Wednesday, 07 Oct 2026 | 07:06 PM

Trending :

EXCLUSIVE

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

सूरत8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सूरत रेलवे स्टेशन पर मौजूद प्रवासी मजदूरों की भीड़।

देश में एलपीजी गैस कि कमी से चलते गुजरात से अब प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। सूरत के रेलवे स्टेशनों पर बिहार और यूपी लौटने वाले लोगों की लाइनें लगी हैं।

दरअसल, रसोई गैस की कमी के चलते राज्य में रेस्टोरेंट-ढाबा और दूसरे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वालों का रोजगार ठप होने लगा है। इनके अलावा यूपी-बिहार के हजारों स्टूडेंट्‌स भी अपने घर लौट रहे हैं।

दैनिक भास्कर ने ऐसे ही कुछ प्रवासियों से बात की। लोगों ने बताया कि छोटे सिलेंडर के लिए पहले गैस ₹100 किलो मिलती थी, लेकिन अब ₹300-₹400 किलो मिल रही है।

वहीं, घरेलू सिलेंडर के रेट ₹5 हजार पहुंच गए हैं। फ्लैट में चूल्हा जलाने पर मनाही है। ऐसे में हम लोगों के सामने भूखा मरने की नौबत आ गई है।

रेलवे स्टेशन पर भीड़ की 5 तस्वीरें…

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के बाहर लगी यात्रियों की लंबी लाइन।

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के बाहर लगी यात्रियों की लंबी लाइन।

सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगी लाइनें।

सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगी लाइनें।

ट्रेनों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी हैं।

ट्रेनों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी हैं।

सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए प्रवासी मजदूरों की भीड़।

सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए प्रवासी मजदूरों की भीड़।

प्लेटफार्म में भीड़ के चलते सैकड़ों लोग स्टेशन के बाहर भी जमा हैं।

प्लेटफार्म में भीड़ के चलते सैकड़ों लोग स्टेशन के बाहर भी जमा हैं।

ज्यादातर लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं

टेक्सटाइल और डायमंड हब होने के चलते सूरत शहर में यूपी-बिहार में लाखों की संख्या में श्रमिक रहते हैं। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं और छोटे किराये के कमरों में रहते हैं।

इनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन नहीं होता है। इनके परिवार छोटे गैस सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, अब गैस की कमी के चलते इनके चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। और लोग अपने गांव वापस लौट रहे हैं।

बिहार के मजदूर बोले- पड़ोसी मदद करते, लेकिन कबतक

दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बिहार के एक प्रवासी मजदूर ने कहा- जब से गैस की कमी शुरू हुई है, हमें खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। गैस खत्म होने पर हमारे आस-पास के लोग हमारी हालत देखकर कभी-कभी हमें खाना दे देते हैं, लेकिन हम कब तक दूसरों पर निर्भर रह सकते हैं? वे एक-दो बार ही मदद कर सकते हैं, इससे ज्यादा नहीं।

इसलिए हम गांव जा रहे हैं और वहां जाकर काम ढूंढेंगे। कंपनी के मालिकों का कहना है कि वे भी गैस का इंतजाम नहीं करवा पा रहे हैं। इसलिए हमने कंपनी को भी बता दिया है कि हम गांव जा रहे हैं। हमारे पास राशन तो है, लेकिन खाना पकाने के लिए गैस नहीं।

बिहार जा रहीं महिला बोलीं- काम ठप्प होने लगा है

बिहार लौट रहीं नूतनबेन ने कहा- गैस की समस्या के कारण मैं अपने बच्चों के साथ भागलपुर जा रही हूं। गैस की कमी से यहां कामकाज भी ठप होने लगा है। पिछले तीन-चार दिनों से बहुत परेशानी हो रही है। गैस नहीं होने पर बच्चों के लिए किस तरह खाने का इंतजाम कर रही थी, यह सिर्फ मैं ही जानती हूं।

दो-तीन बार तो पड़ोसियों के घर जाकर थोड़ा बहुत खाना पकाया, लेकिन ऐसे रोज तो नहीं कर सकते। पड़ोसियों के घर भी गैस खत्म होने लगी है। जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तब हम लौट आएंगे।

—————

गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

हिमाचल में LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप:कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट संचालक परेशान

हिमाचल प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग आज बंद हो गई है। LPG कंपनियों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि सर्वर डाउन होने से यह परेशानी हो रही है। इससे जिन लोगों ने सिलेंडर लेना है, उन्हें गैंस एजेंसी पहुंचकर LPG की बुकिंग करवानी पड़ रही है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

लेटेस्ट टॉप अपडेट

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets
जैवलिन थ्रो छोड़ रग्बी में चमकीं अमनदीप कौर:ऑक्शन में 11 घंटे नहीं चुनी गईं, फिर बनीं बेस्ट प्लेयर; लक्ष्य भारत को गोल्ड जिताना

June 26, 2026/
2:21 pm

पंजाब की 24 वर्षीय अमनदीप कौर कभी जैवलिन थ्रो में करियर बनाने के लिए मेहनत करती थीं, लेकिन इस खिलाड़ी...

भोपाल में बनी देश की पहली सीमेंट-रहित राख से सड़क:21 दिन में मजबूत बनने वाली नई तकनीक का सफल प्रयोग

April 18, 2026/
12:00 am

भोपाल में कचरे को उपयोगी संसाधन में बदलने की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। CSIR- एडवांस मटेरियल...

आलिया को घिरता देख रणबीर कपूर पैपराजी पर भड़के:स्क्रीनिंग के बाहर धक्का-मुक्की बढ़ी तो एक्टर नाराज दिखे, फोटोग्राफर्स को पीछे हटाया

May 6, 2026/
7:39 pm

बॉलीवुड स्टार रणबीर कपूर एक बार फिर वायरल वीडियो को लेकर चर्चा में हैं। इस बार मामला पैपराजी से जुड़ा...

भवानीपुर से फिर मैदान में नैतिकता, नामांकित के लिए अखण्ड अखण्ड, नैतिकता हुई तेज

April 8, 2026/
11:27 am

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी कोलकाता की भवानीपुर विधानसभा सीट से चुनाव के लिए नामांकन दाखिल करने के लिए...

बड़वानी की महक गोले को प्रदेश में छठवीं रैंक:10वीं में 98.8 प्रतिशत अंक किए हासिल; पिता बनाते हैं मटके, अब IAS बनना लक्ष्य

April 15, 2026/
2:30 pm

मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल के बुधवार को घोषित 10वीं कक्षा के परिणाम में अंजड़ की छात्रा महक गोले ने जिले...

गिलगित-बाल्टिस्तान को 5वां राज्य बनाने की तैयारी में पाकिस्तान:विधानसभा में प्रस्ताव पास, संसद से संविधान संशोधन की मांग

July 17, 2026/
4:49 pm

पाकिस्तान ने अपने अवैध कब्जे वाले गिलगित-बाल्टिस्तान को देश का पांचवां प्रांत बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गुरुवार...

जॉब - शिक्षा

राजनीति

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

surat migrant workers return home dut to gas shortage inflation

सूरत8 मिनट पहले

  • कॉपी लिंक

सूरत रेलवे स्टेशन पर मौजूद प्रवासी मजदूरों की भीड़।

देश में एलपीजी गैस कि कमी से चलते गुजरात से अब प्रवासी मजदूरों का पलायन शुरू हो गया है। सूरत के रेलवे स्टेशनों पर बिहार और यूपी लौटने वाले लोगों की लाइनें लगी हैं।

दरअसल, रसोई गैस की कमी के चलते राज्य में रेस्टोरेंट-ढाबा और दूसरे खाने-पीने के स्टॉल चलाने वालों का रोजगार ठप होने लगा है। इनके अलावा यूपी-बिहार के हजारों स्टूडेंट्‌स भी अपने घर लौट रहे हैं।

दैनिक भास्कर ने ऐसे ही कुछ प्रवासियों से बात की। लोगों ने बताया कि छोटे सिलेंडर के लिए पहले गैस ₹100 किलो मिलती थी, लेकिन अब ₹300-₹400 किलो मिल रही है।

वहीं, घरेलू सिलेंडर के रेट ₹5 हजार पहुंच गए हैं। फ्लैट में चूल्हा जलाने पर मनाही है। ऐसे में हम लोगों के सामने भूखा मरने की नौबत आ गई है।

रेलवे स्टेशन पर भीड़ की 5 तस्वीरें…

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के बाहर लगी यात्रियों की लंबी लाइन।

सूरत के उधना रेलवे स्टेशन के बाहर लगी यात्रियों की लंबी लाइन।

सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगी लाइनें।

सूरत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म पर लगी लाइनें।

ट्रेनों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी हैं।

ट्रेनों में भीड़ को कंट्रोल करने के लिए रेलवे ने भी तैयारी शुरू कर दी हैं।

सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए प्रवासी मजदूरों की भीड़।

सूरत रेलवे स्टेशन पर ट्रेन का इंतजार करते हुए प्रवासी मजदूरों की भीड़।

प्लेटफार्म में भीड़ के चलते सैकड़ों लोग स्टेशन के बाहर भी जमा हैं।

प्लेटफार्म में भीड़ के चलते सैकड़ों लोग स्टेशन के बाहर भी जमा हैं।

ज्यादातर लोगों के पास गैस कनेक्शन नहीं

टेक्सटाइल और डायमंड हब होने के चलते सूरत शहर में यूपी-बिहार में लाखों की संख्या में श्रमिक रहते हैं। ये लोग रोज कमाकर खाने वाले हैं और छोटे किराये के कमरों में रहते हैं।

इनमें से ज्यादातर लोगों के पास आधिकारिक गैस कनेक्शन नहीं होता है। इनके परिवार छोटे गैस सिलेंडर पर ही निर्भर हैं। लेकिन, अब गैस की कमी के चलते इनके चूल्हे नहीं जल पा रहे हैं। और लोग अपने गांव वापस लौट रहे हैं।

बिहार के मजदूर बोले- पड़ोसी मदद करते, लेकिन कबतक

दैनिक भास्कर से हुई बातचीत में बिहार के एक प्रवासी मजदूर ने कहा- जब से गैस की कमी शुरू हुई है, हमें खाने-पीने में दिक्कत हो रही है। गैस खत्म होने पर हमारे आस-पास के लोग हमारी हालत देखकर कभी-कभी हमें खाना दे देते हैं, लेकिन हम कब तक दूसरों पर निर्भर रह सकते हैं? वे एक-दो बार ही मदद कर सकते हैं, इससे ज्यादा नहीं।

इसलिए हम गांव जा रहे हैं और वहां जाकर काम ढूंढेंगे। कंपनी के मालिकों का कहना है कि वे भी गैस का इंतजाम नहीं करवा पा रहे हैं। इसलिए हमने कंपनी को भी बता दिया है कि हम गांव जा रहे हैं। हमारे पास राशन तो है, लेकिन खाना पकाने के लिए गैस नहीं।

बिहार जा रहीं महिला बोलीं- काम ठप्प होने लगा है

बिहार लौट रहीं नूतनबेन ने कहा- गैस की समस्या के कारण मैं अपने बच्चों के साथ भागलपुर जा रही हूं। गैस की कमी से यहां कामकाज भी ठप होने लगा है। पिछले तीन-चार दिनों से बहुत परेशानी हो रही है। गैस नहीं होने पर बच्चों के लिए किस तरह खाने का इंतजाम कर रही थी, यह सिर्फ मैं ही जानती हूं।

दो-तीन बार तो पड़ोसियों के घर जाकर थोड़ा बहुत खाना पकाया, लेकिन ऐसे रोज तो नहीं कर सकते। पड़ोसियों के घर भी गैस खत्म होने लगी है। जब सब कुछ ठीक हो जाएगा तब हम लौट आएंगे।

—————

गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…

हिमाचल में LPG की ऑनलाइन बुकिंग ठप:कमर्शियल सिलेंडरों की भारी किल्लत, होटल-ढाबा-रेस्टोरेंट संचालक परेशान

हिमाचल प्रदेश में LPG सिलेंडर की ऑनलाइन बुकिंग आज बंद हो गई है। LPG कंपनियों द्वारा तर्क दिया जा रहा है कि सर्वर डाउन होने से यह परेशानी हो रही है। इससे जिन लोगों ने सिलेंडर लेना है, उन्हें गैंस एजेंसी पहुंचकर LPG की बुकिंग करवानी पड़ रही है। पूरी खबर पढ़ें…

खबरें और भी हैं…
WhatsApp
Facebook
Twitter
LinkedIn

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

हेल्थ & फिटनेस

विज्ञापन

राजनीति

लेटेस्ट टॉप अपडेट

ग्लोबल करेंसी अपडेट

Provided by IFC Markets

Live Cricket

सच्चाई की दहाड़

ब्रेकिंग खबरें सीधे अपने ईमेल पर पाने के लिए रजिस्टर करें।

You have been successfully Subscribed! Ops! Something went wrong, please try again.