LPG Supply Hike | States Get 20% More Gas From March 23, 2026

6 मिनट पहले कॉपी लिंक कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कमी के चलते होटल-रेस्टोरेंट वालों को भट्टी पर खाना बनाना पढ़ रहा है। केंद्र ने देश में जारी गैस संकट के बीच राज्यों को LPG सप्लाई बढ़ाने का निर्देश दिया है। 23 मार्च से राज्यों को अब पहले के मुकाबले 20% ज्यादा गैस दी जाएगी। इसके बाद राज्यों को मिलने वाली कुल सप्लाई संकट से पहले के स्तर (प्री-क्राइसिस लेवल) के 50% तक पहुंच जाएगी। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव डॉ. नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर इसकी जानकारी दी। इसमें कहा गया कि सामुदायिक रसोई, रेस्टोरेंट, ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को प्राथमिकता दी जाए। साथ ही प्रवासी मजदूरों को प्राथमिकता से 5 किलो वाले फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, गैस की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल रोकने के लिए कदम उठाने को भी कहा गया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने लेटर राज्यों का भेजा है। क्या है ‘प्री-क्राइसिस लेवल’? ‘प्री-क्राइसिस लेवल’ का मतलब उस समय से है जब देश में गैस संकट शुरू नहीं हुआ था। फिलहाल राज्यों को बहुत कम सप्लाई मिल रही थी, जिसे अब बढ़ाकर पुरानी डिमांड का आधा (50%) किया गया है। अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग मिडिल ईस्ट से कच्चे तेल और गैस सप्लाई लगभग रुक गई है। ढाबों, होटलों और इंडस्ट्रियल कैंटीन को मिलेगी प्राथमिकता यह अतिरिक्त 20% गैस खास सेक्टरों को प्राथमिकता देकर दी जाएगी। डॉ. नीरज मित्तल के पत्र के मुताबिक, यह सप्लाई सबसे पहले रेस्टोरेंट, ढाबे, होटल और इंडस्ट्रियल कैंटीन को मिलेगी। सरकार का मकसद है कि खाने-पीने की सेवाओं और फूड इंडस्ट्री पर किसी तरह का असर कम से कम पड़े। गैस की कमी के कारण बेंगलुरु के राजराजेश्वरी नगर स्थित नम्माओरु कॉफी कट्टा होटल में चूल्हा जलाकर इडली बनानी पड़ी। फूड प्रोसेसिंग और डेयरी सेक्टर को भी राहत गैस की अतिरिक्त सप्लाई का फायदा फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स और डेयरी सेक्टर को भी मिलेगा। इसके साथ ही, राज्य सरकार या स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जा रहे सस्ती दर वाले कैंटीन और आउटलेट्स को भी इसमें शामिल किया गया है। सामुदायिक रसोई (कम्युनिटी किचन) को भी प्राथमिकता दी गई है, ताकि आम लोगों को आसानी से खाना मिलता रहे। प्रवासी मजदूरों के लिए 5 किलो वाले सिलेंडर की व्यवस्था मंत्रालय ने प्रवासी मजदूरों की जरूरतों का भी ध्यान रखा है। पत्र में कहा गया है कि 5 किलो वाले FTL गैस सिलेंडर प्रवासी मजदूरों को दिए जाएं। साथ ही, राज्यों को साफ निर्देश दिए गए हैं कि इस अतिरिक्त गैस की कालाबाजारी या गलत इस्तेमाल न हो, इसके लिए सख्त कदम उठाए जाएं। अगले आदेश तक जारी रहेगी यह व्यवस्था यह नई व्यवस्था 23 मार्च से लागू होगी और अगली सूचना तक जारी रहेगी। फिलहाल देश में एलपीजी की कमी है, ऐसे में सप्लाई को 50% तक बढ़ाना एक बड़ा कदम माना जा रहा है। सरकार हालात पर नजर रखे हुए है, ताकि आगे चलकर सप्लाई को पहले जैसे सामान्य स्तर (100%) तक पहुंचाया जा सके। ईरान-अमेरिका और इजराइल जंग से गैस की कमी ईरान पर 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इजराइल ने मिलकर हमला किया। दोनों देशों ने ईरान के कई सैन्य ठिकानों, मिसाइल साइटों और परमाणु सुविधाओं पर बड़े पैमाने पर हवाई हमले किए। इन हमलों में सुप्रीम लीडर अली खामेनी समेत कई बड़े अधिकारी मारे गए। इस अभियान को अमेरिका ने “ऑपरेशन एपिक फ्यूरी” नाम दिया। इस युद्ध के बाद स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तनाव बढ़ गया और सप्लाई प्रभावित हुई। यही रास्ता भारत के लिए बहुत अहम है, क्योंकि देश का करीब 80-85% LPG यहीं से आता है। भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा LPG आयातक है और 60% से ज्यादा गैस बाहर से मंगाता है। इसी वजह से देश में LPG की कमी जैसी स्थिति बनी। हालांकि, सरकार ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने को कहा और साफ किया कि देश में गैस और तेल की कोई कमी नहीं है। ——————————————————————————– गैस संकट से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे:₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें… दैनिक भास्कर को Google पर पसंदीदा सोर्स बनाएं ➔ खबरें और भी हैं…
सिर्फ फल ही नहीं, इस पेड़ की पत्तियों में भी छिपे हैं औषधीय गुण! कई गंभीर बीमारियों में कारगर

Last Updated:March 21, 2026, 17:58 IST Health News: आयुर्वेद में एक फल की पत्तियों को काफी फायदेमंद माना गया है. इसका नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. अमरूद में बहुत सारे विटामिन पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं. बाराबंकी: अमरूद एक स्वादिष्ट और पौष्टिक फल है, जिसे बच्चे से लेकर बड़े तक सभी पसंद करते हैं, लेकिन बहुत कम लोग जानते हैं कि अमरूद सिर्फ फल ही नहीं, बल्कि इसके पत्ते और छाल भी औषधीय गुणों से भरपूर होते हैं. आयुर्वेद में अमरूद को सेहत का खजाना माना गया है. इसका नियमित सेवन शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद करता है. अमरूद में बहुत सारे विटामिन पाए जाते हैं, जो पाचन तंत्र को मजबूत बनाते हैं और शरीर को कई बीमारियों से बचाते हैं. इसके पत्तों का उपयोग स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं में भी लाभकारी माना जाता है. आयुर्वेद के अनुसार, अमरूद के फल, पत्ते, छाल हमारी सेहत के लिए काफी फायदेमंद माने गए हैं. ये हमें ब्लड शुगर, डाइजेशन, पाचन, कब्ज, मोटापा, एनीमिया और स्किन संबंधित कई बीमारियों से छुटकारा दिलाते हैं. कब्ज और गैस से छुटकाराआयुर्वेदिक चिकित्सक डॉक्टर अमित वर्मा एमडी मेडिसिन ने बताया कि अमरूद का फल और पेड़ हमारे देश में सब जगह पाया जाता है. इसमे बहुत सारे औषधीय गुण पाए जाते हैं. जिन लोगों को पाचन की समस्या रहती है या कब्ज व गैस बनती है, उन्हें अमरूद के फल का सेवन करना चाहिए. इससे काफी फायदा होता है. साथ ही जिनका पेट खराब रहता है, अधिक दर्द होता है या डायरिया की समस्या है, उन लोगों को भी इसके फल का इस्तेमाल करना चाहिए. सुबह-शाम चार पत्तियां चबाने के फायदेवहीं अगर किसी को ब्लड शुगर है, डाइजेशन की समस्या है, उन लोगों को अमरूद का इस्तेमाल करना चाहिए. वहीं जिन लोगों का वजन बढ़ रहा है या स्किन समस्या, एनीमिया की कमी हो रही है, वहां पर इसकी पत्तियों को पीसकर इस्तेमाल करना चाहिए. ये बहुत ही फायदेमंद माना जाता है. वहीं जिन्हें शुगर की समस्या है, उन्हें सुबह-शाम चार पत्तियां चबा-चबाकर खानी चाहिए. इससे बहुत ही फायदा होता है. About the Author आर्यन सेठ आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए. Location : Bara Banki,Uttar Pradesh First Published : March 21, 2026, 17:58 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
Marma Therapy : क्या होती है मर्म थेरेपी? तेजी से बना रही लोगों में पैठ, रावण संहिता में इसका जिक्र

Last Updated:March 21, 2026, 17:53 IST Marma Therapy Benefits : प्राकृतिक चिकित्सा में मर्म थेरेपी का अलग ही स्थान है. अगर सही तरीके से और विशेषज्ञ की देखरेख में मर्म थेरपी कराई जाए, तो यह शरीर के लिए वरदान से कम नहीं. मर्म थेरेपी शरीर के उन संवेदनशील बिंदुओं पर आधारित है, जहां प्राण ऊर्जा का संचार होता है. मर्म थेरेपी का जिक्र रावण संहिता तक में है. लोकल 18 से जौनपुर की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पांडेय बताती हैं कि इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं हैं. जौनपुर. आयुर्वेद की प्राचीन पद्धतियों में मर्म थेरेपी का विशेष स्थान रहा है और अब जौनपुर में भी यह तेजी से लोकप्रिय हो रही है. जौनपुर की आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. कुसुम पांडेय बताती हैं कि मर्म थेरेपी न सिर्फ पुरानी चिकित्सा पद्धति है, बल्कि इसका उल्लेख प्राचीन ग्रंथों, विशेषकर रावण संहिता में भी मिलता है. यह थेरेपी शरीर के विशेष बिंदुओं (मर्म स्थानों) पर काम करके कई प्रकार की बीमारियों को दूर करने में सहायक है. डॉ. कुसुम पांडेय ने बताया कि मर्म थेरेपी शरीर के उन संवेदनशील बिंदुओं पर आधारित होती है, जहां प्राण ऊर्जा का संचार होता है. इन बिंदुओं पर हल्का दबाव, स्पर्श या विशेष तकनीक के माध्यम से उपचार किया जाता है, जिससे शरीर की ऊर्जा संतुलित होती है और रोगों से राहत मिलती है. यह थेरेपी बिना किसी दवा के भी प्रभावी है. सुरक्षित विकल्प डॉ. कुसुम पांडेय के मुताबिक, आजकल लोग तनाव, थकान, सिरदर्द, कमर दर्द और जोड़ों के दर्द जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ऐसे में मर्म थेरपी एक प्राकृतिक और सुरक्षित विकल्प के रूप में सामने आई है. यह शरीर की प्राकृतिक हीलिंग क्षमता को बढ़ाती है और लंबे समय तक लाभ देती है. खास बात यह है कि इसके कोई साइड इफेक्ट नहीं होते. डॉ. पांडेय बताती हैं कि मर्म थेरेपी का उल्लेख रावण संहिता में मिलने से इसकी प्राचीनता और महत्त्व का अंदाजा लगाया जा सकता है. प्राचीन काल में भी इसका उपयोग योद्धाओं के उपचार और शरीर को स्वस्थ रखने के लिए किया जाता था. यह पद्धति आज भी उतनी ही प्रभावी है जितनी पहले थी. जौनपुर में अब धीरे-धीरे लोग आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा की ओर आकर्षित हो रहे हैं. मर्म थेरेपी भी इसी दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है. डॉ. कुसुम पांडेय कहती हैं कि लोगों को छोटी-छोटी बीमारियों के लिए तुरंत दवाइयों का सहारा लेने के बजाय प्राकृतिक और आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाना चाहिए. डॉ. कुसुम पांडेय के अनुसार, यदि सही तरीके से और विशेषज्ञ की देखरेख में मर्म थेरेपी कराई जाए, तो यह शरीर को पूरी तरह से संतुलित और स्वस्थ बनाए रखने में मददगार साबित हो सकती है. यही कारण है कि आज के आधुनिक समय में भी यह प्राचीन चिकित्सा पद्धति फिर से लोगों के बीच अपनी जगह बना रही है. About the Author Priyanshu Gupta Priyanshu has more than 10 years of experience in journalism. Before News 18 (Network 18 Group), he had worked with Rajsthan Patrika and Amar Ujala. He has Studied Journalism from Indian Institute of Mass Commu…और पढ़ें Location : Jaunpur,Uttar Pradesh First Published : March 21, 2026, 17:53 IST
AIIMS Bhopal: Guard Catches Phone Thief

ईद उल फितर का त्योहार होने से शनिवार को छुट्टी रही। सरकारी अस्पतालों की ओपीडी बंद है, जिससे परिसर खाली हैं। इसी को अवसर मानते हुए चोर एक्टिव हो गए हैं। शनिवार सुबह करीब 10 बजे एक चोर एम्स भोपाल में परिजनों के चार्जिंग में लगे मोबाइल को चुराने के इराद . युवक फोन चार्ज पर लगाकर सो रहा था एम्स से मिली जानकारी के अनुसार, घटना सुबह 10 बजे के करीब की है। मेडिकल वार्ड के बाहर मौजूद गलियारे में एक युवक चार्जिंग सॉकेट में फोन चार्ज पर लगाकर सो रहा था। मौके का फायदा उठाते हुए एक चोर ने उसका फोन निकाला और मौके से फरार होने की मंशा से बाहर की ओर जाने लगा। लेकिन, उसकी यह गतिविधि एक गार्ड ने देख ली। इसके बाद उसने अपने साथियों को इसकी सूचना दी और चोर को घेरकर पकड़ लिया गया। पूछताछ करने पर उसने खुद का नाम राहुल शर्मा बताया। वह गार्ड से बार-बार खुद को छोड़ देने की बात कह रहा था। उसने कहा कि वह स्टूडेंट है और पैसे की जरूरत होने पर यह कदम उठाया। हालांकि, उसके पास से कोई पहचान पत्र नहीं मिला। आरोपी को पुलिस के हवाले किया एम्स के सिक्योरिटी सुपरवाइजर ने इस पूरी घटना की रिपोर्ट एम्स के डिप्टी डायरेक्टर कार्यालय को दी है, जिसमें कहा गया कि गार्ड की मुस्तैदी के कारण चोर को पकड़ा गया। इसके बाद डायल 100 को सूचना दी गई। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी आरोपी को अपने साथ लेकर चले गए। यह भी पढ़ें… भोपाल एम्स की लिफ्ट में हुई थी चेन स्नेचिंग भोपाल एम्स जैसे हाई-सिक्योरिटी स्वास्थ्य संस्थान में भी महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं। रविवार शाम लिफ्ट के अंदर महिला कर्मचारी से चेन स्नेचिंग की वारदात हुई, जिसका सीसीटीवी वीडियो सोमवार को सामने आया है। घटना ने एम्स की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। वारदात ब्लड बैंक के पीछे स्थित लिफ्ट में हुई। पीड़िता वर्षा सोनी, जो स्त्री रोग विभाग में अटेंडर हैं, ड्यूटी के दौरान लिफ्ट में अकेली थीं। तभी मास्क और टोपी पहने एक युवक लिफ्ट में घुसा और बातचीत का बहाना बनाकर नेत्र रोग विभाग का फ्लोर पूछा। जैसे ही लिफ्ट तीसरे फ्लोर पर पहुंची, युवक पहले बाहर निकला और अचानक लौटकर महिला के गले पर झपट्टा मार दिया। आरोपी ने सोने की मोतियों की माला और मंगलसूत्र खींचने की कोशिश की। महिला ने विरोध किया, लेकिन युवक धक्का देकर सीढ़ियों की ओर भाग निकला। साथ में मंगलसूत्र लेकर फरार हो गया, जबकि मोतियों की माला टूटकर मौके पर गिर गई। पढ़ें पूरी खबर…
किडनी की पथरी गला देगी, फेफड़ों को साफ करेगी, दिल से लेकर पाइल्स तक में काम आती है ये औषधि! घर पर उगेगी

Last Updated:March 21, 2026, 17:36 IST Health Tips: कई लोग घरों में पत्थरचट्टा का पौधा लगाते हैं, जो खूबसूरत होने के साथ औषधीय गुणों से भरपूर है. आयुर्वेद में इसे जादुई दवा माना गया है. इसकी पत्तियों का रस किडनी स्टोन, जोड़ों के दर्द और मूत्र रोगों में फायदेमंद है. रोज सुबह खाली पेट पत्तियों का सेवन लाभकारी माना जाता है. Health Tips: विंध्य क्षेत्र में प्रकृति ने ऐसे अनेक औषधीय पौधे दिए हैं, जो बिना किसी साइड इफेक्ट के कई बीमारियों के इलाज में कारगर माने जाते हैं. इन्हीं में से एक है पत्थरचट्टा, जिसे आयुर्वेद में चमत्कारी पौधा कहा जाता है. यह पौधा खासतौर पर गुर्दे की पथरी को गलाने में बेहद उपयोगी माना जाता है. वहीं हृदय, त्वचा, मूत्र और पाचन से जुड़ी कई समस्याओं में भी लाभ पहुंचाता है. इसकी सबसे बड़ी खासियत ये कि इसे घर पर छोटे से गमले में भी आसानी से उगाया जा सकता है, जिससे यह हर घर की घरेलू जड़ी-बूटी बन सकता है. सीधी के आयुर्वेदिक चिकित्साधिकारी डॉ. विपिन सिंह ने लोकल 18 को बताया कि पत्थरचट्टा वास्तव में एक रामबाण औषधि है. यह पौधा कम देखभाल में भी तेजी से बढ़ता है और लगभग हर क्षेत्र में पाया जाता है. विशेष रूप से मध्य प्रदेश में इसकी अधिकता देखी जाती है. आमतौर पर इसकी ऊंचाई एक से दो फुट तक होती है और इसके मोटे व रसदार पत्तों में औषधीय गुण भरपूर मात्रा में मौजूद होते हैं, जो शरीर की कई आंतरिक समस्याओं को दूर करने में सहायक होते हैं. जानें क्यों कहा गया ब्रह्म औषधि?डॉ. विपिन सिंह के अनुसार, पत्थरचट्टा का सबसे प्रमुख उपयोग गुर्दे की पथरी को गलाने में होता है. इसके नियमित सेवन से मूत्र मार्ग साफ रहता है और पथरी बनने की संभावना कम हो जाती है. यही वजह है कि इसे मूत्र संबंधी विकारों के लिए एक ब्रह्म औषधि माना जाता है. इसके अलावा यह हृदय रोगियों के लिए भी फायदेमंद है, क्योंकि यह हृदय की मांसपेशियों को मजबूती देता है और रक्त संचार को बेहतर बनाता है. त्वचा, घाव, सूजन में भी कारगरत्वचा संबंधी समस्याओं में भी यह पौधा काफी असरदार माना गया है. यदि किसी को घाव, सूजन या चोट हो जाए तो इसके पत्तों को कुचलकर रस निकालकर प्रभावित जगह पर लगाने से सूजन कम होती है और घाव जल्दी भरता है. साथ ही यह पाइल्स (बवासीर) जैसी समस्याओं में भी राहत देने का काम करता है. अलग-अलग क्षेत्रों में इसे पत्थरचट्टा और अमरपत्ता जैसे नामों से जाना जाता है. ऐसे करें सेवनडॉ. विपिन सिंह ने बताया कि पत्थरचट्टा का उपयोग कई रूपों में किया जा सकता है. इसके रस का 10 से 15 मिलीलीटर सुबह-शाम सेवन किया जा सकता है. चूर्ण के रूप में 1 से 3 ग्राम दिन में दो बार पानी के साथ लिया जा सकता है, जबकि काढ़े के रूप में 20 से 30 मिलीलीटर सुबह और शाम सेवन करना लाभकारी होता है. वहीं, त्वचा पर उपयोग के लिए इसके रस को सीधे लगाकर पट्टी बांधी जा सकती है. पत्थरचट्टा सिर्फ एक औषधीय पौधा ही नहीं, बल्कि प्राकृतिक स्वास्थ्य का खजाना है. यदि इसे सही तरीके से उपयोग किया जाए तो यह कई बीमारियों से बचाव और उपचार में मददगार साबित हो सकता है. About the Author Rishi mishra एक दशक से अधिक समय से पत्रकारिता में सक्रिय. प्रिंट मीडिया से शुरुआत. साल 2023 से न्यूज 18 हिंदी के साथ डिजिटल सफर की शुरुआत. न्यूज 18 के पहले दैनिक जागरण, अमर उजाला में रिपोर्टिंग और डेस्क पर कार्य का अनुभव. म…और पढ़ें Location : Sidhi,Madhya Pradesh First Published : March 21, 2026, 17:36 IST Disclaimer: इस खबर में दी गई दवा/औषधि और स्वास्थ्य से जुड़ी सलाह, एक्सपर्ट्स से की गई बातचीत के आधार पर है. यह सामान्य जानकारी है, व्यक्तिगत सलाह नहीं. इसलिए डॉक्टर्स से परामर्श के बाद ही कोई चीज उपयोग करें. Local-18 किसी भी उपयोग से होने वाले नुकसान के लिए जिम्मेदार नहीं होगा.
राहुल बोले- रुपए का गिरना-फ्यूल कीमत बढ़ना महंगाई का संकेत:कहा- सरकार चाहे इसे नॉर्मल बताए, लेकिन रोजमर्रा की चीजों का दाम बढ़ेंगे

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने डॉलर के मुकाबले रुपए के स्तर के गिरने और इंस्ट्रीयल फ्यूल की कीमत बढ़ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा। राहुल ने X पोस्ट में लिखा- रुपये का डॉलर के मुकाबले कमजोर होकर 100 की तरफ बढ़ना और इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमतों में तेज बढ़ोतरी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली महंगाई के साफ संकेत हैं। उन्होंने लिखा कि सरकार चाहे इसे नॉर्मल बताए, लेकिन हकीकत ये है कि उत्पादन और ट्रांसपोर्ट महंगे होंगे, MSMEs को सबसे ज्यादा चोट लगेगी, रोजमर्रा की चीजों के दाम बढ़ेंगे। राहुल बोले- शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा राहुल ने लिखा किविदेशी संस्थागत निवेशक (FII) का पैसा और तेजी से बाहर जाएगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा। यानी हर परिवार की जेब पर इसका सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। उन्होंने लिखा है कि सवाल यह नहीं कि सरकार क्या कह रही है, सवाल यह है कि आपकी थाली में क्या बचा है। 20 मार्च- प्रीमियम पेट्रोल के दाम बढ़े सरकारी तेल कंपनियों ने स्पीड और पावर जैसे प्रीमियम पेट्रोल की कीमतें ₹2.09-₹2.35 प्रति लीटर तक बढ़ाईं। एमपी के भोपाल में इसकी कीमत बढ़कर करीब ₹117 पहुंची है। हालांकि सामान्य पेट्रोल की कीमत में बदलाव नहीं किया गया। भारत पेट्रोलियम यानी BPCL प्रीमियम पेट्रोल को स्पीड नाम से बेचता है। वहीं हिंदुस्तान पेट्रोलियम यानी HPCL इसे पावर और इंडियन ऑइल यानी IOCL XP95 के नाम से इसे बेचता है। ये सामान्य पेट्रोल के मुकाबले करीब 10-12 रुपए महंगा होता है। इंडियन ऑयल ने अपने इंडस्ट्रियल फ्यूल की कीमत में भी 25% की बढ़ोतरी की गई। इसके दाम ₹87.67 प्रति लीटर से बढ़कर अब ₹109.59 प्रति लीटर हो गए। औद्योगिक डीजल के खरीदारों में रेलवे, रोडवेज बसें, बड़ी फैक्ट्रियां, अस्पताल और बड़े मॉल शामिल हैं। तेल कंपनियां ये डीजल टैंकरों के जरिए सीधे इन संस्थानों के निजी स्टोरेज टैंकों में भेजती हैं। पूरी खबर पढ़ें… रुपया 93.53 के रिकॉर्ड लो पर पहुंचा, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल का असर 20 मार्च को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 64 पैसे कमजोर होकर 93.53 प्रति डॉलर के स्तर पर पहुंचा। बाजार के जानकारों का कहना था कि दुनिया भर में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल की वजह से घरेलू करेंसी पर है। ……………… यह खबर भी पढ़ें… लोकलसर्किल्स का दावा- 20% लोग सिलेंडर ब्लैक में खरीद रहे: ₹4,000 तक ज्यादा देना पड़ रहा, 68% घरों में समय पर नहीं पहुंच रही गैस रसोई गैस की कमी के कारण देश में सिलेंडर की कालाबाजारी बढ़ गई है। गैस की कमी और डिलीवरी में देरी की वजह से देश के करीब 20% परिवारों को ब्लैक में सिलेंडर खरीदना पड़ रहा है। इसके लिए लोगों को एक घरेलू सिलेंडर के 4000 रुपए तक देने पड़ रहे हैं। पूरी खबर पढ़ें…
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Last Updated:March 21, 2026, 17:19 IST Cow Health Tips: क्या आपकी गाय भी अचानक मिट्टी या दीवार चाटना शुरू कर रही है? विशेषज्ञों के अनुसार यह समस्या केवल जोंक या पेट के कीड़ों के कारण नहीं. बल्कि पाइका (Pica) रोग और शरीर में फास्फोरस जैसे मिनरल्स की भारी कमी का संकेत है. जोंक की दवा के साथ-साथ आहार में मिनरल मिक्सचर और नमक का सही संतुलन कैसे आपके पशु को मात्र 30 दिनों में पूरी तरह स्वस्थ बना सकता है, जानिए इस विशेष रिपोर्ट में. इसमें कई तरह की बीमारी आती है जिसके बारे में जानेंगे सिर्फ पेट मे कीड़ा होने के वजह से ही मिट्टी नहीं खाती है ज्यादा मिट्टी खाने से गाय की भूख भी खत्म हो जाती है मिट्टी खाने से इसके दूध पर भी असर पड़ता है First Published : March 21, 2026, 17:19 IST
‘चुनाव के बाद पेट्रोल-डीजल-एलपीजी के बढ़ेंगे दाम’, मध्य पूर्व में जंग को लेकर राहुल गांधी की भविष्यवाणी

त्वरित पढ़ें दिखाएँ एआई द्वारा उत्पन्न मुख्य बिंदु, न्यूज़ रूम द्वारा सत्यापित मध्य पूर्व में जारी संघर्ष और तनाव के बीच भारत के कई राज्यों में होने वाले चुनावों की तारीखों की घोषणा हो चुकी है। इस बीच विपक्ष में नेता और कांग्रेस में नामांकित राहुल गांधी ने बड़ी भविष्यवाणी की है। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी गैस के कारोबार में तेजी से गिरावट आएगी। राहुल गांधी ने एक्स पोस्ट में क्या कहा? असल में, कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने शनिवार (21 मार्च, 2026) को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट शेयर किया है। पोस्ट में राहुल गांधी ने केंद्र की मोदी सरकार को लेकर अमेरिकी डॉलर के गठबंधन, भारतीय रुपये के घाटे को लेकर एक बुनियादी ढांचा तैयार किया है। रुपए का डॉलर के पोर्टफोलियो में 100 की तरफ की विशेषता और औद्योगिक फुल की कीमत में तेजी – ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली गिरावट के साफ संकेत हैं। सरकार ने इसे “सामान्य” कहा है, लेकिन सरकार ने यह कहा है: •प्रोडक्शन और बिज़नेस बाज़ार होंगे• एमएसएमई को सबसे ज्यादा फायदा… – राहुल गांधी (@RahulGandhi) 21 मार्च 2026 उन्होंने पोस्ट में लिखा, ‘रुपये के डॉलर के 100 की तरफ के शानदार और औद्योगिक फुल की कीमत में तेज कमी, ये सिर्फ आंकड़े नहीं, आने वाली गिरावट के साफ संकेत हैं।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने इसे नामांकित किया है, लेकिन हिस्सेदारी ये है कि उत्पाद और बाजार पूंजीकरण होगा, एमएसएमई को सबसे ज्यादा नुकसान होगा, ब्याज की कमी के दम बढ़ेंगे और एफआईआई (विदेशी संस्थागत निवेशक) का पैसा और तेजी से बाहर आएगा, जिससे शेयर बाजार पर दबाव बढ़ेगा। यानी हर परिवार की जेब पर सीधा और गहरा असर पड़ना तय है। और ये है खास बात ‘चुनाव के बाद पेट्रोल, डीजल और एलपीजी के उत्पादों में भी बढ़ोतरी की मांग।’ सिर्फ बयानबाजी कर रही हैं मोदी सरकारः राहुल गांधी समाजवादी पार्टी के नेता राहुल गांधी ने आगे कहा, ‘मोदी सरकार के पास न दिशा है, न रणनीति- सिर्फ बयान है. सवाल यह नहीं है कि सरकार क्या कह रही है- सवाल यह है कि सरकार क्या कह रही है।’ ईरान-इजरायल युद्ध के कारण दुनिया भर में बढ़ रहा तेल संकट इजराइल- ईरान के साथ युद्ध के कारण दुनिया भर के कई देशों को कच्चे तेल की आपूर्ति को काफी नुकसान पहुंचा है। दुनिया के करीब 95 देशों में पेट्रोल और डीजल के डीजल को नष्ट कर दिया गया है। हालाँकि, भारत में अब तक आम लोगों के इस्तेमाल में आने वाले डीजल और डीजल इंजनों में किसी भी तरह का कोई बदलाव नहीं किया गया है। हालाँकि, ऑयल कॉर्पोरेशन ने देश में प्रीमियम पेट्रोल और डीजल इंजन के दाम ज़रूर बढ़ाए हैं। यह भी पढ़ें: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: ‘देखना है कौन…’ पश्चिम बंगाल चुनाव से पहले आईडी पर ममता बनर्जी ने कोलकाता में भरी हुंकार
रश्मिका मंदाना‑विजय देवरकोंड़ा ने थाईलैंड में बिताए रोमांटिक पल:हनीमून के लिए बड़े रिसॉर्ट की बजाय प्राइवेट विला में ठहरे, शादी के बाद प्यारी झलक दिखी

साउथ सिनेमा के चर्चित कपल रश्मिका मंदाना और विजय देवरकोंड़ा की शादी के बाद की पहली तस्वीरें और वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहे हैं। दोनों ने शादी के बाद थाईलैंड के खूबसूरत कोह समुई में अपना हनीमून एन्जॉय किया। हनीमून के लिए चुना गया प्राइवेट विला रश्मिका और विजय ने बड़े रिसॉर्ट के बजाय एक प्राइवेट विला में ठहरना पसंद किया। इस विला की लोकेशन समुद्र के पास थी और वहां हरियाली, खुली छत और शांत वातावरण था। तस्वीरों में दोनों हाथ में हाथ डाले, मुस्कुराते और रोमांटिक पलों का आनंद लेते नजर आए। शादी का जश्न और फैंस का प्यार यह कपल पहले उदयपुर में अपनी शादी के जश्न में शामिल हुआ था। 26 फरवरी को उन्होंने एक शानदार समारोह में सात फेरे लिए, जिसमें परिवार और करीबी दोस्तों के अलावा इंडस्ट्री के कई बड़े नाम उपस्थित थे। शादी हजारों फैंस और मीडिया के लिए एक यादगार क्षण बनी रही। शादी की तस्वीरों और वीडियो के साथ सोशल मीडिया पर फैंस ने कपल को “परफेक्ट जोड़ी” बताया। शादी के बाद से ही फैंस दोनों की हनीमून तस्वीरों के लिए उत्साहित थे। सोशल मीडिया पर वायरल रोमांटिक तस्वीरें फैंस ने दोनों की हनीमून तस्वीरों को खूब लाइक और शेयर किया। तस्वीरों में रश्मिका पीली ड्रेस में और विजय साधारण टी‑शर्ट और पैंट में दिखे। फैंस ने लिखा कि यह कपल स्क्रीन के बाहर भी उतना ही प्यारा है जितना उनकी फिल्मों में लगता है। कई यूजर्स ने यह भी कहा कि यह तस्वीरें “शादी के बाद की सबसे प्यारी झलकियाँ” हैं। काम में भी व्यस्त दोनों सितारे हालांकि हनीमून के बाद रश्मिका मंदाना शूटिंग में लौट चुकी हैं। उनकी आने वाली फिल्मों की शूटिंग फिर से शुरू हो गई है। विजय देवरकोंड़ा भी अपने प्रोजेक्ट्स में व्यस्त हैं। दोनों ने अपनी निजी और पेशेवर जिंदगी को संतुलित तरीके से संभाला है।
SC बोला-पुलिसकर्मियों का आरोपियों के फोटो-वीडियो अपलोड करना चिंताजनक:यह निष्पक्ष सुनवाई के लिए खतरा, इससे आरोपी की इमेज खराब होती है

सुप्रीम कोर्ट ने मोबाइल से शूट वीडियो-फोटो को तुरंत सोशल मीडिया पर अपलोड करने के ट्रेंड पर कड़ी चिंता जताई है। कोर्ट ने कहा- इससे निष्पक्ष सुनवाई प्रभावित होती है और आरोपियों के खिलाफ पहले ही माहौल बन जाता है। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस बागची और जस्टिस विपुल पंचोली की बेंच ने शुक्रवार को एक याचिका पर सुनवाई की। इसमें कहा गया है कि पुलिस आरोपियों के वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर डालकर लोगों के मन में पूर्वाग्रह पैदा कर रही है। याचिका हेमेंद्र पटेल ने दायर की है। याचिकाकर्ता ने कहा कि पुलिस आरोपियों की हथकड़ी लगी, रस्सियों से बंधी या अपमानजनक स्थिति वाली तस्वीरें सोशल मीडिया पर डाल रही है। इससे व्यक्ति की गरिमा को ठेस पहुंचती है और जनता में पूर्वाग्रह बनता है।कोर्ट ने इस पर सहमति जताते हुए इसे गंभीर चिंता का विषय माना है। याचिकाकर्ता ने कहा- हर कोई खुद को मीडिया समझने लगा है याचिकाकर्ता ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट पहले भी राज्यों को पुलिस मीडिया ब्रीफिंग के लिए गाइडलाइन बनाने को कहा जा चुका है, जिसमें सोशल मीडिया पोस्ट भी शामिल होंगे। आज हर मोबाइल फोन रखने वाला व्यक्ति खुद को मीडिया समझने लगा है। सीजेआई बोले- यह ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसा ट्रेंड सीजेआई सूर्यकांत ने कहा- यह स्थिति डिजिटल अरेस्ट जैसी बनती जा रही है। छोटे शहरों में लोग खुद को मीडियाकर्मी बताकर गाड़ियों पर स्टीकर लगाते हैं और इसका गलत इस्तेमाल करते हैं। सुनवाई में यह भी सामने आया कि कुछ लोग ‘सुप्रीम कोर्ट एडवोकेट’ के स्टिकर लगाकर टोल टैक्स से बचने की कोशिश करते हैं।ॉ कोर्ट ने यह भी साफ किया कि जांच एजेंसी का काम निष्पक्ष रहना है वह न पीड़ित के पक्ष में होती है, न आरोपी के। सुनवाई में सहारा बनाम सेबी केस का जिक्र सुनवाई के दौरान सहारा बनाव सेबी केस का जिक्र हुआ, जिसमें मीडिया ट्रायल के खतरे पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही चिंता जता चुका है। कोर्ट ने कहा कि आज सोशल मीडिया के कारण यह खतरा और बढ़ गया है, जिससे कानून का राज प्रभावित हो सकता है। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा सोशल मीडिया पर कुछ प्लेटफॉर्म ऐसे हैं जो ‘ब्लैकमेलर’ की तरह काम करते हैं और माहौल बिगाड़ते हैं। कोर्ट बोला- अप्रैल के बाद दोबारा दायर करें याचिका कोर्ट ने बताया कि पुलिस को मीडिया ब्रीफिंग के लिए SOP बनाने के लिए 3 महीने का समय दिया गया है। बेंच ने सुझाव दिया कि याचिका को अभी वापस लेकर अप्रैल के बाद, SOP लागू होने के बाद फिर से दायर किया जाए। ……………… सुप्रीम कोर्ट से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- पत्नी नौकरानी नहीं, लाइफ पार्टनर: तलाक के मामले में कहा- खाना न बनाना क्रूरता नहीं, घरेलू काम पति की भी जिम्मेदारी सुप्रीम कोर्ट ने 20 मार्च को तलाक से जुड़े एक मामले में कहा कि पत्नी का खाना न बनाना या घरेलू कामकाज ठीक से न करना क्रूरता नहीं माना जा सकता। आप नौकरानी से शादी नहीं कर रहे, बल्कि जीवनसाथी से कर रहे हैं। जस्टिस संदीप मेहता और जस्टिस विक्रम नाथ की बेंच ने कहा- अब समय बदल चुका है और पति को भी घर के कामों में बराबर की जिम्मेदारी निभानी होगी। पूरी खबर पढ़ें…









