Wednesday, 08 Jul 2026 | 06:25 AM

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Iran War Impact on Prices 2026

Iran War Impact on Prices 2026

नई दिल्ली1 घंटे पहले कॉपी लिंक सोने की कीमत में आज 20 मार्च को मामूली गिरावट है। इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन (IBJA) के मुताबिक, 10 ग्राम 24 कैरेट सोना 549 रुपए घटकर 1.47 लाख रुपए पर आ गया है। वहीं, एक किलो चांदी की कीमत 3,727 रुपए बढ़कर 2.34 लाख रुपए पर आ गई है। इससे पहले गुरुवार को इसकी कीमत 2.30 लाख रुपए किलो थी। अमेरिका-ईरान जंग के कारण सोना 8 दिन में 12,963 और चांदी 34,701 सस्ती हुई है। अलग-अलग शहरों में सोने के दाम अलग होने की 4 वजहें ट्रांसपोर्टेशन और सिक्योरिटी: सोना एक शहर से दूसरे शहर ले जाने में ईंधन और भारी सुरक्षा का खर्च आता है। आयात केंद्रों से दूरी बढ़ने पर ट्रांसपोर्टेशन कॉस्ट बढ़ जाती है, जिससे स्थानीय दाम बढ़ जाते हैं। खरीदारी की मात्रा : दक्षिण भारत जैसे इलाकों में खपत ज्यादा (करीब 40%) होने के कारण ज्वेलर्स भारी मात्रा में सोना खरीदते हैं। इससे मिलने वाली छूट का फायदा ग्राहकों को कम दाम के रूप में मिलता है। लोकल ज्वेलरी एसोसिएशन: हर राज्य और शहर के अपने ज्वेलरी एसोसिएशन (जैसे तमिलनाडु में मद्रास ज्वेलर्स एसोसिएशन) होते हैं। ये संगठन स्थानीय मांग और सप्लाई के आधार पर अपने इलाके के लिए सोने का रेट तय करते हैं। पुराना स्टॉक और खरीद मूल्य: ज्वेलर्स ने अपना स्टॉक किस रेट पर खरीदा है, यह भी मायने रखता है। जिन ज्वेलर्स के पास पुराने और सस्ते रेट पर खरीदा हुआ स्टॉक होता है, वे ग्राहकों से कम कीमत वसूल सकते हैं। ऑल टाइम हाई से 1.33 लाख रुपए गिरी चांदी इस साल सोने-चांदी की कीमत में लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। 31 दिसंबर 2025 को सोने के दाम 1.33 लाख रुपए थे, जो 29 जनवरी को बढ़कर 1.76 लाख रुपए के सबसे ऊपरी स्तर पर पहुंच गए थे। तब से अब तक सोना 28,781 रुपए सस्ता हो चुका है। वहीं, चांदी के कीमत 31 दिसंबर 2025 को 2.30 लाख रुपए थी, जो 29 जनवरी को 3.86 लाख रुपए के ऑल टाइम हाई पर पहुंच गई थी। तब से अब तक 50 दिन में चांदी 1.52 लाख रुपए सस्ती हो गई है। कीमतें गिरने की 3 बड़ी वजहें ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम: अमेरिका में महंगाई के आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व की ओर ब्याज दरों में जल्द कटौती की संभावना कम कर दी है। माना जा रहा है कि मार्च की मीटिंग में दरें नहीं घटेंगी। कैश पर बढ़ा भरोसा: अमेरिका-इजराइल की ईरान से चल रही जंग से मार्केट में अनिश्चितता बढ़ गई है और निवेशक सोने के बजाय नकद हाथ में रखना पसंद कर रहे हैं। इससे सोने की मांग पर असर पड़ा है। महंगा तेल और शेयर बाजार की गिरावट: मिडिल ईस्ट जंग की वजह से तेल की कीमतें भी बढ़ रही हैं, जिससे दुनियाभर के शेयर बाजारों में बिकवाली हो रही है। इसका असर कमोडिटी मार्केट पर भी हो रहा है। ज्वेलर्स से सोना खरीदते समय इन 2 बातों का रखें ध्यान 1. सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें: हमेशा ब्यूरो ऑफ इंडियन स्टैंडर्ड (BIS) का हॉलमार्क लगा हुआ सर्टिफाइड गोल्ड ही खरीदें। ये नंबर अल्फान्यूमेरिक यानी कुछ इस तरह से हो सकता है- AZ4524। हॉलमार्किंग से पता चलता है कि सोना कितने कैरेट का है। 2. कीमत क्रॉस चेक करें: सोने का सही वजन और खरीदने के दिन उसकी कीमत कई सोर्सेज (जैसे इंडिया बुलियन एंड ज्वेलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट) से क्रॉस चेक करें। सोने का भाव 24 कैरेट, 22 कैरेट और 18 कैरेट के हिसाब से अलग-अलग होता है। असली चांदी की पहचान करने के 4 तरीके मैग्नेट टेस्ट: असली सिल्वर चुंबक से नहीं चिपकती। अगर चिपक जाए तो फेक है। आइस टेस्ट: सिल्वर पर बर्फ रखें। असली सिल्वर पर बर्फ बहुत तेजी से पिघलेगी। स्मेल टेस्ट: असली सिल्वर में गंध नहीं होती। फेक में कॉपर जैसी गंध आ सकती है। क्लॉथ टेस्ट: चांदी को सफेद कपड़े से रगड़ें। अगर काला निशान आए तो असली है। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… भारतीय घरों में देश की GDP से ज्यादा का सोना: 34,600 टन गोल्ड की कीमत ₹450 लाख करोड़, देश की GDP ₹370 लाख करोड़ भारतीय परिवारों के पास मौजूद कुल सोने की वैल्यू 5 ट्रिलियन डॉलर (₹450 लाख करोड़) के पार निकल गई है। यह आंकड़ा देश की कुल 4.1 ट्रिलियन डॉलर यानी, 370 लाख करोड़ रुपए की GDP से भी ज्यादा है। सोने की कीमतें रिकॉर्ड हाई पर पहुंचने के कारण ऐसा हुआ है। मॉर्गन स्टेनली की एक रिपोर्ट के अनुसार भारतीय घरों में लगभग 34,600 टन सोना जमा है। अभी सोने की वैल्यू 1.38 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब चल रही है। वहीं इंटरनेशनल मार्केट में सोना 4,500 डॉलर प्रति औंस (करीब 28 ग्राम) के पार ट्रेड कर रहा है। रुपए में इसे बदलें तो इसकी वैल्यू 1.30 लाख रुपए प्रति 10 ग्राम के करीब होती है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

‘महिलाओं को केवल 9 टिकट’: केरल के नेता ने चुनाव से पहले कांग्रेस की सूची पर चिंता व्यक्त की | राजनीति समाचार

New Zealand Vs South Africa Live Cricket Score, 3rd T20I: Stay updated with NZ vs SA Ball by Ball Match Updates and Live Scorecard from Auckland.

आखरी अपडेट:मार्च 20, 2026, 14:23 IST कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने टिकटों के बंटवारे पर चिंता व्यक्त की है क्योंकि कुल 92 में से केवल 9 टिकट महिला उम्मीदवारों को दिए गए हैं। कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद. (फोटो: X/@drshamamohd) केरल में कांग्रेस ने आगामी विधानसभा चुनाव के लिए 37 उम्मीदवारों की अंतिम सूची गुरुवार को जारी कर दी। पार्टी इस बार 95 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. हालाँकि, सूची में 92 नाम शामिल हैं क्योंकि तीन स्थान विशेष रूप से सीपीएम के विद्रोही उम्मीदवारों का समर्थन करने के लिए खाली छोड़े गए हैं। अंतिम सूची की घोषणा होते ही कांग्रेस प्रवक्ता शमा मोहम्मद ने टिकटों के वितरण पर चिंता व्यक्त की है क्योंकि कुल 92 में से केवल 9 टिकट महिला उम्मीदवारों को दिए गए हैं। टिकट बंटवारे में लैंगिक असमानता को उठाते हुए शमा ने राहुल गांधी से मदद मांगी. शमा ने एक्स को संबोधित करते हुए लिखा, “इनकार किया लेकिन हराया नहीं। मैं अपने नेता @राहुलगांधी जी से, जिनकी मैं पूजा करती हूं, आदर करती हूं और प्रशंसा करती हूं, केरल की कांग्रेस महिलाओं की मदद करने का आदरपूर्वक आग्रह करती हूं। 92 टिकटों में से केवल 9 टिकट महिलाओं को दिए गए। 24 की लोकसभा में, वितरित 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को दिया गया। और अगर महिला प्रतिभाशाली होती है, तो स्थिति गंभीर है! बहुत, बहुत दुखद।” इनकार किया लेकिन हराया नहीं. मैं आदरपूर्वक अपने नेता से आग्रह करता हूं @राहुल गांधी जी, जिनकी मैं सराहना करता हूं, आदर करता हूं और केरल की कांग्रेसी महिलाओं की मदद करने की प्रशंसा करता हूं। 92 टिकटों में से केवल 9 टिकटें महिलाओं को दी गईं। 24 की लोकसभा में बांटे गए 16 टिकटों में से केवल 1 महिला को टिकट दिया गया…- डॉ. शमा मोहम्मद (@drshamamohd) 20 मार्च 2026 कांग्रेस सांसद ने केरल उम्मीदवार में बदलाव से इनकार किया कांग्रेस सांसद राजमोहन उन्नीथन ने शुक्रवार को कहा कि इस स्तर पर उम्मीदवार सूची में बदलाव की संभावना नहीं है। उन्नीथन द्वारा उद्धृत किया गया था एएनआई जैसा कि उन्होंने कहा, “विपक्ष के नेता और केपीसीसी अध्यक्ष पहले ही केरल लौट चुके हैं और अपने निर्वाचन क्षेत्र के दौरे और अभियान गतिविधियां शुरू कर चुके हैं। स्वाभाविक रूप से, यदि केंद्रीय चुनाव समिति द्वारा अंतिम रूप दी गई सूची में कोई बदलाव किया जाना है, तो इसके लिए एक विस्तृत प्रक्रिया की आवश्यकता होगी। केरल के नेताओं से फिर से परामर्श करना होगा, या उनकी सहमति प्राप्त करने की आवश्यकता होगी। राजनीति में मेरे लंबे अनुभव को देखते हुए, मुझे इस स्तर पर ऐसे बदलावों की अधिक संभावना नहीं दिखती है। बेशक, राजनीति संभावनाओं की कला है, इसलिए कुछ भी हो सकता है, लेकिन मैं अब किसी बड़े घटनाक्रम की उम्मीद न करें।” 2026 केरल विधानसभा चुनाव 9 अप्रैल को एक ही चरण में होंगे। जगह : केरल, भारत, भारत पहले प्रकाशित: मार्च 20, 2026, 14:23 IST समाचार राजनीति ‘महिलाओं को केवल 9 टिकट’: केरल के नेता ने चुनाव से पहले कांग्रेस की सूची पर चिंता व्यक्त की अस्वीकरण: टिप्पणियाँ उपयोगकर्ताओं के विचार दर्शाती हैं, News18 के नहीं। कृपया चर्चाएँ सम्मानजनक और रचनात्मक रखें। अपमानजनक, मानहानिकारक, या अवैध टिप्पणियाँ हटा दी जाएंगी। News18 अपने विवेक से किसी भी टिप्पणी को अक्षम कर सकता है. पोस्ट करके, आप हमारी उपयोग की शर्तों और गोपनीयता नीति से सहमत होते हैं। और पढ़ें (टैग्सटूट्रांसलेट)केरल विधानसभा चुनाव(टी)कांग्रेस उम्मीदवार केरल(टी)केरल चुनाव 2023(टी)कांग्रेस महिला उम्मीदवार(टी)राहुल गांधी केरल(टी)सीपीएम विद्रोही उम्मीदवार(टी)राजनीति में लैंगिक असमानता(टी)शमा मोहम्मद

Finland tops the list for the 9th consecutive year

Finland tops the list for the 9th consecutive year

Hindi News Happylife International Day Of Happiness: Finland Tops The List For The 9th Consecutive Year हेलसिंकी1 घंटे पहले कॉपी लिंक डिजिटल दुनिया का सबसे गहरा और नकारात्मक असर 15 साल की लड़कियों पर दिख रहा है।- प्रतीकात्मक फोटो फिनलैंड में एक कहावत है…‘बोलना चांदी है, पर खामोशी सोना है।’ एकांत और शांति पसंद यह देश शायद दुनिया की सबसे खुशहाल जगह न लगे, पर 2026 की ‘वर्ल्ड हैप्पीनेस रिपोर्ट’ में फिनलैंड ने लगातार 9वीं बार बाजी मारी है। रिपोर्ट ऑक्सफर्ड यूनिवर्सिटी के वेलबीइंग रिसर्च सेंटर ने जारी की है। गैलप व यूएन सस्टेनेबल डेवलपमेंट सॉल्यूशंस नेटवर्क की स्टडी के आधार पर यह रिपोर्ट तैयार की गई है। 147 देशों की सूची में भारत 116वें स्थान पर है। इसके मुताबिक खुशी घटने की बड़ी वजह आर्थिक असुरक्षा,डिजिटल अकेलापन व सामाजिक सहयोग की कमी है। सोशल मीडिया पर ‘दिखावे की संस्कृति’ असली मानवीय जुड़ाव खत्म कर रही है। अपनों के साथ की कमी मानसिक सुकून को और घटा रही है, भविष्य की अनिश्चितता भी बड़ा कारण है.. तो जानिए खुशी की वजह टॉप-10 में नॉर्वे, स्वीडन और आइसलैंड जैसे देश हैं। समान संपन्नता, शानदार स्वास्थ्य सेवाएं और मजबूत सरकारी सुरक्षा चक्र। यहां अमीर-गरीब की खाई कम है, जो मंदी जैसे मुश्किल दौर में भी लोगों की मुस्कान बनाए रखती है। और उदासी का कारण सबसे चिंताजनक बात यह है की खुशी में गिरावट 25 साल से कम उम्र के युवाओं में सबसे ज्यादा देखी गई है। जहां दुनिया के बाकी हिस्सों में युवा जिंदगी से संतुष्ट हैं, वहीं अमेरिका, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड जैसे अमीर देशों के किशोरों की खुशहाली का ग्राफ तेजी से नीचे गिरा है। शोधकर्ता इसके लिए स्मार्टफोन और सोशल मीडिया को जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन कहानी इतनी सीधी नहीं है… गैलप में वर्ल्ड न्यूज की मैनेजिंग एडिटर जूली रे कहती हैं, असल समस्या ‘सामाजिक साथ’ की कमी है। जब युवाओं को अपनों से जुड़ाव महसूस नहीं होता, तो वे अकेलेपन को दूर करने के लिए स्क्रीन की शरण लेते हैं। दुर्भाग्य से, सोशल मीडिया की यह डिजिटल निर्भरता उनकी खुशी बढ़ाने के बजाय उदासी को और गहरा कर देती है। ज्यादा असर टीनएज लड़कियों पर डिजिटल दुनिया का सबसे गहरा और नकारात्मक असर 15 साल की लड़कियों पर दिख रहा है। जो लड़कियां 5 घंटे से ज्यादा सोशल मीडिया पर बिताती हैं, वे जिंदगी से सबसे कम संतुष्ट हैं। ‘इन्फ्लुएंसर कल्चर’ व ‘परफेक्ट लाइफ’ वाली रील्स देखकर उनमें खुद को कमतर आंकने की भावना और तुलनात्मक तनाव बढ़ रहा है। सोशल मीडिया पर कंटेंट ‘देखना’ उन्हें मानसिक रूप से उदासी व अकेलेपन की ओर धकेल रहा है, जिससे उनकी असली मुस्कान फीकी पड़ रही है। टॉप-10 खुशहाल देश रैकिंग में अमेरिका, ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया व न्यूजीलैंड में से कोई भी टॉप-10 में नहीं है। 1.फिनलैंड 2. आइसलैंड 3. डेनमार्क 4. कोस्टा रिका 5. स्वीडन 6.नॉर्वे 7. नीदरलैंड्स 8. इजराइल 9. लक्जमबर्ग 10. स्विट्जरलैंड अब बात भारत में खुशी के स्तर की ताजा रिपोर्ट में भारत की तस्वीर उम्मीद और चुनौती, दोनों दिखाती है। 2024 (126) और 2025 (118) के मुकाबले लगातार स्थिति सुधर रही है। भारत की इस ‘धीमी लेकिन पक्की’ बढ़त के पीछे मजबूत पारिवारिक संरचना व सामाजिक ताना-बाना है, जो मुश्किल वक्त में सुरक्षा कवच बनता है। हालांकि, हम पड़ोसी देशों चीन (65) नेपाल (99) और पाकिस्तान (104) से पीछे हैं। इप्सॉस के हैप्पीनेस सर्वे में 29 देशों की सूची में भारत 22वें स्थान पर है। बीते साल 7वें पर था। दोनों रिपोर्टों के अनुसार खुशी घटने की सबसे बड़ी वजह ‘आर्थिक असुरक्षा’ व ‘ सोशल मीडिया का दबाव’ है। सोशल मीडिया पर बढ़ती तुलनात्मक भावना भारतीयों के मानसिक सुकून घटा रही है। युद्ध से जूझ रहे, पर खुशी कम नहीं होने दी: युद्ध के बावजूद इजराइल 5वें स्थान पर है। एक्सपर्ट के मुताबिक इजरायल में ‘सामाजिक एकजुटता’ और ‘पारिवारिक समर्थन’ बहुत मजबूत है, जो संकट के समय मानसिक संबल देता है। युद्ध के बावजूद यूक्रेन (105वें) में ‘साझा उद्देश्य’ की भावना और रूस (72वें) में मध्यम स्थिरता बनी हुई है, जिससे दोनों की रैंकिंग में बहुत बड़ी गिरावट नहीं आई। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔

सिंघारा चिल्ला रेसिपी: नवरात्रि व्रत के लिए दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक सिंघारा चीला बनाएं, न कि तराजू का वजन; नोट करें झटपट बनाने की रेसिपी

सिंघारा चिल्ला रेसिपी: नवरात्रि व्रत के लिए दोपहर 12 बजे से दोपहर 12 बजे तक सिंघारा चीला बनाएं, न कि तराजू का वजन; नोट करें झटपट बनाने की रेसिपी

20 मार्च 2026 को 14:15 IST पर अपडेट किया गया नवरात्रि व्रत चीला रेसिपी: सिंघाड़े के आटे का चीला नवरात्रि व्रत के लिए एक अनोखा नाश्ता है। यह बनाने में आसान, खाने में स्वादिष्ट और स्वास्थ्यवर्धक है।

IPL ODI world cup 2027 team india jasprit bumrah afghanistan test match

IPL ODI world cup 2027 team india jasprit bumrah afghanistan test match

स्पोर्ट्स डेस्क2 मिनट पहले कॉपी लिंक यह भारतीय टीम का सिलेक्शन पैनल है। तस्वीर में बाएं से दूसरे नंबर पर टी-20 कप्तान सूर्यकुमार यादव और बीच में BCCI सचिव देवजीत सैकिया नजर आ रहे हैं। यह फोटो टी-20 वर्ल्ड कप 2026 के लिए टीम चयन बैठक के दौरान की है। 28 मार्च से शुरू हो रहा IPL भारतीय खिलाड़ियों के लिए खास रहने वाला है। टी–20 फॉर्मेट में खेली जानी वाली इस लीग से टीम इंडिया की वनडे वनडे वर्ल्ड कप 2027 की टीम तय होगी। न्यूज एजेंसी PTI ने BCCI सूत्र के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट में बताया गया है कि भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) की सिलेक्शन कमेटी ने 20 खिलाड़ियों को शॉर्टलिस्ट किया है, जिनके प्रदर्शन पर इस IPL के दौरान खास नजर रखी जाएगी। अजित अगरकर की अगुवाई वाली समिति का फोकस इन खिलाड़ियों की फॉर्म और फिटनेस पर रहेगा। इतना ही नहीं, पंजाब मुल्लांपुर में 6 से 10 जून तक अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले टेस्ट मैच में भी टीम इंडिया अपनी फुल-स्ट्रेंथ के साथ उतरेगा। सारे सीनियर खिलाड़ी इसमें खेलेंगे। स्टेडियम जाकर मैच देखेंगे सिलेक्टर्स BCCI ने सिलेक्टर्स को मैच देखने की जिम्मेदारी बांट दी गई है। हर चयनकर्ता हफ्ते में कम से कम एक IPL मैच स्टेडियम में जाकर देखेगा, ताकि हर सप्ताह शॉर्टलिस्ट प्लेयर्स की पांच मैचों की ग्राउंड रिपोर्ट तैयार हो सके। इसके अलावा बाकी मैचों को टीवी के जरिए ट्रैक किया जाएगा। इस बार चयनकर्ता नए उभरते खिलाड़ियों के बजाय पहले से तय वनडे कोर ग्रुप के प्लेयर्स पर ही ध्यान देंगे। सि्लेक्टर्स के जोन बांटे, अगरकर मुंबई में रहेंगे चयनकर्ताओं की जिम्मेदारी तय कर दी गई है। चीफ सिलेक्टर अजित अगरकर मुंबई में रहेंगे, जबकि एसएस दास कोलकाता से मैच देखेंगे। वहीं आरपी सिंह और अजय रात्रा NCR क्षेत्र में मौजूद रहेंगे, जबकि प्रज्ञान ओझा बेंगलुरु और हैदराबाद में मुकाबलों पर नजर रखेंगे। अफगान टीम के खिलाफ टेस्ट में सीनियर टीम उतारेगा भारत अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट में भारत अपनी फुल-स्ट्रेंथ टीम उतारेगा। हालांकि इस मैच में वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप के अंक नहीं मिलेंगे, फिर भी टीम मैनेजमेंट इसे हल्के में नहीं ले रहा है। अगस्त से मार्च के बीच भारत को 9 टेस्ट खेलने हैं, ऐसे में सभी रेड-बॉल खिलाड़ी इस मुकाबले में उपलब्ध रहेंगे। यह भी तय माना जा रहा है कि बुमराह और सिराज, अगर IPL के दौरान फिट रहते हैं, तो अफगानिस्तान के खिलाफ टेस्ट स्क्वॉड का हिस्सा होंगे। ————————– स्पोर्ट्स की यह खबर भी पढ़ें… अगरकर ने 2027 वर्ल्डकप तक कॉन्ट्रैक्ट बढ़ाने की मांग की, BCCI से रिक्वेस्ट की भारतीय क्रिकेट टीम के चीफ सिलेक्टर अजीत अगरकर ने अपने कॉन्ट्रैक्ट को 2027 वनडे वर्ल्ड कप तक बढ़ाने की इच्छा जताई है। उन्होंने इसके लिए भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) से एक्सटेंशन मांगा है।अगरकर का मौजूदा कार्यकाल पहले ही बढ़ाया जा चुका है। 2025 IPL से पहले BCCI ने उनका कॉन्ट्रैक्ट एक साल के लिए बढ़ाकर जून 2026 तक कर दिया था। पूर्व तेज गेंदबाज अगरकर को जुलाई 2023 में टीम इंडिया की सिलेक्शन कमेटी का चेयरमैन बनाया गया था। पूरी खबर… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

Anil Ambani reaches CBI headquarters for second day of questioning in Rs 2929 cr alleged SBI bank fraud case

Anil Ambani reaches CBI headquarters for second day of questioning in Rs 2929 cr alleged SBI bank fraud case

Hindi News Business Anil Ambani Reaches CBI Headquarters For Second Day Of Questioning In Rs 2929 Cr Alleged SBI Bank Fraud Case नई दिल्ली3 घंटे पहले कॉपी लिंक रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड यानी RCOM से जुड़े 2,929 करोड़ रुपए की बैंक धोखाधड़ी मामले में अनिल अंबानी शुक्रवार (20 मार्च) को दूसरे दिन की पूछताछ के लिए दिल्ली स्थित CBI मुख्यालय पहुंचे हैं। इससे पहले गुरुवार को भी जांच अधिकारी ने उनसे करीब 8 घंटे तक पूछताछ की थी। यह पूरी कार्रवाई SBI की शिकायत पर दर्ज की गई FIR के आधार पर की जा रही है। CBI ने यह आपराधिक मामला रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड, अनिल अंबानी और कुछ अज्ञात लोक सेवकों के खिलाफ दर्ज किया है। इस मामले की शुरुआत 18 अगस्त 2025 को SBI की एक शिकायत से हुई थी। SBI बैंकों के उस समूह यानी कंसोर्टियम का नेतृत्व कर रहा है, जिसने कंपनी को कर्ज दिया था। इस समूह में बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक, केनरा बैंक और आईडीबीआई जैसे बड़े नाम शामिल हैं। फॉरेंसिक ऑडिट में हुआ खुलासा, फंड को दूसरी जगह डाइवर्ट किया गया जांच एजेंसी के मुताबिक, इस मामले का आधार एक फॉरेंसिक ऑडिट रिपोर्ट है। रिपोर्ट में आरोप लगाया गया है कि साल 2013 से 2017 के बीच लोन राशि का बड़े पैमाने पर दुरुपयोग किया गया। ऑडिट में सामने आया कि लोन के पैसों को ग्रुप की ही दूसरी संस्थाओं में घुमाया गया। इस हेरफेर की वजह से अकेले SBI को 2,929.05 करोड़ रुपए का नुकसान हुआ। वहीं SBI समेत 17 पब्लिक सेक्टर बैंकों का कुल एक्सपोजर 19,694.33 करोड़ रुपए है। PNB और बैंक ऑफ बड़ौदा ने भी अलग शिकायतें दर्ज कराई अनिल अंबानी की मुश्किलें केवल एक केस तक सीमित नहीं हैं। CBI को SBI के बाद पंजाब नेशनल बैंक (PNB), बैंक ऑफ इंडिया, आईडीबीआई और बैंक ऑफ महाराष्ट्र जैसे बैंकों से भी अलग-अलग शिकायतें मिली हैं। बैंक ऑफ बड़ौदा केस: 25 फरवरी को एक और केस दर्ज किया गया, जिसमें ई-देना बैंक और ई-विजया बैंक का बकाया शामिल है। PNB केस: 5 मार्च को दर्ज एक अन्य मामले में अनिल अंबानी के साथ निदेशक मंजरी अशोक काकर का भी नाम है। इसमें ई-यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया का पैसा फंसा हुआ है। मुंबई ऑफिस और घर पर छापेमारी में मिले थे अहम दस्तावेज CBI ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए अगस्त 2025 में ही एक्शन शुरू कर दिया था। विशेष न्यायाधीश (CBI) से वारंट लेकर मुंबई में रिलायंस कम्युनिकेशंस के दो दफ्तरों और अनिल अंबानी के आवासीय परिसर की तलाशी ली गई थी। जांच एजेंसी का दावा है कि उस दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज जब्त किए गए थे, जिनके आधार पर अब पूछताछ का दौर चल रहा है। क्या है RCOM का पूरा विवाद? रिलायंस कम्युनिकेशंस कभी टेलीकॉम सेक्टर की दिग्गज कंपनी थी, लेकिन भारी कर्ज और बिजनेस में घाटे के चलते यह दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई। बैंकों का आरोप है कि कंपनी ने कर्ज चुकाने के बजाय फंड्स को गलत तरीके से मैनेज किया। फिलहाल CBI यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या इस पूरी प्रक्रिया में बैंक अधिकारियों की भी मिलीभगत थी। दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

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सूरत8 मिनट पहले कॉपी लिंक सूरत रेलवे स्टेशन पर मौजूद प्रवासी मजदूरों की भीड़। देश में एलपीजी गैस कि कमी से चलते गुजरात से अब प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। सूरत के रेलवे स्टेशनों पर बिहार और यूपी लौटने वाले लोगों की लाइनें लगी हैं। दरअसल, रसोई गैस की कमी के चलते राज्य में रेस्टोरेंट-ढाबा और दूसरे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वालों का रोजगार ठप होने लगा है। इनके अलावा यूपी-बिहार के हजारों स्टूडेंट्‌स भी अपने घर लौट रहे हैं। दैनिक भास्कर ने ऐसे ही कुछ प्रवासियों से बात की। लोगों ने बताया कि छोटे सिलेंडर के लिए पहले गैस ₹100 किलो मिलती थी, लेकिन अब ₹300-₹400 किलो मिल रही है। वहीं, घरेलू सिलेंडर के रेट ₹5 हजार पहुंच गए हैं। फ्लैट में चूल्हा जलाने पर मनाही है। ऐसे में हम लोगों के सामने भूखा मरने की नौबत आ गई है। रेलवे स्टेशन पर भीड़ की 5 तस्वीरें… सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के बाहर लगी यात्रियों की लंबी लाइन। सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगी लाइनें। ट्रेनों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी हैं। सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए प्रवासी मजदूरों की भीड़। प्लेटफार्म में भीड़ के चलते सैकड़ों लोग स्टेशन के बाहर भी जमा हैं। ज्यादातर लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं टेक्सटाइल और डायमंड हब होने के चलते सूरत शहर में यूपी-बिहार में लाखों की संख्या में श्रमिक रहते हैं। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं और छोटे किराये के कमरों में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन नहीं होता है। इनके परिवार छोटे गैस सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, अब गैस की कमी के चलते इनके चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। और लोग अपने गांव वापस लौट रहे हैं। बिहार के मजदूर बोले- पड़ोसी मदद करते, लेकिन कबतक दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बिहार के एक प्रवासी मजदूर ने कहा- जब से गैस की कमी शुरू हुई है, हमें खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। गैस खत्म होने पर हमारे आस-पास के लोग हमारी हालत देखकर कभी-कभी हमें खाना दे देते हैं, लेकिन हम कब तक दूसरों पर निर्भर रह सकते हैं? वे एक-दो बार ही मदद कर सकते हैं, इससे ज्यादा नहीं। इसलिए हम गांव जा रहे हैं और वहां जाकर काम ढूंढेंगे। कंपनी के मालिकों का कहना है कि वे भी गैस का इंतजाम नहीं करवा पा रहे हैं। इसलिए हमने कंपनी को भी बता दिया है कि हम गांव जा रहे हैं। हमारे पास राशन तो है, लेकिन खाना पकाने के लिए गैस नहीं। बिहार जा रहीं महिला बोलीं- काम ठप्प होने लगा है बिहार लौट रहीं नूतनबेन ने कहा- गैस की समस्या के कारण मैं अपने बच्चों के साथ भागलपुर जा रही हूं। गैस की कमी से यहां कामकाज भी ठप होने लगा है। पिछले तीन-चार दिनों से बहुत परेशानी हो रही है। गैस नहीं होने पर बच्चों के लिए किस तरह खाने का इंतजाम कर रही थी, यह सिर्फ मैं ही जानती हूं। दो-तीन बार तो पड़ोसियों के घर जाकर थोड़ा बहुत खाना पकाया, लेकिन ऐसे रोज तो नहीं कर सकते। पड़ोसियों के घर भी गैस खत्म होने लगी है। जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तब हम लौट आएंगे। ————— गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हिमाचल में LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप:कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट संचालक परेशान हिमाचल प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग आज बंद हो गई है। LPG कंपनियों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि सर्वर डाउन होने से यह परेशानी हो रही है। इससे जिन लोगों ने सिलेंडर लेना है, उन्हें गैंस एजेंसी पहुंचकर LPG की बुकिंग करवानी पड़ रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

सूरत7 मिनट पहले कॉपी लिंक मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध का भारत पर असर दिखाई देने लगा है। गुजरात में रसोई गैस की कमी के चलते स्ट्रीट फूड की दुकानें, छोटे होटल-ढाबे बंद होने से इनके मालिक बेरोजगार होने लगे हैं। इसके अलावा यूपी-बिहार के श्रमिकों और हजारों स्टूडेंट्‌स को भी अपने घर लौटना पड़ रहा है। इसके चलते सूरत स्टेशन पर लंबी कतारें लगी हुई हैं। 5000 में मिल रहा सिलेंडर, फ्लैट में चूल्हा जला नहीं सकते इस मौके पर भास्कर रिपोर्टर ने सूरत के रेलवे स्टेशन पर मौजूद कुछ लोगों से बात की तो उन्होंने बताया कि छोटे सिलेंडर के लिए जो गैस आम दिनों में 100 रुपए किलो तक में मिल जाती थी, वह अब 300 से 400 रुपए किलो बिक रही है। वहीं, बड़े सिलेडर के रेट तो 5 हजार तक पहुंच गए हैं। फ्लैट में रहने के चलते वे चूल्हा जला नहीं सकते। इसके चलते उनके सामने भूखों मरने की नौबत आ गई है। सूरत के रेलवे स्टेशनों पर भीड़ की 3 तस्वीरें… ज्यादातर लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं टेक्सटाइल और डायमंड हब होने के चलते सूरत शहर में यूपी-बिहार में लाखों की संख्या में श्रमिक रहते हैं। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं और छोटे किराये के कमरों में रहते हैं। इनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन नहीं होता है। इनके परिवार छोटे गैस सिलेडर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, अब गैस की कमी के चलते इनके चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। और लोग अपने गांव वापस लौट रहे हैं। पड़ोसी मदद करते हैं, लेकिन कब तक करेंगे: प्रदीप दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बिहार के एक प्रवासी मजूदर ने कहा- जब से गैस की कमी शुरू हुई है, हमें खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। गैस खत्म होने पर हमारे आस-पास के लोग हमारी हालत देखकर कभी-कभी हमें खाना दे देते हैं, लेकिन हम कब तक दूसरों पर निर्भर रह सकते हैं? वे एक-दो बार ही मदद कर सकते हैं, इससे ज्यादा नहीं। इसलिए हम गांव जा रहे हैं और वहां जाकर काम ढूंढेंगे। कंपनी के मालिकों का कहना है कि वे भी गैस का इंतजाम नहीं करवा पा रहे हैं। इसलिए हमने कंपनी को भी बता दिया है कि हम गांव जा रहे हैं। हमारे पास राशन तो है, लेकिन खाना पकाने के लिए गैस नहीं। काम-काज भी ठप्प होने लगा है: नूतनबेन बिहार लौट रहीं नूतनबेन ने कहा- गैस की समस्या के कारण मैं अपने बच्चों के साथ भागलपुर जा रही हूं। गैस की कमी से यहां कामकाज भी ठप होने लगा है। पिछले तीन-चार दिनों से बहुत परेशानी हो रही है। गैस नहीं होने पर बच्चों के लिए किस तरह खाने का इंतजाम कर रही थी, यह सिर्फ मैं ही जानती हूं। दो-तीन बार तो पड़ोसियों के घर जाकर थोड़ा बहुत खाना पकाया, लेकिन ऐसे रोज तो नहीं कर सकते। पड़ोसियों के घर भी गैस खत्म होने लगी है। जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तब हम लौट आएंगे। ————— गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… हिमाचल में LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप:कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट संचालक परेशान हिमाचल प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग आज बंद हो गई है। LPG कंपनियों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि सर्वर डाउन होने से यह परेशानी हो रही है। इससे जिन लोगों ने सिलेंडर लेना है, उन्हें गैंस एजेंसी पहुंचकर LPG की बुकिंग करवानी पड़ रही है। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…

रीवा में बच्चा चोरी की अफवाह, भीड़ ने पलटी कार:लाठी-डंडे लेकर युवक पर हमला करने दौड़े; पुलिस ने बीच में आकर रोका, पति-पत्नी में था विवाद

रीवा में बच्चा चोरी की अफवाह, भीड़ ने पलटी कार:लाठी-डंडे लेकर युवक पर हमला करने दौड़े; पुलिस ने बीच में आकर रोका, पति-पत्नी में था विवाद

रीवा के जवा क्षेत्र में बच्चा चोरी की अफवाह ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। करीब 100 ग्रामीणों की भीड़ ने एक कार को घेरकर पलट दिया और उसमें सवार युवक पर हमला करने की कोशिश की। मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह बच्चे को सुरक्षित बचा लिया। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि जैसे ही अफवाह फैली, गांव में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते सैकड़ों लोग मौके पर जमा हो गए और “मारो-मारो” चिल्लाते हुए कार को चारों तरफ से घेर लिया। कुछ ही देर में गुस्साई भीड़ ने कार को पलट दिया और लाठी-डंडों के साथ हमला करने आगे बढ़ी। पुलिस ने लोगों से की गाली-गलौज हालात इतने बेकाबू हो गए थे कि वहां मौजूद लोग दहशत में आ गए और पूरा इलाका तनावपूर्ण हो गया। मौके पर युवक को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस को गाली गलौज तक करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, नीरज गौतम अपनी पत्नी पुष्पांजलि गौतम से चल रहे पारिवारिक विवाद के चलते सोहागी स्थित ससुराल पहुंचा था। दोनों के बीच बच्चे को लेकर विवाद था। इसी दौरान नीरज बच्चे को अपने साथ जबरन ले आया। घटना के बाद गांव में बच्चा चोरी की अफवाह फैल गई। देखते ही देखते बड़ी संख्या में ग्रामीण इकट्ठा हो गए और जवा क्षेत्र में नीरज की कार को घेर लिया। गुस्साई भीड़ ने कार पलट दी और लाठी-डंडों के साथ हिंसक हो गई। पुलिस ने युवक को भीड़ से बचाया सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को काबू में किया। पुलिस ने बीच-बचाव कर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला और युवक को भी भीड़ से बचाया। सोहागी थाना प्रभारी पवन शुक्ला ने बताया कि यह सब एक गलतफहमी की वजह से हुआ। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और अफवाह फैलाने वालों की पहचान की जा रही है।

इंश्योरेंस विज्ञापन में कम दाम, पेमेंट के वक्त वसूली ज्यादा:82% यूजर्स ने झेला धोखा; पॉलिसीबाजार जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स शामिल

इंश्योरेंस विज्ञापन में कम दाम, पेमेंट के वक्त वसूली ज्यादा:82% यूजर्स ने झेला धोखा; पॉलिसीबाजार जैसे बड़े प्लेटफॉर्म्स शामिल

डिजिटल दौर में इंश्योरेंस खरीदना आसान तो हुआ है, लेकिन डार्क पैटर्न्स का इस्तेमाल भी तेजी से बढ़ा है। लोकलसर्किल के ताजा सर्वे के मुताबिक, 10 में से 8 यूजर्स ‘सब्सक्रिप्शन ट्रैप’ जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। यानी पॉलिसी लेना आसान है, लेकिन उसे कैंसिल करना बहुत मुश्किल। सर्वे के मुताबिक पिछले 24 महीनों में ऐसे मामले 61% से बढ़कर 80% हो गए हैं। पर्सनल डिटेल्स का मिसयूज: 85% यूजर्स अनचाही कॉल्स से परेशान सर्वे में शामिल 85% यूजर्स ने बताया कि इंश्योरेंस कोटेशन लेते समय उनसे गैर-जरूरी जानकारी मांगी जाती है। बाद में इन डिटेल्स का इस्तेमाल अनचाही मार्केटिंग कॉल्स और मैसेज भेजने के लिए होता है। पिछले 2 साल में ऐसे मामले 57% से बढ़कर 85% हो गए हैं। करीब 90% यूजर्स ने बताया कि अगर वे सिर्फ कोटेशन लेते हैं या पॉलिसी कैंसिल करने की कोशिश करते हैं, तो उन्हें बार-बार कॉल और मैसेज करके परेशान किया जाता है। इसे ‘नैगिंग’ कहा जाता है। पिछले 24 महीनों में यह 86% से बढ़कर 90% पर पहुंच गया है। दिखाते कुछ हैं, बेचते कुछ हैं: 82% यूजर्स ने झेला ‘बेट एंड स्विच’ सर्वे में शामिल 82% यूजर्स ने ‘बेट एंड स्विच’ का अनुभव किया। यानी विज्ञापन में कम प्रीमियम दिखाया गया लेकिन पेमेंट के वक्त दाम बढ़ गए। इसके अलावा, 65% यूजर्स ने ‘ड्रिप प्राइसिंग’ या छिपे हुए चार्जेस की बात कही, जो पॉलिसी रिन्यूअल या क्लेम के वक्त सामने आते हैं। अब इस मामले से जुड़े 4 जरूरी सवालों के जवाब… सवाल 1: सर्वे में कौन-कौन सी कंपनियों के डार्क पैटर्न्स का जिक्र है? जवाब: इसमें पॉलिसीबाजार, एको, ICICI लोम्बार्ड, टाटा AIG, बजाज आलियांज और HDFC एर्गो जैसे बड़े नामों के प्लेटफॉर्म्स पर 2 से 4 तरह के डार्क पैटर्न्स पाए हैं। डार्क पैटर्न्स डिजिटल प्लेटफॉर्म्स की वे चालाकियां हैं जिनसे ग्राहकों को ऐसे फैसले लेने के लिए उकसाया जाता है जो वे शायद नहीं लेना चाहते। सवाल 2: ग्राहक खुद को इन धोखाधड़ी वाले तरीकों से कैसे बचा सकते हैं? जवाब: एक्सपर्ट्स के मुताबिक, ग्राहकों को ‘फ्री-लुक पीरियड’ का फायदा उठाना चाहिए। ‘फ्री-लुक पीरियड’ पॉलिसी मिलने के बाद मिलने वाला वह 30 दिनों का समय है, जिसमें आप नियम और शर्तें पसंद न आने पर बिना किसी बड़े नुकसान के इंश्योरेंस कैंसिल कर सकते हैं। इसके अलावा कोई भी पेमेंट करने से पहले पॉलिसी डॉक्यूमेंट्स को ध्यान से पढ़ें। अगर बैंक लोन के बदले जबरन इंश्योरेंस दे रहा है, तो इसकी शिकायत करें। सवाल 3: क्या किसी बड़ी कंपनी पर इस मामले में कार्रवाई हुई है? जवाब: हां, पिछले साल IRDAI ने फ्लिपकार्ट इंटरनेट पर ₹1.06 करोड़ का जुर्माना लगाया था। कंपनी बिना पर्याप्त ट्रेनिंग वाले स्टाफ के जरिए इंश्योरेंस पॉलिसी बेच रही थी। ग्राहकों को सीधे इंश्योरर की जगह मिडिलमैन की साइट पर भेज रही थी, जो नियमों का उल्लंघन है। सवाल 4: भारतीय रिजर्व बैंक इस पर क्या कदम उठा रहा है? जवाब: RBI ने ‘रिस्पॉन्सिबल बिजनेस कंडक्ट’ के तहत ड्राफ्ट निर्देश जारी किए हैं। इसके मुताबिक, 1 जुलाई 2026 से बैंकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके एप्स डार्क पैटर्न्स से मुक्त हों। अगर मिस-सेलिंग पाई गई, तो बैंकों को ग्राहक का पूरा पैसा वापस करना होगा। मिस-सेलिंग अब बीएनएस के तहत अपराध वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि वित्तीय उत्पादों की ‘मिस-सेलिंग’ भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत अब एक अपराध की श्रेणी में आता है। वित्त मंत्री ने कहा कि बैंकों को बीमा बेचने के बजाय अपने कोर बैंकिंग कामकाज और डिपॉजिट बढ़ाने पर ध्यान देना चाहिए। रीडर टिप ऑनलाइन इंश्योरेंस खरीदते समय ‘प्री टिक्ड’ (पहले से टिक किए हुए) बॉक्स को अनचेक करना न भूलें, क्योंकि ये अक्सर एक्स्ट्रा प्रीमियम वाले ‘ऐड ऑन्स’ होते हैं।