भागवत बोले- RSS को 86 संभागों में बांटेंगे:लेकिन काम का तरीका नहीं बदलेगा; कहा- बयान गलत तरीके से दिखाने वालों पर हंसी आती है

मोहन भागवत ने कहा कि RSS का काम बहुत तेजी से बढ़ रहा है और लोगों की उम्मीदें भी बढ़ रही हैं, इसलिए अब काम को अलग-अलग हिस्सों में बांटने विकेंद्रीकरण की शुरुआत की जा रही है। नागपुर में एक मराठी अखबार के 100 साल पूरे होने पर उन्होंने बताया कि स्वयंसेवकों को मजबूत बनाने और काम बेहतर करने के लिए संगठन में बदलाव किए गए हैं। उन्होंने कहा कि पहले RSS में 46 प्रांत थे, अब इन्हें बढ़ाकर छोटी-छोटी इकाईयों यानी 86 संभागों में बांटा जाएगा, ताकि स्थानीय स्तर पर काम आसानी और अच्छे तरीके से हो सके। भागवत कहा कि संघ के काम करने का तरीका नहीं बदलेगा। दोस्ती बनाकर और अच्छे उदाहरण देकर समाज में बदलाव लाना ही संघ का मुख्य तरीका है, और यह आगे भी चलता रहेगा। अपने बयानों को गलत तरीके से दिखाने पर उन्होंने कहा कि उन्हें इस पर हंसी आती है और वे ऐसे लोगों के लिए सहानुभूति रखते हैं। संघ प्रमुख की स्पीच की बड़ी बातें… मोहन भागवत के पिछले 3 बड़े बयान… 8 फरवरी: मुंबई में कहा- संघ कहे तो पद छोड़ दूंगा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि यदि संघ उनसे पद छोड़ने को कहेगा, तो वे तुरंत ऐसा करेंगे। आमतौर पर 75 साल की उम्र के बाद किसी पद पर नहीं रहने की परंपरा की बात कही जाती है। RSS प्रमुख ने कहा कि सरसंघचालक बनने के लिए क्षत्रिय, वैश्य, शूद्र या ब्राह्मण होना कोई योग्यता नहीं है। जो हिंदू संगठन के लिए काम करता है। वही सरसंघचालक (RSS प्रमुख) बनता है। पूरी खबर पढ़ें… 7 फरवरी: संघ प्रमुख बोले- भारत में रहने वाले सभी हिंदू संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत में हिंदू ही है और कोई है ही नहीं। किसी खास रस्म या प्रार्थना से जुड़े धर्म को नहीं दिखाता है, न ही यह किसी खास समुदाय का नाम है। RSS किसी के खिलाफ नहीं है और न ही उसे सत्ता या पावर की इच्छा है। संघ राजनीति में सीधे तौर पर शामिल नहीं है, हालांकि संघ के कुछ लोग राजनीति में सक्रिय हैं। भागवत ने कहा कि बहुत से लोग कहते हैं कि नरेंद्र भाई आरएसएस के प्रधानमंत्री है। उनकी पॉलिटिकल पार्टी बीजेपी अलग है। उसमें बहुत स्वयंसेवक है, लेकिन संघ की नहीं। संघ के स्वयंसेवक उसमें हैं। पूरी खबर पढ़ें… 2 फरवरी: अवैध बांग्लादेशी-रोहिंग्या की पहचान करना सरकार की जिम्मेदारी RSS प्रमुख मोहन भागवत ने हैदराबाद में कहा कि अवैध रूप से भारत में घुसने वाले बांग्लादेशी और रोहिंग्या लोगों की पहचान करना और उन्हें देश से बाहर भेजना सरकार की जिम्मेदारी है। नागरिक इस तरह के मामलों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को दे सकते हैं। पूरी खबर पढ़ें… ——————————————– ये खबर भी पढ़ें… भागवत बोले- भाजपा को RSS कंट्रोल नहीं करता, संघ को पार्टी के नजरिए से देखना गलत RSS प्रमुख डॉ. मोहन भागवत ने कहा कि भाजपा या विश्व हिंदू परिषद के नजरिए से आरएसएस को समझना गलत है। सभी स्वतंत्र रूप से काम करते हैं और संघ किसी (भाजपा) को कंट्रोल नहीं करता। संघ का उद्देश्य सत्ता, टिकट या चुनाव नहीं, बल्कि समाज की गुणवत्ता और चरित्र निर्माण है। पूरी खबर पढ़ें…
बैतूल में ईद उल फितर शनिवार को मनाई जाएगी:शहर की 10 मस्जिदों और ईदगाह पर नमाज का समय तय

बैतूल में ईद उल फितर का पर्व शनिवार को मनाया जाएगा। गुरुवार को चांद नजर नहीं आने के बाद 30 रोजे पूरे होने के साथ यह फैसला लिया गया है। इससे पहले गुरुवार को चांद दिखने की संभावना जताई जा रही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। सऊदी अरब में भी पहले दिन चांद नहीं दिखा था, जिसके चलते वहां शुक्रवार को ईद मनाए जाने की संभावना है। आमतौर पर सऊदी अरब में भारत से एक दिन पहले ईद मनाई जाती है। इस बीच, बैतूल में अंजुमन इस्लामिया कमेटी ने शहर की सभी मस्जिदों के इमामों और जिम्मेदारों के साथ बैठक की। इस बैठक में ईद की नमाज के समय निर्धारित किए गए हैं। जारी सूची के अनुसार, विभिन्न मस्जिदों और ईदगाह पर नमाज का समय इस प्रकार है: ईदगाह सदर में सुबह 8:30 बजे, जामा मस्जिद कोठी बाजार में 9:00 बजे, हसनैन मस्जिद में 9:15 बजे, गोसिया रहमानिया मस्जिद में 9:00 बजे, सदर मस्जिद में 9:30 बजे, गंज मस्जिद में 9:00 बजे, गंज कोतवाली मस्जिद में 8:45 बजे, दरअसल फ्लाट मस्जिद में 9:15 बजे, अहल-ए-हदीस मस्जिद में 7:30 बजे, कादिरशाह मस्जिद चक्कर रोड में 9:00 बजे और मदीना मस्जिद मुर्गी चौक में 9:00 बजे नमाज अदा की जाएगी। कमेटी ने सभी लोगों से अपील की है कि वे निर्धारित समय पर ही नमाज अदा करें और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें। कमेटी कल शुक्रवार चांद दिखने के बाद पृथक से ईद का त्यौहार मनाए जाने की घोषणा करेगी।
असम चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची | राजनीति समाचार

आखरी अपडेट:मार्च 19, 2026, 21:32 IST कांग्रेस ने असम चुनाव 2026 के लिए उम्मीदवारों की सूची जारी की। यहां पूरे निर्वाचन क्षेत्र-वार नाम देखें। असम प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गौरव गोगोई ने गुवाहाटी में एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया। (फाइल फोटो) कांग्रेस उम्मीदवारों की सूची असम विधानसभा चुनाव 2026: असम में कांग्रेस ने आगामी 2026 विधानसभा चुनाव के लिए उम्मीदवारों की पहली सूची जारी कर दी है। जोरहाट के सांसद और असम प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गौरव गोगोई जोरहाट विधान क्षेत्र से चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। असम में मतदान कार्यक्रम भारतीय चुनाव आयोग (ईसीआई) के अनुसार, असम में विधानसभा चुनाव एक ही चरण में निर्धारित किया गया है, जिसमें 9 अप्रैल, 2026 को मतदान होगा। वोटों की गिनती 4 मई को होगी. पूरी सूची यहां देखें गौरीपुर – अब्दुस सोबहान अली सरकार गोलपारा पश्चिम (एसटी) – मार्कलाइन मराक बोंगाईगांव – गिरीश बरुआ बारपेटा (एससी) – महानंदा सरकार बोको-चायगांव (एसटी)- रामेन सिंह राभा हाजो-सुआलकुची (एससी) – नंदिता दास कमालपुर-सत्यब्रत कलिता दिसपुर – मीरा बोरठाकुर गोस्वामी बरखेत्री – दिगंता बर्मन नलबाड़ी – अशोक कुमार सरमा तिहू – रतुल पटुवारी सिपाझार – बिनंदा कुमार सैकिया जगीरोड (एससी) – बुबुल दास रुपहीहाट- नुरुल हुदा समागुरी – तंजील हुसैन राहा (एससी) – उत्पल बनिया लुमडिंग – स्वपन कर बरचाला – रिपुन बोरा बिहपुरिया- नारायण भुइयां जोनाई (एसटी) – राज कुमार मेदक डूमडूमा-दुर्गा भूमिज मार्गेरिटा – प्रतीक बोरदोलोई चबुआ-लाहोवाल – प्रांजल घटोवार दुलियाजान-ध्रुबा गोगोई नाहरकटिया – प्रणति फुकन सोनारी- उत्पल गोगोई डेमो – अजॉय कुमार गोगोई नाज़िरा – देबब्रत सैकिया माजुली (एसटी) – इंद्रनील पेगु तेओक – पल्लबी सैकिया गोगोई जोरहाट-गौरव गोगोई गोलाघाट – बिटुपन सैकिया बोकाजन (एसटी) – रैटन एंगटी रोंगखांग (एसटी) – ऑगस्टीन एंघी लखीपुर- एम. शांति कुमार सिंहा उधरबोंड – अजीत सिंह बरखोला- डॉ अमित कुमार कलवार सिलचर – अभिजीत पॉल सोनाई – अमीनुल हक लस्कर करीमगंज उत्तर – जकारिया अहमद पथरकंडी – कार्तिक सेना सिन्हा रामकृष्ण नगर (एससी) – सुरुचि रॉय गोलकगंज-कार्तिक चन्द्र राय बिरसिंग जारुआ – वाजेद अली चौधरी बिलासिपारा – अमृत बादशा मनकचर – मोहिबुर रोहमान गोलपाड़ा पूर्व – अबुल कलाम रशीद आलम दुधनाई (एसटी) – किशोर कुमार ब्रह्मा श्रीजंगराम – नुरुल इस्लाम मांडिया-अब्दुल खालिक चमरहिया – रकीबुद्दीन अहमद रंगिया – प्राणजीत चौधरी डिमोरिया (एससी) – किशोर कुमार बरुआ न्यू गुवाहाटी – सांतनु बोरा मंगलदाई – रिजु मोनी तालुकदार होजाई – झिल्ली चौधरी ढेकियाजुली – बताश उरांग रंगपारा – कार्तिक चंद्र कुर्मी गोहपुर- डॉ शंकर ज्योति कुटुम धेमाजी (एसटी) – सैलेन सोनोवाल तिनसुकिया – डेविड फुकन तिंगखोंग – बिपुल गोगोई डेरगांव – सागरिका बोरा ढोलई (एससी) – ध्रुबज्योति पुरकायस्थ करीमगंज दक्षिण – अमीनूर रशीद चौधरी कोकराझार (एसटी) – माणिक च. ब्रह्मा बाओखुंगरी – सपाली मारक परबतझोड़ा-मो. अशरफुल इस्लाम शेख धुबरी – बेबी बेगम जलेश्वर – आफताब उद्दीन मोल्ला अभयपुरी – प्रदीप सरकार सिडली चिरांग (एसटी) – मतिलाल नारज़ारी चेंगा – अब्दुर रहीम अहमद पाकबेटबारी – जाकिर हुसैन सिकदर बक्सा (एसटी)-जगदीश मदाही तामुलपुर (एसटी)- रफी दैमारी उदलगुरी (एसटी) – सोरेन दैमारी लहरीघाट – डॉ. आसिफ मोहम्मद नज़र नगांव-बताद्रबा – डॉ. दुर्लव चामुआ नादुर – सुनील छेत्री रोंगोनाडी – जॉयन्टो खौंड लखीमपुर-घाना बुरागोहेन ढकुआखाना (एसटी) – आनंद नाराह मकुम – सिबनाथ चेतिया खुमताई-रोसेलिना तिर्की हावड़ाघाट (एसटी) – संजीब टेरोन अल्गापुर-कतलीचेर्रा – जुबैर अनम मजूमदार जगह : दिल्ली, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 19, 2026, 21:32 IST समाचार राजनीति असम चुनाव 2026: विधानसभा चुनावों के लिए कांग्रेस उम्मीदवारों और उनके निर्वाचन क्षेत्रों की पूरी सूची अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें
Neem phool health benefits| garmi Main body ko thanda krne wale food| नीम के फूल के फायदे

Last Updated:March 19, 2026, 21:24 IST Neem flowers Benefits: नीम के पत्ते ही नहीं इसके छोटे-सफेद फूल भी सेहत के लिए वरदान साबित होते हैं. गर्मी के मौसम में इसका सेवन करने से हीटवेव के साइड इफेक्ट से बचाव में मदद मिलती है. इसमें ऐसे औषधिय गुण होते हैं, जो आपको गर्मी की मार से बचा सकते हैं. ख़बरें फटाफट Neem Ke Phool Ke Fayde: गर्मी का मौसम शुरू हो गया है. तेज धूप, लू और बढ़ती गर्मी में स्वस्थ रहना आसान नहीं होता. इस मौसम में शरीर जल्दी थक जाता है और कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं. आयुर्वेद के अनुसार इन समस्याओं से बचने के लिए नीम के फूलों का सेवन फायदेमंद होता है. ये छोटे-छोटे फूल शरीर को ठंडक देते हैं, खून साफ करते हैं, पेट की समस्याओं को दूर करते हैं और त्वचा को भी बेहतर बनाते हैं. हम सब जानते हैं कि नीम की पत्तियां कड़वी होती हैं, लेकिन इसके फूल भी बहुत लाभकारी होते हैं. पहले के समय में दादी-नानी गर्मियों में नीम के फूलों से शरबत या भुजिया बनाकर खिलाती थीं. ये फूल खुशबूदार होते हैं और इनमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं, जो शरीर को गर्मी से बचाते हैं. नीम के फूल के औषधिय गुणआयुर्वेद में नीम के फूलों को बहुत उपयोगी माना गया है. इनमें एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं. रोजाना इनका सेवन करने से खून साफ होता है, चेहरे पर निखार आता है और मुंहासे व दाग-धब्बे कम होते हैं. साथ ही यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाते हैं और भूख भी सुधारते हैं. कुछ शोधों में भी पाया गया है कि नीम के फूलों में ऐसे तत्व होते हैं जो शरीर के लिए फायदेमंद हैं. ये डायबिटीज और अन्य बीमारियों के खिलाफ भी मदद कर सकते हैं. पाचन के लिए रामबाणनीम के फूल पेट के लिए भी ये बहुत फायदेमंद हैं. अपच, कब्ज, गैस और पेट के कीड़ों जैसी समस्याओं में राहत मिलती है.इससे पाचन अच्छा होता है और ब्लड शुगर भी कंट्रोल में रहती है. कैसे करें नीम के फूलों का सेवन उत्तर भारत में नीम के फूलों को सरसों के तेल और जीरे के साथ भुजिया बनाकर खाया जाता है, जबकि दक्षिण भारत में भी कई व्यंजनों में इनका उपयोग होता है. गर्मियों में नीम के फूलों का शरबत पीने से पेट ठंडा रहता है. कुल मिलाकर नीम के फूल गर्मी में शरीर को स्वस्थ और ठंडा रखने का एक आसान और नेचुरल तरीका हैं. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 19, 2026, 21:24 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Rewa Collector Fines Mine Operator Rs 1.68 Crore

मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने अवैध उत्खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। स्वीकृत खनन क्षेत्र से बाहर बोल्डर पत्थर का उत्खनन करने के मामले में एक संचालक पर 1.68 करोड़ रुपए का अर्थदण्ड और पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि जमा करने का आदेश दिया गया है। . यह कार्रवाई खनिज नियमों के उल्लंघन पर की गई है। कलेक्टर ने सोनभद्र जिला के ओबरा निवासी आशीष कुमार सिंह को कुल 1 करोड़ 68 लाख 1 हजार रुपये की अर्थशास्ति एवं पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि जमा करने के निर्देश दिए हैं। आशीष कुमार सिंह को ग्राम सरदमन, तहसील हनुमना में क्रेशर आधारित पत्थर खनन की अनुमति मिली थी। हालांकि, जांच में यह सामने आया कि उत्खनन निर्धारित स्वीकृत सीमा से बाहर किया गया था। कलेक्टर के आदेशानुसार, इसमें 84 लाख रुपए अर्थशास्ति राशि, 84 लाख रुपए पर्यावरण क्षतिपूर्ति राशि और 1 हजार रुपए प्रशमन शुल्क शामिल हैं। यह कुल 1.68 करोड़ रुपए की राशि 15 दिवस के भीतर जमा करनी होगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि निर्धारित समयावधि में राशि जमा नहीं की जाती है, तो भू-राजस्व संहिता के प्रावधानों के तहत वसूली की कार्रवाई की जाएगी। इस कदम को अवैध खनन के विरुद्ध प्रशासन की सख्ती के रूप में देखा जा रहा है।
Benefits of moringa I इम्यूनिटी, हड्डियां और ब्लड शुगर के लिए सुपरफूड

Last Updated:March 19, 2026, 20:43 IST सहजन, जिसे मोरिंगा या शीगरू भी कहते हैं, एक देसी सुपरफूड है. इसके पत्ते, फली और छाल में भरपूर पोषण और औषधीय गुण हैं. यह इम्यूनिटी बढ़ाने, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल करने और हड्डियों को मजबूत बनाने में मदद करता है. सही मात्रा में सेवन से यह कई बीमारियों से बचाव में भी लाभकारी है. बलिया. सहजन या मोरिंगा, जिसे शीगरू के नाम से भी जाना जाता हैं, एक ऐसा देसी सुपरफूड है, जो किसी संजीवनी से कम नहीं है. इसके पत्ते, फल (ड्रमस्टिक) और छाल तीनों रूप में ही पोषण और औषधीय गुणों से भरपूर हैं. अगर इम्युनिटी मजबूत करना आप चाह रहे हैं, ब्लड शुगर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रखना चाहते हैं या फिर हड्डियों को ताकत देना चाहते हैं, तो सहजन आपके लिए किसी वरदान से कम नहीं है. यह अनेकों बीमारियों को दूर करने में बेहद लाभकारी और गुणकारी है. काया चिकित्सा विभाग की प्रोफेसर डॉ. स्नेहामई मिश्रा ने कहा कि, वह उड़ीसा की रहने वाली है, जो अभी फिलहाल शांति आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल बांसडीह रोड थाना क्षेत्र अंतर्गत मझौली बलिया में एक साल से कार्यरत हैं. चीज एक, लेकिन फायदे अनेक सबसे पहले बात करते हैं सहजन के पत्ते की, ये आयरन, कैल्शियम, विटामिन A, C और E का अच्छा स्रोत हैं. ये न केवल एनीमिया यानी खून की कमी को दूर करने में मदद करते हैं, बल्कि शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ाने में मददगार हैं. जिन लोगों को हाई ब्लड शुगर या हाई ब्लड प्रेशर की समस्या है, उनके लिए ये पत्ते रामबाण है. यहीं नहीं, इसमें एंटीऑक्सीडेंट पाए जाते हैं, जो सूजन कम कर जोड़ों के दर्द में राहत देते हैं. यह दिमाग के लिए भी किसी टॉनिक से कम नहीं है. यह याददाश्त बेहतर बनाने में सहायक होता है. अगर बात सहजन की फली की करे, तो इसे हम ड्रमस्टिक के नाम से जानते हैं. यह फली फाइबर से भरपूर होती हैं, जो पाचन को दुरुस्त कर कब्ज जैसी परेशानियों से छुटकारा दिलाती है. इसमें कैल्शियम और फास्फोरस पाए जाते हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाते हैं और ऑस्टियोपोरोसिस के खतरे को कम करते हैं. इसके एंटीबैक्टीरियल गुण शरीर को संक्रमण से भी बचाते हैं. सहजन की छाल और तना भी अद्भुत फायदे देते हैं. इसका काढ़ा गठिया, साइटिका और सूजन जैसी समस्याओं में राहत देता है. यह पाचन सुधारने और ब्लड शुगर कम करने में भी मददगार है. हालांकि, गर्भवती महिलाओं को इसकी जड़ या छाल का सेवन नहीं करना चाहिए, क्योंकि यह नुकसानदायक हो सकता है. पत्तों का साग या काढ़ा, फली की सब्जी या सांभर और छाल का काढ़ा बनाकर सेवन किया जाता हैं. लेकिन उपयोग से पहले आयुर्वेद चिकित्सक की सलाह बहुत जरूरी है. About the Author Monali Paul नमस्ते मेरा नाम मोनाली है, पेशे से पत्रकार हूं, ख़बरें लिखने का काम है. लेकिन कैमरे पर समाचार पढ़ना बेहद पसंद है. 2016 में पत्रकारिता में मास्टर्स करने के बाद पांच साल कैमरे पर न्यूज़ पढ़ने के साथ डेस्क पर खबरे…और पढ़ें Location : Ballia,Uttar Pradesh First Published : March 19, 2026, 20:43 IST
India to Host 2028 World Indoor Athletics Championships in Bhubaneswar

Hindi News Sports India To Host 2028 World Indoor Athletics Championships In Bhubaneswar 27 मिनट पहले कॉपी लिंक कलिंग इनडोर एथलेटिक्स स्टेडियम 2028 वर्ल्ड एथलेटिक्स इनडोर चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा। यह साउथ एशिया का सबसे बड़ा इनडोर एथलेटिक्स स्टेडियम है। भारत को 2028 वर्ल्ड इंडोर एथलेटिक्स चैंपियनशिप की मेजबानी मिली है। भुवनेश्वर इस टूर्नामेंट की होस्ट सिटी होगा। यह पहली बार होगा जब यह आयोजन भारत में किया जाएगा। भारत की मेजबानी वाली बोली को वर्ल्ड एथलेटिक्स काउंसिल ने पोलैंड के टोरून में हुई बैठक में मंजूरी दी। इससे पहले जनवरी में वर्ल्ड एथलेटिक्स की टीम ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया था। जनवरी में वर्ल्ड एथलेटिक्स की टीम ने भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम कॉम्प्लेक्स के इंडोर स्टेडियम का निरीक्षण किया था। भारत को पहली बार मेजबानी मिली भारत इस चैंपियनशिप की मेजबानी करने वाला एशिया का चौथा देश बनेगा। इससे पहले जापान, कतर और चीन इस टूर्नामेंट की मेजबानी कर चुके हैं। यह टूर्नामेंट हर दो साल में आयोजित होता है और इसकी शुरुआत 1985 में पेरिस से हुई थी। 2028 में होने वाला यह इसका 22वां संस्करण होगा। 2026 का एडीशन पोलैंड में होगा 2026 संस्करण टोरून (पोलैंड) में शुरू होने जा रहा है, लेकिन इसमें कोई भारतीय खिलाड़ी हिस्सा नहीं लेगा। भारत अब तक इस प्रतियोगिता में एक भी पदक नहीं जीत पाया है, जबकि अमेरिका 270 पदकों के साथ सबसे सफल देश है। 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी करेगा भारत को 2030 में कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी भी करेगा। 26 नवंबर 2025 को स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक के बाद अहमदाबाद को होस्ट सिटी घोषित किया गया। भारत 15 साल के बाद कॉमनवेल्थ गेम्स (CWG) की मेजबानी कर रहा है। इससे पहले 2010 में नई दिल्ली में इन गेम्स का आयोजन किया गया था। तब भारतीय खिलाड़ियों ने 38 गोल्ड समेत 101 मेडल जीते थे। स्कॉटलैंड के ग्लासगो में कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स एग्जीक्यूटिव बोर्ड की बैठक के बाद IOA की प्रेसिडेंट पीटी ऊषा ने ऑफिशियल डॉक्यूमेंट पर साइन किया था। ———————————————– स्पोर्ट्स से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… लिवरपूल 2022 के बाद चैंपियंस लीग के क्वार्टर फाइनल में, गैलेटसाराय को हराया लिवरपूल ने 2022 के बाद पहली बार चैंपियंस लीग क्वार्टर फाइनल में जगह बना ली है। बुधवार को एनफील्ड के मैदान पर खेले गए प्री क्वार्टर फाइनल में तुर्की क्लब गैलेटसाराय को 4-0 से हराया। इससे कुल मिलाकर 4-1 से लिवरपूल आगे बढ़ गया। पहले लेग में गैलेटसाराय ने 1-0 से जीता था। पढ़ें पूरी खबर दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Fake notes with face value of Rs 2 crore 38 lakhs seized in Ahmedabad, 7 held

Hindi News National Fake Notes With Face Value Of Rs 2 Crore 38 Lakhs Seized In Ahmedabad, 7 Held अहमदाबाद17 मिनट पहले कॉपी लिंक अहमदाबाद क्राइम ब्रांच ने नकली नोटों के एक बड़े रैकेट का पर्दाफाश किया है। नकली नोट छापने का काम सूरत के एक आश्रम में हो रहा था। पुलिस ने यहां छापेमारी कर नोट छापनें की की मशीनों के साथ 2.38 करोड़ रुपए के नकली नोट जब्त किए। इस रैकेट का मुख्य आरोपी और तथाकथित योग गुरु प्रदीप जोटांगिया समेत 7 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। अब तक की जांच में पता चला है कि नकली नोट छापने के लिए इस्तेमाल होने वाला खास कागज चीन से मंगाया जाता था। इसका पेमेंट क्रिप्टो करंसी के जरिए किया गया था। पुलिस हिरासत में अन्य 6 आरोपी। कार रोकते ही रैकेट का पर्दाफाश हुआ क्राइम ब्रांच के डीसीपी अजीत राजिया ने बताया कि क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि कुछ लोग नकली नोटों की हेराफेरी कर रहे हैं। इसी आधार पर एसीपी और पीआई की एक टीम गठित की गई और अहमदाबाद के अमराईवाड़ी इलाके में एक फॉर्च्यूनर कार रोकी गई। तलाशी के दौरान गाड़ी से 2.38 करोड़ रुपए कीमत के 500 रुपए के नकली नोट बरामद हुए। पुलिस जांच में पता चला है कि सत्यम योग फाउंडेशन के वाहन में नकली नोटों की तस्करी की जा रही थी। नोटों की सप्लाई के लिए कर पर भारत सरकार और आयुष मंत्रालय के नाम लिखे हुए थे। क्राइम ब्रांच ने अहमदाबाद और सूरत में छापेमारी की तो इस पूरे रैकेट का खुलासा हुआ। रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया को ‘गुरुजी’ के नाम से पहचाना जाता है। विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त आश्रम में छापे गए ये सभी नोट 500 रुपए के हैं। नकली नोट सूरत में बनाए गए थे और इन्हें खपाने के लिए अहमदाबाद लाया जाता था। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर इस नोट खपाए जाने वाली जगहों की जांच में जुटी है। आशंका है कि इस रैकेट में और भी लोग शामिल हो सकते हैं, जो धीरे-धीरे कर नोट मार्केट में खपाया करते थे। सूरत के आश्रम से क्या-क्या मिला? रैकेट का मुख्य आरोपी प्रदीप जोटांगिया को ‘गुरुजी’ के नाम से पहचाना जाता है। प्रदीप सूरत में ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नाम से आश्रम चला रहा था। आश्रम से नकली नोट छापने की कई मशीनें, विदेश से मंगवाए गए प्रिंटर भी जब्त किए गए हैं। जांच में सामने आया कि आश्रम का इस्तेमाल आध्यात्मिक गतिविधियों के बजाय नकली नोटों की छपाई के लिए हो रहा था। सूरत में ‘सत्यम योग फाउंडेशन’ नाम के इस आश्रम में छापे जा रहे थे नकली नोट। ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ के फर्जी ने प्लेट वाली कार से होती थी सप्लाई क्राइम ब्रांच से मिली जानकारी के मुताबिक, यह रैकेट करीब छह महीनों से सक्रिय था और इस दौरान 20 लाख रुपए की कीमत से ज्यादा के नकली नोट बाजार में खपाए जा चुके हैं। नोटों की सप्लाई के लिए आयुष मंत्रालय ‘गवर्नमेंट ऑफ इंडिया’ के फर्जी नेम प्लेट लगी कार का इस्तेमाल किया जाता था। आयुष मंत्रालय, गवर्नमेंट ऑफ इंडिया लिखी इसी कार से करते थे नोटों की सप्लाई। प्रदीप के एक साथी के घर से भी मिली फेक करंसी सूरत अपराध शाखा ने सूरत शहर के सारथाना इलाके में कृष्णा रो हाउस के मकान नंबर 77 पर छापा मारा। यहां से भी लाखों रुपए के नकली नोट और प्रिंटर जब्त किए गए हैं। इस मकान में योग गुरु प्रदीप का एक साथी मुकेश पटेल रहता था। मुकेश पटेल को हिरासत में लेकर रैकेट में शामिल अन्य लोगों का पता लगाया जा रहा है। ———————— गुजरात से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… गुजरात में 2 साल पहले हुई इंटर-कास्ट मैरिज पर बवाल:महासम्मेल के बाद एक समुदाय ने दूसरे का गांव घेरकर तोड़फोड़ की गुजरात की थराद जिले में करीब 2 साल पहले हुई इंटर कास्ट मैरिज को लेकर चौधरी और रबारी समुदाय के लोग आमने सामने हैं। बुधवार को थराद में चौधरी समुदाय का महासम्मेलन हुआ। इसमें उत्तर गुजरात और राजस्थान के अंजना चौधरी समुदाय के नेताओं समेत बड़ी संख्या में लोग जमा हुए थे। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
Health Tips: बच्चों के ‘दूध के दांत’ गिरने वाले समझकर न करें इग्नोर, बन सकती है उम्र भर की परेशानी

Last Updated:March 19, 2026, 20:24 IST Health News : डॉ. आशीष जोशी के अनुसार, बच्चों के दांतों की सही देखभाल जरूरी है. 11-12 साल तक दांतों की नींव बनती है. मीठा और बोतल से दूध पीकर सोने की आदत नुकसानदायक है. अंगूठा चूसना भी हानिकारक है. . अगर इस दौरान दूध के दांतों में कैविटी हो जाए, तो इसका असर अंदर विकसित हो रहे परमानेंट दांतों पर भी पड़ता है. पाली. अक्सर माता-पिता यह सोचकर बच्चों के दांतों की सफाई पर ध्यान नहीं देते कि ये तो दूध के दांत हैं, टूटेंगे और नए आ जाएंगे. लेकिन यह छोटी सी लापरवाही आगे चलकर परमानेंट दांतों को नुकसान पहुंचा सकती है. दंत विशेषज्ञों के अनुसार, बचपन में ओरल हाइजीन की अनदेखी करने से कैविटीज का संक्रमण मसूड़ों की गहराई तक पहुंच जाता है. बोतल से दूध पीकर सोने की आदत और कम उम्र में मीठा ज्यादा खाना बच्चों के दांतों के लिए नुकसानदायक साबित हो रहा है. ऐसे में जरूरी है कि समय रहते बच्चों में सही आदतें विकसित की जाएं. 11-12 साल की उम्र तक बनती है दांतों की नींवराजस्थान के दंत विशेषज्ञ और ओरोडेंटल सर्जन डॉ. आशीष जोशी ने बताया कि जन्म से लेकर 11-12 साल तक का समय बच्चों के दांतों के लिए सबसे अहम होता है. यही वह समय होता है जब स्थायी दांतों की नींव तैयार होती है. अगर इस दौरान दूध के दांतों में कैविटी हो जाए, तो इसका असर अंदर विकसित हो रहे परमानेंट दांतों पर भी पड़ता है. ऐसे में शुरुआती समय से ही दांतों की देखभाल बेहद जरूरी हो जाती है. 3 साल से पहले की आदतें बनती हैं समस्या की जड़आमतौर पर माता-पिता बच्चों में ब्रश करने की आदत 3 साल की उम्र के बाद शुरू कराते हैं, लेकिन तब तक बच्चे के मुंह में 12 से 15 दांत आ चुके होते हैं. इन शुरुआती वर्षों में ही समस्या की शुरुआत हो जाती है. इस उम्र में बच्चों को मीठा और चॉकलेट ज्यादा पसंद आने लगता है. सबसे नुकसानदायक आदत है बच्चों को दूध की बोतल मुंह में लगाकर सुला देना. रातभर दांतों पर जमी शुगर बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका देती है. समय पर सफाई न होने से दांत काले पड़ने लगते हैं और दर्द व पस जैसी समस्या भी हो सकती है, जिससे बच्चे के आत्मविश्वास पर भी असर पड़ता है. अंगूठा चूसने की आदत भी है नुकसानदायकडॉ. जोशी के अनुसार, अंगूठा चूसने की आदत भी बच्चों के दांतों और जबड़े के लिए हानिकारक होती है. लंबे समय तक ऐसा करने से दांतों का प्राकृतिक आकार बिगड़ सकता है. अंगूठे के दबाव के कारण दांत बाहर की ओर निकलने लगते हैं, जिसे बाद में ठीक करने के लिए लंबा और महंगा इलाज कराना पड़ता है. पेरेंट्स के लिए एक्सपर्ट की सलाह, इन बातों का रखें ध्यान शुगर कंट्रोल: बच्चों को कम से कम मीठा और चिपचिपी चॉकलेट खिलाएं. क्लीनिंग हैबिट: बोतल से दूध पिलाने के बाद बच्चे का मुंह साफ और गीले कपड़े से जरूर पोंछें. सोते समय सावधानी: कभी भी दूध की बोतल मुंह में लगाकर बच्चे को न सुलाएं. जल्द शुरुआत: जैसे ही पहला दांत दिखाई दे, उसकी सफाई शुरू कर दें और 2-3 साल की उम्र तक सॉफ्ट ब्रश की आदत डाल दें. About the Author Anand Pandey नाम है आनंद पाण्डेय. सिद्धार्थनगर की मिट्टी में पले-बढ़े. पढ़ाई-लिखाई की नींव जवाहर नवोदय विद्यालय में रखी, फिर लखनऊ में आकर हिंदी और पॉलीटिकल साइंस में ग्रेजुएशन किया. लेकिन ज्ञान की भूख यहीं शांत नहीं हुई. कल…और पढ़ें Location : Pali,Pali,Rajasthan First Published : March 19, 2026, 20:22 IST
Ali Fazal & Sonali Bendre Rakh First Look

15 मिनट पहले कॉपी लिंक मुंबई में आयोजित ‘प्राइम वीडियो 2026’ कार्यक्रम में सस्पेंस-थ्रिलर वेब सीरीज ‘राख’ का फर्स्ट लुक जारी कर दिया गया है। इस सीरीज में अली फजल और सोनाली बेंद्रे लीड रोल में नजर आएंगे। गुरुवार को हुए इस बड़े इवेंट में शो के मेकर्स और स्टारकास्ट ने शिरकत की। अली फजल इस सीरीज में पुलिस अफसर के रोल में नजर आने वाले हैं। पहली बार पुलिस की वर्दी में दिखेंगे अली फजल सीरीज के इवेंट के दौरान अली फजल ने अपना अनुभव साझा किया। अली ने बताया कि वे अपने करियर में पहली बार एक पुलिस अधिकारी की भूमिका निभा रहे हैं। अली ने कहा, “मैंने इससे पहले कभी पर्दे पर पुलिसवाले का रोल नहीं किया है। यह एक बहुत ही दिलचस्प टाइमलाइन है जिसका मैं हिस्सा बना हूं। यह मेरे लिए काफी फ्रेश और बिल्कुल नया अनुभव है।” सोनाली बोलीं- कहानी सुनते ही कर दी थी हां एक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे भी इस प्रोजेक्ट को लेकर काफी एक्साइटेड दिखीं। उन्होंने शो की स्क्रिप्ट की जमकर तारीफ की। सोनाली ने कहा, “जब राइटर अनुषा और संदीप ने मुझे इसकी कहानी सुनाई, तो मैं पूरी तरह से इसमें खो गई थी। यह कहानी इतनी जबरदस्त थी कि अगर मुझे सिर्फ बैकग्राउंड में खड़े रहने का मौका भी मिलता, तो मैं इसके लिए हां कह देती।” सीरीज में गायब हुए बच्चों की कहानी सीरीज की कहानी एक शहर के इर्द-गिर्द घूमती है, जहां से दो किशोर अचानक गायब हो जाते हैं। इस घटना से एक परिवार बिखर जाता है और पूरे शहर में डर का माहौल बन जाता है। शो के सिनोप्सिस के मुताबिक, एक निडर पुलिस अफसर सच का पता लगाने के लिए देशव्यापी तलाशी अभियान शुरू करता है। यह तलाश उसे हिंसा और मानवीय क्रूरता की एक ऐसी अंधेरी दुनिया में ले जाती है, जिसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी। अनुषा और संदीप ने किया है डायरेक्शन इस सीरीज को अनुषा नंदकुमार और संदीप साकेत ने मिलकर लिखा और निर्देशित किया है। ‘राख’ में अली फजल और सोनाली बेंद्रे के अलावा आमिर बशीर, दिव्येंदु भट्टाचार्य और राकेश बेदी जैसे दिग्गज कलाकार भी नजर आएंगे। यह सीरीज साल 2026 में प्राइम वीडियो पर स्ट्रीम की जाएगी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔









