Sunday, 23 Aug 2026 | 07:54 AM

Trending :

EXCLUSIVE

9 दिन तक अखंड ज्योत जलाकर मन्नत मांग रहे श्रद्धालु:छतरपुर में प्राचीन खेरे की देवी मंदिर में सुबह से लगीं कतारें; देखिए तस्वीरें

9 दिन तक अखंड ज्योत जलाकर मन्नत मांग रहे श्रद्धालु:छतरपुर में प्राचीन खेरे की देवी मंदिर में सुबह से लगीं कतारें; देखिए तस्वीरें

छतरपुर में चैत्र नवरात्रि के पहले दिन गुरुवार को जिलेभर के देवी मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। शहर के सैकड़ों वर्ष पुराने प्राचीन खेरे की देवी माता मंदिर में सुबह से ही दर्शन के लिए लंबी कतारें लगी हुई हैं, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए अगले 9 दिनों तक लगातार जलने वाली अखंड ज्योत प्रज्ज्वलित कर रहे हैं और विधि-विधान से माता की पूजा-अर्चना का दौर जारी है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, शहर का खेरे की देवी माता मंदिर सैकड़ों वर्ष पुराना है। कहा जाता है कि नगर की रक्षा के लिए माता यहां विराजमान हुई थीं। इसी आस्था के कारण नवरात्रि के दौरान इस मंदिर में विशेष रूप से धार्मिक माहौल रहता है। व्रत रखकर सुख-समृद्धि की कर रहे कामना मंदिर परिसर में गुरुवार सुबह से ही पूजा, आरती और भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। महिलाएं और युवक-युवतियां पारंपरिक वेशभूषा में माता के दर्शन के लिए पहुंचे। कई श्रद्धालुओं ने व्रत रखकर माता से सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की। पुजारी बोले- सच्चे मन से मांगी गई इच्छा पूरी होती है नवरात्रि के पहले दिन से ही श्रद्धालु अपनी मनोकामना पूर्ति के लिए मंदिर में ज्योत प्रज्ज्वलित करते हैं, जो अगले नौ दिनों तक लगातार जलती रहती है। मंदिर के पुजारी रज्जू महाराज ने बताया, “यहां वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है कि भक्त नवरात्रि में ज्योत जलाकर माता से अपनी मनोकामना मांगते हैं। सच्चे मन से मांगी गई हर इच्छा पूरी होती है।” नवरात्रि के पहले दिन उमड़ी इस आस्था की भीड़ से पूरे क्षेत्र में भक्तिमय माहौल बन गया है, जो अगले नौ दिनों तक इसी तरह बना रहेगा। देखिए अन्य तस्वीरें…

केरल विधानसभा चुनाव 2026: बीजेपी ने जारी की दूसरी सूची, 39 उम्मीदवारों के नाम | राजनीति समाचार

Stock Market Crash LIVE

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 11:29 IST दूसरी सूची में छह महिलाओं को शामिल किया गया है, जिससे नामांकित महिलाओं की कुल संख्या 13 हो गई है। बीजेपी ने 39 उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी की (प्रतिनिधि छवि) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने गुरुवार को आगामी केरल विधानसभा चुनाव के लिए 39 उम्मीदवारों की अपनी दूसरी सूची जारी की। इसके साथ ही पार्टी अब तक कुल 86 उम्मीदवारों के नाम की घोषणा कर चुकी है. पार्टी ने पूर्व प्रदेश भाजपा अध्यक्ष और मिजोरम के पूर्व राज्यपाल कुम्मनम राजशेखरन को अरनमुला सीट से मैदान में उतारा है। सीसी मुकंदन को नत्तिला सीट से चुनाव लड़ने के लिए नामित किया गया है। भाजपा द्वारा जारी सूची के अनुसार, दीपक पुजक्कल तनूर सीट से और अश्विनिनी एमएल कासरगोड से चुनाव लड़ेंगे। पथ्माश्री एम मंजेरी निर्वाचन क्षेत्र से और रेनू सुरेश कोंगड सीट से चुनाव लड़ेंगी। विशेष रूप से, दूसरी सूची में छह महिलाओं को शामिल किया गया है, जिससे कुल महिला उम्मीदवारों की संख्या 13 हो गई है। इससे पहले, पार्टी द्वारा जारी पहली सूची में सात महिला उम्मीदवारों के नाम थे। बीजेपी ने इससे पहले अपनी पहली सूची में 47 उम्मीदवारों के नाम जारी किए थे. केरल विधानसभा चुनाव 2026 केरल में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होना है, वोटों की गिनती 4 मई को होगी। राज्य में उच्च-स्तरीय चुनावी मुकाबले में सीपीआई (एम) के नेतृत्व वाले एलडीएफ और भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ के बीच कड़ी टक्कर होने की उम्मीद है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) भी विधानसभा चुनाव के मैदान में है। बीजेपी 140 सदस्यीय विधानसभा में सीटों की संख्या बढ़ाकर राज्य में अपना विस्तार करना चाह रही है। 2021 के केरल विधानसभा चुनावों में, एलडीएफ ने सत्ता बरकरार रखकर इतिहास रच दिया, 1977 के बाद पहली बार किसी सत्तारूढ़ गठबंधन ने राज्य में लगातार कार्यकाल हासिल किया। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 11:03 IST समाचार राजनीति केरल विधानसभा चुनाव 2026: भाजपा ने जारी की दूसरी सूची, 39 उम्मीदवारों के नाम घोषित अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल(टी)बीजेपी(टी)केरल चुनाव के लिए बीजेपी उम्मीदवारों की सूची(टी)केरल विधानसभा चुनाव 2026

Chhattisgarh Assembly: Religion Bill Discussion

Chhattisgarh Assembly: Religion Bill Discussion

रायपुर6 घंटे पहले कॉपी लिंक छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज धर्म स्वातंत्र्य बिल, 2026 पास हो गया है। छत्तीसगढ़ विधानसभा में आज धर्म स्वातंत्र्य विधेयक, 2026 पास हो गया है। अवैध तरीके से धर्मांतरण कराने के मामलों में दोषी पाए जाने पर 7 से 10 साल तक की जेल और कम से कम 5 लाख रुपए जुर्माना लगाया जाएगा। यदि पीड़ित नाबालिग, महिला, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति या अन्य पिछड़ा वर्ग से हो, तो सजा बढ़ाकर 10 से 20 साल तक की जेल और न्यूनतम 10 लाख जुर्माना देना होगा। वहीं, सामूहिक धर्मांतरण के मामलों में 10 साल से लेकर आजीवन कारावास होगी। कम से कम 25 लाख रुपए जुर्माना लगेगा। गृहमंत्री विजय शर्मा द्वारा पेश किया गया यह नया विधेयक वर्ष 1968 के पुराने कानून की जगह लेगा, जिसे सरकार ने वर्तमान तकनीक और सामाजिक परिस्थितियों के लिहाज से नाकाफी माना है। सरकार के अनुसार इस बिल का मकसद बल, प्रलोभन, धोखाधड़ी या गलत जानकारी देकर कराए जाने वाले धर्मांतरण पर रोक लगाना है। सदन में बिल के पास होते ही BJP विधायकों ने जय श्री राम के नारे लगाए। वहीं विपक्ष ने इस बिल का विरोध किया और वॉकआउट कर दिया था। विपक्ष का कहना था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के साथ-साथ सभी दलों के विधायकों की राय ली जानी चाहिए। सदन में यह बिल ध्वनि मत से पास हुआ। विजय शर्मा ने कांग्रेस विधायकों से कहा यह वॉकआउट नहीं बल्कि भागना है। विपक्ष ने किया धर्म स्वतंत्रता बिल का विरोध धर्म स्वतंत्रता बिल पेश होते ही नेता प्रतिपक्ष चरण दास महंत ने इसका विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के कानून देश के कई राज्यों में पहले से हैं और मामला सुप्रीम कोर्ट में भी चल रहा है, इसलिए इस बिल को जल्दबाजी में पास नहीं किया जाना चाहिए। महंत ने मांग की कि बिल को सेलेक्ट कमेटी के पास भेजा जाए, ताकि इस पर विस्तार से चर्चा हो सके। उन्होंने कहा कि इसमें सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के रिटायर्ड जजों के साथ-साथ सभी दलों के विधायकों की राय ली जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसा कोई फैसला नहीं होना चाहिए, जिससे समाज में विभाजन बढ़े। महंत ने संविधान और सहिष्णुता का हवाला देते हुए नेताओं और समाज सुधारकों के विचारों का जिक्र किया। ‘संविधान के तहत राज्य सरकार को कानून बनाने का अधिकार’ वहीं, भाजपा विधायक अजय चंद्राकर ने कांग्रेस के आरोपों को गलत बताया। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में कांग्रेस सरकार के समय भी ऐसा कानून लागू किया गया था, इसलिए इसे गलत बताना ठीक नहीं है। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री विजय शर्मा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कोई आदेश नहीं दिया है, जिससे राज्य इस तरह का कानून नहीं बना सकते। उन्होंने कहा कि संविधान के तहत कानून बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है और यह बिल पूरी तैयारी और चर्चा के बाद लाया गया है। सदन की कार्यवाही चला रहे धर्मलाल कौशिक ने कांग्रेस की आपत्तियों को खारिज कर दिया और बिल पेश करने की अनुमति दे दी। विजय शर्मा बोले- भाग रहा विपक्ष इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया और पूरे दिन की कार्यवाही का बहिष्कार किया। इस पर विजय शर्मा ने कहा कि यह वॉकआउट नहीं बल्कि भागना है। यह बिल पिछले हफ्ते ही राज्य कैबिनेट से मंजूर हुआ था। सरकार का कहना है कि इसमें 1968 के कानून को और मजबूत किया गया है और धर्मांतरण के नए तरीकों, जैसे डिजिटल और आर्थिक प्रलोभन, को भी शामिल किया गया है। फिलहाल राज्य में ‘छत्तीसगढ़ धर्म स्वतंत्रता अधिनियम, 1968’ लागू है, जिसे राज्य बनने के बाद मध्य प्रदेश से अपनाया गया था। विधायक राम कुमार टोप्पो ने वीरता पदक के लिए सुविधाओं का मुद्दा उठाया। पढ़िए सदन की कार्यवाही नेता प्रतिपक्ष बोले- त्योहार के दिन छुट्टी नहीं सदन की कार्यवाही शुरू होने के बाद सभापति धरमलाल कौशिक, डिप्टी सीएम अरुण साव और नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत ने चैत्र नवरात्रि, गुड़ी पड़वा और हिन्दू नववर्ष की शुभकामनाएं दीं। चरणदास महंत- लोकसभा में सत्र चल रहा था, लेकिन आज वहां अवकाश दिया गया। हम हिन्दू राष्ट्र की कल्पना कर रहे हैं, शायद इसी सोच के तहत वहां छुट्टी दी गई। हम यहां ऐसा नहीं कर पाए, इसका मुझे दुख है। आपके माध्यम से मैं अपनी भावना व्यक्त करना चाहता हूं। 1. रामकुमार टोप्पो ने उठाया वीरता पदक का मुद्दा सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो- मेरा प्रश्न छत्तीसगढ़ के उन बहादुर जवानों को लेकर है। वीरता पदक किन कारणों से दिया जाता है। वीरता दिखाने की स्थिति में क्या उनकी जान भी जा सकती थी। वीरता घोषित करने का अधिकार किसके पास है। गृहमंत्री विजय शर्मा – सदस्य खुद सेना के जवान रहे हैं और उन्होंने खुद भी वीरता पदक प्राप्त किया है। छत्तीसगढ़ देश का ऐसा प्रदेश है, जिसे 2024 में राष्ट्रपति का कलर अवार्ड मिला, जो किसी भी बल के लिए सबसे बड़ा सम्मान होता है। रामकुमार टोप्पो – परिशिष्ट में राष्ट्रपति द्वारा दिए जाने वाले दो पदकों का उल्लेख नहीं है। पीपीएमजी (प्रेसिडेंट पुलिस मेडल ऑफ गैलेंट्री) और पीएमजी (पुलिस मेडल ऑफ गैलेंट्री) का जिक्र नहीं होने का क्या कारण है। क्या राज्य शासन इन्हें वीरता पदक के रूप में सम्मान नहीं देता। विजय शर्मा – प्रश्न के अनुसार उत्तर दिया गया है। राष्ट्रपति का वीरता पदक और पुलिस पदक दोनों ही मामलों में पदक प्राप्त करने वाले को 6 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन में जोड़कर आजीवन दिया जाता है। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शौर्य पदक भी है, जिसमें 1500 रुपए प्रतिमाह जीवनभर दिया जाता है। फिलहाल एकमुश्त सम्मान राशि का प्रावधान नहीं है, लेकिन इस प्रश्न के बाद इस पर सरकार स्तर पर विचार किया जाएगा। रामकुमार टोप्पो – जो दो पदक छूटे हैं, क्या उन्हें भी शामिल किया जाएगा। साथ ही केवल सम्मान राशि का जिक्र है, लेकिन पदक प्राप्तकर्ताओं को मिलने वाली भूमि का उल्लेख नहीं है। विजय शर्मा – परमवीर चक्र पर 20 हजार रुपए प्रतिमाह और महावीर चक्र पर 10 हजार रुपए प्रतिमाह वेतन में जोड़कर दिया जाता है। रामकुमार टोप्पो – राज्य में पदक प्राप्तकर्ताओं के लिए भूमि, रोजगार, भर्तियों में प्राथमिकता, बस सुविधा, स्वास्थ्य और बच्चों की पढ़ाई के लिए विशेष

ऑपरेशन सिंदूर के बाद धुरंधर से पाकिस्तानी सिंगर की एंट्री:1 गीत के 45 लाख लिए, जालंधर के खान साब ने गाया आरी-आरी, जैसमीन-सरताज का कोलैब

ऑपरेशन सिंदूर के बाद धुरंधर से पाकिस्तानी सिंगर की एंट्री:1 गीत के 45 लाख लिए, जालंधर के खान साब ने गाया आरी-आरी, जैसमीन-सरताज का कोलैब

पंजाबी गायकों ने धुरंधर द रिवेंज में अपनी आवाज से धमाल मचाई है। वहीं ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तानी कलाकारों के विरोध के बावजूद इस मूवी से पाकिस्तानी सिंगर की एंट्री हुई है। हसन जहांगीर को उसके सांग हवा-हवा के लिए 45 लाख रुपए दिए गए हैं। फिल्म के टाइटल सांग आरी-आरी को जालंधर के खान साब ने अपनी क्लासिकल आवाज दी है। इसके साथ ही जैसमीन सैंडलस और सतिंदर सरताज ने भी कोलैब किया है। गुरुवार को रिलीज हुई धुरंधर मूवी के प्रीमियर पर पंजाबी सिंगर जैसमीन और खान साब स्टेज पर नजर आए। रणबीर सिंह ने बार-बार की गाने की फरमाइस इस दौरान फिल्म के एक्टर रणवीर सिंह खान साब से बार-बार गीत सुनने की फरमाइश करते नजर आए। खान साब ने पूछा कौन सा गीत सुनना है। इस पर रणबीर कहते हैं कि वही वाला। खान साब फिर पूछते हैं कौन सा। रणबीर कहते हैं वही वाला। मुझे तो दिल पे जख्म पसंद है। इस पर खान साब उनको दिल पे जख्म खाते हैं सांग सुनाते हैं जिस पर रणबीर खूब झूमते हैं। बता दें कि दिल पे जख्म खाते सांग से ही जालंधर के रहने वाले खान साब को पहचान मिली थी। उनको भारत का नुसरत फ्तेह अली खान साहब भी कहा जाता है। खान साब ने खुद स्टेज से कहा कि वह जालंधरी हैं और कपूरथला में रह रहे हैं। पंजाबी आ गए से खान साब ने सबको संबोधित किया। धुरंधर-1 में दिलजीत ने गाया था सांग धुरंधर के पार्ट 1 में पंजाबी और बालीवुड सिंगर और जालंधर के ही रहने वाली दिलजीत दोसांझ ने अपनी आवाज दी थी। दिलजीत ने रैपर सिंगर हनुमान काइंड के साथ यार दी जिप्सी रौंदां दे नाल भरी होई है गाया था। ईजी-ईजी टाइटल से रिलीज इस गीत को लोगों को बहुत प्यार मिला था। जानें मूवी को लेकर किसने क्या कहा… खान साब बोले-मेरे लिए रुहानी अनुभव: खान साब ने कहा कि मेरे लिए धुरंधर के संगीत का हिस्सा बनना एक रूहानी अनुभव रहा है। आदित्य धर पाजी और शाश्वत सचदेव ने जिस तरह से मिट्टी की खुशबू और आधुनिक संगीत का मेल किया है, वह बेमिसाल है। आरी आरी गाते वक्त मुझे वही पुरानी पंजाब की ऊर्जा महसूस हुई। मुझे खुशी है कि लोग इस संगीत को इतना प्यार दे रहे हैं। जैस्मीन सैंडलस मेरे लिए इनोशनल मूवी पंजाबी सिंगर जैसमीन सैंडलस ने कहा कि यह फिल्म सिर्फ एक एक्शन मूवी नहीं, बल्कि एक इमोशन है। इसके पंजााबी गीतों के जरिए हमने एक नई साउंड पेश करने की कोशिश की है। रणवीर सिंह की एनर्जी ने मेरे गानों में जान फूंक दी है। यह मेरे करियर के सबसे बड़े प्रोजेक्ट्स में से एक है और मैं इसकी सफलता से बहुत उत्साहित हूं। सतिंदर सरताज ने गाया सूफी कलाम सतिंदर सरताज ने कहा कि मैंने इस फिल्म में नूर-ए-इलाही जैसा सूफी कलाम पेश किया है, जो फिल्म की डेफ्थ को दर्शाता है। यह फिल्म न्याय और बदले की एक सूफियाना जंग जैसी है। आदित्य धर का विजन बहुत स्पष्ट था कि संगीत फिल्म की कहानी का हिस्सा लगे, न कि सिर्फ मनोरंजन। यह एक ऐतिहासिक सिनेमाई अनुभव है। जानें पाकिस्तानी सिंगर को क्यों मिला इतना पैसा 90 के दशक की यादों को ताजा करने के लिए चुना गया पाकिस्तानी पॉप सिंगर हसन जहांगीर 80 के दशक के सबसे सक्सेस सिंगर हैं। उनको अपने क्लासिक गीत हवा-हवा से वर्ल्डवाइड पहचान मिली। फिल्म धुरंधर के निर्माताओं द्वारा इस गाने का चुनाव करने के पीछे मुख्य उद्देश्य दर्शकों को 90 के दशक की पुरानी यादों को नए एक्शन के साथ जोड़ना था। रणवीर सिंह की एनर्जी और फिल्म के स्पाई-थ्रिलर बैकड्रॉप के लिए इस गाने की धुन एकदम सटीक बैठती है। इसके इस्तेमाल के लिए हसन जहांगीर को 46 लाख रुपए पेमेंट की गई।

HDFC Bank Chairman Resigns; Keki Mistry Interim Chairman

HDFC Bank Chairman Resigns; Keki Mistry Interim Chairman

मुंबई2 मिनट पहले कॉपी लिंक अतनु चक्रवर्ती 1985 बैच के गुजरात कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को देर रात इस्तीफा दे दिया। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। चक्रवर्ती ने बैंक के कामकाज के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। उनके जाने के बाद रिजर्व बैंक की मंजूरी से केकी मिस्त्री को 19 मार्च से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया है। इस्तीफे की खबर के बाद आज HDFC के शेयर में 5% की गिरावट है। ये 43 रुपए गिरकर 800 रुपए के करीब कारोबार कर रहा है। इस साल HDFC बैंक का शेयर करीब 20% टूट चुका है। चक्रवर्ती बोले- बैंक की प्रैक्टिस मेरे एथिक्स से मेल नहीं खाती अतनु चक्रवर्ती ने अपने रेजिग्नेशन लेटर में बैंक के इंटरनल कल्चर और कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल के दौरान मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं और प्रथाओं को देखा है, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। केकी मिस्त्री को 3 महीने के लिए कमान सौंपी गई केकी मिस्त्री फिलहाल बैंक के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। वे HDFC लिमिटेड के बैंक में विलय से पहले उसके वाइस चेयरमैन और CEO रह चुके हैं। बैंकिंग सेक्टर में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें फिलहाल 3 महीने की कमान सौंपी गई है। केकी मिस्त्री ने गुरुवार को निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को भरोसा दिलाया कि बैंक पूरी तरह स्थिर है। बैंक में चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है। मिस्त्री ने कहा कि बोर्ड देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक में भरोसा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यभार संभालने के बाद केकी मिस्त्री ने भरोसा दिलाया कि बैंक पूरी तरह स्थिर है और चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है। मर्जर के बाद देश का दूसरा बड़ा बैंक बना था HDFC चक्रवर्ती ने कार्यकाल के दौरान हुई बड़ी उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके समय में ही HDFC लिमिटेड का बैंक के साथ विलय हुआ, जिससे यह देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मर्जर के पूरे फायदे मिलना अभी बाकी है। 1985 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं अतनु चक्रवर्ती चक्रवर्ती 1985 बैच के गुजरात कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। 35 साल की सर्विस के दौरान उन्होंने आर्थिक मामलों के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वे बजट बनाने की प्रक्रिया और निवेश विभाग के प्रमुख भी रह चुके हैं। 2021 में वें HDFC बैंक के चेयरमैन बने थे। नॉलेज बॉक्स: ‘पार्ट-टाइम चेयरमैन’ और ‘अंतरिम चेयरमैन’ में क्या फर्क है? ‘पार्ट-टाइम चेयरमैन’ वह व्यक्ति होता है जो बैंक के रोजमर्रा के मैनेजमेंट में शामिल नहीं होता, बल्कि बोर्ड की बैठकों की अध्यक्षता करता है और नीतिगत फैसलों में गाइडेंस देता है। वहीं, ‘अंतरिम चेयरमैन’ एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसे तब नियुक्त किया जाता है जब अचानक चेयरमैन का पद खाली हो जाए और नए पक्के चेयरमैन की तलाश जारी हो। चूंकि बैंक में जनता का पैसा जमा होता है और यह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं, इसलिए रिजर्व बैंक की मंजूरी अनिवार्य है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियुक्त व्यक्ति ‘फिट एंड प्रॉपर’ है और उसके पास बैंक चलाने के लिए जरूरी योग्यता और ईमानदारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

HDFC Bank Chairman Resigns; Keki Mistry Interim Chairman

HDFC Bank Chairman Resigns; Keki Mistry Interim Chairman

मुंबई16 मिनट पहले कॉपी लिंक अतनु चक्रवर्ती 1985 बैच के गुजरात कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन और इंडिपेंडेंट डायरेक्टर अतनु चक्रवर्ती ने 18 मार्च को देर रात इस्तीफा दे दिया। बैंक ने स्टॉक एक्सचेंज फाइलिंग में इसकी जानकारी दी है। चक्रवर्ती ने बैंक के कामकाज के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए हैं। उनके जाने के बाद रिजर्व बैंक की मंजूरी से केकी मिस्त्री को 19 मार्च से तीन महीने के लिए अंतरिम चेयरमैन बनाया है। इस्तीफे की खबर के बाद आज HDFC के शेयर में 5% की गिरावट है। ये 43 रुपए गिरकर 800 रुपए के करीब कारोबार कर रहा है। इस साल HDFC बैंक का शेयर करीब 20% टूट चुका है। चक्रवर्ती बोले- बैंक की प्रैक्टिस मेरे एथिक्स से मेल नहीं खाती अतनु चक्रवर्ती ने अपने रेजिग्नेशन लेटर में बैंक के इंटरनल कल्चर और कामकाज पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल के दौरान मैंने बैंक के भीतर कुछ ऐसी घटनाओं और प्रथाओं को देखा है, जो मेरे व्यक्तिगत मूल्यों और नैतिकता के अनुरूप नहीं हैं। केकी मिस्त्री को 3 महीने के लिए कमान सौंपी गई केकी मिस्त्री फिलहाल बैंक के बोर्ड में नॉन-एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर के रूप में काम कर रहे हैं। वे HDFC लिमिटेड के बैंक में विलय से पहले उसके वाइस चेयरमैन और CEO रह चुके हैं। बैंकिंग सेक्टर में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें फिलहाल 3 महीने की कमान सौंपी गई है। केकी मिस्त्री ने गुरुवार को निवेशकों और स्टेकहोल्डर्स को भरोसा दिलाया कि बैंक पूरी तरह स्थिर है। बैंक में चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है। मिस्त्री ने कहा कि बोर्ड देश के सबसे बड़े प्राइवेट सेक्टर बैंक में भरोसा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है। कार्यभार संभालने के बाद केकी मिस्त्री ने भरोसा दिलाया कि बैंक पूरी तरह स्थिर है और चिंता की कोई बड़ी बात नहीं है। रिजर्व बैंक बोला- HDFC में कोई गंभीर चिंता की बात नहीं इस मामले पर रिजर्व बैंक ने कहा कि HDFC बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन पद को लेकर बैंक की तरफ से जो अस्थायी व्यवस्था मांगी गई थी, उसे रिजर्व बैंक ने मंजूरी दे दी है। HDFC बैंक देश का एक ‘सिस्टेमिकली इम्पोर्टेन्ट बैंक’ है, जिसकी वित्तीय हालत मजबूत है। बोर्ड पेशेवर तरीके से काम कर रहा है और मैनेजमेंट टीम काफी काबिल है। बैंक के कामकाज या गवर्नेंस को लेकर फिलहाल कोई गंभीर चिंता की बात नहीं है। बैंक के पास पर्याप्त पूंजी है और लिक्विडिटी यानी नकदी की स्थिति भी संतोषजनक है। रिजर्व बैंक आगे के रास्तों को लेकर बैंक के बोर्ड और मैनेजमेंट के साथ लगातार संपर्क में बना रहेगा। मर्जर के बाद देश का दूसरा बड़ा बैंक बना था HDFC चक्रवर्ती ने अपने कार्यकाल की बड़ी उपलब्धियों का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनके समय में ही HDFC लिमिटेड का बैंक के साथ विलय हुआ, जिससे यह देश का दूसरा सबसे बड़ा बैंक बन गया। उन्होंने यह भी जोड़ा कि इस मर्जर के पूरे फायदे मिलना अभी बाकी है। 1985 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं अतनु चक्रवर्ती अतनु चक्रवर्ती 1985 बैच के गुजरात कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी हैं। 35 साल की सर्विस के दौरान उन्होंने आर्थिक मामलों के सचिव जैसे महत्वपूर्ण पदों पर काम किया है। वे बजट बनाने की प्रक्रिया और निवेश विभाग के प्रमुख भी रह चुके हैं। अप्रैल 2021 में चक्रवर्ती को HDFC बैंक का चेयरमैन बनाया गया था। मई 2024 में फिर से इस पद पर नियुक्त किया गया था। उनका यह कार्यकाल मई 2027 तक चलने वाला था। नॉलेज बॉक्स: ‘पार्ट-टाइम चेयरमैन’ और ‘अंतरिम चेयरमैन’ में क्या फर्क है? ‘पार्ट-टाइम चेयरमैन’ वह व्यक्ति होता है जो बैंक के रोजमर्रा के मैनेजमेंट में शामिल नहीं होता, बल्कि बोर्ड की बैठकों की अध्यक्षता करता है और नीतिगत फैसलों में गाइडेंस देता है। वहीं, ‘अंतरिम चेयरमैन’ एक अस्थायी व्यवस्था है, जिसे तब नियुक्त किया जाता है जब अचानक चेयरमैन का पद खाली हो जाए और नए पक्के चेयरमैन की तलाश जारी हो। चूंकि बैंक में जनता का पैसा जमा होता है और यह देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ होते हैं, इसलिए रिजर्व बैंक की मंजूरी अनिवार्य है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नियुक्त व्यक्ति ‘फिट एंड प्रॉपर’ है और उसके पास बैंक चलाने के लिए जरूरी योग्यता और ईमानदारी है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

खरगोन में तीन दिन ओला-बारिश का अलर्ट:खेतों में पड़ी 60% गेहूं की फसल पर खतरा; 70-80 km/h की रफ्तार से चली हवाएं

खरगोन में तीन दिन ओला-बारिश का अलर्ट:खेतों में पड़ी 60% गेहूं की फसल पर खतरा; 70-80 km/h की रफ्तार से चली हवाएं

खरगोन में गुरुवार को अचानक मौसम बदल गया और 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाओं के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट जारी किया है। इस बदलाव से 39 डिग्री के तापमान वाली गर्मी से राहत तो मिली है, लेकिन खेतों में खड़ी 60 प्रतिशत गेहूं की फसल खराब होने का खतरा बढ़ गया है। खरगोन में तेज गर्मी के बीच बुधवार रात गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी हुई और गुरुवार सुबह भी हल्की बारिश दर्ज की गई। इस दौरान 70 से 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलीं, जिससे 39 डिग्री सेल्सियस तापमान वाली गर्मी से लोगों को राहत मिली। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक जिले में गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि की चेतावनी जारी की है। 60 प्रतिशत गेहूं की फसल पर बढ़ा खतरा जिले में इन दिनों गेहूं की कटाई का काम चल रहा है, लेकिन लगभग 60 प्रतिशत फसल अभी भी खेतों में खड़ी है या कटाई के बाद पड़ी हुई है। अचानक बदले मौसम और ओलावृष्टि की आशंका ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। किसान अपनी कटी हुई फसल को बारिश से बचाने के लिए उसे प्लास्टिक तिरपाल से ढंकने का प्रयास कर रहे हैं। किसान बोले- तैयार फसल खराब होने का डर वड़ा गांव के किसान वीरेंद्र सिंह चौहान ने बताया, “ओला-बारिश से तैयार फसल खराब होने का डर है।” इस साल खरगोन जिले में 1.65 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई थी, जिसमें से लगभग 70 हजार हेक्टेयर में कटाई पूरी हो चुकी है। 1 अप्रैल से शुरू होगी समर्थन मूल्य पर खरीदी खेतों में फसल की कटाई के साथ-साथ जिले में थ्रेसिंग और भंडारण का काम भी जारी है। किसानों की उपज के लिए जिले में 1 अप्रैल से समर्थन मूल्य पर गेहूं की खरीदी शुरू की जाएगी।

चैत्र नवरात्रि शुरू, पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा:नरसिंहपुर के सदर मड़िया मंदिर में मांगी हर मुराद पूरी होती; दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

चैत्र नवरात्रि शुरू, पहले दिन मां शैलपुत्री की पूजा:नरसिंहपुर के सदर मड़िया मंदिर में मांगी हर मुराद पूरी होती; दूर-दूर से पहुंचे श्रद्धालु

चैत्र नवरात्रि का पावन पर्व आज गुरुवार से शुरू हो गया है। पहले दिन मां दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की जा रही है। सुबह की पहली किरण के साथ ही मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी और पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। नरसिंहपुर शहर के प्राचीन सदर मड़िया मंदिर में भी आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला। यहां सुबह से ही भक्तों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने मां को जल अर्पित कर पूजा की और अपने परिवार की सुख-समृद्धि की कामना की। मान्यता है कि मांगी गई हर मुराद पूरी होती मंदिर को लेकर लोगों में गहरी आस्था है कि यहां मांगी गई हर मुराद पूरी होती है। इसी कारण दूर-दूर से श्रद्धालु यहां दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मनोकामना पूर्ण होने पर भक्त घट-कलश स्थापना भी कराते हैं। मंदिर के पुजारी मोहित कृष्ण शास्त्री ने बताया कि चैत्र नवरात्रि का पहला दिन हिंदू नववर्ष की शुरुआत का प्रतीक माना जाता है। इस नौ दिवसीय पर्व में मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा की जाती है। उन्होंने ब्रह्म पुराण का हवाला देते हुए कहा कि इसी कालखंड में ब्रह्मा जी ने सृष्टि की रचना प्रारंभ की थी, इसलिए इस पर्व का विशेष महत्व है। सच्ची श्रद्धा से मां भगवती सभी मनोकामनाएं पूर्ण करतीं पुजारी ने आगे कहा कि यदि कोई भक्त सच्चे मन और श्रद्धा से मां भगवती का स्मरण करता है, तो मां उसकी पुकार अवश्य सुनती हैं और उसकी सभी मनोकामनाएं पूर्ण करती हैं। यही कारण है कि देशभर में चैत्र नवरात्रि का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है।

Allu Arjun Praises Dhruva 2

Allu Arjun Praises Dhruva 2

3 मिनट पहले कॉपी लिंक साउथ एक्टर अल्लू अर्जुन ने फिल्म धुरंधर 2 देखने के बाद इसकी तारीफ की। उन्होंने कहा कि यह हर भारतीय को गर्व महसूस कराएगी। उन्होंने रणवीर सिंह और आर माधवन समेत फिल्म की पूरी स्टार कास्ट की परफॉर्मेंस की भी सराहना की। बुधवार को अल्लू अर्जुन ने ट्वीट करते हुए फिल्म को लेकर लिखा, “अभी-अभी धुरंधर 2 देखी-देशभक्ति के साथ जबरदस्त स्वैग है। यह एक ऐसी फिल्म है जो हर देशभक्त को गर्व महसूस कराएगी। कई ऐसे पल हैं, जहां आप तालियां बजाने से खुद को रोक नहीं पाएंगे। पूरी तरह धमाका! पूरी टीम को बधाई।” उन्होंने आगे लिखा, “आर माधवन और सभी कलाकारों का शानदार प्रदर्शन है। टेक्निकल लेवल पर भी फिल्म कमाल की है। मुझे गर्व है कि हमारे देश में मेरे भाई रणवीर सिंह जैसे बेहतरीन और बहुमुखी अभिनेता हैं। रणवीर सिंह फायर हैं। आदित्य धर ने कमाल कर दिया, वे पूरी तरह छा गए। हमारे देश में उनके जैसे शानदार फिल्ममेकर्स होना गर्व की बात है। एक भारतीय कहानी… इंटरनेशनल स्वैग के साथ! जय हिंद।” अल्लू अर्जुन का ट्वीट। आर माधवन ने आभार जताया वहीं, अल्लू अर्जुन को धन्यवाद देते हुए आर माधवन ने ट्वीट के रिप्लाई में लिखा, “मैं बेहद विनम्र, भावुक और बहुत ज्यादा प्रेरित महसूस कर रहा हूं। आपकी तरफ से ये सुनना मेरे लिए बहुत मायने रखता है, मेरे प्यारे भाई।” आगे उन्होंने लिखा, “मैंने आपकी सभी फिल्में आपकी काबिलियत के प्रति गहरे सम्मान और हैरानी के साथ देखी हैं और यह जानकर बहुत शानदार महसूस हो रहा है कि यह भावना दोनों तरफ से है। भगवान आपका भला करे। मेरे करियर और जिंदगी के इस अहम मोड़ पर यह पहला ऑनलाइन रिव्यू मेरे लिए बेहद खास है।” आर माधवन का ट्वीट। बता दें कि धुरंधर 2 में रणवीर सिंह, अर्जुन रामपाल, संजय दत्त और आर माधवन हैं। फिल्म को आदित्य धर ने लिखा, डायरेक्ट और प्रोड्यूस किया है। इसके साथ ही ज्योति देशपांडे और लोकेश धर भी फिल्म के प्रोड्यूसर हैं। फिल्म को जियो स्टूडियोज ने प्रेजेंट किया है और यह बी62 स्टूडियोज के बैनर तले बनी है। धुरंधर को शानदार रिस्पॉन्स मिला था गौरतलब है कि फिल्म धुरंधर के पहले पार्ट ने भारत के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय बॉक्स ऑफिस पर भी शानदार प्रदर्शन किया था। फिल्म ने दुनिया भर में करीब ₹1,303 करोड़ की कमाई की। भारत में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन ₹1,005.85 करोड़ रहा, जबकि नेट कलेक्शन लगभग ₹836.95 करोड़ हुआ। इसके साथ ही यह भारत में सबसे ज्यादा कमाई करने वाली हिंदी सिंगल-लैंग्वेज फिल्म बन गई। विदेशी बाजारों में भी फिल्म धुरंधर को जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला। ओवरसीज में इसने करीब ₹299.5 करोड़ का कारोबार किया। खासतौर पर अमेरिका और कनाडा में फिल्म ने ₹193.06 करोड़ से ज्यादा की कमाई कर ‘बाहुबली 2’ का रिकॉर्ड भी पीछे छोड़ दिया। दिलचस्प बात यह है कि यह बड़ी सफलता फिल्म को तब मिली, जब इसे खाड़ी देशों में रिलीज की अनुमति नहीं मिली थी। इसके अलावा ‘धुरंधर’ भारतीय सिनेमा की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली ‘A’ रेटेड फिल्म भी बन गई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

30-35 की उम्र में याददाश्त कमजोर क्यों हो रही है? क्या यह दिमागी बीमारी का संकेत, डॉक्टर से जानिए सच

authorimg

The Science of Brain Fog: जब व्यक्ति बुजुर्ग हो जाता है, तब उसकी याददाश्त कमजोर होने लगती है. यह उम्र का एक असर होता है और कई अन्य कारण भी इस परेशानी को बढ़ा देते हैं. मगर आजकल 30 से 40 साल की उम्र के लोग छोटी-छोटी चीजों को भूल रहे हैं और उनकी याददाश्त कमजोर होती दिख रही है. लोग अपने ऑफिस की चीजों से लेकर घर के कई जरूरी काम भूल जाते हैं. ऐसे में सवाल उठता है कि क्या यह ब्रेन से जुड़ी किसी बीमारी का संकेत है? हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो युवाओं में भूलने की समस्या आमतौर पर कोई बीमारी नहीं होती है. आजकल की मॉडर्न लाइफस्टाइल और वर्कलोड के कारण ऐसा हो रहा है. अत्यधिक तनाव, अधूरी नींद और डिजिटल ओवरलोड के कारण हमारा ब्रेन थका हुआ महसूस कर रहा है. जयपुर के सीके बिरला हॉस्पिटल के न्यूरोसाइंसेस डिपार्टमेंट के डायरेक्ट डॉ. अंजनी कुमार शर्मा ने TOI को बताया कि आज के दौर में हमारा ब्रेन सूचनाओं की बाढ़ से घिरा हुआ है. 90 के दशक में एक कर्मचारी के पास सीमित डिजिटल इनपुट होते थे, लेकिन आज हर कुछ मिनटों में नोटिफिकेशन, ईमेल, व्हाट्सएप मैसेज और सोशल मीडिया अलर्ट्स ध्यान भंग करते हैं. याददाश्त बनाने के लिए एकाग्रता जरूरी है. जब हमारा ध्यान बार-बार डिस्टर्ब होता है, तो ब्रेन जानकारी को ठीक से एनकोड नहीं कर पाता. 30 की उम्र में याददाश्त की शिकायतें अक्सर एकाग्रता की कमी, विटामिन B12 की कमी, थायराइड डिसऑर्डर और स्क्रीन के ओवर एक्सपोजर के कारण होती हैं. अधिकतर मामलों में ऐसा किसी दिमागी बीमारी के कारण नहीं होता है. डॉक्टर के मुताबिक तनाव केवल भावनात्मक नहीं, बल्कि बायोलॉजिकल प्रक्रिया है. जब हम लगातार तनाव में रहते हैं, तो शरीर कोर्टिसोल नामक हार्मोन रिलीज करता है. कोर्टिसोल की ज्यादा मात्रा ब्रेन के हिप्पोकैम्पस हिस्से को प्रभावित करती है, जो याददाश्त का मुख्य केंद्र है. आज के युवा करियर, फाइनेंशियल प्रेशर और सामाजिक तुलना के बीच लगातार सर्वाइवल मोड में रहते हैं. इस मोड में मस्तिष्क नई यादें जमा करने के बजाय केवल खतरों को पहचानने को प्राथमिकता देता है. बार-बार मल्टीटास्किंग करने से जानकारी को गहराई से सहेजने की क्षमता कम हो जाती है, जिसे अक्सर लोग मेमोरी लॉस समझते हैं. सेहत, रिलेशनशिप, लाइफ या धर्म-ज्योतिष से जुड़ी है कोई निजी उलझन तो हमें करें WhatsApp, आपका नाम गोपनीय रखकर देंगे जानकारी. याददाश्त को बेहतर बनाए रखने के लिए अच्छी नींद जरूरी है. गहरी नींद के दौरान ब्रेन दिन भर की जानकारियों को प्रोसेस और स्टोर करने का काम करता है. एक वयस्क को रोज कम से कम 7 घंटे की नींद की जरूरत होती है, लेकिन अधिकांश कामकाजी लोग केवल 5 से 6 घंटे ही सो पाते हैं. नींद की यह कमी सबसे पहले वर्किंग मेमोरी को प्रभावित करती है, जिससे हाल की बातचीत, अपॉइंटमेंट या निर्देश याद रखने में कठिनाई होती है. अगर नींद की क्वालिटी खराब है, तो ब्रेन नई जानकारी को बचाने में असमर्थ हो जाता है, जिससे सोचने की क्षमता भी धीमी पड़ जाती है. आज हम फोन नंबर याद नहीं रखते और नेविगेशन के लिए पूरी तरह ऐप्स पर निर्भर हैं. इस डिजिटल निर्भरता ने हमारे मस्तिष्क को स्कैनिंग और स्क्रॉलिंग का आदी बना दिया है, लेकिन डीप रिकॉल की क्षमता को कम कर दिया है. इसके अलावा डिप्रेशन और एंजायटी जैसे फैक्टर्स की याददाश्त को प्रभावित करते हैं. मानसिक तनाव सीधे तौर पर निर्णय लेने और एकाग्रता की शक्ति को कम कर देता है. जब व्यक्ति का मूड बेहतर होता है, तो उसकी याददाश्त भी अपने आप सुधरने लगती है. इसके अलावा कम उम्र में ही हाई बीपी, डायबिटीज और मोटापे जैसी बीमारियों का बढ़ना मस्तिष्क की सेहत के लिए चिंताजनक है. विशेषज्ञों का कहना है कि अगर आप चाबियां कहीं रखकर भूल जाते हैं, तो यह सामान्य है, लेकिन अगर आप चाबियों का इस्तेमाल करना ही भूल जाएं, तो यह गंभीर चेतावनी हो सकती है. डॉक्टर का कहना है कि 30 की उम्र में होने वाले कॉग्निटिव स्ट्रेन को रिवर्स किया जा सकता है. दरअसल यह मस्तिष्क की कमजोरी नहीं, बल्कि इसके अति-उत्तेजित होने का संकेत है. नियमित और गहरी नींद, डिजिटल डिटॉक्स, एरोबिक एक्सरसाइज, संतुलित पोषण और तनाव प्रबंधन के जरिए कुछ ही महीनों में याददाश्त में काफी सुधार किया जा सकता है. अगर हम अपने मस्तिष्क का सही ख्याल रखें, तो वह पूरी क्षमता के साथ प्रतिक्रिया देता है. अगर सभी चीजें ठीक होने के बावजूद अगर आपको याददाश्त से जुड़ी समस्याएं पैदा होती हैं, तो इस बारे में डॉक्टर से मिलकर कंसल्ट करें.