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Botox Side Effects: Lisa Kudrow का बुरा अनुभव, ब्यूटी ट्रीटमेंट से पहले जानें

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Last Updated:March 21, 2026, 23:58 IST Botox Side Effects: फ्रेंड्स में फीबी का किरदार निभाने वाली एक्ट्रेस कुड्रो ने 62 साल की उम्र में बोटॉक्स का काला सच बताया है. यदि आप भी इस ब्यूटी ट्रीटमेंट को कराने के बारे में सोच रहे हैं, या ये आपको बहुत ही फायेदमंद और असरदार लगता है तो इसका साइड इफेक्ट जान लें. ख़बरें फटाफट Side Effects Of Botox: हॉलीवुड सीरीज फ्रेंड्स से फेमस हुई एक्ट्रेस लिसा कुड्रो इन दिनों अपनी खूबसूरती से ज्यादा अपने एक फैसले को लेकर चर्चा में हैं. 62 साल की उम्र में उन्होंने एक ऐसा अनुभव साझा किया, जिसे जानकर आप ब्यूटी ट्रीटमेंट के बारे में दोबारा सोचने पर मजबूर हो जाएंगे. वैसे तो बॉटोक्स लंबे समय तक यंग दिखने के लिए चेहरे की झुर्रियों और महीन रेखाओं से छुटकारा पाने के लिए करवाया जाता है. लेकिन लिसा ने हाल ही में इंटरनेशनल मीडिया को बताया कि उन्होंने एंटी-रिंकल ट्रीटमेंट यानी बोटॉक्स ट्राय किया था, लेकिन इसका असर वैसा नहीं रहा जैसा उन्होंने सोचा था. उन्होंने कहा कि बोटॉक्स लेने के बाद उनकी आंखों में जलन और सूजन (इन्फ्लेमेशन) होने लगी. इतना ही नहीं, उनके माथे पर अजीब सा पैटर्न भी दिखने लगा. इस अनुभव के बाद उन्होंने साफ कर दिया कि अब शायद वह दोबारा बोटॉक्स नहीं लेंगी. 60 के बाद करवाया बोटॉक्सदिलचस्प बात यह है कि लिसा ने बोटॉक्स का इस्तेमाल काफी देर से, यानी अपने 60वें जन्मदिन के बाद शुरू किया था. उन्होंने यह भी माना कि बढ़ती उम्र को लेकर उन्हें डर लगता है. उन्हें लगता है कि एक दिन वह अपनी दादी की तरह दिखने लगेंगी, लेकिन इसके बावजूद वह उम्र के साथ आने वाले नए किरदार निभाने को लेकर उत्साहित हैं. ब्यूटी ट्रीटमेंट सोच समझकर लेंलिसा का नजरिया ब्यूटी ट्रीटमेंट को लेकर काफी बैलेस्ड है. वह मानती हैं कि हर किसी को अपनी पसंद का फैसला करने का हक है. उन्होंने कहा कि कई लोग कॉस्मेटिक ट्रीटमेंट से बहुत अच्छे दिखते हैं, लेकिन उन्हें खुद डर लगता है कि अगर कुछ गलत हो गया या सही से ठीक नहीं हुआ, तो उनका लुक पहले से ज्यादा खराब हो सकता है. 16 साल की उम्र में करवाई थी नाक की सर्जरीयह पहली बार नहीं है जब लिसा ने किसी ब्यूटी ट्रीटमेंट का सहारा लिया हो. उन्होंने 16 साल की उम्र में नाक की सर्जरी (राइनोप्लास्टी) करवाई थी, जिसे वह अपनी जिंदगी बदलने वाला फैसला मानती हैं. उनके अनुसार, इस सर्जरी के बाद उनका आत्मविश्वास काफी बढ़ गया था और वह खुद को पहले से बेहतर महसूस करने लगी थीं. लेकिन 2024 में एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने कहा कि वह अब और कॉस्मेटिक सर्जरी कराने से बचना चाहती हैं. उनका मानना है कि हर ट्रेंड को फॉलो करना जरूरी नहीं है, खासकर तब जब उसमें जोखिम भी शामिल हो. About the Author शारदा सिंहSenior Sub Editor शारदा सिंह बतौर सीनियर सब एडिटर News18 Hindi से जुड़ी हैं. वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्यू पर आधारित रिपोर्ट्स बनाने में एक्सपर्ट हैं. शारदा पिछले 5 सालों से मीडिया …और पढ़ें Location : Delhi,Delhi,Delhi First Published : March 21, 2026, 23:58 IST

होममेड मटका कुल्फी रेसिपी: बाजार में बिकने वाली मटका मलाई कुल्फी अब घर पर, न गैस और न दूध की चिंता; नोट करें रेसिपी

होममेड मटका कुल्फी रेसिपी: बाजार में बिकने वाली मटका मलाई कुल्फी अब घर पर, न गैस और न दूध की चिंता; नोट करें रेसिपी

21 मार्च 2026 को 23:35 IST पर अद्यतन किया गया होममेड मटका कुल्फी रेसिपी: गर्मियों के मौसम में ठंडा मटका मलाई कुल्फी का नाम सुनते ही मुंह में पानी आ जाता है। अक्सर हमें लगता है कि बाजार में जैसी क्रीमी कुल्फी बनाने के लिए चौदह दूध का आटा या गैस के पास खड़ा रखा जाता है, लेकिन अब ऐसा नहीं है। इस नई और आसान रेसिपी के साथ आप बिना गैस जलाए और बिना दूध को फ्लोट किए, परफेक्ट टेक्सचर वाली कुल्फी तैयार कर सकते हैं। आइए जानते हैं।

Ladyfinger benefits : शुगर कैसे कंट्रोल करती है भिंडी, पेट भी रखे हल्का…99% लोग नहीं जानते इसके ये वाले फायदे

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Last Updated:March 21, 2026, 22:58 IST Ladyfinger health benefits : भिंडी न केवल स्वाद की रानी है, बल्कि सेहत का भी खजाना है. अक्सर लोग इसे साधारण सब्जी समझते हैं, लेकिन असल में भिंडी पोषक तत्वों का पावरहाउस है. अगर सही तरीके से इसका सेवन किया जाए, तो कई गंभीर रोगों से छुटकारा पाया जा सकता है. भिंडी में कैलोरी कम होती है, इसलिए यह हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा बन जा सकती है. लोकल 18 से बलिया की चिकित्सक डॉ. वंदना तिवारी बताती हैं कि भिंडी प्राकृतिक रेचक की तरह काम करती है. गर्भावस्था में इसका फोलेट भ्रूण के विकास में काफी मददगार माना जाता है. भिंडी कोई आम सब्जी नहीं, बल्कि फाइबर, विटामिन K, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट जैसे तमाम गुणों से भरपूर होती है. ये सभी तत्व शरीर को अंदर से मजबूत बनाते हैं और कई जरूरी कार्यों को संतुलित रखते हैं. भिंडी में कैलोरी कम होती है, इसलिए यह हेल्दी डाइट का अहम हिस्सा बन जा सकती है. भिंडी हर उम्र के लोगों के लिए फायदेमंद है. शुगर रोगियों के लिए भिंडी बेहद फायदेमंद मानी जाती है. इसमें फाइबर और म्यूसीलेज नामक तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करते हैं. इसके नियमित सेवन से शुगर लेवल संतुलित रहता है और शरीर में अचानक बढ़ने वाले ग्लूकोज को नियंत्रित करने में सहायक होता है. भिंडी पाचन तंत्र को दुरुस्त रखने में भी अहम भूमिका निभा सकती है. इसका उच्च फाइबर कब्ज, गैस और पेट से जुड़ी समस्याओं को दूर करता है. यह एक प्राकृतिक रेचक की तरह काम करती है, जिससे पेट साफ रहता है. इसी के चलते पाचन प्रक्रिया भी बेहतर हो जाती है. इसको रोजाना सीमित मात्रा में खाने से पेट हल्का और स्वस्थ रहता हैं. Add News18 as Preferred Source on Google राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, भिंडी में पेक्टिन होते हैं, जो खराब कोलेस्ट्रॉल को कम करने में मदद कर हार्ट से जुड़ी बीमारियों का खतरा कम करता है. भिंडी ब्लड प्रेशर को संतुलित रखने में भी सहायक है, जिससे हृदय लंबे समय तक निरोग रहता है. अगर आप वजन घटाने के लिए तरकीब खोज रहे हैं, तो आपके लिए भिंडी एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकती है. भिंडी में कम कैलोरी और ज्यादा फाइबर पाए जाते हैं, ऐसा होने के कारण हो यह पेट को लंबे समय तक भरा रखती है. इससे बार-बार भूख नहीं लगती है और अनहेल्दी खाने से बचाव होता हैं. भिंडी वेट लॉस करने में बहुत उपयोगी है. भिंडी हड्डियों, त्वचा और आंखों के लिए भी बेहद लाभकारी और गुणकारी है. इसमें विटामिन K पाया जाता हैं, जो हड्डियों को मजबूत बनाता है, जबकि एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन A त्वचा को चमकदार और आंखों की रोशनी को बेहतर बनाए रखते हैं. गर्भावस्था में इसका फोलेट भ्रूण के विकास में काफी मददगार माना जाता है. इसे आप बगैर मसालेदार सब्जी, सलाद या भिंडी के पानी के रूप में सेवन कर सकते हैं. रात में भिंडी भिगोकर सुबह उसका पानी पीना खासतौर पर बेहद लाभकारी और फायदेमंद माना जाता हैं. लेकिन इसका अत्यधिक सेवन नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए संतुलित मात्रा में ही खाएं. अगर आप किसी गंभीर रोग से ग्रस्त हैं तो बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें. First Published : March 21, 2026, 22:58 IST

मंडला में पुलिया से गिरी बाइक, चार युवकों की मौत:बीजाडांडी में हादसा; मृतकों की शिनाख्त की जा रही

मंडला में पुलिया से गिरी बाइक, चार युवकों की मौत:बीजाडांडी में हादसा; मृतकों की शिनाख्त की जा रही

मंडला जिले के बीजाडांडी थाना क्षेत्र में शनिवार देर रात एक सड़क हादसे में चार युवकों की मौत हो गई। यह घटना भैंसवाही गांव के पास हुई, जहां एक मोटरसाइकिल पुलिया से नीचे गिर गई। पुलिस के अनुसार, मोटरसाइकिल पर चार युवक सवार थे। पुलिया से गिरने के कारण सभी चारों युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही डायल 112 और बीजाडांडी पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सभी शवों को बीजाडांडी स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। बीजाडांडी थाना प्रभारी अनिता कुडापे ने घटना की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि शवों को स्वास्थ्य केंद्र में रखा गया है और मृतकों की शिनाख्त की जा रही है।

बीजेपी ओबीसी मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित:एक भी महिला पदाधिकारी नहीं; शिवराज सिंह के चचेरे भाई बने उपाध्यक्ष

बीजेपी ओबीसी मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी घोषित:एक भी महिला पदाधिकारी नहीं; शिवराज सिंह के चचेरे भाई बने उपाध्यक्ष

भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सहमति से पिछड़ा वर्ग मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने नई प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा कर दी है। इस सूची में अनुभवी और नए चेहरों का संतुलन बनाया गया है। इनमें भोपाल नगर निगम के पूर्व अध्यक्ष और केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के चचेरे भाई सुरजीत सिंह चौहान उपाध्यक्ष बनाए गए हैं। खास बात ये है कि बीजेपी में 33 प्रतिशत महिला आरक्षण के दावे के उलट ओबीसी मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में एक भी महिला को पदाधिकारी नहीं बनाया गया। आठ उपाध्यक्ष बनाए दो महामंत्री बनाए, एक पद होल्ड रखा बीजेपी ओबीसी मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष पवन पाटीदार ने दो प्रदेश महामंत्री घोषित किए हैं, एक पद होल्ड रखा है। रविन्द्र लोधी और नरेन्द्र राठौर को प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। 8 बने प्रदेश मंत्री कोषाध्यक्ष एवं कार्यालय प्रभार: मीडिया एवं सोशल मीडिया प्रभार: आई.टी. एवं अन्य प्रभार: सरकारी योजनाओं के प्रचार के लिए भी प्रभारी बनाए बीजेपी ओबीसी मोर्चा की प्रदेश कार्यकारिणी में शासकीय योजनाओं के प्रचार-प्रसार के लिए भी प्रभारी और सह प्रभारी नियुक्त किए गए हैं। शासकीय योजना प्रचार-प्रसार प्रभारी हेमन्त महाला और आशीष सोनी को सह प्रभारी बनाया गया है। वहीं निलेश कौशल को प्रशिक्षण प्रभारी और जयकिशोर चौधरी को सह प्रशिक्षण प्रभारी बनाया गया है।

कल डबरा शहर में 4 घंटे लाइट बंद:सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक तारों को बदलने का काम होगा

कल डबरा शहर में 4 घंटे लाइट बंद:सुबह 10 से दोपहर 2 बजे तक तारों को बदलने का काम होगा

ग्वालियर के डबरा और आसपास के क्षेत्रों में रविवार, 22 मार्च 2026 को बिजली कटौती रहेगी। यह कटौती 33 केवी टेकनपुर, 11 केवी बल्ला का डेरा और 11 केवी इंडस्ट्रियल फीडर पर जरूरी मेंटेनेंस और सुधार कार्यों के चलते की जा रही है। बिजली कंपनी के मुताबिक, टेकनपुर और बल्ला का डेरा फीडर पर कंडक्टर ऑग्मेंटेशन यानी तारों को बदलने या क्षमता बढ़ाने का काम होगा। इसके साथ ही इंडस्ट्रियल फीडर पर केबलीकरण का काम भी किया जाएगा। इन तकनीकी सुधारों की वजह से संबंधित इलाकों की बिजली सप्लाई बंद रखी जाएगी। प्रभावित होने वाले मुख्य इलाके कटौती के कारण शहर के कई प्रमुख क्षेत्र प्रभावित होंगे, जिनमें शामिल हैं: प्रीति कॉलोनी, थाने के पीछे, झांसी रोड, गंदे नाले के पास, ढ़ीमरपुरा, ठाकुर बाबा रोड, कटौ की पुलिया, बल्ला का डेरा, रामनिवास कॉलोनी, बायपास रोड इंडस्ट्रियल एरिया, चमेली वाली डीपी, सूर्य नगर, विवेक विहार, नहर रोड, रघु नगर, दीदार कॉलोनी, सोसा का चक, नैना मार्केट, लक्ष्मी कॉलोनी, बचन सिंह सरदार वाला एरिया, सरपंच सरदार वाला एरिया, अमरपुरा खेड़ी, चीनोर रोड, गौतम विहार कॉलोनी, डबरा गाँव, पिछोर रोड संस्कृति नगर तक, अरु तिराहे, ग्लोबल स्कूल, सेवाधाम, आईपीएस स्कूल ब्रिजपुर, खानगार का मिल, सेहराई रोड अम्बेडकर कॉलोनी और सोसाइटी रोड। समय और सावधानी बिजली कटौती सुबह 10:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे तक होगी कंपनी ने साफ किया है कि काम की स्थिति को देखते हुए कटौती के समय को घटाया या बढ़ाया भी जा सकता है।

90 हजार भक्तों ने किए मां शारदा के दर्शन:नवरात्रि के तीसरे दिन करीब 80 हजार लोग सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे दरबार

90 हजार भक्तों ने किए मां शारदा के दर्शन:नवरात्रि के तीसरे दिन करीब 80 हजार लोग सीढ़ियां चढ़कर पहुंचे दरबार

चैत्र नवरात्रि के तीसरे दिन शनिवार को मैहर की मां शारदा देवी के दरबार में भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। देशभर से आए श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए और अपनी मन्नतें मांगीं। भारी भीड़ के बावजूद प्रशासन की चौकस व्यवस्था के चलते भक्तों को दर्शन करने में कोई परेशानी नहीं हुई। प्रशासन के आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार को कुल 89,936 श्रद्धालुओं ने मां शारदा के दर्शन किए। भक्तों ने अपनी सुविधा के अनुसार अलग-अलग रास्तों का चुनाव किया। सबसे ज्यादा 79,413 भक्त सीढ़ियों के रास्ते मंदिर पहुंचे। 3,200 श्रद्धालुओं ने उड़नखटोले (रोपवे) का आनंद लेते हुए दर्शन किए। 1,323 भक्तों ने वैन के जरिए मंदिर तक का सफर तय किया। सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम सीढ़ी मार्ग से लेकर मंदिर परिसर तक हर जगह पुलिस और मंदिर समिति के लोग मुस्तैद रहे। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए खास इंतजाम किए गए थे, जिससे कहीं भी अफरा-तफरी का माहौल नहीं बना। प्रशासन ने भक्तों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की हैं ताकि नवरात्रि के नौ दिनों तक श्रद्धालु बिना किसी रुकावट के शांतिपूर्वक दर्शन कर सकें।

सरपंच संघ अध्यक्ष, भाई समेत अन्य पर केस दर्ज:बालाघाट में मंदिर के निर्माणाधीन ढांचे में देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की थी

सरपंच संघ अध्यक्ष, भाई समेत अन्य पर केस दर्ज:बालाघाट में मंदिर के निर्माणाधीन ढांचे में देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की थी

बालाघाट में गर्रा चौक पर शासकीय भूमि पर निर्माणाधीन मंदिर से दुर्गा प्रतिमा हटाने और ढांचा गिराने के मामले में पुलिस ने सरपंच संघ अध्यक्ष वैभवसिंह बिसेन, उनके बड़े भाई युवा नेता विशाल बिसेन सहित अन्य लोगों पर शासकीय कार्य में बाधा डालने का प्रकरण दर्ज किया है। यह कार्रवाई चैत्र नवरात्र के दौरान हुई थी। पुलिस अधीक्षक आदित्य मिश्रा ने शनिवार को प्रेस को इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि वैभव बिसेन और विशाल बिसेन समेत अन्य लोगों के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस प्रतिमा स्थापित करने के मामले की भी जांच कर रही है। चैत्र नवरात्र के दिन गर्रा चौक पर मंदिर के निर्माणाधीन ढांचे में देवी-देवताओं की प्राण प्रतिष्ठा की गई थी। इसके बाद गर्रा में तनाव का माहौल बन गया था। प्रशासन और पुलिस के हस्तक्षेप के बाद देर रात प्रतिमाओं को प्रतिष्ठित स्थल से हटाकर प्रशासन अपने साथ ले गया था। पुलिस के अनुसार, मंदिर के नाम पर सड़क मद की भूमि पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का ढांचा खड़ा किया गया था। एसपी ने बताया कि यह भूमि सड़क विस्तार के लिए आरक्षित थी। इस पर ढांचा खड़ा कर उसे मंदिर का रूप देने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने इसे धार्मिक भावनाओं से खिलवाड़ और लोगों को उकसाने का प्रयास बताया, जिसके बाद प्रतिमाओं को हटाने और शासकीय जमीन पर बने कथित मंदिर के ढांचे को गिराने की कार्रवाई की गई। इस मामले में सरपंच संघ अध्यक्ष वैभवसिंह बिसेन ने आरोपों को झूठा बताया है। उन्होंने कहा कि दशकों से उसी स्थान पर मां दुर्गा की पूजा की जाती रही है और ग्रामीणों के सहयोग से मंदिर का निर्माण कर दुर्गा प्रतिमा स्थापित की गई थी। बिसेन ने दावा किया कि उन्होंने धर्म को बचाने का काम किया है। युवा विशाल बिसेन ने बताया कि यह हमारे संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है। हमने प्रशासन के साथ मिलकर उनकी कार्यवाही में ग्रामीणों से चर्चा में सहयोग किया है, यदि प्रशासन का सहयोग अपराध है तो फिर कोई, ऐसा सहयोग नहीं करेगा। सहयोग को लेकर कलेक्टर से बात हुई थी। फिर यह मामला दर्ज किया जाना, कानून का गलत इस्तेमाल है। यह हमें परेशान करने का काम है।

क्या है जेंडर स्लीप गैप? महिलाएं ज्यादा सोती हैं या मर्द, जानें चौंकाने वाला रिसर्च

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नींद हमारे शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी होती है, लेकिन कई शोध यह बताते हैं कि महिलाओं को अक्सर पुरुषों की तुलना में कम और खराब गुणवत्ता वाली नींद मिलती है. साल 2017 में हुए एक अध्ययन के अनुसार, 45 वर्ष से कम उम्र की सिर्फ लगभग आधी यानी 48 प्रतिशत माताएं ही रोजाना कम से कम 7 घंटे की नींद ले पाती हैं, जबकि जिन महिलाओं के बच्चे नहीं होते, उनमें यह आंकड़ा करीब 62 प्रतिशत तक पहुंच जाता है. यह अंतर साफ तौर पर दर्शाता है कि मां बनने के बाद महिलाओं की नींद पर गहरा असर पड़ता है. बच्चों की देखभाल, रात में बार-बार उठना और दिनभर की जिम्मेदारियां उनकी नींद के समय और गुणवत्ता दोनों को प्रभावित करती हैं. वहीं, साल 2025 में आई ‘स्लीप साइकल’ की एक ग्लोबल रिपोर्ट ने भी इसी दिशा में संकेत दिया है. रिपोर्ट के मुताबिक, केवल 57 प्रतिशत महिलाएं ही सुबह सामान्य या अच्छे मूड के साथ जागती हैं, जो पुरुषों के मुकाबले थोड़ा कम है. भले ही यह अंतर सुनने में छोटा लगे, लेकिन यह लगातार नींद की कमी और उसकी खराब गुणवत्ता की ओर इशारा करता है. जब व्यक्ति पूरी और सुकून भरी नींद नहीं ले पाता, तो उसका असर सुबह के मूड, ऊर्जा स्तर और पूरे दिन की कार्यक्षमता पर साफ दिखाई देता है. महिलाओं के मामले में यह समस्या अधिक देखने को मिलती है. महिलाओं की नींद का पैटर्न भी पुरुषों से अलग होता है. अक्सर उनकी नींद बार-बार टूटती है और उन्हें गहरी नींद कम मिलती है, जिससे शरीर और दिमाग को पूरी तरह से आराम नहीं मिल पाता. इसके पीछे एक प्रमुख कारण जीवन के विभिन्न चरणों में होने वाले हार्मोनल बदलाव हैं. मासिक धर्म, गर्भावस्था और मेनोपॉज जैसे चरणों में हार्मोन में उतार-चढ़ाव होता है, जो नींद के चक्र को प्रभावित करता है. इसके अलावा, कई बार शारीरिक असहजता, दर्द या मानसिक तनाव भी नींद में बाधा बनते हैं. सिर्फ जैविक कारण ही नहीं, बल्कि सामाजिक और पारिवारिक जिम्मेदारियां भी महिलाओं की नींद को प्रभावित करती हैं. घर और काम के बीच संतुलन बनाना, बच्चों और परिवार की देखभाल करना, साथ ही प्रोफेशनल जिम्मेदारियां निभाना- ये सभी मिलकर महिलाओं पर अतिरिक्त मानसिक दबाव डालते हैं. लगातार चलने वाला यह तनाव उन्हें पूरी तरह रिलैक्स नहीं होने देता, जिसका सीधा असर उनकी नींद पर पड़ता है. यही कारण है कि कई महिलाएं सोने के बाद भी तरोताजा महसूस नहीं करतीं. विशेषज्ञों का मानना है कि महिलाओं का मस्तिष्क दिनभर अधिक मल्टीटास्किंग करता है और भावनात्मक स्तर पर भी ज्यादा सक्रिय रहता है. ऐसे में उनके शरीर और दिमाग को रिकवरी के लिए अपेक्षाकृत ज्यादा आराम और नींद की जरूरत होती है. लेकिन जब यह जरूरत पूरी नहीं होती, तो इसके परिणाम धीरे-धीरे स्वास्थ्य पर दिखने लगते हैं. लगातार नींद की कमी से थकान, चिड़चिड़ापन, तनाव, हार्मोनल असंतुलन और यहां तक कि हृदय रोग व मेटाबॉलिक समस्याओं का खतरा भी बढ़ सकता है.

राहुल गांधी पर भड़के केरल के सीएम पिनाराई विजयन, कांग्रेस पर बीजेपी की बी-टीम पर आरोप

राहुल गांधी पर भड़के केरल के सीएम पिनाराई विजयन, कांग्रेस पर बीजेपी की बी-टीम पर आरोप

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने शनिवार (21 मार्च, 2026) को कांग्रेस पार्टी और लोकसभा में नामांकित नेता राहुल गांधी को मजबूत बनाया है। उन्होंने कांग्रेस पर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) पर बी-टीम होने का भी आरोप लगाया. असल में, नेता राहुल गांधी ने हाल ही में कहा था कि केंद्र के सभी शशि ने देश के सभी कृषि नेताओं के खिलाफ कार्रवाई की और यहां तक ​​कि उन्हें गिरफ्तार भी किया, लेकिन केरल के मुख्यमंत्री पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। राहुल के इस बयान को लेकर मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा कि राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी असल में बीजेपी की टीम हैं. कुछ लोग अपने साज़िशों से भी कुछ नहीं सिखाते हैं। ऐसे लोग सामान्य तो बिल्कुल नहीं होते हैं। वे भी एक दुर्लभ उदाहरण हैं. ऐसे लोगों के साथ होता है, जिन्हें आम तौर पर कोई समझ नहीं पाता और राहुल गांधी इस वर्ग में आ जाते हैं. राहुल गांधी के लिए शॉकः सीएम को क्लीन चिट अप्रूवल न्यूज एजेंसी की रिपोर्ट में केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने कहा, ‘राहुल गांधी ने दिल्ली के पूर्व सीएम अरविंद केजरीवाल पर कई गंभीर आरोप लगाए थे, लेकिन कोर्ट ने सभी को आरोपों से मुक्त कर दिया। कोर्ट का फैसला राहुल गांधी और कांग्रेस पार्टी के लिए एक करारा झटका था. इसके बावजूद वह फिर से सबसे प्यारे डबल रह रहे हैं। इसलिए मैंने कहा था कि वे अपने बच्चों से सबक नहीं सीखते हैं।’ पहले कई बार बीजेपी-कांग्रेस गठबंधन को चुकाया था सीएम: मुख्यमंत्री ने दावा किया कि राज्य में पहले कई बार कांग्रेस और भाजपा का गठबंधन देखा गया था, लेकिन आगे आने वाले चुनाव में क्या नतीजा निकलेगा, ये तो पूरी तरह से स्पष्ट नहीं है। वे दोनों एक ही तारिक से एलएफ़एफ़ का विरोध करते हैं और ऐसा लगता है कि उन दोनों के बीच सामंजस्य भी है। यह भी पढ़ेंः ‘चुनाव के बाद पेट्रोल-डीज़ल-एलपीजी के दाम बढ़ेंगे’, मिडिल ईस्ट में जंग को लेकर राहुल गांधी की भविष्यवाणी