मध्यप्रदेश के मऊगंज जिले में गुरुवार को सामाजिक न्याय और संवैधानिक अधिकारों की मांग को लेकर व्यापक जनआंदोलन हुआ। ओबीसी, एससी और एसटी संयुक्त मोर्चा के बैनर तले हजारों लोग सड़कों पर उतरे और विशाल रैली निकाली। दोपहर लगभग 2 बजे चाक मोड़ से शुरू हुई रैली शाम 5 बजे कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची, जहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया। रैली में शामिल लोगों ने उच्च शिक्षा में समान अवसर, आरक्षण व्यवस्था को सशक्त बनाने और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर सरकार से प्रभावी कदम उठाने की मांग की। आंदोलनकारियों ने कहा कि प्रस्तावित यूजीसी कानून 2026 शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी और सुदृढ़ बनाने के साथ वंचित वर्गों के अधिकारों की रक्षा में भूमिका निभा सकता है। कई संगठनों के प्रतिनिधि रहे मौजूद इस आंदोलन में कुंवर सिंह, रामायण साकेत, राजेश यादव, अमरनाथ पटेल समेत कई सामाजिक एवं राजनीतिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। बड़ी संख्या में जुटे जनसमुदाय ने सामाजिक समानता, संवैधानिक अधिकारों और न्याय की मांग को लेकर जोरदार नारेबाजी की। पूरे आयोजन के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था भी मुस्तैद रही। कलेक्ट्रेट कार्यालय में प्रतिनिधिमंडल ने राष्ट्रपति और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित ज्ञापन प्रशासन को सौंपा। इसे मऊगंज तहसीलदार बीके पटेल ने प्राप्त किया। ज्ञापन में ओबीसी जनगणना, बैकलॉग पदों की शीघ्र पूर्ति, निजी संस्थानों में आरक्षण, पदोन्नति में आरक्षण बहाली, पुरानी पेंशन योजना लागू करने, साक्षात्कार प्रक्रिया समाप्त करने, क्रीमीलेयर व्यवस्था खत्म करने और किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी देने जैसी प्रमुख मांगें शामिल थीं। मांगें नहीं मानने पर करेंगे उग्र आंदोलन आंदोलनकारियों ने कहा कि सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा। शाम लगभग 5 बजे ज्ञापन सौंपने के साथ कार्यक्रम का औपचारिक समापन हुआ, लेकिन नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।















































