असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे – थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम
असम कांग्रेस ने उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की:कर्नाटक उपचुनाव- पार्टी की घोषणा के बिना उम्मीदवारों का नामांकन, कोलकाता में बीजेपी कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन

असम विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस ने शुक्रवार को सात उम्मीदवारों की चौथी लिस्ट जारी की। इससे 126 सीटों वाली विधानसभा चुनावों में उम्मीदवारों की कुल संख्या 94 हो गई है। इस लिस्ट 2024 में BJP छोड़कर कांग्रेस में आए में जयंत बोरा भी शामिल हैं। उन्हें बिस्वनाथ सीट से उम्मीदवार बनाया गया है। वहीं, कर्नाटक में बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर होने वाले उपचुनावों के लिए कांग्रेस के टिकट के दावेदारों ने शुक्रवार को अपने नामांकन दाखिल कर दिए। पार्टी ने अभी तक अपने उम्मीदवारों की घोषणा नहीं की है और दावेदारों के बीच टिकट को लेकर खींचतान जारी है। उधर, कोलकाता में BJP कार्यकर्ताओं के एक गुट ने शुक्रवार को पार्टी के पश्चिम बंगाल मुख्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। बेलेघाटा इलाके के करीब 50 पार्टी कार्यकर्ता इसमें शामिल रहे। उन्होंने उम्मीदवार पार्थ चौधरी को तुरंत बदलने की मांग की। उनका आरोप था कि संगठनात्मक कामों में चौधरी की भागीदारी बहुत कम है। साथ ही चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल में पहली सप्लीमेंट्री वोटर लिस्ट 23 मार्च को जारी होने की संभावना है। 19 मार्च को होने वाली लिस्ट की रिलीज आखिरी समय पर टाल दी गई थी, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई थी। असम में कांग्रेस ने रइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ीं AICC की प्रेस रिलीज के अनुसार, कांग्रेस ने अपने गठबंधन सहयोगी राइजर दल के लिए 11 सीटें छोड़ी हैं। कांग्रेस ने अपने गठबंधन का विस्तार किया है और असम विधानसभा चुनावों के लिए राइजर दल के साथ हाथ मिलाया है। असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगोई और राइजर दल के नेता अखिल गोगोई ने एक संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह घोषणा की। कांग्रेस के नेतृत्व वाले गठबंधन में असम जातीय परिषद (AJP), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) (CPM), भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) (CPI ML), और ऑल पार्टी हिल लीडर्स कॉन्फ्रेंस (APHLC) भी शामिल हैं। कर्नाटक उपचुनाव- कांग्रेस विधायकों के निधन के बाद खाली हुईं सीटें कर्नाटक की बागलकोट और दावणगेरे दक्षिण विधानसभा सीटों पर उपचुनाव मौजूदा कांग्रेस विधायकों एच.वाई. मेती और शमनूर शिवशंकरप्पा के निधन के बाद हो रहे हैं। कांग्रेस के उम्मीदवारों ने इन सीटों पर ही बिना घोषणा के नामांकन दाखिल कर दिए। ये तब हुआ जब कर्नाटक के प्रभारी AICC महासचिव रणदीप सिंह सुरजेवाला बेंगलुरु में मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उनके डिप्टी डी.के. शिवकुमार सीटों के लिए उम्मीदवारों के बारे में चर्चा कर रहे थे। बाद में पत्रकारों से सुरजेवाला ने कांग्रेस के दोनों सीटें जीतने का विश्वास जताया और जोर देकर कहा कि पार्टी एकजुट है। BJP ने अपनी केंद्रीय चुनाव समिति की मंज़ूरी के बाद बागलकोट से वीरभद्रय्या चारंतिमठ और दावणगेरे दक्षिण से श्रीनिवास टी. दासकरियप्पा के नामों की घोषणा पहले ही कर दी है। नामांकन दाखिल करने की अंतिम तिथि 23 मार्च है और चुनाव 9 अप्रैल को होंगे। पुडुचेरी सीएम रंगासामी ने दो विधानसभा सीटों से नामांकन भरा मुख्यमंत्री और AINRC के संस्थापक एन. रंगासामी ने शुक्रवार को विधानसभा चुनावों के लिए नामांकन भरा। उन्होंने रंगासामी ने थट्टांचवाडी और मंगलम सीटों से नामांकन भरा। थट्टांचवाडी उनकी पारंपरिक सीट रही है और अब वह इस सीट को अपने पास बनाए रखना चाहते हैं। कृषि मंत्री थेनी सी. जेकुमार (AINRC) 2021 के चुनावों में मंगलम सीट से विजयी रहे थे। वह आगामी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं। रंगासामी ने 2021 के चुनाव दो सीटों से लड़े थे – थट्टांचवाडी और यनम, जो आंध्र प्रदेश में स्थित एक क्षेत्र है। वह थट्टांचवाडी से विजयी रहे, वहीं 2021 में यनम में उन्हें एक निर्दलीय उम्मीदवार, गोलापल्ली श्रीनिवास अशोक के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। राज्यवार विधानसभा चुनाव शेड्यूल… 4 राज्यों में SIR, तमिलनाडु में सबसे ज्यादा नाम कटे जिन पांच राज्यों में चुनाव होने जा रहे हैं, उनमें SIR के बाद तमिलनाडु से सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम कटे हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि 27 अक्टूबर 2025 को SIR प्रक्रिया शुरू होने के दौरान राज्य में कुल 6,41,14,587 वोटर थे। करीब चार महीने चली SIR में 74,07,207 लोगों के नाम हटाए गए हैं। राज्य में अब 5,67,07,380 मतदाता पंजीकृत हैं। वहीं पश्चिम बंगाल दूसरे नंबर पर है जहां करीब 58 लाख लोगों के नाम कटे हैं। फिर केरल में 8 लाख, असम में 2 लाख और पुडुचेरी में सबसे कम 77 हजार लोगों के नाम SIR प्रक्रिया के बाद मतदाता सूची से हटाए गए। असम में स्पेशल रिवीजन (SR) कराया गया था। अब 5 राज्यों में चुनौती और मौजूदा स्थिति पश्चिम बंगाल- 3 बार से ममता बनर्जी ही मुख्यमंत्री: 14 साल से CM ममता के सामने BJP मुख्य चुनौती है। 2026 के चुनाव में टीएमसी जीती तो ममता बनर्जी लगातार चौथी बार मुख्यमंत्री बनेंगी। वे ऐसा करने वाली देश पहली महिला होंगी। जयललिता के नाम 5 बार तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनने का रिकॉर्ड है। हालांकि, वह 1991 से 2016 तक अलग-अलग कार्यकाल (लगातार नहीं) में मुख्यमंत्री पद पर रहीं। तमिलनाडु- भाजपा-कांग्रेस 60 साल से यहां सत्ता में नहीं आ सकीं: आजादी के बाद लगभग दो दशक तक यहां कांग्रेस की सरकार रही। 1967 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस हार गई और इसके साथ ही राज्य की राजनीति में बड़ा बदलाव आया। 1967 के बाद से तमिलनाडु की राजनीति मुख्य रूप से AIADMK और DMK के बीच घूमती रही है। फिलहाल तमिलनाडु में एमके स्टालिन की अगुवाई में DMK की सरकार है, जो 2021 के विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता में आई। पार्टी ने कांग्रेस, वीसीके और वामपंथी दल के साथ गठबंधन किया है। बीजेपी ने कई चुनावों में AIADMK जैसे दलों के साथ गठबंधन जरूर किया, लेकिन राज्य में उसकी अपनी सरकार नहीं रही। केरल- दक्षिण का इकलौता राज्य जहां लेफ्ट सत्ता में: देश का इकलौता राज्य है, जहां आज भी लेफ्ट सत्ता में है। यहां सत्ता बदलने की परंपरा रही है, लेकिन 2021 में वाम मोर्चा (LDF) ने इस ट्रेंड को तोड़ते हुए लगातार दूसरी बार सरकार बनाई। कांग्रेस गठबंधन की कोशिश इस बार एंटी इनकम्बेंसी को कैश करानी की रहेगी। वहीं, BJP अब तक केरल में एक भी विधानसभा सीट जीत पाई है। पिछले लोकसभा चुनाव में यहां उसने त्रिशूर लोकसभा सीट जीती थी। इसके अलावा दिसंबर 2025 में भी BJP ने पहली बार त्रिवेंद्रम (तिरुवनंतपुरम) नगर निगम
निगम मुख्यालय बेसमेंट में असुरक्षित EV चार्जिंग:इंदौर घटना के बाद ग्वालियर में भी लापरवाही, नया स्टेशन खाली

ग्वालियर नगर निगम मुख्यालय के बेसमेंट में सरकारी इलेक्ट्रिक वाहन (EV) बिना किसी सुरक्षा इंतजाम के चार्ज किए जा रहे हैं। यह लापरवाही इंदौर में चार्जिंग के दौरान EV कार में आग लगने की घटना के बाद भी सामने आई है। निगम मुख्यालय के ठीक बगल में एक नया EV चार्जिंग स्टेशन कुछ दिन पहले ही नगर निगम आयुक्त द्वारा उद्घाटित किया गया था। इसके बावजूद, निगम के जिम्मेदार अपनी गाड़ियों को बेसमेंट में घंटों चार्ज पर लगाकर छोड़ देते हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। रोजाना सैकड़ों लोग अपने काम के लिए नगर निगम मुख्यालय आते हैं और अपने वाहन बेसमेंट में पार्क करते हैं। इन्हीं वाहनों के बीच सरकारी इलेक्ट्रिक कारों को चार्ज किया जाता है। कर्मचारियों द्वारा इन गाड़ियों को घंटों अकेला छोड़ दिया जाता है, जिससे किसी भी अप्रिय घटना की स्थिति में बड़ी जनहानि या संपत्ति का नुकसान हो सकता है। दूसरी ओर, नगर निगम मुख्यालय से कुछ ही कदम की दूरी पर बना सार्वजनिक EV चार्जिंग स्टेशन अधिकांश समय खाली रहता है। जब सरकारी गाड़ियां ही सार्वजनिक स्टेशन का उपयोग नहीं कर रही हैं, तो आम जनता के बीच इसका क्या संदेश जाएगा, यह भी एक चिंता का विषय है। इस सार्वजनिक चार्जिंग स्टेशन का उद्घाटन बीते 12 मार्च को ग्वालियर की महापौर शोभा सिकरवार और नगर निगम आयुक्त संघप्रिय ने किया था। इसका उद्देश्य EV वाहन चालकों को सुविधा प्रदान करना और आर्थिक तंगी से जूझ रहे नगर निगम के लिए राजस्व जुटाना था। हालांकि, निगम के जिम्मेदार अधिकारी कथित तौर पर मुफ्त चार्जिंग के लालच में पूरे मुख्यालय को जोखिम में डालने से नहीं हिचकिचा रहे हैं, जिससे निगम को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है। इस संबंध में जब नगर निगम के संबंधित अधिकारियों से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उनसे बात नहीं हो सकी।
हिमाचल बजट: 75 हजार अस्थायी कर्मियों का मानदेय बढ़ेगा:20 हजार नौकरियां-किसान आयोग की घोषणा संभव, हेल्थ, एजुकेशन व टूरिज्म पर फोकस

हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू आज सुबह 11 बजे अपने कार्यकाल का चौथा बजट पेश करेंगे। सीएम सुक्खू से हर वर्ग को बहुत ज्यादा उम्मीदें हैं। मगर केंद्र सरकार द्वारा रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RDG) बंद करने की वजह से बजट के लोक-लुभावन होने के कम आसार हैं। राज्य की कम इनकम, बढ़ता कर्ज व सीमित लोन लिमिट के बीच सरकार को विकास और वित्तीय अनुशासन में संतुलन साधना होगा। लिहाजा सीएम सुक्खू खर्चे कम करने और इनकम बढ़ाने के लिए कई कड़े फैसले ले सकते हैं। शराब के दाम में बढ़ौतरी, पेट्रोल-डीजल पर सेस, एंट्री टैक्स में इजाफा जैसे ऐलान बजट में हो सकते हैं। केंद्र ने RDG बंद करके राज्य को सालाना 10 हजार करोड़ का झटका दिया है। बावजूद इसके बजट में स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, सोशल सिक्योरिटी सेक्टर, ग्रीन एनर्जी और रोजगार पर फोकस रहेगा।
MP-राजस्थान समेत 7 राज्यों में मार्च में सर्दी लौटी:पारा 10°C तक गिरा, कोहरा छाया; बंगाल-ओडिशा में ओला-बारिश और आंधी चलने का अलर्ट

मार्च का पहला पखवाड़ा सूखा रहा, कई राज्यों में लू चली और तापमान 42 डिग्री तक पहुंचा। लेकिन दूसरे पखवाड़े में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम पलट गया। देशभर में कई सिस्टम बनने से पहाड़ों पर बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश-ओले गिर रहे हैं। जिससे तापमान गिरकर 20 डिग्री रह गया है। मौसम विभाग के मुताबिक पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान और यूपी में शनिवार सुबह से कोहरा छाया रहा। तापमान भी 10°C तक गिर गया। शनिवार को देश के पूर्वी, मध्य और पूर्वोत्तर हिस्सों में भारी बारिश, आंधी-तूफान और ओलावृष्टि की चेतावनी भी दी है। इनमें ओडिशा-बंगाल और सिक्किम में भारी बारिश और ओले गिरने का ऑरेंज अलर्ट है। गंगा के मैदानी इलाकों वाले पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में 80kmph की रफ्तार से आंधी-तूफान की संभावना है। वहीं, ओडिशा में हवाओं की रफ्तार 70kmph हो सकती है। बारिश के साथ ओले भी गिर सकते हैं। इस बीच, दक्षिणी राज्यों और महाराष्ट्र के कुछ हिस्सों में भी छिटपुट बारिश होने की उम्मीद है, जबकि केरल, तटीय कर्नाटक और गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। अगले 7 दिन हीटवेव या लू का अलर्ट नहीं मौसम विज्ञानी महेश पालावत के अनुसार, महीने के आखिर में एक और पश्चिमी विक्षोभ से बदलाव संभव है। हालांकि एक हफ्ते तक देश में कहीं भी हीटवेव चलने की कोई आशंका नहीं है। उत्तर पश्चिम भारत यानी पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, उत्तर प्रदेश में दो दिनों में तापमान में 4-5 डिग्री गिरा है। अगले 2-3 दिन यह 2-3 डिग्री और गिरेगा। मध्य भारत यानी मप्र, छग व महाराष्ट्र में भी अगले 2 दिन खास परिवर्तन नहीं होगा। गुजरात में अगले 3 दिनों में 5 डिग्री तक तापमान बढ़ेगा और फिर स्थिर बना रहेगा। पूर्वी भारत यानी बिहार, झारखंड, प. बंगाल व ओडिशा में दो दिन 2-3 डिग्री कम होगा। उसके बाद 3 दिनों में 4-5 डिग्री बढ़ जाएगा। हिमाचल में लगातार चौथे दिन बर्फबारी, 25 मार्च तक अलर्ट हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में शुक्रवार को लगातार चौथे दिन भी बर्फबारी जारी रही। मनाली, लाहौल-स्पीति और आसपास के क्षेत्रों में रुक-रुक कर हो रही बर्फबारी से हालात सर्दियों जैसे बन गए हैं। अटल टनल, सोलंग और रोहतांग पास में 90 से 120 सेंटीमीटर तक बर्फ की मोटी परत जम गई है। वहीं भुंतर-मनिकरण रोड लैंडस्लाइड के कारण बंद हो गई है और मनाली-रोहतांग रूट पर वाहनों की आवाजाही नेहरू कुंड तक सीमित कर दी गई है। लाहौल घाटी का संपर्क भी कट गया है और सड़कों को साफ करने का काम जारी है। बर्फबारी से तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है। कल्पा में न्यूनतम तापमान 0 डिग्री सेल्सियस रहा, जबकि कुकुमसेरी 1.1 डिग्री और मनाली 3 डिग्री दर्ज किया गया। दूसरी ओर ऊना में अधिकतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस रहा। क्या है पश्चिमी विक्षोभ भूमध्य सागर, काला सागर और कैस्पियन सागर से वेस्टर्न जेट स्ट्रीम के साथ जो बादल उठते हैं, वे पश्चिम से पूर्व की तरफ आते हैं। जब वे पश्चिमी हिमालय तक पहुंचते हैं तो उन्हें रुकावट मिलती है और पहाड़ों पर बर्फबारी होती है। यदि उनका आकार बड़ा है तो मैदानी इलाकों में बारिश होती है। ऐसा अमूमन नवंबर से फरवरी के बीच और कभी-कभी मार्च में भी हो जाता है। यही वेस्टर्न डिस्टर्बेंस या पश्चिमी विक्षोभ कहलाता है। देशभर में मौसम की तस्वीरें… अगले दो दिनों के दौरान मौसम का अनुमान 22 मार्च : पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से गरज-चमक और तेज हवाएं चल सकती हैं। छत्तीसगढ़, आंध्र प्रदेश और ओडिशा में आंधी-तूफान की संभावना है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा और कर्नाटक में गरज-चमक की संभावना है। कर्नाटक, केरल, गोवा में गर्म और उमस भरा मौसम रहेगा। 23 मार्च : उत्तराखंड में गरज-चमक और तेज हवाएं चलने की संभावना है। महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 30-40 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी-तूफान संभव है। अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय और नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा में गरज-चमक हो सकती है। राज्यों से मौसम की खबरें… राजस्थान: जयपुर समेत 8 जिलों में बारिश-ओले गिरने से सर्दी का एहसास, तापमान 4 डिग्री तक गिरा वेस्टर्न डिस्टरबेंस के असर से शुक्रवार को जयपुर समेत कई जिलों में बारिश हुई। बारिश, ओले गिरने से चली ठंडी हवा से कई शहरों में तापमान 2 से 4 डिग्री तक गिर गया। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर ने कल से मौसम साफ रहने और तापमान में बढ़ोतरी की संभावना जताई है। पढ़ें पूरी खबर… मध्य प्रदेश: 72 घंटे से सिस्टम एक्टिव, 42 जिलों में बारिश; पूर्वी हिस्से के 14 जिलों में आज भी अलर्ट पिछले 3 दिन यानी, 72 घंटे से साइक्लोनिक सकुर्लेशन (चक्रवात) और ट्रफ एक्टिव है। शनिवार को पूर्वी हिस्से में सिस्टम एक्टिव रहने से रीवा-सिंगरौली समेत 14 जिलों में बारिश का अलर्ट है। ओले गिरने की वजह से कई जिलों में गेहूं, केले, पपीता और संतरे की फसलें बर्बाद हो गई है। पढ़ें पूरी खबर… उत्तर प्रदेश: 23 जिलों में अलर्ट, झांसी में बारूद फैक्ट्री पर बिजली गिरी, जोरदार धमाका, एक की मौत आगरा, मथुरा, मेरठ और अलीगढ़ समेत पश्चिमी यूपी के कई जिलों में जनवरी जैसा कोहरा छाया रहा। सड़कों पर विजिबिलिटी 100 मीटर तक सिमट गई। अचानक बदले मौसम की वजह से तापमान में 5-6 डिग्री की गिरावट हुई है। 23 जिलों में आज भी बारिश का अलर्ट है। पढ़ें पूरी खबर… बिहार: पटना समेत 6 जिलों में बारिश, बिहार में 3 की मौत, 10 झुलसे शनिवार सुबह बेतिया-बगहा में तेज बारिश हुई। सीवान, सारण, जहानाबाद और पटना में हल्की बारिश हो रही है। बिजली की चपेट में आने से गयाजी में दो लोगों की और जमुई के चकाई में एक की मौत हो गई। मोकामा के चिंतामणिचक टाल इलाके में भी 10 मजदूर जख्मी हो गए। पढ़ें पूरी खबर… छत्तीसगढ़: अंधड़-बारिश से 3-4 डिग्री तक लुढ़का तापमान प्रदेश के एक-दो स्थानों पर 40 से 50kmph की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। इसके साथ ही गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना है। अगले 48 घंटों में तापमान में खास बदलाव की संभावना नहीं है, लेकिन इसके बाद तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है।
Golden Temple AI Controversy: Yuvraj, Hardik Bareheaded | SGPC Outrage| Virat kohli| Ranveer singh

गोल्डन टेंपल, अमृतसर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वीडियो-फोटो बनाकर बेअदबी का नया मामला सामने आया है। एक क्रिकेट फैन फेज ने गोल्डन टेंपल में क्रिकेटर्स और बॉलीवुड स्टार्स की फोटो फेसबुक पर शेयर की है। पहली फोटो में उन्होंने क्रिकेटर युवराज सिंह . इससे कुछ दिन पहले ही एक कंकाल की गोल्डन टेंपल की परिक्रमा और लंगर हॉल में जूते पहने AI वीडियो शेयर की गई थी। इसके अलावा एक व्यक्ति को जीप लेकर परिक्रमा में दिखाया गया था। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) इसे लेकर सख्त एतराज जता चुकी है लेकिन बेअदबी का सिलसिला थम नहीं रहा है। अब नई फोटो पर भी SGPC ने कड़ा एतराज जताते हुए कहा कि इस मामले में अब केंद्र व राज्य सरकार को सख्त कानून बनाना चाहिए ताकि ऐसे आरोपियों पर सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में कोई इस तरह की बेअदबी न कर सके। जानिए, बेअदबी की नई फोटो में क्या.. पहली फोटो: इसमें क्रिकेटर युवराज सिंह, अर्शदीप सिंह, अभिषेक शर्मा और उनकी मां को दिखाया गया है। इसमें अर्शदीप ने पगड़ी पहनी है जबकि अभिषेक का सिर भी कपड़े से ढका है। उनकी मां का सिर भी चुन्नी से ढका गया है लेकिन युवराज सिंह को नंगे सिर दिखाया गया है। पीछे गोल्डन टेंपल नजर आ रहा है। यह फोटो 19 मार्च को शाम 7.09 बजे अपलोड की गई थी। दूसरी फोटो: इसी फेसबुक अकाउंट से जारी दूसरी फोटो में क्रिकेटर हार्दिक पांड्या, विराट कोहली, महेंद्र सिंह धोनी और बॉलीवुड स्टार रणवीर सिंह को दिखाया गया है। इसमें भी पहली फोटो की तरह ही बेअदबी की गई है। फोटो में विराट, धोली और रणवीर का सिर तो ढका हुआ है लेकिन हार्दिक पांड्या को नंगे सिर दिखाया गया है। पीछे गोल्डन टेंपल भी नजर आ रहा है। यह फोटो 20 मार्च को करीब 7.10 बजे अपलोड की गई। जिस पेज पर फोटो, उस पर 2.38 लाख फालोअर्स यह फोटो क्रिक इंटरटेनमेंट पेज से वायरल की जा रही हैं। इस पेज पर 2.38 लाख फालोअर्स हैं। हालांकि फोटो डालते समय लिखा जरूर है कि यह AI जेनरेटेड इमेज हैं। इससे सवाल उठ रहे हैं कि क्या जानबूझकर ऐसा किया गया। वह इसलिए क्योंकि इन फोटो में सिर्फ एक-एक क्रिकेटर को ही नंगे सिर दिखाया गया है। बाकी के सिर ढके हुए हैं। हालांकि कमेंट में लोगों ने फोटो जेनरेट करने वालों को खूब लताड़ भी लगाई है लेकिन उन्होंने फोटो नहीं हटाई है। इस फेसबुक पेज पर ये बेअदबी वाली फोटो अपलोड की जा रही हैं। SGPC के एडवोकेट बोले- सख्त कार्रवाई जरूरी इस बारे में SGPC के एडवोकेट अमनबीर सिंह सियाली ने कहा कि लगातार वायरल हो रही इन तस्वीरों को लेकर शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की ओर से लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इस बारे में संबंधित अधिकारियों को शिकायतें भी सौंपी जा रही हैं। इससे पहले 3 बेअदबी की घटनाओं के बारे में जानिए… 1. कंकाल को पगड़ी पहनाई, जूते पहने परिक्रमा-लंगर हॉल में दिखाया 3 दिन पहले अमृतसर के गोल्डन टेंपल से जुड़ा बेअदबी का AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) वीडियो सामने आया था। इसमें एक कंकाल को पगड़ी पहनाकर गोल्डन टेंपल की परिक्रमा में दिखाया गया। जिसमें उसने जूते पहने हुए थे। यही नहीं, वह लंगर हॉल में भी जूते समेत ही लंगर खा रहा था। ये वीडियो इंस्टाग्राम पर एनाटॉमी क्राउन नाम के अकाउंट से अपलोड किया गया है। इस अकाउंट पर करीब 10 हजार ही फॉलोअर्स हैं। ज्यादातर पोस्ट AI से जनरेट हुई हैं। 2. गाड़ी समेत युवक को जूते पहने परिक्रमा में दिखाया गोल्डन टेंपल की पवित्र परिक्रमा से जुड़े AI जनरेटेड 3 विवादित वीडियो सामने आए थे। पहले वीडियो में एक लड़का जूते पहनकर गोल्डन टेंपल की पवित्र परिक्रमा में खड़ा दिखाई देता है और फिर कार में बैठकर परिसर से बाहर जाता नजर आता है। वहीं, दूसरे वीडियो में श्री दरबार साहिब का परिवर्तित दृश्य दिखाया गया है, जो सिख धर्म की मर्यादा के खिलाफ है। तीसरे वीडियो में कपल को गोल्डन टेंपल के सामने आपत्तिजनक हरकत करते हुए दिखाया गया है। वीडियो सामने के आने के बाद शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने इसकी शिकायत पुलिस को दी। साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन अमृतसर में 29 जनवरी को केस दर्ज किया गया था। पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई गोल्डन टेंपल में 13 जनवरी को युवक ने पवित्र सरोवर में कुल्ला करते हुए रील बनाई। वीडियो को ‘मुस्लिम शेर’ लिखकर सोशल मीडिया पर डाला गया था। इस पर SGPC ने कड़ी आपत्ति जताई थी। 24 जनवरी को यूपी के गाजियाबाद में निहंगों ने उसे पकड़ लिया था और जमकर पिटाई करने के बाद पुलिस के हवाले कर दिया था। युवक की पहचान सुब्हान रंगरीज के रूप में हुई थी, जो दिल्ली का रहने वाला है। इसके बाद उस पर बेअदबी का केस दर्ज हुआ। उसे गिरफ्तार कर अमृतसर लाया गया। हालांकि अब वह जमानत पर है।
कांग्रेस MLA बोले-पार्टी विधायक चोरी-चोरी CM सैनी से मिलते हैं:हुड्डा के लिए 20 साल तंवर-सैलजा से लड़ा, दिल टूट गया; हाईकमान से बात करूंगा

हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग में नाम आने और नोटिस जारी होने के बाद रतिया से कांग्रेस विधायक जरनैल सिंह ने नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर भड़ास निकाली है। उन्होंने कहा कि भूपेंद्र हुड्डा का नाम यहां जिंदा रखने की वजह से ही अशोक तंवर और कुमारी सैलजा से लड़ाई लड़ी। जरनैल सिंह ने CM नायब सैनी की भी खुलकर तारीफ की। बोले- नायब सैनी बहुत ही बढ़िया मुख्यमंत्री हैं, काम करने वाले हैं। पहले सीएम विपक्ष के विधायकों के घर नहीं जाते थे, लेकिन नायब सैनी ने इतिहास रचते हुए ये शुरुआत की है। कांग्रेस विधायक ने कहा- पार्टी के सभी विधायक चोरी-चोरी CM से मिलने जाते हैं, काम कराते हैं। 20 मार्च को ही कांग्रेस अनुशासन समिति ने जरनैल सिंह को नोटिस जारी कर क्रॉस वोटिंग पर 7 दिन में जवाब मांगा है। जानिए…जरनैल सिंह ने क्या-क्या बातें कहीं अभी कांग्रेस छोड़ने पर कोई विचार नहीं कांग्रेस छोड़ने को लेकर पूछे गए सवाल पर जरनैल सिंह ने कहा कि अभी ऐसी कोई मंशा नहीं है। पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और कांग्रेस में ही रहेंगे। हाईकमान को नोटिस का जवाब भेजकर अपनी निष्ठा के बारे में बताएंगे। पढ़िए… अब तक कौन-कौन विधायक दिखा चुके बागी तेवर हुड्डा ने दिलाई थी कांग्रेस की टिकट जरनैल सिंह साल 2011 के उपचुनाव में दूसरी बार विधायक बने थे। उस समय प्रदेश में भूपेंद्र सिंह हुड्डा सीएम थे। हुड्डा ने पहली बार जरनैल सिंह को कांग्रेस की टिकट दिलाई। इसके बाद हुए हर चुनाव में हुड्डा ने ही पैरवी करके जरनैल सिंह को टिकट दिलवाई। कांग्रेस की टिकट पर जरनैल पांच बार चुनाव लड़े हैं। जिनमें से दो बार जीते हैं। एक बार इनेलो के टिकट पर भी जीत दर्ज की। ———— यह खबर भी पढ़िए… हरियाणा कांग्रेस के 5 विधायकों को नया नोटिस: अब क्रॉस वोटिंग शब्द जोड़ा; पार्टी विरोधी गतिविधि में सख्त कार्रवाई के संकेत हरियाणा राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने के मामले में कांग्रेस ने कुछ घंटे में ही अपने 5 विधायकों को नया नोटिस जारी कर दिया है। इस बार इस नोटिस में क्रॉस वोटिंग करने का जिक्र है। इससे पहले जो नोटिस था, उसमें कैंसिलेशन/इनवेलिडिटी लिखा गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
Khabar Hatke | Jharkhand US Bomb Found

किसी बड़ी आपदा में अब कॉकरोच इंसानों की जान बचाएंगे। वहीं भारत में खुदाई के दौरान सेकेंड वर्ल्ड वॉर का एक अमेरिकी बम मिला। उधर लग्जरी कार कंपनी ने लॉन्च की ₹28 लाख की साइकिल। . आज खबर हटके में जानेंगे ऐसी ही 5 रोचक खबरें… तो ये थी आज की रोचक खबरें, कल फिर मिलेंगे कुछ और दिलचस्प और हटकर खबरों के साथ… खबर हटके को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
What is Spread Rate? Credit Score Calculation

Hindi News Lifestyle What Is Spread Rate? Credit Score Calculation | Base Rate Vs Repo Rate Vs Spread Rate 26 मिनट पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक फर्ज करिए, आपको अचानक किसी इमरजेंसी में लाखों रूपए की जरूरत है और इतने पैसे किसी दोस्त या रिश्तेदार से नहीं ले सकते हैं तो क्या करेंगे? जाहिर है कि बैंक से लोन लेंगे। बैंक से लोन लेते समय आमतौर पर लोगों का पहला सवाल होता है कि इस पर ब्याज दर (इंटरेस्ट रेट) कितनी होगी? क्या आपको पता है कि- जब कोई बैंक के पास लोन लेने जाता है तो उसकी ब्याज दर हरेक कस्टमर के लिए एक जैसी नहीं होती है। लेकिन सवाल ये है कि ये तय कैसे होता है कि किस कस्टमर को किस इंटरेस्ट रेट पर लोन मिलेगा? बैंक ये कैसे तय करता है कि आपके लोन पर ब्याज दर कितनी रहेगी? ये तय करने के लिए बैंक ‘स्प्रेड रेट’ का सहारा लेते हैं। बैंक अलग-अलग कस्टमर से अलग-अलग स्प्रेड रेट चार्ज कर सकते हैं। हर बैंक का स्प्रेड रेट तय करने का क्राइटेरिया भी अलग हो सकता है। यही वजह है कि बैंक हर कस्टमर को अलग ब्याज दर पर लोन देते हैं। इसलिए अगर आप होम लोन, पर्सनल लोन या कार लोन लेने की सोच रहे हैं, तो स्प्रेड रेट के बारे में जानना बेहद जरूरी है। इससे आपको यह पता चलेगा कि किस बैंक से लोन लेना फायदेमंद रहेगा और कहां कम ब्याज चुकाना पड़ेगा। आज आपका पैसा कॉलम में जानेंगे कि- स्प्रेड रेट क्या होता है? बैंक इसे कैसे तय करते हैं? किन तरीकों से ग्राहक कम ब्याज पर लोन ले सकते हैं? सवाल- स्प्रेड रेट क्या होता है और यह लोन की ब्याज दर से कैसे जुड़ा है? जवाब- स्प्रेड रेट वह अतिरिक्त ब्याज (मार्जिन) है, जो बैंक अपनी तय लोन दर (बेस रेट) के ऊपर जोड़ता है। इसी से फाइनल ब्याज दर और EMI तय होती है। अगर किसी बैंक का बेस रेट 7% है और वह आपसे 2% स्प्रेड लेता है तो आपको कुल 9% ब्याज देना होगा। इसे एक उदाहरण से समझिए- मान लीजिए एक बैंक का बेस रेट 7% है और दो दोस्तों ने 20 लाख रुपए का होम लोन 10 साल के लिए लिया। पहले दोस्त का क्रेडिट स्कोर अच्छा था। उसे 1.5% स्प्रेड मिला और कुल ब्याज दर 8.5% बनी। उसकी EMI करीब 24,800 रुपए आई। दूसरे दोस्त को 2.5% स्प्रेड मिला और कुल ब्याज दर 9.5% बनी। उसकी EMI करीब 25,900 रुपए आई। यानी दूसरे को हर महीने करीब 1,100 रुपए ज्यादा EMI देनी पड़ी। 10 साल में वह करीब 1.3 लाख रुपए ज्यादा ब्याज चुकाएगा। सवाल- बेस रेट, रेपो रेट और स्प्रेड रेट में क्या अंतर है? जवाब- तीनों ब्याज दरें अलग-अलग हैं, पर तीनों से मिलकर ही हमारी फाइनल लोन दर तय होती है। आइए इसे ग्राफिक के जरिए समझते हैं। सवाल- बैंक लोन पर स्प्रेड रेट कैसे तय करते हैं? जवाब- बैंक कई फैक्टर्स के आधार पर स्प्रेड रेट तय करते हैं। सबसे महत्वपूर्ण क्रेडिट स्कोर और रिपेमेंट ट्रैक रिकॉर्ड होता है। अगर व्यक्ति की आय स्थिर है और पहले लिए गए सभी लोन समय पर चुकाए गए हैं तो बैंक कम स्प्रेड रेट ऑफर कर सकता है। इसके अलावा लोन का प्रकार भी मायने रखता है। सिक्योर्ड लोन (जैसे होम लोन) पर स्प्रेड कम होता है, जबकि बिना गारंटी वाले पर्सनल लोन पर बैंक ज्यादा रिस्क कवर करने के लिए स्प्रेड रेट बढ़ा देते हैं। सवाल- क्या अलग-अलग बैंकों के स्प्रेड रेट में फर्क होता है? अगर हां, तो क्यों? जवाब- हां, हर बैंक की लागत, बिजनेस स्ट्रेटेजी और रिस्क कैलकुलेटिंग मॉडल अलग होता है। इसलिए स्प्रेड रेट में भी फर्क होता है। पब्लिक सेक्टर बैंक स्प्रेड रेट कम रखते हैं, क्योंकि उनकी फंडिंग लागत कम होती है और कस्टमर बेस बड़ा होता है। वहीं प्राइवेट बैंक डिजिटल प्रोसेसिंग, तेज अप्रूवल और बेहतर सर्विस के बदले थोड़ा ज्यादा स्प्रेड चार्ज कर सकते हैं। NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) और फिनटेक कंपनियां जोखिम ज्यादा होने पर स्प्रेड बढ़ा देती हैं। खासकर तब, जब ग्राहक का क्रेडिट स्कोर कम हो या आय स्थिर न हो। सवाल- कम स्प्रेड रेट का मतलब क्या हमेशा सस्ता लोन होता है? जवाब- ऐसा जरूरी नहीं है। इसलिए असली तुलना हमेशा फाइनल या इफेक्टिव इंटरेस्ट रेट के आधार पर करनी चाहिए। अगर किसी बैंक का बेस रेट ही ज्यादा है तो स्प्रेड कम होने पर भी कुल ब्याज दर ज्यादा हो सकती है। दूसरी तरफ, कम बेस रेट और थोड़ा ज्यादा स्प्रेड होने पर भी कुल इंटरेस्ट रेट कम हो सकता है। इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस, लीगल चार्ज, प्री-पेमेंट पेनल्टी और फ्लोटिंग रेट की शर्तें भी टोटल स्प्रेड रेट को प्रभावित करती हैं। फ्लोटिंग इंटरेस्ट रेट वो होता है, जिसमें ब्याज दर निश्चित नहीं होती। वो रेपो रेट के अनुसार बदलती रहती है। सवाल- ग्राहक स्प्रेड रेट को कैसे समझे और तुलना करे? जवाब- अगर कोई व्यक्ति लोन ले रहा है तो सिर्फ स्प्रेड रेट ही नहीं देखना चाहिए, बल्कि बैंक से कुछ सवाल जरूर पूछने चाहिए। सभी सवाल ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या बैंक स्प्रेड रेट को समय-समय पर बदल सकते हैं? जवाब- हां, बैंक समय-समय पर अपने इंटरनल रिव्यू के आधार पर स्प्रेड रेट एडजस्ट कर सकते हैं। RBI की गाइडलाइन के अनुसार, बैंक बेस रेट या RLLR (रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट) भी बदलते रहते हैं। हालांकि कई मामलों में लोन सैंक्शन के समय तय स्प्रेड पूरी अवधि के लिए स्थिर भी रहता है। इसलिए लोन एग्रीमेंट पढ़ते समय यह जरूर देखें कि स्प्रेड फिक्स है या रीसेटेबल है। इसका असर यह होता है कि आपकी EMI अचानक बढ़ या घट सकती है। सवाल- स्प्रेड रेट कम कराने के लिए ग्राहक क्या कर सकता है? जवाब- स्प्रेड रेट तय करने का तरीका मनमाना नहीं होता है। बैंक स्प्रेड रेट तय करते हुए कुछ जरूरी बातें ध्यान में रखते हैं- जिस कस्टमर को वो लोन दे रहे हैं, उसका फाइनेंशियल प्रोफाइल कैसा है। उसकी क्रेडिट हिस्ट्री क्या है। लोन लेने और चुकाने के मामले में उसका रिकॉर्ड कैसा है। उसका सिबिल स्कोर क्या है। कुल मिलाकर कहने का आशय ये है कि बैंक कस्टमर का चेहरा देखकर स्प्रेड रेट
Navratri Vrat Food High Calories; Weight Gain

Hindi News Lifestyle Navratri Vrat Food High Calories; Weight Gain | Fried Potato Sabudana Bada Health Risk 1 घंटे पहलेलेखक: गौरव तिवारी कॉपी लिंक आज नवरात्रि का तीसरा दिन है। कई लोग नवरात्रि में पूरे नौ दिन व्रत रखते हैं। इस दौरान लोग आमतौर पर डीप फ्राइड आलू, साबूदाना वड़े, मूंगफली और मिठाइयां खाते हैं। इससे खाने का स्वाद तो बढ़ जाता है, लेकिन ये वजन और ब्लड शुगर बढ़ा सकता है। इससे थकान और भारीपन महसूस होता है। डायबिटीज और मोटापे से जूझ रहे लोगों के लिए व्रत की ये डाइट फायदे की बजाय नुकसान पहुंचाती है। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में बात व्रत की थाली की। साथ ही जानेंगे कि- व्रत की थाली में ज्यादा कैलोरी क्यों होती हैं? व्रत में किन चीजों को अवॉइड करना चाहिए? एक्सपर्ट: शिल्पी गोयल, डाइटीशियन, छत्तीसगढ़ सवाल- क्या व्रत के खाने में ज्यादा कैलोरीज होती हैं? जवाब- हां, आमतौर पर व्रत के खाने में ज्यादा कैलोरी होती हैं। इसके कई कारण हैं- अमूमन व्रत की थाली में साबूदाना, आलू होता है। ये स्टार्च और कार्ब्स से भरपूर होते हैं। लोग स्वाद के लिए डीप फ्राई फूड (जैसे वड़ा, चिप्स) खाते हैं। इनमें फैट बहुत ज्यादा होता है। मीठे शरबत पीते हैं, मिठाइयां खाते हैं, इनमें बहुत शुगर होती है। ये सभी हाई-कैलोरी फूड्स हैं। सवाल- व्रत के किन फूड्स में सबसे ज्यादा कैलोरी होती है? जवाब- कार्ब्स, स्टार्च, शुगरी फूड्स की कैलोरी हाई होती है। ऐसे सभी फूड्स ग्राफिक में देखिए- सवाल- क्या व्रत का खाना डायबिटिक और ओबीज के लिए जोखिम बढ़ा सकता है? जवाब- हां, व्रत के खाने से डायबिटिक और ओबीज लोगों की समस्या बढ़ सकती है- व्रत में खाए जाने वाले कई फूड्स (साबूदाना, आलू) में कार्ब और स्टार्च से भरपूर होते हैं। इसलिए इनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स हाई होता है। ये ब्लड शुगर तेजी से बढ़ाते हैं। डीप फ्राइड व्रत स्नैक्स में फैट और कैलोरी ज्यादा होती है, जिससे वजन बढ़ सकता है। बार-बार शुगरी ड्रिंक्स लेने या मिठाई खाने से कैलोरी ओवरलोड हो सकता है। सवाल- क्या व्रत में हाई कार्ब फूड खाने से वजन बढ़ सकता है? जवाब- हां, व्रत के ज्यादातर फूड्स में कार्ब्स की मात्रा ज्यादा होती है। इन्हें लगातार खाने से वजन बढ़ सकता है। इसके और भी कई कारण हैं- हाई कार्ब फूड्स से बनी एनर्जी शरीर फैट के रूप में स्टोर करने लगता है। डीप फ्राई या ज्यादा घी-तेल से भी कैलोरी और बढ़ जाती है। ये सभी लो प्रोटीन और लो फाइबर फूड्स हैं, जिनसे जल्दी भूख लगती है और ओवरईटिंग हो सकती है। इससे भी वजन बढ़ सकता है। सवाल- व्रत की थाली को लो-कैलोरी और बैलेंस्ड कैसे बनाया जा सकता है? जवाब- व्रत की थाली में कैलोरी काउंट कम करने के लिए कुछ बाताें का खास ख्याल रखें- डीप फ्राई की जगह उबली, भुनी या बहुत कम तेल में बनी चीजें खाएं। हाई स्टार्च फूड्स जैसे साबूदाना, आलू की मात्रा सीमित रखें। थाली में प्रोटीन से भरपूर चीजें (जैसे, पनीर, मूंगफली और दही) बढ़ाएं। फाइबर के लिए फल और सब्जियां जरूर लें, थाली में सलाद बढ़ाएं। मीठी चीजें खाने से बचें, इसकी जगह पानी या छाछ लें। दिनभर थोड़ा-थोड़ा खाएं, ओवरईटिंग से बचें। सवाल- व्रत की हेल्दी थाली कैसी होनी चाहिए, इसमें कौन-सी चीजें शामिल करनी चाहिए? जवाब- थाली में कार्ब्स की मात्रा कम करें, बस इतनी रखें कि ऊर्जा मिलती रहे। प्रोटीन की मात्रा बढ़ाएं, जिससे देर तक पेट भरा रहे। फाइबर और माइक्रोन्यूट्रिएंट्स के लिए डाइट में फल-सब्जियां शामिल करें। हेल्दी फैट के लिए कुछ ड्राई फ्रूट्स ले सकते हैं। हाइड्रेशन का ध्यान रखें। इसके लिए थाली कैसी होनी चाहिए, ग्राफिक में देखिए- सवाल- व्रत में किस तरह के कुकिंग मेथड अपनाने चाहिए? जवाब- व्रत के खाने को हेल्दी बनाने के लिए ये कुकिंग मेथड अपना सकते हैं- बॉइलिंग- उबालने से एक्स्ट्रा कैलोरी नहीं बढ़ती है। रोस्टिंग- भूनने से स्नैक हेल्दी रहता है, टेस्ट भी बढ़ता है। स्टीमिंग- इससे पोषक तत्व सुरक्षित रहते हैं और पाचन आसान होता है। सॉटे- सॉटे (कम तेल में पकाना) से स्वाद और कैलोरी में संतुलन रहता है। ग्रिलिंग या बेकिंग- ये भी अच्छा विकल्प है, इससे कैलोरी कम रहती है। सवाल- व्रत के दौरान ज्यादा भूख क्यों लगती है, ओवरईटिंग से कैसे बचें? जवाब- व्रत में ज्यादा भूख लगने के कारण- व्रत के ज्यादातर फूड्स में कार्ब ज्यादा और प्रोटीन-फाइबर लो होता है। इससे सटायटी (संतुष्टि) नहीं मिलती है। खाने में लंबा गैप रखने से हंगर हाॅर्मोन (घ्रेलिन) बढ़ जाता है, जिससे खाने की इच्छा ज्यादा होती है। हाइड्रेशन न होने पर भी शरीर बार-बार भूख का संकेत देता है। ओवरईटिंग से ऐसे बचें- छोटे-छोटे पोर्शन में कई बार खाएं। थाली में दही, मूंगफली, फल जैसे प्रोटीन और फाइबर शामिल करें। पर्याप्त पानी और डाइड्रेटिंग ड्रिंक्स लेते रहें। सवाल- अगर व्रत के दौरान वजन या सुस्ती बढ़ने लगे तो क्या करना चाहिए? जवाब- व्रत के दौरान खानपान और दिनचर्या में बदलाव के कारण कई लोगों को सुस्ती या वेट गेन की समस्या हो सकती है। ऐसे में सही हाइड्रेशन, हल्की एक्टिविटी और संतुलित विकल्पों से ऊर्जा बनी रहती है। इसके अलावा और क्या कर सकते हैं, ग्राफिक में देखिए- सवाल- व्रत में डिहाइड्रेशन से कैसे बचें? क्या बॉडी हाइड्रेटेड रखकर हाई कैलोरी इनटेक से बच सकते हैं? जवाब- हां, अगर हाइड्रेटेड रहेंगे तो भूख कम लगेगी- व्रत में हर 1-2 घंटे में पानी या कोई हाइड्रेटिंग ड्रिंक लेते रहें। नारियल पानी, छाछ, नींबू पानी इलेक्ट्रोलाइट बैलेंस बनाए रखते हैं। अच्छे हाइड्रेशन से फॉल्स हंगर (झूठी भूख) नहीं महसूस होती है। इससे बार-बार हाई कैलोरी स्नैक लेने की जरूरत घट सकती है। फल और हाई फाइबर फूड खाने से पेट भरा रहता है। सवाल- क्या सिर्फ पानी पीना काफी है या नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स भी जरूरी हैं? जवाब- पानी से सिर्फ प्यास बुझती है, लेकिन इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। इसलिए सिर्फ पानी पीना काफी नहीं है। पसीने या लंबे गैप में शरीर से सोडियम-पोटेशियम भी कम हो सकते हैं। नारियल पानी, छाछ और नींबू पानी नेचुरल इलेक्ट्रोलाइट्स देते हैं। ये शरीर का फ्लूइड बैलेंस और मसल फंक्शन सपोर्ट करते हैं। सिर्फ पानी ज्यादा पीने से कभी-कभी कमजोरी महसूस हो सकती है। इलेक्ट्रोलाइट ड्रिंक्स से थकान और सुस्ती कम








