रिएट है, मुझे इसकी कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसके लिए मुझसे कोई परमिशन नहीं ली, न ही मुझे बताया। जब मुझे लॉन्च इवेंट में बुलाया, तब मैंने वो कन्नड़ गाना देखा, जो लिरिकल था, उसमें मेरे फोटोज लगाए गए। नोरा फतेही ने मेकर्स पर लगाए संगीन आरोप नोरा ने स्टेटमेंट में मेकर्स पर भी कई संगीन आरोप लगाए। उन्होंने कहा, उन्होंने (मेकर्स ने) मेरे अप्रूवल के बिना वो लिरिकल वीडियो बनाया। इसके बाद उन्होंने मेरी और संजय दत्त की फोटो बनाई, जो AI जनरेटेड है। मैं पहले ही AI के खिलाफ हूं। मैं इवेंट में ही बहुत इरिटेट हो गई थी। मैं इस चीज के लिए जिम्मेदार हूं। वहां लोगों की मौजूदगी थी। मीडिया की मौजूदगी थी। वहां वो लोग थे, जिन्होंने मुझे मौका दिया था। अंदर से मैं बहुत फंसी हुई थी, जो मैंने देखा उसके बाद। जब मैंने वहां हिंदी गाना देखा, तो मैं समझ गई कि मैं इसमें नहीं हूं। मैं समझ गई कि इससे दिक्कत होने वाली है क्योंकि कम से कम मैं हिंदी समझती हूं। मैंने डायरेक्टर से कहा कि ये ठीक नहीं है। मैंने कहा कि इससे काफी आलोचना होने वाली है। मैंने कहा कि मैं इसे प्रमोट नहीं करती। मैंने कहा कि मेरी इमेज और रेपुटेशन दाव पर है। नोरा बोलीं- मैं नेपोकिड्स नहीं, हमारे पीछे पावर नहीं है वीडियो में नोरा ने अंत में यह भी कहा, हम आर्टिस्ट। खासकर मेरी तरह के आर्टिस्ट जिनके पास कोई बैकअप नहीं है, हम नेपोकिड्स नहीं हैं, हमारे पीछे किसी तरह का पावर नहीं है। हम सिर्फ इंडिविजुअल्स हैं और हमारे साथ सिर्फ ऑडियंस है। हमारे पास बहुत कम पावर है। हमारे पास बहुत कम कंट्रोल है। खुशकिस्मती से मैं लकी हूं कि बॉलीवुड में मैंने उन लोगों के साथ काम किया है, जो मेरी ओपनियन की इज्जत करते हैं। जो मेरे क्रिएटिव कॉल की इज्जत करते हैं। जो मेरी सुनते हैं। हालांकि कुछ इंडस्ट्री में हमारी नहीं सुनी जाती। उन्हें मेरी ओपनियन से फर्क नहीं पड़ता। इस बैकलैश के बाद उन्हें वो गाना हटाना पड़ा। मैं इस चीज की शुक्रगुजार हूं। वीडियो में नोरा ने मीडिया के लिए कहा है कि जब इस तरह की घटना होती है तो मीडिया को बढ़-चढ़कर उन फिल्ममेकर्स के नाम और तस्वीरें पब्लिश करना चाहिए, जिससे वो उसकी जिम्मेदारी ले सकें और उन्हें डर हो। क्या है गाने सरके चुनर तेरी सरके का पूरा विवाद पैन इंडिया फिल्म केडीः द डेविल, 30 अप्रैल 2026 को रिलीज होने वाली है। 14 मार्च को इस फिल्म का गाना सरके चुनर तेरी कई भाषाओं में रिलीज हुआ। ये गाना नोरा फतेही और संजय दत्त पर फिल्माया गया था। यूट्यूब पर गाना जारी होते ही सोशल मीडिया पर वायरल होने लगा, जिसका कारण था, गाने के अश्लील और डबल मीनिंग बोल।
Unknown Drones Spotted Over US Military Base Housing Rubio and Hegseth, Emergency Meeting Held

Hindi News International Unknown Drones Spotted Over US Military Base Housing Rubio And Hegseth, Emergency Meeting Held वॉशिंगटन डीसी1 घंटे पहले कॉपी लिंक वॉशिंगटन में अमेरिकी सेना के एक अहम बेस के ऊपर संदिग्ध ड्रोन देखे गए हैं। वॉशिंगटन पोस्ट के मुताबिक विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ सैन्य बेस फोर्ट लेसली मैकनेयर के अंदर रह रहे हैं। यह वही बेस है जहां विदेश मंत्री मार्को रुबियो और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ रहते हैं। इस मामले की जानकारी रखने वाले तीन लोगों ने बताया कि इन ड्रोन की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है और यह भी साफ नहीं है कि वे कहां से आए थे। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार, अमेरिका और इजराइल के ईरान पर हमलों के कारण सुरक्षा अलर्ट पहले से बढ़ा हुआ है। इसी वजह से सेना संभावित खतरों पर कड़ी नजर रख रही है। पिछले 10 दिनों में एक रात के दौरान फोर्ट लेसली मैकनेयर के ऊपर कई ड्रोन देखे गए, जिसके बाद सुरक्षा बढ़ा दी गई और व्हाइट हाउस में इस मुद्दे पर इमरजेंसी बैठक भी हुई। फोर्ट लेसली जे. मैकनेयर सैन्य बेस की तस्वीर। दुनियाभर में अमेरिकी दूतावासों के लिए चेतावनी जारी इसी बीच अमेरिका ने दुनियाभर में अपने दूतावासों के लिए सुरक्षा चेतावनी जारी की है और देश के अंदर कई सैन्य ठिकानों पर भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। न्यू जर्सी के जॉइंट बेस मैकग्वायर-डिक्स-लेकहर्स्ट और फ्लोरिडा के मैकडिल एयर फोर्स बेस पर सुरक्षा स्तर बढ़ाकर ‘चार्ली’ कर दिया गया है। इसका मतलब होता है कि किसी हमले या खतरे की आशंका है। इससे ऊपर केवल ‘डेल्टा’ स्तर होता है, जो तब लागू होता है जब हमला हो चुका हो या होने वाला हो। फोर्ट मैकनेयर के ऊपर ड्रोन दिखने के बाद अधिकारियों ने यह भी विचार किया कि क्या रुबियो और हेगसेथ को किसी दूसरी जगह शिफ्ट किया जाए। हालांकि, अभी तक उन्हें वहां से नहीं हटाया गया है। रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ फोर्ट मैकनेयर में रहने के लिए हर महीने 4,655.70 डॉलर (3.86 लाख रुपये प्रति महीना) किराया दे रहे हैं। रक्षा विभाग के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। 6 महीने पहले लोकेशन का खुलासा हुआ अक्टूबर में कई मीडिया रिपोर्ट्स में रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो के वहां रहने की जानकारी सार्वजनिक हो चुकी थी। आमतौर पर इतने बड़े पदों पर बैठे लोग कहां रहते हैं, यह जानकारी सार्वजनिक नहीं की जाती, क्योंकि इससे उनकी सुरक्षा को खतरा हो सकता है। डिटेल में और क्या सामने आया था ट्रम्प सरकार के कई वरिष्ठ अधिकारी सुरक्षा कारणों से आम सरकारी आवास की बजाय सैन्य ठिकानों में शिफ्ट हो रहे हैं। यह बेस व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल के काफी करीब है, इसलिए कामकाज के लिहाज से सुविधाजनक माना जाता है। यह बेस दूसरे हाई-सिक्योरिटी ठिकानों जितना सुरक्षित ‘बफर जोन’ नहीं रखता, यानी आसपास शहर का इलाका है और दूरी कम है। यह खबर इसलिए अहम थी क्योंकि जब किसी बड़े अधिकारी का रहने का स्थान सार्वजनिक हो जाता है, तो यह सुरक्षा एजेंसियों के लिए चिंता का विषय बन जाता है। ड्रोन जैसे नए खतरे (जिनका पता लगाना मुश्किल होता है) इस जोखिम को और बढ़ा देते हैं। यही वजह है कि अब जब उसी बेस के ऊपर अज्ञात ड्रोन दिखे, तो अधिकारियों ने उन्हें दूसरी जगह शिफ्ट करने तक पर विचार किया। पेंटागन के प्रवक्ता सीन पार्नेल ने इस मामले पर ज्यादा जानकारी देने से इनकार किया और कहा कि सुरक्षा कारणों से मंत्रियों की गतिविधियों पर टिप्पणी नहीं की जा सकती। सुरक्षा वजहों से एयरबेस पर 2 बार लॉकडाउन लगा मैकडिल एयर फोर्स बेस, जहां से अमेरिका की सेंट्रल कमांड (जो ईरान के खिलाफ सैन्य ऑपरेशन संभालती है) काम करती है, वहां भी इस हफ्ते दो बार सुरक्षा लॉकडाउन किया गया। सोमवार को एक संदिग्ध पैकेज मिलने के बाद विजिटर सेंटर कई घंटों तक बंद रहा और बुधवार को एक अन्य सुरक्षा घटना के कारण लोगों को कुछ घंटों तक वहीं रहने का आदेश दिया गया। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार को दुनियाभर में अपने दूतावासों को तुरंत सुरक्षा समीक्षा करने का आदेश दिया। इसका कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और उसके संभावित असर बताए गए। सुरक्षा वजहों से सैन्य बेस में रहने लगे हैं अमेरिकी अधिकारी फोर्ट मैकनेयर में नेशनल डिफेंस यूनिवर्सिटी और पेंटागन के कई वरिष्ठ अधिकारी रहते हैं। आमतौर पर यह बेस राजनीतिक नेताओं के लिए नहीं होता, लेकिन हाल के समय में ट्रम्प प्रशासन के कई अधिकारी सुरक्षा कारणों से यहां रहने लगे हैं। यह बेस व्हाइट हाउस और कैपिटल हिल के काफी करीब है, लेकिन इसकी सुरक्षा व्यवस्था दूसरे सैन्य ठिकानों जितनी मजबूत नहीं मानी जाती। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, ऐसे ड्रोन खतरे पहले भी सामने आ चुके हैं। 2020 में ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी की अमेरिकी हमले में मौत के बाद ईरान के नेताओं ने बदले की धमकियां दी थीं, जिसके बाद ट्रम्प और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई थी। 2024 के चुनाव प्रचार के दौरान भी ट्रम्प की सुरक्षा टीम को कई बार अज्ञात ड्रोन का सामना करना पड़ा था। उस समय अधिकारियों ने ट्रम्प को बताया था कि ईरान उन्हें निशाना बना सकता है और उसके कई “किल टीम” अमेरिका में मौजूद हैं। हालांकि, उस साल हुए हत्या के प्रयासों को सीधेतौर पर ईरान से जोड़ने का कोई ठोस सबूत नहीं मिला था। ———————————- अमेरिका से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… वेनेजुएला-ईरान के बाद क्यूबा पर हमला कर सकता है अमेरिका:ट्रम्प बोले- क्यूबा को हासिल करके रहूंगा; 65 साल से दोनों देशों में विवाद अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रम्प ने सोमवार को ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि वह ‘क्यूबा को अपने कब्जे में लेने’ का इरादा रखते हैं। उन्होंने कहा, “किसी न किसी रूप में क्यूबा को लूंगा… चाहे मैं उसे आजाद करूं या अपने नियंत्रण में ले लूं। मैं उसके साथ कुछ भी कर सकता हूं।” न्यूयॉर्क टाइम्स के मुताबिक ट्रम्प के इस बयान को काफी चौंकाने वाला माना जा रहा है। अमेरिका के इतिहास में कई राष्ट्रपति क्यूबा के साथ तनावपूर्ण रिश्तों में रहे हैं, लेकिन किसी ने भी इस तरह खुलेतौर पर क्यूबा पर
Haryanvi singer Masoom Sharma Live Show Sirsa JCD Sirsa Banned Song Performance Police Bouncers Failed Control Chaos

सिरसा जेसीडी में लाइव शो के दौरान हरियाणवी गायक मासूम शर्मा बैन गाने गाते हुए। जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई। हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा एक बार फिर नई कंट्रोवर्सी में फंस गए हैं। जींद में पूर्व सरपंच के साथ हुए स्टेज विवाद के बाद वो पहली बार सिरसा में लाइव शो करने पहुंचे। यहां शो के दौरान सिंगर ने परफॉर्मेंस देते हुए हरियाणा सरकार की ओर से बैन किए गए अपने कई . मासूम शर्मा ने चंबल के डाकू और खटोला गाना गाया, जिससे ऑडियंस की भीड़ बेकाबू होकर स्टेज तक आ पहुंची। कई युवक पंडाल में लगे पोल पर चढ़ गए और शोर शराबा करने लगे। इसे देखते ही कई अतिथि और जेसीडी मैनेजमेंट के काफी स्टाफ स्टेज के नीचे पहली पंक्ति में बैठे रिजर्व सीट छोड़कर चले गए और महिलाएं भी शो छोड़कर चली गईं। बाउंसर और पुलिस भी भीड़ को स्टेज तक आने से रोक नहीं पाए। मासूम शर्मा का इस दौरान एक बयान और चर्चा में आ गया। उन्होंने कहा कि मेरा गाना खटोला कुछ गलत नहीं। इसका मतलब हरियाणा वाले जानते हैं, पर पंजाबी बेल्ट को कम पता है। सिंगर मासूम शर्मा को सम्मानित करते हुए जेसीडी मैनेजमेंट। जानिए पूरा मामला… JCD में था शोः दरअसल, ये शो बुधवार रात सिरसा स्थित जननायक चौ. देवीलाल विद्यापीठ (JCD) में हुआ। शो शाम 6 बजे शुरू हुआ और रात करीब 12 बजे तक चला। रात 10 बजे के करीब गायक मासूम शर्मा स्टेज पर पहुंचे और परफॉर्मेंस देनी शुरू की। इससे पहले हरियाणवी कलाकार शिवा चौधरी ने एक घंटे से भी ज्यादा समय तक परफॉर्मेंस दी थी। भीड़ बेकाबू हुईः इस बीच मासूम ने कई बैन गाने गाए जिसके बाद भीड़ बेकाबू हो गई, जिससे शो को भी दो तीन बार बीच में बंद करना पड़ा। इसके चलते इनेलो सुप्रीमो अभय चौटाला शो में नहीं पहुंचे। सिरसा एसपी दीपक सहारण के भी आने की चर्चाएं थी, वो भी नहीं आए। इसकी घोषणा स्वयं जेसीडी डायरेक्टर डा. जय प्रकाश ने की, पर दोनों ही नहीं आए। मासूम बोले- पंजाबी बेल्ट को खटोला कम पताः गायक मासूम शर्मा ने खटोला गाना गाने से पहले उसका मतलब समझाया और बोले-हरियाणा वाले तो खटोला शब्द जानते हैं, पर यहां सिरसा के साथ लगती पंजाबी बेल्ट को कम पता हो। इस पर ऑडियंस ने भी हां भरी। इसके बाद खटोला गाना गाया। कर्ण चौटाला से वीडियो कॉल पर बात कीः अभय चौटाला के बड़े बेटे कर्ण चौटाला ने शो करने से पहले मासूम शर्मा से वीडियो कॉल पर बात की और इसके बाद शो शुरू करते हुए स्टेज खाली करने वाली बात की और कहा-मेरे साजिंदे दिखने दो एक बार। आप स्टेज खाली कर दो। वरना फिर वहीं बात हो जाएगी। बैन गाना चंबल के डाकू पूरा गाया कुछ देर बाद मासूम शर्मा ने बाहर आले पै शूटर बैठे, भीतर ले पै बैठा यार, हाथ चढ़ाकै मुदधा मार दां, कांच काढ़ कै धर ध्या बाहर, एक खटोला जेल के भीतर एक खटोला जेल के बाहर, इस गाने के शुरुआती बोल बोलकर कहा-एक बार इतना ही, बाकी बाद में करेंगे। इस बीच मासूम शर्मा ने बैन किया चंबल का डाकू गाना पूरा गाया और तभी गानों के बोल पर भीड़ भी बेकाबू हो गई। पुलिस व बाउंसर भी नहीं रोक पाए और स्टेज के बिलकुल पास आ पहुंची। कुछ बाउंसर स्टेज के कोने पर ही उनको रोकने को बैठे तो कुछ खड़े हो गए। शो के दौरान भीड़ को खदेड़ते हुए पुलिसकर्मी। पुलिस-बाउंसर से नहीं रूकी भीड़ जेसीडी में स्टेडियम में ओपन पंडाल लगाकर ये शो किया गया था। कुछ शरारती तत्वों ने शराब पी रखी थी और स्टेज के पास आने की जबरदस्ती कर रहे थे। इसमें अव्यवस्था का माहौल हो गया, जिससे भीड़ को पुलिस व बाउंसर भी काबू नहीं कर पाए। इस बीच जेसीडी मैनेजमेंट से डायरेक्टर डा. जयप्रकाश व उनकी टीम ने गायक मासूम शर्मा को मोमेंटों व चादर भेंटकर सम्मानित कर दिया, ताकि बाद में माहौल ज्यादा न बिगड़ जाए। अतिथि व जेसीडी मैनेजमेंट के काफी स्टाफ स्टेज के नीचे पहली पंक्ति में बैठे रिजर्व सीट छोड़कर चले गए और महिलाएं भी शो छोड़कर चली गई। इस दौरान इनेलो जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह जस्सा भी मौजूद थे। जेसीडी के डायरेक्टर डॉ. जयप्रकाश भीड़ को हटने का इशारा करते हुए। जेसीडी के डायरेक्टर बोले- उम्मीद नहीं थी इतनी भीड़ होगी इस मामले में सिरसा जेसीडी के डायरेक्टर डॉ. जयप्रकाश ने दैनिक भास्कर एप की टीम से बातचीत में बताया, हमारी ओर से व्यवस्था संभालने में 40 पुलिसकर्मी एवं 40 बाउंसर और 60 के करीब फैकल्टी लगाई हुई थी। मगर भीड़ ज्यादा बढ़ गई थी। ये उम्मीद नहीं थी कि युवा स्टेडियम से इतना आगे आ जाएंगे। ऐसे माहौल में अभय सिंह चौटाला और एसपी को वहां पर बुलाना ठीक नहीं लगा। बैन सॉन्ग गाने पर उन्होंने कहा- गायक मासूम शर्मा ने कुछ ऐसे गाने गाए तो उसी समय बंद करवा दिया था और ऐसे सॉन्ग गाने पर मना कर दिया था। देखें शो के PHOTOS… स्टेज के नीचे पहली पंक्ति में बैठे अतिथि, जेसीडी मैनेजमेंट स्टाफ व इनेलो जिलाध्यक्ष जसबीर सिंह। शो में शिवा चौधरी के गानों पर डांस करती हुईं महिलाएं। सिरसा जेसीडी में शो के दौरान परफॉर्मेंस देती हुई कलाकार शिवा चौधरी 18 फरवरी को जींद में पूर्व सरपंच से हुआ था विवाद 18 फरवरी को जींद में मासूम शर्मा की बहन कविता और बहनोई धर्मवीर आर्य की 25वीं मैरिज एनिवर्सिरी कार्यक्रम में सिंगर और पूर्व सरपंच में विवाद हो गया था। शो के दौरान भीड़ बढ़ने पर मासूम शर्मा ने मंच से जींद के पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा को नीचे उतरने के लिए कहा। सिंगर ने कहा-“मेरे प्रोग्राम में कोई सरपंच, एमएलए या मंत्री हो, मैं किसी को नहीं मानता। इस बयान का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद सरपंचों ने कड़ा विरोध जताया। पूर्व सरपंच राजेंद्र शर्मा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर मासूम शर्मा को पंच का चुनाव लड़ने की चुनौती दे डाली। इसके बाद विवाद में प्रदेश के कई सरपंचों और सिंगरों की एंट्री हुई। कुछ कलाकरों ने समर्थन किया तो कुछ ने विरोध किया। जींद में शो के दौरान गायक मासूम शर्मा पूर्व सरपंच को स्टेज से नीचे उतरने की








