Health Tips: गर्मी में नहीं पड़ेंगे बीमार, इन आयुर्वेदिक तरीकों से करें शरीर तैयार, दिन में सोने भी खतरा

Last Updated:March 19, 2026, 19:18 IST Summer Health tips: गर्मी के मौसम में फीट रहने के लिए अभी से तैयारी शुरू करना जरूरी है. मार्च-अप्रैल के महीने में जब मौसम में बदलाव हो रहे होते हैं, तो ऐसे में लोग ज्यादा बीमार होते हैं. लेकिन यही वो टाइम पीरियड होता है, जब आप अपने शरीर को भीषण गर्मी झेलने के लिए तैयार कर सकते हैं. इसके लिए जरूरी आयुर्वेदिक उपायों को यहां आप जान सकते हैं. ख़बरें फटाफट How To Prepare Body For Summer: मार्च और अप्रैल को वसंत ऋतु कहा जाता है. सर्दियों में शरीर में कफ जमा हो जाता है, लेकिन वसंत में यह कफ पिघलने लगता है. इसके कारण इन महीनों में सर्दी-खांसी, आलस, पाचन की कमजोरी और भारीपन जैसी समस्याएं हो सकती हैं. इसलिए इस समय खान-पान और दिनचर्या में बदलाव करना जरूरी है. आयुर्वेद के अनुसार वसंत ऋतु में सुबह जल्दी उठना और व्यायाम करना बहुत फायदेमंद होता है. सही दिनचर्या और संतुलित आहार अपनाने से शरीर स्वस्थ रहता है और मौसम से होने वाली बीमारियों से बचाव होता है. इस मौसम में ऐसे खाद्य पदार्थ खाने चाहिए जो कफ को कम करें. कड़वे और कसैले स्वाद वाली चीजें खास तौर पर लाभदायक मानी जाती हैं. कहा जाता है कि वसंत में इस तरह का भोजन करने से पूरे साल स्वास्थ्य अच्छा रहता है. इन चीजों का करें सेवनअपने आहार में नीम के पत्ते, पुराना गेहूं, मूंग दाल और जौ शामिल कर सकते हैं. पानी उबालकर पीना भी बेहतर होता है, क्योंकि इस मौसम में मच्छर और बीमारियां बढ़ सकती हैं. कुछ चीजों से परहेज भी जरूरी है. मीठा, खट्टा और नमकीन भोजन कम खाएं. घी और तेल से बनी मीठी चीजों से बचें. वसंत ऋतु में दही न खाने की सलाह दी जाती है, उसकी जगह छाछ पी सकते हैं. छाछ में काला नमक और जीरा मिलाकर पीना ज्यादा फायदेमंद होता है और इससे कफ नहीं बढ़ता. दिन में सोने से करें परहेजइसके अलावा, दिन में सोने से बचना चाहिए. दिन में सोने से शरीर में कफ बढ़ता है, जिससे आलस और भारीपन महसूस होता है. कोशिश करें दिनभर आप कुछ न कुछ एक्टिविटी करते रहें, इससे नींद नहीं आएगी. अगर आप इन बातों का ध्यान रखें, तो वसंत ऋतु में स्वस्थ रह सकते हैं. इस बातों का भी रखें ध्यानसेहतमंद रहने के लिए फीजिकल एक्टिविटी बहुत जरूरी होती है. ऐसे में अपने लिए थोड़ा समय निकालने और कुछ समय हरे घास पर नंगे पाव चहलकदमी करें, या फिर योगा करें. इससे आपको बॉडी के साथ माइंड को भी डिटॉक्स करने में मदद मिलेगी. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें First Published : March 19, 2026, 19:18 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
हरदा में एक तिथि एक त्योहार कैलेंडर जारी:भ्रम दूर करने स्थानीय गणना से तिथियां तय, ज्योतिष परिषद ने सर्वसम्मति से किया विमोचन

हरदा में गुड़ी पड़वा के अवसर पर ‘एक तिथि एक त्योहार’ कैलेंडर का विमोचन किया गया। यह कैलेंडर त्योहारों की तिथियों को लेकर होने वाले असमंजस को दूर करने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के आह्वान पर जिला ज्योतिष परिषद ने ज्योतिष विद्वानों और पंडितों की बैठक आयोजित कर स्थानीय गणना के आधार पर सर्वसम्मति से इसे अंतिम रूप दिया था। चैत्र प्रतिपदा और हिंदू नव वर्ष के उपलक्ष्य में गुरुवार को परशुराम चौक पर पूजन के बाद इसका विमोचन हुआ। इस अवसर पर पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि प्रत्येक शहर अपने अक्षांश और देशांश पर स्थित होता है, जिससे पूर्वोत्तर, मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में सूर्योदय के समय में अंतर आता है। इसके कारण पंचांगों में गणना के अनुसार तिथियों में भिन्नता पाई जाती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभिन्न पंचांगों का निर्माण अलग-अलग सिद्धांतों पर होता है। धर्म शास्त्रीय आधार पर तिथि मानना उचित पंडित व्यास ने जोर देकर कहा कि तिथियों का निर्धारण स्थानीय विद्वान पंडितों द्वारा ही किया जाना चाहिए। उनके अनुसार, नासा और गूगल द्वारा बताई गई तिथियों के बजाय धर्म शास्त्रीय आधार पर तिथियों को मानना अधिक उचित है। कैलेंडर विमोचन कार्यक्रम में सर्व ब्राह्मण समाज संगठन के अध्यक्ष सुनील तिवारी, कार्यकारी अध्यक्ष आचार्य पंडित ओमप्रकाश पुरोहित, चंद्रकांत शुक्ला, वरिष्ठ समाजसेवी लक्ष्मीनारायण बादर (मुन्ना बादर), उपाध्यक्ष रोहित तिवारी, नगर अध्यक्ष दीपक शुक्ला, युवा इकाई अध्यक्ष विवेक बादर, सुदीप मंडलोई, सचिव नवीन शर्मा, प्रतीक शर्मा, दीपक चौबे और शशिभूषण जोशी सहित कई समाजजन उपस्थित थे। सर्व सहमति से तिथियां तय की गईं पंडित मुरलीधर व्यास ने बताया कि वर्ष में आने वाली दो-दो तिथियों की स्थिति में सर्वसम्मति से कुछ प्रमुख त्योहारों की तिथियां तय की गई हैं। इसके अनुसार, 27 मार्च को रामनवमी, 28 अगस्त को रक्षाबंधन, 20 अक्टूबर को दशहरा, 8 नवंबर को दीपावली और 21 मार्च को होलिका दहन मनाना उचित होगा।
दिल्ली में भाजपा-AAP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प:पालम अग्निकांड की शोकसभा में पहुंचे केजरीवाल, बोले- BJP पीड़ितों से नहीं मिलने दे रही

दिल्ली के पालम इलाके में हुए अग्निकांड में एक ही परिवार के 9 लोगों की मौत के बाद गुरुवार को शोकसभा हुई। इसमें आम आदमी पार्टी (AAP) और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। शोकसभा में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, विधायक आतिशी और प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज भी मौके पर पहुंचे थे। झड़प के बाद केजरीवाल ने कहा कि यह बहुत दुखद घटना है और वह पीड़ित परिवार के प्रति अपनी संवेदना जताने आए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP को पीड़ितों की चिंता नहीं है और कोई पीड़ितों से सहानुभूति जताने आता है तो भाजपा वाले किसी को उनके रिश्तेदारों से मिलने भी नहीं दे रहे। केजरीवाल ने यह भी कहा कि अगर फायर ब्रिगेड समय पर पहुंच जाती, तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी। साथ ही उन्होंने इस पूरे मामले की सही जांच की मांग की। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें… दरअसल, अग्निकांड के बाद अलग-अलग राजनीतिक दलों के नेता लगातार पीड़ित परिवार से मिलने पहुंच रहे हैं। इसी क्रम में AAP संयोजक अरविंद केजरीवाल भी आने वाले थे। उनके आने से पहले सौरभ भारद्वाज और बीजेपी विधायक कुलदीप सोलंकी भी शोकसभा में कार्यकर्ताओं के साथ पहुंचे थे। इस दौरान सौरभ भारद्वाज ने अपने मोबाइल फोन में एक वीडियो दिखाया, जिसमें बचाव कार्य के दौरान हाइड्रोलिक मशीन के फेल होने का दावा किया गया। इस पर उन्होंने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। वीडियो को लेकर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते विवाद गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गया, जिससे शोकसभा का माहौल प्रभावित हो गया।
Mirzapur Movie: Kalin Bhaiya, Munna Bhaiya Return

17 मिनट पहले कॉपी लिंक पूर्वांचल के अंडरवर्ल्ड की कहानी ‘मिर्जापुर: द मूवी’ 4 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसकी पुष्टि प्राइम वीडियो ने अपने इवेंट प्राइम वीडियो प्रेजेंट्स में की है। इस कार्यक्रम में मिर्जापुर फिल्म की स्टारकास्ट शामिल हुई। मीडिया रेपोर्ट्स के मुताबिक फिल्म की मुख्य शूटिंग फरवरी 2026 में ही पूरी हो चुकी है। मूवी में सबसे ज्यादा चर्चा दिव्येंदु शर्मा यानी ‘मुन्ना भैया’ को लेकर हो रही है। सीरीज के दूसरे सीजन में किरदार की मौत दिखाए जाने के बावजूद, दिव्येंदु इस फिल्म में वापसी कर रहे हैं। उनके अलावा पंकज त्रिपाठी एक बार फिर अखंडानंद ‘कालीन’ त्रिपाठी के रौबदार किरदार में दिखेंगे। वहीं अली फजल (गुड्डू पंडित), श्वेता त्रिपाठी (गोलू गुप्ता) और अभिषेक बनर्जी (कंपाउंडर) भी अपने पुराने किरदारों में लौटेंगे। इवेंट में पंकज त्रिपाठी ने मीडिया के सवालों के जवाब दिए। प्राइम वीडियो इवेंट में प्रेजेंट्स मिर्जापुर फिल्म की स्टारकास्ट शामिल हुई। फरवरी में खत्म हुई फिल्म की शूटिंग फिल्म का निर्देशन गुरमीत सिंह ने किया है, जिन्होंने ओरिजिनल सीरीज के कई अहम एपिसोड्स डायरेक्ट किए थे। फिल्म को फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी की कंपनी ‘एक्सेल एंटरटेनमेंट’ के बैनर तले बनाया गया है। श्वेता और अली ने कन्फर्म किया कि फिल्म की शूटिंग फरवरी में ही खत्म हो गई थी और अब यह पोस्ट-प्रोडक्शन स्टेज पर है। मेकर्स इसे बड़े स्तर पर सिनेमाई अनुभव बनाने की कोशिश कर रहे हैं। प्रोड्यूसर्स बोले- फैंस की उम्मीदों पर खरा उतरेंगे एक साझा बयान में प्रोड्यूसर्स फरहान अख्तर और रितेश सिधवानी ने कहा, “मिर्जापुर के अनुभव को बड़े पर्दे पर लाना हमारे लिए एक मील का पत्थर है। तीन सफल सीजन्स के बाद फैंस कालीन भैया, गुड्डू भैया और मुन्ना भैया जैसे किरदारों से काफी जुड़ चुके हैं। हमें विश्वास है कि इस सीरीज को फिल्म में बदलना दर्शकों के लिए पहले से ज्यादा एंग्गेजिंग (रोमांचक) होगा। हम एक बार फिर प्राइम वीडियो के साथ इस ग्रैंड प्रोजेक्ट के लिए जुड़कर काफी उत्साहित हैं।” 2018 में शुरू हुआ था मिर्जापुर का सफर ‘मिर्जापुर’ की शुरुआत साल 2018 में ओटीटी प्लेटफॉर्म पर हुई थी। यह भारत की सबसे सफल और चर्चित क्राइम-थ्रिलर सीरीज में से एक है। अब तक इसके तीन सीजन आ चुके हैं और तीनों को ही दर्शकों का जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला है। अपने दमदार डायलॉग्स और देसी एक्शन की वजह से इसकी एक अलग ही फैन फॉलोइंग है। इसी लोकप्रियता को देखते हुए मेकर्स ने इसे थिएटर में रिलीज करने का फैसला लिया है। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔
पश्चिम बंगाल के सिविक वॉलंटियर्स का समाचार! ममता बनर्जी ने चुनाव से पहले किया ये बड़ा ऐलान

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सिविक वॉलंटियर्स के लिए बड़े समाचार की घोषणा की है। ममता सरकार ने वर्ष 2025-26 के लिए राज्य के सिविक वालंटियर्स को एड-हॉक बोनस देने का निर्णय लिया है। इस निर्णय के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के अंतर्गत ग्रामीण सिविक वालंटियर्स के साथ-साथ ग्रामीण पुलिस वालंटियर्स को भी इस लाभ में शामिल किया गया है। सरकार ने जारी किया आधिकारिक आदेश पश्चिम बंगाल के गृह एवं पर्वतीय मामलों के विभाग की ओर से इस संबंध में गुरुवार (19 मार्च, 2026) को आधिकारिक आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार, पश्चिम बंगाल पुलिस और कोलकाता पुलिस के अंतर्गत काम करने वाले सभी सिविक वालंटियर्स और विलेज पुलिस वालंटियर्स को इस साल 2025-26 में 7,400 रुपये प्रति व्यक्ति एड-हॉक बोनस दिया जाएगा। सबसे पहले 80% बोनसाई? जारी आदेश में बताया गया है कि साल 2024-25 के लिए इन वालंटियर्स को प्रति वर्ष 6,800 रुपये का नुकसान हुआ था, लेकिन अब राज्य के वित्त विभाग (ऑडिट शाखा) ने इसमें संशोधन करते हुए साल 2025-26 के लिए प्रति वर्ष 7,400 रुपये कर दिया है। राज्यपाल की स्वीकृति के बाद का निर्णय आदेश में आगे बताया गया है कि इस मामले पर विचार करने के बाद पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आर. एन. रवि ने सिविक वालंटियर्स और विलेज पुलिस वालंटियर्स को यह एड हॉक लोन की मंजूरी दे दी है। यह राशि लाभुकों को एकमुश्त देगी। किन्हें मिलेगा लाभ? राज्य सरकार के इस निर्णय के तहत पश्चिम बंगाल पुलिस के सिविक वालंटियर्स, कोलकाता पुलिस के सिविक वालंटियर्स और पश्चिम बंगाल पुलिस के अधीनस्थ आने वाले विलेज पुलिस वालंटियर्स को लाभ दिया जाएगा। सर्वसुविधायुक्त प्रक्रिया के पीछे क्या है निर्णय? इस ऑर्डर में यह बात स्पष्ट कर दी गई है कि एड हॉक बॅन की राइस से संबंधित जारी की जाएगी। यह निर्णय वित्त विभाग के 27 फरवरी, 2026 के मेमो के तहत लागू किया गया है और इसके बारे में राज्य के पंजीकृत जनरल (ए एंड ई) को भी सूचित किया गया है। यह भी पढ़ेंः आईएएस रवि मित्तल: छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस रवि मित्तल को पीएमओ में मिली बड़ी जिम्मेदारी, अब संभालेंगे ये खास पद (टैग्सटूट्रांसलेट)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)कोलकाता(टी)पश्चिम बंगाल(टी)ममता बनर्जी(टी)पश्चिम बंगाल चुनाव 2026(टी)बंगाल चुनाव 2026(टी)पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव(टी)कोलकाता
त्रिफला गिलोय शहद: सुबह खाली पेट गिलोय-त्रिफला-शहद गुणगुने पानी में पूरे पीने से क्या होता है? जानें फायदे

त्रिफला गिलोय शहद | छवि: मेटा एआई त्रिफला गिलोय शहद: अब गर्मागर्मी का भुगतान कर दिया गया है। खासकर मार्च महीने में, आप भी खुद को हर वक्त थका हुआ महसूस करते हैं? दिन भर नींद आना, मोटापा और शरीर में भारीपन महसूस होना इस मौसम में आम बात है। अक्सर हम इसे ‘बदलता मौसम’ कहते हैं, लेकिन आयुर्वेद के नजरिए से देखें तो यह आपके शरीर में विषाक्त पदार्थों को बढ़ा सकता है। बता दें, जब शरीर के अंदर टॉक्सिन जाता है तो उनका मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, जिससे आप और भी ज्यादा कमजोर महसूस करने लगते हैं। आइये आपको इस लेख में एक ऐसे रामबाण इलाज के बारे में बताते हैं। जिससे आपको फायदे देखने को मिल सकते हैं। आयुर्वेद का शक्तिशाली ‘डिटॉक्स पानी’ शरीर की बेहतर सफाई के लिए आयुर्वेद में एक अत्यंत प्रभावशाली औषधि के बारे में बताया गया है। जिसमें त्रिफला, गिलोय, हल्दी और शहद शामिल हैं। इन चारों को गुनगुने पानी के साथ खाली पेट लें। तो इससे आपके शरीर पर असर दिख सकता है। त्रिफला, गिलोय, हल्दी और शहद को गुणगुने पानी में लेने के फायदे जब हमारा पाचन तंत्र, आंतें और लाइववेरिएंट्स पाए जाते हैं, तो शरीर की खोज के तरीके से डिटॉक्स होता है। बस आपको इन चारों के मिश्रण में पानी में घुला हुआ पानी मिलाना है। त्रिफला – इसे इज़ाद का सबसे अच्छा दोस्त माना जाता है। यह पुरानी गंदगी को साफ़ कर मल त्याग की प्रक्रिया को आसान बनाता है और दुकानदार का सफाया करता है।गिलोय – आयुर्वेद में इसे ‘अमृत’ कहा गया है। इससे वात, पित्त और कफ को राहत मिलती है और लिवर की सहायता से आपकी इम्युनिटी को बढ़ावा मिलता है।हल्दी – आपके एंटी-एसिडिटेशन और एंटी-इंफ्लेमेट्री गुण के कारण हल्दी रक्त साफ होता है और शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होती है।हाँ – शहद का केवल एक ही स्वाद होता है, बल्कि यह अन्य स्वाद- शरीर के सेल तक गहराई से स्वाद के गुण को निर्धारित करने का काम करता है। ‘डिटॉक्स पानी’ किस तरह का पीएं? प्रतिदिन सुबह खाली पेट एक गिलास गुनगुने पानी में आधा हिस्सा त्रिफला केश, थोड़ी सी गिलोय और चुटकीभर हल्दी के टुकड़े। इन एक मैमोरियल शिकागो। यदि आपका पाचन बहुत खराब हो गया है, तो आप इस पानी में भूखा या सौंठ का भी उपयोग कर सकते हैं। नोट – गर्भवती महिलाओं और जिन लोगों के पेट में दर्द रहता है। वह डॉक्टर की सलाह जरूर लें। ये भी पढ़ें – मां ब्रह्मचारिणी पूजा 2026: नवरात्रि के दूसरे दिन करें माता ब्रह्मचारिणी की पूजा, जानिए मां ब्रह्माचारिणी से भोगिनी तक अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए तरीके, तरीके और दावे अलग-अलग विद्वानों पर आधारित हैं। रिपब्लिक भारत लेख में दी गई जानकारी के सही होने का दावा नहीं किया गया है। किसी भी उपचार और सुझाव को पहले डॉक्टर या डॉक्टर की सलाह से अवश्य लें। (टैग्सटूट्रांसलेट)त्रिफला गिलोय शहद और हल्दी मिश्रित पानी(टी)त्रिफला गिलोय शहद(टी)हल्दी मिश्रित पानी के फायदे हिंदी(टी)अगर आप त्रिफला गिलोय शहद पीते हैं तो क्या होता है(टी)आयुर्वेद बताता है(टी)डिटॉक्स पानी(टी)स्वस्थ पानी के फायदे
क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने अमृतसर में टेका मत्था:टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल के बाद आए, मां के साथ धार्मिक स्थलों के किए दर्शन

भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा टी-20 वर्ल्ड कप फाइनल में शानदार प्रदर्शन के बाद वीरवार को अपने गृह जिले अमृतसर पहुंचे। उन्होंने अपनी मां के साथ विभिन्न धार्मिक स्थलों पर मत्था टेका और आशीर्वाद लिया। अभिषेक शर्मा ने सबसे पहले श्री दरबार साहिब (गोल्डन टेंपल) और शहीद साहिब गुरुद्वारे में मत्था टेका। उन्होंने देश और समाज की खुशहाली के लिए अरदास की और अपनी सफलता के लिए वाहेगुरु का धन्यवाद किया। श्री बड़ा हनुमान मंदिर में भी लिया आशीर्वाद इसके बाद, उन्होंने श्री बड़ा हनुमान मंदिर में भी दर्शन किए और आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उनकी मां भी उनके साथ थीं। जानकारी के अनुसार, अभिषेक शर्मा बीती देर शाम अमृतसर पहुंचे थे। वे एयरपोर्ट से सीधे धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए रवाना हो गए और बिना किसी औपचारिकता के सादगी से अपना कार्यक्रम पूरा किया। आईपीएल की शुरुआत से पहले आए गुरुनगरी, प्रशंसकों में दिखा काफी उत्साह यह उल्लेखनीय है कि इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) की शुरुआत कुछ ही दिनों में होने वाली है। अभिषेक शर्मा ने आगामी मुकाबलों से पहले ईश्वर का आशीर्वाद लेकर अपने नए सफर की शुरुआत की है। दर्शन करने के बाद अभिषेक शर्मा उसी रात अमृतसर से रवाना हो गए। उनके इस संक्षिप्त दौरे को लेकर प्रशंसकों में काफी उत्साह देखा गया। श्री माता वैष्णो देवी के भी कर चुके हैं दर्शन गौरतलब है कि इससे कुछ दिन पहले भारतीय क्रिकेटर अभिषेक शर्मा ने टी20 वर्ल्ड कप में ऐतिहासिक जीत के बाद जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के कटरा में त्रिकुटा पहाड़ियों में स्थित श्री माता वैष्णो देवी गुफा मंदिर के दर्शन कर पूजा पूजा-अर्चना की थी। इस दौरान वह सफेद कुर्ता-पायजामा पहने हुए थे। वह दिर के गर्भगृह में पूजा-अर्चना करने के लिए भवन पहुंचे थे। युवा बल्लेबाज ने मंदिर पहुंचकर माता रानी का आशीर्वाद लिया और देश की खुशहाली एवं टीम की आगे की सफलता के लिए प्रार्थना की।
सामाजिक न्याय की मांग पर राष्ट्रपति-मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा:मऊगंज में हजारों लोग हुए रैली में शामिल; उग्र आंदोलन की चेतावनी

मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में गुरुवार को सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर व्यापक जनआंदोलन हुआ। ओबीसी, एससी और एसटी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हजारों लोग सड़कों पर उतरे और विशाल रैली निकाली। दोपहर लगभग 2 बजे चाक मोड़ से शुरू हुई रैली शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। रैली में शामिल लोगों ने उच्च शिक्षा में समान अवसर, आरक्षण व्यवस्था को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रस्तावित यूजीसी कानून 2026 शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के साथ वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा में भूमिका निभा सकता है। कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद इस आंदोलन में कुंवर सिंह, रामायण साकेत, राजेश यादव, अमरनाथ पटेल समेत कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में जुटे जनसमुदाय ने सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था भी मुस्तैद रही। कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इसे मऊगंज तहसीलदार बीके पटेल ने प्राप्त किया। ज्ञापन में ओबीसी जनगणना, बैकलॉग पदों की शीघ्र पूर्ति, निजी संस्थानों में आरक्षण, पदोन्नति में आरक्षण बहाली, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त करने, क्रीमीलेयर व्यवस्था खत्म करने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। मांगें नहीं मानने पर करेंगे उग्र आंदोलन आंदोलनकारियों ने कहा कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। शाम लगभग 5 बजे ज्ञापन सौंपने के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ, लेकिन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।
अमृत भी है तो जहर भी बन सकता है! 6 तरह के लोगों को नहीं खाना चाहिए आंवला

Last Updated:March 19, 2026, 18:13 IST Amla Side Effects : जब भी बालों की बात आती है या इम्यूनिटी बढ़ाने की बात आती है तो सबसे पहले आंवला का सेवन दिमाग में आता है. आयुर्वेद में आंवला को सर्वगुण संपन्न माना गया है. इसमें कोई संदेह नहीं कि आंवला बेशकीमती गुणों से परिपूर्ण है लेकिन हाल ही में जर्नल ऑफ एथनोफार्माकोलॉजी में प्रकाशित एक शोध के मुताबिक कुछ विशेष परिस्थितियों में आंवला सप्लीमेंट को लेना नुकसानदेह साबित हो सकता है. आंवला इम्यूनिटी बढ़ाने, पाचन सुधारने और शुगर कंट्रोल करने जैसे कई फायदे देता है. इसलिए आयुर्वेद में इसे खास जगह मिली है. लेकिन ‘जर्नल ऑफ एथनोफार्माकोलॉजी’ में छपी रिसर्च के मुताबिक, आंवला हर किसी के लिए एक जैसा असर नहीं करता. इसमें मौजूद बायोलॉजिकल एक्टिव कंपाउंड्स की वजह से, कुछ लोगों को ये नुकसान भी पहुंचा सकता है, खासकर जिनको पहले से कुछ मेडिकल प्रॉब्लम्स हैं. ऐसे लोगों के लिए आंवला खाने से फायदा कम और नुकसान ज्यादा हो सकता है. अब जानते हैं कि आंवला किस-किस को परेशानी दे सकता है. कम ब्लड प्रेशर: आंवला प्राकृतिक रूप से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है और ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है. ये हाई ब्लड प्रेशर वालों के लिए अच्छा है, लेकिन जिन लोगों को कम ब्लड प्रेशर (हाइपोटेंशन) है, अगर वे आंवला खाएंगे तो उन्हें दिक्कत हो सकती है. बहुत कम ब्लड प्रेशर होने पर चक्कर आना, धुंधला दिखना और होश खोना जैसी समस्याएं हो सकती हैं. जो लोग पहले से ब्लड प्रेशर की दवा ले रहे हैं, उन्हें डॉक्टर से पूछे बिना आंवला नहीं खाना चाहिए. जो लोग खून पतला करने वाली दवाएं लेते हैं: आंवला में प्राकृतिक रूप से खून पतला करने का गुण होता है. अगर आप एस्पिरिन जैसी दवाएं लेते हैं तो आंवला खाने से बचें. इससे खून बहने का खतरा बढ़ सकता है. अगर आपकी सर्जरी या दांत की कोई प्रक्रिया होने वाली है, तो कम से कम दो हफ्ते पहले आंवला खाना पूरी तरह बंद कर दें. आप जो भी सप्लीमेंट ले रहे हैं, उसके बारे में अपने सर्जन को जरूर बताएं. Add News18 as Preferred Source on Google पेट और एसिडिटी की समस्याएं: आयुर्वेद के अनुसार, आंवला एक अच्छा रेचक है. लेकिन इसकी एसिडिटी की वजह से, ज्यादा एसिडिटी, सीने में जलन, अल्सर और पेट की समस्याओं वाले लोगों के लिए ये ठीक नहीं है. खाली पेट आंवला या उसका गाढ़ा रस पीने से पेट में जलन और सूजन बढ़ सकती है. इसलिए, इसे थोड़ी मात्रा में लें और देखें कि ये आपके शरीर को सूट करता है या नहीं, ये बहुत जरूरी है. पारंपरिक इलाज में, गर्भवती और स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आयरन और विटामिन सी के लिए आंवला दिया जाता है. लेकिन अगर इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए तो पेट दर्द या दस्त होने का खतरा रहता है. इससे शरीर को सही पोषक तत्व नहीं मिल पाते. इसलिए डॉक्टर की सलाह के बिना आंवला सप्लीमेंट्स या कच्चा आंवला ज्यादा मात्रा में नहीं लेना चाहिए. खाना बनाते समय इसे थोड़ा ही इस्तेमाल करना सबसे अच्छा है. किडनी में पथरी: आंवला में विटामिन सी ज्यादा होता है. ये शरीर में जाकर ऑक्सलेट बन जाता है. जिन लोगों को किडनी में पथरी है, अगर वे इसे ज्यादा खाएंगे तो पथरी बढ़ सकती है और दर्द हो सकता है. इसलिए, जिनको किडनी की समस्या है, उन्हें आंवला सीमित मात्रा में ही खाना चाहिए. ऑक्सलेट बाहर निकालने के लिए दिनभर खूब पानी पीना चाहिए. जिन लोगों को फलों या बेरी से एलर्जी होती है, उन्हें आंवला खाने में सावधानी रखनी चाहिए. अगर आंवला खाने के बाद होंठ या जीभ में सूजन, दाने, खुजली या पेट दर्द हो तो तुरंत खाना बंद कर दें. अगर सांस लेने में कोई दिक्कत हो या कोई गंभीर रिएक्शन हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें. First Published : March 19, 2026, 18:13 IST
Ships Must Exit Hormuz & Eid Greetings to Oman Sultan

Hindi News National Kuwait Crown Prince Message: Ships Must Exit Hormuz & Eid Greetings To Oman Sultan नई दिल्ली6 मिनट पहले कॉपी लिंक PM मोदी और फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों की फाइल फोटो। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों, ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र में तनाव कम करने, संवाद बढ़ाने और शांति बहाली की जरूरत पर जोर दिया। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बताया कि उन्होंने मैक्रों से बातचीत में कहा कि पश्चिम एशिया में हालात चिंताजनक हैं और तनाव कम करने के लिए बातचीत और कूटनीति जरूरी है। दोनों नेताओं ने शांति और स्थिरता के लिए मिलकर काम करने पर सहमति जताई। PM के मुताबिक, उन्होंने ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारिक को ईद की बधाई दी और क्षेत्रीय हालात पर चर्चा की। उन्होंने ओमान की संप्रभुता के उल्लंघन की निंदा की और वहां से भारतीयों सहित लोगों की सुरक्षित वापसी में उसकी भूमिका की सराहना की। दोनों देशों ने होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित जहाजों की आवाजाही पर भी जोर दिया। मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम से बातचीत में भी पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर चिंता जताई और शांति बहाली के लिए संवाद को जरूरी बताया। PM मोदी ने कल कुवैत के क्राउन प्रिंस से बात थी इससे पहले विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पीएम मोदी ने कुवैत के क्राउन प्रिंस शेख सबाह से बुधवार रात बात की थी। दोनों नेताओं ने पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात पर बात की और हाल की घटनाओं पर चिंता जताई। प्रधानमंत्री ने कुवैत पर हुए हमलों की कड़ी निंदा भी की। रणधीर जायसवाल के मुताबिक, पीएम मोदी ने क्राउन प्रिंस से कहा कि होर्मुज स्ट्रेट में सुरक्षित और बिना रुकावट के जहाजों का निकलना भारत के लिए बहुत जरूरी है। प्रधानमंत्री ने कुवैत में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा के लिए क्राउन प्रिंस का धन्यवाद भी किया, क्योंकि वहां बड़ी संख्या में भारतीय समुदाय रहता है। अमेरिका और इजरायल के साथ ईरान का युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ। अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान के परमाणु स्थलों, मिसाइल बुनियादी ढांचे और नेतृत्व को निशाना बनाया गया। इसमें ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की भी मौत हो गई। इसके जवाब में ईरान ने मीडिल ईस्ट के कई देशों पर तेज और लगातार हमले किए। उसने पूरे क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगियों पर सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे। इन हमलों, खासकर होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों के कारण खाड़ी देशों से ईरान के रिश्ते और खराब हो गए और ग्लोबल एनर्जी मार्केट पर भी असर पड़ा। ईरान ने हमलों के जवाब में होर्मुज स्ट्रेट के रास्ते सभी देशों में तेल आपूर्ति रोक दी, जिससे दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बड़ी चोट पहुंची है। ट्रम्प अब अपने सहयोगी नाटो देशों से होर्मुज में रास्ता खुलवाने की अपील कर रहे हैं। हालांकि इन देशों ने साफ कर दिया है कि वे होर्मुज स्ट्रेट में अपने वॉरशिप नहीं भेजेंगे। यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी थी कि अगर नाटो देश इस अहम समुद्री रास्ते को फिर से खोलने में मदद नहीं करते, तो नाटो का भविष्य खराब हो सकता है। जंग के बीच दो भारतीय जहाज होर्मुज पार कर LPG लेकर पहुंचे होर्मुज में बढ़े तनाव के बीच भारत के लिए राहत भरी खबर तब आई जब दो भारतीय LPG टैंकर- शिवालिक और नंदा देवी सुरक्षित रूप से देश पहुंच गए। पहला जहाज शिवालिक 16 मार्च 2026 को गुजरात के मुंद्रा पोर्ट पहुंचा, जिसमें करीब 46 हजार मीट्रिक टन LPG था। यह जहाज 14 मार्च को होर्मुज स्ट्रेट पार कर भारत की ओर रवाना हुआ था। मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच यह भारत पहुंचने वाला पहला LPG जहाज था। इसके एक दिन बाद, 17 मार्च को नंदा देवी टैंकर कांडला पोर्ट पहुंचा, जो लगभग 46,500 मीट्रिक टन LPG लेकर आया। दोनों जहाजों से कुल मिलाकर करीब 92–93 हजार मीट्रिक टन गैस भारत पहुंची, जो देश की लगभग एक से डेढ़ दिन की घरेलू जरूरत के बराबर मानी जा रही है। यह डिलीवरी इसलिए खास रही क्योंकि ईरान-इजरायल तनाव के कारण होर्मुज क्षेत्र में कई जहाज फंसे हुए थे। भारत की LPG सप्लाई का बड़ा हिस्सा इसी रास्ते से आता है। सरकार की कूटनीतिक कोशिशों के बाद इन जहाजों को सुरक्षित मार्ग मिला और इनकी एंट्री ने संभावित गैस संकट को कुछ हद तक टाल दिया। ———————————— LPG संकट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सरकार बोली- सिलेंडर की पैनिक बुकिंग में कमी, ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% तक पहुंची केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों ने गुरुवार को जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की। इसमें पश्चिम एशिया में तनाव के कारण तेल और गैस संकट पर मौजूदा हालात की जानकारी दी। पेट्रोलियम मंत्रालय में जॉइंट सेक्रेटरी (मार्केटिंग एवं ऑयल रिफाइनरी) सुजाता शर्मा ने बताया कि देश में ऑनलाइन बुकिंग बढ़कर 94% पहुंच गई है। पैनिक बुकिंग में कमी आ रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…









